शिक्षक भर्ती में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण, राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला
50 percent reservation for women in teacher recruitment
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जोधपुर. पिछली गहलोत सरकार में नवगठित तीन संभाग और 17 जिलों को नई भजनलाल सरकार ने समीक्षा के दायरे में ले लिया है। इसके लिए डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के संयोजन में एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित कर दी गई है। जो इन संभागों और जिलों के प्रशासनिक क्षेत्राधिकार, संचालन, प्रशासनिक आवश्यकता व वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता के संबंध में समीक्षा करेगी। पूर्ववर्ती गहलोत सरकार की एक और बड़ी घोषणा को नई भजनलाल सरकार ने समीक्षा के दायरे में ले लिया है। गहलोत सरकार में पांच अगस्त 2023 को अधिसूचना जारी कर प्रदेश में 17 नए जिले और तीन नए संभाग गठित किए थे। बुधवार को राज्य सरकार के राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोड़ा की तरफ से एक आदेश जारी किया गया है, जिसके अनुसार इन नवगठित संभाग और जिलों की समीक्षा के लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित की गई है। इस मंत्रिमंडलीय उपसमिति का संयोजक डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा को बनाया गया है। वहीं, सदस्यों के रूप में कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन राठौड़, कन्हैयालाल चौधरी, हेमंत मीणा और सुरेश सिंह रावत को शामिल किया गया है। ये आदेश जारी किया — आदेश में कहा गया है कि 23.05.2023 के द्वारा नवगठित 17 जिलों एवं तीन संभागों के प्रशासनिक दृष्टिगत क्षेत्राधिकार, सुचारू संचालन, प्रशासनिक आवश्यकता, वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता आदि के संबंध में वर्तमान परिपेक्ष्य में समीक्षा हेतु मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित की जाती है। ये 17 जिले और तीन संभाग बनाए पिछली सरकार ने — पिछली गहलोत सरकार में अधिसूचना जारी कर प्रदेश के जिलों की संख्या 33 से बढ़ाकर 50 और संभागों की संख्या सात से बढ़ाकर 10 कर दी गई। इनमें नए जिलों में अनूपगढ़, जोधपुर ग्रामीण, फलौदी, बलोतरा, सांचौर, सलूंबर, शाहपुरा, गंगापुर सिटी, डीग, खैरतल, कोटपूतली, नीम का थाना, डीडवाना, केकड़ी, ब्यावर, जयपुर ग्रामीण और दूदू। 0- अनूपगढ़- इस जिले का निर्माण श्रीगंगानगर जिले से हुआ है 0- जोधपुर ग्रामीण- इस जिले का निर्माण जोधपुर जिले से हुआ है 0- फलौदी- इस जिले का निर्माण जैसलमेर और जोधपुर जिले से हुआ है 0- बालोतरा- इस जिले का निर्माण बाड़मेर जिले से हुआ है 0- सांचौर- इस जिले का निर्माण केवल जालौर जिले से है 0- सलूंबर- इस जिले का निर्माण उदयपुर जिले से हुआ है 0- शाहपुरा- इस जिले का निर्माण भीलवाड़ा जिले से हुआ है 0- गंगापुर सिटी- इस जिले का निर्माण करौली और सवाई माधोपुर जिले से हुआ है 0- डीग- इस जिले का निर्माण भरतपुर जिले से हुआ है 0- खैरथल तिजारा- इस जिले का निर्माण अलवर जिले से हुआ है 0- कोटपुतली-बहरोड़- इस जिले का निर्माण जयपुर और अलवर जिले से हुआ है 0- नीम का थाना- इस जिले का निर्माण सीकर, झुंझुनूं जिले से हुआ है 0- डीडवाना कुचामन- इस जिले का निर्माण नागौर जिले से हुआ है 