LATEST NEWS

फिर कर्ज लेगी शिवराज सरकार, 10 माह के कार्यकाल में 17,500 करोड़ रुपए कर्ज लिया

भोपाल. कर्ज में डूबी शिवराज सरकार फिर एक हजार करोड़ का कर्ज़ लेने जा रही है. यह इस नए साल का पहला कर्ज़ होगा. वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि कर्ज़ लेना एक निरंतर प्रक्रिया है क्योंकि चिकित्सा, शिक्षा, कृषि, आपदा जैसी चीजों पर खर्च होता है. हमारी सरकार किसानों , गरीबों और आम आदमी सभी का ध्यान रखती है. कई जन हितैषी योजना हम चला रहे हैं. बजट में सभी का ध्यान रखा जाएगा. संबल जन हितैषी योजना है. इससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक को लाभ पहुंचेगा. 2 लाख 8 हजार करोड़ का कर्ज़ कर्ज़ लेने का ये पिछले साल अप्रैल से लेकर अब तक 18वां मौका है. इससे पहले 20 दिसंबर को 2 हजार करोड़ रुपए का कर्ज खुले बाजार से लिया गया था. बीजेपी सरकार अपने 10 माह के कार्यकाल में 17,500 करोड़ रुपए कर्ज ले चुकी है. इस तरह मप्र सरकार पर कुल कर्ज का बोझ 2 लाख 8 हजार करोड़ रुपए हो चुका है. सरकार मार्च 2021 तक 1373 करोड़ रुपए का कर्ज और ले सकती है. वित्त विभाग ने 1 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. मध्य प्रदेश सरकार को केंद्र सरकार ने एक माह पहले खुले बाजार से 2,373 करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेने की अनुमति दे दी है. हर साल राजस्व में 10 से 12% की वृद्धि की जाती है, लेकिन मौजूदा वित्तीय वर्ष में राज्य को करीब 7 हजार करोड़ रुपए कम राजस्व मिला है. इसी तरह केंद्र से जीएसटी में राज्य की हिस्सेदारी का 6900 करोड़ रुपए कम मिला है.

MP में महिला से निर्भया जैसी दरिंदगी, गैंगरेप के बाद प्राइवेट पार्ट में डाली रॉड

मध्य प्रदेश में निर्भया गैंगरेप जैसी वारदात हुई है जिसे जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे. कथित तौर पर चार लोगों ने एक अधेड़ महिला से बलात्कार किया और फिर उसके बाद दरिंदों ने पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में लोहे की रॉड डाल दी. घटना शनिवार की देर रात जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर अमलिया थाना क्षेत्र में हुई है. पुलिस के अनुसार पीड़ित महिला के पति की लगभग चार साल पहले ही मौत हो चुकी है. वो अपने दो नाबालिग बच्चों और अपनी बहन के साथ एक झोपड़ी में रहती थी. महिला वहीं एक छोटी सी दुकान चलाती थी. मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि शनिवार देर रात आरोपी उसके घर आए और पानी मांगा. जब महिला ने पानी देने से मना कर दिया तो वे झोपड़ी में घुस गए और बारी-बारी से बलात्कार किया. दरिंदे इस पर भी नहीं माने और फरार होने के पहले उन्होंने पीड़िता के निजी अंगों में लोहे की रॉड डाल दी. पीड़िता को एक ऑटोरिक्शा में अमलिया पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शुरुआती इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया. इसके बाद पीड़िता को बेहोशी की हालत में बेहतर इलाज के लिए तुरंत रीवा के संजय गांधी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया. अस्पताल के गायनो विभाग की एचओडी डॉ कल्पना यादव ने बताया, ”महिला को गंभीर हालत में सीधी से यहां लाया गया था, उसकी हालत ख़राब थी. गुप्तांगो में रॉड की वजह से अंदरूनी चोट थी जिसकी सर्जरी की गयी है, अभी वह खतरे से बाहर है और इलाज जारी है.’ रीवा रेंज के आईजी उमेश जोगा ने बताया कि पीड़िता के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पीड़ित महिला के ही गांव के रहने वाले हैं. पुलिस ने धारा 376, 324, 542, 34 के तहत मामला दर्ज किया है. इस घटना को जिन आरोपियों ने अंजाम दिया है उनकी पहचान लल्लू कोल, भाईलाल पटेल और 2 अन्य लोगों के रूप में हुई है. मामले की जांच सर्वोच्च प्राथमिकता पर की जा रही है.

