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realme GT 7 सीरीज 27 मई को देगी दस्‍तक

नई दिल्ली realme GT 7 सीरीज कई दिनों से सुर्खियों में है। अब कंपनी ने इसकी लॉन्‍च डेट को कन्‍फर्म कर दिया है। realme GT 7 सीरीज को 27 मई को ग्‍लोबली पेश किया जाएगा। एक इवेंट फ्रांस के पेरिस में होने जा रहा है। रियलमी ने यह भी कन्‍फर्म किया है कि वह realme GT 7 Pro में सबसे तेज प्रोसेसर स्‍नैपड्रैगन 8 एलीट देने जा रही है। बताया गया है कि नया जीटी फोन इंडस्‍ट्री में पहला होगा, जिसमें ग्राफेन कवर आइससेंस डिजाइन होगा। आंकड़े गवाह हैं कि रियलमी का यूजर बेस एक बार फ‍िर से बढ़ने लगा है। भारत में भी उसके प्रोडक्‍ट्स जोर पकड़ रहे हैं। इस साल हुए मोबाइल वर्ल्‍ड कांग्रेस (MWC) में कंपनी ने अपना विजन पेश किया था। वह अपना ग्‍लोबल यूजर बेस बढ़ाने पर फोकस कर रही है। realme GT 7 सीरीज को भारत में भी पेश किया जाएगा। हाल ही में इसे बीआईएस लिस्टिंग में देखा गया था, जिसके बाद माना जा रहा है कि फोन को इंडिया में ग्‍लोबल लॉन्‍च के साथ ही दिखाया जा सकता है। नई रियलमी सीरीज के बारे में अभी ज्‍यादा जानकारी नहीं है। लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में कुछ स्‍पेसिफ‍िकेशंस का अनुमान जरूर लगाया गया है। Realme GT 7 के अनुमान‍ित स्‍पेसिफ‍िकेशंस कहा जाता है कि Realme GT 7 इं‍डस्‍ट्री का पहला स्‍मार्टफोन होगा, जिसमें 120 फ्रेम प्रति सेकंड तक लगातार 6 घंटे स्‍टेबल गेमिंग की जा सकेगी। डिवाइस को पबजी बनाने वाली क्राफ्टन के साथ मिलकर टेस्‍ट भी किया गया है। इससे पहले गीकबेंच लिस्टिंग के हवाले से कहा गया था कि फोन में मीडियाटेक का डाइमेंसिटी चिपसेट होगा, लेकिन अब स्‍नैपड्रैगन प्रोसेसर होने की बात कन्‍फर्म है। कहा जाता है कि फोन में 8 जीबी रैम ऑफर की जाएगी। यह लेटेस्‍ट एंड्रॉयड 15 पर रन कर सकता है। कंपनी इस फोन में कई एआई फीचर्स भी ऑफर करेगी, लेकिन उनके बारे में ज्‍यादा डिटेल अभी नहीं मिली है। भारत में नए रियलमी फोन को कंपनी की ऑफ‍िशियल वेबसाइट के अलावा एमेजॉन से लिया जा सकेगा। 10 हजार एमएएच बैटरी वाला रियलमी फोन रियलमी ने हाल ही में एक कॉन्‍सेप्‍ट फोन के बारे में भी बताया है। वह भी रियलमी जीटी फोन है, जिसमें 10 हजार एमएएच बैटरी लगाई गई है। फोन में इतनी बड़ी बैटरी लगाने के लिए उसके आर्किटेक्‍चर में भी बदलाव किए गए हैं। क्‍योंकि 10 हजार एमएएच बैटरी वाला फोन एक कॉन्‍सेप्‍ट फोन है, इसलिए इसके लॉन्‍च होने की उम्‍मीद नहीं है।

Meta WhatsApp में जोड़ेगा दो नए AI आधारित फीचर्स

नई दिल्ली Meta की ओर से लगातार बेहतरीन फीचर्स WhatsApp में जोड़े जा रहे हैं। इससे WhatsApp को इस्तेमाल करने का यूजर्स का अनुभव समय के साथ और भी अच्छा होता गया है। अब इसी कड़ी में Meta, WhatsApp में दो नए AI आधारित फीचर्स लेकर आने वाला है। इनके बारे में WhatsApp के बीटा वर्जन में पता चला है। इन नए फीचर्स की मदद से यूजर अपने मैसेजेस को आसानी से मैनेज कर पाएंगे और साथ ही अपनी चैट्स को अपनी पसंद के अनुसार कस्टमाइज कर सकेंगे। चलिए इन फीचर्स के बारे में डिटेल में जानते हैं। मैसेज समराइजेशन फीचर कई बार ऐसा होता है कि जिस समय आप WhatsApp पर एक्टिव नहीं होते उस दौरान ग्रुप्स में लंबी-लंबी बातचीत हो रही होती है। ऐसे में जब आप उन मैसेजेसे को देखते हैं, तो आपके लिए पूरी बातचीत को समझ पाना आसान नहीं रह जाता। इसके लिए आपको सारे मैसेजेस एक-एक कर पढ़ने पड़ते हैं। इस समस्या को दूर करने के इरादे से WhatsApp, मैसेज समराइजेशन फीचर लेकर आ रहा है। इस फीचर के बाद आपको “Summarise with Meta AI” फीचर अपनी चैट्स में दिखाई देगा। यह सिर्फ तभी दिखेगा जब आपने किसी चैट में ढेर सारे मैसेजेस पढ़े नहीं होंगे। इस बटन पर क्लिक करते ही आपको सारी बातचीक का सारांश पढ़ने को मिल जाएगा। इससे आपको एक-एक कर सारे मैसेजेस पढ़ने की जरूरत नहीं रहेगी और आप कम से कम समय में पूरी चैट को समझ जाएंगे। Meta का कहना है कि यह फीचर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को सपोर्ट करेगा। यानी AI मैसेज की समरी तैयार करते वक्त यूजर्स की प्राइवेसी और सुरक्षा पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। AI वॉलपेपर्स दूसरा फीचर AI से लैस वॉलपेपर बनाने से संबंधित होगा। यह Meta AI के जरिए काम करेगा। यह यूजर्स को अपने चैट बैकग्राउंड को पर्सनलाइज करने की सुविधा देगी। इस फीचर के आने के बाद WhatsApp की वॉलपेपर सेटिंग्स मेन्यू में एक नया “Create with AI” ऑप्शन दिखाई देगा। इसमें यूजर्स अपनी पसंद का सीन या स्टाइल टेक्स्ट में डिस्क्राइब करके अपने पसंद का वॉलपेपर Meta AI से बनवा पाएंगे। AI आपके टेक्सट के आधार पर कई वॉलपेपर के ऑप्शन्स देगा। इस फीचर की मदद से चैट्स को क्रिएटिव और पर्सनल बनाने का मौका मिलेगा. AI फीचर्स के साथ बदलेगा WhatsApp? WhatsApp पर आने वाले ये दोनों ही फीचर्स बताते हैं कि AI को रोजमर्रा के ऐप फंक्शन्स में शामिल किया जा रहा है। जानकारों का मानना है कि आगे-आगे ऐसे और फीचर्स देखने को मिलेंगे जिन्हें AI की मदद से पूरा किया जाएगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि WhatsApp अब सिर्फ मैसेजिंग ऐप नहीं है रह जाएगा बल्कि यह AI के जरिए कम्युनिकेशन, ऑर्गनाइजेशन और पर्सनलाइजेशन का नया तरीका बना जाएगा। फिलहाल ये फीचर्स बीटा टेस्टिंग में हैं। ऐसे में आम यूजर्स के लिए यह जल्द उपलब्ध करवाए जाएंगे। आपको ये फीचर्स मिले कि नहीं यह चेक करने के लिए अपने ऐप का अपडेट रखें। फिलहाल ये Android बीटा यूजर्स के लिए उपलब्ध है लेकिन जल्द इसे iOS के लिए भी तैयार किया जाएगा।

