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प्रदेश सरकार 500 गांव को विस्थापित कर बनाएंगी वन्यप्राणी कारिडोर

भोपाल. मध्य प्रदेश के जंगलों में वन्यजीवों के बीच मानव दखल न हो, इसके लिए राज्य सरकार पांच सौ गांवों को वन्यप्राणी बहुल वनक्षेत्र से बाहर करेगी। इसके लिए वन विभाग ने विकसित भारत 2047 विजन डाक्यूमेंट में अपना एक्शन प्लान तैयार किया है। इसके तहत वन विभाग राज्य के समस्त संरक्षित वन क्षेत्रों एवं वन्यप्राणी बहुल क्षेत्रों में बसे 500 गांवों को उनकी सहमति से विस्थापित करेगा। इसके अलावा, संरक्षित वन क्षेत्रों को आपस में जोड़कर वन्यप्राणी कारिडोर बनाया जाएगा। आधुनिक उपकरणों एवं तकनीक के उपयोग विकसित भारत के विजन डाक्यूमेंट के अनुसार आधुनिक उपकरणों एवं तकनीक के उपयोग से वन एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। इसके तहत रेंज अधिकारी आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित होंगे। रेंज अधिकारियों को ड्रोन तथा आधुनिक शस्त्रों, वाहनों से सुसज्जित किया जाएगा, जिससे अवैध कटाई एवं चराई, अतिक्रमण, अवैध खनन एवं वन अग्नि पर पूर्ण नियंत्रण हो सकेगा। प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यानों एवं अभयारण्यों में सक्रिय प्रबंधन के माध्यम से वन्यजीवों का पुनर्स्थापन एवं प्रबंधन किया जाएगा। महत्वपूर्ण बिंदु 500 गांवों का विस्थापन, वन्यप्राणी सुरक्षा वन्यप्राणी कारिडोर निर्माण, संरक्षित क्षेत्र जोड़ना आधुनिक तकनीक, ड्रोन, शस्त्रों से सुरक्षा 500 ईको टूरिज्म स्थल, स्थानीय रोजगार सृजन विदेशी पर्यटन बढ़ाने के लिए प्रचार-प्रसार ईको टूरिज्म के चिन्हित स्थलों को किया जाएगा विकसित वर्ष 2047 तक ईको टूरिज्म के कम से कम 500 गंतव्य स्थलों को चिन्हित कर उन्हें विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। टाइगर रिजर्व क्षेत्रों के आसपास के गंतव्य स्थलों में कम से कम 500 होम स्टे की व्यवस्था की जाएगी जिससे स्थानीय वन वासियों का रोजगार सृजन हो सके। इसे ग्लोबल स्तर पर प्रचारित किया जाएगा, जिससे मप्र में विदेशी पर्यटन बढ़े।

उत्तरप्रदेश के मंत्री कपिल देव अग्रवाल आज भोपाल में कौशल विकास और रोजगार मंत्री टेटवाल करेंगे स्वागत

भोपाल मध्यप्रदेश में चल रही कौशल विकास की गतिविधियों का अध्ययन के लिए उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री कपिल देव अग्रवाल आज मध्यप्रदेश के प्रवास पर रहेंगे। मंत्री श्री अग्रवाल अपनी टीम के साथ भोपाल में एडीबी परियोजना से तैयार विश्वस्तरीय ग्लोबल स्किल पार्क का भ्रमण करेंगे। मध्यप्रदेश में कौशल विकास के क्षेत्र में चल रही योजनाओं एवं नवाचारों के बारे में जानकारी लेंगे। कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्री गौतम टेटवाल सुबह 9 बजे संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में मंत्री श्री अग्रवाल का स्वागत करेंगे। मंत्री श्री अग्रवाल प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। परियोजना और संस्था के अधिकारियों द्वारा कौशल विकास के क्षेत्र में चल रहे विभिन्न योजनाओं और नवाचारों पर प्रस्तुति दी जाएगी। दोपहर 12:30 बजे मंत्री श्री अग्रवाल कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन केंद्र (KBTICC) के लिए प्रस्थान करेंगे। मंत्री श्री अग्रवाल का यह दौरा मध्यप्रदेश के कौशल विकास प्रयासों को जानने के उद्देश्य से किया जा रहा है, जिससे दोनों राज्य में कौशल और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल सके।  

प्रदेश में 4 दिसम्बर को कक्षा-3, 6 और 9 में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण किया जायेगा

भोपाल प्रदेश में 4 दिसम्बर को चयनित सेम्पल शालाओं में कक्षा-3, 6 और 9 में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण किया जायेगा। सर्वेक्षण की रिपोर्ट का केन्द्र सरकार द्वारा नीति निर्धारण में उपयोग किया जायेगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए राज्य शिक्षा केन्द्र ने सर्वेक्षण कार्य में पारदर्शिता रखे जाने के निर्देश मैदानी अमले को दिये हैं। राष्ट्रीय सर्वेक्षण-2024 के संचालन की जिम्मेदारी एनसीईआरटी के पास है, जबकि सीबीएसई को सर्वेक्षण के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी दी गयी है। प्रदेश में सर्वेक्षण के सुचारु और निष्पक्ष संचालन के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पेशल ऑब्जर्वर नियुक्त किये हैं। यह ऑब्जर्वर जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक से तालमेल रखकर सर्वेक्षण की व्यवस्था को सुनिश्चित करेंगे। स्पेशल ऑब्जर्वर की जिलेवार नियुक्ति की गयी है। इसके साथ ही जिले में डिस्ट्रिक्ट लेवल को-ऑर्डिनेटर भी बनाये गये हैं। मैदानी अमले को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं कि जिन सेम्पल शालाओं में सर्वेक्षण का कार्य किया जायेगा, उन शालाओं में दर्ज विद्यार्थियों की उपस्थिति शत-प्रतिशत हो। मॉडल डाइट के रूप में चयन केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश में संचालित डाइट्स का सर्वे किया गया है। सर्वे के बाद इन डाइट्स की अधोसंरचना एवं व्यावसायिक विकास के लिये विस्तृत योजना तैयार की गयी है। इस कार्य-योजना के आधार पर वर्तमान में प्रदेश के संचालित सभी डाइट्स को मॉडल डाइट के रूप में विकसित करने के लिये चयनित किया गया है। वर्ष 2023-24 में भोपाल, सीहोर, मंदसौर, सागर, ग्वालियर, खण्डवा, रीवा और जबलपुर डाइट को मॉडल डाइट के रूप में विकसित करने के लिये विकास योजना तैयार कर ली गयी है। प्रदेश में वर्तमान में संचालित 50 डाइट्स के माध्यम से शासकीय शालाओं में कार्यरत शिक्षकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था की गयी है।  

