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सक्सेस पाने के लिये आपको छोड़नी होगीं ये आदतें

किसी भी उपलब्धि को पाने के लिए आपको ऊंची छलांग लगानी चाहिए। हो सकता है कि आप दुनिया के सबसे तेज व प्रतिभाशाली व्यक्ति न हों, किंतु लगातार मेहनत करें तो सफलता किसी भी कीमत पर आपकी होगी। इस दुनिया में हमारी जीत निरंतर प्रयत्नशीलता पर ही टिकी है। कामयाबी और खुशी हमारी आदतों पर निर्भर करती हैं। अगर हम अपनी आदतों को संवार लें, तो फिर ऐसा कुछ नहीं जो हमारी पहुंच से दूर हो। जानिये कौन सी आदतों को छोड़कर हम तरक्कीि और खुशी पा सकते हैं। कामयाबी हर किसी की चाह जीवन में सब कामयाब होना चाहते हैं। लेकिन हमारी कुछ आदतें ही कामयाबी और खुशी की राह में रोड़ा बन जाती हैं। हम जाने अनजाने इन आदतों के गुलाम बन जाते हैं। हम यह भूल जाते हैं कि कामयाब होने के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत होती है। गलत लोगों के साथ वक्त न बितायें जिदंगी बहुत छोटी है आखिर गलत लोगों के साथ बिताकर इसे क्योंह खराब किया जाए। अगर किसी को जिंदगी में आपकी जरूरत है तो वह आपके लिए जगह बनायेगा। आपको अपनी जगह के लिए लड़ना नहीं चाहिये। ऐसे किसी व्यीक्ति के साथ समय न बितायें जो बार-बार आपको नजरअंदाज करते हैं। याद रखिये असली दोस्ति वे नहीं होते जो कामयाबी में आपके साथ होते हैं, बल्कि वे होते हैं, जो मुश्किएल में आपके साथ होते हैं। गलती करने से न डरें अगर आप कोई गलती नहीं करते, तो आप कुछ सीखते नहीं हैं। कुछ करके गलती करना, खाली बैठने से बहुत अच्छाी होता है। हर कामयाबी के पीछे नाकामयाबी की लंबी फेरहिस्तक होती है। और नाकामी आपको सफलता की ओर ले जाती है। अंत में आपको चीजें न करने का अफसोस, चीजें करने के मुकाबले ज्याऔदा होगा। अपनी जरूरतों का रखें ध्यान आप किसी को बहुत चाहते हैं और उसे खुश रखने के चक्क र में आप खुद को कहीं भूल जाते हैं। आप यह भूल जाते हैं कि आप भी खास हैं। जी, बेशक दूसरों की मदद करने में कोई बुराई नहीं। लेकिन, स्वेयं को नजरअंदाज न करें। अगर आप कुछ ऐसा काम करना चाहते हैं जो आपका जुनून है और आपके लिए बहुत मायने रखता है, तो अभी इसी पल उसे शुरू कर दें। अपनी परेशानियों से भागें नहीं कोशिश करने वालों कभी हार नहीं होती। मुश्किलों का डटकर सामना करें। हालांकि, ऐसा करना आसान नहीं है। ऐसा कोई भी व्योक्ति नहीं है जिसके जीवन में कभी कोई मुश्किल न आई हो। और हर परेशानी का हल फौरन मिल जाए, ऐसा भी संभव नहीं है। दुखी, उदासी, कष्ट  और लड़खड़ाना मानवीय प्रवृत्ति का हिस्सान है। यही तो जीवन है। मुश्किलों का सामना करने के लिए आपको लगातार सीखना, खुद को परिस्थितियों के अनुसार ढालना और फिर उन्हेंर सुलझाने में जुट जाना होता है। और यही आपको एक बेहतर इनसान बनने में मदद करता है। खुद से झूठ न बोलें आप दुनिया में सबसे झूठ बोल सकते हैं, लेकिन अपने आप से नहीं। हमारा जीवन तभी सुधरता है जब आप जोखिम उठाते हैं। और सबसे पहला और चुनौतीपूर्ण काम जो हमें करना चाहिये वह है अपने आप से ईमानदारी बरतना। खुद को न बदलें आप जो हैं वही बने रहना बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। हम अपनी काफी ऊर्जा वह बनने में लगा देते हैं, जो हम नहीं हैं। कोई न कोई आपसे खूबसूरत होगा और कोई न कोई ज्याइदा स्मायर्ट होगा, लेकिन वह आप नहीं हैं। उनमें आप जैसी खूबियां नहीं हैं। किसी से सीखना अलग बात है, लेकिन खुद को किसी पर ढाल देना बिलकुल ही दूसरी बात। अपने आप को इसलिए न बदलें कि लोग आपको पसंद करना शुरू कर देंगे। आप जो हैं वही रहें सही लोग आपको इसी अंदाज में पसंद करेंगे। पिछली बातों को याद रखना जीवन चलने का नाम है। अगर आप रुक जाएंगे तो कभी नया मुकाम हासिल नहीं कर पायेंगे। बीती बातों में अटके रहना छोड़ दें। आप नया पन्नो तब तक नहीं पढ़ सकते, जब तक आप पुरानी ही बातों में अटके रहेंगे। खुशियां खरीदी नहीं जातीं हमारी चाहत की कई ऐसी चीजें होती हैं, जिनकी कीमत बहुत ज्या,दा होती है। लेकिन सच यह है कि जो चीजें हमें वास्ताव में संतुष्टी करती हैं, वे पूरी तरह फ्री हैं। प्या र, हंसी और जुनून के साथ अपना काम करने के लिए आपको किसी प्रकार का धन खर्च करने की जरूरत नहीं है। जिंदगी आपको दोस्तो और परिजन भी बिना किसी कीमत के देती हैं। उनके साथ का आनंद उठाइये। बाहर खुशियां तलाशना आप अंदर से अपने आपसे खुश नहीं हैं, तो आप बाहर भी लंबे समय तक दूसरों से खुश नहीं रह सकते। आप लंबे समय तक चलने वाले किसी संबंध में दूसरों के साथ भी खुश नहीं रह सकते। आपके अपने भीतर स्थिरता का भाव लाना होगा। जब आप भीतर से संतुष्टन नहीं हैं, तब तक आप दूसरों को भी खुशी या संतुष्टि नहीं दे सकते। निष्क्रि यता छोड़ें बहुत ज्यायदा न सोचें। ऐसा करके आप खुद को किसी अनजान समस्याी में फंसा लेंगे। परिस्थितियों का आकलन करें और फिर निर्णयात्मईक कदम उठायें। कामयाब होने के लिए कम्फनर्ट लेवल को तोड़ना जरूरी है। बिना जोखिम उठाये कामयाबी नहीं मिलती। दूसरों से मुकाबला न करें दूसरे लोग आपसे क्या  बेहतर कर रहे हैं इसे लेकर फिक्रमंद न हों। रोजाना खुद से बेहतर बनने का प्रयास करें। कामयाबी की जंग में आपका मुकाबला सिर्फ और सिर्फ आपसे है।  

