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बचत के साथ खरीदारी में ही है समझदारी

शॉपिंग करने का क्रेज है, तो थोड़ा प्लान करके चलने से इसका मजा और भी बढ़ जाएगा। आखिर इस तरह कुछ बचत होगी और आपकी पसंद का सामान भी आएगा। जानते हैं इसी से जुड़े कुछ टिप्स… अगर आपको शॉपिंग करने का क्रेज है, तो आपका मन सेल सीजन में और भी उतावला हो जाता होगा। लेकिन शॉपिंग पर जाने से पहले उन बातों का जरूर ध्यान रखें, जिनसे सेविंग भी हो जाए और खरीदारी भी बढ़िया हो। सेल का इंतजार करें:- अगर आपको एक साथ ज्यादा चीजें खरीदने की आदत है, तो बेहतर होगा कि सेल सीजन का वेट करें। जब तक सेल ना लगे, तब तक मॉल में शॉपिंग करना बिल्कुल अवॉयड करें। यहां आपको ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। शॉपिंग का अलग अकाउंट:- जब भी आपको पे चेक मिले, तो इसे दो अकाउंट्स में डिवाइड करें। एक को अपने बिल्स और जरूरतों के लिए रखें और दूसरे को शॉपिंग के लिए। दूसरे अकाउंट से शॉपिंग वाला दिन आने तक कोई ट्रांजैक्शन ना करें। फिजूल शॉपिंग से बचें:- ऐसा कुछ भी नहीं खरीदें, जिसकी जरूरत आपको तुरंत न हो। कभी तो इसकी जरूरत होगी वाली सोच रखेंगे, तो फालतू की शॉपिंग ज्यादा होगी। इस पैसे को बचाएं और अपनी जरूरत की चीजों पर खर्च करें। खर्चों का हिसाब-किताब:- अपने खर्चों का ट्रैक रखना बेहद जरूरी है। बेहतर है कि अपनी डिजिटल डायरी या मोबाइल फोन में नोट बनाकर आप रोजाना होने वाले खर्च का ध्यान रखें। हर महीने के अंत में चेक करें कि कहां सेविंग हो सकती थी। अगर हो सके, तो महीने की बजाय हफ्ते का हिसाब रखें। सेविंग कर दें शुरू:- आमतौर पर सेल जनवरी और अगस्त के आसपास लगती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए एक-दो महीने पहले ही सेविंग्स करना शुरू कर दें। मॉनसून में भी बड़ी-बड़ी सेल लगा करती हैं। ऐसे में आप सेल शुरू होने से एक महीने पहले ही सेविंग शुरू कर दें। एक बार करेंगे, तो आपको खुद ही इसमें मजा आने लगेगा। तो मॉनसून सेल एन्जॉय करने की तैयारी अभी से शुरू कर दें!  

