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मध्यप्रदेश में एक बड़ा राशन घोटाला, कैग की रिपोर्ट पर केस दर्ज

भोपाल . प्रदेश में स्कूल नहीं जाने वाली किशोरवय बच्चियों को दिए जाने वाले टेकहोम राशन में बड़ा घोटाला सामने आया है। जिन 2 लाख 8 हजार 531 बच्चियों का कोई अस्तित्व ही नहीं हैं, उनमें से करीब 1.71 लाख से अधिक को कागजों में ही हर साल करीब 60 करोड़ रुपए का टेकहोम राशन बांटे जाने का खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (एनसीपीसी) ने कैग की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर मप्र आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) को इस मामले में केस दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं। आयोग की रजिस्ट्रार अनु चौधरी ने 1 फरवरी को ईओडब्ल्यू को जांच के आदेश के साथ बैतूल, ग्वालियर, डिंडोरी और सिंगरौली जिलों की कैग द्वारा की गई जांच रिपोर्ट भी भेजी है। कैग ने इन चार जिलों में पकड़ा है 4.27 करोड़ का घोटाला एनसीपीसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने डेढ़ साल पहले विदिशा जिले के स्कूल और आंगनवाड़ियों का दौरा किया था। यहां बच्चियों के रजिस्ट्रेशन और उपस्थित में अंतर मिला था। इसके बाद आयोग ने मप्र के महिला बाल विकास विभाग से प्रदेशभर 11 से 14 साल की बच्चियों की ऐसी बच्चियों की जानकारी मांगी, जो स्कूल नहीं जाती हैं। महिला बाल विकास ने आयोग को बताया कि ऐसी 2 लाख 17 हजार 211 बच्चियां हैं, जो स्कूल नहीं जाती, उनमें से 1 लाख 71 हजार 365 को आंगनवाड़ियों के जरिए टेकहोम राशन दिया जाता है। आयोग ने इस जानकारी के बाद मप्र स्कूल शिक्षा विभाग को इन बच्चियों को स्कूली शिक्षा में दायरे में लाने के निर्देश देकर आउट ऑफ स्कूल (ड्रापआउट) बच्चों की जानकारी मांगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने आयोग को भेजी अपनी रिपोर्ट में बताया कि प्रदेश में सिर्फ 23 हजार 491 बच्चे ही ऐसे हैं जो स्कूल के दायरे से बाहर हैं, इनमें 11 से 14 साल की बच्चियों की संख्या सिर्फ 8680 है। दोनों विभागों द्वारा उपलब्ध कराए दस्तावेजों में बच्चियों के आंकड़ों में भारी अंतर को देखते हुए आयोग ने इन्हें कैग यानी अकाउंटेंट जनरल को परीक्षण के लिए भेज दिया। कैग ने सच्चाई पता लगाने के लिए रैंडमली प्रदेश के चार जिलों में प्रारंभिक जांच की। जांच के बाद यह सही पाया गया कि स्कूल शिक्षा विभाग के आंकड़े एकदम सही हैं, जबकि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा उपलब्ध कराए आंकड़े गलत हैं। यानी जिन बच्चियों को कागजों में टेकहोम राशन दिया जा रहा है, उनका अस्तित्व ही नहीं हैं। इसके बाद कैग ने सभी 52 जिलों में इसकी जांच शुरू कर दी है।

पत्नी से बोला – मुंबई चलो, वहां एक ग्रुप से जुड़ा हूं जहां पत्नियां बदलकर एंजॉय करते हैं

ग्वालियर . एक महिला ने अपने पति पर वाइफ स्वैपिंग करने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है। आरोपी रेलवे कर्मचारी है। पीड़िता ने पति पर दुष्कर्म और अपने 25 लाख हड़पने का भी आरोप लगाया है। पीड़िता पेशे से नर्स है। उसने शिकायत में कहा- पति कहता है, मुम्बई चलते हैं, मैं वहां एक ग्रुप में जुड़ा हूं, जहां पत्नी की अदला-बदली करके एंजॉय करते हैं। महिला की यह दूसरी शादी है। पहले पति से उसका तलाक हो चुका है। पुलिस ने आरोपी रेलवे कर्मचारी पर मामला दर्ज कर लिया है। गिरवाई निवासी शिकायतकर्ता नर्स का साल 2019 में पति से तलाक हो गया था। तलाक के बाद महिला को स्थायी भरण पोषण के लिए 25 लाख रुपए व 5 लाख रुपए के जेवरात मिले थे। इसके बाद उसकी जिंदगी में दूसरा पति विनोद बघेल आया। विनोद मूल रूप से दतिया का रहने वाला है। वह रेलवे में कर्मचारी है और अभी मुम्बई में पदस्थ है। जनवरी 2020 में उसने महिला को सोशल मीडिया के एक प्लेटफार्म पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी। जिसे महिला ने स्वीकार नहीं किया। इसके बाद वह उसे रास्ते में मिला। विनोद ने कहा कि वह उसके बारे में सारी स्थिति जानता है और शादी करना चाहता है। उसने अपने परिजन को महिला के घर भेजा। महिला का परिवार भी उसकी शादी करना चाहते थे। इस पर दोनों परिवार में सहमति के बाद 26 जनवरी 2020 को दोनों की शादी हो गई। शादी से पहले ही किया दुष्कर्म महिला ने शिकायत में बताया है कि शादी पक्की होने के बाद ही विनोद ने उसके साथ गलत तरीके से शारीरिक संबंध बनाए। उसके विरोध करने पर भी नहीं माना। इसके बाद जब शादी हो गई तो 20 दिन साथ में रहा। तब भी वह गलत तरीके से शारीरिक शोषण करता रहा। इसके बाद यहां गिरवाई में एक मकान खरीदने के लिए महिला के पहले पति से भरण पोषण का मिला पैसा लेकर मकान खरीद लिया। इसका बाद में पता लगा कि मकान लोन पर लिया है और अब बैंक वाले परेशान कर रहे हैं। मुम्बई जाने से मना किया तो पीटा, छोड़ दिया हद तो तब हो गई जब शादी के बाद लॉकडाउन लग गया और पति लौटकर घर नहीं आया। इसके बाद महिला ससुराल से मायके आ गई। अभी कुछ दिन पहले पति आया तो बोला कि मेरे साथ मुम्बई चलना है। महिला ने कहा कि पहले तो आप कहते थे ग्वालियर ट्रांसफर ले रहे हो। इस पर रेलवे कर्मचारी पति ने कहा कि मुम्बई में उसने एक ग्रुप ज्वाइन कर रखा है। यह ग्रुप वीकेंड पर पार्टी करता है। इस ग्रुप में लाइफ पार्टनर को बदलकर सभी एन्जॉय करते हैं, इसीलिए तुमको वहां ले जा रहा हूं। जब महिला नहीं मानी तो आरोपी विनोद ने उसे पीटा और छोड़ दिया। इसके बाद बाद उसने थाने पहुंचकर शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

