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प्रतिदिन कॉफी के सेवन से घटाएं वजन, जानिए कैसे

अगर आप वजन घटाने के लिए जिम जाना, वॉक करना एवं कई तरह की कवायदें कर रहे हैं, तो कॉफी आपके इस मिशन में काफी मददगार साबित होगी। जरूर जानिए कॉफी कैसे करेगी आपकी मदद, वजन कम करने में –   -अगर आप वजन घटाने के लिए जिम जा रहे हैं, तो जूस, फल या हल्के नाश्ते के बजाए 1 कप कॉफी पीकर जाएं। यह आपको जिम में एक्सरसाइज के लिए अतिरिक्त ऊर्जा देगी और आप नियमित दिनचर्या से ज्यादा और बेहतर तरीके से एक्सरसाइज कर पाएंगे, जो वजन घटाने की प्रक्रिया को और आसान करेगा। -प्रतिदिन एक्सरसाइज या वॉक करने से पहले कॉफी का सेवन आपके शरीर के तापमान को बढ़ाएगा और आप एक्सरसाइज के दौरान पहले से अधिक पसीना बहा पाएंगे। इससे शरीर से हानिकारक तत्व और केलोरी शरीर से बाहर होंगे।   -कॉफी का सेवन न केवल आपको ऊर्जा देगा, बल्कि मस्तिष्क को भी ऊर्जा देगा। इससे आपको एक्सरसाइज के दौरान सजग रहकर एक्सरसाइज करने में मदद मिलेगी और बेहतर परिणाम मिलेंगे। -एक्सरसाइज के बाद अगर आपको जल्दी भूख लगती है तो कॉफी पीने की यह आदत मददगार साबित होगी। कॉफी आपकी भूख को कुछ समय के लिए कम कर देती है, जिसका फायदा आपको एक्सरसाइज के बाद मिलेगा।   -सामान्य कॉफी तो सेहत के लिए फायदेमंद होती ही है, आजकल ग्रीन कॉफी भी बाजार में उपलब्ध है जो तेजी से वजन कम करने के लिए जानीजर रही है। आप इसका प्रयोग करके भी आसानी से वजन कम कर सकते हैं।  

यदि आपके पास हैं ये चीजें, तो खुद को समझे बहुत किस्मतवाला

अक्सर हम किसी इंसान से मिलते हैं और हमारे मन में यही आता है कि ये इंसान वाकई कितना भाग्यशाली है। दरअसल हम सभी की भाग्यशाली होने की परिभाषा बड़ी अलग-अलग होती है। किसी को एक अच्छी नौकरी होना भाग्यशाली होने की निशानी लगता है तो किसी को पुश्तैनी धन-दौलत होना या शानदार लव लाइफ होना। खैर, ये लोगों के अपने-अपने पैमाने हैं। हालांकि महान विद्वान और कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य ने भी अपनी नीति में कुछ ऐसे व्यक्तियों का जिक्र किया था, जो उनकी नजरों में वाकई बेहद भाग्यशाली होते हैं। आचार्य कहते हैं कि जिन लोगों के पास ये कुछ चीजें मौजूद हैं उन्हें तो खुद को किस्मत वाला ही समझना चाहिए क्योंकि हर इंसान के नसीब में यह नहीं होता। तो चलिए जानते हैं आचार्य चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को भाग्यवान बनाने वाली ये चीजें कौन सी हैं। जिसके पास हो दान-पुण्य करने का सामर्थ्य आचार्य चाणक्य अपने एक श्लोक में इस बात का जिक्र करते हैं कि जिस व्यक्ति में दान-पुण्य करने का सामर्थ्य है, वो भी बहुत किस्मतवाला ही होता है। दरअसल कोई भी व्यक्ति दान-पुण्य करने में सामर्थ्य तब होता है, जब उसके पास पर्याप्त धन होता है और उसे खर्च करते हुए, व्यक्ति को ज्यादा सोचना नहीं पड़ता। आचार्य कहते हैं कि पिछले कई जन्मों के पुण्य के कारण ही मनुष्य को ये सौभाग्य प्राप्त होता है। जिसका साथ दे उसकी सेहत आचार्य चाणक्य के अनुसार जिन लोगों की सेहत उनका साथ देती है, उनसे ज्यादा भाग्यशाली भी दूसरा कोई नहीं। इस दुनिया में सबसे बड़ी दौलत इंसान की सेहत ही होती है। यदि व्यक्ति स्वास्थ्य ना हो और कोई ना कोई रोग उसे घेरे रहे, तो लाखों की धन संपदा भी बेकार ही जान पड़ती है। आचार्य कहते हैं कि अगर आप भरपेट भोजन कर पा रहे हैं और उसे पचाने में आपको कोई परेशानी भी हो रही है; तो आपको खुद को किस्मतवाला ही समझना चाहिए। अच्छे जीवनसाथी का होना है सौभाग्य की निशानी आचार्य चाणक्य के अनुसार एक अच्छे जीवनसाथी का मिलना भी सौभाग्य की निशानी है, जो हर किसी की किस्मत में नहीं होता। एक अच्छा जीवनसाथी आपके हर सुख-दुख में साथ खड़ा मिलता है और उसके साथ जीवनयात्रा थोड़ी आसान हो जाती है। अगर किसी व्यक्ति के जीवन में एक अच्छा पार्टनर है और उसका दांपत्य जीवन सुखी है, तो वो इंसान यकीनन ही बेहद भाग्यशाली हैं। मेहनत से बना सकते हैं अपना भाग्य इन सभी बातों के साथ ही आचार्य चाणक्य का कहना यह भी है कि अगर किसी इंसान को किस्मत का साथ ना भी मिले, तो वो अपनी मेहनत के बल पर खुद को भाग्यवान बना सकते है। अपनी नीति में आचार्य कहते हैं कि मेहनत का कोई दूसरा विकल्प नहीं है और जो व्यक्ति मेहनत करने से पीछे नहीं हटता, वो अपनी किस्मत खुद चमका देता है। ऐसे व्यक्ति जीवन में कुछ बहुत बड़ा करते हैं, जो शायद सिर्फ भगवशाली लोगों के बस की भी बात नहीं।