0- केकड़ी- इस जिले का निर्माण टोंक और अजमेर जिले से हुआ है 0- ब्यावर- एक मात्र जिला जिसका निर्माण तीन जिलों से हुआ है पाली, अजमेर और भीलवाड़ा 0- जयपुर ग्रामीण- इस जिले का निर्माण जयपुर जिले से हुआ है 0- दूदू- इस जिले का निर्माण जयपुर जिले से हुआ है तीन नए संभाग — 0- सीकर संभाग- इसका गठन चार जिलों जिसमें सीकर, झुंझुनूं, चूरू और नीम का थाना है 0- पाली संभाग- इस संभाग का गठन चार जिलों से किया गया। इसमें पाली, सिरोही, जालौर और सांचौर शामिल हैं 0- बांसवाड़ा संभाग- इस संभाग का गठन केवल तीन जिले से बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़
दौसा. दौसा जिले में बीते दिनों अपनी शादी नहीं होने से नाराज युवक ने मां की हत्या की थी। अब पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही पुलिस हत्या के काम में लिए हथियार के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है। मामला दौसा जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र के लांका गांव का है। जहां आरोपी विकास बैरवा पुत्र नेमीचंद बैरवा निवासी खिपोड़ल्या ढाणी लांका ने अपनी मां रेशमा देवी के सिर पर लोहे के पाइप से हमला कर हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। जिसकी सूचना परिजनों ने सिकंदरा थाने की लांका पुलिस चौकी पर दी। उधर सूचना मिलने पर सिकंदरा थाना प्रभारी महावीर सिंह मौके पर पहुंचे। वहीं मौके पर एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाये। इधर थाना सिकंदरा अधिकारी महावीर सिंह ने बताया कि आरोपी विकास बैरवा की शादी नहीं हुई थी। जिसके चलते विकास अपने परिजनों से खुद की शादी के लिए कहता रहता था। खुद की शादी नहीं होने का जिम्मेदार वो अपने परिजनों को मानता था। बस यही कारण था कि 10 जून को इस कलयुगी बेटे ने अपनी मां के सिर पर लोहे के पाइप से हमला किया।
बीकानेर. शहर के गंगाशहर क्षेत्र स्थित गणेश धोरे के पास मिले बुजुर्ग के शव के मामले में खुलासा हो गया है। इस वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़ा गये 18 वर्षीय आरोपी गीगासर निवासी प्रभूसिंह ने शातिराना अंदाज में हत्या कर फरार हो गया था। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम ने ब्लाइंड मर्डर की तह तक पहुंचने के लिये आईटी सेल का सहारा लिया और पुलिस टीमों ने बीकानेर से देशनोक नोखा के बीच करीब 200 सीसीटीवी कैमरों को चेक किया और संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई। जिसके बाद आरोपी प्रभूसिंह पकड़ में आया। पुलिस के अनुसार आरोपी घटना के बाद गणेश धोरे के पास शव को फेंककर मृतक की स्कूटी से नोखा रोड होते हुए पलाना देशनोक चला गया। जिसके बाद आरोपी इधर-उधर कपड़े से मुंह बांध कर घूमता रहा। वहां से नोखा गया और फिर नोखा से देशनोक आया और छिपता रहा। पुलिस के अनुसार आरोपी ट्रक गाड़ियों में खलासी के रूप में जाने की योजना बना रहा था, लेकिन इससे पहले ही धरा गया।
