बैक्टीरियल वेजिनोसिस महिलाओं में होने वाली समस्या
बैक्टीरियल वेजिनोसिस, वजाइना (योनि) में होने वाला एक सामान्य प्रकार का इन्फेक्शन है। न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन की रिपोर्ट बताती है दुनिया की 3 में से 1 महिला इससे प्रभावित होती है। ऐसे में भावनगर, गुजरात की ऑब्सटेट्रिक्स एंड गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ. पूजा घोरी बता रही हैं कि कैसे यह सामान्य इन्फेक्शन आपके लिए परेशानी का कारण बन जाता है और इससे कैसे बचा जा सकता है। क्या है बैक्टीरियल वेजिनोसिस? ये वजाइना में बैक्टीरिया के ज्यादा मात्रा में बढ़ जाने की वजह से होने वाला इन्फेक्शन है। वैसे हेल्दी वजाइना में बैक्टीरिया मौजूद होते हैं और एक-दूसरे को बैलेंस करने का काम करते हैं। कई बार “बैड” बैक्टीरिया की संख्या ज्यादा बढ़ जाती है और वो “गुड” बैक्टीरिया पर हावी होने लगते हैं। इस स्थिति में वजाइना में बैक्टीरिया का ये संतुलन बिगड़ जाता है और बैक्टीरियल वेजिनोसिस की समस्या हो जाती है। आम है ये समस्या 15-44 साल की महिलाओं में होने वाली ये एक सामान्य समस्या है। ये सामान्यतौर पर सेक्सुअली एक्टिव महिला में होता है। कई बार कुछ महिलाओं में नेचुरली बैक्टीरिया ज्यादा संख्या में पैदा हो सकते हैं और उनमें बैक्टीरियल वेजिनोसिस होने की आशंका रहती है। इन्हें ज्यादा रहता है खतरा प्रेग्नेट महिलाओं को कंडोम का इस्तेमाल न करने वालों को यूट्रस में आईयूडी लगा हो एक से ज्यादा सेक्स पार्टनर वालों को डूश का इस्तेमाल करने वालों को अगर आप कोई एंटीबायोटिक ले रहे हों पहचान कैसे करें लगभग 84% में बैक्टीरियल वेजिनोसिस के लक्षण नजर नहीं आते हैं। अगर आपको इसके लक्षण नजर आ रहे हैं, तो वो इस तरह हो सकते हैं: वजाइना से क्लाउडी, ग्रे रंग का डिस्चार्ज होना डिस्चार्ज से मछली जैसी तेज बदबू आना वजाइना में खुजली या असहजता महसूस होना यूरिन करने के दौरान जलन होना इस तरह करें बचाव साफ-सफाई का ध्यान रखें डूशिंग न करें ज्यादा मात्रा में प्रोबायोटिक्स लें वजाइना को बिना खुशबू वाले साबुन से अच्छी तरह धोएं वजाइना और एनस की सफाई आगे से पीछे की ओर करें पीरियड के दौरान बार-बार पैड बदलें वर्कआउट के बाद पसीने वाले कपड़ों में न रहें सेक्स के दौरान कंडोम का इस्तेमाल करें ब्रीदेबल अंडर गारमेंट्स पहनें सेक्स पार्टनर की संख्या सीमित रखें खुशबू वाले मेंस्ट्रुअल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें पब्लिक वॉशरूम का इस्तेमाल करने से बचें वजाइनल पीएच इस टेस्ट से पता चलता है कि आपका डिस्चार्ज कितना एसिडिक है। पीएच का ज्यादा स्तर कई बार बैक्टीरियल वेजिनोसिस की ओर इशारा करता है।