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राज्य सरकार प्रदेश के विशेष रूप से पिछड़े जनजातीय समूह के स्वास्थ्य सुधार के प्रति संवेदनशील होकर प्रतिबद्ध प्रयास

भोपाल राज्य सरकार प्रदेश के विशेष रूप से पिछड़े जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के स्वास्थ्य सुधार के प्रति संवेदनशील होकर प्रतिबद्ध प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदूर क्षेत्रों तक पहुंचाने के उद्देश्य से सरकार की पीवीटीजी बहुल 21 जिलों के दूरस्थ गांवों की 1270 बसाहटों तक मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (एमएमयू) संचालित करने की योजना है। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) योजना के तहत सरकार द्वारा कुल 74 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स चलाई जाएंगी, जिन पर तीन वर्षों में लगभग 50 करोड़ 31 लाख 18 हजार रुपये व्यय किए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं को पीवीटीजी समुदाय के लोगों के घर-घर तक पहुंचाना है। योजना के तहत अब तक तेजी से काम किया गया है। कुल 74 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स में से आगामी 15 दिसंबर 2024 तक 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स संचालित कर दी जायेंगी। सरकार की यह पहल विशेष रूप से सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करेगी। सरकार के इन प्रयासों से पीवीटीजी समुदाय के स्वास्थ्य में सुधार होगा और उन्हें समय पर चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी। राज्य सरकार द्वारा मोबाइल मेडिकल यूनिट के लिये पीवीटीजी बहुल जिले भी चिन्हित कर लिये गये हैं। सरकार द्वारा शिवपुरी जिले के लिये 11, शहडोल जिले के लिये 10, बालाघाट एवं सीधी के लिये 6-6, डिंडोरी, गुना, ग्वालियर एवं मंडला के लिये 5-5, अशोकनगर 4, अनूपपुर 3, दतिया, मुरैना एवं श्योपुर के लिये 2-2 तथा छिंदवाड़ा, कटनी, नरसिंहपुर, सतना, जबलपुर, रायसेन, उमरिया एवं विदिशा जिले के पीवीटीजी बहुल क्षेत्रों के लिये 1-1 मोबाइल मेडिकल यूनिट की गई है। पीएम जन-मन में पीवीटीजी के लिये मंजूर 74 में से 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स जल्द ही संचालित हो जायेंगी। शेष 8 मोबाइल मेडिकल यूनिट के लिये टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। वर्तमान में इन जिलों के पीवीटीजी बहुल क्षेत्रों में वैकल्पिक तौर पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के माध्यम से 74 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स चलाई जा रही हैं।  

नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने तैयार की 2875 करोड़ रुपये की योजना

प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में बनेंगे गीता भवन प्रदेश में नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 413 नगरीय निकायों में गीता भवन बनाने का निर्णय लिया नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने तैयार की 2875 करोड़ रुपये की योजना भोपाल प्रदेश में धार्मिक ग्रंथों, साहित्य और वैज्ञानिक अनुसंधानों के सुलभ अध्ययन के लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 413 नगरीय निकायों में गीता भवन बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिये विभाग ने 2 हजार 875 करोड़ रुपये की योजना तैयार की है। यह योजना आगामी 3 वर्षों में पूरी की जायेगी। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि 5 लाख से अधिक जनसंख्या वाले 5 नगर निगमों में 1500 बैठक क्षमता और 5 लाख से कम जनसंख्या वाले नगर निगमों में एक हजार बैठक क्षमता वाले एक-एक गीता भवन तैयार किये जायेंगे। प्रदेश की 99 नगरपालिका परिषद और 298 नगर परिषद क्षेत्र में क्रमश 500 एवं 250 बैठक क्षमता के एक-एक गीता भवन तैयार किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि गीता भवन का निर्माण राज्य शासन द्वारा कराया जायेगा। नगरीय निकाय पीपीपी मोड पर भी गीता भवन का निर्माण कर सकेंगे। नगरीय विकास मंत्री ने बताया कि प्रत्येक गीता भवन में एक पुस्तकालय होगा। इनमें 3 रीडिंग रूम की व्यवस्था होगी। गीता भवन में ई-लायब्रेरी कक्ष की व्यवस्था भी प्रस्तावित की गयी है। गीता भवन में साहित्य सामग्री बिक्री केन्द्र भी प्रस्तावित किया गया है। उन्होंने बताया कि गीता भवन में कैफेटेरिया-स्वल्पाहार गृह की सुविधा भी विकसित कर सकेंगे। गीता भवन केन्द्रों को आत्म-निर्भर बनाने के होंगे प्रयास नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि प्रदेश में बनाये जा रहे गीता भवन केन्द्रों को आत्म-निर्भर बनाने के लिये नगरीय निकाय समुचित स्थान पर व्यावसायिक उपयोग कर सकेंगे। जिन नगरीय निकायों में पूर्व से भवन हैं, उनका विस्तार कर गीता भवन के रूप में उपयोग किया जा सकेगा। नगरीय निकायों में बनाये जाने वाले गीता भवनों में ऑडिटोरियम का भी प्रावधान रखा गया है। इन ऑडिटोरियम में नगरीय निकायों की आबादी के मान से सभागार की बैठक क्षमता निर्धारित रहेगी। गीता भवन में चार पहिया और दो पहिया की सुलभ पॉर्किंग व्यवस्था का भी प्रावधान रखा गया है। गीता भवन का निर्माण ऐसे स्थान पर किया जायेगा, जहाँ नागरिकों की पहुँच आसान हो। मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि नगरीय निकाय ‘सुराज’ योजना की भूमि पर भी गीता भवन बना सकेंगे। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में गीता भवन संचालनालय नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा स्वीकृत नक्शे के अनुसार निर्मित किये जायेंगे। गीता भवन की डिजाइन इस प्रकार की होगी कि जिसमें मध्यप्रदेश के विशेष ऑर्किटेक्चर की झलक देखने को मिले।  