दौसा. दौसा जिले के मेहंदीपुर बालाजी थाना इलाके में सात साल पहले एक महिला की हत्या के मामले में अपर सेशन न्यायाधीश सिकराय प्रदीप कुमार ने आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही मृतका महिला के देवर को मामले में सात साल कठोर कारावास सुनाया है। उधर, मृतका के पक्ष की तरफ से 29 गवाह और 15 दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे, जिनको कोर्ट ने आधार मानकर आरोपियों को सजा सुनाई है। मामला दौसा के मेहंदीपुर बालाजी थाना इलाके में सात साल पहले यानी 30 मई 2017 का है। जहां सुनसान जगह पर एक महिला का शव मिलने पर उसकी शिनाख्त सुशीला डागर के रूप में हुई थी। मृतका के भाई भास्कर डागर ने अपनी बहन सुशीला डागर 29 मई 2017 से लापता बताया था। मृतका के भाई ने अपनी बहन की हत्या का शक अपने बहनोई त्रिभुवन डागर पर जताया। साथ ही त्रिभुवन डागर और उसके अन्य रिश्तेदारों के खिलाफ बालाजी थाने में दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया था। इस पर बालाजी थाना पुलिस ने जांच शुरू की और मृतका महिला का पति त्रिभुवन जांच के दौरान हत्या का आरोपी माना गया। महिला की हत्या में आरोपी के भाई वीरेंद्र ने साथ दिया था, जिसके चलते तत्कालीन मानपुर पुलिस उपाधीक्षक पूनमचंद विश्नोई ने महिला की हत्या के आरोपी पति त्रिभुवन डागर और आरोपी के भाई वीरेंद्र डागर को गिरफ्तार कर मामले में कोर्ट में चालान पेश किया था। अपर लोक अभियोजक ताराचंद गुर्जर ने बताया कि मामले में एडवोकेट पत्नी की हत्या के मामले में आरोपी पति त्रिभुवन डागर पुत्र रामसागर को कोर्ट ने दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये के अर्थदंड भी दिया है। इधर, मृतका सुशीला के देवर को हत्या में आरोपी का सहयोग करने के मामले कोर्ट ने दोषी माना। देवर वीरेंद्र डागर को सात साल के कठोर कारावास और तीन हजार रुपये के जुर्माने से दंड सुनाया।
जयपुर किशनपोल, ब्रह्मपुरी के बाद अब जयपुर के भट्टा बस्ती थाना क्षेत्र के शिवाजी नगर में हिंदू परिवारों ने पलायन के लिए मजबूर किए जाने का आरोप लगाया है। यहां कई घरों पर अचानक पलायन से बचाने की अपील वाले पोस्टर नजर आए तो सनसनी फैल गई। पोस्टर्स में कहा गया है कि ‘गैर-हिंदुओं’ को घर नहीं बेचें। शुरुआत में ऐसे किसी मामले की जानकारी से इनकार करती रही पुलिस अब जांच में जुट गई है। सर्व हिंदू समाज के नाम से लगाए गये सभी पोस्टर में हिंदी में लिखा है, ‘सनातनियों से अपील, पलायन को रोकें। सभी सनातन भाइयों बहनों से निवेदन है कि अपना मकान गैर-हिंदुओं को ना बेचें।’ भट्टा बस्ती थाने के प्रभारी कैलाश ने पोस्टर लगाए जाने की पुष्टि की और कहा कि लोगों ने अपने घरों पर पोस्टर चिपकाए हैं और इस बारे में अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने किसी तरह के विवाद होने से इनकार किया। थानाधिकारी ने बताया कि जब भी उपद्रव की कोई शिकायत मिलती है तो पुलिस की ओर से कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि ‘संपत्ति बेचना और खरीदना व्यक्तिगत मामला है। ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है जिसमें कोई विवाद हो।’ हालांकि, पोस्टर चिपकाने वाले स्थानीय लोग कई तरह की परेशानियों का दावा कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अपनी मर्जी से उन्होंने अपने घरों पर पोस्टर चिपकाए हैं। पोस्टर लगाए जाने के बाद से शिवाजी नगर में मीडियाकर्मियों की आवाजाही बढ़ गई है। पत्रकारों के पहुंचने पर लोग खुलकर अपनी समस्याओं को रख रहे हैं। मीडिया के कैमरों को देखकर महिलाएं मुखर होकर बताने लगती हैं कि किस तरह उनके उनके मोहल्ले में छेड़छाड़ और गुंडागर्दी जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। क्या कहते हैं