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अरावली हमारी धरोहर है उसे…यमुना एक्सप्रेसवे पर 6 जिलों की महापंचायत में राकेश टिकैत ने भरी हुंकार

Aravalli is our heritage, Rakesh Tikait roared at the Mahapanchayat of 6 districts on Yamuna Expressway. जमीन अधिग्रहण को लेकर लंबे समय से नाराज चल रहे किसानों का गुस्सा सोमवार को खुलकर सामने आया। यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर बड़ी संख्या में किसान एकजुट हुए और अधिकारियों को साफ कहा कि अब वादों से काम नहीं चलेगा, अब हमें ठोस फैसला चाहिए। भारतीय किसान यूनियन की इस महापंचायत में छह जिलों से किसान शामिल हुए। सभी किसानों ने एक सुर में मुआवजे और रोजगार से जुड़े मुद्दे उठाए। वहीं इस महापंचायत में राकेश टिकैत की मौजूदगी ने माहौल को और गर्मा दिया। इसी दौरान राकेश टिकैत ने सराकार को समाधान के लिए 14 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया है और अरावली विवाद पर भी बयान देते हुए चेतावनी दी है। पांच घंटों तक चली महापंचायतसोमवार सुबह यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा जिले के किसान बड़ी संख्या में इकट्ठे हुए। किसानों की यह महापंचायत पांच घंटों तक चली, जिसमें इकट्ठे हुए सभी किसानों ने अपनी मांगें खुलकर रखीं। किसानों का कहना था कि अधिकारियों ने विकास के नाम पर उनसे जमीन तो ले ली, लेकिन उसके बदले उन्हें जो हक मिलना चाहिए था, वह अभी तक अधूरे हैं। इसी नाराजगी की वजह से किसानों ने प्रशासन और प्राधिकरणों के खिलाफ आवाज उठाई। किसानों ने क्या-क्या मांगें रखीं?महापंचायत में किसानों ने साफ कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण इलाके में जिन किसानों की जमीन ली गई है, उन किसानों को 64.7% ज्यादा मुआवजा दिया जाए और जमीन के प्राइस यानी सर्किल रेट भी बढ़ाए जाएं। साथ ही किसानों ने यह भी मांग की कि जिन लोगों ने नोएडा एयरपोर्ट और फैक्ट्रियों के लिए जमीन दी, उनके बच्चों को पढ़ाई और योग्यता के हिसाब से पक्की नौकरी भी दी जाए। इसके साथ ही 10% विकसित भूखंड देने, आबादी निस्तारण जैसे मुद्दों पर भी जोर दिया गया। किसानों ने इन मुद्दों का प्राथमिकता के साथ हल किए जाने की मांग की। राकेश टिकैत ने दी चेतावनी और कहा अरावली हमारी धरोहर हैराकेश टिकैत ने सरकार और प्राधिकारियों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसानों को सालों से सिर्फ आस्वासन ही दिया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि अगर 14 जनवरी तक समाधान नहीं होगा, तो किसान लखनऊ कूच करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विकास प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन देने वाले किसानों को नौकरी और बसने का पूरा हक मिलना चाहिए।इतना ही नहीं, हाल ही में अरावली को लेकर बड़ा विवाद चल रहा है और मीडिया से बातचीत करते हुए इस मुद्दे पर भी उन्होंने बयान दिया और कहा कि अरावली हमारी धरोहर है और अगर इसे किसी को भी नष्ट नहीं करने देंगे। अगर फिर भी किसी ने कोशिश की, तो हम इसे बचाएंगे और जरूरत पड़ी तो प्रदर्शन करेंगे और वहीं जाकर बैठ जाएंगे। अधिकारियों ने किसानों से की बातचीतमहापंचायत के दौरान जिला प्रशासन और विकास प्राधिकरणों के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और किसानों से सीधे बातचीत की। एडीएम एलए बच्चू सिंह, यमुना प्राधिकरण और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी ने वहा किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी। अधिकारियों ने कहा कि किसानों से जुड़े मामलों का समाधान एक प्रक्रिया के अनुसार चल रहा है। सर्किल रेट बढ़ाने को लेकर भी काम चल रहा है और इस पर नए साल में फैसला किया जा सकता है। राकेश टिकैत ने किया ऐलानअधिकारियों से बातचीत के दौरान रोकेश टिकैत ने साफ कहा कि नोएडा एयरपोर्ट लगभग तैयार हो चुका है और उन्हें अभी तक न तो उन्हें 64.7% मुआवजा दिया गया है और न ही नौकरी या मकान बनाने के लिए जमीन के बदले कोई हक दिया गया है। उनका मानना है कि एक बार एयरपोर्ट चालू हो गया तो किसानों की आवाजें और कम कर दी जाएंगी, इसलिए अब चुप बैठने का समय नहीं है। टिकैत ने ऐलान किया कि सराकर ने मांगे नहीं मानी तो 22 जनवरी के बाद लखनऊ की तरफ ट्रैक्टर मार्च किया जाएगा।इस मार्च में एक ट्रैक्टर और करीब 10 लोग शामिल होंगे। आगे उन्होेंने कहा कि किसान 15 दिन का राशन लेकर जाएंगे और वहीं डेरा लगाएंगे। उन्होंने कहा कि जनवरी में प्रयागराज में होने वाले शिविर में आंदोलन की आगे की प्लानिंग की जाएगी।