करियर के इन क्षेत्रों में बढ़ाएं रुचि ताकि तरक्की के साथ बरसता रहे धन

हर कोई देवी लक्ष्मी की कृपा चाहता है। बात अगर करियर की करें, तो हर युवा ऐसी नौकरी चाहता है, जिसमें खूब धन भी बरसे और लगातार तरक्की भी मिलती रहे। अगर आप भी चाहते हैं कि लक्ष्मी आप पर मेहरबान रहें, तो अपनी रुचि करियर के उन क्षेत्रों में बढ़ाएं, जिनमें आज और आने वाले दिनों में भी लगातार आकर्षक सैलरी मिलने की पूरी उम्मीद होती है। डाटा साइंटिस्ट: इंटरनेट के इस दौर में बढ़ते ऑनलाइन डाटा कलेक्शन को देखते हुए आजकल देश में डेटा साइंटिस्ट की काफी डिमांड है। आकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में इस पेशे की डिमांड करीब 40 फीसदी तक बढ़ी है। इस फील्ड में कमाई की भी बेहतर संभावनाएं हैं। हाल में आए एक सर्वे की मानें, तो अनुभवी डाटा साइंटिस्ट की टॉप सालाना सैलरी आजकल 60 लाख से 70 लाख रुपये तक है। इन्हें किसी भी आइटी प्रोग्रामर्स के मुकाबले दो से तीन गुना ज्यादा सैलरी मिल रही है। इस हाईपे पैकेज के कारण ही यह फील्ड आज के टॉप 10 करियर में शुमार किया जाता है। दरअसल, डाटा साइंटिस्ट आइओटी, डिवाइसेज, सेंसर्स, सर्वर्स तथा बायोमेट्रिक मॉनीटर्स आदि के जरिए एकत्रित होने वाले डाटा को मेंटेन रखने तथा उसकी एनालिसिस करके महत्वपूर्ण जानकारियां निकालने में काफी कुशल होते हैं। यही वजह है कि तकरीबन सभी बड़ी कंपनियों को आज इनकी जरूरत है। इनकी मदद से बिजनेस कंपनियां पूर्वानुमान लगाकर अपनी सेल्स और मार्केटिंग रणनीति को और मजबूत कर सकती हैं और फायदे कमा सकती हैं। कोर्स एवं योग्यता: अगर आप ग्रेजुएट्स हैं या फिर बीई/बीटेक बैकग्राउंड के हैं, तो डाटा सांइस में पीजी डिप्लोमा कोर्स करके इस फील्ड में एंट्री पा सकते हैं। भारत में आइआइटी खड़गपुर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु और आइआइएम में डाटा साइंस से संबंधित कोर्स ऑफर किए जाते हैं। इनके अलावा, कई निजी संस्थानों में भी आजकल डाटा सांइस में अंडरग्रेजुएट इंटीग्रेटेड कोर्स ऑफर किए जा रहे हैं, जिसे 12वीं के बाद कर सकते हैं। यदि आप जॉब करते हुए अपनी स्किल बढ़ाकर इस फील्ड में आना चाहते हैं, तो जिगसॉ, एनालिटिक्सलैब जैसे कुछ इंस्टीट्यूट ऑनलाइन माध्यम से भी बिग डाटा एनालिटिक्स में शॉर्ट टर्म कोर्स कराते हैं, जिसे युवाओं द्वारा काफी पसंद भी किया जा रहा है। एआइ/एमएल एक्सपर्ट: कंपनियों में ऑटोमेशन पर जोर दिए जाने से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) और मशीन लर्निंग (एमएल) एक्सपर्ट की मांग भी लगातार बढ़ रही है। डाटा साइंटिस्ट की तरह ही यह फील्ड भी एक हाईपेइंग जॉब है। सैलरी डॉट कॉम के अनुसार, तीन से पांच साल के अनुभवी लोगों को इस फील्ड में 40 से 50 लाख रुपये तक सालाना पैकेज मिल रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की मांग और तेजी से बढ़ेगी, क्योंकि इस तकनीक के फायदे देखते हुए हर जगह इसके उपयोग की संभावनाएं देखी जा रही हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक कंप्यूटर बेस्ड सिस्टम है और एमएल इसी का एक सॉफ्टवेयर है, जो उन सभी कार्यों को भी करने में सक्षम होता है जिसे सिर्फ इंसान ही कर सकते हैं। एआइ के इस्तेमाल की बात करें, तो अभी गूगल, फेसबुक, ट्विटर, अमेजन जैसी बड़ी सर्च इंजन, सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स कंपनियों में एआइ तकनीक का सबसे अधिक उपयोग हो रहा है। इसके अलावा, रोबोटिक्स और डाटा माइनिंग के फील्ड में भी ऐसे प्रोफेशनल्स की काफी मांग देखी जा रही है। कोर्स एवं योग्यताएं: जो युवा इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर, आइटी, डाटा साइंस या फिर मैथ्स बैकग्राउंड के हैं, उनके लिए यह सबसे अधिक उपयुक्त कोर्स है। हाल में इंडस्ट्री की जरूरतों को देखते हुए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, हैदराबाद ने पहली बार एआइ/एमल में बीटेक डिग्री प्रोग्राम शुरू किया है। आइआइटी बांबे में भी एमएल में पीजी डिप्लोमा तथा मास्टर्स प्रोग्राम कराए जा रहे हैं। इसके अलावा, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया, आइबीएम जैसी कुछ टॉप आइटी कंपनियां भी इसकी ट्रेनिंग उपलब्ध करा रही हैं। ब्लॉकचेन डेवलपर: नई तकनीक के रूप में ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी की भी चर्चा आजकल खूब है। आने वाले समय में सरकारी प्रतिष्ठानों से लेकर प्राइवेट कंपनियों तक हर जगह ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी की समझ रखने वाले ब्लॉकचेन एनालिस्ट/ब्लॉकचेन डेवलपर की भारी जरूरत होगी। यह जॉब भी नए जमाने की टॉप 10 नौकरियों में शुमार है, जिसमें प्रोफेशनल्स को 45 से 50 लाख रुपये तक का पैकेज मिल रहा है। विशेषज्ञों की मानें, तो क्रिप्टोकरेंसी के अलावा जल्द ही इस तकनीक का प्रभाव इंटरनेट कनेक्टिविटी तथा डाटा सिक्युरिटी जैसे क्षेत्रों में भी देखने को मिलेगा। कोर्स एवं योग्यता: ब्लॉकचेन तकनीक की मांग को देखते हुए भारत के कई आइआइटी संस्थानों के इंजीनियरिंग प्रोग्राम में अलग से एक माड्यूल के तौर पर इस विषय को जोड़ा जा रहा है ताकि छात्रों को इसकी जानकारी दी सके। इसके अलावा, आइबीएम, टैलेंट स्प्रिंट जैसे कुछ संस्थानों में यह कोर्स कराया जा रहा है। कोर्सेरा उडेमी जैसे पोर्टल्स के द्वारा भी इसके लिए शॉर्टटर्म कोर्स चलाए जा रहे हैं, जहां से आप इसे ऑनलाइन भी कर सकते हैं। यह कोर्स एक माह से लेकर तीन और छह माह की अवधि का है, जिसे कोई भी युवा कर सकता है। लेकिन जो लोग इंजीनियरिंग या प्रोग्रामिंग बैकग्राउंड के हैं, कोडिंग/जावा जानते हैं या फिर सॉफ्टवेयर डेवलपिंग, बैंकिंग/फाइनेंशियल सेक्टर में हैं, उनके लिए यह कोर्स ज्यादा उपयुक्त है। सॉफ्टवेयर डेवलपर: वेबसाइट्स और एप्स के बढ़ते बाजार की वजह से दुनियाभर में सॉफ्टवेयर डेवलपर की मांग लगातार बढ़ रही है। सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में डेवलपर की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है, जहां ये प्रोफेशनल एप्लिकेशन की डिजाइनिंग, डेवलपमेंट एक्टिविटी, लैंग्वेज की प्रोग्रामिंग, असेंबलिंग और टूल्स डेवलपमेंट जैसी तमाम चीजों को डेवलप करने का काम करते हैं। साथ ही पुराने हो चुके सॉफ्टवेयर एप्लिकेशंस में नए फंक्शन, स्पेसिफिकेशन, खामी व स्पीड पर काम करके उसे अपडेट रखने का काम भी इन्हीं का होता है। जो स्टूडेंट्स सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग या डेवलपमेंट के क्षेत्र में काम करने की इच्छा रखते हैं, वे प्रोग्रामिंग, कंप्यूटर साइंस या सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का कोर्स कर सकते हैं। इसके लिए साइंस स्ट्रीम के साथ ग्रेजुएट होना जरूरी है। एंट्री लेवल डेवलपर्स को शुरुआत में 4 से 6 लाख रुपये तक पैकेज मिलता है, जो अनुभव बढ़ने पर 25 से 30 लाख रुपये तक हो सकता है। प्रोडक्ट मैनेजर: मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों तथा बड़े-बड़े प्रतिष्ठानों में … Read more

बादाम के मजेदार फायदे, आप भी खाएं और रहें तंदुरुस्त

कौन ऐसा है जो यह न जानता हो कि बादाम खाना आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है. बादाम के फायदे जान कर अगर आपको बादाम पसंद नहीं है तो भी आप इसे खाने लगेंगे. बादाम डायबिटीज, पाचन जैसी समस्याओं से लड़ने में तो मदद करता ही है साथ ही वजन कम करने के लिए भोजन में भी शामिल किया जा सकता है. जी हां, बादाम को अगर आप सही तरह से आहार में शामिल करें तो यह आपको वेट लॉस डाइट में भी शामिल किया जा सकता है. इतना ही नहीं कई स्टडी यह भी साबित कर चुकी हैं कि बादाम कैंसर से लड़ने या रोकथाम में भी मदद कर सकता है. बादाम को मेवों का राजा कहा जाता है, तो इसकी वजह है बादाम के पोषक तत्व. तो चलिए आज जानते हैं बादाम के 5 फायदों के बारे में… 1.विटामिन ई- ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से सेल्स की सुरक्षा करता है। 2.फाइबर- बादाम में नेचुरल फाइबर होते हैं जो पाचन को बेहतर बनाते हैं। 3.राइबोफ्लेविन- राइबोफ्लेविन (विटामिन बी2) थकान को कम करने में मदद करता है। 4.फॉस्फोरस- यह सेल मेम्बरेंस को सही तरीके से काम करने में मदद करता है। 5.मैग्नीशियम- यह इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित रखता है और मसल फंक्शन्स को सामान्य रखता है। 6.प्रोटीन- यह हड्डियों के स्वास्थ्य और मसल मास को बढ़ाने में योगदान देता है। 7.कैल्शियम- यह हड्डियों, दांतों और मांसपेशियों के फंक्शन को नॉर्मल रखने में मदद करता है। 8.एनर्जी- बादाम ऊर्जा का अच्छा स्रोत होते हैं। 9.फोलेट- यह नॉर्मल साइकोलॉजिकल फंक्शन में योगदान देता है। 10.आयरन- यह लाल रक्त कोशिकाओं और हीमोग्लोबिन के उत्पादन में मदद करता है। 11.नियासिन- यह नर्वस सिस्टम को बेहतर तरीके से फंक्शन करने में मदद करता है। 12.थियामिन- हृदय को सही तरीके से काम करने के लिए थियामिन की आवश्यकता होती है। 13.जिंक- यह प्रोटीन सिंथेसिस और स्किन को नॉर्मल रखने में मदद करता है। 14.पोटेशियम- यह ब्लड प्रेशर को नॉर्मल रखने में मदद करता है। प्रतिदिन अगर आप 45 ग्राम बादाम का सेवन करते है तो यह कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) को कम और डिस्लिपिडेमिया जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव करता हैं। वही हर रोज मुट्ठी भर बादाम खाने से वजन कम करने में मदद मिल सकती है। इसमें फाइबर और प्रोटीन होते हैं जो आपको भोजन करने के बाद लगने वाली छोटी-छोटी भूख से बचाते हैं। बादाम में कार्बोहाइड्रेट्स कम होते हैं और इनमें फाइबर और प्रोटीन ज्यादा होते हैं। इसलिए डायबिटीज के मरीजों के लिए यह परफेक्ट स्नैक है। बादाम का सेवन करने से दिमाग को बेहतर तरीके से फंक्शन करने में मदद मिल सकती है। रिसर्च बताती हैं बादाम का सेवन ब्रेन में एसिटाइलकोलाइन के स्तर को बढ़ाता है और मेमोरी को बेहतर करने में मदद करता है।  