लोग? स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में माहौल बदल रहा है। उनका कहना है कि इलाके में कई हिंदू परिवारों ने दूसरे समुदाय के लोगों को अपने मकान बेच दिए। जिन लोगों ने इन मकानों को खरीदा है उनमें से कई उपद्रव करते हैं। एक महिला ने कहा कि गलियों में बदमाश घूमते रहते हैं और युवकों की टोली जमा हो जाती है और जब स्थानीय लोग विरोध करते हैं तो वे झगड़ा करने लगते हैं। एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया, ‘इस स्थिति के कारण, हमने अपने घरों के बाहर पोस्टर चिपकाने का फैसला किया, जिसमें लोगों से अपील की गई कि वे अपने घर गैर-हिंदू को न बेचें। प्रॉपर्टी के दलाल अक्सर हमारे पास आते हैं और पूछते हैं कि क्या हम अपना घर बेचने में रुचि रखते हैं। कई घर बाहरी लोगों को बेच दिए गए हैं और हमारे इलाके में माहौल खराब हो गया है।’ एक महिला ने मीडिया के सामने कहा, जब स्कूलों में बच्चियों की छुट्टियां होती हैं, यहां बड़ी संख्या में लड़के जुट जाते हैं। सीटी बजाते हैं। चोरी की घटनाएं बढ़ गईं हैं, सीसीटीवी कैमरे लगवाने पड़े। उनके साथ एक अन्य महिला ने कहा कि मोहल्ले में मंदिर के पास मीट की दुकान खोल दी गई है। मोहल्ले को बकरा मंडी बना दिया गया है।
नागौर. नागौर में हुई तूफानी बारिश से आमजन को राहत मिली है। हालांकि इस बीच लोगों को मुसीबतें उठानी पड़ी। क्योंकि तूफान के साथ हुई बारिश से पेड़ के साथ-साथ बिजली के पोल भी गिर गए, जिससे विद्युत व्यवस्था पूरी तररह चरमरा गई है। बता दें कि प्री मानसून की बारिश तूफान के साथ जिले में प्रवेश कर चुकी हैं। जिले में कहीं पर भयंकर आंधी तो कहीं बारिश हुई है। बारिश होने से इस भीषण गर्मी से आमजन को राहत मिली है। जिले के ही बडू गांव में इस तूफानी बारिश की वजह से निर्माणाधीन मकान भी गिर गया। वहीं जिले भर में 500 से अधिक विद्युत के पोल टूटने की भी सूचना सामने आ रही है। विद्युत पोल टूटने से पूरे जिले में विद्युत व्यवस्था भी बिगड़ गई।
झुंझुनू. नवलगढ़ क्षेत्र के मुकुंदगढ़ थानांतर्गत डूंडलोद गांव में मंगलवार को अपने भाई की शोक सभा में बैठे बुजुर्ग गोकुलचंद तोलासरिया (72) की उसके भतीजे रामगोपाल ने सिर व छाती पर वारकर बुरी तरह पिटाई कर दी। अस्पताल ले जाते समय गोकुलचंद की रास्ते में ही मौत हो गई। बाद में देर शाम तक अस्पताल में मृतक के परिजन व रिश्तेदारों के बीच बातचीत चलती रही। रात 9 बजे तक कोई सुलह नहीं हुई तो मुकुंदगढ़ पुलिस ने गोकुलचंद के शव को जिला अस्पताल के मुर्दाघर में रखवा दिया। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजन को सौंप दिया गया। मृतक गोकुलचंद तोलासरिया के पुत्र संजय गोयल ने मुकुंदगढ़ थाने में बुधवार को मुकदमा दर्ज करवाया है। संजय की रिपोर्ट के अनुसार उसके ताऊजी विश्वनाथ का निधन 10 जून को हो गया था। उनकी शोक सभा डूंडलोद में पुरानी हवेली में चल रही थी। इस दौरान दोपहर 2 बजे सीकर से दूसरे ताऊजी किशोरीलाल का पुत्र रामगोपाल अपनी पत्नी कुसुम व मां सुलोचना के साथ आया। उसने आते ही गोकुलचंद के गाली गलौज करना शुरू कर दिया और गोकुलचंद के सिर व छाती पर लात घूंसों से वार कर दिया। इससे गोकुलचंद जमीन पर गिरकर बेहोश हो गए। घायल पिता को नवलगढ़ जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जयपुर. राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बुधवार देर शाम दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की है। इस मुलाकात की तस्वीरें राजे ने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राजे ने संघ के कुछ पदाधिकारियों से भी मुलाकात की है। ऐसे में अब उनकी अचानक इस सक्रियता को लेकर राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में अटकलें लगना शुरू हो गई हैं। राजे के पुत्र दुष्यंत सिंह राजस्थान के मौजूदा बीजेपी सांसदों में सबसे सीनियर हैं। लेकिन लगातार 5 वीं बार चुनाव जीतने के बाद भी केंद्र में उन्हें कोई पद नहीं मिला। ऐसे में क्या अब राजस्थान के संगठन में उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी दिलवाने के लिए राजे इन बैठकों के जरिए संभावनाएं तलाश रही हैं? अटकलें बहुत सी हैं लेकिन ऐसी चर्चाएं पहले भी बहुत बार उठ चुकी हैं। हालांकि इस बार राजस्थान में लोकसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन के बाद संगठन या सरकार में कुछ बदलाव की चर्चाएं जरूरी उठी हैं। लेकिन जाते वक्त के साथ-साथ यह भी ठंडी पड़ती नजर आ रही हैं।
झुंझुनू. झुंझुनू जिला मुख्यालय पर धनखड़ हॉस्पिटल में हाल ही में महिला की लापरवाही पूर्वक संक्रमित किडनी के स्थान पर सही किडनी निकालने के मामले में आरोपी डॉक्टर संजय धनखड़ का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। राजस्थान मेडिकल काउंसिल की जनरल बॉडी की बैठक आज आयोजित हुई, जिसमें डॉक्टर संजय धनखड़ के साथ आठ चिकित्सकों का पंजीयन निरस्त किया गया है, वहीं दो का निलंबित कर दिया गया है। राजस्थान मेडिकल काउंसिल की जनरल बॉडी की बैठक निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश माथुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज से 22 मनोनीत सदस्यों ने भाग लिया। निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि बैठक में पैनल एंड एथिकल कमेटी के समक्ष कुल 25 प्रकरण प्रस्तुत किए गए। जिसमें एनएमसी, दिल्ली के दिशा-निर्देश अनुसार 8 चिकित्सकों का पंजीयन निरस्त किया गया एवं दो चिकित्सकों का पंजीयन 6 माह के लिए निलंबित किया गया है।
दौसा. दौसा जिला पुलिस अधीक्षक रंजीता शर्मा ने बताया कि थानाधिकारी हनुमान सहा थाना बालाहेडी के नेतृत्व में टीम बनाकर कर पॉक्सो एक्ट में नाबालिग पीड़िता से दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी मेघराम उर्फ भूरा मीना को गिरफ्तार किया गया है। 23 अप्रैल 2024 को बालाहेडी थाने पर एक परिवादी ने रिपोर्ट देकर बताया कि मामला फरवरी 2024 के आसपास का है। जब परिवादी की नाबालिग बेटी गांव के एक स्कूल में पढ़ने जा रही थी। उसी समय आरोपी भूरा अपनी मोटरसाइकिल लेकर आया और पीड़िता का रास्ता रोककर उसे अपने साथ चलने को कहने लगा। आरोपी की बात सुनकर पीड़िता ने जाने से मना कर दिया, जिसके बाद आरोपी द्वारा उसे दोबारा से बहला फुसलाकर अपने साथ एक कमरे में लेकर गया और वहां जाकर उसका बलात्कार किया। दुष्कर्म करने के बाद आरोपी ने पीड़िता को धमकी दी कि अगर उसने ये किसी को बताया तो उसे और उसके परिवार को जान से मार देगा। हालांकि पीड़िता ने हिम्मत दिखाकर पूरा घटनाक्रम अपने परिजनों को बताया, जिसके बाद ये मामला थाने में दर्ज हुआ। इधर, मामला दर्ज होने के पश्चात पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है।