घर में अकेले थे मासूम, उन्होंने सबकुछ लूटा और फिर उनका गला भी घोंट गए

नई दिल्ली। रोहिणी के सेक्टर 35 में एक घर के अंदर दो मासूम बच्चों की संदिग्ध हालात में हत्या कर दी गई। दोनों बच्चे बुधवार सुबह मृत अवस्था में घर के अंदर मिले। घटना की जानकारी मिलने पर लोकल पुलिस पहुंची। दोनों बच्चों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद पता चलेगा कि दोनों बच्चों की हत्या कैसे की गई। शुरुआती जांच में गला घोंटकर हत्या की बात सामने आ रही है। बच्चों में 6 साल का पूरव और 4 साल का अभी है। पिता का इलाके में ही डेयरी बूथ है। खबर लिखे जाने तक पुलिस ने मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर केस की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। मदर डेयरी बूथ चलाते हैं माता-पिता पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों बच्चे सेक्टर-35 रोहिणी शाहबाद डेयरी इलाके में अपने माता-पिता के साथ रहते थे। पूरव स्कूल में पढ़ाई कर रहा था, जबकि अभी को स्कूल में दाखिला दिलवाने के लिए माता-पिता प्लान कर रहे थे। इनके माता-पिता की इलाके में मदर डेयरी बूथ है। परिवारवालों ने बताया कि सुबह माता-पिता बूथ पर चले गए थे। कमरे में दोनों बच्चे सो रहे थे। कुछ घंटे बाद जब वह वापस आए। कमरे में दोनों को सोते हुए देखा था। लेकिन जब दोनों काफी देर तक हिले नहीं उनको कुछ शक हुआ। दोनों को काफी देर तक हिलाया। लेकिन दोनों अचेतावस्था में पड़े थे। खुली मिलीं अलमारियां, जूलरी गायब उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे। दोनों को तुरंत महर्षि वाल्मिकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। दोनों के गले पर हाथों की उंगलियों के निशान थे। इसके बाद पुलिस को वारदात की जानकारी दी गई। परिवारवालों ने बताया कि कमरे में रखी अलमारियां खुली पड़ी थीं, जिसमें से लाखों की जूलरी गायब है। उनका कहना है कि उनको शक है कि जब आरोपी घर में घुसे पूरव जाग गया होगा। उसने आरोपियों को देख लिया होगा। वह उनकी पहचान न बता दे, इसलिए बदमाशों ने दोनों की गला घोटकर हत्या कर दी। सोसायटी में कोई सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होने का भी आरोपी ने फायदा उठाया। जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया है। उससे पुलिस को साफ था कि आरोपी आसपास का ही रहने वाला है।

उम्र 11 साल, यू-ट्यूब देख सीखी हैकिंग, फिर पिता को ही ईमेल भेज मांगी 10 करोड़ की रंगदारी…

गाजियाबाद। खबर हैरान करने से ज्यादा परेशान करने वाली है। महज 11 साल की उम्र में एक बच्चे ने अपने मां-बाप की नींद उड़ा दी। एक महीने तक एक प्रोफेशनल अपराधी की तरह उन्हें परेशान करता रहा। परिवार पूरी तरह टूट चुका था। फिर बच्चे ने 10 करोड़ रुपये की रंगदारी का ईमेल किया। पिता ने साइबर सेल में शिकायत की। पुलिस ने जांच शुरू की तो घर के इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) से ही ईमेल आने का पता चला। परिवार के हर सदस्य से पूछताछ हुई तो पता चला 5वीं में पढ़ने वाले बच्चे ने यह हरकत की है। यह हैरान कर देने वाला मामला यूपी में गाजियाबाद के इंदिरापुरम का है। बच्चे के पिता इंदिरापुरम में रहते हैं। सरकारी विभाग में उच्च पद पर हैं। उन्हें कई दिनों से ईमेल पर धमकी मिल रही थी। उन्होंने अपने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से मदद मांगी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। करीब एक महीने से पूरा परिवार परेशान था। साइबर सेल से शिकायत के बाद मिली जानकारी लेकिन, पिछले दिनों 10 करोड़ रुपये की रंगदारी का ईमेल मिला। अब परिवार बुरी तरह डर गया। सीधे साइबर सेल पहुंचा और शिकायत की। पुलिस की जांच में जिस आईपी से ईमेल आता था, वह उसी घर की मिली। अब शक परिवार पर ही आ गया। हर सदस्य से पुलिस ने अलग-अलग पूछताछ की। इसी क्रम में 11 साल के बच्चे ने घटनाक्रम के बारे में बता दिया। यूट्यूब से जुटाई जानकारी साइबर क्राइम सेल के प्रभारी सुमित कुमार ने बताया बच्चे को कुछ समय पहले कंप्यूटर की ऑनलाइन क्लास के दौरान साइबर अपराध और उनसे बचने के संबंध में जानकारी दी गई थी। इस बारे में बच्चे ने यूट्यूब पर खूब विडियो देखी। किस तरह से ईमेल बनाते हैं और साइबर अपराध कैसे होता है आदि के बारे में विडियो देखी। यहीं से जानकारी जुटाकर उल्टे-सीधे मेल भेजने लगा। यह क्रम पिछले साल 24 जनवरी से 23 जनवरी के बीच तक चला। पुलिस बच्चे से अभी पूछताछ कर रही है। पता लगा रही है कि उसने इस तरह से ईमेल भेजकर अपने दोस्तों को भी परेशान तो नहीं किया है।

