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बिना काम के कमाए करोड़ों! भारतीय मूल के शख्स की चालाकी से अमेरिकी कंपनी को लगा बड़ा झटका

नई दिल्ली फर्जीवाड़े के कई मामले आपने सुने होंगे, लेकिन यह मामला सुनकर आपकी आंखें भी चौंधिया जाएंगी कि ऐसा भी संभव है। अमेरिका में भारतीय मूल के करण गुप्ता (47 वर्ष) को अपने ‘जीवन भर के दोस्त’ को नौकरी पर रखकर कंपनी से 12 लाख डॉलर (लगभग 10 करोड़ रुपये से अधिक) की ठगी करने के आरोप में दोषी ठहराया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग ( DOJ) और मिनेसोटा जिले के अटॉर्नी कार्यालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, करण गुप्ता पर वायर फ्रॉड की साजिश, 10 काउंट्स में वायर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश के आरोप सिद्ध हुए हैं। बताया गया कि करण गुप्ता यूनाइटेडहेल्थ ग्रुप की सहायक कंपनी ऑप्टम में सीनियर डायरेक्टर ऑफ डेटा एनालिटिक्स के पद पर कार्यरत थे। डीओजे के अनुसार, 2015 में गुप्ता ने अपने अयोग्य दोस्त को एक फर्जी रिज्यूमे देकर ऑप्टम में डेटा इंजीनियरिंग या संबंधित उच्च पद पर नियुक्त करवा दिया। गुप्ता खुद उसके सुपरवाइजर बन गए। इसके बाद करीब चार साल तक उस दोस्त ने कंपनी के लिए बिल्कुल कोई काम नहीं किया। न कोई मीटिंग, न ईमेल, और कई हफ्तों तक वह अपने ऑफिशियल कंप्यूटर में भी लॉग इन नहीं करता था। फिर भी उसे 1 लाख डॉलर से ज्यादा का सालाना वेतन मिलता रहा, जो बोनस और बढ़ोतरी के साथ और बढ़ता गया। बताया गया कि करण गुप्ता खुद अपने करियर के चरम पर ऑप्टम से 2.6 लाख डॉलर से अधिक सालाना कमाते थे। दोस्त ने अपनी सैलरी का आधे से ज्यादा हिस्सा गुप्ता को रिश्वत (Kickback) के रूप में दिया। रिश्वत की रकम ट्रांसफर करने के लिए शुरुआत में दोस्त न्यू जर्सी में रहते हुए अपने बैंक से कैश निकालता और गुप्ता के न्यू जर्सी बैंक खाते में जमा करता, ताकि गुप्ता कैलिफोर्निया से उस तक पहुंच सके। बाद में दोस्त ने नया चेकिंग अकाउंट खोला, उसे ऑप्टम के डायरेक्ट डिपॉजिट के लिए लिंक किया और गुप्ता को डेबिट कार्ड भेज दिया। गुप्ता कैलिफोर्निया के एटीएम से इस रकम को नकद निकाल लेता था। कैसे हुआ खुलासा यह मामला तब सामने आया जब 2019 में गुप्ता को किसी अन्य धोखाधड़ी के मामले में ऑप्टम ने बर्खास्त कर दिया। कंपनी की जांच में यह ‘घोस्ट एम्प्लॉयी’ स्कीम सामने आई और मामला संघीय एजेंसियों को सौंप दिया गया। एफबीआई के मिनियापोलिस फील्ड ऑफिस के कार्यवाहक विशेष एजेंट रिक इवानचेक ने कहा कि गुप्ता ने अपने भरोसे के पद का दुरुपयोग कर एक फर्जी कर्मचारी की नियुक्ति की और अमेरिका की सबसे बड़ी हेल्थकेयर प्रदाता कंपनी से सैकड़ों हजारों डॉलर की ठगी की।  

भूख के खिलाफ दिल्ली की पहल, 24 अटल कैंटीनों से हर जरूरतमंद तक पहुंचेगा खाना

नई दिल्ली दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को राजधानी में 24 नई ‘अटल कैंटीनों’ की शुरुआत की। कृष्णा नगर की नर्सरी बस्ती से डिजिटल तरीके से इन कैंटीनों का उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में अटल कैंटीनों की कुल संख्या बढ़कर 70 हो गई। सरकार ने जल्द ही इनकी संख्या बढ़ाकर 100 करने का लक्ष्य रखा है उद्घाटन के बाद उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य अतिथियों ने कैंटीन में बैठकर आम लोगों के साथ खाना भी खाया। इस अवसर पर उपराज्यपाल ने कहा कि यह योजना गरीबों और जरूरतमंदों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। उधर सीएम ने इस मौके पर कहा कि यह योजना इसी सोच से प्रेरित है कि दिल्ली में रहने वाला कोई भी शख्स भूखा न सोए। घर लौटकर खाना बनाने के तनाव से मिलेगी मुक्ति कृष्णा नगर में अटल कैंटीन का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि यह पहल गरीबों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। साथ ही अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा, ‘आज अटल कैंटीन का उद्घाटन हम सबको संतुष्टि देने वाला है। यह हर उस मजदूर, श्रमिक, जरूरतमंद, गरीब, बेसहार भाई-बहन के काम आने वाली रसोई है, जहां उसे भरपेट खाना मिलता है। आपने कितनी ही बार देखा होगा कि परिवार गांव में रहता है, और शहर में घर पर कोई खाना बनाने वाला नहीं रहता, मजदूर भाई अपनी ड्यूटी करके आता है, आकर घर में चूल्हा जलाकर अपने लिए खाना बनाता है। क्योंकि अगर बाजार में जाए तो वही थाली उसे 100 रुपए या 150 रुपए में मिलती है, आज मात्र 5 रुपए में उसे खाना मिलना उसके सम्मान को बचाकर रखने जैसा है। साफ-सुथरा पौष्टिक भोजन हम सब दिल्लीवासियों की सेवा में दे रहे हैं, जिनको इसकी जरूरत है।’ सीएम ने बताया थाली में है क्या-क्या? मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि कैंटीनों में दाल, चावल, रोटी और सब्जी जैसे संतुलित भोजन परोसे जा रहे हैं। व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु रखने के लिए डिजिटल टोकन सिस्टम और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है। भोजन स्टील की थाली में दिया जाता है और बिलिंग पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड है। समाज की भागीदारी बढ़ाने के लिए अटल कैंटीन का कॉर्पस फंड बनाने का सुझाव भी दिया गया है ताकि समाजसेवी विशेष अवसरों पर भोजन प्रायोजित कर सकें। LG बोले- हर थाली पर इतनी सब्सिडी दे रही सरकार वहीं उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इस अवसर पर कहा कि दिल्ली सरकार हर थाली पर 25 रुपए की सब्सिडी दे रही है, ताकि जरूरतमंद लोगों को सम्मान के साथ खाना मिल सके। कैंटीनों में खाने की गुणवत्ता पर नियमित नजर रखी जाती है और साफ-सफाई व पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनकी टीम को इस पहल के लिए बधाई दी और कहा कि इस योजना को आगे भी इसी तरह सफलतापूर्वक चलाया जाना चाहिए। सीएम ने की इस विभाग के अधिकारियों की तारीफ सीएम गुप्ता ने कम समय में अटल कैंटीन योजना को पूरा करने के लिए दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) के अधिकारियों की तारीफ की और कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि अटल कैंटीन का उद्देश्य दिल्ली भर में शहरी गरीबों, दिहाड़ी मजदूरों और जरूरतमंद लोगों को किफायती भोजन उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल सुनिश्चित करेगी कि कोई भी भूखा न सोए। हर दिन 1 लाख लोगों को सस्ता भोजन देने की व्यवस्था बता दें कि राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी के श्रमिकों, गरीबों और अन्य जरूरतमंद निवासियों को किफायती और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। सरकार ने इस योजना के संचालन और प्रबंधन के लिए 104.24 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। प्रत्येक अटल कैंटीन में हर दिन लगभग 1,000 लोगों को भोजन परोसा जाएगा, जिससे पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हर दिन 1,00,000 से ज्यादा लोगों को फायदा होगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री व उपराज्यपाल के अलावा केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद और भाजपा विधायक अनिल गोयल भी उपस्थित थे।