जयपुर. राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) व राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) की भर्ती परीक्षाओं में अभ्यार्थियों के दस्तावेज सत्यापन में बड़ी संख्या में निजी विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्री के मामले सामने आने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी नए दिशा निर्देशों में कहा गया है कि निजी विश्वविद्यालय अपने अधिनियमों के प्रावधानों व संबंधित विनियमन निकायों के नियमों, परिनियमों, मापदण्डों की पूरी पालना के प्रति गंभीर नहीं हैं। कुछ निजी विश्वविद्यालय कूटरचित तरीके से फर्जी डिग्री देने, बैंक डेट में डिग्री देने, बिना पढ़ाई के डिग्री देने, बिना अनुमति के पाठ्यक्रम संचालित करने, सिंगल सिटिंग में डिग्री प्रदान करने, वर्ष पर्यन्त प्रवेश देने, बिना एंट्री परीक्षा की वैधता का सत्यापन किए पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने, लेटरल एण्ट्री के नाम पर डिग्री देने, शोध में यूजीसी रेगुलेशन की पालना न कर बड़ी संख्या में शोध उपाधियां प्रदान करने, अनियमित तरीके से संख्या में खेल प्रमाण पत्र प्रदान करने आदि गतिविधियों में लिप्त हैं। इस बारे में सचिव, आरपीएससी ने भी राज्य सरकार को पत्र लिखा हैं। कॉलेज शिक्षा विभाग को फर्जी डिग्री रोकने की कवायद के लिए आरपीएससी ने भी सुझाव दिए है। जिसमें कहा गया है कि निजी विश्वविद्यालयों की फीस ऑनलाइन ही ली जाए। प्राइवेट विवि को इन नियमों की करनी होगी पालना निजी विश्वविद्यालय यूनिटरी हैं, इसलिए कैम्पस के बाहर इनकी कोई ब्रांच नहीं हो सकती। बिना राज्य सरकार, यूजीसी व होस्ट स्टेट/कंट्री की अनुमति के अपने कैंपस के अलावा राजस्थान प्रदेश या बाहर देश/विदेशों में ऑफ कैंपस सेंटर,स्टडी सेंटर चलाने का अधिकार नहीं है। डिस्टेंस मोड पर पहले से अनुमति प्राप्त कोर्स ही चल सकते हैं। इसकी सूचना विभाग को भी भेजनी होगी। निजी विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रमों में प्रवेश केवल मेरिट के आधार पर ही दिए जा सकते हैं। व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यकमों में प्रवेश केवल प्रवेश परीक्षा के माध्यम से ही दिए जा सकते हैं। जिन व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रमों यथा शिक्षण प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, बीपीएड., एमपीएड, डीएलएड, कृषि शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, प्रौद्योगिकी शिक्षा इत्यादि से संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राज्य या केंद्र की एजेंसियां प्रतिवर्ष प्रवेश परीक्षा का आयोजन कर प्रवेश देती हैं। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश इन एजेंसियों के द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से छात्र आवंटित करवाकर ही दिए जा सकेंगें। निजी विश्वविद्यालयों को कोर्स- पाठ्यक्रम की अनुमति स्वीकृत सीटों की संख्या और आदेश अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करने होंगे। निजी विश्वविद्यालय प्रवेश में राज्य सरकार की आरक्षण नीति की पालना करनी होगी। विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों को सभी फीस ऑनलाइन विवि के बैंक खाते में ही प्राप्त करें। ऑफलाइन आवेदन शुल्क अवैध श्रेणी में माना जाएगा। निजी विश्वविद्यालय प्रतिवर्ष 31 अगस्त या पाठ्यक्रमों से संबंधित