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आर्म रेसलर सचिन गोयल बने 2024 के चैम्पीयन ऑफ चैम्पीयन

Arm wrestler Sachin Goyal became the Champion of Champions of 2024. विषेश संवादाता ग्वालियर । ग्वालियर आर्म रेसलिंग चैम्पियनशिप 2024 का आयोजन 22 जनवरी को बाल भवन मे किया गया। कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के रूप में आर्म रेसलिंग वेल्फेयर एसोसिएशन के सचिव डॉ आदित्य भदौरिया व डॉ विशाल यादव तथा हरेन्द्र निगम, रामकिशोर सिंह जिला क्रीडा अधिकारी, गुरमीत सिंह राणा विशिष्ट अतिथि के रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर संस्था के सचिव डॉ भदौरिया ने कहा कि ग्वालियर आर्म रेसलिंग अपनी धाक देश एवं विदेश में जमाता जा रहा है, देश व विदेश में आयोजित आर्म रेसलिग प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ीयों का प्रशिक्षण बिड़ला नगर स्थित आर्म रेसलिंग एकेडमी मे वर्ल्ड चैम्पियन मनीष कुमार द्वारा दिया जा रहा है। साथ ही डॉ यादव ने सभी विजेता खिलाड़ीयो को बेहतर प्रदर्शन के लिए बधाई दी। प्रतियोगिता में लगभग 150 खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में चैम्पियन ऑफ चैम्पियन सब जूनियर वर्ग मे अभिषेक मौर्य, दिव्यांग वर्ग में अरविन्द रजक, महिला वर्ग में भावना गोस्वामी, युवा वर्ग में गुलशन मॉझी तथा जूनियर वर्ग में आयुष कौशल विजेता रहे। मध्य प्रदेश आर्म रेसलिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ केशव पाण्डेय ने सभी प्रतिभागियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए बधाई दी।कार्यक्रम के अंत मे दीपक जामोर ने पधारें हुए अतिथियों व प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों का आभार प्रकट किया।

ग्वालियर सेंट्रल जेल में राम धुन ,भजन कीर्तन का आयोजन

Ram Dhun, Bhajan Kirtan organized in Gwalior Central Jail ग्वालियर ! सेंट्रल जेल में बने नवनिर्मित मंदिर में राम परिवार की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन 22 जनवरी को होगा जिसके लिए ग्वालियर सेंट्रल जेल में राम धुन शुरू हो चुकी है और 22 जनवरी तक अनवरत यह जारी रहेगी.खास बात यह है कि इस मंदिर में भी प्राण प्रतिष्ठा भगवान राम की होगी और वह भी जिस घड़ी अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा होगी तभी खास बात है कि सेंट्रल जेल में चल रही राम धुन में हिंदू कैदियों के साथ ही मुस्लिम धर्म से जुड़े बंदी भी इस आयोजन में अपना सहयोग दे रहे हैं. केंद्रीय जेल में भी भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी इसके लिए जेल में एक नया मंदिर भी बनाया गया है इसके अलावा इसी मंदिर के साथ-साथ जेल के दूसरे सेक्टर में मां भगवती के लिए भी एक नया मंदिर बनाया गया है जिसमें मां माता रानी की भी प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी इस दौरान मंदिर में पूरा भक्ति में माहौल देखने को मिल रहा है कैदी भी भजन कीर्तन करने में लगे हुए हैं। यहां 24 घंटे रामधन बजाई जा रही है जिसमें सेंट्रल जेल के कैदी शामिल हो रहे हैं और 22 जनवरी तक प्राण प्रतिष्ठा होने तक अनवरत जारी रहेगा. जेलर विदित सिरवैया ने बताया किभगवान राम की जो स्थापना की जानी है। उसके लिए भगवान की मूर्ति जयपुर से लाई गई है इस मूर्ति की ऊंचाई लगभग ढाई फीट बताई जा रही है। मूर्ति में पूरा राम दरबार समाया हुआ है। मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा से पहले संपूर्ण हवन चल रहा है। और रोजाना प्राण प्रतिष्ठा के लिए पाठ किया जा रहा है। जिसमें जेल के कैदी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं और निरंतर जाप भी कर रहे हैं।

ग्वालियर में वाहनों पर श्री राम की झंडिया भी लगाई गई

Shri Ram flags were also installed on vehicles in Gwalior. ग्वालियर ! 22 जनवरी को अयोध्या में हो रहे राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर देश भर में उत्साह का माहौल है ! ऐसे में ग्वालियर में नमो नमो ग्रुप द्वारा शहर के बाजारों और चौराहों में अभियान चलाकर वाहन चालकों के वहां पर श्री राम नाम की झंडिया लगाई गई ! ग्वालियर फूलबाग पर पहुंचे नमो नमो ग्रुप के सदस्यों के साथ भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष अभय चौधरी सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे ! जहां वाहन चालकों को रोक कर 22 जनवरी को अयोध्या में हो रहे ! प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजन की जानकारी दी गई इसके साथ वाहनों पर श्री राम की झंडिया भी लगाई गई ! इस दौरान जय श्री राम के नारों से फूल बाग चौराहा गूंज उठा !