यमुना का पानी संदिग्ध: रिपोर्ट में सामने आए 13 माइक्रोप्लास्टिक प्रकार, स्वास्थ्य पर चिंता

नई दिल्ली  जिसे आप पानी समझकर पी रहे हैं वह पानी नहीं प्लास्टिक है.हाल ही में आई द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (TERI) की एक रिसर्च काफी डराने वाली है. टेरी की ओर से एक साल तक किए गए वैज्ञानिक अध्ययन में दिल्ली से गुजरने वाली यमुना नदी, नलों से आने वाले भूजल, शहर के खुले नालों और बाढ़ क्षेत्र की मिट्टी में बड़ी मात्रा में माइक्रोप्लास्टिक के कण मिले हैं. टेरी की स्टडी ऑन माइक्रोप्लास्टिक्स इन रिवर यमुना एंड ग्राउंडवॉटर इन दिल्ली (2024–25) बताती है कि शोधकर्ताओं ने दिल्ली के सभी 11 जिलों की विभिन्न जगहों से 88 नमूने लिए थे और उनकी जांच की थी, जिनमें से हर सैंपल में माइक्रोप्लास्टिक की मात्रा काफी ज्यादा मिली है. इस स्टडी को दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग ने करवाया था. जिसके परिणाम काफी डराने वाले आए हैं. खबर के मुताबिक टेरी की ये रिपोर्ट पिछले साल के अंत में दिल्ली सरकार को सौंप दी गई थी. रिपोर्ट बताती है कि मौसम के अनुसार यमुना जल सहित बाकी जल स्त्रोतों में प्रदूषण का स्तर बदलता रहता है. जहां बारिश यानि मानसून से पहले यमुना नदी के पानी में बहाव और जल की आपूर्ति बढ़ने के कारण माइक्रोप्लास्टिक की मात्रा ज्यादा देखी गई और मॉनसून के बाद यह कम हो जाती है क्योंकि यह गंदगी और प्लास्टिक आसपास की मिट्टी में फैल जाती है. माइक्रोप्लास्टिक क्या होती है? माइक्रोप्लास्टिक 5 मिलीमीटर से छोटे प्लास्टिक के कण होते हैं जो पानी में मिले रहते हैं और दिखाई भी नहीं देते लेकिन अगर इस पानी को पीया जाता है तो यह कण अपने साथ जहरीले रसायनों को चिपका कर शरीर के अंदर ले जाते हैं और भारी नुकसान पहुंचाते हैं. माइक्रोप्लास्टिक की मात्रा शरीर में पहुंचने के चलते काफी सारी गंभीर बीमारियां सामने आ सकती हैं. जांच में पाया गया कि करीब 95 फीसदी कण माइक्रोफाइबर (बहुत छोटे रेशे) थे. इससे अंदाजा लगाया गया कि घरों से निकलने वाला कपड़े धोने का पानी और कपड़ा उद्योग से निकलने वाला कचरा भी इस प्रदूषण का बड़ा कारण हो सकता है. सबसे खास बात है कि इस परीक्षण में पानी के अंदर 13 तरह के प्लास्टिक कण पाए गए, जिससे पता चलता है कि ये कण घरों के कचरे, फैक्ट्रियों के गंदे पानी और पैकेजिंग सामग्री जैसे कई स्रोतों से आकर मिल रहे हैं. मौसम के अनुसार बदला स्तर स्टडी कहती है कि मॉनसून में यानि मई–जून 2024 में यमुना के पानी में औसतन 6,375 माइक्रोप्लास्टिक कण प्रति घन मीटर मिले. जबकि दिसंबर 2024 से जनवरी 2025 (मानसून के बाद) यह घटकर 3,080 कण प्रति घन मीटर रह गए. यानी लगभग 50 फीसदी की कमी देखी गई. शोधकर्ताओं का कहना है कि यह कमी प्लास्टिक कम बनने से नहीं, बल्कि बारिश के कारण पानी बढ़ने से कण बह जाने और पतले पड़ने (डायल्यूशन) की वजह से हुई. मानसून के दौरान तेज बहाव कणों को नीचे की ओर बहा देता है, लेकिन सबसे बड़ी बात है कि नदी किनारे की मिट्टी में माइक्रोप्लास्टिक की मात्रा चार गुना से ज्यादा बढ़ गई. मानसून से पहले औसतन 24.5 कण प्रति किलो मिट्टी थे, जो बाद में बढ़कर 104.45 कण प्रति किलो हो गए.