बालों के टूटने से परेशान हैं, आजमाएं ये घरेलू उपाय

लंबे घने बाल किसको पसंद नहीं होते हैं। लेकिन हेयरफॉल अकसर आपकी इस चाहत को पूरा नहीं होने देता है। बालों के टूटने से परेशान होकर इसे रोकने के लिए आप सबकुछ करती हैं। आइए, आपको कुछ आसान घरेलू उपाय बताते हैं जिससे आप हेयरफॉल को मात दे सकती हैं। आयरन की कमी तो नहीं? शरीर में आयरन की कमी होने से बाल टूटते-झड़ते हैं, साथ ही आपके बालों की ग्रोथ भी रुक जाती है। बाल शाइन करें, इसके लिए ब्रोकली, गोभी और हरी सलाद का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें। नारियल पानी नारियल पानी आपके बालों के लिए काफी फायदेमंद है। रोजाना खाली पेट नारियल पानी पीने से आपके बाल स्ट्रांग बनेंगे और इनके टूटने-झड़ने की समस्या से आपको छुटकारा मिलेगा। पत्तेदार सब्जियां हरी पत्तेदार सब्जियां, फल और हाई प्रोटीन युक्त आहार जैसे दाल, अंडा, स्प्राउट्स और विटमिन-सी युक्त फ्रूट्स का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें। इनके सेवन से आपके बाल अंदरूनी रुप से स्ट्रांग बनेंगे। ऑलिव ऑइल ऑलिव, नारियल या कनोला का तेल लेकर उसे गर्म कर लें। बालों की जड़ों में इससे मसाज करें। लगभग एक घंटे तक बालों में तेल लगा रहने दीजिए इसके बाद शैंपू से धो लें। ग्रीन टी एक कप गर्म पानी में ग्रीन टी के दो बैग डालकर इसे मिला लें। इसके बाद इसे बालों की जड़ों में लगाएं और एक घंटे तक लगा रहने दें। इसके बाद धो लें। ग्रीन टी में ऐंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो बालों को गिरने से रोकते हैं और बालों के बढ़ने में सहायक होते हैं। हेड मसाज हफ्ते में एक दिन हेड मसाज लेने से बालों की जड़ों में ब्लड सर्कुलेशन सही बना रहता है। इससे बाल स्ट्रॉग होते हैं और तनाव में कमी आती है। यही नहीं, यह बालों को स्ट्रेंथ भी देता है। लहसुन का तेल लहसुन के जूस, प्याज या अदरक के जूस की मालिश करने से भी आपको खासा फायदा मिलेगा। रात में सोते समय इसे सिर में लगा लें और सुबह धो लें। इससे आपके बालों की जड़ें मजबूत होंगी और बाल गिरने की समस्या कम हो जाएगी।  

पैन कार्ड को बनवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने की नहीं है जरुरत

नई दिल्ली पैन कार्ड का इस्तेमाल काफी कॉमन हो गया है। बैकिंग लेनदेन में पैन कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। वहीं अगर किसी को ज्यादा अमाउंट ट्रांसफर करना है, तो उस वक्त भी पैन कार्ड की जरूरत होती है। हालांकि पैन कार्ड को बनवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने होते हैं, लेकिन हम आपको 10 मिनट में पैन कार्ड बनाने का तरीका बताएंगे। आप घर बैठे महज 10 मिनट में पैन कार्ड बनवा सकते हैं। इसका प्रॉसेस बेहद आसान है। पैन कार्ड बनवाने की पहली शर्त है कि आपके पास आधार कार्ड होना जरूरी है। आधार के जरिए ही ई-पैन कार्ड बनवाया जा सकता है। ई-पैन कार्ड को लेकर किसी तरह की दुविधा नहीं होनी चाहिए। ई-पैन कार्ड को पैन कार्ड की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है। पैन कार्ड पर एक खास नंबर होता है। यह खास नंबर ही आपके पैन की पहचान होता है। इसमें अंग्रेजी के शब्द और नंबर होते हैं। कैसे बनाएं ई-पैन कार्ड     सबसे पहले आपको https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/ पर जाना होगा।     अब पेज को स्क्रॉल करना होगा, जहां नीचे की तरफ instant E-PAN कार्ड का ऑप्शन दिखेगा।     इसके बाद एक नया पेज ओपन होगा, जिसके लेफ्ट साइड में Get New e-PAN का ऑप्शन दिखेगा, जिस पर आपको क्लिक करना होगा।     इसके बाद आपको अपने आधार की 12 डिजिट को दर्ज करना होगा।     फिर आपको नीचे दिये गये I confirm that ऑप्शन पर टैप करना होगा।     इसके बाद आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा।     फिर ओटीपी डालकर आपको वेरिफाई करना होगा।     इसके बाद ई-मेल आईडी डालें और पैन कार्ड के लिए जरूरी जानकारी दर्ज करें।     फॉर्म को फिल करने के कुछ देर बाद कन्फर्मेशन नंबर मिलेगा। इसे चेक करें। अगर सही जानकारी हुई, तो आपको डाउनलोड ऑप्शन के जरिए पैन नंबर मिल जाएगा।     इस पैन को आप रेगुलर पैन की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं।

