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दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास पर भीड़, हमले हमले कोशिश

नई दिल्ली। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास पर भीड़ के बवाल को लेकर सियासत तेज हो गई है. दिल्ली महिला आयोग (DCW) ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ नोटिस जारी किया है. डीसीडब्ल्यू प्रमुख स्वाति मालीवाल ने आरोप लगाया है कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की गैरमौजूदगी में उनकी पत्नी और बच्चों पर हमले की कोशिश की गई है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है, ”दिल्ली के उपमुख्यंत्री मनीष सिसोदिया के आवास पर उनकी गैरमौजूदगी में उनकी पत्नी और बच्चों पर हमले का प्रयास हुआ. हमने पुलिस को नोटिस जारी किया है. कैसे पुलिस के सामने गुंडे उनके घर में घुसे? कितने लोग गिरफ्तार हुए? जब एक जनप्रतिनिधि का परिवार सुरक्षित नहीं है तो जनता कैसे होगी?” दिल्ली महिला आयोग ने पुलिस से जवाब मांगा है. आयोग ने पूछा है कि आवास के बाहर इतनी बड़ी संख्या में भीड़ कैसे जुटी? सुरक्षा में कहां चूक हुई? इसके साथ ही दिल्ली पुलिस से एफआईआर की कॉपी मांगी गई है और साथ ही गिरफ्तार किए गए लोगों के बारे में जानकारी के साथ-साथ अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की तरफ से क्या कदम उठाए जा रहे हैं. यह भी पूछा गया है. इस घटना को लेकर दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया है और उस वक्त की सीसीटीवी फुटेज शेयर की है. अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा है, ”आज बीजेपी के गुंडे मेरी गैरमौजूदगी में मेरे घर के दरवाजे तोड़कर अंदर घुस गए और मेरे बीवी बच्चों पर हमला करने की कोशिश की. अमित शाह जी आज आप दिल्ली में राजनीति में हार गए तो अब इस तरह से हमें निपटाएंगे?” वहीं, दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक बीजेपी कार्यकर्ता हुकुम सिंह ने दिल्ली पुलिस से दिल्ली के डिप्टी सीएम के घर के बाहर प्रदर्शन करने की इजाजत मांगी थी, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन करने की इजाजत देने से इनकार कर दिया था और घर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया था. गुरुवार को लगभग 11:30 बजे एक भीड़ आई और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के घर के बाहर हंगामा किया और कैंप ऑफिस में घुस गई. दिल्ली पुलिस ने मौके से 6 लोगों को पकड़ लिया और मंदिर मार्ग थाने ले गए. शाम के वक्त डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के सेक्रेटरी सी अरविंद ने दिल्ली के तिलक मार्ग थाने में शिकायत दी जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है.

बैठक में किसानों ने ठुकराया सरकार का खाना, धरनास्थल सिंधु बॉर्डर से पैक होकर आया लंच

नई दिल्ली। दिल्ली के विज्ञान भवन में सरकार और किसान नेताओं की बैठक जारी है. कृषि कानूनों पर सरकार और किसान नेताओं की चौथे दौर की बातचीत को 3 घंटे से ज्यादा का समय हो गया. इस मैराथन बैठक के दौरान लंच ब्रेक भी हुआ. इस दौरान किसान नेताओं ने सरकार की खातिरदारी मंजूर नहीं की और अपना खाना मंगाकर खाया. किसान नेताओं के लिए खाना सिंधु बॉर्डर से सफेद रंग की एंबुलेंस में पैक होकर आया था. सिंधु बॉर्डर पर लगे लंगर से किसान नेताओं के लिए खाना पहुंचा. किसान नेताओं ने पहले ही मन बना लिया था कि सरकार का खाना स्वीकार नहीं करेंगे. आपको बता दें कि केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसान पिछले 8 दिनों से दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं. किसान कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. वहीं, सरकार किसानों को समझाने में जुटी है. सरकार का कहना है कि कृषि कानून किसानों के पक्ष में है. आज की बैठक में किसान नेताओं की तरफ से कविता तालुकदार अकेली महिला हैं. कविता एक सोशल एक्टिविस्ट हैं और इस आंदोलन की सेंट्रल कोऑर्डिनेशन कमिटी की मेंबर भी हैं. इस चर्चा में किसान नेताओं का प्रतिनिधित्व करते हुए कविता ने जबरदस्त दलीलें दी हैं. बैठक में कविता के सवालों ने कृषि मंत्रालय के पदाधिकारियों के पसीने छुड़ा दिए. कविता ऑल इंडिया किसान संयुक्त समिति की भी सदस्य हैं. सरकार के जवाब के बाद किसान नेताओं ने पूछा कि सरकार आखिर क्यों गोल-गोल चक्रों में घूम रही है. सरकार और किसानों नेताओं की बातचीत दोपहर 12 बजे शुरू हुई. किसानों की ओर से MSP पर अपनी मांग रखी गई. किसानों ने अपनी ओर से दस पन्नों का खाका पकड़ाया. संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से कुल दस पन्नों का खाका सरकार को सौंपा गया. एंबुलेंस से आया किसानों के लिए खाना किसानों की ओर से कृषि सचिव को खाका सौंपा गया, जिसमें 5 मुख्य बिंदु हैं. APMC एक्ट में 17 प्वाइंट पर असहमति है, एसेंशियल कमोडिटी एक्ट में 8 प्वाइंट पर असहमति है. इसके अलावा कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग में 12 प्वाइंट पर असहमति है.