किसान आंदोलन : केंद्र सरकार से सुप्रीम कोर्ट बेहद खफा, कृषि कानूनों पर पर स्टे देने के संकेत

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में किसान आंदोलन से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सरकार से काफी खफा नजर आ रहे हैं। किसान यूनियनों में से एक के वकील दुष्यंत दवे ने सुझाव दिया कि मामले को कल के लिए स्थगित कर दिया जाए। कोर्ट ने अब सरकार और पक्षकारों से कुछ नाम देने को कहा है। इन्‍हें कमेटी में शामिल किया जा सके। कोर्ट ने कहा कि अब कमेटी ही बताएगी कि कानून लोगों के हित में हैं या नहीं। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में टुकड़ों मे भी आदेश दे सकता है। इससे पहले सीजेआइ ने कहा कि कोर्ट को ऐसा लगता है केंद्र सरकार इस मुद्दे को सही से संभाल नहीं पा रही है। इसलिए हमें इस बारे में कोई कार्रवाई करनी पड़ेगी। यह बेहद गंभीर मामला है। सरकार की ओर से कोर्ट में कहा गया कि केंद्र सरकार और किसान संगठनों में हाल ही में मुलाकात हुई, जिसमें तय हुआ है कि चर्चा चलती रहेगी और इसके जरिए ही समाधान निकाला जाएगा। मुख्‍य न्‍यायाधीश ने इसपर नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस तरह से सरकार इस मुद्दे को हल करने की कोशिश कर रही है, हम उससे खुश नहीं हैं। हमें नहीं पता कि आपने कानून पास करने से पहले क्या किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम प्रस्ताव करते हैं कि किसानों के मुद्दों के समाधान के लिए कमिटी बने। हम ये भी प्रस्ताव करते हैं कि कानून के अमल पर रोक लगे। इस पर जिसे दलील पेश करना है कर सकता है। इस पर एटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि अदालत तब तक कानून पर रोक नहीं लगा सकती, जब तक कि यह नहीं पता चलता कि कानून विधायी क्षमता के बिना पारित हो गया है और कानून मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। कोर्ट ने कहा कि आपने (केंद्र) इसे ठीक से नहीं संभाला है, हमें आज कुछ कार्रवाई करनी होगी। इसके बाद CJI ने पूछा कि क्या कुछ समय के लिए कानूनों को लागू करने से रोका नहीं जा सकता है? इस पर सीजेआइ ने कहा कि हम ये नहीं कह रहे किसी भी कानून को तोड़ने वाले को सुरक्षित करेंगे। अगर कोई कानून तोड़ता है, तो उसके खिलाफ कानून के हिसाब से कारवाई होनी चाहिए। हमारा मकसद हिंसा होने से रोकना है। इसके बाद एटॉर्नी जनरल ने कहा कि किसान गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ पर ट्रैक्टर मार्च निकालने की योजना बना चुके हैं। इसका मकसद गणतंत्र दिवस की परेड में खलल डालना है। इससे देश की छवि को नुकसान होगा। हालांकि, किसानों के वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि ऐसा कुछ भी होने नहीं जा रहा है। गणतंत्र दिवस के दिन राजपथ पर कोई ट्रैक्टर नहीं चलेगा। हम किसी भी तरह की हिंसा के पक्ष में नहीं हैं। हमें सिर्फ रामलीला ग्राउंड जाने की अनुमति दी जाए। CJI ने कहा कि इस आंदोलन के दौरन कुछ लोगों ने आत्महत्या भी की है, बूढ़े और महिलाएं प्रदर्शन का हिस्सा हैं। ये आखिर क्या हो रहा है? अभी तक एक भी याचिका दायर नहीं की गई है, जो कहे कि ये कृषि कानून अच्छे हैं। चीफ जस्टिस ने कहा कि हम सरकार से कानून वापस लेने के बारे में नहीं कह रहे हैं। हम सिर्फ इतना जानना चाह रहे हैं कि इसे कैसे संभाल रहे हैं। कानून के अमल पर ज़ोर मत दीजिए। फिर बात शुरू कीजिए। हमने भी रिसर्च किया है। एक कमिटी बनाना चाहते हैं। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को कहा कि 41 किसान संगठन कानून वापसी की मांग कर रहे हैं, वरना आंदोलन जारी करने को कह रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि अगर कुछ गलत हुआ, तो हममें से हर एक जिम्मेदार होगा। हम नहीं चाहते हैं कि हमारे हाथों किसी का खून बहे। चाहिए। सीजेआइ ने कहा कि अगर केंद्र कृषि कानूनों के क्रियान्वयन को रोकना नहीं चाहता है, तो हम इस पर रोक लगाएंगे। कोर्ट ने आंदोलनकारियों के वकील से पूछा कि आप आंदोलन को खत्म नहीं करना चाह रहे हैं, आप इसे जारी रख सकते हैं। इस स्थिति में हम ये जानना चाहते हैं कि अगर कानून रुक जाता है, तो क्या आप आंदोलन की जगह बदलेंगे जब तक रिपोर्ट ना आए या फिर जहां हैं, वहीं पर प्रदर्शन करते रहेंगे? बता दें कि पिछली सुनवाई में शीर्ष अदालत ने कानूनों को कुछ समय के लिए ठंडे बस्ते में डालने का सुझाव दिया था। इसके अलावा सरकार और आंदोलनकारी किसानों के बीच मतभेद दूर करने के लिए समिति बनाने की भी तजबीज पेश की थी। किसान संगठनों और सरकार के बीच हुई बातचीत का अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया है। किसान कृषि कानूनों को रद करने की मांग पर अड़े हुए हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी तक बातचीत के जरिए समाधान निकलने की उम्‍मीद नहीं छोड़ी है। 15 जनवरी को किसान संगठनों और सरकार के बीच 9वें दौर की बैठक है। दरअसल, कानून खत्म किए बिना किसान संगठन धरना-प्रदर्शन खत्म करने के लिए तैयार नहीं हैं। सरकार कानूनों में सुधार करने के पक्ष में है, इन्‍हें रद करने के नहीं। यहीं पेंच फंसा हुआ है। आज प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। यह सुनवाई इसलिए और अहम हो जाती है, क्योंकि सरकार और किसान संगठनों के बीच 15 जनवरी को अगले दौर की बातचीत होनी है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान कहा था कि किसानों के प्रदर्शन को खत्म कराने के लिए जमीनी स्तर पर कोई प्रगति नहीं हुई है। जबकि, केंद्र ने अदालत को बताया था कि मामले को सुलझाने के लिए किसानों के साथ उसकी सकारात्मक बातचीत चल रही है। सरकार ने यह भी कहा था कि दोनों पक्षों के बीच जल्द ही सभी मसलों पर आम सहमति बनने की उम्मीद है। इसके बाद ही शीर्ष अदालत ने मामले में सुनवाई 11 जनवरी तक स्थगित कर दी थी।