विनियमन निकायों, राज्य सरकार द्वारा प्रवेश हेतु निर्धारित अंतिम तिथि, इनमें से जो भी बाद में हो, के पश्चात किसी भी प्रकार से प्रवेश नहीं देंगे। प्रवेश के साथ ही विद्यार्थियों को एनरोलमेंट नंबर आवंटित करने होंगे। विश्वविद्यालय अंकतालिका व डिग्रियों को जारी करने के दिन ही उन्हें डिजी लॉकर पर भी अपलोड करेंगे और भ्रामक विज्ञापन जारी नहीं किए जाएंगे। विज्ञापन में यह भी बताना होगा कि कोई ऑफ कैंपस संचालित नहीं है। यूजीसी ने एफिल पाठयक्रम को बंद कर दिया है। इसमें प्रवेश बंद करना होगा। पीएचडी में प्रवेश से पहले सभी यूजीसीनियमों की पालना करनी होगी। पार्ट टाइम एक्जेक्ट फैकल्टी को शोध निदेशक नियुक्त नहीं करें। इन रेगुलेशन की पालना के अभाव में जारी शोध उपाधियां अवैध मानी जायेंगी। विश्वविद्यालय प्रतिवर्ष 30 जून से पूर्व दीक्षान्त समारोह आयोजित करेंगे और बांटी गई और डिग्रियों की विस्तृत पाठ्यक्रमवार रिपोर्ट अनिवार्य रूप से अपनी वेबसाटइ पर शो करेंगे और राज्य सरकार को भी भेजेंगे।
जयपुर जयपुर में हुए भीषण सड़क हादसे में एक परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 5 साल की मासूम भी है। एक्सीडेंट के दौरान कार ट्रक के नीचे दब गई। पूरा परिवार करीब 4 घंटे तक कार में ही फंसा रहा है। बताया जा रहा है कि पुलिस अगर रेस्क्यू में देर नहीं करती तो सभी की जान बच सकती थी। हादसा बुधवार देर रात करीब 12.30 बजे रायसल थाना इलाके में हुआ। सीआई महेन्द्र सिंह ने बताया कि परिवार हाथरस (यूपी) का रहने वाला है। मृतकों में अंकित (34),अंकित का साला रवि (32), अंकित की बेटी देवती (5) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अंकित की पत्नी रिंकी (28) गम्भीर रूप से घायल है। जिसका निम्स हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। खाटूश्याम से घर जाने के लिए निकले थे मृतक अंकित अपने परिवार के साथ बुधवार शाम 6 बजे खाटूश्याम जी से दर्शन कर घर लौट रहा था। रात करीब साढे 12 बजे वह रायसल थाना इलाके के बाकी माता कट पर सामने आ रहे ट्रक से कार की भी भिड़ंत हो गई। इसी दौरान कार ट्रक के नीच घुस गई। ट्रक चालक कार को घसीटता हुआ खेत में ले गया जहां पर एक गड्डे में कार जाकर फंसी तो ट्रक रुका। एक्सीडेंट की सूचना पुलिस को स्थानीय लोगों ने दी। रायसल, चंदवाजी और मनोहरपुर थानों की पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कार में फंसे घायलों को एक्सीडेंट के चार घंटे बाद कार से निकाला जा सका। पुलिस की अमानवीय करतूत स्थानीय लोगों ने बताया कि एक्सीडेंट की जानकारी के कुछ देर बाद ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन घायलों को बाहर नहीं निकाला। सभी पुलिसवाले क्रेन आने का इंतजार करते रहे। जबकि कार में फंसी महिला मदद के लिए अंदर से पुकारती रही। क्रेन मौके पर एक्सीडेंट के करीब तीन घंटे बाद पहुंची। इसके बाद अंदर फंसे लोगों को निकाला जा सका। इनमें से तीन की मौके पर ही मौत हो गई थी।
