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भारत में लॉन्च हुआ Infinix Note 50 Pro+ 5G स्मार्टफोन

नई दिल्ली Infinix ने हाल ही में अपनी नई स्मार्टफोन सीरीज में Note 50 Pro+ 5G को ग्लोबली लॉन्च किया है। इस स्मार्टफोन में शानदार फीचर्स और एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ उपयोगकर्ताओं को एक बेहतरीन अनुभव देने का वादा किया गया है। Note 50 Pro+ 5G का यह नया वेरिएंट कंपनी की Note 50 सीरीज का तीसरा स्मार्टफोन है, जो पहले से ही Note 50 और Note 50 Pro के रूप में इंडोनेशिया में उपलब्ध है। Infinix ने इस स्मार्टफोन को शानदार डिजाइन और ताकतवर स्पेसिफिकेशन्स के साथ पेश किया है, जिससे यह एक बेहतरीन ऑप्शन बनता है। डिस्प्ले और प्रोसेसर:     Infinix Note 50 Pro+ 5G में 6.78 इंच का AMOLED डिस्प्ले है, जिसमें 144Hz रिफ्रेश रेट और 1,300 निट्स तक पीक ब्राइटनेस है। यह स्क्रीन TÜV Rheinland लो ब्लू लाइट सर्टिफाइड है, जो आंखों की सुरक्षा के लिए आदर्श है।     स्मार्टफोन MediaTek Dimensity 8350 Ultimate प्रोसेसर द्वारा संचालित है, जो गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए उपयुक्त है। कैमरा:     फोटोग्राफी के लिए Infinix Note 50 Pro+ 5G में शानदार कैमरा सेटअप है। इसमें OIS (ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन) के साथ 50 मेगापिक्सल का Sony IMX896 प्राइमरी कैमरा है।     इसमें 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड एंगल लेंस और 50 मेगापिक्सल पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस है, जो 6x लॉसलेस जूम और 100x अल्टीमेट जूम का समर्थन करता है। यह कैमरा सेटअप उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें और वीडियो शूट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। बैटरी और चार्जिंग:     Infinix Note 50 Pro+ 5G में 5,200mAh की बैटरी है, जो 100W वायर्ड चार्जिंग, 10W वायरलेस चार्जिंग और 7.5W वायरलेस रिवर्स चार्जिंग को सपोर्ट करती है। PowerReserve मोड में 1% बैटरी के साथ 2.2 घंटे तक टॉक टाइम देने का दावा किया गया है।     यह बैटरी चार्जिंग के मामले में एक बेहतरीन विकल्प है, जिससे यूजर्स को बिना रुकावट के लंबे समय तक उपयोग का अनुभव मिलता है। AI फीचर्स:     Infinix Note 50 Pro+ 5G में AI आधारित Infinix AI∞ Beta Plan शामिल है। इस फीचर के तहत, यूजर्स को एक बेहतरीन AI असिस्टेंट Folax मिलता है, जो स्क्रीन कंटेंट को पहचानने, टेक्स्ट ट्रांसलेट करने, क्रॉस-ऐप वॉयस कमांड्स और बहुत कुछ करने में सक्षम है।     इसमें AI Eraser, AI Cutout, AI Writing, AI Note और AI Wallpaper Generator जैसे फीचर्स भी हैं, जो स्मार्टफोन के उपयोग को और अधिक प्रभावी बनाते हैं। कीमत     Infinix Note 50 Pro+ 5G की कीमत अमेरिका में $370 (लगभग 32,000 रुपये) से शुरू होती है। यह स्मार्टफोन Enchanted Purple, Titanium Grey और Special Racing Edition वेरिएंट्स में उपलब्ध होगा।     Special Racing Edition में रेसिंग कार्स से प्रेरित डिजाइन और सैफायर क्रिस्टल एम्बेडेड पावर बटन शामिल है। इसके अलावा, Note 50 और Note 50 Pro की कीमतें क्रमशः $180 (लगभग 15,000 रुपये) और $210 (लगभग 18,000 रुपये) से शुरू होती हैं।  

स्‍मार्टफोन्‍स की दुनिया में मेड इन इंडिया धमक

नई दिल्ली कुछ साल पहले तक सब यही कहते थे कि भैया फोन तो चाइनीज है, चाइना से आता है और भारत में बिकता है। मोदी सरकार के दौर में चीजें बदल गईं। आज आप और हम चाहे जिस कंपनी का स्‍मार्टफोन खरीदें, वो कंपनी जिस देश से भी ताल्‍लुक रखती हो, बेच तो मेड इन इंडिया स्‍मार्टफोन ही रही है। ना सिर्फ बेच रही है बल्कि मेड इन इंडिया स्‍मार्टफोन का शिपमेंट दुनियाभर में बढ़ रहा है। काउंटरपॉइंट की ‘मेक इन इंडिया’ सर्विस रिपोर्ट के अनुसार भारत में बने स्मार्टफोन के शिपमेंट में 2024 में 6% की बढ़ोतरी हुई है। इसमें बड़ा योगदान दिया है सैमसंग और ऐपल ने। दोनों कंपनियों के भारत से बढ़ रहे निर्यात की वजह से खुश होने का यह मौका आया है। काम कर रही सरकार की पीएलआई स्‍कीम मेड इन इंडिया स्‍मार्टफोन्‍स को हकीकत बनाने में भारत सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना ने अहम भूमिका निभाई है। इस स्‍कीम की वजह से दुनियाभर की स्‍मार्टफोन्‍स कंपनियों और मैन्‍युफैक्‍चरिंग कंपनियों के लिए भारत में काम करना आसान हुआ है। काउंटरपॉइंट की रिपोर्ट बताती है कि 2023 के मुकाबले 2024 में सैमसंग का भारत से स्‍मार्टफोन शिपमेंट 7 फीसदी बढ़ा है। ऐपल स्‍मार्टफोन्‍स बनाने वाले फॉक्‍सकॉन के शिपमेंट में 17 फीसदी का उछाल आया है। चाइनीज प्‍लेयर वीवो का शिपमेंट 14 फीसदी बढ़ा है, लेकिन ओपो के शिपमेंट में गिरावट देखी गई है, वह भी पूरे 34 फीसदी की। DBG ने किया सबसे ज्‍यादा शिपमेंट मेड इन इंडिया स्‍मार्टफोन्‍स के शिपमेंट में DBG सबसे आगे है। डीबीजी देश के दो प्रमुख स्‍मार्टफोन्‍स प्‍लेयर शाओमी और रियलमी के लिए काम करती है। शाओमी और रियलमी भारत की प्रमुख स्‍मार्टफोन कंपनियों में शामिल हैं। इनके साथ काम करने का फायदा डीबीजी को हुआ है। टाटा इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स की ग्रोथ सबसे तेज साल 2024 में टाटा इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स सबसे तेजी से बढ़ने वाली कंपनी बनी है। इसकी शिपमेंट 107% बढ़ी है। याद रहे कि iPhone 15 और iPhone 16 मॉडल को टाटा इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स भी बना रही है। कंपनी अब सेमीकंडक्‍टर के काराेबार में उतर गई है। इसके लिए उसने गुजरात में प्‍लांट लगाया है और अब असम में भी एक प्‍लांट लगाने की तैयारी है। 2025 में और ज्‍यादा ग्रोथ की उम्‍मीद रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि साल 2025 में भारत में स्‍मार्टफोन्‍स का प्रोडक्‍शन डबल डिजिट में बढ़ सकता है। ऐपल और सैमसंग जैसी कंपनियों का भारत से निर्यात बढ़ने की वजह से मेड इंडिया स्‍मार्टफोन्‍स की शिपमेंट में भारत को और फायदा होने की उम्‍मीद है।

