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रक्षाबंधन पर जेल में खुली मुलाकात: जबलपुर केंद्रीय जेल प्रशासन ने जारी की गाइडलाइन

Open meeting in jail on Rakshabandhan: Jabalpur Central Jail Administration issued guidelines जितेंद्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)जबलपुर। रक्षाबंधन के पर्व पर इस बार भी केंद्रीय जेल जबलपुर में बंद कैदियों को उनके परिजनों विशेषकर बहनों से मिलने का अवसर मिल सकता है। जेल प्रशासन ने 9 अगस्त 2025 को संभावित खुली मुलाकात के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके अनुसार, जेल में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसलिए परिजनों से सहयोग की अपील की गई है। दिशा-निर्देश के मुख्य बिंदु:नाम दर्ज कराने का समय:सुबह 6:00 बजे से 11:00 बजे तक रहेगा। उसी के आधार पर मुलाकात की अनुमति दी जाएगी। पुरुष बंदी की बहनें:उन्हें जेल के विशेष प्रांगण में ले जाकर मुलाकात कराई जाएगी।साथ में केवल महिलाएं और 5 वर्ष से छोटे बच्चे ही प्रवेश कर सकेंगे। महिला बंदी की मुलाकात:उनके भाई जेल के कार्यालय में पृथक रूप से मुलाकात करेंगे। सामग्री पर रोक:मुलाकात स्थल पर किसी भी प्रकार की वस्तु ले जाने की अनुमति नहीं होगी।केवल सीलबंद राखी किट, जो जेल कैंटीन से ₹50 में खरीदी जा सकती है, मान्य होगी। प्रतिबंधित वस्तुएं:पर्स, मोबाइल, गुटखा, तंबाकू, बैग, भोजन आदि कड़ाई से प्रतिबंधित हैं।तलाशी के दौरान प्रतिबंधित वस्तु पाई जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नोट: जेल प्रशासन ने परिजनों से अपील की है कि वे दिए गए निर्देशों का पालन करें, ताकि यह शुभ अवसर शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके। जेल अधीक्षक, केंद्रीय जेल जबलपुर के आदेशानुसार जारी यह सूचना रक्षाबंधन के पवित्र रिश्ते को बनाए रखने का एक मानवीय प्रयास है, जो कैदियों और उनके परिजनों को एक दिन का स्नेहभरा मिलन प्रदान करता है।

आय से अधिक संपत्ति मामले में फंसे डिप्टी कमिश्नर, ईओडब्ल्यू का छापा

Deputy commissioner caught in disproportionate assets case, EOW raids जबलपुर। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर जगदीश सर्बटे संभागीय उपायुक्त के जबलपुर और भोपाल स्थित आवास पर ईओडब्ल्यू ने छापा मारा है। डिप्टी कमिश्नर जगदीश सर्वटे के जबलपुर स्थित घर शंकर शाह नगर स्थित शासकीय आवास एवं जबलपुर अधारताल स्थित निजी निवास पर छापामार कार्रवाई की है। संपत्तियां, बैंक खातों, नगदी और आभूषण सहित दस्तावेजों का ईओडब्ल्यू अवलोकन कर रही है। यह कार्रवाई सुबह 6:00 बजे से शुरू हुई है। सर्चिंग कार्रवाई पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा की डिप्टी कमिश्नर ने कितनी आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है।

जेल की चारदीवारी में आध्यात्मिक उजाला: केंद्रीय जेल जबलपुर में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ

