LATEST NEWS

कुवैत में भीषण अग्निकांड, इमारत में 40 लोग जलकर मरे, पीएम मोदी ने घटना को बताया दुखद

कुवैत दक्षिणी कुवैत में एक इमारत में लगी भीषण आग में बड़ी संख्या में भारतीयों के जिंदा जलने की खबर सामने आ रही है। इसमें 40 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है और 50 से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है। कुवैत में हुए इस भीषण अग्निकांड में इमारत पूरी तरह से तबाह हो गई। इस इमारत के बारे में बताया जा रहा है कि इसमें मजदूर रहते थे, जिसमें से अधिकतर भारतीय थे। ऐसे में इस अग्निकांड में मरने वालों में 40 भारतीय भी शामिल हैं। यह आग बुधवार की सुबह लगी थी। इसके लिए वहां की सरकार ने रियल एस्‍टेट ऑनर को जिम्मेदार ठहराया है। यह भीषण अग्निकांड मंजफ शहर में हुई है, जो दक्षिण कुवैत में पड़ता है। कुवैत में स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारी मौके पर पहुंच रहे हैं और लोगों के लिए इमरजेंसी नंबर भी जारी किया है। जिस पर बात कर अपने लोगों की जानकारी हासिल की जा सकती है। इस घटना को लेकर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कुवैत शहर में आग लगने की घटना की खबर से गहरा सदमा लगा है। कथित तौर पर 40 से अधिक मौतें हुई हैं और 50 से अधिक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमारे राजदूत शिविर में गये हैं। हम आगे की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। उन लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना, जिन्होंने दुखद रूप से अपनी जान गंवाई। जो लोग घायल हुए हैं, उनके शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करता हूं। हमारा दूतावास इस संबंध में सभी संबंधित पक्षों को पूरी सहायता प्रदान करेगा। इस घटना को लेकर पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि कुवैत शहर में आग लगने की घटना दुखद है। मेरी संवेदनाएं उन सभी के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्द से जल्द ठीक हो जाएं। कुवैत में भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए वहां के अधिकारियों के साथ काम कर रहा है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लाल किला हमला मामले में आतंकवादी मोहम्मद आरिफ की दया याचिका की खारिज

  नई दिल्ली  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 24 साल पहले दिल्ली के लाल किले पर हमले की साजिश रचने के दोषी पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद आरिफ उर्फ ​​अशफाक की दया याचिका खारिज कर दी है।  नवंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी और उसे मौत की खबर सुनाई गई थी। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने राष्ट्रपति सचिवालय के 29 मई के आदेश का हवाला देते हुए बताया कि 15 मई को उनको आरिफ की दया याचिका  मिली थी। इसे 27 मई को खारिज कर दिया गया। जानकारी के लिए बता दें कि 22 दिसंबर 2000 को लाल किले पर हमला हुआ था। इस दौरान किले के अंदर तैनात 7 राजपूताना राइफल्स यूनिट के तीन सैन्यकर्मी मारे गए थे। हमले के 4 दिन बाद मोहम्मद आरिफ को गिरफ्तार कर लिया गया। आरिफ एक पाकिस्तानी नागरिक है और आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा का मेंबर है।

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जुलाई से स्टूडेंट वीज़ा के लिए आवेदन न लेने का फैसला किया

