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मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक श्री मकवाना

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सोमवार शाम को नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री मकवाना को नए दायित्व के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।  

बीएमएचआरसी के 25वें वर्ष में प्रवेश करने पर डाक विभाग जारी करेगा विशेष आवरण

भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने भोपाल गैस त्रासदी की 40वीं बरसी की पूर्व संध्या के मौके पर सोमवार को भोपाल गैस त्रासदी के दिवंगतों को मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि दी गयी। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय एवं बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव सहित अस्पताल के कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने नम आंखों से गैस त्रासदी के दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी एवं दो मिनट का मौन रखा। सारंग ने कहा कि 2 और 3 दिसंबर की रात में हुई गैस त्रासदी पूरी मानव जाति के लिए भयावह त्रासदी है। इस त्रासदी ने हमें यह सिखाया कि विकास और औद्योगिकीकरण का अपना महत्व है, लेकिन इसे किसी भी व्यक्ति की जान से बड़ा नहीं होना चाहिए। उस रात जो हुआ, वह सभी के लिये भयावह है। इस मौके पर मंत्री सारंग एवं महापौर ने अस्पताल भर्ती मरीजों को हेल्थ किट वितरित किए। बाद में सभी वार्डों में भर्ती मरीजों को हैल्थ किट बांटे गए। भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) के 25वें वर्ष में प्रवेश करने पर डाक विभाग द्वारा मंगलवार 3 दिसम्बर को एक विशेष आवरण जारी किया जाएगा तथा सर्वधर्म सभा आयोजित होगी और बुजुर्ग गैस पीड़ितों का सम्मान किया जाएगा। 3 दिसंबर को सर्वधर्म सभा एवं बुजुर्ग गैस पीड़ित मरीजों का सम्मान 3 दिसंबर को सुबह 8:30 बजे से बीएमएचआरसी के ‘श्रद्धांजलि एवं आशा’ स्मारक के पास सर्वधर्म सभा का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान सभी धर्मों के धर्मगुरू अपने-अपने धर्मग्रंथों का पाठ करेंगे। इसके बाद 85 वर्ष अधिक उम्र के गैस पीड़ित बुजुर्ग मरीजों का सम्मान किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से बीएमएचआरसी के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण, निशुल्क जांच एवं दवा वितरण, गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। शिविरों में आभा तथा आयुष्मान आईडी बनाई जाएंगी। रोटरी क्लब एवं महावीर इंटरनैशनल नामक संस्थाओं द्वारा गरीब मरीजों के लिए कंबल भी दान किए गए हैं, जिन्हें वार्डों में वितरित किया जाएगा। डाक विभाग द्वारा विशेष आवरण का किया जाएगा अनावरण बीएमएचआरसी ने हाल ही में अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश किया है। गैस त्रासदी की 40वीं बरसी पर संस्थान के इस योगदान को चिन्हित करने के लिए भारतीय डाक विभाग द्वारा एक विशेष आवरण जारी किया जाएगा। डाक विभाग द्वारा जारी किया गया विशेष आवरण एक विशिष्ट डाक कवर होता है, जो किसी महत्वपूर्ण अवसर, घटना, व्यक्ति, स्थान, या किसी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक या वैज्ञानिक महत्व के विषय को समर्पित होता है। विशिष्ट विषयों पर जनता के बीच जागरूकता फैलाने के लिए भी इसे जारी किया जाता है। इसे खास डिजाइन और प्रतीकों के साथ तैयार किया जाता है, जो उस अवसर या विषय का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व करते हैं। इस मौके पर मध्यप्रदेश सर्कल के मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल विनीत माथुर, डाक सेवाओं के प्रमुख पवन कुमार डालमिया एवं बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ मनीषा श्रीवास्तव मौजूद रहेंगी। बीएमएचआरसी में अब तक 1.06 करोड़ विजिट हो चुकी हैं बीएमचआरसी और इसके सभी स्वास्थ्य केंद्रों में वर्ष 2000 से अब तक मरीजों को 1.06 करोड़ विजिट हो चुके हैं। इनमें से 98 प्रतिशत गैस पीड़ित या गैस पीड़ितों के आश्रित हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में ही करीब 64 लाख मरीजों की विजिट हो चुकी है। अस्पताल में करीब 3.92 लाख गैस पीड़ित रजिस्टर्ड हैं, जबकि 61725 गैस पीड़ित आश्रित मरीज पंजीकृत हैं।  

ठगी के पैसे जालसाज 5 मिनट में सौ खातों में घुमा देते हैं, इस तरह रेंटल अकाउंट्स से करते हैं साइबर फ्राड

