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विवाह को नया रूप देते हैं वेडिंग प्लानर

भारतीय संस्कृबति में यह कहावत है कि जोड़ियां ऊपर ही बनती हैं। हो सकता है यह बात सच भी हो, लेकिन इन दिनों जोड़ियों को सजाने और बिना किसी झंझट और बेहतर ढंग से शादी कराने का काम वेडिंग प्लानर बखूबी कर रहे हैं। शादी समारोह जैसे प्रमुख आयोजन में शादी का हॉल बुक करने से लेकर बारात आने तक की तैयारी करना कोई आसान काम नहीं, यही कारण है कि इसके बहुत ही प्रोफेशनल वेडिंग प्लानर की जरूरत लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में शादी के तमाम कामों और रस्मों को पूरा करने के लिए वेडिंग प्लानर बेहतर मदद करते हैं। यही कारण है कि इवेंट मैनेजमेंट के अंतर्गत आने वाले वेडिंग प्लानर का स्कोप लगातार बढ़ता जा रहा है। इसलिए जो स्टूडेंट्स चैलेंजिंग कोर्स करना चाहते हैं, उनके लिए वेडिंग प्लानर का करियर एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है। आज अच्छे वेडिंग प्लानर की डिमांड चारों ओर है। विवाह समारोह अब स्टेटस सिंबल बन गए हैं लिहाजा इनमें भव्यता और चमक-दमक बढ़ गई है। ये ज्यादा बेहतर ढंग से आयोजित होने लगे हैं। ऐसी स्थिति में विवाह समारोह में वेडिंग प्लानर की जरूरत व भूमिका समय के हिसाब से बहुत महत्वपूर्ण हो गई है। प्लानर बनाते हैं हर रस्म को यादगार वर्तमान में लोगों के पास समय की भारी कमी है, लेकिन शादी जैसे आयोजनों में महत्वाकाक्षाएं कहीं ज्यादा होती हैं। आज हर कोई बिना तनाव के बेहतरीन व्यवस्था करना चाहता है और इसके लिए व्यावसायिक लोगों की सेवाएं लेना पसंद करता है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि वेडिंग प्लानर न सिर्फ विवाह समारोह के आयोजन की पूरी योजना बनाता है बल्कि शादी की हर रस्म अदायगी को भी यादगार बनाता है जिसमें सगाई समारोह, महिला संगीत, बारात, स्वागत, वरमाला, प्रीतिभोज, बिदाई आदि रीति-रिवाजों के साथ अनेक छोटे-बड़े कार्यक्रमों की व्यवस्थाएं वेडिंग प्लानर को करना होती है। शादी-समारोह को हर तरह के बजट और मूड के मुताबिक मैनेज करने की पूरी जिम्मेदारी वेडिंग प्लानर पर ही होती है। सफल वेडिंग प्लानर बनने के गुर वेडिंग प्लानर राखी जैन कहती हैं कि अच्छे वेडिंग प्लानर को सभी समुदायों की वेडिंग प्लानिंग के बारे में जानकारी होना चाहिए। शादी में रस्मों में किस तरह की साम्रगी चाहिए, इसकी पूरी लिस्ट प्लानर के टिप्स पर होना चाहिए। कार्यक्रम की तैयारी की बीच-बीच में जानकारी अपनी टीम से लेना चाहिए। फोटोग्राफ, वीडियो शूटिंग, कोरियोग्राफी का सही प्रबंधन करना आना चाहिए। खास शाही शादियों में किए गए नए-नए प्रयोगों को देखना चाहिए। हर बार नया प्रेजेटेंशन ही वेडिंग प्लानर को इस क्षेत्र में सफल बनाने के लिए महत्वपूर्ण होता है। चैलेंजिंग और नया करियर है वेडिंग प्लानिंग भारत में इस इंडस्ट्री को शुरुआती अवस्था में ही माना जा सकता है, लेकिन इसका आकार इन दिनों तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान में विदेश में रहने वाले एनआरआई और विदेशी लोगों को अब भारतीय संस्कृति और रीति-रिवाज, शादियां खूब लुभा रहे हैं। इसलिए इस तरह के समारोह की तैयारी करने के लिए वेडिंग प्लानर्स की जरूरत कुछ ज्यादा ही होने लगी है। कई बड़ी इवेंट कंपनियों में इस तरह के प्रोफेशनल की मांग भी बढ़ने लगी है। वेडिंग प्लानर की ट्रेनिंग भी 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद इवेंट मैनेजमेंट के डिप्लोमा कोर्स में किया जा सकता है। पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन के लिए बैचलर डिग्री आवश्यक है। देश के प्रमुख संस्थानों में इवेंट मैनेजमेंट संबंधित प्रमुख कोर्स जैसे डिप्लोमा इन इवेंट मैनेजमेंट, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन इवेंट मैनेजमेंट व इवेंट मैनेजमेंट में सर्टिफिकेट कोर्स होते हैं। इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े लोग प्लानिंग से लेकर अंत तक सभी चीजों को मैनेज करते हैं। इसलिए इस कोर्स के अंतर्गत इवेंट प्लानिंग, बजट, रिस्क कवरेज, पब्लिक रिलेशन, कम्युनिकेशन स्किल आदि के बारे में पढ़ाया जाता है। सेकंड सेमेस्टर में प्रैक्टिकल नॉलेज पर अधिक फोकस करते हैं। इसलिए इंस्टीट्यूट स्टूडेंट्स को इवेंट मैनेजमेंट में एक्सपीरियंस और एक्सपोजर देने के लिए कंपनियों में ट्रेनिंग लिए भेजते हैं। वेडिंग प्लानर बनने के कुछ टिप्स… -इंटरनेशनल व पारंपरिक फैशन ट्रेंड की जानकारी। -हर धर्म के रीति-रिवाजों से अवगत होना जरूरी। -किसी भी परिस्थिति में सही बातचीत का हुनर हो। -इनोवेटिव और हर समय कुछ नया करने की इच्छा हो। -समाज के हर वर्ग के साथ अच्छे संबंध हों। -हर काम को समय पर पूरा करने का प्रबंधन। -देश के साथ प्रदेश का भी पूरा नॉलेज हो। प्रमुख संस्थान… -इवेंट मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट, मुंबई -इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इवेंट मैनेजमेंट, मुंबई -नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इवेंट मैनेजमेंट, दिल्ली -यूनिवर्सिटी ऑफ पुणे, पुणे -नेशनल स्कूल ऑफ इवेंट, इंदौर  

