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150 साल का हुआ आईएमडी, भोपाल मौसम केंद्र सालभर करेगा समारोह

IMD turns 150, Bhopal weather center will celebrate throughout the year भोपाल। सोमवार को भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), मौसम विज्ञान में 150 वर्ष पूरे कर रहा है। 15 जनवरी 1875 में स्थापना के साथ भारत मौसम विज्ञान विभाग लगातार देश को सटीक मौसम पूर्वानुमान, चेतावनियां और जलवायु की जानकारी दे रहा है। इस दिशा में देश के सभी मौसम केंद्रों के साथ ही भोपाल मौसम केंद्र भी लगातार अपडेट हो रहा है। इस 150वीं वर्षगांठ को मनाने के लिए मौसम केंद्र भोपाल इस साल भर में समारोह का आयोजन करेगा। इसके तहत सम्मेलन, कार्यशाला और जनहितैषी, कार्यक्रम शामिल होंगे, जो मौसम विज्ञान, जलवायु परिवर्तन और तैयारी के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए होंगे। इसी आयोजन के तहत 15 जनवरी 2024 को मौसम केंद्र भोपाल द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया जा रहा है, जिसका उदघाटन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा मौसम मुख्यालय नई दिल्ली में एवं प्रादेशिक स्तर पर डॉ. देवेंद्र प्रधान, पूर्व वैज्ञावनक जी, आईएमडी एवं विशेष अतिथि डॉ. डी. पी. दुबे, पूर्व प्रमुख, मौसम केंद्र भोपाल द्वारा किया जाएगा। मौसम केंद्र भोपाल में नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम की लाइव स्ट्रीमिंग की जाएगी। प्रदर्शनी, अलोकन के लिए स्कूल कॉलेज के विद्यार्थीआम जन लिए दोपहर 2 से 6 बजे तक खुली रहेगी। हम 150 वर्षों की सेवा का समारोह मना रहे हैंभारत मौसम विज्ञान विभाग के अंतर्गत मौसम केंद्र भोपाल के प्रमुख आर. बालसुब्रमवर्यन ने वर्षों से मिल रहे समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उनका कहना है कि संगठन लगातार सुधार में जुटा है। हम 150 वर्षों की सेवा का समारोह मना रहे हैं, और हम देश को सटीक और समय पर मौसम जानकारी प्रदान करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं। हम भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तकनीक के सहयोग से आगे बढऩे की उम्मीद कर रहे हैं।

नगर निगम भोपाल के नीमच में बन रहे दो संयंत्र इस वर्ष काम करने लगेंगे, महापौर व अधिकारी पहुंचे

Two plants being built in Neemuch of Municipal Corporation Bhopal will start functioning this year. भोपाल। नगर निगम भोपाल के नीमच में बन रहे दो संयंत्र इस वर्ष काम करने लगेंगे, जिसकी प्रगति देखने भोपाल से नगर निगम महापौर मालती राय व विद्ययुत शाखा के अधिकारी रविवार को नीमच पहुंचे। नीमच पहुंचने के बाद महापौर ने बताया कि रास्ते में कई पवन ऊर्जा संयत्र का भी निरीक्षण कर सभी प्रकार की जानकारी लीं। जिससे यह जानकारी मिल सके कि भोपाल नगर निगम सही दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि यह दोनों संयत्र इस साल काम करने लगेंगेए जिससे इन परियोजनाओं से 55 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। यह बिजली निगम को 25 वर्षों तक रियायती दर पर उपलब्ध होगी। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार नीमच में 180 करोड़ रुपये से 20-20 मेगावाट के दो सौर ऊर्जा और 90 करोड़ रुपये से 15 मेगावाट का एक पवन ऊर्जा संयत्र लग रहा है। नगर निगम बिजली के बढ़ते खर्च से बचने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा पर निर्भरता बढ़ा रहा है। इसके लिए नीमच में 180 करोड़ रुपये से 20ण्20 मेगावाट के दो सौर ऊर्जा संयंत्र और 90 करोड़ रुपये से 15 मेगावाट का एक पवन ऊर्जा संयत्र लगाने जा रहा है। तीनों परियोजनाओं से 55 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। यह बिजली निगम को 25 वर्षों तक रियायती दर पर मिलेगी। महापौर मालती राय के अनुसार प्रथम चरण में 20 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का काम शुरु हो गया है। इसमें 90 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 28 करोड़ रुपये नगर निगम को देना होगाए जबकि बाकी रकम ठेकेदार लगाएगा। इसके बदले निगम को ठेकेदार आगामी 25 वर्षों तक 3.14 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली देगा। वहीं दूसरे चरण में 15 मेगावाट के पवन ऊर्जा संयंत्र प्लांट के लिए नीमच में भूमि आवंटित होने के बाद काम चालू हो गया है। इसकी लागत भी 90 करोड़ रुपये होगी। इसमें 30 करोड़ रुपये नगर निगमए जबकि बची हुई राशि ठेकेदार मिलाएगा। इसमें भी निगम को 25 वर्षों तक 4.24 रुपये प्रति यूनिट बिजली मिलेगी। तीसरे चरण में नीमच में 20 मेगावाट का एक अन्य सोलर संयंत्र लगना शुरू हो गया है। इसकी लागत भी 90 करोड़ रुपये होगी। इसमें भी निगम को केवल 28 करोड़ रुपये देने होंगे।

84 इंस्पेक्टर बनेंगे डीएसपी, सीएम के निर्देश के बाद पीएचक्यू ने तैयार किया प्रस्ताव, गृह विभाग को भेजा