भोपाल. शांति का टापू कहे जाने वाले मप्र की राजधानी भोपाल में साइबर अपराधियों ने इस शहर में घुसपैठ बना ली है। हाल ही में देश के अन्य राज्यों में साइबर ठगी के मामलों में जांच में पता चला कि ठगी की रकम राजधानी में रह रहे कुछ लोगाें के खातों में ट्रांसफर हुई है। ठगी के लिए चर्चित राज्यों की तरह भोपाल के रहवासियों के भी बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी में होने लगा है। खाताधारकों को कमीशन साइबर पुलिस का कहना है कि पिछले दिनों बिहार के गिरोह के गिरफ्त में आने के बाद बैंक से जानकारी जुटाई जा रही थी कि खातों को किराये पर देने के बाद उनको कितना कमीशन दिया जा रहा था। जांच में सामने आया है खाते में आई ठगी की राशि का करीब 10 से 15 प्रतिशत तक इन खाताधारकों को दिया जाता था। खंगाले जा रहे 400 से अधिक बैंक खाते प्रदेश श्योपुर, शिवपुरी, टीकमगढ़ और भोपाल के ऐसे करीब 400 बैंक को खंगाला जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि ठगों ने अलग अलग प्रदेश और उसके बाहर किराये के बैंक खातों का ऐसा नेटवर्क तैयार किया है उन तक पहुंच पाने की सभावना बहुत कम हो जाती है। 5 मिनट में कई खातों में घुमा देते हैं रकम ठग पांच मिनट के भीतर 100 से 150 बैंक खातों में रकम को घुमा दे रहे हैं। पुलिस जब तक एक खाते को फ्रीज कराती है रकम दूसरे, फिर तीसरे खाते में पहुंच जाती है। साइबर एक्सपर्ट संदीप शर्मा ने बताया कि लोन एप जैसे साइबर ठग रहते तो विदेश में हैं, लेकिन भारत में इनका पूरा सिंडिकेट काम करता है। महिलाओं, छात्रों, बेरोजगारों के खाते किराए पर अब यह प्रदेश के लोगों के बैंक खाता भी किराये पर लेने लगे हैं। इसके बदले साइबर ठग खाताधारकों को मोटी रकम देते हैं, ऐसे में बेरोजगार लोगों को लगता है कि इससे घर बैठे ही मोटी कमाई हो जाती है। इसलिए इनके निशाने पर कम आय वाले लोग रहते हैं, छात्र और महिलाओं के बैंक खातों का यह उपयोग करते हैं। जब ऑनलाइन ठगी में अधिकांश मामलों में पुलिस इन खाताधारकों को गिरफ्तार करती, तब तक मुख्य आरोपित बाहर निकल जाते हैं। खुदकुशी करने वाले भूपेंद्र की ठगी की राशि भी भोपाल में हुई थी जमा नवंबर 2023 में पुलिस ने आनलाइन लोन एप में फंसने के बाद पत्नी-बच्चों सहित जान देने वाले भूपेंद्र विश्वकर्मा के रुपये ठगने वाले जिन अपराधियों को पुलिस ने देशभर में तलाश रही थी, वह शहर में ही मौजूद थे। लोन एप की ठगी की राशि कई जगहों से होती हुई भोपाल के पांच लोगों के जमा हुई थी। इस मामले में पांच आरोपितों को बाद में गिरफ्तार किया गया। बैंक मैनेजर ने बेचे 8 खाते, गिरफ्तार हो चुकी है सितंबर 2024 में साइबर पुलिस ने ऑनलाइन ठगी में क्राइम ब्रांच से की। जांच में पता चला कि निजी बैंक का रिलेशनशिप मैनेजर आसिफ खान इस मामले में शामिल है। इसके बाद ब्रांच के रिलेशनशिप मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने करीब आठ अकाउंट साइबर ठगों को बेचे हैं। खाते बेचने में इन लोगों की भी हुई गिरफ्तारी अक्टूबर 2024 में साइबर क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की,जिसमें फर्जी पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज यानि पीएमएस वेबसाइट का इस्तेमाल कर आनलाइन निवेश धोखाधड़ी में कथित संलिप्तता के लिए भोपाल के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें मीनल रेजीडेंसी निवासी सचिन कुमार गौतम , निखिल सिंह और अशोका गार्डन के पुरुषोत्तम नगर निवासी आकाश कुमार ने ठगी के किराये के खातों को बेचने में मदद की। इन जिलों में किराये के खातों का अधिक उपयोग पूर्व एसपी एके जायसवाल ने बताया कि इस समय टीकमगढ़ जिले के कुछ गांव में ठगी का काम जोरों पर है।जहां किराये के खाते साइबर ठग का उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी तरह से शिवपुरी जिले के करेरा,श्योपुर के रघुनाथपुर के आसपास के क्षेत्रो में यह कम हो रहा है।

बैतूल के जंगल पहुंचकर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के दो बाघों ने पांच गायों को बनाया शिकार

बैतूल. सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से सटे बैतूल जिले के पूंजी गांव में दो बाघों ने शनिवार रात्रि में पांच गायों का शिकार कर दिया। रविवार सुबह किसान ने खेत पहुंचकर देखा तो वन्य प्राणी के हमले से मृत हुई तीन गाय खेत के पास पड़ी मिली जबकि कुछ दूर झाड़ियों में दो गायों के शव क्षत विक्षत हालत में पाए गए। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची एवं निरीक्षण करने पर पाया कि शिकार बाघ ने ही किया है। मौके पर कई जगह बाघ के पगमार्क भी पाए गए हैं। चोपना थाना क्षेत्र के पूंजी गांव निवासी दिलीप विश्वास ने बताया कि शनिवार रात करीब डेढ़ बजे तक वह खेत में ही सिंचाई करता रहा। इसके बाद घर जाकर सो गया। रविवार सुबह जब खेत पहुंचा तो तीन गाय मृत मिलीं, उनके गले पर वन्य प्राणी के दांतों के निशान दिखाई दे रहे थे। खेत के आसपास झाडिय़ों में तलाश करने पर दो गाय के शव पड़े मिले। उनके शरीर का काफी हिस्सा वन्य प्राणी ने खा लिया था। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया जिसमें पाया गया कि खेत के मकान से गायों का शिकार करने के बाद दो को तो घसीटते हुए झाड़ियों तक ले जाया गया है। वन विभाग ने लगाए कैमरे में कैद हुए दो बाघ रविवार को सुबह से वन विभाग की टीम उत्तर वन मंडल के अंतर्गत आने वाली सारनी रेंज के जंगल में निगरानी करते रही। कई जगह पर नाइट विजन कैमरे भी लगाए गए ताकि वन्य प्राणी का पता लगाया जा सके। सोमवार को सुबह कैमरे में दो बाघों का मूवमेंट नजर आने पर आसपास के ग्रामीणों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से बैतूल जिले की सीमा लगी हुई है। इस कारण से सारनी रेंज के जंगल एवं रहवासी क्षेत्र में अक्सर वन्य प्राणी पहुंच जाते हैं। हालांकि यह पहली घटना है जिसमें एक ही रात में पांच गायों का शिकार किया गया है। वन विभाग के अधिकारी भी इसे बड़ी घटना मानते हुए सतर्कता बरतने की सलाह देते हुए बाघों के मूवमेंट पर नजर रख रहे हैं।

मध्‍य प्रदेश के 11 शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से कम, 20 दिसंबर से पड़ेगी कड़ाके की ठंड