Lava Agni 3 की कीमत में कटौती

नई दिल्ली भारतीय स्‍मार्टफोन ब्रैंड लावा ने लिमिटेड पीरियड ऑफर के लिए Lava Agni 3 की कीमत में कटौती की है। यह दो डिस्‍प्‍ले वाला स्‍मार्टफोन है, जो 5जी कनेक्टिविटी ऑफर करता है। Lava Agni 3 को बैंक ऑफर्स के साथ 5 हजार रुपये कम में लिया जा सकता है। यह फोन 20,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्‍च किया गया था। कंपनी ने यह भी बताया है कि डिस्‍काउंट को लिमिटेड टाइम के लिए लाया गया है और यह अग्‍न‍ि3 के सभी मॉडलों पर लागू होगा। 10 मई से 18 मई तक खरीदारी करने पर छूट की पेशकश की जाएगी। Lava Agni 3 पर ऑफर यूजर्स Lava Agni 3 का जो भी मॉडल लेंगे, उस पर डिस्‍काउंट लागू होगा। यूजर्स को एमेजॉन पर जाकर एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड ईएमआई पेमेंट का विकल्‍प चुनना होगा। Lava Agni 3 के फीचर्स और स्‍पेसिफ‍िकेशंस Lava Agni 3 में 6.78 इंच का एमोलेड डिस्‍प्‍ले दिया गया है। यह फुल एचडी प्‍लस रेजॉलूशन ऑफर करता है। पीक ब्राइटनैस 1200 निट्स है। वाइडवाइन एल1 सपोर्ट होने का दावा कंपनी करती है, जिसका मतलब है कि नेटफ्लिक्‍स व अन्‍य ओटीटी के कंटेंट को ऑनलाइन एचडी में देखा जा सकता है। फोन का दूसरा डिस्‍प्‍ले इसके बैक साइड में है। छोटा सा है। कैमरा मॉड्यूल के पास है, जिसमें नोटिफ‍िकेशन देखे जा सकते हैं। Lava Agni 3 में मीडियाटेक का डाइमेंस‍िटी 7300एक्‍स च‍िपसेट दिया गया है। फोन में 8 जीबी रैम है। 5 हजार एमएएच की बैटरी इसमें दी गई है, जो 66 वॉट की फास्‍ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। हालांकि पिछले साल जब कंपनी ने यह फोन लॉन्‍च किया था, जब बॉक्‍स में चार्जर नहीं दे रही थी। चार्जर के साथ फोन की कीमत अधिक थी। इसलिए डिवाइस खरीदते समय यह सुनिश्चित कर लें कि उसमें चार्जर मिलता है या नहीं। Lava Agni 3 में 50 मेगापिक्‍सल का मेन कैमरा सेंसर है। साथ में 8 मेगापिक्‍सल के दो कैमरा लगाए गए हैं। रियर कैमरा सपोर्ट करता है ऑप्टिकल इमेज स्‍टैबलाइजेशन यानी ओआईएस को। यह डिवाइस 16 मेगापिक्‍सल का सेल्‍फी कैमरा ऑफर करती है। हालांकि एंड्रॉयड 14 ओएस पर रन करती है। इस साल गूगल एंड्रॉयड 16 को पेश करने वाली है। लावा अग्नि 3 में वह आएगा या नहीं, अभी स्‍पष्‍ट नहीं है। हालांकि कंपनी एंड्रॉयड अपग्रेड देने का दावा करती है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पाकिस्तान हिला, कर रहा साइबर वार, खुदको ऐसे रखे सेफ

नई दिल्ली भारत सरकार के ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पाकिस्तान की हालत खिसियानी बिल्ली जैसी हो गई है। अब पाकिस्तान के ऊपर भी कुछ न कुछ करता हुआ दिखने का प्रेशर है। भारतीय सेनाओं की मुस्तैदी को देखते हुए पाकिस्तान और कुछ न कर पाए लेकिन साइबर अटैक बढ़ा सकता है। कुछ दिन पहले पाकिस्तान द्वारा डिफेंस वेबसाइट्स को हैक करने की खबरें भी आई थीं। ऐसे में हो सकता है कि आम नागरिकों पर भी साइबर अटैक तेज हो जाएं। ऐसे में आज हम आपको 5 ऐसे तरीकों के बारे में बताने जा रहा हैं जिन्हें अपना कर आप किसी भी तरह के साइबर अटैक से सुरक्षित रह सकते हैं। मजबूत पासवर्ड बनाएं आप ये समझ सकते हैं कि आपके और साइबर अटैक करने वाले के बीच कोई है, तो वह आपका पासवर्ड है। ऐसे में आपका पासवर्ड मजबूत होना जरूरी है। अगर आपका पासवर्ड बहुत ही आसान या अनुमान लगाने लायक है, तो कोई भी हैकर उसे कुछ ही समय में तोड़ सकता है। इसलिए हमेशा ऐसा पासवर्ड चुनें जिसमें अंग्रजी के बड़े अक्षर जैसे कि A-Z, छोटे अक्षर जैसे कि a-z, नंबर्स जैसे कि 0-9 और स्पेशल कैरेक्टर जैसे कि @, #, $, ! आदि शामिल हों। एक और ज़रूरी बात यह है कि हर वेबसाइट या ऐप के लिए अलग-अलग पासवर्ड रखें। अगर आप एक ही पासवर्ड हर जगह इस्तेमाल करते हैं, और वह कहीं लीक हो जाए, तो बाकी सभी अकाउंट भी खतरे में आ सकते हैं। इस एक चीज का ध्यान रख कर आप आसानी से ज्यादातर साइबर अटैक से सुरक्षित रह सकते हैं। अनजान लिंक या ईमेल पर क्लिक न करें आजकल साइबर अटैक का सबसे आसान तरीका है नकली ईमेल या मैसेज भेजकर लोगों को धोखा देना। इन ईमेल में अक्सर कोई लुभावनी बात लिखी होती है। जैसे कि कोई ऑफर, इनाम या जरूरी जानकारी। इस तरह के लिंक पर क्लिक करने से वायरस आपके फोन या कंप्यूटर में आ सकता है, या आपकी निजी जानकारी चोरी हो सकती है। ऐसे में साइबर अटैक से बचने का सबसे आसान तरीका है कि किसी भी अनजान लिंक आदि पर क्लिक न करना। सॉफ्टवेयर और ऐप को अपडेट रखें आपके मोबाइल, लैपटॉप और ऐप्स में समय-समय पर अपडेट आते हैं। इन अपडेट्स में सिर्फ नए फीचर्स ही नहीं, बल्कि पुरानी सुरक्षा खामियों, जिन्हें कि बग्स भी कहा जाता है, को भी ठीक किया जाता है। अगर आप अपने डिवाइस या ऐप्स को बिना अपडेट के लंबे समय तक इस्तेमाल करते रहते हैं, तो साइबर अटैक करने वाले पुराने बग्स का फायदा उठाकर हैकिंग को अंजाम दे सकते हैं। पब्लिक Wi-Fi से दूर रहें किसी कैफे, मॉल, रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट जैसी जगहों पर मिलने वाला फ्री Wi-Fi भले लुभाता हो लेकिन इनके इस्तेमाल से बचना चाहिए। दरअसल इस तरह के नेटवर्क से जुड़कर कोई हैकर आपका डेटा चोरी कर सकता है जैसे कि आपके बैंक डिटेल्स, पासवर्ड या चैट। अगर कभी मजबूरी में इस तरह के नेटवर्क का इस्तेमाल करना भी पड़े, तो कोई संवेदनशील काम कभी न करें जैसे बैंकिंग, खरीदारी या OTP से होने वाले लॉग-इन। टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को ऑन कर लें टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सुरक्षा की एक अरिक्त लेयर की तरह है। सुरक्षा की पहली लेयर आपका पासवर्ड होता है। अगर कभी किसी वजह से आपके पासवर्ड का तोड़ साइबर अटैक करने वाले निकाल लें, तो आपकी सुरक्षा का काम टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन करती है। इस फीचर को आप जहां भी ऑन करेंगे वहां लॉग-इन करने के बाद एक और स्टेप को पूरा करना पड़ता है। इस स्टेप में जब तक आप या हैकर उस OTP को उपलब्ध न कराए जो कि आपके दिए हुए फोन नंबर या ईमेल पते पर आता है, तब तक कोई भी आपके अकाउंट में लॉग-इन नहीं कर सकता। इससे आपकी सुरक्षा किसी भी साइबर हमले से निपटने के लिए बढ़ जाती है।

कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्‍पॉन्‍स टीम ने जारी किए निर्देश, इन जगहों को टार्गेट कर सकता है पाकिस्‍तान

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्‍तान को जबरदस्‍त चोट पहुंचाई है। आतंकी ठिकाने तो उसके तबाह हुए ही हैं, पाक की सैन्‍य विफलता भी सामने आई है। भारत से मुकाबला करने में अक्षम पाकिस्‍तान अब देश में कुछ खास जगहों को टार्गेट करना चाह रहा है। पाक की इस हिमाकत को रोकने के लिए कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्‍पॉन्‍स टीम (CERT-In) ने कुछ अहम निर्देश जारी किए हैं। यह खतरा साइबर हमले का है, जिसके तहत महत्‍वपूर्ण संस्‍थानों को निशाना बनाया जाने की कोशिश की जा सकती है। हाल के दिनों में पाकिस्‍तान ने भारतीय संस्‍थानों को टार्गेट करते हुए कई साइबर अटैक किए, लेकिन उनमें से ज्‍यादातर विफल रहे हैं। मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्‍पॉन्‍स टीम ने देश के प्रमुख वित्तीय संस्‍थानों और अन्‍य महत्‍वपूर्ण क्षेत्रों को साइबर हमले से बचाने के लिए निर्देश जारी किए हैं। सरकार ना सिर्फ सरकारी संस्‍थानों पर ध्‍यान दे रही है, वह प्राइवेट सेक्‍टर पर भी फोकस कर रही है। सरकार यह सुनिश्‍चित करना चाहती है कि सभी सेक्‍टर अपनी साइबर सुरक्षा को मजबूत करें ताकि दुश्‍मन देश के किसी भी नेटवर्क पर ना घुस पाए। साइबर हमलों से निपटने पर काम तेज साइबर हमलों से कैसे निपटा जाए, इस पर भी काम किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने पहलगाम हमले के बाद ही साइबर अटैक को लेकर सतर्कता बढ़ा दी थी। अब CERT-In ने बैंकों को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। सभी को साइबर सुरक्षा पर अलर्ट रहने को कहा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, नैस्‍कॉम के साथ मिलकर सरकार साइबर सुरक्षा को पुख्‍ता बनाने पर काम कर रही है। एक बड़ा अलर्ट सिस्‍टम बनाने की तैयारी है, ताकि दुश्‍मन के किसी भी ऑनलाइन हमले से निपटा जा सके। DDoS अटैक से हैकिंग की कोशिश रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्‍तान की तरफ से DDoS अटैक करके भारतीय वेबसाइटों को हैक करने की खूब कोशिश हुई है। इस तरह के अटैक में किसी वेबसाइट के सर्वर पर बहुत ज्‍यादा ट्रैफ‍िक भेजा जाता है। उससे वेबसाइट डाउन हो जाती है और हैकर्स को उसे कंट्रोल करने के रास्‍ते मिल जाते हैं। हाल में देखा गया था कि कुछ हैकरों ने भारत के सरकारी विभागों से जुड़ी वेबसाइटों को हैक करके उनके जरिए अपना प्रोपोगैंडा फैलाने की कोशिश की। ऐसे खतरों से निपटने के लिए साइबर सिक्‍योरिटी पर काम करना बहुत जरूरी है। तमाम राज्‍य सरकार के कई ऐसे डिपार्टमेंट हैं, जिनकी वेबसाइटों को अक्‍सर निशाना बनाया जाता है। पहलगाम हमले के बाद पाक‍िस्‍तानी हैकरों ने राजस्‍थान सरकार की एक वेबसाइट को टार्गेट किया था।

बोल सफलता पाने में मदद करेंगे स्वामी विवेकानंद जी के ये बोल

लाइफ में सफलता बेहद जरूरी है। पढ़ाई से लेकर रिश्तों और करियर, हर जगह आप खुद को टॉप पर देखना चाहते हैं। लेकिन इसके लिए कड़ी मेहनत की जरूर होती है। अगर आप खुद को लाइफ में सक्सेस पाने के लिए मोटिवेट करना चाहते हैं तो स्वामी विवेकानंद के इन स्लोगन को जरूर याद रखें। जो आपको लक्ष्य से भटकने नहीं देंगे और हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा देंगे। -उठो, जागो और तब तक ना रुको जब तक कि तुम अपने लक्ष्य को हासिल ना कर लो। -एक विचार को उठाओ और उसे अपना जीवन बना लो। उसके बारे में सोचो, उसी के सपने देखो, उसी विचार के साथ जियो। शरीर के हर अंग में अपने लक्ष्य, विचार को भरो। जीवन की बाकी सभी बातों, विचारों को छोड़ दें। यहीं सफल होने का रास्ता है। स्वामी विवेकानंद कहते हैं कि तभी सफलता मिलेगी। -अपने स्वभाव और व्यवहार के प्रति सच्चा रहना ही सबसे बड़ा धर्म है। खुद पर विश्वास रखो और आगे बढ़ो। स्वामी विवेकानंद के ये बोल बताते हैं कि हमेशा अपने ऊपर भरोसा करते हुए अपने मन की बातों को जरूर सुनना चाहिए। तभी सफलता हासिल होती है। -स्वामी विवेकानंद कहते हैं कि बह्मांड की सभी शक्तियां पहले से ही हमारी हैं। ये हम ही हैं तो अपनी आंखों पर हाथ रख लेते हैं और रोते हैं कि अंधेरा है। -जिस दिन आपके सामने कोई समस्या ना आए, इसका मतलब है कि आप गलत रास्ते पर चल रहे है। जीवन के लक्ष्य हासिल करने में मुश्किल और चुनौतियों का सामना करना ही पड़ता है। -खड़े हो, साहसी बनो, मजबूत बनों और सारी जिम्मेदारियों को अपने कंधों पर लो। जानों कि अपने भाग्य के निर्माता तुम खुद हो। तभी जीवन में सफलता हाथ लगेगी। -स्वामी विवेकानंद कहते हैं कि ये दुनिया एक अखाड़ा है, जहां तुम खुद को मजबूत बनाने के लिए आए हो।