अब किराएदार रखेगा दूसरा पार्टनर तो चुकाना पड़ेगा चार गुना रेंट

भोपाल. नगरीय क्षेत्र में आवास किराये पर लेकर उसमें कारोबार संचालित करना आम बात है लेकिन अब बिना मकान मालिक की अनुमति ऐसा नहीं किया जा सकेगा। यदि कारोबारी गतिविधि संचालित करनी है तो छह माह का किराया अग्रिम देना होगा। किरायेदार परिसर किसी और को किराये में भी नहीं दे सकेगा। ऐसा पाया जाता है तो इसे अनुबंध का उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। इसका प्रविधान भारत सरकार के दिशा निर्देश पर तैयार किए गए किरायेदारी अधिनियम के प्रारूप में किया जा रहा है। मुख्य सचिव अनुराग जैन की सहमति मिलने के बाद प्रविधानों को अब नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा। उधर, फायर एक्ट भी शीतकालीन सत्र में प्रस्तुत किया जा सकता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन सहित अधिकतर नगरीय निकायों में बड़ी संख्या में आवास किराये पर दिए जाते हैं। कई बार मकान मालिक और किरायेदार के बीच किराये, मकान के संधारण और खाली कराने को लेकर विवाद होता है। मामले कोर्ट तक पहुंच जाते हैं। किरायेदारी अधिनियम का प्रारूप इसे देखते हुए मकान मालिक और किरायेदार के हितों को दृष्टिगत रखते हुए भारत सरकार ने मॉडल किरायेदारी अधिनियम का प्रारूप बनाकर सभी राज्यों को अपने-अपने अधिनियम में संशोधन करने के लिए भेजा था। प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इसके आधार पर प्रारूप तैयार किया है, जिसे 16 दिसंबर से प्रारंभ होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में प्रस्तुत करने की तैयारी है। मालिक की सहमति जरूरी इसमें प्रविधान किया है कि किरायेदार बिना मकान मालिक की सहमति के किसी और को उप किरायेदार नहीं रख सकेगा। यदि दोनों के बीच सहमति बनती है तो उप किरायेदार रखा जा सकता है और इसकी सूचना किराया प्राधिकारी को देनी होगी। अनुबंध समाप्त होने के बाद चार गुना देना होगा किराया किरायेदार अनुबंध समाप्त होने के बाद भी मकान खाली नहीं करता है तो प्रथम दो माह तक दोगुना और इसके बाद चार गुना मासिक किराया देना होगा। आवासीय प्रयाेजन के लिए किराये पर मकान लेने के बाद वहां कारोबार करने की अनुमति नहीं रहेगी। यदि ऐसा किया जाता है तो छह माह का किराए अग्रिम देना होगा। यह भी रहेंगे प्रविधान बिना अनुबंध के मकान मालिक किरायेदार नहीं रख पाएंगे। निर्धारित अवधि के बाद मकान खाली करना होगा। यदि मकान खाली नहीं किया जाता है तो शिकायत पर सुनवाई करके बेदखली की कार्रवाई की जाएगी। मकान मालिक भी किरायेदार को अनावश्यक रूप से तंग नहीं कर सकेगा। आवश्यक सेवाओं को बाधित करने पर मालिक के विरुद्ध कार्रवाई होगी। किरायेदार अनुबंध के अनुसार बढ़ा हुआ किराया देने से इन्कार करता है तो इसकी शिकायत किराया अधिकरण में की जा सकेगी। युद्ध, बाढ़, सूखा, तूफान, भूकंप या कोई अन्य प्राकृतिक आपदा की स्थिति है तो अवधि समाप्त होने पर भी किरायेदार से मकान खाली नहीं कराया जाएगा पर उसे अनुबंध के अनुसार किराया देना होगा। किरायेदार की मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी को रहने का अधिकार होगा पर उसे भी अनुबंध का पालन करना होगा। मकान किराये पर देने के बाद मकान मालिक को यह अधिकार नहीं रहेगा कि वह कभी भी परिसर में प्रवेश करे। मकान में मरम्मत या अन्य कार्य करवाने, निरीक्षण या अन्य किसी कारण से प्रवेश करना है तो कम से कम चौबीस घंटे पहले सूचना देनी होगी। किराया प्राधिकारी नियुक्त होगा, जो डिप्टी कलेक्टर से कम स्तर का नहीं होगा। प्रत्येक जिले में जिला अथवा अपर जिला न्यायाधीश को किराया अधिकरण नियुक्त किया जाएगा। इन्हें साठ दिन के भीतर आवेदन का निराकरण करना होगा। केंद्र सरकार, राज्य सरकार, स्थानीय प्राधिकरण, किसरी सरकार उपक्रम, उद्यम या किसी कानूनी निकाय के स्वामित्व वाले परिसर पर प्रविधान लागू नहीं होंगे।