भोपाल. नवंबर जाते ही मध्‍य प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ने का सिलसिला शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फेंगल तूफान का असर देखने को मिलेगा। जिसकी वजह से अगले 48 घंटों में तापमान में गिरावट के चलते सर्दी तेज होने लगेगी। इसके साथ ही छिंदवाड़ा, सिवनी और बैतूल में हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है। जबकि ग्वालियर-चंबल और उज्जैन में बर्फीली हवा चलेगी। मौसम विभाग ने बताया कि फेंगल तूफान के असर से हवाओं का रुख बदला है। जिससे मध्य प्रदेश में कड़ाके की सर्दी का सिलसिला जारी हुआ। इसके साथ ही दिसंबर में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोप) का भी असर रहेगा। इस कारण दिन में भी तापमान गिर सकता है। 20 दिसंबर से कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होगा, जो जनवरी के पूरे महीने तक चलेगा। भोपाल में रविवार-सोमवार की रात भी तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा। वहीं, आज सोमवार सुबह हल्का कोहरा भी छाया रहा। प्रदेश में रात के तापमान में गिरावट जारी है। रविवार-सोमवार की रात प्रदेश के 11 शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से कम तापमान दर्ज किया गया। शाजापुर से जुड़े गिरवर में पारा सबसे कम 6.1 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं राजगढ़ में 7 डिग्री, छतरपुर के नौगांव में 7.2 डिग्री, शिवपुरी के पिपरसमा में 7.7 डिग्री, हिल स्टेशन पचमढ़ी में 8.2 डिग्री, रायसेन-टीकमगढ़ में 9 डिग्री, खंडवा-खजुराहो में 9.4 डिग्री, उमरिया-बैतूल में 9.5 डिग्री और गुना में पारा 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गुना, रतलाम, खरगोन, रीवा, धार, मंडला, नरसिंहपुर, सतना, सागर, सीधी में तापमान 12 डिग्री से कम रहा। बड़े शहरों को बात करें तो भोपाल में रविवार-सोमवार की रात पारा 8.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इंदौर में 12 डिग्री, ग्वालियर में 9.8 डिग्री, उज्जैन में 10 डिग्री और जबलपुर में 11.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।  

भोपाल गैस त्रासदी के 40 साल, जब तेज-तेज बजने लगा सायरन

भोपाल भोपाल गैस कांड एक ऐसा हादसा है, जिसे सुन आज भी लोगों का दिल दहल जाता है। साल 1984, दिसंबर का महीना और कड़ाके की सर्दी। तारीख थी 2 दिसंबर, आधी रात को जब लोग गहरी नींद में थे, तब किसे पता था कि इनमें से कई अब कल का सूरज नहीं देख पाएंगे। ये कहानी है भोपाल गैस त्रासदी की। 40 साल बाद भी उस काले दिन को याद कर लोगों की रूह कांप जाती है। भोपाल गैस त्रासदी की गिनती सबसे खतरनाक औद्योगिक दुर्घटना में होती है। इसमें न जाने कितनों की जानें गई, कितने अपंग हो गए। इस बात का कोई सटीक आंकड़ा नहीं है। बीते दिन गैस कांड की बरसी से पहले चिंगारी ट्रस्ट के बच्चों ने गैस हादसे में मारे गए लोगों को श्रद्धाजलि दी। ये वे बच्चे हैं जो गैस कांड के बाद दूसरी पीढ़ी से हैं और हादसे से प्रभावित हुए। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्टाफ भी मौजूद रहा। खौफनाक थी वो रात बताते हैं कि 2 दिसंबर 1984 की आधी रात का समय। अमेरिकी कंपनी यूनियन कार्बाइड के भोपाल कारखाने में गिने-चुने कर्मचारी काम कर रहे थे। इस कारखाने में कीटनाशक बनाने का काम होता था, जिसे मिथाइल आइसोसाइनेट नाम की गैस की मदद से बनाया जाता था। इस गैस का पानी के साथ रिएक्शन इसे और खतरनाक बनाता है। उस दिन कर्मचारी केमिकल प्रोसेसिंग यूनिट की सफाई कर रहे थे। तेज-तेज बजने लगा सायरन सफाई के बाद ही पानी बहते हुए गैस के स्टोरेज टैंक तक पहुंच गया। धीरे-धीरे गैस ने पानी के साथ रिएक्ट किया। इसका पता भी तब चला जब वहां मौजूद कर्मचारियों की आंखें जलने लगीं। इसके बाद तेज-तेज सायरन बजने लगा। देखते ही देखते अफरातफरी से पूरे शहर में हाहाकार मच गया। जिसको जहां जगह मिल रही थी या जो समझ आ रहा था, वो उसी तरफ दौड़ता जा रहा था। उस काली रात को याद कर आज भी लोगों की आंखों में आंसू आ जाते हैं। सिर्फ इंसान ही नहीं, जानवरों को भी गैस लीक से जान गंवानी पड़ी। एक अनुमान के मुताबिक लगभग 30000 इंसान और 2 से 3 हजार जानवरों ने इस त्रासदी में अब तक जान गंवा दी है। हालांकि सरकारी आंकड़े अलग कहानी कहते हैं। मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक आंकड़ों में इस हादसे में 3 हजार लोगों की मौत हुई थी।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री को कट्‌टरपंथी बरजिंदर परवाना ने दी जान से मारने की धमकी

शिवपुरी. मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के बागेश्वरधाम पीठ के प्रमुख और प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री को जान से मारने की धमकी दी गई है। पंजाब का एक कट्‌टरपंथी बरजिंदर परवाना उनके बयान पर खफा हो गया है। उसने पंडित धीरेंद्र शास्त्री को धमकाते हुए कहा है कि उसकी उल्टी गिनती शुरू हो गई है। उन्हें मार डालेंगे। पंडित धीरेंद्र शास्त्री के हरि हर मंदिर को लेकर दिए बयान को बरजिंदर परवाना ने अमृतसर के हरमंदिर साहिब यानि स्वर्ण मंदिर से जोड़ दिया है। जबकि धीरेंद्र शास्त्री ने बयान स्वर्ण मंदिर के लिए नहीं बल्कि संभल के कल्कि धाम के लिए दिया था। इस बीच पंडित धीरेंद्र शास्त्री को जान से मारने की धमकी देनेवाले कट्‌टरपंथी बरजिंदर परवाना की गिरफ्तारी की मांग भी तेज हो गई है। बरजिंदर परवाना पहले भी विवादित बातें करता रहा है। पंजाब के कपूरथला में एक कार्यक्रम में बरजिंदर परवाना ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री को जान से मारने की धमकी दी। उसने कहा कि बागेश्वर वाला बाबा अमृतसर या पंजाब में आकर दिखाए। कार्यक्रम में परवाना ने कहा- बागेश्वर धाम वाले साधु ने हर मंदिर में पूजा करने, अभिषेक करने की बात कही है। मैं कहता हूं कि आओ, पर याद रखना, हमने इंदिरा गांधी को मारा। यहां लाखों की फौज आई, उसे गोलियों से भून दिया। बेअंत (पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह) को चंडीगढ़ में बम से उड़ा दिया। बागेश्वर वाला बाबा की आज से उल्टी गिनती शुरू हो गई है। तुझे भी मार डालेंगे। तू आ तो सही। हरमंदिर साहिब तो दूर, बागेश्वर वाला बाबा अमृतसर या पंजाब में आकर दिखाए। बरजिंदर परवाना जिस बयान का उल्लेख करते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री को धमका रहा है, वह ह​रमिंदर साहिब नहीं बल्कि हरि हर मंदिर के लिए दिया गया था। शास्त्री ने अपने बयान में कहा था कि हरिहर मंदिर में रुद्राभिषेक होना चाहिए। उन्होंने कहा था— अयोध्या में रामजी बैठ गए, काशी में नंदी भगवान निकल आए…अब हरि हर मंदिर में भी अभिषेक, रुद्राभिषेक हो जाना चाहिए। धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान को बरजिंदर परवाना स्वर्ण मंदिर से जोड़ रहा है जबकि कहा जा रहा है कि उनका यह बयान संभल के कल्कि धाम के लिए था। ऐसे में प्रदेश में पंडित धीरेंद्र शास्त्री के अनुयायियों ने धमकी देनेवाले कट्‌टरपंथी को गिरफ्तार करने की मांग की है। उधर एंटी टेररिस्ट फ्रंट इंडिया और विश्व हिंदू तख्त प्रमुख वीरेश शांडिल्य ने भी परवाना की गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने कहा कि परवाना की धमकी हिंदू-सिख भाईचारा तोड़ने की साजिश है। मूल रूप से पटियाला का रहनेवाला कट्‌टरपंथी बरजिंदर परवाना का पहले से विवादों से नाता रहा है। कृषि कानूनों के खिलाफ हुए आंदोलन में भी वह शामिल था। 2022 में पटियाला में हिंसा के आरोप में पुलिस उसे गिरफ्तार कर चुकी है। परवाना भड़काऊ बयानबाजी करता रहता है और खुद को दमदमी टकसाल राजपुरा का मुखिया बताता है।