2024-25 में प्रदेश के जनजातीय बहुल जिलों में 163 नये निर्माण कार्य मंजूर किये

भोपाल राज्य सरकार प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिये विशेष प्रयास कर रही है। बीते वर्षों के प्रगतिरत निर्माण कार्यों के अतिरिक्त सरकार ने वर्तमान वित्त वर्ष 2024-25 में प्रदेश के जनजातीय बहुल जिलों में 163 नये निर्माण कार्य मंजूर किये हैं। कुल 404 करोड़ 86 लाख रूपये की लागत से बनने वाले इन सभी 163 निर्माण कार्यों के लिये निविदा की प्रक्रिया प्रचलन में है। जल्द ही सभी कार्य प्रारंभ किये जायेंगे। जनजातीय कार्य लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया कि नये निर्माण कार्यों में राज्य शासन द्वारा छात्रावास, आश्रम शालाओं, अप्रोच रोड एवं सामुदायिक भवन आदि मंजूर किये गये हैं। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा संविधान के अनुच्छेद-275(1) के तहत अनुसूचित जनजातियों के कल्याण के लिये राज्यों को भारत की संचित निधि से अनुदान दिया जाता है। संचित निधि से प्राप्त अनुदान से राज्य शासन द्वारा 161 करोड़ रूपये की लागत से 40 नये छात्रावास निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई। प्रत्येक छात्रावास 4 करोड़ 4 लाख रूपये की लागत से बनाया जायेगा। इसी प्रकार 143.22 करोड़ रूपये की लागत से 52 नई आश्रम शालाएं बनाई जायेंगी। प्रत्येक आश्रम शाला 2 करोड 75 लाख 43 हजार रूपये की लागत से बनाइ जायेगी। इसी क्रम में 5 करोड़ 21 लाख रूपये की लागत से 13 छात्रावासों में उन्नयन कार्य, 44 करोड़ 18 लाख रूपये की लागत से 30 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में अप्रोच रोड का निर्माण कार्य, 5 करोड़ रूपये से 10 सामुदायिक भवनों का निर्माण (50 लाख प्रति सामुदायिक भवन), 6 करोड़ रूपये से 3 सामुदायिक भवनों का निर्माण (2 करोड़ प्रति सामुदायिक भवन), 11 करोड़ 91 लाख रूपये लागत से आधारताल, जबलपुर में 150 सीटर महाविद्यालयीन बालक छात्रावास निर्माण कार्य एवं 9 करोड़ 21 लाख रूपये की लागत से 8 कन्या शिक्षा परिसरों में अप्रोच रोड का निर्माण कार्य कराया जायेगा। जनजातीय कार्य मंत्री शाह ने बताया कि पीवीटीजी की संस्कृति के संरक्षण के लिये भी सरकार गंभीर होकर प्रयास कर रही है। पीवीटीजी कल्याण (सांस्कृतिक भवन) योजना के तहत 5 करोड़ रूपये लागत से ग्राम टिकटोली जिला श्योपुर में सहरिया जनजातीय सांस्कृतिक केन्द्र भवन निर्माण कार्य, मंडला में 5 करोड़ रूपये की लागत से बैगा जनजातीय सांस्कृतिक केन्द्र भवन निर्माण कार्य, धार में 2 करोड़ 80 लाख रूपये की लागत से भील जनजातीय सांस्कृतिक केन्द्र भवन निर्माण कार्य सहित 1.50 करोड़ लागत से शाहपुर जिला बैतूल के बालक क्रीडा परिसर में बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य, ग्राम पंचायत पिपलानी में 24 लाख रूपये की लागत से कोरकू समाज के लिये मंगल भवन का‍निर्माण कार्य तथा ग्राम ईंटखेड़ी जिला रायसेन में 3 करोड़ 98 लाख रूपये की लागत से सीनियर आदिवासी कन्या छात्रावास का निर्माण कार्य कराया जायेगा।