‘मैं राहुल गांधी से शादी करने जा रही हूं’- इंदौर एयरपोर्ट पर महिला ने खूब किया हंगामा

इंदौर। मध्य प्रदेश में इंदौर के देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट पर सोमवार रात एक महिला ने खूब हंगामा किया। 4-5 बैग के साथ एयरपोर्ट पहुंची महिला एयरपोर्ट के अंदर पहुंचने के लिए मेन गेट तक पहुंच गई और अंदर जाने की जिद करने लगी। उसका कहना था कि उसे राहुल गांधी से शादी करने दिल्ली जाना है। बड़ी जद्दोजहद के बाद वह वहां से हटने को तैयार हुई। बिना टिकट पहुंची एयरपोर्ट महिला के पास सामान से भरे 4-5 बैग थे, लेकिन उसके पास टिकट नहीं था। वह सुरक्षाकर्मियों से बार-बार अंदर जाने देने की जिद कर रही थी। महिला के नहीं मानने पर सुरक्षाकर्मियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के समझाने के बाद वह अपने घर लौटने को राजी हुई राहुल गांधी से शादी का दावा सुरक्षाकर्मी और पुलिस वाले जब महिला को अंदर जाने देने को राजी नहीं हो रहे थे तो महिला ने यह कह कर सबको चौंका दिया कि उसकी कांग्रेस नेता राहुल गांधी से शादी होने वाली है। सुरक्षाकर्मियों से उसने कहा कि वह जल्द ही राहुल की पत्नी बनने वाली हैं। फिर सारे लोग उसे सैल्यूट करेंगे। महिला ने यह भी कहा कि राहुल उससे मिलने नहीं आते, इसलिए वह शादी करने दिल्ली जा रही है। मानसिक रूप से असंतुलित है महिला काफी देर तक हंगामे के बाद पुलिस ने महिला के परिजनों से संपर्क किया। महिला परदेशीपुरा क्षेत्र की रहने वाली है। परिजनों ने बताया कि वह मानसिक रूप से असंतुलित है। महिला पहले भी कई बार इस तरह की हरकतें कर चुकी है।

दिल्ली से लंदन के बाद इंडिया से सिंगापुर करें बस का सफर, बुकिंग शुरू

नई दिल्ली। भारत से यूनाइटेड किंगडम यानी दिल्ली से लंदन (Delhi to London Bus) तक बस से सफर करने के बाद अब एडवेंचर यात्रियों (Adventure Travel) के लिए मौका है कि वा भारत से सिंगापुर तक सड़क मार्ग से यात्रा कर सकें. गुरुग्राम बेस्ड एक यात्रा कंपनी ने जिस तरह की यात्रा के लिए बुकिंग (Travel Booking) शुरू की है, वो पांच देशों को कवर (Cross Border Journey) करने वाली है और एक तरफ से 20 दिनों का समय लेगी. 4500 किलामीटर से भी लंबे इस सफर में कई तरह के रोमांच यात्रियों के लिए होंगे क्योंकि काफी लंबा रूट समुद्री किनारों से गुज़रता है. ज़ाहिर है कि भारत से सिंगापुर के लिए अगर आप फ्लाइट लेते हैं तो कुछ ही धंटों में पहुंच सकते हैं, लेकिन यात्रा का रोमांच और अनुभव फ्लाइट से मिलना मुश्किल है. बस सेवा के ज़रिये इस तरह का अनुभव लिया जा सकता है. एडवेंचर आवेरलैंड कंपन ने भारत से द्वीप देश सिंगापुर तक की बस यात्रा के लिए बुकिंग शुरू की है, जो कि इस साल 14 नवंबर से शुरू होगी. जीवन का एक यादगार अनुभव होने वाली इस यात्रा के बारे में सब कुछ जानिए. कहां से शुरू होगी यात्रा और क्या होगा रूट? भारत के पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर की राजधानी इम्फाल से यह बस यात्रा शुरू होगी जो बीच में तीन देशों म्यांमार, थाईलैंड और मलेश्यिा होते हुए सिंगापुर पहुंचेगी. इम्फाल से म्यांमार के कोल, बगान होते हुए यंगून से थाईलैंड में प्रवेश किया जाएगा. यहां बैंकॉक और क्राबी होते हुए मलेशिया में बस एंट्री लेगी और फिर कुआलालंपुर से सिंगापुर तक पहुंचेगी. बस में क्या सुविधाएं होंगी? आरामदायक सीटों के बीच में पर्याप्त स्टिेंस और पार्टिशन होगा ताकि प्राइवेसी बनी रहे. इसके अलावा बस में टॉयलेट की सुविधा होगी. एक छोटा सा किचन होगा, जहां से कुछ चीज़ें मिल सकेंगी. वैसे रेडी टू ईट फूड का इंतज़ाम बस में होगा. अलकोहल ड्रिंक और फर्स्ट एड की सुविधा भी बस यात्रा में दी जाएगी. और वाई फाई कनेक्टिविटी यात्रियों के लिए रहेगी. बुकिंग का तरीका और किराया? भारत से सिंगापुर तक की बस यात्रा के लिए कंपनी ने ऑनलाइन बुकिंग शुरू की है, जो पहले आओ पहले पाओ के आधार पर है क्योंकि इस बस में सिर्फ 20 यात्री ही सफर कर सकेंगे. एक यात्री को 6.25 लाख रुपये किराया चुकाना होगा. इस रकम में यात्रा के दौरान लॉजिंग यानी रुकने की व्यवस्था, भोजन, ट्रांसपोर्ट, वीज़ा शुल्क, एयरपोर्ट ट्रांसफर आदि अन्य सुविधाएं भी शामिल होंगी. यात्रा के लिए क्या ध्यान रखें? इस बस से सिंगापुर तक की यात्रा करने वाले यात्रियों का पापसेर्ट सबसे पहले 2022 तक वैध होना चाहिए. चूंकि यह यात्रा पांच देशों को कवर करेगी इसलिए वीज़ा की ज़रूरत होगी. कंपनी ने वीज़ा अरेंज करने का ऑफर दिया है. एक खास बात जो आपको इस यात्रा में ध्यान रखना होगी कि अगर आप कोई खास दवाएं आदि लेते हैं, तो उन्हें अपने साथ रखें. यह भी खयाल रखें कि ज्त्रयादातर रूट पर वेज भोजन उपलब्ध होगा लेकिन बहुत विकल्प नहीं होंगे.यह हिदायत भी दी गई है कि करंसी एक्सचेंज के लिए यूरो या अमेरिकी डॉलर कैरी करना बेहतर हो सकता है.