गूगल ने आईपीएल के लिए बनाया खास डूडल

नई दिल्ली आईपीएल 2025 का आगाज आज से हो रहा है। दुनिया के इस सबसे बड़े क्र‍िकेट इवेंट को गूगल भी सेलिब्रेट कर रहा है। उसे गूगल डूडल के जरिए दुनिया को आईपीएल की ओपनिंग की जानकारी दी है। इस साल भी आईपीएल में 10 टीमें हिस्‍सा ले रही हैं। यह इवेंट पूरे 90 दिनों तक चलेगा। कोलकाता के ईडन गार्डन्‍स में ओपनिंग सेरेमनी आयोजित की जाने वाली है। इसी मैदान पर पहला मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बंगलूरू और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेला जाएगा। बहरहाल, गूगल ने अपने डूडल में बैट्समैन को बॉल हिट करते हुए दिखाया है। क्र‍िकेट पिच पर जैसे ही बैट्समैन शॉट खेलता है, अपांंयर के हाथ बॉल को चार रन देने के लिए उठ जाते हैं। आईपीएल जैसी टी20 लीग्‍स में बैट्समैन की भूमिका अधिक होती है। इन इवेंट्स में रनों की बारिश होती है। गूगल डूडल में और क्‍या खास डूडल पर क्लिक करते ही आईपीएल की डिटेल्‍स सामने आ जाती है। किन टीमों के बीच मैच खेला जाएगा, कितने बजे से मैच आयोजित होगा। आगे खेले जाने वाले मुकाबले समेत तमाम डिटेल्‍स सामने आ जाती हैं। नीचे की तरफ आईपीएल से जुड़ी खबरें, आईपीएल की ऑफ‍िशियल वेबसाइट, आईपीएल का एक्‍स हैंडल, आईपीएल का इंस्‍टाग्राम हैंडल जैसी जानकारियां दी गई हैं। कुल मिलाकर गूगल डूडल ना सिर्फ आईपीएल के आगाज को सेलिब्रेट कर रहा है, बल्कि उससे जुड़ी तमाम जानकारियों को एक जगह पर इकट्ठा करके पेश कर रहा है। टेलिकॉम कंपनियां ले आईं रिचार्ज प्‍लान आईपीएल देखने वाले दर्शकों की एक बड़ी संख्‍या इस इवेंट को अपने मोबाइल, लैपटॉप या टैबलेट पर स्‍ट्रीम करती है। यूजर्स को ध्‍यान में रखते हुए देश की प्रमुख टेलिकॉम कंपनियों जैसे- रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडा-आइडिया ने अपने प्रीपेड रिचार्ज प्‍लान्‍स में जियोहॉटस्‍टार के सब्‍सक्र‍िप्‍शन को जोड़ा है। याद रहे कि आईपीएल को जियोहॉटस्‍टार पर स्‍ट्रीम किया जाएगा। जियो सिनेमा और हॉटस्‍टार के विलय से यह नया प्‍लेटफॉर्म उभरकर आया है। अपने मोबाइल पर कैसे देखें आईपीएल आईपीएल को अपने मोबाइल पर देखने के लिए आपको जियोहॉटस्‍टार का सब्‍सक्र‍िप्‍शन लेना होगा। आप प्रीपेड रिचार्ज के साथ इसे बंडल कर सकते हैं या फ‍िर जियो हॉटस्‍टार की वेबसाइट पर जाकर अलग से सब्‍सक्रि‍प्‍शन लिया जा सकता है। जियोहॉटस्‍टार अपने यूजर्स को मोबाइल ओनली प्‍लान भी ऑफर कर रहा है। यह उन यूजर्स के लिए बेस्‍ट होगा, जिन्‍हें फोन पर आईपीएल देखना है और ज्‍यादा पैसे खर्च नहीं करना चाहते। आईपीएल में आज सिर्फ एक मैच खेला जाएगा जो शाम साढ़े 7 बजे से शुरू होगा। ज्‍यादातर दिनों में दो मैच खेले जाते हैं।

विटामिन बी 12 को स्पीड से बढ़ाएंगे ये मसाले

विटामिन केवल शरीर के काम के लिए जरूरी नहीं होते, ये ताकत और एनर्जी भी देते हैं। इनकी कमी नसों, मांसपेशी, दिमाग, दिल, हड्डियों को कमजोर कर देती हैं। सबसे ज्यादा तो विटामिन बी12 की चिंता होती है, क्योंकि यह बहुत कम चीजों में होता है। कई बार विटामिन बी-12 से भरपूर फूड खाने के बाद भी डेफिशिएंसी खत्म नहीं होती। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है? क्योंकि शरीर विटामिन बी12 का इस्तेमाल नहीं कर पाता। खाने का सारा पोषण गंदगी बनकर बाहर निकल जाता है। इस स्थिति में 5 मसाले काम आ सकते हैं। यह कोबालामिन बढ़ाने में मदद करते हैं। विटामिन बी12 के लिए क्या खाएं? अगर शरीर में इसकी कमी हो गई है तो मसालों से पहले इन फूड्स को डाइट में शामिल करें। दूध-डेयरी प्रोडक्ट, जानवरों की कलेजी, जानवरों का गुर्दा, अंडे, मछली, न्यूट्रिशनल यीस्ट आदि। अगर जरूरत पड़े तो डॉक्टर से बात करके सप्लीमेंट भी शुरू कर सकते हैं। B12 बढ़ाने में मसालों का रोल आंतों के अंदर खाने से सारे पोषक तत्व निकाले जाते हैं। यह काम गट बैक्टीरिया करते हैं, जो अरबों की संख्या में आंत के अंदर होते हैं। एनसीबीआई पर मौजूद शोध के मुताबिक अगर इन गट बैक्टीरिया की संख्या कम होती है जो इस विटामिन का अवशोषण और उपयोग बाधित हो सकता है। जिससे विटामिन बी12 की कमी बन सकती है। मसाले खाने का फायदा मसालों में कई सारे औषधीय गुण होते हैं। यह गट के हेल्दी बैक्टीरिया को बढ़ाने का काम भी करते हैं। अगर आपको पेट और पाचन से जुड़ी कोई परेशानी होती है तो इनका सेवन करके फायदा उठा सकते हैं। आइए जानते हैं कि कोबालामिन बढ़ाने में कौन से मसाले ज्यादा मदद करते हैं। दालचीनी ​एक स्टडी के मुताबिक पोलीफेनोल के पर्याप्त सेवन से गट बैक्टीरिया की सही संख्या देखी गई है। शोध में दालचीनी के अंदर इन पोलीफेलोन की सबसे ज्यादा मात्र देखी गई। यह मसाला ब्लड शुगर लेवल को रेगुलेट करता है और इंफ्लामेशन में कमी लाता है। काली मिर्च काली मिर्च कई तरह से लाभ पहुंचा सकती है। यह पोलीफेनोल्स देती है, डायजेशन बढ़ाती है, हल्दी के पाचन के लिए जरूरी है और इम्यूनिटी बढ़ाती है। सारी मिर्च में से इसका सेवन बेस्ट माना गया है। लौंग यह भी एक शक्तिशाली मसाला है, जिसे चावल से लेकर चाय बनाने तक उपयोग किया जाता है। यह काफी मात्रा में पोलीफेनोल्स होते हैं। अगर आप इंफ्लामेशन और कमजोर इम्यूनिटी से परेशान हैं तो भी इसका सेवन कर सकते हैं। पुदीना यह पेट के लिए लाभकारी होता है और उसे ठंडा रखता है। एसिडीटी, पेट दर्द, ब्लोटिंग, गैस में इसका सेवन किया जाता है। आप सूखा पुदीना खाने, छाछ में डालकर पी सकते हैं। छाछ के साथ खाने पर ज्यादा असर मिलता है क्योंकि यह एक प्रोबायोटिक फूड है। चक्र फूल इस मसाले का सेवन कम किया होगा, लेकिन यह भी औषधीय गुणों से भरपूर है। विटामिन बी12 की कमी दूर करने के लिए यह गट बैक्टीरिया सुधारने में मदद कर सकता है।