JEE मेन्स का रिजल्ट जारी, 100 प्रतिशत पाने वालों में प्रदेश से कोई नहीं, देशभर से ऐसे 24 टॉपर्स

भोपाल देश में इंजीनियरिंग के सबसे प्रतिष्ठित एंट्रेंस एग्जाम JEE Main 2025 का रिजल्ट जारी हो गया है। इस बार 100 पर्सेंटाइल स्कोर करने वाले 24 अभ्यर्थियों ने ऑल इंडिया टॉप किया है, हालांकि इस सूची में मध्यप्रदेश का एक भी छात्र शामिल नहीं है। जबकि इसमें 7 राजस्थान, 3-3 महाराष्ट्र, तेलंगाना और यूपी, 2-2 प. बंगाल, गुजरात और दिल्ली के हैं। इसके साथ ही एक-एक कर्नाटक और आंध्रप्रदेश से हैं। इन राज्यों के छात्रों ने इस बार भी अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने शुक्रवार रात 12:30 बजे JEE Main 2025 सेशन 2 का रिजल्ट जारी किया। इसके साथ ही एग्जाम की फाइनल आंसर की और JEE Advanced के लिए कट-ऑफ भी जारी किए गए हैं। 100 पर्सेंटाइल पाने वालों में सामान्य वर्ग के 21 अभ्यर्थी हैं। वहीं EWS, OBC (नॉन-क्रीमीलेयर), SC वर्ग के एक-एक अभ्यर्थी को 100 पर्सेंटाइल मिला है। पहले सेशन में 14 स्टूडेंट्स को 100 पर्सेंटाइल मिला था। JEE Advanced के लिए कैटेगरी वाइस कट-ऑफ जारी NTA ने टॉप 2.5 लाख कैंडिडेट्स को JEE Advanced के लिए क्‍वालिफाई किया है। जनरल, OBC और EWS के छात्रों के लिए कटऑफ में पिछले साल की तुलना में मामूली गिरावट आई है जबकि SC व ST श्रेणी के छात्रों के लिए कटऑफ पिछले साल से करीब एक-एक फीसदी से ज्यादा है। कैटेगरी वाइस कट-ऑॅफ इस तरह है- ओमप्रकाश बेहरा ने हासिल की ऑल इंडिया रैंक-1 रिजल्ट में कोटा कोचिंग के क्लासरूम स्टूडेंट ओमप्रकाश बेहरा ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की है।इस उपलब्धि के बाद ओमप्रकाश ने कहा कि कोटा में कंटेंट और कॉम्पिटिशन दोनों बेस्ट हैं।ओमप्रकाश ने जनवरी सेशन में भी परफेक्ट स्कोर 300 में से 300 अंक हासिल किए थे।

दो मई से होंगी 10वीं-12वीं विशेष-कंपार्टमेंटल परीक्षा, जारी हुआ शेड्यूल

पटना BSEB 10th 12th Compartment Exam Date 2025: बिहार बोर्ड से 10वीं और 12वीं की परीक्षा में कंपार्टमेंट आने वाले छात्रों के लिए जरूरी खबर है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने हाई स्कूल (मैट्रिक) और इंटरमीडिएट (12वीं) की विशेष व कंपार्टमेंटल परीक्षाओं का शेड्यूल जारी कर दिया है। छात्र अपना पूरा टाइम टेबल BSEB की आधिकारिक वेबसाइट secondary.biharboardonline.com पर जाकर चेक कर सकते हैं। 2 से 13 मई तक चलेंगी कंपार्टमेंट और विशेष परीक्षाएं बिहार बोर्ड की 10वीं (मैट्रिक) विशेष एवं कंपार्टमेंट परीक्षा 2 मई से शुरू होकर 7 मई 2025 तक चलेगी, जबकि 12वीं (इंटरमीडिएट) की विशेष एवं कंपार्टमेंट परीक्षा 2 मई से शुरू होकर 13 मई 2025 को समाप्त होगी। बोर्ड ने सभी छात्रों को सलाह दी है कि वे समय रहते अपना एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करें और परीक्षा से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी तरह की समस्या से बचा जा सके। जारी डेटशीट के मुताबिक कंपार्टमेंट परीक्षाएं 2 मई से शुरू होकर 13 मई 2025 को समाप्त हो रही हैं। जबकि 10वीं की कंपार्टमेंट परीक्षा 2 मई से शुरू होकर 7 मई को समाप्त होगी। दो पालियों में होगी कंपार्टमेंट परीक्षाएं बीएसईबी की ओर से जारी डेटशीट के मुताबिक हाईस्कूल और इंटर की कंपार्टमेंट परीक्षाएं दो पालियों में आयोजित की जाएंगी। पहला पाली की परीक्षा सुबह 9 बजकर 30 मिनट से शुरू होकर 12:45 तक होगी। जबकि दूसरी पाली की परीक्षाएं दोपहर 2 बजे से शुरू होकर 5:15 तक होगी।  

सरकार ने लिया बड़ा फैसला- हरियाणा में हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार का औद्योगिक विकास को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। 10 जिलों में इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाने से न केवल उद्योगों को बेहतरीन कनेक्टिविटी मिलेगी, बल्कि इससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में विकास भी होगा। खासतौर पर तीन प्रमुख राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के किनारे इन टाउनशिप को स्थापित करना उद्योगों के लिए सहूलियत का काम करेगा, क्योंकि इससे माल की ढुलाई और ट्रांसपोर्टेशन में काफी आसानी होगी। इस परियोजना से, इन जिलों में औद्योगिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी, जिससे नए कारखाने, फैक्ट्रियाँ और बिजनेस सेंटर खुलेंगे, और इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को एक महीने का समय दिया है, ताकि इस परियोजना का ब्लूप्रिंट तैयार किया जा सके।   इन 10 जिलों में ये टाउनशिप बनेंगी गुरुग्राम, हिसार (हिसार एयरपोर्ट के पास), सिरसा, भिवानी, नारनौल, फरीदाबाद, जींद,     अंबाला, कैथल  

हरियाणा में निकली ये भर्ती, भर्ती के लिए उम्मीदवारों को 25 अप्रैल 2025 तक आवेदन करना होगा