दिल्ली के सभी बॉर्डर पर किसानों का डेरा, बोले – देश में सभी कानून कॉरपोरेट के लिए बन रहे हैं

नई दिल्ली। दिल्ली की सीमाओं पर हजारों की संख्या में किसान जमे हुए हैं. कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को दिल्ली के बुराड़ी में मौजूद निरंकारी ग्राउंड में प्रदर्शन करने की इजाजत दी गई है. लेकिन किसानों का एक गुट सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर ही डेरा डाले हुआ है और सरकार से बिना शर्त बातचीत की मांग कर रहा है.किसान नेता गुरनाम सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस आंदोलन को कुचलने के लिए 30 से ज्यादा मुकदमा दर्ज हो चुके हैं. आज जगह जगह से और लोग आ रहे हैं. हरियाणा से किसान कुच कर रहा है. ये लड़ाई सिर्फ किसान की नहीं है, सबकी है. पैदावार करने वाले किसानों को कम भाव मिलेगा. ये सभी का आंदोलन है. उन्होंने कहा, “ब्राह्मण समाज ने हमें समर्थन दिया . हरियाणा में सब मंडियां बंद रहेंगी. जो भी देश में कानून बन रहे हैं, वो सिर्फ कॉरपोरेट के लिए बन रहे हैं. पूरी जनता का शोषण कारपोरेट कर रही है. पूरे देश के नागरिक इस लड़ाई में शामिल हों. अपील करता हूं. जब तक बाते नहीं मानी जाएंगी, आंदोलन जारी रहेगा. कहीं इससे भी कड़ा कदम ना उठाना पड़े. उससे पहले बातचीत के लिए आ जाएं.” प्रेस कॉन्फ्रेंस में योगेंद्र यादव ने कहा, ”देश और दुनिया मे आज सब तरफ उत्सव मनाया जा रहा है, उसकी बधाई. किसान आज देश में अपनी छाप छोड़ने के लिए खड़े हैं. इस आंदोलन ने 5 झूठ का पर्दाफाश किया . पहला- ये आंदोलन किसानों का नहीं है. आप खुद चेक करें. दूसरा- किसानों को बरगलाने का काम किया जा रहा है. किसानों को सब पता है . तीसरा- सिर्फ पंजाब का आंदोलन है. यहां सब बैठे हैं. देश के कोने कोने से. उत्तराखंड से आए हैं. पंजाब के किसानों ने शुरुआत सभी किसानों के लिए की है. चौथा- इसकी कोई लीडरशिप नहीं है. 30 संगठनों का समहू है. इतनी अच्छी लीडरशिप मैंने कभी नहीं देखी. 30 किसान संगठन हर रोज मिल रहे हैं. क्लियर लीडरशिप है. पांचवां- पॉलिटिकल पार्टी ने करवाया. हरियाणा का किसान हमारे साथ है. ये आंदोलन ऐतिहासिक आंदोलन है.” भारती किसान यूनियन (दकुंडा) के जनरल सेक्रेट्री जगमोहन सिंह ने सिंघु बॉर्डर पर हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी को गुरु पर्व की बधाई दी और कहा, ” हमारे 30 संगठन की मीटिंग हुई. मुंह में राम राम बगल में छुरी. अमित शाह फ़ोन पर बात कर रहे हैं, लेकिन इसमें कोई सच्चाई नहीं है. ये पंजाब का संघर्ष नहीं है. ये सभी का संघर्ष है . सभी की जो स्थिति है, हम जहां हैं वही रहंगे, और आगे कैसे बढ़ना है. आज देश के किसान अपने मन की बात सुनाने आए हैं.”

Farmers Protest: किसान यूनियन का बड़ा ऐलान- हम बुराड़ी कभी नहीं जाएंगे, वो खुली जेल है

नई दिल्ली. नए कृषि कानूनों (Farm Laws 2020) को वापस लेने तथा अपनी फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी की मांग को लेकर आंदोलन (Farmers Protest) कर रहे किसान पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. किसान संघों ने रविवार दोपहर की मीटिंग में गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्‍ताव को खारिज कर दिया है. इसके बाद मीटिंग के फैलने की जानकारी देने के लिए किसान संघ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि हम सरकार की ओर से बुराड़ी में प्रदर्शन करने का प्रस्तव नामंजूर करते हैं. किसान संगठन बिना शर्त सरकार से बातचीत चाहता है. उन्‍होंने कहा कि बुराड़ी ओपन जेल की तरह है और वह आंदोलन की जगह नहीं है. किसानों ने कहा कि हमारे पास पर्याप्‍त राशन, हम 4 महीने तक हम रोड पर बैठ सकते हैं. आंदोलन कर रहे किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर ही डटे रहने का फैसला किया केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने रविवार को फैसला किया कि वे राष्ट्रीय राजधानी के बुराड़ी मैदान में नहीं जाएंगे और दिल्ली की सीमाओं पर डटे रहेंगे. हजारों किसानों ने लगातार चौथे दिन रविवार को सिंघू और टिकरी बॉर्डर पर अपना प्रदर्शन जारी रखा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को किसानों से अपील की थी कि वे बुराड़ी के संत निरंकारी मैदान चले जाएं. शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए किसानों को इस मैदान की पेशकश की गई है. शाह ने यह भी कहा था कि निरंकारी मैदान में चले जाने के बाद केंद्र सरकार उनसे वार्ता करने को तैयार है. भारतीय किसान संघ (डकौंदा) के अध्यक्ष बूटा सिंह बुर्जगिल ने फोन पर बताया, ‘हमने फैसला किया है कि हम दिल्ली की सीमाओं पर जमे रहेंगे. हम बुराड़ी नहीं जाएंगे.’ उन्होंने कहा कि कई किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने यह फैसला किया है. बीकेयू (कादियान) के प्रमुख हरमीत सिंह कादियान ने भी कहा कि प्रदर्शनकारी बुराड़ी मैदान नहीं जाएंगे. केंद्रीय गृह मंत्री की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए कादियान ने सिंघू बॉर्डर के नजदीक पत्रकारों से कहा कि केंद्र सरकार को किसानों के साथ बातचीत करने के लिए कोई शर्त नहीं थोपनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘हम कोई पूर्व शर्त नहीं चाहते हैं. हम चाहते हैं कि बिना किसी शर्त के बैठक हो. हम बातचीत के लिए राज़ी हैं.’ किसान नेता ने कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर हजारों किसान जल्द ही प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं. गौरतलब है कि ऑल-इंडिया किसान संघर्ष को-ओर्डिनेशन कमेटी, राष्ट्रीय किसान महासंघ और भारतीय किसान संघ (बीकेयू) के अलग-अलग धड़ों ने ‘दिल्ली चलो’ मार्च का आह्वान किया था. किसान केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. उनको आशंका है कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था खत्म हो जाएगी और उन्हें बड़े उद्योगपतियों के “रहम“ पर छोड़ दिया जाएगा. केंद्र सरकार ने पंजाब के किसानों के कई संगठनों को दूसरे चरण की बातचीत करने के लिए तीन दिसंबर को दिल्ली में आमंत्रित किया है.