संस्कृति, सभ्यता और शिल्प का प्रतिमान “ममेत्रि“ 

Model of culture, civilization and craft “Mametri” मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा का स्थापना दिवस आज भारत के संघीय इतिहास में 21 जनवरी की तारीख का खास महत्व है। 1972 में इसी दिन मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा के रूप में तीन नये राज्यों का उदय हुआ। पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा  यानी “ममेत्रि“ को अस्तित्व में आए पांच दशक हो गए हैं। इन तीनों प्रदेशों की संस्कृति, सभ्यता, रहन, सहन, तीज-त्योहार और  शिल्प लोगों को खासा आकर्षित करता है। गीत-नृत्य और संगीत की तो बात ही निराली है। तीनों राज्यों के स्थापना दिवस पर करते हैं वहां की संस्कृति,सभ्यता और प्रकृति के दर्शन।  डॉ. केशव पाण्डेय अतिथि संपादक ममेत्रि में सबसे पहले बात करते हैं मणिपुर की, छोटा सा अनोखा और अलौलिक राज्य मणिपुर रंगों से जीवंत है और प्राचीन परंपराओं और समृद्ध संस्कृतिक प्रतिमानों का मिश्रण है। राज्य का इतिहास और रीति-रिवाज दुनिया के  लोगों को आकर्षित करती है। आस्था और अंधविश्वास हमेशा विदेशियों को मंत्रमुग्ध करते रहे हैं। कला और संस्कृति के क्षेत्र में, राज्य का सबसे अच्छा प्रतिनिधित्व इसके शास्त्रीय और लोक नृत्य रूपों द्वारा किया जाता है। रासलीला- मणिपुरी शास्त्रीय नृत्य का प्रतीक, राधा-कृष्ण के दिव्य और शाश्वत प्रेम के माध्यम से बुना गया है। यह सुंदर नृत्य कृष्ण और राधा के उदात्त और पारलौकिक प्रेम और भगवान कृष्ण के प्रति गोपी की भक्ति को प्रकट करता है।  त्योहारों की बात करें तो मन में मिठास घुल जाती है। लाई हराओबा एक वासंतिक त्योहार है, जो शांति और समृद्धि के तौर पर पारंपरिक और प्रतीकात्मक नृत्य का प्रतीक है। विविध और रंगीन आदिवासी लोक नृत्य आदिवासी जीवन शैली की प्रकृति, सृजन और सौंदर्यवाद की अभिव्यक्ति हैं। लुई-नगाई-नी जैसे आदिवासी त्योहारों में रंगीन वेशभूषा, नृत्य चाल और अद्वितीय अनुष्ठान बेहद राजसी और आकर्षक होते हैं जो आने वाले पर्यटकों का मन मोह लेते हैं।  मणिपुर के डोल जात्रा, रथ जात्रा, लाई-हरोबा, रामजन आईडी, कुट, गैंग-नगाई, चुम्फा, चेइराओबा, हेइक्रू हिडोंगबा, लुई-नगाई-नी और क्वाक जात्रा प्रमुख त्यौहार हैं। इन्नाफी और फानेक महिलाओं के लिए सबसे आम मणिपुरी पारंपरिक पोशाक हैं। मीताई महिलाएं एक कपड़ा सिलती हैं जिसे कनाप फानेक कहा जाता है। जिस पर अनेक सुंदर डिज़ाइन होते हैं। ’लाई-फी’ और ’चिन-फी’ अन्य मणिपुरी पारंपरिक पोशाक हैं। सफेद पगड़ी पुरुषों की पसंद है। खमेन चत्पा उच्च वर्ग के पुरुषों द्वारा पहना जाता है। मणिपुर में नृत्य संस्कृति का एक अभिन्न अंग है, और दर्शकों के लिए, यह अपनी गीतात्मक सुंदरता और लय के कारण एक आनंद की अनुभूति है। कहा जाता है कि राजा खुयोई तोमपोक कला और संस्कृति के बहुत बड़े प्रेमी थे और उन्होंने दूसरी शताब्दी ईस्वी में मणिपुरी नृत्य का विकास किया था। 15वीं शताब्दी में वैष्णववाद की शुरुआत के बाद, नृत्य शैली परिचित और बहुत आम होने लगी। रास लीला और राधा-कृष्ण की प्रेम की कहानी सबसे प्रसिद्ध नृत्य शैली है। नुपा पाला यानी कार्तल चोलोम या झांझ नृत्य के नाम से भी जाना जाता है। पंगु चोलोम देवताओं को बुलाने के आव्हान के लिए किया जाता है। यह मणिपुरी सांकृतना संस्कृति की आत्मा है। इशेई गीत का दूसरा रूप है जो पेना नामक संगीत वाद्ययंत्र की मदद से बजाया जाता है। मेघालय : प्राकृतिक सुंदरता का खजाना   प्राकृतिक रूप से मनोरम मेघालय में अनेक गुफ़ाएँ, पर्वत शिखर, बाग़, झील-रिज़ॉर्ट स्थल, ख़ूबसूरत दृश्यावलियाँ, गर्म पानी के सोते और जलप्रपात हैं। प्रमुख पर्यटक स्थल हैं-शिलांग, उमियाम, चेरापूँजी, मॉसिनराम, जाक्रीयम, माईरांग, जोवाई, नार्तियांग, थदलाशीन, तुरा, सीजू और बलपाक्रम राष्ट्रीय उद्यान। मेघालय में ‘का पांबलांग-नोंगक्रेम’ खासियों का एक प्रमुख धार्मिक त्योहार है। पांच दिवसीय यह त्योहार शिलांग से लगभग 11 किमी की दूरी पर स्थित ’स्मित’ नामक गांव में मनाया जाता है। ’शाद सुक मिनसीम’ खासियों का महत्वपूर्ण त्योहार है। जबकि ’बेहदीनखलम जयंतिया’ आदिवासियों का महत्वपूर्ण त्योहार है। गारो आदिवासी सलजोंग (सूर्य देवता) नामक देवता के सम्मान में अक्टूबर-नवंबर में ’वांगला’ नामक त्योहार मनाते हैं। मेघालय के लोग मेहमान नवाज़, खुशमिजाज़ और मिलनसार माने जाते हैं। परंपरागत रूप से, खासी मानते हैं कि उनका धर्म ईश्वर प्रदत्त है और एक सर्वोच्च ईश्वर, निर्माता ’यू ब्लेईनोंगथॉ’ के विश्वास पर आधारित है। खासी धार्मिक प्रवृति के लोग हैं जिन्हें अपने जीवन से असीम प्रेम है। मौजूदा परिवेश में तीनों राज्य वक्त के साथ कदमताल कर रहे हैं और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं। त्रिपुरा : लोक संस्कृति की समृद्ध विरासत   भारत का तीसरा सबसे छोटा राज्य है त्रिपुरा। अगरतला इसकी राजधानी है। त्रिपुरा में बंगाली और मणिपुरी समुदायों के साथ-साथ 19 आदिवासी समुदाय हैं। जो त्रिपुरा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत में योगदान करते हैं। यहां की संस्कृति उस संस्कृति और परंपरा का मिश्रण है जिसका ये समुदाय पालन करते हैं। अपनी संस्कृति और परंपरा में समृद्ध है यह राज्य। प्रत्येक जनजाति की अपनी सांस्कृतिक गतिविधियाँ हैं। उनके पास अपना विशिष्ट नृत्य और संगीत है, जो मुख्य रूप से लोक प्रकृति का है। लोक गीत और नृत्य शादियों, धार्मिक और अन्य त्योहारों जैसे अवसरों पर किए जाते हैं। बिज़ू नृत्य, लेबांग बूमनी नृत्य, गरिया नृत्य, हाई हक नृत्य, झूम नृत्य आदि त्रिपुरा के कुछ महत्वपूर्ण नृत्य और गीत रूप हैं। यह अनेक मेलों और त्योहारों की भूमि भी है। आदिवासी समुदाय साल भर अलग-अलग त्योहार मनाता है। बुइसू या बिसु, गरिया और गजन महोत्सव, होजागिरी, खारची त्यौहार, केर त्यौहार जैसे त्यौहार त्रिपुरा के आदिवासियों द्वारा मनाए जाते हैं। उसी के अनुरूप अन्य गैर आदिवासी समुदाय दुर्गा पूजा, दिवाली, होली और कई अन्य त्योहारों को बहुत हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। त्रिपुरा का खान-पान आदिवासी भोजन का प्रतिनिधित्व करता है। व्यंजनों का सबसे महत्वपूर्ण घटक बेरमा है। यह मूल रूप से किण्वित सूखी पुथी मछली है। त्रिपुरा का खाना मुख्यतः बिना तेल के बनाया जाता है। त्रिपुरा अपने बांस और बेंत उत्पादों, हथकरघा और आभूषण उत्पादों के लिए जाना जाता है। त्रिपुरा के लोगों में शिल्पकला का विशेष कौशल है। यहां कई लघु कुटीर उद्योग हैं और अधिकांश लोग विभिन्न प्रकार के हथकरघा और हस्तशिल्प निर्माण में लगे हुए हैं। बांस और बेंत के उत्पाद, पारंपरिक वस्त्र और आभूषण, और अन्य प्रकार के शिल्प निर्माण कला और शिल्प उद्योग की कुछ गतिविधियाँ हैं जिनमें त्रिपुरा के लोग शामिल हैं। 19वीं सदी के मध्य में ईसाईयत के आगमन और उसके साथ जुड़ी नैतिकता ने अनेक जनजातीय और सामुदायिक संस्थाओं … Read more