84 inspectors will become DSP, after instructions from CM, PHQ prepared proposal, sent it to Home Department भोपाल। प्रदेश के 84 इंस्पेक्टर जल्द ही कार्यवाहक डीएसपी बनाए जाने वाले हैं। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय की प्रशासन शाखा में प्रस्ताव तैयार कर लिया है। प्रस्ताव गृह विभाग को भेज भी दिया है। इसके लिए इंस्पेक्टरों की सीनियर्टी की स्क्रूटनी भी की गई है। प्रदेश में पुलिस अफसरों की पदोन्नति किए को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस अफसरों को निर्देश दिए थे।इस निर्देश के पालन में पिछले महीने पुलिस मुख्यालय ने करीब 13 सौ पुलिस कर्मियों और जवानों को पदोन्नति दी। अब इसमें उपनिरीक्षक से कार्यवाहक निरीक्षक और निरीक्षक से कार्यवाहक ऊरढ की पदोन्नति की जाना है। इस क्रम में डीएसपी की पदोन्नति का काम तेजी से चल रहा है। पुलिस मुख्यालय की कार्मिक शाखा के अफसर इस काम में तेजी से लगे हुए हैं। इसमें वे 250 सीनियर निरीक्षकों के रिकॉर्ड को खंगाल रहे हैं। जिसमें इनकी डीई सहित अन्य जांचों को देखा जा रहा है। उनके रिकॉर्ड को खंगालने के बाद जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर गृह विभाग को भेजा जाएगा। वन टर्म प्रमोशन होगा पुलिस अफसरों को वन टर्म प्रमोशन देने की प्रक्रिया पिछले कुछ सालों से चल रही है। दरअसल प्रदेश में पदोन्नति पर कोर्ट की रोक होने के चलते पुलिस अफसरों को कार्यवाहक पद देकर पदोन्नति दी जा रही है। इसी क्रम में सभी के प्रमोशन किए जा रहे हैं। जिसमें उन्हें उच्च पद का प्रभार दिया जाता है। प्रदेश में निरीक्षकों से डीएसपी बनने लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। पिछले साल भी बड़ी संख्या में निरीक्षकों को कार्यवाहक डीएसपी बनाकर उन्हें डीएसपी का प्रभार दिया था। इससे बाद भी यह पदोन्नति पाने वालों की संख्या में कमी नहीं आई। इस साल होने वाली 84 पदोन्नति के बाद प्रमोशन की स्थिति कुछ हद तक बेहतर हो सकती है।

आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए केन्द्रवार 10-10 सीएचओ की तैनाती की जाएगी।

Center wise 10-10 CHOs will be deployed for making Ayushman cards. विशेष पिछड़ी जाति के सभी पात्र किसानों के केसीसी बनाने में मिली सफलता स्‍वीकृत वनाधिकार पट्टों के किसानों के भी केसीसी बनाये जायेंगे बालाघाट । विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के समग्र विकास के लिये भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्‍याय महाअभियान (पीएम जन-मन) चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत जिले की बैगा जनजाति के समग्र विकास के लिये जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास करते हुये कुल 260 बसाहटों में जन कल्‍याणकारी योजनाओं के साथ-साथ आधारभूत व्‍यवस्‍थाएं सुनिश्चित की जा रही है। गुरुवार को कलेक्‍टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने पीएम जन-मन योजनांतर्गत किये जा रहे कार्यो की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान आयुष्‍मान कार्ड बनाने मे आ रही समस्‍या को देखते हुये निर्देश दिये कि जनपद सीईओ अब केंद्रवार 10-10 सीएचओ की ड्यूटी आयुष्‍मान कार्ड बनाने लगायेंगे। सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ श्री आरसी पटले ने बैठक में बताया कि बैगा जनजाति के 97 पात्र किसानों के केसीसी बनाने का लक्ष्‍य था वो पूर्ण कर लिया गया है। इस संबंध में कलेक्‍टर डॉ. मिश्रा ने सीईओ श्री पटले सहित सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि पीएम जन-मन योजना में जितने भी बैगा जनजाति के पात्र नागरिकों को वनाधिकार पट्टे प्रदान किये जायेंगे उन्‍हें विशेष रूप से केसीसी भी प्रदाय किया जाना है। एसडीएम इस संबंध में उपखंड स्‍तरीय समिति में वनाधिकार पट्टों का निर्धारण कर जिला स्‍तरीय समिति के पास शीघ्रता से भेजे। बैठक में जिपं सीईओ श्री डीएस रणदा, एडीएम श्री ओपी सनोडिया, एसी ट्राइबल श्री पीएन चतुर्वेदी, डीएसओ ज्‍योति बघेल सहित अन्‍य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। पलायन कर गये नागरिकों के मोबाईल नम्‍बरों पर सम्‍पर्क करे राशन कार्ड सहित आधार कार्ड बनाने की समीक्षा के दौरान विभिन्‍न विभागों व जनपद सीईओ द्वारा जानकारी दी गई कि कई नागरिक पलायन कर जाने से उनके आधार जाति और संबंधित व्‍यक्ति का राशन कार्ड या पात्रता पर्ची बनाने में समस्‍या आ रही है। कलेक्‍टर डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिये कि ऐसे व्‍यक्तियों के मोबाईल न. तलाश करे और उनसे सम्‍पर्क कर आधार, जाति प्रमाण पत्र, आयुष्‍मान कार्ड तथा राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूर्ण कराये। जिले में बैगा जनजाति की 260 बसाहटों में 31033 नागरिकों में से 1747 के आधार कार्ड बनने है जिसमें से अब तक 959 आधार कार्ड बनाये जा चुके है। इसी तरह 1478 के जाति प्रमाण पत्र में से पीएम जन-मन अभियान के दौरान 878 के जातिप्रमाण पत्र बनाये गये है। आयुष्‍मान कार्ड की बात की जाये तो कुल 3683 के आयुष्‍मान कार्ड बनाये जाने थे जिसमें गुरुवार तक अभियान के दौरान 1348 के कार्ड बनाये गये है। इसके अलावा 381 नागरिकों के राशन कार्ड बनाने के मामले में गुरुवार तक 179 के कार्ड बनाये जा चुके है।