किसानों को दिल्ली आने से रोकने के लिए पुलिस ने सुरक्षाबलों ने हाईवे खोद डाला

पानीपत। दिल्ली करनाल हाईवे पूरी तरह बंद कर दिया है। दिल्ली को हरियाणा से जोड़ने वाले सिंघु बॉर्डर पर सैकड़ों की संख्या में पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं। यहां दिल्ली वाले छोर पर दिल्ली पुलिस की कई टुकड़ियां, हरियाणा वाले छोर पर हरियाणा पुलिस और इनके बीच BSF, RAF(रैपिड एक्शन फोर्स) और CISF की तैनाती की गई है। जवानों की यह तैनाती पंजाब और हरियाणा के किसानों को किसी भी तरह से दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए की गई है। पंजाब और हरियाणा के हजारों किसान बीते काफी समय से कृषि संबंधी नए कानूनों का विरोध कर रहे हैं। इसी विरोध को आगे बढ़ाते हुए किसान संगठनों ने 26 नवंबर से ‘दिल्ली कूच’ का कार्यक्रम रखा है और इसमें शामिल होते हुए लाखों किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर दिल्ली की तरफ बढ़ रहे हैं। इन किसानों में सबसे बड़ी संख्या पंजाब और हरियाणा के अलग-अलग जिलों से आए किसानों की ही है। किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए हरियाणा और दिल्ली पुलिस कई तरह की रणनीति अपना रही है। पुलिस ने दिल्ली-करनाल हाईवे को जगह-जगह बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया है और कई जगह तो नक्सलियों जैसी रणनीति अपनाते हुए सड़क तक खोद डाली है। सोनीपत जिले की गनौर तहसील का नजारा इसी कारण बिलकुल किसी नक्सली इलाके जैसा बन पड़ा है। जिस तरह बस्तर के कई नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई पड़ते हैं, ठीक वैसे ही गड्ढे इन दिनों सोनीपत के नजदीक हाईवे पर दिख रहे हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि बस्तर में ये गड्ढे नक्सलियों द्वारा किए जाते हैं, ताकि सुरक्षा बल के जवान उन तक न पहुंच सकें, जबकि सोनीपत में सड़क खोदने का काम खुद सुरक्षाबलों ने किया है, ताकि किसान इन सड़कों पर आगे न बढ़ सकें। सड़क खोदने के साथ ही यहां पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए नक्सलियों जैसी एक अन्य रणनीति भी अपनाई है। हाइवे पर चलने वाले ट्रकों को रोककर पुलिसकर्मी ने आड़ा-तिरछा खड़ा करवा दिया गया है, जिसके चलते ये ट्रक ही कई किलोमीटर लंबे बैरिकेड बन गए हैं। किसानों का आरोप है कि ऐसा करके पुलिस आम ट्रक ड्राइवरों और उनकी निजी संपत्ति को अपनी ढाल की तरह वैसे ही इस्तेमाल कर रही है जैसे नक्सली आम लोगों को अपनी ढाल बनाने का काम करते हैं। सिरसा के रहने वाले किसान नेता सुरेश ढाका बताते हैं, ‘हमने इतने सालों में ऐसा पहले कभी नहीं देखा कि किसी आंदोलन को रोकने के लिए पुलिस इस हद तक गई हो। आज करनाल में किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने आम ट्रक ड्राइवरों को अपनी ढाल बनाकर आगे खड़ा कर दिया था। वहां उनके लदे हुए ट्रक एक पुल पर खड़े करवा दिए थे और उनसे चाबियां छीन ली गई थीं, ताकि वे ट्रक हटा न सकें और इससे पूरी रोड जाम कर दी गई। लेकिन किसानों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि उन्होंने धक्के लगाकर ही ट्रकों को किनारे कर दिया और वहां लगे बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ गए।’ पंजाब और हरियाणा के हजारों किसान बीते दो दिनों से कई बैरिकेड पार करते हुए पानीपत से आगे बढ़ चुके हैं और दिल्ली के काफी नजदीक आ गए हैं। लेकिन सोनीपत में खुदी हुई सड़कों और कई किलोमीटर में खड़े ट्रकों से जाम हुई सड़क को ये किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ पार कर सकेंगे? ये पूछने पर कुरुक्षेत्र से आए किसान जसमेर सिंह कहते हैं, ‘पुलिस चाहे कितने भी गड्ढे खोद ले किसानों की संख्या इतनी ज्यादा है कि अगर वो एक-एक मुट्ठी भरकर मिट्टी भी इन गड्ढों में डालेंगे तो गड्ढे भर जाएंगे। ट्रकों को भी किसान हटाकर अपना रास्ता बना ही लेंगे, जैसे अब तक बनाते हुए यहां तक पहुंचे हैं, ऐसे ही दिल्ली तक भी पहुंच जाएंगे। हम पूरे महीने का राशन-पानी लेकर निकलें हैं। अब चाहे जितने भी दिन लगें, लेकिन बिना अपनी शर्तें मनवाए हम लौटने वाले नहीं हैं।’

