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Apple के लेटेस्ट iPhone 16 Plus पर मिल रहा जबरदस्त डिस्काउंट

नई दिल्ली अक्सर लोग पुराने iPhone खरीद कर पैसे बचाने की कोशिश करते हैं। अब इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। क्योंकि Apple के लेटेस्ट iPhone 16 Plus पर जबरदस्त डिस्काउंट मिल रहा है। अगर Flipkart से आप iPhone 16 Plus खरीदते हैं, तो 14,900 रुपये तक की बचत कर पाएंगे। बता दें कि लेटेस्ट मॉडल्स पर आने वाले डिस्काउंट और ऑफर ज्यादा देर के लिए नहीं टिकते। ऐसे में संभव है कि यह ऑफर भी ज्यादा समय तक एक्टिव न रहे। ऐसे में बिना किसी देरी किए जानते हैं कि iPhone की 16 सीरीज का यह Plus मॉडल सस्ते में कैसे खरीदा जा सकता है। ऐसे मिलेगा iPhone 16 Plus पर डिस्काउंट भारत में iPhone 16 Plus 89,900 की कीमत पर लॉन्च हुआ था। इस कीमत पर इसका 128 GB वाला वेरिएंट मिल रहा था। इस पर फ्लिपकार्ट फिलहाल 9,901 रुपये का डिस्काउंट दे रहा है। जिससे इसकी कीमत 79,999 रुपये रह जाती है। इसके अलावा आप किसी भी बैंक के क्रेडिट कार्ड पर 5000 का अतिरिक्त डिस्काउंट पा सकेंगे। याद रहे यह अतिरिक्त डिस्काउंट उन लोगों को मिलेगा जो इसकी फुल पेमेंट करेंगे। EMI पर फोन खरीदने वालों के लिए यह अतिरिक्त डिस्काउंट उपलब्ध नहीं होगा। इसके अलावा अगर आप अपना पुराना फोन ट्रेड इन करते हैं, तो फोन के मॉडल और कंडीशन के हिसाब से अतिरिक्त डिस्काउंट पा सकेंगे। iPhone 16 Plus के फीचर्स इस डिस्काउंट के चलते अगर आप फोन खरीदने का मन बना रहे हैं, तो इसके फीचर्स भी जान लीजिए। iPhone 16 Plus में ऐपल ने 6.7 इंच की Super Retina XDR डिस्प्ले, Dynamic Island, True Tone और 2000 निट्स की पीक ब्राइटनेस दी है। यह फोन आपको 8GB RAM और 128, 256 और 512GB के स्टोरेज ऑप्शन के साथ मिलेगा। इसमें 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा मिलेगा। यह OIS के सात आता है। इसके अलावा इसमे 12 मेगापिक्सल का एक अल्ट्रावाइड कैमरा दिया गया है। इसके अलावा फोन में Apple AI और कैमरा बटन और एक्शन बटन मिल जाता है। इस बात का रखें ध्यान बता दें कि कई प्रीमियम फोन्स की तरह इस फोन के साथ भी चार्जर नहीं मिलता है। फोन के बॉक्स में आपको एक चार्जिंग केबल और पेपरवर्क मिलेगा। ऐसे में फोन के चार्जर पर आपको अलग से खर्च करना होगा। हमारी सलाह है कि अच्छे बैटरी बैकअप और बैटरी हेल्थ को बेहतर रखने के लिए ओरिजनल Apple चार्जर का इस्तेमाल करें।

इन आदतों को लाइफ में करें शामिल, सफलता मिलने से कोई नहीं रोक पाएगा

हर इंसान अपने करियर में सफल होना चाहता है। खुश रहना चाहता है और अपने सारे लक्ष्यों को पूरा करना चाहता है। लेकिन अपने लक्ष्यों को पाने का रास्ता कहां से शुरू होगा। इसके बारे में नहीं जानता। अगर आपको लाइफ में सक्सेज, हैप्पीनेस चाहिए। तो सबसे पहले इन 6 आदतों को अपनी डेली लाइफ का हिस्सा बनाएं। ये आपको आगे बढ़ने के लिए सही मार्गदर्शन करेंगे। खुद का आंकलन करें सबसे पहले अपना आंकलन करें। खुद के विचारों, भावनाओं और अनुभवों की मदद से सीखें और पर्सनल ग्रोथ करें। जब आप अपने एक्सपीरिएंस से सीखते हैं तो दिमाग में अपने लक्ष्यों के प्रति ज्यादा क्लियर हो जाते हैं। आपको अपनी कमियों और खूबियों के बारे में पता चलता है। इसके साथ ही आप उन कमियों को दूर करने की कोशिश में लग जाएं। किताबें पढ़ें किताबें पढ़ना अच्छी हैबिट के साथ ही पर्सनल ग्रोथ के लिए भी जरूरी है। सेल्फ हेल्प, मोटिवेशन, गाइडेंस से जुड़ी बुक्स पढ़ें या फिर कोई नॉवेल। डेली रूटीन में बुक्स पढ़ने से स्ट्रेस कम होता है बल्कि आपकी नॉलेज भी दिन पर दिन ज्यादा होती जाती है। बुक रीडिंग की आदत आपके पर्सनल ग्रोथ में मदद करती है। भगवान को धन्यवाद देना ना भूलें प्रैक्टिस ग्रैटीट्यूड मतलब जो कुछ भी आपके पास अभी है। उसके लिए भगवान को थैंक्स कहना ना भूलें। जब आप अपने आसपास की अच्छी चीजों पर फोकस करते हैं तो माइंड में पॉजिटिव वाइब्स बनती है और आप खुश रहते हैं। ऐसा करने से स्ट्रेस, डिप्रेशन जैसी समस्या भी खत्म होने लगती है। मेडिटेशन करें मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने से ना केवल फिजिकल हेल्थ अच्छी होती है। बल्कि ये मेंटल हेल्थ पर भी असर डालती है। साथ ही आपकी मेमोरी और ब्रेन पावर बूस्ट होती है। जिससे आपकी समझने की क्षमता भी बढ़ती है। लक्ष्य तय करें और टाइम मैनेजमेंट इन सारी आदतों को अपनाने के बाद आप अपने लक्ष्यों को जब सेट करते हैं तो उन्हें पूरा करना आसान होता है। साथ ही अपने गोल्स को पूरा करने के लिए टाइम मैनेजमेंट करें। हॉबी जरूर पूरी करें अपने गोल्स को पूरा करने के बीच खुद के लिए टाइम निकालें और अपनी हॉबी को पूरा करें। इससे आपको खुशी मिलती है और आप रिलैक्स महसूस करते हैं।