Samsung अपने इस सबसे स्लिम स्मार्टफोन को 13 मई को कर सकता है लॉन्च

नई दिल्ली Samsung का सबसे पतला स्मार्टफोन Galaxy S25 Edge जल्द लॉन्च होने वाला है। उम्मीद जताई जा रही है कि Samsung अपने इस सबसे स्लिम स्मार्टफोन को 13 मई को लॉन्च कर सकता है। Samsung अपने आने वाले इस स्मार्टफोन को Apple के iphone 17 Air के मुकाबले में उतारने वाला है। स्मार्टफोन के चाहने वालों के बीच Galaxy S25 Edge को लेकर खासा क्रेज है। इसी कड़ी में Samsung से अपने इस आने वाले स्मार्टफोन की कीमत गलती से लीक हो गई। Galaxy S25 Edge की लीक हुई कीमत से पता चला है कि यह S25+ और S25 Ultra के बीच कहीं फिट होगा। क्या होगी कीमत? Galaxy S25 Edge के 256GB वाले वेरिएंट की कीमत 1,678 CAD (1,01,488 रुपये) तक हो सकती है। वहीं इसके 512GB वाले वेरिएंट की कीमत 1858 CAD (1,14,453 रुपये) हो सकती है। Samsung से इस फोन की कीमत Samsung कनाडा वेबसाइट के फ्रेच वर्जन वाली वेबसाइट पर गलती से लीक कर दी थी। कीमत के साथ-साथ Samsung फोन के स्टोरेज वेरिएंट और कलर के बारे में भी जानकारी लीक कर बैठा। लीक हुआ जानकारी के अनुसार Galaxy S25 Edge स्मार्टफोन titanium silver और titanium jet black रंग मे आ सकता है। iPhone 17 Air जैसा हो सकता डिजाइन इससे पहले फोन को लेकर सामने आई जानकारी से पता चला था कि Galaxy S25 Edge Samsung का अब तक का सबसे पतला फोन हो सकता है, जिसकी मोटाई सिर्फ 5.84mm हो सकती है। यह शायद iPhone 17 Air से थोड़ा मोटा हो सकता है, लेकिन परफॉर्मेंस के मामले में यह पीछे नहीं रहेगा। प्रीमियम लुक और मजबूती के लिए इसमें टाइटेनियम फ्रेम इस्तेमाल किया गया है, जो हल्का और स्क्रैच-रेसिस्टेंट होता है। Galaxy S25 Edge के स्पेसिफिकेशन Galaxy S25 Edge में Qualcomm का Snapdragon 8 Elite चिपसेट मिल सकता है। Samsung S25 सीरीज के बाकी फोन्स में भी यही चिपसेट दिया गया है। यह चिप गेमिंग, मल्टीटास्किंग और मीडिया के लिए बेहतरीन परफॉर्मेंस देगा। इसमें 12GB रैम दी जा सकती है, जो हेवी यूसेज के लिए काफी होगी। कैमरे की बात करें तो इसमें डुअल रियर कैमरा सेटअप मिलने की उम्मीद है- 200MP का मेन सेंसर और 50MP का अल्ट्रा-वाइड लेंस दिया जा सकता है। फ्रंट में 12MP का कैमरा सेल्फी और वीडियो कॉल्स के लिए हो सकता है। भले ही यह ट्रिपल कैमरा न हो, लेकिन फिर भी फोटो क्वालिटी काफी अच्छी मिल सकती है। बैटरी के मामले में इसमें 4,000mAh की बैटरी हो सकती है।

जून में भारत में हो सकता है Vivo X200 FE

नई दिल्ली Vivo अपना दमदार स्मार्टफोन Vivo X200 FE जल्द भारत में लॉन्च कर सकता है। Vivo इसे Vivo X200 Pro Mini की जगह लॉन्च कर सकता है। पिछले साल भारत में Vivo ने X200 और X200 Pro लॉन्च किए थे। ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि Vivo अपने The X200 Pro Mini और X200 Ultra वेरिएंट को भारत में उतारेगा। वहीं अब खबर आ रही है कि Vivo X200 Pro Mini की जगह Vivo X200 FE को भारत में लाएगा। इससे उन लोगों का दिल टूट सकता है जो X200 Mini का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। हालांकि Vivo के X200 Ultra के भारत में आने की उम्मीद अभी भी बरकरार है। ऑनलाइन इस पर चल रही चर्चा के बारे में ज्यादा जानते हैं। कब हो सकता है लॉन्च? Smartprix से मिल रही जानकारी के अनुसार Vivo X200 FE भारत में जून 2025 के आखिर में लॉन्च हो सकता है। रिपोर्ट्स यह भी कहती हैं कि इसे Vivo X200 Ultra के साथ ही लॉन्च किया जाएगा। Vivo X200 FE में Dimensity 9400e चिप का इस्तेमाल हो सकता है। इस चिप के साथ आने वाला यह पहला डिवाइस हो सकता है। Dimensity 9400e चिपसेट Dimensity 9400 का हल्का वेरिएंट हो सकता है। Vivo X200 FE के संभावित फीचर्स रिपोर्ट्स से पता चल रहा है कि इस फोन में 6.31-इंच की कॉम्पैक्ट 1.5K LTPO OLED डिस्प्ले मिल सकती है। जो कि 120Hz का रिफ्रेश रेट लेकर आ सकती है। इसमें 50MP के मेन, टेलिफोटो और सेल्फी कैमरा दिए जाने की उम्मीद है। यानी के तीनों ही कैमरा 50MP के हो सकते हैं। बैटरी mah को लेकर जानकारी नहीं मिली है लेकिन बताया जा रहा है कि ये फोन 90W की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगा। यही डिवाइस Vivo S30 Pro Mini के नाम से चीन में भी कंपनी लॉन्च कर सकती है। अब देखना होगा कि Vivo की ओर से आने वाले महीने में क्या फैसला लिया जाता है। क्या कहते हैं जानकार? स्मार्टफोन इंडस्ट्री की जानकारी रखने वालों का मानना है कि Vivo X200 और X200 Pro अपने कैमरा की वजह से भारतीय बाजार में जगह बनाने में कामयाब रहे थे। हालांकि भारत में लोग X200 Mini का भी काफी इंतजार कर रहे थे। अब ऐसे में देखना होगा कि X200 Mini की जगह X200 FE को लाकर क्या कंपनी भारतीय यूजर्स को लुभा पाएगी। बता दें कि X200 FE काफी कम दाम में आ सकता है।