ग्रेटर नोएडा में फ्लैट में मिली बुजुर्ग पति-पत्नी की लाश, मूर्तियों से सिर पर वार

नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हाउसिंग सोसायटी में बुधवार को एक बुजुर्ग दंपति की हत्या का मामला सामने आया है. दोनों अपने फ्लैट में मरे मिले हैं. मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों के सिर पर घर में रखी मूर्तियों से हमला करके हत्या की गई है. सूचना मिलने के बाद बिसरख कोतवाली से पुलिस, डॉग स्क्वायड, फॉरेंसिक एक्सपर्ट टीम और क्राइम ब्रांच के इन्वेस्टिगेटर मौके पर पहुंचे हैं. ग्रेटर नोएडा वेस्ट की चेरी काउंटी हाउसिंग सोसायटी में दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया है. बुधवार की सुबह सोसाइटी के टावर नंबर बी-2 में नौवें फ्लोर पर एक फ्लैट में यह वारदात हुई है. इस फ्लैट में एक बुजुर्ग और उनकी पत्नी रुके हुए थे. सोसाइटी के निवासियों ने बताया कि दोनों बुजुर्ग कुछ दिनों के लिए यहां रहने आए थे. दोनों की लाशें बुधवार की सुबह फ्लैट के भीतर पड़ी मिली हैं. लोग दोहरे हत्याकांड की आशंका जाहिर कर रहे हैं. बुजुर्गों के सिर पर घर में रखी मूर्तियों से वार किए गए हैं. पूरे घर में खून फैला मिला है. पड़ोसियों से सूचना मिलने के बाद बिसरख कोतवाली पुलिस मौके वारदात पर पहुंची है. छानबीन की जा रही है.

राजस्थान में गुर्जर आंदोलन, 60 ट्रेनें डायवर्ट, 220 बसें रुकीं

जयपुर। राजस्थान में मोस्ट बैकवर्ड क्लास (MBC) में बैकलॉग की भर्तियों समेत अन्य मांगों के लिए गुर्जरों ने फिर से आंदोलन शुरु कर दिया है। रविवार को भरतपुर के बयाना में कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला गुट के लोग पीलूपुरा के पास रेलवे ट्रैक पर धरने पर बैठ गए। गुर्जर रातभर पटरियों पर जमे रहे, धरना आज भी जारी है। ट्रेनें-बसें रुकने से जनता परेशान आंदोलनकारियों ने दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक की फिश प्लेटें उखाड़ दीं। इसलिए, रविवार को 40 मालगाड़ियों समेत 60 ट्रेनें डायवर्ट करनी पड़ीं। दिल्ली-मुंबई की ट्रेनों को डायवर्ट करना पड़ा, 2 ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं। आज भी 4 ट्रेनें रद्द की गई हैं। रविवार को रोडवेज के पांच बड़े डिपो दौसा, हिंडौन, करौली, भरतपुर और बयाना की करीब 220 बसों को रोक दिया गया। इस वजह से त्योहारों के सीजन में जनता परेशान हो रही है। सरकार ने समझौते की कोशिश की, लेकिन नाकाम रही सरकार की तरफ से खेल मंत्री अशोक चांदना रविवार को बैंसला से बात के लिए गए थे, लेकिन खाली हाथ ही जयपुर लौट गए। भास्कर से बातचीत में चांदना ने बताया, “मैं आंदोलन वाली जगह से एक किमी पहले तक पहुंच गया था, लेकिन भारी जाम की वजह से आगे नहीं जा सका। फिर किरोड़ी बैंसला से बात की। उन्होंने कहा कि मेरी तबीयत ठीक नहीं, आप मेरे बेटे विजय बैंसला से बात कर लें। विजय को फोन किया तो उन्होंने कहा कि मैं 2-4 मिनट में कॉल करता हूं, लेकिन मुझसे दोबारा संपर्क ही नहीं किया।” नहरा इलाके के 41 सदस्यीय गुर्जरों से हुए समझौते को बैंसला ने लॉलीपॉप बताया नहरा इलाके के 41 सदस्यीय गुर्जर प्रतिनिधि मंडल ने सरकार से शुक्रवार शाम बात की थी। इस बातचीत में 14 पॉइंट्स पर हुए समझौते की कॉपी लेकर बयाना के SDM सुनील आर्य रविवार शाम करीब 5.30 बजे कर्नल किरोड़ी बैंसला के पास पहुंचे। जैसे ही SDM ने समझौता पढ़ना शुरू किया तो कर्नल ने कहा कि विजय बैंसला को बताएं। बाद में विजय बैंसला ने इस समझौते को लॉलीपॉप कहकर खारिज कर दिया। किरोड़ी बैंसला बोले- CM पर एक बार और भरोसा करना चाहिए कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने खुद कहा, “मेरे पास CM अशोक गहलोत का फोन आया था। उन्होंने डिटेल में बात करने के साथ ही भरोसा दिलाया है कि गुर्जर समाज की मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश करेंगे। इसलिए हमें मुख्यमंत्री पर एक बार और भरोसा करना चाहिए।”