एंड्रॉयड और आईफोन यूजर ऐसे बंद करें लोकेशन ट्रैकिंग, ये है स्टेप्स

मोबाइल लोकेशन ट्रैक कर ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) प्रदाता कंपनी अपने उपयोगकर्ता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना चाहती हैं। लेकिन तकनीक के इस युग में उपयोगकर्ता की प्राइवेसी एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। इसके लिए एंड्रॉयड और आईओएस में लोकेशन ट्रैकिंग बंद करने का खास विकल्प है, जिसे ऑफ किया जा सकता है। एंड्रॉयड: गूगल के मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) एंड्रॉयड पर लोकेशन बंद करने के दो विकल्प हैं। पहला ऊपर की तरफ दिए गए ट्रे बार में जाकर जीपीएस ऑफ कर दें। यह बैटरी सेविंग के साथ-साथ एप को    लोकेशन देना बंद कर देता है। अगर उपयोगकर्ता चाहते हैं कि एंड्रॉयड भी लोकेशन ट्रैक न कर सके तो इसके लिए सेटिंग में एक विकल्प है। स्मार्टफोन की सेटिंग्स की मदद से जब गूगल के अंदर ‘गूगल अकाउंट’ पर जाएंगे  तो उसमें ‘रिव्यू योर प्राइवेसी सेटिंग्स’ का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक कर दें। इसके बाद ‘गेट स्टार्ट’ पर क्लिक कर दें। इसके बाद उपयोगकर्ता खुद देख सकते हैं  कि एंड्रॉयड कौन-कौन सी जानकारी स्टोर कर रहा है। फोन में खुद कर सकते हैं अपनी प्राइवेसी का रिव्यू. स्मार्टफोन की सेटिंग्स की मदद से जब गूगल के अंदर ‘गूगल अकाउंट’ पर जाएंगे  तो उसमें ‘रिव्यू योर प्राइवेसी सेटिंग्स’ का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक कर दें। इसके बाद ‘गेट स्टार्ट’ पर क्लिक कर दें। इसके बाद उपयोगकर्ता खुद देख सकते हैं  कि एंड्रॉयड कौन-कौन सी जानकारी स्टोर कर रहा है। आईफोन : एप्पल के आईओएस को सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक मजबूत ऑपरेटिंग सिस्टम माना जाता है लेकिन यूजर चाहे तो एप्पल को भी अपनी लोकेशन ट्रैक करने से रोक सकता है। पहले अपने आईफोन की सेटिंग्स में जाएं. इसके बाद प्राइवेसी का चुनाव करें. ऐसा करने के बाद लोकेशन सर्विसेस का चुनाव करें. लोकेशन हिस्ट्री को ऑफ कर दें. एप की सूची दिख जाएगी, जो लोकेशन ट्रैक करते हैं. उन एप के लिए लोकेशन ऑफ कर दें जिनके लिए वह गैर जरूरी है.  

हैवी ज्वेलरी की जगह ट्राई करें डायमंड नेकलेस

फैशन ट्रेंड के मामले में लड़कियां बहुत आगे होती है। वो नया ट्रेंड जरूर फॉलो करती है। खासतौर पर ब्राइड्स ट्रेंड के हिसाब से ही अपने स्पेशल दिन के लिए तैयार होती है। चाहे आउटफिट हो या ज्वेलरी दुल्हन सबकुछ फैशन ट्रेंड के हिसाब से ही चूज करती है। इस बार ब्राइड्स हैवी ट्रेडिशनल ज्वेलरी की जगह डायमंड ज्वेलरी पहन कर नया ही ट्रेंड शुरू कर रही है। यह नेकलेस काफी लाइट वेट है। अच्छी क्वालिटी होने के साथ-साथ यह किफायती भी है। अगर आप भी पारंपरिक ज्वेलरी से बोर हो गई है तो अपनी वेडिंग वाले दिन ट्राई करें ये डायमंड नेकलेस। यह रानी हार की तरह होते है। इनसे क्लासी और रॉयल लुक प्रदान होती है। किसी भी ब्राइड पर यह चार-चांद ही लगाने वाला है। अगर आपको बिल्कुल बारीक नेकलेस पीेस पहनना पसंद करती है तो यह हार बिल्कुल आपकी पसंद का है। यह किसी भी ब्राइड को एलिगेंट लुक देने में हेल्प करता है। चोकर का ट्रेंड तो पहले से ही हर लड़की पर छाया है। मगर डायमंड्स में चोकर डिजाइन बहुत ही उम्दा कॉम्बिनेशन है। अगर आपको अपना लुक सोबर और स्टाइलिश दोनों रखना है तो यह बेस्ट ऑप्शन है। एक ही धागे में सारे डायमंड्स को पिरोया गया है। सिंपल और खूबसूरत रूबी के साथ यह डायमंड नेकलेस सबकी पसंद है।  

रोजाना 15 मिनट करें ये योगासन पेट की सभी बीमारियों से मिलेगा छुटकारा

कपालभाति: जब कपालभाती प्राणायाम की होती है तो इसे जीवन की संजीवनी कहा जाता है। कपालभाती प्राणायाम को सबसे कारगर माना जाता है। कपालभाती प्राणायाम को हठयोग में शामिल किया गया है। योग के आसनों में यह सबसे कारगर प्राणायाम माना जाता है। यह तेजी से की जाने वाली एक रोचक प्रक्रिया है। दिमाग आगे के हिस्सेे को कपाल कहते हैं और भाती का अर्थ ज्योति होता है। कपालभाती प्राणायाम करने के सही तरीके और इससे होने वाले फायदों के बारे में हम आपको बताते हैं। कपालभाती प्राणायाम करने के लिए सिद्धासन, पद्मासन या वज्रासन में बैठकर सांसों को बाहर छोड़ने की क्रिया करें। सांसों को बाहर छोड़ने या फेंकते समय पेट को अंदर की तरफ धक्का देना है। ध्यान रखें कि सांस लेना नहीं है क्योंकि उक्त क्रिया में सांस अपने आप ही अंदर चली जाती है। कपालभाती प्राणायाम करते समय मूल आधार चक्र पर ध्यान केंद्रित करना होता है। इससे मूल आधार चक्र जाग्रत होकर कुं‍डलिनी शक्ति जागृत होने में मदद मिलती है। कपालभाती प्राणायाम करते समय ऐसा सोचना है कि हमारे शरीर के सारे नकारात्मनक तत्व शरीर से बाहर जा रहे हैं। इसके नियमित अभ्या स करने से कब्ज, गैस, एसिडिटी जैसी पेट से संबंधित समस्या भी दूर हो जाती है। यहां तक कि पाइल्सा और फिशर की समस्या  भी जड़ से खत्मस हो जाती है।   बालासन: बालासन को कई लोग शिशु आसन भी कहते हैं क्योंकि इस योगासन के अभ्यास में व्यक्ति का आकार छोटे शिशु की तरह हो जाता है। बालासन हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है। ब्लड प्रेशर के मरीजों को कई बार शारीरिक और मानसिक थकावट का एहसास होता है। बालासन के अभ्यास से इस तरह की थकान से आपको राहत मिलती है। इसके अलावा कई बार हाई ब्लड प्रेशर के कारण लोगों को गुस्सा बहुत जल्दी आता है और स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है। अगर ऐसे में मरीज बालासन का नियमित अभ्यास करता है, तो उसकी ये समस्या भी ठीक हो जाती है। बालासन के अभ्यास से शरीर के सभी विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और शरीर तनावमुक्त हो जाता है। बालासन को करने के लिए सबसे पहले घुटने के बल जमीन पर बैठ जाएं और शरीर का सारा भार एड़ियों पर डाल दें। अब गहरी सांस भरते हुए आगे की ओर झुकें। ध्यान रहे कि आपका सीना जांघों से छूना चाहिए। फिर अपने माथे से फर्श को छूने की कोशिश करें। कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रहने के बाद वापस सामान्यम अवस्थाछ में आ जाएं। बालासन के नियमित सही तरह से अभ्यास करने से शरीर की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं, बाजुओं व शरीर से अतिरिक्त चर्बी दूर होती है और होती है और शरीर स्वस्थ बनता है। बालासन के अभ्यास से कब्ज में भी राहत मिलती है और पीठ के दर्द में आराम मिलता है। इसके अलावा इसके अभ्यास से तंत्रिका तंत्र को भी विश्राम मिलता है। भुजंगासन: योग के बहुत फायदे हैं, योग से सकारात्मआकता तो आती है साथ ही यह बीमारियों को दूर कर आपको निरोग रखता है। योग का फायदा तभी मिलता है जब आप इसे सही तरीके से करते हैं। भुजंगासन एक ऐसा आसन है जिसमें कंधा अधिक मुड़ता है इसलिए इसे बैक बेंडिंग वाला आसन भी बोला जाता है। यह सर्वाइकल की समस्याअ दूर कर कमर को लचीला बनाता है। यह हाथों और पेट के लिए भी फायदेमंद है, पाचन शक्ति बढ़ती है। भुजंगासन नियमित रूप से करने से लंबाई भी बढ़ती है। भुजंगासन करने के लिए दोनों हाथों को बगल में रखें, पेट के बल लेटे हों। अपने सिर को ऊपर की तरफ धीरे-धीरे उठायें, घुटने जमीन पर हों, इस स्थिति में कुछ देर रुकें। अब घुटनों को और ऊपर की तरफ उठाइये और सांस लीजिए। फिर सामान्यघ स्थिति में वापिस आयें।  