बिजली बिल में मिलेगी प्रदेशवासियों को मिलेगी बड़ी राहत, 300 प्लस यूनिट के स्लैब को खत्म करने की तैयारी

भोपाल. मध्यप्रदेश में बिजली कंपनी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने वाली है। 300 से ज्यादा यूनिट के स्लैब को खत्म कर 151 यूनिट के स्लैब में जोड़ने की तैयारी है। ऐसा होने से प्रति यूनिट बिजली बिल 19 पैसे तक कम हो जाएगा जिससे उपभोक्ताओं को फायदा होगा। हालांकि 19 पैसे प्रति यूनिट तक की कमी का फायदा सिर्फ उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगा जिनके घर की बिजली की खपत हर महीने 300 यूनिट से ज्यादा हो रही है या फिर होती है। 300 प्लस यूनिट के स्लैब को खत्म करने की तैयारी मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी ने 300 प्लस के स्लैब को खत्म करने के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव दिया है। अब 300 प्लस के स्लैब को 151 से 300 यूनिट के स्लैब में ही जोड़ा जाएगा। इस स्लैब को खत्म करने से बिजली बिल में करीब 70 रुपए तक की कमी आएगी। बता दें कि अभी प्रदेश में 0 से 15 यूनिट पर 4.27 रुपए यूनिट से बिजली बिल आता है। इसके अलावा 51 से 150 यूनिट पर 5.32 रुपए, 151 से 300 यूनिट पर 6.61 यूनिट और 300 से ज्यादा यूनिट पर 6.80 रुपए यूनिट के हिसाब से उपभोक्ताओं से बिल आता है। 19 पैसे प्रति यूनिट की आएगी कमी 300 प्लस यूनिट स्लैब खत्म होने से उपभोक्ताओं को 19 पैसे प्रति यूनिट कम बिल की राशि देनी होगी। पावर मैनेजमेंट कंपनी के चीफ जनलर मैनेजर शैलेंन्द्र सक्सेना के मुताबिक इससे उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा और बिजली बिल में 70 रूपए तक की कमी आएगी। इसके पहले भी बिजली कंपनी 500 यूनिट से ज्यादा खपत वाले स्लैब को खत्म कर चुकी है।

नारायण सिंह कुशवाह ने कहा- कल अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर पूरे प्रदेश हो आयोजन

भोपाल सामाजिक न्याय दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि 3 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर पूरे प्रदेश के दिव्यांगों की क्षमताओं और उपलब्धियां का उत्सव मनाते हुए एक समावेशी समाज के निर्माण में प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए कार्यक्रम किये जाये। मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि सुगम भारत अभियान के अंतर्गत हम सबको मिलकर सुगम वातावरण निर्माण और आईटीसी पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने का कार्य करना चाहिए इससे दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने का मार्ग प्रशस्त होगा। मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थलों एवं सार्वजनिक स्थान पर दिव्यांगजनों के कार्यक्रम आयोजित किये जाएं। ऐसे आयोजनों से न केवल समावेशिता को बढ़ावा मिलेगा बल्कि जनता को सुगमता के महत्व के प्रति हम जागरूक भी कर सकेंगे। अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस हमारी समाज के इस वर्ग के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने वाला दिवस है। दिव्यांगजन, समाज की मुख्य धारा से जोड़कर आगे लाना और उनके लिए समान अवसर उपलब्ध कराना हम सब का दायित्व है।  

जल्द जारी होगी लाड़ली बहनों को अगली किस्त, खाते में आएंगे 1250 रु

भोपाल. मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 1.29 करोड़ लाभार्थी बहनों के लिए खुशखबरी है। दिसंबर का महीना लग गया है, जल्द ही योजना की अगली किस्त आने वाली है। संभावना जताई जा रही है कि इस बार भी बहनों के खाते में समय से पहले 5 से 10 दिसंबर के बीच 19वीं किस्त के 1250 रुपए भेजे जा सकते है, हालांकि फाइनल डेट को लेकर अभी अधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। दरअसल, मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए चलाई जा रही बड़ी योजनाओं में से एक है। इसे पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू किया गया था, पहले 1000 रुपए दिए जाते है लेकिन अब 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं। जून 2023 से नवंबर 2024 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 18 किश्तों का अंतरण किया गया है।अब योजना की 19वीं किस्त का इंतजार है।इधर, सीएम के राशि बढ़ाने के संकेत के बाद संभावना है कि नए साल 2025 में राशि में इजाफा किया जा सकता है। लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी। इसमें 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी। इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था। अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं। लाड़ली बहनों को जून 2023 से अक्टूबर 2024 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 17 किश्तों का अंतरण किया गया है। इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। किसे मिलता है लाड़ली बहना योजना का लाभ इस योजना में 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता समेत) वर्ष 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है। महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए। अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो। यदि कोई महिला 60 वर्ष से कम उम्र की है और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पहले से ही प्रति माह 1250 रुपये से कम प्राप्त कर रही है, तो उस महिला को भी 1250 रुपये तक की राशि दी जाएगी। विवाहित महिलाओं में विधवा, और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं। जिस साल आवेदन किया जाए, उस साल 1 जनवरी को आवेदक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो चुकी होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए। कैसे चेक करें लिस्ट में अपना नाम लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं। वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर क्लिक करें। दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें। कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा। मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें। ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी।

तीन दिसंबर को पूरे होने जा रहे भोपाल गैस त्रासदी के 40 वर्ष, आज भी दफन है जहरीला कचरा