Spiritual light within the prison walls: Shrimad Bhagwat Katha started in Central Jail Jabalpur जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाताजबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल के इतिहास में शनिवार, 14 जून 2025 का दिन अध्यात्म और आस्था का अद्भुत संगम लेकर आया। जेल परिसर में शिव मंदिर कचनार सिटी विजय नगर के मुख्य आचार्य एवं मां दक्षिणेश्वरी धाम के संस्थापक सुरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज के सान्निध्य में श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। शास्त्री जी महाराज ने अपने प्रेरणादायी प्रवचनों में कहा, “जो लोग जेल की सीमाओं में रहते हुए भी श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कर रहे हैं, वे वास्तव में सौभाग्यशाली हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि बाहर की दुनिया में कई लोग हैं जिन्हें आज तक यह पुण्य अवसर नहीं मिल पाया है। लेकिन यहां बंदियों को भगवान श्रीकृष्ण की अमृतमयी कथा सहज ही प्राप्त हो रही है, जो उनके जीवन में आध्यात्मिक परिवर्तन और आत्मशुद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगी। कथा स्थल बना भक्ति का केंद्रकथा की शुरुआत जेल के पूर्वी खंड में बैंड-बाजों और भजन की मधुर धुनों के बीच निकाली गई शोभायात्रा से हुई। इस शोभायात्रा में जेल अधिकारी, कर्मचारी और बंदी मिलकर जय श्रीकृष्ण के उद्घोष लगाते हुए उत्साहपूर्वक शामिल हुए। पूरा वातावरण भक्ति, श्रद्धा और उत्साह से गूंज उठा। इस अवसर पर जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर ने शास्त्री जी का पुष्पमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम में उप जेल अधीक्षक मदन कमलेश, रूपाली मिश्रा, सहायक जेल अधीक्षक अंजू मिश्रा, प्रशांत चौहान, हिमांशु तिवारी, ओम प्रकाश दुबे सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। पूजन-अर्चन की विधि प्रतिष्ठित आचार्य अमित शास्त्री द्वारा विधिपूर्वक संपन्न कराई गई। आध्यात्मिक पुनर्निर्माण की दिशा में प्रशंसनीय पहलजेल प्रशासन की यह पहल न केवल बंदियों के मानसिक और आध्यात्मिक उत्थान की दिशा में एक प्रभावी कदम है, बल्कि यह बताती है कि सुधार और पुनर्वास की प्रक्रिया में धर्म और संस्कृति की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन बंदियों को आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि और एक नवजीवन की प्रेरणा देगा। केंद्रीय जेल में इस प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन, समाज के पुनर्निर्माण की एक सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। यह सिद्ध करता है कि यदि अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो हर मनुष्य आत्मिक विकास की ओर अग्रसर हो सकता है — चाहे वह किसी भी परिस्थिति में क्यों न हो।

विश्व पर्यावरण दिवस पर जबलपुर केंद्रीय जेल में अनूठा आयोजन, बंदियों ने किया पौधारोपण व गाजरघास सफाई अभियान

A unique event was organized in Jabalpur Central Jail on World Environment Day, prisoners did plantation and carrot grass cleaning campaign जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाताजबलपुर | विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर केंद्रीय जेल जबलपुर में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। जेल अधीक्षक श्री अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन में जेल परिसर को हराभरा और स्वच्छ बनाने के लिए व्यापक पर्यावरणीय गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस मौके पर उप जेल अधीक्षक प्रशासन मदन कमलेश, उप जेल अधीक्षक श्रीमती रूपाली मिश्रा, सहायक जेल अधीक्षक हिमांशु तिवारी सहित समस्त अधिकारी-कर्मचारी व बंदियों ने मिलकर जेल परिसर में पौधारोपण किया। बंदियों की भागीदारी से संवरा परिसरइस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि इसमें जेल के बंदियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने न सिर्फ पौधे लगाए, बल्कि परिसर के आसपास उग आए हानिकारक गाजर घास को उखाड़कर नष्ट किया। कल्याण अधिकारी श्रीमती सरिता घारू, लिपिक उपेन्द्र त्रिवेदी व अन्य कर्मचारियों की देखरेख में यह सफाई अभियान सफलता से संपन्न हुआ। गाजर घास मिट्टी की उर्वरता को कम करने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक मानी जाती है, ऐसे में इसका सफाया एक आवश्यक कदम था। जेल अधीक्षक ने दिया पर्यावरण सरंक्षण का संदेशइस अवसर पर जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर ने कहा, “विश्व में लगातार घटते जंगलों के कारण प्रदूषण व तापमान में वृद्धि हो रही है। इसका प्रत्यक्ष प्रभाव हमारे शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर देखने को मिल रहा है। ऐसे में पेड़ लगाना और पर्यावरण की रक्षा करना हम सबका नैतिक कर्तव्य है।” उन्होंने सभी को वर्ष भर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में छोटे-छोटे कदम उठाने की प्रेरणा भी दी। सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी की मिसालकेंद्रीय जेल में आयोजित यह अभियान न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता का प्रतीक बना, बल्कि समाज से अलग-थलग पड़े बंदियों के भीतर एक नई सोच और जिम्मेदारी का भाव भी उत्पन्न किया। इस आयोजन से यह संदेश भी गया कि समाज के हर वर्ग को मिलकर धरती को हरा-भरा और स्वच्छ बनाने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।

विश्व धूम्रपान निषेध दिवस: जबलपुर जेल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