उच्च और मध्यम आय वाले देशों के युवाओं में बढ़ रहे कैंसर के मामलों की मुख्य वजहें मोटापा: शोध

वॉशिंगट  कैंसर आजकल केवल वृद्ध लोगों की समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह तेजी से युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है। हाल ही में 44 देशों के कैंसर रजिस्ट्री डेटा की समीक्षा में यह तथ्य सामने आया है कि आंत और पाचन तंत्र से जुड़े 13 प्रकार के कैंसर के शुरुआती मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, खासकर 50 साल से कम उम्र के लोगों में। यह वृद्धि विशेष रूप से उच्च और मध्यम आय वाले देशों में देखी जा रही है, जहां जीवनशैली और खानपान में बदलाव इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं में बढ़ रहे कैंसर के मामलों की मुख्य वजहें मोटापा, निष्क्रियता, डायबिटीज, स्मोकिंग, एल्कोहल का सेवन, प्रदूषण और पश्चिमी देशों में रेड मीट का अत्यधिक सेवन हो सकती हैं। उनका यह भी माना कि कुछ अज्ञात कारक जैसे खाद्य पदार्थों में मिलाए जाने वाले रासायनिक तत्व भी इस समस्या को बढ़ा रहे हैं, जिनका अभी तक सही ढंग से पता नहीं चला है। विशेषज्ञों के अनुसार, कैंसर के अधिकतर मामले पेट और पाचन तंत्र से जुड़े होते हैं। उनका कहना है कि हर साल अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और जापान में कोलोरेक्टल कैंसर के मामलों में औसतन दो फीसदी की वृद्धि हो रही है। ब्रिटेन में यह दर तीन फीसदी  है, जबकि कोरिया और इक्वाडोर में यह बढ़ोतरी 5% तक पहुंच गई है। ओगिनो इसे मुद्रास्फीति के जैसे बढ़ते आंकड़ों से तुलना करते हुए बताते हैं कि अगर यह वृद्धि जारी रही तो अगले 10-20 सालों में इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। मोटापा अब एक सामान्य समस्या बन चुका है, जो कैंसर के जोखिम को और बढ़ा रहा है। डॉ. एलिजाबेथ प्लैट्ज़, जो जॉन्स हॉपकिन्स ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की महामारी विज्ञानी हैं, मानती हैं कि यह रिव्यू इस बात को उजागर करता है कि युवा पीढ़ी भी अब कैंसर के शिकार हो रही है। वे कहती हैं कि मोटापा अब एक आम समस्या बन चुका है, जो पहले दुर्लभ था, और यह अब युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान समय में, कैंसर एक ऐसी बीमारी बन गई है जो न केवल बुढ़ापे बल्कि युवाओं में भी फैल रही है। युवा वर्ग में इसकी बढ़ती घटनाओं को देखते हुए, विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ जीवनशैली, नियमित शारीरिक गतिविधि, और संतुलित आहार को प्राथमिकता देना आवश्यक है, ताकि इस जानलेवा बीमारी से बचा जा सके।    

ट्रैफिक चालान से बचाएगा डिजिलॉकर, जाने कैसे

नई दिल्ली ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर चालान कटना आम है। पहले जहां चालान का पता तुरंत चल जाता था, वहीं अब कई बार फोन पर मैसेज आने पर ही पता चलता है कि आपका चालान कट गया है। साथ ही, चालान की राशि भी पहले की तुलना में काफ़ी बढ़ गई है। कई बार हम जरूरी दस्तावेज साथ न होने के कारण चालान से नहीं बच पाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि डिजिलॉकर मोबाइल ऐप की मदद से आप इस परेशानी से बच सकते हैं? परिवहन मंत्रालय के मुताबिक डिजिलॉकर और एमपरिवहन ऐप पर उपलब्ध दस्तावेज की डिजिटल कॉपी को वैध माना जाएगा। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस को भी इस बारे में निर्देश जारी कर दिए हैं। मतलब, ट्रैफिक पुलिस अपने मोबाइल फोन से ही QR कोड स्कैन करके ड्राइवर और वाहन से संबंधित सभी ज़रूरी जानकारी हाासिल कर सकती है। साथ ही, ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का रिकॉर्ड भी डिजिटल रूप से रखा जा सकता है। इस सुविधा का फायदा उठाने के लिए, आप अपने स्मार्टफोन में डिजिलॉकर और एमपरिवहन ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। ऐप में रजिस्ट्रेशन करने के लिए अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और OTP वेरिफिकेशन प्रक्रिया को पूरा करें। इसके बाद, अपना यूजरनेम और पासवर्ड सेट करके ऐप में लॉग इन करें। अब आपको डिजिलॉकर ऐप में अपना आधार नंबर लिंक करना होगा और OTP के ज़रिये उसे वेरिफ़ाई करना होगा। एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने पर, आप डिजिलॉकर से अपना ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), और इंश्योरेंस की डिजिटल कॉपी डाउनलोड कर पाएंगे। एमपरिवहन ऐप में भी गाड़ी के मालिक का नाम, गाड़ी के रजिस्ट्रेशन की तिथि, मॉडल नंबर, इंश्योरेंस की वैधता आदि सभी ज़रूरी जानकारी मौजूद रहती है। इस तरह, डिजिलॉकर और एम परिवहन ऐप का यूज करके आप ट्रैफिक पुलिस को जरूरी दस्तावेज दिखा सकते हैं और चालान से बच सकते हैं।