भोपाल. भोपाल गैस त्रासदी के 40 वर्ष इसी तीन दिसंबर को पूरे होने जा रहे हैं, पर गैस पीड़ितों को लेकर सरकारी वादों और जमीनी स्थिति में बहुत अंतर है। इतने वर्ष बाद भी जहरीला कचरा यूनियन कार्बाइड परिसर में दफन है। इस कारण भूजल प्रदूषित होने की बात सत्यापित हो चुकी है। वर्ष 2018 में इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टाक्सिकोलाजी रिसर्च लखनऊ की रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आ चुका है। भूजल में हेवी मेटल, आर्गनो क्लोरीन रिपोर्ट के अनुसार यूनियन कार्बाइड परिसर के आसपास की 42 बस्तियों के भूजल में हेवी मेटल, आर्गनो क्लोरीन पाया गया था, जो कैंसर और किडनी की बीमारी के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। इसके बाद इस क्षेत्र में नर्मदा जल की आपूर्ति सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर की जा रही है। आशंका है इन कालोनियों के अतिरिक्त प्रदूषित भूजल आगे पहुंच गया हो पर वर्ष 2018 के बाद जांच ही नहीं कराई गई। गैस पीड़ित संगठन के कार्यकर्ताओं का दावा है कि रैपिड किट से उन्होंने इनके अतिरिक्त कारखाने की साढ़े तीन किमी की परिधि में आने वाली 29 अन्य कालोनियों में भी जांच की तो आर्गनो क्लोरीन मिला है, पर कितना मात्रा में है इसकी जांच बड़े स्तर पर सरकार द्वारा कराने की आवश्यकता है। गड़्ढे बनाकर जहरीला रासायनिक कचरा दबाया गैस पीड़ितों के लिए काम करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता रचना ढींगरा ने बताया कि त्रासदी के पहले परिसर में ही गड़्ढे बनाकर जहरीला रासायनिक कचरा दबा दिया जाता था। इसके अतिरिक्त परिसर में बनाए गए तीन छोटे तालाबों में भी पाइप लाइन के माध्यम जहरीला अपशिष्ट पहुंचाया जाता था। इस कचरे की कोई बात ही नहीं हो रही। कारखाने में रखे कचरे को नष्ट करने के लिए 126 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसे पीथमपुर में जलाया जाना है। पुनर्वास के लिए मिली राशि में 14 वर्ष बाद खर्च नहीं हो पाए 129 करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गैस पीड़ितों के पुनर्वास के लिए वर्ष 2010 में 272 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसमें 75 प्रतिशत राशि केंद्र व 25 प्रतिशत राज्य सरकार की थी। इसमें भी 129 करोड़ रुपये आज तक खर्च नहीं हो पाए हैं। गैस राहत एवं पुनर्वास विभाग आज तक इस राशि को खर्च करने की योजना ही नहीं बना पाया है। आर्थिक पुनर्वास के लिए 104 करोड़ रुपये मिले थे। इसमें 18 करोड़ रुपये स्वरोजगार प्रशिक्षण पर खर्च हुए बाकी राशि बची है। सामाजिक पुनर्वास के लिए 40 करोड़ रुपये मिले थे, जिसमें गैस पीड़ितों की विधवाओं के लिए पेंशन का भी प्रविधान है। 4399 महिलाओं को पेंशन मिल रही हैं। वर्ष 2011 से यह राशि एक हजार है जिसे बढ़ाया नहीं गया है। न ही किसी नए हितग्राही को शामिल किया गया है।

देवास में ढाबा संचालक जांच करने का विरोध कर रहा था, ASI पर सरिया से किया हमला, हुए घायल

देवास ढाबे पर अवैध गतिविधियों की जांच करने पहुंचे एएसआई पर ढाबा संचालक व उसके साथियों ने हमला कर दिया। ढाबा संचालक जांच करने का विरोध कर रहा था। मामले में ढाबा संचालक सहित तीन आरोपितों पर शासकीय कार्य में बाधा व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। ढाबे की जांच करने पहुंचे थे एएसआई पुलिस के अनुसार एएसआई जज सिंह अरोरा शासकीय कार्य से देवास गए थे। वापसी में थाने आते समय मोबाइल फोन पर सूचना मिली कि वरिष्ठ अधिकारी का आदेश हैं कि शराब दुकान एवं उसके आसपास चल रहे अवैध अहातों की जांच की जाए। इसके बाद अरोरा अपने वाहन चालक अंकित सोलंकी के साथ बायपास के पास शराब दुकान के सामने स्थित ढाबा पहुंचे। यहां ढाबा संचालक सुरेश बरगुंडा, उसके साथी सचिन बरगुंडा व राज बगानिया ने एएसआई से गालीगलौज करते हुए कहा कि “तू हमारे ढाबे में कैसे चेक करने आ गया।”   सरिया से हमला इसी दौरान ढाबे के अंदर से सुरेश सरिया निकालकर मारपीट करते हुए बोला, “पुलिस वाले बहुत परेशान कर रहे हैं, आज सरदार को बता दो फिर कोई पुलिस वाला इधर नहीं आयेगा” तीनों नेहमला कर दिया। सचिन ने एएसआई की पगडी खींचकर जमीन पर गिरा दी व उन्हें जमीन पर पटक दिया। कांच की बरनी भी मारी सचिन ने दुकान में रखी कांच की बरनी उठाकर एएसआई के ऊपर मारी जिससे वो बच गए। लात, घूंसों व लोहे के सरिये से मारपीट की गई। चालक सोलंकी बीचबचाव करने आया तो उसे भी आरोपित मारने दौड़े। हमले में एएसआई के दोनों पैर, पीठ में व चेहरे पर चोट आई है, जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।