AI को लोग मानने लगे भगवान! रिश्तों पर भारी पड़ रहा ChatGPT

नई दिल्ली OpenAI के एआई टूल ChatGPT का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल अब लोगों के रिश्तों पर भारी पड़ने लगा है। एक रिपोर्ट निकल कर आई है जिसमें बताया गया है कि ‘ChatGPT इंड्यूस्ड साइकोसिस’ नाम की एक कंडीशन के चलते लोग अब ChatGPT का ज्यादा इस्तेमाल करने की वजह से अपने रिश्तों से हाथ धो रहे हैं। इस कंडीशन में किसी को भी ChatGPT के ज्यादा इस्तेमाल से ऐसा आभास हो सकता है कि उसे ChatGPT की ओर से स्पिरिचुअल मैसेजेस मिल रहे हैं। ये मामले आए सामने इस कंडीशन की वजह से लोगों के रिश्तों पर आने वाली आंच के कई मामले ऑनलाइन चर्चा का विषय बन चुके हैं। एक मामला कैट नाम की महिला से जुड़ा है। वह एक एनजीओ में काम करती हैं और पैनडेमिक के दौरान उन्होंने शादी की थी। शादी के एक साल बाद कैट के पति ने ChatGPT का इस्तेमाल करना शुरू किया। धीरे-धीरे वह इसका इस्तेमाल मैसेजेस लिखने और अपने रिश्ते को परखने के लिए करने लगे। इसके चलते 2023 तक कैट को अपने पति से अलग होना पड़ा। कुछ समय बात कैट को अपने दोस्तों से पता चला कि उनके पति काफी विचित्र तरह का कंटेंट ऑनलाइन पोस्ट कर रहे थे। इसके कुछ समय बाद जब कैट अपने पति से मिलीं, तो उनके पति ने उन्हें बताया कि ChatGPT ने उन्हें कई स्थितियों से उबरने में मदद की है। इतना ही नहीं उन्होंने बताया कि ChatGPT की मदद से वह अपनी बचपन की कुछ यादों से रूबरू हो पाए हैं। Reddit पर दिखा एक और मामला इसी तरह का एक और वाक्या रेडिट पर एक महिला ने शेयर किया कि उनका साथी ChatGPT का इस्तेमाल अपना डेली शेड्यूल व्यवस्थित रखने के लिए करता था। हालांकि एक महीने में उन्हें यह विश्वास होने लगा कि ChatGPT उन्हें ब्रह्माण से जुड़े जवाब दे रहा है। उस महिला ने यह भी बताया कि ChatGPT उनके साथी को रिवर वॉकर और स्टार चाइल्ड नाम से संबोधित करता था। इसकी वजह से उनका साथी यह सोचने लगा कि वह किसी दैवीय शक्ति से बातचीत कर रहा है। उस महिला ने रेडिट पर लिखा कि उनके साथी ने कुछ समय बाद उनसे रिश्ता खत्म करने की बात कही क्योंकि वह ChatGPT को अपने साथी की तरह भगवान नहीं मान रहीं थी। क्या कहते हैं विशेषज्ञ इस बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि AI का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल इस तरह की स्थितियों की वजह बना है। दरअसल एक थेरेपिस्ट जानता है कि उसके पेशेंट की क्या समस्या है और उसे किस तरह से सही रास्ते पर लाना है और इसके लिए किन तरीकों का इस्तेमाल सही है। हालांकि AI इस तरह की सीमाओं को नहीं समझता है। हालांकि कुछ लोगों ने यह भी बताया है कि ChatGPT की वजह से अपने पार्टनर के साथ उनका कम्युनिकेशन बेहतर हुआ है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की मदद करने स्मार्टफोन यूजर बरते ये सावधानियां

नई दिल्ली भारत ने गुरुवार को ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया और पाकिस्तान व POK के कई इलाकों में कार्रवाई की। इसके बाद हो सकता है कि पाकिस्तान की तरफ से भी किसी तरह की गुस्ताखी की जाए। ऐसे में हमारी सीमाओं की रक्षा के लिए भारतीय सेनाएं पूरी तरह से तैयार हैं। इन स्थितियों में अगर आप एक स्मार्टफोन यूजर हैं, तो कुछ सावधानियां आपको भी बरतनी चाहिए। आज हम कुछ ऐसी ही जरूरी एहतियातों के बारे में बताएंगे जिनका ध्यान रखते हुए आप न सिर्फ अपनी बल्कि भारतीय सेनाओं की भी मदद कर सकते हैं। सेना की गतिविधियां शेयर न करें पिछले दिनों भारतीय सेना के प्रतिष्ठित पूर्व अधिकारी और लेखक रहे सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने सभी नागरिकों से अपील की थी कि वे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर सैन्य टुकड़ी या वाहन की फोटो या वीडियो शेयर न करें। इस तरह की अपील मीडिया चैनलों से भी हुई है। आजकल क्योंकि हर किसी के हाथ में स्मार्टफोन के रूप में एक कैमरा है इसलिए आम लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि उनके आस-पास होती किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर शेयर न किया जाए। लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लों ने अपनी अपील में कहा था कि ऐसा करके लोग अनजाने में दुश्मन की मदद कर सकते हैं। ऐसे में एक स्मार्टफोन यूजर के तौर पर इस एहतियात का जरूर पालन करें। लोकेशन बंद रखें अपने स्मार्टफोन की GPS लोकेशन चालू रहने से आपकी रियल-टाइम मूवमेंट ट्रैक हो सकती है। दुश्मन इस तकनीक के जरिए आपकी जगह का पता लगा सकता है। उदाहरण के लिए अगर आप मॉक ड्रिल या किसी युद्ध की स्थिति में बंकर में छिपे हैं और फोन में लोकेशन ऑन है, तो वह पकड़ा जा सकता है। इसलिए तनाव की स्थिति में अपनी लोकेशन को बंद रखें। अनजान लिंक या मैसेज पर क्लिक न करें युद्ध जैसी स्थितियों में पाकिस्तान खुद को मजबूर पाता है, तो हो सकता है कि वह साइबर हमले तेज कर दे। ऐसे में किसी भी अनजान नंबर से आए मैसेज या लिंक पर क्लिक करने से बचें। इन लिंक्स या मैसेजेस में वायरस या ट्रैकिंग टूल हो सकता है। इस समय आपको ऐसे मैसेजेस के साथ लिंक मिल सकते हैं कि “क्लिक करो और जानो कहां हमला हुआ” हालांकि ऐसी चीजें सच नहीं होतीं। ये फोन को हैक करने या आपका बैंक साफ करने की साजिश भी हो सकती है। फेक न्यूज से बचें और न फैलाएं सोशल मीडिया पर झूठी खबरें बहुत जल्दी फैलती हैं। तनाव की स्थिति में अफवाहें अफरा-तफरी की वजह बन सकती हैं। ऐसे में किसी भी खबर को आगे शेयर करने से पहले उसकी ऑनलाइन जांच कर लें। ऐसा करके आप अपनी सरकार को व्यर्थ की अफरा-तफरी को समेटने की स्थिति में लाने से रोक सकते हैं। इस तरह की कोशिशों का असली मकसद लोगों में तनाव और समाज में अफरा-तफरी फैलाना ही होता है। ऐसे में गलत खबरों को फैलाने से रोक कर और अगर संभव हो, तो इस तरह के ग्रुप्स को रिपोर्ट करके आप एक जिम्मेदार नागरिक का फर्ज अदा कर सकते हैं। सोशल मीडिया पर प्रोपेगेंडा को रोकें तनाव की स्थितियों में अक्सर सोशल मीडिया पर तमाम तरह के प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिशें तेज हो जाती हैं। ऐसे में आप किसी प्रोपेगेंडा की सही जानकारी उपलब्ध करवा कर उसकी पोल खोल सकते हैं। ऐसा करते हुए ध्यान दें कि आप पुख्ता सूत्रों से जानकारी को शेयर करें और अपनी बात सोशल मीडिया पर रखते हुए किसी से उलझने और खराब भाषा का इस्तेमाल करने से बचें। आपका मकसद प्रोपेगेंडा की पोल खोलना होना चाहिए न कि किसी से बहस में उलझना।