दिनभर महसूस होती है थकान तो ऐसे करें दूर

ऑफिस में या काम करते वक्त आप बहुत थकान महसूस करते हैं। तो इसके कई कारण हो सकते हैं। आपकी इम्प्रॉपर डाइट या अपका स्लीपिंग शेंड्यूल। लेकिन अब फिक्र न करें बस इन टिप्स को फॉलो करें और थकान की समस्या से छुटकारा पाएं। सुबह जरूरी है सूरज की रोशनी: सुबह जल्दी उठकर सबसे पहले कमरे की खिड़कियां खोल दें जिससे कमरे में सूरज की सीधी रोशनी पड़े। सनलाइट लेने से सुबह की सिकनेस भी दूर होगी और आप आपका मूड भी फ्रेश होगा। पानी पिएंः डिहाइड्रेशन के कारण भी हरदम थकान महसूस होती है और नींद आती रहती है। ऐसे में जरूरी है कि सुबह के समय आप खुद को हाइड्रेट रखें। सुबह उठकर हल्का गुनगुना पानी पीएं। प्रॉपर हो ब्रेकफास्ट: अगर आप सही तरह से ब्रेकफास्ट खाएं तो भी आप हेल्दी रह सकते हैं। आपको ब्रेकफास्ट में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। कार्बोहाइड्रेट युक्त फूड भी खा सकते हैं। कॉफी है रिफ्रेशिंग: सुबह के समय कॉफी पीना बुरा नहीं है लेकिन मिड मॉर्निंग में कॉफी पीना अच्छा आइडिया हो सकता है। कैफीन आपकी नींद भी भगाएगी और आपको तरोताजा भी रखेगी। पॉवरनैप रखेगा फ्रेश: अगर ऑफिस के समय में संभव हो तो तकरीबन 20 मिनट का पॉवरनैप ले सकते हैं। कुछ मिनटों की झपकियों से आप दिनभर तरोताजा रहेंगे।  

वाई-फाई से जुड़ी समस्याओं का इन आसान तरीको से करें समाधान

नई दिल्ली हम सभी ने कभी न कभी वाई-फाई से जुड़ी समस्याओं का सामना जरूर किया होगा। अक्सर ऐसा होता है कि हमारा फोन वाई-फाई से कनेक्ट नहीं हो पाता। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि समस्या हमेशा फोन में ही हो, कई बार राउटर में भी खराबी हो सकती है। इसलिए, बिना जांच-पड़ताल के समस्या का सटीक कारण जानना मुश्किल होता है। आज हम आपको बताएंगे कि अगर आपका Android फोन वाई-फाई से कनेक्ट नहीं हो रहा है, तो आप इस समस्या को कैसे दूर कर सकते हैं। पहला कदम: किसी अन्य डिवाइस से वाई-फाई कनेक्टिविटी चेक करें अगर आपका फ़ोन वाई-फाई से कनेक्ट नहीं हो रहा, तो पहले यह जानना ज़रूरी है कि समस्या आपके फ़ोन में है या राउटर में। इसके लिए, किसी दूसरे वाई-फाई डिवाइस, जैसे कि लैपटॉप या टैबलेट, को उसी वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट करके देखें। यदि दूसरा डिवाइस बिना किसी परेशानी के कनेक्ट हो जाता है, तो समस्या आपके फ़ोन में है। लेकिन अगर दूसरा डिवाइस भी कनेक्ट नहीं हो पाता, तो समस्या आपके राउटर में है। समाधान 1: एयरप्लेन मोड ऑन और ऑफ़ करें कई बार फ़ोन में नेटवर्क सेटिंग्स से जुड़ी मामूली गड़बड़ी के कारण भी वाई-फाई कनेक्ट नहीं हो पाता। ऐसे में, एयरप्लेन मोड को ऑन और ऑफ़ करने से यह समस्या दूर हो सकती है।अपने फ़ोन की स्क्रीन को ऊपर से नीचे की ओर स्लाइड करें और एयरप्लेन मोड के आइकॉन पर टैप करें।कुछ सेकंड रुके और फिर से एयरप्लेन मोड को ऑफ़ कर दें।अब फिर से वाई-फाई से कनेक्ट करने की कोशिश करें। समाधान 2: अपने फ़ोन को रीबूट करें अगर एयरप्लेन मोड से समस्या हल नहीं होती, तो अपने फ़ोन को रीबूट करके देखें। फ़ोन को रीबूट करने से उसकी टेम्पररी सेटिंग्स और फाइल्स रीसेट हो जाती हैं जिससे छोटी-मोटी गड़बड़ियाँ दूर हो जाती हैं। समाधान 3: राउटर को रीस्टार्ट करें जैसे आपके फ़ोन में समस्या हो सकती है, वैसे ही आपका राउटर भी सही से काम नहीं कर रहा होगा। इसलिए, राउटर को भी एक बार रीस्टार्ट करके देखें। ज़्यादातर राउटर्स को रीस्टार्ट करने के लिए उनके पीछे एक पावर बटन दिया होता है। अगर आपको पावर बटन न मिले, तो कुछ सेकंड के लिए राउटर का प्लग निकालकर फिर से लगा दें। समाधान 4: नेटवर्क सेटिंग्स को रीसेट करें कभी-कभी गलत नेटवर्क सेटिंग्स के कारण भी फ़ोन वाई-फाई से कनेक्ट नहीं हो पाता। ऐसे में, आप अपने फ़ोन की नेटवर्क सेटिंग्स को रीसेट कर सकते हैं।     अपने फ़ोन की “Settings” में जाएं।     “System” पर टैप करें और “Reset options” चुनें।”Reset Wi-Fi, mobile & Bluetooth” पर टैप करें।     सेटिंग्स रीसेट होने के बाद, फिर से अपने वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट करने की कोशिश करें।