लाड़ली बहनों के खाते में इस दिन आएगी साल की आखिरी किस्त, जाने बडा अपडेट

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार लाड़ली बहना योजना के तहत राज्य की बहनों और बेटियों को आर्थिक मदद करती है ताकि वे सशक्त बन सकें। सरकार की ओर से मिलने वाली राशि से बहनों के चेहरे पर खुशी भी देखी जाती है। राज्य सरकार की यह योजना न केवल एमपी में बल्कि पूरे देश में काफी मशहूर है। तो चलिए आपको बताते हैं कि मोहन सरकार लाड़ली बहनों के खातों में कब किस्त की राशि ट्रांसफर कर सकती है। कब जारी होगी 19वीं किस्त?     बता दें कि पिछले कुछ महीनों से महीने की 10 तारीख से पहले ही महिलाओं के खातों में किस्त की रकम आ रही है। खबरों की मानें तो इस बार भी राज्य की मोहन सरकार 19वीं किस्त की राशि महीने की 10 तारीख से पहले महिलाओं के खातों में पैसे ट्रांसफर कर सकती है। ये इस साल की आखिरी किस्त होगी। वहीं संभावना ऐसी भी हैं कि जनवरी 2025 से मोहन सरकार लाड़ली बहनों की किस्त में इजाफा भी कर सकती है बहनों को बेसब्री से है इंतजार मध्य प्रदेश में चलाई जा रही लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इस स्कीम के तहत सरकार महिलाओं को हर महीने 1250 रुपए की धनराशि देती है ताकि महिलाएं अपना जरूरत की चीजें खरीद सकें। साथ ही सरकार का यह भी उद्देश्य जीवन अच्छे से जी सकें और उन्हें अपने छोटे-मोटे खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भर न रहना पड़े। गौरतलब है कि सरकार 18वीं किस्त जारी कर चुकी है और अब प्रदेश की महिलाएं 19वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार है। अब देखना होगा कि मोहन सरकार बहन-बेटियों के खाते में कब राशि ट्रांसफर करती है। कब शुरू हुई थी योजना? दरअसल, मुख्यमंत्री लाड़ली बहाना योजना की शुरुआत राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साल 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले की थी। आपको बता दें कि योजना की पहली चार किस्तों में महिलाओं के खातों में 1-1 हजार रुपए की राशि ट्रांसफर की गई थी। इसके बाद किस्त की राशि बढ़ाकर 1,250 कर दी गई। तब से इस योजना के तहत हर महीने महिलाओं को 1250 रुपए की राशि भेजी जाती है। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ राज्य की करीब 1.29 करोड़ महिलाओं को मिल रहा है।  मध्य प्रदेश में लाड़ली बहनों के लिए खुशियों की घंटी फिर बजने वाली है. प्रदेश की 1 करोड़ 29 लाख बहनों के खाते में लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त की राशि आने वाली है. ये इस बरस की आखिरी किस्त है. ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि साल के आखिरी किस्त तय तारीख से पहले भी आ सकती है. माना जा रहा है कि इस बार तय तारीख 10 दिसम्बर के पहले लाड़ली बहनों को इस योजना की 19वी किस्त के रुप में 1250 रुपए की धनराशि भेजी जा सकती हैं. वहीं संभावना ऐसी भी है कि जनवरी 2025 से मोहन सरकार लाड़ली बहनों की किस्त में इजाफा भी कर सकती है. तारीख से पहले आ सकती है लाड़ली बहना की किस्त ! लाड़ली बहना योजना की दिसंबर महीने की किस्त क्या 10 दिसम्बर से पहले भी आ सकती है. ये इस बरस की आखिरी किस्त है. 1250 की ये किस्त समय से पहले भी लाड़ली बहनों के खाते में डाली जा सकती है. ये लाड़ली बहना योजना की 19वी किस्त होगी. त्योहार के समय में जिस तरह से नियत समय से पहले ये राशि लाड़ली बहनों के खाते में डाली गई, क्या इस बार भी ऐसा होगा. हालांकि इस बारे में सरकार की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है. क्या अगले महीने से बढ़ जाएगी लाड़ली बहना की राशि चर्चा ये भी है कि जनवरी 2025 से लाड़ली बहना योजना की राशि में इजाफा हो सकता है. असल में बुधनी और विजयपुर विधानसभा चुनाव के दौरान सीएम डॉ मोहन यादव ने इस बात के संकेत दिए थे कि वे लाड़ली बहना योजना की राशि में वादे के मुताबिक किस्त की राशि बढ़ाई भी जा सकती है. सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा था कि जो वादा किया गया है. लाड़ली बहनों से पूरा किया जाएगा. उसी के बाद से ये अटकलें तेज हो गई कि क्या नए वर्ष की शुरुआत से सरकार लाड़ली बहनों की राशि बढ़ा सकती है. बीजेपी के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल कहते हैं, “इसमें दो राय नहीं कि लाड़ली बहन-बेटियों के लिए समर्पित है. हमारी सरकार और उनके आर्थिक आत्मनिर्भरता से लेकर उन्हें हर तरह का संबल देने के प्रयास सरकार की ओर से किए जा रहे हैं. सरकार ने लाड़ली बहनों से जो वादा किया है. वो भी पूरे होंगे. बीजेपी की सरकार ने पूर्व में भी अपने वचन पूरे किए हैं और इस बार भी सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.” कब शुरु हुई थी योजना, लाड़ली बहनों का कितना बजट एमपी में लाड़ली बहना अकेली ऐसी योजना है. जिसके लिए सरकार ने बजट में हमेशा विशेष प्रावधान किए हैं. 2023 में शुरु की गई योजना में पहले साल 12 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया था. 23 से साठ वर्ष की महिलाओं के लिए हर महीने हजार रुपए की धनराशि का प्रावधान शुरुआत में किया गया, जो बढ़कर 1250 रुपए का प्रावधान कर दिया गया. पांच वर्षों लक्ष्य में इसे 60 हजार करोड़ इसका बजट माना गया था. जब किस्त की धनराशि 1250 कर दी गई, तो बजट में भी प्रावधान किया गया. अब तैयारी ये है कि 2025 के बजट में महिला बाल विकास विभाग के साथ महिलाओं पर केन्द्रित योजनाओं के लिए धनराशि बढ़ाई जाए.  