पुराने लहंगे के लुक को यूं बदलें ट्रेंडी स्टाइल में

अगर आप अपनी शादी के लहंगे को कई बार पहन चुकी हैं और अब उसे पहनते- पहनते बोर हो चुकी हैं, तो हम आपको बता रहे हैं 4 तरीके, जिससे आप अपने लहंगे को रिसाइल कर सकती हैं। सबसे पहले बदले लहंगे का लुक सबसे पहले आप अपने लहंगे का लुक बदल डालें। लहंगे को आप साड़ी स्टाइल, गुजराती लंहगा स्टाइल या रिस्ट स्टाइल (जिसमें दुपट्टे का एक कोना अपनी कलाई पर बांधते हैं) में पहन सकती हैं। इसमें आपको केवल करना होगा अपने लहंगे के साथ थोड़ा एक्सपेरिमेंट। इसमें आपके काम आएगा आपका टेलर। आप इसे ट्रडिशनल से हटाकर वेस्टर्न भी बना सकती हैं और वो हो सकता है साड़ी गाउन के रूप में। लहंगे को बनाएं अनारकली अगर आपके पास कोई अच्छा टेलर है, तो आप अपने लहंगे या चोली (ब्लाउज) का अनारकली भी बनवा सकती हैं। ऊपर के लिए सिंपल फैब्रिक को लहंगे के घेरे के साथ सिलवा लें। ऐसे ही अगर चोली का अनारकली बनवाना है, तो इसके नीचे किसी अच्छे फैब्रिक की कलियां जुड़वा लें। चोली से बनाएं ब्लाउज शादी के लहंगे की चोली के साथ एक्सपेरिमेंट करें और इसे किसी साड़ी के साथ पहनें। जैसे अगर आपके पास एम्ब्रॉयडरी वाली क्रेप चोली है, तो इसे सिंपल क्रेप साड़ी के साथ पेयर करें। वेलवेट चोली को नेट साड़ी या वेलवेट साड़ी के साथ पहनें। दोस्त की शादी या कोई फंक्शन अटेन्ड करना हो, तो कोई सिंपल लहंगा खरीदें और उसे शादी की चोली और दुपट्टे के साथ पहन लें। ऐसा करके आपके पैसे भी बचेंगे और लहंगा भी यूज हो जाएगा। अलग- अलग ड्रेस के साथ पेयर करें दुपट्टा लंहगे के दुपट्टे को स्ट्रेट फिट वाले सूट, अनारकली या फिर पटियाला सलवार-कमीज के साथ मिक्स एंड मैच करके पहनें। अगर आपका वेडिंग दुपट्टा नेट या टिशू का है, तो इसे सिर्फ उसी कलर के रॉ सिल्क सूट या वेल्वेट अनारकली के साथ ट्राय करें। अगर आपका दुपट्टा जॉर्जेट का है तो इसे क्रेप या कॉटन सलवार-कमीज के साथ पहनें। मिक्स एंड मैच दुपट्टा आप लहंगे के साथ का दुपट्टा छोड़ दें। इसके साथ मिक्स एंड मैच करवाएं कॉट्रस्ट दुपट्टा। यह आपके लहंगे का पूरा लुक बदल देगा।  

Sony लॉन्‍च कर रही नया Xperia 1 VII स्‍मार्टफोन

नई दिल्ली आज से करीब 10 साल पहले सोनी स्‍मार्टफोन मार्केट में अलग पहचान बनाकर चलती थी। उसके एक्‍सपीरिया फोन जिस हाथ में होते, अलग ही लुक्‍स बिखेरते थे। उसके स्‍पीकरों की छनछनाहट कानों में घुल जाती थी। तब एमपी3 म्‍यूजिक प्‍लेयर सोनी एक्‍सपीरिया के फोन में खूब बजाया जाता था। वक्‍त ने करवट बदली और चीनी कंपनियों के आगे सोनी की चमक फीकी पड़ गई। ये और बात है कि तमाम चीनी कंपनियां अपने स्‍मार्टफाेन कैमरों में सोनी का सेंसर लगाती आई हैं। सोनी अब एक बार फ‍िर से स्‍मार्टफोन मार्केट में नया फोन लेकर आ रही है। Sony Xperia 1 VII को 13 मई को लॉन्‍च किया जाएगा। पर क्‍या यह फोन भारतीय मार्केट में खरीदा जा सकेगा, आइए जानते हैं। Sony Xperia 1 VII लॉन्‍च डेट Sony Xperia 1 VII की घोषणा 13 मई को की जाएगी। एंड्रॉयड हेडलाइंस की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी जापान में लॉन्‍च इवेंट करने जा रही है। हालांकि यह फोन ग्‍लोबल मार्केट्स में थोड़े दिनों बाद ही आएगा। रिपोर्टों के अनुसार, जापान से बाहर यह डिवाइस जुलाई में दस्‍तक दे सकती है। भारत में फोन आएगा या नहीं, अभी जानकारी नहीं है। उसके बाद ही पता चलेगा कि भारतीय यूजर्स इसे कब और कैसे खरीद पाएंगे। सोनी ने इस बारे में अभी कुछ नहीं बताया है। सिर्फ लॉन्‍च डेट का खुलासा किया है। पुराने फोन्‍स जैसा डिजाइन रिपोर्टों के अनुसार, Sony Xperia 1 VII में इसके पिछले मॉडल जैसा डिजाइन ही दिया जाएगा। रेंडर्स में भी फोन का डिजाइन सामने आ चुका है। खास बात है कि कंपनी लंबे वक्‍त से एक जैसा डिजाइन फॉलो कर रही है। इसीलिए सोनी फोन्‍स भीड़ में भी अलग दिखाई देते हैं। अपकमिंग सोनी स्‍मार्टफोन को गीकबेंच पर भी स्‍पॉट किया जा चुका है। इसमें अबतक का सबसे तेज स्‍नैपड्रैगन 8 एलीट प्रोसेसर मिलेगा। फोन में 12 जीबी रैम दी जाएगी। Sony Xperia 1 VII के अनुमानित फीचर्स Sony Xperia 1 VII में 6.5 इंच का डिस्‍प्‍ले दिया जा सकता है। रिपोर्टों के अनुसार यह फोन एंड्रॉयड 15 ओएस पर चलेगा और लॉन्‍च होने के कुछ टाइम बाद ही इसमें एंड्रॉयड 16 सपोर्ट भी आ जाएगा। कहा जाता है कि फोन में 48 मेगापिक्‍सल का मेन कैमरा दिया जाएगा, जो ऑप्टिकल इमेज स्‍टैबलाइजेशन को सपोर्ट करता है। साथ में 12 मेगापिक्‍सल का अल्‍ट्रा वाइड कैमरा फोन में होगा। तीसरे सेंसर के तौर पर 12 मेगापिक्‍सल का पेरिस्‍कोप कैमरा दिया जाएगा। फोन में 12 मेगापिक्‍सल का फ्रंट कैमरा मिलेगा। हाल ही में इस डिवाइस को US FCC से सर्टिफ‍िकेशन मिला है। इससे पता चलता है कि अन्‍य स्‍मार्टफोन्‍स के मुकाबले डिजाइन में यह थोड़ा मोटा होगा। फोन में 5 हजार एमएएच की बैटरी दी जाएगी। चार्जिंग स्‍पीड के बारे में अभी जानकारी नहीं है।