MP : 10वीं की छात्रा से होटल में PNB के चीफ मैनेजर ने किया दुष्कर्म

इंदौर। तुकोगंज पुलिस ने 16 वर्षीय दसवीं की छात्रा से दुष्कर्म करने के आरोप में 53 वर्षीय पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य प्रबंधक परविंदर सिंह जमवाल को पकड़ा है। वह मोहाली में पीएनबी में मुख्य प्रबंधक है। पुलिस ने आरोपी को छात्रा की मदद से इंदौर बुलवाया। रविवार को वह फ्लाइट से इंदौर पहुंचा। इधर, छात्रा भी टैक्सी से उसे लेने एयरपोर्ट पहुंच गई। यहां छात्रा को देखकर आरोपी उसकी टैक्सी में बैठ गया। उसमें पहले से सिपाही ड्राइवर बनकर बैठा था। जैसे ही टैक्सी टाइमिंग नाके पर चिट्ठी देने के लिए रुकी, तभी ड्राइवर ने लॉक खोल दिया और उसमें दो सिपाही और चढ़ गए। तुकोगंज थाना प्रभारी कमलेश शर्मा के मुताबिक, आरोपी का नाम परविंदर सिंह जमवाल है। वह मोहाली में पीएनबी में मुख्य प्रबंधक है। इसके खिलाफ दसवीं की छात्रा ने 20 दिसंबर को दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। पीड़िता ने बताया था कि वह दो साल पहले इंदौर में पदस्थ था। आरोपी के घर सहेली की मां काम करती थी। वह एक-दो बार सहेली के साथ उसकी मां से मिलने गई थी। इस बीच आरोपी ने पढ़ाई के लिए लोन दिलाने का झांसा दिया। फिर दोस्ती कर गोवा घुमाने ले गया। अगस्त 2020 में इंदौर की संतूर होटल में ले जाकर दुष्कर्म किया। यहां आरोपी ने वीडियो भी बना लिया। इसके बाद उसने दो बार और संबंध बनाए। घटना से दुखी रहने लगी थी छात्रा, पूछने पर टीचर को बताया टीआई के मुताबिक, आरोपी ने लोन दिलाने का झांसा देकर छात्रा से पिछले साल अगस्त में दुष्कर्म किया। घटना के बाद से छात्रा दुखी रहने लगी थी। टीचर ने उससे पूछा तो वह रोने लगी और आत्महत्या की बातें करने लगी। टीचर ने परिवार से संपर्क किया। इसके बाद परिजन ने केस दर्ज कराया। ट्रांसफर होने के बाद भी था छात्रा के संपर्क में इंदौर से ट्रांसफर होने के बाद भी आरोपी उसे ब्लैकमेल कर संबंध बनाने के लिए दबाव डालता था। यह बात जब छात्रा ने पुलिस को बताई तो पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए प्लान बनाया। इसके बाद छात्रा ने उससे संपर्क किया। आरोपी बोला- उसने छात्रा को 20 हजार रु. भी दिए आरोपी का कहना है कि उसने छात्रा को मदद के लिए 20 हजार भी दिए। आरोपी को पकड़ने में टीआई कमलेश शर्मा की टीम की एसआई मीना, आरक्षक किशोर सांवलिया, लोकेश गाथे, शैलेंद्र चौहान और रीना मालवीय की अहम भूमिका थी।

पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति को मारा था, साढ़े चार माह बाद खुला राज

कानपूर। उत्तर प्रदेश में कानपुर पुलिस ने रविवार को साढ़े चार माह पूर्व हुए एक हत्याकांड का खुलासा किया। इस प्रकरण में मृतक की पत्नी व हत्या करने में मदद करने वाले आरोपी को पकड़ा है। जबकि महिला का प्रेमी पहले से जेल बंद है। पुलिस के अनुसार, मृतक पति को पत्नी के नाजायज रिश्तों की जानकारी हो गई थी। इसलिए उसने पति की हत्या कर दी थी। इसके बाद उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी खुद लिखाई थी। आरोपित महिला का प्रेमी पहले से जेल में है। बीते साल 5 अक्टूबर की वारदात थाना घाटमपुर के बसंत बिहार मोहल्ले में रहने वाले रवि मोहन 5 अक्टूबर 2020 को अचानक लापता हो गए थे। उसकी पत्नी रेनू ने थाने में पति के गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दूसरे दिन यानी 6 अक्टूबर को रवि मोहन का शव बांदा के बदेहदू गांव में नहर के पास पड़ा मिला था। जानकारी मिलने के बाद चाचा ने शव की शिनाख्त की थी। उन्होंने हत्या की आशंका जताते हुए रवि के मकान में रहने वाले महेंद्र कुमार उर्फ मोनू पर शक जताया था। पुलिस ने जांच के बाद महेंद्र को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। क्राइम ब्रांच को मिली जांच तो सही दिशा में बढ़े कदम लेकिन रवि मोहन के परिजनों ने पुलिस की जांच पर असंतोष जताते हुए DIG कानपुर से शिकायत की। जिसके बाद पूरा मामला क्राइम ब्रांच को दे दिया गया था। रविवार को क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया कि रवि मोहन की पत्नी रेनू ने अपने प्रेमी महेंद्र के साथ मिलकर पहले अपने पति को मौत के घाट उतारा और फिर अपने गुनाह को छिपाने के लिए घाटमपुर में फर्जी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पति पत्नी में होता था झगड़ा एसपी क्राइम डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रेनू ने अपने पति रवि मोहन की 5 अक्टूबर को ही अपने प्रेमी महेंद्र कुमार के साथ मिलकर घर में हत्या कर दी थी। उसके बाद महेंद्र अपने रिश्तेदार भोले के साथ रवि के शव को घाटमपुर से ले जाकर बांदा में फेंक आया था। इसी दौरान रेनू ने पुलिस को गुमराह करने के लिए उसके लापता होने की सूचना दी थी। जांच पड़ताल जैसे-जैसे आगे बढ़ी रेनू और मोनू के संबंधों के बारे में जानकारी हुई। जिसके बाद जब रेनूू से पूछताछ की गई तो वह पहले पुलिस को गुमराह करती रही। लेकिन फिर रेनू ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसके महेंद्र से अवैध संबंध थे। जिसकी जानकारी रवि मोहन को हो गई थी और आए दिन झगड़ा करता था। जिससे तंग आकर रवि मोहन को रास्ते से हटाने की योजना महेंद्र व चंद प्रकाश के साथ मिलकर बनाई थी और फिर समय मिलते ही रवि मोहन की हत्या कर दी थी।