पहाड़ों पर बर्फबारी एवं बारिश होने से ठंडी हवाएं चलेगी और प्रदेश में तापमान में गिरावट के साथ सर्दी में तेजी आएगी

भोपाल फ़ेंगल तूफान का असर खत्म होने लगा है, ऐसे में 7 दिसंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में पहुंचने से फिर मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। खास करके उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी एवं बारिश होने से ठंडी हवाएं चलेगी और प्रदेश में तापमान में गिरावट के साथ सर्दी में तेजी आएगी। इस दौरान पूर्वी हिस्से में कहीं कहीं बादल छाने के साथ बूंदाबांदी भी देखने को मिल सकती है। एमपी मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान फेंगल के कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया में बदलने से तापमान में इजाफा हो रहा है। अगले 48 घंटे तक प्रदेश के तापमान में कोई खास उतार-चढ़ाव नहीं देखने को मिलेगा और मौसम ऐसा ही बना रहेगा।इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के असर से जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में हल्की बारिश के आसार हैं। Madhya Pradesh के मौसम का ताजा हाल एमपी मौसम विभाग के अनुसार, फेंगल तूफान का असर खत्म के बाद पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ों पर बर्फबारी होगी और उत्तर-पश्चिमी हवाओं के आने से ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में रात के तापमान में गिरावट आएगी और तेज ठंड का असर देखने को मिलेगा।पश्चिमी, पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी होगी। प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर 20 दिसंबर से शुरू होगा, जो जनवरी तक बना रहेगा। 40 दिनों में 20 से 22 दिन कोल्ड वेव यानी, सर्द हवाओं की भी स्थिति बन सकती है। वर्तमान में सक्रिय है ये मौसम प्रणालियां वर्तमान में उत्तर भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम और पूर्व-मध्य अरब सागर में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में मौजूद है।हवाओं का रुख उत्तरी एवं उत्तर-पूर्वी बना हुआ है, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है।7 दिसंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में पहुंचने की संभावना है। उसके प्रभाव से उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी एवं वर्षा होने के आसार हैं। इससे फिर कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होने का अनुमान है। उसके पूर्व मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने के आसार हैं।

सीएम 8 दिसम्बर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अधिकारियों को जन कल्याण उत्सव के संबंध में निर्देश देंगे

भोपाल मोहन सरकार के एक साल पूरे होने पर प्रदेश में जन कल्याण पर्व मनाया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 8 दिसम्बर को शाम 6 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को जन कल्याण उत्सव के संबंध में निर्देश देंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होने वाली बैठक में संभागायुक्त, आईजी, कलेक्टर, एसपी, मंत्रियों के अलावा जिलों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी शामिल होने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री जन कल्याण पर्व के दौरान गरीब, युवा, किसान और महिलाओं को लेकर एक साल में किए गए कार्यक्रमों पर फोकस करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11 दिसंबर को भोपाल एवं सभी जिलों में गीता जयंती महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार ग्वालियर में 15 से 19 दिसंबर तक तानसेन समारोह आयोजित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन कल्याण पर्व के आयोजन के लिए मंत्रियों की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समितियां बनाई हैं। किसानों के लिए गठित समिति का अध्यक्ष किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना को बनाया गया है। युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को बनाया गया है। गरीब कल्याण से जुड़ी समिति का अध्यक्ष पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल को और महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया को बनाया गया है। ये सभी मंत्री पूरे प्रदेश में कार्यक्रमों के संबंध में रूपरेखा तैयार कर उसका क्रियान्वयन कराएंगे। 11 से 26 दिसम्बर तक मनाया जाना है जन कल्याण पर्व जन कल्याण उत्सव प्रदेश के सभी जिलों में 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर तक मनाया जाना है। मुख्यमंत्री डॉ यादव वीसी के माध्यम से एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर सभी जिलों में महिला, किसान, युवा और गरीब कल्याण सहित विकास से जुड़े अलग-अलग कार्यक्रमों के बारे में अफसरों को निर्देश देंगे।  

