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एम्स नागपुर में सीनियर रेजिडेंट के पदों पर निकली कई भर्ती, एज लिमिट58 साल, सैलरी 2 लाख

नागपुर  मेडिकल की पढ़ाई के बाद एम्स में सरकारी नौकरी करने का सपना लाखों युवा देखते हैं, लेकिन आप इसे हकीकत में बदल सकते हैं। जी हां, एम्स नागपुर ने प्रोफेसर, एडिशनल प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्तियां निकाली हैं। इस डायरेक्ट रीक्रूटमेंट के लिए 17 मई से ही आवेदन जारी हैं, जिसकी अब आखिरी तारीख नजदीक आ रही है। 16 जून 2025 तक अभ्यर्थी इस फैकल्टी भर्ती के लिए फॉर्म भर सकते हैं। इन पदों पर मंथली सैलरी भी दमदार है। AIIMS Lecturer Vacancy 2025: पद की डिटेल्स एम्स नागपुर ने यह नई भर्ती ग्रुप A फैकल्टी के लिए शुरू की है। जिसमें अभ्यर्थी कार्डियोलॉजी, डर्मिटोलॉजी, ईएनटी, जनरल सर्जरी, रेडियो डायग्नोसिस समेत कुल 28 विषयों के लिए अप्लाई कर सकते हैं। किस पद के लिए कितनी रिक्तियां निकली हैं? यह डिटेल्स अभ्यर्थी नीचे टेबल से चेक कर सकते हैं। पद का नाम    वैकेंसी प्रोफेसर    11 एडिशनल प्रोफेसर    11 एसोसिएट प्रोफेसर    18 असिस्टेंट प्रोफेसर    18 कुल    58 योग्यता एम्स नागपुर की इस लेटेस्ट भर्ती में सभी पदों के लिए अलग-अलग योग्यता तय की गई है। प्रोफेसर के पद पर MBBS/पोस्ट ग्रेजुएशन MD या MS के साथ करीब 14 साल टीचिंग एक्सपीरियंस होना चाहिए। एडिशनल प्रोफेसर के लिए 10 साल का अनुभव, एसोसिएट प्रोफेसर के लिए 6 साल का अनुभव और असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए 3 साल का टीचिंग अनुभव होना चाहिए। योग्यता संबंधित डिटेल्स अभ्यर्थी विस्तार से भर्ती के आधिकारिक नोटिफिकेशन से भी चेक कर सकते हैं। योग्यता     आयुसीमा- एज लिमिट भी सभी पदों के लिए अलग-अलग है। प्रोफेसर/एडिशनल प्रोफेसर पद अभ्यर्थियों की अधिकतम उम्र 58 वर्ष से ऊपर नहीं होनी चाहिए। इसी तरह एसोसिएट प्रोफएसर/असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए 50 वर्ष से ऊपर के अभ्यर्थी अयोग्य होंगे। हालांकि आरक्षित वर्गों को ऊपरी उम्र में छूट मिलेगी।     सैलरी- प्रोफेसर के पद पर चयनित अभ्यर्थियों को 168900-220200 रुपये, एडिशनल प्रोफेसर को 148200-211400 रुपये, एसोसिएट प्रोफेसर 138300-209200 रुपये और असिस्टेंट प्रोफेसर 101500-209200 रुपये प्रति माह सैलरी दी जाएगी। वेतन के साथ उम्मीदवारों को भत्ते और अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। कॉन्ट्रैक्चुअल प्रोफेसर कंसल्टेंट को 2,20,000/- और एडिशनल प्रोफेसर कंसल्टेंट को 2,00,000 रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा।     आवेदन शुल्क- सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों को 2000 रुपये एप्लीकेशन फीस सब्मिट करनी होगी। वहीं एससी/एसटी उम्मीदवारों के लिए यह शुल्क 500 रुपये है। पेमेंट का लिंक एम्स नागपुर वैकेंसी पेज पर उपलब्ध है।     रिक्रूटमेंट मोड- डायरेक्ट रिक्रूटमेंट, डेप्यूटेशन बेस, कॉन्ट्रेक्ट बेस (रिटायर्ड फैकल्टी) अभ्यर्थी वैकेंसी की उलब्धता के आधार पर किसी भी मोड के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इस भर्ती मेडिकल भर्ती से जुड़ी अन्य किसी भी जानकारी के लिए अभ्यर्थियों को एम्स नागपुर की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करने की सलाह दी जाती है।