ये संस्कृत सूक्तियां, देती हैं जीवन जीने की सीख

लाइफ को कैसे जिया जाए कि इंसान खुश, कामयाब और स्वस्थ रह सके। इसके लिए आजकल लोग सोशल मीडिया पर और गूगल पर सर्च करते हैं। और कई सारे आध्यात्मिक गुरुओं का चक्कर लगाते हैं। लेकिन जीवन को सक्सेजफुली और हैप्पी तरीके से जीने की सीख हमारे वेद-पुराणों में लिखी गई है। जिसे अक्सर आध्यात्मिक गुरु भी बताते हैं। साथ ही इस बात की सीख हमें स्कूल में भी दी जाती है। संस्कृति की कुछ सूक्तियां जो वेदों-उपनिषदों में विद्वानों ने लिखी हैं। अगर उनका मतलब समझ लें तो लाइफ को जीना आसान हो जाएगा और बहुत सारे दुखों से छुटकारा भी मिल जाएगा। सूक्ति- सहसा विदधीत न क्रियाम्। अर्थ- इस सूक्ति में बताया गया है कि कभी भी किसी भी काम को बिना सोच-विचार के नहीं करना चाहिए। इससे फायदा कम और नुकसान होने की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए जब भी किसी नए काम को शुरू करें तो उसके भावी परिणाम के बारे में विचार जरूर कर लें। सूक्ति- अशांतस्य कुत: सुखम्। अर्थ- इस सूक्ति का बहुत ही गहरा अर्थ है। अगर आप मानसिक रूप से अस्तव्यस्त और अशांत रहते हैं। मन में विचारों की लहर चलती रहती है और आप एकचित्त नहीं रह पाते हैं तो ऐसे इंसान को कभी भी सुख नहीं मिलता है। अगर आप सुखी जीवन जीना चाहते हैं तो हमेशा मन को शांत करें। तभी सुख का अनुभव होगा। सूक्ति- अनार्य: परदारव्यवहार:। अर्थ– जीवन में सदाचार जिसे अंग्रेजी में मोरैलिटी भी कहते हैं। बहुत जरूरी है नैतिकता होना ही लाइफ में सक्सेज की निशानी भी है। संस्कृत की ये सूक्ति कहती है कि पराई स्त्री के विषय में बात करना भी अपराध के समान है। सूक्ति- अनुलड़्घनीय: सदाचार:। अर्थ- हमेशा अच्छे विचारों और अच्छे कामों को करना चाहिए। सदाचार का कभी उल्लड़्घन नहीं करना। सूक्ति- अनतिक्रमणीया नियतिरिति। अर्थ– अक्सर विद्वान कहते हैं कि नियति हर इंसान की अलग-अलग होती है। इसे कोई नहीं टाल सकता। इसलिए जब लाइफ आपके अनुसार ना चल रही हो तो उसे नियति मानकर शांत रहना चाहिए और घबराना नहीं चाहिए। सूक्ति- न वित्तेन तर्पणीयो मनुष्य। अर्थ- मनुष्य धन की इच्छा से कभी तृत्प नहीं होता, उसका लालच बढ़ता जाता है। इसलिए धन के पीछे भागने की गलती नहीं करनी चाहिए बल्कि अपने कर्मों को स्ट्रांग बनाना चाहिए। सूक्ति- विभूषणं मौनमपण्डितानाम्। अर्थ- अक्सर विद्वान कहते हैं कि मूर्खों के लिए मौन रहना ही सबसे बेहतर होता है। इसका मतलब है कि कभी भी किसी के साथ बहस में जीतने की बजाय चुप रह जाना ज्यादा अच्छा होता है।

इंजेक्शन, टैबलेट या फिर लिक्विड…शरीर में दवा पहुंचाने का क्या है सबसे सही तरीका?

medication into the body

injection tablet or liquid what is the fastest way to get medication into the body Way to Get Medication into the Body : किसी भी व्यक्ति के बीमार पड़ने पर डॉक्टर उनकी स्थिति के हिसाब से उन्हे दवाएं देते हैं. डॉक्टर अपने मरीजों को दवाएं कई रूपों में देते हैं, जिसमें टैबलेट, कैप्सूल, लिक्विड सिरप, इंजेक्शन या फिर इन्हेलर जैसे अन्य विकल्प होते हैं. अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि इनमें से किस तरह की दवाएं सबसे अधिक असरदार होती हैं? तो आपको बता दें कि इसका जवाब इस पर निर्भर करता है कि आपको किस तरह की समस्या हुई है और आपकी स्थिति कितनी गंभीर है. आइए जानते हैं इस बारे में- टैबलेट और कैप्सूल टैबलेट और कैप्सूल सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला तरीका है. इन्हें लेना आसान होता है, ये लंबे समय तक स्टोर की जा सकती हैं और कम खर्चीली भी होती हैं. हालांकि, इन्हें पचने और खून में घुलने में समय लगता है, इसलिए ये उन बीमारियों में दी जाती हैं जिनमें तुरंत असर की जरूरत नहीं होती, जैसे – सामान्य बुखार, दर्द, एलर्जी, ब्लड प्रेशर इत्यादि स्थितियों में टैबलेट और कैप्सूल जैसी दवाएं दी जाती हैं. लिक्विड जिन मरीजों के निगलने की क्षमता कम होती है, जैसे- छोटे बच्चे या बुजुर्ग, उन्हें दवाएं लिक्विड दी जाती हैं. लिक्विड में मिलने वाली दवाएं जल्दी अवशोषित होती हैं और स्वाद के अनुसार बनाई जाती हैं. पर इनकी मात्रा का सही निर्धारण जरूरी होता है. इंजेक्शन किसी भी मरीज को इंजेक्शन तब दिया जाता है, जब दवा को शरीर में तुरंत पहुंचाना होता है. इंजेक्शन सबसे सबसे प्रभावी तरीका होता है. ये सीधे खून में (IV), मांसपेशी (IM) या स्किन के नीचे (SC) दिए जाते हैं. इंजेक्शन गंभीर संक्रमण, एलर्जी रिएक्शन या सर्जरी के समय इसका इस्तेमाल किया जाता है. मुख्य रूप से तेज बुखार, डिहाइड्रेशन, गंभीर संक्रमण, डायबिटीज (इंसुलिन) जैसी स्थितियों में दिया जाता है. सबसे सही तरीका कौन सा है? दवाएं देने का कोई सही तरीका नहीं होता है. यह पूरी तरह इस पर निर्भर करता है कि बीमारी की गंभीरता क्या है? दवा कितनी जल्दी असर दिखानी चाहिए? मरीज की उम्र और शारीरिक स्थिति क्या है? हर दवा देने का तरीका अपनी जगह सही होता है. डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार सबसे उपयुक्त तरीका चुनते हैं. खुद से दवाओं का रूप या तरीका बदलना खतरनाक हो सकता है, इसलिए हमेशा चिकित्सक की सलाह लेना ही सबसे सही तरीका है.