World No Smoking Day: Awareness program organized in Jabalpur Jail जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल, जबलपुर में 31 मई को विश्व धूम्रपान निषेध दिवस के अवसर पर एक विशेष नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन में और इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा संचालित नशा मुक्ति केंद्र के सहयोग से आयोजित किया गया। विशेषज्ञों ने दिए नशा मुक्ति के संदेशकार्यक्रम में डॉ. नवीन कोठारी (सिविल सर्जन, जिला चिकित्सालय, जबलपुर) ने बंदियों को नशे से होने वाले गंभीर शारीरिक और मानसिक दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया। ब्रह्मकुमारी वर्षा बहन ने आध्यात्मिक प्रवचन के माध्यम से आत्मिक शक्ति और संयम से नशा मुक्त जीवन की प्रेरणा दी। डिप्टी कमिश्नर श्रीमती आभा जैन ने कहा कि नशा छोड़ने की पहली शर्त है – “मजबूत इच्छा शक्ति।” उन्होंने सभी बंदियों से अपने जीवन में बदलाव लाने की अपील की। संकल्प और सहयोगडॉ. वीरेंद्र साहू ने नशे से होने वाले मानसिक व शारीरिक नुकसान को विस्तार से समझाया।रेड क्रॉस सोसाइटी के कार्यकारिणी सदस्य सुनील गर्ग ने बंदियों को नशा मुक्त जीवन जीने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सरिता धारू (कल्याण अधिकारी) ने प्रभावशाली ढंग से किया, जबकि हिमांशु तिवारी (डिप्टी जेलर) ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उप जेल अधीक्षक मदन कमलेश, मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता तेज सिंह ठाकुर एवं नितेश लखेरा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

जल ही जीवन है” अभियान: फार्मा हीलिंग हैंड्स वेलफेयर एसोसिएशन की समाजसेवी पहल

“Water is life” campaign: Social service initiative of Pharma Healing Hands Welfare Association जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)जबलपुर ! गर्म हवाओं और चिलचिलाती धूप के बीच जबलपुर की सड़कों पर प्यास बुझाने वाली एक सराहनीय पहल देखने को मिली। फार्मा हीलिंग हैंड्स वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में सिविक सेंटर दवा बाजार में राहगीरों और आम नागरिकों के लिए शीतल जल व ORS वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इस सामाजिक सेवा कार्यक्रम में दवा प्रतिनिधियों, फार्मा कंपनियों के मैनेजर्स, और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।अभियान का नेतृत्व एसोसिएशन के अध्यक्ष पवित्र मिश्रा ने किया। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष श्रीकांत मिश्रा, सुमित तिवारी और समस्त सदस्यगण भी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे और सेवा में योगदान दिया। जल सेवा शिविर का उद्देश्य गर्मी से राहत देना ही नहीं, बल्कि समाज में जल और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना भी है। ORS के साथ जल वितरण करने का मकसद लोगों को हीट स्ट्रोक व डिहाइड्रेशन से सुरक्षित रखना है। एसोसिएशन ने यह घोषणा की है कि यह अभियान आगामी तीन दिन — 29, 30 और 31 मई तक लगातार जारी रहेगा। सभी फार्मा से जुड़े लोगों और नागरिकों से इस जनहित कार्य में सहभागी बनने की अपील की गई है। “जल ही जीवन है” केवल एक नारा नहीं, यह हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। फार्मा हीलिंग हैंड्स वेलफेयर एसोसिएशन इस जिम्मेदारी को निभाते हुए जबलपुर शहर के लिए एक प्रेरणास्रोत बन रही है।

श्रीजी डिज़ाइन एंड आर्किटेक्ट कार्यालय का भव्य उद्घाटन महापौर योगेश ताम्रकार के करकमलों से संपन्न