WhatsApp आया दमदार प्राइवेसी फीचर, अब किसी और के हाथ नहीं लगेंगी आप की चैट

नई दिल्ली भारत में हर वो शख्स WhatsApp यूजर है, जिसके पास एक स्मार्टफोन है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए यूजर्स की प्राइवेसी को सुरक्षित रखने के लिए WhatsApp एक दमदार प्राइवेसी फीचर लेकर आया है। अगर आप इस प्राइवेसी फीचर को ऑन कर लेते हैं, तो आपको अपनी WhatsApp चैट्स लीक होने का कोई खतरा नहीं रहेगा। दरअसल WhatsApp के ताजा अपडेट में “advanced chat privacy” फीचर को पेश किया गया है। इस फीचर की मदद से आपकी बातचीत की प्राइवेसी और भी ज्यादा मजबूत हो जाएगी। बता दें कि WhatsApp पहले ही यूजर की प्राइवेसी के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का फीचर देता है। ऐसे में “advanced chat privacy” फीचर उस एक लूप होल को भी खत्म कर देगा जिससे किसी यूजर की चैट लीक हो सकती थी। क्या था प्राइवेसी में लूप होल? जैसा कि हमने बताया WhatsApp अपने यूजर्स को एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का फीचर देता है। इसका मतलब है कि आप जिस किसी से WhatsApp पर बात करते हैं, आपकी बातचीत आपके और उस शख्स के बीच ही रहती है। ऐसा WhatsApp आपकी चैट को एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के जरिए एन्क्रिप्ट करके कर पाता है। हालांकि इस सिस्टम में भी एक लूप होल था। दरअसल जब आप किसी ग्रुप में बात करते हैं, तो बातचीत में कई लोग शामिल होते हैं। ऐसे में कोई भी शख्स उस ग्रुप में हुई चैट को एक्सपोर्ट करके आपकी चैट्स को लीक कर सकता था। हालांकि WhatsApp ने अपने इस नए फीचर की मदद से इस समस्या को दूर कर दिया है। ऐसे काम करेगा फीचर अगर आप इस फीचर को शुरू कर देते हैं, तो कोई भी आपकी चैट्स को एक्सपोर्ट नहीं कर पाएगा। इससे आपकी चैट्स WhatsApp में पूरी तरह से सुरक्षित हो जाएगी। इस फीचर को शुरू करने के बाद आप चाहे किसी एक शख्स से बातचीत करें या फिर किसी ग्रुप में चर्चा का हिस्सा बनें आपकी बातचीत कोई भी एक्सपोर्ट नहीं कर पाएगा। इस फीचर को WhatsApp अपने End to End Encryption के ऊपर प्राइवेसी की एक अतिरिक्त लेयर के तौर पर लाया है। बता दें कि हाल ही में WhatsApp ने यूजर की प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए कई फीचर्स लॉन्च किए हैं। ऐसे करें शुरू     अगर आप इस फीचर को ऑन करना चाहते हैं, तो सबसे पहले WhatsApp को Google Play Store या Apple App Store पर जाकर अपडेट कर लें।     इसके बाद उस चैट को खोलें जिसमें आप “advanced chat privacy” को ऑन करना चाहते हैं।     चैट में जाने के बाद उस शख्स के नाम पर टैप करें।     इसके बाद “advanced chat privacy” फीचर को ऑन कर दें।बता दें कि WhatsApp की ओर से इस फीचर को रोल आउट करना शुरू कर दिया गया है। ऐसे में जल्द से जल्द इस फीचर को पाने के लिए अपने WhatsApp को अपडेट रखें। ध्यान देने वाली बात बता दें कि “advanced chat privacy” फीचर किसी भी यूजर को चैट के स्क्रीनशॉट लेने से नहीं रोकता है। जानकारों का कहना है कि स्क्रीनशॉट को रोकने वाला फीचर भी WhatsApp जल्द ला सकता है। हाल ही में WhatsApp ने अपने मैसेज को पूरी तरह से डिलीट करने का ऑप्शन भी उपलब्ध कराया था। इससे यूजर्स किसी के द्वारा मेंशन किए जाने पर दिखने वाले मैसेज के छोटे से हिस्से को भी डिलीट कर सकते हैं। इस तरह WhatsApp लगातार अपने यूजर्स के लिए ऐप को इस्तेमाल करने का अनुभव बेहतर बना रहा है।

धूप की कमी आपकी सेक्स लाइफ बिगाड़ रही है? जानिए चौंकाने वाली स्टडी

लंदन  क्या आपको इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या का सामना करना पड़ रहा है? अगर हां, तो समय आ चुका है कि आप एक बार अपना विटामिन डी लेवल चेक करवा लें. शरीर में विटामिन डी की कमी होने पर थकान, हड्डियों में दर्द, मसल्स में कमजोरी और मूड स्विंग्स जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. लेकिन हाल ही में आई एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि शरीर में इस पोषक तत्व की कमी से आपकी सेक्सुअल लाइफ पर भी काफी बुरा असर पड़ सकता है. ब्रिटिश जर्नल ऑफ फार्माकोलॉजी में छपी एक स्टडी में  विटामिन डी की कमी और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के बीच में लिंक का खुलासा किया है. स्टडी में सुझाव दिया गया है कि विटामिन डी की कमी से सिर्फ हड्डियों की सेहत और इम्यून हेल्थ पर बुरा असर नहीं पड़ता बल्कि इससे पुरुषों की सेक्सुअल परफॉर्मेंस भी प्रभावित होती है. क्या होता है इरेक्टाइल डिस्फंक्शन? इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को नपुंसकता भी कहा जाता है. यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें पुरुषों को यौन संबंध के दौरान उत्तेजना नहीं होती या फिर उसे बनाए रखने में परेशानी होती है. कभी कभार इस समस्या का सामना सभी पुरुषों को करना पड़ सकता है. लेकिन अगर आपको हर बार इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो जरूरी है कि आप इसकी जांच करवाएं. ब्लड फ्लो के रुकने, नर्व डैमेज, साइकोलॉजिकल स्ट्रेस या सेहत से जुड़ी किसी गंभीर बीमारी के कारण आपको इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है. जीवन की गुणवत्ता से जुड़े मुद्दे से कहीं ज्यादा, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को खराब हार्ट हेल्थ के शुरुआती संकेत के रूप में पहचाना जाता है, जिसमें दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा भी शामिल है. अब विटामिन डी की कमी डायबिटीज, मोटापा और मेटाबोलिक सिंड्रोम जैसी कंडिशन के साथ-साथ एक अन्य खतरे के रूप में उभर रही है. क्या कहती है स्टडी ब्रिटिश जर्नल ऑफ फार्माकोलॉजी में पब्लिश इस  स्टडी में शोधकर्ताओं ने पुरुषों और चूहों के प्राइवेट पार्ट्स के टिश्यूज की जांच की. उन्होंने पाया कि विटामिन डी की कमी से इरेक्शन में समस्या आती है. चूहों में देखा गया कि विटामिन डी की कमी के कारण लिंग के ऊतकों (Tissues) में 40% तक अधिक कोलेजन जमा हो गया, जिससे फाइब्रोसिस यानी ऊतक का कठोर होने की समस्या बढ़ी. मनुष्यों में भी यह पाया गया कि जिन लोगों में विटामिन डी कम था, उनके प्राइवेट पार्ट के ब्लड वेसेल्स में प्रोक्रेस्टिनेशन कम थी, और उनका शरीर नर्व स्टिमुलेटर पर सही रिएक्शन नहीं दे पा रहा था. इसके अलावा, विटामिन डी की कमी से ईडी के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाइयां भी कम असरदार हो जाती हैं. भारत में विटामिन डी की कमी भारत में विटामिन डी की कमी एक आम समस्या बन गई है. ICRIER के एक एनालिसिस के मुताबिक, भारत में हर पांच में से एक व्यक्ति विटामिन डी की गंभीर कमी से पीड़ित है. खासकर पूर्वी भारत में विटामिन डी की कमी का स्तर 38.81% तक है. भारत में विटामिन डी का सही डोज खुराक 400-600 IU है. ज्यादा उम्रदराज को 800 IU तक की जररूत हो सकती है. कैसे बढ़ाएं विटामिन D का लेवल सुबह की धूप रोज 15-20 मिनट तक लें. विटामिन D से भरपूर डाइट जैसे अंडा, मछली, दूध, मशरूम खाएं. डॉक्टर से सलाह लेकर सप्लीमेंट लें. कभी-कभी डाइट से पूरा नहीं हो पाता, तो डॉक्टर विटामिन D की गोलियां या सिरप सजेस्ट कर सकते हैं.   स्टडी में क्या बताया गया है? स्टडी के लिए, शोधकर्ताओं ने इंसानों और लेबोरेर्टीरी में रखे गए जानवरों दोनों के प्राइवेट पार्ट के टिशू का विश्लेषण किया और पाया कि विटामिन डी की कमी से उत्तेजना (इरेक्शन) में कमी आती है. विटामिन डी की कमी वाले चूहों में, इरेक्शन टिशू में 40% तक ज्यादा कोलेजन जमा हुआ था जो फाइब्रोसिस का संकेत है, जो टिशू को कठोर बनाता है और इरेक्शन को ट्रिगर करने वाले संकेतों को कम प्रभावी बनाता है. इंसानों में, शोधकर्ताओं ने अलग-अलग विटामिन डी लेवल वाले लोगों पर शोध किया. शोध में जिन पुरुषों के शरीर में विटामिन डी के लेवल को कम पाया गया उन पुरुषों में प्राइवेट पार्ट तक ब्लड का फ्लो काफी कम पाया गया. हालांकि यह रिसर्च काफी कम लोगों पर की गई थी इसलिए स्टडी के परिणाम कितने सही इस बात की पुष्टि नहीं की जा सकती है. इसे लेवल और भी कई रिसर्च होने अभी जरूरी हैं.  