12वीं के बाद सरकारी नौकरी पाने के लिए जरूर फॉलो करें ये 7 सफलता मंत्र

ज्यादातर युवाओं का सपना सरकारी नौकरी पाने का होता है। लेकिन आज के इस दौर में सरकारी नौकरी पाना आसान काम नहीं है। सरकारी नौकरी के एक पद के लिए सैकड़ों लोग लाइन में हैं। इसलिए सरकारी नौकरी के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए आपको 12वीं के बाद एक खास रणनीति बनाकर अपनी तैयारी करनी होगी, जिससे आपको सरकारी नौकरी मिल जाएं। ऐसे में आपको पता होना चाहिए की शुरुआत कहां से करनी है, क्या पढ़ना चाहिए आदि। तो चलिए आपको बताते हैं कि 12वीं के बाद सेल्फ स्टडी से प्रतियोगी परीक्षा/सरकारी नौकरी तैयारी के लिए 7 सफलता मंत्र के बारे में बताते हैं। अपने लिए सरकारी नौकरी के ऑप्शन ढूंढने से शुरुआत करें हमारे देश में सरकारी नौकरी के लिए सेंट्रल लेवल पर प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और कर्मचारी चयन आयोग (SSC) करता है। इसके अलावा सभी राज्यों के लोक सेवा आयोग अलग से राज्य में भर्ती के लिए परीक्षा का आयोजन करते हैं इनमें UPPSC, BPSC, MPSC, MPPSC, OPSC, HPSC आदि शामिल हैं। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम जैसे ISRO, DRDO और अन्य बैंक अपने यहां नौकरी के लिए स्वयं परीक्षा का आयोजन कराते हैं और जॉब नोटिफिकेशन जारी करते हैं। आपको अपने लिए 2 से 3 सही परीक्षा पैटर्न को चुनना होगा। हर एक प्रकार की जॉब के लिए स्पेशल आवश्यकताओं और करियर ऑप्शन को समझने से आपको अपनी तैयारी की रणनीति बनाने में मदद मिलती है। जॉब नोटिफिकेशन पर नजर रखें हर दिन बहुत सारे विभागों में अलग-अगल पदों पर नौकरी निकाली जाती है। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि आप किसी भी जॉब में आवेदन करने से चूंक नहीं जाएं। आवेदन फॉर्म को सही से भरना, अंतिम तिथि से पहले आवेदन करना और सही से आवेदन फीस जमा करना बहुत जरूरी है, आपकी एक गलती आपके हाथों से सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका छीन सकती है। जॉब नोटिफिकेशन हमेशा उस विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देखें और आवेदन करने से पहले योग्यता जरूर चेक करें। परीक्षा पैटर्न को समझें किसी भी सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा की तैयारी करने से पहले एग्जाम पैटर्न को ध्यान से समझें। परीक्षा में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे, कितने प्रश्न होंगे, किस टॉपिक से प्रश्न पूछे जाएंगे, परीक्षा का कुल अंक कितना है, परीक्षा के लिए कितना समय मिलेगा आदि। परीक्षा सिलेबस और पैटर्न को जानने के बाद ही आगे की स्ट्रैटिजी बनाएं। परीक्षा के लिए स्ट्रेस नहीं लें सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में ज्यादातर प्रश्न करेंट अफेयर्स से पूछे जाते हैं। ऐसे में करेंट अफेयर्स पर आपकी मजबूत पकड़ होना बहुत जरूरी है। इसलिए बहुत सारे सोर्स से पढ़ने की बजाय एक न्यूजपेपर और मैग्जीन से करेंट अफेयर्स की तैयारी करें। इसके लिए आप साप्ताहिक या मासिक करेंट अफेयर्स की किताबें भी पढ़ सकते हैं। निरंतरता से पढ़ाई करें सरकारी नौकरी पाने के लिए कड़ी मेहनत करना बहुत जरूरी है। इसके लिए आपको 12 से 18 महीने का समय परीक्षा की तैयारी को देना होगा। आपको अपना टाइम टेबल तैयार करना चाहिए। सिलेबस के अनुसार अपना टाइम टेबल बनाएं और उसे अच्छे से फॉलो करें। रोजाना 5 से 8 घंटे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को दें। बीच में शॉर्ट ब्रेक जरूर रखें। जॉब इंटरव्यू की तैयारी भी है बहुत जरूरी पढ़ाई के साथ-साथ आपको अपनी पर्सनालिटी पर भी ध्यान देना होगा। जॉब्स इंटरव्यू के लिए हमेशा अपने अंदर आत्मविश्वास बनाए रखें। जॉब इंटरव्यू में आपसे करेंट अफेयर्स और नौकरी से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। आत्मविश्वास के साथ आप इंटरव्यू में बेहतर प्रदर्शन करेंगे और प्रश्नों का सही जवाब देंगे। इंटरव्यू के समय घबराए नहीं। परीक्षा के समय इन बातों का विशेष ध्यान रखें आप जिस भी सरकारी नौकरी की परीक्षा की तैयारी कर रहे हों, उस परीक्षा के पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र को जरूर सॉल्व करें। हर एक टॉपिक के शॉर्ट्स नोट्स बनाएं, जिससे रिवीजन करते समय आपको आसानी हो। मॉक टेस्ट दीजिए और अपनी गलतियों को पहचानकर उन्हें सुधारें। खुद पर भरोसा रखें और अपने लक्ष्य से अपना फोकस हटने मत दीजिए।  

यूपी पुलिस की नई भर्ती जल्द ! दरोगा, कांस्टेबल के लिए आने वाला है नोटिफिकेशन, देखें ताजा अपडेट

लखनऊ यूपी पुलिस भर्ती का इंतजार कर लाखों अभ्यर्थियों के लिए गुडन्यूज है। उत्तर प्रदेश पुलिस में अगले हफ्ते 23763 पदों पर नई भर्तियां निकलने वाली हैं। इन भर्तियों में सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल दोनों के पद शामिल होंगे। ऐसे में जो अभ्यर्थी यूपी पुलिस में भर्ती होना चाहते हैं, वो अब इन भर्तियों के फॉर्म जल्द ही भर सकेंगे। नई भर्ती में सब इंस्पेक्टर पदों पर उम्मीदवारों को एज लिमिट में 3 साल की छूट दी जाएगी। आयुसीमा की यह रियायत केवल इस बार ही मिलेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूपी पुलिस सब इंस्पेक्टर कांस्टेबल समेत विभिन्न पदों पर भर्तियों के लिए नोटिफिकेशन जून के दूसरे हफ्ते में जारी हो सकते हैं। इससे पहले भर्ती बोर्ड द्वारा कांस्टेबल के 19000+, सब इंस्पेक्टर के 4543 पदों पर भर्ती के लिए पुलिस मुख्यालय को अधियाचन भेजा जा चुका है। इनमें पीएससी सिपाही, पीएससी महिला वाहिनी, सिपाही नागरिक पुलिस, सिपाही पीएससी/सशस्त्र पुलिस, विशेष सुरक्षा बल में सिपाही, घुड़सवार, जेल वार्डर समेत अन्य पद शामिल हैं। UPPRPB ने ‘एक्स’ पर इसे लेकर जानकारी भी शेयर की थी। योग्यता पिछली भर्तियों के आधार पर योग्यता बताएं तो उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा बनने के लिए उम्मीदवारों का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन होना चाहिए। इसके अलावा उम्मीदवारों की एज लिमिट न्यूनतम 21 वर्ष होनी जरूरी है। वहीं कांस्टेबल के लिए 12वीं पास अभ्यर्थी फॉर्म भर सकते हैं। इसके अलावा पुरुष अभ्यर्थियों की हाइट 168 सेमी होनी चाहिए और महिला अभ्यर्थियों की हाइट 152 सेमी होनी चाहिए। एज लिमिट, हाइट में आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट भी मिलेगी। यूपी पुलिस चयन प्रक्रिया की बात करें तो उम्मीदवारों को सबसे पहले लिखित परीक्षा देनी होगी। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों को DV/PST और फिजिकल के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद फाइनल मेरिट तैयार होगी। यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2025 कांस्टेबल के 19000 से अधिक पदों पर नई भर्तियां आएंगी। इससे पहले 60244 पदों पर कांस्टेबल की भर्ती निकली थी, जिसके लिए 2023 में पेपर लीक के बाद दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी। जो अभ्यर्थी पिछली भर्ती में सेलेक्ट होने से चूक गए थे, वो इस भर्ती में पुलिस में सरकारी नौकरी का अपना सपना पूरा कर सकते हैं। लिखित परीक्षा के लिए आप अभी से तैयारी में जुट सकते हैं। लेटेस्ट अपडेट के लिए नवभारतटाइम्स.कॉम के एजुकेशन पेज से जुड़े रहें।  

12वीं में कॉमर्स के बाद कर सकते हैं ये 7 कोर्स, कुछ ही साल में जमकर बरसेंगे पैसे!