The grand inauguration of Shreeji Design and Architect office was done by the hands of Mayor Yogesh Tamrakar जितेन्द्र श्रीवास्तवश्रीजी डिजाइन एंड आर्किटेक्ट के प्रोपराइटर आर्किटेक्ट स्नेहिल खरे के कार्यालय का उद्घाटन मुख्य अतिथि माननीय महापौर योगेश ताम्रकार एवं इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ आर्किटेक्ट आशीष श्रीवास्तव जी द्वारा किया । आर्किटेक्ट स्नेहिल खरे, एडवोकेट राजेश खरे (बंटू) एवं विशिष्ट जनों द्वारा अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छे से किया गया। माननीय महापौर जी ने अपने उद्बोधन में कहा की शहर के विकास के लिए ऐसे ही युवा एवं अनुभवी आर्किटेक्ट्स की जरूरत है उन्होंने अपने उद्बोधन में सतना के विकास के लिए किया जा रहे कार्यों का विस्तृत विवरण भी दिया आर्किटेक्ट स्नेहिल खरे को कंसल्टेंसी के व्यवसाय में कार्य करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ आर्किटेक्ट एवं ऑल इंडिया आर्किटेक्ट इंजीनियर फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्षआशीष श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में माननीय महापौर से अनुग्रह किया कि सतना नगर निगम और स्मार्ट सिटी सतना के जो प्रस्तावित प्रोजेक्ट है उसके लिए शहर के यह नए आर्किटेक्ट्स को भी मौका दिया जाए जिससे कि उनकी प्रतिभा में निखार आ सके, माननीय महापौर से आग्रह किया कि आर्किटेक्ट्स का रजिस्ट्रेशन नगर निगम में अलग से किया जाए एवं इंजीनियर का अलग से किया जाए जिसमें की आर्किटेक्ट्स को प्रमुखता से आगे काम करने का मौका मिल सके, कार्यक्रम में एडवोकेट राजेश खरे बंटू ने माननीय महापौर , अध्यक्ष महोदय का एवं यहां उपस्थित जनों का धन्यवाद किया एवं आर्किटेक्ट स्नेहिल खरे को शुभकामनाएं दी, इस कार्यक्रम का सफल संचालन प्रशांत श्रीवास्तव ने किया

उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति मध्यप्रदेश जबलपुर के सौजन्य से मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय मुख्य पीठ जबलपुर के क्षेत्रांतर्गत आने वाली समस्त जेल में बृहद स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

