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हवा में उड़ने के शौकीन एविएशन में बनाए करियर

करियर बनाने के लिए आजकल युवा ऐसे ऑप्शकन तलाश रहे हैं, जिनमें पैसे के साथ-साथ ग्लैउमर भी हो। एयरहोस्टेड़स स्टी वर्ड बनकर आप ये दोनों ही चीजें बड़ी आसानी से हासिल कर सकते हैं। आइए लेते हैं एविएशन इंडस्ट्री  का एक जायजा। एविएशन में करियर बनाने की संभावनाएं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। जहां पहले एविएशन का क्षेत्र सरकारी हवाई सेवाओं तक ही सीमित था, वहीं अब निजी क्षेत्र भी एविएशन की दौड़ में शामिल हो गए हैं। देश के आर्थिक विकास को तेजी देने वाले इस क्षेत्र में संभावनाओं का एक अनंत आसमान युवाओं को अपनी ओर खींच रहा है। यह क्षेत्र जितना रोमांचक है, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी। दूसरे क्षेत्रों की तुलना में शानदार जीवनशैली, सुविधाओं और उम्दो वेतन ने इसे करियर का हॉट ऑप्शरन बना दिया है। एविएशन के क्षेत्र में जिस तेजी से विकास हो रहा है, उसके अनुसार भारत इस क्षेत्र में सन 2025 तक नंबर वन पर होगा। वर्तमान में देखा जाए, तो विश्वै का केवल दो प्रतिशत एविएशन बिजनेस भारत में होता है। एयर होस्टेिस एकेडमी की सपना गुप्ता2 का मानना है कि इस क्षेत्र में नौकरियों की कोई कमी नहीं है, बशर्ते कोर्स करने के लिए आपने एक सही संस्थापन का चयन किया हो। एविएशन के क्षेत्र में करियर बनाने को लेकर जिन लोगों के मन में कोई भ्रम है या जो लोग इस क्षेत्र की बारीकियों को समझना चाहते हैं उनके लिए सपना गुप्तात ने एक किताब भी लिखी है। विनिंग स्ट्रैनटेजी: सर्विंग विद अ स्मा इल नाम की यह किताब एविएशन में रुचि रखने वाले लोगों के लिए बेहद उपयोगी है। वर्ष 1994 से पहले तक निजी ऑपरेटर्स को डोमेस्टिक एयरलाइंस और एविएशन की सुविधा नहीं थी, लेकिन 1994 में एयर कॉर्पोरेशन एक्टउ में सुधार किया गया और निजी ऑपरेटर्स को भी डोमेस्टिक एयरलाइंस ऑपरेट करने की सुविधा दे दी गई। इसके बाद जेट एयरवेज, एयर सहारा, किंगफिशर, स्पा इस जेट आदि कंपनियां इस क्षेत्र में अपनी सेवाएं देने लगीं। आने वाले समय में छह नई एयरलाइंस अपनी सेवाएं शुरू करने जा रही हैं। ग्लोइबलिसिस लिमिटेड ने भारतीय एविएशन मार्केट का अध्यमयन करके यह निष्किर्ष निकाला है कि यह विश्वी के सबसे तेजी से बढ़ने वाले क्षेत्रों में से एक है। योग्य्ता एयरहोटसस फ्लाइट स्टी वर्ड से संबंधित कोर्स को करने के लिए कैंडिडेट को बारहवीं पांस होना चाहिए। यह क्षेत्र जितना ग्लैफमरस है उतना ही हार्ड वर्क भी मांगता है, साथ ही जिसमें सेवा करने की भावना होगी, वही इस क्षेत्र में सफल हो सकता है। एजुकेशन क्वा लिफिकेशन के साथ कम्युैनिकेशन स्क्लिस और ग्रूमिंग को भी इस क्षेत्र में महत्वि दिया जाता है। एविएशन का क्षेत्र काफी विस्तृकत है, एयरहोस्टेास, पायलट के अलावा सेल्सी रिजर्वेशन, टिकटिंग, सिक्योसरिटी, कार्गो, एचआर, मार्केटिंग, इंजीनियरिंग व केटरिंग प्रमुख हैं। आमतौर पर पायलट और एयरहोस्टेिस के लिए ही जाने जाने वाले इस क्षेत्र में टेक्निकल और नॉन टेक्निकल दोनों ही क्षेत्रों में नौकरियां उपलब्धष कराई जाती हैं। मनी मैटर्स एविएशन के क्षेत्र के अलग-अलग कर्मचारियों और अधिकारियों को यात्रा, चिकित्साह, सुविधा और आवास के साथ बीस हजार से लेकर पांच लाख तक वेतन मिलता है। यह सब आपके पद और क्षेत्र पर निर्भर करता है। संस्थासन… एयरहोस्टेड़स एकेडमी नई दिल्ली राजस्थाटन स्टेएट फद्यलाइंग स्कूल, जयपुर सहारा एविएशन एकेडमी दिल्ली्  

जेनेटिक इंजीनियरिंग में करियर

    जेनेटिक इंजीनियरिंग विज्ञान का एक अत्याधुनिक ब्रांच है। जिसमें सजीव प्राणियों के डीएनए कोड में मौजूद जेनेटिक को अत्याधुनिक तकनीक केजरिए परिवर्तित किया जाता है। यह क्षेत्र बायोटेक्नोलॉजी के अंतर्गत ही आता है। जेनेटिक इंजीनियरिंग का कमाल कुछ वर्ष पहले ही दुनिया देख चुकी है, जब इयान विल्मुट और उनके सहयोगी रोसलिन ने जेनेटिक तरीके से भेड़ का बच्चा तैयार किया, जिसे डोली दिया था। यह हुबहु भेड़ का जेनेटिक कॉपी था। इन दिनों जेनेटिक इंजीनियर की डिमांड इंडिया के साथ-साथ विदेश में तेजी से बढ़ रहा है। क्या है जेनेटिक इंजीनियरिंग जेनेटिक तकनीक के जरिए जींस की सहायता से पेड़-पौधे, जानवर और इंसानों में अच्छे गुणों को विकसित किया जाता है। जेनेटिक तकनीक के द्वारा ही रोग प्रतिरोधक फसलें और सूखे में पैदा हो सकने वाली फसलों का उत्पादन किया जाता है। इसके जरिए पेड़-पौधे और जनवरों में ऐसे गुण विकसित किए जाते हैं, जिसकी मदद से इनके अंदर बीमारियों से लडने की प्रतिरोधिक क्षमता विकसित की जाती है। इस तरह के पेड़-पौधे जीएम यानी जेनेटिकली मोडिफाइड फूड के रूप में जाने-जाते हैं। बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जेनेटिक इंजीनियरिंग का इस्तेमाल बृहत पैमाने पर होता है, क्योंकि यह इंडस्ट्री फॉमास्युटिकल प्रोडक्ट जैसे कि इंश्युलीन और दूसरे दवाइयों के लिए एक हद तक जेनेटिक पर ही निर्भर रहती है। योग्यता और कोर्स योग्य जेनेटिक इंजीनियर उसे ही माना जा सकता है, जिनके पास जेनेटिक और इससे संबंधित फील्ड में ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट डिग्री हो, जैसे कि बायोटेक्नोलॉजी, मोलिक्युलर बायोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री। इस कोर्स में एंट्री के लिए 12वीं बायोलॉजी, केमिस्ट्री और मैथ से पास होना जरूरी है। इस समय अधिकतर यूनिवर्सिटी और इंस्टीट्यूट में जेनेटिक इंजीनियरिंग के लिए अलग से कोर्स ऑफर नहीं किया जाता है, लेकिन इसकी पढ़ाई बायोटेक्नोजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री में सहायक विषय के रूप में होती है। बायोटेक्नोलॉजी के अडंर ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट में जेनेटिक इंजीनियरिंग में स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं। गेेजुटए कोर्स, बीईध्बीटेक में एंट्री प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है। एमएससी इन जेनेटिक इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी हर साल 120 सीटों के लिए संयुक्त परीक्षा का आयोजन करती है। तकरीबन 20 हजार छात्र इस परीक्षा में बैठते हैं। उगा अंको के आधार पर 20 छात्र को जेएनयू परिसर, नई दिल्ली में एडमिशन दे दिया जाता है। जेनेटिक डिग्री कोर्स के लिए भी यहां कुछ सीटें निश्चित हैं। इसके लिए भी एंटे्रस टेस्ट में बैठना जरूरी है। रोजगार के अवसर जान-मानी करियर एक्सपर्ट परवीन मलहोत्रा कहती हैं कि जेनेटिक इंजीनियर के लिए भारत के साथ-साथ विदेश में भी जॉब के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। इनके लिए मुख्यत रोजगार के अवसर मेडिकल व फार्मास्युटिकल कंपनी, एग्रीकल्चर सेक्टर, प्राइवेट और सरकारी रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर में होते हैं। टीचिंग को भी करियर ऑप्शन के रूप में आजमा जा सकता है। इसके अलावा, इनके लिए रोजगार के कई और भी रास्ते हैं। बायोटेक लेबोरेटरी में रिसर्च, एनर्जी और एंवायरनमेंट से संबंधित इंडस्ट्री, एनिमल हसबैंड्री, डेयरी फार्मिंग, मेडिसन आदि में भी रोजगार के खूब मौके हैं। कुछ ऐसे संस्थान भी हैं, जो जेनेटिक इंजीनियर को हायर करती है, जैसे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी, नई दिल्ली, सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंट ऐंड डाइग्नोस्टिक, हैदराबाद, बायोकेमिकल इंजीनियरिंग रिसर्च ऐंड प्रोसेस डेवलॅपमेंट सेंटर, चंडीगढ़, द इंस्टीट्यूट ऑफ जिनोमिक ऐंड इंटेग्रेटिव बायोलॉजी, दिल्ली आदि। सैलॅरी पैकेज जेनेटिक इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री रखने वाले स्टूडेंट्स को शुरुआती दौर में आठ से 12 हजार रुपये प्रति माह सैलॅरी मिलने लगती है। यदि आपके पास डॉक्ट्रोरल डिग्री है, तो सैलॅरी 15-25 हजार रुपये शुरुआती महीनों में हो सकती है। इंस्टीट्यूट वॉच… -इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मद्रास, खडगपुर -आईआईटी गुवाहाटी -आईआईटी, दिल्ली -दिल्ली यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली -उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद -पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, लुधियाना -राजेंद्र एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, समस्तीपुर, बिहार -जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली -बनारस हिंदु यूनिवर्सिटी, वाराणसी -ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, नई दिल्ली    