इंसानियत शर्मसार : गुडगांव के फोर्टिस अस्पताल में रेप, वेंटिलेटर पर भर्ती युवती से रेप

गुड़गांव। फोर्टिस अस्पताल में जिंदगी बचाने के लिए लड़ रही 21 साल की युवती से रेप का मामला सामने आया है। लड़की वेंटिलेटर पर है। 22 से 27 अक्टूबर के बीच उससे रेप हुआ। पीड़ित को होश आने पर 28 अक्टूबर को उसने अपने पिता को टूटे-फूटे शब्दों में आपबीती बताई। आरोपी का नाम विकास बताया है। पुलिस को शक है कि वारदात में अस्पताल के कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। CCTV फुटेज के आधार पर 2 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पीड़ित के पिता ने बताया कि बेटी को सांस लेने में दिक्कत के चलते 21 अक्टूबर को उसे गुड़गांव के सेक्टर-44 स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत बिगड़ने पर 22 अक्टूबर को वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया। अस्पताल में उसकी बेहोशी का फायदा उठाकर आरोपियों ने ज्यादती की। पीड़ित के पिता की शिकायत पर पुलिस ने 29 अक्टूबर को केस दर्ज किया। पीड़ित अब भी बयान देने की स्थिति में नहीं इस मामले की जांच DCP (ईस्ट) मकसूद अहमद कर रहे हैं। पीड़ित की लिखावट में सामने आए नाम और अस्पताल के CCTV फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है। हिरासत में लिए गए 2 संदिग्धों से गुरुवार को करीब 3 घंटे पूछताछ की गई। पुलिस ने अस्पताल के कर्मचारियों का रिकॉर्ड भी मांगा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित बयान देने की स्थिति में नहीं है। अस्पताल जांच में सहयोग कर रहा है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने पुलिस कमिश्नर को चिट्ठी लिखी आयोग की चेयरपर्सन रेखा शर्मा ने पुलिस कमिश्नर केके राव को पत्र लिखकर जल्द से जल्द जांच पूरी करने को कहा है। इसके साथ ही आयोग ने अस्पताल के CEO को निर्देश दिए हैं कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएं और अस्पताल प्रबंधन जल्द से जल्द कार्रवाई रिपोर्ट पेश करे।

फरीदाबाद में कॉलेज से लौट रही छात्रा की गोली मारकर हत्या

फरीदाबाद. हरियाणा के फरीदाबाद में बदमाशों ने कॉलेज से लौट रही छात्रा की गोली मारकर हत्या दी। छात्रा बी कॉम फाइनल इयर में थी। परिजन के मुताबिक आरोपी तौसीफ छात्रा के साथ स्कूल में पढ़ता था। तभी से वह उस पर दोस्ती का दबाव बना रहा था। तौसीफ समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। छात्रा निकिता तोमर सोमवार को अग्रवाल कॉलेज (वल्लभगढ़) में पेपर देने गई थी। शाम 4 बजे घर लौटते समय वह भाई का इंतजार कर रही थी। तभी कार से तौसीफ अपने कुछ दोस्तों के साथ आ गया। तौसीफ ने निकिता को गाड़ी में खींचने की कोशिश की। विरोध करने पर कनपटी पर गोली मार दी। छात्रा के पिता मूलचंद तोमर ने बताया कि तौसीफ 12वीं तक निकिता के साथ ही पढ़ता था। उसने कई बार दोस्ती के लिए निकिता पर दबाव बनाया। वह बेटी पर धर्म बदलने का दबाव भी बना रहा था। 2018 में तौसीफ ने निकिता को अगवा किया था। हालांकि, तब बदनामी के डर से हमने समझौता कर लिया था। तुरंत कार्रवाई की मांग को लेकर रोड जाम में मृतक निकिता का बड़ा भाई नवीन तोमर। नवीन ने बताया कि वह रोज बहन को छोड़ने और लेने जाता था। एसीपी जयवीर राठी बताया कि आरोपी रेहान को नूंह से गिरफ्तार किया गया। इससे पहले सोमवार देर रात तौसीफ को नूंह से गिरफ्तार किया था। वहीं, मंगलवार सुबह निकिता के परिजन ने बल्लभगढ़-सोहना मार्ग पर चक्काजाम किया।

कोरोना : देश में नए केस में 3 महीने की सबसे बड़ी गिरावट, सिर्फ 45 हजार मरीज मिले, 70 हजार ठीक हुए

