LATEST NEWS

गर्भावस्था में बढ़ा हुआ वजन आसानी से होगा कम, बस डेली रूटीन में शामिल कर ले यें ड्रिंक्स

गर्भावस्था के बाद वजन कम करना महिलाओं के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है. हार्मोनल परिवर्तन, जीवनशैली में बदलाव और मेटाबॉलिज्म परिवर्तनों के कारण बढ़े हुए वजन को कम करना काफी मुश्किल हो जाता है. कई अध्ययनों के अनुसार, नींद की कमी, तनाव, शारीरिक गतिविधि में कमी और आहार में परिवर्तन जैसे कारण इस अवधि में वजन घटाने को और मुश्किल बना देते हैं. हालांकि अगर आप अपने मेटाबॉलिज्म को मेंटेन रखते हैं और पोषक तत्वों से भरपूर ड्रिंक्स को अपने रूटीन में शामिल करते हैं तो आपको वजन घटाने के साथ-साथ प्रेग्नेंसी की दिक्कतों से रिकवरी में भी मदद मिल सकती है. 1. गुनगुना पानी और नींबू नींबू पानी पाचन में सहायता करता है, लिवर को डिटॉक्स करता है और हाइड्रेशन में मदद करता है. इस ड्रिंक में मौजूद विटामिन सी मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और ऑक्सिडेटिव तनाव को कम करता है. जर्नल ऑफ क्लिनिकल बायोकैमिस्ट्री एंड न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि नींबू में पॉलीफेनोल नामक कुछ यौगिक होते हैं, जो खानपान से होने वाले मोटापे को रोकने के लिए फायदेमंद होते हैं. यही कारण है कि यह प्रसव के बाद वजन घटाने के लिए एक बहुत ही प्रभावी ड्रिंक है. अगर आप इसे अधिक स्वास्थ्यवर्धक बनाना चाहते हैं तो इसमें चीनी न डालें. साथ ही बेहतर अवशोषण के लिए गुनगुने पानी का उपयोग करें. 2. मेथी का पानी प्रसव के बाद वजन घटाने में तेजी लाने के लिए एक और बढ़िया ड्रिंक है मेथी का पानी. जर्नल ऑफ ट्रेडिशनल चाइनीज मेडिकल साइंसेज में प्रकाशित इस अध्ययन में कहा गया है कि मेथी के बीज ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने, पाचन में सुधार करने और सूजन को कम करने में मदद करते हैं. ये स्तनपान कराने वाली माताओं में स्तनपान को भी बढ़ावा देते हैं जो न केवल इस ड्रिंक को प्रसव के बाद वजन घटाने के लिए अच्छा बनाता है बल्कि दूध के उत्पादन में भी मदद करता है. इस ड्रिंक को बनाने के लिए बीजों को रात भर भिगोएं और ज्यादा से ज्यादा फायदे के लिए सुबह पिएं. 3. ग्रीन टी ग्रीन टी में कैटेचिन होता है जो मेटाबॉलिज्म और फैट लॉस को बढ़ावा देता है. यह प्रसव के बाद रिकवरी के लिए जरूरी एंटीऑक्सिडेंट भी देता है. जर्नल क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि ग्रीन टी की अच्छी खुराक से तीन महीने में महिलाओं में काफी वजन कम हुआ, कमर का साइज कम हुआ और कुल कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल प्लाज्मा के स्तर में लगातार कमी आई.  

एलन मस्‍क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्‍टारलिंक, ऑनलाइन धोखाधड़ी करने का बन रही जरिया

नई दिल्ली एलन मस्‍क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्‍टारलिंक, ऑनलाइन धोखाधड़ी करने का जरिया बन रही है। एक रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण पूर्व एशिया में “स्कैम कंपाउंड” चलाने वाले अपराधी, स्‍टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट डिश का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। इस बारे में अमेरिका के कैलिफोर्निया के एक प्रोसिक्‍यूटर ने पिछले साल मस्‍क की कंपनी को पत्र भेजा था। वह पत्र स्‍टारलिंक की मूल कंपनी स्‍पेसएक्‍स को भेजा गया था। इसमें कहा कहा गया था कि कंपनी को उन खास इलाकों में अपनी सर्विस बंद कर देनी चाहिए, जहां साइबर अपराध के लिए स्‍टारलिंक डिश का इस्‍तेमाल हो रहा है। हालांकि पत्र का कोई जवाब नहीं दिया गया। स्‍पेस एक्‍स ने नहीं दिया लेटर का जवाब ABC News की रिपोर्ट के अनुसार, कैलिफोर्निया की पूर्व डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी एरिन वेस्ट ने पत्र लिखा था। उन्‍होंने एबीसी न्‍यूज को बताया कि स्‍पेस एक्‍स ने लेटर का कोई जवाब नहीं दिया। रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन से जुड़े संगठ‍ित अपराध समूह स्‍टारलिंक की हाई-स्‍पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी को इस्‍तेमाल करने के लिए सुरक्षा प्रोटोकोल को अनदेखा कर रहे हैं। बीते कुछ साल में ऐसी कई सूचनाएं मिली हैं, जिनमें अपराधी स्‍टारलिंक सैटेलाइट डिश का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। ऑनलाइन बेचे जा रहे स्‍टारलिंक के उपकरण रिपोर्ट में बताया गया है कि ऑनलाइन विक्रेता, दूर-दराज के एरिया में स्‍कैम कंपाउंड चलाने वाले अपराधियों को स्‍टारलिंक के उपकरण बेच रहे हैं। रिपोर्ट में बेनेडिक्ट हॉफमैन नाम के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि टेलिग्राम के जरिए स्‍टारलिंक की सेवाओं का प्रचार किया जा रहा है। यह जानकारी ऑनलाइन स्‍कैम सेंटर चलाने वालों तक पहुंच रही है। म्‍यांमार में की जा चुकी है उपकरणों की जब्‍ती अध‍िकारी यह मान रहे हैं कि ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए स्‍टा‍रलिंक का इस्‍तेमाल करना चिंता का विषय है। म्‍यांमार में ऐसे उपकरणों को जब्‍त किया गया है। जाहिर तौर पर म्‍यांमार में ऐसे उपकरण आसपास के देशों से पहुंचाए जा रहे हों, जहां स्‍टारलिंक की सर्विस मौजूद है। गौरतलब है कि हाल ही में म्‍यांमार में एक बड़े ऑनलाइन स्‍कैम सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है। वहां बड़ी संख्‍या में चीनी और भारतीय नागरिक की मौजूदगी पाई गई थी। 2019 में लॉन्‍च की गई थी स्‍टारलिंक की इंटरनेट सर्विस स्‍टारलिंक का दायरा पूरी दुनिया में तेज हो रहा है। इसे एलन मस्‍क की कंपनी स्‍पेसएक्‍स ने साल 2019 में डेवलप किया था। स्‍टारलिंक का मसकद दुनिया के उन हिस्‍सों में इंटरनेट पहुंचाना है, जो कनेक्टिविटी से दूर हैं। यूक्रेन, गाजा के युद्ध प्रभावित इलाकों में तक स्‍टारलिंक के सैटेलाइट इंटरनेट का इस्‍तेमाल किया जा रहा है। हालांकि नई रिपोर्ट ने इसके बेजा इस्‍तेमाल पर चिंता को बढ़ा दिया है।