ठंड में ऐसे रखें अपने होठों का ध्यान

चेहरे में होठ एक ऐसा अंग है जो आकर्षण का केंद्र होता हैं। सभी चाहते है कि उनके होठ हमेशा ही अच्छे दिखे। अब अगर हम होठ का ध्यान रखने की बाते करे तो हमे उन्हें पॉल्यूशन और धूप से बचाना होगा। डेड स्किन को समय-समय से हटाना होगा। हमारे होठ बाकी शरीर के मुकाबले कहीं ज़्यादा मुलायम और सेंसिटिव होती है। अगर आप निचे दी गई चीज़ो पर थोड़ा भी ध्यान देंगे तो आपके होठ हमेशा अच्छे दिखेंगे। एक मुलायम टूथब्रश लें और इसकी मदद से हल्के हाथों से होंठों को रगड़ें। हो सके तो नये ब्रश का या बेबी ब्रश का इस्तेमाल करें। ब्रश को पहले हल्का सा गीला कर लें वरना होंठ कट सकते हैं। ऐसा करने से होंठों की सारी डेड स्किन लूज़ हो जाएगी और इन्हें हटाना आसान होगा। डेड स्किन को लूज़ करने के बाद इसे होंठों से हटाना बहुत ज़रूरी है। ऐसा करने के लिए 2 चम्मच चीनी में आधा चम्मच शहद मिलाएं। अब नींबू के एक टुकड़े की मदद से इसे अपने होंठों पर रगड़ें। 2-5 मिनट तक ऐसा करने के बाद होंठों को गुनगुने पानी से धो लें। चीनी के कण होंठों से डेड स्किन हटाने में मदद करेंगे, शहद होंठों को मुलायम बनाएगा और नींबू में मौजूद ब्लीचिंग एजेंट होंठों के कालेपन को कम करेगा।एक्सफॉलिएट करने के बाद होंठों को मॉइश्चराइज़ करना ना भूलें। शीया बटर और विटामिन ई वाले लिप बाम का इस्तेमाल करें। सिर्फ एक्सफॉलिएट करने के बाद ही नहीं, बल्कि पूरे दिन में अपने होंठों को हर थोड़ी देर में मॉइश्चराइज़ करते रहें। बेहतर रिज़ल्ट्स के लिए रात में सोने से पहले होंठों पर देसी घी लगा सकती हैं। टिप: होंठ बहुत ज़्यादा काले हो रहे हैं तो बाहर निकलने से पहले होंठों पर भी सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें या एसपीएफ वाले लिप बाम का इस्तेमाल करें। इसके अलावा देसी लाल गुलाब की पंखुड़ियों को थोड़े से दूध के साथ मिलाकर मैश करें। इस पेस्ट को रुई की मदद से होंठों पर लगाएं और 10-15 मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें। ऐसा हफ्ते में दो बार करें, कुछ ही दिनों में आपको फर्क महसूस होगा।  

कान दर्द की समस्या से अपने बच्चों को ऐसे छुटकारा दिलवाएं

ठंड के मौसम में सभी को कान दर्द की काफी परेशानी होती हैं। बड़े तो इस दर्द को बता कर तुरंत इलाज कर सकते हैं। लेकिन बच्चों के लिए ये बहुत दिक्कत का कारण हो जाता हैं। यह 3 साल तक के बच्चों में ज्यादा होता है। कुछ बच्चों को कान में इंफेक्शन होने का खतरा ज्यादा होता है। इन बच्चों को किसी चीज से एलर्जी की वजह से भी ऐसा हो सकता है। बच्चे के कान में इन्फेक्शन होने पर अक्सर बच्चा कान पकड़ कर रोता है। इसलिए बेहद जरूरी है कि आप बच्चे के आस पास सफाई रखे। सर्दी-जुकाम से रोकथाम करें: जिस तरह से तंबाकू के कण से कान में इंफेक्शन हो सकता है ठीक उसी तरह से बच्चे को सर्दी-जुकाम भी हो जाता है। अपने बच्चे को भीड़-भाड़ वाली जगह पर ना लेकर जाएं या कोई व्यक्ति बीमार है तो उनके हाथों में अपने बच्चे को ना दें। बच्चे के आस-पास धूम्रपान ना करें: तंबाकू या धूम्रपान करने से बच्चे को कान में इंफेक्शन होने का खतरा 50 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। एक स्टडी के मुताबिक तंबाकू के कण बच्चे के कान की अंदरुनी ट्यूब में एकत्रित हो जाते हैं। यह कण ट्यूब से तरल पदार्थ निकलने नहीं देते हैं जिसके कारण कान में इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। अगर आप घर के बाहर धूम्रपान करते हैं तो यह कण आपके बालो और कपड़ों से बच्चे के पास जा सकते हैं। जब बच्चा लेटा हुआ हो तो उसे बोतल ना दें: जब बच्चा लेटकर बोतल को चूसता है तो उसके कान की अंदरुनी ट्यूब खुल जाती है। जिसकी वजह से गले से के जरिए कीटाणु कान में चले जाते हैं। यह कीटाणु कान को संक्रमित करते हैं। अगर आप अपने बच्चे को बोतल की मदद से फीड कराती हैं उसे फीड कराते समय बोतल को ऊपर से पकड़ कर रखें या बोतल से फीड कराते समय बच्चे को बेड पर ना लेटाएं। ब्रेस्टफीडिंग: ब्रेस्टफीडिंग कान में इंफेक्शन की रोकथाम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही ब्रेस्टफीडिंग से कान के अंदर की ट्यूब को बेहतर फंक्शन में मदद मिलती है। आप जितने ज्यादा समय तक ब्रेस्टफीड कराते हैं तब तक आपका बच्चा कान में इंफेक्शन से बचा रहता है। अगर कान में इंफेक्शन की परेशानी ठीक ना हो तो डॉक्टर से बात करें: अगर आपका बच्चा बहुत समय से कान में इंफेक्शन से परेशान हैं तो भविष्य में कान में इंफेक्शन होने से बचाने के लिए आप उसे डॉक्टर से दवा लेने की सलाह ले सकते हैं। अगर बच्चे को काफी समय से इंफेक्शन है तो इसके इलाज का एक और उपाय है। आप टाइपमोपोस्टोमी ट्यूब को बच्चे के कान में डालकर जो कान से तरल पदार्थ निकालने में मदद करता है। यदि कान में इंफेक्शन से बच्चे को सुनने या पढ़ने में कोई परेशानी हो रही है तो इसके लिए अपने डॉक्टर से बात करें।  