12वीं के बाद कॉमर्स और मैनेजमेंट में स्टूडेंट्स के लिए कई वैरायटी के कोर्स हैं। बीकॉम, बीकॉम ऑनर्स, बीबीए के अलावा कुछ पॉपुलर कोर्स हैं, जिनकी डिमांड काफी ज्यादा है और कई यूनिवर्सिटी इन्हें ऑफर करती हैं। करियर काउंसलर मयंक गुप्ता बताते हैं कि कुछ कोर्स पिछले 10 साल में तेजी से पॉपुलर हुए हैं और ग्रैजुएशन की डिग्री के बाद ही जॉब ऑप्शन स्टूडेंट्स को मिल जाते हैं, जैसे दिल्ली यूनिवर्सिटी के तीन मैनेजमेंट कोर्स, जिनके लिए हजारों स्टूडेंट्स अप्लाई करते हैं। स्टूडेंट्स बीकॉम ऑनर्स, इकनॉमिक्स ऑनर्स से ज्यादा इन्हें तवज्जो दे रहे हैं, क्योंकि प्लेसमेंट भी अच्छा है। बीएमएस बिजनेस फंडे को कवर करता बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (बीएमएस) कोर्स मैनेजमेंट, मार्केटिंग, एचआर, फाइनेंस जैसे फील्ड को कवर करता है। मूल तौर पर यह कोर्स मैनेजमेंट के कॉन्सेप्ट्स पर है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के नौ कॉलेज, जामिया हमदर्द, क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, नरसी मुंजी जैसी कई इंस्टिट्यूट इस कोर्स को ऑफर करते हैं। बीबीई इकनॉमिक्स और मैनेजमेंट के सिद्धांतों को बिजनेस की दुनिया में लागू करने के तरीके बीए ऑनर्स बिजनेस इकोनॉमिक्स (बीबीई) कोर्स का बेस है। जो स्टूडेंट्स इकनॉमिक्स में दिलचस्पी रखते हैं, उनके लिए खास है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के नौ कॉलेज, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, क्राइस्ट यूनिवर्सिटी जैसी कई यूनिवर्सिटी में इस कोर्स की काफी ज्यादा डिमांड है। बीबीए-एफआईए बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट एनालिसिस (बीबीए-एफआईए) बतौर मैनेजमेंट प्रोफेशनल करियर बनाते वक्त ही इन्वेस्टमेंट स्किल्स को निखारने के लिए है। दिल्ली यूनिवर्सिटी, लोएला कॉलेज, मुंबई यूनिवर्सिटी जैसी कई यूनिवर्सिटी में यह पॉपुलर कोर्स है। सीएमए कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटिंग (सीएमए) एक प्रोफेशनल सर्टिफिकेटशन कोर्स है, जो कॉस्ट मैनेजमेंट, बजटिंग, फाइनेंशल रिपोर्टिंग को कवर करता है। चार्टर्ड अकाउंटेंट चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) का सर्टिफिकेट आईसीएआई देता है और सीएस कवॉलिफाई करने के बाद आईसीएसआई मेंबरशिप सर्टिफिकेट देता है। सीए कोर्स अकाउंटिंग, ऑडिटिंग और फाइनेंस का एक्सपर्ट बनाता है। कंपनी सेक्रेटरी कंपनी सेक्रेटरी (सीएस) की पढ़ाई स्टूडेंट्स को कंपनी लॉ, कॉरपोरेट गवर्नेंस और फाइनेंशल मैनेजमेंट का एक्सपर्ट बनाता है। यह एक प्रोफेशनल क्वॉलिफिकेशन है, जो इंस्टिटयूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज (आईसीएसआई) देती है। बीएचएम/बीबीए-होटल मैनेजमेंट होटल इंडस्ट्री समेत टूरिजम इंडस्ट्री और बिजनेस में दिलचस्पी रखने वालों के लिए यह पॉपुलर कोर्स है। तीन साल का यह कोर्स कई यूनिवर्सिटी जैसे जामिया मिल्लिया इस्लामिया, इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, जामिया हमदर्द।  

15 जून को होगी आईटीआई प्रवेश परीक्षा, एडमिट कार्ड हुआ जारी

पटना बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा बोर्ड (BCECEB) ने बिहार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान प्रतियोगी प्रवेश परीक्षा (ITICAT) 2025 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। जिन उम्मीदवारों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया था, वे अब आधिकारिक वेबसाइट bceceboard.bihar.gov.in पर जाकर अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। उम्मीदवारों को रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड दर्ज करके लॉग इन करना होगा। एडमिट कार्ड में उम्मीदवार का नाम, रोल नंबर, श्रेणी, परीक्षा की तारीख, समय और परीक्षा केंद्र से जुड़ी जानकारी दी गई होती है। साथ ही उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड के साथ एक वैध फोटो आईडी कार्ड भी परीक्षा केंद्र पर ले जाना अनिवार्य है। 15 जून 2025 को होगी परीक्षा बिहार आईटीआईसीएटी 2025 परीक्षा 15 जून 2025 को आयोजित की जाएगी, जो पहले 11 जून को प्रस्तावित थी। यह परीक्षा ऑफलाइन मोड (OMR आधारित) में होगी। उम्मीदवारों को कुल 2 घंटे 15 मिनट का समय मिलेगा। प्रश्नपत्र में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें हर सही उत्तर के लिए 2 अंक दिए जाएंगे, यानी अधिकतम अंक 300 होंगे। इस परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं की जाएगी, जिससे उम्मीदवार बिना डर के उत्तर दे सकते हैं। प्रश्नपत्र हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में उपलब्ध रहेगा। क्या है बिहार आईटीआई कैट? ITICAT (Industrial Training Institute Competitive Admission Test) बिहार में विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली एक राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा है। यह परीक्षा प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है, जिसके माध्यम से उम्मीदवारों को इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर जैसे विभिन्न व्यावसायिक ट्रेडों में डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स के लिए चयनित किया जाता है। Bihar ITICAT Admit Card 2025: ऐसे करें डाउनलोड     सबसे पहले BCECEB की वेबसाइट bceceboard.bihar.gov.in पर जाएं।     होमपेज पर “Download Admit Card of ITICAT-2025” लिंक पर क्लिक करें।     अब “Click here for login” विकल्प पर क्लिक करें।     अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड दर्ज करें।     स्क्रीन पर आपका एडमिट कार्ड दिखाई देगा।     एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और भविष्य के लिए उसका प्रिंटआउट रखें।  

UPSC के परिक्षार्थियों के इंतजार की घड़ी जल्द समाप्त होने वाली है, जल्द जारी होगा रिजल्ट