Google जल्द ही जीमेल के सर्च इंजन को भी AI से करेगी लैस

नई दिल्ली दुनियाभर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली ईमेल ऐप Gmail का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है। टेक्नोलॉजी में एआई (AI) के बढ़ते प्रभुत्व को देखते हुए अब Google जल्द ही जीमेल (Gmail) के सर्च इंजन को भी AI से लैस करेगी। इसके बाद किसी ईमेल को सर्च करना आसान हो जाएगा। इसके बाद जीमेल के इनबॉक्स में यूजर्स की पसंद के हिसाब से ईमेल नजर आएंगे। यह अपडेट आने के बाद ईमेल में सबसे ऊपर सबसे रिसेंट की जगह यूजर्स की पसंद के ईमेल दिखेंगे। जानकारों के मुताबिक AI अपग्रेड की मदद से जीमेल के सर्च रिजल्ट बेहतर हो सकेंगे। इससे यूजर्स को कोई ईमेल सर्च करने में ज्यादा टाइम खर्च नहीं करना पड़ेगा। कंपनी ने बताया कि नई अपडेट में कीवर्ड पर बेस्ड क्रॉनोलॉजिकल ऑर्डर में ईमेल दिखाने की बजाय सबसे ज्यादा क्लिक किए गए और फ्रीक्वैंट कॉन्टैक्ट आदि के ईमेल ऊपर दिखाए जाएंगे। यानी अब इनबॉक्स में रिसेंट की जगह उन ईमेल को सबसे ऊपर दिखाया जाएगा, जो AI को लगता है कि आपके लिए सबसे जरूरी है। अब ईमेल सर्च होगी पहले से तेज पहले जीमेल में जब कोई ईमेल खोजा जाता था, तो सिर्फ कीवर्ड के आधार पर ईमेल दिखते थे, लेकिन अब नया फीचर कई और चीजों को ध्यान में रखेगा। इससे जरूरी ईमेल जल्दी मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। गूगल का कहना है कि इससे लोगों का समय बचेगा और वे अपनी जरूरी जानकारी आसानी से खोज सकेंगे।यह फीचर वेब ब्राउजर, एंड्रॉयड और iOS के जीमेल ऐप में उपलब्ध होगा, जिससे किसी भी डिवाइस से इसका फायदा लिया जा सकेगा। यूजर को दिया जाएगा कंट्रोल गूगल इस फीचर का पूरा कंट्रोल यूजर के हाथ में देगी। यानी यूजर इस फीचर को ऑन या ऑफ कर सकेंगे। उनके हाथ में AI-पावर्ड सर्च इंजन या ट्रेडिशनल सर्च फीचर में से एक चुनने का ऑप्शन होगा। इसके लिए ऐप में एक टॉगल दिया जाएगा। इसकी मदद से यूजर मोस्ट रेलिवेंट या मोस्ट रिसेंट में से एक चुन सकेंगे। कंपनी ने इस फीचर को धीरे-धीरे रोलआउट करना शुरू कर दिया है और कई पर्सनल गूगल अकाउंट्स पर यह नजर भी आने लगा है। वेब के अलावा एंड्रॉयड और iOS पर जीमेल ऐप में यह फीचर उपलब्ध होना शुरू हो गया है। गूगल अन्य जगहों पर जोड़ रही AI जीमेल के अलावा, गूगल अपने सर्च और शॉपिंग पोर्टल में भी AI का इस्तेमाल बढ़ा रही है। इस महीने ही कई नए AI-संबंधित अपडेट देखने को मिले हैं। अगर कोई यूजर AI की मदद से सर्च नहीं करना चाहता, तो जीमेल में एक टॉगल ऑप्शन होगा, जिससे वे पुराने तरीके से ईमेल खोज सकते हैं।गूगल लगातार अपने प्लेटफॉर्म पर AI का उपयोग बढ़ा रही है, ताकि लोगों को बेहतर और तेज सेवाएं मिल सकें।

अमरूद की पत्ति‍यों में कई पोषक तत्‍व पाए जाते हैं, सुबह-सुबह बासी मुंह चबा लें पत्ति‍यां, 5 बीमार‍ियां होगी दूर