जबलपुर का रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय 15 विषयों का कांबिनेशन कोर्स शुरू करेगा

जबलपुर रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में वर्तमान सत्र 2025-26 से एनईपी 2020 के अंतर्गत स्नातक स्तर पर विज्ञान विषय में 15 कांबिनेशन कोर्स शुरू किए जाएंगे।हुई प्रवेश समिति की बैठक में विज्ञान विषय के 11 नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों एवं विगत सत्र से संचालित चार पाठ्यक्रमों कुल मिलाकर 15 पाठ्यक्रमों का संयोजन (कोर्स कांबिनेशन) प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित किया है। इसमें बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री, जूलाजी, बाटनी, फार्मास्युटिकल कैमिस्ट्री, कैमिस्ट्री, फारेंसिक साइंस, इलेक्ट्रानिक्स, फिजिक्स, कम्प्यूटर साइंस, इन्फारमेशन टेक्नोलॉजी एवं गणित विषय के साथ आरंभ किया जाना प्रस्तावित है। रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे कोर्स विश्वविद्यालय के आईक्यूएसी में हुई बैठक में कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि सभी विषय महाकौशल क्षेत्र के साथ-साथ प्रदेश एवं देश के विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे। इन सभी विषयों में व्यापक स्तर पर शोध कार्य का मार्ग प्रशस्त होगा। प्रदेश एवं प्रदेश के बाहर के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से विशेषज्ञों को पाठ्यक्रम एवं करियर के संबंध में मार्गदर्शन हेतु समय-समय पर आमंत्रित किया जाएगा। बैठक में प्रवेश समिति के संयोजक प्रो. सुरेन्द्र सिंह, प्रो. राकेश बाजपेई, प्रो. धीरेन्द्र पाठक, प्रो. ममता राव, प्रो. पीके खरे, डॉ. अजय गुप्ता, डॉ. विनय तिवारी, डॉ. निधि सक्सेना, डॉ. दिव्या सिंह, डॉ. पल्लवी शुक्ला, डॉ. धीरेन्द्र मौर्य, कामता मिश्रा, नरेश सौंधिया सहित अतिथि विद्वान उपस्थित रहे। डीएमएलटी कोर्स शुरू होगा जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय प्रशासन ने पैरामेडिकल पाठयक्रम को शुरू करने का निर्णय लिया है। यह पाठयक्रम स्वास्थ्य चिकित्सा से जुडे लैब टैक्नीशियन बनने में मददगार होंगे। डिप्लोमा और डिग्री आधारित डीएमएलटी एवं बीएमएलटी पाठयक्रम दो वर्षीय एवं तीन वर्षीय होंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पैरामेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन के लिए फाइल जमा कर दी गई है। प्रायोगिक आदि की सुविधाएं शासकीय एल्गिन अस्पताल के माध्यम से संचालित की जाएंगी जिसके साथ पहले से ही विश्वविद्यालय का अनुबंध संचालित है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने डिप्लोमा इन लेब टैक्नीशियन एवं बैचलर आफ लैब टैक्नीशियन के लिए 50-50 सीटों का निर्धारण किया है। यदि एप्रूवल मिल जाता है तो इसी सत्र से इसकी शुरुआत कर दी जाएगी।