सिडनी ऑस्ट्रेलियाई सरकार विदेशी नागरिकों के लिए “वीज़ा हॉपिंग” करना और भी मुश्किल बना रही है। ऑस्ट्रेलिया में छात्रों के लिए नए वीजा नियम लागू किए जा रहे हैं जिससे छात्रों खासकर भारतीय छात्रों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सांसद गृह मंत्री साइबर सुरक्षा मंत्री  क्लेयर ओ’नील  ने कहा है कि ऑस्ट्रेलिया ने जुलाई से स्टूडेंट वीज़ा के लिए  आवेदन न लेने का फैसला किया है।  उन्होंने कहा  कि यह कदम प्रवासन प्रणाली में वीजा की होड़ को समाप्त करने के लिए उठाया गया है। जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार क्लेयर ने बताया पिछले साल जारी की गई प्रवासन रणनीति में  वीज़ा हॉपिंग को प्रतिबंधित करना और उन खामियों को समाप्त करना  हैजो छात्रों और अन्य अस्थायी वीज़ा धारकों को ऑस्ट्रेलिया में अपने प्रवास को कुछ मामलों में अनिश्चित काल तक लगातार बढ़ाने की अनुमति देते हैं। विज्ञप्ति के अनुसार छात्र वीजा पर ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या 2022-23 में 30 हजार से  बढ़कर 150,000 से अधिक हो गई है। प्रसिद्ध ऑस्ट्रेलियाई जनसांख्यिकी विशेषज्ञ, पीटर मैकडोनाल्ड ने हाल ही में कहा था कि देश में पहले से ही मौजूद लोगों से कम वीज़ा आवेदन स्वीकार करके वीज़ा हॉपिंग में गंभीर रूप से कटौती करने से स्थायी प्रवासन में कटौती की तुलना में जनसंख्या वृद्धि को बेहतर ढंग से प्रबंधित किया जा सकेगा। सबसे पहले, विज़िटर वीज़ा धारक ऑनशोर छात्र वीज़ा के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। 1 जुलाई 2023 से मई 2024 के अंत तक 36,000 से अधिक आवेदनों के साथ, स्टूडेंट पाथवे का विजिटर तेजी से प्रचलित हो गया है।यह उपाय उस रास्ते को बंद कर देता है जिसका उपयोग सरकार के मजबूत अपतटीय छात्र वीज़ा विरोधी उपायों को विफल करने के प्रयास के लिए किया गया है।  सरकार के इस फैसले के तहत आगंतुक वीज़ा और अस्थायी स्नातक वीज़ा वाले लोग अब ऑनशोर छात्र वीज़ा के लिए आवेदन नहीं कर पाएँगे। ये उन अन्य बदलावों के अतिरिक्त हैं जो इस साल माइग्रेशन को कम करने के लिए लागू किए गए हैं।  गृह मामलों की मंत्री क्लेयर ने बुधवार को  घोषणा की कि इस साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया में अध्ययन करने के लिए आने वाले लोगों के लिए नियमों को कड़ा करने और माइग्रेशन के स्तर को कम करने के लिए कई बदलाव किए गए थे लेकिन 1 जुलाई से सरकार दो रास्ते बंद कर देगी जिसके तहतविजिटर वीजा और अस्थायी स्नातक वीजा धारक अब ऑनशोर स्टूडेंट वीजा के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। मंत्री के कार्यालय से एक बयान में कहा गया है, “विजिटर से स्टूडेंट मार्ग का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है, 1 जुलाई 2023 से मई 2024 के अंत तक 36,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।”    

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने पर चंद्रबाबू नायडू को मोदी ने थपथपाई पीठ

नई दिल्ली चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। चंद्रबाबू नायडू का आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में वापसी किसी मसाला फिल्म से कम नहीं थी। शपथ समारोह में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उपस्थित थे, और उनके साथ ही साउथ सिनेमा के कई बड़े सुपरस्टार रजनीकांत, चिरंजीवी, रामचरण भी शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे हुए थे। नायडू की पार्टी ने इस बार केंद्र सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, ऐसे में भाजपा के कई बड़े नेता भी शपथ ग्रहण समारोह में मंच को साझा करते हुए नजर आए। पीएम मोदी ने चंद्रबाबू नायडू को फूलों का गुलदस्ता देकर बधाई दी और हाथ मिलाया। चंद्रबाबू नायडू को भावुक देख पीएम ने उन्हें देर तक गले लगाया और पीठ थपथपाकर उनका हौंसला बढ़ाया। कुछ समय पहले की ही बात है जब नायडू भरी प्रेस कांफ्रेस में रो पड़े थे और कहा था की वाईएसआर कांग्रेस के विधायक उन पर और उनकी पत्नी पर निजी हमले कर रहे हैं जो कि गलत है। उसी प्रेस कांफ्रेंस में नायडू ने कसम खा ली थी कि वह आंध्रा के सीएम बनकर विधानसभा जाएंगे। नायडू ने कहा था कि यह अहंकारी वाईएसआरसी के खिलाफ युद्ध है। मैं लोगों के बीच जाऊंगा और उनका समर्थन मागूंगा। अगर लोग समर्थन करेंगे तो मैं प्रदेश को इस अहंकारी वाईएसआर कांग्रेस से बचाने का काम करूंगा।  आज चंद्रबाबू नायडू ने एक बार फिर से आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। नायडू के साथ उनके उपमुख्यमंत्री के रूप में जनसेना पार्टी के प्रमुख और साउथ सिनेमा के सुपर स्टार पवन कल्याण और नायडू के बेटे लोकेश नारा ने भी शपथ ली।

18 जून को मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार काशी आ रहे, किसानों को देंगे सौगात