नई द‍िल्‍ली अमरूद की पत्तियां सेहत के लिए किसी औषधि से कम नहीं मानी जातीं हैं। खासतौर पर, बासी मुंह अमरूद की पत्तियां चबाने से सेहत को कई तरह के लाभ म‍िलते हैं। आयुर्वेद में इन्हें पाचन तंत्र सुधारने, मुंह की दुर्गंध दूर करने और दांतों को मजबूत बनाने के लिए फायदेमंद बताया गया है। आपको बता दें क‍ि अमरूद की पत्तियां एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होती हैं। ये  मुंह के बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करती हैं। इसके अलावा अमरूद की पत्तियां चबा कर डायब‍िटीज को कंट्रोल क‍िया जा सकता है। ये पेट से जुड़ी समस्याओं को कम करने और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में भी सहायक हो सकती हैं। अगर आप दिन की शुरुआत अमरूद की पत्तियों को चबाने के साथ करते हैं तो यह आपकी इम्युनिटी बढ़ाने के साथ-साथ शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद कर सकती है। लेकिन इन्हें खाने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होगा। आइए इनके फायदों के बारे में जानते हैं व‍िस्‍तार से- मुंह के छाले से द‍िलाए राहत गर्मियां शुरू होते ही पेट संबंधी द‍िक्‍कतें शुरू हो जाती हैं। पेट की गर्मी क कारण मुंह में छाले न‍िकल आते हैं। कई लोगों को तो ये समस्या बार-बार परेशान करती है। अगर आप भी छाले से परेशान हैं और ये परेशानी पीछा छोड़ने का नाम नहीं ले रही है तो आपको रोज सुबह बासी मुंह अमरूद की पत्‍त‍ियां चबानी चाह‍िए। इससे आपको तुरंत छाले से राहत म‍िलेगी। पाचन रखे दुरुस्‍त सुबह खाली पेट अमरूद की पत्तियां चबाने से आपको पाचन और पेट संबंधी समस्याओं से छुटकारा म‍िल सकता है। आप रोजाना तीन से चार अमरूद की पत्‍त‍ियां चबाना शुरू कर दें। आपको खुद की फर्क मालूम पड़ जाएगा। दांत दर्द से द‍िलाए राहत अगर आपको ओरल हेल्‍थ की समस्‍या है तो अमरूद की पत्‍त‍ियां आपके ल‍िए फायदेमंद हो सकती हैं। कई लोगों को मसूड़ों से खून आना या दांतों में दर्द की समस्या रहती है, उन्‍हें अमरूद की पत्तियां जरूर चबानी चाह‍िए। ये एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होती हैं। ये दांतों और मसूड़ों को मजबूत बनाने में मदद करती हैं। वजन घटाने में मददगार अगर आप रोजाना अमरूद की पत्तियां चबाते हैं तो आपका वजन तेजी से कम होता है। लगातार बढ़ रहे मोटापे से अमरूद की पत्तियां आपको राहत दिला सकती हैं। डायबिटीज करे कंट्रोल अगर आप डेली सुबह खाली पेट अमरूद के पत्ते चबाते हैं तो इससे डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा अमरूद के पत्ते चबाने से कोलेस्ट्रॉल को भी कंट्रोल क‍िया जा स‍कता है। ध्‍यान रखें ये बातें     अमरूद की पत्तियाें को धुलकर ही चबाएं।     अमरूद की पत्ति‍यां ताजी होनी चाहिए।     अत्यधिक सेवन से बचें।     गर्भवती महिलाएं परहेज करें।  

लाफ्टर थेरेपी से मिलते हैं 8 जबरदस्त फायदे

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग तनाव और चिंता के शिकार होते जा रहे हैं। हंसना या खुश रहना किसी भी इंसान के हेल्‍थ के लिए किसी थेरेपी से कम नहीं है। फिर चाहे आप टीवी पर कार्टून को देख कर हंस रहे हों या न्यूज पेपर के जोक्‍स पढ़कर। हंसने से आपकाे कई तरह के फायदे  म‍िल सकते हैं। हंसने से आपका स्ट्रेस कम होता है। आपकी एक हंसी स्ट्रेस को दूर करने के साथ-साथ आपकी मांसपेशियों को 45 मिनट तक का आराम पहुंचाती हैं, जिससे आप रिलैक्स फील करते हैं। हंसने से शरीर में स्ट्रेस का हार्मोन  लेवल कम हो जाता है, जो शरीर में बने एंटीबॉडीज के लिए फायदेमंद है। हंसना दिल की सेहत को मजबूत बनाए रखने के साथ-साथ डिप्रेशन, एंग्‍जायटी जैसी मानसिक समस्याओं को दूर करता है। इससे हार्ट और कई अन्य बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। कई र‍िसर्च में भी यह साबित हो चुका है कि जो लोग खुलकर हंसते हैं, वे अधिक खुशहाल और सेहतमंद रहते हैं। यही कारण है कि आजकल लाफ्टर थेरेपी को भी बहुत बढ़ावा दिया जा रहा है। इम्यून सिस्टम बनता है मजबूत आप जब खि‍लख‍िलाकर हंसते हैं तो इससे शरीर में एंडोर्फिन नाम का हार्मोन रिलीज होता है। ये स्ट्रेस को कम करने में मदद करता है। साथ ही इम्युनिटी बढ़ाने में भी सहायक होता है। इससे बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ती है। ब्लड सर्कुलेशन में होता है सुधार कहते हैं हंसने से बड़ी से बड़ी बीमार‍ियां छूमंतर हो जाती हैं। अगर आप हंसते हैं तो इससे शरीर में ब्‍लड का सर्कुलेशन बेहतर तरीके से होता है। इससे द‍िल से जुड़ी बीमारी के खतरे को कम क‍िया जा सकता है। मूड बेहतर बनाता है हंसी शरीर में सेरोटोनिन हार्मोन के लेवल को बढ़ाता है, जिससे हमारा मूड बेहतर बना रहता है और डिप्रेशन और एंजाइटी का खतरा कम होता है। कम होता है डिप्रेशन और एंग्‍जायटी हंसने से एडोर्फिन हार्मोन का उत्पादन होता है, जो स्ट्रेस, एंग्‍जायटी और डिप्रेशन को दूर करता है। हंसने से हमारा मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है, जिससे याददाश्त भी बढ़ती है। नींद से जुड़ी समस्या होती है दूर लाफ्टर थेरेपी से अनिंद्रा की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। एक अच्छी हंसी से आपके शरीर में मेलानिन हार्मोन का उत्पादन बढ़ता है, जो आपको अच्छी नींद लाने में मदद करता है। दर्द कम करने में मददगार लाफ्टर थेरेपी के जरिए शरीर में नेचुरल पेनकिलर हार्मोन रिलीज होते हैं, जिससे सिरदर्द, माइग्रेन और जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है। डायबिटीज का खतरा करे कम आपको बता दें क‍ि हंसने से हाई ब्लड शुगर के लेवल काे कंट्रोल क‍िया जा सकता है। इससे डायबिटीज का खतरा भी कम होता है। साथ ही आप अंदर से खुश रहने लगते हैं। याददाश्त करे तेज हंसने से दिमाग में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे याददाश्त बेहतर होती है और दिमागी थकान भी दूर होती है। ये आपकी बॉडी को र‍िचार्ज कर देता है। क्या है लाफ्टर थेरेपी? लाफ्टर थेरेपी एक प्राकृतिक उपचार पद्धति है, जिसमें हंसने को एक एक्सरसाइज की तरह अपनाया जाता है। यह थेरेपी खासतौर पर तनाव, चिंता, डिप्रेशन और अन्य मानसिक समस्याओं से राहत दिलाने के लिए की जाती है। कैसे अपनाएं हंसने की आदत     रोजाना कॉमेडी फिल्में या मजेदार वीडियो देखें।     लाइफ की छोटी-छाेटी चीजों को एंजॉय करें।     परिवार और दोस्तों के साथ अधिक समय बिताएं और खुलकर हंसें।     लाफ्टर योगा क्लब या ग्रुप जॉइन करें।  