नई दिल्ली  दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं की लिस्ट में शामिल संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के परिक्षार्थियों के इंतजार की घड़ी जल्द समाप्त होने वाली है। UPSC द्वारा आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 का रिजल्ट जल्द ही घोषित किया जाएगा। पिछले रुझानों के आधार पर सीएसई रिजल्ट 2025 आमतौर पर परीक्षा के लगभग दो सप्ताह बाद जारी किए जाते हैं। हालांकि आयोग द्वारा सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रिजल्ट की सटीक तिथि और समय के बारे में आधिकारिक घोषणा का इंतजार है.   कैसे चेक कर सकते हैं रिजल्ट? UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं। होम पेज पर उपलब्ध UPSC CSE प्रीलिम्स परीक्षा परिणाम 2025 के लिंक पर क्लिक करें। लॉगिन करने के लिए अपनी पहचान संबंधी जानकारी भरें। स्क्रीन पर अपना रिजल्ट देखें। भविष्य के लिए रिजल्ट का प्रिंटआउट डाउनलोड कर सुरक्षित रखें। 25 मई को हुआ था एग्जाम UPSC प्रीलिम्स 2025 की परीक्षा 25 मई (रविवार) को दो सत्रों में आयोजित हुई थी। इसमें दो वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र थे, प्रत्येक की अवधि दो घंटे और 200 अंक थे। पिछले कुछ सालों के रुझानों के आधार पर माना जा रहा है कि इस साल भी 10 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने यूपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा दी होगी। आमतौर पर आयोग परीक्षा के 15 दिन के भीतर परिणाम घोषित करता है। पिछले सालों की बात करें तो 2023 में परीक्षा 28 मई को हुई थी और रिजल्ट 12 जून को आया, जबकि 2024 में 16 जून को परीक्षा हुई और 1 जुलाई को रिजल्ट जारी हुआ। इसी आधार पर इस साल भी जून के दूसरे हफ्ते में परिणाम आने की प्रबल संभावना है। रिजल्द के बाद क्या होगा अलगा कदम? जो उम्मीदवार UPSC CSE प्रीलिम्स 2025 में सफल होंगे, उन्हें मुख्य परीक्षा (UPSC CSE Mains 2025) में बैठने का मौका मिलेगा। फिलहाल, उम्मीदवार आयोग की वेबसाइट पर जाकर GS Paper 1 और GS Paper 2 के प्रश्न पत्र भी डाउनलोड कर सकते हैं। साथ ही UPSC ने हाल ही में अपना ऑनलाइन एप्लिकेशन पोर्टल भी अपडेट किया है, जहां अब चार चरणों में पंजीकरण प्रक्रिया को पहले से बेहतर और सुविधाजनक बनाया गया है। इस नए सिस्टम का लिंक https://upsconline.nic.in है।

UGC के नए नियम से छात्रों को फायदा, मान्य होंगी पहले से हासिल एक साथ दो डिग्रियां

नई दिल्ली  यूजीसी ने लाखों छात्रों को बड़ी राहत देते हुए एक समय में दो डिग्रियां प्राप्त करने की बाध्यता खत्म कर दी है. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियम में संशोधन करने के बाद एक ही शैक्षणिक सत्र में प्राप्त दोनों डिग्रियां मान्य होंगी, चाहे वे रेगुलर या डिस्टेंस मोड में हों. यह नियम 2022 से पहले प्राप्त एक साथ डिग्रियों पर भी लागू होगा. यूजीसी का नया दिशानिर्देश यूजीसी ने 2025 में अपने दिशानिर्देशों में संशोधन करते हुए घोषणा की कि एक ही शैक्षणिक सत्र में ली गई दो डिग्रियां अब पूरी तरह मान्य होंगी. पहले, एक रेगुलर और एक डिस्टेंस डिग्री को एक साथ लेने की वैधता पर कन्फ्यूजन था और कई मामलों में इसे मान्यता नहीं दी जाती थी. इस फैसले से उन छात्रों को विशेष लाभ होगा, जो एक साथ दो शैक्षणिक कार्यक्रमों को पूरा करना चाहते हैं. केवल इन छात्रों को मिलेगा डुअल डिग्री का फायदा नए नियम के अनुसार, छात्र दोनों डिग्रियां रेगुलर मोड में, बशर्ते कक्षाओं का समय न टकराए या एक डिग्री रेगुलर मोड में और दूसरी ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) या ऑनलाइन मोड में या दोनों डिग्रियां डिस्टेंस या ऑनलाइन मोड में हासिल कर सकते हैं. हालांकि यह नियम डिप्लोमा, ग्रेजुएशन (UG) और पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) पर लागू है, लेकिन पीएचडी और एमफिल कार्यक्रमों पर लागू नहीं है. पहले के यूजीसी नियम पहले यूजीसी के नियम सख्त थे और एक साथ दो डिग्रियों को लेकर स्पष्टता की कमी थी. यूजीसी ने 2012 में एक समिति गठित की थी, जिसने सुझाव दिया कि एक रेगुलर डिग्री के साथ केवल एक अतिरिक्त डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स को डिस्टेंस मोड में लिया जा सकता है. दो रेगुलर डिग्रियों को एक साथ लेने की अनुमति नहीं थी, क्योंकि इससे प्रशासनिक और शैक्षणिक समस्याएं हो सकती थीं.   2020 में यूजीसी ने पहली बार अनुमति दी कि एक रेगुलर डिग्री के साथ एक डिग्री डिस्टेंस या ऑनलाइन मोड में ली जा सकती है. हालांकि, दोनों डिग्रियों को रेगुलर मोड में लेने की अनुमति नहीं थी.   फिर 2022 में यूजीसी ने NEP 2020 के तहत नियमों में ढील दी और छात्रों को दो रेगुलर डिग्रियां एक साथ लेने की अनुमति दी, बशर्ते कक्षाओं का समय न टकराए. लेकिन उस समय तक यह स्पष्ट नहीं था कि 2022 से पहले ली गई दो डिग्रियां मान्य होंगी या नहीं.   पहले की डिग्रियों को मान्यता नए दिशानिर्देशों ने पहले की एक साथ प्राप्त की दो डिग्रियों को मान्यता देने का महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. अब 2022 से पहले एक रेगुलर और एक डिस्टेंस डिग्री लेने वाले छात्रों की डिग्रियां अब वैध मानी जाएंगी. यह उन लोगों के लिए राहत की खबर है, जिन्हें नौकरी या आगे की पढ़ाई में मान्यता को लेकर परेशानी हो रही थी.   यूजीसी का यह नया दिशानिर्देश भारतीय उच्च शिक्षा में एक क्रांतिकारी कदम है, जो छात्रों को अपनी शैक्षणिक और करियर को हासिल करने में मदद करेगा. 2022 से पहले की डिग्रियों को मान्यता देने का फैसला बहुत बड़ी राहत है. अधिक जानकारी के लिए, छात्र यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट ugc.ac.in पर जा सकते हैं.  