अतिथि शिक्षक सुसाइड मामला: गिरफ्तारी के 24 दिन बाद प्राचार्य को किया निलंबित

Guest teacher suicide case: Principal suspended 24 days after arrest 8 दिसंबर को भेजा था पत्र भोपाल। भोपाल जिले के ग्राम हर्राखेड़ा स्थित शासकीय अरविंद भार्गव हायर सेकंडरी स्कूल के अतिथि शिक्षक सुसाइड मामले में लोक शिक्षण संचालनालय ने करीब 24 दिन बाद अब प्राचार्य श्रीप्रकाश विजयवर्गीय को निलंबित किया है। बताया जा रहा है कि डीईओ अंजनी कुमार त्रिपाठी ने आयुक्त लोक शिक्षण अनुभा श्रीवास्तव को निलंबित करने के लिए 8 दिसंबर को पत्र भेजा था। जिस पर 24 दिन बाद कार्रवाई की गई है। आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि में विजवर्गीय का मुख्यालय कार्यालय कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक भोपाल संभाग, भोपाल मप्र रहेगा एवं निलंबन काल में उन्हे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। गलतियों भरे आदेश पर हस्ताक्षर भी हो गएमामले में 24 दिन की देरी के बाद जारी किए गए आदेश में कुछ गलतियां भी की गई हैं। जारी आदेश में बताया गया है कि प्रकरण में अभियुक्त श्रीप्रकाश विजयवर्गीय को पुलिस ने 19 दिसंबर को अरेस्ट कर न्यायालय में पेश किया था और जेल भेज दिया था। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 8 दिसंबर 2024 को इसकी सूची दे दी गई थी। इस आदेश पर बकायदा लोक शिक्षण आयुक्त द्वारा हस्ताक्षर भी किए गए हैं, लेकिन इस गलती पर ध्यान नहीं दिया गया। यह है पूरा मामला: जानकारी के मुताबिक मूलतःअशोक नगर निवासी आकाश यादव पिता गोपाल यादव (23) यहां ग्राम हर्राखेड़ा स्थित शासकीय अरविंद भार्गव हायर सेकेंडरी स्कूल में बतौर अतिथि शिक्षक नौकरी कर रहे थे। पिछले साल 13-14 अक्टूबर को आकाश ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। आकाश के पास मिले सुसाइड नोट में लिखा था कि प्रिंसिपल श्रीप्रकाश विजयवर्गीय उसके स्थान पर अपने साले को रखना चाहते हैं। अतिथि शिक्षक छगनलाल शाह और नरेंद्र दुबे, प्रिंसिपल के साथ मिलकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। सुसाइड नोट में आगे लिखा है कि आज मैं जो कदम उठाने को मजबूर हूं। मामले में गुनना थाना पुलिस ने प्राचार्य समेत तीन लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। घटना वाले दिन से ही प्राचार्य बिना बताए स्कूल से गायब:घटना वाले दिन से ही प्राचार्य बिना बताए स्कूल से गायब हो गए थे। उसके गायब होने के बाद भी विभाग की तरफ से कोई कार्यवाही नहीं की गई थी। जिला शिक्षा अधिकारी अंजनी कुमार त्रिपाठी ने आयुक्त लोक शिक्षण अनुभा श्रीवास्तव को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया था, लेकिन लोक शिक्षण के अफसर मामले में अनजान बने हुए थे। वहीं, प्राचार्य विजयवर्गीय की हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद गुनगा थाने में सरेंडर कर दिया।

निजी अस्पताल में निवेश के नाम पर 130 लोगों से 5 करोड़ की ठगी

130 people cheated of Rs 5 crore in the name of investment in private hospital जालसाज दुकान, मकान में ताले लगाकर फरार भोपाल। कोलार थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में निवेश के नाम पर जालसाज ने 130 लोगों से रुपए ऐंठ लिए। सभी से अलग अलग धनराशि लेने वाले जालसाज ने करीब पांच करोड़ का चूना लगाया है। ठगी का पता उस समय लगा जब निवेश की समयावधि खत्म हो गई और लाभ लेने पहुंचे। इस दौरान पता चला कि जालसाज अपनी दुकान और मकान में ताला लगाकर फरार हो चुका है। पीड़ित ने क्राइम ब्रांच में शिकायत की है। पुलिस ने शिकायती आवेदन लेकर जांच शुरू कर दी है। आरोपी का नाम श्यामदास बताया जा रहा है। श्यामदास औरंगाबाद का है। पूर्व में वह भोपाल में रह रहा था। उसने लोगों को बताया था कि यदि अस्पताल में निवेश करते हैं तो अस्पताल के लाभ के साथ उनकी राशि बढ़ाकर दी जाएगी। शुरुआत में आरोपी ने कम पैसा निवेश कराया था और बदले में लाभ भी दिया। बाद में जब लोगों को उस पर विश्वास हो गया तो उसने बड़ी रकम निवेश कराई और फरार हो गया।