हरियाणा में प्रदर्शनकारी किसानों पर आंसू गैस के गोले दागे, CM की रैली रद्द

नई दिल्ली। दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसान अब भी केंद्र सरकार से दूरी बनाए हुए हैं। इस बीच, हरियाणा के करनाल में उस समय हंगामा हो गया, जब कैमला गांव में किसानों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल की रैली का विरोध किया। पुलिस ने किसानों को रोका तो दोनों के बीच झड़प शुरू हो गई। हंगामा इस कदर बढ़ा कि किसानों को रोकने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और वॉटर कैनन भी चलानी पड़ी। दरअसल, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर करनाल के कैमला गांव में किसान महापंचायत रैली करने वाले हैं। प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। यहां गढ़ी सुल्तान के पास पुलिस ने नाका लगा रखा था। यहां आगे बढ़ रहे किसानों को रोका गया। जब वे नहीं माने तो पुलिस ने लाठियां भी चलाईं। बेकाबू आंदोलनकारी हेलीपैड और रैली स्थल तक पहुंच गए। हेलीपैड को भी तोड़ दिया। प्रदेश भाजपा प्रमुख ओम प्रकाश धनखड़ के साथ बहस भी हुई। खराब मौसम का हवाला देकर मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। दिल्ली में किसानों की बैठक दिल्ली के बॉर्डर पर बैठे किसानों का संयुक्त मोर्चा एक अहम बैठक करेगा। बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। किसान 26 जनवरी की तैयारियों का ऐलान भी कर सकते हैं। वहीं, कल यानी 11 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में कृषि कानूनों को रद्द करने की अर्जी पर सुनवाई होनी है। इससे पहले भी बुधवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि स्थिति में कोई सुधार नहीं है। हम किसानों की हालत समझते हैं।

दिल्ली से बेंगलुरु तक चोरी, गरीबों में पैसे बांटकर बनता है रॉबिनहुड

नई दिल्ली। पहले चोरी करना फिर उस पैसे को दान देना और हेल्थ कैंप लगवाने जैसे काम करना. ऐसा सब हमने अधिकतर फिल्मों में देखा है. लेकिन दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मोहम्मद इरफान नाम के एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जो अपने गैंग के साथ, दिल्ली, पंजाब और देश के दूसरों हिस्सों में चोरी करता था, फिर उसी चोरी के पैसों से महंगे कपड़े और गाड़ियां खरीदता था. वह अपने गृह जनपद बिहार के सीतामढ़ी से मार्च में जिला परिषद का चुनाव भी लड़ने वाला था. गरीबों का मसीहा बनने के लिए और इलाके में रसूख कायम करने के लिए इरफान चोरी के पैसों से सीतामढ़ी में स्वास्थ्य कैंप लगवाता था और पैसे भी दान करता था. क्राइम ब्रांच की डीसीपी मोनिका भारद्वाज के मुताबिक एक इनपुट के बाद इरफान उर्फ रॉबिनहुड को 7 जनवरी को नारायणा फ्लाईओवर के पास से पकड़ा गया. उसके पास से जगुआर और निसान की 2 महंगी कारें बरामद हुईं. आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वो अपने गैंग के साथ केवल पॉश इलाकों में चोरी करता है. खासकर उन घरों में चोरी करता है जो बंद होते हैं या फिर जिस घर के लोग शहर से बाहर होते हैं. चोरी के लिए घर को टारगेट करने से पहले रेकी की जाती थी. यहां तक कि पॉश सोसायटी में कई बार रेकी करने के लिए ये अपना हुलिया भी बदल लेते थे. चोरी भी केवल कैश और गहनों की होती है. निशानदेही पर पंजाब के जालंधर से भी इरफान के गैंग के 3 लोग पकड़े गए, जिसमें एक महिला शामिल है. इनके पास से फ्रांस मेड पिस्टल और गहने मिले. आरोपी ने पूछताछ में बताया कि बीते साल उसके गैंग ने जालंधर में एक घर से 26 लाख रुपये, हीरे और बाकी गहनों की चोरी की थी. पुलिस के मुताबिक, इरफ़ान बिहार में लोकप्रिय युवा नेता बनना चाहता था. हालांकि कोविड के दौरान उसका चोरी का ये धंधा मंदा चल रहा था क्योंकि अधिकतर लोग अपने घरों में हैं. आरोपी ने यूपी, पंजाब, बेंगलुरु, दिल्ली में चोरी की घटनाओं को भी अंजाम देने का दावा किया है. अन्य मामलों में उसकी भागीदारी का पता लगाने के लिए पुलिस लगातार उससे पूछताछ कर रही है.