वाराणसी पीएम नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद पहली बार 18 जून को अपने संसदीय क्षेत्र काशी आ रहे हैं। इस दौरान यहां बाबा विश्वनाथ और मां गंगा का दर्शन पूजन करने के साथ ही काशी से ही देशभर के किसानों को सम्मान निधि की 17वीं किस्त जारी करेंगे। वह अपने एक दिवसीय प्रवास के दौरान आयोजित सम्मेलन में पांच किसानों को सम्मानित भी करेंगे। बनारस जनपद के भी दो लाख 67 हजार 665 किसान सीधे लाभान्वित होंगे। पीएम मोदी 18 जून को काशी में आभार यात्रा पर आ रहे हैं। तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद वह अपने संसदीय क्षेत्र का प्रथम दौरा किसान को समर्पित करेंगे। वह किसान सम्मेलन में सम्मानित होने वाले कृषकों से संवाद भी करेंगे। किसान सम्मेलन के लिए भाजपा ने जगह की तलाश शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री 18 को काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में भी शामिल होंगे। साढ़े चार घंटे का होगा प्रवास प्राथमिक सूचना के मुताबिक प्रधानमंत्री 18 जून को अपराह्न लगभग 4.30 बजे बाबतपुर एयरपोर्ट पर आएंगे। यहां से सीधे किसान सम्मेलन को संबोधित करने जाएंगे। करीब सवा घंटे तक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर आएंगे। दर्शन-पूजन के बाद गंगा आरती देखेंगे। फिर सड़क मार्ग से बाबतपुर एयरपोर्ट लौटेंगे। रात लगभग नौ बजे विशेष विमान से दिल्ली जाएंगे। सम्मेलन के लिए राजातालाब में देखे चार स्थल   किसान सम्मेलन के लिए मंगलवार को भाजपा पदाधिकारियों और डीएम एस. राजलिंगम ने राजातलाब के चार-पांच गांवों में जगह देखी। इनमें राजातालाब मंडी के पीछे, रखौना, मेहंदीगंज मड़ई, मेंहदीगंज रिंग रोड आदि स्थल शामिल हैं। अभी किसी स्थान को फाइलन नहीं किया गया है। भाजपा काशी क्षेत्र प्रवक्ता नवरतन राठी ने बताया कि रोहनिया और सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र के मध्य किसान सम्मेलन आयोजित होगा। निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल, जिलाध्यक्ष एवं एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, प्रवीण सिंह गौतम, अरविन्द पटेल आदि रहे। कार्यकर्ता करेंगे मोदी का भव्य स्वागत मोदी के काशी आगमन को लेकर भाजपा कार्यकर्ता उत्साहित हैं। उन्होंने हर हर महादेव के उद्घोष के साथ जोरदार अगवानी करने का निर्णय लिया है। पीएम के स्वागत के संबंध में भाजपा की जिला और महानगर इकाई ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रधानमंत्री के यात्रा मार्ग में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी व सौरभ श्रीवास्तव की अगुवाई में स्वागत होगा।  

बुजुर्ग की संपत्ति पर उनके बहू की नजर थी, 82 साल के ससुर को मारने के लिए दी सुपारी, कार से कुचलवाया

नई दिल्ली करोड़ों की संपत्ति एक बुजुर्ग के लिए मौत की वजह बन गई है। दरअसल बुजुर्ग की संपत्ति पर उनके बहू की नजर थी। बहू ने संपत्ति हड़पने के लिए साजिश रचकर अपने ससुर की हत्या करवा दी। यह सनसनीखेज घटना नागपुर में घटी है, जहां एक 82 वर्षीय व्यक्ति की हिट-एंड-रन में हुई मौत हो गई। जब जांच हुई तो जघन्य हत्या की साजिश का खुलासा हुआ है। एनडीटीवी की रिपोर्ट की मानें तो कथित तौर पर बुजुर्ग की बहू द्वारा 300 करोड़ रुपये की पारिवारिक संपत्ति हासिल करने के लिए इस हत्या की साजिश रची गई थी। इस सिलसिले में नगर नियोजन विभाग में सहायक निदेशक अर्चना मनीष पुत्तेवार को पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया था। उसकी यह गिरफ्तारी ससुर पुरुषोत्तम पुत्तेवार की कार से कुचलकर हत्या किए जाने के 15 दिन बात हुई है। एक पुलिस अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि अर्चना पुत्तेवार ने इस हत्या के लिए लोगों को काम पर रखा था और करीब 1 करोड़ रुपये की सुपारी दी। पुलिस अधिकारी ने कहा, “उसने अपने ससुर की हत्या करने के लिए एक पुरानी कार खरीदने के लिए आरोपी को पैसे दिए थे। उसने इस हत्या को दुर्घटना में बदलने की साजिश रची।” पुलिस के मुताबिक, अर्चना ने जाहिर तौर पर पुरुषोत्तम की 300 करोड़ की संपत्ति पर कब्जा करने के लिए यह किया होगा। अधिकारी ने बताया कि 53 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर अपने पति के ड्राइवर बागड़े और दो अन्य आरोपियों, नीरज निमजे और सचिन धार्मिक के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने उन पर हत्या और आईपीसी और मोटर वाहन अधिनियम के तहत अन्य धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं। इस मामले में दो कारें, सोने के गहने और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।  

पड़ोसी देश पाकिस्तान में गधों की संख्या बढ़ गई, अर्थव्यवस्था फिसड्डी पर बढ़ रहे डंकी