शर्मनाक वारदात: पत्नी की निजता से खिलवाड़, पति ने खुद ही वीडियो कर दिया वायरल

नई दिल्ली डिजिटल दौर में फेम और व्यूज की भूख इंसान को किस हद तक गिरा सकती है इसकी एक भयावह मिसाल मध्य प्रदेश के रीवा से सामने आई है। यहां एक शख्स ने अपनी ही पत्नी की अस्मत को इंटरनेट पर नीलाम कर दिया। आरोपी ने अपनी पत्नी का 13 मिनट 14 सेकेंड का निजी वीडियो एक पोर्न साइट पर अपलोड कर दिया ताकि वह ऑनलाइन स्टार बन सके। भरोसे का कत्ल: पोर्न स्टार बनने की थी चाह पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ है वह किसी के भी रोंगटे खड़े कर देने वाला है। आरोपी पति लंबे समय से अश्लील साइट्स देखने का आदी था और खुद को पोर्न इंडस्ट्री का स्टार समझने लगा था। इसी सनक में उसने पत्नी के साथ निजी पलों का वीडियो रिकॉर्ड किया। जब पत्नी ने वीडियो वायरल होने पर विरोध किया तो पति ने बिना किसी पछतावे के कहा कि उसने यह सब जानबूझकर किया है ताकि लोग उसे पहचानें और वह पॉपुलर हो जाए। दहेज विवाद और बदले की साजिश पीड़िता के परिवार का आरोप है कि इस घिनौनी करतूत के पीछे सिर्फ सनक नहीं बल्कि दहेज का लालच भी था। 10 मई को हुई शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष 3 लाख रुपये की मांग कर रहा था। 1 लाख रुपये बकाया होने के कारण आरोपी अक्सर विवाद करता था। आरोप है कि दहेज की रकम न मिलने पर उसने अपनी पत्नी से बदला लेने के लिए उसका वीडियो सार्वजनिक कर दिया और उसे कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा।   सोशल मीडिया पर आक्रोश: यह इंसान नहीं, दरिंदा है वीडियो वायरल होने के बाद जब रिश्तेदारों और गांव वालों तक यह बात पहुंची तो सोशल मीडिया पर गुस्से की लहर दौड़ गई। यूजर्स ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उसने मेरी जिंदगी तबाह कर दी। वह वीडियो मेरे परिचितों को भी भेजता रहा। यूजर्स की प्रतिक्रिया: लोग इसे सिर्फ साइबर क्राइम नहीं बल्कि एक महिला की गरिमा की हत्या मान रहे हैं। मुंबई फरार हुआ आरोपी, पुलिस की दबिश जारी रीवा के समान थाना क्षेत्र में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर ली है। पता चला है कि वह मुंबई फरार हो गया है। सीएसपी राजीव पाठक के मुताबिक पुलिस की एक टीम मुंबई भेजी जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने इस मामले में आईटी एक्ट और दुष्कर्म व धमकी की धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।  

नाम मिला Yuvraj Singh से, पहचान खुद बनाई: युवराज सामरा ने टी20 वर्ल्ड कप में रचा इतिहास

नई दिल्ली युवराज सामरा चर्चा में हैं। कनाडा का ये क्रिकेटर मंगलवार को न्यूजीलैंड के गेंदबाजों की नाक में दम कर दिया। टी20 विश्व कप में सबसे कम उम्र में शतक जड़कर इतिहास रच दिया। कनाडा मैच नहीं जीत पाया लेकिन युवराज ने लाखों क्रिकेटप्रेमियों का दिल जीत लिया। उनके पिता ने भारत के दिग्गज क्रिकेटर युवराज सिंह के नाम पर उनका नाम रखा था। उस समय उन्हें क्या पता कि एक दिन उनका बेटा भी क्रिकेट के सबसे बड़े मंच में से एक टी20 विश्व कप में नाम करेगा। बल्ले का ऐसा जौहर दिखाएगा कि गेंदबाजों की शामत आ जाएगी। टी20 विश्व कप के इतिहास में सबसे कम उम्र में शतक न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए कनाडा की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 173 रन का स्कोर खड़ा किया। ओपनर युवराज सामरा ने सिर्फ 65 गेंदों में 110 रनों की पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 11 चौके और 6 छक्के जड़े। इसके साथ ही युवराज ने टी20 विश्व कप के इतिहास में सबसे कम उम्र में शतक जड़ने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने ये शतक 19 वर्ष और 141 दिन की उम्र में पूरा किया। युवराज सामरा ने कप्तान दिलप्रीत बाजवा के साथ पहले विकेट के लिए 116 रन की शानदार साझेदारी निभाई। बाजवा ने 36 गेंदों में 39 रन बनाए। युवराज सामरा के शतक पर भारी पड़ी ग्लेन फिलिप्स की पारी जवाब में न्यूजीलैंड ने प्लेयर ऑफ द मैच ग्लेन फिलिप्स की 36 गेंदों में खेली गई 76 रनों की नाबाद तूफानी पारी की बदौलत 29 गेंद बाकी रहते ही 8 विकेट से मैच जीत लिया। युवराज सिंह के नाम पर पिता ने रखा नाम युवराज सामरा का पूरा नाम युवराज सिंह सामरा है। उनके पिता बलजीत सिंह भारत से जाकर कनाडा में बस गए थे। युवराज का वही पर जन्म हुआ और उनके पिता ने उनका नाम दिग्गज ऑलराउंडर और भारत की विश्व विजयी टीम के हीरो युवराज सिंह के नाम पर रखा था। सिर्फ 15 गेंद में फिफ्टी भी जड़ चुके हैं युवराज सामरा युवराज सामरा ने पिछले साल जून में बहामास के खिलाफ महज 15 गेंदों में अर्धशतक जड़ा था। टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड भारत के युवराज सिंह के नाम है। उन्होंने सिर्फ 12 गेंद में अर्धशतक जड़ा था। युवराज सामरा ने भी अपनी उस पारी से टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज अर्धशतक बनाने वाले कनाडाई बल्लेबाज का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उस मैच में कनाडा को जीत के लिए सिर्फ 53 रन चाहिए थे और सामरा ने फिफ्टी जड़ दी थी। युवराज सामरा के अब तक के करियर की बात करें तो उन्होंने 8 ओडीआई खेले हैं। इसमें उनके नाम 24.57 की औसत से 172 रन है। ओडीआई में उनका सर्वोच्च स्कोर 53 रन है। युवराज सामरा ने अब तक 19 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इन मैचों में उन्होंने 37.93 की शानदार औसत से 569 रन बनाए हैं। टी20 इंटरनेशनल में उनके नाम 3 अर्धशतक और 1 शतक दर्ज हैं। सामरा युवराज सिंह की तरह गेंदबाजी भी करते हैं। वह राइट ऑर्म मीडियम फास्ट बोलर हैं। टी20 इंटरनेशनल में उनके नाम 2 विकेट भी दर्ज हैं।