दिखना है हटके तो अपनाएं ये फैशन स्टाइल

हर कोई डिफरेंट दिखना किसे पसंद नहीं है। इसके लिए आप क्या कुछ नहीं करते। अब अपने वॉर्डरोब की पुरानी चीजों के साथ भी कुछ इंटरेस्टिंग करें। इससे बिना किसी खर्चे के आपको मिलेगा हटके स्टाइल और सभी नजरें आपको देखती ही रह जाएंगी। खुद के लुक को रीडिफाइन करने का परफेक्ट तरीका है फंकी नेकपीस कैरी करना। इनसे ऑर्डिनरी ड्रेस में भी ग्लैम टच लाया जा सकता है। इसे आप खुद भी डिजाइन कर सकती हैं। किसी पुराना नेकपीस को नियॉन शेड के नेल कलर से पेंट करें। इसके बाद आपका नया कूल नेकलेस रेडी है। फैशन के टशन में बेल्ट्स वापस पसंद की जा रही हैं और लिटल ब्लैक ड्रेस के साथ ट्रेंडी लेदर बेल्ट आपका लुक ही बदल देगी। वैसे, आप पुरानी बेल्ट से भी चिक बेल्ट बन सकती है। इसके लिए पुरानी बेल्ट को लाइमस्टोन से अच्छी तरह घिस लें और इस पर अलग-अलग तरीके के पैटर्न बना लें। किसी खास डिजाइन में हॉरिजॉन्टल या वर्टिकल स्ट्राइप्स बना सकती हैं या फिर कुछ हटके डिजाइन भी किया जा सकता है। पार्टीज और वेडिंग्स में तो जाना हो तो ग्लिटर हील्स वाले फैन्सी फुटवियर्स ट्राई करें। इसके लिए आपको चाहिए पुरानी बैली या स्टिलटोज, ग्लू, फाइन गलटर, पुराना पेंट ब्रश और टेप। ग्लिटर को केयरफुल होकर हैंडल करें। शूज में पुराना पेपर भर दें और अगर हील्स पर ग्लिटर नहीं लगा रही हैं, तो इस पर टेप चिपका दें। ब्रश की हेल्प से फुटवियर के छोटे से एरिया पर ग्लू लगाएं और फिर उसी या दूसरे ब्रश से उस पर ग्लिटर फैला दें। थोडे-थोडे एरिया पर ब्लू लगाकर ग्लिटर लगाती चें और फिर पंखे के नीचे 5-6 घंटे के लिए सूखने छोड दें। फिर इसे हेयर स्प्रे की मदद से सेट कर लें। अब आप इन स्पेशल फुटवियर्स के साथ जमकर टशन दिखा सकती हैं।  

फोटोग्राफी व क्रिएटिविटी के साथ करियर में लगाएं चार चांद

आजकल फोटोग्राफी का शौक तो हर दूसरे शख्स में देखने को मिल जाता है। अगर आपका ये शौक आपका पैशन है तो फोटोग्राफी एक ऐसा कॅरियर है, जो आपको पैसा, ग्लैमर, शोहरत और देश-विदेश घूमने का मौका देता है। इन्हीं में से एक ट्रैवल फोटोग्राफी एक ऐसा फील्ड है जिसमें युवाओं को नौ से पांच ड्यूटी करने की बजाय कैमरे से देश-दुनिया को एक्सप्लोर करने की आजादी मिलती है। इस फील्ड में सफलता के लिए जरूरी है कि आप उसके लायक स्किल्स डेवलप करें। साथ ही इसके लिए एक्स्ट्रा क्रिएटिविटी और अटेंटिविटी की जरूरत होती है। क्या है एजुकेशनल क्वालिफिकेशन: इस फील्ड में सीखने की कोई भी लिमिटेशन नहीं है। इसके लिए सबसे आसान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कई इंस्ट्रक्शनल वीडियो मौजूद हैं, जिन्हें फॉलो कर आप फोटोग्राफी की बारीकियां आसानी से सीख सकते हैं। प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो आप हायर सेकंडरी या ग्रेजुएशन के बाद फोटोग्राफी से रिलेटेड कोर्स कर सकते हैं। इंडिया में कई इंस्टीट्यूट्स फोटोग्राफी और ट्रैवल फोटोग्राफी में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री कोर्स कराते हैं। क्या है स्कोप: नेशनल ज्योग्राफी और आउटलुक ट्रैवलर्स में हमेशा क्वालिटी प्रोफेशनल्स की डिमांड रहती है। इसके अलावा, किसी स्टूडियो में या सीनियर फोटोग्राफर के असिस्टेंट के रूप में काम शुरू कर सकते हैं। फोटोग्राफी फील्ड में संभावनाओं की बात करें तो इसमें कॉम्पिटिशन काफी टफ हो गया है। स्टॉक सेलिंग का ट्रेंड जोरों पर है। लेकिन ट्रैवल मैगजीन, ब्लॉग्स, टूर कंपनीज और ट्रैवल पोर्टल्स के आने से ट्रैवल फोटोग्राफर्स की मार्केट में डिमांड बढ़ी है।  

पेटीकोट -सलवार का नाड़ा टाइट बांधने से महिलाओं में हो रहा ‘साड़ी कैंसर’, डॉ. से जानें इसके लक्षण