Delhi-Leh Indigo Flight आधे रास्ते से लौटा, यात्री परेशान, कारण पर सवालिया निशान

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेह जा रही इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E 2006 को तकनीकी कारणों से आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी है। विमान लेह पहुंचने के कुछ ही देर बाद वापस लौट आया और सुरक्षित तरीके से दिल्ली में उतर गया। विमान में चालक दल के सदस्यों सहित करीब 180 लोग सवार थे। फिलहाल किसी के घायल होने की खबर नहीं है। सभी को विमान से नीचे उतार लिया गया है। अहमदाबाद प्लेन क्रैश के बाद कई भारतीय एयरलाइन के विमानों को इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी है। 16 जून को गोवा से लखनऊ जा रही इंडिगो की फ्लाइट को उड़ान भरने के तुरंत बाद इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। विमान में सवार यात्रियों ने इस अनुभव को भयावह बताया। अशांति के कारण केबिन के अंदर दहशत फैल गई। हालांकि. चालक दल ने शांति बहाल करने और विमान को सुरक्षित रूप से उतारने में कामयाबी हासिल की। इसके अगले दिन 17 जून को कोच्चि से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की एक और फ्लाइट 6E 2706 को नागपुर डायवर्ट कर दिया गया, क्योंकि अधिकारियों को बम की धमकी मिली थी। इसमें विशेष रूप से फ्लाइट नंबर का उल्लेख था। धमकी को विश्वसनीय माना गया, जिसके बाद प्रोटोकॉल के अनुसार तत्काल उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक बुलाई गई। तब तक फ्लाइट उड़ान भर चुकी थी। सुबह 9:20 बजे उड़ान भरने वाला विमान सुरक्षित रूप से नागपुर में उतरा। हालांकि, बाद में जांच के दौरान विमान में कुछ नहीं मिला। 18 जून को भुवनेश्वर से कोलकाता के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो फ्लाइट 6E 6101 टेक-ऑफ की तैयारी कर रही थी, जब पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को संदिग्ध तकनीकी गड़बड़ी के बारे में सूचित किया। तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए ATC ने विमान को टेक-ऑफ को रोकने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पार्किंग बे में लौटने का निर्देश दिया। विमान को तुरंत रनवे से वापस ले जाया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से उतार दिया गया। उसी दिन रायपुर एयरपोर्ट पर एक तकनीकी खराबी के कारण तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब दिल्ली-रायपुर इंडिगो की एक उड़ान में यात्री विमान के दरवाजे के जाम होने के कारण उतरने के बाद लगभग आधे घंटे तक विमान के अंदर फंसे रहे। छत्तीसगढ़ के रायपुर नगर निगम की मेयर मीनल चौबे ने दावा किया कि बुधवार को दिल्ली से रायपुर एयरपोर्ट पर पहुंचे इंडिगो के विमान का दरवाजा नहीं खुलने के कारण यात्री 30 मिनट से अधिक समय तक विमान में बैठे रहे। विमान में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य नेता भी मौजूद थे। चौबे ने फोन पर पीटीआई को बताया कि अपराह्न दो बजकर 20 मिनट पर रायपुर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद विमान संख्या 6E-6312 का दरवाजा 30 मिनट से अधिक समय तक बंद रहा। उन्होंने कहा, “जब हमने गेट खुलने में देरी का कारण पूछा तो चालक दल ने हमें बताया कि कुछ तकनीकी समस्या है।”

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा- स्वस्थ, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में ऐसे प्रयास निश्चित ही मील का पत्थर सिद्ध होंगे

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग स्थित महर्षि आयुर्वेद हॉस्पिटल में ‘सोमा किचन’ का उद्घाटन किया। रेखा गुप्ता का कहना है कि ये पहल न सिर्फ दिल्ली को आयुर्वेद और स्वास्थ्य संस्कृति से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘प्रिवेंटिव हेल्थकेयर’ के विजन को भी साकार करती है। रेखा गुप्ता ने कहा कि स्वस्थ, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में ऐसे प्रयास निश्चित ही मील का पत्थर सिद्ध होंगे। महर्षि आयुर्वेदिक हॉस्पिटल के डायरेक्टर लक्ष्मण श्रीवास्तव ने बताया कि ये किचन पूरी तरह सात्विक भोजन पर आधारित है, जहां न तो प्याज और लहसुन का प्रयोग होता है और न ही मैदा या रिफाइंड ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है। लक्ष्मण श्रीवास्तव ने बताया कि आजकल के रेस्टोरेंट्स में अक्सर पुराना और मिलावटी खाना परोसा जाता है, लेकिन ‘सोमा किचन’ में ‘नो मैदा कॉन्सेप्ट’ को अपनाते हुए शुद्ध, पौष्टिक और ताजा भोजन तैयार किया जाता है। यह भोजन आयुर्वेद की पारंपरिक पद्धतियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। लक्ष्मण श्रीवास्तव ने कहा, “आयुर्वेद में खाने की जो पद्धति है, उसको ध्यान में रखते हुए सोमा किचन में खाना बनाया जा रहा है, क्योंकि आयुर्वेद हमारी बहुत पुरानी पद्धति है। हमारे दिमाग में जब भी आयुर्वेद का नाम आता है तो हम सिर्फ खिचड़ी के बारे में सोचते हैं, लेकिन इसी चीज को बदलने के लिए हम लोगों के लिए अलग-अलग तरीके का स्वादिष्ट भोजन बना रहे हैं, जो पूरी तरीके से सात्विक है और मिलेट बेस है। सोमा किचन इस सोच को बदलने की दिशा में एक प्रयास है।” उन्होंने कहा, “महर्षि आयुर्वेद हॉस्पिटल नॉर्थ इंडिया का पहला ऐसा हॉस्पिटल है, जहां आयुर्वेदिक पंचकर्म पद्धति से ट्रीटमेंट किया जाता है। यहां इलाज के लिए कई देशों के नेता आ चुके हैं। साथ ही कई सेलिब्रिटी भी आयुर्वेदिक इलाज के लिए यहां आते हैं। हॉस्पिटल में मानसिक, आध्यात्मिक और शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़े संपूर्ण उपचार मिलते हैं, जो पूरी तरह आयुर्वेदिक पद्धतियों पर आधारित हैं।” डायरेक्टर श्रीवास्तव ने बताया कि अगर हम अपनी दिनचर्या में छोटी-छोटी आदतें, जैसे कि सुबह गर्म पानी पीना शामिल करें, तो हम पाचन तंत्र को बेहतर बना सकते हैं और कई बीमारियों से बच सकते हैं। हॉस्पिटल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगा।

आरोपी पर पत्नी की अदला-बदली, रेप और गैंगरेप के आरोप, हाईकोर्ट ने कहा- जमानत देना सही नहीं