भगवान श्रीराम की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर एवं एसपी ग्वालियर ने संगठनों व प्रतिष्ठित नागरिकों की ली बैठक

Keeping in view the life prestige of the statue of Lord Shri Ram, Collector and SP Gwalior held a meeting of organizations and eminent citizens. आयोजकों को कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस व प्रशासन का सहयोग करने की अपील ग्वालियर । अयोध्या में 22 जनवरी को भगवान श्रीराम की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर ग्वालियर श्री अक्षय कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री राजेश सिंह चंदेल ने आज पुलिस कन्ट्रोल रूम सभागार में समाज के प्रतिष्ठित नागरिकों एवं संगठनों की बैठक ली गई। बैठक में अति. पुलिस अधीक्षक(पूर्व/अपराध/यातायात) श्री ऋषिकेश मीना,भापुसे, अति. पुलिस अधीक्षक श्री निरंजन शर्मा, श्री अखिलेश रेनवाल, श्री अमृत मीना, श्री गजेन्द्र सिंह वर्धमान, सीएसपी लश्कर षियाज़ के.एम.,भापुसे, सीएसपी मुरार विदिता डागर(भापुसे) प्रशिक्षु आईपीएस अनु बेनीवाल, सीएसपी महाराजपुरा श्री नागेन्द्र सिंह सिकरवार, सीएसपी इन्दरगंज श्री अशोक सिंह जादौन, सीएसपी ग्वालियर शुभा श्रीवास्तव, डीएसपी यातायात श्री अजीत सिंह चौहान, रक्षित निरीक्षक ग्वालियर श्री सत्यप्रकाश मिश्रा एवं संत कृपाल सिंह जी सहित समाज के प्रतिष्ठित नागरिकगण उपस्थित रहे। बैठक में कलेक्टर श्री अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के तहत 22 जनवरी को सभी की भागीदारी से दीपदान कार्यक्रम होंगे और मंदिरों में दीप प्रज्जवलन के साथ-साथ घरों में स्वेच्छा से दीपोत्सव के लिये आमजनों को जागृत किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जिले के प्रमुख मंदिरों में ट्रस्ट समिति के माध्यम से स्वच्छता, रोशनी, दीप प्रज्जवलन आदि के साथ ही भगवान श्रीराम-जानकी आधारित सांस्कृतिक आयोजन भी किये जायेंगे। जिले में विभिन्न स्थानों पर रामलीला का आयोजन भी होगा। इसलिए ग्वालियर जिले के नागरिकगण अयोध्या में 22 जनवरी को प्रस्तावित भगवान श्रीराम की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा को दृष्टिगत रखते हुए होने वाले आयोजनों में मर्यादा का ख्याल रखें। बैठक में आयोजकों से कलेक्टर ग्वालियर ने कहा कि वह 22 जनवरी को होने वाले आयोजनों व निकाले जाने वाले जुलूसों की जानकारी एसडीएम व संबंधित थाना प्रभारी को अनिवार्य रूप से दें। बैठक में पुलिस अधीक्षक ग्वालियर ने उपस्थित लोगों से कहा कि 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर ग्वालियर जिले में होने वाले आयोजन के पंडालों में एक वालंटियर आवश्यक नियुक्त करें जो संबंधित थाना प्रभारी से समन्वय स्थापित कर व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेंगे। इसके अलावा पंडाल में लगने वाले लाउडस्पीकर की आवाज बहुत ज्यादा तेज नहीं होना चाहिए और साथ ही यह सुनिश्चित करें कि लाउड स्पीकर में जो भजन या गाने चलाये जा रहें हैं वह भगवान राम से ही संबंधित होना चाहिए, किसी की आस्था को ठेस पहुंचाने वाले गाने न बजाए जाएं। इसके अलावा उन्होने सभी धर्मों के अनुयायियों से अपील की जाती है कि भव्य मंदिर को लेकर देश भर में काफी हर्षोल्लास है। इस उत्साह में किसी धर्म-सम्प्रदाय के विरूद्ध अनावश्यक टिप्पणी करने से बचें। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अभद्र व अनावश्यक कथन/गलत टिप्पणी पोस्ट न करें, जिससे कि किसी भी धर्म/सम्प्रदाय को ठेस पहुँचे। बैठक में अति. पुलिस अधीक्षक (पूर्व/अपराध/यातायात) श्री ऋषिकेश मीना ने कहा कि 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर ग्वालियर में होने वाले आयोजन की व्यवस्था को बनाये रखने के लिये क्षेत्र के सीएसपी न थाना प्रभारी से संपर्क स्थापित कर व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेंगे, जिससे आमजन को परेशानी न हो और अस्पतालों के आसपास लगने वाले पंडाल में आयोजकगण लाउडस्पीकर की आवाज धीमी रखें जिससे मरीजों को परेशानी न हो। रोड पर लगने वाले पंडालों के आयोजकगण यातायात अवरुद्ध न होने दे एवं यातायात व्यवस्था बनाए रखने का भी विशेष ध्यान रखें। 22 जनवरी को होने वाले आयोजनों व निकाले जाने वाले जुलूसों की जानकारी संबंधित थाना प्रभारी को अनिवार्य रूप से दें ताकि व्यवस्था बनाई जा सके और यातायात अवरूद्ध न हो।