माधव राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर शिवपुरी जिले के माधव नेशनल पार्क को टाइगर रिजर्व घोषित कर दिया गया है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की तकनीकी समिति ने माधव राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह प्रदेश का आठवाँ टाइगर रिजर्व होगा। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-जीव) श्री एल. कृष्णमूर्ति ने बताया कि एनटीसीए की तकनीकी समिति ने प्रस्तावित बाघ अभयारण्य का कोर क्षेत्र 375 वर्ग किलोमीटर, बफर क्षेत्र 1276 वर्ग किलोमीटर और कुल क्षेत्रफल 1751 वर्ग किलोमीटर होगा। समिति ने राष्ट्रीय उद्यान में एक नर और एक मादा बाघ को छोड़ने की भी मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) को माधव राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व घोषित करने के लिये प्रस्ताव भेजा गया था। श्री कृष्णमूर्ति ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा की गयी संरक्षण पहल माधव राष्ट्रीय उद्यान और कूनो राष्ट्रीय उद्यान में वन्य-जीव प्रबंधन को मजबूत करेगी। इससे स्थानीय समुदायों को अपेक्षित ईको-टूरिज्म का लाभ मिलेगा और क्षेत्र का विकास होगा।  

केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने म.प्र. की चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को सराहा

भोपाल केन्द्रीय लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में रविवार को इंदौर में विश्व एड्स दिवस का राष्ट्रीय आयोजन हुआ। केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एड्स के खिलाफ भारत में एकजुट होकर लड़ाई लड़ी जा रही है। इसमें आशातीत सफलता भी मिल रही है। देश में एचआईवी/एड्स नियंत्रण के लिये संकल्पबद्ध होकर तेजी से प्रयास किये जा रहे है। इसके सार्थक परिणाम भी मिल रहे है। एचआईवी/एड्स प्रभावितों के अधिकारों की रक्षा की जा रही है। उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जा रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा 2017 से एचआईवी/एड्स नियंत्रण के लिये तेजी से प्रयास शुरू किये गये हैं। केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि सतत् विकास लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये सभी का सहयोग जरूरी है। एचआईवी से प्रभावित व्यक्तियों को मौलिक अधिकारों के साथ उन्हें मानव अधिकार भी प्राप्त हो। उनके साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। हमें उनके अधिकारों का सम्मान करते हुए उन्हें भी वहीं मान-सम्मान देना चाहिए, जो अन्य सामान्य व्यक्ति को हम देते हैं, जिससे वे सामान्य जीवन जी सकें। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा एचआईवी/एड्स से प्रभावित लोगों की संख्या में कमी लाने और मृत्यु की संख्या को कम करने के लिये सतत विकास लक्ष्य निर्धारित किये है। यह लक्ष्य वर्ष 2030 तक पूर्ण कर लिया जायेगा। केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने समाज के सभी वर्गों का आहवान किया कि वे इस दिशा में लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये पुन: संकल्प बद्ध होकर नई ऊर्जा और नई स्फूर्ति से जुट जाये। केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि एचआईवी और एड्स (रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम-2017 लागू किया गया। इस अधिनियम के माध्यम से एचआईवी/एड्स के प्रसार को रोकने और नियंत्रित करने में मदद मिल रही है। इस अधिनियम से एचआईवी/एड्स से संक्रमित और प्रभावित व्यक्तियों के कानूनी और मानवाधिकारों को सुदृढ़ बनाया गया है। यह अधिनियम स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने का भी प्रयास है। उन्होंने कहा कि एचआईवी/एड्स से प्रभावित व्यक्तियों का नि:शुल्क इलाज किया जा रहा है। भारत ने स्वास्थ्य सेवाओं, इलाज, चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में विश्व में नयी पहचान कायम की है। कोरोना प्रबंधन हो या अनेक संक्रामक बीमारियों के इलाज के लिये टीकों और दवाईयों की खोज हो, देश का विश्व में अग्रणी स्थान बना है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में मध्यप्रदेश की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदेश देश में इस क्षेत्र में अग्रणी है। मध्यप्रदेश में तेजी से नए मेडिकल कॉलेज खोले गये है। आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन और स्वास्थ्य सेवाओं में मध्यप्रदेश देश में अव्वल केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि मध्यप्रदेश चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में देश में सबसे आगे है और सबसे तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके लिये उन्होंने मध्यप्रदेश की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में तेजी से नये मेडिकल कॉलेज खोले गये है, आगे भी नए मेडिकल कॉलेज खोले जायेंगे। भोपाल में एम्स की स्थापना भी की गई है। मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाई गई है। आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन में भी मध्यप्रदेश देश में अव्वल है। “टेक द राइट्स पाथ” के अनुरूप कार्य कर वर्ष 2028 तक वैश्विक लक्ष्य को प्राप्त करेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व एड्स दिवस के अवसर पर इंदौर में यह कार्यक्रम आयोजित करने के लिये केन्द्रीय मंत्री नड्डा के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से समुदायों, युवाओं, लाभार्थियों और विभिन्न संगठनों को एक साथ लाकर वर्ष 2030 तक एचआईवी/एड्स को समाप्त करने के वैश्विक लक्ष्य को प्राप्त करने, चुनौतियों का समाधान करने में मददगार होगा। हमारा प्रयास होगा की यूएन की थीम, “टेक द राइट्स पाथ” के अनुरूप कार्य कर वर्ष 2028 तक वैश्विक लक्ष्य को प्राप्त किया जाये। ऐसे कार्यक्रमों से समाज में जागरूकता आयेगी। एचआईवी/एड्स की जंग में संघर्ष करने में मदद मिलेगी। समाज को साथ में लाकर एचआईवी/एड्स के खिलाफ जंग में जागरूकता लाई जायेगी। प्रदेश में तेजी से स्थापित हो रहे हैं नए मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस तरह भारत में सदी के सबसे भयावह दौर कोरोना काल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कोविड से जंग लड़ी गई और सफलता हासिल की गई, उसे देखकर लगता है कि हम एचआईवी/एड्स के खिलाफ जंग में भी विजय हासिल करेंगे। उन्होंने मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिये प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरलीकृत व्यवस्था से प्रदेश में मेडिकल कॉलेज खोलने के कार्य को नयी गति मिली है। अब प्रदेश में तेजी से नए मेडिकल कॉलेज स्थापित हो रहे है। चिकित्सा शिक्षा के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार भी तेजी से किया जा रहा है। प्रदेश में एलोपेथिक के साथ ही अन्य चिकित्सा पद्धतियों से उपचार को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।  