स्लो चार्ज होता है मोबाइल मतलब ये गलतियां कर रहे हैं आप

अक्सर लोगों को मोबाइल स्लो चार्ज होने की शिकायत रहती है। जाने-अनजाने वो कभी चार्जर तो कभी मोबाइल को दोष देने लग जाते हैं। हममे से कोई भी कभी यह नहीं सोचता कि मोबाइल को चार्ज करने का भी अपना एक तरीका होता है। आप में हर कोई चाहे सामान्य फोन इस्तेमाल कर रहे हो, एंड्रॉयड या फिर स्मार्ट फोन… चार्जिंग के दौरान कोई न कोई गलती करता ही है। आज हम अपनी खबर में आपको कुछ ऐसी ही गल्तियों को बारे में बताएंगे जिन्हें न करके आप अपने मोबाइल फोन को अच्छे से और तेज चार्ज कर पाएंगे। कम्प्यूटर से कभी चार्ज न करें अपना मोबाइल:- हममे से अधिकांश लोग ऑफिस गोइंग होते हैं और डेटा केबल के जरिए लैपटॉप या डेस्कटॉप से अपना मोबाइल बेधड़क चार्ज कर लेते हैं, लेकिन हम यहां गलती कर रहे होते हैं। अगर आप अपने पीसी से मोबाइल को चार्ज करते हैं तो चार्जिंग बहुत स्लो होगी। वायरलैस चार्जिंग से भी आपको बचना चाहिए क्योंकि इससे भी मोबाइल फोन स्लो चार्ज होता है। आपको हर हाल में अपना मोबाइल फोन सिर्फ उसके चार्जर से ही चार्ज करना चाहिए, ऐसा करना आपके मोबाइल के लिए भी मुफीद होता है। हा वो दीगर बात है कि अगर आपके मोबाइल की बैटरी एकदम लो हो गई है और आपको अर्जेंट बात करनी है तो कभी कभार आपक अन्य माध्यम का सहारा ले सकते हैं। अपनाएं ये तरीके नहीं होगी स्लो चार्जिंग… ऐप्स को बंद कर चार्ज करें मोबाइल बहुत सारे लोगों के मोबाइल में मेल, फेसबुक, ट्विटर जैसी ऐप्स हरदम ऑन रहती हैं। इन ऐप्स के चालू रहने से आपकी बैटरी लगातार खर्च होती रहती है और इसी दौरान अगर आप अपना मोबाइल फोन चार्ज करते है तो वो स्लो चार्ज होता है। हो सके तो फोन चार्जिंग के दौरान इन ऐप्स को बंद करके ही मोबाइल को चार्जर से कनेक्ट करें। ऐसा करने से आपका फोन जल्दी चार्ज होगा। यूनीवर्सल नहीं कंपनी के एडॉप्टर का ही करें इस्तेमाल कुछ लोगों की आदत होती है कि वो यूनिवर्सल एडॉप्टर से अपना मोबाइल चार्ज करने में गुंरेज नहीं करते। हममे से अधिकांश नहीं जानते कि बाजार में आने वाले काफी सारे यूनीवर्सल एडॉप्टर घटिया क्वालिटी के होते हैं। इन एडॉप्टर से फोन चार्ज करने से भी चार्जिंग स्लो हो सकती है, इसलिए संभव हो तो आप उसी चार्जर का इस्तेमाल करें जिसे कंपनी ने आपको मोबाइल के साथ दिया है। चार्जिंग के दौरान न करें फोन का इस्तेमाल कुछ लोग इतने उतावले होते हैं कि वो चार्जिंग के दौरान भी फोन का पीछा नहीं छोड़ते और लगातार फोन का इस्तेमाल करते रहते हैं। चार्जिंग के दौरान भी फोन का इस्तेमाल करने से चार्जिंग स्लो हो सकती है। इसलिए अगर संभव हो तो चार्जिंग के दौरान फोन का इस्तेमाल न के बराबर करें। किसी भी केबल से यू कनेक्ट न करें मोबाइल लोग फोन चार्जिंग को लेकर कभी कभी गलत केबल का भी इस्तेमाल कर लेते हैं। गलत केबल या यूएसबी के इस्तेमाल से भी फोन की चार्जिंग स्लो हो सकती है। इसलिए हो सके तो आपको फोन के साथ जो भी चार्जर मिला हो उसी का इस्तेमाल कर अपना मोबाइल चार्ज करें। ऐसा करने से आपका मोबाइल फोन जल्दी चार्ज होगा। अगर आपके पास कंपनी का चार्जर उपलब्ध नहीं है तो ही केबल का इस्तेमाल करे, लेकिन उसकी गुणवत्ता को भी पहले परख लें। हरदम हाईटेक बने रहना भी जरूरी नहीं कुछ लोगों में वाई-फाई, जीपीएस और ब्लूटूथ को एक साथ इस्तेमाल करने की आदत होती है। अगर चार्जिंग के दौरान ये सारे फीचर ऑन रहते हैं तो भी चार्जिंग की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है यानी आपका मोबाइल स्लो चार्ज होगा। इसलिए चार्जिंग के दौरान हाईटेक न बने और इन फीचर्स को कम से कम चार्जिंग के दौरान बंद रखें।  