Haier ने लॉन्च की Gravity AC सीरीज, मात्र 10 सेकंड्स में मिलेगी सुपरसोनिक कूलिंग

Haier ने भारतीय बाजार में ग्रैविटी सीरीज के AC लॉन्च कर दिए हैं. ये 5-स्टार रेटिंग वाले एयर कंडीशनर हैं, जो AI फीचर्स के साथ आते हैं. इसमें AI क्लाइमेट कंट्रोल और प्रीमियम फैब्रिक फिनिश मिलती है. वैसे तो मार्केट में मार्बल फिनिश, मिरर फिनिश जैसे कई ऑप्शन मिलते हैं, लेकिन फैब्रिक फिनिश नया है. फैब्रिक फिनिश की वजह से आपको कई कलर का विकल्प मिलता है. इस AC रेंज को आप मॉर्निंग मिस्ट, गैलेक्सी स्टेल और एक्वा ब्लू जैसे कलर ऑप्शन में खरीद सकते हैं. आइए जानते हैं AC की कीमत और फीचर्स. मिलते हैं कमाल के फीचर्स ग्रैविटी सीरीज में AI क्लाइमेट असिस्टेंट टेक्नोलॉजी मिलती है, जो यूजर की प्राथमिकताओं को समझता है. यूजर की जरूरत और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर ये AC ऑटोमेटिक कूलिंग एडजस्ट करता है. कंपनी की मानें, तो सिस्टम रियल टाइम में इन-डोर और आउटडोर कंडीशन को समझकर कूलिंग करता है. इसकी वजह से यूजर्स को मैन्युफली एडजस्टमेंट नहीं करने होते हैं. AI इलेक्ट्रिसिटी मॉनिटरिंग का फीचर भी इसमें मिलता है, जो HaiSmart ऐप पर यूजर्स को AC यूज की पूरी जानकारी देता है. यहां आपको पता चलेगा कि आपका AC कितनी बिजली इस्तेमाल कर रहा है. इसके अलावा Supersonic Cooling का फीचर भी आपको Haier Gravity AC में मिलता है. कंपनी का कहना है कि इस फीचर की वजह से सिर्फ 10 सेकंड्स में AC का कंप्रेसर एक्टिव हो जाता है. इसके अलावा नए एयर कंडीशनर में AI ECO मोड मिलता है, जो पावर ऑप्टमाइजेशन के लिए यूज पैटर्न से सीखता है. कितनी है कीमत? Haier Gravity सीरीज AC की कीमत 51,990 रुपये से शुरू होती है. इसे आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही प्लेटफॉर्म्स से खरीद सकेंगे. ये AC प्रमुख रिटेल शॉप्स पर उपलब्ध होगा. कंपनी ने बताया है कि ये AC टर्बो मोड में 20-मीटर तक एयर थ्रो करता है. इसमें हेक्सा इन्वर्टर टेक्नोलॉजी मिलती है.  

गडरा कांड के बाद आईजी रीवा गौरव सिंह राजपूत ने तत्काल प्रभाव से मऊगंज एसडीओपी अंकिता शुल्या का स्थानांतरण किया

रीवा रीवा जिले में गडरा कांड के बाद पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। इस कांड के बाद पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रीवा गौरव सिंह राजपूत ने तत्काल प्रभाव से मऊगंज एसडीओपी अंकिता शुल्या का स्थानांतरण कर उन्हें आईजी ऑफिस में अटैच कर दिया है। उनके स्थानांतरण के बाद मऊगंज एसडीओपी का पद रिक्त हो गया था, जिसे देखते हुए डीएसपी हेड क्वॉर्टर हिमाली पाठक को मऊगंज एसडीओपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। हिमाली पाठक अब मऊगंज सर्कल के अंतर्गत आने वाले सभी थाना क्षेत्रों की निगरानी करेंगी और कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाएंगी। उनके पास पहले से डीएसपी हेड क्वॉर्टर का कार्यभार है। ऐसे में अतिरिक्त प्रभार के साथ उनका कर्तव्य और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। सूत्रों के अनुसार, गडरा कांड के बाद क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे, जिस पर संज्ञान लेते हुए आईजी ने त्वरित कार्रवाई की। अंकिता शुल्या को हटाने का निर्णय इसी क्रम में लिया गया। हालांकि, अब हिमाली पाठक जैसे अनुभवी अधिकारी की तैनाती से पुलिस प्रशासन को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हिमाली पाठक को उनकी सख्त कार्यशैली और प्रशासनिक सूझबूझ के लिए जाना जाता है। उनके कार्यभार संभालने के बाद मऊगंज क्षेत्र में पुलिसिंग व्यवस्था में मजबूती और पारदर्शिता आने की संभावना है। मऊगंज जैसे संवेदनशील इलाके में यह बदलाव आमजन की सुरक्षा और विश्वास बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस विभाग द्वारा यह संकेत भी दिया गया है कि आने वाले समय में और भी प्रशासनिक फेरबदल संभव हैं, ताकि कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखा जा सके।

S26 Ultra से S Pen हटा सकता है Samsung!