आ गई बड़ी खुशखबरी, 16 जनवरी से भारत में लगने लगेगी कोरोना की वैक्सीन

नई दिल्ली . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कोरोना की स्थिति और टीकाकरण की तैयारियों को लेकर शनिवार को एक उच्च-स्तरीय बैठक की। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने देश में कोरोना वैक्सीनेशन शुरू होने की तारीख का ऐलान कर दिया। देश में 16 जनवरी से कोरोना टीकाकरण अभियान शुरू होगा। सबसे पहले करीब 3 करोड़ हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्करों को टीका लगाया जाएगा। इसके बाद 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों और इससे कम उम्र के उन लोगों को टीके लगेंगे जो पहले से ही किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। ऐसे लोगों की तादाद करीब 27 करोड़ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में टीकाकरण की तैयारियों और कोरोना की स्थिति की समीक्षा के लिए शनिवार को एक उच्च-स्तरीय बैठक की समीक्षा की। बैठक में कैबिनेट सेक्रटरी, पीएम के प्रिंसिपल सेक्रटरी, हेल्थ सेक्रटरी और दूसरे बड़े अधिकारी शामिल हुए। दरअसल, भारत में बनी दो कोरोना वैक्सीनों को सरकार ने लिमिटेड इमर्जेंसी यूज की इजाजत दे चुकी है।

नागपुर : सेक्स के दौरान रोमांच बढ़ाने के लिए महिला ने युवक के हाथ-पैर कुर्सी से बांधे, हुई मौत

नागपुर . न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पुलिस अधिकारी ने बताया कि नागपुर के खापरखेड़ा के एक लॉज में शुक्रवार को युवक की मौत हो गई. महिला और युवक का पिछले पांच साल से अफेयर चल रहा था. महिला ने नायलॉन की रस्सी से युवक के हाथ-पैर कुर्सी से बांध दिए थे. रोमांच हासिल करने के लिए कथित तौर पर महिला ने एक और रस्सी युवक के गले में बांध दी थी. बता दें कि कई कपल रिश्ते में रोमांच लाने के लिए सामान्य से हटकर कुछ एक्टिविटिज करते हैं. इस दौरान एक पार्टनर दूसरे के ऊपर हावी होने की कोशिश करता है, हालांकि, इस दौरान दूसरे की सहमति जरूर ली जाती है. इन्हें BDSM (बॉन्डेज, डिसिप्लीन, डोमिनेंस, सबमिशन, सैडोचिस्म, मैसकिजम) एक्टिविटी के तौर पर जाना जाता है. पुलिस अधिकारी के मुताबिक, युवक के बंधे होने के दौरान ही महिला वाशरूम गई थी. इसी दौरान जिस कुर्सी से युवक बंधा था वह फिसल गई. इसकी वजह से युवक के गले में बंधी रस्सी टाइट हो गई. जब महिला कमरे में वापस आई तो उसने पार्टनर को जमीन पर अचेत गिरा पाया. उसने तुरंत मदद के लिए रूम सर्विस को बुलाया. रूम सर्विस के स्टाफ ने युवक की रस्सी खोली. इसके बाद जानकारी मिलने पर पुलिस भी पहुंची. घटना के बाद पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की है. युवक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया. पुलिस का कहना है कि महिला ने अपने अफेयर की बात स्वीकार कर ली है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद, 2018 से भारत में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर अपराध नहीं है. पुलिस ने युवक की मौत को लेकर दुर्घटना का केस दर्ज किया है. पुलिस ने लॉज के स्टाफ, वेटर और अन्य लोगों के बयान रिकॉर्ड भी किए हैं. युवक और महिला, दोनों के मोबाइल फोन को भी जब्त कर लिया है.

MP : राख से भरा ट्रक बस पर गिर गया, 5 लोगों की मौत

रीवा । मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के छुहिया घाटी में ऊंचाई से एक गर्म राख से भरा ट्रक बस पर गिर गया, जिसमें कई लोग सवार थे. इस दर्दनाक सड़क हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई और कई गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों को इलाज के लिए रीवा के संजय गांधी और प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस का कहना है कि यह हादसा तब हुआ जब अल्ट्राटेक सीमेंट की बस स्कूल के छात्रों और कर्मचारियों को लेकर जा रही थी. बस जैसे ही छुहिया घाटी पहुंची वैसे ही उसके ऊपर ऊंचाई से गर्म राख से भरा ट्रक आ गिरा. इस घटना में पांच लोगों की मौत हो गई और 9 से 10 घायल हो गए. सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बस में फंसे लोगों को बाहर निकाला और घायलों को तुरंत ही अस्पताल पहुंचाया. इस हादसे के बाद शहडोल मार्ग पर भीषण जाम लग गया फिर पुलिस क्रेन की मदद से रास्ता साफ करवाया और यातायात सुचारू रूप से चलने लगा. डीपी सिंह, डीएसपी रीवा ने बताया कि छुहिया घाटी में बस के ऊपर ट्रक गिरने से 4 लोगों की मौके पर मौत हो गई. जबकि 9 से- 10 लोग घायल हो गए. सभी घायलों को संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है और अस्पताल में 1 महिला की मौत हुई. इस हादसे की जांच की जा रही है.