WhatsApp पर मिलेगा कलरफुल थीम्स के साथ मिलेगा वीडियो प्लेबैक स्पीड सेट करने का मौका

नई दिल्ली प्राइवेसी और सिक्योरिटी को बेहतर बनाने के लिए WhatsApp पर समय समय पर बदलाव होते रहते हैं। साथ ही इसमें नए फीचर्स को भी ऐड किया जाते हैं। यह प्लेटफॉर्म प्राइवेसी, सिक्योरिटी और कस्टमाइजेशन को मजबूत करने के लिए खुद को लगातार अपडेट कर रहा है। अब कंपनी ने 5 नए फीचर्स रोलआउट करने शुरू कर दिए हैं, जिससे मैसेजिंग और भी सुविधाजनक हो जाएगी। वीडियो प्लेबैक में सुधार करने के लिए भी ये फीचर्स काफी काम आने वाले हैं। कलरफुल थीम्स से चैट को कस्टमाइज करें अब WhatsApp यूजर्स अपनी चैटिंग को और भी ज्यादा पर्सनलाइज कर सकते हैं। पहले यूजर्स के पास कम ऑप्शन थे। अब WhatsApp 20 नए वाइब्रेंट चैट थीम्स और 30 नए वॉलपेपर्स जोड़े हैं। इस फीचर की मदद से यूजर्स अपनी पसंद के अनुसार कलर सेट कर सकते हैं, जिससे चैटिंग का अनुभव नया और फ्रेश लगेगा। क्लियर चैट नोटिफिकेशन से मिलेगी राहत अब नोटिफिकेशन को भी कस्टमाइज करने का ऑप्शन दिया जा रहा है। कई यूजर्स को अनरीड मैसेज का नोटिफिकेशन डॉट परेशान करता है, खासकर जब कई मैसेज एक साथ आते हैं। अब WhatsApp ने क्लियर चैट नोटिफिकेशन फीचर पेश किया है, जिससे यूजर्स खुद तय कर सकेंगे कि नोटिफिकेशन कैसे दिखें। साथ ही, बेकार के नोटिफिकेशन को हटाने का भी ऑप्शन मिलेगा। यह फीचर सेटिंग्स > नोटिफिकेशन सेक्शन में उपलब्ध होगा। Meta AI विजेट से मिलेगा AI चैटबॉट का इंस्टेंट एक्सेस WhatsApp अब AI फीचर्स को गहराई से इंटीग्रेट कर रहा है। यूजर्स अब अपने होम स्क्रीन पर Meta AI विजेट जोड़ सकते हैं, जिससे AI चैटबॉट तक इंस्टेंट एक्सेस मिलेगा। इस फीचर को ऑन करने के लिए यूजर्स को Personalization > Widgets सेक्शन में जाना होगा और फिर Meta AI विजेट को अपने फोन की होम स्क्रीन पर ऐड करना होगा। इसके बाद, सिर्फ एक टैप में AI चैटबॉट खुल जाएगा और यूजर्स की सहायता करेगा। वीडियो प्लेबैक स्पीड को करें एडजस्ट WhatsApp में अब वीडियो प्लेबैक स्पीड बदलने का ऑप्शन आ गया है! पहले यह सुविधा केवल वॉयस नोट्स के लिए उपलब्ध थी, लेकिन अब यूजर्स वीडियो को 1.5x या 2x स्पीड पर भी देख सकते हैं। यह फीचर खासतौर पर लंबे वीडियो को जल्दी देखने के लिए काफी उपयोगी रहेगा। अनरीड चैट काउंटर अब चैट फिल्टर में भी WhatsApp ने पिछले साल चैट फिल्टर फीचर पेश किया था, जिससे मैसेज को बेहतर तरीके से ऑर्गनाइज किया जा सकता है। अब इसमें नया अनरीड चैट काउंटर जोड़ा गया है। इस फीचर की मदद से यूजर्स को सीधे चैट फिल्टर में ही यह पता चलेगा कि कितने अनरीड मैसेज हैं, जिससे कोई भी जरूरी मैसेज मिस नहीं होगा।

स्वाद के साथ-साथ आपकी सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होता है नींबू

हम जो भी खाते हैं, उसका सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है। यही वजह है कि हेल्थ एक्सपर्ट्स भी अपनी डाइट में अक्सर हेल्दी फूड्स शामिल करने की सलाह देते हैं। नींबू इन्हीं में से एक है, जिसे कई लोग अपनी डाइट में शामिल करते हैं। यह एक पौष्टिक फल है, जो फायदे पहुंचाता है। इसे डाइट में शामिल करने से न सिर्फ हार्ट हेल्थ बेहतर होती है, बल्कि कैंसर से भी बचाव होता है। आमतौर पर लोग इसका इस्तेमाल बेक्ड फूड्स, सॉस, सलाद ड्रेसिंग, मैरिनेड, ड्रिंक्स और डेसर्ट में स्वाद को जोड़ने के लिए कम मात्रा में करते हैं। हालाँकि, वे अपने तीखे, खट्टे स्वाद के कारण शायद ही कभी अकेले इसका सेवन करते हैं। स्ट्रोक से बचाए साल 2012 के एक अध्ययन के अनुसार, खट्टे फलों में मौजूद फ्लेवोनोइड महिलाओं में इस्केमिक स्ट्रोक के खतरे को कम करने में मदद कर सकते हैं। 14 साल में लगभग 70,000 महिलाओं के डेटा के एक अध्ययन से पता चला कि जो सबसे ज्यादा खट्टे फल खाते हैं, इस्केमिक स्ट्रोक का खतरा 19% कम था। साल 2014 के एक अध्ययन के मुताबिक जो महिलाएं नियमित रूप से टहलती हैं और रोजाना नींबू को डाइट में शामिल करती हैं, उनका ब्लड प्रेशर उन महिलाओं की तुलना में कम होता है, जो ऐसा नहीं करती हैं। हालांकि, इसे लेकर अभी और शोध की जरूरत है। कैंसर की रोकथाम नींबू और नींबू का रस एंटीऑक्सीडेंट विटामिन-सी का एक बेहतरीन स्रोत है। एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स को सेल डैमेज का कारण बनने से रोकने में मदद कर सकते हैं, जिससे कैंसर हो सकता है। रंगत बनाए रखने में मददगार कोलेजन के निर्माण में विटामिन सी अमह भूमिका निभाता है, जो स्किन को हेल्दी बनाने में करता है। सूर्य के संपर्क में आना, प्रदूषण, उम्र और अन्य कारक त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में विटामिन सी की मदद से इन नुकसानों से बचा जा सकता है और नींबू विटामिन-सी का एक बढ़िया सोर्स है। इम्युनिटी मजबूत करे विटामिन सी और अन्य एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फूड आइटम्स कॉमन फ्लू और फ्लू का कारण बनने वाले कीटाणुओं के खिलाफ इम्युनिटी को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही विटामिन सी उन लोगों की इम्युनिटी को भी बढ़ावा देने में मदद कर सकता है, जो बहुत ज्यादा शारीरिक गतिविधि कर रहे हैं।

घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करने से बीमार‍ियों का घर बन जाएगा शरीर

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत का ठीक से ख्याल भी नहीं रख पा रहे हैं। इस डिजिटल युग में भले ही दुनिया एडवांस हो चुकी हो लेकिन ऑफिस हो या वर्क फ्रॉम होम, घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करने से शरीर कई बीमारियों का घर बन सकता है। अगर आप रोजाना छह घंटे या उससे ज्यादा समय तक बिना किसी ब्रेक के बैठे रहते हैं तो यह कई गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकता है। आपको बता दें कि लंबे समय तक कुर्सी पर बैठे रहने से मसल्स कमजोर हो जाते हैं। वजन भी बढ़ जाता है। इसके साथ ही दिल की बीमारियां, डायबिटीज, कमर दर्द और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो जाती हैं। इसके अलावा, ब्लड सर्कुलेशन भी ठीक से नहीं हो पाता है। आज हम आपको आपने इस लेख में घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करने से होने वाली दिक्कतों के बारे में बताने जा रहे हैं। इससे बचाव के तरीके भी बताएंगे। आइए जानते हैं विस्तार से- लगातार बैठे रहने से बढ़ जाता इन बीमारियों का खतरा     कुर्सी पर लगातार बैठे रहने से मसल्स में जकड़न हो जाती है। जिससे गर्दन में दर्द की समस्या बढ़ सकती है।     इसके अलावा एक ही पोश्चर में बैठे रहने से कंधों में जकड़न हो जाती है। इससे आपके हाथों में भी दर्द बना रहता है। जो एक समय बाद परमानेंट शिकायत बन जाती है।     लगातार बैठे रहने से कैलोरी बर्न नहीं होती है जिससे वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है।     जब आप लगातार कुर्सी पर बैठकर स्क्रीन पर देखते हैं तो तनाव का खतरा बढ़ जाता है।     काफी समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी पर प्रेशर पड़ता है।     घंटों बैठे रहने से थकान भी हो सकती है।     अगर आप लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठे रहेंगे, कोई फिजिकल एक्टिविटी नहीं होगी तो नींद न आने की समस्या भी घेर लेगी।     इसके साथ ही ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो सकता है। ऐसे रखें सेहत का ख्याल अगर आपकाे घंटों बैठकर काम करना होता है तो हर 30 से 40 मिनट पर उठकर एक बार वॉक जरूर कर लें। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ जाती है। इसके अलावा आप ऑफिस में ही छोटी-छोटी स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें। ये मांसपेशियों को राहत देने का काम करेंगी। साथ ही जकड़न को भी कम करेंगी। काम के बीच-बीच में छोटे-छोटे ब्रेक लेते रहें। इससे आप खुद को फिजिकली एक्टिव रख पाएंगे। इससे मोटापे को भी कंट्रोल किया जा सकता है। ऑफिस के टाइम पर ब्रेक लेने से दिमाग को भी आराम मिलता है। ध्यान रखें कि शरीर में पानी की कमी न होने पाए। ऐसे में आप समय-समय पर पानी पीते रहें। इससे आपका मेटाबॉलिज्म बेहतर रहेगा। आप हेल्दी डाइट भी लें।

शरीर को तंदुरुस्त रखने के लिए रोज सुबह खाली पेट खाए ये नट्स

शरीर को सेहतमंद रखने के लिए लोग कई उपाय करते हैं। कोई ए‍क्‍सरसाइज करता है तो कोई अपनी डाइट में बदलाव करता है। अगर आप ब‍िना मेहनत के खुद को हेल्‍दी रखना चाहते हैं तो आपको रोजना सुबह खाली पेट नट्स खाना शुरू कर दें। अगर आप हेल्दी नाश्ते की तलाश में है तो नट्स एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। इसमें प्रोटीन, निकोटिन एसिड, थायमिन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, खनिज, आयरन, फॉस्फोरस और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। हालांक‍ि कई लोग इन्हें गलत तरीके से खाते हैं। अगर आप सही तरीके से नट्स खाते हैं, तो सेहत को ढेरों फायदे मिलेंगे। ये आपको कई बीमारियों से बचाने में भी मदद करते हैं। आ‍ज हम आपको अपने इस लेख में बताएंगे क‍ि आपको क‍ौन-कौन से नट्स खाने चाह‍िए, इनके फायदों के बारे में भी जानकारी देंगे। ये भी बताएंगे क‍ि इसे खाने का सही तरीका क्‍या है। तो आइए जानते हैं व‍िस्‍तार से- ब्‍लैक किशमिश ब्‍लैक किशमिश में एंटी-ऑक्‍सीडेंट पाए जाते हैं जो त्‍वचा और बालों की हेल्‍थ के लिए बेहद अच्‍छे माने जाते हैं। इनमें एल-आर्जिनिन और एंटी-ऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो आयरन से भरपूर होते हैं। ये यूट्रस और ओवरीज में ब्‍लड फ्लो में सुधार करते हैं। पिस्ता पिस्‍ता में हेल्‍दी फैट, फाइबर, प्रोटीन, विटामिन बी-6 और थायमिन जैसे जरूरी पोषक तत्‍व होते हैं। ये आंखों की रोशनी तेज करने में मददगार है। आंतों के स्‍वास्‍थ्‍य को भी सही रखते हैं। इसे खाने से रात में अच्‍छी नींद आती है। बादाम बादाम प्रोटीन, फाइबर, विटामिन-ई, कैल्शियम, कॉपर, मैग्नीशियम और राइबोफ्लेविन, आयरन, पोटेशियम, जिंक और विटामिन-बी से भरपूर होते हैं। ये कोलेस्ट्रॉल कम करते हैं, ब्‍लड प्रेशर कंट्रोल करते हैं। खजूर खजूर में सेलेनियम, मैंगनीज, मैग्नीशियम और आयरन जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसे खाने से तुरंत एनर्जी आती है और ये त्वचा के ल‍िए भी फायदेमंद है। ये हड्डियों के ल‍िए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। अखरोट ये एंटी-ऑक्सीडेंट और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं। रोजाना अखरोट खाने से आपकी मांसपेशियों में ताकत भर जाएगी। ये दिल और दिमाग के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है। इसमें प्रोटीन के अलावा फाइबर, कॉपर, आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम, विटामिन बी6, फोलेट, मैंगनीज जैसे पोषक तत्व होते हैं। इन्‍हें खाने का सही तरीका आप रात में नट्स को पानी में भि‍गोकर रख दें। सुबह सोकर उठने के बाद खाली पेट इन्‍हें खा लें। इस बात का ध्‍यान रखें क‍ि बादाम का छ‍िलका उतार लें। ये आपको ढेरों फायदे पहुंचाएंगे। नट्स और सीड्स को नाश्ते में शामिल करने से आप अपने स्वास्थ्य में सुधार देख सकते हैं।