नई दिल्ली सैमसंग ने इस साल अपना फ्लैगशिप स्मार्टफोन Samsung Galaxy S25 Ultra लॉन्च किया था। यह अपने पिछले मॉडल के मुकाबले एक माइनर अपग्रेड था। अब रिपोर्ट्स निकल कर आ रही हैं कि अगले साल आने वाले Samsung Galaxy S26 Ultra में सैमसंग कुछ ऐसा कर सकता है जो शायद लोगों का पसंद न आए। दरअसर कुछ लीक्स निकल कर आए हैं कि सैमसंग S26 Ultra में S Pen न देने पर विचार कर रहा है। बता दें कि इस साल लॉन्च हुए S25 Ultra के S Pen से भी सैमसंग ने ब्लूटूथ फंक्शनैलिटी को हटा दिया था। क्या दावा कर रही हैं रिपोर्ट्स जब सैमसंग ने इस साल के S25 Ultra के S Pen से ब्लूटुथ फंक्शनैलिटी को हटाया था, तो इंटरनेट पर लोगों ने काफी नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद कहा जा रहा था कि सैमसंग अपने अगले मॉडल में ब्लूटूथ फंक्शनैलिटी को वापस ला सकता है। हालांकि अब सामने आ रही रिपोर्ट्स कुछ और ही दावा कर रही हैं। बताया जा रहा है कि सैमसंग अपने अगले फ्लैगशिप से S Pen को हटा कर फोन की बैटरी 7000mah करने पर विचार कर रहा है। S Pen को मिलेगी नई जगह! रिपोर्ट्स में बताया गया है कि सैमसंग अगले फ्लैगशिप में बैटरी कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए S Pen की जगह बदल सकता है। हो सकता है कि S26 Ultra में S Pen फोन के पीछे मैगनेट्स की मदद से अटैच किया जा सके। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में यह भी आया है कि S26 Ultra में S Pen के लिए खास तरह का फोन कवर भी आ सकता है। यह सैमसंग की फोल्ड सीरीज के जैसा हो सकता है। जिसमें S Pen के लिए एक खास तरह का फोन कवर सैमसंग लेकर आता है। बड़ी बैटरी या S Pen? इस बात में दो राय नहीं है कि अगर S26 Ultra में 7000mah की बैटरी मिलती है, तो फोन का बैट्री बैकअप कमाल का होगा। इसकी बड़ी वजह फोन में इस्तेमाल होने वाला फ्लैगशिप प्रोसेसर भी होगा। फ्लैगशिप प्रोसेसर कम बैट्री खर्च करते हैं और बड़ी बैट्री के साथ ये कॉम्बीनेशन अच्छा रह सकता है। हालांकि इस बात को लेकर संशय है कि सैमसंग के फ्लैगशिप को पसंद करने वाले लोग S Pen के बिना इसे कितना पसंद करेंगे। बता दें कि S Pen सैमसंग के फ्लैगशिप की पहचान रही है। पहले सैमसंग की नोट सीरीज में S Pen देखने को मिलता था। बाद में सैमसंग ने इसे अपनी फ्लैगशिप S सीरीज के अल्ट्रा मॉडल के साथ देना शुरू कर दिया।

स्किन केयर प्रॉडक्ट लगाने का भी होता है अपना एक तरीका

रात में जब बात स्किन केयर की होती है तो शुरूआत हमेशा क्लीजिंग से होनी चाहिए। इस दौरान स्किन को डबल क्लीजिंग की जरूरत होती है ताकि स्किन में मौजूद सभी तरह की धूल मिट्टी, गंदगी व मेकअप को दूर किया जा सके। हर व्यक्ति अपनी त्वचा की देखभाल के लिए कुछ स्किन केयर प्रॉडक्ट का इस्तेमाल करता ही है लेकिन क्या आप जानती है कि इन्हें प्रयोग करने का भी अपना एक तरीका होता है। यह ठीक वैसे ही है, जैसे आप खाने की शुरूआत मीठे से नहीं करते, बल्कि उसका भोजन के अंत में खाया जाता है। खासतौर से, अगर आप रात में स्किन केयर प्रॉडक्ट का इस्तेमाल कर रही हैं तो पहले उसे लगाने का सही तरीका जानना बेहद आवश्यक है। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में… डबल क्लीजिंग रात में जब बात स्किन केयर की होती है तो शुरूआत हमेशा क्लीजिंग से होनी चाहिए। इस दौरान स्किन को डबल क्लीजिंग की जरूरत होती है ताकि स्किन में मौजूद सभी तरह की धूल मिट्टी, गंदगी व मेकअप को दूर किया जा सके। सबसे पहले आप ऑयल बेस्ड क्लींजर की मदद से स्किन की सारी गदंगी को साफ करें और फिर अंत में वॉटर बेस्ड क्लींजर से स्किन को साफ करना अच्छा रहता है।   टोनर क्लीनिंग के बाद बारी है टोनर की। इसके जरिए आप अपने पोर्स को बंद करने के साथ−साथ स्किन को एक्सफोलिएट करती हैं व डेड स्किन सेल्स से भी निजात पाती हैं। आप स्किन पर टोनर लगाएं और फिर कुछ देर उसे अब्जार्ब होने दें। उसके बाद अगले स्टेप पर जाएं।   आई क्रीम आपकी स्किन के साथ आंखों के आसपास की त्वचा को भी देखभाल की आवश्यकता होती है। इसके लिए आप अपनी दो उंगलियों में आई क्रीम लेकर आंखों के आसपास की त्वचा पर धीरे से मालिश करें। इसके बाद कुछ देर तक उसे स्किन में गहराई तक समा जाने का इंतजार करें। स्पॉट टीटमेंट क्रीम चूंकि रात में आपकी स्किन खुद ही रिपेयरिंग मोड पर होती है और अगर इस समय स्पॉट टीटमेंट क्रीम का इस्तेमाल किया जाए तो कई तरह के दाग−धब्बों आदि से छुटकारा मिलता है। वैसे जिन महिलाओं के चेहरे पर धब्बे या निशान हैं, उन्हें स्पॉट टीटमेंट क्रीम का इस्तेमाल दिन में दो बार अवश्य करना चाहिए। नाइट क्रीम अंत में बारी आती है नाइट क्रीम की। इसके लिए आप जेल आधारित, हल्का व हाइडेटिंग क्रीम का चयन करें। यह न केवल स्किन में जल्दी अवशोषित होता है, बल्कि रात में आपकी त्वचा की नमी को भी बनाए रखता है। अगर इस तरह की नाइट क्रीम का प्रयोग नियमित रूप से किया जाता है तो कुछ ही दिनों में स्किन में काफी अंतर नजर आता है।  