फैक्टरी में विस्फोट से हड़कंप: फरीदाबाद में केमिकल ड्रम फटने से 30+ मजदूर झुलसे

फरीदाबाद हरियाणा के फरीदाबाद स्थित मुजेसर इलाके में एक निजी कंपनी में सोमवार शाम को हुए एक भीषण हादसे में 30 से अधिक कर्मचारी झुलस गए। कंपनी में मेटल शीट कटिंग का काम होता है, जिसके लिए सीएनसी मशीनें लगी हैं। शाम के समय जब कर्मचारी काम कर रहे थे, तभी वहां रखे एक केमिकल ड्रम में अचानक धमाका हो गया। इसके बाद एक के बाद एक कई ड्रम फटते चले गए, जिससे आग लग गई और कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम को कंपनी में कर्मचारी अपना काम कर रहे थे। इसी दौरान, अचानक एक ड्रम में विस्फोट हुआ। इस विस्फोट ने आस-पास रखे अन्य ड्रमों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे कई और ड्रम फट गए। इस धमाके और आग की चपेट में आकर 30 से अधिक कर्मचारी झुलस गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। बचाव कार्य शुरू कर दिया गया और घायलों को तत्काल सिविल अस्पताल और आसपास के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि आखिर किस कारण से यह धमाका हुआ। जांच और सुरक्षा पर सवाल यह घटना औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जिस तरह से एक के बाद एक कई ड्रम फटे, उससे लगता है कि कंपनी में सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी खामियां थीं। मेटल शीट कटिंग के काम में इस्तेमाल होने वाले रसायनों के भंडारण और उनकी सुरक्षा को लेकर बरती गई लापरवाही इस हादसे का कारण हो सकती है। दिए गए जांच के आदेश प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। कंपनी प्रबंधन से भी जवाब मांगा गया है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे और सभी औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा जांच की जाएगी। घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए गए हैं। दमकल और पुलिस कर्मी भी आए चपेट में घटना स्थल पर करीब 20 एम्बुलेंस पहुंची हैं। एक एम्बुलेंस चालक रवि ने बताया कि इसमें पुलिस कर्मचारी व दमकल विभाग के कर्मचारी भी जख्मी हुए हैं। सभी का बीके अस्पताल में उपचार चल रहा है। इनमें से कई गंभीर घायल हैं। मजदूर ही नहीं अन्य लोग भी आए चपेट में घायल विपिन ने बताया कि वह धमाके वाली जगह से 500 मीटर दूर सड़क पर थे, उनके साथ अन्य राहगीर लोग भी इसकी चपेट में आए हैं। कंपनी के आसपास खुली दुकान संचालक भी इसकी चपेट में आ गए हैं।  

AI के दिग्गज दिल्ली समिट में, एंथ्रोपिक CEO समेत प्रमुख शख्सियतों की गेस्ट लिस्ट और एजेंडा जारी

  नई दिल्ली  नई दिल्ली में आज आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को लेकर एक बड़ा इवेंट होने जा रहा है. इस इवेंट का नाम AI Impact Summit है. ये इवेंट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितना महत्वपूर्ण है, उसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि इसमें करीब करीब 7 देशों के राष्ट्रपति, 9 देशों के प्रधानमंत्री, दुनियाभर की बड़ी AI टेक कंपनियों के CEO शामिल होने जा रहे हैं. इसमे एंथ्रॉपिक के सीईओ डारियो अमोडेई भी शामिल होंगे.  एंथ्रॉपिक के सीईओ डारियो अमोडेई के नाम आधुनिक AI सिस्टम के डेवलपमेंट और कंट्रोल के तरीके को चुपचाप प्रभावित किया है, जिसकी वजह से उन्होंने चर्चाएं बटौरी थी.  AI Impact Summit को लेकर नई दिल्ली में बड़े स्तर पर तैयारी और सिक्योरिटी के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. ग्लोबल लीडर्स और वीवीआईपी की सिक्योरिटी के लिए नई दिल्ली के कई रूट्स को डायवर्ड भी किया गया है.  AI Impact Summit के तहत किन मुद्दों पर चर्चा होगी  AI Impact Summit के दौरान का आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के बढ़ते प्रभाव के बीच में कई सवाल उठ रहे हैं. AI की वजह से नौकरियों से लेकर सिक्योरिटी तक का सवाल मौजूद है. साथ ही इस दौरान चर्चा होगी कि बड़े-बड़े डेटा सेंटर की वजह से पर्यावरण पर क्या असर पड़ेगा.  AI Impact Summit के मुख्य स्पीकर      नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री, भारत       इमैनुएल मैक्रों, राष्ट्रपति, फ्रांस     सुंदर पिचाई, CEO, गूगल     मुकेश अंबानी, चेयरमैन एवं MD, रिलायंस इंडस्ट्रीज     सैम ऑल्टमैन, CEO, ओपनएआई     शांतनु नारायण, CEO, एडोबी     क्रिस्टियानो एमोन, CEO, क्वालकॉम     डारियो अमोडेई, CEO, एंथ्रॉपिक     डेमिस हासाबिस, CEO, गूगल डीपमाइंड     आर्थर मेंश, CEO, मिस्ट्रल AI     अलेक्जेंडर वांग, चीफ AI ऑफिसर, मेटा     प्रत्युष कुमार और विवेक राघवन, सह-संस्थापक, सर्वम AI     विशाल सिक्का, संस्थापक एवं CEO, वियानाई सोमवार का सेशन  16 फरवरी की शुरुआत का सेशन ‘AI के दौर में रोजगार का भविष्य’ होगा. इस सेशन के स्पीकर देश के जाने-माने शख्स हैं. इसमें भारत सरकार में मुक्य आर्थिक सलाहकार वी अनंथा नागेश्वरन, इफोएज के संजीव भिकचंदानी शामिल हैं. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसन से अनुराग मैरान और AI4India के शशि शेखर वंपति है. AI युग में रोजगार का भविष्य, जो 19 फरवरी (सुबह 9:30 – 10:30) को होगा. इसमें बतौर स्पीकर वी. अनंथा नागेश्वरन, संजीव बिखचंदानी, अनुराग मैराल, शशि शेखर वेंपती जैसे लोग सामिल होंगे.  फायरसाइड चैट का सेशन 19 फरवरी (12:04 – 12:24 बजे) होगा, जिसको एंथ्रॉपिक के सीईओ डारियो अमोडेई शामिल होंगे.  आर्थिक विकास और सामाजिक भलाई के लिए AI का सेशन 20 फरवरी (सुबह 9:30 – 10:30 बजे) होगा.   AI Impact Summit में क्या खास होगा?  AI Impact Summit में काफी कुछ खास होने वाला है. इसमें 500 से ज्यादा AI स्टार्टअप हिस्सा लेंगे. 500 से ज्यादा सेशन आयोजित होंगे. यहां AI के फायदे और उनके नुकसान को कैसे कम किया जाएगा, उसको लेकर चर्चा और डेमो दिखाया जाएगा. 

यूजीसी विवाद: यूट्यूबर मेघा का बयान, ‘रुचि के समर्थन में आवाज उठाई, किसी संगठन से नहीं जुड़ी’