बड़ी खबर : सिक्किम में भारत-चीन की झड़प:चीन के 20 सैनिक घायल, 4 भारतीय जवान भी जख्मी

नई दिल्ली। भारत-चीन में तनाव के बीच दोनों देशों के सैनिकों के बीच एक बार फिर झड़प की खबर है। सूत्रों के मुताबिक चीन ने LAC पर घुसपैठ की कोशिश की। भारतीय जवानों ने रोका तो चीनी सैनिकों ने हाथापाई शुरू कर दी। भारतीय सेना ने इसका जवाब देते हुए चीन के सैनिकों को खदेड़ दिया। झड़प में चीन के 20 सैनिक घायल हो गए। भारत के भी 4 जवान जख्मी हुए हैं। घटना 3 दिन पहले सिक्किम के नाकुला की बताई जा रही है। 17 दिन पहले भी घुसपैठ हुई थी 8 जनवरी को चीन के एक सैनिक को भारतीय सीमा में घुसने के बाद हिरासत में ले लिया गया था। घटना पूर्वी लद्दाख के पैगॉन्ग त्सो लेक के दक्षिणी हिस्से की थी। भारत ने 2 दिन बाद चीनी सैनिक को लौटा दिया था। चीन ने सफाई दी थी कि उसका सैनिक गलती से भारतीय इलाके में चला गया। इससे पहले अक्टूबर में भी चीन के सैनिक ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की थी। अक्टूबर में डेमचोक सेक्टर में एक चीनी सैनिक को हिरासत में लिया गया था। 21 अक्टूबर को इसे चुशूल-मॉल्डो मीटिंग पॉइंट पर चीनी अफसरों को सौंप दिया गया था। वह दो दिन भारतीय सेना की हिरासत में रहा था। बातचीत की आड़ में चीन घुसपैठ की कोशिश कर रहा चीन एक तरफ आर्मी और डिप्लोमेटिक लेवल पर बातचीत कर रहा है। दूसरी तरफ घुसपैठ की कोशिश से बाज नहीं आ रहा। पूर्वी लद्धाख में तनाव के बीच भारत-चीन की सेनाओं के बीच 9वें राउंड की बातचीत रविवार को मोल्दो में 15 घंटे चली। न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक मीटिंग में भारत ने कहा कि विवाद वाले इलाकों से सैनिक हटाने और तनाव कम करने के प्रोसेस को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब चीन पर है। ऐसा कहने की वजह यह मानी जा रही है कि चीन बार-बार अपनी बात से पीछे हट जाता है।

MP : पुलिस ने घर नहीं जाने दिया यौन शोषण पीड़ित का शव, एसआईटी जांच

भोपाल : उत्तर प्रदेश के हाथरस में गैंगरेप पीड़ित की मौत के बाद पुलिस और प्रशासन ने परिवार को बिना बताए उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी वही कहानी दोहराई गई है। यहां प्यारे मियां यौन शोषण मामले में पीड़ित लड़की की मौत के बाद पुलिस गुरुवार को गुपचुप तरीके से उसका अंतिम संस्कार कराने की तैयारी में थी। पुलिस पीड़ित का शव लेकर श्मशान पहुंच भी गई थी। लेकिन, ऐन वक्त पर परिवार के लोगों का तीखा विरोध देखकर पुलिस परिवार को श्मशान लेकर गई। इधर भोपाल के DIG इरशाद वली ने दावा किया है कि अंतिम संस्कार परिवार की सहमति से ही हुआ है। इस पूरी घटना से सीएम शिवराज बहुत नाराज हुए और अफसरों को जमकर फटकार लगाकर एसआईटी से जांच करवाने का ऐलान किया। प्यारे मियां यौन शोषण केस की पीड़ित पिछले छह महीने से बालिका गृह में रह रही थी। नींद की गोलियों के ओवरडोज से उसकी मौत हुई। पीड़ित की मां का कहना है, ‘मेरी बेटी तो चली गई। अब जांच से क्या होगा? अब किसके लिए इंसाफ चाहिए? हमने केवल एक घंटे के लिए शव घर लाने की इजाजत मांगी थी। लेकिन, पुलिस और प्रशासन ने आखिरी बार बेटी को जी भर के देखने का मौका भी नहीं दिया।’ पीड़ित की मां बोलीं- हमसे जबर्दस्ती साइन कराए पीड़ित की मां ने आरोप लगाया, ‘पुलिस ने हमसे कहा कि शव को घर ले जाना है, तो पोस्टमॉर्टम के फाॅर्म पर साइन कीजिए। हमने उन पर भरोसा करके साइन कर दिए। बाद में पता चला कि बेटी का अंतिम संस्कार करने ले जा रहे हैं। मैं आखिरी बार बेटी के घर आने की राह देखती रही। लेकिन, पुलिस ने जिंदगी भर का दर्द दे दिया।’ पुलिस ने कहा था- बॉडी घर जाने पर दंगा हो सकता है पीड़ित की मां ने कहा, ‘मेरी बेटी बिना कसूर के छह महीने से दूर थी। उसे बालिका गृह में रखा गया था। परिवार की किसी महिला तक को उससे मिलने नहीं दिया गया। जब वह नहीं रही, तब भी धोखा हुआ। पहले हमें भरोसा दिलाया कि बॉडी घर आएगी। पोस्टमॉर्टम के बाद अफसर बोले कि बॉडी सीधे श्मशान जाएगी। घर पर शव ले जाने पर दंगा हो सकता है।’ महिलाओं को बस में भरकर श्मशान ले गई पुलिस हमीदिया अस्पताल में मौजूद पीड़ित के परिवार ने जब पुलिस के इस रवैये का विरोध किया, तो महिला पुलिस पीड़ित के घर पहुंची। घर पर मौजूद महिलाओं को पुलिस बस में बैठाया गया। उन्हें हमीदिया अस्पताल ले जाने की बात कहकर भदभदा श्मशान घाट ले जाया गया। महिलाओं ने इस पर आपत्ति जताई, तो पुलिस ने उन्हें डपट दिया। डरी-सहमी महिलाएं पुलिस का विरोध नहीं कर सकीं और आखिरी बार बेटी को घर लाने की मां की इच्छा सिसकियों के बीच दबी रह गई।