हरियाणा हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। पंडित बीडी शर्मा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (UHSR), रोहतक ने पीजीआईएमएस और पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज (PGIDS) में 175 सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर्स की भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों को 25 अप्रैल 2025 तक आवेदन करना होगा। आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जरूरी दस्तावेज और जानकारी जमा करनी होगी। बताया जा रहा है कि इस भर्ती में 56 विषयों में 175 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। सबसे ज्यादा खाली पद एनेस्थिसियोलॉजी विभाग में हैं, जहां 21 पद खाली हैं। इसके बाद जनरल सर्जरी में 17 और कार्डियोलॉजी में 7 पदों पर भर्ती होगी। आपातकालीन चिकित्सा, बाल चिकित्सा पल्मोनोलॉजी, और गहन देखभाल जैसे महत्वपूर्ण विभागों में 6-6 पद उपलब्ध हैं। कार्डियक सर्जरी, नियोनेटोलॉजी, और प्रसूति व स्त्री रोग विभाग में 5-5 पदों पर नियुक्तियां होंगी। इसके अलावा कई विभागों में भी 4-4 रिक्तियां हैं। यह भर्ती कई चिकित्सा क्षेत्रों में विशेषज्ञों की कमी को पूरा करने के लिए की जा रही है।

दुनिया में सबसे कठिन डिग्रिया, इन्हें पाने में छूट जाते हैं अच्छे-अच्छों के पसीने!

दुनिया में सबसे कठिन डिग्रियों की बात होती है, तो उसमें मेडिसिन से जुड़े कोर्सेज, मैथ्स और फिजिक्स की डिग्री को सबसे मुश्किल माना जाता है। लेकिन इन कोर्सेज के अलावा भी कई ऐसे कोर्स हैं, जिन्हें पढ़कर डिग्री हासिल करने में पसीने छूट जाते हैं। आमतौर पर किसी डिग्री को कितना कठिन माना जाएगा, ये दो बातों पर निर्भर करता है, जिसमें पहला कोर्स की डिमांड है, यानी डिग्री पाने के लिए क्या अलग करना पड़ता है। दूसरा कंटेंट है, यानी जो चीज आप पढ़ेंगे वो कितना कठिन है। इस आधार पर स्टडी इंटरनेशनल ने दुनिया की 10 सबसे कठिन या कहें मुश्किल डिग्रियों के बारे में बताया है। एयरोस्पेस इंजीनियरिंग इस कोर्स में आपको मैथ्स के कई नियम सीखने होंगे। जैसे कि कैलकुलस, ट्रिग्नोमैट्री और अल्जेबरा। ये सब एयरोस्पेस इंजीनियर बनने के लिए जरूरी हैं। एयरोस्पेस इंजीनियरिंग पढ़ने के लिए आपको मैथ्स, फिजिक्स और केमिस्ट्री की जानकारी होनी चाहिए। इस कोर्स का कंटेट सबसे कठिन माना जाता है। बायोमेडिकल इंजीनियरिंग बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में इंजीनियरिंग के तरीके इस्तेमाल करके ऐसी चीजें बनाते हैं, जो इंसानों को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं। जैसे कि पेसमेकर, इंसुलिन पंप और 3D प्रिंटेड ऑर्गन। इसमें आपको बायोलॉजी, केमिस्ट्री, कंप्यूटर साइंस, फिजिक्स, मैथ्स और मेडिकल साइंस जैसे विषय पढ़ने होते हैं। लॉ (कानून) एलएलबी जैसे कोर्सेज में संवैधानिक कानून से लेकर आपराधिक कानून तक, लॉ के छात्रों को कई कानूनी नियम समझने होते हैं। खासकर अगर आपको अंग्रेजी पढ़ने की आदत नहीं है तो ये और भी मुश्किल हो जाता है। वकील बनने के लिए बार परीक्षा पास करना भी जरूरी होता है। चार्टेड अकाउंटेंसी लॉ की तरह ही चार्टेड अकाउंटेंसी पढ़ने वाले छात्रों को भी अतिरिक्त ट्रेनिंग लेनी पड़ती है। आमतौर पर अकाउंटिंग डिग्री हासिल करने में तीन साल लगते हैं। हालांकि, कुछ छात्रों के लिए ये समय और भी ज्यादा लंबा हो सकता है। इस दौरान उन्हें कई तरह के मॉड्यूल की पढ़ाई करनी पड़ती है। आर्किटेक्चर आर्किटेक्चर सिर्फ डिजाइन बनाना नहीं है। आर्किटेक्ट बनने के लिए, आपको मैथ्स, जियोमेट्री, ट्रिग्नोमेट्री और अल्जेबरा की अच्छी समझ होनी चाहिए। ताकि आप इमारतों की सही माप तय कर सकें। आर्किटेक्चर के छात्रों को कई तरह के फॉर्मूला याद रखने पड़ते हैं। कई देशों के लाइसेंस एग्जाम भी देना पड़ता है। मेडिकल कोर्स डॉक्टर बनने के लिए आपको MBBS की पढ़ाई करनी पड़ेगी। इसके अलावा छात्र आगे रेजिडेंसी प्रोग्राम का हिस्सा भी बनते हैं, जहां उन्हें स्पेशलाइजेशन करवाया जाता है। इन कोर्सेज में छात्रों को क्लिनिकल ट्रेनिंग लेनी पड़ती है और कई तरह के शरीर के अंदरूनी हिस्सों के नाम याद रखने पड़ते हैं। नर्सिंग नर्सिंग की डिग्री में आपको नर्सिंग की प्रैक्टिकल स्किल और जानकारी दोनों सीखने होते हैं। नर्सिंग के लिए बायोसाइंस की बुनियादी जानकारी होनी चाहिए और उसे नर्सिंग में इस्तेमाल करना होगा। इस कोर्स का मुश्किल हिस्सा है लोगों के साथ अच्छे से काम करना। डेंटिस्ट्री डेंटिस्ट्री की डिग्री में आपको मुंह की बीमारियों को रोकने, पता लगाने और उनका इलाज करने के बारे में सिखाया जाता है। इसमें आप डेंटिस्ट्री के सिद्धांतों के बारे में सीखते हैं। जैसे कि एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, मानव रोग, पैथोलॉजी और एपिडेमियोलॉजी। साइकोलॉजी अगर आपको लगता है कि इंसानी दिमाग के बारे में पढ़ना आसान है, तो आप गलत हैं। इस डिग्री में आपको मनोविज्ञान के वैज्ञानिक और सामाजिक दोनों पहलुओं में कुशल बनाया जाता है। इसमें बायोलॉजी और विकास, सामाजिक मानव विज्ञान, राजनीति, दर्शन और समाजशास्त्र शामिल हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ChatGPT जैसे चैटबॉट के आने के बाद, यूनिवर्सिटी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कोर्स शुरू किए हैं। यहां आप सीखेंगे कि AI सिस्टम को कैसे डिजाइन, डेवलप और इस्तेमाल किया जाता है। ऐसा करने के लिए, आपको न्यूरोसाइंस, कॉग्निटिव साइंस, लैंग्वेज साइंस और मैथ्स की अच्छी समझ होनी चाहिए।