इन कमियों को दूर कर के पर्सनैलिटी को करें इम्प्रूव

सक्सेज होना तो सभी चाहते हैं लेकिन इसके लिए जरूरी है सही दिशा में कदम बढ़ाना। लगातार मेहनत और बार-बार प्रयास। लेकिन कड़ी मेहनत और बार-बार प्रयास कहां किए जाएं ये भी पता होना जरूरी है। कुछ लोग इसलिए सफल नहीं हो पाते क्योंकि उनके व्यक्तित्व में कमी होती है। अगर आप के अंदर ये कमियां हैं तो इन्हें दूर कर अपनी पर्सनैलिटी को और भी ज्यादा निखारा जा सकता है। साथ ही लाइफ में सफलता हासिल करने में भी मदद मिलेगी। अच्छा श्रोता बनना है जरूरी हमेशा अपनी बात रखने के साथ दूसरों की बातें सुनना भी जरूरी होता है। कई बार हम लोगों को ध्यान से ना सुनकर लाइफ के जरूरी लेसन मिस कर देते हैं। इसलिए हमेशा धैर्य से सुनने की कोशिश करें। किताबें पढ़ें और इंटरेस्ट बढ़ाएं किताबें पढ़ने से केवल नया ज्ञान ही नही मिलता बल्कि ये आपको नई चीजों को जानने समझने और उसमे इंटरेस्ट बढ़ाने में भी मदद करता है। इससे आपका नॉलेज बढ़ेगा और आपकी पर्सनैलिटी में चार चांद लगेंगे। नए लोगों से मिलें हमेशा नयी जगह जाने और नये लोगों से मिलने को लेकर खुद को रोकना नहीं चाहिए। जितना नये लोगों से मिलेंगे आपको अपने बारे में और भी ज्यादा समझ आएगी। नये लोगों से मिलते वक्त आपकी बॉडी लैंग्वेज, सुनने की क्षमता, समझने की क्षमता और आपकी नॉलेज का भी टेस्ट होता है। जो कि पर्सनैलिटी को निखारने में मदद करता है। दूसरों की इज्जत है जरूरी आपको भले ही लगे कि आपको बहुत सारी नॉलेज है लेकिन इसका मतलब नहीं कि आप दूसरों का सम्मान ना करें। या उनके ज्ञान को कम समझें। खुद बातों, विचारों पर टिके रहना और दूसरों को सम्मान देना आपकी पर्सनैलिटी को और भी निखारेगा। दूसरों को सपोर्ट करें जब भी आप लो फील करते हैं तो किसी ना किसी की मदद चाहते हैं। उसी तरह से हमेशा दूसरों को सपोर्ट करने और इनकरेज करने का काम करें।

इन 5 बीमारियों से छुटकारा दिलाएगा गर्म पानी

गर्मियों में लोग अक्सर ठंडा पानी पीना ही पसंद करते हैं। कई लोग बस इंतजार में रहते हैं कि जल्दी से गर्मियां शुरू हों तो वह ठंडा पानी पीना शुरू करें। ठंडे पानी का नशा ही ऐसा है। लोग बाहर से घर में जैसे ही घुसते हैं तो सबसे पहले फ्रिज की तरफ ही रूख करते हैं। लेकिन ठंडा पानी लोगों को नुकसान कितना कर रहा है इसका शायद ही किसी को अंदाजा हो। ठंडा पानी लोगों की तबियत को खराब कर रहा है। आज हम आपको गर्मियों में गर्म पानी पीने के फायदे बता रहे हैं। बता दें कि गर्मियों में गर्म पानी पीने के कई फायदे हैं। यहां 5 बीमारियों के बारे में हम आपको बता रहे हैं जिनसे गर्म पानी पीने से छुटकारा मिल सकता है। पेट से जुड़ी समस्याएं होती हैं दूर  गर्म पानी पीने से पाचन तंत्र को सुधारने में मदद मिलती है। गर्म पानी पेट की मांसपेशियों को आराम देता है और पाचन क्रिया को सुधारता है। इससे पाचन संबंधी समस्याएं जैसे कि कब्ज, गैस, और एसिडिटी से छुटकारा मिलता है। रेगुलर गर्म पानी पीना आपकी सेहत को ठीक करता है। अगर आप रेगुलर गर्म पानी पीते रहें तो आपको पेट से संबंधी दिक्कते दूर होने लगती हैं। सर्दी और खांसी से मिलती है राहत गर्म पानी पीने से सर्दी और खांसी से छुटकारा मिलता है। गर्म पानी गले की सूजन को कम करता है और खांसी को नियंत्रित करता है। इससे सर्दी और खांसी के लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है। वहीं ठंडा पानी खांसी और जुकाम को उभारने में काफी मददगार होता है। शरीर की चर्बी पिघलती है गर्मियों में लगातार गर्म पानी पीने से आपके शरीर की चर्बी घटने लगती है। गर्म पानी की मदद से मोटापे को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। गर्म पानी पेट की चर्बी को कम करने में मदद करता है और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है। इससे वजन कम करने में मदद मिलती है। स्किन में आता है निखार गर्म पानी पीने से आपके चेहरे पर भी काफी निखार आता है। गर्म पानी पीने से त्वचा की समस्याओं से छुटकारा मिलता है। गर्म पानी त्वचा को साफ करता है और त्वचा की समस्याओं जैसे कि मुंहासे, दाग-धब्बे, और त्वचा की सूजन को कम करता है। जोड़ों के दर्द में मिलता है आराम गर्म पानी पीने से जोड़ों के दर्द से छुटकारा मिलता है। गर्म पानी जोड़ों की सूजन को कम करता है और जोड़ों के दर्द को नियंत्रित करता है। इससे जोड़ों के दर्द के लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है। लगातार गर्म पानी पीने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।