बिजली कंपनी के कर्मचारी ऑनलाइन कर सकेंगे अपील

भोपाल. मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी के कार्मिकों के विरुद्ध होने वाली कार्रवाई को लेकर एक “अपील पोर्टल” तैयार किया गया है। उस पर ऑनलाइन अपील अभ्यावेदन स्वीकार किए जाएंगे। साथ ही प्रकरणों के निराकरण की जानकारी भी पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी। मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के अंतर्गत अधिकारियों तथा कर्मचारियों के विरुद्ध पारित दंडादेश के विरुद्ध कंपनी द्वारा संबंधित अपीलार्थी से ऑनलाइन अपील अभ्यावेदन प्राप्त करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिये कंपनी द्वारा “अपील पोर्टल” तैयार किया गया है जिसका लिंक http://attendance.mpcz.in:8888/SCN/user/login है। ऑनलाइन अपील करने के संबंध में किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर कार्मिक संबंधित उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन)एवं प्रबंधक (मानव संसाधन)से सहायता ले सकेंगे।

मंडल और जिला इकाइयों में भी भाजपा बढ़ाना चाहती हैं महिलाओं की हिस्सेदारी

भोपाल. मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) संगठन ने बूथ स्तरीय समितियों के गठन में 33 फीसदी महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया गया है और अब संगठन की मंडल और जिला इकाइयों में भी इसी तरह की हिस्सेदारी देने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य में बीजेपी संगठन के चुनाव की प्रक्रिया जारी है। यहां 65 हजार से ज्यादा बूथ हैं। राज्य की सभी बूथ इकाइयों का गठन हो चुका है और उनका डिजिटलाइजेशन रिकॉर्ड भी बना है। इन समितियों में महिलाओं को 33 फीसदी हिस्सेदारी दी गई है। आगामी दिनों में मंडल और जिला इकाइयों का गठन किया जाना है। इसके लिए संगठन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है और 31 दिसंबर तक इसे पूरा किया जाना है। राज्य इकाई के संगठन महामंत्री हितानंद का कहना है कि पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए संसद और विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया है और हमारा ध्यान भी मंडल और जिला समितियों के गठन में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने पर है। राज्य की 100 फीसदी बूथ समितियों का गठन हो चुका है और उनका डिजिटलाइजेशन कर लिया गया है। अब मंडल और जिला समितियों का गठन तय समय सीमा पर करने की तैयारी है। पिछले दिनों पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें सर्वसम्मति से पदाधिकारि‍यों के चयन पर जोर दिया गया था। साथ ही कहा गया था कि नियुक्तियां नेताओं के कहने पर नहीं हों, बल्कि आपसी सामंजस्य से की जाएं। नियुक्तियों में विधायकों और सांसदों की सहमति पर भी जोर दिया गया। राज्य में बीजेपी मंडलों का पुनर्गठन करने जा रही है। इससे 200 मंडल बढ़ जाएंगे। वर्तमान में राज्य में मंडलों की संख्या 1099 है, जो अब बढ़कर 1299 हो जाएगी। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि बीजेपी राज्य में आधी आबादी पर पूरी पकड़ बनाना चाहती है। उसने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं और विधानसभा चुनाव में इसका पार्टी को लाभ भी मिला। आने वाले समय में यह वर्ग उससे दूर न जाए, इसकी तैयारी अब संगठन के जरिए हो रही है। 