नईदिल्ली आजकल कैंसर कई लोगों की जिंदगी बर्बाद कर रहा है। कई तरह के खतरनाक कैंसर सामने आ रहे हैं। महिलाओं में स्तन, गर्भाशय, योनि और अंडाशय के कैंसर आम हैं। लेकिन अब दो मामलों में पेटीकोट कैंसर पाया गया है! रोज़ाना साड़ी पहनने वालों के लिए यह चिंताजनक है। वर्धा के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और बिहार के मधुबनी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के हालिया शोध के अनुसार, रोज़ाना साड़ी पहनने वाली महिलाएं इससे पीड़ित हो रही हैं। इसका कारण साड़ी के साथ पहने जाने वाला पेटीकोट है। अध्ययन में बताया गया है कि इसके धागे से खतरा बढ़ता है। हालांकि अध्ययन में सिर्फ़ साड़ी का ज़िक्र है, लेकिन चूड़ीदार और कुर्ता पहनने वालों को भी कमर पर धागा बांधना पड़ता है। इसे टाइट बांधने से कैंसर हो सकता है। पेटीकोट या पैंट का धागा टाइट बांधने से यह त्वचा से चिपक जाता है। साड़ी न खिसके इसलिए इसे टाइट बांधा जाता है। रोज़ाना साड़ी पहनने वालों में ऐसा करने से त्वचा लाल हो जाती है, सूज जाती है और बाद में घाव बनकर कैंसर का रूप ले सकती है। शुरुआत में महिलाओं में पाए गए इस कैंसर के लिए साड़ी को ज़िम्मेदार माना गया था। लेकिन बाद में पता चला कि इसका कारण पेटीकोट है, इसलिए इसे पेटीकोट कैंसर कहा गया है। 70 साल की एक महिला में यह पाया गया। उनके पेट के आसपास घाव 18 महीने तक ठीक नहीं हुआ। बाद में पता चला कि यह मार्जोलिन अल्सर नाम का त्वचा कैंसर है। फिर एक और महिला में भी यह पाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, पेटीकोट टाइट बांधने से पेट और कमर पर लगातार दबाव पड़ता है। इससे घर्षण होता है और त्वचा कमज़ोर हो जाती है। इससे घाव या छाले हो जाते हैं। इलाज न कराने पर यह कैंसर में बदल सकता है। इस तरह के घाव या छाले होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। रोज़ाना साड़ी या धागे वाला पेटीकोट पहनने वालों को इलास्टिक वाला पेटीकोट पहनने की सलाह दी जाती है। या फिर ढीले स्कर्ट पहनने को कहा गया है। कमर के आसपास हफ़्तों या महीनों तक ठीक न होने वाले घाव होने पर तुरंत जांच कराएं। 70 साल की महिला में साड़ी से हुआ कैंसर पहले मामले में, एक 70 वर्षीय महिला को अपने दाहिने हिस्से में त्वचा पर एक अल्सर विकसित हो गया, जिसमें त्वचा का रंग भी फीका पड़ गया था। पेटीकोट की तंग डोरी ने त्वचा को लंबे समय तक नुकसान पहुंचाया, जिससे मार्जोलिन अल्सर हो गया। 70 वर्षीय महिला ने अपना अनुभव शेयर करते हुए बताया कि, ‘मैंने दशकों तक खूब कसी साड़ी बांधी, मुझे नहीं पता था कि ये मेरी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। त्वचा में हल्का सा बदलाव हुआ जो धीरे-धीरे दर्दनाक और ठीक न होने वाले अल्सर में बदल गया, बाद में पता चला कि मुझे स्‍किन कैंसर हुआ है।’ डॉ. दर्शना राणे के अनुसार, ‘जब यह नाड़ा लगातार एक ही स्थान पर कमर पर बांधा जाता है, तो इससे त्वचा में जलन (डर्माटोसिस) होती है, जिससे आगे चलकर अल्सर (घाव) या ‘मार्जोलिन अल्सर’ बन सकते हैं, और बहुत ही दुर्लभ मामलों में, ये घाव कैंसर में बदल सकते हैं।’ ऐसे पहचाने ‘साड़ी कैंसर’ का लक्षण ‘साड़ी कैंसर’ के शुरुआती लक्षण पेटीकोट का तंग नाड़ा लंबे समय तक जलन पैदा कर सकता है। इंडिया की गर्मी में, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, यह समस्या तेजी से बढ़ सकती है। कसी साड़ी से त्वचा का रंग बदलना या हल्की पपड़ी पड़ना गंभीर लक्षण हो सकते हैं। क्‍या कहते हैं डॉक्‍टर डॉ. दर्शना राणे बताती हैं, पेटीकोट का नाड़ा जब गर्म और आर्द्र मौसम में कसकर बांधा जाता है, तो यह पसीना और धूल के जमा होने से जलन और खुजली पैदा कर सकता है। ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित होने के कारण, महिलाएं प्रारंभिक लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं और जब हेल्‍थ खराब हो जाती है तब डॉक्‍टर को दिखाती हैं। चूड़ीदार और धोती से भी हो सकता है कैंसर जी हां, अगर आप कस कर धोती बांधते हैं और महिलाएं अगर टाइट चूड़ीदार पहनती हैं, तो आपको भी बच कर रहना चाहिए। हालांकि यह एक दुर्लभ समस्या है, लेकिन यह जागरूकता और बचाव की आवश्यकता को दर्शाती है। जानें बचाव का तरीका     पेटीकोट को बहुत कसकर न बांधें, खासकर अगर त्वचा में रंग बदलने या पपड़ी बनने जैसे डर्माटोसिस के शुरुआती संकेत दिखें।     पेटीकोट में चौड़ा कमरबंद इस्तेमाल करने से कमर पर दबाव समान रूप से बंटता है।     पेटीकोट को बांधने की ऊंचाई समय-समय पर बदलते रहें। घर पर हों तो ढीले इलास्टिक वाले पतलून पहनें ताकि हवा का संचार बना रहे।     कभी भी टाइटप कपड़ा ना पहनें। हमेशा आरामदायक कपड़ा ही पहनें। कमर पर टाइट बेल्‍ट या नाड़ा ना बांधें। स्‍किन पर अगर इलास्‍टिक से जलन और खुजली हो तो तुरंत डॉक्‍टर को दिखाएं।

सर्दियों में खुश्‍क नजर आती है स्किन , इन नुस्खों से चेहरे को दें राहत

वैसे तो ठंड का मौसम बहुत सुहावना लगता है लेकि‍न इस मौसम में स्किन र‍िलेटड समस्‍याएं खूब होती है। खासकर ड्राय स्किन। सर्दियों में त्वचा का फटना एक आम समस्या है, लेकिन कुछ घरेलू उपायों से इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है। यहां कुछ देसी नुस्खे दिए गए हैं, जो आपकी त्वचा को मॉइश्चराइज करेंगे और इसे कोमल बनाए रखेंगे। घी थोड़ी मात्रा में घी लें और इसे अपनी त्वचा पर लगाएं। इसे 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर हल्के गर्म पानी से धो लें। घी त्वचा को गहराई तक पोषण देता है और नमी बनाए रखता है। नारियल तेल सर्दियों में नारियल तेल को हल्का गर्म करके चेहरे और शरीर पर मालिश करें। यह त्वचा में गहराई तक जाकर नमी को बनाए रखता है और रूखापन दूर करता है। एलोवेरा जेल एलोवेरा जेल को चेहरे पर लगाएं और इसे 20-30 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर गुनगुने पानी से धो लें। एलोवेरा त्वचा को ठंडक और नमी देता है, जिससे त्वचा मुलायम बनी रहती है। दूध और शहद दूध और शहद का मिश्रण बनाएं और इसे अपने चेहरे पर लगाएं। 15-20 मिनट के बाद इसे धो लें। यह त्वचा को प्राकृतिक रूप से मॉइश्चराइज करता है और त्वचा को चमकदार बनाता है। बेसन और हल्दी बेसन, हल्दी और दूध का पेस्ट बनाएं और इसे चेहरे पर लगाएं। 10-15 मिनट बाद इसे धो लें। यह त्वचा को डिटॉक्सिफाई करता है और रूखेपन से राहत दिलाता है। बादाम का तेल सोने से पहले कुछ बूंदें बादाम के तेल की लेकर चेहरे पर मसाज करें। यह तेल त्वचा को पोषण देकर नमी को बरकरार रखता है। केला और मलाई केले को मसल कर उसमें ताजी मलाई मिलाएं और इसे चेहरे पर लगाएं। 15-20 मिनट बाद धो लें। यह रूखी त्वचा को गहराई तक मॉइश्चराइज करता है। गुलाबजल गुलाबजल का टोनर की तरह प्रयोग करें। यह त्वचा को हाइड्रेट रखता है और रूखापन कम करता है। इन घरेलू नुस्खों के अलावा, सर्दियों में अधिक पानी पीने, संतुलित आहार लेने और अधिक समय तक गर्म पानी से न नहाने का ध्यान रखें। इससे आपकी त्वचा मुलायम और चमकदार बनी रहेगी।