भारत बना रहा है कोरोना किलर नेजल स्प्रे, वैक्सीन की नहीं रहेगी जरूरत

नई दिल्ली। भारत को कोरोना वैक्सीन के मोर्चे पर जल्द ही एक और अच्छी खबर मिल सकती है. भारत बायोटेक देश में जल्द ही Nasal वैक्सीन का ट्रायल शुरू करने जा रहा है. नागपुर में इस वैक्सीन के पहले और दूसरे फेज का ट्रायल किया जाएगा. Nasal वैक्सीन को नाक के जरिए दिया जाता है, जबकि अभी तक भारत में जिन दो वैक्सीन (कोविशील्ड, कोवैक्सीन) को मंजूरी मिली है वो हाथ पर इंजेक्शन लगाकर दी जाती है. भारत बायोटेक के डॉ. कृष्णा इल्ला के मुताबिक, उनकी कंपनी ने वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के साथ करार किया है. इस Nasal वैक्सीन में दो की बजाय सिर्फ एक ही डोज देने की जरूरत होगी. रिसर्च में पाया गया है कि ये काफी बेहतरीन ऑप्शन है. डॉ. चंद्रशेखर के मुताबिक, अगले दो हफ्तों में Nasal Covaxin का ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा. इसके लिए हमारे पास जरूरी सबूत हैं कि नाक से दी जाने वाली वैक्सीन इंजेक्शन वाली वैक्सीन से बेहतर है. भारत बायोटेक जल्द ही इस ट्रायल को लेकर DCGI के सामने प्रपोजल रखेगा. जानकारी के मुताबिक, भुवनेश्वर-पुणे-नागपुर-हैदराबाद में भी इस वैक्सीन का ट्रायल होगा. जहां पर 18 से 65 साल के करीब 40-45 वॉलेंटियर्स का चयन किया जाएगा. गौरतलब है कि भारत बायोटेक अभी भी दो इंट्रा-नेसल वैक्सीन पर काम कर रहा है. दोनों ही वैक्सीन अमेरिका की हैं. आपको बता दें कि अभी तक जो भी वैक्सीन बाजार में आई हैं, उसमें व्यक्ति के हाथ पर ही टीका लगाया जाता है. लेकिन Nasal वैक्सीन को नाक के जरिए ही दिया जाएगा. चूंकि नाक से ही सबसे अधिक वायरस फैलने का खतरा रहता है, ऐसे में इस वैक्सीन के कारगर होने की अधिक संभावना है. वाशिंगटन स्कूल ऑफ मेडिसन की रिसर्च के मुताबिक, अगर नाक के द्वारा वैक्सीन दी जाती है तो शरीर में इम्युन रिस्पॉन्स काफी बेहतर तरीके से तैयार होता है. ये नाक में किसी तरह के इंफेक्शन को आने से रोकता है, ताकि आगे शरीर में ना फैल पाए. क्या इंजेक्शन से बेहतर साबित होगी ये वैक्सीन? एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर इस तरह की वैक्सीन को मंजूरी मिलती है तो कोरोना से लड़ाई में ये गेम चेंजर साबित होगी. क्योंकि जो इंजेक्शन लगाया जाता है, उससे इंसान का सिर्फ निचला लंग ही सेफ हो पाता है. लेकिन अगर नाक के जरिए वैक्सीन दी जाती है तो उससे ऊपरी और निचला लंग दोनों सेफ होने की संभावना है. Nasal वैक्सीन मौजूदा वैक्सीन के मुकाबले कम खतरनाक और आसानी से दी जाने वाली वैक्सीन है. जो किसी भी इंसान के शरीर में तेजी से असर करती है. आपको बता दें कि भारत से पहले यूनाइटेड किंगडम में Nasal वैक्सीन का ट्रायल किया जा रहा है. UK में कुल दो Nasal कोरोना वैक्सीन के फेज़ 1 का ट्रायल किया जा रहा है.