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने एक ऐसे शख्स को जमानत देने से इनकार किया है जिस पर पत्नी को ‘पार्टनर स्वैप’ के लिए मजबूर करने का आरोप है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर अपनी पत्नी की तस्वीर लगा उसके साथ सेक्स का ऑफर दिए जाने का भी आरोप है। कोर्ट ने यह कहते हुए आरोपी को जमानत नहीं दी कि यह ‘सामान्य वैवाहिक विवाद के आरोपों’ का केस नहीं है।  रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस गिरीश कथपालिया जिस शख्स की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे उस पर बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, शारीरिक शोषण, क्रूरता और आपराधिक धोखाधड़ी जैसे आरोप हैं। 9 जून को दिए आदेश में कोर्ट ने कहा, ‘FIR में लगाए गए आरोप रूढ़िवादी वैवाहिक विवाद के नहीं हैं। कोर्ट ने महिला के इस आरोप पर विचार किया कि उसका देवर उसे गलत तरीके से छूकर उसका यौन उत्पीड़न करता था। महिला ने जब इसकी शिकायत अपने पति से की तो उसने उसे इस अपमान को अनदेखा करने के लिए कहा। अदालत ने एफआईआर का हवाला दिया, ‘जिसमें दर्ज किया गया था कि पति “ब्लेड से उसके हाथों को चोट पहुंचाता था और घायल हाथों से उसे रसोई का काम करवाता था” और साथ ही “उस पर पत्नी की अदला-बदली के लिए सहमत होने का दबाव बनाने लगा था और इस उद्देश्य के लिए, वह उसे एक होटल में ले गया जहां उसके दोस्तों ने उसके साथ छेड़छाड़ की, इसलिए वह भाग गई”। उस व्यक्ति पर महिला की फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाने और “उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करने” के अलावा “लोगों को पैसे के लिए उसके साथ यौन संबंध बनाने के लिए उकसाने” का भी आरोप लगाया गया था। कोर्ट ने कहा कि “गंभीर आरोपों” के अलावा, महिला ने बलात्कार और सामूहिक बलात्कार के अपराधों का आरोप लगाते हुए मजिस्ट्रेट कोर्ट के समक्ष अपना बयान भी दर्ज कराया। अदालत ने कहा कि इसके अलावा, ऐसा प्रतीत होता है कि इससे पहले, जब अग्रिम जमानत दी गई थी, तो आरोपी ने अभियोक्ता से संपर्क किया था और टेक्स्ट चैट का आदान-प्रदान किया था, जिसकी प्रतियां रिकॉर्ड में हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण होगा कि उन टेक्स्ट चैट को आरोपी ने एक नए सिम कार्ड के माध्यम से एक काल्पनिक नाम के तहत बनाया था, लेकिन जांच में, उक्त सिम उसके नाम पर पंजीकृत पाया गया।”

मौसम विभाग ने आज आंधी तूफान की और बारिश की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट किया जारी

नई दिल्ली  दिल्ली में मौसम बदल गया है। आसमान में बादल नजर आ रहे हैं और आंधी के साथ तेज बारिश शुरू हो गई है। ऐसे में लोगों को गर्मी से राहत मिली है। इस बीच मौसम विभाग ने आज आंधी तूफान की और बारिश की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने आज दोपहर के समय – बिजली के साथ तूफान, हल्की से मध्यम वर्षा, 50-60 किमी प्रति घंटे की गति से हवा के साथ तूफान की भविष्यवाणी की है। वहीं शाम के समय भी आंधी तूफान के साथ बारिश हो सकती है। ऐसे में मौसम विभाग ने आज दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट और एनसीआर के अन्य इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक आंधी तूफान के चलते अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री दर्ज किया जा सकता है। कल कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने कल भी आंधी तूफान के साथ बारिश की चेतावनी दी है। इस दौरान अधिकतम तापमान में भी 2 डिग्री की गिरावट आ सकती है और यह 34 डिग्री दर्ज किया जा सकता है जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री के आसपास रह सकता है। मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में बताया है कि कल यानी बुधवार शाम के समय बिजली के साथ तूफान, हल्की से मध्यम बारिश, 50-60 किमी प्रति घंटे की गति से हवा के साथ तूफान और रात के समय तूफान और बारिश के आसार हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क करते हुए मौसम विभाग ने कल के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।  

‘अगर मां कमाती भी हो, बच्चे ही परवरिश के लिए पैसे देना पिता की ही जिम्मेदारी’, हाईकोर्ट का अहम फैसला

नई दिल्ली  दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई करते हुए महिलाओं और बच्चों के हक में एक बड़ा फैसला सुनाया है। इसके तहत दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि मां ज्यादा कमाती है तो क्या हुआ, बच्चे की देखभाल की पूरी जिम्मेदारी पिता पर होगी। पिता को पूरा खर्च देना होगा। दरअसल, एक तलाकशुदा व्यक्ति ने अदालत से गुहार लगाई थी कि उसकी पूर्व पत्नी हर महीने 75 से 80 हजार रुपये प्रति माह कमाती है, इसलिए अपने दो बच्चों की परवरिश का वित्तीय बोझ बराबर-बराबर बांटना चाहिए। पिता की मांग को हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया। फिर दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनाया अहम फैसला दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि भले ही पूर्व पत्नी नौकरीपेशा हो और प्रति माह 75 से 80 हजार रुपये कमाती हो लेकिन दो बच्चों के भरण-पोषण की पूरी वित्तीय जिम्मेदारी पिता पर होनी चाहिए, जो लगभग 1.75 लाख रुपये प्रति माह कमाता है। हाईकोर्ट ने केवल आय के आधार पर खर्च को 50:50 विभाजित करने की पिता की मांग को खारिज कर दिया। न्यायालय ने दोहराया कि भरण-पोषण में न केवल बुनियादी जरूरतें शामिल होनी चाहिए, बल्कि शिक्षा, सह-पाठयक्रम गतिविधियां और बच्चे की गरिमा बनाए रखना भी शामिल होना चाहिए। न्यायालय ने कहा कि बच्चे का भरण-पोषण मुख्य रूप से गैर-संरक्षक माता-पिता का कर्तव्य है, खासकर अगर वह माता-पिता आर्थिक रूप से मजबूत हो। मां दोहरी भूमिका निभाती है: हाईकोर्टन्यायालय ने मां की दोहरी भूमिका को व्यापक रूप से स्वीकार किया। एक कार्यरत पेशेवर और एकमात्र देखभालकर्ता के रूप में, वह भावनात्मक और तार्किक बोझ उठाती है जो उसे वित्तीय दायित्व से बचाने के लिए काफी है। उच्च न्यायालय ने कहा कि पत्नी को दो काम करने पड़ते हैं, एक कार्यालय के लिए और दूसरा कार्यालय के बाद बच्चे की देखभाल के लिए। इसे मौद्रिक शब्दों में नहीं आंका जा सकता।  