बाल भवन में जिला स्तरीय आर्म रेसलिंग 21 जनवरी को,

District level arm wrestling at Bal Bhawan on 21st January. संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। ग्वालियर आर्म रेसलिंग वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वधान में जिला स्तरीय आर्म रेसलिंग चैंपियनशिप होने जा रही है, उक्त प्रतियोगिता बाल भवन सिटी सेंटर ग्वालियर में दिनांक 21 जनवरी 2024 को होगी प्रतियोगिता सुबह 8 बजे से प्रारंभ होगी। यह जानकारी ग्वालियर आर्म रेसलिंग वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ केशव पांडे ने एक मीटिंग में दी ग्वालियर आर्म रेसलिंग वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव एवं ग्रीनवुड स्कूल के डायरेक्टर डॉ आदित्य भदौरिया ने बताया कि इस प्रतियोगिता में खिलाड़ी भार वर्ग एवं आयु वर्ग में विभाजित होकर मुकाबला करेंगे कुछ मुख्य वर्ग इस प्रकार हैं, सब जूनियर, जूनियर, सीनियर, महिला वर्ग, दिव्यांग वर्ग आदि। प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ी को पदक एवं प्रमाण पत्र दिया जाएगा और विजेता खिलाड़ियों को 28 जनवरी को भोपाल में संपन्न होने जा रही राज्य स्तरीय आर्म रेसलिंग प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिलेगा। संस्था के सचिव डॉक्टर आदित्य भदौरिया ने आगे बताया कि ग्वालियर आर्म रेसलिंग का हब बन चुका है ! तथा ग्वालियर में नेशनल एवं इंटरनेशनल खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं। मीटिंग में वर्ल्ड चैंपियनशिप एवं ग्वालियर आर्म रेसलिंग कोच मनीष कुमार एवं भूपेंद्रकांत भी उपस्थित थे, वर्ल्ड चैंपियन मनीष कुमार जी ने बताया कि यह प्रतियोगिता प्रो पंजा लीग सीजन 1 के बाद पहली जिला आर्म रेसलिंग प्रतियोगिता है। इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का ध्यान इसी बात पर होगा कि किसी भी तरह इस प्रतियोगिता में भाग लेकर राज्य स्तरीय आर्म रैसलिंग प्रतियोगिता में भाग ले और वहां से जीत कर नेशनल प्रतियोगिता में लेंगे। भूपेंद्रकांत जी ने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन 15 एवं 16 जनवरी 2024 को ग्वालियर आर्म रेसलिंग अकादमी जेसी मिल बिरला नगर में होंगे।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 263वीं शौर्य दिवस पर किया अपने मराठा पुरखों को याद, सोमनाथ मंदिर व काशी विश्वनाथ पर भी कही बड़ी बात।