इस्लामाबाद पड़ोसी देश पाकिस्तान में गधों की संख्या बढ़ गई है। पाकिस्तान में पशुधन पर जारी नवीनतम आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल गधों की संख्या 1.72 प्रतिशत बढ़कर 59 लाख हो गई है। पाकिस्तान में जारी आर्थिक सर्वेक्षण 23-24 में बताया गया कि देश में बोझा ढ़ोने वाले जानवरों की संख्या में बढ्ढोतरी हुई है। आंकड़ों में बताया गया कि पिछले 5 सालों से गधों की संख्या में एक से ड़ेढ लाख का इजाफा होता है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब द्वारा जारी किए गए इस सर्वेक्षण में अन्य पशुधन का भी ब्यौरा दिया गया है। पशुपालन पाकिस्तान की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। 80 लाख से अधिक ग्रामीण परिवार पशुधन उत्पादन में लगे हुए हैं। पाकिस्तान में क्यों है गधों की इतनी मांग पाकिस्तान दुनिया में गधों की तीसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश है, देश की अर्थव्यवस्था में गधों की बहुत बढ़ी भूमिका है। पाकिस्तान में गधों का उपयोग ग्रामीण स्तर पर बहुत बड़ी संख्या में किया जाता है। इसके साथ ही चीन में इनका निर्यात भी किया जाता है। पड़ोसी देश चीन में पाकिस्तानी गधों की बहुत मांग है। पाकिस्तान हर साल चीन को 5 से 7 लाख तक गधों का निर्यात करता हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था को सहारा देता है। पाकिस्तान ने चीन को जारी इस निर्यात को बढ़ाने को लिए पंजाब प्रांत के ओकारा जिले में एक फार्म भी स्थापित किया है जिसमें गधों की देखभाल की जाती है। पाकिस्तानी गधों की चीन में मांग क्यों गधों की सबसे बड़ी आबादी चीन में है, इसके बाद भी वह पाकिस्तान से गधों का आयात करता है। दरअसल चीन में गधों की खाल की डिमांड बहुत ज्यादा है। गधों की खाल में जिलेटिन प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है। जिलेटिन प्रोटीन का उपयोग शक्तिवर्धक दवाईयों को बनाने में किया जाता है। चीन में गधों की संख्या 90 लाख से ज्यादा है, लेकिन डिमांड के ज्यादा होने से यहां पाकिस्तान से भी गधों का आयात किया जाता है। चीन पहले नाइजर और बुर्किना फासो से गधों का आयात करता था, लेकिन इन दोनों ही देशों ने गधों के निर्यात पर रोक लगा दी, जिसके बाद चीन पाकिस्तान से गधों का आयात करता है।

रूसी रक्षा मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की, मुंह पर जाकर दागीं ताबड़तोड़ हाइपरसोनिक मिसाइलें, US को क्यों चिढ़ा रहा रूस

नई दिल्ली रूसी नौसेना के युद्धपोत और परमाणु पनडुब्बी ने अमेरिका के निकट अटलांटिक महासागर में क्यूबा जाते समय ताबड़तोड़ मिसाइलें दागी हैं।  रूसी रक्षा मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है। एक बयान में रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी कज़ान और युद्धपोत एडमिरल गोर्शकोव द्वारा क्यूबा के निकट अटलांटिक महासागर में किए गए युद्धाभ्यास में 600 किमी (370 मील) से अधिक की दूरी की मारक क्षमता और सटीक निशाने वाली मिसाइलें दागी गई हैं। मंत्रालय ने कहा कि एडमिरल गोर्शकोव ने हाल के दिनों में हुए हवाई हमलों को टालने के लिए यह अभ्यास किया है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि जब रूसी युद्धपोत अमेरिका के समुद्री तट से महज 25 मील दूर से गुजर रहा था, तभी हाइपरसोनिक मिसाइलें दागी गईं। अटलांटिक महासागर में रूस की यह हरकत 1962 के क्यूबा मिसाइल संकट की याद दिला रहा है। वह शीतयुद्ध के इतिहास के सबसे तनाव भरे दिन थे। क्यूबा और अमेरिका के संबंध दशकों से मधुर नहीं रहे हैं लेकिन क्यूबा और रूस के संबंधों में निकटता देखी गई है। रूस अभी भी क्यूबा का प्रमुख आर्थिक मददगार देश है। क्यूबा ने रूस-जॉर्जियाई युद्ध में रूस का पुरजोर समर्थन किया था। 2008 के अंत में क्यूबा और रूस ने आर्थिक क्षेत्र में एक दूसरे के साथ संयुक्त सहयोग बढ़ाया है। क्यूबा में रूसी मूल के लगभग 55,000 लोग रहते हैं। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को क्यूबा पहुंच रहे रूसी बेड़े में उसकी सबसे एडवांस्ड फ्रिगेट एडमिरल गोर्शकोव है। यह हाइपरसोनिक मिसाइलों से लैस युद्धपोत है। गोर्शकोव के अलावा बेड़े में एक परमाणु संचालित पनडुब्बी और दो अन्य नौसैनिक जहाज भी हैं। रूसी बेड़ा अगले सोमवार तक क्यूबा के पास कैरिबियन सागर में रहेगा। इस दौरान दोनों देश युद्धाभ्यास करेंगे। क्यूबा ने पिछले हफ्ते कहा था कि हवाना के मित्र देशों की नौसेना इकाइयों द्वारा इस तरह की यात्राएँ और अभ्यास सामान्य सी बात है  और वे क्षेत्र के लिए कोई खतरा नहीं हैं। दूसरी तरफ अमेरिका इस युद्ध अभ्यास और रूसी बेड़े की यात्रा पर पैनी नजर बनाए हुए है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने इस ड्रिल से किसी भी तरह की खतरे की आशंका से इनकार किया है। उनके मुताबिक, रूस सिर्फ यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि वह विश्व शक्ति अमेरिका की बराबरी करने के लिए तैयार है। बता दें कि पिछले करीब ढाई साल से, जब से यूक्रेन-रूस युद्ध छिड़ा है, अमेरिका और रूस के रिश्ते तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं।   बता दें कि अमेरिका ने 1961 में क्यूबा में तख्तापलट की कोशिश की थी लेकिन नाकाम रहा था। फिर अक्टूबर 1962 में जो हुआ, वह कोल्ड वार के सबसे भयावह पलों में से एक है। तब दुनिया परमाणु युद्ध के मुहाने पर पहुंच गई थी। दरअसल, तब क्यूबा को सोवियत रूस का पूरा समर्थन हासिल था। अमेरिका को यह पसंद नहीं था कि उसके पड़ोस में कोई कम्यूनिस्ट देश रहे और उसे सोवियत रूस का समर्थन प्राप्त हो। तब अमेरिका ने इटली और तुर्की में न्यूक्लियर मिसाइलें तैनात कर दी थीं। इसके जवाब में रूस ने भी क्यूबा में परमाणु मिसाइलें तैनात कर दी थीं। यह संकट 13 दिनों तक चला था।  