नई दिल्ली डीयू में हुए विवादित घटनाक्रम के बाद वायरल वीडियो को लेकर यूट्यूबर मेघा ने अपना पक्ष रखा है। मेघा ने कहा कि उन्होंने ‘ब्रह्मणवाद जिंदाबाद’ का नारा अपनी पत्रकार मित्र रुचि तिवारी के समर्थन में लगाया था, जिसे निशाना बनाया गया। मेघा ने स्पष्ट किया कि उनका किसी छात्र संगठन से कोई संबंध नहीं है और उन्होंने जातियों से ऊपर उठकर हिंदू एकता बनाए रखने की अपील की। मेघा के अनुसार पूरा मामला तब शुरू हुआ जब पेशे से पत्रकार उनकी मित्र रुचि तिवारी डीयू इलाके में मौजूद थीं। उसी दौरान जेएनयू के कुछ छात्र वहां यूजीसी के समर्थन में प्रदर्शन करने पहुंचे। मेघा ने कहा कि प्रदर्शन करना किसी का अधिकार है, लेकिन आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उनकी मित्र से उनका सरनेम, जाति और गोत्र पूछे और ब्राह्मण होने के कारण उन्हें निशाना बनाया। मेघा का दावा है कि उनकी मित्र के साथ सड़क पर बदसलूकी की गई, जिसके बाद वे लोग मॉरिस नगर थाने पहुंचे। पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया, लेकिन मेघा का कहना है कि सभी जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान उनके समूह पर भी दबाव बनाया गया और उन्हें किनारे करने की कोशिश की गई। मेघा ने कहा कि इसी स्थिति में उन्होंने ब्राह्मण समुदाय के समर्थन में नारे लगाए। उन्होंने बताया कि वे स्वयं ब्राह्मण नहीं हैं, लेकिन किसी भी समुदाय के साथ अन्याय होने पर उसके समर्थन में खड़े होना जरूरी है। मेघा ने लोगों से जाति के आधार पर विभाजन से बचने और धर्म के आधार पर एकजुट रहने की अपील की। मेघा ने अपने बयान में एबीवीपी और डीयू से किसी भी प्रकार के संबंध से इनकार किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनके खिलाफ यह प्रचार कर रहे हैं कि वे एबीवीपी से जुड़ी हैं या डीयू की छात्रा हैं, जबकि वे एक स्वतंत्र रिपोर्टर हैं और चाहें तो अपना प्रेस कार्ड दिखा सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आइसा के कुछ नेताओं द्वारा उनके खिलाफ गलत जानकारी फैलाई जा रही है। मेघा ने आरोप लगाया कि देश में जातियों के आधार पर समाज को बांटने का एक बड़ा एजेंडा चल रहा है। पिछले वर्षों में जो हिंदू एकता बनी थी, उसे तोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने ब्राह्मण, क्षत्रिय, शूद्र और वैश्य को ‘चार भाई’ बताते हुए एकजुट रहने का आह्वान किया। मेघा ने जेएनयू की विचारधारा पर भी तीखी टिप्पणी की और कहा कि कुछ नारे और गतिविधियां देशविरोधी मानसिकता को दर्शाती हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसी सोच देश के लिए हानिकारक है और समाज में विभाजन पैदा करती है। यूजीसी से जुड़े मुद्दे पर बोलते हुए मेघा ने कहा कि यदि नई व्यवस्था लागू होती है तो जातिवाद बढ़ सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि सामाजिक विभाजन बढ़ने से समाज कमजोर होगा और बाहरी चुनौतियां मजबूत होंगी। मेघा ने सरकार से अन्य मुद्दों, जैसे जनसंख्या नियंत्रण, एंटी-कन्वर्जन कानून और अन्य नीतिगत मामलों पर भी ध्यान देने की बात कही। मेघा ने कहा कि लोगों को जाति के आधार पर नहीं, बल्कि एक बड़े सामाजिक और सांस्कृतिक ढांचे के रूप में एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि उनका उद्देश्य किसी संगठन का समर्थन करना नहीं, बल्कि अपने मित्र के समर्थन में खड़ा होना और समाज में एकता का संदेश देना था।

दिल्ली के रोहिणी में सनसनी: पकड़कर रखा और चाकू से किया वार, टोपी विवाद में हुई निर्मम हत्या

नई दिल्ली मुख्य आरोपी ने इस दौरान दूसरे लड़के से कहा कि वह पीड़ित को पकड़कर रखने के लिए कहा और चाकू से गोद दिया। इस दौरान आरोपियों ने पीड़ित को धमकाया कि वह इसबारे में अपने परिवारवालों को कुछ न बताए। उत्तर-पश्चिम दिल्ली के रोहिणी इलाके में टोपी को लेकर हुए झगड़े के दौरान एक लड़के को कथित तौर पर चाकू मारा दिया गया। अस्पताल में ईलाज के दौरान दो दिन बाह ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है जबकि मुख्य आरोपी परिवार संग फरार है। आरोपियों ने पीड़ित को धमकाया था कि वह अपने ऊपर हमले के बारे में किसी को न बताए। दरअसल मामला 11 फरवरी का जब तीनों छत पर बैठे थे। इस दौरान एक लड़के ने पीड़ित की टोपी छीन ली और साथ ही उसे वापस करने से भी इनकार किया जिससे बहस शुरू हो गई। इस दौरान बहस ने हिंसक रूप ले लिया। मुख्य आरोपी ने इस दौरान दूसरे लड़के से कहा कि वह पीड़ित को पकड़कर रखने के लिए कहा और चाकू से गोद दिया। इस दौरान आरोपियों ने पीड़ित को धमकाया कि वह इसबारे में अपने परिवारवालों को कुछ न बताए और यह कहे कि लोहे की रॉड पर गिरने से उसे चोट लगी है। उन्होंने उसे इलाज कराने का आश्वासन भी दिया। डर के मारे पीड़ित ने शुरू में अपने परिवार से यही झूठ बोला। पीड़ित और मुख्य आरोपी परिवार संग विजय विहार में एक ही बिल्डिंग में रहते हैं। पीड़ित को धमकाया था कि वह अपने ऊपर हमले के बारे में किसी को न बताए। पोस्टमार्टम में ऐसे खुली पोल पुलिस के मुताबिक पीड़ित बेहद डर गया था। यह मामला तब सामने आया जब घायल लड़के को 11 फरवरी को बीएसए अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुरुआत में उसने डॉक्टरों को बताया कि वह अपने घर की छत से लोहे की रॉड पर गिर गया था। इसके बाद 13 जनवरी को ईलाज के दौरान पीड़ित ने दम तोड़ दिया। 14 फरवरी को पोस्टमार्टम किया गया तो सामने आया कि घाव किसी धारदार हथियार से किया गया है। मुख्य आरोपी अब भी फरार हत्या की आशंका होने पर विजय विहार थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ लिया तो मुख्य आरोपी अब भी फरार है जिसकी तलाश जारी है। क्राइम और फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर सबूत इकट्ठा कर लिए हैं और मामले की आगे की जांच जारी है।  