Big talk was also said on Somnath temple and Kashi Vishwanath. संतोष सिंह तोमर नई दिल्ली। केंद्रीय नागरिक उड्डयन व स्टील मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पानीपत में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले कार्यक्रम ” पानीपत शौर्य दिवस ” में शामिल होने पहुँचे। वहाँ पहुँच सर्वप्रथम उन्होंने सर्वप्रथम शौर्य स्मारक तीर्थ धाम, काला अम्ब में सिंधिया व मराठा योद्धाओं को श्रद्धा सुमन अर्पित किया।केंद्रीय मंत्री ने अपने अभिभाषण की शुरुआत में पानीपत के लोगों को अपना परिवार बताया। उन्होंने कहा इस जगह से उनका भावनात्मक सम्बंध है क्यूँकि केवल मेरे पूर्वज नहीं 60 हज़ार से अधिक मराठा विदेशी आक्रांताओं के ख़िलाफ़ चट्टान की तरह खड़े रहे और प्राण जाए पर वचन ना जाए इस विचार से उन्होंने अपने प्राण की आहुति दी। केंद्रीय मंत्री ने कहा, शिवाजी महाराज ने 12 वर्ष की उम्र में प्रण लिया था ना रुकने ना झुकने का जब तक एक एक विदेशी आक्रांताओं को देश से निकाल ना फेंकेंगे। केंद्रीय मंत्री ने ये भी कहा आज से 400 वर्ष पूर्व शिवाजी महाराज की अपनी नौसेना कोंकण क्षेत्र में बना रखी थी जो फ्रेंच और अंग्रेजो से 10 गुणा अधिक शक्तिशाली थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा आज मेरा सीना मराठा होने के नाते गर्व से फूल जाता है और आज़ादी के 75 वर्ष बाद किसी ने शिवाजी महाराज को उचित सम्मान देने का कार्य किया है तो देश के पंत प्रधान नरेंद्र मोदी जी है जिन्होंने भारत के नौसेना के झंडे पर शिवाजी महाराज के मोहर निशान को डालने का कार्य किया है।सांभाजी महाराज और बाज़ीराव पेशवा की वीरता को किया याद केंद्रीय मंत्री ने कहा 1680 में शिवाजी महाराज नहीं रहे तो विदेशी आक्रांताओं को लगा की भारत की रक्षा करने वाला अब कोई बड़ी ताक़त नहीं है लेकिन उसी घर से संभाजी महाराज ने लोहा लिया। संभाजी महाराज ने औरंगज़ेब के विरुद्ध लड़ाई लड़ी, बारम्बार औरंगज़ेब की सेना को परस्त किया। 1690 में औरंगज़ेब ने वीर संभाजी महाराज की हत्या की और नदी में शरीर को डाल दिया लेकिन फिर भी वीर मराठाओं ने युद्ध जारी रखा। संभाजी महाराज के बाद बाज़ीराव पेशवा ने कमान सम्भाली और उन्होंने एक भी युद्ध नहीं हारा। केंद्रीय मंत्री ने कहा मराठाओं ने कभी अपना साम्राज्य नहीं बनाया, कभी देश पर राज करने की नहीं सोची, एक ही कार्य किया वह है देश सेवा । केंद्रीय मंत्री ने कहा महाराष्ट्र के छोटे से गांव कनेरखेड़, उस गांव से संभाजी शिंदे, जनकोजीराव शिंदे, दत्ता जी शिंदे को पेशवा ने पुणे से उत्तर भारत की तरफ़ भेजा। संभाजी महाराज के नेतृत्व में लाहौर में और बाद में पेशेवर में मराठाओं का भगवा ध्वज फहराया। केंद्रीय मंत्री ने कहा यह मराठाओं का अलख था की कोई विदेशी आक्रांता स्वप्न भी ना देख पाए भारत में राज करने की, शिवाजी के यही था हिंदवी स्वराज, भारत माता की भूमि केवल भारतीयों की होनी चाहिए।1755 में दत्ताजी महाराज इसी बगल के बुरारी घाट पर अफ़ग़ानों और रोहिल्लाओ से युद्ध लड़ रहे थे।मराठाओं ने सदैव सिखों का साथ दियाकेंद्रीय मंत्री ने कहा सदैव सीखो का साथ दिया है। अहमद शाह अफ़ग़ानी को पंजाब से धूल चटाने का काम किसी ने किया तो वो मराठा सेना ने किया। पंजाब में अहमद शाह अफ़ग़ानी ने नरसंहार किया तो सिख समाज के साथ मिलकर मराठों ने मिलकर लड़ाई लड़ी है। पानीपत में तीन घंटे 8000 अफ़ग़ानो का वध मराठा सेना ने कियाकेंद्रीय मंत्री मराठाओं को गाथा सुनाते हुए बताया कैसे पानीपत के युद्ध में तीन घंटे के अंदर 8000 अफ़ग़ानों को समाप्त करने का कार्य मराठा सेना ने किया। केंद्रीय मंत्री ने बताया इस युद्ध में सिंधिया के 16 वंशज युद्ध के मैदान में थे। अफ़ग़ानों और रोहिल्लाओ की टुकड़ी के पीछे ऊँट पर छोटे टोप की टुकड़ी लगा दी जो सीधे हमला कर रहे थे। सिंधिया के 16 में 15 वंशज सीधे लड़े और शहीद हुए। एक सिंधिया वंशज महादजी सिंधिया घायल रूप बचे और 11 साल के भीतर एक चिंगारी से ज्वालामुखी के रूप में परिवर्तित होकर अटक से कटक और दिल्ली में भी मराठा का भगवा झंडा दिल्ली के फहराया। काशीविश्वनाथ मंदिर को स्थापित करने का कार्य सिंधियाओ ने कियाकेंद्रीय मंत्री ने अपने अभिभाषण में कहा की सिंधियाओ ने धार्मिक स्थलों के भी दोबारा स्थापना करने का काम किया। गुजरात के सोमनाथ मंदिर के द्वार विदेशी आक्रांता इल्तुमिश लहोर ले गए तो लाहौर से दरवाज़े को वापस लाने का काम महादजी महाराज ने किया। महादजी के वंशज बैजाबाई महारानी अहिल्या बाई होलकर जी ने वाराणसी के काशीविश्वनाथ मंदिर को पुनर्स्थापना करने का कार्य किया। भारत की संस्कृति को उजागर करने का काम मराठाओं ने किया और आज देश के प्रधानमंत्री एक भारत श्रेष्ठ भारत व वासुदेव कुटुम्बकम, विविधता में एकता की विचार धारा, एवं भारत की केवल आर्थिक शक्ति नहीं बल्कि आध्यात्मिक शक्ति को विश्व पटल पर उजागर करने का कार्य कर रहे है।

कलम के धनी और विनम्रता की प्रतिमूर्ति थे हरीश 

Harish was a master of pen and an embodiment of humility. संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। इंटरनेशनल सेंटर ऑफ मीडिया एक्सीलेंसी (आईकॉम) पर शहर के वरिष्ठ पत्रकार एवं श्रीराम एक्सप्रेस  के संपादक हरीश उपाध्याय के आकस्मिक निधन पर रविवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। शहर के पत्रकार, समाज सेवी एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की |  साथ ही उनका पुण्य स्मरण कर उनकी आत्मा की शांति व शोक संतृत्प परिवार को साहस और धैर्य प्रदान करने के लिए दो मिनट का मौन धारण कर ईश्वर से प्रार्थना की।   इस दौरान डॉ. सुरेश सम्राट ने कहा कि उनकी पत्रकारिता में लंबी व सफल पारी रही। पत्रकारिता का माहौल बदलने पर रचनात्मकता की गुंजाइश खोजी। साहित्य को बढ़ावा दिया। राज एक्सप्रेस के संपादक अनुराग त्रिवेदी ने कहा वे विनम्र स्वभाव की प्रतिमूर्ति थे। राकेश अचल ने उनके पत्रकारिता के मूल्यों का उल्लेख किया। आईकॉम के डायरेक्टर डॉ. केशव पाण्डेय ने पत्रकारिता जीवन की उनकी उपलब्धियों को याद कर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने पत्रकारिता को जीवन में आत्मसात किया और उसे जीकर दिखाया। अपनी कलम से राष्ट्रहित, समाज हित की पत्रकारिता की।  सादगी, सरलता, और सहजता के साथ वे विनम्रता की साक्षात प्रतिमूर्ति थे। पत्रकारिता में  उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। प्रिंट से पत्रकारिता की शुरूआत करने वाले हरीश उपाध्याय वास्तविक रूप से कलम के धनी थे। श्रद्धांजलि सभा को स्वर्गीय हरीश उपाध्याय के भाई गिरीश उपाध्याय, पुत्र अक्षत उपाध्याय सहित श्रीराम एक्सप्रेस के प्रधान संपादक प्रकाश नारायण शर्मा, रविंद्र झारखरिया, सुरेंद्र माथुर, आचार्य चंद्रशेखर शास्त्री, रवि शेखर, राजेश अवस्थी लावा, महेश मुदगल, सुजाता संग्राम सिंह, रामबाबू कटारे एवं विजय पाण्डेय ने भी संबोधित किया। इनका मानना था कि स्वर्गीय हरीश उपाध्याय ने ग्वालियर की कला, संस्कृति, सभ्यता, साहित्य, परिवेश और लोकरंग को अपनी पत्रकारिता के जरिए आगे रखा। उनका आकस्मिक निधन ना केवल पत्रकारिता के लिए बल्कि हर आम ओ खास के लिए अपूरर्णीय क्षति है। मौजूद लोगों ने उपाध्याय के परिवारजनों को इस वज्रघात को सहने की हिम्मत देने के साथ उनकी पुण्य आत्मा को श्री चरणों में जगह देने की प्रार्थना की।  पुष्पाजंलि अर्पित करने वालों में विजय पाराशर, पीडी पाण्डेय, सुनील शर्मा, रामचरण रुचिर, सुनील भदौरिया, डॉ. वंदना प्रेमी,  केसी राजपुरिया, आदेश सक्सेना, डॉ. आदित्य भदौरिया, विवेके सुड़ेले, जितेंद्र जादौन, प्रमोद पचौरी, भूपेंद्र प्रेमी, अनिल कांत, मनीष मौर्य, हरिओम गौतम, अरविंद जैमिनी, मनोज अग्रवाल, राजेंद्र मुदगल, आलोक द्विवेदी, गौरव शर्मा एवं मनीष शर्मा प्रमुख रूप से मौजूद थे।