331 खतरनाक ऐप्स Google ने Play Store से हटाए

नई दिल्ली Google Play Store ने हाल ही में 331 खतरनाक ऐप्स को अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया है, जो यूजर्स की निजी जानकारी चुराने और फर्जी विज्ञापन दिखाने में शामिल थीं. ये ऐप्स अब तक 60 मिलियन (6 करोड़) से अधिक बार डाउनलोड किए जा चुके थे. IAS Threat Lab और Bitdefender की रिपोर्ट साइबर सुरक्षा फर्म IAS Threat Lab ने 2024 की शुरुआत में “Vapor” ऑपरेशन का खुलासा किया था, जिसमें 180 ऐप्स के ज़रिए 200 मिलियन से अधिक फर्जी विज्ञापन अनुरोध भेजे गए थे. बाद में, Bitdefender ने इन ऐप्स की संख्या बढ़ाकर 331 बताई और चेतावनी दी कि ये ऐप्स यूजर्स को फिशिंग अटैक (phishing attack) के ज़रिए संवेदनशील जानकारी, जैसे कि लॉगिन क्रेडेंशियल्स और क्रेडिट कार्ड डिटेल्स साझा करने के लिए मजबूर कर रहे थे. कैसे काम कर रहे थे ये खतरनाक ऐप्स? इन मैलिशियस ऐप्स में कई ख़तरनाक फीचर्स थे:     सेटिंग्स में खुद को छिपाना: कुछ ऐप्स खुद को Google Voice जैसी विश्वसनीय ऐप्स के रूप में दिखाने के लिए अपना नाम और आइकन बदल लेते थे.     बैकग्राउंड में चोरी-छुपे काम करना: बिना यूजर की अनुमति के ये ऐप्स बैकग्राउंड में अपने आप शुरू हो जाते थे और हाल ही में खुले ऐप्स की लिस्ट से गायब हो जाते थे.     फुल-स्क्रीन विज्ञापन और फेक लॉगिन पेज: कुछ ऐप्स फुल-स्क्रीन एड्स दिखाते थे और Facebook, YouTube जैसी लोकप्रिय साइट्स के नकली लॉगिन पेज बनाकर यूजर्स से पासवर्ड और क्रेडिट कार्ड डिटेल्स मांगते थे. Google ने हटाए सभी संदिग्ध ऐप्स Google ने इस खतरे को गंभीरता से लेते हुए सभी 331 खतरनाक ऐप्स को Play Store से हटा दिया है. Bleeping Computer से बात करते हुए Google के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि “इस रिपोर्ट में पहचाने गए सभी ऐप्स को हटा दिया गया है.” किन ऐप्स से था खतरा? Bitdefender की रिपोर्ट के अनुसार, ये खतरनाक ऐप्स सामान्य उपयोगी ऐप्स के रूप में Play Store पर लिस्टेड थे, जैसे:      AquaTracker      ClickSave Downloader      Scan Hawk      Water Time Tracker      Be More      TranslateScan इनमें से हर ऐप के 10 लाख से अधिक डाउनलोड थे. कैसे बचें ऐसे खतरनाक ऐप्स से?     किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले डेवलपर की विश्वसनीयता जांचें.     ऐप इंस्टॉल करने के बाद अनावश्यक अनुमतियां (Permissions) देने से बचें.     अगर कोई ऐप संदिग्ध व्यवहार करता है, तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल करें.      Play Store के रिव्यू और यूजर कमेंट्स को ध्यान से पढ़ें.  अपने फोन में एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल करें.     Google Play Store पर सुरक्षा को लेकर बार-बार सवाल उठते रहे हैं, और इस घटना से साफ है कि साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर यूजर्स को ठगने की कोशिश कर रहे हैं. इसलिए सतर्क रहना और जागरूक रहना ही सबसे बड़ा बचाव है.  

बच्चे के लिए गेमचेंजर साबित होगा AI ‘अप्पू’

नई दिल्ली भारत में प्रारंभिक शिक्षा बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. इसी दिशा में दिल्ली स्थित गैर-लाभकारी संगठन रॉकेट लर्निंग ने हाल ही में ‘अप्पू’ नामक एक AI-आधारित लर्निंग टूल लॉन्च किया है, जिसे Google के सहयोग से विकसित किया गया है. यह तीन से छह साल तक के बच्चों को व्यक्तिगत और संवादात्मक तरीके से सीखने में मदद करता है. खासतौर पर कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए इसे गेमचेंजर माना जा रहा है. रॉकेट लर्निंग के को-फाउंडर विशाल सुनील और अज़ीज़ गुप्ता के अनुसार, पारंपरिक एडटेक प्लेटफॉर्म अक्सर एक जैसी सामग्री दोहराते हैं, जिससे बच्चों की बौद्धिक जिज्ञासा प्रभावित होती है. अप्पू इसे बदलता है, क्योंकि यह बच्चों को संवाद के जरिए सीखने में मदद करता है. अगर कोई बच्चा किसी विषय को समझने में संघर्ष करता है, तो यह उसे नए उदाहरणों और तरीकों से सिखाने की कोशिश करता है. आवाज के ज़रिए सीखने पर जोर भारत में वॉयस नोट्स का उपयोग दुनिया में सबसे अधिक होता है. इसे ध्यान में रखते हुए अप्पू को आवाज़-आधारित लर्निंग टूल के रूप में डिजाइन किया गया है. फिलहाल यह हिंदी में उपलब्ध है, लेकिन जल्द ही मराठी, पंजाबी समेत 20 भाषाओं में लॉन्च किया जाएगा. AI का मानवीय पक्ष अप्पू को केवल ज्ञान देने वाली मशीन नहीं, बल्कि एक संरचित और संवादात्मक अनुभव देने वाला ट्यूटर बनाया गया है. रॉकेट लर्निंग ने इसे विकसित करने से पहले बेहतर शिक्षकों और देखभालकर्ताओं के तरीकों का अध्ययन किया, ताकि यह बच्चों के लिए संस्कृति-संगत और व्यावहारिक बन सके. गूगल का सपोर्ट गूगल के ग्लोबल प्रोग्राम डायरेक्टर एनी लेविन के अनुसार, गूगल ऐसी संस्थाओं को समर्थन देता है, जो बड़े सामाजिक मुद्दों को हल करने के लिए AI का उपयोग कर रही हैं. उन्होंने बताया कि गूगल ने अब तक $200 मिलियन से अधिक की राशि AI-आधारित सामाजिक परियोजनाओं को दी है. चुनौतियां और आगे की राह हालांकि, AI पर अत्यधिक निर्भरता से बच्चों की सोचने-समझने की क्षमता पर असर पड़ सकता है. इसीलिए अप्पू को बच्चों के जिज्ञासु दिमाग को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है. एक बड़ी चुनौती डिजिटल साक्षरता की कमी भी है. इसे देखते हुए अप्पू को व्हाट्सएप के जरिए उपलब्ध कराया गया है, ताकि माता-पिता इसे आसानी से उपयोग कर सकें. साथ ही, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को इसमें सक्रिय रूप से जोड़ा गया है. 50 मिलियन बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्य रॉकेट लर्निंग का लक्ष्य 2030 तक 50 मिलियन परिवारों तक अप्पू को पहुंचाना है. संगठन का मानना है कि अगर AI-आधारित शिक्षा का फायदा केवल विशेष वर्ग तक सीमित रहा, तो समाज में AI डिवाइड बढ़ सकता है. इसे रोकने के लिए वे इसे एक सार्वजनिक डिजिटल संसाधन के रूप में विकसित कर रहे हैं. सरकार के सहयोग से आंगनवाड़ी केंद्रों को शुरुआती शिक्षा के मजबूत केंद्र में बदलने की योजना है. AI की मदद से भारत में प्रारंभिक शिक्षा को समावेशी और प्रभावी बनाने की यह एक बड़ी पहल है.