सीयूईटी यूजी परीक्षा 8 मई से शुरू होंगे एग्जाम, डेटशीट जल्द होगी जारी

इंदौर कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) यूजी की शुरुआत आठ मई से हो रही है, जो एक जून तक चलेगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) देशभर में यह परीक्षा दो पारियों में आयोजित करेगी। जैसे-जैसे परीक्षा की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे छात्रों की तैयारी भी तेज हो गई है। एजेंसी ने एडमिट कार्ड जारी करना शुरू कर दिया है, जिसमें परीक्षा केंद्र की जानकारी भी दी गई है। इस वर्ष करीब 14 लाख विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इंदौर जिले से इस परीक्षा में 45 हजार विद्यार्थी बैठेंगे। इनमें से अधिकतर ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से संचालित पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने की इच्छा जताई है। इंदौर में तीन से चार परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस बार डीएवीवी ने सीयूईटी यूजी में कुछ नए पाठ्यक्रमों को जोड़ा है। इनमें बीए भूगोल, साइकोलॉजी, दर्शन और बीबीए एविएशन आदि शामिल हैं। पहले इन कोर्सों में नान-सीयूईटी के आधार पर दाखिला मिलता था, लेकिन इस बार छात्रों की रुचि को देखते हुए इन्हें भी परीक्षा में शामिल किया गया है। 28 कोर्स चल रहे हैं डीएवीवी अब कुल 28 एकीकृत और स्नातक पाठ्यक्रमों का संचालन कर रही है। इनमें बीए अर्थशास्त्र, बीकाम कराधान, बीकाम ऑनर्स, बीफार्मा, बीसीए, बीएएलएलबी, एमसीए, एमटेक आदि शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों में कुल 1470 सीटों के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं। जुलाई में काउंसिलिंग, अगस्त से प्रवेश प्रक्रिया परीक्षा एक जून को समाप्त होगी। इसके बाद एक महीने के भीतर एनटीए परिणाम घोषित करेगा। इसके लगभग दस दिन बाद विश्वविद्यालयों को छात्रों का डाटा मिलेगा। इस आधार पर प्रावीण्य सूची और रैंक तैयार की जाएगी। डीएवीवी की काउंसिलिंग प्रक्रिया 15 जुलाई तक शुरू होने की संभावना है, जिसका पहला चरण अगस्त में आयोजित होगा। परीक्षा केंद्र नहीं बदल सकते कुछ विद्यार्थियों को इंदौर के बाहर परीक्षा केंद्र मिला है, जिससे वे परेशान हैं। वे केंद्र बदलने के लिए एनटीए को ईमेल भेज रहे हैं। सीयूईटी समन्वयक डॉ. कन्हैया आहूजा ने कहा कि परीक्षा केंद्र में बदलाव संभव नहीं है। एनटीए ने पहले ही अपनी अधिसूचना में इस बारे में दिशा-निर्देश जारी कर दिए थे। डेटशीट का अता-पता नहीं, NTA क्या चाहता है? ऐसा पहली बार हो रहा है कि इतने कम दिन बचे होने के बाद भी छात्रों को अपने एग्जाम की डेटशीट तक नहीं पता है। छात्र असमंजस में है और एनटीए से भी लगातार पूछ रहे हैं। वहीं कई प्राइवेट यूनिवर्सिटीज में एडमिशन शुरू हो गए हैं, जो सीयूईटी स्कोर के आधार पर एडमिशन नहीं करती हैं। कुछ समय पहले ऐसी खबरें भी आई थीं कि नीट की वजह से सीयूईटी एग्जाम आगे टल सकता है। ऐसे में छात्र अब दूसरे विकल्पों की ओर जाने को मजबूर हो रहे हैं। करियर काउंसलर आलोक बंसल कहते हैं कि ऐसी प्राइवेट यूनिवर्सिटीज की कमी नहीं है, जो सीयूईटी स्कोर के बिना एडमिशन करती हैं। उनका कहना है कि अगर छात्र को ये ही नहीं पता है कि उसका अगला कदम क्या होगा तो वह कैसे अपना प्लान बनाएगा? आपको क्या लगता है, सीयूईटी 2025 में कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट होना कितना फायदेमंद है?     बहुत फायदेमंद     कुछ हद तक फायदेमंद     कम फायदेमंद     बिल्कुल नहीं अभी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने सीयूईटी का शेड्यूल ही जारी नहीं किया है और जब डेटशीट तक नहीं पता है तो एग्जाम कब से होंगे, इस बारे में असमंजस है। उसके बाद रिजल्ट कब आएगा, यह भी एक सवाल रहेगा। खास बात यह है कि इस बार सीयूईटी-2025 में कई तरह के बदलाव हुए हैं और हर पेपर कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट होगा, जबकि पिछले वर्ष 2024 में यह एग्जाम हाईब्रिड मोड में हुआ था। पिछले वर्ष 15 मई से एग्जाम शुरू हुआ था और करीब 25 दिन पहले 20 अप्रैल 2024 को डेटशीट जारी हो गई थी। इस बार 8 मई से 1 जून तक एग्जाम होना है और 28 अप्रैल तक भी डेटशीट नहीं आई है। सिटी स्लिप कैसे कर सकते हैं डाउनलोड?     सबसे पहले सीयूईटी की आधिकारिक वेबसाइट exam.nta.ac.in/CUET-UG पर जाएं.     फिर होमपेज पर CUET UG 2025 परीक्षा सिटी स्लिप लिंक का चयन करें.     उसके बाद नए पेज पर पहुंचने के बाद जरूरी डिटेल्स दर्ज करें और सबमिट बटन दबाएं.     अब स्क्रीन पर सीयूईटी यूजी परीक्षा की सिटी स्लिप दिखाई देगी.     आगे की जरूरत के लिए उसकी एक कॉपी सेव करके रख लें और उसे प्रिंट भी करा लें. CUET UG 2025 Exam Pattern: परीक्षा पैटर्न क्या है? सीयूईटी यूजी परीक्षा अंग्रेजी, हिंदी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू सहित 13 भारतीय भाषाओं में कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी. उम्मीदवारों को प्रत्येक पेपर पूरा करने के लिए 60 मिनट का समय मिलेगा. विशेष जरूरत वाले उम्मीदवारों की सुविधा के लिए, PwBD (बेंचमार्क विकलांग व्यक्ति) उम्मीदवारों को परीक्षा के प्रत्येक घंटे के लिए अतिरिक्त 20 मिनट का समय दिया जाएगा. इस परीक्षा के लिए प्रत्येक टेस्ट पेपर में 50 ऑब्जेक्टिव टाइप के बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) होंगे और सभी प्रश्न अनिवार्य होंगे. प्रत्येक सही उत्तर के लिए उम्मीदवारों को पांच अंक दिए जाएंगे. हालांकि परीक्षा में निगेटिव मार्किंग भी होती है, जिसमें प्रत्येक गलत उत्तर के लिए एक अंक काटा जाता है.

यूपीएससी सीएमएस एग्जाम , भारतीय आर्थिक और सांख्यिकी सेवा परीक्षा का कार्यक्रम भी हुआ जारी

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने आगामी 2025 की भारतीय आर्थिक सेवा (IES), भारतीय सांख्यिकी सेवा (ISS) और संयुक्त चिकित्सा सेवा (CMS) परीक्षा के लिए समय सारणी की घोषणा कर दी है। उम्मीदवार अब UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाकर इन परीक्षाओं का शेड्यूल और विषयवार समय देख सकते हैं। यूपीएससी आईईएस और आईएसएस परीक्षा में विभिन्न विषयों के लिए अलग-अलग समय स्लॉट निर्धारित किए गए हैं। वहीं, यूपीएससी सीएमएस परीक्षा के लिए पेपर I और पेपर II में सामान्य चिकित्सा, बाल रोग, सर्जरी, स्त्री रोग एवं प्रसूति विज्ञान और निवारक चिकित्सा जैसे विषय होंगे। तीन दिन चलेगी आईईएस और आईएसएस परीक्षा यूपीएससी आईईएस और आईएसएस परीक्षा 20, 21 और 22 जून 2025 को आयोजित की जाएगी, जबकि यूपीएससी सीएमएस परीक्षा 20 जुलाई 2025 को होगी। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर विस्तृत शेड्यूल और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं। UPSC IES और ISS 2025 परीक्षा का विषयवार शेड्यूल तारीख समय विषय 20 जून 2025 9:00 AM – 12:00 PM सामान्य अंग्रेजी   2:30 PM – 5:30 PM सामान्य अध्ययन 21 जून 2025 9:00 AM – 12:00 PM सामान्य अर्थशास्त्र – I   9:00 AM – 11:00 AM सांख्यिकी – I   2:30 PM – 5:30 PM सामान्य अर्थशास्त्र – II   2:30 PM – 4:30 PM सांख्यिकी – II 22 जून 2025 9:00 AM – 12:00 PM सामान्य अर्थशास्त्र – III   9:00 AM – 12:00 PM सांख्यिकी – III   2:30 PM – 5:30 PM भारतीय अर्थशास्त्र   2:30 PM – 5:30 PM सांख्यिकी – IV   UPSC CMS 2025 परीक्षा का शेड्यूल तारीख दिन समय पेपर विषय 20 जुलाई 2025 रविवार 9:30 AM – 11:30 AM पेपर I (कोड नंबर 1) सामान्य चिकित्सा और बाल रोग     2:00 PM – 4:00 PM पेपर II (कोड नंबर 2) (a) सर्जरी(b) स्त्री रोग एवं प्रसूति विज्ञान(c) निवारक एवं सामाजिक चिकित्सा  

MPPSC exam में हुआ बड़ा बदलाव, आयोग ने जारी की विज्ञप्ति

इंदौर एमपीपीएससी की एक अहम परीक्षा में बड़ा बदलाव हुआ है। लोकसेवा आयोग ने विज्ञप्ति जारी कर परीक्षा निरस्त करने की जानकारी दी है। एमपीपीएससी की खाद्य सुरक्षा अधिकारी भर्ती की परीक्षा निरस्त की गई है। बताया जा रहा है कि परीक्षा के लिए शैक्षणिक योग्यता में किए गए बदलाव के लिए आयोग ने यह फैसला लिया है। MPPSC द्वारा निरस्त की गई परीक्षा की फीस भी वापस की जाएगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी चयन परीक्षा 2024 को निरस्त कर दिया गया है। इस संबंध में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इंदौर द्वारा एक विज्ञप्ति जारी की गई है। आयोग द्वारा आयोजित इस परीक्षा के लिए जिन उम्मीदवारों ने आवेदन दिया था उनकी फीस लौटा दी जाएगी। शैक्षणिक योग्यता में बदलाव के कारण लिया फैसला मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा इस संबंध में जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी पद की शैक्षणिक योग्यता में भारत सरकार द्वारा संशोधन किया गया है। केंद्र सरकार की इस संबंध में 28 मार्च 2025 को अधिसूचना जारी की गई। अधिसूचना के आधार पर एमपीपीएससी द्वारा ली जानेवाली खाद्य सुरक्षा अधिकारी भर्ती परीक्षा निरस्त की गई है। मध्यप्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग हेतु खाद्य सुरक्षा अधिकारी (Food Safety Officer) के पदों की पूर्ति के लिए आयोग की वेबसाइट पर विज्ञापन क्रमांक 57/2024, दिनांक 31.12.2024 को प्रकाशित किया गया था। कार्यालय आयुक्त, खाद्य लागू सुरक्षा एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के पत्र क्रमांक एक/स्था. 1/41-8/2022/2602, दिनांक 25.04.2025 में उल्लेख किया गया है कि उक्त पद की शैक्षणिक अर्हता में भारत सरकार द्वारा अधिसूचना, दिनांक 28.03.2025 के माध्यम से संशोधन किए जाने के कारण उक्त विज्ञापन निरस्त करने का अनुरोध किया गया है। अतः विभाग के अनुरोध पर उक्त विज्ञापन निरस्त किया जाता है। उपरोक्त विज्ञापन अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर चुके अभ्यर्थियों को उनके द्वारा भुगतान किए गए शुल्क की वापसी संबंधित कार्यवाही ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी। इसके लिए आवेदक आयोग की वेबसाइट पर दिनांक 15.05.2025 से दिनांक 30.05.2025 तक उपलब्ध लिंक पर शुल्क वापसी के लिए आवेदन कर सकेंगे।

NEET (UG) पेपर: लीक रोकने के लिए NTA ने बनाया फुल प्रूफ प्लान!