A massive health camp was organized in all the jails falling under the jurisdiction of the Madhya Pradesh High Court Chief Bench, Jabalpur, courtesy of the High Court Legal Services Committee, Madhya Pradesh, Jabalpur. जितेन्द्र श्रीवास्तवजबलपुर ! न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत, मुख्य न्यायाधिपति, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर के मार्गदर्शन में एवं मान्नीय न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा प्रशासनिक न्यायाधीश मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर तथा मान्नीय न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर तथा न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल अध्यक्ष म.प्र.उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति की गरिमामयी उपस्थिति में आज दिनांक 03.05.2025 को केन्द्रीय जेल जबलपुर से मान्नीय उच्च न्यायालय मुख्यपीठ जबलपुर के क्षेत्राधिकार की समस्त जेलों में विशेष मेडिकल कैम्प का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम न्यायमूर्तिगण का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया तथा मान्नीयों का गार्ड ऑफ आनर के साथ स्वागत किया गया। मान्नीय न्यायमूर्तिगण द्वारा सुभाष कक्ष में नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की शयिका पर पुष्पांजली अर्पित कर वार्ड का अवलोकन किया गया। जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर द्वारा कार्यक्रम का परिचय दिया गया। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय मुख्यपीठ जबलपुर के क्षेत्रान्तर्गत केन्द्रीय जेल जबलपुर का भौतिक रूप से तथा अन्य जेलों में आयोजित स्वास्थ्य शिविरो का वीडियों कान्फ्रेसिंग के माध्यम से अवलोकन किया जाकर शिविर के संबंध में चर्चा की गई। साथ ही मान्नीय न्यायमूर्तिगण द्वारा बंदियों को सम्बोधित भी किया गया तथा शिक्षा एवं विधिक सहायता तथा प्रशिक्षण व पुनर्वास पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में जेल बंदियों द्वारा मनमोहक गायन की भी प्रस्तुतियॉं दी गई।मान्नीय न्यायमूर्तिगण द्वारा जेल में बंदियों द्वारा निर्मित सामग्रियों का भी अवलोकन किया गया तदोपरांत जेल पाकशाला, बंदी योगा एवं जेल अस्पताल तथा जेल बंदी बैरिक तथा जेल वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग का भी अवलोकन किया गया है।मुख्य न्यायमूर्ति द्वारा पेन्टिंग स्कैच बनाने वाले बंदी, जेल आर्केस्ट्रा के बंदियों तथा योगा टीम के बंदियों को उनके खाते में 1000/- रूपये प्रोत्साहन स्वरूप विधिक सहायता के माध्यम से प्रदान किये जाने के निर्देश दिये गये तथा जेल बंदी आर्केस्ट्रा टीम को जेल के बाहर भी कार्यक्रम करने की अनुमति संबंधी नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही के निर्देश भी दिये गये तथा जेल में बंदियों द्वारा निर्मित समोसे तथा अन्य व्यंजनों के विक्रय हेतु प्रोत्साहन के निर्देश दिये गये। कार्यक्रम के अंत में मान्नीय न्यायमूर्तिगण को जेल बंदियों द्वारा बनाई गई पेन्टिंग एवं चरखा भेंट की गई। इस अवसर पर न्यायिक पदाधिकारीगण में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जबलपुर आलोक अवस्थी, सदस्य-सचिव मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर प्रदीप मित्तल, रजिस्ट्रार जनरल म.प्र.उच्च न्यायालय जबलपुर धरमिन्दर सिंह, रजिस्ट्रार/सचिव मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति जबलपुर श्रीमती अर्चना सिंह, रजिस्ट्रार न्यायिक वंदन मेहता, अतिरिक्त-सचिव अरविन्द कुमार श्रीवास्तव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर श्रीमती शक्ति वर्मा, एवं अन्य न्यायिक पदाधिकारीगण तथा सिविल सर्जन जबलपुर एवं जिला विधिक सहायता अधिकारी प्रदीप सिंह, दिग्विजय सिंह, श्रीमती शक्ति रावत विशेष स्वास्थ्य शिविर में उपस्थित रहें। अधिष्ठाता, नेताजी सुभाषचन्द्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर के आदेशानुसार जेल में पुरूष महिला बंदियों का विशेष स्वास्थ्य परीक्षण किये जाने हेतु कैम्प में जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, अस्थि रोग, स्किन एण्ड व्ही.डी., गायनिक, डेन्टल, न्यूरोलॉजी, मनोरोग, नेत्र, शिशु, कैसर, नेफ्रोलॉजी, ई.एन.टी. विभाग के 17 चिकित्सकों के द्वारा 410 पुरूष बंदी, 52 महिला बंदी तथा 06 बच्चों सहित कुल 468 का चैकप किया गया है।इस अवसर पर जेल में बंदियों के हितार्थ विधिक साक्षरता शिविर का भी आयोजन हुआ। विधिक सहायता शिविर में विशेष रूप से चीफ लीगल एड डिफेन्स काऊंसिल अशोक पटेल, डिप्टी चीफ राजेश तिवारी, वीरेन्द्र सिंह, अभिषेक तिवारी, असिस्टेन्ट गौरव पाठक, वेदांत पटेल तथा जेल पैरालीगल वॉलेंटियर्स द्वारा सहयोग किया गया तथा लगभग 75 बंदियों को उनके विधिक अधिकारों के संबंध में बतलाया गया तथा 06 बंदियों को विधिक सहायता के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता दिलाये जाने की कार्यवाही की गई।इस अवसर पर जेल चिकित्सक डॉ. लक्ष्मण शाह, उप जेल अधीक्षक श्रीमती रूपाली शर्मा, गणेश सिंह, सहायक जेल अधीक्षक प्रशांत चौहान, कुलदीप सिंह, श्रीमती अंजू मिश्रा, जेल लेखापाल राहुल चौरसिया, प्रमुख मुख्य प्रहरी तीर्थेन्द्र सिंह बघेल, वरिष्ठ प्रहरी ओमप्रकाश दुबे, सुभाष चन्द्र यादव, पिनांकपाणि मिश्रा, विवेकानन्द शर्मा, आशीष हिडाउ एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहा। आभार प्रदर्शन जेल उप अधीक्षक मदन कमलेश द्वारा एवं मंच संचालन सहायक जेल अधीक्षक हिमांशु तिवारी द्वारा किया गया।

कुपोषण से मुक्ति की दिशा में कदम: C-MAM मॉडल और समुदाय सहभागिता के माध्यम से बाल पोषण जागरूकता कार्यक्रम