UN के खिलाफ अब सीधे ऐक्शन ले सकता है इजरायल, सेना ब्लैकलिस्ट करने पर बुरी तरह भड़का

इजरायल इजरायल सरकार संयुक्त राष्ट्र (UN) महासचिव एंटोनियो गुटेरेस द्वारा इजरायल रक्षा बल (IDF) को ‘ब्लैकलिस्ट’ करने के फैसले पर गाजा पट्टी में सक्रिय संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के खिलाफ दूरगामी उपायों पर चर्चा कर रही है, जिसमें संरा कर्मचारियों के संभावित निष्कासन भी शामिल है। मामले से परिचित पांच लोगों का हवाला देते हुए रिपोर्ट दी है कि इजरायल रक्षा बल एक संगठन है जो बच्चों के खिलाफ उल्लंघन करता है। गुटेरेस ने पिछले हफ्ते आईडीएफ को एक विशेष रिपोर्ट में बच्चों के खिलाफ उल्लंघन करने वाली संगठन के रूप में शामिल करने का फैसला किया।  जानकार लोगों के हवाले से कहा कि इजरायली कैबिनेट ने रविवार रात को एक बैठक में और सोमवार को इजरायली राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के साथ चर्चा में कई प्रतिक्रिया विकल्पों पर विचार किया। एक इजरायली अधिकारी ने संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के संबंध में मीडिया से कहा, ‘उन्हें चिंतित होने की जरूरत है।’ कथित तौर पर इजरायली सरकार द्वारा चर्चा किए गए उपायों में विदेशी संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों के लिए वीजा नवीनीकरण की धीमी गति या एकमुश्त अस्वीकृति, इज़रायल द्वारा संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख अधिकारियों का बहिष्कार और पूरे संयुक्त राष्ट्र मिशनों की एकतरफा समाप्ति और निष्कासन शामिल है। हालांकि अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं किया गया है। रिपोर्ट में सूत्र के हवाले से कहा गया है , ‘उन्हें क्या लगता है कि गाजा में सहायता पाने के लिए उनके साथ कौन काम करेगा, उन्हें क्या लगता है कि युद्ध के बाद गाजा का पुनर्नर्मिाण कौन करेगा ,अगर वे खुद ऐसा करना चाहते हैं तो उन्हें करने दें।’ रिपोर्ट में हालांकि एक जानकार व्यक्ति के हवाले से कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों द्वारा ज़मीनी स्तर पर निभाई गई भूमिका और कार्य खत्म नहीं होंगे, बल्कि इजरायली सरकार द्वारा चाहे जो भी दंडात्मक कार्रवाई की जाए, वे इजरायल में स्थानांतरित हो जाएंगे।  

गैंगस्टर ने कोर्ट परिसर में लगाए पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे, परिसर में मौजूद वकीलों ने पीटा