डिलेवरी में देरी से एक लाख उपभोक्ता गोदाम से ले रहे सिलेंडर, नहीं मिल रही 29.26 रुपए की रिबेट

डिलेवरी में देरी से एक लाख उपभोक्ता गोदाम से ले रहे सिलेंडर, नहीं मिल रही 29.26 रुपए की रिबेट गैस एजेंसी संचालकों की मनमानी नहीं हो रही दूर भोपाल। घरेलू गैस सिलेंडर की होम डिलेवरी में देरी करने की वजह से प्रत्येक माह एक लाख से अधिक उपभोक्ता गैस एजेंसियों के गोदामों से सिलेंडर ले रहे हैं। जबकि गैस एजेंसी संचालक उन्हें 29.26 पैसे की रिबेट नहीं दे रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को गोदाम से सिलेंडर लेना महंगा पड़ रहा है। बताया जाता है कि गैस सिलेंडर की बुकिंग करने के तीन दिन तक सिलेंडर की डिलेवरी नहीं की जाती है, जिसकी वजह से उपभोक्ताओं को गोदाम पर जाकर सिलेंडर लेना पड़ता है। राजधानी में करीब आठ लाख घरेलू गैस कनेक्शन हैं। गैस सिलेंडर की होम डिलेवरी पर एक सिलेंडर पर 29.26 रुपए और पांच किलो सीएनजी पर 14.63 रुपए रीबेट मिलती है। गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार राजधानी में रोजाना 10 हजार घरेलू और एक हजार कामर्शियल सिलेंडर की सप्लाई होती है। रोजाना साठ से सत्तर फीसदी सिलेंडर की ही होम डिलेवरी हो पाती है। बाकी सिलेंडर खुले में गाड़ी से दिए जाते हैं या डायरेक्ट गोदाम से सिलेंडर लिए जा रहे है। जिला आपूर्ति नियंत्रक मीना मालाकार का कहना है कि गैस सिलेंडर की होम डिलेवरी नहीं हो रही और उपभोक्ता को गैस गोदाम से सिलेंडर लेने जाना पड़ रहा है तो वह रीबेट के 29.26 रुपए देना उनका अधिकार है।

ई- रिक्शा,आपे बेलगाम राजधानी के विभिन्न इलाकों में रोजाना लग रहा जाम

E-Rickshaw Aape Belgaum is causing daily traffic jam in various areas of the capital. बस स्टैंड व स्टेशन पर प्रीपेड बूध बंद होने से आटो व ई-रिक्शा चालक यात्रियों से कर रहे मनमानी भोपाल। राजधानी की सड़कों पर चलने वाले ई- रिक्शा, आटो, आपे आटो, कैब भी मोटर व्हीकल एक्ट का पालन नहीं कर रहे हैं। नियमों का ठेंगा दिखाकर बेलगाम सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों से लोगों की जान संकट में बनी रहती है। इन वाहनों पर कार्यवाई करने के लिए चौराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिस को जांच करने की फुर्सत तक नहीं हैं। वहीं आरटीओ उड़नदस्ता भी कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रहा है।मंगलवार को हरिभूमि ने राजधानी के रंगमहल न्यू मार्केट, कोलार, भेल पिपलानी सहित अन्य मार्गों पर ई- रिक्शा, आटो, आपे आटो, कैब की पड़ताल की। जो सूरत-ए-हाल दिखे वे बेहद चिंताजनक हैं। ओवर स्पीड, ओवर लोडिंग वाहन बेधड़क नियम रौंदकर भागते दिखे, इतना नहीं यात्रियों से मनमाना किराया लेना, अभद्रता की शिकायतें सुनने वाला कोई नहीं दिखा। आलम ये है कि रात नौ बजे के बाद तो किराया दोगुना से अधिक हो जाता है। यात्रियों को गंतव्य स्थान तक नहीं पहुंचाने की रोजना शिकायतें सामने आ रही हैं। सबसे अधिक परेशानी भोपाल व रानीकमलापति स्टेशन के बाहर से आने वाले यात्रियों को सामना करना पड़ रहा है। यात्री परेशान हो रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारी बेफिक्र है। तेजी से बढ़ रहे हैं ई-रिक्शा राजधानी में तेजी से ई-रिक्शा बढ़ रहे हैं। कोलार, करोद, भेल, अवधपुरी, अयोध्या बायपास, मिसरोद, बुधवारा, सोमवारा, मंगलवारा, गांधी नगर सहित शहर का एक भी ऐस क्षेत्र नहीं है, जहां पर मनमर्जी से ई-रिक्शा चलते हुए नहीं मिले। क्षमता से अधिक यात्री बैठाना, ओवर टैकिंग करना, अचानाक बीच सड़क पर कहीं भी चालक ई-रिक्शा को मोड़ देते हैं। अभी तक तय नहीं किए मार्गइससे आए दिन वाहनों के भिड़ने की घटनाएं हो रही हैं। अब तक आरटीओ की ओर से भीतरी कालोनियों में आने-जाने के लिए मार्ग तय नहीं किए हैं। मुख्यमार्गों पर ही ई-रिक्शा नियमों का ठेंगा दिखाकर दौड़ रहे हैं।बस स्टैंड व स्टेशन पर प्रीपेड बूध बंद, मनमानी जारी जिला प्रशासन स्तर पर शहर में आटो के संचालन पर नजर रखने के लिए बस स्टैंडों व रेलवे स्टेशनों पर प्रीपेड बूथ शुरू किए गए थे। इसमें जाकर लोग तय गंतव्य के पहले से निर्धारित किराए की सूची देते थे। उसकी प्रीपेड में बैठे कर्मचारी रसीद देता था। वह रसीद संबंधित यात्री गंतव्य पर पहुंचने के बाद आटो चालक को देता था। फिर आटो चालक वापस प्रीपेड बूथ पर आकर रसीद देकर पैसे लेते थे। इससे आटो चालक यात्रियों से अधिक किराया नहीं ले पाते थे। अब प्रीपेड बूध बंद हैं और आटो चालकों को मनमानी जारी है। कैब पालिसी का असर नहींमोबाइल एप के जरिए संचालित कैय व रैपिडो की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग की कैब पालिसी है। इसके तहत इन वाहनों को सिटी का परमिट लेना होता है, कैब में पैनिक बटन लगना जरूरी है, यात्रियों पर अधिक किराया न लेना संहित अन्य नियम बने है। इसके बाद भी जमीन पर इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है। आलम ये है कि जिम्मेदार भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। शहर में वाहन 13000 आटो 5000 आपे आटो, 4000 कैब, 6000 ई-रिक्शा हैं। 50 हजार से अधिक यात्री हर दिन करते हैं सफरअपर परिवहन आयुक्त अरविंद सक्सेना ने बताया कि मोटर व्हीकल एक्ट का पालन नहीं करने वाले सभी वाहने को जब्त किया जाता है। समन शुल्क भी लिया जाता है। बसों का चेकिंग अभियान भोपाल सहित प्रदेश भर में निरंतर चल रहा है। जल्द ही कैब, आटो पर की भी जांच कराई जाएगी।