दिल्ली में 14 करोड़ के GST रिफंड घोटाले का पर्दाफाश, एक आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली दिल्ली सरकार के ट्रेड और टैक्स डिपार्टमेंट ने एक बड़े GST रिफंड घोटाले का पर्दाफाश किया है, जिसकी कुल राशि लगभग ₹14 करोड़ है. इस मामले में अब तक ₹1.16 करोड़ की वसूली की जा चुकी है, और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. जांच में यह पता चला है कि कुछ व्यक्तियों ने 4 फर्जी फर्में स्थापित कीं और उन्हें वैध व्यवसाय के रूप में प्रस्तुत कर अवैध रूप से GST रिफंड का दावा किया. यह बताया जा रहा है कि यह मामला विभाग द्वारा किया गया एक अनूठा ऑपरेशन है, जिसमें अत्याधुनिक बिग डेटा एनालिटिक्स, बैंकिंग लेनदेन की श्रृंखला विश्लेषण और अन्य डिजिटल तकनीकों का उपयोग करके फंड के लेनदेन का पता लगाया गया है. विभाग ने यह पाया कि फर्जी कंपनियों के लिए इस्तेमाल किए गए PAN, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी अन्य संस्थाओं में भी सक्रिय थे. इसके परिणामस्वरूप, दिल्ली में सभी संदिग्ध इकाइयों का पंजीकरण तुरंत निलंबित कर दिया गया है. साथ ही, अन्य राज्यों के संबंधित प्राधिकरणों को भी इस मामले की जानकारी दी गई है ताकि वे आवश्यक कार्रवाई कर सकें. 27 फर्जी संस्थाओं से जुड़े 45 बैंक खाते फ्रीज इसके अतिरिक्त, फर्जी पैन कार्डों को ब्लॉक करने के लिए इनकम टैक्स विभाग के साथ सहयोग करने की सिफारिश की गई है. चूंकि कुछ धनराशि अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं, जैसे हांगकांग और सिंगापुर, में भेजी गई थी, इसलिए इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट भारत सरकार के राजस्व विभाग को भी प्रेषित की जा रही है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक की कार्रवाई में 27 फर्जी संस्थाओं से संबंधित 45 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है, ताकि अवैध धन के और अधिक ट्रांसफर को रोका जा सके. इस मामले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा FIR दर्ज की गई है. एक आरोपी, बंटी (पुत्र हरीश चंदर), जो एक लाभार्थी फर्म का मालिक है, को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है. उसे मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे दिल्ली पुलिस की हिरासत में भेजने का आदेश दिया. इस मामले में और भी गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है. दिल्ली GST विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई हमारे जीएसटी धोखाधड़ी के प्रति शून्य सहिष्णुता के दृष्टिकोण को स्पष्ट करती है. ऐसे अपराध न केवल सरकारी राजस्व को हानि पहुँचाते हैं, बल्कि ईमानदार करदाताओं पर भी अतिरिक्त बोझ डालते हैं. विभाग जीएसटी प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कानूनी कदम उठाता रहेगा.

दिल्ली में पानी की किल्लत, आप नेता सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी सरकार पर कसा तंज, बोले – चार इंजन वाली सरकार भी पूरी तरह असफल