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री इंदौर में विश्व एड्स दिवस के कार्यक्रम में शामिल हुए

इंदौर. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि एक समय ऐसा था, जब भारत में टिटनेस की दवा को 40 साल, टीबी की दवा को 30 साल, डिप्थीरिया की दवा को 30 साल, जापानी बुखार को ठीक करने वाली दवा आने में 100 साल लग गए, लेकिन कोरोना के दो टीके नौ माह में आ गए। जिन्होंने कई लोगों की जिंदगी बचाई। हमने चालीस देशों को मुफ्त कोरोना की दवा दी। यह बदलता भारत है। कोरोना मैनेजमेंट को उठाकर देखिए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने कहा कि अमेरिका में स्ट्राइक हुई, यूरोप में लोगों ने लॉकडाउन लगाने से रोका, कई देश लॉकडाउन लगाने के लिए तय नहीं कर पाए। वे असमंजस में थे। लेकिन भारत में पहले जनता कर्फ्यू, फिर लॉकडाउन लगाए। भारत ने पीपीई किट बनाए, आईसीयू में जगह तैयार की, सैनेटाइजर, मास्क बनाए। तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि जान भी है और जहान भी। दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे तेज कोरोना वैक्सीन बनाने का अभियान भारत में चला। अब भारत लेने वाला नहीं, बल्कि देने वाला देश बन चुका है। कोरोना का मैनेजेमेंट देश में प्रभावी रहा। वे रविवार को विश्व एड्स दिवस के अवसर पर इंदौर के खंडवा रोड स्थित देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एड्स को लेकर चर्चा करने में कई संकोच नहीं करना चाहिए। जब मैं इस पर बात कर सकता हूं तो आपको भी समाज में जाकर खुलकर चर्चा करना चाहिए। स्कूलों में कार्यक्रम होना चाहिए। 9वीं-10वीं के बच्चों को जागरूक् करना चाहिए। कैंपेन चलाना चाहिए। हेल्दी बिहेवियर को प्रमोट करना चाहिए। वर्ल्ड एड्स डे एचआईवी और उसके खिलाफ चल रही जंग को डेडिकेट और रि-डेडिकेट करने का दिन है। यह दिन अपने आप को एचआईवी से प्रोटेक्ट करने का दिन है। अभी ऐसी कोई दवा नहीं आई है जो पूरी तरह एचआईवी को ठीक कर सके। दवाएं तो पूरे समय खाना पड़ेंगी, लेकिन दवाओं से व्यक्ति पूरे जीवन स्वस्थ रह सकता है। इसलिए ऐसे लोगों को समाज में जगह देना चाहिए। नई जनरेशन को एड्स के काले अध्याय की जानकारी नहीं नड्‌डा ने कार्यक्रम में मौजूद बच्चों से बात करते हुए कहा कि हमारे समाज ने देश में एड्स की लंबी लड़ाई लड़ी है। लेकिन हमारे नौजवानों ने अंधकार का वो काला दौर नहीं देखा। इसलिए आपको मालूम नहीं है कि एड्स का मतलब क्या है। आप लोगों ने 80 का दसक नहीं देखा। आपको मालूम नहीं है कि एड्स मतलब क्या होता है। उस समय अगर कोई एड्स मरीज किसी को छू जाए तो लोग डर जाते थे। लोग ऐसे परिवारों से दूर रहते थे। हेयर कटिंग सैलून वाला बार-बार अपने उस्तरे को पोछ्ता था तब डर लगता था। यह दौर शायद मुख्यमंत्री, सिलावट और राजेंद्र शुक्ला ने देखा है। 95 फीसदी एचआईवी मरीजों को समय पर इलाज नड्‌डा ने कहा कि एक समय था जब दुनिया में एड्‌स की दवा नहीं थी और जब दवा आई तो इतनी महंगी थी कि गरीब आदमी उन दवाओं को ले नहीं सकता था। हमारे देश की कंपनियों ने दुनिया में एड्स की सबसे सस्ती और इफेक्टिव दवाएं बनाईं। इनके माध्यम से हम अफ्रीका, साउथ अफ्रीका, लेटिन अमेरिका समेत कई देशों की मदद कर रहे हैं। हम देश के 95 फीसदी एचआईवी मरीजों तक समय पर दवा पहुंचा रहे हैं। देश का हेल्थ केयर सिस्टम मजबूत हुआ उन्होंने कहा कि आज विज्ञान और खासकर हमारे भारत के लोग हेल्थ केयर सिस्टम को लेकर काफी सजग हो गए हैं। हमारा हेल्थ केयर सिस्टम काफी मजबूत है। वह एड्स पीड़ितों को लंबा जीवन दे सकते हैं। आप लोगों की भी जिम्मेदारी है कि पीड़ितों का ध्यान रखें। जो सर्विस प्रोवाइडर है वह बहुत अच्छा काम कर रहे हैं उनका मनोबल बढ़ाए। मैं इस बीमारी में लगे हेल्थ वर्कर और हेल्थ प्रोवाइडर को सलाम करता हूं। मुझे खुशी है कि जब मैं स्वास्थ्य मंत्री बना तो मुझे एचआईवी प्रोटेक्शन को लेकर एक्ट में सुधार करने का मौका मिला। लोगों को एकजुट होने की जरूरत नड्‌डा ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से कहा कि आप लोगों की उपस्थिति बता रही है कि आप सभी एड्स के खिलाफ लड़ाई लड़ने और प्रोटक्शन को लेकर प्रतिबद्ध है। लोग एड्स पीड़ितों को सामाजिक दृष्टि से देखें और उन्हें मुख्य धारा में लाने का प्रयास करें। इन लोगों को इनका अधिकार दिलाने का दिन है। लोग उनसे घृणा नहीं करें उनकी स्थिति समझें। यह समझें कि वह फिर से ठीक होकर अच्छा जीवन जी सकते हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, मंत्री तुलसी सिलावट सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एड्स रोगी को अच्छा इलाज और समाज से मदद मिले तो रोगी इस बीमारी पर जीत हासिल कर जीवन यापन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के बाद देश का स्वास्थ्य विभाग पर विश्वास और पक्का हुआ है। भारत ने तब दूसरे देशों की भी मदद की। कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री नड्डा ने ‘विश्व एड्स दिवस’ पर इंदौर में आयोजित एड्स के प्रति जन-जागरूकता पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन भी किया। इससे पहले नड्डा विमान से इंदौर के देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने उनका स्वागत किया।