बंगलूरू कर्नाटक की जेल में बंद गैंगस्टर जयेश पुजारी ने कोर्ट के बाहर पाकिस्तानी समर्थक नारे लगाए। गैंगस्टर पुजारी को एक लंबित मामले में सुनवाई के लिए अदालत में लाया गया था। पुलिस ने बताया कि पाकिस्तानी समर्थक नारे लगाने के बाद वहां मौजूद लोगों और वकील ने उसके साथ मारपीट की। एक अधिकारी ने कहा, “हमें नहीं मालूम की उसने ऐसा नारा क्यों लगाया। हम इसकी जांच कर रहे हैं।” साल 2018 में दर्ज एक मामले की सुनवाई के लिए पुजारी को हिंडाल्गा के सेंट्रल जेल से अदालत में लाया गया था। पुलिस ने बताया कि उसपर तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आलोक कुमार को कथित तौर पर धमकाने का आरोप है। उन्होंने बताया कि पुजारी एक डबल मर्डर केस का भी आरोपी है। कोर्ट के परिसर में लगाए पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे बुधवार को जब उसे अदालत के समक्ष पेश किया गया, तब वह कोर्ट के परिसर में पाकिस्तान समर्थक नारे लगाने लगा। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत उसे पकड़कर पुलिस स्टेशन ले गए। जब पुलिस से पूछा गया कि पाकिस्तान समर्थक नारे लगाने के बाद उसपर हमला किया गया, तो उन्होंने कहा, “हम इसकी जांच कर रहे हैं। हमें यह जानना चाहिए कि आखिर हुआ क्या था? ऐसे फुटेज हैं, जिससे पता चलता है कि उसपर हमला किया गया है। लेकिन क्या सच में हमला हुआ या नहीं, इसकी जांच जारी है।” आज की घटना के संबंध में गैंगस्टर पुजारी के खिलाफ बारतीय दंड संहिता की धारा 295 ए और धारा 505 के तहत  बेलगावी शहर के बाजार पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, बाद में उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाएगा। पुलिस ने बताया कि गैंगस्टर ने पिछले साल नितिन गडकरी के कार्यालय में धमकी भरे कॉल कर फिरौती की मांग की थी। 

कोर्ट PFI सदस्यों को नहीं मिली राहत, अदालत ने कहा- भारत को इस्लामिक देश बनाने की रची साजिश

मुंबई बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने  पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के तीन कथित सदस्यों को जमानत देने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि उन्होंने 2047 तक भारत को इस्लामिक देश में बदलने की साजिश रची थी. जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस श्याम चांडक की बेंच ने रजी अहमद खान, उनैस उमर खैय्याम पटेल और कय्यूम अब्दुल शेख की जमानत याचिका खारिज कर दी. उन पर 14 जून, 2022 को मालेगांव में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया कार्यालय के उद्घाटन में शामिल होने और फिर मुस्लिम समुदाय के मुद्दों को उठाने और किसी भी तरीके को अपनाकर देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए मुस्लिम समुदाय की एकता की जरूरत का मुद्दा उठाने का आरोप लगाया गया था. बेंच ने अपने आदेश में कहा कि आरोपियों ने आपराधिक बल का इस्तेमाल करके सरकार को डराने की साजिश रची. कोर्ट ने कहा, “एफआईआर में खुद ही सब कुछ साफ है. उन्होंने 2047 तक भारत को इस्लामिक देश बनाने की साजिश रची. वे न केवल प्रचारक हैं, बल्कि अपने संगठन के विजन-2047 दस्तावेज को लागू करने का इरादा रखते हैं.” कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपियों ने आपराधिक बल का इस्तेमाल करके सरकार को डराने के लिए समान विचारधारा वाले लोगों को अपने साथ शामिल होने के लिए उकसाया. इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि अपीलकर्ताओं ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर व्यवस्थित रूप से ऐसी गतिविधियां की हैं, जो राष्ट्र के हित और अखंडता के लिए हानिकारक हैं. नासिक की कोर्ट ने खारिज की थी याचिका करीब डेढ़ साल से जेल में बंद आरोपियों की जमानत याचिका नासिक की एक अदालत ने खारिज कर दी थी. इसके बाद आरोपियों ने अपने वकील अशोक मुंदरगी, मिहिर देसाई और हसनैन काजी के जरिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. अभियोजन पक्ष के मामले को देखने के बाद, बेंच ने पाया कि आरोपियों ने सोशल मीडिया ग्रुप पर ‘विजन-2047’ नाम से एक डॉक्यूमेंट शेयर किया था. बेंच ने कहा, “विजन-2047 दस्तावेज को देखने से पता चलता है कि यह भारत को इस्लामिक देश में बदलने की एक भयावह साजिश है.” अपने 15 पेज के आदेश में बेंच ने कहा कि यह अपीलकर्ताओं द्वारा उनके षड्यंत्र के तहत किए गए जघन्य कृत्य को अंजाम देने की साजिश है, जो भारत सरकार को डराने या उसके खिलाफ युद्ध छेड़ने की कोशिश करने की साजिश है. बेंच ने प्रथम दृष्टया आरोपियों के खिलाफ सबूत पाया, जिसमें अभियोजन पक्ष ने कहा था कि आरोपियों का उद्देश्य अन्य धर्मों और भारत सरकार के प्रति नफरत को बढ़ावा देना और भारतीयों के बीच विभाजन पैदा करना था, जिससे भारत की एकता और अखंडता के लिए समस्या पैदा हो. आरोप है कि आरोपियों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों के मन में नफरत पैदा करने और उन्हें भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए उकसाने के लिए विभिन्न बैठकें की थी. UAPA के तहत दर्ज हुआ था केस आतंकवाद निरोधक दस्ते ने भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक साजिश, धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था.