कॉमेडी किंग कपिल शर्मा ठग लिए साढ़े पांच करोड़ रुपये

मुंबई। कॉमेडी किंग कपिल शर्मा को मुंबई पुलिस द्वारा सीज की गई गाड़ियों के फर्जी रजिस्ट्रेशन मामले में पूछताछ के लिए समन किया गया. सेंट्रल इंटेलिजेंस यूनिट के API सचिन वाजे ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था. कपिल CIU दफ्तर में अपना बयान दर्ज कराने के बाद यहां से रवाना हो गए हैं. उन्होंने कार डिजाइनर दिलीप छाबड़िया के खिलाफ अपना बयान दर्ज किया है. कपिल शर्मा ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने दिलीप छाबड़िया से उनकी वैनिटी वैन डिजाइन करने को कहा था, लेकिन बावजूद पेमेंट किए जाने के उन्होंने कपिल को गाड़ी डिलीवर नहीं की. कपिल शर्मा द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक उन्होंने दिलीप छाबड़िया को साढ़े पांच करोड़ रुपये वैनिटी वैन डिजाइन करने के लिए दी थी. बता दें कि कपिल ने दिलीप छाबड़िया पर फ्रॉड करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद मुंबई पुलिस ने उन्हें बतौर विटनेस (गवाह) अपना बयान दर्ज करने के लिए बुलाया था. कपिल शर्मा ने बताया, “मैंने दिलीप छाबड़िया और उनके स्कैम के बारे में अखबार में पढ़ा था, जिसके बाद मैंने मुंबई पुलिस कमिश्नर से मिलने का फैसला किया. हमने दिलीप छाबड़िया से हमारे लिए एक वैनिटी वैन डिजाइन करने को भी कहा था, जिसके लिए उन्हें पूरी पेमेंट की जा चुकी थी.” पहले भी कराई थी शिकायत .हालांकि बावजूद इसके वह हमें गाड़ी डिलीवर नहीं कर सके. हमने इस सिलिसिले में पहले इकॉनमिक ऑफेंस विंग (आर्थिक अपराध शाखा) में भी शिकायत दर्ज कराई थी. मुझे खुशी है कि छाबड़ा जैसे लोग गिरफ्तार हो रहे हैं. ऐसे बहुत से सफेदपोश लोग हैं, जो ऐसी आपराधिक प्रवृत्तियों में लिप्त हैं. मुझे वो पूरी धनराशि नहीं पता है जो हमने उन्हें दी थी, इस बारे में मेरे अकाउंटेंट को ज्यादा पता होगा. किस तरह हुआ था पूरा लेनदेन? कपिल शर्मा ने दिलीप छाबड़िया को 5.30 करोड़ रुपये अपनी वैनिटी वैन डिजाइन करने के लिए मार्च 2017 और 2018 में दिए थे. जुलाई 2018 में दिलीप छाबड़िया ने 40 लाख रुपये की डिमांड और की क्योंकि जीएसटी लगना शुरू हो गया था. इसके बाद कपिल शर्मा NCLT के पास पहुंचे जिन्होंने दिलीप के अकाउंट फ्रीज कर दिए. इसके बाद दिलीप फिर से कपिल के पास पहुचे और 60 लाख रुपये और देने की बात कही लेकिन उन्होंने गाड़ी डिलीवर नहीं की. इसके बाद डीसी ने 12 से 13 लाख रुपये का बिल कपिल शर्मा को व्हीकल पार्किंग के लिए भेज दिया. सितंबर 2020 में कपिल शर्मा ने EOW से शिकायत की और आज आखिरकार उन्होंने अंतिम फैसला ले लिया. कपिल ने कहा कि हमने इस मामले में एक अलग शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने 5.30 करोड़ रुपये और बाद में 40 लाख रुपये डीसी को दिए थे. बाद में मांगे गए 60 लाख उन्होंने डीसी को नहीं दिए.

पूर्व राष्ट्रपति प्रणव द की मोदी को नसीहत, जो असहमत हैं उन्हें भी सुनें

नई दिल्ली . पूर्व राष्ट्रपति दिवंगत प्रणब मुखर्जी की किताब ‘द प्रेसिडेंशियल इयर्स’ मंगलवार काे बाजार में आ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सलाह देते हुए उन्होंने लिखा कि उन्हें असहमति के स्वर भी सुनना चाहिए। विपक्ष काे राजी करने और देश के सामने अपनी बात रखने के लिए संसद में और ज्यादा बाेलना चाहिए। मोदी की केवल माैजूदगी ही संसद के काम में बहुत बदलाव ला सकती है। प्रणब ने लिखा, ‘पूर्व प्रधानमंत्रियाें- जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी या मनमाेहन सिंह, इन सभी ने संसद में उपस्थिति महसूस कराई है। प्रधानमंत्री माेदी काे अपने दूसरे कार्यकाल में इनसे प्रेरणा लेकर संसद में माैजूदगी बढ़ानी चाहिए।’ किताब के मुताबिक, ‘मोदी सरकार अपने पहले कार्यकाल में संसद को सुचारू रूप से नहीं चला सकी। इसकी वजह उसका अहंकार और अकुशलता है।’ ‘नोटबंदी के बारे में नहीं बताया’ इसी क्रम में आगे लिखा है, ‘मोदी ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा की, लेकिन इससे पहले मुझसे (तब प्रणब राष्ट्रपति थे) ही इस मुद्दे पर चर्चा नहीं की। हालांकि, इससे मुझे कोई हैरानी नहीं हुई, क्योंकि ऐसी घोषणा के लिए आकस्मिकता जरूरी है।’ पूर्व राष्ट्रपति ने इस बारे में अपने अनुभव साझा करते हुए लिखा है, ‘मैं UPA सरकार के समय विपक्ष के साथ लगातार संपर्क में रहता था। संसद चलाने का प्रयास करता था। सदनों में पूरे वक्त माैजूद रहता था।’ ‘नेपाल की भारत में शामिल होने की ख्वाहिश थी’ प्रणब ने एक और चौंकाने वाला दावा किया है। इसके मुताबिक, ‘नेपाल भारत का राज्य बनना चाहता था, लेकिन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने नेपाल के राजा त्रिभुवन बीर बिक्रम शाह के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। इस पर नेहरू की प्रतिक्रिया थी कि नेपाल एक स्वतंत्र राष्ट्र है। उसे हमेशा ऐसे ही रहना चाहिए।’ प्रणब आगे लिखते हैं, ‘अगर पंडित नेहरू की जगह इंदिरा गांधी होतीं, तो शायद वे अवसर का फायदा उठातीं, जैसा उन्होंने सिक्किम के साथ किया।’ उनकी इस किताब में देश के मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली के बारे में भी तमाम बातें हैं। ‘कांग्रेस जान नहीं पाई कि करिश्माई नेतृत्व खत्म हो चुका’ प्रणब के मुताबिक, ‘मुझे लगता है कि मेरे राष्ट्रपति बनने के बाद कांग्रेस ने पॉलिटिकल फोकस खो दिया। पार्टी ये पहचान नहीं पाई कि उसका करिश्माई नेतृत्व खत्म हो चुका है। यही 2014 के लोकसभा में उसकी हार के कारणों में से एक रहा होगा। उन नतीजों से मुझे यह राहत मिली कि निर्णायक जनादेश आया। लेकिन मेरी पार्टी रही कांग्रेस के प्रदर्शन से निराशा हुई।’