रोबोटिक साइंस में रोजगार की अपार संभावनाएं

तकनीक के क्षेत्र में विकास काफी तेजी से हो रहा है। यही वजह है कि आजकल रोबोट का इस्तेमाल तकरीबन हर फील्ड में होने लगा है। ज्यादातर रोबोट की संरचना मानव की तरह ही होती है। इसे बिल्कुल मानवीय अंगों के काम करने के तौर-तरीकों के आधार पर बनाया जाता है। रोबोट की बढ़ती उपयोगिता के कारण रोबोटिक्स के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं काफी तेजी से बढ़ी हैं। इस फील्ड में एंट्री कैसे होती है? रोबोटिक्स के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और कंप्यूटर साइंस की अच्छी नॉलेज या डिग्री जरूर होनी चाहिए। रोबोटिक एक तरह से लॉन्ग टर्म रिसर्च ओरिएंटेड कोर्स है। इस क्षेत्र से जुड़े कुछ स्पेशलाइजेशन कोर्स भी कर सकते हैं, जैसे ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, एडवांसड रोबोटिक्स सिस्टम। इस तरह के कोर्स कई इंजीनियरिंग कॉलेज ऑफर कर रहे हैं। इसके अलावा, स्पेशलाइजेशन के लिए पोस्ट ग्रेजुएट लेवॅल कोर्स भी कर सकते हैं। आमतौर पर मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इंस्ट्रूमेंटेशन, कम्प्यूटर साइंस से ग्रेजुएट कर चुके स्टूडेंट्स इस कोर्स के लिए बेहतर हैं। जॉब की क्या संभावनाएं हैं? इस क्षेत्र में ट्रेंड प्रोफेशनल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। भेल, बीएआरसी और सीएसआईआर फ्रेश ग्रेजुएट की नियुक्ति बतौर वैज्ञानिक करता है। आप चाहें तो पोस्टग्रेजुएशन स्तर पर स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं। माइक्रोचिप मैन्युफैक्चरिंग के लिए इंटेल जैसी कंपनी में बतौर रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस स्पे शलिस्टह के तौर पर नियुक्ति करती है। इसके अलावा, इसरो और नासा में भी रोबोटिक्स के स्पेलशलिस्टस की नियुक्तियां की जाती हैं। वैसे, इस फील्ड में इलेक्ट्रिक व इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल और कंप्यूटर एंड सॉफ्टवेयर फील्ड से जुड़े लोगों की जरूरत अधिक होती है। रोबोट का इस्तेमाल युद्ध क्षेत्र में रोबोट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। यूएवी (अनमैंड एरियल व्हीकल) रिमोट द्वारा नियंत्रित विमान है, जैसे अमेरिकन सेना का ड्रोन विमान अंतरिक्ष में खोज करने के लिए नासा ने कई रोबोट विकसित किए हैं। इन रोबोट को विकसित करने के पीछे नासा का मुख्य मकसद है कि मनुष्यों को अंतरिक्ष की किसी भी खतरनाक स्थिति से बचाया जा सके। ऑपरेशन करने के लिए बेहर स्किल के साथ बेहतर नियंत्रण की आवश्यकता होती है। कई यूरोपियन कंपनियां सोलर पैनल बनाने में रोबोट का इस्तेमाल कर रही हैं।    

MPPSC ने रद्द की तीन प्रमुख भर्तियां, अभ्यर्थियों को मिलेगा आवेदन शुल्क वापस

भोपाल  मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रस्तावित जिला विस्तार एवं माध्यम अधिकारी, संचार अधिकारी, और लोक स्वास्थ्य नर्स अधिकारी पदों की भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। आयोग ने इन पदों के लिए आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क लौटाने का निर्णय भी लिया है। शैक्षणिक योग्यता पर उठा विवाद बना रद्दीकरण का कारण इन भर्तियों के लिए निर्धारित की गई शैक्षणिक योग्यता को लेकर प्रदेशभर में अभ्यर्थियों ने विरोध जताया था। खासकर संचार अधिकारी पद के लिए केवल भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से डिप्लोमा की अनिवार्यता पर सवाल उठाए गए। इसे अन्य संस्थानों से पत्रकारिता की पढ़ाई कर चुके उम्मीदवारों के साथ अन्याय बताया गया। विवाद के चलते विभाग की सिफारिश पर आयोग ने भर्ती प्रक्रिया रद्द करने का फैसला लिया है। अब इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता की पुनर्समीक्षा की जाएगी और इसके बाद संशोधित अधिसूचना जारी की जाएगी। नर्स अधिकारी पद का विज्ञापन भी रद्द लोक स्वास्थ्य नर्स अधिकारी पद की परीक्षा का विज्ञापन भी रद्द कर दिया गया है। विभाग द्वारा भेजे गए मांगपत्र और आयोग द्वारा जारी विज्ञापन में शैक्षणिक योग्यता को लेकर विरोधाभास पाया गया। यह नियमानुसार नहीं था, इसलिए आयोग ने इस भर्ती को भी निरस्त कर दिया। आवेदन शुल्क वापसी की प्रक्रिया आयोग ने तीनों भर्तियों के लिए आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को शुल्क वापस करने की घोषणा की है। इसके लिए आवेदन ऑनलाइन मोड में करना होगा: जिला विस्तार एवं संचार अधिकारी पद के लिए आवेदन: 🗓 26 जून से 6 जुलाई 2025 तक लोक स्वास्थ्य नर्स अधिकारी पद के लिए आवेदन: 🗓 24 जून से 6 जुलाई 2025 तक