दही और केले से बना फेस पैक देगा आपको निखरी त्वचा

खूबसूरत त्वचा हर कोई चाहता है लेकिन बहुत से कारणों से त्वचा पर बुरा असर पड़ता है। धूल, धूप, गंदगी, प्रदूषण, सूर्य की हानिकारक किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं। त्वचा को खूबसूरत बनाने के लिए आप बाजार के कॉस्मेटिक्स के बजाय घर की ही कुछ चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। त्वचा को फिर से जवां और हाइड्रेट बनाने के लिए आप घर पर ही मौजूद कुछ घरेलू चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। दही और केले का फेस पैक त्वचा को बेजान होने से बचाता है और खूबसूरत बनाने में मदद करता है। आर्टिकल में शामिल है- 1. केले और दही का फेसपैक बनाने के लिए आवश्यक सामग्री- एक केला, आधा कप दही, शहद 2. कैसे बनाएं केले और दही का फेसपैक- एक केला लें जो कि बहुत ज्यादा पका हुआ ना हो। केले को छीलकर मैश कर लें। मैश केले में दही को मिला लें और फ्लेवर्ड दही का इस्तेमाल ना करें। दही और केले के पेस्ट को अच्छी तरह से मिलाकर फेस पैक बना लें। त्वचा को खूबसूरत बनाने के लिए आप उबटन भी लगा सकते है। इसका इस्तेमाल कैसे करें जानने के लिए क्लिक करें। 3.कैसे लगाएं केला और दही फेसपैक- इस पैक को आप गर्दन के चारों तरफ भी लगा सकते हैं। इसे कुछ देर तक लगाकर रखें और 15 मिनट तक सुखाने के बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें। चेहरे पर थोड़ा सा मॉइश्चराइजर लगाएं। 4.केले और दही से बने फेसपैक के फायदे- केले में विटामिन ए, बी, और ई होता है साथ ही इसमें पोटेशियम भी पर्याप्त मात्रा में होता है। ये सभी तत्व प्राकृतिक रुप से त्वचा को खूबसूरत बनाने के लिए उपयोगी होते हैं। साथ ही दही में अल्फा-हाइड्रॉक्सिल एसिड होता है जो कि मृत कोशिकाओं को हटाने के लिए लाभकारी होता है। केले और दही से बना फेसमास्क त्वचा को हर प्रकार से खूबसूरत और निखरी हुई तो बनाता ही है साथ ही मुंहासे और उनके दाग को खत्म करके त्वचा को पोषण भी देता है। सप्ताह में 3 बार इसका इस्तेमाल करें। इस फेसपैक को लगाने के 2 महीने बाद परिणाम दिखाई देने लगते हैं।  

बच्चों को घुटने के बल चलना है तो फॉलो करें ये टिप्स

अगर आपका बच्चा 6-10 महीनें से बड़ा है और वो घुटनों के बल नहीं चल पाता है तो परेशान होने की जरुरत नहीं है। बच्चे का वजन ज्यादा होने की वजह से ऐसा नहीं कर पाता है। जिन बच्चों का वजन ज्यादा होता है उनको घुटनों के बल चलने में थोड़ी दिक्कत होती है। लेकिन अगर आप कुछ बातों का ध्यान रखें तो आप अपने बच्चे को खुद घुटनों के बल चलाना सिखा सकते हैं। बच्चे को पेट के बल लेटने की आदत डालवाएं : बच्चों को पेट के बल लेटकर खेलने में मजा आता है। उन्हें फर्श पर पेट के बल लेटाने से उन्हें हाथ और गर्दन की मांसपेशियां विकसित होती हैं। आप इसे थोड़ी-थोड़ी देर के लिए करते रहना चाहिए। जैसे ही बच्चा 4 महीने का होता है तब से वह अपना सिर घुमाना शुरु कर देता है जिससे वह अपने शरीर पर कंट्रोल करने लगता है और घुटनों के बल चलने के लिए तैयार होता है। बच्चे को बिठाएं ताकि उसकी कमर मजबूत हो सके : जब तक आपका बच्चा बैठना ना सीखे आपको उसकी मदद करनी चाहिए। लेकिन जब तक वह अपने आप बैठना ना सीखे तब उसके सिर और पीठ पर हाथ रखें ताकि बच्चे को सीधा रहने और घुटनों के बल चलते समय सिर ऊपर रखने में मदद मिले। इसके लिए आप अपने बच्चे को सिर के ऊपर कुछ दिखाएं ताकि जब वह ऊपर की तरफ देखे। इससे सिर, कमर और कंधों की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद मिलती है। एक सुरक्षित स्थान ढूंढे : आपके बच्चे को घुटनों के बल चलाना एक सुरक्षित और कोमल जगह से शुरु करें। क्योंकि अगर जगह बच्चे के लिए सहज नहीं होगी तो उसे चलने में दिक्कत होगी। आप फर्श पर कोई मुलायम कारपेट बिछा सकते हैं, जिससे बच्चे को कोई परेशानी ना हो। ध्यान से बच्चे को पीठ के बल फर्श पर लेटाएं : आपका बच्चा जब खुश हो तो आराम से उसे पीठ के बल फर्श पर लेटाएं। कम से कम 10-15 मिनट तक बच्चे को पीठ के बल लेटे रहने दें। जब तक वह आराम महसूस करने लगे। बच्चे को पेट के बल घुमाएं : अगर आपका बच्चा घुमते हुए सहज महसूस करता है तो उसे ऐसा करने दें। आप उसकी मदद करके उसे पेट के बल लेटा दें। वह अपने हाथ और सिर को सपोर्ट खुद करेगा। जैसे ही वह हाथ और सिर को सपोर्ट करे तो उसके सिर को ऊपर की तरफ करें। बच्चे का कोई खिलौना उससे थोड़ा दूर रख दें : आप अपने बच्चे को खिलौने के पास जाने के लिए प्रोत्साहित करें और उसे आगे चलने में मदद करें। इससे आपका बच्चा घुटनों के बल चलने की कोशिश करेगा। मगर ध्यान रहे खिलौना ज्यादा दूर ना रखें। इससे बच्चे को परेशानी हो सकती है। बच्चे के साथ घुटनों के बल चलें : बच्चे को आपकी तरफ घुटनों के बल चलकर आने की बजाय आप बच्चे के साथ घुटनों के बल चलें। आप और आपका बच्चा दोनों खिलौने की तरफ घुटनों के बल चलकर जा सकते हैं। ऐसा करने से आपका बच्चा घुटनों के बल चलने के लिए प्रोत्साहित होता है।  

मानसिक रोगों को दूर करने में मदद करेंगे ये योगासन

मानसिक रोगों को काफी हद तक योगासन की मदद से ठीक किया जा सकता हैं। योग शरीर को अधिक शक्तिशाली बनाता है और कार्यक्षमता को बढ़ाता है। ये संज्ञान शक्ति में तत्काल वृद्धि का कारक भी हो सकता है। ये तनाव से मुक्त करता है और मस्तिष्क के द्वारा संचालित सभी महत्वपूर्ण क्रियाओं के संचालन में मदद करता है। नीचे दिए गए योगासनों की मदद से आप इसमें मदद पा सकते हैं। भ्रामरी प्राणायाम : नकारात्मक भावनाये जैसे क्रोध, झुंझलाहट, निराशा और चिंता से मुक्त करता है। एकाग्रता और स्मृति को बढ़ाता है। आत्म विश्वास को बढ़ाता है। यह एक साधारण प्रक्रिया है जिसको घर य ऑफिस, कहीं पर भी किया जा सकता है। यह प्राणायाम चिंता-मुक्त होने का सबसे अच्छा विकल्प है। पाद पश्चिमोत्तानासन : रीढ़ की हड्डी को खींच कर तनाव मुक्त करता है। मन से क्रोध और चिड़चिड़ाहट दूरकर शांत करता है। सेतुबंध आसन : गर्दन और रीढ़ में खिचाव के द्वारा मजबूती लाता है। मांसपेशियों को विश्राम देता है। मस्तिष्क में रक्त संचार बढ़ाता है। मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को शांत करने में मदद करता है, जिससे चिंता, तनाव और अवसाद को कम किया जा सकता है। सर्वांगासन : थाइरॉइड और पैरा-थाइरॉइड ग्रंथियों को नियमित करता और सुचारु करता है। पीनियल और हाइपोथैलेमस ग्रंथियों में अधिक रक्त पहुंचाकर मस्तिष्क को पुष्ट करता है। सभी संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली में सुधार लाता है। हलासन : मस्तिष्क में रक्त प्रवाह को बेहतर कर तंत्रिका तंत्र को शांत करता है। पीठ और गर्दन में खिचाव से तनाव और थकावट को कम करता है। अधिक जानने के लिए यहां क्लिक करें।  