डराने की हद पार: रुचि तिवारी को रेप और नग्न परेड की धमकी, जातिगत हमले का आरोप

नई दिल्ली दिल्ली यूनिवर्सिटी में यूजीसी के सपोर्ट में हुए प्रोटेस्ट के दौरान एक यूट्यूब चैनल की महिला पत्रकार को भीड़ द्वारा घेरकर कथित तौर पर मारपीट और बदसलूकी करने का मामला सामने आया है। इस बीच, पीड़ित महिला पत्रकार रुचि तिवारी ने आज मीडिया से बात करते हुए आपबीती सुनाई।   दिल्ली यूनिवर्सिटी में यूजीसी के सपोर्ट में हुए प्रोटेस्ट के दौरान यूट्यूब चैनल की एक महिला पत्रकार को भीड़ द्वारा घेरकर कथित तौर पर मारपीट और बदसलूकी करने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर इस घटना के कुछ वीडियो भी अब वायरल रहे हैं। हालांकि, लाइव हिन्दुस्तान इस पूरी घटना की पुष्टि नहीं कर करता। इस बीच, पीड़ित महिला पत्रकार रुचि तिवारी ने आज मीडिया से बात करते हुए आपबीती सुनाई। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण होने के चलते मुझ पर हमला हुआ। उन्होंने पुलिस पर चुपचाप खड़े होकर सबकुछ देखते रहने का भी आरोप लगाया है। पत्रकार रुचि तिवारी ने कहा, “… वीडियो हर जगह है, लोग खुद ही अंदाज़ा लगा सकते हैं कि किसने किसे भड़काया… मैं एक जर्नलिस्ट हूं, जो प्रोटेस्ट कवर करने वहां गई थी। इस बीच, मीडिया वालों में से ही किसी एक ने मेरा ध्यान खींचने के लिए मेरा नाम लिया। मैं उनके पास गई, फिर उन्होंने मेरा पूरा नाम और जाति पूछी। उन्होंने कुछ लोगों को इशारा किया और पूरी भीड़ मेरी तरफ आई और मुझ पर हमला कर दिया, यह वीडियो में साफ देखा जा सकता है। करीब 500 लोगों ने मुझ पर हमला किया। उनके पास बस झूठी बातें और झूठे आरोप हैं।” उन्होंने आगे कहा, ”मेरे आस-पास की लड़कियों ने मेरे कानों में रेप की धमकी दीं क्योंकि मैं ब्राह्मण हूं; “आज तू चल, तेरा नंगा परेड निकलेगा।” उन्होंने यही कहा। मेरे आस-पास के आदमी कह रहे थे कि वे मुझे सबक सिखाएंगे। लड़कियों ने मुझे हाथ और गर्दन से पकड़ा हुआ था। यह हत्या की कोशिश है। मैं बेहोश हो गई थी, लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। वे UGC के गुंडे थे, वे स्टूडेंट नहीं हो सकते। मुझ पर मेरी जाति की वजह से हमला हुआ। किसी ने मेरा साथ नहीं दिया, सिर्फ कुछ लॉ फैकल्टी के लोगों ने इंसानियत दिखाई और मैं उनकी मदद से और कुछ महिला पुलिसवालों की मदद से बाहर आ पाई। एफआईआर रजिस्टर हो गई है, मुझे कानून पर भरोसा है। यह घटना करीब आधे घंटे तक चली। वहां मॉब लिंचिंग हुई, मैं किसी तरह बच निकली, यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है।” चश्मदीद ने क्या बताया महिला पत्रकार पर हमले के चश्मदीद और स्टूडेंट आकाश पाठक ने कहा, “मेरी राय में, उन्हें स्टूडेंट कहना बहुत बुरी बात होगी, जिस तरह की बदतमीजी उन्होंने दिखाई, जिस तरह से वे जाति के आधार पर जर्नलिस्ट को गाली दे रहे हैं, और जिस तरह से वे ब्राह्मणवाद के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। जिस तरह से उन्होंने एक महिला ब्राह्मण जर्नलिस्ट के साथ बुरा बर्ताव किया है और जैसा माहौल बनाया है—मेरी राय में, वे बिल्कुल भी स्टूडेंट नहीं हैं। UGC को लेकर उन्होंने जो मांगें की हैं, वह सब आप अपनी मर्जी से कर सकते हैं, लेकिन ब्राह्मणवाद के खिलाफ नारे लगाना किसी तरह से गलत है। एफआईआर हो गई है, लेकिन पुलिस प्रशासन कोई एक्शन नहीं ले रहा है। पत्रकारों के साथ इस तरह का बुरा बर्ताव हर दिन हो रहा है। ब्राह्मणों को टारगेट किया जा रहा है। इस तरह की सोच वाले किसी का कभी शोषण नहीं किया जा सकता, प्रशासन कोई एक्शन नहीं ले रहा है और हर कोई उनके सपोर्ट में जा रहा है। पुलिस उन्हें बचा रही है। क्या इस देश में ब्राह्मण होना गुनाह है?” महिला पत्रकार पर हमले को लेकर एबीवीपी-लेफ्ट के बीच जुबानी जंग दिल्ली यूनिवर्सिटी में एक प्रोटेस्ट के अराजक होने के बाद तनाव बढ़ गया, जिसमें विरोधी स्टूडेंट ग्रुप्स ने एक-दूसरे पर मारपीट और धमकाने का आरोप लगाया, जिसमें एक जर्नलिस्ट के साथ बदसलूकी करने का आरोप भी शामिल है। सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो में आर्ट्स फैकल्टी में गुस्साए स्टूडेंट्स के एक ग्रुप और एक युवती के बीच टकराव दिख रहा है। क्लिप में, एक बड़ी भीड़ को नारे लगाते और युवती को घेरे हुए देखा जा सकता है। माहौल तनावपूर्ण लग रहा है, कई स्टूडेंट्स उसे घेरकर जोर-जोर से नारे लगाते दिख रहे हैं। एएनआई इस पूरी घटना की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने एक बयान में आरोप लगाया कि प्रोटेस्ट के दौरान जर्नलिस्ट पर हमला किया गया था। वहीं, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने दावा किया कि उन्होंने जर्नलिस्ट को बचाने की कोशिश की, जब उस पर “राइट-विंग गुंडों” ने हमला किया था। एबीवीपी के क्या आरोप एबीवीपी के बयान में कहा गया, “दिल्ली यूनिवर्सिटी के आर्ट्स फैकल्टी में शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे, यूट्यूब चैनल ब्रेकिंग ओपिनियन से जुड़ी एक महिला पत्रकार पर कथित तौर पर हमला किया गया। यह घटना एक बार फिर लेफ्ट से जुड़े स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन के हिंसक चरित्र को सामने लाती है, जो वैसे तो देशभर की यूनिवर्सिटीज में बोलने की आजादी का सपोर्ट करने का दावा करते हैं।” एबीवीपी के दिल्ली स्टेट सेक्रेटरी सार्थक शर्मा ने कहा, “मीडिया, जिसे डेमोक्रेसी का चौथा पिलर माना जाता है, पर हमला बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। लेफ्ट-विंग पॉलिटिक्स का इतिहास हिंसा को बढ़ावा देने से जुड़ा रहा है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने ऐसी सोच को पूरी तरह से नकार दिया है। अपनी घटती अहमियत से निराश होकर ये ग्रुप मीडिया में बने रहने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। एक महिला पत्रकार के साथ बदसलूकी करने की कायरतापूर्ण हरकत उनके असली चरित्र को दिखाती है।” 