MPPSC Assistant Professor परीक्षा में 70 हजार से अधिक आवेदन, 1930 पदों के लिए दो चरणों में परीक्षा

 इंदौर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा 2024 के लिए पंजीयन प्रक्रिया खत्म हो चुकी है। कुल 26 विषयों में 1930 रिक्त पदों के लिए 80 हजार से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। इसमें खेल अधिकारी और ग्रंथपाल पदों के लिए भी पंजीयन कराए गए हैं। आयोग अब इन परीक्षाओं को दो चरणों में आयोजित करने की तैयारी में जुटा है। परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। इसके मुताबिक पहला चरण जून में और दूसरा चरण जुलाई में आयोजित किया जाएगा। सहायक प्राध्यापकों के सबसे ज्यादा पद खाली प्रदेश के 580 सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी है, जिनमें सर्वाधिक पद सहायक प्राध्यापकों के रिक्त हैं। अकेले रसायन शास्त्र (केमिस्ट्री) विषय में 199 पदों पर भर्ती होनी है। इसके अलावा वनस्पति विज्ञान (190), प्राणी विज्ञान (187), भौतिकी (186) और गणित (177) पद रिक्त हैं। अन्य विषयों में इतिहास (97), अर्थशास्त्र (130), राजनीति विज्ञान (124), हिंदी (113), वाणिज्य (111), अंग्रेज़ी व भूगोल (96-96) पदों पर भर्ती की जाएगी। वहीं मराठी, उर्दू, संस्कृत साहित्य और संगीत जैसे विषयों में भी पद उपलब्ध हैं। इसके अलावा 187 खेल अधिकारी और 87 ग्रंथपाल के पद भी शामिल हैं। पहले चरण की परीक्षा एक जून को आयोजित होगी, जिसमें 16 विषयों की परीक्षा होगी। दूसरे चरण की परीक्षा 27 जुलाई को होगी, जिसमें 12 विषयों की परीक्षा कराई जाएगी। आवेदन के लिए अधिक समय मिला सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा की अधिसूचना 30 दिसंबर 2024 को जारी की गई थी। प्रारंभिक आवेदन प्रक्रिया 27 फरवरी से 26 मार्च तक निर्धारित थी, लेकिन न्यायालय के निर्देशानुसार आयोग ने पंजीयन के लिए 12 दिन का अतिरिक्त समय प्रदान किया। इस विस्तार के कारण अब तक 1930 पदों के लिए 70 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। सितंबर से प्रारंभ होंगे साक्षात्कार एमपीपीएससी का प्रयास है कि भर्ती प्रक्रिया में कोई देरी न हो। वर्ष 2022 की भर्ती प्रक्रिया वर्तमान में जारी है, जिसके जुलाई-अगस्त तक पूर्ण होने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2024 की भर्ती के साक्षात्कार सितंबर से प्रारंभ होंगे और चार से पांच महीनों में पूरी प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी।

कॉन्फिडेंस बूस्ट करने के 10 कारगर उपाय, हर जगह मारेंगे बाजी

सेल्फ कॉन्फिडेंस यानी कि आत्मविश्वास एक ऐसी हथियार है जिससे कोई भी अपने निर्धारित किये लक्ष्य तक आसानी से पहुंच सकता है, बस इसके लिए आपको ईमानदारी से मेहनत करनी है। कॉन्फिडेंस की आवश्यकता छात्र से लेकर नौकरी की तैयारी कर रहे या जॉब कर रहे सभी लोगों के लिए आवश्यक है। अगर आपका कॉन्फिडेंस हाई होगा तो आप अवश्य ही चीजों को बेहतर ढंग से मैनेज कर पाएंगे और भविष्य में अवश्य ही उच्च मुकाम हासिल कर पाएंगे। अगर आपको लगता है कि आपमें किसी कारणवश कॉन्फिडेंस की कमी है तो इस पेज पर कॉन्फिडेंस बूस्ट करने के 10 कारगर उपाय बताये जा रहे हैं। इनको आप अपने जीवनशैली में शामिल करके अवश्य ही सुधार कर सकते हैं। रियलस्टिक गोल्स को चुनें कॉन्फिडेंस बूस्ट करने का सबसे पहला तरीका है अपने गोल्स को सेट करें। लेकिन ध्यान रखें कि गोल्स को ऐसा बनायें जो पूरे किये जा सकते हैं। ऐसे गोल्स नहीं सेट किये जाने चाहिए जिनका ओर-छोर भी पता न हो। खुद पर रखें विश्वास रियलिस्टिक गोल सेट करने के बाद उसे पूरा करने के लिए खुद पर विश्वास रखें और पूरी लगन से उस पर कार्य करें। अवश्य ही आप सफलता प्राप्त करेंगे। प्रोग्रेस को करें मॉनिटर आप जिस टास्क पर काम कर रहे हैं उस पर लगातार नजर बनाये रखें और उसको मॉनिटर करते रहें। इससे आपको पता चलता रहेगा कि आप जिस काम को कर रहे हैं वो सही दिशा में है या नहीं। काम पर पूरी तरह से करें फोकस चाहते छात्र बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हों या भर्ती या प्रवेश परीक्षा की, पूरी तरह से उस पर फोकस करें। किसी भी चीज से अगर डिस्ट्रैक्शन हो रहा है तो उसे तुरंत ही बाहर कर दें। फिजिकल एक्टिविटी पर भी रखें ध्यान कॉन्फिडेंस बूस्ट करने में फिजिकल एक्टिविटी बहुत ही महत्वपूर्ण है। आप रेगुलर रूप से फिजिकल फिटनेस पर ध्यान दें और योग, जिम, रनिंग जो भी संभव हो वो करें। शारीरिक रूप से फिट होने पर आप मेंटली रूप से स्ट्रॉग महसूस करेंगे। बहादुरी दिखाएं अगर आप किसी काम को टाइम पर नहीं कर पा रहे हैं और आपको असफलता भी हाथ लग रही है तो उस समय बहादुरी दिखाएं। असफलतों से पीछे नहीं हटें और डटकर उनका सामना करें और दोबारा से पूर्ण तैयारी से उस पर जुट जाएं। दूसरों के बहकावों में न आएं कभी भी लोगों की बातों में न आएं। खुद के बनाये हुए गोल्स पर फोकस रहकर आगे बढ़ें। अगर जरूरत महसूस हो तो अपने माता पिता, बड़े भाई बहन या टीचर्स की मदद लें, ऐसे ही किसी भी विश्वास न करें। कमिटमेंट को पूरा करने में जी-तोड़ करें मेहनत अगर अपने किसी काम को पूरा करने का लक्ष्य बनाया है तो उस पर पूरी तरह से कमिटमेंट दिखाएं और तय समय पर उस कार्य को पूरा करें। इससे आप दूसरों की नजरों में ऊपर आएंगे और आपको तारीफ मिलेगी। इससे आपका आत्मविश्वाश मिलेगा। फ्यूचर गोल्स पर भी रखें ध्यान आपको अन्य लोगों की तरह सिर्फ एक कदम आगे का नहीं सोचना है। आप अभी से लॉन्ग टर्म को दिमाग में रखकर अपने गोल्स सेट करें और उस पर लगातार बने रहें। छोटी खुशियों में रहें खुश अगर आप कोई छोटा सा भी कार्य पूरा करते हैं तो उस पर खुश रहना सीखें। छोटी छोटी खुशियां आपको बूस्ट करेंगे और आप बड़े कार्य को भी कॉन्फिडेंस के साथ पूरा कर पाएंगे।  