इंटरव्यू देने से पहले होती है घबराहट तो इस तरह करें खुद को तैयार, बढ़ेगा कॉन्फिडेंस

किसी भी जॉब को जॉइन करने से पहले इंटरव्यू होता है। इस दौरान इंटरव्यू में वैसे तो प्रोफाइल से जुड़े कॉमन सवाल पूछे जाते हैं। इनके जरिए पता लगाया जाता है कि आप उस नौकरी के लिए सही हैं या नहीं। सवाल आपकी प्रोफाइल से जुड़े होते हैं लेकिन फिर भी इंटरव्यू सेशन से पहले कुछ को घबराहट होती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो खुद को तैयार करें, इससे कॉन्फिडेंस भी बढ़ता है। पहले से प्रेक्टिस करें सवालों के जवाब देने की कोशिश पहले से करें। शीशे में देखकर खुद से सवाल करें और उनके जवाब देने की प्रेक्टिस करें। आप अपने कॉम्यूनिकेशन स्किल्स को चेर करने के लिए मॉक इंटरव्यू भी आजमा सकते हैं। कंपनी के बारे में करें रिसर्च इंटरव्यू की तैयारी करने से पहले कंपनी और उसके बिजनेस को अच्छी तरह से जानें। अगर आप कंपनी के बारे में पहले से जान लेंगे तो इससे इंटरव्यू लेने वाला मैनेजर तो खुश होगा। साथ ही जब आपको पहले से चीजों की जानकारी होगी तो घबराहट कम होगी। अपने गोल्स पर नजर रखें इंटरव्यू में हर सवाल का जवाब देने के लिए अपने फ्यूचर गोल्स के बारे में सोचें और खुद को याद दिलाएं कि आप नौकरी के लिए इंटरव्यू क्यों दे रहे हैं। ऐसा करने से आत्म विश्वास बढ़ाने में मदद मिलेगी। ध्यान लगाएं अगर आप इंटरव्यू से पहले चिंतित महसूस करते हैं, तो अपने दिमाग को शांत करने और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए ध्यान लगाएं। अपनी सांसों पर सिर्फ 5 मिनट ध्यान केंद्रित करने से आपका कॉन्फिडेंस बूस्ट होगा। सफल होते हुए खुद को सोचें इंटरव्यू में खुद को सफल होते हुए देखने से आपके आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान को बढ़ावा मिलेगा। आप सोच सकते हैं कि आप कमरे में कैसे जाते हैं, इंटरव्यू करने वाले से हाथ मिलाते हैं और आत्मविश्वास के साथ सवालों का जवाब देते हैं। ऐसा करने घबराहट को शांत करने में मदद मिल सकती है।

कल ग्लोबल मार्केट्स में लॉन्च होगा Red Magic 10 Pro

नई दिल्ली Red Magic 10 Pro को गुरुवार को ग्लोबल मार्केट्स में लॉन्च किया गया है। एक महीने पहले इसे चीन में लॉन्च किया गया था। प्रो मॉडल के ग्लोबल वेरिएंट में चीन वाले वेरिएंट की तरह ही स्पेसिफिकेशन्स दिए गए हैं। हालांकि, यहां 120W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट की जगह 100W चार्जिंग सपोर्ट को रखा गया है। इस स्मार्टफोन में क्वॉलकॉम का लेटेस्ट Snapdragon 8 Elite प्रोसेसर दिया गया है। साथ ही इस फोन में लिक्विड मेटल कूलिंग के साथ डुअल-पंप वेपर चेंबर दिया गया है। Red Magic 10 Pro की कीमत रेड मैजिक 10 प्रो की कीमत 12GB + 256GB वेरिएंट के लिए $649 (लगभग 55,000 रुपये) से शुरू होती है। इस फोन को दो और स्टोरेज कॉन्फिगरेशन में भी उपलब्ध कराया गया है। फोन के 16GB + 512GB मॉडल की कीमत $799 (लगभग 68,000 रुपये) और 24GB + 1TB वेरिएंट की कीमत $999 (लगभग 85,000 रुपये) रखी गई है। ये फोन एशिया-प्रशांत, यूरोप, लैटिन अमेरिका, उत्तरी अमेरिका, मध्य पूर्व, यूके और अमेरिका में 12 दिसंबर से अर्ली एक्सेस के लिए उपलब्ध है। वहीं, फोन की ओपन सेल 18 दिसंबर से शुरू होगी। हैंडसेट तीन कलर ऑप्शन्स डस्क, मूनलाइट और शैडो में लॉन्च किया गया है। Red Magic 10 Pro के स्पेसिफिकेशन्स डुअल-सिम (नैनो+नैनो) वाला रेड मैजिक 10 प्रो एंड्रॉयड 15 पर आधारित Red Magic OS 10.0 पर चलता है। इसमें 6.8 इंच का फुल-एचडी+ (1,216×2,688 पिक्सल) BOE Q9+ डिस्प्ले है, जिसका रिफ्रेश रेट 144Hz, पीक ब्राइटनेस 2,000 निट्स, 10-बिट कलर डेप्थ और 100 प्रतिशत DCI-P3 कलर गैमट कवरेज है। ये स्मार्टोन क्वालकॉम के फ्लैगशिप स्नैपड्रैगन 8 एलीट प्रोसेसर पर चलता है, जिसे 24GB तक LPDDR5X अल्ट्रा रैम और 1TB तक UFS 4.1 प्रो स्टोरेज के साथ पेयर किया गया है। इसमें एक डेडिकेटेड रेड कोर R3 ग्राफिक्स प्रोसेसर भी है, जिसके बारे में दावा किया गया है कि ये डबल फ्रेम इंसर्शन, 2K अपस्केलिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए स्टेबलाइजेशन के साथ विजुअल को बेहतर बनाता है। कंपनी ने कहा है कि टेम्परेचर को कंट्रोल में रखने के लिए, ये लेटेस्ट फोन 12,000 वर्ग मिलीमीटर के डुअल-पंप वेपर चेंबर, ग्राफीन शीट और लिक्विड मेटल कूलिंग के साथ ICE-X मैजिक कूलिंग सिस्टम से इक्विप्ड है। फोटोग्राफी के लिए Red Magic 10 Pro के रियर में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। इस सेटअप का प्राइमरी कैमरा 50MP का है। साथ ही इसमें 50MP अल्ट्रा-वाइड एंगल कैमरा और 2MP मैक्रो कैमरा भी दिया गया है। सेल्फी के लिए फोन के फ्रंट में 16MP का कैमरा मौजूद है। Red Magic 10 Pro में कनेक्टिविटी के लिहाज से 5G, 4G LTE, Wi-Fi 7, GPS, NFC, 3.5 मिमी हेडफोन जैक और USB 3.2 टाइप-सी पोर्ट शामिल हैं। Red Magic 10 Pro में 7,050mAh की डुअल-सेल बैटरी है जो 100W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