नई दिल्ली . कोरोना के ग्राफ में लगातार गिरावट आ रही है। सोमवार को सिर्फ 45 हजार 490 नए केस आए। 69 हजार 800 मरीज ठीक हो गए। इससे 24 हजार एक्टिव केस कम हो गए। अब 7.47 लाख मरीजों का इलाज चल रहा है। 17 सितंबर को यह आंकड़ा 10.17 लाख तक पहुंच गया था। नए केस में यह तीन महीने की सबसे बड़ी गिरावट है। इससे कम केस 39 हजार 170 केस 20 जुलाई को आए थे। देश में अब तक 75.74 लाख केस आ चुके हैं, 67.30 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं, 1.15 लाख मरीजों की इस बीमारी ने जान ले ली है। सोमवार को 589 लोगों की मौत हुई। ये आंकड़े covid19india.org से लिए गए हैं। मध्यप्रदेश : राज्य में सोमवार को 1015 लोग संक्रमित पाए गए। 1287 लोग रिकवर हुए और 13 मरीजों की मौत हो गई। अब तक 1 लाख 61 हजार 203 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। इनमें 12 हजार 996 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है, जबकि 1 लाख 45 हजार 421 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण के चलते अब तक 2786 मरीजों की मौत हो चुकी है।

गाजियाबाद में डॉक्‍टर ने उशादीशुदा प्रेमिका को लगा दिया जहर का इंजेक्‍शन

गाजियाबाद . गाजियाबाद में पुलिस ने डासना इलाके से 7 सितंबर को लापता हुई एक महिला की मर्डर मिस्ट्री का खुलासा कर दिया. खुलासे में पता चला है कि डॉक्टर प्रेमी ने महिला को अपने प्रेम जाल में फंसाया, उसे पहले नोएडा ले गया फिर उसे चंडीगढ़ ले जाते हुए जहर का इंजेक्शन देकर मौत के घाट उतार दिया. आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी खुद भी शादीशुदा ही है. मामला गाजियाबाद के मसूरी थाना इलाके का है. गाजियाबाद में एक डॉक्टर ने अपनी शादीशुदा प्रेमिका से पीछा छुड़ाने के लिए उसे जहर का इंजेक्शन देकर मौत के घाट उतार दिया था. बीते 7 सितंबर को गाजियाबाद के मसूरी इलाके से एक 31 साल की महिला शबाना पत्नी यामीन संदिग्ध हालत में गायब हो गई थी. महिला की गुमशुदगी मसूरी थाने में दर्ज कराई गई थी. पुलिस की लाख कोशिशों के बाद भी महिला नहीं मिली. हाल ही में पुलिस को पता चला कि महिला इलाके के रहने वाले डॉक्टर इस्माइल के संपर्क में रहती थी. पुलिस ने कड़ियां जोड़ीं तो पता चला कि डॉक्टर इस्माइल ने कुछ समय पहले अपना मोबाइल नंबर बदल दिया था. पुलिस ने डॉक्टर का पुराना मोबाइल नंबर तलाशा और उसकी लोकेशन के आधार पर आरोपी इस्माइल को हिरासत में लिया गया. कड़ाई से पूछताछ करने पर डॉक्टर इस्माइल ने अपना गुनाह कबूल कर लिया. आरोपी ने पुलिस को बताया है कि वो महिला को बहाने से हरियाणा ले गया था जहां पर जहर का इंजेक्शन लगाकर महिला की हत्या कर दी. इसके बाद महिला के शव को कुरुक्षेत्र इलाके में ठिकाने लगा दिया गया था. वहीं, महिला के पति के अनुसार, महिला घर से कुछ जेवरात और करीब 1 लाख 90 हजार कैश ले गई थी. डॉक्‍टर ने उसका माल हड़प लिया और उसकी हत्या कर दी. इस बारे में सीओ महिपाल सिंह ने बताया कि वापस आने के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर भी बदल दिया था. इसी वजह से पुलिस को इस मामले का खुलासा करने में करीब 40 दिन का वक्त लग गया. फिलहाल पुलिस आरोपी से और ज्यादा जानकारी और पूछताछ में जुटी है.

भोपाल -दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस 17 अक्टूबर से फिर दौड़ेगी, रिजर्वेशन शुरू