मुश्किल है लेकिन ये 7 हुनर सीख लिये तो सफलता आपके कदम चूमेगी

इंसान को सीखना कभी भी बंद नहीं करना चाहिए. सीखते रहने से आप नई चीजें तो जानते ही हैं, साथ ही खुद को बेहतर भी बनाते हैं, जो आपको भविष्य में फायदा दे सकता है. इसी कड़ी में कुछ स्किल्स भी शामिल हैं, जिन्हें सीखना हर किसी के लिए आसान नहीं होता लेकिन अगर कोई उन्हें सीख ले तो वे उसे हमेशा फायदा देते हैं. फिर चाहे बात करियर की हो या फिर जिंदगी के पड़ावों की. बिजनेस मैगजीन फोर्ब्स की एक रिपोर्ट में ऐसे ही 7 स्किल्स का जिक्र है. आइए बताते हैं इन स्किल्स के बारे में… कब रहना है चुप हर इंसान कभी न कभी किसी न किसी बात पर गुस्सा होता है या किसी बहस में पड़ता है. ऐसे में अक्सर ऐसी स्थिति आती है, जब हमारा खुद पर कंट्रोल नहीं रहता है और हम अपना गुस्सा या गुबार निकाल देते हैं. लेकिन हर जगह और हर बार ऐसा करना सही नहीं है. इससे आपके संबंध खराब हो सकते हैं. इसलिए कब चुप रहना है और कब आवाज बुलंद करनी है, इसका पता होना जरूरी है. साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि जब हम खुद के लिए स्टैंड ले रहे हों तो शब्दों और आवाज पर कैसे कंट्रोल रखा जाए. इमोशनल इंटेलीजेंस इमोशनल इंटेलीजेंस (ईक्यू) व्यवहार को मैनेज करने के तरीके, सामाजिक जटिलताओं को संभालने और पॉजिटिव रिजल्ट देने वाले फैसलों को प्रभावित करती है. ईक्यू अपने अंदर के और दूसरों के इमोशंस को पहचानने और समझने की योग्यता है. इससे आपको इमोशंस को लेकर आई अवेयरनेस का इस्तेमाल कर अपने व्यवहार और संबंधों को मैनेज करने में मदद मिलती है. दशकों की रिसर्च के बाद सामने आया है कि इमोशनल इंटेलीजेंस स्टार परफॉरमर्स बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. टाइम मैनेजमेंट टाइम मैनेजमेंट एक महत्वपूर्ण स्किल है, जो न केवल करियर में बल्कि पूरी जिंदगी फायदा देता है. टाइम मैनेजमेंट से अर्थ है कि हर काम अपने सही वक्त से हो जाए. टाइम मैनेजमेंट सीखना आपको हाईएस्ट लेवल की परफॉरमेंस तक ले जाता है. दूसरों को सुनना कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो अपनी बात तो रख देते हैं लेकिन जब दूसरों के कहने का नंबर आता है तो या तो उन्हें सुनना पसंद ही नहीं करते या फिर उनकी बातों पर ध्यान नहीं देते. वास्तव में सुनने से मतलब है कि हम सामने वाले की कही गई बात पर ध्यान दें और केवल अपनी कहने पर न लगे रहें. ‘न’ कहना न कहना कई लोगों के लिए सबसे मुश्किल स्किल है. सैन फ्रांसिस्को की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में हुई रिसर्च के मुताबिक आपको न कहने में जितनी ज्यादा कठिनाई होती है, आप उतना ही स्ट्रेस, गुबार फील करते हैं. यहां तक कि कुछ लोग डिप्रेशन में भी चले जाते हैं. इसलिए इन्सान को न कहना भी आना चाहिए, साथ में यह भी इसे सही वक्त और सही जगह पर कहा जाए. इससे आप गैर—जरूरी बोझ से फ्री रहते हैं और अपने वक्त व एनर्जी को जिंदगी की जरूरी चीजों के लिए रख सकते हैं. उम्दा नींद सभी जानते हैं कि अच्छी नींद दिमाग के लिए अच्छी है. हाल ही में University of Rochester की एक स्टडी में पाया गया कि जब आप सोते हैं तो दिमाग हानिकारक प्रोटीन्स को रिमूव करता है. ये प्रोटीन आपके जागते रहने के दौरान की गई न्यूरल एक्टिविटीज से बनते हैं. लेकिन ये प्रोटीन उचित रूप से तभी खत्म होते हैं, जब आप उम्दा नींद यानी सही मात्रा में नींद लेते हैं. अगर ऐसा नहीं होता तो ये हानिकारक प्रोटीन ब्रेन सेल्स में रह जाते हैं और आपके सोचने की क्षमता को प्रभावित करते हैं. इससे परेशानियां हल करने की आपकी योग्यता कम हो जाती है, क्रिएटिविटी खत्म होने लगती है और इमोशनल रिएक्टिविटी बढ़ जाती है. पॉजिटिव रहना पॉजिटिविटी आपको हर तरह की चुनौती से निपटने में मदद करती है. हालांकि कभी—कभी कुछ स्थितियों में पॉजिटिव सोच रखना मुश्किल हो जाता है लेकिन फिर भी कोशिश करनी चाहिए. इससे संघर्ष करने की क्षमता में इजाफा होता है. पॉजिटिव रहने के लिए फोकस और अटेंशन की जरूरत होती है.  

सेहत के लिए वरदान से कम नहीं है जौ

जौ ऐसा अनाज है, जिसके सेवन से हमारे शरीर को कई पोषक तत्व तो मिलते ही हैं। साथ ही ये हमें कई बीमारियों से भी बचाता है। जौ, गेहूं की ही जाति का एक अनाज है, लेकिन ये गेहूं की अपेक्षा हल्का और मोटा अनाज है। जौ में मुख्य रूप से लैक्टिक ऐसिड, सैलिसिलिक ऐसिड, फास्फोरिक ऐसिड, पोटेशियम और कैल्शियम उपलब्ध होता है। आइए जानते हैं जौ के फायदे। मोटापा खत्म करे 95 प्रतिशत लोग मोटापे की समस्या से परेशान रहते हैं। जौ के सत्तू और त्रिफला के काढ़े में शहद मिलाकर पीने से मोटापा समाप्त हो जाता है। इसके अलावा जो व्यक्ति कमजोर हैं, वे जौ को दूध के साथ खीर बना कर खाने से मोटे हो जाते हैं। रंग निखारता है जौ सिर्फ आंतरिक ही नहीं, बल्कि बाहरी रूप से भी लाभकारी है। ये रंग को निखारने के लिए वरदान है। जौ का आटा, पिसी हुई हल्दी और सरसों के तेल को पानी में मिलाकर लेप बना लें। रोजाना शरीर में इसका लेप करके गर्म पानी से नहाने से रंग निखरता है। शुगर करे नियंत्रित शुगर को अगर धीमी मौत कहें तो कुछ गलत नहीं होगा। ये बीमारी लोगों की लाइफस्टाइल पर निर्भर करती है। इसलिए इस बीमारी से छुटकारे के लिए आपको हेल्दी डाइट लेने की जरूरत है। शुगर के रोगी जौ के आटे की रोटी और सत्तू बनाकर खा सकते हैं। जौ के आटे में चने का आटा मिलाकर भी खाया जा सकता है। पथरी में आराम खराब और दूषित खानपान के चलते अधिकतर लोग पथरी की समस्या से परेशान रहते हैं। इस बीमारी से पीड़ित लोग जौ को पानी में उबालें। इसे ठंडा करने के बाद रोज 1 ग्लास पिएं। ऐसा नियमित करने से पेट की पथरी गलती है। इसके अलावा ऐसे लोग जौ की रोटी या सत्तू भी ले सकते हैं।  