प्रियंका चोपड़ा से लेकर मारग्रेट थैचर तक महिला दिवस पर दे रही सफलता का मंत्र

महिला अधिकारों की बातों को हम सिर्फ एक दिन में सीमित करके नहीं रख सकते। पर, हां इस एक दिन यानी 08 मार्च को हम महिलाओं के संघर्ष और उनकी सफलता जश्न थोड़ा और ज्यादा जरूर मना सकते हैं। 1909 में पहली दफा महिला दिवस मनाया गया था। पिछले 116 सालों में हमने एक लंबा सफर तय किया है। पर, इस बात में कोई दोराय नहीं कि बराबरी और बेहतरी की राह अभी काफी लंबी है। दुनिया भर की प्रसिद्ध महिलाओं द्वारा महिला अधिकार और बराबरी के बारे में कही गई ये बातें अपने अधिकार और भविष्य को लेकर आपको जोश से भर देंगी: प्रियंका चोपड़ा, अदाकारा कोई आपको यह नहीं बताएगा कि यहां तुम्हारे लिए खास अवसर है। जाओ, अपने लिए अवसर तलाशो। आपको यह करना ही पड़ेगा, क्योंकि लोग आपसे सिर्फ मौके छीनेंगे ही। हमारे लिए यह बहुत जरूरी है कि महिलाएं एक-दूसरे की ताकत बनें। हमें दुनिया जीतने की कोई जरूरत नहीं। क्वीन रानिया अल अब्दुला, जॉर्डन अगर एक हिम्मती लड़की क्रांति ला सकती है, तो कल्पना करके देखिए कि हम सब साथ मिलकर क्या कर सकते हैं। मेलिंडा गेट्स, समाज सेवी ताकतवर महिला की क्या परिभाषा होती है? वह महिला जिसकी अपनी आवाज हो। पर, उस आवाज की तलाश का सफर बहुत ही मुश्किल भरा होता है। सेरेना विलियम्स, टेनिस खिलाड़ी हर महिला की सफलता दुनिया भर की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत होनी चाहिए। हम जब एक-दूसरे को आगे बढ़ते देखकर खुशी के ठहाके लगाते हैं, तब सबसे ज्यादा ताकतवर और मजबूत होते हैं। रूपी कौर, कनाडाई कवयित्री वह कौन-सी सबसे बड़ी सीख है, जो महिलाओं को अपनानी चाहिए? वह सीख है कि शुरुआत से ही उसके भीतर वह सब कुछ है, जो जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए उसे चाहिए। यह दुनिया है, जिसने महिलाओं को खुद की क्षमताओं पर शक करना सिखाया है। माया एंजेलो, अमेरिकी लेखिका हर बार जब एक महिला अपने हक के लिए खड़ी होती है, तो यह मजबूती भरा कदम वह सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि दुनिया भर की सभी महिलाओं के लिए उठाती है। मारग्रेट थैचर, पहली महिला प्रधानमंत्री, ब्रिटेन राजनीति में अगर आप चाहते हैं कि कोई बात सिर्फ कही जाए, तो पुरुष राजनेता के पास जाएं। वहीं, अगर आप चाहते हैं कि कोई काम वाकई हो, तो महिला राजनेता के पास जाएं। जे. के. रॉलिंग, प्रसिद्ध हैरी पॉटर सिरीज की लेखिका दुनिया को बदलने के लिए हमें किसी जादू की जरूरत नहीं। वह ताकत हमारे भीतर पहले से है। हमारे पास बेहतर कल्पना शक्ति की ताकत है। मलाला यूसुफजई, सामाजिक कार्यकर्ता मैं अपनी आवाज उठाती हूं इसलिए नहीं ताकि मैं चिल्ला सकूं बल्कि इसलिए ताकि जिनके पास आवाज नहीं है, उनकी बात भी सुनी जा सके।

खुद को हेल्दी और फिट रखने के लिए रोज खाएं कद्दू के बीज

आजकल की भागदौड़ भरी ज‍िंदगी में खुद की सेहत का ख्‍याल रखना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। लोग बाहर के जंक फूड्स खा रहे हैं जो मोटापा डायब‍िटीज का कारण बन रहा है। अगर समय रहते इन पर ध्‍यान न द‍िया गया तो आपको कई गंभीर बीमार‍ियां घेर सकती हैं। सेहतमंद रहने का सबसे अच्‍छा तरीका है क‍ि खानपान पर व‍िशेष ध्‍यान द‍िया जाए। इन दिनों लोगों की लाइफस्टाइल में तेजी से बदलाव हो रहे हैं, जिसके वजह से सेहत भी काफी प्रभावित हो रही है। ऐसे में खुद को हेल्दी और फिट रखने के लिए लोग अपनी डाइट में कई हेल्दी चीजें शामिल करते हैं। सीड्स इन्हीं में से एक हैं जो ढेर सारे पोषक तत्वों से भरपूर होते ह‍ैं। आज हम कद्दू के बीज यानी क‍ि Pumpkin Seeds के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको ढेरों फायदे पहुंचाने में सक्षम होते हैं। ये कई सारे जरूरी विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होते हैं। आपको बता दें क‍ि कद्दू के बीज द‍िखने में छोटे जरूर होते हैं लेकिन इनमें पोषण तत्‍वों की मात्रा कई गुणा अध‍िक होती है। इनमें प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट्स, एंटीऑक्सीडेंट्स, मैग्नीशियम, आयरन और जिंक जैसे कई आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं। अगर आप अपनी सुबह की शुरुआत कद्दू के बीज के साथ करते हैं, तो यह सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकता है। आइए जानते हैं इनके फायदों के बारे में- डाइजेशन को सुधारे पंपक‍ि‍न सीड्स में मौजूद फाइबर हमारे डाइजेस्टिव स‍िस्‍टम को दुरुस्‍त रखते हैं। यह कब्ज की समस्या से भी राहत दि‍लाने में मददगार है। कुल म‍िलकार ये हमारे पेट को स्वस्थ बनाए रखता है। तेजी से करे अगर आप तेजी से वजन कम करना चाहते हैं तो आपको अपनी डाइट में कद्दू के बीज को शाम‍िल कर लेना चाह‍िए। इनमें भरपूर मात्रा में फाइबर और प्रोटीन पाए जाते हैं। ये पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं। इसके साथ ही अनहेल्दी स्नैकिंग से बचाने में मदद करता है। कोश‍िश करें क‍ि रात में कुछ बीज पानी में भ‍िगो दें और सुबह खाली पेट इसे खाएं। इससे तेजी से असर दि‍खेगा। मजबूत करे इम्‍युन‍िटी सेहतमंद रहने के ल‍िए जरूरी है क‍ि आपकी इम्‍युन‍िटी स्‍ट्रॉन्‍ग हो। कद्दू का बीज आपके इम्‍यून‍ सि‍स्‍टम को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है। इस बीज में जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। यह शरीर को इंफेक्शन और बीमारियों से बचाने में मदद करता है। दिल को रखे सेहतमंद आपको बता दें क‍ि कद्दू के बीजों में मैग्नीशियम होता है जो हार्ट रेट को नियंत्रित करने में मदद करता है और आपके पूरे स्वास्थ्य बनाए रखता है। मैग्नीशियम के नियमित सेवन से हार्ट डिजीज का खतरा कम हो सकता है। ब्लड शुगर करे कंट्रोल अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए कद्दू के बीज को डाइट में शामिल कर सकते हैं। इनमें प्रोटीन और हेल्दी फैट पाया जाता है जो ब्लड शुगर के लेवल को नियंत्रित करने और इंसुलिन रेगुलेशन में सुधार करने में मदद करता है। स्‍लीप साइक‍िल सुधारे कद्दू के बीजों में ट्रिप्टोफैन नामक अमीनो एसिड पाया जाता है, जो अच्छी नींद लाने में मदद करता है। अगर आप अनिद्रा की समस्या से जूझ रहे हैं तो इसे अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।