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से 4 मई को होने वाला मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट- NEET (UG) में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए इस बार राज्यों के साथ मिलकर प्लान बनाया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सभी राज्यों के डीएम और पुलिस के आला अधिकारियों के साथ कई स्तर की बैठकें की हैं। इस बार क्वेश्चन पेपर और OMR शीट सेंटरों तक पहुंचाने में पुलिस की भी मदद ली जाएगी। इसके अलावा कोचिंग सेंटरों और डिजिटल प्लेटफॉर्म की भी कड़ी निगरानी करने को कहा गया है। 2024 के एग्जाम में नीट का पेपर लीक होने की शिकायतें सामने आने के बाद एनटीए की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आई थी। अब सभी राज्यों में स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर प्लान पर काम किया जा रहा है। इस बार देश भर में नीट एग्जाम के लिए जो 5500 सेंटर बनाए गए हैं, उन सभी का निरीक्षण तो किया ही जा रहा है, साथ ही एग्जाम वाले दिन वहां पर एनटीए अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस बंदोबस्त भी रहेगा। जिला स्तर पर बनाई गई कमिटी अपने-अपने दायरे में आने वाले हर सेंटर को देखेगी, पुलिस भी सेंटरों पर नजर रखेगी। सेंटरों पर परीक्षा से जुड़ी गोपनीय दस्तावेज पहुंचाने में भी पुलिस की मदद ली जाएगी। डीएम और एसपी करेंगे सेंटर पर विजिट: अगर पुलिस, जिला स्तरीय कमिटी को कोई भी संदेह होता है तो फिर उस जगह का औचक निरीक्षण किया जाएगा। एग्जाम सेंटरों पर ड्यूटी मैजिस्ट्रेट भी निरीक्षण के लिए जाएंगे। सेंटरों पर तैयारियों की समीक्षा के लिए डीएम और एसपी विजिट करेंगे। एनटीए के सूत्रों का कहना है कि 2024 में जो भी शिकायतें सामने आई थीं, उनका आकलन करने के बाद यह प्लान बनाया गया है। इस बार ज्यादातर सेंटर सरकारी स्कूलों और संस्थानों में बनाए गए हैं। संदिग्ध दावों की रिपोर्टिंग के लिए एनटीए ने खास ऑनलाइन पोर्टल भी बनाया है।

जेनेटिक इंजीनियरिंग में करियर

        जेनेटिक इंजीनियरिंग विज्ञान का एक अत्याधुनिक ब्रांच है। जिसमें सजीव प्राणियों के डीएनए कोड में मौजूद जेनेटिक को अत्याधुनिक तकनीक केजरिए परिवर्तित किया जाता है। यह क्षेत्र बायोटेक्नोलॉजी के अंतर्गत ही आता है। जेनेटिक इंजीनियरिंग का कमाल कुछ वर्ष पहले ही दुनिया देख चुकी है, जब इयान विल्मुट और उनके सहयोगी रोसलिन ने जेनेटिक तरीके से भेड़ का बच्चा तैयार किया, जिसे डोली दिया था। यह हुबहु भेड़ का जेनेटिक कॉपी था। इन दिनों जेनेटिक इंजीनियर की डिमांड इंडिया के साथ-साथ विदेश में तेजी से बढ़ रहा है। क्या है जेनेटिक इंजीनियरिंग जेनेटिक तकनीक के जरिए जींस की सहायता से पेड़-पौधे, जानवर और इंसानों में अच्छे गुणों को विकसित किया जाता है। जेनेटिक तकनीक के द्वारा ही रोग प्रतिरोधक फसलें और सूखे में पैदा हो सकने वाली फसलों का उत्पादन किया जाता है। इसके जरिए पेड़-पौधे और जनवरों में ऐसे गुण विकसित किए जाते हैं, जिसकी मदद से इनके अंदर बीमारियों से लडने की प्रतिरोधिक क्षमता विकसित की जाती है। इस तरह के पेड़-पौधे जीएम यानी जेनेटिकली मोडिफाइड फूड के रूप में जाने-जाते हैं। बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जेनेटिक इंजीनियरिंग का इस्तेमाल बृहत पैमाने पर होता है, क्योंकि यह इंडस्ट्री फॉमास्युटिकल प्रोडक्ट जैसे कि इंश्युलीन और दूसरे दवाइयों के लिए एक हद तक जेनेटिक पर ही निर्भर रहती है। योग्यता और कोर्स योग्य जेनेटिक इंजीनियर उसे ही माना जा सकता है, जिनके पास जेनेटिक और इससे संबंधित फील्ड में ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट डिग्री हो, जैसे कि बायोटेक्नोलॉजी, मोलिक्युलर बायोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री। इस कोर्स में एंट्री के लिए 12वीं बायोलॉजी, केमिस्ट्री और मैथ से पास होना जरूरी है। इस समय अधिकतर यूनिवर्सिटी और इंस्टीट्यूट में जेनेटिक इंजीनियरिंग के लिए अलग से कोर्स ऑफर नहीं किया जाता है, लेकिन इसकी पढ़ाई बायोटेक्नोजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री में सहायक विषय के रूप में होती है। बायोटेक्नोलॉजी के अडंर ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट में जेनेटिक इंजीनियरिंग में स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं। गेेजुटए कोर्स, बीईध्बीटेक में एंट्री प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है। एमएससी इन जेनेटिक इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी हर साल 120 सीटों के लिए संयुक्त परीक्षा का आयोजन करती है। तकरीबन 20 हजार छात्र इस परीक्षा में बैठते हैं। उगा अंको के आधार पर 20 छात्र को जेएनयू परिसर, नई दिल्ली में एडमिशन दे दिया जाता है। जेनेटिक डिग्री कोर्स के लिए भी यहां कुछ सीटें निश्चित हैं। इसके लिए भी एंटे्रस टेस्ट में बैठना जरूरी है। रोजगार के अवसर जान-मानी करियर एक्सपर्ट परवीन मलहोत्रा कहती हैं कि जेनेटिक इंजीनियर के लिए भारत के साथ-साथ विदेश में भी जॉब के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। इनके लिए मुख्यत रोजगार के अवसर मेडिकल व फार्मास्युटिकल कंपनी, एग्रीकल्चर सेक्टर, प्राइवेट और सरकारी रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर में होते हैं। टीचिंग को भी करियर ऑप्शन के रूप में आजमा जा सकता है। इसके अलावा, इनके लिए रोजगार के कई और भी रास्ते हैं। बायोटेक लेबोरेटरी में रिसर्च, एनर्जी और एंवायरनमेंट से संबंधित इंडस्ट्री, एनिमल हसबैंड्री, डेयरी फार्मिंग, मेडिसन आदि में भी रोजगार के खूब मौके हैं। कुछ ऐसे संस्थान भी हैं, जो जेनेटिक इंजीनियर को हायर करती है, जैसे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी, नई दिल्ली, सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंट ऐंड डाइग्नोस्टिक, हैदराबाद, बायोकेमिकल इंजीनियरिंग रिसर्च ऐंड प्रोसेस डेवलॅपमेंट सेंटर, चंडीगढ़, द इंस्टीट्यूट ऑफ जिनोमिक ऐंड इंटेग्रेटिव बायोलॉजी, दिल्ली आदि। सैलॅरी पैकेज जेनेटिक इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री रखने वाले स्टूडेंट्स को शुरुआती दौर में आठ से 12 हजार रुपये प्रति माह सैलॅरी मिलने लगती है। यदि आपके पास डॉक्ट्रोरल डिग्री है, तो सैलॅरी 15-25 हजार रुपये शुरुआती महीनों में हो सकती है। इंस्टीट्यूट वॉच… -इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मद्रास, खडगपुर -आईआईटी गुवाहाटी -आईआईटी, दिल्ली -दिल्ली यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली -उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद -पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, लुधियाना -राजेंद्र एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, समस्तीपुर, बिहार -जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली -बनारस हिंदु यूनिवर्सिटी, वाराणसी -ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, नई दिल्ली    