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली में पानी की कमी को लेकर बीजेपी सरकार पर कड़ा हमला किया. उन्होंने कहा कि इस गर्मी में दिल्लीवासियों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, और भाजपा की ‘चार इंजन’ वाली सरकार इस समस्या का समाधान करने में पूरी तरह असफल रही है. भारद्वाज ने यह भी पूछा कि सरकार ने समर एक्शन प्लान के तहत कितने नए ट्यूबवेल स्थापित किए हैं, जिसका उत्तर अभी तक जनता को नहीं मिला है. सौरभ भारद्वाज ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी यह दावा करती है कि उनके पास केंद्र, दिल्ली, MCD और उपराज्यपाल के चार इंजन हैं, लेकिन इन इंजनों ने दिल्ली को पानी की एक बूंद भी नहीं दी है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गर्मियों की शुरुआत से पहले ट्यूबवेल लगाने और जल प्रबंधन में सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं. लोगों को पानी के टैंकरों के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, और कई स्थानों पर टैंकरों की कमी ने स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया है. उन्होंने कहा कि नए क्षेत्रों में पानी पहुंचाना तो एक दूर की बात है, बल्कि जिन क्षेत्रों में पहले से ही पर्याप्त जल आपूर्ति होती थी, वहां भी अब पानी की कमी हो रही है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब भाजपा और एलजी आम आदमी पार्टी की सरकार पर पानी के कुप्रबंधन का आरोप लगाते थे, तो अब वे खुद पानी के प्रबंधन में असफल क्यों हो रहे हैं? भारद्वाज ने यह आरोप लगाया कि दिल्ली को यमुना और गंगा नदियों से पानी की पर्याप्त आपूर्ति मिल रही है, फिर भी जल वितरण में गंभीर अव्यवस्था बनी हुई है. उन्होंने कहा कि यह संकट प्राकृतिक नहीं, बल्कि भाजपा सरकार की लापरवाही का परिणाम है. आम आदमी पार्टी के नेता ने सरकार से मांग की कि वह इस मुद्दे पर तुरंत जवाब दे और पानी की कमी को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए. सौरभ भारद्वाज ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि दिल्ली में भाजपा की सरकार को चार महीने होने वाले हैं, और यह समय किसी भी नई सरकार के लिए अपने राज्य में सुधार लाने के लिए पर्याप्त होता है. हालांकि, जून के महीने में दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में पानी की गंभीर कमी देखी जा रही है, जिससे लोग मजबूर होकर मदद की गुहार लगा रहे हैं. दिल्ली में इस तरह की भयंकर जल संकट पहले कभी नहीं देखी गई. सौरभ भारद्वाज ने बताया कि दक्षिणी दिल्ली के अंबेडकर नगर विधानसभा में पानी की गंभीर कमी है. देवली विधानसभा के निवासी जल बोर्ड के कार्यालय के बाहर धरना दे रहे हैं, जहां एक सप्ताह पहले लोगों ने मटके भी फोड़े थे. बदरपुर विधानसभा के लोग रातभर पानी के लिए जागते हैं और ट्यूबवेल से पानी भरने के लिए दो-दो घंटे लाइन में खड़े रहते हैं. तुगलकाबाद विधानसभा में भी जल संकट है, जहां पहले 40-46 टैंकर आते थे, अब उनकी संख्या आधी कर दी गई है. छतरपुर और मेहरौली में भी पानी की कमी की समस्या बनी हुई है. दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है. बिजवासन और पालम में स्थिति अत्यंत खराब है, जबकि नॉर्थ दिल्ली के तिमारपुर, मॉडल टाउन, आदर्श नगर और बुराड़ी में भी पानी की कमी महसूस की जा रही है. पश्चिमी दिल्ली के हरिनगर, रजौरी गार्डन और जनकपुरी में भी जल संकट बना हुआ है. ग्रेटर कैलाश के कई इलाकों में, जहां पहले पानी की कोई कमी नहीं थी, अब वहां भी जल आपूर्ति ठप हो गई है. पहले जो स्थिति सुधर गई थी, वह अब फिर से बिगड़ चुकी है, और टैंकरों की व्यवस्था भी प्रभावी नहीं रह गई है. सौरभ भारद्वाज ने बताया कि दिल्ली में अभी भी 100 एमजीडी पानी की कमी है, जबकि केंद्र और दिल्ली दोनों जगह भाजपा की सरकार है. चार इंजन की सरकार होने के बावजूद भाजपा हरियाणा और केंद्र से पानी की आपूर्ति नहीं कर पा रही है. पहले भाजपा और दिल्ली के उपराज्यपाल का कहना था कि पानी की कमी नहीं है, केवल प्रबंधन में समस्या है. अब यह सवाल उठता है कि वे प्रबंधन क्यों नहीं कर पा रहे हैं? उपराज्यपाल को अपनी ही सरकार को पानी के प्रबंधन के बारे में समझाना चाहिए. वर्तमान में दिल्ली में पानी की स्थिति गंभीर है, लोग जगह-जगह मटके फोड़कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर अनजान बनी हुई है. मॉडल टाउन में भी पानी की भारी कमी पूर्व विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी ने बताया कि विधानसभा मॉडल टाउन में पानी की गंभीर कमी है. हाल ही में, स्थानीय लोगों ने मटके फोड़कर अपना विरोध जताया. खिलौना बाग, लाल बाग, राजपुरा गांव और गुरु नानक गली ओल्ड कॉलोनी में पानी की स्थिति अत्यंत खराब है. राणा प्रताप बाग बी ब्लॉक में गंदा पानी आ रहा है, जबकि रूपनगर में भी नागरिकों ने शिकायतें की हैं. दिल्ली के लोग अब यह समझने लगे हैं कि अरविंद केजरीवाल की सरकार ने वेस्ट मैनेजमेंट में सुधार किया था, जबकि भाजपा की सरकार न तो पानी उपलब्ध करा पा रही है, न बिजली, और न ही स्कूलों की फीस में वृद्धि को रोकने में सफल हो रही है. इस चार इंजन वाली सरकार ने हर मोर्चे पर असफलता का सामना किया है.

यमुना नदी के वजीराबाद जलाशय में घटा जलस्तर, दिल्ली में गहराया जल संकट

नई दिल्ली दिल्ली में गर्मी और हीटवेव के बीच पानी का संकट और बढ़ गया है. यमुना नदी के वजीराबाद जलाशय में जलस्तर गिरकर 668.70 फीट रह गया है, जबकि सामान्य स्तर 674.50 फीट होना चाहिए. इससे वजीराबाद और चंद्रावल जल संयंत्रों को कच्चे पानी की सप्लाई में भारी दिक्कत हो रही है. इस कमी के चलते दोनों संयंत्रों में पीने योग्य पानी का उत्पादन करीब 25 से 30 फीसदी तक घट गया है. इसका सीधा असर दिल्ली के कई इलाकों में पानी की आपूर्ति पर पड़ा है. प्रभावित इलाकों में पानी का दबाव कम रहेगा और सप्लाई अनियमित हो सकती है. वजीराबाद संयंत्र से जिन इलाकों में असर पड़ेगा उनमें मजनूं का टीला, आईएसबीटी, जीपीओ, एनडीएमसी क्षेत्र, आईटीओ, एलएनजेपी अस्पताल, डिफेंस कॉलोनी, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, राजघाट, डब्ल्यूएचओ, रामलीला ग्राउंड, दिल्ली गेट, गुलाबी बाग, तिमारपुर, पंजाबी बाग, शालीमार बाग, वज़ीरपुर, मॉडल टाउन, बुराड़ी, साउथ एक्सटेंशन, जीके, कैंट एरिया और दक्षिण दिल्ली के कई इलाके शामिल हैं. दिल्ली के कई इलाकों में भारी पानी की दिक्कत चंद्रावल संयंत्र से प्रभावित होने वाले क्षेत्र हैं सिविल लाइंस, हिंदूराव अस्पताल, कमला नगर, शक्ति नगर, करोल बाग, पहाड़गंज, पटेल नगर, बालजीत नगर, प्रेम नगर और इंदरपुरी. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पानी का दुरुपयोग न करें और हालात सामान्य होने तक जल संरक्षण करें.