निमोनिया भी एक गंभीर बीमारी बन कर सामने आ रही, लक्षणों को न करें नजरअंदाज, जा सकती है जान

नई दिल्ली आजकल के बदलते मौसम और खराब जीवनशैली के कारण स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। इन समस्याओं में निमोनिया भी एक गंभीर बीमारी बन कर सामने आ रही है। यह बीमारी फेफड़ों में संक्रमण के कारण होती है और अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो यह जीवन के लिए खतरे की वजह बन सकती है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में यह बीमारी ज्यादा देखी जा रही है। हालांकि, निमोनिया किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। अगर आप भी अपने शरीर में निमोनिया के लक्षण महसूस कर रहे हैं तो उसे नजरअंदाज करना आपकी सेहत के लिए घातक हो सकता है, यहां तक की जान भी जा सकती है। तो चलिए जानते हैं निमोनिया के लक्षण और इलाज के बारे में। निमोनिया क्या है? निमोनिया एक फेफड़ों में होने वाला संक्रमण है, जिसे बैक्टीरिया, वायरस या फंगस की वजह से हो सकता है। यह संक्रमण हवा के जरिए फैल सकता है। जब कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है, तो संक्रमित हवा के कण दूसरे व्यक्ति के शरीर में घुस सकते हैं। इसके अलावा निमोनिया से फेफड़े में सूजन आ जाती है, जिससे व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होती है। यह बीमारी गंभीर हो सकती है और समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो यह मौत का कारण बन सकती है। निमोनिया के प्रमुख लक्षण निमोनिया के लक्षण बहुत सामान्य होते हैं, जिनमें खांसी, बुखार, थकावट और शरीर में दर्द शामिल हैं। अगर आप भी इनमें से किसी भी लक्षण को महसूस कर रहे हैं तो बिना समय गंवाए डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है। खांसी और बुखार निमोनिया के सबसे आम लक्षण खांसी और बुखार होते हैं। अगर आपको लगातार खांसी आ रही है और बुखार भी बना हुआ है, तो यह निमोनिया का संकेत हो सकता है। सांस लेने में तकलीफ अगर आपको सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही है, या फिर सीने में दर्द हो रहा है तो यह भी निमोनिया के लक्षण हो सकते हैं। सिर में दर्द और मांसपेशियों में दर्द निमोनिया के साथ सिर में दर्द और मांसपेशियों में भी दर्द हो सकता है। यह लक्षण आमतौर पर फ्लू या सामान्य बुखार के दौरान होते हैं, लेकिन यदि ये लक्षण ज्यादा बढ़ जाएं तो इसे नजरअंदाज न करें। थकान और एनर्जी की कमी अगर आपको दिन भर बहुत ज्यादा थकान महसूस हो रही है और आपका शरीर पूरी तरह से कमजोर महसूस कर रहा है, तो यह निमोनिया के लक्षण हो सकते हैं। मतली और उल्टी निमोनिया के मरीजों में अक्सर मतली या उल्टी की समस्या भी हो सकती है। अगर आपको ये लक्षण बार-बार महसूस हो रहे हैं, तो यह गंभीर संकेत हो सकते हैं। निमोनिया का इलाज निमोनिया का इलाज समय पर होना बेहद जरूरी है। अगर इसके लक्षण समय रहते पहचान लिए जाएं तो इसका इलाज जल्दी हो सकता है। निमोनिया का इलाज मुख्यत: एंटीबायोटिक्स (बैक्टीरियल निमोनिया के लिए) या एंटीवायरल दवाओं से किया जाता है। इसके अलावा आराम और पर्याप्त पानी का सेवन भी इसे ठीक करने में मदद करता है। इसके इलाज के लिए डॉक्टर से संपर्क करना महत्वपूर्ण है। क्यों नहीं करना चाहिए लक्षणों को नजरअंदाज? निमोनिया के लक्षणों को नजरअंदाज करना बेहद खतरनाक हो सकता है। अगर इसे सही समय पर न पहचाना जाए, तो यह व्यक्ति के शरीर के बाकी हिस्सों पर भी असर डाल सकता है। निमोनिया फेफड़ों को संक्रमित करता है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। यह स्थिति मौत का कारण भी बन सकती है। इसीलिए अगर निमोनिया के किसी भी लक्षण का अनुभव हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।  

32 बिलियन डॉलर में गूगल ने विज को खरीदने का किया ऐलान

नई दिल्ली टेक दिग्‍गज गूगल ने एक बड़ी डील का ऐलान किया है। कंपनी ने बुधवार को बताया कि वह विज (Wiz) को 32 बिलियन डॉलर में खरीदने जा रही है। भारतीय रुपये में यह रकम लगभग 27 खरब 63 अरब 35 करोड़ 68 लाख (27,63,35,68,00,000) रुपये है। दिलचस्‍प यह है कि पूरा सौदा नकद में किया जाएगा। यह गूगल का अबतक किया गया सबसे बड़ा अधिग्रहण है। विज की पहचान क्लाउड साइबर सिक्‍योरिटी स्टार्टअप की है। गूगल काफी वक्‍त से विज को खरीदना चाहती थी। उसने 23 बिलियन डॉलर का प्रस्‍ताव पहले रखा था, जिसे पिछले साल विज की ओर से ठुकर दिया गया था। तब विज के ओनर कंपनी को स्‍वतंत्र रखने के बारे में सोच रहे थे। अब बताया गया है कि डील फ‍िर से शुरू हो गई है और गूगल साल 2026 तक विज को अपने नाम कर लेगी। हालांकि बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी रकम खर्च करके विज को क्‍यों खरीदा जा रहा है। Wiz को खरीदने की वजह मी‍डिया रिपोर्टों के अनुसार, विज को खरीदकर गूगल, क्लाउड सर्विसेज मार्केट में अपनी पोजिशन को मजबूत करना चाहती है। इस मार्केट में कॉम्पिटिशन बढ़ता जा रहा है। जेनरेटिव एआई के आने से और भी कंपनियां आ गई हैं और गूगल का क्‍लाउड प्‍लेटफॉर्म अन्‍य सर्विसेज जैसे- माइक्रोसॉफ्ट एज्‍यूर और एमेजॉन वेब सर्विसेज से पीछे है। इंडियन एक्‍सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, गूगल को उम्‍मीद है कि विज को खरीदने से उसे क्लाउड सर्विसेज मार्केट में अपनी पोजिशन को मजबूत करने में मदद मिलेगी। Wiz के पास कौन से प्रोडक्‍ट विज की शुरुआत इस्राइल में हुई थी। इसे तैयार करने वालों ने अपने पहले साइबर सिक्‍योरिटी स्‍टार्टअप को साल 2015 में बेच दिया था। उसके 5 साल बाद 2020 में विज की शुरुआत हुई। महज 18 महीनों में कंपनी का रेवेन्‍यू आसमान छूने लगा। पिछले साल इसका वैल्‍यूएशन 12 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। यह कंपनी मूल रूप से ऐसे सॉल्‍यूशंस बनाती है जिससे साइबर खतरों को रोका जा सके। उनका पता लगाया जा सके। बढ़ रहे हैं साइबर हमले हाल के वर्षों में साइबर हमलों की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। ऐसे में उन कंपनियों की डिमांड बढ़ रही है, जो साइबर सुरक्षा से जुड़े सॉल्‍यूशंस देती हैं। विज ना सिर्फ कंपनियों को बल्कि बड़े क्‍लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स को भी सर्विस देती है। कंपनी के पास कुल 2500 लोगों की वर्कफोर्स है। उनमें से करीब 116 इम्‍प्‍लॉयी इंडिया में काम करते हैं। विज को खरीदना गूगल की अबतक की सबसे बड़ी डील है।