Step towards freedom from malnutrition

Step towards freedom from malnutrition: Child nutrition awareness programme through C-MAM model and community participation जितेन्द्र श्रीवास्तवजबलपुर ! एकीकृत बाल विकास परियोजना शहरी क्र.-04, सेक्टर-02 खेरमाई वार्ड के समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में “C-MAM(समुदाय आधारित पोषण प्रबंधन मॉड्यूल)के माध्यम से कुपोषण का प्रबंधन तथा जीवन के प्रथम 1000 दिवस के महत्व” थीम पर आधारित विविध गतिविधियों का आयोजन आंगनबाड़ी केंद्र स्तर पर किया गया। समस्त आंगनबाड़ी केंद्र में आज तृतीय मंगल दिवस पर “अन्नप्राशन दिवस” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें 6 माह की आयु पूर्ण करने वाले बच्चों का सामूहिक अन्नप्राशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों की माता, पिता,अभिभावकों से बच्चों के आहार की बारंबारता, उसकी प्रकृति के विषय में चर्चा की गई। उन्हें जानकारी दी गई की 6 माह के बाद बच्चों के वृद्धि तथा विकास तेजी से होता है।जिसके लिए मां का दूध ही केवल पर्याप्त नहीं होता है। यही वह समय है जबकि बच्चों को ऊपरी आहार की शुरूआत करने की आवश्यकता होती है। बच्चों का भोजन सादा होना चाहिए। इसमें मिर्च मसाले का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए तथा बच्चों के भोजन की प्रकृति अर्द्धठोस होनी चाहिए। बच्चों के आहार की मात्रा, बारंबारता, भोजन में खाद्य विविधता एवं स्वच्छता विषय पर परामर्श सत्र का आयोजन किया गया। आंगनबाड़ी केन्द्रों में शारीरिक माप दिवस का आयोजन किया गया।जिसमें निर्धारित बच्चों का वजन ऊंचाई लेकर उनका पोषण स्तर ज्ञात किया गया तथा बच्चों के पोषण स्तर के संबंध में माता-पिता से चर्चा की गई बच्चों के पोषण स्तर के आधार पर माता-पिता तथा देखभालकर्ता को आवश्यक समझाइश/परामर्श भी दिया गया। केंन्द्र क्रमांक-30 में ‘वीएचएसएनडी दिवस’ का आयोजन किया गया। जहां एएनएम की उपस्थिति में वार्ड अंतर्गत समस्त चिन्हांकित सेम बच्चों की भूख की जांच की गई तथा भूख की जांच में फेल बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र(NRC) रेफर किया गया। साथ ही नवीन चिन्हांकित सेम,मेंम बच्चों को एएनएम की उपस्थिति में दवाओं का वितरण किया गया एवं पूर्व में C-MAM कार्यक्रम में पंजीकृत बच्चो को प्रदाय दवाओ के अनुपूरन का फॉलो अप एवं निर्धारित साप्ताहिक फॉलो अप भी किया गया। वीएचएसएनडी दिवस पर चिन्हांकित 0 से 6 वर्ष तक के सभी सेम, मैंम तथा गंभीर कम वजन के बच्चों,के माता पिता तथा अभिभावको को कुपोषण के संकेतो,लक्षणों,दुष्प्रभाव तथा उससे बचाव के उपायो तथा उपचार के संबंध में आवश्यक परामर्श दिए गए।

हनुमान जयंती बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ बनाई 

Hanuman Jayanti is celebrated with great joy  जितेन्द्र श्रीवास्तव  जबलपुर। देश भर में आज हनुमान जयंती के अवसर पर मंदिरों में पूजा अर्चना एवं भंडारे आयोजित किए जा रहे हैं जबलपुर में हनुमान जयंती बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ बनाई गई,वहीं शहर में भी अनेकों स्थानों पर भंडारे एवं प्रसाद वितरण किए गए,उसी कड़ी शहर स्थित कालादेही बरगी में हनुमान मंदिर,पर भी पूजा अर्चना एवं भंडारे का आयोजन किया गया यहां सुबह से ही दर्शन के लिए भक्तों की कतारें लगी रही,मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं के द्वारा भजन की प्रस्तुति दी गई,वहीं कालादेही बरगी हनुमान मंदिर संस्थान के अध्यक्ष राम भजन चौकसे व  राम गणेश चौकसे,भोगी राम चौकसे,शिव गोपाल चौकसे, शिबू चौकसे,राम भूषण चौकसे,सुशील चौकसे,राम शिरोमणि चौकसे,संतोष कुमार चौकसे परमानन्द दुबे एवं समस्त युवा मंडल  ने हमें बताया कि, विगत कई वर्षों से हनुमान जयंती पर ऐसे आयोजन करते आ रहे हैं,मुख्य रूप से भंडारे का आयोजन किया गया,भंडारा 12 बजे से प्रारंभ हुआ जो देर रात तक चला,जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु ने प्रसाद ग्रहण किया

पोषण पखवाड़ा में दिगंबर जैन सोशल ग्रुप द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र को गोद लेकर बच्चों को शिक्षण सामग्री भेंट