फिटनेस ट्रेनर बनने से पहले जरा इन बातों पर भी दें ध्यान

आप नौ-दस घंटे की सिटिंग जॉब करते हों या फास्ट फूड के शौकीन हो, व्यायाम को लेकर आलसी हो या हेल्दी डाइट के प्रति जागरूक न हो तो आप अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और शायद हर बार गलती आपकी नहीं होती। या तो आप बहुत व्यस्त होते हैं या फिर आपको उचित डाइट की जानकारी नहीं होती। अब क्या किया जाए? ऐसे में आपको आवश्यकता है एक अच्छे फिटनेस ट्रेनर की। एक अच्छा फिटनेस ट्रेनर आपको न सिर्फ आपकी सेहत की अनुसार व्यायाम की जानकारी देगा बल्कि अलग-अलग डाइट के बारे में आपकी जानकारी भी बढ़ाएगा। रोजमर्रा की भागदौड़ को भूलाने, मानसिक तनाव से जूझते और शरीर को सही आकार में रखने के लिए व्यायाम आवश्यक है। वह जमाना गया जब पर्सनल ट्रेनर सिर्फ खिलाड़ियों, एथलीट या बड़े सेलिब्रिटी के लिए ही होते थे। आज लोग फिट रहने और वहां काम करने के लिए एरोबिक्स इंस्ट्रक्टर, योगा इंस्ट्रक्टर तथा पर्सनल ट्रेनर की मांग करते हैं। कैरियर के अवसर आज फिटनेस ट्रेनर की मांग जिम, बड़े होटल, हेल्थ क्लब, फिटनेस सेंटर, स्पा, टूरिस्ट रिसॉर्ट जैसी तमाम जगहों पर है। कुछ समय का अच्छा अनुभव लेकर आप स्वयं का फिटनेस सेंटर भी शुरू कर सकते हैं। यहां तक कि बड़ी-बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां भी अपने कर्मचारियों के लिए समय-समय पर वर्कपैलेस वेलनेस तथा फिटनेस प्रोग्राम का आयोजन करती हैं, जहां फिटनेस ट्रेनर की जबरदस्त मांग होती है। फिटनेस इंडस्ट्री आज अपनी चरम सीमा पर है। आज भारत में फिटनेस उद्योग 2, 000 करोड़ रुपए से भी अधिक पर हिस्सा रखता है। हाई टेक जिम और हेल्थ क्लब ने इसको युवाओं के बीच और अधिक प्रचलित बनाया है। कोर्स के बाद आप इसमें से किसी भी कैरियर का चुनाव कर सकते हैं: एथलीट ट्रेनर, डाइटिशियन, स्पोटर्स कोच, फिजिकल थेरेपिस्ट। कार्य का दायरा एक फिटनेस ट्रेनर के तौर पर आपको शारीरिक फिटनेस के साथ साथ एरोबिक्स, फैलेक्सीबिल्टी ट्रेनिंग, बीएमआई, पोषण तथा ट्रेनिंग से जुड़े समस्त उपकरणों आदि का ज्ञान होना अनिवार्य है। इससे लोगों को सही सलाह देने में आसानी होती है। यदि आपको ये समस्त जानकारी है, तो आप उनके शरीर के ढांचे और वजन को देखते हुए उनके लिए एक अच्छी डाइट निर्धारित कर सकते और फिट रहने के लिए उपकरणों के सही प्रयोग के बारे में ज्ञान दे सकते हैं। -एक फिटनेस ट्रेनर को फिटनेस, न्यूट्रिशन, वेट मैनेजमेंट, स्ट्रैस रिडियूशन, हेल्थ रिस्क मैनेजमेंट आदि जैसे विषयों पर ध्यान देना होता है। -एरोबिक्स इंस्ट्रक्टर के तौर पर आप वर्कआउट सत्र में एरोबिक्स, स्ट्रेचिंग तथा मसल्स एक्सरसाइस पर ध्यान देते हैं। -खेल जगत में एथलीट का स्टेमिना बढ़ाने के लिए आप जॉगिंग, वेट लिफ्टिंग, पुशअप जैसे विशेष व्यायामों पर जोर देते हैं। -यदि आप एक योग व नेचुरोपेथी एक्सपर्ट हैं तो आप प्रकाशित तौर पर व्यायाम से रोग-मुक्त रहने के गुर भी सीखते हैं। -इस कार्य में आपको अच्छी बातचीत और व्यावहारिक कला भी आनी चाहिए, क्योंकि आप कई प्रकार के लोगों के संपर्क में आते हैं। हालांकि कोर्स के तुरंत बाद मासिक आय थोड़ी कम होती है, पर अनुभव के साथ-साथ यदि आप हाइ-एंड फिटनेस सेंटर, स्पा और रिसॉर्ट से जुड़कर काफी अच्छा कमा सकते हैं। कहां से कोर्स करें? फिटनेस ट्रेनिंग के कोर्स की अगर बात की जाए तो आप नाइक एरोबिक्स कोर्स या रिबॉक इंस्ट्रक्टर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम जैसे प्रोफेशनल कोर्स भी कर सकते हैं, जो मुंबई के तलवालकर संस्थान जैसे कई स्थानीय स्तर पर कराए जाते हैं। ये बेसिक कोर्स करीब 80 घंटे की अवधि के होते हैं, जिसमें से 30 घंटे थ्योरी से सिद्धांत पढ़ाए जाते हैं और बाकी भाग प्रैक्टिकल सैशन का होता है। -रिबॉक इंडिया वर्ष में 2 बार रिबॉक इंस्ट्रक्टर एलीयांस प्रोग्राम आयोजित करता है। -यदि आप योग तथा नेचुरोपेथी में स्नातक होना चाहते हैं तो भारत में ये कोर्स करीब साढ़े पांच साल का होता है। -सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन योग एंड नेचुरोपैथी ने इसमें 1 वर्ष डिप्लोमा कोर्स भी शुरू किया है। भारत में इसके कुल 17 केंद्र हैं। फिजिकल एजुकेशन में स्नातक व स्नाकोत्तर के साथ कई अन्य कोर्स उपलब्ध कराने वाले कुछ प्रमुख संस्थान निम्नलिखित हैं: -इंदिरा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोटर्स साइंस, दिल्ली। -लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन। -साई, एनएस साउथ सेंटर, यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु। -साई, एनएस ईस्टन र्सेंटर, साल्ट लेक सिटी, कोलकाता।  

MP शिक्षा अधिकारियों की खली पदों पर भर्ती शुरू, संचनालय ने जारी कर किया आदेश

भोपाल मध्यप्रदेश में तबादलों का मौसम इस समय चरम पर है। रोज़ाना किसी न किसी विभाग से तबादला आदेश जारी हो रहा है और इसी बीच रिक्त पदों को भरने की कवायद भी तेज़ हो गई है। खासतौर पर शिक्षा विभाग ने अब ज़िला शिक्षा अधिकारियों (DEO) के खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। क्यों ज़रूरी है DEO पदों की पूर्ति प्रदेश में कई जिलों में लंबे समय से ज़िला शिक्षा अधिकारी के पद रिक्त हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। इसी समस्या को सुलझाने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक केके द्विवेदी ने सभी जिलों को एक महत्त्वपूर्ण पत्र जारी किया है। इस पत्र में बताया गया है कि प्रशासनिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए संचालनालय स्तर पर एक परीक्षण समिति का गठन किया गया है, जो योग्य लोकसेवकों का चयन करेगी। 5 जून को भोपाल बुलाए गए इच्छुक लोकसेवक जिन अधिकारियों ने DEO पद के लिए सहमति जताई है, उन्हें 5 जून 2025 को सुबह 10:00 बजे भोपाल स्थित लोक शिक्षण संचालनालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। संचालक ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा है कि वे अपने जिले के योग्य और इच्छुक लोकसेवकों की सहमति/असहमति तत्काल संलग्न प्रारूप में भेजें। ईमेल से भेजनी होगी जानकारी एक और जरूरी अपडेट संबंधित लोकसेवकों के सहमति पत्र को ईमेल (est1-dpi@mp-gov.in) पर भेजना अनिवार्य किया गया है। साथ ही, सहमति देने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध यदि कोई विभागीय जांच, लोकायुक्त प्रकरण, ईओडब्ल्यू, या अन्य आपराधिक मामला लंबित है, तो उसकी जानकारी भी भेजनी होगी। तबादलों की अंतिम तारीख 10 जून तक बढ़ी प्रदेशभर में अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले जारी हैं और अब सरकार ने इसकी अंतिम तिथि 10 जून 2025 तक बढ़ा दी है। ऐसे में कई विभागों ने आंतरिक स्तर पर खाली पदों को भरने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, जिससे प्रशासनिक कामकाज और अधिक प्रभावी हो सके। अगर आप शिक्षा विभाग में हैं और जिला शिक्षा अधिकारी पद पर पदस्थापना की इच्छा रखते हैं, तो ये आपके लिए सुनहरा मौका है। विभागीय ईमेल पर सहमति पत्र भेजें और तय तिथि पर भोपाल पहुँचें क्योंकि ये बदलाव सिर्फ स्थान का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का भी है।