दिल्ली में जल्द आएगी नई आबकारी नीति, सामाजिक सुरक्षा को दी जाएगी प्राथमिकता : सीएम रेखा गुप्ता

नई दिल्ली दिल्ली में नई आबकारी नीति जल्द ही लागू होने वाली है. 30 जून तक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति इस नीति का प्रस्ताव मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को प्रस्तुत करेगी. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि नई नीति में सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी, और समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और शांति से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. इसके अलावा, उच्चस्तरीय समिति विभिन्न राज्यों की आबकारी नीतियों का गहन अध्ययन कर रही है. यह समिति विभिन्न राज्यों की आबकारी नीतियों का मूल्यांकन कर रही है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को इस बात की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य राजधानी के निवासियों को उच्च गुणवत्ता वाली शराब उपलब्ध कराना है, साथ ही शराब की बिक्री और वितरण प्रणाली को पारदर्शी, आधुनिक और उत्तरदायी बनाना भी है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जानकारी दी कि दिल्ली की मौजूदा आबकारी नीति 30 जून को समाप्त हो रही है, जिसके मद्देनजर नई नीति का निर्माण किया जा रहा है. इस नई नीति में आबकारी व्यवस्था में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया जा रहा है, जैसे शराब की गुणवत्ता का वैज्ञानिक परीक्षण, बिक्री प्रणाली का डिजिटलीकरण, अवैध बिक्री पर रोक और लाइसेंसिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता. नई शराब नीति के विकास के लिए दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव धर्मेंद्र कुमार की अध्यक्षता में एक समिति कार्यरत है. उल्लेखनीय है कि दिल्ली में चार सरकारी एजेंसियां शराब की दुकानों का संचालन कर रही हैं. सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि पूर्व सरकार की आबकारी नीति भ्रष्टाचार, पक्षपात और जनहित के खिलाफ थी. इस नीति के तहत कुछ विशेष निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया, जिससे राजस्व को नुकसान हुआ. पूर्व सरकार की यह नीति न तो कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करती थी और न ही जनता के हितों को प्राथमिकता देती थी. इसके परिणामस्वरूप, पूर्व मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों को जेल की सजा भी भुगतनी पड़ी. भ्रष्टाचार की नहीं होगी कोई आशंका मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार पिछली गलतियों से सीख लेकर एक नई आबकारी नीति तैयार कर रही है, जिसमें भ्रष्टाचार की कोई संभावना नहीं होगी. उन्होंने यह भी बताया कि अन्य राज्यों की आबकारी नीतियों का अध्ययन करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली में लागू होने वाली नई नीति से किसी को भी नुकसान न पहुंचे.

यमुना के डूब क्षेत्र में अभियान चलाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त, करीब 40 हजार वर्गमीटर जमीन को कब्जा मुक्त कराई गई

नोएडा  प्राधिकरण ने यमुना के डूब क्षेत्र में अभियान चलाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त कराया। इस दौरान करीब 40 हजार वर्गमीटर जमीन को कब्जा मुक्त कराई गई। यहां पांच पक्के निर्माण को ध्वस्त किया गया, साथ ही अवैध प्लाॅटिंग के लिए की गई दीवार को ढहाया गया। इस जमीन की कीमत करीब छह करोड़ रुपये आकी गई है। प्लाॅटिंग कर लोगों को बेची जा रही थी। प्राधिकरण अधिकारी ने बताया कि वर्क सर्किल-10 की टीम शुक्रवार को भूलेख अधिकारी व पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया। अब तक 150 इमारतों पर लिखवाया गया ‘अवैध इमारत’  अभियान में 70 छोटे बड़े कर्मचारी पांच जेसीबी और 2 डंपर का प्रयोग किया गया, जिनकी मदद से अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया। लोग से कहा गया कि वह भूमाफिया के चंगुल में न फंसे। यह जमीन प्राधिकरण की अधिसूचित जमीन है, जिस पर निगरानी का काम नोएडा प्राधिकरण का है। बता दें कि नोएडा प्राधिकरण की ओर से अब करीब 150 इमारतों पर अवैध लिखवाया जा चुका है। इसमें कई रिहायशी इमारत और कामर्शियल इमारत शामिल है, जिनको ध्वस्त किया जाएगा। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया नोएडा में किसी भी तरह का अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। डूब क्षेत्र में जमीन खरीदने और बेचने पर है प्रतिबंध नोएडा में यमुना सेक्टर-94, 124, 125, 127, 128, 131, 133, 134, 135, 168 के अलावा 150 से होकर निकलती है। इसी तरह हरनंदी नदी छिजारसी से प्रवेश करते हुए सेक्टर-63 ए, बहलोलपुर, शहदरा, सुथियाना, गढ़ी चौखंड़ी, सेक्टर-123, 118, 115, 143, 143 ए, 148, 150, मोमनाथल के पास यमुना में मिलती है। यह दोनों ही नदियां नोएडा को चारों तरफ से घेरे हुए हैं और नदियों के किनारे की जमीन को ही डूब क्षेत्र कहते हैं, जहां पर खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध है।