गर्मी में ही नहीं हर मौसम में लगाएं सनस्क्रीन

हम में से कई लोग सोचते हैं कि Sunscreen सिर्फ गर्मियों में या तभी लगानी चाहिए जब तेज धूप हो, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सूरज की किरणें सिर्फ गर्मियों में ही नहीं, बल्कि साल भर हमारी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं? यही कारण है कि Dermatologists रोजाना सनस्क्रीन लगाने की सलाह देते हैं, फिर चाहे आप घर पर हों, बाहर हों या आसमान में काले बादल छाए हों। आइए विस्तार से जानें इसके बारे में। हमें यह समझना होगा कि सूरज सिर्फ गर्मी ही नहीं, बल्कि कुछ ऐसी किरणें भी छोड़ता है जो हमारी त्वचा के लिए हानिकारक हो सकती हैं। इनमें सबसे प्रमुख हैं UVA और UVB किरणें। UVB किरणें मुख्य रूप से त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचाती हैं और सनबर्न का कारण बनती हैं। वहीं, UVA किरणें त्वचा की गहरी परतों तक पहुंच सकती हैं और समय से पहले बुढ़ापा , झुर्रियां और यहां तक कि Skin Cancer का भी खतरा बढ़ा सकती हैं। अब सवाल यह है कि जब धूप नहीं होती, या बादल छाए रहते हैं, तो क्या इन किरणों का खतरा टल जाता है? जवाब है, नहीं! UVA किरणें बादलों को भी आसानी से पार कर सकती हैं। इसका मतलब है कि भले ही आपको सीधी धूप महसूस न हो, आपकी त्वचा लगातार इन हानिकारक किरणों के संपर्क में रहती है। एक्सपर्ट्स क्यों देते हैं हर दिन सनस्क्रीन लगाने की सलाह? Dermatologists का कहना है कि हमें अपनी त्वचा को UVA और UVB दोनों तरह की किरणों से बचाना चाहिए और इसके लिए हर दिन सनस्क्रीन लगाना जरूरी है, चाहे मौसम कैसा भी हो।     बुढ़ापे के लक्षणों से बचाव: UVA किरणें त्वचा के कोलेजन और इलास्टिन को नुकसान पहुंचाती हैं, जो त्वचा को जवां और लचीला बनाए रखते हैं। हर दिन सनस्क्रीन लगाने से इन किरणों के प्रभाव को कम किया जा सकता है और झुर्रियों, महीन रेखाओं और त्वचा के ढीलेपन को रोका जा सकता है।     स्किन कैंसर का खतरा कम: सूरज की हानिकारक किरणें त्वचा कैंसर का एक प्रमुख कारण हैं। नियमित रूप से सनस्क्रीन लगाने से इस गंभीर बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।     सनबर्न से बचाव: भले ही बादल छाए हों, UVB किरणें अभी भी मौजूद रहती हैं और सनबर्न का कारण बन सकती हैं, खासकर सेंसिटिव स्किन वाले लोगों के लिए।     त्वचा की रंगत में सुधार: सूरज की किरणें त्वचा पर काले धब्बे और असमान रंगत पैदा कर सकती हैं। सनस्क्रीन लगाने से इन समस्याओं से बचाव होता है और त्वचा की रंगत एक समान बनी रहती है। कौन-सी सनस्क्रीन है सही? अब जब यह समझ आ गया है कि हर दिन सनस्क्रीन लगाना जरूरी है, तो यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि कौन सा सनस्क्रीन आपके लिए सही है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि ऐसे सनस्क्रीन का चुनाव करें जिसमें कम से कम SPF 30 हो और जो UVA और UVB दोनों तरह की किरणों से सुरक्षा प्रदान करे (ब्रॉड-स्पेक्ट्रम)। अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार सनस्क्रीन का चुनाव करना भी जरूरी है। सनस्क्रीन को बनाएं रूटीन का हिस्सा हर दिन सनस्क्रीन लगाना आपके डेली रूटीन का एक जरूरी हिस्सा होना चाहिए। जैसे आप हर सुबह ब्रश करते हैं, वैसे ही सनस्क्रीन लगाना भी अपनी आदत में शामिल करें। इसे अपने चेहरे, गर्दन और हाथों पर, यानी उन सभी हिस्सों पर लगाएं जो धूप के संपर्क में आते हैं। कब और कैसे लगाएं सनस्क्रीन?     Sunscreen को घर से निकलने के 15-20 मिनट पहले लगाना चाहिए।     इसे चेहरे के अलावा गर्दन, कान, हाथ और जहां भी त्वचा खुली हो, वहां लगाएं।     हर 2-3 घंटे बाद दोबारा लगाना जरूरी है, खासकर अगर आप बाहर हैं या बहुत पसीना आता है। सनस्क्रीन से जुड़ी आम गलतफहमियां “मैं तो डार्क स्किन वाला हूं, मुझे इसकी जरूरत नहीं।” – सच ये है कि हर स्किन टोन को UV Rays से खतरा होता है। “मैं ऑफिस में ही रहता हूं, बाहर नहीं जाता।” – ऑफिस की खिड़कियों से आने वाली धूप और स्क्रीन से निकलने वाली Blue Light भी नुकसान पहुंचा सकती है। “Sunscreen सिर्फ महिलाओं के लिए होती है।” – यह पूरी तरह गलत है। यह स्किन के सेहत से जुड़ा मामला है, जो हर किसी के लिए जरूरी है – चाहे महिला हों या पुरुष।

हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए डाइट में शामिल करें सफेद तिल

हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर फूड्स को डाइट में शामिल करना जरूरी है। सफेद तिल कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और अन्य जरूरी मिनरल्स से भरपूर होता है। ये न केवल हड्डियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं , बल्कि ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों का कमजोर होना) जैसी बीमारियों से बचाव में भी मदद करते हैं। आइए जानते हैं कि सफेद तिल हड्डियों को मजबूत बनाने में कैसे सहायक है। कैल्शियम का बेहतरीन सोर्स हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम सबसे जरूरी पोषक तत्व है। सफेद तिल में भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है। लगभग 100 ग्राम सफेद तिल में 975 मिलीग्राम कैल्शियम होता है, जो दूध से भी ज्यादा है। नियमित रूप से तिल को डाइट में शामिल करने से हड्डियों की डेंसिटी बढ़ती है और फ्रैक्चर का खतरा कम होता है। मैग्नीशियम और फॉस्फोरस भी मिलता है कैल्शियम के अलावा, हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए मैग्नीशियम और फॉस्फोरस भी जरूरी हैं। मैग्नीशियम कैल्शियम के अब्जॉर्प्शन में मदद करता है, जबकि फॉस्फोरस हड्डियों के ढांचे को मजबूत बनाता है। सफेद तिल में ये दोनों मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो हड्डियों को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मददगार होते हैं। जिंक और कॉपर भी हैं मौजूद सफेद तिल में जिंक और कॉपर भी पाया जाता है, जो हड्डियों के लिए फायदेमंद है। जिंक हड्डियों के निर्माण और मरम्मत में मदद करता है, जबकि कॉपर कोलेजन के निर्माण में मददगार होता है, जो हड्डियों की फ्लेक्सिबिलिटी बनाए रखने में मदद करता है। एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण तिल में सेसमिन और सेसामोलिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर में सूजन को कम करते हैं। हड्डियों से जुड़ी बीमारियां जैसे आर्थराइटिस (Arthritis) में सूजन एक मुख्य समस्या है। तिल खाने से इन समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है। प्रोटीन और हेल्दी फैट्स हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रोटीन भी जरूरी है, क्योंकि यह हड्डियों के टिश्यू के निर्माण में मदद करता है। सफेद तिल में प्रोटीन और हेल्दी फैट्स (जैसे ओमेगा-3 और ओमेगा-6) होते हैं, जो हड्डियों के साथ-साथ पूरे स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक हैं। सफेद तिल को कैसे करें डाइट में शामिल?     तिल के लड्डू- गुड़ या शहद के साथ तिल के लड्डू बनाकर खाएं।     तिल की चिक्की- मूंगफली और गुड़ के साथ तिल की चिक्की एक हेल्दी नाश्ता है।     सलाद में छिड़कें- सलाद या सूप पर भुने हुए तिल छिड़ककर खाएं।     तिल का तेल- तिल के तेल की मालिश से भी हड्डियों को मजबूती मिलती है।  

फौरन सुधार लें ये आदतें, मिलेगा मनचाहा सम्मान

मान-सम्मान और इज्जत हर इंसान को अच्छी लगती है। इज्जत कमाने में सालों लगते हैं लेकिन गंवाने में एक पल नहीं लगता। कुछ लोगों की शिकायत होती है कि उन्हें बाकी लोगों की तुलना में कम इज्जत मिलती है। या फिर अक्सर लोगों के आसपास कुछ ऐसे लोग होते हैं जिनका लोग सम्मान नहीं करते। अगर आप चाहते हैं कि आपका लोग सम्मान करें और इज्जत से बातचीत करें तो अपनी इन आदतों को फौरन बदल दें। जो आपके सम्मान को कम करने में खास योगदान देती हैं। बेईमानी मान-सम्मान के कम होने की सबसे बड़ी वजह बेईमानी है। अगर आप लगातार झूठ बोल रहे हैं और बेईमानी कर रहे हैं। लोगों के विश्वास को तोड़ रहे हैं तो जिस दिन झूठ पकड़ा जाएगा। लोगों की नजरों में इज्जत कम हो जाएगी। इसलिए खुद को हमेशा ईमानदार बनाने की कोशिश करें। दूसरों की इज्जत ना करना अगर आप दूसरों की इज्जत करना नहीं जानते हैं तो दूसरों से आपको भी वो इज्जत और मान-सम्मान नहीं मिलेगा। सम्मान हमेशा दो तरफा चीज है। जब आप किसी की इज्जत करते हैं तभी आपको भी लोग सम्मान देते हैं। अपनी बात पर टिके ना रहना अगर आप बोलते कुछ और हैं और करते कुछ और हैं। तो इस तरह की आदत आपकी इज्जत को दूसरों की नजरों में गिरा रही है। मूड चाहे जैसा भी हो आपका लेकिन जब आप किसी से मिलें तो हमेशा अच्छे व्यवहार के साथ मिले और हमेशा एक जैसा ही व्यवहार करें। इससे सामने वाले के मन में सम्मान का भाव ज्यादा आएगा। घमंड और अतिआत्मविश्वास ‘घमंडी का सिर नीचा’ ये बहुत ही पुरानी कहावत है। अगर आपको अपने पद, प्रतिष्ठा और पैसों का घमंड है तो आपको वो मान-सम्मान और इज्जत नहीं मिलेगी। इसी तरह से ओवरकॉन्फिडेंस भी आपके सम्मान को खराब कर सकता है। स्वार्थी व्यवहार हमेशा अपने फायदे और जरूरतों को पूरा करना और दूसरे पर ध्यान ना देना भी लोगों के मन में आपकी इज्जत को कम कर देता है।

‘प्‍लीज’ और ‘थैंक्‍स’ कहने पर OpenAI को आ रहा लाखों का खर्चा

नई दिल्ली कुछ ही हफ़्ते पहले हमने देखा कि Ghibli ट्रेंड इंटरनेट पर छा गया था, हर कोई अपनी तस्वीरों को जापानी शैली की कला में बदलने के लिए ChatGPT पर दौड़ रहा था। यही वह समय था जब OpenAI ने लोगों से थोड़ा धीमा होने के लिए कहा, क्योंकि इससे उनके सर्वर डाउन हो रहे थे। अब कुछ ही दिनों बाद सैम ऑल्टमैन ने फिर से जनता के लिए खुलासा किया है और कुछ और भी चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने खुलासा किया है कि उपयोगकर्ता जो साधारण इशारे करते हैं, जैसे ‘कृपया’ या ‘धन्यवाद’, वास्तव में AI दिग्गज के लिए काफी महंगे हैं और इसके परिचालन खर्च में लाखों डॉलर का खर्च आता है। लेटेस्ट और ट्रेंडिंग स्टोरीज     हैरान करने वाला, है ना? X (पूर्व में ट्विटर) पर एक जिज्ञासु उपयोगकर्ता ने ऑल्टमैन से पूछा, “OpenAI को लोगों द्वारा उनके मॉडल को ‘कृपया’ और ‘धन्यवाद’ कहने पर बिजली की लागत में कितना पैसा गंवाना पड़ा है?”     ऑल्टमैन ने जवाब दिया, “करोड़ों डॉलर अच्छी तरह से खर्च किए गए।” उन्होंने आगे कहा, “आप कभी नहीं जानते।”     अब यह सब तब तक मज़ेदार लगता है जब तक हम उस बड़े पैमाने पर बढ़ते ऊर्जा बुनियादी ढांचे को ध्यान में नहीं रखते हैं जिसकी इस कदम की मांग है, जो ChatGPT जैसे भाषा मॉडल से जुड़ा है, खासकर जब जनता पागल हो जाती है और उनका उपयोग आसमान छूने लगता है।     प्रत्येक बातचीत, चाहे कितनी भी छोटी क्यों न हो, कम्प्यूटेशनल लोड को बढ़ाती है, जिससे बदले में ऊर्जा का उपयोग और उससे जुड़ी लागत बढ़ जाती है।     ChatGPT उपयोगकर्ताओं की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है, और अब तक औसत साप्ताहिक उपयोगकर्ताओं की संख्या 150 मिलियन को पार कर गई है।    गोल्डमैन सैक्स की एक रिपोर्ट ने बताया है कि प्रत्येक ChatGPT-4 क्वेरी/प्रॉम्प्ट 2.9 वाट-घंटे बिजली की खपत करता है, जो Google पर आपके द्वारा की जाने वाली सामान्य खोज से कई गुना अधिक है।     अब अगर आपको लगता है कि यह ज्यादा नहीं है, तो आपको यह ध्यान रखना होगा कि इसे एक दिन में एक अरब से ज्यादा प्रॉम्प्ट मिलते हैं; इसका मतलब है कि लगभग 2.9 मिलियन किलोवाट-घंटे ऊर्जा की खपत रोजाना हो रही है।     हालांकि ये चैटबॉट अपने-अपने फायदों के साथ आते हैं, लेकिन एक उच्च छिपी हुई लागत है जिसे हम आमतौर पर नहीं देखते हैं, और यह बढ़ रही है।     लोगों द्वारा अपनी दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों के लिए AI पर अधिक निर्भर होने के साथ, ऊर्जा की मांग भी बढ़ जाती है।     यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि कुछ नेटिज़न्स संभावित समाधानों के साथ सैम ऑल्टमैन की मदद करने के लिए भी काफी तत्पर थे।     एक उपयोगकर्ता ने प्रस्ताव दिया कि OpenAI क्लाइंट-साइड कोड का उपयोग करके “आपका स्वागत है” के साथ प्रतिक्रिया देकर बिजली की कटौती कर सकता है।     एक अन्य ने मजाक में कहा कि ChatGPT को बिजली बचाने के लिए हर प्रतिक्रिया को एक प्रश्न के साथ समाप्त करना बंद कर देना चाहिए।     इसके साथ ही, यह इन AI दिग्गजों द्वारा बिजली के बड़े पैमाने पर उपयोग पर सवाल उठाता है, और क्या मौजूदा ऊर्जा बुनियादी ढांचे के लिए इससे निपटना संभव है?     जबकि AI हमारे दैनिक जीवन में खुद को एकीकृत कर रहा है, हमें बढ़ती ऊर्जा लागत और पर्यावरण पर इसके बाद के प्रभाव को भी ध्यान में रखना चाहिए।  