MP : 10वीं की छात्रा और 11वीं के छात्र ने मंदिर में प्रसाद चढ़ाया, फिर रेलवे ट्रैक पर दे दी जान

सागर। एक नाबालिग प्रेमी जोड़े ने बीती रात ट्रेन से कटकर जान दे दी। दोनों शुक्रवार को घर से स्कूल के लिए निकले थे। इसके बाद वापस घर नहीं लौटे, दोनों के बैग स्कूल में ही रखे मिले। बीती रात करीब साढ़े तीन बजे दोनों ने सानौधा थाने के पास रेलवे ट्रैक पर ट्रेन से कटकर जान दे दी। पुलिस को ट्रैक पर सुसाइड नोट व मंदिर में चढ़ाया हुआ प्रसाद भी रखा मिला है। सुसाइड नोट में दोनों ने एक-दूसरे से प्रेम करने की बात कही है। इसी वजह से जान दी। दोनों आपस में दूर के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। घटना के बाद सानौधा पुलिस, एफएसएल की टीम व रेलवे पुलिस मौके पर जांच कर रही है। सानौधा टीआई रवि भूषण पाठक ने बताया कि गिदवानी गांव में रहने वाले नाबालिग प्रेमी युगल 11वीं का छात्र आकाश (परिवर्तित नाम) और 10वीं की छात्रा ज्योति (परिवर्तित नाम) दोनों शुक्रवार सुबह घर से स्कूल के लिए निकले थे। वे करीब एक किलोमीटर दूर स्थित मुहली गांव की शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में पढ़ते थे। शुक्रवार को स्कूल से छुट्टी होने के बाद दोनों घर नहीं लौटे और अपना बैग स्कूल में ही छोड़कर वहां से गलगल टोरिया स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे। वहां मेले में शाम का समय व्यतीत करने के बाद मंदिर में प्रसाद चढ़ाया। शाम के समय मंदिर के पुजारी ने भी दोनों को वहां बैठे हुए देखा। दोनों करीब 4 घंटे तक मंदिर के आसपास रहे और फिर वहां से निकल आए। इसके बाद रात करीब साढ़े तीन बजे दोनों ने मंदिर से आधे किलोमीटर दूर स्थित रेलवे ट्रैक पर जाकर जान दे दी। फोटो के पीछे लिखा सुसाइड नोट पुलिस को रेलवे ट्रैक से मंदिर में चढ़ाया हुआ प्रसाद व पत्थरों से दबा हुआ सुसाइड नोट मिला है। दोनों ने कोरा कागज न होने से फोटो के पीछे सुसाइड नोट लिखा है। जिसमें लड़की ने लिखा है कि मैं आकाश से प्यार करती हूं। मेरे घर वालों की कोई गलती नहीं है। हम दोनों शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुहली से भागकर आए हैं। गलगल टोरिया के मेले में 22-1-2021 को हम दोनों अपने मर्जी से मर रहे हैं। हम दोनों के घर वालों की कोई गलती नहीं है। तो वहीं लड़के ने सुसाइड नोट में लिखा कि मैं अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा हूं। मेरे घर वालों की कोई गलती नहीं है। सुसाइड नोट के अलावा अन्य कागज भी पुलिस को ट्रैक पर पत्थर से दबे हुए मिले हैं। शुरू की जांच घटना की सूचना सबसे पहले रेलवे को मिली। ट्रेन चालकों ने सुबह ट्रैक पर शव पड़े होने की जानकारी रेलवे पुलिस को दी। इसके बाद सुबह से सानौधा थाना टीआई, एफएसएल की टीम व रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची। टीआई रविभूषण पाठक ने बताया कि घटना के बाद मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। मौके से सुसाइड नोट व मंदिर में चढ़ाया हुआ प्रसाद मिला है। जांच के दौरान एसआई जीपी वर्मा, आरपीएफ का स्टाफ, एफएसएल टीम भी मौजूद रही। प्रदर्शन में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं समेत प्रदेश के कई हिस्सों से आए कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कमलनाथ ने कहा कि मोदी सरकार किसानों को मजबूर बनाना चाहती है और नए कृषि बिलों के जरिए उन्हें बिजनेसमैनों के हवाले करना चाहती है। इंदौर शहर अध्यक्ष बोले- मेरी तो कलाई टूट गई इंदौर के कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने बताया कि हम लोग जवाहर चौक पर जुटे थे। यहां से शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते हुए राजभवन की ओर बढ़े। हमें रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस तैनात थी। जवानों ने रोशनपुरा से आगे जाने से रोक दिया। हम कुछ समझ पाते इससे पहले ही पानी की बौछार पड़ने लगी। आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। इसी दौरान पुलिस ने डंडा बरसाना शुरू कर दिया। बचने के लिए मैं पीछे हटा, तो तीन लाठी पीठ पर और एक लाठी कलाई में लगी। यहां से बचकर निकला तो एक व्यक्ति ने मुझे अपनी दुकान में बैठाया।