35 की उम्र के बाद मह‍िलाओं में बढ़ जाता इस गंभीर बीमारी का खतरा

आजकल लोगों की लाइफस्‍टाइल बेहद खराब होती जा रही है। जंक फूड, देर रात तक जगना, घंटों स्‍क्रीन पर टाइम बि‍ताना, हाइजीन मेंटेन न करने से लोग कई तरह की बीमार‍ियों की चपेट में आ रहे हैं। उन्‍हीं में से एक कैंसर भी है। कैंसर इन दिनों तेजी से फैलने वाली एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। इसके कई प्रकार होते हैं, जिन्हें शरीर के विभिन्न हिस्सों में होने की वजह से उन्हीं के नामों से जाना जाता है। सर्वाइकल कैंसर इस गंभीर बीमारी का ऐसा ही एक प्रकार है जो महिलाओं के लिए काफी घातक होता है। आज हम आपको इसके र‍िस्‍क फैक्‍टर्स व बचाव के बारे में बताने जा रहे हैं। क्‍या है सर्वाइकल कैंसर? आपको बता दें क‍ि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के रीप्रोडक्टिव ऑर्गन को प्रभावित करने वाले पांच गंभीर कैंसर में से एक है। जब कैंसर महिलाओं के सर्विक्स में शुरू होता है, तो इसे सर्वाइकल कैंसर कहा जाता है। सर्वाइकल कैंसर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) नामक वायरस के कारण होता है। एचपीवी से संक्रमित सभी महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर का खतरा होता है। संकेतों को पहचानें कुछ बीमारियां बिना किसी खास लक्षण के शरीर में नजर आती हैं। जब तक हमें पता चलता है, तब तक हालत खराब हो जाती है। सर्वाइकल कैंसर भी ऐसी ही एक बीमारी है। यह धीरे-धीरे बढ़ता है, लेकिन अगर हम शरीर के संकेतों को समझें तो इसे जल्दी पहचानकर इलाज किया जा सकता है। आमतौर पर ये बीमारी मह‍ि‍लाओं में 35 की उम्र के बाद देखी जाती हैं। इन सामान्य लक्षणों से करें इस गंभीर बीमारी की पहचान     बार-बार यूरिन आना     सफेद पानी निकलना     सीने में जलन और लूज मोशन     असामान्य ब्लीडिंग     भूख न लगना या बहुत कम खाना     बहुत अधिक थकान महसूस करना     पेट के निचले हिस्से में दर्द या सूजन     अक्सर हल्का बुखार और सुस्ती रहना     सेक्स के दौरान दर्द     सेक्‍स के बाद खून निकलना     पीरियड्स में सामान्य से ज्यादा खून निकलना     पीठ में लगातार दर्द     योनि में गांठ या मस्से सर्वाइकल कैंसर का कारण शरीर में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वायरस फैलने की वजह से सर्वाइकल कैंसर की समस्या देखने को मिलती है। इसके अलावा आनुवंशिकता भी इसका प्रमुख कारण है। कई स्टडीज में ऐसा पाया गया है कि फैमिली हिस्ट्री होने पर भी महिलाओं में इस कैंसर की संभावना बढ़ जाती है। इतना ही नहीं सर्वाइकल कैंसर एक सेक्सुअली ट्रांस्मिटेड डिजीज (एसटीडी) भी है। ऐसे में असुरक्षित यौन संबंध से भी यह बीमारी हो सकती है। ऐसे करें बचाव     इस गंभीर बीमारी को रोकने के लिए ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) के खिलाफ वैक्‍सीनेशन करा सकते हैं।     वैक्सीनेशन का सबसे सही समय किसी भी संभावित वायरस से संक्रमित होने से पहले का होता है। ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) के लिए यह समय आमतौर पर प्रारंभिक किशोरावस्था में होता है।     कंडोम का इस्तेमाल सुरक्षित यौन संबंध के दौरान एचपीवी ट्रांसमिशन के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। हालांक‍ि इसकी 100 प्रत‍िशत गारंटी नहीं है।     फलों और सब्जियों से भरपूर आहार काे डाइट में शामि‍ल करने से भी सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम क‍िया जा सकता है।  

लाइफ में हर चीज में नहीं करनी चाहिए जल्दबाजी , हो जाएगा नुकसान

आजकल की भागदौड़ भरी लाइफ में हर किसी को सबकुछ फटाफट करना होता है। किसी भी काम और डिसीजन को लेने में जल्दीबाजी दिखाई जाती है। लेकिन काफी सारे काम ऐसे होते हैं। जिन्हें जल्दीबाजी में कभी नहीं करना चाहिए। इस बारे में हमारे शास्त्र भी कहते हैं और कई सारे मोटिवेशनल स्पीकर भी। तो अगर आप लाइफ में सक्सेज की सीढ़ी चढ़ना चाह रहे हैं तो भूलकर भी इन कामों को करने में जल्दीबाजी ना दिखाएं। जल्दीबाजी में ना लें फैसलें आजकल की फास्ट लाइफ में इंसान दिनभर में कई सारे छोटे-छोटे फैसले लेता है। जिससे माइंड थक जाता है और जब बड़े फैसलों का नंबर आता है तो अक्सर वहां पर गलती हो जाती है। इसलिए कभी भी किसी भी फैसले को लेने में जल्दीबाजी नहीं दिखानी चाहिए। फिर वो छोटे हो या फिर बड़े। हर किसी पर जल्दी से ना करें विश्वास विश्वास बनाने में समय लगता है। फिर वो चाहे रिलेशनशिप में हो या फिर बिजनेस में। हमेशा समय लेकर और सोच-समझकर ही विश्वास करना चाहिए। ना करें किसी को जज अक्सर लोग फर्स्ट इंप्रेशन में ही सामने वाले को जज करने लगते हैं। यानी कि उसके प्रति मन में एक धारणा बना लेते हैं। लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। हमेशा सामने वाले के बारे में पूरी जानकारी लेने के बाद ही जज करना चाहिए। जल्दीबाजी में ना बनाएं रिलेशन किसी भी नए रिश्ते या दोस्ती की शुरुआत जल्दी में नहीं करना चाहिए। हमेशा सोच समझकर और अच्छी तरह से परखने के बाद ही रिलेशनशिप आगे बढ़ाना चाहिए। जल्दी में ना खाएं खाना खाना हमेशा धीरे-धीरे और चबाकर खाना चाहिए। साइंस और शास्त्र दोनों में ऐसा कहा गया है। जल्दी-जल्दी खाना खाना हेल्थ के लिए अच्छा नहीं होता है।