एनसीटीई ने दे मंजूरी, एमएड ही नहीं बल्कि एमएई की पढ़ाई करने वाले भी बन सकेंगे शिक्षक

मुजफ्फरपुर मास्टर ऑफ आर्ट्स इन एजुकेशन (एमएई) की पढ़ाई करनेवाले भी अब बीएड कॉलेजों में शिक्षक बन सकेंगे। एनसीटीई (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) ने इसकी मंजूरी दे दी है। एमएई करनेवाले अभ्यर्थी बीएड कॉलेजों में फाउंडेशन कोर्स में आवेदन कर सकेंगे। एमडीडीएम कॉलेज में बीएड की पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान में जेएसपीएम विवि पुणे में प्राध्यापक डॉ. मौसमी चौधरी ने बताया कि एनसीटीई के इस नये बदलाव से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन एजुकेशन करनेवाले छात्रों को काफी फायदा होगा। अबतक बीएड कॉलेजों में सिर्फ एमएड करने वाले छात्र ही शिक्षक पद के लिए आवेदन कर सकते थे, लेकिन अब एमएई वाले भी ओवदन कर सकेंगे। एनसीटीई ने पिछले दिनों बीएड कॉलेजों में बदलाव पर देशभर से फीडबैक मांगे थे। फीडबैक में विश्वविद्यालयों और बीएड कॉलेजों ने सुझाव दिया कि फाउंडेशन कोर्स में एमएड के साथ एमएई वाले भी आवेदन कर सकें, ऐसा प्रावधान बनाया जाए। एनसीटीई ने अपनी सालाना बैठक में इसपर मंजूरी दे दी। 55 प्रतिशत नंबर की है अनिवार्यता: मास्टर ऑफ आर्ट्स इन एजुकेशन के छात्रों को बीएड कॉलेज में शिक्षक बनने के लिए 55 प्रतिशत नंबर की अनिवार्यता रहेगी। इसके अलावा नेट या पीएचडी अभ्यर्थियों को रहनी चाहिए। डॉ. मौसमी चौधरी ने बताया कि बीएड कॉलेजों में एमएई वाले अभ्यर्थियों की बहाली से शिक्षकों की संख्या में वृद्धि होगी। एनसीटीई ने नई शिक्षा नीति के तहत यह परिवर्तन किया है। एमएड कॉलेजों में 50 छात्र तक ही ले सकेंगे दाखिला, नैक मूल्यांकन भी अनिवार्य एनसीटीई के अनुसार एमएड कॉलेजों में 50 छात्र तक ही दाखिला ले सकेंगे। एमएड कॉलेज को नैक भी कराना होगा। एमएड में विवि और कॉलेज स्थानीय स्तर के अनुसार 30 प्रतिशत तक सिलेबस में बदलाव कर सकेंगे। बीआरएबीयू में एमएड के तीन कॉलेज हैं। इन तीनों कॉलेजों में 150 सीटों पर छात्रों का दाखिला होता है। एमएड कॉलेज में एक प्रोफेसर, दो एसो़ प्रोफेसर और चार सहायक प्राध्यापक को रखना अनिवार्य है। बीएड की तर्ज पर एमएड में भी सामान्य परास्नातक के कोर्स का प्रस्ताव एनसीटीई ने बीएड के साथ एमएड कॉलेजों को भी मल्टी डिसिस्प्लनरी कोर्स के तहत चलाने का निर्देश दिया है। नई शिक्षा नीति के तहत अब बीएड कॉलेजों में बीएड के साथ साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स के भी कोर्स चलाने होंगे। बीएड की तर्ज पर एमएड में भी सामान्य परास्नातक के कोर्स चलाने के लिए एनसीटीई ने प्रस्ताव तैयार किया है। जल्द ही इसे गजट के तौर पर जारी किया जायेगा।