पंडित धीरेन्द्र शास्त्री की करैरा में शुरु हुई कथा

करैरा. मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में रविवार को सुबह से ही लाखों लोगों का जमावड़ा लग गया। यहां बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा का कार्यक्रम आयोजित किया गया है जिसके लिए आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में भक्त आए हैं। कथास्थल पर करैरा में पहली बार 5 लाख स्क्वायर फीट का विशाल पंडाल तैयार किया गया है। शनिवार देर रात तक कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। कथा शुरू होने से पूर्व रविवार सुबह 21 हजार कलशों की यात्रा निकाली गई जिसमें हजारों महिलाएं और युवतियां उत्साहपूर्वक शामिल हुईं। बाबा का बाग बगीचा मंदिर पर 1 दिसंबर से अनेक धार्मिक कार्यक्रम प्रारंभ हुए। यहां 8 दिनों तक श्रीमद भागवत कथा, 51 कुंडीय सीताराम महायज्ञ, शतचंडी अनुष्ठान, कन्या शुभ विवाह आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। श्रीमद भागवत कथा बागेश्वर धाम के महंत धीरेन्द्र कुमार शास्त्री सुनाएंगे। भागवत कथा के शुभारंभ से पूर्व रविवार सुबह 10 बजे से अनाज मंडी से कलश यात्रा शुरू हुई जोकि मुख्य मार्गों से होते हुए कथा स्थल बाबा का बाग बगीचा पहुंची। कलशयात्रा में 21 हजार महिलाएं व युवतियां शामिल हुईं। 34 बीघा में बनाया पांडाल पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की गई हैं। यहां 34 बीघा जमीन में 5 लाख स्क्वायर फीट का पंडाल बनाया गया है। करैरा में पहली बार इतना विशाल पंडाल बनाया गया है जिसमें विशेष मंच भी तैयार किया गया है। कथा में आने-जाने वाले लोगों के लिए दर्जन भर जगहों पर पार्किग बनाई गईं हैं। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियोें के अनुसार करैरा क्षेत्र में इससे पहले इतना बड़ा आयोजन नहीं हुआ है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम में सुरक्षा को लेकर 1 हजार पुलिसकर्मी जगह-जगह तैनात रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिले के अलावा अन्य शहरों से भी पुलिस फोर्स बुलाया गया है। करैरा में कथास्थल पर जाने के लिए पार्किंग व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पुलिस ने ट्रैफिक चार्ट जारी किया है। नरवर, भितरवार एवं ग्वालियर से आने वाले वाहनों की पार्किंग व्यवस्था नरवर भितरवार रोड पर ब्रजधाम मैरिज गार्डन के पास मैदान, खैराघाट तिराहा के पास रोड के दोनों ओर एसीक्रेट हार्ट स्कूल व जेल के सामने रहेगी। इस मार्ग से आने वाले भक्तों के लिए 5 पार्किंग बनाई गई हैं। सभी भक्त वाहन पार्क कर ब्रजधाम एवं खैराघाट पार्किंग के बीच से नया कच्चा मार्ग से होते हुए एवं कुम्हारपुरा होते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुंच सकेंगे। शिवपुरी, ग्वालियर, गुना से आने वाले भक्तों के लिए 3 पार्किंग बनाई गई हैं, जिसमें महुअर कोलोनी, पृथ्वी ढाबा एवं कॉलेज तिराहा शामिल हैं। इन स्थानों पर पार्किग के बाद भक्त सहायता केन्द्र से होते हुए पैदल कथास्थल पहुचेंगे। भौती व पिछोर तरफ से आने वाले वाहनों के लिए फिल्टर रोड पर पार्किंग व्यवस्था की गई है। इस मार्ग से आने वाले भक्त फिल्टर रोड पर वाहन पार्क कर फिल्टर रोड होते हुए कच्ची गली एवं सहायता केन्द्र होते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुुंच सकेंगे। टीला गाँव की तरफ से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए टीला रोड पर पार्किंग व्यवस्था की गई है। यहां से कालेज होते हुए पुलिस लाइन होकर सहायता केन्द्र से कार्यक्रम स्थल तक पहुंच सकेंगे। झांसी, दतिया, दिनारा की ओर से आने वाले वाहनों की पार्किंग व्यवस्था करैरा मंडी के पीछे रहेगी। यहां से श्रद्धालु वाहन पार्क कर पैदल कामांछा माता मन्दिर होकर एवं न्यू तहसील के पीछे हरदौल मन्दिर से पुलिस लाईन होते हुए सहायता केन्द्र होकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंच सकेंगे। वीआईपी पार्किंग की व्यवस्था बालक उत्कृष्ट विद्यालय करैरा में की गई है।