वर्ल्ड हेल्थ डे: दुनिया में तनाव एक आम समस्या, ऐसे करें दूर

आज की तेजी से भागती दुनिया में तनाव एक आम समस्या बन चुका है। काम का दबाव, पारिवारिक जिम्मेदारियां, आर्थिक चिंताएं और सोशल मीडिया का प्रभाव- ये सभी हमारी मेंटल हेल्थ पर नकारात्मक असर डालते हैं। लेकिन अगर स्ट्रेस को सही तरीके से मैनेज किया जाए, तो हम अपनी मेंटल हेल्थ को बेहतर बना सकते हैं। आइए वर्ल्ड हेल्थ डे  2025 के मौके पर जानते हैं 5 स्ट्रेस मैनेजमेंट टिप्स , जो आपको शांत और पॉजिटिव बनाए रखने में मदद करेंगे। स्ट्रेस कम करने के 5 टिप्स नियमित एक्सरसाइज और योग फिजिकल एक्टिविटीज स्ट्रेस को कम करने का सबसे अच्छा तरीका हैं। एक्सरसाइज करने से एंडोर्फिन हार्मोन निकलता है, जो मूड को अच्छा बनाता है। रोजाना 30 मिनट की वॉक, जॉगिंग, साइक्लिंग या योग करने से तनाव कम होता है। योगासन जैसे शवासन, बालासन और प्राणायाम (भस्त्रिका, अनुलोम-विलोम) मन को शांत करने में मदद करते हैं। पूरी नींद लें नींद और मेंटल हेल्थ का गहरा कनेक्शन है। कम सोने से चिड़चिड़ापन, एंग्जाइटी और डिप्रेशन बढ़ सकता है। अच्छी नींद के लिए-     रात को सोने से पहले मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल कम करें।     सोने का एक समय तय करें।     कैफीन और ज्यादा तला-भुना व मसाले वाला खाना खाने से परहेज करें।     सोने से पहले हल्का म्यूजिक सुनें या मेडिटेशन करें। माइंडफुलनेस और मेडिटेशन माइंडफुलनेस का मतलब है वर्तमान में जीना। अक्सर हम बीते समय की गलतियों या भविष्य की चिंताओं में उलझे रहते हैं, जिससे तनाव बढ़ता है। मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज से मन शांत होता है। रोजाना 10-15 मिनट ध्यान लगाने से मेंटल क्लैरिटी बढ़ती है और स्ट्रेस लेवल कम होता है। हेल्दी डाइट और हाइड्रेशन हमारा खानपान सीधे हमारी मेंटल हेल्थ पर असर डालता है। जंक फूड, ज्यादा शुगर और प्रोसेस्ड फूड स्ट्रेस बढ़ाते हैं। इनके बजाय-     फल, सब्जियां, नट्स और ओमेगा-3 से भरपूर डाइट लें।     ग्रीन टी या हर्बल टी पिएं, जो एंग्जाइटी कम करती है।     दिनभर में भरपूर मात्रा में पानी पीते रहें, क्योंकि डिहाइड्रेशन से थकान और चिड़चिड़ापन हो सकता है। सोशल सपोर्ट और हॉबीज अकेलापन तनाव को बढ़ाता है। दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताने से इमोशनल सपोर्ट मिलता है। इसके अलावा, अपनी पसंदीदा हॉबीज जैसे पेंटिंग, गार्डनिंग, डांसिंग या म्यूजिक सुनने में समय बिताएं। ये एक्टिविटीज दिमाग को पॉजिटिव एनर्जी देती हैं।

हार्ट अटैक वैश्विक स्तर पर बढ़ती स्वास्थ्य समस्या है, जो समय के साथ अब स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता बनी : डॉक्टर

नई दिल्ली हार्ट अटैक के जोखिम बढ़ने के बारे में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ नरेंद्र एन. सिंह बताते हैं, हॉस्पिटल में आ रहे हार्ट अटैक के मामलों को देखें तो पता चलता है कि इसके लिए कोई एक कारण जिम्मेदार नहीं है। अपनी सेहत को लेकर अलर्ट रहें और डॉक्टर की सलाह पर नियमित अंतराल पर फुल बॉडी चेकअप जरूर कराते रहें। हार्ट अटैक वैश्विक स्तर पर बढ़ती स्वास्थ्य समस्या है, जो समय के साथ अब स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का कारण बनती जा रही है। ये अब सिर्फ उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या नहीं रह गई है, कम उम्र के लोग (यहां तक कि 20 से भी कम उम्र में) भी हार्ट अटैक का शिकार देखे जा रहे हैं। हाल ही के दो मामलों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या ये समस्या महामारी का रूप ले लेगी? पहला मामला मध्यप्रदेश के इंदौर का है। यहां द्वारकापुरी क्षेत्र में एक 18 साल के युवक की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। रात को उसे सीने में तेज दर्द उठा और घबराहट महसूस हुई। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मेडिकल रिपोर्ट में मौत की वजह हार्ट अटैक बताई। परिजनों बताया कि रामनवमी की पूर्व संध्या पर घर में पूजा रखी थी। अर्जुन भी उसमें शामिल हुआ था। रात तक वह सामान्य नजर आ रहा था, लेकिन रात ढाई बजे वह जागा और सीने में दर्द की बात करने लगे। कुछ देर बाद वह बेहोश हो गया था। दूसरा मामला महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के शिंदे कॉलेज का है जहां फेयरवेल के दौरान मंच पर स्पीच दे रही 20 वर्षीय छात्रा की अचानक गिरने के बाद मौत हो गई। वायरल वीडियो में वर्षा स्पीच दे रही होती है लेकिन कुछ ही पलों में मंच पर गिर जाती हैं। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया, मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों ने डराया पिछले कुछ वर्षों के डेटा पर नजर डालें तो पता चलता है कि खेलते-दौड़ते, ऑफिस में आराम से काम करते-करते कई लोगों की हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट से मौत हुई है। आश्चर्यजनक रूप से इसमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी है जिनकी उम्र 30 से कम है। जब भी बात हृदय को स्वस्थ रखने की आती है तो लोगों को आहार को ठीक रखने और नियमित व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। हालांकि पिछले दिनों में कुछ ऐसी भी खबरें सामने आईं जिसमें नियमित योग करने वाले और शारीरिक रूप से फिट रहने वाले खिलाड़ियों को भी हार्ट अटैक हुआ।   फिटनेस को लेकर अलर्ट रहने वालों में हार्ट अटैक के बढ़ते मामले मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध योग गुरु और वरिष्ठ पशु चिकित्सक डा. पवन सिंहल की हाल ही में साइलेंट हार्ट अटैक से मौत हो गई। डॉ. पवन सिंहल अपनी सादगी और स्वस्थ जीवन शैली के लिए मशहूर थे। डॉ. सिंहल ने वर्ष 2022 में 11 घंटे में 100 किमी की दौड़ का रिकॉर्ड बनाया था। वह नियमित रनिंग और योग करते थे। इसी तरह एक अन्य मामले में बांग्लादेश के पूर्व क्रिकेटर तमीम इकबाल को भी एक मैच के दौरान हार्ट अटैक हुआ, तुरंत उपचार मिलने के कारण वह फिलहाल ठीक हैं। फिटनेस एक्सपर्ट्स और खिलाड़ियों को हार्ट अटैक होने की घटनाओं ने लोगों के मन में कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर ये मामले इतनी तेजी से क्यों बढ़ते जा रहे हैं। क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ? हार्ट अटैक के जोखिम बढ़ने के बारे में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ नरेंद्र एन. सिंह बताते हैं, हॉस्पिटल में आ रहे हार्ट अटैक के मामलों को देखें तो पता चलता है कि इसके लिए कोई एक कारण जिम्मेदार नहीं है। लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी तो इसे बढ़ा ही रही है साथ ही काम के दबाव में लोगों की बढ़ती शारीरिक निष्क्रियता को भी इसका एक कारण माना जा सकता है। जिम जाने वाले लोगों में भी इसके मामले बढ़े हैं, इसके लिए बिना प्रशिक्षक या फिर शरीर की जांच के तेज स्तर के व्यायाम करना एक कारण हो सकता है। तेज स्तर के व्यायाम के दौरान खून का संचार को बढ़ जाता है हालांकि कई मामलों में देखा गया है कि इसके साथ मुख्य धमनियों से जुड़ी कोलेट्रल वेसल्स यानी छोटी-छोटी नसें समय पर नहीं खुल पाती हैं। ये रक्त के प्रवाह को हार्ट के कुछ हिस्सों में बाधित कर सकती हैं जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। अगर आप भी जिम जाते हैं तो एक बार कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर की जांच जरूर कराएं। अक्सर इन पर लोगों का ध्यान नहीं जाता है। हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण भी बहुत स्पष्ट नहीं होते, ऐसे में अगर आप तीव्र व्यायाम करते हैं तो इससे रक्त का प्रवाह तेज होने से धमनियों पर दबाव बढ़ता है जिससे भी आपको हार्ट अटैक हो सकता है। अपनी सेहत को लेकर अलर्ट रहें और डॉक्टर की सलाह पर नियमित अंतराल पर फुल बॉडी चेकअप जरूर कराते रहें, ताकि शरीर में होने वाली समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सके।  