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में निकली नौकरी

बैंक की बढ़िया सरकारी नौकरी करना चाहते हैं, तो आपके लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में फॉर्म निकले हुए हैं। यहां चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर समेत विभिन्न पदों पर आवेदन लिए जा रहे हैं, जो अभ्यर्थी अप्लाई करना चाहते हैं, वे फटाफट आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर लें। लास्ट डेट 18 अप्रैल 2025 है। जिसके बाद बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट www.ippbonline.com पर एक्टिव लिंक बंद हो जाएगा। सैलरी और योग्यता समेत पूरी डिटेल्स पद की डिटेल्स इंडियन पोस्ट पेमेंट्स बैंक लिमिटेड में ऑफिसर लेवल की शानदार नौकरी पाने का यह बढ़िया चांस हैं। किस पद के लिए कितनी रिक्तियां निकली हैं? इसकी डिटेल्स उम्मीदवार नीचे टेबल से देख सकते हैं। योग्यता आईपीपीबी में चीफ कंप्लायंस ऑफिसर बनने के लिए उम्मीदवारों का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट होना जरूरी है। सीए/सीएस/एमबीए फाइनेंस/पोस्ट ग्रेजुएट या समकक्ष योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को प्रेफरेंस दी जाएगी। इसके अलावा अभ्यर्थियों के पास न्यूनतम 18 साल काम का अनुभव होना भी जरूरी है। चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के लिए भी ग्रेजुएट और 18 वर्ष का अनुभव मांगा गया है। वहीं इंटरनल ओम्बड्समैन की पोस्ट पर ग्रेजुएट लेकिन शेड्यूल कमर्शियल बैंक/फाइनेंशनयल सेक्टर रेगुलरेट्री संस्थान से रिटायर्ड या डिप्टी जनरल मैनेजर के समकक्ष पद पर कार्यरत अभ्यर्थी आवेदन के योग्य हैं। योग्यता से जुड़ी अन्य डिटेल्स अभ्यर्थी विस्तार से भर्ती के आधिकारिक नोटिफिकेशन से भी चेक कर सकते हैं। डाउनलोड करें- IPPB Recruitment 2025 Official Notification Download PDF एज लिमिट आयुसीमा- चीफ कंप्लायंस ऑफिसर और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के पदों पर अभ्यर्थियों की उम्र 38 से 55 वर्ष होनी चाहिए। वहीं इंटरनल ऑम्बड्समैन के लिए 65 वर्ष से अधिक आयु नहीं न। आयुसीमा/ योग्यता की गणना 1 मार्च 2025 के आधार पर की जाएगी। चयन प्रक्रिया- इंटरव्यू, ग्रुप डिस्कशन, ऑलाइन टेस्ट आदि चरणों के आधार पर सेलेक्शन आधारित होगा। आवेदन शुल्क- एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी अभ्यर्थियों को फॉर्म भरने के दौरान 150 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा। वहीं अन्य पदों के लिए यह शुल्क 750 रुपये है। काम की अवधि- इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक यह पद कॉन्ट्रेक्चुअल बेस पर भर रहा है। चीफ कम्प्लायंस ऑफिसर और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के काम की अवधि 3 साल तक होगी। जो 2 साल के लिए आगे बढ़ाई जा सकती है। वहीं इंटरनल ओम्बड्समैन तीन सालों के लिए अप्वाइंट किए जाएंगे।

कर्नाटक में 85 फीसदी से ज्यादा होगा आरक्षण, BC को 51% आरक्षण देने की तैयारी

कर्नाटक कर्नाटक में सिद्धारमैया सरकार की जाति जनगणना रिपोर्ट चर्चा में है। सामाजिक-आर्थिक और शैक्षणिक सर्वे रिपोर्ट अब मंत्रिमंडल के सामने है और 17 अप्रैल को इस पर चर्चा होनी है। उसी दिन सिफारिशों पर फैसला होगा। रिपोर्ट और उसकी सिफारिशें अभी पब्लिक डोमेन में नहीं हैं। मगर, सूत्रों का कहना है कि इस रिपोर्ट में अन्य पिछड़े वर्गों के लिए शैक्षणिक संस्थानों में मौजूदा आरक्षण 32 से 51 फीसदी तक किए जाने का प्रस्ताव है। बीजेपी और जेडीएस जैसे विपक्षी दल इस रिपोर्ट का विरोध कर रहे हैं। सूबे की राजनीति पर असर रखने वाले दो प्रमुख समुदाय लिंगायत और वोक्कालिगा बीते कई सालों में जाति आधारित जनगणना के प्रभावों पर चर्चा करते रहे हैं। OBC जनसंख्या सूबे की कुल आबादी का 70 फीसदी है। अगर इन सिफारिशों पर अमल किया जाता है तो राज्य में आरक्षण का कोटा 85 फीसदी से ज्यादा होने की संभावना है। राज्य में आर्थिक तौर पर कमजोर वर्गों के लिए 10 फीसदी और SC-ST के लिए पहले से ही 24 फीसदी आरक्षण तय है। कांग्रेस के अहमदाबाद अधिवेशन के बाद सिद्धारमैया सरकार ने जिस तरह रिपोर्ट को स्वीकार करने में तेजी दिखाई है, उससे माना जा रहा है कि आलाकमान की ओर से हरी झंडी मिल गई है। राहुल गांधी ने गुजरात में कहा था कि पार्टी शिक्षा और सरकारी नौकरियों में SC-ST और OBC के लिए कोटा पर लगी 50 प्रतिशत की सीमा को हटा देगी। राहुल ने कहा था, ‘हम हर उस दीवार को गिरा देंगे, जो SC-ST और OBC आरक्षण को 50 फीसदी तक सीमित कर रही है। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बीते दिनों रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसे वैज्ञानिक तरीके से नहीं तैयार किया गया। उन्होंने सीएम सिद्धारमैया पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन लोगों ने ये रिपोर्ट तैयार की, उन्होंने ये डेटा घर-घर जाकर नहीं लिया। हालांकि, फरवरी महीने में ही सिद्धारमैया ने रिपोर्ट के वैज्ञानिक ना होने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि रिपोर्ट पूरी तरह से वैज्ञानिक तरीके से तैयार हुई है। उनकी सरकार इसकी सिफारिशों को मानेगी। अपने पहले कार्यकाल में सिद्धारमैया ने कर्नाटक कमिटी ने सर्वे किया जिसकी रिपोर्ट 2016 में तैयार हो गई थी। मगर, रिपोर्ट ठंडे बस्ते में चली गई। उसके बाद की सरकारों ने भी इस पर कोई एक्शन नहीं लिया। साल 2020 में बीजेपी की सरकार ने जयप्रकाश हेगड़े को जाति जनगणना आयोग का प्रमुख बनाया। हेगड़े ने पिछले साल फरवरी में रिपोर्ट सीएम सिद्धारमैया को सौंप दी थी।

​कृषि विभाग में निकली बंपर भर्ती, 25 अप्रैल से शुरू होगी आवेदन प्रकिया

 बिहार स्टाफ सिलेक्शन कमीशन ने कृषि निदेशालय के अधीन आने वाले फील्ड असिस्टेंट के 201 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के योग्य एवं इच्छुक उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट bssc.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। विभाग का नाम: बिहार स्टाफ सिलेक्शन कमीशन पद का नाम: फील्ड असिस्टेंट पदों की संख्या: 201 पदों का विवरण: अनारक्षित : 79 पद अनुसूचित जाति : 35 पद अनुसूचित जनजाति: 2 पद अत्यंत पिछड़ा वर्ग: 37 पद पिछड़ा वर्ग: 21 पद आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग: 20 पद योग्यता : मान्यता प्राप्त संस्थान से आईएससी या एग्रीकल्चर में डिप्लोमा आयु सीमा : न्यूनतम 18 और अधिकतम 42 वर्ष चयन प्रकिया : प्रीलिम्स एग्जाम मेन्स एग्जाम वेतन : 20,200 रुपए प्रतिमाह आवेदन शुल्क : सामान्य : 540 रुपए अन्य : राज्य से बाहर सभी उम्मीदवार : 540 रुपए