अनिल अग्रवाल: अग्रवाल समाज की नई ऊंचाइयों का नेतृत्वकर्ता

भोपाल मानस भवन में आयोजित अग्रसत्ता सोशल मंच का युवक-युवती परिचय सम्मेलन और अलंकरण समारोह समाज के लिए प्रेरणा का प्रतीक बनकर सामने आया। इस कार्यक्रम की सबसे खास बात थी अनिल अग्रवाल जी का नेतृत्व, जिन्होंने न केवल आयोजन को भव्यता प्रदान की बल्कि अपने विचारों और क्रियाकलापों से सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम की शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत एक गरिमामय उद्घाटन के साथ हुई, जिसमें समाज के विभिन्न कोनों से आए विवाह योग्य युवक-युवतियों और उनके अभिभावकों ने हिस्सा लिया। मंच को फूलों और रोशनी से सजाया गया था, जो समाज के इस महत्वपूर्ण आयोजन की महत्ता को दर्शा रहा था। लेकिन, जैसे ही अनिल अग्रवाल जी मंच पर पहुंचे, पूरे सभागार में तालियों की गूंज सुनाई दी। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम में ऊर्जा और उत्साह का संचार कर दिया। भव्य स्वागत और सम्मान कार्यक्रम की विशेषता रही अनिल अग्रवाल जी द्वारा मध्य प्रदेश पत्रिका के हेड भदौरिया जी और भोपाल यूनिट हेड अशोक अग्रवाल जी का आत्मीय स्वागत। अनिल जी ने उन्हें फूलों का गुलदस्ता और स्मृति चिह्न प्रदान करते हुए कहा, “आपका योगदान समाज और पत्रकारिता जगत के लिए प्रेरणादायक है। आपकी मेहनत और समर्पण हमारे लिए मिसाल है।” इस भव्य स्वागत ने दर्शकों के दिलों में अनिल जी के प्रति आदर और बढ़ा दिया। ओजस्वी वाणी का जादू स्वागत के बाद, अनिल अग्रवाल जी ने अपने संबोधन से सभागार में मौजूद सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा, “समाज को आगे बढ़ाने के लिए एकजुटता और परिश्रम की आवश्यकता है। हमें मिलकर अपनी परंपराओं और मूल्यों को संरक्षित रखते हुए आधुनिकता के साथ तालमेल बिठाना होगा।” उनकी ओजस्वी वाणी ने न केवल युवाओं को प्रेरित किया, बल्कि अभिभावकों को भी समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराया। विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए मंच इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विवाह योग्य युवक-युवतियों को एक ऐसा मंच प्रदान करना था, जहाँ वे अपने लिए उपयुक्त जीवनसाथी की तलाश कर सकें। लगभग 600 प्रविष्टियों के साथ यह सम्मेलन समाज के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हुआ। युवक-युवतियों और उनके अभिभावकों ने इस अवसर का भरपूर लाभ उठाया। युवतियों ने अपने जीवनसाथी के लिए पढ़ा-लिखा और परिवार का ख्याल रखने वाला वर चाहा, जबकि युवकों के अभिभावकों ने कहा, “हमें बहू नहीं बेटी चाहिए।” सम्मान समारोह: समाज के रत्नों का अभिनंदन इस आयोजन में समाज के कई प्रमुख व्यक्तियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। महेश अग्रवाल, केदारनाथ अग्रवाल, माया सिंगल, आशीष गुप्ता, और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का अभिनंदन करते हुए अनिल अग्रवाल जी ने कहा कि ये लोग समाज के स्तंभ हैं, जिनके बिना यह आयोजन संभव नहीं था। जनसमुदाय की प्रशंसा पूरे आयोजन में अनिल अग्रवाल जी की भूमिका को लेकर हर कोई प्रशंसा करता नजर आया। लोगों ने कहा, “अनिल जी का नेतृत्व और समर्पण समाज के लिए एक मिसाल है। उनका हर कार्य समाज को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रेरित करता है।” समाज को नई दिशा देने का संकल्प समारोह के समापन पर, अनिल अग्रवाल जी ने कहा, “अग्रवाल समाज की प्रगति के लिए मैं हमेशा तत्पर रहूंगा। हमारा समाज परंपरा और आधुनिकता का संगम है, और हमें इसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना है।” यह आयोजन न केवल विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर था, बल्कि यह समाज में एकजुटता और समर्पण का प्रतीक बनकर उभरा। अनिल अग्रवाल जी का नेतृत्व इस बात का प्रमाण है कि जब एक व्यक्ति समाज के उत्थान के लिए समर्पित हो, तो वह समाज नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सपत्नीक श्रीमहाकालेश्वर भगवान के दर्शन किए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने अपने उज्जैन प्रवास के दौरान दोपहर श्रीमहाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर सपत्नीक दर्शन कर पूजन-अभिषेक किया। पूजन अभिषेक पं.श्री राजेश पुजारी, श्री राम पुजारी और श्री आकाश पुजारी द्वारा सम्पन्न कराया गया। केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सपत्नीक दर्शन-पूजन के बाद नंदीमंडपम् में ध्यान एवं पूजन किया। श्रीमहाकालेश्वर मंदिर की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा को स्मृति-चिन्ह, दुपट्टा और प्रसाद भेटकर सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं सांसद श्री वी.डी. शर्मा को मंदिर समिति की ओर से कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह ने स्मृति-चिन्ह, दुपट्टा और प्रसाद भेंटकर सम्मान किया। इस अवसर पर उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, राज्यसभा सांसद श्री बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, सांसद श्री अनिल फिरोजिया, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, श्री सतीश मालवीय, डॉ. चिंतामणि मालवीय, महापौर श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, संभागायुक्त श्री संजय गुप्ता, कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा, प्रशासक श्री गणेश कुमार धाकड़ सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।  

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