3 अगस्त को होगा NEET PG एग्जाम, NBE से ये तीखे सवाल पूछने के बाद SC का फैसला

नई दिल्ली NEET PG 2025 New Date: नीट पीजी एग्जाम अब 3 अगस्त 2025 को आयोजित किया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBE) की याचिका को मंजूरी देते हुए NEET-PG 2025 परीक्षा को 15 जून से स्थगित कर 3 अगस्त 2025 को आयोजित करने की अनुमति दे दी है. यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि कोर्ट ने पहले आदेश दिया था कि परीक्षा को दो पालियों के बजाय एक ही पाली में आयोजित किया जाए.   सुनवाई के दौरान NBE ने बताया कि एक पाली में परीक्षा आयोजित करने के लिए उन्हें अतिरिक्त 450 परीक्षा केंद्रों की आवश्यकता होगी, क्योंकि पहले 450 केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा हो रही थी. NBE के वकील ने कहा कि नए केंद्रों की पहचान, उनकी सुरक्षा, तकनीकी जरूरतों और कर्मचारियों की व्यवस्था में समय लगेगा. उन्होंने बताया कि उनके तकनीकी साझेदार TCS को इन तैयारियों के लिए समय चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने NBE से पूछे तीखे सवाल हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने NBE से सवाल किया कि इतने लंबे समय (3 अगस्त तक) की जरूरत क्यों है, क्योंकि TCS पहले से ही केंद्रों की जानकारी रखता है. कोर्ट ने कहा, “आप प्रक्रिया में देरी कर रहे हैं. यह छात्रों के लिए अतिरिक्त दबाव बनाता है.” कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि TCS को केवल केंद्रों की उपलब्धता जांचनी है, न कि नए केंद्रों की तलाश करनी है. SC ने नीट पीजी 3 अगस्त को कराने की अनुमति दी NBE ने कहा कि वे परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करना चाहते. इस पर कोर्ट ने सहमति जताते हुए कहा कि वे भी यही चाहते हैं. अंत में, NBE द्वारा दी गई दलीलों और दस्तावेजों को देखते हुए कोर्ट ने 3 अगस्त, 2025 को परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दे दी, लेकिन साफ कर दिया कि अब और समय नहीं दिया जाएगा. इसके साथ ही, NBE को निर्देश दिया गया कि वह छात्रों को नए परीक्षा केंद्र चुनने का मौका दे और परीक्षा प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा करे. यह फैसला 2 लाख से अधिक NEET-PG उम्मीदवारों के लिए राहत और स्पष्टता लेकर आया है, जो इस महत्वपूर्ण परीक्षा की तारीख को लेकर अनिश्चितता का सामना कर रहे थे. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या-क्या हुआ- कोर्ट- आपको अगस्त तक का समय चाहिए? इतना समय क्यों? आपको केवल पहचान करनी है और आपने अभी तक प्रक्रिया शुरू नहीं की है? पिछले सप्ताह आदेश दिया गया था. आप देरी कर रहे हैं! इसके लिए आपको दो महीने चाहिए? केवल केंद्र ही खोजने हैं काउंसल- केंद्र खोजने के बाद छात्रों को केंद्र चुनने का नया अवसर दिया जाना चाहिए. और भी बातें हैं… कोर्ट- हम जानते हैं कि टीसीएस कैसे काम करती है. आप जो समय मांग रहे हैं वह बहुत लंबा है. पूरी प्रक्रिया में देरी हो रही है. छात्रों पर अतिरिक्त समय की वजह से अतिरिक्त दबाव है. एनबीई के वकील– सुनिश्चित करना होगा कि केंद्र सुरक्षित हों, उनमें तकनीकी आवश्यकताएँ हों और आवश्यक जनशक्ति हो याचिकाकर्ता- टीसीएस के 60,000 केंद्र हैं. एनबीई– केंद्र खोजना मुश्किल है. कोर्ट- टीसीएस केवल चयन की पूरी प्रक्रिया में है, उन्हें सभी केंद्रों की जानकारी है. उन्हें बस यह देखना है कि केंद्र उपलब्ध हैं या नहीं. एएसजी– अब दोगुने केंद्रों की जरूरत होगी. कोर्ट– मुझे नहीं पता कि आप इतना लंबा समय क्यों चाहते हैं. एनबीई- हम नहीं चाहते कि परीक्षा में किसी भी तरह से समझौता हो. कोर्ट- हम भी ऐसा नहीं चाहते. कोर्ट ने 3 अगस्त तक का समय देने पर सहमति जताई. कोर्ट- एनबीई द्वारा अनुरोध किया गया कि 3 अगस्त उसके प्रौद्योगिकी भागीदार टीसीएस द्वारा दी गई सबसे प्रारंभिक संभावित तिथि है. संलग्न कागजातों को देखने के बाद, हम संतुष्ट हैं कि विस्तार और इसे पुनर्निर्धारित करने की प्रार्थना उचित है. हमारे पिछले आदेश द्वारा नीट परीक्षा आयोजित करने के लिए दी गई समय सीमा बढ़ा दी गई है.  अब कोई और विस्तार नहीं दिया जाएगा.  

यूपी पुलिस में होनी है 24 हजार पदों पर सीधी भर्ती

लखनऊ  प्रदेश पुलिस में जल्द करीब 24 हजार पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी होगा। उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। शासन की हरी झंडी मिलते ही इसका विज्ञापन जारी कर अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे। सूत्राें की मानें तो आगामी 15 जून तक विज्ञापन जारी हो सकता है। पहले यह अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में जारी करने की तैयारी थी। डीजीपी मुख्यालय ने भर्ती बोर्ड को सिपाही के 19,220 पदों और उप निरीक्षक के 4543 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव बीते दिनों भेजा था। इनमें सिपाही पीएसी के 9837, सिपाही पीएसी महिला वाहनी के 2282, सिपाही नागरिक पुलिस के 3245, सिपाही पीएसी/सशस्त्र पुलिस 2444, सिपाही विशेष सुरक्षा बल के 1341 और घुड़सवार पुलिस के 71 पद (कुल 19220) पद शामिल थे। इसी तरह उप निरीक्षक के 4543 पदों का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें उप निरीक्षक नागरिक पुलिस के 4242 पद, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस/प्लाटून कमांडर महिला वाहिनी बदायूं, गोरखपुर, लखनऊ के 106 पद, प्लाटून कमांडर/उप निरीक्ष सशस्त्र पुलिस के 135 पद, उप निरीक्षक/प्लाटून कमांडर विशेष सुरक्षा बल के 60 पद शामिल हैं। अब इन पदों पर भर्ती के लिए बोर्ड द्वारा विज्ञापन जारी करने की तैयारी है। बता दें कि मंगलवार को कैबिनेट ने उपनिरीक्षकों की भर्ती में तीन वर्ष की छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। करीब 35 लाख आवेदन आने की संभावना सिपाही और उप निरीक्षक के पदों पर भर्ती के लिए करीब 35 लाख आवेदन आने की उम्मीद जताई जा रही है। बता दें कि बीते दिनों सिपाही नागरिक पुलिस के 60,244 पदों पर सीधी भर्ती के लिए करीब 48 लाख आवेदन आए थे। इस बाद भर्तियों में अधिकांश पद पीएसी आदि के होने की वजह से 35 लाख से अधिक आवेदन होने की संभावना जताई जा रही है।

जगदलपुर : नवीन संगीत महाविद्यालय जगदलपुर में प्रवेश हेतु 15 जून तक आवेदन पत्र आमंत्रित