MP Board की 10वीं व 12वीं परीक्षा का रिजल्ट आएगा मई के पहले सप्ताह

भोपाल. मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं परीक्षा का परिणाम मई के प्रथम सप्ताह में जारी कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को परीक्षा परिणाम मई के पहले सप्ताह में जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसे लेकर माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) परिणाम तैयार करने में जोर-शोर से लगा हुआ है। अभी बोर्ड परीक्षा की 80 प्रतिशत उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने बदला था परीक्षा के परिणामों का समय मंडल ने मई के दूसरे सप्ताह में परिणाम घोषित करने की तैयारी की थी, लेकिन हाल में मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक में 10वीं व 12वी का परिणाम मई के पहले सप्ताह में जारी करने के आदेश दिए। परिणाम बनाने में लगेगा 10 दिन का समय बता दें, इस वर्ष मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं दोनों कक्षाओं के 17 लाख विद्यार्थियों की करीब 90 लाख उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य चल रहा है। मंडल ने मूल्यांकन कार्य खत्म करने का लक्ष्य 25 अप्रैल तय किया है। उसके बाद मंडल को परिणाम बनाने में करीब 10 दिन का समय लगेगा। कुछ जिले उमरिया, सिंगरौली, आगर-मालवा, शहडोल, देवास, डिंडौरी, श्योपुर में 10वीं की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन 60 फीसद तक भी नहीं हो पाया है। इसी तरह 12वीं में डिंडौरी, उमरिया व मंडला, भोपाल में 70 प्रतिशत मूल्यांकन हुआ है। वहीं छिंदवाड़ा, धार, रीवा, सिवनी, आलीराजपुर में मूल्यांकन कार्य अंतिम चरण में है। 80 प्रतिशत तक पूरा हुआ मूल्यांकन का काम केडी त्रिपाठी, सचिव, माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल ने कहा कि कक्षा 10वीं व 12वीं की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन काम 80 प्रतिशत तक पूरा हो गया है। जिन जिलों में मूल्यांकन की रफ्तार धीमी है, उन्हें कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं, जिससे मई के प्रथम सप्ताह में परिणाम घोषित किया जा सकें।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) जल्द ही 10वीं-12वीं के बोर्ड रिजल्ट जारी कर सकती है, आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं

नई दिल्ली अगर आप CBSE 10वीं या 12वीं के छात्र हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है! केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) आने वाले हफ्तों में 2025 की बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे घोषित करने जा रहा है। हालाँकि, बोर्ड ने अब तक रिजल्ट की सटीक तारीख और समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन पिछले वर्षों के ट्रेंड को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि रिजल्ट मई के मध्य से अंत तक जारी हो सकते हैं। पिछली सालों की तारीखें क्या कहती हैं? 2024 में: रिजल्ट 13 मई को आए थे। 2023 में: परिणाम 12 मई को जारी किए गए थे।   ऐसे चेक करें अपना रिजल्ट रिजल्ट घोषित होने के बाद छात्र नीचे दी गई वेबसाइट्स पर जाकर अपना स्कोर कार्ड देख सकते हैं: रिजल्ट देखने के लिए स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: सबसे पहले आधिकारिक रिजल्ट वेबसाइट पर जाएं। ‘Class 10’ या ‘Class 12 Result’ लिंक पर क्लिक करें। अपना रोल नंबर, जन्म तिथि, और सिक्योरिटी पिन भरें। सबमिट करते ही आपकी मार्कशीट स्क्रीन पर दिखेगी। मोबाइल ऐप से भी देखें रिजल्ट छात्र अपने रिजल्ट और डिजिटल सर्टिफिकेट देखने के लिए ये ऐप्स इस्तेमाल कर सकते हैं: -DigiLocker App (Android और iOS पर उपलब्ध)  -UMANG App (सरकारी सेवाओं की एक छत के नीचे सुविधा) इन ऐप्स के ज़रिए न सिर्फ आप अपना रिजल्ट देख सकते हैं, बल्कि डिजिटल मार्कशीट और पास सर्टिफिकेट भी डाउनलोड कर सकते हैं।  2024 में क्या रहा था प्रदर्शन? कुल रजिस्टर्ड स्टूडेंट्स: 22.51 लाख परीक्षा में शामिल हुए: 22.38 लाख सफल छात्र: 20.95 लाख पास प्रतिशत: 93.60% 2023 की तुलना में 2024 में पास प्रतिशत 0.48% बढ़ा था, जो कि सकारात्मक संकेत है।  रिजल्ट की घोषणा होते ही भारी ट्रैफिक के कारण वेबसाइट्स स्लो हो सकती हैं, ऐसे में आप DigiLocker या UMANG ऐप का भी सहारा ले सकते हैं।