युवाओं को लुभा रहा है ब्रांड मैनेजमेंट

किसी खास उत्पाद, उत्पाद लाइन या ब्रांड में मार्केटिंग तकनीकों के अनुप्रयोग को ब्रांड मैनेजमेंट कहते हैं। इसका उपयोग उत्पाद की उपभोक्ताओं में प्रचलित वेल्यू को बढ़ाने के लिए किया जाता है, जिससे ब्रांड फ्रेंचाइज के साथ-साथ ब्रांड इक्विटी भी बढ़ती है। सामान्यतः बाजारों में मार्केट्स द्वारा किसी भी ब्रांड को एक ऐसे आश्वासन के रूप में माना जाता है, जिसकी गुणवत्ता के स्तर की ग्राहकों को अपेक्षा होती है। इसी गुण के आधार पर ब्रांड वेल्यू तय होती है, जो भविष्य की खरीदी में निर्णायक भूमिका निभाती है। इसके द्वारा प्रतिस्पर्धी उत्पादों से अपने उत्पाद की तुलना कर विक्रय बढ़ाया जाता है। जैसे कि मेरी शर्ट से इसकी शर्ट सफेद क्यों? ब्रांड वेल्यू के आधार पर ही निर्माता अपने उत्पाद की अधिक कीमत वसूल करता है। ब्रांड की वेल्यू का निर्धारण निर्माता के लिए निर्मित लाभ की राशि के आधार पर किया जाता है। इसे विक्रय में वृद्धि तथा कीमत में वृद्धि कर हासिल किया जा सकता है अथवा बेचे जाने वाले उत्पाद की लागत घटाकर भी प्राप्त किया जा सकता है। अधिक प्रभावी मार्केटिंग निवेश से भी यह प्राप्त होता है। इन सभी कयासों से किसी ब्रांड की लाभप्रदता बढ़ाई जा सकती है और इस तरह ब्रांड मैनेजर किसी भी ब्रांड की लाभ-हानि के जिम्मेदार होते हैं। इस संदर्भ में ब्रांड मैनेजमेंट की रणनीतियुक्त भूमिका मार्केटिंग से अधिक व्यापक होती है। ब्रांडनेम की विशेषताएं… -किसी भी ब्रांडनेम में निम्नलिखित विशेषताएं होना चाहिए -उसे ट्रेडमार्क कानून के तहत संरक्षित किया जाना चाहिए या वह कम से कम ऐसा होना चाहिए कि जिसे संरक्षित रखा जा सके। -ब्रांडनेम उच्चारण करने में आसान होना चाहिए। -ब्रांडनेम आसानी से याद रखने लायक होना चाहिए। -ब्रांडनेम आसानी से पहचाना जा सकने जैसा होना चाहिए। -ब्रांडनेम बाजारों में जहां ब्रांड का उपयोग किया जाएगा, वह सभी भाषाओं में अनुवादित करने लायक होना चाहिए। – ब्रांडनेम से कंपनी या उत्पाद का अनुमान लग जाना चाहिए। -ब्रांडनेम आकर्षक होना चाहिए। ब्रांडों की किस्में:- बाजार में कई किस्मों के ब्रांड उपलब्ध हैं। आमतौर पर प्रीमियम ब्रांड की कीमत उसी श्रेणी के अन्य ब्रांडों से ज्यादा होती है, जबकि इकॉनॉमी ब्रांड बाजार के आम ग्राहकों को लक्षित होता है। फाइटिंग ब्रांड को विशेष रूप से प्रतिस्पर्धात्मक खतरों का सामना करने के लिए बनाया जाता है। जब किसी कंपनी का नाम उत्पाद के ब्रांड नाम के रूप में उपयोग में लाया जाता है, उसे फैमेली ब्रांडिंग कहा जाता है। जब कंपनी के सभी उत्पादों को अलग-अलग ब्रांडनेम दिए जाते हैं, उसे इनडिविजुअल अथवा वैयक्तिक ब्रांड कहकर पुकारा जाता है। जब कोई कंपनी नए ब्रांड को प्रस्तुत करने के लिए मौजूदा ब्रांड के साथ ब्रांड इक्विटी का उपयोग करती है, उसे ब्रांड लिवेरेजिंग कहा जाता है। जब कोई बड़ा रिटेलर किसी निर्माता से थोक मात्रा में कोई उत्पाद खरीदकर उन पर अपना ब्रांडनेम डाल देता है, उसे प्राइवेट ब्रांडिंग, स्टोर ब्रांड, व्हाइट लेबलिंग, प्राइवेट लेबल या ओन ब्रांड (यूके) कहा जाता है। प्राइवेट ब्रांडों को निर्माता के ब्रांडों से अलग किया जा सकता है। जब दो या अधिक ब्रांड अपने उत्पाद को मार्केट करने के लिए एकसाथ काम करते हैं, इसे को-ब्रांडिंग कहा जाता है। कोई भी एम्प्लायमेंट ब्रांड तब निर्मित होता है, जब कोई कंपनी संभावित प्रत्याशियों के साथ जागरूकता निर्मित करना चाहती है। कई मामलों में यह ब्रांड उनके ग्राहकों के लिए एक अटूट विस्तार बन जाता है। क्या होता है ब्रांड आर्किटेक्चर:- किसी कंपनी के स्वामित्व वाले अलग-अलग किस्म के ब्रांड ब्रांड आर्किटेक्चर के माध्यम से एक-दूसरे से संबंधित होते हैं। प्रॉडक्ट ब्रांड आर्किटेक्चर में कंपनी कई अलग-अलग उत्पादों को सहायता प्रदान करती है, जिसमें प्रत्येक उत्पाद का अपना एक अलग नाम तथा उसे अभिव्यक्त करने की शैली जुदा होती है, लेकिन ग्राहकों को कंपनी कहीं भी दिखाई नहीं देती है। कई लोगों का मानना है कि प्रॉक्टर एंड गैम्बल उत्पाद ब्रांडिंग का निर्माण करती है, जबकि टाइड, पैम्पर्स, आइवोरी तथा पेंटिन जैसे कई कंजूमर ब्रांडों का आपस में कोई संबंध नहीं है। कंपनी कुछ ब्रांडों के साथ अपना नाम इसलिए भी जोड़ देती है, ताकि उन्हें मदर ब्रांड का फायदा मिल सके और कंपनी का मार्केटिंग खर्च बच सके। तीसरे मॉडल में सारे उत्पादों के साथ ब्रांड नेम का ही उपयोग किया जाता है और सारे विज्ञापन एक स्वर में इसके गुणगान करते हैं। ब्रांड आर्किटेक्चर का एक अच्छा उदाहरण है यूके स्थित सम्पिण्डित वर्जिन। वर्जिन द्वारा अपने सारे उत्पादों के साथ वर्जिन का उपयोग किया जाता है जैसे कि वर्जिन मेगास्टोर, वर्जिन एटलांटिक, वर्जिन ब्राइडस आदि। इन सारे उत्पादों के साथ एक ही स्टाइल में वर्जिन को प्रदर्शित किया जाता है, ताकि दूर से भी देखने वाला इसे पहचान सके। ब्रांड तकनीक:- कभी-कभी कंपनियां उनके द्वारा मार्केट करने वाले ब्रांडों की संख्या घटाना चाहती है। इस प्रक्रिया को ब्रांड राशनेलाइजेशन कहा जाता है। कुछ कंपनियों की प्रवृत्ति ब्रांड के अंदर ही ज्यादा ब्रांड तथा उत्पाद अंतर निर्मित करने की होती है। कभी-कभी वह लक्षित प्रत्येक बाजारों के लिए कतिपय विशिष्ट सेवा अथवा उत्पाद ब्रांड का निर्माण करेंगी। प्रॉडक्ट ब्रांडिंग के मामले में इसका उद्देश्य खुदरा विक्रेताओं को लाभान्वित करना है। चुनौतियां ब्रांड मैनेजरों की:– ब्रांड मैनेजरों के सामने ये चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही हैं कि ब्रांड के संदेश को ताजा तथा प्रासंगिक बनाए रखते हुए एकसंगत ब्रांड का निर्माण करें। पुराने ब्रांड की पहचान परिष्कृत बाजारों के साथ जोड़ने से गड़बड़ी हो सकती है। इसके लिए उसे दोबारा विजन स्टेटमेंट तथा मिशन स्टेटमेंट आरंभ करने की आवश्यकता होगी। इससे जनसांख्यिकीय विकास से उनके लक्षित बाजार में ब्रांड पहचान गुम हो सकती है। इसके लिए ब्रांड को दोबारा स्था पित करने की आवश्येकता होती है। इस प्रक्रिया को रिब्रांडिंग कहा जाता है। क्याय करता है ब्रांड मैनेजर:- ब्रांड मैनेजर का सबसे पहला काम अपने उत्पारद को इस तरह से निर्मित करना है कि वह उपभोक्ताहओं के बीच आसानी से लोकप्रिय हो जाए तथा उत्पातद की पहचान बन जाए। कभी-कभार ब्रांड मैनेजर अपना कार्य सीमित कर वित्तीय और बाजार के निष्पाएदन लक्ष्यों  पर ज्यानदा ध्याबन देते हैं। अधिकांश ब्रांड मैनेजर अल्प कालीन लक्ष्यर निर्धारित करते हैं, क्योंिकि उपनका कंपनसेशन पैकेज अल्प कालीन व्यपवहार के लिए ही उपयुक्त होता है। अल्पलकालीन लक्ष्यों  को दीर्घकालीन लक्ष्यों  की दिशा में मील के पत्थवर के रूप में देखा जाता … Read more

प्रयागराज की बिटिया शक्ति दूबे बनीं UPSC टॉपर, IAS बनकर करेंगी देश की सेवा

 नईदिल्ली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने आज, 22 अप्रैल को बहुप्रतीक्षित सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2024 के अंतिम परिणाम घोषित कर दिए हैं. जो उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल हुए थे, वे अब अपना परिणाम UPSC की आधिकारिक वेबसाइट [upsc.gov.in] पर देख सकते हैं. इस बार सीएसई परीक्षा में पहला स्थान प्रयागराज की रहने वाली शक्ति दुबे ने हासिल किया है. वहीं, दूसरे स्थान पर हर्षिता गोयल रही हैं. तीसरे स्थान पर Donre Archit Parag, चौथे स्थान पर Shah Margi Chirag रहे हैं. पांचवें स्थान पर आकाश गर्ग, छठे स्थान पर कोमल पूनिया, सातवां स्थान आयूषी बंसल का है. आप नीचे देख सकते हैं कि इस बार कौन-कौन टॉपर्स रहे हैं… UPSC ने यह फाइनल रिजल्ट पीडीएफ फॉर्मेट में जारी किया है, जिसमें उन उम्मीदवारों के नाम और रोल नंबर शामिल हैं, जिन्हें विभिन्न प्रतिष्ठित सेवाओं में नियुक्ति के लिए चुना गया है. यह सूची आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है. कुल 1009 कैंडिडेट्स ने पास किया UPSC संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2024 में कुल 1,009 उम्मीदवारों को नियुक्ति के लिए चुना गया है. इन उम्मीदवारों की नियुक्ति भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और अन्य केंद्रीय सेवाओं (ग्रुप A और B) के पदों पर की जाएगी. चयनित उम्मीदवारों में विभिन्न वर्गों के अभ्यर्थी शामिल हैं, जिनमें 335 सामान्य वर्ग, 109 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), 318 अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), 160 अनुसूचित जाति (SC) और 87 अनुसूचित जनजाति (ST) से हैं. दिव्यांग श्रेणी से 45 उम्मीदवारों का चयन इस बार दिव्यांग श्रेणी (PwBD) के तहत भी कुल 45 उम्मीदवारों का चयन हुआ है, जिनमें 12 PwBD-1 (दृष्टिबाधित), 8 PwBD-2 (श्रवण बाधित), 16 PwBD-3 (चलने-फिरने में असमर्थता) और 9 PwBD-5 (अन्य दिव्यांगता) के अंतर्गत आते हैं. UPSC की सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक माना जाता है. हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में भाग लेते हैं, लेकिन चयन कुछ हजारों का ही होता है.   यह परीक्षा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS), भारतीय विदेश सेवा (IFS), भारतीय राजस्व सेवा (IRS) और अन्य ग्रुप A और B सेवाओं में चयन के लिए आयोजित की जाती है.    प्रयागराज की बिटिया शक्ति दुबे की UPSC टॉपर बनने की कहानी प्रयागराज की रहने वालीं शक्ति दुबे ने ऑल इंडिया टॉप किया है। दूसरे नंबर पर हर्षिता गोयल हैं। तीसरा स्‍थान डोंगरे अर्चित पराग का है। यूपीएससी की इस प्रतिष्ठित परीक्षा में हर साल देश भर से लाखों अभ्‍यर्थी हिस्‍सा लेते हैं। मुख्‍य परीक्षा में सफल होने वाले लगभग 2845 उम्‍मीदवारों को इंटरव्‍यू के लिए बुलाया गया था। शक्ति दुबे ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से बायोकैमेस्‍ट्री में एमएससी की है। 2018 में पोस्‍ट ग्रेजुएट होने के बाद शक्ति दुबे ने सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी। सात सालों की ‘तपस्‍या’ के बाद उन्‍होंने यूपीएससी परीक्षा पास कर ली है। उनकी सफलता पर घरवालों की खुशी का ठिकाना नहीं है। शक्ति दुबे ने अपनी सफलता का श्रेय घरवालों को दिया है। शक्ति दुबे ने वैकल्पिक विषय के रूप में राजनीति विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय संबंध के साथ परीक्षा पास की है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बायोकेमिस्ट्री में बीएससी किया है।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में इस तरह करें आवेदन, रहना- खाना सब मिलेगा फ्री

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी वर्ल्ड की नंबर वन यूनिवर्सिटी में शुमार है। इस विश्वविद्यालय से पढ़ने या रिसर्च करने का सपना दुनिया भर के छात्र-छात्राएं देखते हैं। ऐसे में अगर, आपने भी यह ड्रीम देखा है, तो आपके लिए सुनहरा मौका है। यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट फाॅर कंटिन्यूइंग डिपार्टमेंट ने 2025-26 और 2026-27 शैक्षणिक वर्षों के लिए अपनी प्रतिष्ठित विजिटिंग फ़ेलोशिप स्कीम के लिए आवेदन फॉर्म मांगे गए हैं। इस स्कीम के तहत, स्कॉलर और प्रोफेशल्स को ऑक्सफ़ोर्ड की एकेडमिक कल्चर से जुड़ने, वहां के प्रोफेसरों से सीखने और उनके साथ मिलकर काम करने और सीखने का शानदार मौका देती है। कौन कर सकता है अप्लाई इस फैलोशिप प्रोग्राम के लिए ऐसे कैंडिडेट्स अप्लाई कर सकते हैं, जो ऑक्सफ़ोर्ड के intellectual माहौल से सीखना चाहते हैं और उसमें अपना योगदान देना चाहते हैं। साथ ही सेलेक्ट किए गए उम्मीदवार न केवल अपने नए आइडियाज और अनुभव शेयर करेंगे, बल्कि अपने संस्थान और ऑक्सफ़ोर्ड के बीच बेहतर सहयोग बनाने में भी मदद करेंगे। इस फेलोशिप के लिए मांगी गई निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और अन्य नियम व शर्तों के लिए वेबसाइट पर मौजूद नोटिफिकेशन की जांच कर सकते हैं। किस तारीख तक कर सकते हैं अप्लाई इस फेलोशिप के लिए जो अभ्यर्थी आवेदन करना चाहते हैं, वे अपने दस्तावेज़ों के साथ अपना आवेदन फॉर्म HR@conted.ox.ac.uk पर ईमेल कर सकते हैं। ईमेल का विषय– “OUDCE विजिटिंग फेलोशिप के लिए आवेदन होना चाहिए। कैंडिडेट्स इस बात का ध्यान रखें कि 2025-26 शैक्षणिक वर्ष के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 6 अप्रैल 2025 होगी। निर्धारित तिथि बीतने के बाद, कोई भी आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किया जाएगा। फ्री में रहने की मिलेगी सुविधा यूनिवर्सिटी की ओर से विजिटिंग फेलो को निःशुल्क आवास और नाश्ता उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, विश्वविद्यालय कुछ मामलों में ऑक्सफोर्ड से आने-जाने के लिए लगने वाले ट्रैवल कॉस्ट भी दे सकता है। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि अपना आवेदन जमा करते समय इस संबंध में बारे में पूछताछ करें। हालांकि, चयनित फेलो को इस पद के लिए कोई वजीफा नहीं मिलेगा। इस संबंध में ज्यादा जानकारी के लिए वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