प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी , “नल जल योजना” पर भ्रष्टाचारियों ने लगाया ग्रहण , अफसरो,विधायको से लेकर मंत्री तक बंटता है कमीशन

Prime Minister’s ambitious “Tap Water Scheme” has been eclipsed by the corrupt, commission is distributed from officers, MLAs to ministers. विशेष संवादाता देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना ,” नल जल योजना ” जिसके माध्यम से प्रत्येक गरीब परिवार के घर में नल से जल पहुंचने का कार्य किया जा रहा है । मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री की इस , नल जल योजना को , पब्लिक इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के सब इंजीनियर एसडीओ से लेकर विभाग के प्रमुख सचिव इसमे कमिशन के रूप मे भारी कमाई कर रहे हैं । सरकार के नेता तक इस योजना में भ्रष्टाचार कर के पलीता लगाने में लगे हुए हैं। मध्य प्रदेश के 52 अब 55 जिलों में इस योजना को पूरा किया जाना है । प्रत्येक जिले में 200 करोड़ से 350 करोड रुपए तक का बजट है ।इस बजट को बंदर बांट की तरह बांटने में अधिकारी और कर्मचारी अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं ।वर्तमान समय में विभाग के‌ प्रमुख सचिव संजय शुक्ला है, जो पिछले लगभग डेढ़ 2 सालों से पदस्थ हैं । इससे पहले भी संजय शुक्ला इस पद पर रह चुके हैं । जिसके कारण उन्हें इस विभाग के एसडीओ से लेकर चीफ इंजीनियर व ईएनसी की समस्त जानकारी है । “नल जल योजना ” में बड़ी मात्रा में सामान की सप्लाई का काम किया जाता है । बड़ी-बड़ी कंपनियां यहां सप्लाई का काम विभाग में करती हैं, सूत्रों की माने तो पी एस ऐसे बड़े ठेकेदारों को डायरेक्ट बुलाकर उनसे बात करते हैं । जाति विशेष अधिकारी पर प्रमुख सचिव संजय शुक्ला का संरक्षण,12 वर्षो से जमे है राजधानी में शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में संजय शुक्ला ने अपने सजातीय अधिकारियों को खुला संरक्षण दे रखा था। मध्य प्रदेश के इस विभाग के एक अधिकारी, जो भोपाल राजधानी में पिछले 12 सालों से एक ही विभाग में पदस्थ हैं उन्हें हटाने के लिए विभागीय मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक को पत्र लिखे लेकिन संजय शुक्ला ने अपने सजातिय अधिकारी को वहां से नहीं हटाया और मुख्यमंत्री और मंत्री की नोट सीटों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया ।मध्य प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन हो गया है ,शिवराज सिंह चौहान की जगह डॉक्टर मोहन यादव मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं ।जाहिर संजय शुक्ला डॉक्टर मोहन यादव को भी अपने जाल में फंसने का पूरा प्रयास करेंगे और इस मलाईदार पद पर बने रहने की कोशिश करेंगे अपने हथकंडे अपना कर‌ पी एस शुक्ला विभागीय मंत्री को भी दरकिनार कर देते हैं और मन माने तरीके से खुद तो काम करते ही हैं और अपने अधीनस्थ अधिकारियों से भी करवाते हैं मध्य प्रदेश में , “जल जीवन योजना “को पूरी तरह से पलीता लगाने का काम विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा निरंतर जारी है। यदि इसी तरह इस विभाग में “नल जल योजना ” को ठिकाने लगाने में यह अधिकारी और कर्मचारी लग रहे हैं ,तो निश्चित ही इस नल जल योजना का लाभ मध्यप्रदेश के गरीब जनता को नहीं मिल पाएगा और इसका ठीकरा मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के सिर पर फोड़ दिया जाएगा । मलाई अधिकारी~कर्मचारी खा जाएंगे ।यदि अधिकारियों और कर्मचारी द्वारा इस तरह से योजना के पैसे का बंदरबाट किया जाएगा तो, इस योजना का कार्य गुणवत्ता के आधार पर नहीं किया जा सकता जहां तक इस योजना का सवाल है ,देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव चाहेंगे कि इस योजना का लाभ अधिक से अधिक आम गरीब जनता तक पहुंचे । जिस उद्देश्य से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना को लागू किया है उसे योजना का क्रियान्वयन गुणवत्ता के साथ उसका लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे यदि यह लाभ आम नागरिक तक नहीं पहुंचता है तो इसके लिए दोषी अधिकारी और कर्मचारियों को निष्पक्ष जांच कर कर उन्हें दंडित भी किया जाना चाहिए उनके खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज किए जाने चाहिए । विधायक व सांसदो तक जाता था कमिशन एक तरफ अधिकारी कर्मचारी इस काम में सप्लाई से लेकर काम करने वाले हर मामले में मोटी रकम कमीशन के रूप में ले रहे हैं,तो वहीं दूसरी तरफ सूत्रों पर भरोसा करें तो बड़े-बड़े ठेकेदार जो इस योजना में कार्य कर रहे हैं , उनसे स्थानीय विधायक से लेकर संसद तक चंदे के रूप में मोटी रकम वसूल रहे हैं । विभाग का कमीशन सांसदों और विधायकों को दिए जाने वाला पैसा अगर इसी तरह बटता रहेगा तो इस योजना में संबंधित ठेकेदार योजना को पूरा गुणवत्ता के साथ कैसे कर पाएगा यह सोचने वाली बात है। मामले की जाचं हो मध्य प्रदेश सरकार के नए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को इस पूरे मामले को संज्ञान में लेना चाहिए और नल जल योजना की निष्पक्ष अधिकारियों से जांच करानी चाहिए। इसकी मॉनिटरिंग करनी चाहिए और जो लोग भी इसमें दोषी पाए जाते हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए । अन्यथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस नल जल योजना को यह अधिकारी और कर्मचारी पलीता लगाए बिना नहीं रहेंगे और ठीक रहा मध्य प्रदेश के योग्य शिक्षित योग्य मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के सर पर फोड़ दिया जाएगा। मंत्री और मुख्यमंत्री के आदेशों को नहीं मानते प्रमुख सचिव शुक्ला विभाग में पदस्थ पी.एस . संजय शुक्ला की अपने विभाग में कितनी पकड़ है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, कि वह अपने विभाग में सजातिय अधीनस्थ अधिकारियों की कितनी मदद करते हैं उनकी मदद करने के लिए यह अधिकारी अपने विभाग के मंत्री और मुख्यमंत्री तक की नोटशीट को रद्दी की टोकरी में डालकर उनके आदेशों की सरेआम अवेलना करते हैं । मुख्यमंत्री व मंत्री से जनता की आस अब मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री बदल गए हैं शिवराज सिंह चौहान की जगह डॉक्टर मोहन यादव मुख्यमंत्री बन गए हैं और मंत्री बृजेंद्र सिंह यादव की जगह अब सम्पतिया उईके बन गई हैं ।अब देखना यह होगा कि यह अधिकारी मुख्यमंत्री और अपने विभागीय मंत्री को ,अपनी गिरफ्त में लेने में सफल हो जाते हैं या मुख्यमंत्री और मंत्री ऐसे मनमाने तरीके से और जातिवाद के आधार पर भ्रष्टाचार के आधार पर कार्य करने वाले अधिकारी की विभाग से विदाई करते हैं ।