मधुमेह के मरीजों को पंचकर्म बाद औषधियां देने से शुगर लेवल 200 तक आ गया : शोध

 भोपाल  डायबिटीज (मधुमेह) पर आयुर्वेदिक औषधियों और पंचकर्म का प्रभाव जानने के लिए एक बड़ा शोध भोपाल के पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद कॉलेज में चल रहा है। यहां 1050 रोगियों पर किए जा रहे शोध के प्रारंभिक परिणाम उत्साहित करने वाले हैं। डॉक्टरों ने बताया कि जिन रोगियों का एचबीए1सी स्तर (वैल्यू) 13 यानी तीन महीने का औसत शुगर लेवल 350 के करीब था उन्हें पंचकर्म की वस्ति क्रिया (दस्त करवाने) के बाद औषधियां देने से कुछ मरीजों का एक सप्ताह तो कुछ का 15 दिन में ही शुगर लेवल 200 तक आ गया। 1050 रोगियों को तीन समूहों में बांटा गया शोध टीम में शामिल काय चिकित्सा के सहायक प्राध्यापक डॉ. विवेक शर्मा बताते हैं कि 1050 रोगियों को औचक (रैंडम) आधार पर बराबर संख्या वाले तीन समूहों में बांटा गया है। एक समूह को पंचकर्म के साथ औषधियां, दूसरे को मात्र औषधियां और तीसरे को सिर्फ खान-पान व जीवन शैली में परिवर्तन करवाया गया है। तीन महीने तक उन पर प्रयोग किया जाना है, हालांकि प्रारंभिक परिणामों में अधिकतर रोगियों की शुगर नियंत्रित मिल रही है। इनमें किसी को एलोपैथी दवाएं नहीं दी जा रही हैं। इस तरह के दिखे परिणाम पंचकर्म विभाग की सह प्राध्यापक डॉ. कामिनी सोनी ने बताया कि आयुष मंत्रालय के दिशानिर्देश के अनुसार जिन रोगियों का एचबीए1सी 10 से कम है उन्हें ही शोध में शामिल किया है, जिससे स्वास्थ्य को लेकर कोई जोखिम न हो। अभी एक माह में अलग-अलग समय में अस्पताल में भर्ती हुए 10 रोगियों को पंचकर्म और दवा देने के बाद देखने में आया है कि आठ का एचबीए1सी स्तर काफी सुधरा हुआ मिला। औसत रूप से मानें तो इसका स्तर 10 से घटकर छह के आसपास आ गया। इसके पहले भर्ती हुए रोगियों में परिणाम भी लगभग ऐसे ही थे। अपवादस्वरूप कुछ रोगी तो ऐसे भी थे जिनका एचबीए1सी 13 था। पंचकर्म के बाद औषधियां देने से यह छह से सात के बीच आ गया है। बता दें, एचबीए1सी जांच रक्त में शुगर का तीन महीने का औसत स्तर बताती है। यह होता है पंचकर्म     वमन – उल्टी कराना। इसके कई तरीके हैं। कई लाभ हैं पर ज्यादा उपयोग कफज रोग में होता है।     विरेचन – दस्त कराना। इसका अधिक उपयोग पित्त संबंधी बीमारियों में किया जाता है।     अनुवासन वस्ति – इसमें एनिमा की तरह काम होता है। इसके लिए अलग-अलग तरह के तेल का उपयोग किया जाता है।     निरूह वस्ति – इसमें काढ़े का उपयोग कर दस्त कराया जाता हैं। पेट और हार्मोन संबंधी बीमारी में अधिक उपयोगी है।     नस्य कर्म – इसमें नाक से औषधियां दी जाती हैं। 70 प्रतिशत काम हो गया है     कॉलेज की रिसर्च एथिक्स कमेटी की स्वीकृति के बाद 1050 रोगियों पर यह शोध किया जा रहा है। इतनी संख्या में मरीजों पर देश में पहली बार शोध हो रहा है। इसमें रोगियों से बाकायदा सहमति पत्र लिया गया है। लगभग 70 प्रतिशत काम हो गया है। शोध के शुरुआती परिणाम बहुत उत्साहजनक रहे हैं। – डॉ. उमेश शुक्ला, प्राचार्य, पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद कॉलेज औषधि पैंक्रियाज को ठीक करने का काम करेगी     हर पैथी का अपना सिद्धांत है, इसलिए उस पर संदेह नहीं करना चाहिए। डायबिटीज के उपचार में एलोपैथी व अन्य पैथी के सिद्धांत कुछ हद तक समान हो सकते हैं। जैसे जीवन शैली में बदलाव। पंचकर्म भी लगभग उसी तरह की प्रक्रिया है। जहां तक दवा की बात है जो आयुर्वेदिक औषधि पैंक्रियाज को ठीक करने या मोटापा कम करने पर काम करेगी वह डायबिटीज में भी लाभकारी होगी। अभी सामान्य जनसंख्या में शहरी क्षेत्र में लगभग 10 से 12 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्र में छह से आठ प्रतिशत लोग डायबिटीज से प्रभावित हैं। – डॉ. मनुज शर्मा, हार्मोन रोग विशेषज्ञ, गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल  

गैस पीड़ितों के लिए आयुष्मान भारत ‘निरामयम’ मध्यप्रदेश योजना के तहत 5 दिसम्बर तक 20 हजार 199 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके

भोपाल भोपाल गैस पीड़ितों और उनके बच्चों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पहुंचाने के लिए राज्य सरकार तत्पर है। गैस पीड़ितों के लिए आयुष्मान भारत ‘निरामयम’ मध्यप्रदेश योजना के तहत 5 दिसम्बर तक 20 हजार 199 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। गैस पीड़ितों और उनके बच्चों के लिए भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के तहत 6 अस्पताल और 9 औषधालय भी संचालित किए जा रहे हैं, जहां सभी प्रकार की जांच, उपचार और आवश्यक सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध हैं। साथ ही आयुष्मान योजना के अंतर्गत भोपाल गैस राहत विभाग से अनुबंधित सभी अस्पतालों में भी गैस पीड़ितों को आवश्यकतानुसार चिकित्सा सुविधाएँ दी जा रही हैं। गंभीर बीमारियों के विशेष इलाज किडनी, लीवर ट्रांसप्लांट और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित के इलाज के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। कैंसर उपचार के लिए विभाग ने एम्स भोपाल और 3 निजी अस्पतालों के साथ अनुबंध किया है। इसके अतिरिक्त कमला नेहरू अस्पताल में डायलिसिस यूनिट की स्थापना की गई है, जहां 13 डायलिसिस मशीनों के जरिये पीड़ित मरीजों का नि:शुल्क उपचार किया जा रहा है। अत्याधुनिक आपातकालीन सेवाएं भी जारी भोपाल गैस राहत विभाग के सभी अस्पतालों में 24×7 इमरजेंसी यूनिट संचालित की जा रही है। इन यूनिट्स में गैस पीड़ितों और उनके बच्चों को तुरंत और उन्नत चिकित्सा सेवाएं, सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। गैस प्रभावित विधवाओं (कल्याणियों) को राज्य सरकार द्वारा विशेष राहत दी जा रही है। इन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अतिरिक्त 1,000 रुपये मासिक पेंशन दी जा रही है। वर्तमान में 4 हजार 406 विधवाओं को पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। राज्य सरकार भोपाल गैस पीड़ितों के स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रमुख लक्ष्य कल्याण योजनाओं के तेज क्रियान्वयन और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से गैस पीड़ितों के जीवन स्तर में त्वरित सुधार लाना है।  

भारतीय ज्ञान परम्परा को आगे बढ़ाने, संरक्षित रखने और जीवित रखने में भारतीय महिलाओं ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई: श्रीमती गौर

भोपाल भारतीय ज्ञान परम्परा को आगे बढ़ाने, संरक्षित रखने और जीवित रखने में भारतीय महिलाओं ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। भारतीय संस्कृति में महिलाओं के ज्ञान की अनदेखी नहीं की जा सकती। भारतीय समाज में प्राचीन वैदिक काल से लेकर वर्तमान तक महिलाओं का सम्मानीय स्थान रहा है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने उक्त आशय की बातें कहीं। राज्य मंत्री श्रीमती गौर शुक्रवार को विज्ञान भारतीय की महिला इकाई शक्ति द्वारा मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी में आयोजित 3 दिवसीय “स्त्री’’ सम्मेलन के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रही थीं। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि समाज की उन्नति और अवनति का सीधा संबंध समाज में महिलाओं की प्रस्थिति और उनके सम्मान से रहा है। समाज में जब और जिस समय महिलाओं का सम्मान रहा है, उस समय के समाज ने उन्नति और प्रगति का सफर तय किया है। जब-जब समाज में महिलाओं के सम्मान में कमी आयी है, तब के समाज में पतन की स्थिति देखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि वैदिक काल में महिलाओं की सम्मानीय स्थिति और वैदिक काल के युग में भारत विश्व गुरु के रूप में जाना जाता था। भारतीय समाज के निर्माण में नारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भारतीय वेदों, शास्त्रों और ऋचाओं को लिखने वाली महिलाएँ थीं। महिलाएँ अनेक अवसरों पर शास्त्रार्थ करती थीं। प्राचीन भारत में महिलाओं को स्वतंत्रता और अनेक अधिकार प्राप्त थे। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि भारतीय इतिहास के मध्य काल में महिलाओं के सम्मान में कमी आयी। महिलाओं को अनेक अधिकारों से वंचित भी किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में महिलाएँ हर क्षेत्र में आगे आ रही हैं। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि आज 21वीं सदी में महिलाएँ आत्म-निर्भर हैं। उन्होंने आज के युग की विभिन्न क्षेत्रों की सफल महिलाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि महिलाओं ने हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थ-व्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि हम टेक्नालॉजी पर आधारित 21वीं सदी में आगे बढ़ रहे हैं। हमें टेक्नालॉजी और नवाचारों के साथ आगे बढ़ना है और साथ में अपनी परम्पराओं से भी जुड़े रहना है। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने शक्ति के तत्वावधान में स्त्री-2024 के आयोजनकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने इस अवसर पर लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन किया और प्रदर्शनी में भाग ले रहे विभिन्न कलाकारों और उद्यमियों से उनके उत्पादों के संबंध में चर्चा की। स्त्री सम्मेलन को प्रो. चांसलर आरएनटीयू डॉ. अदिति चक्रवर्ती ने भी संबोधित किया। मेनिट के निदेशक प्रो. के.के. शुक्ला, महानिदेशक एमपीसीएसटी डॉ. अनिल कोठारी, निदेशक एनआईटीटीआर डॉ. सी.सी. त्रिपाठी, संयोजक स्त्री-2024 प्रो. अनुपमा शर्मा, शक्ति की राष्ट्रीय अध्यक्ष और अन्य अतिथि उपस्थित थे।  