मध्यप्रदेश: तीन तहसीलें बनेंगी जिला! मुख्यमंत्री मोहन यादव का है प्लान

भोपाल. मध्यप्रदेश में जिले बनाने की मांग तेजी से उठ रही है। आने वाले समय में प्रदेश के कई जिलों और संभागों का नक्शा जल्द बदल सकता है। सरकार के द्वारा पुनर्गठन आयोग का गठन कर दिया गया है। जिसमें रिटार्यड आईएएस मनोज श्रीवास्तव और मुकेश कुमार शुक्ला को नियुक्त किया गया है। पुनर्गठन आयोग को जिम्मेदारी दी गई है कि प्रदेश में संभाग, जिले, तहसील, विकासखंड का नए सिरे से सीमांकन कर रूपरेखा तैयारी किए जाएंगे। इन तीन तहसीलों को जिला बनाने की तैयारी बीना को जिले बनाने की मांग पिछले 40 साल से हो रही है। विधायक निर्मला सप्रे ने बीना को जिला बनाने की मांग को लेकर बीजेपी ज्वाइन की थी, लेकिन खुरई को भी जिला बनाने की लॉबिंग होने लगी। बीना की सागर से दूरी लगभग 75 किलोमीटर है। अगर बीना नया जिला बनता है तो खुरई, बीना, मालथौन, कुरवाई, पठारी, बांदरी जैसी जगहों को इसमें शामिल किया जा सकता है। सिरोंज को बनाया जा सकता है नया जिला सिरोंज तहसील की विदिशा से दूरी करीब 85 किलोमीटर है। वहां के लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए विदिशा आने में काफी समय लग जाता है। जिससे की समय की बर्बादी होती है। अगर सिरोंज जिले के अस्तित्व में आता है तो लटेरी तहसील और ग्राम पंचायत आनंदपुर को इसमें शामिल किया जा सकता है। इधर, आनंदपुर को गुना जिले में शामिल करने का भी सुझाव दिया गया है। क्योंकि गुना की दूरी आनंदपुर से सिरोंज के बराबर है। नए जिले के अस्तित्व में आ सकता है पिपरिया नर्मदापुरम से अलग करके पिपरिया को अलग जिला बनाया जा सकता है। क्योंकि नर्मदापुरम से पिपरिया की दूरी 70 किलोमीटर है। पहाड़ी रास्तों से गुजरने में करीब 2 घंटे का समय लग जाता है। विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान पिपरिया को जिला बनाने की मांग को लेकर धरना, प्रदर्शन और हड़ताल भी की गई थी। बता दें कि, सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा था कि हमने सरकार बनाई तो हमने इस बात पर ध्यान दिया कि एमपी भौगेलिक दृष्टि से भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। क्षेत्रफल में बड़ा तो है, लेकिन समय के साथ कुछ कठिनाइयां भी आई हैं। जिले तो बढ़ गए हैं, लेकिन सीमाओं को लेकर विसंगतियां हैं।

CAA नागरिकता हेल्प डेस्क शुरू , VHP बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए गैर मुस्लिम शरणार्थी की फ्री में करेगी कानूनी मदद

भोपाल  राजधानी भोपाल में CAA नागरिकता को लेकर हेल्प डेस्क का शुभारंभ कर दिया गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) प्रदेश में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए गैर मुस्लिम शरणार्थी की नागरिकता के लिए निशुल्क कानूनी मदद करेगी। साथ ही कानून के दायरे में आने वाले लोगों को चिन्हित करने का भी काम करेगी। इस दौरान VHP के क्षेत्रीय संगठन मंत्री जितेंद्र सिंह पवार समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। बता दें कि CAA नागरिकता संशोधन कानून 2019, तीन पड़ोसी देशों (पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश) के उन अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता देने का रास्ता खोलता है, जिन्होंने लंबे समय से भारत में शरण ली हुई है। इस कानून में किसी भी भारतीय, चाहे वह किसी मजहब का हो, की नागरिकता छीनने का कोई प्रावधान नहीं है। भारत के मुस्लिमों या किसी भी धर्म और समुदाय के लोगों की नागरिकता को इस कानून से कोई खतरा नहीं है। CAA लागू होने के बाद नागरिकता देने का अधिकार पूरी तरह से केंद्र सरकार के पास होगा। पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई और पारसी धर्म से जुड़े शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता दे दी जाएगी। बता दें कि जो लोग 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में आकर बस गए थे, उन्हें ही नागरिकता मिलेगी। इस कानून के तहत उन लोगों को अवैध प्रवासी माना गया है, जो भारत में वैध यात्रा दस्तावेज (पासपोर्ट और वीजा) के बगैर घुस आए हैं या फिर वैध दस्तावेज के साथ तो भारत में आए हैं, लेकिन तय अवधि से ज्यादा समय तक यहां रुक गए हों।

भाजपा सरकार हर संकल्प को करेगी पूरा, पचास से अधिक संकल्प पूर्ण हुए: कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग

भोपाल मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास सारंग ने सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और उमंग सिंघार ने आनन-फानन में पत्रकार-वार्ता में गलत तथ्यों को प्रस्तुत कर मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार पर असत्य, निराधार और तथ्यहीन आरोप लगाए हैं, वह सिर्फ झूठ का पुलिंदा है। कांग्रेस नेताओं की मंशा मध्यप्रदेश को बदनाम करने की है। जीतू पटवारी और उमंग सिंघार की यह पत्रकार-वार्ता क्या कांग्रेस पार्टी की आपसी गुटबाजी को छिपाने के लिए थी ? मंत्री श्री सारंग ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने आज दिल्ली स्थित अपने आकाओं को खुद की प्रासंगिकता साबित करने के लिए यह निराधार पत्रकार-वार्ता की है। जल्दबाजी में कांग्रेस नेताओं ने गलत तथ्य जनता के सामने प्रस्तुत कर दिए। ऐसा लगता है कि जीतू पटवारी और उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार पर झूठे आरोप लगाकर कांग्रेस पार्टी की कमलनाथ सरकार के तबादला उद्योग और कर्ज की स्थिति को जनता के सामने लाना चाहते थे। कांग्रेस नेताओं को इस तरह के झूठे आरोप लगाकर जनता को भ्रमित नहीं करना चाहिए। मध्यप्रदेश की जनता समझदार है और कांग्रेस के इस तरह के आरोपों से भ्रमित होने वाली नहीं है। भाजपा सरकार ने संकल्प-पत्र के 456 बिंदुओं में एक साल के अंदर ही 50 घोषणाओं को पूरा करने के साथ 310 पर सुचारू रूप से कार्य शुरू कर दिया है। मध्यप्रदेश सरकार विकास व कल्याण के नए आयाम स्थापित कर रही है मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार प्रदेश में विकास व जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर रही है। भाजपा सरकार जनता के कल्याण के साथ पुरानी योजनाओं को सफल संचालन कर जनता तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों को सही दाम, महिलाओं को सम्मान के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की चार जातियों महिला, युवा, किसान व गरीब के विकास कार्यों को मूर्त रूप देने का कार्य कर रही है। श्री सारंग ने कहा कि भाजपा सरकार पर आरोप लगाने वाले कांग्रेस नेता जीतू पटवारी और उमंग सिंघार को एक बार कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना की कांग्रेस सरकारों की स्थिति भी देख लेनी चाहिए थी। मध्यप्रदेश की सभी पुरानी योजनाओं के साथ विकास की नई योजनाएं भी चल रही हैं, वहीं कांग्रेस शासित कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना की सरकारें विकास को दूर अपने कर्मचारियों को वेतन भी समय पर नहीं दे पा रही हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी अपने नेताओं को नसीहत दे चुके हैं कि जब घोषणाओं को पूरा नहीं कर पाते तो घोषणा करते क्यों हो? कांग्रेस के आरोपों में एक भी यथार्थ नहीं मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि जीतू पटवारी और उमंग सिंघार द्वारा लगाए गए आरोपों में एक भी यथार्थ नहीं है। कांग्रेस ने झूठे आंकड़े जनता के समने प्रस्तुत कर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही हैं। कानून-व्यवस्था को लेकर लगाए गए आरोप निराधार है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नतृत्व में भाजपा सरकार महिला अपराध, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति को लेकर जीरो टॉलरेंस पर कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश में बीते एक वर्ष में अपराधों में 7.91 प्रतिशत की कमी आई है। अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए छह हजार से अधिक अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और 29 अपराधियों की 115 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है।   संकल्प-पत्र में किए गए सभी वादे पूरे किए जाएंगे, एक साल में अधिकांश पर कार्य शुरू कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव में जनता के समक्ष विकास कार्यों का पांच साल का अपना संकल्प-पत्र प्रस्तुत किया था। संकल्प-पत्र ही तय करता है कि सत्ता में आने के बाद सरकार की क्या प्राथमिकताएं होंगी। मुझे आप लोगों को यह बताते हुए बहुत सुखद अनुभूति हो रही है कि मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने संकल्प-पत्र के 456 बिंदुओं में एक साल के अंदर ही 50 घोषणाओं को पूरा करने के साथ 310 पर सुचारू रूप से कार्य शुरू कर दिया है। जिन पर कार्य चल रहा है, उनमें से भी कई पूरी होने वाली हैं और जो बची हैं उन पर भी बहुत जल्दी सरकार कार्य शुरू करने जा रही है। साढ़े तीन लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए, चार लाख लोगों को मिलेगा रोजगार मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि वर्ष 2003 से पहले मध्यप्रदेश की सड़क, बिजली, पानी, चिकित्सा, शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर क्या स्थिति थी यह मध्यप्रदेश की जनता से छिपा नहीं है। कांग्रेस ने मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य बना दिया था। 2003 में भाजपा की सरकार बनने के बाद मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य से बाहर निकालकर विकासशील राज्य बनाया। मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है और आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देश और दुनिया से निवेश लाने का कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जहां संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव हर जिले और हर गांव तक विकास को पहुंचाने के लिए किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कोलकाता, मुंबई, बेंगलुरू, कोयंबटूर में रोड शो और उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सागर व ग्वालियर में रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव में 2 लाख 76 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ब्रिटेन और जर्मनी की यात्रा के दौरान भी 78 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इस तरह मध्यप्रदेश को साढ़े तीन लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे करीब चार लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा।   कमलनाथ सरकार ने हर माह कर्ज लिया, हमारी सरकार ने एक-एक रूपए विकास में लगाए मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि जीतू पटवारी ने आज मध्यप्रदेश सरकार पर कर्ज लेने को लेकर जो आरोप लगाए हैं, वह पूरी तरह से निराधार हैं। जीतू पटवारी को पता नहीं कौन गलत आंकड़े देकर गुमराह कर रहा है। दरअसल जीतू पटवारी भाजपा सरकार पर कर्ज के गलत आंकड़े प्रस्तुत कर कमलनाथ सरकार के कर्ज के आंकड़ों को जनता के सामने लाने का … Read more

दिव्यांगजन अधिकार संरक्षण में अग्रणी मध्यप्रदेश: नारायण सिंह कुशवाह

भोपाल. हर वर्ष 3 दिसंबर को विश्व दिव्यांग दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य दिव्यांगजन के अधिकारों और उनके सशक्तिकरण के प्रति समाज को जागरूक करना है। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि हर व्यक्ति, चाहे वह शारीरिक या मानसिक रूप से सक्षम हो या नहीं, समाज का अभिन्न हिस्सा है। इस अवसर पर हम न केवल उनकी उपलब्धियों का सम्मान करते हैं, बल्कि उनके सामने आने वाली चुनौतियों को दूर करने और उनके लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध होते हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने दिव्यांगजन के सशक्तिकरण के लिए कई प्रभावी योजनाएं और कार्यक्रम लागू किए हैं, जो उनकी कार्यक्षमता और जीवन-स्तर को बेहतर बनाने के लिए समर्पित हैं। मध्यप्रदेश दिव्यांगजन सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य करने वाला अग्रणी राज्य है। वर्ष 2011 की जनगणना में 15 लाख 51 हजार से अधिक दिव्यांगजन का चिन्हांकन किया गया था, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के अनुसार दिव्यांगजन की 21 श्रेणियों को इसमें सम्मिलित किया गया है। राज्य सरकार का मानना है कि दिव्यांगजन में प्रतिभा की कमी नहीं होती है, जरूरत उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने की है। हम लगातार देख रहे देश-प्रदेश के दिव्यांग भाइयों द्वारा हर क्षेत्र में अपनी सशक्त भागीदारी दर्ज कराई है। मध्यप्रदेश के परिक्षेत्र में हम देखें तो पायेंगे कि इस वर्ग के लोगों को यूनिक आईडी कार्ड बनाने का कार्य संवेदनशीलता के साथ किया जा रहा। भारत सरकार ने इस वर्ष 2023-24 में 6.60 लाख कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया था। प्रदेश 8 लाख 85 हजार कार्ड तैयार कर देश में द्वितीय स्थान पर है। इसी प्रकार सुगम्य भारत अभियान के तहत प्रदेश के दिव्यांगजन को शासकीय कार्यालयों में आने जाने में कठिनाई का सामना न करना पड़े इसके लिए सुगम्य भारत अभियान को बाधा रहित वातावरण निर्माण के लिये भारत सरकार द्वारा 2023 का सर्वश्रेष्ठ राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया। दिव्यांगजन के सशक्तिकरण के उद्देश्य 1. दिव्यांगजन को आत्मनिर्भर बनाना। 2. समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना। 3. दिव्यांगजन को रोजगार, शिक्षा, और स्वास्थ्य सेवाओं में समान अवसर प्रदान करना। मध्यप्रदेश में दिव्यांगजन को मुख्यधारा से जोड़ने के लिये अनेक अभियान एक साथ चलाए जा रहे है। इनमें प्रमुख हैं:- एडीआईपी योजना केन्द्र सरकार की एलिम्को संस्था के माध्यम से संचालित एडिप योजना के तहत राज्य में वर्ष 2023-24 और 2024-25 में 37,224 दिव्यांगजन को 49.26 करोड़ रुपये मूल्य के सहायक उपकरण वितरित किए गए। वर्ष 2024-25 में 14 जिलों में उपकरण वितरण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें 3,228 हितग्राहियों को 546.85 लाख रुपये मूल्य के कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण प्रदान किए जाएंगे। निःशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना इस योजना के तहत पात्र दिव्यांग दंपत्तियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यदि एक साथी दिव्यांग है तो 2 लाख और यदि दोनों दिव्यांग हैं तो 1 लाख की सहायता दी जाती है। इस योजना से वर्ष 2023-24 में 122 और 2024-25 (अगस्त तक) में 1,200 दंपत्तियों को लाभान्वित किया गया। योजना शुरू होने से अब तक 17,095 दंपत्तियों को सहायता मिली है। मुख्यमंत्री निःशक्त शिक्षा प्रोत्साहन योजना दिव्यांग छात्रों को उच्च शिक्षा में प्रोत्साहित करने के लिए यह योजना लागू की गई है। योजना के तहत, छात्रों को लेपटॉप और बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल दी जाती है। वर्ष 2024-25 में 70 छात्रों और 2023-24 में 537 छात्रों को लाभ मिला है। इस, दिव्यांग दिवस पर पात्र छात्रों को ये उपकरण वितरित किए जाएंगे। समावेशी समाज की दिशा में कदम दिव्यांगजन के लिए सहायक उपकरण जैसे कृत्रिम अंग, बैसाखी, श्रवण यंत्र, और मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल उनकी दैनिक जीवन की चुनौतियों को कम करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही, यूडीआईडी कार्ड उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सक्षम बनाता है। सामाजिक जागरूकता और सहभागिता विश्व दिव्यांग दिवस केवल योजनाओं और सहायता तक सीमित नहीं है, यह समाज को यह समझाने का अवसर भी है कि दिव्यांगता कोई कमी नहीं, बल्कि एक विशेषता है। हमें उनकी क्षमताओं पर विश्वास करना चाहिए और उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए। निष्कर्ष दिव्यांगजन का सशक्तिकरण केवल राज्य सरकार का कार्य नहीं है, बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जब हम समावेशी दृष्टिकोण अपनाते हैं, तब हम एक ऐसे समाज का निर्माण कर सकते हैं जहां हर व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान मिले। इस विश्व दिव्यांग दिवस पर, आइए हम दिव्यांगजन को सशक्त बनाने की दिशा में अपने प्रयासों को और मजबूत करें और उनके योगदान को स्वीकार कर उनके साथ एक नए समावेशी और सक्षम समाज की ओर कदम बढ़ाएं।