वॉट्सऐप पर मिलेंगे 3 नए फीचर

नई दिल्ली WhatsApp आज के वक्त में वीडियो और वॉइस कॉलिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला सबसे पॉपुलर इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप है। वॉट्सऐप पर वीडियो कॉलिंग और मैसेजिंग को सबसे ज्यादा सिक्योर माना जाता है। वॉट्सऐप की तरफ से वीडियो और वॉइस कॉलिंग को रेकॉर्ड करने की सुविधा नहीं दी जाती है। साथ ही वॉट्सऐप की वॉइस और वीडियो कॉल एंड टू एंड इन्क्रिप्टेड होती है। मतलब वॉट्सऐप वीडियो और वॉइस कॉल लीक नहीं हो सकती है। ऐसे में वॉट्सऐप वीडियो और वॉइस कॉल को बेहद सिक्योर माना जाता है। हालांकि कुछ यूजर्स वॉट्सऐप के वीडियो और वॉइस कॉल को लेकर कुछ शिकायत दर्ज करा रहे थे। ऐसे में कंपनी ने इन फीचर्स में कुछ सुधार किये हैं। क्या हैं नए फीचर्स? वॉट्सऐप अपडेट को ट्रैक करने वाली वेबसाइट WABetaInfo की रिपोर्ट की मानें, तो गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध वॉट्सऐप बीटा वर्जन के एंड्रॉइड वर्जन में इन बदलावों को देखा गया है, जिससे कंफर्म होता है कि वॉट्सऐप वॉइस और वीडियो कॉल के लिए तीन नए फीचर्स को जोड़ जा रहा है। हालांकि अभी यह सुविधाएं बीटा यूजर्स के लिए उपलब्ध हैं। वॉट्सऐप म्यूट बटन वॉट्सऐप की ओर से म्यूट बटन फीचर पेश किया जा रहा है, जो इनकमिंग वॉइस कॉल नोटिफिकेशन को साइलेंट करने की सुविधा देता है। यानी अब यूजर्स कॉल उठाते समय अपना माइक्रोफोन म्यूट रख सकेंगे। यह फीचर गैरजरूरी कॉल को रोकने की सुविधा देता है। मतलब अगर आप किसी की कॉल को वॉइस और वीडियो कॉल नहीं उठाना चाहते हैं, तो यह फीचर काफी मददगार साबित होगा। वॉट्सऐप कैमरा फीचर वॉट्सऐप की ओर से वीडियो कॉलिंग के लिए नया फीचर पेश किया जाएगा। नए अपडेट के साथ यूजर्स वीडियो कॉल उठाने से पहले अपनी वीडियो बंद कर सकेंगे, जिससे यह प्रक्रिया आसान हो जाएगी। पहले कॉल उठाने के बाद कैमरा ऑफ करना पड़ता था। हालांकि नया फीचर यूजर के लिए काफी सुविधाजनक हो सकता है। वॉट्सऐप इमोजी फीचर वॉट्सआप की ओर से इमोजी फीचर को पेश किया जा रहा है। वॉट्सऐप जल्द ही वीडियो कॉल के दौरान इमोजी रिएक्शन फीचर लाने की योजना बना रहा है, जिससे यूजर्स चैट करते हुए अपने एक्सपीरिएंस को रियल-टाइम में पेश कर सकेंगे। वॉट्सऐप के नए फीचर्स वॉट्सऐप आज दुनिया का सबसे लोकप्रिय इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप बन चुका है, जो चैटिंग, वॉइस कॉल और वीडियो कॉल के लिए अहम है। आज के वक्त में करीब 3.5 बिलियन यूजर्स का इस्तेमाल किया जाता है। साल 2025 के पहले तीन माह में ही वॉट्सऐप ने कई नए फीचर्स पेश किए हैं।