गर्मियों के लिए वॉर्डरोब में जरूर शामिल करें ये फैशन ट्रेंड्स

डिजाइनर आरती विजय गुप्ता और स्नेहा अरोड़ा के लाइन में बनीज, हिरन और अन्य जानवर रनवे पर मिल जाते हैं। सिद्धार्थ बंसल के नेचर-इंस्पायर्ड मोटिफ्स भी पसंद किए जाते हैं। ज्यादातर इंडियन डिजाइनर्स के लिए ब्राइडल वेयर मस्ट-ट्राय हैं। इस तरह डिजाइंस में अलग-अलग तरह के चमकदार गोटा-पट्टी का काम किया जाता है। यहां हमें जयंति रेड्डी और अनीता डोंगरे क्लेकशन दिखाई दे रहा है। योगेश चैधरी और मोनिशा रेड्डी कलेक्शन में रिफ्लेक्टिव एम्बेलिशमेंट भी देखे जा सकते हैं। टैसल अभी भी ज्यादा बड़े हैं। मसाबा गुप्ता ने इन्हें ईयरिंग्स, साड़ी पल्लू और सूट एक्सेंट्स के लिए यूज किया। शिवन और नरेश ने बिजवेल्ड वर्जन शोकेस किए। नीता लुल्ला और पायल खंडवला की तरह ऑफ-शोल्ड्र और वन-शोल्ड्र टॉप्स पहनकर सूरज की रोशनी स्किन पर पड़ने दीजिए। इस ट्रेंड को ध्रुव कपूर और वेरांडा प्राइव ने भी एम्ब्रेस किया।  

ऐसे बचाइए अपने स्मार्टफोन को हैकिंग से

एसएमएस के जरिए ऐप्स डाउनलोड करने से बचें। इससे आपकी डिवाइस जल्द ही वायरस से ग्रस्त हो सकती है। -समय-समय पर स्मार्टफोन के सॉफ्टवेयर को अपडेट करें। कंपनियां अपडेट वर्जन में हैकर्स से डिवाइस को बचाने के लिए महत्वपूर्ण बदलाव करती रहती है। -स्मार्टफोन को हमेशा पासकोड से सुरक्षित रखे। इससे डिवाइस के आसानी से हैक होने या फिर बिना अनुमति के स्मार्टफोन के उपयोग करने की संभावना 100 गुना तक कम हो जाती है। -एसएमएस या फिर ईमेल में आई अज्ञात वेबसाइट लिंक्स को खोलने से बचें। -सार्वजनिक स्थानों पर ज्यादा से ज्यादा समय ब्लूटूथ बंद रखने की कोशिश करें। ब्लूटूथ की कम रेंज में हैकर्स बेहद आसानी से स्मार्टफोन को अपने नियंत्रण में ले सकते हैं। स्मार्ट ऐप्स से सुरक्षित रखे स्मार्टफोन… लास्टपास यह एक पासवर्ड मैनेजर ऐप है जिससे आप अपने ईमेल तक के पासवर्ड सुरक्षित रख सकते हैं। स्मार्टफोन पर किसी भी वेबसाइट को खोलने पर यह ऐप खुद ही उस पर आपका ईमेल और पासवर्ड डाल देती है। साइजः डिवाइस के अनुसार अलग-अलग कीपर इस पासवर्ड मैनेजर ऐप को खासतौर पर आईफोन के लिए बनाया गया है। इसमें आप पासवर्ड के अलावा, फाइल, फोटो और वीडियो सुरक्षित रख सकते हैं। इसके जरिए आप ऐपल वॉच का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। साइजः 37.7एमबी परफेक्ट ऐपलॉक इससे आप स्मार्टफोन पर वॉट्सऐप, ईमेल, कैमरा और फोटो गैलरी को सुरक्षित रख सकते हैं। आम ऐप्स की तरह गलत पासवर्ड डालने पर ऐप खुद यूजर की तस्वीर ले लेती है।  