Delhi में 13 00 से ज़्यादा झुग्गियों पर कार्रवाई…कालकाजी में चला बुलडोजर

 नई दिल्ली  कालकाजी में भूमिहीन कैंप में बुधवार की सुबह पूरी तरह उजाला भी नहीं हुआ था कि तभी DDA के बुलडोजर यहां पर बने करीब 1300 से अधिक झुग्गियों को तोड़ने के लिए निकल पड़े। कई लोगों की अभी नींद भी नहीं खुली थी। लेकिन बुलडोजर की आवाज से सब अपने-अपने घर से बाहर निकल गए। कई ऐसे लोग भी थे जो अपना सारा सामान भी नहीं निकाल पाए थे और चंद ही घंटों में 1300 से अधिक झुग्गियां मिट्टी में मिला दी गईं। लोग विरोध करें, इसके लिए पहले से ही भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। दिल्ली पुलिस के अलावा अर्ध सैनिक बल के जवान भी तैनात थे। हालांकि यहां पर कई ऐसे परिवार भी थे जो 80 के दशक से यहां रह रहे थे। बताया जा रहा है कि इन 1300 झुग्गियों में करीब 2300 से अधिक परिवार रहता था। हर झुग्गी कम से कम दो मंजिल की बनी थी। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि करीब 10 हजार से अधिक लोग इन झुग्गियों में रहते थे। हालांकि 1862 परिवार ऐसे भी है जिन्हें दो साल पहले ही कालकाजी एक्सटेंशन, पौकेट A में सरकार की तरफ से बने मकान दे दिए गए थे। लेकिन अभी भी 2300 से अधिक परिवार इन झुग्गियों में रह रहा था। जहां झुग्गियां तोड़ी गई हैं वह लगभग दो एकड़ में बनी थीं। अभी आसपास की कई झुग्गियां ऐसी हैं जो भूमिहीन कैंप के अंदर आती हैं। उसे भी तोड़े जाने का डर है। यहां रहने वाले लोगों ने बताया कि 6 जून को नोटिस आया था कि यहां पर रहने वाले लोग 10 जून तक अपनी-अपनी झुग्गियां खाली कर दें। इसके बावजूद 2300 परिवार यहां से नहीं हटे थे। मकान में बदल चुकी थी झुग्गी भूमिहीन कैंप में हर झुग्गी पक्की थी और कम से कम दो मंजिल की थी। इन मकानों में मकान मालिक के अलावा किराएदार भी रहते थे। यहां रहने वाले ज्यादातर लोग पूर्वी यूपी और बिहार के रहने वाले थे। कोई रेहड़ी-पटरी लगाता था तो कोई ई रिक्शा, ऑटो रिक्शा चलाता था। हालांकि सभी को पता था कि झुग्गी टूटने वाली है। लेकिन इतने सालों से रहने के चलते यहां से जाना नहीं चाहते थे। अभी भी करीब 1300 झुग्गी वालों को दूसरे जगह मकान नहीं मिला था। यही कारण था कि वह यहां से जाना नहीं चाहते थे। सुबह 4:00 बजे ही पहुंच गया था बुलडोजर यहां रहने वालों ने बताया कि भारी सुरक्षा के बीच सुबह 4:00 बजे ही 8 बुलडोजर पहुंच गया था। एक दिन पहले भी भारी संख्या में पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल के जवान तैनात थे। बुधवार सुबह उनकी संख्या और बढ़ा दी गई। सुबह 5:00 बजे से बुलडोजर ने तोड़फोड़ शुरू कर दी और 10:00 बजे तक सभी झुग्गियों को तोड़ दिया गया। बटला हाउस में तोड़फोड़ पर HC का राहत देने से इनकार बटला हाउस इलाके में प्रस्तावित तोड़फोड़ को लेकर आप विधायक अमानतुल्लाह खान द्वारा दायर जनहित याचिका पर कोई राहत देने से दिल्ली हाई कोर्ट ने इनकार कर दिया। इलाके में बुधवार को ही तोड़फोड़ होनी थी। जस्टिस गिरीश कठपालिया और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने कहा कि इस तरह की जनहित याचिका में संरक्षण का सामान्य आदेश पारित करने से व्यक्तिगत वादियों के मामले को जोखिम में डालने की संभावना है। बेंच के रुख को भांपते हुए याचिकाकर्ता के वकील ने जनहित याचिका वापस लेने की इजाजत मांगी। बेंच ने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता के वकील याचिका वापस लेने की अनुमति चाहते हैं ताकि याचिकाकर्ता जो एक जनहितैषी व्यक्ति हैं, बटला हाउस इलाके के स्थानीय निवासियों को तीन कामकाजी दिनों के भीतर उचित मंच पर उचित कार्यवाही शुरू करने के उनके अधिकार के बारे में सूचित करेंगे। इसी के साथ कोर्ट ने याचिका को वापस लिए जाने के आधार पर खारिज कर दिया। बेंच का मानना था कि कुछ पीड़ित लोगों ने कानूनी उपायों का फायदा उठाया है और कुछ को राहत भी मिली है। खान का प्रतिनिधित्व करने वाले सीनियर एडवोकेट सलमान खुर्शीद ने कहा कि विचाराधीन जमीन का डीमार्केशन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप नहीं किया गया था। वहीं डीडीए का प्रतिनिधित्व करने वाली एडवोकेट शोभना टकियार ने तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट के खास निर्देश के कारण जनहित याचिका विचारणीय नहीं है, जिसमें केवल पीड़ितों को उचित कानूनी उपाय अपनाने के लिए कहा गया है।

दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार की वो 3 जबरदस्त स्कीम, जिससे आपको मिलेगा लाखों का फायदा