फिर से चलाइए फ्रिल्स का जादू

बचपन में आपने घेरदार फ्रॉक जरूर पहनी होगी। बड़े होने पर इस स्टाइल को अपनाने के बारे में कभी सोचा है क्या? फ्रिल्स फिर से फैशन में है। इसे कैसे अपने वॉर्डरोब का हिस्सा बनाएं, बता रहे हैं हम। बात जब फैशन की हो तो कुछ चीजें सदाबहार ही रहती हैं। ये चीजें बार-बार लौटकर आती हैं और लोगों पर अपना जादू चलाती हैं। अब फ्रिल्स को ही लें। फैशन की दुनिया में फ्रिल्स अब फिर से अपना जादू बिखेर रही है। अंतरराष्ट्रीय फैशन जगत के जाने-माने नाम मार्क जैकोब्स, सिमोन रोका, विकी मार्टिन से लेकर भारतीय डिजाइनर और बॉलीवुड के कलाकर फिर से फ्रिल्स से अपना स्टाइल स्टेटमेंट बना रहे हैं। कान फिल्म फेस्टिवल में सोनम कपूर की स्टाइलिश फ्रिल साड़ी से लेकर अन्य खास मौकों पर सिलेब्रिटीज के फ्रिल वाले क्रॉप टॉप और गाउन, फैशन की दुनिया में फ्रिल की वापसी की गवाही दे रहे हैं। फैशन एक्सपर्ट्स के अनुसार फ्रिल बेहद आसानी से ध्यान आकर्षित करने के मामले में उपयोगी है, लेकिन इसे किसी भी आउटफिट में बेहद कम मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि आपका लुक ज्यादा स्टाइलिश दिखे। फ्रिल से आप भी स्टाइलिश लुक पा सकती हैं, लेकिन इससे जुड़ी कुछ जरूरी बातों को जानना भी जरूरी है, ताकि हर नजर आप पर ही जाकर टिके। संतुलन है जरूरी नजाकत भरा लुक देने में परफेक्ट फ्रिल्स को जब बेहद संतुलित तरीके से किसी भी परिधान पर सजाया जाता है तो यह आपको विक्टोरियन दौर का स्टाइलिश लुक देता है। इसलिए इस खास नियम को याद रखिएगा कि फ्रिल के इस्तेमाल में संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। अगर आप फ्रिल की नाजुक लेयर से सजी स्मार्ट शर्ट या गोल गले का टॉप पहन रही हैं तो ध्यान रखें कि ऐसे ही पैटर्न को अपनी स्कर्ट या पैंट में बिल्कुल न दोहराएं। फ्रिल को अपने आउटफिट के केवल एक हिस्से तक ही सीमित रखकर आप अपनी ड्रेस की खूबसूरती बरकरार रख सकती हैं। फ्रिल का इस्तेमाल बॉडी फ्रेम को संतुलित करने के लिए बेहद अच्छी तरह किया जा सकता है। जैसे कि अगर आपका ऊपरी हिस्सा भारी है, तो ड्रेस में नीचे की ओर फ्रिल लगाएं और अगर निचला हिस्सा भारी है तो फ्रिल को टॉप पर लगाना ठीक रहेगा। ऐसे पाएं स्लिम लुक फ्रिल्स आपकी चैड़ाई को बढ़ाएंगे, इसलिए अगर आप अपनी फिगर को स्लिम दिखाना चाहती हैं, तो लंबाई में सजे फ्रिल्स वाली ड्रेस ही पहनें। यह पहनकर न सिर्फ आप दुबली लगेंगी, बल्कि लंबी भी दिखेंगी। इसके अलावा अगर आपके नेकलाइन या शोल्डर के ऊपर फ्रिल है, तो फिगर की चैड़ाई को कम दिखाने के लिए टॉप को स्कर्ट या पैंट के अंदर डाल लें। बनाएं एक केंद्र बिंदु अपने लुक को स्टाइलिश बनाए रखने और फैशन में बने रहने के लिए फ्रिल को अपने लुक का केंद्र बिंदु बनाएं। यानी ऊपर या नीचे की फ्रिल के अलावा बाकी सब कुछ सादा और शालीन होना जरूरी है। निचले हिस्से को सादा रखना टॉप के आकर्षण को बढ़ा देगा। ऐसे मिलेगा फॉमर्ल लुक फॉर्मल लुक के लिए केवल कॉलर या कंधों पर फ्रिल वाला टॉप पहना जा सकता है। इस खूबसूरत टॉप को फॉर्मल ट्राउजर और ओपन-टो हील्स के साथ पहनें। बालों को पीछे बांध कर रखें, ताकि पूरी लुक में अधिक लेयर से बचा जा सके। एक्सेसरीज हों बेहद कम फ्रिल्स के साथ एक्सेसरीज कम-से-कम ही पहना जाए। खासतौर पर ड्रेस के जिस हिस्से में फ्रिल है, वहां कोई भी एक्सेसरी पहनने से बचें। कंधे के इर्द-गिर्द फ्रिल है, तो लंबे, भारी ईयररिंग्स या नेकपीस पहनने से बचें और अगर बांह पर फ्रिल है तो ब्रेसलेट या रिंग्स न पहनें। साथ में सादा क्लच लिया जा सकता है। फुटवियर में हाई हील शूज पहनें। इन्हें न भूलें -जरूरी है कि फ्रिल्स आपको व्यवस्थित लुक दें, न कि बेतरतीब दिखाई दें। -अगर आपकी फिगर भारी है तो ज्यादा फ्रिल वाली ड्रेस से आप और ज्यादा भारी दिखेंगी। अगर फैशन के अनुरूप -फ्रिल पहनना चाहती हैं तो हल्की फ्रिल या पैरों में फ्रिल वाली फुटवियर पहन सकती हैं। -ज्यादा बड़े फ्रिल्स आपके लुक को बनाने की जगह बिगाड़ देंगे, इसलिए इन्हें सादा और शालीन रखें और ऊंची हील्स पहनें।  