रियलमी जल्द ही Realme 14 Pro सीरीज के स्मार्टफोन करेगी लॉन्च

नई दिल्ली रियलमी अपनी लेटेस्ट नंबर सीरीज Realme 14 के प्रो लाइनअप स्मार्टफोन को जल्द लॉन्च करेगा। Realme 14 Pro series को लेकर बताया जा रहा है कि कंपनी इन्हें जनवरी महीने में लॉन्च करेगी। रिपोर्ट्स की माने तो रियलमी इस सीरीज के तीन स्मार्टफोन – Realme 14 Pro, Realme 14 Pro Plus और Realme 14 Pro Lite लॉन्च करेगी। कुछ दिनों पहले ही अपकमिंग Realme 14 Pro स्मार्टफोन के रैम, स्टोरेज और कलर ऑप्शन को लेकर जानकारी सामने आ चुकी हैं। रियलमी का यह अपकमिंग स्मार्टफोन अब 3C सर्टिफिकेशन साइट और Camera FV 5 डेटाबेस में लिस्ट किया गया है। इससे यह बात को पक्की हो गई है कि कंपनी जल्द ही इसे लॉन्च कर सकते है। यहां हम आपको रियलमी के इन स्मार्टफोन को लेकर सामने आई नई डिटेल्स के बारे में जानकारी दे रहे हैं। Realme 14 Pro में क्या होगा खास Realme 14 Pro स्मार्टफोन को 3C सर्टिफिकेशन साइट में मॉडल नंबर RMX5055 के साथ स्पॉट किया गया है। MySmartPrice के मुताबिक यह इस स्मार्टफोन का चाइना वेरिएंट है। अगर इंडियन वेरिएंट की बात करें तो इसका मॉडल नंबर RMX5056 होगा। इस लिस्टिंग से फोन की स्पेसिफिकेशन्स को लेकर कुछ भी जानकारी नहीं मिलती है। हालांकि, यह साफ हो गया कि कंपनी जल्द ही Realme 14 Pro स्मार्टफोन को जल्द लॉन्च कर सकते है। Camera FV 5 डेटाबेस की लिस्टिंग से पता चलता है कि रियलमी के इस स्मार्टफोन के प्राइमरी कैमरे का अपर्चर f/1.8 है, जो इलेक्ट्रॉनिक इमेज स्टेबलाइजेशन (EIS) सपोर्ट करेगा। इस कैमरा सेंसर की फोकल लेंथ 26.6mm और रेजोल्यूशन 12.6MP है। इन डिटेल्स से पता चलता है कि Realme 14 Pro स्मार्टफोन का प्राइमरी कैमरा 50MP का है। सेल्फी कैमरा की बात करें तो इसका अपर्चर f/2.4 है, जो EIS सपोर्ट करता है। इसका फोकल लंथ 27.2mm और रेजोल्यूशन 4MP है। यानी फोन में कंपनी 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा ऑफर करेगी। Realme 14 Pro की संभावित खूबियां Realme 14 Pro स्मार्टफोन को तीन वेरिएंट: 8GB + 128GB, 8GB + 256GB, और 12GB + 512GB के साथ पेश किया जाएगा। यह स्मार्टफोन पर्ल व्हाइट और श्यूड ग्रे कलर ऑप्शन में रिलीज किया जाएगा। Realme 14 Pro के साथ-साथ कंपनी Realme 14 Pro+ और Realme 14 Pro Lite को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है।

घर पर स्क्रब करने का सही तरीका, चेहरा रहेगा खिला-खिला

फेस स्क्रब और बॉडी स्क्रब के अपने फायदे हैं। ये हमारी स्किन से डेड सेल्स हटाने में मददगार हैं। बदलते मौसम में यह दिक्कत नहीं ज्यादा होती है। खासतौर पर सर्दियों में ड्राइनेस के कारण स्किन जल्दी रूखी और बेजान नजर आने लगती है। इससे आपके चेहरे की रंगत फीकी पड़ जाती है। इस तरह की समस्या से बचने के लिए आप विंटर सीजन में हर दूसरे दिन घर पर ही स्क्रब करें। यहां जानें स्क्रब करने का आसान और सही तरीका… – स्क्रबिंग द्वारा डेड सेल्स को हटाने से अंदर की हेल्दी स्किन बाहर आती है। साथ ही इस स्किन की सफाई हो जाने से यह खुलकर सांस ले पाती है, जिससे हमारी त्वचा अधिक ग्लोइंग लगती है। – स्क्रबिंग एक ऐसी प्रकिया है, जो त्वचा को स्वस्थ और सुंदर बनती है। इस प्रक्रिया में त्वचा की बाहरी सतह पर जमा डेड सेल्स हटाने का काम किया जाता है। यह प्रॉसेस पार्लर में मौजूद मशीनों से या घर पर भी आसानी से की जा सकती है। -नियमित रूप से स्किन को स्क्रब करने पर हमारी त्वचा के दाग-धब्बे दूर हो जाते हैं। स्क्रब का यूज करते समय पहले चेहरे को फेशवॉश से साफ करें और कॉटन के कपड़े से पौंछ लें। -गुलाबजल में कॉटन भिगोकर चेहरे पल लगाएं और फिर उंगलियों पर स्क्रब लेकर सर्कुलर मोशन में घुमाएं। फॉरहेड और नेक को भी स्क्रब करें। -5 से 6 मिनट तक पूरे चेहरे, गर्दन और गले पर स्क्रब करने के बाद हल्के गुनगुने पानी से चेहरा धोकर साफ करें और कॉटन के कपड़े से पौछ लें। अब अपनी पसंद का क्रीम लगाकर हल्की मसाज करें। -जिन लोगों की स्किन ऑइली है या जिन्हें पिंपल्स की समस्या अक्सर हो जाती है, उनके लिए भी यह प्रक्रिया प्रभावकारी है। क्योंकि इससे त्वचा का अतिरिक्त तेल साफ हो जाता है। लेकिन जिस समय पिंपल्स चेहरे पर हों, उस समय इसे नहीं करना चाहिए। -स्किन को स्क्रब करने पर त्वचा नरम व मुलायम भी रहती है। रफनेस कम होती है और सुंदरता बढ़ती है। -ना केवल ऑइली स्किन वालों को बल्कि ड्राई स्किन वालों को भी इससे लाभ होता है। सफाई के बाद स्किन पर मॉइश्चराइजर लगाने से यह त्वचा में अंदर तक समा जाता है और लंबे समय तक स्किन को सॉफ्ट बनाए रखता है। -स्क्रबिंग से त्वचा पर उम्र का असल जल्दी नहीं झलकता है। चेहरे की फाइनलाइन्स और उम्र के साथ खोनेवाली चमक पर यह कंट्रोल करता है।  