फाइन आर्ट्स में हुनर दिखाकर यूं कमा सकते हैं नाम और पैसा

नदी, झरने हों या फिर पहाड़, जंगल आदि के प्राकृतिक खूबसूरत दृश्य, एक कलाकार अपनी कूची से इन्हें जीवंत बना देता है। अक्सर इन कलाकृतियों को देखकर हर किसी का चेहरा खिल जाता है। लोग चकित होकर इन्हें करीब से निहारते हैं और कलाकारों को उनकी हुनरमंदी की दाद देते हैं। दरअसल, यह सब फाइन आर्ट्स का कमाल है। फाइन आर्ट्स की विभिन्न विधाओं, जैसे ड्रॉइंग, पेंटिंग, डिजाइनिंग, स्कल्पटिंग, इंस्टॉलेशन, एनिमेशन, गेमिंग आदि में लोग अपना हुनर दिखाकर दौलत और शोहरत दोनों कमा रहे हैं। फाइन आर्ट्स सेक्टर में अपनी पहचान बनाने की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कहां है मांग? फाइन आर्ट्स ग्रेजुएट की देश में आजकल सबसे ज्यादा मांग सॉफ्टवेयर कंपनीज, डिजाइन फर्म्स, टेक्सटाइल इंडस्ट्री, एडवरटाइजिंग कंपनीज, डिजिटल मीडिया, पब्लिशिंग हाउसेज और आर्ट स्टूडियो में है। अगर हम फील्ड की बात करें, तो फाइन आर्ट्स का कोर्स करने के बाद आप ऐड डिपार्टमेंट, अखबार या पत्रिका में इलस्ट्रेटर, कार्टूनिस्ट, एनिमेटर आदि के तौर पर अपना करियर बना सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, टेलीविजन, फिल्मध् थिएटर प्रोडक्शन, प्रोडक्ट डिजाइन, एनिमेशन स्टूडियो, टेक्सटाइल डिजाइनिंग आदि में भी ऐसे लोगों के लिए तमाम अवसर हैं। आप विजुअल आर्टिस्ट, एनिमेटर या ग्राफिक डिजाइनर जैसे पदों पर भी अपनी सेवाएं दे सकते हैं। शिक्षण संस्थानों में आपके सामने आर्ट टीचर बनने का अवसर है। आप चाहें, तो फ्रीलांस भी कर सकते हैं। ऐसे प्रोफेशनल कला समीक्षक, आर्ट स्पेशलिस्ट, आर्ट डीलर, आर्ट थैरेपिस्ट, पेंटर आदि के रूप में फुल-टाइम और पार्ट-टाइम सेवाएं दे सकते हैं। अगर आप अपनी क्रिएटिविटी डिजाइनिंग में दिखाना चाहते हैं, तो प्रोडक्ट डिजाइनिंग, ऑटोमोबाइल डिजाइनिंग या फिर इसी तरह के अन्य क्षेत्रों में हुनर दिखाकर नाम और पैसा कमा सकते हैं। जॉब प्रोफाइल फाइन आर्ट्स कोर्स और स्पेशलाइजेशन के बाद ऐसे प्रोफेशनल विभिन्न कंपनियों में इलस्ट्रेटर, एनिमेटर, ग्राफिक डिजाइनर, विजुअल डिजाइनर, डिजिटल डिजाइनर, क्रिएटिव मार्केटिंग प्रोफेशनल, फ्लैश प्रोग्रामर, 2डीध् 3डी आर्टिस्ट, वेब डेवलपर, क्राफ्ट आर्टिस्ट, लेक्चरार, आर्ट टीचर, कार्टूनिस्ट, आर्ट म्यूजियम टेक्निशियन, आर्ट कंजर्वेटर, आर्ट डायरेक्टर, क्रिएटिव डायरेक्टर, एडवरटाइजिंग एग्जीक्यूटिवध् सुपरवाइजरध् हैड, प्रोजेक्ट ऑफिसर आदि जैसे पदों पर काम कर सकते हैं। पर्सनल स्किल फाइन आर्ट्स की पढ़ाई किसी दूसरे विषय से पूरी तरह अलग है। इस तरह का कोर्स करने के लिए आपमें क्रिएटिव टैलेंट और स्किल होनी जरूरी है। इसलिए इस फील्ड में कलात्मक और सृजनात्मक प्रतिभा रखने वाले युवाओं को ही आना चाहिए क्योंकि फाइन आर्ट्स का फोकस एरिया मुख्य रूप से अप्लाइड आर्ट, ग्राफिक डिजाइन, पेंटिंग और स्कल्पचरिंग के इर्द-गिर्द ही होता है। यदि पेंटिंग के बजाए मॉडर्न डिजाइनिंग में नाम करना चाहते हैं, तो आपको बदलते वक्त के अनुसार प्रोडक्ट की डिजाइन को विजुअलाइज करना होगा। कोर्स व क्वॉलिफिकेशन देश के अधकितर विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में फाइन आर्ट्स में अंडरग्रेजुएट और पीजी कोर्स संचालित हो रहे हैं। ऐसे में अगर आप आर्टिस्ट, आर्ट टीचर या लेक्चरार बनना चाहते हैं, तो 12वीं के बाद बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स (बीएफए) कोर्स कर सकते हैं। किसी भी स्ट्रीम के युवा इस तरह के कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। अगर आप चाहें, तो इसी में आगे मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स भी कर सकते हैं। फाइन आर्ट्स में एमफिल और पीएचडी भी की जा सकती है। चूंकि फाइन आर्ट्स में विजुअल और परफॉर्मिंग दोनों आयाम शामिल हैं, इसलिए इस तरह के पाठ्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को पेंटिंग, स्कल्पटिंग, अप्लाइड आर्ट्स, ग्राफिक डिजाइन, इंटीरियर डिजाइन, ड्रामा, म्यूजिक, पॉटरी जैसे कई विषयों की जानकारी दी जाती है। फाइन आर्ट्स के प्रति युवाओं का आकर्षण बीते कुछ वर्षों में काफी बढ़ा है। देश और समाज में ऐसे हुनरमंद आर्टिस्ट्स की स्वीकार्यता भी बढ़ी है। यही कारण है कि आजकल तमाम सरकारी और निजी संस्थान अलग-अलग तरह के कई कोर्स ऑफर कर रहे हैं। इनमें प्रमुख हैं: -दिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली -कॉलेज ऑफ आर्ट, दिल्ली -जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली -अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ -टीजीसी एनिमेशन एंड मल्टीमीडिया, दिल्ली -सर जेजे इंस्टीट्यूट ऑफ अप्लाइड आर्ट्स, मुंबई -इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स, मोदीनगर (उप्र)  

रेलवे में युवाओं के लिए निकाली है बंपर भर्तियां, 10वीं पास भी कर सकते है अप्लाई, आकर्षक सैलरी, जानें पूरी डिटेल्स