भोपाल। रेलवे बोर्ड ने नई दिल्ली से हबीबगंज के बीच चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस को 17 अक्टूबर से चलाने के लिए हरी झंडी दे दी है। इस ट्रेन के लिए 14 अक्टूबर यानि आज से रिजर्वेशन शुरू हो गए हैं। साढ़े सात महीने बाद इस ट्रेन का संचालन शुरू होगा। दिल्ली और भोपाल आने-जाने के लिए शहर को लोगों को बड़ी राहत मिली है। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए मार्च में शताब्दी एक्सप्रेस के संचालन को बंद कर दिया गया था। लॉकडाउन खत्म होने के बाद धीरे-धीरे रेल यातायात को बहाल किया जा रहा है। पहले लंबी दूरी की ट्रेनों को चलाया गया। अभी भोपाल से दक्षिण भारत, महाराष्ट्र जाने वाली ट्रेनें गुजर रही हैं। त्योहार नजदीक होने पर इन ट्रेनों में वेटिंग शुरू हो गई है, जिसकी वजह से भोपाल जाने वाले यात्रियों को समस्या का सामना करना पड़ रहा था, क्योंकि वेटिंग टिकट पर सफर करना फिलहाल प्रतिबंधित है। त्योहार की भीड़ को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने 196 ट्रेनों को दोबारा शुरू करने की घोषणा की है, जिसमें नई दिल्ली से हबीबगंज (भोपाल) जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस को भी 17 अक्टूबर से चलने की अनुमति दी है। नई दिल्ली से आने वाली शताब्दी एक्सप्रेस भोपाल के हबीबगंज स्टेशन दोपहर बाद 2.25 बजे पहुंचती है। वहीं, भोपाल से शताब्दी एक्सप्रेस दोपहर बाद 3 बजे दिल्ली के लिए रवाना होती है। यह ट्रेन मथुरा, आगरा कैंट, मुरैना, ग्वालियर, झांसी, ललितपुर, भोपाल और हबीबगंज स्टेशन पहुंचती है। तीन ट्रेनों को चलाने का भेजा है प्रस्ताव उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल ने तीन ट्रेनों को चलाने का प्रस्ताव भेजा है। इसमें झांसी-पुणे एक्सप्रेस, ग्वालियर-छपरा (बरौनी मेल) एक्सप्रेस, झांसी-बांद्रा का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। इस महीने इन ट्रेनों के चलने के आसार हैं। त्योहारी सीजन शुरू हो गया है। त्योहार की वजह से यात्रियों की संख्या बढ़ने लगी है। बरौनी मेल के चलने से यूपी और बिहार के लिए ट्रेन मिल जाएगी। रेल यात्रियों को 10 ट्रेन की सौगात, भोपाल होकर जाएगी बलसाड़-पुरी विशेष ट्रेन भोपाल से बलसाड़-पुरी-बलसाड़ स्पेशल ट्रेन सप्ताह में एक दिन भोपाल से होकर चलेगी। यह गुरुवार से शुरू होगी। भोपाल मंडल से डॉक्टर अंबेडकर नगर-कामाख्या, बड़ोदरा-वाराणसी, उधना-दानापुर, सूरत-भागलपुर के मध्य स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन भी चलने लगेंगी। रेल प्रशासन द्वारा यह ट्रेन अगली सूचना तक चलाई जाएंगी। इन गाड़ियों का समय पहले से निर्धारित ट्रेन के समय के अनुसार ही चलेगा। भोपाल मंडल से होकर 6 ट्रेन सप्ताह में एक दिन रहेंगी, जबकि 4 गाड़ी सप्ताह में दो दिन रहेगी।

गहरी साजिश : न 11 लाख रुपए लुटे , न क्रॉकरी कारोबारी जिंदा जला, वह जिंदा है, गिरफ्तार

हिसार ( हरियाणा) . राममेहर ने कहा था, ‘जल्दी आ जाओ मेरी जान खतरे में है…दो बाइकों पर सवार लोग मुझे मार डालेंगे…’। ये डायलॉग ड्रामे के निकले। खबर आई है कि मृतक राममेहर जिंदा है…। अगर थोड़ा फ्लैशबैक में जाएं तो हकीकत कुछ और ही दिखाई गई थी। दरअसल, पिछले दो दिन से इस शख्स को 11 लाख रुपए लूटे जाने के बाद लुटेरों द्वारा कार में ही जिंदा जला दिए जाने की बातें सुर्खियों में है। इसी मामले को पुलिस ने 72 घंटे के अंदर सुलझा लिया। उसे छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। अब सवाल उठता है कि उसने यह सारा ड्रामा क्यों रचा, इसका खुलासा भी पुलिस जल्द ही करने वाली है। साथ ही, कार में जो जला हुआ कंकाल मिला था। वह किसका था? बताते चलें कि 6 अक्टूबर की रात को हांसी के बरवाला रोड पर पुलिस को एक कार में किसी व्यक्ति के जिंदा जल रहे होने की सूचना मिली थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो कार जल रही थी और उसमें कंडक्टर सीट पर बैठा व्यक्ति पूरी तरह से राख के ढेर में तब्दील हो चुका था। कार की नंबर प्लेट के आधार पर इसमें जिंदा जले व्यक्ति की शिनाख्त गांव डाटा निवासी राममेहर के रूप में हुई थी, जो बरवाला में डिस्पोजल कप-प्लेट की फैक्ट्री चलाता है। परिजनों के मुताबिक, राममेहर बुरी तरह से घबराया हुआ था। उसने रात को अपने भांजे को मदद के लिए फोन भी किया था, जिसकी ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है। शुक्रवार को इस मामले में खुलासा हुआ है कि राममेहर जिंदा है और उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस बारे में हांसी के पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह ने बताया कि लूट के बाद जिंदा जलाने की थ्योरी पहले दिन से हजम नहीं हो रही थी। पुलिस मानकर चल रही थी कि किसी नजदीकी का इसमें सारा खेल है। पुलिस को उस समय इस केस में लीड मिली, जब व्यापारी के मरने के बाद भी उसका फोन एक्टिव रहा। व्यापारी ने अपने नंबर से एक महिला को दिन में कई बार कॉल किया और घंटों तक बात हुई। इसके बाद कड़ी से कड़ी जुड़ी। वहीं सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि पुलिस ने महिला का नंबर ट्रेस किया और उसकी लोकेशन पर जाकर उसे दबोच लिया। इसके बाद पुलिस ने महिला से पूछताछ की। उसने बताया कि व्यापारी राममेहर जिंदा और वह बिलासपुर में रह रहा है। हांसी पुलिस ने तुरंत बिलासपुर पुलिस से संपर्क किया और व्यापारी के जिंदा होने वाली बात कन्फर्म करवाई। इसके बाद पुलिस ने व्यापारी को हिरासत में ले लिया।

बेहद शर्मनाक व दर्दनाक : कारोबारी से 11 लाख रुपये लूटे फिर कार समेत जिंदा जला दिया