ओडिशा में पहली बार भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री ने ली शपथ, मोहन चरण माझी ओडिशा CM

नई दिल्ली मोहन चरण माझी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में ओडिशा में पहली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह ओडिशा के भुवनेश्वर के जनता मैदान में आयोजित किया गया था। माझी के साथ दो उपमुख्यमंत्रियों – कनक वर्धन सिंह देव और प्रवती परिदा ने भी शपथ ली। ओडिशा के राज्यपाल रघुबर दास ने राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री को उपमुख्यमंत्री के साथ शपथ दिलाई। अमित शाह- राजनाथ सिंह समेत मौजूद रहे ये नेता 24 साल तक ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे बीजू जनता दल (बीजेडी) के नेता नवीन पटनायक भी मंच पर मौजूद थे। इस समारोह में भारतीय जनता पार्टी के कई हाई-प्रोफाइल नेता भी मौजूद थे, जिनमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अश्विनी वैष्णव और नितिन गडकरी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल थे। दर्शकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया जब माझी जनता मैदान पहुंचे, तो वहां मौजूद दर्शकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्हें भीड़ का अभिवादन करते भी देखा गया। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में जोरदार प्रदर्शन के बाद ओडिशा में यह पहली भाजपा सरकार है, जिसने बीजू जनता दल (बीजद) को हराकर, बीजद के 24 साल पुराने शासन को समाप्त कर दिया। मांझी ने कहा कि ओडिशा की ‘अस्मिता’ (गौरव) की रक्षा करना नई सरकार की प्राथमिकता होगी। संथाली जनजाति से ताल्लुक रखने वाले 52 वर्षीय मांझी राज्य के क्योंझर जिले के हैं। मंगलवार को चुने गए विधायक दल के नेता उन्हें मंगलवार को ओडिशा में भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया। 1997-2000 तक सरपंच के रूप में अपना करियर शुरू करने वाले माझी 2000 में पहली बार क्योंझर से राज्य विधानसभा के लिए चुने गए। 2004 में उन्हें फिर से चुना गया। 2005 से 2009 तक, वह बीजद-भाजपा गठबंधन सरकार में सरकारी उप मुख्य सचेतक थे। 2019 में वे फिर से विधायक चुने गए। हाल ही में हुए चुनावों में माझी ने बीजेडी की मीना माझी को 11,577 मतों से हराकर सीट बरकरार रखी। ओडिशा विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 147 में से 78 सीटें जीतीं।

विश्व आर्थिक मंच के वैश्विक लैंगिक अंतर सूचकांक में भारत दो पायदान नीचे खिसककर 129वें स्थान पर

नई दिल्ली  विश्व आर्थिक मंच के वैश्विक लैंगिक अंतर सूचकांक में भारत दो पायदान नीचे खिसककर 129वें स्थान पर आ गया जबकि आइसलैंड ने सूची में अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है। बुधवार को प्रकाशित रैंकिंग में यह जानकारी सामने आयी है। दक्षिण एशिया में भारत वैश्विक लैंगिक अंतर सूचकांक में बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका और भूटान के बाद पांचवें स्थान पर है जबकि पाकिस्तान सबसे निचले पायदान पर है। वैश्विक स्तर पर 146 देशों की इस सूची में सूडान सबसे निचले स्थान पर है जबकि पाकिस्तान तीन स्थान नीचे खिसककर 145वें पायदान पर आ गया है। बांग्लादेश, सूडान, ईरान, पाकिस्तान और मोरक्को के साथ भारत कम आर्थिक समानता वाले देशों में शामिल है। इन सभी देशों में अनुमानित अर्जित आय में 30 प्रतिशत से कम लैंगिक समानता दर्ज की गई। डब्ल्यूईएफ के मुताबिक, माध्यमिक शिक्षा में नामांकन के मामले में भारत ने सबसे अच्छी लैंगिक समानता दिखाई है जबकि महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के मामले में देश वैश्विक सूची में 65वें स्थान पर है। पिछले 50 वर्षों में महिला/पुरुष राष्ट्राध्यक्षों के साथ समानता के मामले में भारत 10वें स्थान पर है। डब्ल्यूईएफ के मुताबिक, 140 करोड़ से अधिक की आबादी वाले भारत का 2024 में लैंगिक अंतर 64.1 प्रतिशत रहा। भारत पिछले वर्ष 127वें स्थान पर था और सूची में दो पायदान नीचे जाने की मुख्य वजहों में ‘शिक्षा प्राप्ति’ और ‘राजनीतिक सशक्तिकरण’ मापदंडों में आई मामूली गिरावट है। वहीं ‘आर्थिक भागीदारी’ और ‘अवसर’ मापदंडों में थोड़ा सुधार हुआ है। डब्ल्यूईएफ ने कहा कि भारत में आर्थिक समानता पिछले चार वर्षों से ऊपर की ओर बढ़ रही है।  