नई दिल्ली  रेलवे में नौकरी पाने का सुनहरा मौका है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने अपरेंटिस के 1000 से ज्यादा पदों पर भर्ती निकाली है. आवेदन की प्रक्रिया 5 अप्रैल से जारी है, इच्छुक व योग्य अभ्यर्थी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या अपरेंटिस इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट apprenticeshipindia.gov.in पर जाकर 4 मई तक आवेदन कर सकते हैं। रेलवे ने सहायक लोको पायलट (एएलपी) के 9970 पदों पर भी भर्ती निकाली है। इच्छुक व योग्य उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट indianrailways.gov.in पर जाकर 9 मई 2025 तक अप्लाई कर सकते हैं। चयन लिखित परीक्षा, साइक्लॉजिकल टेस्ट और दस्तावेज़ सत्यापन के आधार पर किया जाएगा। आरआरबी एएलपी आवेदन शुल्क 2025 श्रेणी के अनुसार अलग-अलग है। कुल पद : 1007 पदों का विवरण     नागपुर डिवीजन के लिए कुल 919 पद     मोतीबाग वर्कशॉप के लिए 88 पद आयु सीमा :निर्धारित आयु सीमा कम से कम 15 साल और अधिकतम 24 वर्ष है। नियमों के तहत आरक्षित कैटेगरी के उम्मीदवारों आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी। योग्यता: उम्मीदवारों का किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्थान से 50% अंकों के साथ दसवीं पास होना अनिवार्य है। इसके अलावा उनके पास संबंधित क्षेत्र में आईटीआई सर्टिफिकेट भी होना चाहिए। किसी प्रकार के जॉब एक्सपीरियंस की जरूरत नहीं पड़ेगी। चयन प्रक्रिया: उम्मीदवारों का चयन 10वीं और आईटीआई में प्राप्त अंकों के आधार पर होगा। टाई होने पर अधिक आयु वाले उम्मीदवारों को वरीयता दी जाएगी। अंत में मेडिकल फिटनेस और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसके बाद ही फाइनल सिलेक्शन होगा। सैलरी: 2 वर्षीय आईटीआई कोर्स वाले उम्मीदवारों को नियुक्ति के बाद 8050 रुपये और एक वर्षीय आईटीआई कोर्स वाले उम्मीदवारों को 7700 रुपये स्टाइपेन्ड दिया जाएगा। ट्रेनिंग की अवधि 1 साल होगी। कुल पद: 9970 पदों का विवरण     सेंट्रल रेलवे 376     ईस्ट सेंट्रल रेलवे 700     ईस्ट कोस्ट रेलवे 1461     ईस्टर्न रेलवे 768     नॉर्थ सेंट्रल रेलवे 508     नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे 100     नॉर्थइस्ट फ्रंटियर रेलवे 125     नॉर्थर्न रेलवे 521     नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे 679     साउथ सेंट्रल रेलवे 989     साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे 796     साउथर्न रेलवे 510     वेस्ट सेंट्रल रेलवे 759     वेस्टर्न रेलवे 885     मेट्रो रेलवे कोलकाता 225 आयु सीमा: उम्मीदवारों की आयु 18 से 33 वर्ष के बीच होनी चाहिए।रिजर्व कैटेगरी को अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी योग्यता : 10वीं पास के साथ संबंधित विषय में आईटीआई डिप्लोमा अनिवार्य है। आवेदन शुल्क : सामान्य/ओबीसी उम्मीदवारों को 500 रुपये का भुगतान करना होगा, जबकि एससी/एसटी, पीडब्ल्यूबीडी, महिला और भूतपूर्व सैनिक उम्मीदवारों को 250 रुपये जमा करना होगा। भुगतान करने के लिए उम्मीदवार डेबिट/क्रेडिट कार्ड, यूपीआई या नेट बैंकिंग के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है। चयन प्रकिया :रिटन एग्जाम, साइकोलॉजिकल टेस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सैलरी: लेवल 2 के अनुसार 19900 रुपए प्रतिमाह जरूरी डॉक्यूमेंट्स :     10वीं-12वीं की मार्कशीट     आईटीआई, डिप्लोमा या डिग्री     उम्मीदवार का फोटो और सिग्नेचर     जाति प्रमाण पत्र     उम्मीदवार का मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी     आधार कार्ड

रेलवे से लेकर इसरो तक 10000+ पदों पर नौकरी पाने का सुनहरा मौका

आपके पास सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका है। देशभर के अलग-अगल विभागों में 10,435 पदों पर युवाओं के लिए सरकारी पदों पर नौकरी निकली है। कुछ की अंतिम तिथि बहुत नजदीक है, तो कुछ के लिए आवेदन प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। इसलिए जल्द से जल्द अप्लाई करें। रेलवे असिस्टेंट लोको पायलट भर्ती 2025 रेलवे भर्ती बोर्ड असिस्टेंट लोको पायलट (एएलपी) के पदों पर बंपर भर्ती निकालने जा रहा है। इस बार आरआरबी एएलपी के 9970 पदों पर भर्ती निकालने जा रहा है। एएलपी की नई भर्ती के आवेदन 10 अप्रैल 2025 से शुरू हो गई है। आवेदन की अंतिम तिथि 9 मई 2025 तय की गई है। BSSC Recruitment 2025: बिहार फील्ड असिस्टेंट भर्ती 2025 बिहार कर्मचारी चयन आयोग ने कृषि निदेशालय के कृषि प्रक्षेत्र के लिए फील्ड असिस्टेंट (क्षेत्र सहायक) के 201 पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए योग्य युवा bssc.bihar.gov.in पर जाकर 25 अप्रैल से 23 मई 2025 तक आवेदन कर सकेंगे। ऑनलाइन आवेदन शुल्क 21 मई तक जमा किया जा सकता है। रिक्तियों में 35 फीसदी पद यानी 67 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। कोटिवार आरक्षण की बात करें तो 79 पद अनारक्षित हैं। 35 पद एससी, 02 एसटी, 37 एमबीसी, 21 बीसी, 07 पिछड़े वर्गों की महिलाएं, 20 ईबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। MPPSC Food Safety Officer Recruitment 2025: मध्य प्रदेश खाद्य सुरक्षा अधिकारी भर्ती 2025 मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी पदों पर उम्मीदवारों के आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती के लिए आवेदन करने के इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट mppsc.mp.gov.in पर जाना होगा। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 28 मार्च 2025 से शुरू हो चुकी है और आवेदन करने की अंतिम तिथि 27 अप्रैल 2025 रात 12 बजे तक निर्धारित की गई है। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 120 पदों पर फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति की जाएगी। CPCB Recruitment 2025: सीपीसीबी भर्ती 2025 सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने विभिन्न पदों पर उम्मीदवारों के आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट cpcb.nic.in पर जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और आवेदन करने की अंतिम तिथि 28 अप्रैल 2025 निर्धारित की गई है। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 69 पदों पर उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। ISRO Apprentice Recruitment 2025: इसरो अप्रेंटिस ट्रेनी भर्ती 2025 इसरो में नौकरी पाने का गोल्डन चांस आ गया है। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) ने अप्रेंटिस ट्रेनी पदों पर नौकरी निकाली है। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 27 मार्च से शुरू हो चुकी है और आवेदन करने की अंतिम तिथि कल 21 अप्रैल 2025 तय की गई है। आवेदन करने के लिए इच्छुक उम्मीदवारों को सबसे पहले अपना nats.education.gov.in पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद अपना आवेदन फॉर्म ऑफलाइन माध्यम से अपने क्षेत्र के संबंधित इसरो सेंटर पर भेजना होगा। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 75 ग्रेजुएट, डिप्लोमा और ट्रेड अप्रेंटिस पदों पर उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी।

12वीं के बाद यूपी की टॉप यूनिवर्सिटी में लीजिए एडमिशन

आप भी यूपी बोर्ड कक्षा 12वीं रिजल्ट 2025 का इंतजार कर रहे हैं लेकिन क्या आप ने अपने लिए 12वीं के बाद कॉलेज चुन लिया है। अच्छी जॉब्स और बेहतरीन सैलरी के लिए 12वीं के बाद बेस्ट कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेना बहुत जरूरी है, इसलिए आइए आपको NIRF रैंकिंग 2024 के अनुसार उत्तर प्रदेश के टॉप यूनिवर्सिटी के बारे में बताते हैं। जहां से आप अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर सकते हैं। अपने लिए सही फैसला कीजिए और बेस्ट यूनिवर्सिटी चुनिए। यूपी की टॉप 9 यूनिवर्सिटी की लिस्ट- बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) को NIRF रैंकिंग 2024 में टॉप 5 स्थान प्राप्त हुआ है। इसे 66.05 स्कोर दिया गया है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) को इस लिस्ट में 8वां स्थान प्राप्त हुआ है। इसे 65.57 स्कोर मिला है। इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर एमिटी यूनिवर्सिटी है। इसे NIRF रैंकिंग 2024 में 32वीं रैंक हासिल हुई है। इसे 56.14 स्कोर प्राप्त हुआ है। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी को NIRF रैंकिंग 2024 में 33वीं रैंक हासिल हुई है। इसे 56.03 स्कोर दिया गया है। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ को इस लिस्ट में पांचवां स्थान मिला है । इसे NIRF रैंकिंग 2024 में 53वीं रैंक हासिल हुई है। इसे 51.10 स्कोर मिला है। शिव नादर यूनिवर्सिटी, गौतम बुद्ध नगर को NIRF रैंकिंग 2024 में 62वीं रैंक दी गई है। इसे 49.80 स्कोर दिया गया है। शारदा यूनिवर्सिटी, नोएडा को NIRF रैंकिंग 2024 में 46.88 स्कोर के साथ 86वीं रैंक दी गई है। मदन मोहन मालवीय यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी को NIRF रैंकिंग 2024 में 94वें रैंक दी गई है। इसे 46.33 स्कोर मिला है। लखनऊ यूनिवर्सिटी को NIRF रैंकिंग 2024 में 97 रैंक दी गई है। इसे 45.89 स्कोर दिया गया है। NIRF की रैंकिंग कुल 16 कैटेगरी में जारी की जाती है, जिसमें ओवरऑल, यूनिवर्सिटी, कॉलेज, रिसर्च संस्थान, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, मेडिकल, डेंटल, लॉ, आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग, एग्रीकल्चर एंड अलायड सेक्टर, स्टेट पब्लिक इंस्टीट्यूशन, स्किल यूनिवर्सिटी और ओपन यूनिवर्सिटी और इन्नोवेशन शामिल हैं।

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