बीआरटीएस कॉरीडोर हटाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू, इस माह के अंत में टूटेगा

Tender process started for removal of BRTS corridor, demolition will take place at the end of this month सीएम के सामने सीएस ने पूरी प्लानिंग रखी, इसके बाद निगम कमिश्नर ने अधिकारियों के साथ की बैठक भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल के विकास को लेकर समीक्षा बैठक में भाग लेते हुए बीआरटीएस को हटाने के प्लान को भी समझा। साथ ही इस कार्य को जल्दी शुरू करने को कहा। इसके बाद भोपाल नगर निगम कमिश्नर ने अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर तुरंत ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करने को कहा। सीएम ने यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिये बीआरटीएस कॉरीडोर हटाने के संबंध में जो निर्देश दिए थेए उसके अनुसार ही अब प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसी प्रक्रिया के तहत बीआरटीएस तोड़ने के लिए नगर निगम टेंडर प्रक्रिया शुरू कर रहा है। टेंडर खुलने के बाद इस माह के अंत में फरवरी के पहले सप्ताह में बीआरटीएस का काम शुरू हो जाएगा। नगर निगम कमिश्नर फ्रेंक नोबल ए ने बताया कि बीआरटीएस को हटाने के लिए पूरी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसके लिए सबसे पहले टेंडर जारी किए जा रहे हैं। टेंडर आने के बाद कंपनी के बारे में जानकारी मिलेगी कि वो अभी तक क्या काम कर रही थी। इसके बाद उसे ठेका दिया जाएगा। इस काम में इस माह के अंत तक का समय लग जाएगा। इसलिए बीआरटीएस तोड़ने का काम इस माह के अंत तक या फरवरी के पहले हफ्ते में बीआरटीएस तोड़ने का काम शुरू हो जाएगा। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी अधिकारी संजय मस्के अनुसार बीआरटीएस हटाने का काम नगर निगम है। इसलिए पीडब्ल्यूडी जो भी काम करेगाए वो बीआरटीएस हटने के बाद ही काम शुरू होगा।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निर्देश- 22 जनवरी को बल्व बुझे नहीं