प्यार का खौफनाक अंत: नोएडा में कार के अंदर कपल मृत, गोलीकांड से मची दहशत

नई दिल्ली नोएडा के सेक्टर 39 छात्रा क्षेत्र से खौफनाक घटना सामने आई है। वैलेंटाइन डे पर यहां एक कार से एक लड़का और लड़की के शव बरामद हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने कार का शीशा तोड़कर दोनों शवों को बाहर निकाला। पुलिस को कार से एक पिस्टल भी बरामद हुई । अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक मामला हत्या और आत्महत्या का है। पहले लड़के ने लड़की को गोली मारी और फिर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। कार के अंदर से दो खोखे और पिस्टल मिले हैं। स्थानीय लोगों मे पुलिस को मामले की सूचना दी थी जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कार का शीशा तोड़कर दोनों शवों को बाहर निकाला। मृतकों की पहचान त्रिलोकपुरी के सुमित और सलारपुर की रेखा देवी के रूप में हुई है।

रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान: हेडगेवार प्रतिमा अनावरण के साथ आरोग्य संस्थान को मिलेगा विस्तार

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को शाहदरा के डॉ. हेडगेवार आरोग्य संस्थान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पहले सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने जो विचार और लक्ष्य शुरू किया था, वह आज मजबूत और विशाल संगठन के रूप में देश सेवा कर रहा है। व्यक्ति निर्माण के जरिए समाज को संगठित करने का उनका मार्ग आज भारत के सांस्कृतिक जागरण की मजबूत नींव बन चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान में लगी यह प्रतिमा केवल स्मारक नहीं है, बल्कि यह सेवा, समर्पण और राष्ट्र प्रथम की भावना की प्रेरणा देती रहेगी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री पंकज कुमार सिंह, विश्वास नगर के विधायक ओम प्रकाश शर्मा, लक्ष्मी नगर के विधायक अभय वर्मा, शाहदरा के विधायक संजय गोयल, कृष्णा नगर के विधायक अनिल गोयल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने अस्पताल की बढ़ती जरूरत को देखते हुए इसके विस्तार की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जल्द ही यहां नई मंजिल बनाई जाएगी और आधुनिक चिकित्सा मशीनें लगाई जाएंगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि संस्थान में जो भी कमियां हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि विस्तार के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर काम जल्द शुरू किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुनापार की बड़ी आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें, इसके लिए मजबूत और व्यवस्थित हेल्थ नेटवर्क बनाना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के एक साल के कार्यकाल में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया गया है। 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्गों के लिए ‘वय वंदन योजना’ की शुरुआत की गई है। अब तक 7 लाख से अधिक नागरिक इस योजना में पंजीकृत हो चुके हैं और लगभग 30,000 लोगों को उपचार का लाभ मिल चुका है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में अब तक 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले जा चुके हैं और 1100 केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार के सभी अस्पतालों को पूर्ण रूप से डिजिटल किया जा चुका है। अब प्रत्येक मरीज का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड उपलब्ध है, ऑनलाइन ओपीडी अपॉइंटमेंट की सुविधा शुरू कर दी गई है और किसी भी अस्पताल में उपचार का पूरा इतिहास एक क्लिक में देखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, बल्कि उपचार प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित होगी। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की उपेक्षा के कारण कई अस्पतालों में आवश्यक मशीनों का अभाव था, लेकिन वर्तमान सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। जी. बी. पंत अस्पताल में अत्याधुनिक सीटी स्कैनर, न्यूरो लैब और न्यूरो आईसीयू जैसी सुविधाएं स्थापित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्षों से निष्क्रिय पड़े यमुनापार विकास बोर्ड को पुनर्जीवित कर 700 करोड़ रुपये का विशेष फंड प्रदान किया गया है। इस बजट के माध्यम से यमुनापार क्षेत्र में सड़कों, ड्रेनेज और अन्य आधारभूत ढांचे का तेजी से विकास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की नीति और नियत दोनों ही जनसेवा के लिए समर्पित हैं। जनता का धन जनता की सेवा में ही लगाया जा रहा है।

दिल्ली बनाम पंजाब विवाद तेज, विधानसभा ने अफसरों से मांगा जवाब, तय की अंतिम तारीख

नई दिल्ली दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) नेता आतिशी मार्लेना की टिप्पणी से जुड़े मामले में दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार कमेटी ने पंजाब सरकार के अफसरों से अपना जवाब देने को 20 फरवरी तक अंतिम मौका दिया है।   दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) नेता आतिशी मार्लेना की टिप्पणी से जुड़े मामले में दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार कमेटी ने पंजाब सरकार के अफसरों से अपना जवाब देने को 20 फरवरी तक अंतिम मौका दिया है। कमेटी ने शिकायत की कॉपी, एफआईआर और फोरेंसिक रिपोर्ट भी तलब की है। किन-किन अफसरों कों भेजा पत्र दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार कमेटी ने पत्र लिखकर पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और जालंधर के पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि वे विपक्ष की नेता आतिशी से संबंधित कथित टिप्पणियों के मामले में अपना लिखित उत्तर 20 फरवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। पत्र में कमेटी ने स्पष्ट किया है कि यह तिथि अंतिम अवसर के रूप में मानी जाएगी और इसके बाद कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। कमेटी ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), पंजाब सरकार से इस प्रकरण से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मांगे हैं। इनमें शिकायत की कॉपी एवं उसके संलग्नक, जिनके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई, एफआईआर की कमेटी, पंजाब पुलिस के सोशल मीडिया विशेषज्ञ (टेक्निकल सेल) की रिपोर्ट तथा पंजाब की फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट शामिल हैं। जानकारी नहीं देने को अवमानना माना जाएगा कमेटी ने निर्देश दिया है कि सभी जवाब और दस्तावेज निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत किए जाएं, ताकि प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमों के अनुसार उन पर विचार किया जा सके। समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में इसे विशेषाधिकार हनन एवं अवमानना के रूप में देखा जा सकता है। पंजाब सरकार ने क्या कहा था यह भी उल्लेखनीय है कि 12 फरवरी 2026 को पंजाब सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), कार्यालय द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 5 फरवरी 2026 को दिल्ली विधानसभा सचिवालय द्वारा भेजे गए पत्र से पूर्व इस मामले में कोई डायरेक्ट कम्युनिकेशन प्राप्त नहीं हुआ था। पत्र में यह भी बताया गया है कि डीजीपी पंजाब, पुलिस कमिश्नर जालंधर तथा डायरेक्टर फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, पंजाब की टिप्पणियां दिल्ली के संबंधित कार्यालयों को भेज दी गई हैं। साथ ही, एक विस्तृत और समेकित औपचारिक उत्तर तैयार किया जा रहा है, जिसे सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया गया है। यह मामला सदन के पटल पर दिए गए वक्तव्यों तथा उसके पश्चात पंजाब पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के संदर्भ में विशेषाधिकार हनन और अवमानना की शिकायतों से संबंधित है। विशेषाधिकार कमेटी वर्तमान में इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है, जिसमें संबंधित अधिकारियों के आचरण तथा दिल्ली विधानसभा सचिवालय द्वारा मांगी गई सूचनाओं और पत्राचार के निपटान की प्रक्रिया भी शामिल है।  