दांत-मसूड़ों के दर्द से छुटकारा पाने में काम आएंगे ये घेरलू उपाय

दांतों और मसूड़ों का दर्द आपको काफी परेशान कर देता है। दांत या मसूड़े में किसी भी तरह की समस्या में दर्द से तो परेशान होते ही हैं, इसके अलावा खाना-पीना भी ठीक से नहीं हो पाता है जिससे परेशानी बढ़ जाती है। आइए, आपको बताते हैं इनसे छुटकारा पाने के कुछ घरेलू उपाय। नमक पानी नमक का पानी आपको इनफेक्शन से बचाता है और दांतों के बीच में फंसे खाने को भी निकालने में मदद करता है। इससे सूजन भी खत्म हो जाती है और मसूड़ों में मौजूद बैक्टीरिया भी खत्म होते हैं। गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर उस पानी को कुछ देर मुंह में रखें और कुल्ला कर लें। लहसुन लहसुन अपने औषधीय गुणों के कारण जाना जाता है। इसे आमतौर पर सर्दी-जुकाम ठीक करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह मुंह के बैक्टीरिया को खत्म करने की भी क्षमता रखता है और पेनकिलर का भी काम करता है। लहसुन की एक कली को पील लें और इस पेस्ट को मसूड़े या दांत पर लगाएं। लौंग दांत में दर्द से राहत देने के लिए लौंग भी काफी कारगर है। इसे मुंह में दबाए रखें। दर्द से राहत मिलेगी। टी बैग्स चाय में टैनिन नाम का कम्पाउंड होता है जो बैक्टीरिया का खत्म कर सकता है। ऐसे में टी बैग्स भी आपको दांट के दर्द से छुटकारा दिला सकते हैं। टी बैग को गर्म पानी में उबले हुए पानी में डालकर 5 मिनट तक छोड़ दें। इसके बाद इसे निकालें जब थोड़ा ठंडा हो जाए तो उस जगह पर लगाएं जहां दर्द हो रहा है। तो डेन्टिस्ट से मिलें दांतों के हल्के दर्द को आप घरेलू उपाय से ठीक कर सकते हैं लेकिन अगर दर्द ज्यादा है तो आपको डेन्टिस्ट से मिलना चाहिए।  

मोबाइल पर कम खर्च होगा डेटा, अपनाएं काम की 8 टिप्स

पिछले कुछ सालों में मोबाइल पर डेटा की खपत तेजी से बढ़ी है। स्मार्टफोन यूजर्स अपने ज्यादातर काम ऑनलाइन ही कर रहे हैं। आज लगभग हर छोटे-बड़े काम के लिए ऐप्स उपलब्ध हैं। ये ऐप्स भी लगातार अपडेट होते हैं, जिनमें यूजर का काफी डेटा खर्च होता है। इसके अलावा, भारत में विडियो स्ट्रीमिंग सर्विसेज भी तेजी से पॉप्युलर हुई हैं। ऐसे में यूजर की डेटा की जरूरतें लगातार बढ़ रही है। यहां हम आपको कुछ ऐसे तरीके बता रहें जिनसे आप अपने मोबाइल में इंटरनेट का इस्तेमाल करने के साथ डेटा की बचत कर सकते हैं। अपनी डेटा लिमिट सेट करें अपने ऐंड्रॉयड फोन में डेटा के लिए लिमिट सेट करके आप अपना डेटा यूज ट्रैक कर सकते हैं। डेटा लिमिट सेट करने के लिए अपने ऐंड्रॉयड फोन की सेटिंग में जाएं। सेटिंग्स में डेटा यूजेज ऑप्शन पर टैप करें, फिर बिलिंग साइकल में जाएं इसके बाद डेटा लिमिट और बिलिंग साइकल पर टैप करके आप डेटा लिमिट सेट कर सकते हैं। बैकग्राउंड डेटा रिस्ट्रिक्ट करें कई ऐप्स फोन के बैकग्राउंड में मोबाइल डेटा कंज्यूम करते रहते हैं। ऐसे में जिन ऐप्स को बैकग्राउंड में रन करने की जरूरत नहीं है, उन्हें आप सेटिंग्स में जाकर डेटा यूजेज में ‘रिस्ट्रिक्ट ऐप बैकग्राउंड डेटा’ पर टैप करके बैकग्राउंड में डेटा खर्च होने से बचा सकते हैं। डेटा कंप्रेशन का यूज करें गूगल क्रोम सबसे पॉप्युलर ऐप्स में से एक है। इस ऐप में डेटा कंप्रेशन का ऑप्शन इंबिल्ट होता है। इसके लिए आपको दायीं तरफ कॉर्नर में तीन डॉट नजर आएंगे उन पर टैप करके सेटिंग्स में जाकर डेटा सेवर ऑप्शन पर टैप करके उसे ऑन करें। अपडेट के लिए वाई-फाई का करें इस्तेमाल अपने स्मार्टफोन में ऐप्स को अपडेट करने के लिए वाई फाई का इस्तेमाल करने से आप डेटा की बचत कर सकते हैं। इसके लिए आप फोन के मेन्यू में जाकर सेटिंग्स में जाएं और ‘ऑटो अपडेट ऐप्स ओवर वाई-फाई ओनली’ ऑप्शन पर टैप करें। स्ट्रीमिंग सर्विस का यूज कम करें स्मार्टफोन पर म्यूजिक और विडियो स्ट्रीमिंग करने में सबसे ज्यादा डेटा खर्च होता है। ऐसे में आप विडियो और म्यूजिक अगर फोन में लोकली स्टोर करते हैं तो आप डेटा की बचत कर सकते हैं। ऑफलाइन मैप का इस्तेमाल करें गूगल मैप्स एक पॉप्युलर सर्विस है। इसके इस्तेमाल में यूजर का काफी डेटा खर्च होता है। ऐसे में डेटा बचाने के लिए आप मैप्स को सेव कर सकते हैं। मैप डाउनलोड होने के बाद आप GPS की मदद से इसका इस्तेमाल ऑफलाइन कर सकते हैं। मैलवेयर को रखें दूर ऐंड्रॉयड फोन में मैलवेयर (वायरस) के चलते भी आपका ज्यादा डेटा खर्च हो सकता है। इसके लिए यूजर को अपने फोन को स्कैन करते रहना चाहिए। इसके लिए किसी अच्छे एंटीवायरस ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है। जरूरत न होने पर डेटा ऑफ कर दें जिस वक्त आप फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं या ऑफलाइन सर्विस यूज कर रहे हैं उस वक्त डेटा ऑफ कर दें। इस तरह आप काफी मोबाइल डेटा सेव कर सकेंगे।    

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