नई दिल्ली दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद रेखा गुप्ता सरकार ने दिल्ली वासियों के लिए कई योजनाओं पर काम शुरू किया है। विकास को केंद्र में रखते हुए कई अहम योजनाओं की शुरुआत की। सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और महिला सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में नीति निर्माण को लेकर कई ठोस कदम उठाए हैं। दिल्ली की जनता को सीधा लाभ देने के लिए सरकार ने पीएम सूर्य घर योजना, आयुष्मान भारत योजना (दिल्ली टॉप-अप), अपना घर आवास योजना, ई-वाहन सब्सिडी और दिव्यांग सहायक योजना जैसी योजनाओं को लागू किया। इसके जरिये जनता तक सीधा लाभ पहुंचाना शुरू किया गया है। सरकार के इन कदमों का दिल्ली वासियों को मिलने लगा सीधा लाभ 1. पीएम सूर्य घर योजना  पीएम सूर्य घर टाप अप योजना में सोलर पैनल लगवाने वालों को दिल्ली सरकार की ओर से 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली 78 हजार रुपये की सब्सिडी से 30 हजार रुपये की सब्सिडी अतिरिक्त होगी। इस तरह से दिल्ली वासियों को 3 किलोवॉट के सोलर पैनल इंस्टॉलेशन पर कुल 1.08 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी। एक किलोवॉट के पैनल पर 10,000 रुपये की सीधी सब्सिडी निर्धारित की गई है. इन्हें मिलेगा योजना का लाभ योजना के लिए आवेदन करने वाला दिल्ली का निवासी हो और उसके पास एक छत होनी चाहिए। उसके नाम पर एक बिजली का कनेक्शन होना चाहिए। इसके साथ ही पहले से किसी और सोलर सब्सिडी योजना का लाभ न लिया हो। इस तरह करें योजना के लिए आवेदन केंद्र सरकार की सब्सिडी का लाभ लेने के लिए वेबसाइट https://pmsuryaghar.gov.in ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए बिजली बिल और आधार कार्ड की जरूरत होगी। इसके साथ ही दिल्ली सरकार की सब्सिडी का लाभ लेने के लिए वेबसाइट https://solar.delhi.gov.in/ आवेदन करना होगा। जिससे दिल्ली सरकार अतिरिक्त सब्सिडी भी मिल सकेगी। 2. आयुष्मान भारत पीएम-जय योजना  आयुष्मान योजना के तहत दिल्लीवासियों को 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा। दिल्ली सरकार केंद्र के 5 लाख रुपये के अलावा 5 लाख रुपये का अतिरिक्त स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराएगी। इसके साथ ही 70 वर्ष अधिक उम्र के बुजुर्गों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। इन्हें मिलेगा योजना का लाभ पीएम-जेएवाई योजना दो श्रेणियों (शहरी और ग्रामीण लाभार्थी) के लाभार्थियों को कवर करेगी। दिल्ली के 6.54 लाख गरीब परिवारों के करीब 30 लाख सदस्यों, 70 वर्ष से अधिक उम्र के करीब छह लाख बुजुर्गों, आशा वर्कर, आगंनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इसका लाभ मिलेगा इस तरह करें योजना के लिए आवेदन आवेदक PM-JAY (https://pmjay.gov.in) वेबसाइट या मोबाइल एप्लीकेशन पर अपनी पात्रता की जांच कर सकते हैं। फिर ABHA पंजीकरण बटन पर क्लिक करें। पात्र लोगों को अपनी पहचान सत्यापित करने के लिए अपनी जानकारी और दस्तावेज (आधार, पैन, वोटर आईडी) जमा करने होंगे। आवेदन की समीक्षा और स्वीकृति हो जाने के बाद, आवेदकों को उनका आयुष्मान कार्ड मिल जाएगा। ऑफलाइन आवेदन करने के लिए अपने निकटतम CSC पर जाएं। यहां CSC ऑपरेटर आपको आवेदन पत्र भरने के लिए आपके दस्तावेजों को सत्यापित करेगा और आवेदन जमा करेगा। 3. अपना घर आवास योजना दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की अपना घर आवास योजना के तहत फ्लैट खरीद पर 25 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। डीडीए के अनुसार लोकनायकपुरम, सिरसपुर और नरेला में एलआईजी फ्लैटों पर 25 प्रतिशत तक छूट दी जा रही है। नरेला में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी और एचआईजी पर 15 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। लोकनायकपुरम में एमआईजी फ्लैटों पर 15 प्रतिशत तक की छूट उपलब्ध है। वहीं डीडीए ने लोगों को स्कीम को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह भी दी है। डीडीए के अनुसार फ्लैटों की बुकिंग सिर्फ डीडीए की आधिकारिक वेबसाइट से करवाएं। डीडीए फ्लैटों की बुकिंग के नाम पर फर्जीवाड़े की कोशिश हो रही है। कुछ वेबसाइट डीडीए फ्लैट बुकिंग के नाम पर लोगों को ठगने की कोशिश में हैं।

दिल्ली सरकार अब प्राइवेट स्कूलों में फीस वृद्धि पर लगाई गी रोक, अध्यादेश के जरिए पास किया नया बिल

नई दिल्ली  फिलहाल इस बिल को अध्यादेश के तौर पर मंजूरी दे दी गई है। बता दें कि सरकार अब अध्यादेश के जरिये प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ाने पर रोक लगाएगी।  मंगलवार को दिल्ली सरकार की आठवीं बैठक हुई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है। दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस निर्धारण एवं विनियमन में पारदर्शिता) विधेयक, 2025 को कैबिनेट ने पास कर दिया है। अब बिल को उपराज्यपाल और फिर राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। इनके हस्ताक्षर के बाद यह कानून बन जाएगा।  फिलहाल इस बिल को अध्यादेश के तौर पर मंजूरी दे दी गई है। बता दें कि सरकार अब अध्यादेश के जरिये प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ाने पर रोक लगाएगी। यह नियम 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा। इस फैसले से दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता के लिए राहत मिलेगी।  

दिल्ली-एनसीआर, यूपी, राजस्थान, हरियाणा, बिहार, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में लू जैसे हालात: मौसम विभाग

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर, यूपी समेत देश के कई राज्यों में अप्रैल और मई में गर्मी से बड़ी राहत थी। यही नहीं मई की कूलिंग ने तो इस बार दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। लेकिन अब जून में सारा सुकून छीन गया है और प्रचंड गर्मी पड़ रही है। दिल्ली-एनसीआर, यूपी, राजस्थान, हरियाणा, बिहार, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में लू जैसे हालात हैं। मई के तीसरे सप्ताह में ही अच्छी बारिश से मौसम कूल हो गया था, लेकिन अब मॉनसून आने में फिलहाल देर है और उससे पहले प्रचंड गर्मी से लोग परेशान हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस सप्ताह के अंत तक भीषण गर्मी बनी रहेगी और लू भी चलेगी। पश्चिमोत्तर और मध्य भारत में फिलहाल प्रचंड गर्मी बनी रहेगी, जबकि दक्षिण भारत में मॉनसून सक्रिय रहने की संभावना है। 12 से 15 जून के दौरान कर्नाटक में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा 13 से 15 जून के दौरान कोंकण और गोवा में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। अगले 4 से 5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में लू की संभावना है। 13 से 15 जून के दौरान हिमाचल प्रदेश,हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश हो सकती है। इसके अलावा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि यह बारिश इतनी छिटपुट होगी कि इससे तापमान में कोई खास असर नहीं होगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 5 दिनों में उत्तर पश्चिम भारत यानी यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में तापमान में गिरावट की संभावना कम ही है। इसका अर्थ हुआ कि तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। यही नहीं बुधवार को लेकर तो अनुमान है कि तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि सप्ताहांत के बाद तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है। इसी तरह से अगले दो से तीन दिन यानी गुरुवार तक पूर्वी भारत के राज्यों में भी तापमान में गिरावट नहीं होगी। इसके बाद अगले कुछ दिनों में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की कमी धीरे-धीरे आएगी।  

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