जालोर. राजस्थान के सांचोर पुलिस ने एक साल पुराने ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमे से एक पांच हजार का इनामी अपराधी है। उसने अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए मामा के साथ मिलकर एक व्यक्ति की हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। जानकारी के अनुसार सांचोर पुलिस ने एक साल पुराने ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सांचौर जिले के आगर निवासी प्रकाश पुत्र मानसिंगाराम जाति कलबी ने 20 मई 2023 को रिपोर्ट पेश पर बताया कि उसके पिता मानसिंगाराम अपने घर में शाम 6 बजे के करीब सोए हुए थे। उस दौरान दो नकाबपोश हमलावरों ने अचानक घर के अंदर प्रवेश कर उसके पिता पर चाकू से हमला कर दिया। साथ ही गले में गोली मार दी। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घायल पिता को सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां से गंभीर हालत में शहर के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रिपोर्ट पर हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। सांचौर एसपी हरिशंकर के निर्देशन में थाना अधिकारी हुकमाराम के नेतृत्व में टीम गठित हत्या की एक साल पुराने प्रकरण में आरोपियों को नामजद कर आरोपी महेश कुमार के निवास पर दबिश देकर दस्तयाब किया गया। आरोपी नागजीराम उर्फ नागजी भाई निवासी ड्डूसन गुजरात से दस्तयाब किया गया। दोनों आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में हत्या की बाद को कबूल किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी महेश कुमार पांच हजार का इनामी अपराधी है। फिलहाल दोनों आरोपियों से पुलिस की कड़ी पूछताछ और अनुसंधान जारी है। सांचौर थानाधिकारी हुकमाराम ने बताया कि थाना क्षेत्र के अगार में 20 मई 2023 को एक ब्लाइंड मर्डर हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक अज्ञात लोगों ने मुह बांधकर घर में घुसकर चाकू और पिस्तौल से हमला कर गोली मारकर एक व्यक्ति की हत्या की गई। अज्ञात लोगों द्वारा हत्या करने का मामला सामने आया था। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर के निर्देशन में टीम गठित की गई। जिसमें एक साल पुराने ब्लाइंड मर्डर के मामले तकनीकी सहायता एवं मुखबिर तंत्र से हत्या मामले शरीक आरोपियों को नमाजद कर आरोपी महेश कुमार पुत्र भगवानाराम कलबी व नागजीराम को दस्तयाब कर पूछताछ करने पर हत्या की वारदात करना कबूल किया हैं। गिरफ्तार आरोपी महेशकुमार पांच हजार का इनामी आरोपी है, जिसके विरुद्ध अन्य प्रकरण भी दर्ज है मामले में बरामदगी के प्रयास जारी हैं।
जयपुर. राजस्थान में प्री-मानसून की बारिश के साथ-साथ हीट वेव का असर भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि नए पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कुछ जिलों में हीट वेव चल सकती है। एक तरफ राजस्थान में प्री मानसून बारिश का इंतजार हो रहा है। वहीं पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से तापमान में फिर से तेजी भी आने लगी है। मौसम विभाग ने 12 व 13 जून को प्रदेश के भरतपुर और बीकानेर संभाग में हीट वेव चलने की संभावना जताई है। इसके साथ ही अधिकतम तापमान में भी 3 डिग्री तक इजाफा हो सकता है। वहीं राज्य के दक्षिण-पश्चिमी भागों में वर्षा और आंधी चल सकती है। बीते 24 घंटों में प्रदेश के कुछ इलाकों में वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि नए पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कुछ जिलों में हीट वेव चल सकती है। एक तरफ राजस्थान में प्री मानसून बारिश का इंतजार हो रहा है। वहीं पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से तापमान में फिर से तेजी भी आने लगी है।