आरोग्य मंदिर बनाम मोहल्ला क्लीनिक: सौरभ भारद्वाज बोले—पुरानी योजनाओं को बताई जा रही नई उपलब्धि

नई दिल्ली दिल्ली की राजनीति में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मोहल्ला क्लीनिकों और पुरानी डिस्पेंसरियों का नाम बदलकर ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ रख रही है और इसे नई उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली सरकार 370 आरोग्य मंदिर खोलने का दावा कर रही है, लेकिन मुख्यमंत्री को जनता को यह बताना चाहिए कि इनमें से कितने केंद्र नई इमारतों में संचालित हो रहे हैं और कितने पहले से चल रही स्वास्थ्य सुविधाओं में ही नाम बदलकर शुरू किए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन 370 में से कितने पहले मोहल्ला क्लीनिक थे, कितने दिल्ली सरकार की डिस्पेंसरियां थीं और कितने एमसीडी की स्वास्थ्य इकाइयां थीं। आप नेता ने आरोप लगाया कि सरकार जमीन पर कोई नई स्वास्थ्य संरचना खड़ी करने के बजाय पूर्ववर्ती अरविंद केजरीवाल सरकार के दौरान शुरू किए गए मोहल्ला क्लीनिकों का नाम बदलकर वाहवाही लूटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि अधिकांश आरोग्य मंदिर उन्हीं भवनों में चल रहे हैं जहां पहले से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध थीं और वहां तैनात डॉक्टर, फार्मासिस्ट व अन्य स्टाफ भी वही हैं। सौरभ भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि सीएम रेखा गुप्ता ने मोहल्ला क्लीनिकों के स्टाफ से वादा किया था कि किसी की नौकरी नहीं जाएगी, लेकिन बाद में कई कर्मचारियों को हटाया गया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल कर्मचारियों के परिवारों पर आर्थिक संकट आया है, बल्कि सरकार की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हुए हैं। आप नेता ने कहा कि दिल्ली की जनता सच्चाई जानती है और केवल नाम बदलने से स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति नहीं सुधरती। उन्होंने मुख्यमंत्री से पारदर्शिता बरतते हुए विस्तृत आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि स्पष्ट हो सके कि वास्तव में कितने नए आरोग्य मंदिर बनाए गए हैं और कितने पुराने ढांचे को ही नया नाम दिया गया है।

सीमा हैदर के आगे झुका गुलाम, जंग में पीछे हटने को हुआ मजबूर

ग्रेटर नोएडा चार बच्चों को लेकर पाकिस्तान से भागकर भारत आई सीमा हैदर ने अपने पाकिस्तानी पति गुलाम हैदर के खिलाफ एक जंग में जीत हासिल करती दिख रही है। दोनों के बीच कानूनी लड़ाई भले ही अभी जारी है, लेकिन सोशल मीडिया पर दोनों के बीच लंबे समय तक चली कुश्ती में गुलाम हैदर अब हांफ गया है।   चार बच्चों को लेकर पाकिस्तान से भागकर भारत आई सीमा हैदर ने अपने पाकिस्तानी पति गुलाम हैदर के खिलाफ एक जंग में जीत हासिल करती दिख रही है। दोनों के बीच कानूनी लड़ाई भले ही अभी जारी है, लेकिन सोशल मीडिया पर दोनों के बीच लंबे समय तक चली कुश्ती में गुलाम हैदर अब हांफ गया है। एक तरफ जहां सीमा हैदर यूट्यूब से होने वाली कमाई से सचिन का ना सिर्फ घर चला रही है, बल्कि नया मकान भी बनवा दिया है तो दूसरी तरफ गुलाम उसे गाली दे-देकर थक चुका है। हैदर ने सोशल मीडिया से दूरी बना ली है। दरअसल, सीमा हैदर के भारत आने के बाद जब वह पकड़ी गई तो मीडिया और सोशल मीडिया में वह बहुत चर्चित हो गई। इस बीच सीमा हैदर के पाकिस्तानी पति गुलाम हैदर ने भी सोशल मीडिया पर एंट्री मारी। सीमा की तरह वह भी फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर मशहूर हो गया। एक तरफ लोग सीमा की प्रेम कहानी सुनते तो दूसरी तरफ गुलाम हैदर की झुंझलाहट को देखते थे। लाइक्स, कॉमेंट और व्यूज के जरिए होने वाली कमाई ने हैदर को भी एक नया रोजगार दे दिया था। गुलाम हर दिन वीडियो बनाने लगा। कभी लाइव आकर तो कभी लंबे-लंबे वीडियो बनाकर व्यूज बटोरने लगा। वह कभी सीमा हैदर को गालियां देता, कभी उसका नाम लेकर थूकता, कभी अपने बच्चों को वापस पाने की तड़प दिखाता, कभी भारत सरकार से बच्चों की वापसी के लिए गुहार लागाता था। इधर से सीमा कुछ कहती तो अगले दिन गुलाम उसका जवाब लेकर हाजिर होता था। सीमा के डांस वीडियो, सचिन के संग रोमांस, सचिन के बच्चे की मां बनने आदि से जुड़े वीडियो पर गुलाम हर दिन यूट्यूब लाइव करने लगा। शांत पड़ चुका है गुलाम हैदर एक तरफ सीमा के व्यूज बढ़ते चले गए तो दूसरी तरफ एक ही बात को हर दिन दोहराने की वजह से गुलाम हैदर के व्यूज घटने लगे। धीरे-धीरे वह कम वीडियो बनाने लगा और अब पिछले एक महीने से पूरी तरह शांत पड़ चुका है। इंस्टाग्राम, फेसबुक के साथ ही उसने यूट्यूब पर भी आना बंद कर दिया है। गुलाम हैदर आखिरी बार करीब एक महीने पहले यूट्यूब पर लाइव हुआ था और तब उसने सीमा की बजाय बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर अपनी भड़ास निकाली थी। डॉ. नुसरत का हिजाब हटाए जाने से वह बौखलाया हुआ था। इधर यूट्यूब की कमाई से सीमा की बल्ले-बल्ले एक तरफ जहां गुलाम हैदर शांत पड़ चुका है तो दूसरी तरफ सीमा हैदर पूरी तरह एक व्लॉगर बन चुकी है। बच्चों को पालने से लेकर बाहर जाने, घर के कामकाज से जुड़े वीडियो बनाकर वह यूट्यूब से अच्छी कमाई कर रही है। सीमा ने कभी अपनी कमाई का खुलासा तो नहीं किया लेकिन हाल हमें उसने एक बार फिर कहा कि यूट्यूब की कमाई से ही सचिन का घर चल रहा है और उन्होंने नया मकान भी बनवा लिया है। सचिन दूसरी बार पिता बनने जा रहा है तो सीमा छठे बच्चे को जन्म देने वाली है।

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