जंग छिड़ी तो आपके काम आएंगे ये 5 गैजेट्स

नई दिल्ली पहलगाम हमले के बाद हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि युद्ध की आहट अब सिर्फ सीमा पर नहीं, आपके शहरों तक गूंज रही है। भारत सरकार ने 7 मई को देशभर में मॉक ड्रिल का ऐलान किया है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि अगर आने वाले दिनों में ये मॉक ड्रिल असल युद्ध के हालात में बदलती है, तो किन हाई-इम्पैक्ट गैजेट्स को अपने साथ रखना समझदारी होगी? पहलगाम हमले के बाद हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि युद्ध की आहट अब सिर्फ सीमा पर नहीं, आपके शहरों तक गूंज रही है। भारत सरकार ने 7 मई को देशभर में मॉक ड्रिल का ऐलान किया है। इस दिन हवाई हमले के सायरन, बंकर की प्रैक्टिस और अलर्ट मोड आदि से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि अगर आने वाले दिनों में ये मॉक ड्रिल असल युद्ध के हालात में बदलती है, तो किन हाई-इम्पैक्ट गैजेट्स को अपने साथ रखना समझदारी होगी? आज हम ऐसे ही 5 गैजेट्स के बारे में बात करेंगे जो युद्ध जैसी आपात स्थिति में आपके “साइलेंट सोल्जर्स” की तरह काम आएंगे। सोलर पावर बैंक युद्ध जैसी आपात स्थिति में बिजली की आपूर्ति समय-समय पर ठप होती है। ऐसे में अगर आपके पास एक सोलर पावर बैंक हो, तो आपके कई काम बेहद आसान हो जाएंगे। इस पावरबैंक को बिजली से चार्ज नहीं करना पड़ता। यह पावरबैंक सूरज की रोशनी से चार्ज होकर आपके मोबाइल, टॉर्च या रेडियो जैसे गैजेट्स को बार-बार चार्ज कर सकता है। अगर आप एक अच्छी क्वालिटी का सोलर पावर बैंक खरीदते हैं, तो उसमें आपको 10,000–20,000mAh की बैटरी मिल सकती है। इस तरह के पावर बैंक में आपको USB पोर्ट, टॉर्च और कभी-कभी डिजिटल डिस्प्ले जैसे फीचर भी मिल जाते हैं। इस एक छोटे से गैजेट की मदद से आप अपने कई अलग-अलग जरूरी गैजेट चार्ज रख पाएंगे और आपकी कनेक्टिविटी भी नहीं टूटेगी। हैन्ड क्रैंक रेडियो युद्ध की स्थिति में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में सरकार जानकारी रेडियो पर देती है। युद्ध के हालात में अपने पास एक रेडियो रखना समझदारी हो सकता है। अगर आप रेडियो को चार्ज करने को लेकर चिंतित हैं, तो Hand Crank Radio आपके काम आ सकता है। इसमें एक ऐसा मकैनिज्म होता है जिसे आप हाथ से घुमा कर चार्ज कर सकते हैं। रेडियो से आप सरकारी अलर्ट, मौसम की जानकारी और सुरक्षा निर्देश आदि सुन सकते हैं। कुछ रेडियो में टॉर्च, मोबाइल चार्जिंग पोर्ट और सोलर पैनल जैसे फीचर भी होते हैं। इसे आप आसानी से जेब में भी रख सकते हैं। मुश्किल समय में सही जानकारी पाना बेहद जरूरी हो जाता है और ऐसे में रेडियो को अपने जरूरी गैजेट्स में शामिल कर लेना चाहिए। टैक्टिकल फ्लैशलाइट इसमें कोई शक नहीं कि आपात स्थिति में एक टॉर्च बेहद मददगार साबित हो सकती है। हालांकि एक साधारण टॉर्च से कहीं ज़्यादा मज़बूत टैक्टिकल फ्लैशलाइट होती है। इसकी रौशनी भी एक आम टॉर्च के मुकाबले काफी तेज होती है। इसे रात में रास्ता देखने और इशारा देने के काम में भी लिया जा सकता है। इस तरह की कुछ फ्लैशलाइट वाटरप्रूफ भी होती हैं और इनमें SOS मोड, स्टन मोड और बैटरी सेविंग ऑप्शन भी होते हैं। ये फ्लैशलाइट एलुमिनियम की बिल्ड के साथ आती हैं और गिरने या टकराने से जल्दी टूटती नहीं। मल्टीटूल किट एक मल्टीटूल में चाकू, कैंची, स्क्रूड्राइवर, ओपनर, और प्लास जैसी कई चीजें एक साथ होती हैं। युद्ध जैसी स्थिति में एक मल्टीटूल किट बेहद काम का साबित हो सकता है। यह एक पॉकेट साइज गैजेट होता है जो स्टेनलेस स्टील से बना होता है और इसे बहुत आसानी से फोल्ड या अनफोल्ड किया जा सकता है। कुछ मल्टीटूल में फायर स्टार्टर या ग्लास ब्रेकर को भी शामिल किया जाता है। आपके आपातकालीन बैग में इस एक चीज का होना बहुत जरूरी है। पोर्टेबल स्टोव युद्ध की स्थिति में हो सकता है कि गैस या बिजली की सुविधा न हो, तो ऐसे में एक पोर्टेबल स्टोव बहुत काम आ सकता है। यह छोटा गैस स्टोव होता है जो खाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। आप इसमें चाय, सूप या सादा खाना आसानी से बना सकते हैं। यह हल्का और फोल्डेबल डिजाइन के साथ आता है।