नए एंड्रायड फोन की परफॉर्मेंस बरकरार रखने के लिए करें ये जरूरी उपाय

आपने बेस्ट स्पेसिफिकेशन वाला नया फोन खरीद तो लिया, लेकिन यह सालो साल चलें इसके लिए जरूरी है कुछ बातों का ख्याल रखा जाएं। आज आपको इसके बारे में कुछ आसान टिप्स देते हैं। फोन के सेटअप को देखें आपने फोन खरीद तो लिया, लेकिन लेते समय उसके सेटअप चेक करना जरूरी है। फोन के सेटअप के लिए सबसे पहले उसमें सिम लगाकर ऑन करें और जो भी स्वीकृति वह मांगे उसे देकर सेटअप का प्रोसेस आगे बढ़ाएं। अब मोबाइल नेटवर्किंग सेटिंग और वाइ-फाइ के ऑप्शन पर जाएं। अगर वाइ-फाइ उपलब्ध है तो जरूर कनेक्ट करके देखें, इससे कनेक्टिविटी की समस्या का अंदाजा हो जाएगा। अगर कोई इशू दिखें तो अपनी डिवाइस को आप समय रहते चेंज करा सकते हैं। मोबाइल नेटवर्क पर इंटरनेट कनेक्टिविटी का कोई इशू तो नहीं यह भी चेक करें। चार्जर चेक करें आपके नए फोन का चार्जर ठीक तरह से काम कर रहा है या नहीं चेक करें। इसके लिए इसे खरीदते समय शॉप पर ही चार्ज करके देखें, साथ ही ध्यान दे कि ठीक से कनेक्ट हो रहा है या नहीं। चार्जिंग में कोई भी परेशानी दिखें तो फौरन विक्रेता से शिकायत करें। सभी एक्सेसरीज चेक करें आपको फोन के साथ सभी एक्सेसरीज मिली है या नहीं। इस बात को सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल फोन के सेल्स पैक पर प्रिंटेड एक्सेसरीज लिस्ट को चेक करें और अपने सेल्स पैक के अंदर देखें कि वहीं सारी एक्सेसरीज है या नहीं। फोन का डिस्प्ले व कैमरा या अन्य किसी जगह कोई स्क्रैच या टूट फूट दिखें तो उसी समय वापिस कर दें।अगर फोन ऑनलाइन लिया है तो 24 घंटे के अंदर कंप्लेंट रजिस्टर करें। कॉलिंग चेक करें नए फोन में कॉलिंग चेक करने की क्या जरूरत है? ऐसा सोचकर हम इसे चेक नहीं करते, लेकिन यह सबसे बड़ी परेशानी बन सकता है। फोन का मुख्य काम तो कॉलिंग ही होता है इसलिए कॉल करके देखें कि आपकी कॉल में स्पीकर से आवाज क्लियर आ रही है, आवाज में कोई डिस्टर्बेंस तो नहीं, डबल वॉयस तो नहीं आ रही आदि। अगर ऐसी कोई भी परेशानी महसूस हो तो शिकायत करें। जब आप कॉल करके देखेंगे तभी सभी परेशानियों का सटीक रूप से पता चलेगा। प्रीलोडेड अनवांटेड एप्स को डिसेबल करें आजकल सभी स्मार्टफोन में कुछ प्रीलोडेड एप्स आते हैं। इनमें से जिनका आप इस्तेमाल नहीं करते, उन्हें हटा सकते है। इसके लिए सेटिंग में जाकर एप को अनइंस्टॉल करें, अगर अनइंस्टॉल नहीं हो रहा तो डिसेबल कर दे। ऐसा करने का फायदा यह होगा कि मैमोरी खाली हो जाएगी और स्टोरेज कैपेसिटी बढ़ जाएगी। नए फोन में जीमेल अकाउंट को एक्टिवेट करें नए स्मार्टफोन में जीमेल अकाउंट को एक्टिवेट करें। इससे आप फोन में न केवल मेल चेक कर सकेंगे बल्कि अपने सभी जरूरी कॉन्टैक्ट्स को सिंक भी कर सकेंगे। आप गूगल प्ले स्टोर से भी जरूरी एप्स डाउनलोड कर सकेंगे। इसलिए फोन में जीमेल का सेटअप होना जरूरी है। सॉफ्टवेयर अपडेट करें भले ही आपका फोन नया है लेकिन इसे भी अपडेट करते रहने की जरूरत है और निर्माता कंपनियां समय-समय पर अपडेट नोटिफिकेशन भेजती रहती है क्योंकि आपका फोन फैक्ट्री से बनने के फौरन बाद आपको नहीं मिल जाता और जब तक यह बिकता है तब तक बहुत से एप्स में नए अपडेट आ चुके होते है।जब आप अपने स्मार्टफोन का सेटअप कर लें तो सॉफ्टवेयर अपडेट को भी चेक करें। अगर किसी नए अपडेट का नोटिफिकेशन दिखें तो फौरन अपडेट करें। फोन में सॉफ्टवेयर अपडेट करते रहने से उसकी परफॉर्मेंस बढ़ती है। खरीदते समय कुछ एप्स भी डाउनलोड करके देखें अगर कोई परेशानी आएं तो फोन को चेंज करा दें क्योंकि बहुत से फोन में गूगल प्ले स्टोर क्रैश होने की शिकायत मिलती है। डिवाइस मैनेजर आपके एंड्रायड फोन में एक फीचर एंड्रायड डिवाइस मैनेजर होता है, अगर फोन खो जाएं तो एंड्रायड डिवाइस मैनेजर आपको इंफॉर्म करेगा कि डिवाइस कहां है, इतना ही नहीं फोन चोरी हो गया तो आप इस फीचर को इनेबल करने के बाद डाटा को डिलीट भी कर सकते है। इसलिए फोन की सेटिंग में जाकर एंड्रायड डिवाइस मैनेजर को इनेबल जरूर करें। फोन में बैकअप और नोटिफिकेशन की सेटिंग करें फोन में नोटिफिकेशन और बैकअपक की सेटिंग करके देखें। आपको जिन एप्स के नोटिफिकेशन नहीं चाहिए, उन्हें टिक कर दें। इससे बैटरी और मैमोरी दोनों बचेंगे। फोन में डाटा बैकअप की सेटिंग करे,ऐसा करने से डाटा सेव होगा। नए फोन में फेसबुक, व्हाट्स एप चलाकर देखें। बहुत बार इन एप्स के क्रैश होने की समस्या भी नजर आई है।  

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