बुलंद हौंसले वाले युवा लाते हैं बदलाव।

Young people with high spirits bring change. थिंक एंड सपोर्ट फाउंडेशन ने मनाया राष्ट्रीय युवा दिवस एवं मकर संक्रांति पर्व, निःशुल्क कम्प्यूटर शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बांटे प्रमाण-पत्र। संतोष सिंह तोमर ग्वालियर। थिंक एंड सपोर्ट फाउंडेशन की ओर से स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस एवं मकर संक्रांति उत्सव मनाया गया।जनकपुरी गोलपहाड़िया स्थित मॉ सरस्वती कम्प्यूटर शिक्षा केंद्र पर. आयोजित कार्यक्रम के मुख्यअतिथि एलआईसी के एसडीएम खलील अहमद थे। अध्यक्षता प्रमुख समाज सेवी डॉ. केशव पाण्डेय ने की। जबकि कृषि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. एसपी श्रीवास्तव एवं ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर डॉ. आदित्य सिंह भदौरिया विशिष्ट अतिथि थे। मुख्य अतिथि अहमद ने कहा कि आज युवा एक नई मंजिल की तलाश में संघर्षरत है। इस आपाधापी भरे जीवन से निकलने का मार्ग नहीं मिल रहा है। नित्य नई चुनौतियों का सामना करने में युवा अपने को निर्बल समझता है। सफलता प्राप्त करने की चुनौती में वह अपनों से दूर होता जा रहा है। ऐसे में स्वामी विवेकानंद का सफलता का मंत्र उनके जीवन की दिशा और दशा दोनों बदल सकता है। क्योंकि स्वामीजी के संकल्प जीवन को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ. पाण्डेय ने कहा कि विवेकानंद कहते थे कि युवा वह होता है जो बिना अतीत की चिंता किए अपने भविष्य के लक्ष्यों की दिशा में काम करता है। हर इंसान को कभी न कभी अकेले ही शुरुआत करनी होती है। इसलिए किसी भी काम को करने से घबराना नहीं चाहिए। यदि आपकी नीयत साफ, इरादे स्पष्ट और हौंसले बुलंद हैं तो आपके साथ अपने आप ही लोग जुड़ने लगते हैं। युवा जब ठान लेता है तो कुछ भी कर सकता है।इस दौरान अतिथियों ने तीन महीने का निःशुल्क कंम्प्यूटर कोर्स करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। जबकि आयोजकों ने अतिथियों को स्मृति चिंह भेंट कर शॉल एवं श्रीफल से सम्मानित किया। संचालन भूपेंद्र कांत ने तथा फाउंडेशन के संस्थापक अनिल कांत ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान मुख्यअतिथि का जन्मदिन मनाकर उनके सुखद जीवन की कामना की गई।

स्वामी विवेकानंद के जन्म-दिन, युवा दिवस के मौके पर सामूहिक सूर्य नमस्कार

ग्वालियर ! स्वामी विवेकानंद की जयंती पर आज प्रदेश भर में सामूहिक सूर्य नमस्कार किया जा रहा है ग्वालियर का जिला स्तरीय आयोजन सीएम राईज स्कूल शा. पटेल विद्यालय में ग्वालियर सांसद विवेक नारायण सेजवलकर के मुख्य आतिथ्य में हुआ इस दौरान संभाग आयुक्त कलेक्टर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. स्वामी विवेकानंद के जन्म-दिन युवा दिवस के मौके पर आज सामूहिक सूर्य नमस्कार किया जा रहा है.प्रदेश के विद्यालयों, महाविद्यालयों, आश्रम शालाओं और ग्राम पंचायतों में स्वामी विवेकानंद पर केन्द्रित प्रेरणादायक शैक्षिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं । ग्वालियर का जिला स्तरीय कार्यक्रम हजीरा स्थित सीएम राईज पटेल उ. मा. विद्यालय में आयोजित हुआ । कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत वंदे-मातरम और मध्यप्रदेश गान का सामूहिक गायन भी हुआ और रेडियो के माध्यम से मुख्यमंत्री के संदेश का प्रसारण और सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम किया गया ग्वालियर सांसद विवेक नारायण सेजवलकर ने इस मौके पर कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने सनातन की ध्वजा पूरी दुनिया में फहराई थी स्वामी जी ने पूरी दुनिया को शिकागो में भारतीय संस्कृति और सभ्यता से परिचित कराया था और इसीलिए आज का दिन युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है संसद द्वारा शहर के सभी लोगों को युवा दिवस की शुभकामनाएं दी गई. ग्वालियर कलेक्टर भी यहां बच्चों के साथ सामूहिक सूर्य नमस्कार करते नजर आए उन्होंने लोगों से अपील भी की है कि योग और सूर्य नमस्कार को अपनी दिनचर्या में शामिल करें.