हिसार। हरियाणा के हिसार से एक दर्दनाक घटना सामने आई है. जहां पर बदमाशों ने एक डिस्पोजल व्यापारी से 11 लाख रुपये लूट लिए और उसे गाड़ी समेत जिंदा जाल दिया. यह घटना जिले के हांसी शहर में मंगलवार देर रात की है. बताया जा रहा है कि खतरे का आभास होते ही व्यापारी ने अपने परिजनों को फोन पर बताया कि कार में कुछ लोग उसका पीछे कर रहे हैं. लेकिन इससे पहले कि परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचते कारोबारी कंकाल में तब्दील हो चुका था. इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है. पुलिस के मुताबिक दो बदमाश बाइक पर सवार थे और एक बदमाश गाड़ी से पीछा कर रहा था. पुलिस ने शव के अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में भेज दिया है और इस मामले की जांच में जुट गई है. घटना से पहले व्यापारी ने अपने भांजे से बात भी की थी और बताया था कि कुछ लोग उसका पीछा कर रहे हैं. मृतक राममेहर की बरवाला में डिस्पोजल ग्लास की फैक्ट्री है वो मंगलवार देर रात अपनी कार से कहीं जा रहे थे और उनके पास 11 लाख कैश भी था. व्यापारी से 11 लाख लूटे और जिंदा जला दिया परिजनों का कहना है कि राममेहर ने दोपहर 12 बजे 9 लाख 90 हजार रुपये एक्सिस बैंक से निकले थे और 1 लाख रुपये उनके पास पहले थे. वो हिसार से गांव डाटा आ रहे थे. महजत के पास दो बाइक सवारों ने कार को घेर लिया और जबरन रोककर पैसे लूटने के बाद कार को आग लगा दी और मौके से फरार हो गए. पुलिस इस मामले की जांच में जुटी सदर थाना प्रभारी कश्मीरी लाल ने बताया कि पुलिस को रात 12 बजे जानकारी मिली कि बरवाला रोड पर एक व्यक्ति को कार में जिंदा जला दिया गया. मौके पर पहुंचने के बाद उन्होंने बताया कि राममेहर ने मंगलवार को बैंक से 11 लाख रुपए निकलवाए थे. हिसार से जब गांव डाटा आ रहे थे. महजत के पास दो बाइक सवारों ने कार को घेर लिया और जबरन रोककर पैसे लूटने के बाद कार को आग लगा दी. एसएचओ कश्मीरी लाल ने कहा कि अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी. इस रूट पर सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं.

MP : हाथरस केस में नया मोड़ …पीड़ित के भाई और आरोपी संदीप के बीच 6 महीने में 104 बार बातचीत

हाथरस। हाथरस में 19 साल की दलित लड़की के साथ कथित गैंगरेप और मौत के बाद आधी रात में जबरन अंतिम संस्कार करने को लेकर देशभर में गुस्सा है। इस बीच मुख्य आरोपी संदीप और युवती के भाई के बीच फोन कॉल्स को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। दोनों के बीच 13 अक्टूबर 2019 से मार्च 2020 तक 104 बार बातचीत हुई। पूरा कॉल ड्यूरेशन करीब 5 घंटे का है, जबकि दोनों के घर 200 मीटर की दूरी पर ही हैं। 62 कॉल संदीप ने तो 42 कॉल पीड़ित के भाई की तरफ से एक-दूसरे को किए गए। कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) दैनिक भास्कर के पास है। सीडीआर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। हालांकि, इस डिटेल की किसी भी अधिकारी और जांच एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है। जांच में लगी टीम के सूत्रों का दावा है कि पीड़ित के भाई का फोन उसकी पत्नी इस्तेमाल करती थी। इसी फोन से पीड़ित और संदीप के बीच बातचीत का दावा किया जा रहा है। सीडीआर में दोनों के बीच बातचीत में करीब 60 कॉल रात के समय का होना पाया गया। फिलहाल, इस केस की जांच कर रही एसआईटी को गृह विभाग ने 10 दिन का समय और दिया है। पीड़ित के घर में CCTV कैमरे लगाए गए हैं। पहचान उजागर करने पर ट्विटर, वेबसाइट्स पर एफआईआर चंदपा थाने में एक्टीविस्ट डॉ. नूतन ठाकुर ने पीड़ित की पहचान उजागर करने पर शिकायत की। मामले में ट्विटर और संबंधित वेबसाइट्स पर धारा 228ए आईपीसी, 72 आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। नूतन ने 29 सितंबर को शिकायत भेजी थी। इसमें ट्विटर पर पीड़िता का नाम लिए जाने, उसके नाम से ट्विटर पर विभिन्न हैशटैग चलाए जाने, पीड़ित की फोटो और वीडियो शेयर किए जाने के संबंध में कार्रवाई की मांग की थी। क्या है पूरा मामला? हाथरस में 14 सितंबर को 4 लोगों ने 19 साल की दलित युवती से कथित गैंगरेप किया था। आरोपियों ने युवती की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी और उसकी जीभ भी काट दी थी। दिल्ली में इलाज के दौरान 29 सितंबर को पीड़ित की मौत हो गई। मामले में चारों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि दुष्कर्म नहीं हुआ था। मंगलवार को सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश हलफनामे में भी रेप न होने की बात कही गई है। योगी सरकार मामले की जांच SIT से करवा रही है। CBI जांच की सिफारिश भी की है। पीड़ित का शव जल्दबाजी में जलाने और लापरवाही के आरोपों के बीच हाथरस के एसपी समेत 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए हैं।

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