जब कम हो जाए शरीर में प्रोटीन

हर पोषक तत्व की ही तरह शरीर को प्रोटीन की भी जरूरत एक निश्चित मात्रा में होती है। इसकी अधिकता और कमी दोनों ही सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं। इसी संदर्भ में जानिए प्रोटीन की कमी से होने वाली समस्याओं के बारे में। समस्याएं जो उभरती हैं… इस महत्वपूर्ण पोषक तत्व के न होने या पर्याप्त मात्रा में न होने से मसल्स और हड्डियों के अलावा हृदय संबंधी दिक्कतें भी उपज सकती हैं। इसकी कमी से होने वाली समस्याएं कुछ इस तरह के लक्षण दर्शा सकती हैं- -वजन का अधिकता से कम होना इसकी कमी का संकेत हो सकता है। यह लक्षण मसल्स के बर्बाद होने के कारण जन्म ले सकता है। दरअसल शरीर को जब प्रोटीन नहीं मिलता तो वह मसल्स को तोड़कर प्रोटीन लेने की कोशिश शुरू कर देता है। परिणामस्वरूप मसल्स खोने लगती हैं। इससे वजन में गंभीर कमी हो सकती है। बालों का कमजोर होना, टूटना या झड़ना भी इस कमी को दर्शा सकता है। बालों के बनने में चूंकि प्रोटीन का योगदान होता है, ऐसे में बाल इसकी कमी से तकलीफ में आ सकते हैं। इसी तरह नाखूनों की कमजोरी भी प्रोटीन की कमी का संकेत हो सकती है। इसके कारण हाथ पैरों के नाखूनों पर उभार उठना, सफेद लकीरें बनना और नाखूनों का टूटना आदि समस्याएं हो सकती हैं। एडेमा यानी शरीर के कुछ हिस्सों में पानी या द्रव्य का इकठ्ठा हो जाना। यह परेशानी भी प्रोटीन की कमी से हो सकती है, क्योंकि प्रोटीन शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने में मददगार होता है। इसका असर ज्यादातर पैरों, एड़ियों आदि पर दिखाई देता है। मुरझाई हुई स्किन या स्किन पर पड़े रैशेस भी इस कमी से पनप सकते हैं। साथ ही कमजोरी, नींद में असंतुलन, घावों को ठीक होने में देर लगना, बार-बार भूख लगना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, चिड़चिड़ापन और ऊर्जा में कमी, सिरदर्द और चक्कर आना, आदि तकलीफें भी प्रोटीन की कमी से हो सकती हैं। इस तरह पनपती है मुश्किल… प्रोटीन की कमी से होने वाली परेशानियों में सामान्य से लेकर विशेष और गंभीर समस्याएं तक शामिल होती हैं। इसके पीछे कई सारे कारण हो सकते हैं, जैसे डाइट का बैलेंस्ड न होना, प्रोटीन के स्रोत की सही जानकारी न होना तथा किसी विशेष प्रकार की डाइट को ही फॉलो करना, आदि। इन तमाम चीजों से प्रोटीन की कमी पनप सकती है। लोग अक्सर यह सोचते हैं कि प्रोटीन्स की आवश्यकता केवल एथलीट्स या बॉडी बनाने वालों को होती है। जबकि हर सामान्य व्यक्ति को एक निश्चित परिमाण में प्रोटीन की जरूरत होती है। भोजन को बनाएं संतुलित… -प्रोटीन की कमी से बचने के लिए चावल, गेहूं, मक्का, ओट्स आदि साबुत अनाज, सोया, मूंगफली, पालक, मटर, आलू, शकरकंद, डेयरी उत्पाद, फिश, अंडे आदि को अपने भोजन का जरूरी हिस्सा बनाएं। यदि आपको इसके लक्षण ज्यादा तीव्र नजर आ रहे हैं तो डॉक्टर से जांच करवाकर सप्लीमेंट्स और औषधियां भी लें। समय पर इस ओर ध्यान देने से बहुत हद तक समस्या पर काबू पाया जा सकता है।  

स्वाद के साथ सेहत का भी ख्याल रखता है आम

गर्मियों का मौसम यानि कि छुटियों का मौसम और ऐसे में बिना आम के छुटियां और गर्मी स्वादहीन लगती है। गर्मियों में मिलने वाला फलों के राजा आम के खट्टा-मीठा स्वाद सभी को लुभाता है। दरअसल आम सिर्फ स्वाद में ही अच्छा नहीं है बल्कि यह सेहत बनाने का भी काम करता है। इसमें विटामिन प्रोटीन वसा और फाइबर बड़ी मात्रा में पाया जाता है और खनिजों में कैल्शियम सोडियम पोटेशियम और कॉपर भी अच्छी मात्र में पाए जाते है, साथ ही विटामिन ए बी सी भी बहुत्तायत मात्रा में पाए जाते है। तो आइए जानतें हैं आम के कुछ और फायदो के बारे में… 1. ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है आम में प्रचूर मात्रा में विटामिन पाए जाते हैं, जिससे स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है। हाई ब्लड प्रेशर के रोगी के लिए आम एक प्राकृति उपचार है, क्योंकि इसमें पोटेशियम (156 मिलीग्राम में 4 प्रतिशत) और मैग्निशियम (9 मिलीग्राम में 2 प्रतिशत) भारी मात्रा में पाए जाते हैं। 2. कैंसर के खतरे को कम करता है और कोलेस्ट्रोल की मात्रा घटाता है आम में एक घुलनशील आहार संबंधी फाइबर पेक्टिन पाया जाता है। पेक्टिन ब्लड कोलेस्ट्रोल लेवल को कम करने में प्रभावी रूप से कार्य करता है। यह हमें ग्रंथि में होने वाले कैंसर से भी बचाता है। 3. वजन बढ़ाने में मददगार आम का सेवन करना वजन बढ़ाने का सबसे आसान तरीका है। 150 ग्राम आम में करीब 86 कैलोरी ऊर्जा होती है, जो हमारे शरीर द्वारा आसानी से अवशोषित कर ली जाती है। इतना ही नहीं, आम में स्टार्च पाया जाता है, जो सूगर में परिवर्तित होकर अंततः वजन को बढ़ाता है। 4. पाचन प्रक्रिया में सहायक आम अपच और एसीडीटी जैसी समस्याओं को भी दूर करता है। आम में पाए जाने वाले एंजाइम्स भोजन को पचाने में मदद करते हैं। 5. एनीमिया का उपचार जो लोग एनियामा से ग्रसित हैं, उनके लिए आम काफी फायदेमंद होता है। क्योंकि इसमें प्रचूर मात्रा में आइरन पाया जाता है। नियमित और पर्याप्त रूप से आम का सेवन शरीर में खून की मात्रा बढ़ा देता है, जिससे एनीमिया जैसी बीमारी दूर रहती है। 6. गर्मवती महिला के लिए लाभदायक गर्मवती महिला को आयरन की विशेष जरूरत होती है। इसलिए उनके लिए आम काफी लाभदायक होता है। यूं तो डॉक्टर आयरन की गोली लेने की सलाह देते हैं, पर अगर आप चाहें तो आयरन से भरपूर आम के जूस का सेवन भी कर सकते हैं। 7. मुंहासे को रखे दूर आम त्वचा पर होने वाले मंहासे पर भी प्रभावी रूप से असर करता है। यह मुंहासे के बंद पड़े छिद्रों को खोल देता है। एक बार जब यह छिद्र खुल जाते हैं, तो मुंहासों का निर्माण अपने-आप बंद हो जाता है। देखा जाए तो त्वचा के बंद पड़े छिद्रों को खोलना ही मुंहासों से छुटकारा पाने से सबसे अच्छा तरीका है। पर इसके लिए आपको नियमित आम खाने की जरूरत नहीं है। आप आम के गूदे को त्वचा पर लगाएं और 10 मिनट बाद धो लें। 8. समय से पहले बुढ़ापे को रोकता है आम में बड़ी मात्रा में विटामिन ए और विटामिन सी पाए जाते हैं, जो कि शरीर के अंदर कोलाजेन प्रोटीन के निर्माण में सहायक होते हैं। कोलाजेन ब्लड वेसल और शरीर के कनेक्टिव टिशू को सुरक्षित रखता है, जिससे त्वचा की उम्र ढलने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। 9. मस्तिष्क को बनाए स्वस्थ्य आम में विटामिन बी-6 प्रचूर मात्रा में पाया जाता है, जो कि मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है। 10. शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ाता है गाजर की तरह आम में भी बीटा-केरोटीन और कार्टेन्वाइड उच्च मात्रा में पाया जाता है। आम में पाए जाने वाले यह तत्व शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता को बेहतर और मजबूत बनाते हैं। 11. मधुमेह से लड़ता है कुछ अध्ययन से पाया गया कि आम मधुमेह के लिए एक बढिया प्राकृतिक उपचार है। हालांकि इस पर अभी शोध जारी है। पहले लोगों में यह मिथक था कि मीठा होने के कारण मधुमेह के रोगी को आम नहीं खाना चाहिए। पर अब यह सिद्ध हो चुका है कि न सिर्फ आम बल्कि इसकी पत्तियां भी मधुमेह से निजात दिला सकती है। 12. आंखों का भी रखे ख्याल एक कप आम का जूस पीने से हमें एक दिन के लिए जरूरी विटामिन ए का 25 प्रतिशत हिस्सा मिल जाता है। यह आंख की रोशनी को बेहतर बनाता है और रतौंधी व आंख के सूखेपन को भी दूर रखता है। 13. सेक्स को बढ़ाता है आम विटामिन ई का बेहतरीन स्रोत होता है। सेक्स और विटामिन ई के संबंध को सबसे पहले चूहे पर किए गए अध्ययन के द्वारा जाना गया था। बाद में कुछ अन्य शोध से पता चला कि संतुलित और पर्याप्त मात्रा में आम का सेवन सेक्स को बढ़ाता है। 14. लू का करता है उपचार कच्चे आम के जूस को पानी के साथ मिला कर पीने से शरीर में ठंडक रहती है। आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो भूमध्यवर्ती क्षेत्र में सूर्य की तेज रोशनी के कारण शरीर से भारी मात्रा में पसीना निकलता है। इससे लोग जल्दी थक जाते हैं। ऐसे में इस प्रक्रिया से किडनी टॉक्सिन्स से भर जाता है।  