तीन साल तक सबसे तेज इकॉनमी बना रहेगा भारत- वर्ल्ड बैंक

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार केंद्र में सरकार बनते ही इकॉनमी के मोर्चे पर अच्छी खबर आई है। विश्व बैंक (World Bank) ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में कहा कि भारत अगले तीन वर्षों में 6.7 प्रतिशत की स्थिर वृद्धि दर्ज करते हुए सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा। विश्व बैंक की नवीनतम ‘वैश्विक आर्थिक संभावना रिपोर्ट’ के मुताबिक, भारत में वित्त वर्ष 2023-24 में आर्थिक वृद्धि बढ़कर 8.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह विश्व बैंक के जनवरी में जताए गए पिछले अनुमान से 1.9 प्रतिशत अधिक है। इसके साथ ही विश्व बैंक ने वर्ष 2024 में वैश्विक आर्थिक वृद्धि के 2.6 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान जताया। उसने कहा कि अगले दो वर्षों में वैश्विक वृद्धि बढ़कर औसतन 2.7 प्रतिशत तक हो जाएगी। हालांकि, यह भी कोविड-19 से पहले के दशक के 3.1 प्रतिशत से काफी कम होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘इस पूर्वानुमान का मतलब है कि 2024-26 के दौरान दुनिया की 80 प्रतिशत से अधिक आबादी और वैश्विक जीडीपी वाले देश कोविड-19 से पहले के दशक की तुलना में धीमी गति से बढ़ रहे होंगे।’ दक्षिण एशिया क्षेत्र में वृद्धि वर्ष 2023 में 6.6% रही थी और इसके वर्ष 2024 में सुस्त पड़कर 6.2% रह जाने का अनुमान है। इस सुस्ती के पीछे का मुख्य कारण हाल के वर्षों में उच्च आधार से भारत की वृद्धि दर में आई नरमी होगी। हालांकि, विश्व बैंक को भारत में स्थिर वृद्धि दर के साथ 2025-26 में दक्षिण एशिया क्षेत्र की वृद्धि दर 6.2 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है। इस क्षेत्र की अन्य अर्थव्यवस्थाओं में बांग्लादेश में वृद्धि पिछले वर्षों की तुलना में थोड़ी सुस्त रह सकती है जबकि पाकिस्तान और श्रीलंका में इसके मजबूत रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश बना रहेगा लेकिन इसके विस्तार की रफ्तार धीमी होने की आशंका है। वित्त वर्ष 2023-24 में उच्च वृद्धि के बाद 2024-25 से शुरू होने वाले तीन वित्त वर्षों के लिए औसतन 6.7 प्रतिशत प्रति वर्ष की स्थिर वृद्धि का अनुमान है। इस सुस्ती के लिए मुख्य रूप से उच्च आधार से निवेश में आई मंदी जिम्मेदार है। हालांकि, निवेश वृद्धि अब भी पुराने अनुमान की तुलना में मजबूत रहने की उम्मीद है और पूर्वानुमान अवधि में मजबूत बनी रहेगी, जिसमें मजबूत सार्वजनिक निवेश के साथ निजी निवेश भी होगा। रिपोर्ट के मुताबिक निजी खपत वृद्धि को कृषि उत्पादन में सुधार और महंगाई में आई गिरावट से फायदा होने की उम्मीद है। जीडीपी के सापेक्ष चालू व्यय को कम करने के सरकार के लक्ष्य के अनुरूप सरकारी खपत में धीमी वृद्धि होने का अनुमान है। रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक महंगाई 2024 में 3.5 प्रतिशत और 2025 में 2.9 प्रतिशत तक कम होने की उम्मीद है लेकिन यह रफ्तार छह महीने पहले के अनुमान की तुलना में धीमी है। इससे कई केंद्रीय बैंक नीतिगत ब्याज दरों को कम करने में सावधानी बरत सकते हैं। विश्व बैंक ने कहा कि भारत में महंगाई सितंबर, 2023 से ही रिजर्व बैंक के दो-छह प्रतिशत के निर्धारित दायरे के भीतर बनी हुई है। हालांकि, दक्षिण एशिया क्षेत्र में भारत को छोड़कर क्षेत्रीय महंगाई ऊंचे स्तर से नीचे होने के बावजूद अधिक बनी हुई है।

पीएम मोदी के दौरे से पहले खालिस्तान समर्थकों की इटली नापाक हरकत, महात्मा गांधी की प्रतिमा तोड़ी

रोम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए कल यानी 13 जून को इटली रवाना होंगे. पीएम मोदी के दौरे से पहले खालिस्तान समर्थकों ने इटली में महात्मा गांधी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया. खालिस्तान समर्थकों ने हरदीप सिंह निज्जर का भी जिक्र किया है. इटली में 13 से 15 जून तक G7 शिखर सम्मेलन का आयोजन होगा है. इससे पहले खालिस्तानी समर्थकों ने इटली में इस नापाक करतूत को अंजाम दिया है. इस घटना की तस्वीरें सामने आई हैं, इसमें दिखाई दे रहा है कि खालिस्तानी समर्थकों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा तोड़ने के बाद वहां विरोध में नारे भी लिखे हैं.

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88