जगदलपुर नवीन शासकीय संगीत महाविद्यालय जगदलपुर में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के तहत बीपीए पाठ्यक्रम अंतर्गत 40 सीटों पर प्रवेश जारी है। इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए 15 जून 2025 तक आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। उक्त महाविद्यालय वर्तमान में बस्तर एकेडमी डांस आर्ट एवं लिटरेचर (बादल) आसना जगदलपुर में संचालित है। यहां शास्त्रीय गायन (हिन्दुस्तानी), लोकसंगीत, कथक नृत्य विषय संचालित है। विद्यार्थियों को इसमें से कोई एक मुख्य विषय एवं कोई एक सहायक विषय लेना होगा। साथ ही हिन्दी भाषा या अंग्रेजी भाषा तथा पर्यावरण विषय अनिवार्यतः लेना होगा। उक्त बीपीए पाठ्यक्रम स्नातक में चार वर्ष की डिग्री कोर्स है। यह महाविद्यालय इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से संबंद्ध है। संगीत सीखने के इच्छुक अभ्यर्थी प्रवेश हेतु आवेदन फार्म शासकीय दंतेश्वरी पीजी महिला महाविद्यालय जगदलपुर अथवा बस्तर एकेडमी, बादल आसना जगदलपुर से प्राप्त कर सकते हैं। प्राचार्य नवीन संगीत महाविद्यालय जगदलपुर से मिली जानकारी के अनुसार प्रवेश के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों के आधार पर प्रावीण्यता सूची तैयार की जाएगी और आवश्यकता अनुसार अभिरुचि परीक्षा ली जाएगी। चयन सूची 30 जून 2025 को जारी की जाएगी और सीट रिक्त होने की स्थिति में द्वितीय सूची निकाली जाएगी।

जेनेटिक इंजीनियरिंग में करियर

        जेनेटिक इंजीनियरिंग विज्ञान का एक अत्याधुनिक ब्रांच है। जिसमें सजीव प्राणियों के डीएनए कोड में मौजूद जेनेटिक को अत्याधुनिक तकनीक केजरिए परिवर्तित किया जाता है। यह क्षेत्र बायोटेक्नोलॉजी के अंतर्गत ही आता है। जेनेटिक इंजीनियरिंग का कमाल कुछ वर्ष पहले ही दुनिया देख चुकी है, जब इयान विल्मुट और उनके सहयोगी रोसलिन ने जेनेटिक तरीके से भेड़ का बच्चा तैयार किया, जिसे डोली दिया था। यह हुबहु भेड़ का जेनेटिक कॉपी था। इन दिनों जेनेटिक इंजीनियर की डिमांड इंडिया के साथ-साथ विदेश में तेजी से बढ़ रहा है। क्या है जेनेटिक इंजीनियरिंग जेनेटिक तकनीक के जरिए जींस की सहायता से पेड़-पौधे, जानवर और इंसानों में अच्छे गुणों को विकसित किया जाता है। जेनेटिक तकनीक के द्वारा ही रोग प्रतिरोधक फसलें और सूखे में पैदा हो सकने वाली फसलों का उत्पादन किया जाता है। इसके जरिए पेड़-पौधे और जनवरों में ऐसे गुण विकसित किए जाते हैं, जिसकी मदद से इनके अंदर बीमारियों से लडने की प्रतिरोधिक क्षमता विकसित की जाती है। इस तरह के पेड़-पौधे जीएम यानी जेनेटिकली मोडिफाइड फूड के रूप में जाने-जाते हैं। बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जेनेटिक इंजीनियरिंग का इस्तेमाल बृहत पैमाने पर होता है, क्योंकि यह इंडस्ट्री फॉमास्युटिकल प्रोडक्ट जैसे कि इंश्युलीन और दूसरे दवाइयों के लिए एक हद तक जेनेटिक पर ही निर्भर रहती है। योग्यता और कोर्स योग्य जेनेटिक इंजीनियर उसे ही माना जा सकता है, जिनके पास जेनेटिक और इससे संबंधित फील्ड में ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट डिग्री हो, जैसे कि बायोटेक्नोलॉजी, मोलिक्युलर बायोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री। इस कोर्स में एंट्री के लिए 12वीं बायोलॉजी, केमिस्ट्री और मैथ से पास होना जरूरी है। इस समय अधिकतर यूनिवर्सिटी और इंस्टीट्यूट में जेनेटिक इंजीनियरिंग के लिए अलग से कोर्स ऑफर नहीं किया जाता है, लेकिन इसकी पढ़ाई बायोटेक्नोजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री में सहायक विषय के रूप में होती है। बायोटेक्नोलॉजी के अडंर ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट में जेनेटिक इंजीनियरिंग में स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं। गेेजुटए कोर्स, बीईध्बीटेक में एंट्री प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है। एमएससी इन जेनेटिक इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी हर साल 120 सीटों के लिए संयुक्त परीक्षा का आयोजन करती है। तकरीबन 20 हजार छात्र इस परीक्षा में बैठते हैं। उगा अंको के आधार पर 20 छात्र को जेएनयू परिसर, नई दिल्ली में एडमिशन दे दिया जाता है। जेनेटिक डिग्री कोर्स के लिए भी यहां कुछ सीटें निश्चित हैं। इसके लिए भी एंटे्रस टेस्ट में बैठना जरूरी है। रोजगार के अवसर जान-मानी करियर एक्सपर्ट परवीन मलहोत्रा कहती हैं कि जेनेटिक इंजीनियर के लिए भारत के साथ-साथ विदेश में भी जॉब के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। इनके लिए मुख्यत रोजगार के अवसर मेडिकल व फार्मास्युटिकल कंपनी, एग्रीकल्चर सेक्टर, प्राइवेट और सरकारी रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर में होते हैं। टीचिंग को भी करियर ऑप्शन के रूप में आजमा जा सकता है। इसके अलावा, इनके लिए रोजगार के कई और भी रास्ते हैं। बायोटेक लेबोरेटरी में रिसर्च, एनर्जी और एंवायरनमेंट से संबंधित इंडस्ट्री, एनिमल हसबैंड्री, डेयरी फार्मिंग, मेडिसन आदि में भी रोजगार के खूब मौके हैं। कुछ ऐसे संस्थान भी हैं, जो जेनेटिक इंजीनियर को हायर करती है, जैसे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी, नई दिल्ली, सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंट ऐंड डाइग्नोस्टिक, हैदराबाद, बायोकेमिकल इंजीनियरिंग रिसर्च ऐंड प्रोसेस डेवलॅपमेंट सेंटर, चंडीगढ़, द इंस्टीट्यूट ऑफ जिनोमिक ऐंड इंटेग्रेटिव बायोलॉजी, दिल्ली आदि। सैलॅरी पैकेज जेनेटिक इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री रखने वाले स्टूडेंट्स को शुरुआती दौर में आठ से 12 हजार रुपये प्रति माह सैलॅरी मिलने लगती है। यदि आपके पास डॉक्ट्रोरल डिग्री है, तो सैलॅरी 15-25 हजार रुपये शुरुआती महीनों में हो सकती है। इंस्टीट्यूट वॉच… -इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मद्रास, खडगपुर -आईआईटी गुवाहाटी -आईआईटी, दिल्ली -दिल्ली यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली -उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद -पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, लुधियाना -राजेंद्र एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, समस्तीपुर, बिहार -जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली -बनारस हिंदु यूनिवर्सिटी, वाराणसी -ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, नई दिल्ली  

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