MP में किसानों के समर्थन में कांग्रेस का प्रदर्शन:कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठियां भांजीं

BHOPAL : किसान आंदोलन के समर्थन में शनिवार को भोपाल में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की अगुआई में कार्यकर्ता भोपाल के जवाहर चौक पर जुटे। उन्हें राजभवन तक मार्च निकालना था।रोशनपुरा के पास ही कांग्रेसियों को रोक लिया गया। पुलिस ने लाठियां भांजी और वॉटर कैनन भी चलाई। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, उनके बेटे जयवर्धन समेत 20 नेताओं को गिरफ्तार किया गया। कमलनाथ ने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, ‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हजारों किसान भाइयों और कांग्रेसजनों पर शिवराज सरकार के इशारे पर बर्बर लाठीचार्ज किया गया। आंसू गैस के गोले छोड़े और वॉटर कैनन भी चलाई।’  प्रदर्शन में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं समेत प्रदेश के कई हिस्सों से आए कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कमलनाथ ने कहा कि मोदी सरकार किसानों को मजबूर बनाना चाहती है और नए कृषि बिलों के जरिए उन्हें बिजनेसमैनों के हवाले करना चाहती है। इंदौर के कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने बताया कि हम लोग जवाहर चौक पर जुटे थे। यहां से शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते हुए राजभवन की ओर बढ़े। हमें रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस तैनात थी। जवानों ने रोशनपुरा से आगे जाने से रोक दिया। हम कुछ समझ पाते इससे पहले ही पानी की बौछार पड़ने लगी। आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। इसी दौरान पुलिस ने डंडा बरसाना शुरू कर दिया। बचने के लिए मैं पीछे हटा, तो तीन लाठी पीठ पर और एक लाठी कलाई में लगी। यहां से बचकर निकला तो एक व्यक्ति ने मुझे अपनी दुकान में बैठाया।

MP : कलेक्टर के पास युवक का आवेदन, मैं बेरोजगार, रोजगार न मिलने पर… मैं भी करूंगा अपराध

छतरपुर। एमपी के छतरपुर जिले में एक युवक ने जिला कलेक्ट्रेट में एक अजीबोगरीब आवेदन दिया है। आवेदन के बाद से अधिकारी हैरान और परेशान हैं। युवक बेरोजगार है और कलेक्टर को आवेदन लिख आपराधिक घटनाओं के लिए अनुमति मांगी है। दरअसल, लवकुश नगर क्षेत्र के अटकोहा में रहने वाले एक बेरोजगार युवक मन हर्ष गोस्वामी ने जिला कलेक्ट्रेट में पहुंच कर अजीबोगरीब आवेदन दिया है। युवक ने अपने आवेदन में लिखा कि वह एक बेरोजगार और रोजगार की तलाश में है। अगर मुझे रोजगार नही मिलता तो मैं भी लूटपाट जैसी घटनाओं को अंजाम दूंगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। आवेदन देकर मांगी स्वीकृति युवक ने आवेदन देकर सरकार से अपराध करने की अनुमति मांगी है। युवक ने आवेदन में लिखा कि वह एक बेरोजगार है। कक्षा दसवीं के बाद उसने आईटीआई इस उम्मीद से की थी कि उसे नौकरी मिलेगी। लेकिन बेरोजगारी इतनी ज्यादा है कि वह जैसे कई युवा बेरोजगार घूम रहे हैं, जिसकी वजह से लगातार चोरी डकैती हत्या एवं रेप जैसी घटनाएं हो रही है और अगर उसे भी नौकरी नहीं मिली तो वह भी यही करेगा और उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। शिकायत शाखा ने लगाई सील युवक ने पहले तो अपना आवेदन जिला कलेक्ट्रेट में एडीएम पद प्रभारी बी बी गंगेले को दिया। उसके बाद शिकायत शाखा में पहुंचकर बकायदा उस आवेदन की रिसीविंग भी ली। इस मामले में सबसे बड़ी और सोचने वाली बात यह है कि शिकायत शाखा में जब युवक आवेदन देने गया तो किसी ने उसका आवेदन नहीं पढ़ा और न ही किसी ने यह जानने की कोशिश की कि उसने इस तरह का आवेदन क्यों लिखा है।

MP : एक तरफ बेटियों से दरिंदगी की वारदातें, दूसरी तरफ मार दूंगा, टांग दूंगा जैसे बयान