प्रदेश की 12670 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र उन्नत, प्रत्येक में एक-एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पद स्वीकृत

भोपाल प्रदेश की 12670 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों को पूर्ण आंगनवाड़ी केन्द्रों में उन्नयन करने का निर्णय हाल ही में मंत्रि-परिषद द्वारा लिया गया था। निर्णयानुसार इन सभी 12670 उन्नत आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिये एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं एक आंगनवाड़ी सहायिका (प्रत्येक आंगनवाड़ी) के पद की स्वीकृति प्रदान की गई है। पूर्व में संचालित इन मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों को पूर्ण आंगनवाड़ी केन्द्र में एक दिसम्बर 2024 से परिवर्तित माना जायेगा। आयुक्त महिला बाल विकास सूफिया फारूकी वली ने बताया कि मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों में पूर्व से कार्यरत मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की उस केन्द्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में पदस्थ रहकर कार्य करेंगी। वर्तमान में जिन उन्नत आंगनवाड़ी केन्द्रों में कार्यकर्ता का पद रिक्त है, वहाँ निर्धारित शैक्षणिक योग्यता एवं अर्हताओं अनुसार ही नवीन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति की जायेगी। उन्नत 12670 आंगनवाड़ी केन्द्रों में सहायिका के नवीन सृजित पदों पर निर्धारित शैक्षणिक योग्यता एवं अर्हताओं अनुसार ही नियुक्ति होगी। उन्होंने बताया कि इन केन्द्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रिक्त पदों एवं आंगनवाड़ी सहायिका के सभी पदों की नियुक्ति एमपी ऑनलाइन पोर्टल https://chayan.mponline.gov.in के माध्यम से होगी। उल्लेखनीय है कि मंत्रि-परिषद द्वारा 12670 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिये प्रत्येक आंगनवाड़ी केन्द्र में एक कार्यकर्ता एवं एक सहायिका तथा केन्द्रों के पर्यवेक्षण के लिये कुल 476 पर्यवेक्षक के पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है।  

नगरीय निकायों में सहयोग अभियान से जरूरतमंदों को पहुँचाई जायेगी मदद

भोपाल प्रदेश में आगामी दिनों में तेज ठंड की स्थिति को देखते हुए नगरीय निकायों में जरूरतमंदों तक मदद पहुँचाने के लिये “सहयोग अभियान’’ चलाने का निर्णय लिया गया है। अभियान के सफल संचालन के लिये नगरीय विकास आयुक्त श्री भरत यादव ने प्रदेश के 413 नगरीय निकायों को परिपत्र जारी कर निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि सहयोग अभियान में जन-प्रतिनिधियों की मदद से अधिक से अधिक जन-भागीदारी सुनिश्चित की जाये। यह अभियान स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत संचालित होगा। आयुक्त श्री भरत यादव ने जानकारी दी कि अभियान के लिये 625 रिसाइकिल, रियूज और रिड्यूज (आरआरआर) केन्द्रों में विशेष व्यवस्था की जा रही है। नगरीय निकायों के मैदानी अमले को कहा गया है कि नागरिकों से गर्म कपड़े एवं सामग्री एकत्र कर जरूरतमंदों तक पहुँचाने के लिये टीम भावना के साथ काम किया जाये। मिशन संचालक, स्वच्छ भारत मिशन शहरी श्री अक्षय तेम्रवाल ने बताया कि नगरीय निकाय के अमले को गर्म वस्त्र और सामग्री तत्परता से एकत्र करने और जरूरतमंद तक पहुँचाने के लिये कहा गया है। ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन सहयोग अभियान के सिलसिले में नगरीय विकास विभाग ने रविवार 8 दिसम्बर, 2024 को प्रात: 9 बजे प्रदेशव्यापी ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित करने का निर्णय लिया है। कार्यशाला में जन-प्रतिनिधियों, नागरिकों और स्वयंसेवी संस्थाओं के अनुभव और सुझाव साझा किये जायेंगे। कार्यशाला में शामिल होने के लिये लिंक स्वच्छ भारत मिशन, शहरी के सोशल मीडिया पेज पर उपलब्ध होगा। प्रदेश के सभी शहरों में वर्ष 2022 में आरआरआर केन्द्र स्थापित किये गये हैं। नगरीय निकायों में इस काम के लिये विशेष वाहन भी संचालित किये जा रहे हैं। संचालनालय स्तर पर प्रदेशव्यापी अभियान की निगरानी के लिये विशेष व्यवस्था भी की गयी है।  

स्कूली बच्चों के लिये राष्ट्रीय मौसम विज्ञान ओलम्पियाड 14-15 दिसम्बर को

भोपाल भारत मौसम विज्ञान विभाग 14 और 15 दिसम्बर, 2024 को अपनी स्थापना के 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर राष्ट्रीय मौसम विज्ञान ओलम्पियाड आयोजित कर रहा है। ओलम्पियाड में कक्षा-8, 9 और 11 के छात्र शामिल हो सकेंगे। ओलम्पियाड युवाओं के मौसम विज्ञान के क्षेत्र में गहराई से जानने और पुरस्कार अर्जित करने का शानदार अवसर है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी मौसम कार्यालय के टेलीफोन नम्बर-0755-2550345 पर प्राप्त की जा सकती है। मौसम केन्द्र कार्यालय भोपाल के अरेरा हिल्स में स्थित है।  