During the Nutrition Fortnight

During the Nutrition Fortnight, Digambar Jain Social Group adopted Anganwadi Centre and presented educational material to the children जीतेन्द्र श्रीवास्तवजबलपुर ! एकीकृत बाल विकास परियोजना शहरी क्रमांक-04, सेक्टर-02 में परियोजना अधिकारी रीतेश दुबे के मार्गदर्शन में “पोषण पखवाडा” कार्यक्रम के अवसर पर “दिगंबर जैन सोशल ग्रुप, संस्कारधानी” महाकौशल विंध्य रीजन के अध्यक्ष अवकाश जैन,तथा सदस्य सतीश वर्धमान,अमित पारस, प्रदीप जैन,अरविंद नावेल्टी,लष्मी , संदीप जैन,राजेन्द्र के सौजन्य से “अडॉप्ट एन आंगनवाड़ी कार्यक्रम” के तहत आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-32,लाल स्कूल साठिया कुआँ, हनुमानताल वार्ड में आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को खेलने हेतु आवश्यक खिलौने तथा शिक्षण सामग्री प्रदान की गई। ताकि खेल-खेल के माध्यम से बच्चो को अनौपचारिक शिक्षा प्रदान की जा सके।जिससे बच्चो का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सकेगा। “सप्तम पोषण पखवाड़ा” कार्यक्रम अंतर्गत हनुमानताल वार्ड पार्षद श्रीमती कविता रैकवार जी की उपस्थिति में उपस्थित महिलाओं,किशोरी बालिकाओं तथा बच्चों से “पोषण संवाद” किया गया। जिसमें महिलाओं को सही पोषण आहार,आहार में विविधता रखने, संतुलित थाली, स्वस्थ जीवन शैली अपनाने हेतु प्रेरित किया गया। जीवन के प्रथम 1000 दिवस के महत्व पर विशेष चर्चा का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जन समुदाय से 10 दिवसीय शारीरिक माप दिवस के आयोजन के संबंध में भी चर्चा की गई।कार्यक्रम के अवसर पर पार्षद महोदया द्वारा उपस्थित जन समुदाय को “पोषण शपथ” दिलाई गई। तथा अति गंभीर कुपोषित बच्चों को NRC में भर्ती कराने हेतु माता-पिता को समझाइश दी गई।पार्षद महोदया द्वारा बच्चो को “पोषण मटका” कार्यक्रम के तहत बिस्किट के पैकेट प्रदान किये गए।कार्यक्रम में पर्यवेक्षक श्रीमती आरती पांडेय,वार्ड अंतर्गत समस्त कार्यकर्ताएं एवं सहायिकाएं उपस्थित रही।

“जूनियर प्रोफेसर को कैसे बना दिया प्रभारी प्राचार्य’, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने लगाया स्टे

“How was a junior professor made the acting principal?”, Madhya Pradesh High Court imposed a stay जबलपुर ! जबलपुर के मोहनलाल हरगोविंद दास होम साइंस स्वायत्तशासी कॉलेज में प्रभारी प्राचार्य को लेकर मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंच गया है. कोर्ट ने सुनवाई करते हुए जूनियर को प्रभारी प्राचार्य बनाने के आदेश पर रोक लगा दी. गौरतलब है कि राज्य सरकार के आदेश को दरकिनार करते हुए इस कॉलेज में 6 साल जूनियर प्रोफेसर को प्रभारी प्राचार्य बना दिया गया. इस आदेश को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई. प्रभारी प्राचार्य बनाने वालों को नोटिस जारी हाई कोर्ट जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने जूनियर को प्रभारी प्राचार्य पद का दायित्व दिये जाने पर रोक लगाते हुए संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. याचिका पर अगली सुनवाई 4 सप्ताह बाद निर्धारित की गयी है. मामले के अनुसार जबलपुर निवासी डॉ.गिरीश वर्मा की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया “मोहनलाल हरगोविंद दास होम साइंस स्वायत्तशासी कॉलेज में वह साल 2012 से प्रोफेसर के पद पर पदस्थ हैं. वह कॉलेज के सबसे वरिष्ठ प्रोफेसर हैं.” राज्य सरकार के आदेश का पालन नहीं किया याचिका में कहा गया “प्रोफेसर समीर कुमार शुक्ला साल 2018 में प्रोफेसर के पद पर पदस्थ हुए और वह उनसे 6 साल जूनियर हैं. वरिष्ठ होने के बावजूद उनके जूनियर को प्रभारी प्राचार्य का दायित्व सौंपा गया है. याचिका में राज्य सरकार द्वारा 15 फरवरी 2022 को जारी परिपत्र के हवाला देते हुए कहा गया है प्रभारी प्राचार्य का दायित्व वरिष्ठ प्रोफेसर को दिया जाना आवश्यक है. इस मामले में राज्य सरकार के आदेश का पालन नहीं किया गया.” वहीं, प्रभारी प्राचार्य की तरफ से केबियेट दायर की गयी. इसके बाद एकलपीठ ने सुनवाई के बाद जूनियर को प्रभारी प्राचार्य बनाये जाने के आदेश पर रोक लगाते हुए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता अंकित अग्रवाल ने पैरवी की.