Vivo जल्द भारत में लॉन्च करेगा Vivo X200 FE

नई दिल्ली Vivo जल्द अपना कॉम्पैक्ट स्मार्टफोन Vivo X200 FE भारत में लॉन्च कर सकता है। लीक्स में निकल कर आ रही जानकारी से पता चला है कि यह इसी साल जुलाई में लॉन्च हो सकता है। यह फोन चीन में अक्टूबर 2024 में लॉन्च हुआ था। इससे पहले आशंका थी कि Vivo भारत में Vivo X200 Pro Mini को लॉन्च करेगा लेकिन भारत में Vivo की ओर से Vivo X200 FE को लॉन्च किया जाएगा। यह फोन Vivo X200 and X200 Pro से नीचे के मॉडल के तौर पर पेश किया जाएगा। SmartPrix ने अपनी एक रिपोर्ट में इस फोन के कुछ फीचर्स और लॉन्च डेट को लेकर जानकारी पेश की है। Vivo X200 FE के संभावित फीचर्स रिपोर्ट्स से पता चला है कि इस फोन के दो स्टोरेज वैरिएंट देखने को मिलेंगे। यह 12GB+256GB स्टोरेज और 16GB+512GB स्टोरेज के साथ आएगा। यह Vivo का एक कॉम्पैक्ट स्मार्टफोन होने वाला है। इसमें 6.31-इंच की LTPO 1.5K OLED डिस्प्ले मिल सकती है। यह 120Hz के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करने वाला पैनल होगा। ये फोन MediaTek Dimensity 9300+ के साथ लॉन्च हो सकता है। रिपोर्ट में यह जानकारी भी दी गई है कि कंपनी इस प्रोसेसर की जगह Dimensity 9400e का इस्तेमाल भी कर सकती है। MediaTek Dimensity 9300+ के मुकाबले Dimensity 9400e चिपसेट ज्यादा बेहतर है। Vivo X200 FE के संभावित कैमरा फीचर्स Vivo X200 FE में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलेगा। इसमें 50MP Sony IMX921 प्राइमरी सेंसर, 8MP का अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस और 50MP का 3X टेलीफोटो कैमरा मिल सकता है। सेल्फी लवर्स के लिए इसमें 50MP का फ्रंट कैमरा होगा। वहीं X200 FE के अन्य फीचर्स में IP68/69 रेटिंग, 6,500mAh की बड़ी बैटरी, इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर और 90W फ़ास्ट चार्जिंग मिलेगी। इसके अलावा फोन में ढ़ेरों AI फीचर्स भी मिलेंगे। कीमत और लॉन्च डेट Vivo X200 FE के जुलाई में आने की उम्मीद है। वहीं इसके दोनों वेरिएंट 50,000 से 60,000 रुपये के बीच उपलब्ध होंगे। ऐसे में इस कॉम्पैक्ट फोन को लेकर लोगों के बीच क्रेज दिखने को मिल सकता है।

टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हर दिन आ रहे नए आयाम, अगले 5 सालों में बदल देगी हमारी जिंदगी

नई दिल्ली टेक्नोलॉजी की दुनिया में हर दिन नए आयाम सामने आ रहे हैं। आने वाले 5 सालों में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जबरदस्त बदलाव देखने को मिलेंगे। रोजमर्रा की जिंदगी से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार और पर्यावरण तक सभी इसके गवाह बनेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 5G से 6G नेटवर्क, स्मार्ट हेल्थ डिवाइसेज़, क्वांटम कंप्यूटिंग और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे कुछ बदलाव हम आने वाले समय में देखेंगे। ये बदलाव हमें स्मार्ट बनाने के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए भी तैयार करेंगे। इससे आम लोगों की जिंदगी की क्वालिटी पर गहरा असर भी होगा। आज हम भविष्य में आने वाली 5 ऐसी टेक्नोलॉजी के बारे में बात करेंगे जो अगले पांच साल में हमारी जिंदगी का चेहरा पूरी तरह से बदल देंगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जनरेटिव AI आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऐसी तकनीक है जो इंसानों की तरह सोच सकती है। इस पर आज तेजी से काम हो रहा है और आने वाले समय में यह हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन जाएगा। जैसे अब कुछ समय से लोगों के लिए ChatGPT से सवाल-जवाब करना आम हो गया है, कुछ उसी तरह आने वाले सालों में AI हमारी पढ़ाई, ऑफिस का काम, हेल्थ और खरीदारी सबमें मदद करेगा। जैसे कि अगर आप एक बिजनेस चलाते हैं, तो AI आपके लिए ऑटोमैटिक रिपोर्ट बनाएगा, ग्राहक के सवालों का जवाब देगा। इसी तरह जनरेटिव AI जैसे टूल्स से आप वीडियो, म्यूजिक, या डिजाइन बेहद आसानी से खुद बना पाएंगे। आने वाले 5 सालों में बच्चे होमवर्क में, शिक्षक पढ़ाने में और बुज़ुर्ग दवा की जानकारी के लिए AI की मदद लेते नजर आएंगे। 5G और 6G टेक्नोलॉजी 5G इंटरनेट पहले से कहीं तेज है, और 6G इससे भी 100 गुना तेज होगा। इसका सबसे बड़ा असर यह होगा कि ऑनलाइन सर्विसेज का इस्तेमाल इस तरह से किया जा सकेगा कि मानो वह आपके डिवाइस का इनबिल्ट हिस्सा हैं। कहने का मतलब है कि मोबाइल, टीवी, और स्मार्ट डिवाइसेज बिना रुकावट बहुत तेजी से काम कर पाएंगे। 5G और आगे 6G की वजह से आप गांव में डॉक्टर से लाइव वीडियो कॉल पर तुरंत इलाज ले पाएंगे। बच्चों की पढ़ाई भी AR और VR क्लासरूम से होगी। स्टूडेंट्स घर बैठे वर्चुअल क्लासरूम में पढ़ाई कर पाएंगे। साथ ही, स्मार्ट होम्स में हर चीज जैसे पंखा, बल्ब, दरवाजा जैसी चीजें ऐप से कंट्रोल हो सकेंगी। ये टेक्नोलॉजी हमारे जीवन को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगी। क्वांटम कंप्यूटिंग क्वांटम कंप्यूटर बहुत ही एडवांस कंप्यूटर होते हैं जो एक साथ लाखों गणनाएं कर सकते हैं। अभी के कंप्यूटर एक समय में एक काम करते हैं, लेकिन क्वांटम कंप्यूटर एक साथ कई मुश्किल काम बहुत तेजी से कर पाएंगे। इसे कुछ इस तरह समझ सकते हैं कि अगर आज एक दवा बनाने में 5 साल का समय लगता है, तो क्वांटम कंप्यूटर से वही काम कुछ घंटों में हो सकता है। ये तकनीक बैंकिंग में धोखाधड़ी रोकने, मौसम की सटीक भविष्यवाणी करने और साइबर सुरक्षा में भी जबरदस्त बदलाव लाएगी। आम आदमी के लिए ये तकनीक धीरे-धीरे काम में आएगी लेकिन इसका असर पूरे सिस्टम पर दिखने लगेगा। मेडिकल, रिसर्च और यहां तक कि सरकार की योजनाओं में भी इसे अपनाया जाने लगेगा। हेल्थ टेक्नोलॉजी और बायोटेक आज भी हेल्थ टेक्नोलॉजी इतने जबरदस्त तरीके से आगे बढ़ रही है कि आपकी घड़ी या अंगूठी भी बता सकती है कि आपका ब्लड प्रेशर या ऑक्सीजन लेवल कितना है। आने वाले सालों में ये टेक्नोलॉजी और बेहतर होगी। आप स्मार्टवॉच से पता लगा पाएंगे कि आपको डायबिटीज का खतरा है या नहीं? या फिर दिल तंदरुस्त है कि नहीं। इतना ही नहीं फोन में मौजूद AI डॉक्टर आपकी हेल्थ रिपोर्ट देखकर तुरंत इलाज का सुझाव देगा। वर्चुअल डॉक्टर से वीडियो कॉल पर सलाह लेना आज भी एक आम बात हो गई है। दवाओं की डिलीवरी भी ड्रोन या रोबोट के जरिए हुआ करेगी। इस तकनीक के गांवों तक पहुंचने से कई लोगों को इसका फायदा मिलेगा। सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी टेक्नोलॉजी के विकास की रफ्तार भले तेज हुई हो लेकिन अब कंपनियां पृथ्वी की खातिर ऐसी तकनीकें लेकर आ रही हैं जो पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं। इसे ही सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी कहते हैं। आने वाले सालों में सोलर पैनल से बिजली बनाना, इलेक्ट्रिक गाड़ियां, प्लास्टिक की जगह बायोडिग्रेडेबल चीजें इस्तेमाल करना आम हो जाएगा। ये सब ग्रीन टेक्नोलॉजी का हिस्सा होगा। सरकार भी ऐसी टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देगी और आम जनता के लिए इन्हें सस्ता बनाया जाएगा। ये बदलाव आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित बनाएगा।