लोकपथ ऐप ने राष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान, कौन बनेगा करोड़पति में हुआ उल्लेख

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार द्वारा क्षतिग्रस्त सड़कों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विकसित किया गया लोकपथ मोबाइल ऐप अब राष्ट्रीय पहचान बन चुका है। हाल ही में इस ऐप का उल्लेख देश के सबसे प्रतिष्ठित टीवी शो “कौन बनेगा करोड़पति” में हुआ। इस कार्यक्रम के होस्ट, प्रख्यात अभिनेता श्री अमिताभ बच्चन ने लोकपथ ऐप से जुड़ा सवाल प्रतिभागी से पूछा। यह उल्लेख न केवल मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है, बल्कि प्रदेश में सड़कों के रखरखाव और सुधार के लिए किए गए नवाचारों को भी राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित करता है। नरसिंहपुर जिले के श्री रचित कुमार बेल्थरिया ने इस सवाल का सही उत्तर बिना किसी सहायता के देकर शो में सभी का ध्यान आकर्षित किया। लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कौन बनेगा करोड़पति में मध्यप्रदेश के नवाचार को स्थान देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार की ओर श्री अमिताभ बच्चन का आभार व्यक्त किया और प्रतिभागी श्री रचित का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मात्र 6 माह में इस ऐप ने प्रदेश से निकलकर राष्ट्र स्तर पर अपनी पहचान स्थापित की है एवं पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुकी है। लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह ने इस घटना को गर्व का क्षण बताते हुए कहा, “लोकपथ ऐप लोक निर्माण से लोक कल्याण का सेतु है। यह देखकर प्रसन्नता होती है कि मध्यप्रदेश के नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। लोकपथ ऐप प्रदेश की जनता के लिए एक बड़ा नवाचार है, जो सड़कों को गुणवत्तापूर्ण सुरक्षित और सुदृढ़ बनाने में सहायक है।” मंत्री श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लोकार्पित लोकपथ ऐप, लोक निर्माण विभाग की एक अनूठी पहल है। इस ऐप का उद्देश्य प्रदेश की सड़कों से जुड़ी समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है। नागरिक इस ऐप के माध्यम से क्षतिग्रस्त सड़कों की रिपोर्ट सीधे विभाग को भेज सकते हैं, जिससे समस्याओं का शीघ्र समाधान हो रहा है। मंत्री श्री सिंह ने यह भी कहा कि लोकपथ ऐप सरकार की लोक कल्याणकारी सोच और प्रौद्योगिकी के कुशल उपयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि विभाग के इस अभिनव प्रयास ने साबित किया है कि प्रौद्योगिकी के माध्यम से लोक कल्याण के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सकता है। लोकपथ ऐप पर अब तक 4536 से अधिक शिकायतें प्राप्त की गई हैं, जिनमें से 95 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण 7 दिनों के भीतर किया गया। यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार ने नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए इस तकनीक का प्रभावी ढंग से उपयोग किया है। मध्यप्रदेश सरकार की प्राथमिकता प्रदेश की सड़कों को गुणवत्तापूर्ण, सुदृढ़ और सुरक्षित बनाना है और लोकपथ ऐप इस दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।  

हम होंगे कामयाब अभियान: 10 दिसम्बर मानव अधिकार दिवस पर होगी जागरूकता दौड़

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार 16 दिवसीय एक्टीविजम-लिंग आधारित हिंसा के उन्मूलन के लिये “हम होंगे कामयाब’’ अभियान की शुरूआत 25 नवम्बर से की गयी है। मानव अधिकार दिवस तक चलने वाले इस अभियान के तहत 10 दिसम्बर को जागरूकता दौड़ का आयोजन किया जा रहा है। जागरूकता दौड़ में पुलिस विभाग सहित प्रदेश के अन्य विभागों के अधिकारी, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी एवं एनजीओ के लगभग 1500 प्रतिभागी भाग लेंगे। जागरूकता दौड़ का शुभारंभ महापौर श्रीमती मालती राय करेंगी। बोट क्लब पर होने वाली इस दौड़ का समापन पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना द्वारा किया जायेगा।  

प्रदेश ने इतिहास में पहली बार 18 हजार मेगावॉट से ऊपर विद्युत आपूर्ति की

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार 18 हजार मेगावॉट से ऊपर की विद्युत डिमांड बिना किसी व्यवधान के पूरी करने में सफलता प्राप्त हुई है। छ: दिसम्बर को प्रातः 9:15 बजे मध्यप्रदेश के इतिहास की सर्वाधिक विद्युत मांग 18077 मेगावॉट दर्ज की गई। इसके पूर्व 24 जनवरी 2024 को 17614 मेगावॉट अधिकतम मांग दर्ज की गई थी। अधिकतम डिमांड के समय मध्यप्रदेश की विद्युत लाइनों और सबस्टेशनों से निर्वाध विद्युत आपूर्ति की गई। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने इस उपलब्धि पर विभाग के सभी विद्युत कार्मिकों को बधाई दी है।  

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