भोपाल। मार दूंगा, टांग दूंगा, माफिया व अपराधी एमपी छोड़कर चलें जाएँ, मामा अब पूरे फॉर्म में है। इस प्रकार की फर्जी बातें करने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के बयानों का प्रदेश के लोग उपहास उड़ा रहे हैं। क्योंकि शिवराज के राज में बेटियों से दरिन्दगीं की वारदात लगातार बढ़ रही हैं। किसान आत्महत्या किये जा रहे हैं। जहरीली शराब से लोग मर रहे हैं। लेकिन सीएम शिवराज इस बारे में कुछ नहीं बोल रहे। सरकार सूबे में लगातार एंटी माफिया मुहिम चलाने का ढिंढोरा पीट रही है। लेकिन दूसरी और मध्यप्रदेश में बहन और बेटियों की अस्मत तार-तार हो रही है। पिछले एक हफ्ते के दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिले में 5 से ज्यादा बलात्कार और हत्या की वारदात हुई हैं। ज्यादातर मामलों में नाबालिग बच्चियों को शिकार बनाया गया है। हर नई घटना पुरानी से ज्यादा डरावनी होती है।ऐसे में सवाल है। अब क्या करें बेटियां।? 11 जनवरी, खंडवा 13 साल की बच्ची के साथ रेप बच्ची की हत्या कर शव को छत पर रखा 17 जनवरी, उमरिया 14 साल की नाबालिग के साथ गैंगरेप 24 घंटे के अंदर पीड़िता के साथ 9 बार गैंगरेप 18 जनवरी, बैतूल 14 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म रेप के बाद बच्ची को पत्थर के नीचे दफनाया 20 जनवरी, मुरैना 22 वर्षीय युवती के साथ दरिंदगी परिचित के युवक और उसके दोस्तों ने किया दुष्कर्म 22 जनवरी, इंदौर इंदौर में गैंगरेप : 15 साल की छात्रा को ड्रग्स और शराब की लत लगाई, नशा देकर 2 महीने तक करते रहे रेप ये केवल चंद घटनाएं नहीं बल्कि उन तमाम घटनाओँ की कड़ी हैं, जो मध्यप्रदेश में बीते कुछ दिनों में घटी है। ये घटनाएं बताती हैं कि मध्यप्रदेश में बेटियां सुरक्षित नहीं है। लगातार बढ़ती हुई बलात्कार की घटना बताती है, कि हैवानों के हौसले कितने बुलंद हो चुके है। उनके आगे कानून व्यवस्था भी बौनी साबित हो रही है। महज एक हफ्ते के दौरान उमरिया जैसे छोटे शहर से लेकर इंदौर जैसे मेट्रो शहर में मासूम बच्चियों पर शैतानी इरादों का कहर टूटा। कुछ साल पहले हुए निर्भया कांड के बाद रेप से जुड़े कानून को और सख्त किया गया है, पर इसके बाद भी बलात्कार के मामले कम नहीं, बल्कि बढ़े ही हैं। महज एक हफ्ते के दौरान सूबे में लगातार हुए बलात्कार और हत्या की घटनाओं ने कानून व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। वहीं, पुलिस अधिकारियों के पास एक ही जवाब है, कि जांच की जा रही है। प्रदेश में हत्या और बलात्कार की घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी ट्वीट के जरिए शिवराज सरकार पर जमकर हमला बोला है। कमलनाथ ने आरोप लगाया है, कि प्रदेश में बहन-बेटियों को लगातार गुमराह किया जा रहा है। अलग-अलग जिले में हुए विभत्स घटनाओं ने प्रदेश को शर्मसार किया है.. तो उसे लेकर सियासी बयानबाजी भी हो रही है। बहरहाल बच्चियों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार बढ़-चढ़कर दावे तो जरूर करती है। पर रेप की हर नई घटना उसके दावे की पोल खोल देती है और सवाल खड़ी करती है। क्या यही है मध्यप्रदेश के चुस्त कानून-व्यवस्था की मिसाल।

MP : कोरोना में आया फ्री राशन 51 हजार परिवारों को बांटा ही नहीं, 80 लाख रु. का घाेटाला

इंदौर। महू के बाद अब इंदौर में बड़ा राशन घोटाला उजागर हुआ है। राशन दुकान संचालकों ने अफसरों से मिलीभगत कर 51 हजार गरीब परिवारों के हक का करीब ढाई लाख किलो से ज्यादा अनाज बांटा ही नहीं। यह राशन कोरोनाकाल में आया था। कलेक्टर ने बताया कि तकरीबन 80 लाख रुपए का घोटाला हुआ है। इस घोटाले में सरकारी राशन दुकानदार भरत दवे, श्याम दवे और प्रमोद दहीगुडे के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, निलंबित खाद्य अधिकारी आरसी मीणा सहित 31 अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। यह है पूरा मामला कलेक्टर मनीष सिंह ने मंगलवार को बताया कि भरत दवे और प्रमोद दहीगुडे के साथ इनके परिचितों के बारे में शिकायतें मिली थीं। इनके द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों में या तो सामग्री दी ही नहीं जा रही या फिर कम वितरित हो रही है। इस पर 12 दुकानों को चिन्हित किया गया। 12 जनवरी को इन पर टीम ने दबिश देकर रिकार्ड एवं पीओएस मशीन जब्त कीं। उसी दिन टीम ने इन दुकानों में संग्रहित राशन सामग्री का भौतिक सत्यापन किया। जांच में अप्रैल 2020 से ही खाद्यान्न, शक्कर, नमक, दाल और केरोसिन की मात्रा कम या ज्यादा मिली। कई अनियमितताएं और भी पाई गईं। इस पूरे मामले में मास्टरमाइंड भरत दवे पर्दे के पीछे रहकर अपने रिश्तेदारों और परिचितों के नाम से राशन दुकानें संचालित कर सरकारी अनाज की हेराफेरी कर रहा था। 51 हजार परिवारों के राशन पर डाका टीम ने जब दुकानों का रिकार्ड देखा तो इसमें गेहूं 185625 किलो, चावल 69855 किलो, नमक 3169 किलो, शक्कर 423 किलो, चना दाल 2201 किलो, साबुत चना 1025 किलो, तुअर दाल 472 किलो, केरोसीन 4050.5 लीटर में गड़बड़ी मिली। माफियाओं ने 185625 किलो गेहूं और 69855 किलो चावल कुल मिलाकर 255480 किलो खाद्यान्न जिसकी कीमत 79,04,479 रुपए है, का गबन किया। प्रति व्यक्ति 5 किलो के मान से माफियाओं ने 51096 हितग्राहियों को राशन से वंचित किया। इसके अतिरिक्त मिट्टी का तेल (केरोसिन), नमक, शक्कर, चना दाल, साबुत चना, तुवर दाल में भी गबन किया। इन्होंने गरीबों को उचित जानकारी नहीं होने पर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का राशन वितरित ही नहीं किया। ये सिर्फ मात्र हर महीने मिलने वाला राशन ही देकर उपभोक्ताओं का बायोमेट्रिक सत्यापन पीओएस मशीन में कर दे रहे थे। गरीबों का राशन बचा कर बाजार में बेच रहे थे।

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