पित्त और कफ विकारों का घरेलू उपचार है गूलर

मोरासी परिवारी का सदस्य गूलर लंबी आयु वाला वृक्ष है। इसका वनस्पतिक नाम फीकुस ग्लोमेराता रौक्सबुर्ग है। यह सम्पूर्ण भारत में पाया जाता है। यह नदी−नालों के किनारे एवं दलदली स्थानों पर उगता है। उत्तर प्रदेश के मैदानों में यह अपने आप ही उग आता है। इसके भालाकार पत्ते 10 से सत्रह सेमी लंबे होते हैं जो जनवरी से अप्रैल तक निकलते हैं। इसकी छाल का रंग लाल−घूसर होता है। फल गोल, गुच्छों में लगते हैं। फल मार्च से जून तक आते हैं। कच्चा फल छोटा हरा होता है पकने पर फल मीठे, मुलायम तथा छोटे−छोटे दानों से युक्त होता है। इसका फल देखने में अंजीर के फल जैसा लगता है। इसके तने से क्षीर निकलता है। आयुर्वेदिक चिकित्सकों के अनुसार गूलर का कच्चा फल कसैला एवं दाहनाशक है। पका हुआ गूलर रुचिकारक, मीठा, शीतल, पित्तशामक, तृषाशामक, श्रमहर, कब्ज मिटाने वाला तथा पौष्टिक है। इसकी जड़ में रक्तस्राव रोकने तथा जलन शांत करने का गुण है। गूलर के कच्चे फलों की सब्जी बनाई जाती है तथा पके फल खाए जाते हैं। इसकी छाल का चूर्ण बनाकर या अन्य प्रकार से उपयोग किया जाता है। गूलर के नियमित सेवन से शरीर में पित्त एवं कफ का संतुलन बना रहता है। इसलिए पित्त एवं कफ विकार नहीं होते। साथ ही इससे उदरस्थ अग्नि एवं दाह भी शांत होते हैं। पित्त रोगों में इसके पत्तों के चूर्ण का शहद के साथ सेवन भी फायदेमंद होता है। गूलर की छाल ग्राही है, रक्तस्राव को बंद करती है। साथ ही यह मधुमेह में भी लाभप्रद है। गूलर के कोमल−ताजा पत्तों का रस शहद में मिलाकर पीने से भी मधुमेह में राहत मिलती है। इससे पेशाब में शर्करा की मात्रा भी कम हो जाती है। गूलर के तने को दूध बवासीर एवं दस्तों के लिए श्रेष्ठ दवा है। खूनी बवासीर के रोगी को गूलर के ताजा पत्तों का रस पिलाना चाहिए। इसके नियमित सेवन से त्वचा का रंग भी निखरने लगता है। हाथ−पैरों की त्वचा फटने या बिवाई फटने पर गूलर के तने के दूध का लेप करने से आराम मिलता है, पीड़ा से छुटकारा मिलता है। गूलर से स्त्रियों की मासिक धर्म संबंधी अनियमितताएं भी दूर होती हैं। स्त्रियों में मासिक धर्म के दौरान अधिक रक्तस्राव होने पर इसकी छाल के काढ़े का सेवन करना चाहिए। इससे अत्याधिक बहाव रुक जाता है। ऐसा होने पर गूलर के पके हुए फलों के रस में खांड या शहद मिलाकर पीना भी लाभदायक होता है। विभिन्न योनि विकारों में भी गूलर काफी फायदेमंद होता है। योनि विकारों में योनि प्रक्षालन के लिए गूलर की छाल के काढ़े का प्रयोग करना बहुत फायदेमंद होता है। मुंह के छाले हों तो गूलर के पत्तों या छाल का काढ़ा मुंह में भरकर कुछ देर रखना चाहिए। इससे फायदा होता है। इससे दांत हिलने तथा मसूढ़ों से खून आने जैसी व्याधियों का निदान भी हो जाता है। यह क्रिया लगभग दो सप्ताह तक प्रतिदिन नियमित रूप से करें। आग से या अन्य किसी प्रकार से जल जाने पर प्रभावित स्थान पर गूलर की छाल को लेप करने से जलन शांत हो जाती है। इससे खून का बहना भी बंद हो जाता है। पके हुए गूलर के शरबत में शक्कर, खांड या शहद मिलाकर सेवन करने से गर्मियों में पैदा होने वाली जलन तथा तृषा शांत होती है। नेत्र विकारों जैसे आंखें लाल होना, आंखों में पानी आना, जलन होना आदि के उपचार में भी गूलर उपयोगी है। इसके लिए गूलर के पत्तों का काढ़ा बनाकर उसे साफ और महीन कपड़े से छान लें। ठंडा होने पर इसकी दो−दो बूंद दिन में तीन बार आंखों में डालें। इससे नेत्र ज्योति भी बढ़ती है। नकसीर फूटती हो तो ताजा एवं पके हुए गूलर के लगभग 25 मिली लीटर रस में गुड़ या शहद मिलाकर सेवन करने या नकसीर फूटना बंद हो जाती है।  

Lenovo लैपटॉप 100 फीसद बनेंगे मेड इन इंडिया

नई दिल्ली केंद्र सरकार की मुहिम रंग ला रहा है। दरअसल कुछ वक्त पहले केंद्र सरकार ने लैपटॉप बनाने वाली कंपनियों पर मेड इन डिवाइस बनाने का दबाव बनाया था। हालांकि उस वक्त विदेशी लैपटॉप मैन्युफैक्चरिंग कंपनी का कहना था कि भारत लैपटॉप का एक छोटा मार्केट है। ऐसे में उसके लिए भारत में लैपटॉप मैन्युफैक्चरिंग करना मुश्किल होगा। लेकिन अब विदेशी लैपटॉप कंपनियां घरेलू 100 फीसद मेड इन इंडिया पीसी बनाने जा रही है। कंपनी ने बनाया 3 साल का प्लान ग्लोबल टेक कंपनी लेनोवो ने ऐलान किया है कि उनकी कंपनी अगले 3 साल में भारत में मेड इन इंडिया पीसी मैन्युफैक्चिरिंग के लक्ष्य को हासिल कर लेगी। कंपनी की तरफ से पीसी बिजनेस के मामले में 100 फीसद लोकल प्रोडक्शन के टारगेट को हासिल कर लेगी। इसमें एआई पॉवर्ड पीसी के साथ लॉन्ग टर्म प्रोजेक्ट होंगे। 100 फीसद बनेंगे मेड इन इंडिया प्रोडक्ट बता दें कि लेनोवो ने ऐसा ऐलान उस वक्त किया है, जब लेनोवो इंडिया में अपने 20 साल पूरे कर लिये हैं। लेनोवो इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर शैलेंद्र कटियाल ने कहा कि अभी कंपनी की देश में पीसी सेल का 30 फीसद लोकल मैन्युफैक्चरिंग से आता है। यह आंकड़ा अगले साल 50 फीसद और तीन साल में 100 फीसद तक पहुंचने का अनुमान है। पुडुचेरी में बनेगी प्रोडक्शन फैलिसिटी कटियाल ने ये भी बताया कि Lenovo के पहले AI-पावर्ड सर्वर 1 अप्रैल से इसके इंडिया मैन्युफैक्चरिंग हब से रोल आउट होने शुरू हो जाएंगे। पिछले साल सितंबर में Lenovo ने पुडुचेरी में एक प्रोडक्शन फैसिलिटी लॉन्च की थी, जो हर साल करीब 50,000 एंटरप्राइज AI सर्वर और 2400 हाई-एंड ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPU) बनाएगी। लेनोवो भारत में करेगा रिसर्च एंड डेवलपमेंट का विस्तार कंपनी बेंगलुरु में एक और रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने की योजना बना रही है। साथ ही भारत में अपनी रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) कैपेसिटी का विस्तार कर सकती है। कंपनी का मानना है कि भारत एक बड़ा मार्केट है। साथ ही भारत से बड़े पैमाने पर स्मार्टफोन का एक्सपोर्ट किया जा सकता है। कंपनी का कहना है कि साल 2024 के लिए 18,000 करोड़ रुपये के प्रोडक्ट्स बनाये गये हैं। भारत में बनाए जा रहे ज्यादातर मोटोरोला फोन लेनोवो की तरफ से भारत में AI में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसका रेवेन्यू साल दर साल के हिसाब से 2.5 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। Lenovo भारत से ग्लोबल मार्केट में Motorola स्मार्टफोन एक्सपोर्ट कर रहा है। कंपनी ने ऐलान किया है कि अब सभी Motorola फोन का प्रोडक्शन भारत में हो रहा है।