कुदरत बचाओ, कैरियर बनाओ

पर्यावरण सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। कुदरत को बचाने की इस मुहिम के परिणामस्वरूप ग्रीन जॉब्स का एक बड़ा मार्केट खड़ा हो रहा है, जहां पे-पैकेज भी अच्छा है। क्या हैं ग्रीन जॉब्स और कैसे पा सकते हैं आप यहां एंट्री, बता रही हैं, शाश्वती। एक जमाना था जब छात्रों की प्राथमिकता की सूची में सबसे अंत में आता था पर्यावरण विज्ञान यानी इनवायर्नमेंटल साइंस। लेकिन अब इस सूची में यह ऊपर की ओर कदम बढ़ा रहा है। जलवायु परिवर्तन और उससे होने वाले खतरों के विषय में लगातार बढ़ रही जागरूकता और पार्यावरण को बचाने के लिए विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आंदोलनों के कारण अब छात्रों के बीच विषय के रूप में पर्यावरण विज्ञान की लोकप्रियता बढने लगी है। पर्यावरण विज्ञान के प्रति छात्रों की बढ़ रही रुचि का एक कारण यह भी है कि अब पर्यावरण से जुड़े फील्ड में नौकरी की संभावना भी काफी तेजी से बढ़ रही है। पर्यावरण के क्षेत्र से जुड़ी इन नौकरियों को ग्रीन जॉब्स का नाम दिया गया है। ग्रीन जॉब्स के क्षेत्र में प्रशिक्षित लोगों की मांग कितनी तेजी से बढ़ रही है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सितंबर, 2009 में दिल्ली में देश के पहले ग्रीन जॉब्स फेयर का आयोजन किया गया था। इस नौकरी मेले में देश-विदेश की 25 से ज्यादा कंपनियों ने भाग लिया था। क्या है ग्रीन जॉब्स पर, आखिर ग्रीन जॉब्स हैं क्या और ग्रीन जॉब्स की श्रेणी में कौन-सी नौकरियों को रखा गया है? पर्यावरण सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली मुंबई स्थिति एनजीओ दी क्लाइमेट प्रोजेक्ट इंडिया के डायरेक्टर गौरव गुप्ता के अनुसार, ग्रीन जॉब्स, कार्य की ऐसी विधियां हैं, जहां पर्यावरण की सुरक्षा का ध्यान में रखते हुए वस्तुओं का उत्पादन और उसका उपयोग किया जाता है। बिजली की बचत और सौर तथा पवन ऊर्जा आदि अधिक-से अधिक इस्तेमाल करने वाली बिल्डिंग का निर्माण करने वाला आर्किटेक्ट, वॉटर रीसाइकल सिस्टम लगाने वाला प्लंबर, विभिन्न कंपनियों में पर्यावरण के संरक्षण से संबंधित शोध कार्य और सलाह देने वाले लोग, ऊर्जा की खपत कम करने की दिशा में काम करने वाले विशेषज्ञ, पारिस्थितिकी तंत्र व जैव विविधता को कायम करने के गुर सिखाने वाले विशेषज्ञ, प्रदूषण की मात्रा और ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने के तरीके बताने वाले एक्सपर्ट आदि के काम ग्रीन जॉब्स की श्रेणी में आते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले वक्त में हर नौकरी में यह क्षमता होगी कि वह ग्रीन जॉब में तब्दील हो सके। इस सेक्टर में धीरे-धीरे विस्तार हो रहा है और साथ ही साथ नौकरी की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। यह सेक्टर प्रशिक्षित लोगों की मांग करता है और बदले में अच्छी सैलरी देता है। कई विशेषज्ञों की यह भी राय है कि जिस तरह सूचना और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में एक जमाने में भारी उछाल आया था, वैसा ही आने वाले वक्त में ग्रीन जॉब्स के क्षेत्र में होगा। भारत तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है। हमारे यहां नए भवनों का निर्माण हो रहा है और ऊर्जा की मांग भी बढ़ रही है। आनेवाले समय में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नियम-कायदे और भी स्पष्टड्ढ व कड़े होंगे और पर्यावरण सुरक्षा के साथ-साथ विकास के फॉर्मूले को हर जगह मान्यता मिलेगी। अन्य क्षेत्रों के अलावा कृषि के क्षेत्र में भी भारतीय और विदेशी कंपनियां भारत में रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना कर रही हैं। कृषि उत्पादन बढ़ाने और पारिस्थितिकी तंत्र को कम-से-कम नुकसान पहुंचाने की दिशा में लगातार शोध कार्य और निवेश हो रहे हैं। हर साल सिर्फ इन मांगों को पूरा करने के लिए 5000 प्रशिक्षित लोगों की जरूरत होगी। आनेवाले समय में देश के सभी छह लाख गांवों को पानी और कचरा प्रबंधक की जरूरत होगी और इस जरूरत को पूरा करने के लिए 1.2 करोड़ प्रशिक्षित लोगों की जरूरत होगी। आप अगर ग्रीन जॉब्स कर रहे हैं, तो इसका मतलब यह है कि आप नौकरी के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। कैसे करें शुरुआत सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देश के आधार पर यूजीसी ने ग्रेजुएशन के स्तर पर इनवायर्नमेंटल स्टडीज को अनिवार्य बना दिया है। स्कूल और टेक्निकल पाठ्यक्रमों के स्तर पर यह जिम्मेदारी क्रमशः एनसीईआरटी और एआईसीटीई को सौंपी गई है। पर्यावरण विज्ञान बेसिक साइंस और सोशल साइंस दोनों का मिश्रित रूप है। रिसोर्स मैनेजमेंट और रिसोर्स टेक्नोलॉजी भी पर्यावरण विज्ञान का एक महत्वपूर्ण अंग है। पर्यावरण से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में अपना कैरियर बनाने के लिए पढ़ाई बारहवीं के बाद शुरू की जा सकती है, पर इस स्तर पर संस्थानों की संख्या कम है। ग्रीन जॉब्स के क्षेत्र में बेहतर कैरियर बनाने के लिए पर्यावरण विज्ञान में उच्च शिक्षा प्राप्त करना आपके भविष्य के लिए अच्छा होगा। पर्यावरण से संबंधित नीतियों के निर्माण दिलचस्पी रखने वाले साधारण ग्रेजुएट के लिए भी यहां मौके हैं। जीव विज्ञान के साथ बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र ग्रेजुएशन के स्तर पर इनवायर्नमेंटल साइंस की पढ़ाई कर सकते हैं। फिजिकल साइंस, लाइफ साइंस, इंजीनियङ्क्षरग या मेडिकल साइंस आदि विज्ञान विषयों से ग्रेजुएशन करने के बाद इनवायर्नमेंटल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन करना बेहतर होगा। इनवायर्नमेंटल साइंस में बीटेक का कोर्स भी कई संस्थानों में उपलब्ध है। सेंटर फॉर साइंस ऐंड इनवायर्नमेंट, दिल्ली में पर्यावरण विज्ञान से जुड़े विषयों में इंटर्नशिप और सर्टिफिकेट कोर्स करवाया जाता है। देश में पर्यावरण विज्ञान को समर्पित दिल्ली स्थित एकमात्र संस्थान दी एनर्जी ऐंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट यानी टेरी में इनवायर्नमेंटल साइंस से संबंधित विषयों में पोस्ट-ग्रेजुएट और डॉक्टेरल स्तर के पाठ्यक्रमों की पढ़ाई होती है। टेरी पर्यावरण विज्ञान के क्षेत्र में स्कॉलरशिप भी देती है। इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स, धनबाद में इनवायर्नमेंटल इंजीनियङ्क्षरग में बी-टेक की पढ़ाई होती है। यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम ऐंड एनर्जी स्टडीज, देहरादून में इनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग में बीई का कोर्स उपलब्ध है। इग्नू में इनवायर्नमेंटल स्टडीज में छह माह का सर्टीफिकेट कोर्स उपलब्ध है। इसके अलावा कई सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाएं भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ट्रेनिंग दे रही हैं। इनमें अल्मोड़ा स्थित गोविंद बल्लभ पंत हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान, देहरादून स्थित इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च ऐंड एजूकेशन, इलाहाबाद स्थित सेंटर फॉर सोशियल फॉरेस्ट्री ऐंड … Read more

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