सैमसंग के S24 Ultra को सस्ते में खरीदने का मौका

नई दिल्ली अगर आप एक अल्ट्रा प्रीमियम फ्लैगशिप फोन खरीदना चाहते हैं, तो यह एक दम सही समय होगा सैमसंग के S24 Ultra को अपना बनाने का। एक लाख रुपए से ज्यादा की कीमत पर लॉन्च हुए इस डिवाइस पर भारी डिस्काउंट मिल रहा है। इस साल Samsung ने अपना लेटेस्ट फ्लैगशिप S25 Ultra है। इसके बाद अब S24 Ultra की कीमतों में भारी गिरावट आई है। S24 Ultra भले ही पिछले साल का फ्लैगशिप डिवाइस है लेकिन एक्सपर्ट्स ने इसे S25 Ultra के टक्कर का ही पाया है। S24 Ultra के नोटबुक जैसे फॉर्म के चलते कई लोग इसे लुक्स के मामले में S25 Ultra से बेहतर भी मानते हैं। कहां और कैसे मिलेगा डिस्काउंट Samsung S24 Ultra पर यह डिस्काउंट Amazon पर मिल रहा है। इसका 12GB+256GB वाला वेरिएंट1,19,999 की जगह 91,749 रुपए में मिल रहा है। कस्टमर्स Amazon Pay Credit Card का इस्तेमाल करके इसकी कीमत 2,752 रुपए और घटा सकते हैं। Amazon से आप इसे 4,448 की मासिक किश्तों पर भी खरीद सकते हैं। अगर आप अपना पुराना डिवाइस इसके साथ एक्सचेंज करते हैं, तो आपको 22,800 रुपए का अतिरिक्त डिस्काउंट मिल सकता है। ध्यान रहे कि एक्सचेंज किए जा रहे डिवाइस की कीमत Amazon उसकी कंडीशन और मॉडल के अनुसार तय करता है। फीचर्स और तुलना Samsung Galaxy S25 Ultra में 6.9 इंच की डिस्प्ले मिलती है। जबकि S24 Ultra में 6.8 इंच की डिस्प्ले दी गई है। एक इंच के फर्क से फोन को इस्तेमाल करने के आपके अनुभव में कोई खासा फर्क नहीं पड़ेगा। डिजाइन की बात करें तो जैसा कि हमने पहले बताया S24 Ultra का नोटबुक जैसा लुक Samsung Galaxy S25 Ultra में मिसिंग है। S25 Ultra के कॉर्नर्स को राउंड कर दिया गया है जिसकी वजह से लोग S24 Ultra के लुक को और पसंद करने लगे हैं। कैमरा की बात करें तो दोनों ही फोन में आपको लगभव सेम कैमरा दिए गए हैं। दोनो में ही प्राइमरी रियर कैमरा 200 मेगापिक्सल का है। ऐसे में कैमरे की परफॉर्मेस को लेकर भी आप निश्चिंत रह सकते हैं। दोनो ही फोन की बैटरी कैपेसिटी भी बराबर है। दोनों में ही 5000mah की बैट्री दी गई है। नए चिपसेट की वजह से S25 Ultra में आपको लगभग एक घंटे का अतिरिक्त वीडियो प्लेबैक टाइम मिल जाएगा। यानी कि यह फर्क भी बहुत ज्यादा नहीं है। इसके अलावा S24 Ultra को कंपनी ने 7 साल के अपडेट्स उपलब्ध कराने का वादा किया था। ऐसे में इसे भी वही अपडेट्स मिलेंगे जो कि S25 Ultra को मिल रहे हैं।

योगासन कर पाए दमकती त्‍वचा

खूबसूरत और दमकती त्वचा पाने के लिए लोग तरह-तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स और घरेलू उपाय आजमाते हैं, लेकिन अगर आप नेचुरली ग्लोइंग स्किन चाहते हैं, तो योग सबसे अच्छा उपाय है। योग करने से न सिर्फ वजन और फैट कम होता है, बल्कि इसके निरंतर अभ्यास से आप लंबे समय तक हेल्दी लाइफ जी सकते हैं। कई सारी छोटी-मोटी समस्याओं का इलाज योग से संभव है। लेकिन क्या आप जानते हैं कुछ खास योगासनों के अभ्यास से आप चेहरे की चमक भी बढ़ा सकते हैं? अगर आप हेल्दी, ग्लोइंग स्किन पाना चाहती हैं, तो इसके लिए महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स नहीं बल्कि इन आसनों को अपने रूटीन में शामिल कर लें। आपको कुछ ही द‍िनों में फर्क मालूम पड़ने लगेगा। आपको खूबसूरत द‍िखने के ल‍िए क्रीम पाउडर और लाली ल‍िपस्‍ट‍िक भी लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिंहासन इसे करने के ल‍िए सबसे पहले जमीन पर वज्रासन मुद्रा में बैठ जाएं। अपने दोनों हाथों को घुटने पर रखें और कमर सीधी रखें। अब गहरी सांस लें और मुंह खोलकर हा की आवाज निकालते हुए छोड़ें। इस प्रक्रिया को लगभग 5 बार दोहराएं। इससे चेहरे की मसल्‍स में खिंचाव आता है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इससे प्राकृतिक रूप से चेहरे पर चमक आती है। सर्वांगासन यह योगासन शरीर के रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है और त्वचा को पोषण देता है। इसे करने के ल‍िए पीठ के बल लेटकर पैरों को ऊपर उठाएं और हाथों की मदद से कमर को सहारा दें। सिर और कंधों को जमीन पर टिकाकर शरीर को सीधा रखें। कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रहें और धीरे-धीरे वापस आएं। भुजंगासन यह आसन त्वचा में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाता है और डिटॉक्सिफिकेशन में मदद करता है। पेट के बल लेटकर हथेलियों को कंधों के नीचे रखें। गहरी सांस लेते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाएं। सिर को पीछे झुकाकर कुछ सेकंड रुकें और फिर सामान्य अवस्था में आ जाएं। उष्ट्रासन उष्ट्रासन का अभ्यास करने के लिए घुटनों के बल पर खड़े हो जाएं। अब धीरे-धीरे सांस लेते हुए पीछे की ओर झुकें। इसके बाद दाईं हथेली को दाईं एड़ी पर और बाईं हथेली को बाईं एड़ी पर रखने की कोशिश करें। इसमें कम से कम एक-दो मिनट रहने के बाद धीरे-धीरे वापस नॉर्मल पोजिशन में आ जाएं और कुछ मिनट विश्राम करें। इससे भी ब्‍लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। साथ ही चेहरे पर गजब का नि‍खार आता है। उत्तानासन इस योगासन से भी स्किन हेल्दी और ग्लोइंग बनती है। इसे करने के लिए सीधे खड़े होकर गहरी सांस लें। धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें और हाथों से पैरों को छूने की कोशिश करें। कुछ सेकंड इस मुद्रा में रहें और फिर सामान्य स्थिति में आ जाएं।

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