ट्रांसफर 4 अक्टूबर 2023 को कर दिया गया लेकिन विभाग अधिकारियों ने नहीं किया रिलीव

ग्वालियर ! ग्वालियर से एक मामला सामने आया है थाटीपुर स्थित लोक स्वास्थ्य यांत्रिक विभाग में प्रशासन द्वारा सुमित मेहरा सहायक ग्रेड 3 सुनील कुमार अग्रवाल सहायक ग्रेड 2 का ट्रांसफर 4 अक्टूबर 2023 को कर दिया गया ! लेकिन आज दिनांक तक अधिकारियों ने विभाग से इन्हें रिलीव नहीं किया वही जब हमारे संवाददाता ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिक विभाग के EE अनमोल कोचर से चर्चा की तो उन्होंने कर्मचारियों के बचाव में बताया ऐसा लग रहा है की अधिकारी की मिली जुली भगत से पूरा मामला चल रहा है जबकि विभाग में कई सीनियर बाबू बैठे हुए लेकिन उन्हें चार्ज न देते हुए शासन प्रशासन के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं

देश की तकदीर और तस्वीर बदलते युवा ,राष्ट्रीय युवा दिवस आज

Youth changing the fate and image of the countryNational Youth Day today युवा शक्ति की प्रतिभा का दुनिया लोहा मान रही है। डॉ. केशव पाण्डेय (अतिथि संपादक) भारत की पावन धरा से निकले युवाओं ने विश्व में अपना परचम लहराया है। भारतवर्ष की धरती के कण-कण में देश प्रेम भरा है। देश की गौरवशाली परंपरा, प्रेम, सद्भाव, एकता और सहयोग का विश्व में डंका बज रहा है। युवा शक्ति की प्रतिभा का दुनिया लोहा मान रही है। भविष्य में भारत ही विश्व को दिशा प्रदान करने वाला देश होगा और यह सब संभव होगा युवा शक्ति की सोच और उसके दृढ़ इच्छा शक्ति के बल पर। क्योंकि सदियों से ही देश के युवाओं ने भारतीय संस्कृति और सभ्यता को विश्व में स्थापित करने का काम किया है। राष्ट्रीय युवा दिवस पर मौजूदा परिवेश में समझिये स्वामी विवेकानंद का जीवन मूल्य। 12 जनवरी को युग प्रवर्तक, ओजस्वी विचारक और युवाओं के प्रेरणास्त्रोत “स्वामी विवेकानंद” की पावन जयंती को प्रति वर्ष “राष्ट्रीय युवा दिवस” के रूप में मनाया जाता है। भारतीय संस्कृति को विश्व में स्थापित करने वाले महान आध्यात्मिक गुरु, समाज सुधारक और युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत स्वामी विवेकानंदजी की जयंती देश में अपना महत्व रखती है। विवेकानंद जी ने कहा था कि देश का भविष्य पूर्णतः उस देश के युवाओं के सुविचारों और सुदृढ़ कंधो पर निर्भर करता है। उन्हीं से होकर ही किसी देश का विकास क्रम आगे बढ़ता है। देश के युवा जिस आचरण के होंगे, देश भी उसी का अनुगमन करेगा। अतः समयानुसार देश के युवाओं का सही मार्गदर्शन जरूरी है। उन्हीं के आचरण को युवाओं के जीवन में उतारने के लिए 1984 में भारत सरकार द्वारा स्वामी विवेकानंद जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। 1985 से हर साल इसे मनाया जा रहा है। इस बार 40वां उत्सव है। इस युवा दिवस का उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के विचार और आदर्शों के महत्व को बढ़ावा देना है। हर वर्ष यह दिवस एक विशेष थीम पर मनाया जाता है। युवा दिवस राष्ट्र के ऐसे युवाओं को समर्पित है, जो भारत को बेहतर भविष्य देने की क्षमता रखते हैं और इसके लिए कार्य करते हैं। वर्ष 2024 में राष्ट्रीय युवा दिवस की थीम “इट्स ऑल इन द माइंड“ यानी सब कुछ आपके दिमाग में है रखी गई है। सरल भाषा में कहा जाए तो यदि किसी युवा ने कुछ करने की ठान ली है तो फिर पूरा करने से उसे कोई रोक नहीं सकता।12 जनवरी 1863 में कलकत्ता में जन्में नरेंद्र दत्त 25 साल की उम्र में ही सांसारिक मोह माया को त्याग कर सन्यास धारण कर स्वामी विवेकानंद बने। वे वेदांत के विख्यात और प्रभावी आध्यात्मिक गुरु थे।स्वामी विवेकानंद के विचार, दर्शन और अध्यापन भारत की महान सांस्कृतिक और पारंपरिक संपत्ति हैं। उनका दर्शन, जीवन, कार्य एवं उनके आदर्श भारतीय युवकों के लिए प्रेरणास्त्रोत रहे हैं। स्वामीजी एक महान इंसान ही नहीं, वरन एक युग पुरूष थे, जिन्होंने हमेशा देश की ऐतिहासिक परंपरा को सुदृढ़ बनाने और सही नेतृत्व करने के लिए युवा शक्ति पर विश्वास किया।उनका मानना था कि भारत को विकासित राष्ट्र बनाने के लिए युवाओं की अनन्त ऊर्जा को जागृत कर उन्हे विभिन्न कार्य क्षेत्रों में प्रयोग कर सफलता प्राप्त करने के लिए एक निश्चित चुनौती का पीछा करना अनिवार्य है। जो उन्हें निरंतर सफलता के मार्ग की ओर अग्रसर करती रहेगी। क्योंकि युवाओं का देश कहे जाने वाले भारत में युवा शब्द से ही उत्साह, स्फूर्ति और सक्रियता जैसे गुणों का बोध होता है। उन्हांने शारीरिक बल नहीं बल्कि मानसिक बल को युवा शक्ति का केन्द्र माना। उनका मानना था कि युवा होने की परिपूर्णता उसमें है, जिसमें बिना रुके और बिना थके संघर्ष करने का जज्बा हो। उन्होंने युवाओं के दिल में अपने कार्य करने के लिए जो आग फूंकी वो आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणा स्त्रोत है।हिंदू धर्म की विचारधाराओं को पुनर्जीवित करने के साथ ही औपनिवेशिक ब्रिटिश शासन के दौरान देश में राष्ट्रवादी उत्साह पैदा किया। इससे वे दुनिया भर में लोकप्रिय हुए।स्वामी विवेकानंद को धर्म, दर्शन, इतिहास, कला, सामाजिक विज्ञान और साहित्य का ज्ञाता कहा जाता है। शिक्षा के साथ ही वे भारतीय शास्त्रीय संगीत का भी ज्ञान रखते थे। उनके विचार और कार्य आज के समय में भी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने युवाओं को खुद पर विश्वास करना सिखाया। क्योंकि जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते तब तक आप भगवान पर विश्वास नहीं कर सकते।11 सितंबर 1893 में अमेरिका में आयेजित धर्म संसद में विवेकानंद ने भाषण देते हुए हिंदी में कहा अमेरिका के भाइयों और बहनों… उनके यह कहते ही आर्ट इंस्टीट्यूट ऑफ शिकागो में पूरे दो मिनट तक तालियां बजती रहीं। इसे भारत के इतिहास में गर्व और सम्मान की घटना के तौर पर जाना जाता है। देश का हर युवा स्वामी विवेकानंद के दार्शनिक विचारों व भाषणों को सुनने के बाद प्रभावित हुए बगैर नहीं रह सकता है। उन्होंने भारत को विश्व मंच से अपने भाषणों के द्वारा गौरान्वित किया था। आध्यात्म चिंतन, देशप्रेम को सही अर्थों में समझाया। उन्होंने कहा था कि भारत युवाओं का देश है और इस देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत स्वामी जी के अलावा और कोई नहीं हो सकता है।युवा वह है, जो देश का भविष्य बदलने की क्षमता रखता है। जिसके अंदर नेतृत्व करने की क्षमता हो, लोगों को सही मार्ग पर लाने का काम करने वाला ही युवा कहलाता है। स्वामी जी कहते थे युवा वो होता है, जो बिना अतीत की चिंता किए अपने भविष्य के लक्ष्यों की दिशा में काम करता है। हर इंसान को कभी न कभी अकेले ही शुरूआत करनी होती है, इसलिए किसी भी काम को करने से घबराना नहीं चाहिए। अगर आपकी नीयत साफ, इरादे स्पष्ट और हांसले बुलंद हैं, तो आपके साथ अपने आप ही लोग जुड़ने लगते हैं। युवा जब ठान लेता है, तो कुछ भी कर सकता है। ऊर्जा से भरा युवा देश के हर कोने में मौजूद है। कोई पहाड़ों से निकलने वाले छोटे झरनों से बिजली बना रहा है, कोई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल दुनिया का सबसे ऊॅचा रेलवे पुल बनाकर इतिहास रच रहा है। अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करके लोगों का भला … Read more