गर्भावस्था के दौरान करें इन बातों पर अमल, रहेंगी एकदम स्वस्थ्य

गर्भावस्था के सुखद और सुंदर पहलू का आंनद आप तभी उठा सकती हैं जब गर्भावस्था के दौरान आप और आपका बच्चा स्वस्थ रहे और यह तभी हो सकता है जब गर्भवती महिला कुछ बातों पर अमल करे। यह देखा गया है कि गर्भावस्था के शुरू के तीन महीनों में कई महिलाओं को जी मचलाने या उल्टी आने की शिकायत होती है। इसके लिए जरूरी है कि आप कुछ बातों का ध्यान दें। सुबह बिस्तर से उठने से पहले ही बिस्किट खा लें। थोड़ी बहुत चाय-कॉफी और हल्का खाना, फल, सलाद खाते रहें। बच्चे के समुचित विकास के लिए मां की खुराक में ज्यादा कैलोरी, प्रोटीन, आयरन और कैल्शियम आवश्यक है। तो जानते हैं गर्भावस्था के दौरान आपको कैसे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना है.. 1. संतुलित आहार का सेवन करें ज्यादातर महिलाएं इन दिनों में अपने खान-पान पर विशेष ध्यान नहीं रख पातीं। जिससे उनके शरीर में लौह तत्व की कमी से एनीमिया होने की संभावना बढ़ जाती है। इससे बचने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, सलाद खाना आवश्यक है। इसके साथ ही खाने में प्रोटीन की आपूर्ति के लिए दाल और अंकुरित अनाज भी खाना आवश्यक है। सोयाबीन भी प्रोटीन का बहुत अच्छा स्रोत है। कैल्शियम के लिए आहार में रोज प्रचुर मात्रा में दूध, दही या मट्ठा होना चाहिए।   2. पूरी नींद लें गर्भावस्था के दौरान समय पर खाना और अपने शरीर को पूर्ण रूप से आराम देने के लिए आपको पूरी नींद का लेना बहुत जरूरी है। हर गर्भवती महिला को अपने शरीर का पूरी तरह से ध्यान देना चाहिए। नींद पूरी हो सके इसके लिए रात में कम से कम आठ घंटे की नींद जरूर लेना चाहिए और इसके साथ ही दिन में भी एक-दो घंटे का आराम समय-समय पर लेना जरूरी होता है।   3. ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं गर्भावस्था के समय शरीर में पानी की कमी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। अपने शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी होता है। इसलिए दिनभर में कम से कम आठ गिलास पानी जरूर पिएं। साथ ही घर में नारियल का पानी व फलों का जूस बना कर भी नियमित अंतराल पर पीती रहें। बाहर का जूस या पानी आदि न पिएं। इंफेक्शन से दूर रहें। 4. थोड़े-थोड़े अंतराल पर खाएं गर्भावस्था के दौरान खाने के लिए किसी भी प्रकार के नखरे ना करते हुए अपनी और होने वाले बच्चे की तंदुरुस्ती के लिए भरपूर पोषण युक्त डाइट लें, क्योंकि उस समय आप का खाया हुआ आहार आपके लिये ही नहीं, बल्कि आपके बच्चे के लिए भी होता है। इसलिए खाने में किसी भी प्रकार की कमी नहीं करनी चाहिए। 5. धूम्रपान और शराब का सेवन ना करें कहते हैं कि बच्चे की पहली पाठशाला उसकी मां होती है और जब बच्चा गर्भ में पल रहा होता है तो हमें अपने आचार-विचार भी बदल लेने चाहिए, क्योंकि इसका सीधा असर हमारे बच्चे पर पड़ता है। इन दिनों में हमारा रहन-सहन, खान-पान, बोल-चाल यहां तक कि हमारी सोच का असर भी हमारे बच्चे पर पड़ता है। इसलिए हमें धूम्रपान और शराब आदि के सेवन से बचना चाहिए। 6. डॉक्टरी जांच समय-समय पर अपनी डॉक्टरी जांच कराते रहें। सबसे पहले तो मासिक धर्म रुकने के तुरंत बाद ही डॉक्टरी जांच करवाकर आप निश्चिंत हो जाएं कि आप गर्भवती हैं। उसके बाद हर महीने के अंतराल में चेकअप करवाते रहना चाहिए क्योंकि बच्चे की ग्रोथ दिन प्रतिदिन बढ़ती है। उसके आकार और वजन की जानकारी लेते रहना चाहिए। फिर इसके बाद नवां महीना लगने पर हर हफ्ते जांच की आवश्यकता होती है। कुल मिलाकर कम से कम दस बार जांच होनी चाहिए। 7. सातवें, आठवें महीनों में रहें सावधान गर्भवती स्त्री के लिए सबसे सावधानी वाला महीना सातवां व आठवां होता है। इन महीनों में सोनोग्राफी से गर्भनाल की स्थिति, शिशु का वजन, बच्चेदानी के अंदर का पानी सभी की जांच करवा लेनी चाहिए, जिससे आने वाली परेशानियो से सही समय पर बचा जा सकता है। 8. व्यायाम करें व्यायाम शरीर के लिए बेहद जरूरी होता है, पर आप जो भी व्यायाम करें वह काफी हल्का हो। इससे शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। शरीर की ऊर्जा और हमारी कार्यक्षमता के साथ-साथ मानसिक दक्षता भी बढ़ती है। योगाभ्यास से ऊर्जा की दिन प्रतिदिन वृद्धि होती है। शरीर के प्रत्येक अंग एवं अवयव ऊर्जावान होते हैं।  

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