Energy Minister Pradyuman Singh Tomar’s instructions – do not switch off bulbs on January 22 भोपाल। अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन होने जा रहा है। इसको लेकर देश वासियों को बेसब्री से इंतजार है। 22 जनवरी को पूरा देश दिवाली मनाएगा। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सोमवार को कार्यभार ग्रहण किया। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश जारी किया कि 22 जनवरी को प्रदेश में निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा है कि अयोध्या में रामलला के मंदिर में भगवान श्रीराम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन एवं अन्य चैनलों के माध्यम से किया जायेगा। कार्यक्रम का स्वरूप अत्यंत व्यापक होगा और जन-सामान्य उक्त कार्यक्रम के साक्षी होना चाहेंगे। अत: इस दिन विद्युत व्यवधान नहीं होना चाहिए। उस दिन बिजली का मेंटनेंस का कार्य ना किया जाए। उन्होंने कहा है कि विद्युत व्यवधान होने से जन-सामान्य को कार्यक्रम देखने में असुविधा हो सकती है।

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने नियुक्त किए को-ऑर्डिनेटर

लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने नियुक्त किए को-ऑर्डिनेटर मौजूदा विधायक पूर्व मंत्री और हारे हुए प्रत्याशियों को मिली जगह प्रदेश चुनाव समिति और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को रिपोर्ट देंगे लोकसभा कोऑर्डिनेटर भोपाल। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए कोऑर्डिनेटर की नियुक्ति कर दी है इसमें पूर्व मंत्री, विधायक और हारे हुए प्रत्याशियों को जिम्मेदारी दी गई है। लोकसभा चुनाव में सभी कोऑर्डिनेटर को प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार से लेकर मैनेजमेंट करने की जिम्मेदारी रहेगी। कोऑर्डिनेटर चुनाव समिति और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को रिपोर्ट भी देंगे। पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह को मुरैना, भिंड में नितेंद्र राठौर, ग्वालियर विपिन वानखेड़े, गुना लाखन सिंह, सागर रामचंद्र डांगी, टीकमगढ़ फूल सिंह बरैया, दमोह लखन घनघोरिया, खजुराहो संजय यादव, सतना तरुण भनोट, रीवा रजनीश सिंह, सीधी विनय सक्सेना शहडोल डॉक्टर अशोक मस्कोले, बालाघाट संजय शर्मा, छिंदवाड़ा सुनील जायसवाल, होशंगाबाद दीपक जोशी, विदिशा हर्ष यादव, भोपाल प्रियव्रत सिंह, राजगढ़ सत्यनारायण पटेल, देवास विशाल पटेल, उज्जैन बाबूलाल यादव, मंदसौर दिलीप गुर्जर, रतलाम सचिन यादव, धार रवि जोशी, इंदौर बाला बच्चन, खरगोन रामलाल मालवीय, खंडवा आर के दोगने, बैतूल आरिफ मसूद को लोकसभा वर कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कड़ाके की ठंड के चलते ठिठुरते शहर में जल रहे 415 स्थानों पर अलाव

Bonfires are burning at 415 places in the city which is shivering due to severe cold रैन बसेरा के अलावा बस स्टेंड, रेलवे स्टेशन, आटो स्टेंड सहित सभी मार्केट और सार्वजनिक स्थानों पर भी जले अलाव भोपाल। राजधानी में कड़ाके की ठंड और ठिठुरते भोपाल को राहत देने के लिए नगर निगम ने पूरे शहर में 415 स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की है। कोहरा और ठंडी हवाएं चलने के कारण यह अलाव दिनभर 24 घंटे ही जल रहे हैं। यह अलाव रैन बसेरा के अलावा बस स्टेंड, रेलवे स्टेशन, आटो स्टेंड सहित सभी मार्केट और सार्वजनिक स्थानों पर भी अलाव जल रहे हैं। निगम अधिकारियों के शहर के बाहर से आने वाले आश्रय विहीन नागरिकों के लिए रात्रि विश्राम की व्यवस्था व सार्वजनिक स्थलों पर रात व्यतीत करने वाले नागरिकों को कड़ाके की ठंड से राहत पहुंचाने के लिए अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है।निगम का अमला समस्त 21 ज़ोनों के अंतर्गत आने वाले आश्रय स्थलों के अलावा बस स्टैंड्स, रेल्वे स्टेशन, अस्पतालों सहित ऐसे स्थानों जहां रात्रि के समय नागरिकों का अधिक आना जाना होता है अथवा नागरिक किसी कारणवश घर के बाहर रात्रि व्यतीत करते हैं, ऐसे नागरिकों को कड़ाके की ठंड से राहत पहुंचाने के लिए शहर के 415 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था कर रहा है। निगम के ज़ोन स्तर पर पदस्थ सहायक स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा चिन्हित स्थानों पर निगम के उद्यान विभाग से रोजाना लकड़ी उपलब्ध कराई जा रही है और नियमित रूप से इस व्यवस्था की मॉनीटरिंग भी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही है। लगातार अधिकारी व जनप्रतिनिधि ले रहे हैं जानकारीनिगम की इस व्यवस्था का समय.समय पर मुख्यमंत्री, मंत्री, महापौर व अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा भी आश्रय स्थलों व अलाव स्थलों पर जाकर अवलोकन भी किया जा रहा है। जोन के अनुसार अलाव की व्यवस्थाठंड से राहत पहुंचाने के लिए जोन 1 में 16 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की जा रही हैए जबकि जोन 2 में 7 स्थानए जोन 3 में 12 स्थानए जोन क्र 4 में 19 स्थान जोन 5 में 17 स्थानए जोन 6 में 22 स्थानए जोन 7 में 30 स्थानए जोन में 122 स्थान जोन 9 में 1 स्थानए जोन 10 में 15 स्थानए जोनण् 12 में 4 स्थानए जोन 13 में 12 स्थानए जोन 14 में 4 स्थानए जोन 15 में 10 स्थानए जोन 16 में 15 स्थानए जोन 17 में 7 स्थानए जोन 18 में 16 स्थानए जोन 19 में 21 स्थानए जोन 20 में 10 स्थान तथा जोन 21 में 55 स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की जा रही है।