सहारा ग्रुप के खिलाफ बड़ी कार्रवाई … रियल एस्टेट ऑफिस सील

लखनऊ .  जिला प्रशासन ने सहारा ग्रुप के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. प्रशासन ने लखनऊ में सहारा इंडिया के रियल स्टेट के ऑफिस को सील कर दिया है. जिला प्रशासन और रेरा की टीम अलीगंज के कपूरथला स्थित सहारा इंडिया के रियल स्टेट के ऑफिस को सील करने पहुंची. सहारा के कई हाउसिंग प्रोजेक्टस पर पैसा जमा करने पर मकान ना देने और पैसा ना वापस देने का आरोप है. बता दें कि सहारा ग्रुप की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. इससे पहले भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड (SEBI) ने सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय और उनकी दो कंपनियों से 62,600 करोड़ रुपये जमा करने को कहा था. सेबी ने कहा कि ​यदि कंपनी निवेशकों का पैसा सेबी के पास जमा नहीं करती है तो दोषी लोगों को हिरासत में लिया जाए. सेबी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि सहारा समूह 2012 और 2015 के कोर्ट के आदेशों का पालन करने में विफल रहा है, जिसमें कहा गया था कि वह निवेशकों से जमा रकम को 15 फीसदी ब्याज सहित वापस करे. गौरतलब है कि कभी एक बड़ा कारोबारी साम्राज्य खड़ा करने वाले सहारा समूह के मुखिया सुब्रत रॉय की निवेशकों के हजारों करोड़ रुपये की वापसी को लेकर सेबी से पिछले कई साल से टकराहट चल रही है. निवेशकों ने समूह की बॉन्ड योजनाओं में ये पैसा जमा किया है, जिसे सेबी अवैध बता चुका है. सहारा और सेबी की टकराहट तो पहले से चल रही है और इस बीच अब लखनऊ जिला प्रशासन ने भी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई कर दी है.

बदायूं में महिला के साथ गैंगरेप, मुख्य आरोपी महंत पर 50 हजार का इनाम घोषित

बदायूं . उत्तर प्रदेश के बदायूं में महिला के साथ गैंगरेप के बाद हत्या के मामले में मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने STF को आदेशित किया है. जिला पुलिस के साथ एसटीएफ भी मामले की जांच करेगी. साथ ही आरोपियों पर NSA के तहत कार्रवाई का आदेश दिया गया है. सीएम योगी ने कहा कि बदायूं की घटना अत्यंत निंदनीय है. अभियुक्तों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस घटना के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. इस मामले के मुख्य आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है. मुख्य आरोपी महंत सत्यनारायण फरार है. बुधवार को बदायूं जिले से हैवानियत की हदें पार करने वाली खबर सामने आई. दरअसल, उघैती इलाके में रविवार रात 50 वर्षीय महिला अपने गांव के मंदिर में पूजा करने के लिए गई थी. जिसके बाद महिला का शव संदिग्ध हालात में मिला था. पुलिस ने जब इस मामले की जांच की और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई तो गैंगरेप की पुष्टि हुई. पोस्टमार्ट्म रिपोर्ट के मुताबिक, महिला के गुप्तांग पर चोटें आई हैं और महिला का पैर भी फैक्चर पाया गया है. पुलिस ने इस मामले में गैंगरेप, हत्या का मामला दर्ज किया है और तीन लोगों को नामजद किया है. पुलिस की ओर से इस मामले में एक्शन के लिए चार टीमें बनाई गई हैं. इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में उघैती के थाना प्रभारी राघवेंद्र को सस्पेंड कर दिया गया है. अब तक कुल दो आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. पुलिस को मुख्य आरोपी महंत सत्यनारायण की तलाश है. वहीं, डीएम ने कहा है कि मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा. परिवार ने पुलिस पर उठाए सवाल महिला रविवार को शाम 6 बजे पूजा के लिए गई थी. जब 2-3 घंटे बाद वापस नहीं लौटी तो परिवार वाले थाने गए. लेकिन उन्हें पुलिस ने रात 11 बजे तक अटेंड नहीं किया. परिवार का कहना है कि आरोपियों ने दरवाजे की कुंडी खटखटा के डेडेबॉडी फेंकी और भाग गए. परिवार का ये भी आरोप है कि पुलिस ने सुबह मामले को देखने की बात कही थी. इस वारदात के बाद से विपक्ष योगी सरकार पर हमलावर है.