shaadi.com के माध्यम से जीवन संगिनी की तलाश करना एक व्यक्ति को भारी पड़ा

Searching for life partner through shaadi.com proved costly for a person ग्वालियर ! पत्नी का निधन होने के बाद दूसरी शादी के लिए shaadi.com के माध्यम से जीवन संगिनी की तलाश करना ग्वालियर के एक अधेड़ व्यक्ति को भारी पड़ा है उसे न सिर्फ रुपए टोकन अमाउंट के नाम पर ले लिए गए बल्कि रुपए लेने वाले लोगों ने अब अपने मोबाइल भी बंद कर लिए हैं ऐसे में पीड़ित अधेड ने मामले की शिकायत एसपी ऑफिस पहुंचकर की है पुलिस अधिकारियों द्वारा इस मामले में विवेचना की जा रही है. दरअसल ग्वालियर के रहने वाले हीरालाल खटीक की कुछ वर्ष पहले पत्नी की मौत हो चुकी है ऐसे में हीरालाल द्वारा दूसरी शादी करने के लिए shaadi.com के माध्यम से कुछ नंबरों पर संपर्क किया गया था और उनसे टोकन अमाउंट जमा करने को कहा गया था जिस पर उन्होंने 5 से ₹7000 टोकन राशि के रूप में जमा भी कर दिए थे बाद में जिन नंबरों पर उसने संपर्क किया था वह नंबर बंद आने लगे ऐसे में पीड़ित ने आज एसपी ऑफिस पहुंचकर पुलिस अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है पुलिस जनसुनवाई में मौजूद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित मीणा का कहना है कि हीरालाल खटीक की शिकायत पर मामला साइबर सेल को सौंप दिया गया है और उसके साथ ठगी की वारदात करने वाले आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है. बाईट,,, अमृत मीणा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्वालियर

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंत्रालय में वीसी के माध्यम से विकसित भारत संकल्प यात्रा के अंतर्गत जिला ग्वालियर और सागर के हितग्राहियों से किया संवाद

Chief Minister Dr. Mohan Yadav interacted with the beneficiaries of Gwalior and Sagar districts under the Vikas Bharat Sankalp Yatra through VC in the Ministry. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर की श्रीमती रामा यादव और तोड़ा बाई एवं सागर के श्री कल्याण प्रजापति और श्रीमती सीता प्रजापति से किया संवाद ग्वालियर ! मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा विकसित भारत संकल्प यात्रा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी वाली यात्रा है केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज में अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने वाली यात्रा से विकास का कारवां लगातार बढ़ता रहेगामुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मात्र 50 दिनों की अल्प अवधि में यात्रा के दौरान 10 करोड़ से अधिक लोगो को शासन की योजनाओं का लाभ मिला है। आगामी 26 जनवरी तक समाज को केंद्र की लोकहितकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का यह अभियान निरंतर चलता रहेगा।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों से केंद्र की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ, यात्रा का सुचारू संचालन, योजनाओं के लाभ की सूचना सहित विभिन्न विषयों पर जानकारी ली। साथ ही हितग्राहियों से उनकी कुशलक्षेम पूछ सफल और सुखद भविष्य की शुभकामनाएं भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकसित भारत संकल्प यात्रा को सफल बनाने के लिए यात्रा के संचालन में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए निर्देशमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यात्रा के दौरान जनता में लगातार उत्साह बनाए रखें और उन्हें केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सतत देमुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से कोई भी पात्र हितग्राही वंचित न रहें इसका विशेष ध्यान रखें अधिकारीगण ,डॉ यादव ने दिए निर्देश कहा यात्रा की प्रगति का सतत मॉनिटरिंग करें और यात्रा के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु पूर्ण समर्पण से कार्य करें

ग्वालियर क्राइम ब्रांच और शिरोल थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई

Gwalior Crime Branch and Shirol Police Station took major action ग्वालियर ! ग्वालियर क्राइम ब्रांच और शिरोल थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार शातिर वाहन चोरों को पकड़ा है पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल और एक्टिवा बरामद की गई है ! CSP कि सियाज ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में सिरोल थाना क्षेत्र में वाहन चोरी की घटना हुई थी पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि डीबी सिटी के सामने तीन वाहन चोर चोरी की मोटरसाइकिल लेकर आने वाले हैं सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घेराबंटी करते हुए चार आरोपियों को दबोच लिया पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ करने पर उन्होंने बाइक चोरी करना स्वीकार किया उनके कब्जे से पुलिस ने कुल एक दर्जन के करीब मोटरसाइकिल और एक्टिवा बरामद की है खास बात यह है कि वाहन चोरों ने केवल ग्वालियर ही नहीं बल्कि मुरैना भिंड इटावा से भी चोरी की वारदात की है पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ चोरी की धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध करते हुए अन्य वारदातों का पता लगाने उनसे पूछताछ की जा रही है. बाइट,,, के एम सियाज, csp

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