बीयू ने परीक्षा आवेदन की बढ़ाई तारीख, अब 12 तक जमा होंगे पीजी के परीक्षा फार्म

BU extended the date of exam application, now PG exam forms will be submitted till 12th भोपाल। राजधानी स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय ने संवद्ध कॉलेजों के लिए परीक्षा आवेदन की तारीख बढ़ा दी है। विवि द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर नियमित, स्वाध्यायी अथवा एटीकेटी के लिए अब परीक्षा आवेदन 5 जनवरी 2024 के स्थान पर 12 जनवरी तक किए जा सकेंगे। स्नात्कोत्तर के तहत एमए., एम काम., एम.एस.सी., एम.एस.सी. होमसांइस, मास्टर ऑफ सोशल वर्क, एम.ए. यौगिक सांइस, पी.जी. डिप्लोमा इन यौगिक सांइस नियमित, स्वाध्यायी, एटीकेटी परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा आवेदन पत्र (सत्र 2023-2024.) एम.पी.ऑन लाईन के माध्यम से भरे जा सकेंगे। सामान्य शुल्क के साथ आवेदन करने की तारीख 12 जनवरी 2024 की गई है। लेट फीस 300 के साथ 13 से 17 जनवरी के साथ ही विशेष विलंब शुल्क 1000 रुपए के साथ 18 जनवरी 2024 से परीक्षा शुरू होने के 3 दिन पहले तक आवेदन किए जा सकेंगे।

रेलवे प्रशासन अंग्रेजों के जमाने से पटाखों का ही उपयोग कर ट्रेनों का कर रहा संचालन

Railway administration has been operating trains using firecrackers since the British era. फाग सेफ्टी डिवाइस भी नहीं रोक पा रहीं ट्रेनों की लेटलतीफी, कोहरे में पटरियों पर ट्रैकमैन डेटोनेटर लगाकर पायलट को दिखा रहे राह भोपाल। रेलवे का दावा है कि सर्दी के मौसम में कोहरे को मात देने के लिए ट्रेनों के इंजनों में फाग सेफ्टी डिवाइस लगाई गई हैं, लेकिन ये डिवाइस भी ट्रेनों का संचालन पटरी पर लाने के लिए कारगार साबित नहीं हो रही है। दरअसल पिछले कुछ दिनों से लगातार ट्रेनों के देरी से आने का सिलसिला जारी है। तो वहीं अभी भी कोहरे की अधिकता के दौरान ट्रेनों के सफल संचालन के लिए संरक्षा सुरक्षा के लिए रेलवे प्रशासन अंग्रेजों के जमाने से काम में आने वाले पटाखों का ही उपयोग कर ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार रेलवे ने कोहरे से निपटने के लिए पायलट को फॉग डिवाइज उपलब्ध कराए थे,पमरे जोन के तीन रेल मंडल में 1048 डिवाइस लगाई गई थी। लेकिन कोहरा छाते ही तमाम प्रयास फेल साबित हुए हैं। आलम ये है कि एक दर्जन से अधिक ट्रेने 1-26 घंटे की देरी से भोपाल पहुंच रही है। कोहरे के कारण केवल दिल्ली ही नहीं मुंबई,यूपी व छतीसगढ़ के रूट भी प्रभावित हुआ है, साथ ही इससे वंदेभारत,राजधानी व शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें भी प्रभावित हो रही है। कोहरे के कारण ट्रेनें लेट होने से यात्रियों को तो परेशानी हो रही हैं। तो वहीं पायलट पटाखों के सहारे ट्रेनों का संचालन कर रहे है। पटरी पर 270 मीटर की दूरी पर डेटोनेटर लगाए जाते है कोहरे की अधिकता के दौरान ट्रेनों के सफल संचालन के लिए संरक्षा सुरक्षा के लिए आज भी रेलवे प्रशासन अंग्रेजों के जमाने से काम में आने वाले पटाखों का ही उपयोग ही कारगार साबित हो रहा है। रेलवे की नई तकनीक फाग डिवाइस का अधिक असर दिखाई नहीं दिया है। अभी भी रेलकर्मी अधिक कोहरा होने पर पटरियों पर पटाखें लगाकर ट्रेन के चालक को सतर्क कर रहे है। कोहरे में ट्रेनों को सिग्नल सुरक्षित गति से संचालित करने के लिए पमरे जोन में अंग्रेजों के जमाने से चले रहे जुगाड़ का ही प्रयोग किया जा रहा है। अधिक कोहरा होने पर रेलकर्मी गैंगमैन, ट्रैकमैन पटरियों पर पटाखे लगाकर आगे रेल फाटक, सिग्नल, स्टेशन आदि की जानकारी देते है। सिग्नल से पहले पटरी पर 270 मीटर की दूरी पर डेटोनेटर (पटाखे) बांधे जाते है। ट्रेन गुजरने के साथ ही तेज आवाज होती है। इस पर चालक को आगे फाटक, सिग्नल आदि होने की जानकारी मिल जाती है और वह ट्रेन की गति को धीमी कर देता है।

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