बेसन और दही से घर पर बनाएं बेहतरीन फेस पैक, दाग-धब्बे होंगे गायब

हर किसी की चाहत होती है कि उसकी त्वचा बेदाग, मुलायम और चमकदार हो, लेकिन बढ़ते प्रदूषण, गलत खान-पान और स्किन केयर में लापरवाही के कारण चेहरे की चमक धीरे-धीरे फीकी पड़ने लगती है। महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने के बावजूद त्वचा से दाग-धब्बे और टैनिंग हटाना एक चुनौती बन जाता है। हालांकि, आपको घबराने की जरूरत नहीं है! अगर आप भी चेहरे के दाग-धब्बों और रुखी त्वचा से परेशान हैं, तो घर पर ही एक बेहतरीन बेसन-दही फेस पैक  बना सकती हैं। यह न सिर्फ स्किन को डीप क्लीन करता है, बल्कि उसे ग्लोइंग और सॉफ्ट भी बनाता है। इस खास फेस पैक में जब हल्दी को शामिल किया जाता है, तो इसके फायदे दोगुने हो जाते हैं। कैसे काम करता है यह फेस पैक? यह फेस पैक पूरी तरह से नेचुरल है और बिना किसी साइड इफेक्ट के आपकी त्वचा को निखारने में मदद करता है। आइए जानते हैं इसमें शामिल सामग्रियों के फायदे।     बेसन: यह एक नेचुरल क्लींजर की तरह काम करता है। यह स्किन से एक्स्ट्रा ऑयल हटाने के साथ-साथ डेड स्किन सेल्स को भी निकालता है, जिससे चेहरा साफ और फ्रेश नजर आता है।     दही: इसमें मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा को एक्सफोलिएट करने के साथ उसे मॉइस्चराइज भी करता है। इससे स्किन सॉफ्ट और ग्लोइंग बनती है।     हल्दी: यह एक बेहतरीन एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट है। यह पिंपल्स और दाग-धब्बों को हल्का करने में मदद करता है और स्किन की रेडनेस को भी कम करता है। फेस पैक बनाने का तरीका सामग्री:     2 चम्मच बेसन     1 चम्मच दही     1/2 चम्मच हल्दी     1 चम्मच गुलाब जल (ऑयली स्किन के लिए)     1 चम्मच शहद (ड्राई स्किन के लिए) कैसे बनाएं और लगाएं?     एक कटोरी में बेसन, दही और हल्दी को अच्छे से मिक्स करें।     अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो गुलाब जल मिलाएं। वहीं, अगर आपकी स्किन ड्राई है, तो इसमें शहद मिलाकर अच्छे से मिला लें।     इस पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर समान रूप से लगाएं और 15-20 मिनट तक सूखने दें।     हल्के हाथों से स्क्रब करते हुए गुनगुने पानी से धो लें।     इसके बाद चेहरे पर एक अच्छे मॉइस्चराइज़र का इस्तेमाल करें। क्या हैं फायदे?     दाग-धब्बे और पिंपल्स धीरे-धीरे हल्के होते हैं।     स्किन टोन निखरता है और चेहरे पर नेचुरल ग्लो आता है।     स्किन सॉफ्ट और स्मूद बनती है।     टैनिंग दूर होती है और डेड स्किन हटती है।     यह फेस पैक पूरी तरह से नेचुरल है और किसी तरह के केमिकल से फ्री है। कितनी बार लगाना चाहिए? अगर आपकी त्वचा ज्यादा डल और बेजान नजर आती है, तो हफ्ते में 2-3 बार इस फेस पैक का इस्तेमाल करें। कुछ ही दिनों में आपको फर्क नजर आने लगेगा और आपका चेहरा पहले से ज्यादा निखरा हुआ दिखाई देगा।

गर्मियों में वजन बढ़ाने के लिए ड्राई फ्रूट्स का करें सेवन

कई लोग मोटापे की समस्या से परेशान होते हैं तो कई लोग इस वजह से परेशान होते हैं कि उनका वजन नहीं बढ़ रहा है। ऐसे में यह जरूरी है कि डाइट में कुछ ऐसी चीजें शामिल की जाएं जिससे वजन बढ़ सके। बता दें कि कई लोग बहुत ज्यादा खाते हैं लेकिन उनका वजन नहीं बढ़ता है। वजन नहीं बढ़ने की वजह से भी ऐसे लोग परेशान रहते हैं। उनका कहना रहता है कि पर्याप्त summer diet for weight gain खाना खाने के बाद भी उनका वजन नहीं बढ़ता। ऐसे में आज हम आपको वजन बढ़ाने के लिए कुछ ऐसी चीजे बताने जा रहे हैं। जिन्हें डाइट में शामिल करने से आपा वजन बढ़ने लगता है। गर्मियों में वजन बढ़ाने के लिए आपको अपने आहार में कुछ विशेष चीजें शामिल करनी होंगी। ड्राई फ्रूट्स का सेवन जरूरी  गर्मियों में वजन बढ़ाने के लिए ड्राई फ्रूट्स का सेवन सबसे योग्य है। इसके सेवन से आपका वजन बढ़ने लगता है।ड्राई फ्रूट्स जैसे कि किशमिश, बादाम, और अखरोट वजन बढ़ाने में मदद करते हैं। ये फ्रूट्स प्रोटीन, फाइबर, और हेल्दी फैट्स से भरपूर होते हैं जो वजन बढ़ाने में मदद करते हैं। नट्स और सीड्स नट्स और सीड्स जैसे कि अलसी, चिया सीड्स, और पंपकिन सीड्स भी वजन को बढ़ाने में मददगार साबित होते हैं। बता दें कि ये नट्स और सीड्स प्रोटीन, फाइबर, और हेल्दी फैट्स से भरपूर होते हैं जो वजन बढ़ाने में मदद करते हैं। इनके सेवन से वजन बढ़ने लगता है। दही और पनीर का सेवन दही और पनीर वजन बढ़ाने में काफी मददगार साबित होते हैं। ये दोनों चीजें प्रोटीन से भरपूर होती हैं जो मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करती हैं। दही और पनीर का सेवन वेट गेन करने में काफी कारगर उपाय है। इसकी मदद से आपका वजन बढ़ सकता है। शहद, दूध और केला शहद वजन बढ़ाने में मदद करता है। शहद में कैलोरी की मात्रा अधिक होती है जो वजन बढ़ाने में मददगार साबित होती है।  आप शहद को अपने आहार में शामिल करने के लिए इसे अपने दलिया या दही में मिला सकते हैं। इसके साथ ही आप केला और दूध का सेवन लगातार करके वजन बढ़ा सकते हैं।

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