ताजमहल में शिव चालीसा पाठ कर रहे 4 युवकों ने भगवा झंडा लहराया

आगरा। आगरा में ताजमहल के अंदर भगवा झंडा लहराने और शिव चालीसा का पाठ करने का मामला सामने आया है। मामले में हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष और उसके साथ तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। CISF ने धार्मिक भावनाओं को भड़काने का केस दर्ज कराया है। 4 जनवरी को चार युवक गौरव ठाकुर, सोनू बघेल, ऋषि लवानिया और विष्णु कुमार ताजमहल के अंदर पहुंचे। उन्होंने भगवा झंडा लहराया, शिव चालीसा का पाठ भी किया और वीडियो भी बनाया। सोशल मीडिया पर किया पोस्ट आरोपियों ने ताजमहल से ही वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट भी किया। जानकारी मिलने के बाद CISF के जवानों ने उन्हें पकड़ लिया और ताजगंज थाना पुलिस को सौंप दिया। वहीं, थानाप्रभारी उमेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पूछताछ में एक आरोपी गौरव ठाकुर ने बताया कि उन लोगों ने दूसरी बार ताज परिसर के अंदर भगवा झंडा लहराया है। इसके पहले अक्टूबर में दशहरे के दिन लहराया था। अक्टूबर में विजयादशमी के दिन भी गौरव ठाकुर ने ताजमहल परिसर में भगवा झंडा लहराकर शिव चालीसा का पाठ किया था। तब भी CISF जवानों ने गौरव को पकड़ लिया था। हालांकि, पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया था। उस दौरान गौरव ने कहा था कि यह शिव मंदिर तेजोमहालय है, इसलिए शिव चालीसा का पाठ कर भगवा ध्वज फहराया। ताजमहल में भगवा ध्वज लहराने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व अब तक 5 बार हिंदू संगठनों ने भगवा ध्वज लहराया। पिछले साथ एक महिला ने ताजमहल में प्रवेश में कर पूजा-अर्चना करने का दावा किया था।

बड़े दिल वाले रतन टाटा …. 2 साल से बीमार पूर्व कर्मचारी से मिलने मुंबई से पुणे पहुंचे

मुंबई। टाटा ग्रुप के चेयरमैन एमेरिटस रतन टाटा (83) मुंबई से पुणे तक का सफर कर अपने एक पूर्व कर्मचारी से मिलने पहुंचे। पूर्व कर्मचारी पिछले 2 साल से बीमार है। इसलिए रतन टाटा ने कार से करीब 150 किमी का सफर कर पुणे की फ्रेंड्स सोसायटी पहुंचे। इसका खुलासा सोशल मीडिया पर हुआ है। परिवार का खर्च उठाने की भी चर्चा पोस्ट करने वाले ने रतन टाटा की अपने पूर्व कर्मचारी से मिलने की फोटो शेयर की है। साथ ही लिखा, ‘इस मुलाकात के दौरान न मीडिया था, न बाउंसर थे। सिर्फ वफादार कर्मचारियों के लिए कमिटमेंट था। इससे सभी बिजनेसमैन को सीखना चाहिए कि पैसा ही सब कुछ नहीं होता।’ चर्चा ये भी है कि रतन टाटा ने पूर्व कर्मचारी के परिवार का खर्च उठाने का भरोसा भी दिया है। कोरोनाकाल में भी कर्मचारियों के साथ नजर आए उद्योग जगत में कर्मचारियों की छंटनी को लेकर रतन टाटा ने कहा था कि कॉरपोरेट वर्ल्ड में हमदर्दी की कमी है। उन्होंने उद्योग जगत के दिग्गजों से छंटनी नहीं करने की अपील की थी। टाटा ने कहा था कि ये वे लोग हैं, जिन्होंने आपके लिए जिंदगीभर काम किया, लेकिन थोड़ी बारिश क्या हुई आपने उन्हें बाहर ही कर दिया। क्या यही आपके मूल्यों की परिभाषा है। 26/11 हमले के पीड़ित कर्मचारियों के परिवारों की भी मदद की थी मुंबई के ताज होटल पर हुए 26/11 के आतंकी हमले के बाद भी रतन टाटा ने अपने कर्मचारियों की मदद की थी। वे करीब 80 पीड़ित कर्मचारियों के परिवारों से मिले थे और पूरा खर्च उठाने का वादा किया था।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88