एक ही वैक्सीन से 15 तरह के कैंसर की रोकथाम, ब्रिटेन में शुरू हुई नई सुविधा

लंदन ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक नई वैक्सीन (vaccine) विकसित की है, जिसे ‘सुपर जैब’ नाम दिया गया है। यह वैक्सीन 15 प्रकार के कैंसर को रोकने में मदद करेगा, जिससे हजारों लोगों की जान बचाने में मदद मिल सकती है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) ने इस अभियान की शुरुआत की है, और इसमें हर महीने लगभग 1,200 मरीजों को यह वैक्सीन दी जाएगी। इस प्रकार के अभियान वाला ब्रिटेन पहला यूरोपीय देश है। कैसे करेगी काम     इस वैक्सीन में मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज का उपयोग किया गया है, जो शरीर की टी कोशिकाओं पर पीडी-1 नामक प्रोटीन से चिपककर कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर देती हैं। इससे रोग प्रतिरोधक प्रणाली सक्रिय हो जाती है और यह कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने में मदद करती है। इसका प्रमुख लाभ यह है कि यह प्री-कैंसर स्टेज में कैंसर कोशिकाओं को भी टारगेट करेगी, जिससे कैंसर के विकास की संभावना को समाप्त किया जा सकता है। नई दवा का असर और तरीका यह दवा निवोलुमैब नाम की इम्यूनोथेरेपी है, जो मोनोक्लोनल एंटीबॉडी कहलाती है। यह शरीर की T-सेल्स पर PD-1 नाम के प्रोटीन से चिपकती है और कैंसर कोशिकाओं को बचने नहीं देती। इससे रोग प्रतिरोधक प्रणाली सक्रिय होकर कैंसर कोशिकाओं को खत्म कर पाती है। NHS के अनुसार, यह टीका अगले महीने से योग्य मरीजों को लगेगा और इससे हर महीने लगभग 1,000 घंटे का इलाज समय भी बच सकेगा। विशेषज्ञों की राय और उम्मीदें NHS के कैंसर विशेषज्ञ प्रोफेसर पीटर जॉनसन ने इसे इलाज में बहुत बड़ी प्रगति बताया है। उन्होंने कहा कि यह टीका हर साल हजारों डॉक्टरों का समय बचाएगा और ज्यादा मरीजों तक इलाज पहुंच सकेगा। स्वास्थ्य मंत्री एशले डाल्टन ने कहा कि यह ब्रिटेन के नवाचार का बेहतरीन उदाहरण है। फार्मासिस्ट जेम्स रिचर्डसन ने कहा कि इससे त्वचा और गुर्दे के कैंसर सहित कई मरीजों की जिंदगी बेहतर हो सकेगी। बेहतर होगा इलाज एनएचएस के कैंसर विशेषज्ञ प्रोफेसर पीटर जॉनसन ने इसे कैंसर के इलाज में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि इस वैक्सीन के जरिए हर साल हजारों डॉक्टरों का समय बचाया जा सकेगा, जिससे अधिक मरीजों को इलाज मिल सकेगा। इसके अलावा, वैक्सीन के उपयोग से चिकित्सकों को समय की बचत होगी, और मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री ने इसे कैंसर मरीजों के लिए उपयोगी बताया है। फार्मासिस्ट जेम्स रिचर्डसन का मानना है कि इस वैक्सीन से त्वचा और गुर्दे के कैंसर से जूझ रहे मरीजों की जीवनशैली में सुधार होगा। कैंसर रोकने के वैक्सीन पर काम इसके अलावा, ब्रिटेन के वैज्ञानिकों द्वारा एक और कैंसर वैक्सीन पर काम चल रहा है, जो 20 साल पहले ही कैंसर को पनपने से रोक सकेगी। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का मानना है कि कैंसर का विकास धीरे-धीरे होता है और यह प्रक्रिया लगभग 20 साल तक चल सकती है। इस वैक्सीन के जरिए कैंसर कोशिकाओं को शुरूआत में ही पकड़ने का प्रयास किया जाएगा, जब वे अदृश्य होती हैं।  

हृदय रोगों से सुरक्षित रखेंगे ये 8 नुस्खे

हृदय रोगों के बारे आप अपने अनुवांशिकी और पारिवारिक इतिहास को तो नहीं बदल सकते लेकिन कई ऐसी चीजें हैं, जिनके पालन से आप हृदय रोगों के खतरों को कम कर सकते हैं। ब्रिटेन की पहली महिला वैट लॉस सर्जन डॉ. सैली नोर्टन ने आठ ऐसे नुस्खे बताएं हैं, जिनसे भविष्य में हृदय रोगों के खतरे को कम किया जा सकता है। धूम्रपान पर रोक: ब्रिटिश महिला के पिछले साल प्रकाशित एक शोध के मुताबिक धूम्रपान करने वाले लोगों की आयु सामान्य लोगों की तुलना में 10 साल कम होती है। अपने वजन पर ध्यान दें: हृदय रोग और अत्यधिक वजन के बीच का संबंध काफी सशक्त होता है। इससे हृदयघात और उच्च रक्त चाप का खतरा अधिक होता है। फैट मुक्त होना सर्वश्रेष्ठ: लोगों को वसायुक्त की बजाए ऐसा भोजन खाना चाहिए, जिसमें इसकी मात्रा कम हो या न के बराबर हो। प्रोसेस्ड मांस न खाएंः क्योंकि ऐसा करने से हृदयघात की संभावना बढ़ जाती है। कम नमक खाएं: ब्रिटिश हॉर्ट फाउंडेशन का कहना है कि अधिक नमक के सेवन से रक्तचाप बढम् सकता है। कम चीनी खाएं: अधिक चीनी खाने से मधुमेह का खतरा भी बना रहता है। सक्रिय रहें: व्यायाम शुरू करने के लिए कोई भी समय सही है। रोजाना के व्यायाम से कई फायदे होते हैं। तनाव मुक्त रहें: तनाव होने के कारण वजन बढ़ने का खतरा भी रहता है, जिसके कारण हृदय रोगों की संभावना भी अधिक होती है।  

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