केन्द्रीय जेल जबलपुर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक अवस्थी का निरीक्षण, बंदियों से संवाद

District and Sessions Judge Alok Awasthi’s inspection of Central Jail Jabalpur, interaction with prisoners जितेन्द्र श्रीवास्तव जबलपुर। आज दिनांक को केन्द्रीय जेल जबलपुर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक अवस्थी जी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती शक्ति वर्मा जी एवं जिला विधिक सेवा अधिकारी, बी. ड़ी दीक्षित जी द्वारा भ्रमण किया गया, एवं दण्डित एवं विचाराधीन बंदियों से संवाद किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय के करकमलों द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष द्वीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जेल आर्केस्ट्रा द्वारा सुमधुर गीतों की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा दण्ड़ित एवं विचाराधीन बंदियों के साथ संवाद किया गया। आगे न्यायाधीश द्वारा जेल का भ्रमण किया गया एवं पाठशाला का निरीक्षण किया गया। जेल प्रशासन की ओर मदन कमलेश, उप जेल अधीक्षक (प्रशासन), श्रीमती रूपाली शर्मा उप जेल अधीक्षक, हिमांशु तिवारी, सहायक जेल अधीक्षक, राहुल चौरसिया लेखापाल एवं सुभाष यादव द्वारा सभी गणमान्य अतिथियों को जेल का भ्रमण एवं निरीक्षण कराया गया।

जबलपुर केंद्रीय जेल में होली समारोह का भव्य आयोजन

Holi celebration organized in a grand manner at Jabalpur Central Jail जितेन्द्र श्रीवास्तव  जबलपुर। जबलपुर स्थित केंद्रीय जेल नेता सुभाष चंद्र बोस में होली का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर जेल उप जेल अधीक्षक मदन कमलेश एवं जेल स्टाफ एवं समस्त बंदी पुरुषों एवं महिलाओं के द्वारा होली का रंगा रंग कार्यक्रम का सफल आयोजन सम्पन्न हुआ , अन्य जेल अधिकारी, कर्मचारी और बंदियों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर त्योहार की खुशियाँ साझा कीं।   समारोह की मुख्य झलकियाँ सुधारात्मक प्रयासों का हिस्सा जेल प्रशासन द्वारा इस प्रकार के आयोजनों को सुधारात्मक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे बंदियों में सकारात्मक सोच विकसित होती है और उनके पुनर्वास में मदद मिलती है।   इस तरह के आयोजनों से जेल के भीतर एक सकारात्मक माहौल बनता है और आपसी सौहार्द को बढ़ावा मिलता है।

अनियंत्रित होकर खाई में गिरा वाहन, 3 की मौत 27 घायल, पिकअप में सवार होकर सगाई में जा रहा था परिवार

Jabalpur Accident जबलपुर ! मध्य प्रदेश के जबलपुर में आज गुरुवार को दर्दनाक हादसा हो गया. सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि घटना में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए हैं. मृतकों में महिला समेत तीन बच्चे शामिल हैं. वहीं घायलों में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं समेत 27 लोगों के घायल होने की खबर है. सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पूरी घटना, बरेला थाना क्षेत्र के महगवां इलाके की है. जहां एक पिकअप में सवार होकर सभी लोग सगाई करने मंडला जा रहे थे. इस दौरान वाहन अनियंत्रित होकर 4 फीट नीचे गड्ढे में गिर गया. जिसमें महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि घटना में 27 लोग घायल हैं. हादसे में घायल सभी लोग एक ही परिवार के हैं. पूरा परिवार तिलवारा थाना क्षेत्र के ऐंठाखेड़ा का रहने वाला है. घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई. सभी घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज जबलपुर में भर्ती कराया गया है. जबकि मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पुलिस अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है. घायलों के परिजन राजकुमार नरेती ने बताया कि ऐंठाखेड़ा से सभी लोग बरेला के चुरईखानी गांव सगाई में जा रहे थे. इसी दौरान गाड़ी की स्टेयरिंग फेल हो गई. वाहन में बच्चे समेत 30 लोग सवार थे. तीन की मौत हो गई है. जिसमें मेरसिंह कुलस्ते, हिरोंदाबाई, धूमकेती रामेश्वर मुरारी की मौत हो गई.

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