भोपाल मंडल में प्रतिदिन 8,000 लिनन की होती है धुलाई

भोपाल, भारतीय रेलवे अपने यात्रियों को स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता के बेडरोल देने के लिए प्रतिबद्ध है। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल में संचालित होने वाली सभी वातानुकूलित ट्रेनों में यात्रियों को साफ, स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाले बेडरोल प्रदान किए जा रहे हैं। सभी चादरों और पिलो कवर को प्रत्येक उपयोग के बाद मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री में धुलाई और इस्त्री की जाती है ताकि यात्रियों को स्वच्छ बेडरोल देकर उनकी आरामदायक, हाइजीनिक और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके। भोपाल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) श्री देवाशीष त्रिपाठी ने कहा, “हम अपने यात्रियों को सर्वोत्तम सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाले लिनन की आपूर्ति हमारी प्राथमिकताओं में से एक है।” लिनन धुलाई की विस्तृत प्रक्रिया: 1. छंटाई और निरीक्षण:    उपयोग किए गए लिनन को लॉन्ड्री में पहुंचने पर छांटा जाता है और किसी भी क्षतिग्रस्त या फटे हुए लिनन को अलग किया जाता है। 2. प्री-ट्रीटमेंट:    दाग-धब्बों को हटाने के लिए लिनन पर प्री-ट्रीटमेंट किया जाता है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि धुलाई के बाद लिनन पूरी तरह से साफ हो। 3. स्वचालित धुलाई:    लिनन को बड़े औद्योगिक वॉशिंग मशीनों में डाला जाता है, जहां उच्च गुणवत्ता वाले डिटर्जेंट और सैनेटाइज़र का उपयोग किया जाता है। पानी के तापमान और धुलाई के समय का विशेष ध्यान रखा जाता है ताकि बैक्टीरिया और विषाणुओं का नाश हो सके। 4. सुखाने की प्रक्रिया:    धुले हुए लिनन को टंबल ड्रायर में सुखाया जाता है, जिससे अतिरिक्त सैनेटाइजेशन होता है। 5. प्रेसिंग और फोल्डिंग:    सुखाने के बाद, लिनन को प्रेस किया जाता है और सही तरीके से पैकेजिंग साइज के अनुसार मोड़ा एवं पैक किया जाता है। 6. गुणवत्ता नियंत्रण:    हर लिनन की स्वच्छता, सफेदी की जांच की जाती है एवं व्हाइट नेस मीटर द्वारा धुले हुए लिनेन की गुणवत्ता को जांच जाता ताकि उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। भोपाल मंडल पर्यावरण के प्रति जागरूक है। जल संरक्षण के लिए आधुनिक वॉटर रीसाइकलिंग सिस्टम (ETP) का उपयोग किया जाता है और बायोडिग्रेडेबल डिटर्जेंट्स का प्रयोग किया जाता है जो पर्यावरण के लिए हानिकारक नहीं हैं। स्वच्छ और पैक किए गए लिनेन को फिर से ट्रेनों में भेजा जाता है। यहां इन्हें यात्रियों के उपयोग के लिए सेट किया जाता है, जिससे उन्हें स्वच्छ और आरामदायक अनुभव मिलता है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि वर्तमान में भोपाल मंडल में यात्रियों को लगभग 20 ट्रेनों में लिनन की आपूर्ति की जाती है। इन ट्रेनों में प्रमुख रूप से शान ए भोपाल एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस,रीवांचल एक्सप्रेस, उर्जाधानी एक्सप्रेस, भोपाल-प्रतापगढ़ एक्सप्रेस,रानी कमलापति-अगरतला एक्सप्रेस, सहरसा एक्सप्रेस, भोपाल-रीवा एक्सप्रेस आदि शामिल हैं। वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर श्री आर पी खरे ने बताया, “हम स्वच्छता और हाइजीन पर विशेष ध्यान देते हैं और यात्रियों की संतुष्टि के लिए हर संभव कदम उठाते हैं।” यात्री लिनन से संबंधित किसी भी शिकायत या सुझाव के लिए रेल मदद पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं। इन शिकायतों का त्वरित निवारण सुनिश्चित किया जाता है। इन सभी प्रयासों के माध्यम से भारतीय रेल यह सुनिश्चित कर रही है कि यात्रियों को यात्रा के दौरान साफ, स्वच्छ और आरामदायक लिनन मिले, जिससे उनकी यात्रा का अनुभव और भी सुखद हो सके।  

मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास सारंग ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को किया संबोधित

  भोपाल, मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास सारंग ने सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और उमंग सिंघार ने आनन-फानन में पत्रकार-वार्ता में गलत तथ्यों को प्रस्तुत कर मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार पर असत्य, निराधार और तथ्यहीन आरोप लगाए हैं, वह सिर्फ झूठ का पुलिंदा है। कांग्रेस नेताओं की मंशा मध्यप्रदेश को बदनाम करने की है। जीतू पटवारी और उमंग सिंघार की यह पत्रकार-वार्ता क्या कांग्रेस पार्टी की आपसी गुटबाजी को छिपाने के लिए थी ? मंत्री श्री सारंग ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने आज दिल्ली स्थित अपने आकाओं को खुद की प्रासंगिकता साबित करने के लिए यह निराधार पत्रकार-वार्ता की है। जल्दबाजी में कांग्रेस नेताओं ने गलत तथ्य जनता के सामने प्रस्तुत कर दिए। ऐसा लगता है कि जीतू पटवारी और उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार पर झूठे आरोप लगाकर कांग्रेस पार्टी की कमलनाथ सरकार के तबादला उद्योग और कर्ज की स्थिति को जनता के सामने लाना चाहते थे। कांग्रेस नेताओं को इस तरह के झूठे आरोप लगाकर जनता को भ्रमित नहीं करना चाहिए। मध्यप्रदेश की जनता समझदार है और कांग्रेस के इस तरह के आरोपों से भ्रमित होने वाली नहीं है। भाजपा सरकार ने संकल्प-पत्र के 456 बिंदुओं में एक साल के अंदर ही 50 घोषणाओं को पूरा करने के साथ 310 पर सुचारू रूप से कार्य शुरू कर दिया है। मध्यप्रदेश सरकार विकास व कल्याण के नए आयाम स्थापित कर रही है मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार प्रदेश में विकास व जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर रही है। भाजपा सरकार जनता के कल्याण के साथ पुरानी योजनाओं को सफल संचालन कर जनता तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों को सही दाम, महिलाओं को सम्मान के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की चार जातियों महिला, युवा, किसान व गरीब के विकास कार्यों को मूर्त रूप देने का कार्य कर रही है। श्री सारंग ने कहा कि भाजपा सरकार पर आरोप लगाने वाले कांग्रेस नेता जीतू पटवारी और उमंग सिंघार को एक बार कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना की कांग्रेस सरकारों की स्थिति भी देख लेनी चाहिए थी। मध्यप्रदेश की सभी पुरानी योजनाओं के साथ विकास की नई योजनाएं भी चल रही हैं, वहीं कांग्रेस शासित कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना की सरकारें विकास को दूर अपने कर्मचारियों को वेतन भी समय पर नहीं दे पा रही हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी अपने नेताओं को नसीहत दे चुके हैं कि जब घोषणाओं को पूरा नहीं कर पाते तो घोषणा करते क्यों हो? कांग्रेस के आरोपों में एक भी यथार्थ नहीं मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि जीतू पटवारी और उमंग सिंघार द्वारा लगाए गए आरोपों में एक भी यथार्थ नहीं है। कांग्रेस ने झूठे आंकड़े जनता के समने प्रस्तुत कर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही हैं। कानून-व्यवस्था को लेकर लगाए गए आरोप निराधार है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नतृत्व में भाजपा सरकार महिला अपराध, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति को लेकर जीरो टॉलरेंस पर कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश में बीते एक वर्ष में अपराधों में 7.91 प्रतिशत की कमी आई है। अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए छह हजार से अधिक अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और 29 अपराधियों की 115 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है।   संकल्प-पत्र में किए गए सभी वादे पूरे किए जाएंगे, एक साल में अधिकांश पर कार्य शुरू कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव में जनता के समक्ष विकास कार्यों का पांच साल का अपना संकल्प-पत्र प्रस्तुत किया था। संकल्प-पत्र ही तय करता है कि सत्ता में आने के बाद सरकार की क्या प्राथमिकताएं होंगी। मुझे आप लोगों को यह बताते हुए बहुत सुखद अनुभूति हो रही है कि मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने संकल्प-पत्र के 456 बिंदुओं में एक साल के अंदर ही 50 घोषणाओं को पूरा करने के साथ 310 पर सुचारू रूप से कार्य शुरू कर दिया है। जिन पर कार्य चल रहा है, उनमें से भी कई पूरी होने वाली हैं और जो बची हैं उन पर भी बहुत जल्दी सरकार कार्य शुरू करने जा रही है। साढ़े तीन लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए, चार लाख लोगों को मिलेगा रोजगार मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि वर्ष 2003 से पहले मध्यप्रदेश की सड़क, बिजली, पानी, चिकित्सा, शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर क्या स्थिति थी यह मध्यप्रदेश की जनता से छिपा नहीं है। कांग्रेस ने मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य बना दिया था। 2003 में भाजपा की सरकार बनने के बाद मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य से बाहर निकालकर विकासशील राज्य बनाया। मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है और आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देश और दुनिया से निवेश लाने का कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जहां संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव हर जिले और हर गांव तक विकास को पहुंचाने के लिए किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कोलकाता, मुंबई, बेंगलुरू, कोयंबटूर में रोड शो और उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सागर व ग्वालियर में रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव में 2 लाख 76 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ब्रिटेन और जर्मनी की यात्रा के दौरान भी 78 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इस तरह मध्यप्रदेश को साढ़े तीन लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे करीब चार लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा।   कमलनाथ सरकार ने हर माह कर्ज लिया, हमारी सरकार ने एक-एक रूपए विकास में लगाए मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि जीतू पटवारी ने आज मध्यप्रदेश सरकार पर कर्ज लेने को लेकर जो आरोप लगाए हैं, वह पूरी तरह से निराधार हैं। जीतू पटवारी को पता नहीं कौन गलत आंकड़े देकर गुमराह कर रहा है। दरअसल जीतू पटवारी भाजपा सरकार पर कर्ज के गलत आंकड़े प्रस्तुत कर कमलनाथ सरकार के कर्ज के आंकड़ों को जनता के सामने लाने … Read more

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