Oppo F27 Pro+ पर मिल रहा शानदार ऑफर

नई दिल्ली Oppo के स्मार्टफोन्स अक्सर ट्रेंड में रहते हैं। अगर आप भी कोई नया फोन तलाश रहे हैं तो Oppo F27 Pro+ की भी तलाश कर सकते हैं। इस फोन में आपको काफी शानदार फीचर्स मिलते हैं। साथ ही आज हम आपको इसके बारे में जानकारी भी देने वाले हैं। साथ ही फोन के डिजाइन के बारे में भी बताएंगे। Oppo F27 Pro+ की स्पेसिफिकेशन भी काफी खास होने वाली है। ऐसे में आप इसे अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं। कार्ड डिस्काउंट- OPPO F27 Pro+ (8GB+128GB) को आप फ्लिपकार्ट से ऑर्डर कर सकते हैं। इस फोन की MRP 32,999 रुपए है और आप इसे 21% डिस्काउंट के बाद 25,999 रुपए में खरीद सकते हैं। इस फोन पर कई कार्ड डिस्काउंट्स भी चल रहे हैं। सभी ऑफर्स मिलने के बाद आपको ये फोन 11,149 रुपए का मिल सकता है। PhonePe UPI Transaction की मदद से पेमेंट करने पर 1% तक का डिस्काउंट मिल सकता है। Flipkart Axis Bank Credit Card से पेमेंट करने पर 5% का अनलिमिटेड कैशबैक मिल सकता है। IDFC First Women Plantinum कार्ड पर 5% की छूट मिल सकती है। एक्सचेंज ऑफर के साथ मिल रहा डिस्काउंट- एक्सचेंज ऑफर के तहत आपको ज्यादा डिस्काउंट मिलने वाला है। अगर आप पुराना फोन फ्लिपकार्ट को वापस करते हैं तो 14,850 रुपए की छूट मिल सकती है। इतना भारी डिस्काउंट हासिल करने के लिए आपके पुराने फोन की कंडीशन ठीक होनी चाहिए और ये पुराने फोन के मॉडल पर भी डिपेंड करता है। फोन की कंपनी की तरफ से 1 साल की वारंटी दी जा रही है। Accessories की अलग से 6 महीने की वारंटी मिल रही है। स्पेसिफिकेशन- Oppo F27 Pro+ में 8GB RAM और 128GB स्टोरेज मिल रही है। इस फोन में 6.7 इंच फुल एचडी+ डिस्प्ले दिया जा रहा है। इस डुअल रियर कैमरा मिल रहा है, जिसका प्राइमरी कैमरा 64MP का मिल रहा है। साथ ही फ्रंट कैमरा 8MP का मिल रहा है। 5000 mAh Battery की वजह से बैकअप भी अच्छा दिया जा रहा है। इसमें Dimensity 7050 Processor मिल रहा है जिसकी वजह से आपके फोन की स्पीड भी काफी अच्छी दी जा रही है। डिजाइन को लेकर भी आपको ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। क्योंकि ये लाइट वेट स्मार्टफोन है। साथ ही ये डुअल सिम सपोर्ट के साथ आता है। कॉम्पैक्ट डिजाइन की वजह से आपके लिए इसे कैरी करना भी आसान हो जाता है। यही वजह है कि मिड रेंज फोन के साथ इसे काफी पसंद भी किया जाता है।

अंकुरित मूंग खाने से इम्यूनिटी होगी स्‍ट्रॉन्‍ग

घर के बड़े-बूढ़े हमेशा से कहते आए हैं क‍ि सुबह का नाश्‍ता हेल्‍दी और पोषक तत्‍वों से भरपूर हाेना चाह‍िए। साथ ही पेट भर करना चाह‍िए। अगर ऐसा कर ल‍िया गया ताे आप द‍िनभर ऊर्जावान महसूस करते हैं। ये शरीर को भी कई तरह से फायदा पहुंचाता है। अंकुरित मूंग उन्‍हीं में से एक है। यह ऐसा ही एक सुपरफूड है, जिसे सुबह खाली पेट खाने से सेहत को जबरदस्त फायदे मिलते हैं। अंकुर‍ित मूंग प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होती है। इससे हमारा डाइजेशन मजबूत होता है। ये तेजी से वजन घटाने में भी मददगार है। इसके अलावा ये दिल की सेहत सुधारने और इम्युनिटी बढ़ाने में भर मदद करती है। अंकुरित मूंग शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर त्वचा को ग्लोइंग बनाने में भी सहायक होती है। इसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है, जिससे अनहेल्दी स्नैक्स खाने की आदत भी कम हो जाती है। अगर आप दिन की शुरुआत हेल्दी और एनर्जेटिक तरीके से करना चाहते हैं, तो रोज सुबह अंकुरित मूंग को अपने आहार में जरूर शामिल करें। सुबह खाली पेट अंकुर‍ित मूंग खाने के फायदे     शरीर को स्वस्थ रखने के लिए इम्युनिटी स्‍ट्रॉन्‍ग होना जरूरी है। सुबह अंकुरि‍त मूंग दाल खाने से इम्युनिटी बूस्ट होती है। दरअसल, इसमें विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। इसे खाने से आप कई तरह की बीमारियों और संक्रमण की चपेट में आने से बच सकते हैं।     अगर आप नाश्ते में अंकुरित मूंग रोजाना खाते हैं, तो इससे आपकी स्किन हेल्‍दी रहती है, जिससे आप जवां नजर आएंगे।     अंकुरित मूंग में विटामिन-ए पाया जाता है। जो आंखों के लिए फायदेमंद है। इसे डेली डाइट में खाने से आंखों की रोशनी तेज होती है।     अंकुरित मूंग में भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है। इसे खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाती है, जिससे एनीमिया की समस्या को मात दे सकते हैं।     अंकुरित मूंग खाने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इसे खाने से ब्लड क्लॉटिंग की समस्या भी दूर होती है।     फाइबर युक्त अंकुरित मूंग डाइजेस्टिव स‍िस्‍टम को मजबूत बनाने में मदद करता है। एसिडिटी, खट्टे डकार आदि पाचन संबंधी समस्याओं में आराम मिलता है। साथ ही मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट करता है।     हाई फाइबर से भरपूर मूंग दाल खाने से पेट के भरे होने का एहसास लंबे समय तक बना रहता है, जिसकी वजह से ओवरइटिंग नहीं होती, जो वजन कम करने में सहायक होता है।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet