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दिल्ली के एक पार्क में पेड़ से लटके मिले लड़के और लड़की के शव

नई दिल्ली दिल्ली के साउथ वेस्ट जिले के डियर पार्क में एक लड़के और लड़की के शव पेड़ से लटके मिले। शुरुआती जांच में यह आत्महत्या का मामला लग रहा है। पेड़ों पर दोनों के शव मिलने के जानकारी वहां के सुरक्षा गार्ड ने दी। अभी दोनों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस के मुताबिक, आज सुबह 6.31 बजे बलजीत सिंह (35), निवासी हौज खास गांव, जो डियर पार्क में सुरक्षा गार्ड है, उन्होंने एक पीसीआर कॉल की। जिसमें बताया गया कि एक लड़का और एक लड़की एक पेड़ की शाखा पर लटके हुए हैं। सूचना मिलते ही तुरंत पुलिस मौके पर पहुंची। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि एक लड़का उम्र लगभग 17 वर्ष, जिसने काली टी-शर्ट और नीली जींस पहनी हुई थी और एक लड़की जो लगभग 17 वर्ष की थी, जिसने हरे रंग की पोशाक पहनी हुई थी, दोनों एक पेड़ की शाखा पर नायलॉन की रस्सी से लटके थे। पुलिस ने शवों को शवगृह में रखवा दिया गया है। दोनों ने आत्महत्या की है या फिर उनकी हत्या हुई है। यह जांच में सामने आएगा।

बहादुरगढ़ ब्लास्ट मामला: हरपाल ने अपनी पत्नी, एक बेटी और 2 बेटों की हत्या की थी

 बहादुरगढ़ बहादुरगढ़ के सेक्टर-9 में हुए भीषण ब्लास्ट के मामले में चौंकाने वाला मोड़ आया है। पहले इसे दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन जांच में खुलासा हुआ कि घायल हरपाल सिंह ने ही अपनी पत्नी, एक बेटी और दो बेटों की हत्या की थी। पुलिस को मौके से पेट्रोल से भरी बोतल और 12 पेज का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उसने अपनी बहन और जीजा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने बहादुरगढ़ शहर थाने में आरोपी हरपाल सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, हरपाल सिंह, जो मूल रूप से दिल्ली के उत्तम नगर का निवासी है और ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करता है, पिछले 7 महीने से बहादुरगढ़ के सेक्टर-9 स्थित मकान नंबर 312 में किराए पर रह रहा था। शनिवार शाम को हुए भीषण धमाके में उसकी पत्नी, एक बेटी और दो बेटों की मौके पर मौत हो गई, जबकि वह खुद गंभीर रूप से घायल हो गया था। ब्लास्ट की वजह अब भी रहस्य पुलिस और फॉरेंसिक टीम की जांच के अनुसार, घर में रखा एलपीजी सिलेंडर पूरी तरह सुरक्षित मिला, जबकि एसी की इनडोर यूनिट को आग से नुकसान पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शनिवार शाम दो जोरदार धमाके हुए, जिसके बाद घर में आग लग गई। स्थानीय लोगों ने मुख्य गेट को तोड़कर अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन चारों तरफ धुआं और आग होने के कारण राहत कार्य में देरी हुई। जब फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया, तब जाकर चार शव बरामद किए गए। पोस्टमार्टम और आगे की कार्रवाई चारों मृतकों के शवों को बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल भेज दिया गया और पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच कर रही है और आरोपी की तलाश में जुटी है।

प्रवेश वर्मा ने अधिकारियों से कहा, ‘गलियों में उतरो, अपने पैरों को गंदा करो और लोगों को उनकी समस्याओं का समाधान दो

 नई दिल्ली दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा इन दिनों एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. कल एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को सस्पेंड करने के बाद आज एक और इंजीनियर उनके निशाने पर आ गया. प्रवेश वर्मा ने एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के ट्रांसफर का दिया है. उन्होंने कहा कि ‘काम नहीं करोगे तो कार्रवाई होगी.’ ‘ऐसे तो पूरी दिल्ली को सस्पेंड करना पड़ेगा’ दिल्ली सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने कल रात शराब पी होगी इसलिए उनके मुंह से बदबू आ रही है. उन्होंने कहा, ‘मुझे भी ऐसे अधिकारियों को सस्पेंड करना अच्छा नहीं लगता. ऐसा किया तो पूरी दिल्ली को सस्पेंड करना पड़ेगा. सब अधिकारी अच्छे से काम करें और फोन उठाना शुरू करें.’ ‘गलियों में उतरो, अपने पैरों को गंदा करो’ दिल्ली के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए प्रवेश वर्मा ने कहा, ‘गलियों में उतरो, अपने पैरों को गंदा करो और लोगों को उनकी समस्याओं का समाधान दो. 10 दिनों के अंदर समाधान नहीं हुआ तो अधिकारियों पर कार्रवाई होगी, जैसे कल एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को सस्पेंड किया. अब अगला नंबर आप लोगों का हो सकता है.’ ‘पसीना निकलेगा तो चर्बी घटेगी’ एक दिन पहले प्रवेश वर्मा ने दिल्ली के अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा था कि 10 साल में अधिकारियों की खाल मोटी हो गई है. हम लोग खुद जमीन पर उतरकर पसीना बहा रहे हैं, उनको भी सड़क पर ला रहे हैं. जब उनके पसीने निकलेंगे तो उनकी चर्बी घटेगी. उन्होंने कहा कि काम तो इन्हीं अधिकारियों से करवाएंगे. समर एक्शन प्लान को लेकर हम हर तीसरे दिन बैठक कर रहे हैं. पिछली बैठकों में कितना क्रियान्वयन हुआ है. हर एक चीज की समीक्षा कर रहे हैं, पूरे सिस्टम को ऑनलाइन किया जाएगा और पूरी दिल्ली को ऑनलाइन मॉनिटर किया जाएगा. प्रवेश वर्मा ने कहा, ‘अधिकारी चाहते हैं कि वे मॉनिटर ना हों, लेकिन हम लोग करेंगे. हम लोग जहां भी जमीन पर उतरे, वहां पर दिक्कत दिख रही है. लेकिन हम इन्हीं अधिकारियों से काम करवाएंगे.’  

दिल्ली सरकार ने यमुना की सफाई के लिए की प्लानिंग, यमुना में ऑक्सीजन स्तर बढ़ाने और पानी में सुधार लाने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे

नई दिल्ली  दिल्ली में यमुना की सफाई को लेकर बीते दो दशकों में कई प्लानिंग हुईं। यमुना पर इस दौरान काफी खर्च भी किया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। दिल्ली की यमुना अब भी नाले के समान ही नजर आ रही है। अब एक बार फिर नई दिल्ली सरकार ने यमुना को लेकर लोगों में आशा जगाई है। यमुना को साफ करने के इसी प्लान पर  पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा से बात की। इस दौरान उनसे कई सवाल पूछे गए, जिनका उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया। 1. यमुना को साफ करने में कितना समय लग जाएगा? यह अभी स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता, लेकिन मैं यह विश्वास जरूर दिला सकता हूं कि अगले दो से तीन साल में यमुना में फर्क को महसूस किया जा सकेगा। दिल्ली में यमुना नजर आने लगेगी और लोग इसके किनारों पर आकर नदी से जुड़ेंगे। इसके लिए हमने पहले दिन से कोशिश शुरू कर दी है। यमुना पर कई तरह के काम किए जा रहे हैं। 2. अगले तीन साल में यह फर्क लाने के लिए किन स्तरों पर काम किया जा रहा है? सबसे पहले तो हम यह कोशिश कर रहे हैं कि यमुना में एक बूंद पानी भी अनट्रीटेड न जाए। इसके लिए दिल्ली जल बोर्ड के माध्यम से STP पर काम शुरू हो गया है। दूसरा यमुना अभी दिल्ली में मरी हुई है। यमुना में ऑक्सीजन का स्तर बेहद कम है। इसलिए पानी में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाने की योजनाएं बन रही हैं। तीसरा यमुना में किसी भी इंडस्ट्री का वेस्ट न जाए इसके लिए भी काम शुरू हो रहा है। तीन सालों में 95 प्रतिशत सीवरेज समस्या को हम खत्म कर देंगे। 3. क्या आप मानते हैं प्रदूषण सिर्फ दिल्ली नहीं, हरियाणा से भी यमुना में घुल रहा है? हरियाणा से जब यमुना दिल्ली में आती है तो इसके पानी में ऑक्सीजन होता है। लेकिन दिल्ली में आने के बाद ऑक्सीजन खत्म हो जाता है। इसका मतलब यही है कि दिल्ली यमुना को अधिक प्रदूषित कर रही है। हरियाणा से भी यमुना में थोड़ा बहुत प्रदूषण आ रहा है। वह काम कर रहे हैं। हरियाणा का रोल यमुना को साफ करने में कम है। यमुना से आने वाला 90 प्रतिशत पानी लगभग साफ है। दिल्ली में आने से पहले हरियाणा में करीब आधा किलोमीटर के हिस्से में कुछ फैक्ट्रियां हैं जिससे सीमित मात्रा में प्रदूषण यमुना में आ रहा है। हरियाणा CM ने इसे रोकने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। 4. यमुना में आरती शुरू हो गई है। धार्मिक टूरिज्म की भी तैयारी है? नदियां दूसरे शहरों में आकर्षण का केंद्र हैं। हम दिल्ली में भी यमुना को उसी रूप में लाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए यमुना को साफ करना हमारी प्राथमिकता है। रिवर फ्रंट का काम तेजी से चल रहा है। यह पूरा काम चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। यमुना के किनारे विकसित हुए पार्क से लोग यमुना से जुड़ रहे हैं। अगले दो से तीन सालों में यह फर्क राजधानी का हर व्यक्ति महसूस करेगा। 5. टूरिज्म बढ़ाने के लिए नदी में बहाव जरूरी है। अभी यमुना अधिकांश महीनों में सूखी रहती है? हम यूपी सरकार के साथ पानी बढ़ाने के लिए बातचीत कर रहे हैं। योजना के तहत यूपी सरकार हमें कच्चा पानी देगी और दिल्ली ट्रीटेड पानी यूपी को देगी। इससे यमुना में पानी का स्तर बढ़ेगा। उसे तेजी से फॉलोअप किया जा रहा है। उस कच्चे पानी को लेकर कैसे आना है इस पर काम हो रहा है। DJB के साथ इस पर मीटिंग हुई है। 6. यमुना के पानी में ऑक्सीजन का स्तर किस तरह बढ़ाया जाएगा? बीते दस सालों में यमुना में दिल्ली में सीवर काफी मात्रा में डाला गया है। यह सीवर नदी की निचली सतह में जमा हो चुका है। इस गाद को निकालने का काम किया जा रहा है। जैसे ही गाद निकलेगा पानी का बहाव बढ़ेगा। इसये पानी में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ता जाएगा। 7. 22 नालों को ट्रैप किया जाना है। अभी तक कितने को पूरी तरह ट्रैप कर पाए हैं? बड़ी संख्या में नाले ट्रैप कर लिए गए हैं। अगले सात से आठ महीने में सभी नालों को ट्रैप कर लिया जाएगा। हमारी चिंता STP को अपग्रेड करना और ठीक करना है ताकि यमुना में एक बूंद दूषित पानी न जाए। 8. एक्सपर्ट कहते आए हैं कि यमुना के एक्शन प्लान में उनसे सलाह नहीं ली जाती? यह NBT का अच्छा सुझाव है। कहीं से भी अच्छे सुझाव आएं, उसे शामिल किया जाना चाहिए। हम ऐसा जरूर करेंगे। सभी कंसलटेंट, सबजेक्ट एक्सपर्ट, रिवर एक्टिविस्ट आदि से हम सलाह लेंगे और यमुना को सबके सहयोग से साफ करेंगे। हमारा मकसद यमुना की सफाई है। 9. कई जगह पर यमुना में लोग कूड़ा डालते दिख रहे हैं। इसे रोकने के लिए क्या जुर्माना बढ़ाया जाएगा? जुर्माना बढ़ाने की बात तो नहीं है। लेकिन NBT ने यह अच्छा सुझाव दिया है। अब फोर्स भी बढ़ा रहे हैं ताकि यमुना के प्रमुख पॉइंट पर चौकसी बढ़ा सकें। जरूरत के हिसाब से यह फोर्स ड्रेन या यमुना में तैनात रहेगी ताकि कचरा यमुना में न जाए। एक बटालियन लेने की हम कोशिश कर रहे हैं। 10. यमुना की सहायक नदी साहिबी को रिवाइव करने का प्लान था? इसके लिए क्या कर रहे हैं? साहिबी नदी को रिवाइव करने का काम दिल्ली सरकार कर रही है। वह काम पहले भी LG वी के सक्सेना की निगरानी से शुरू हुआ था। इसका उस समय काफी असर दिखने लगा था। यमुना और नजफगढ़ ड्रेन में ऑक्सीजन बढ़ने लगा था। लेकिन पिछली सरकार ने कोर्ट में केस डाला और यह काम रुक गया। इन मामलों से जुड़े मुकदमों को वापस लिया जा रहा है। साथ ही विभिन्न डिपार्टमेंट के साथ इसे लेकर उनकी मीटिंग हो चुकी है।    

सीएम रेखा गुप्ता ने दिए निर्देश-सांसदों-विधायकों के कॉल और मैसेज का तुरंत जवाब दें अधिकारी

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को अधिकारियों को सांसदों और विधायकों के कॉल या मैसेज का तुरंत जवाब देने का निर्देश दिया है। साथ ही ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता द्वारा इस संबंध में मुख्य सचिव को लिखे गए पत्र के बाद यह कदम उठाया गया है। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मुख्य सचिव धर्मेंद्र को लिखे पत्र में कहा था कि उन्हें बताया गया है कि कुछ अधिकारी विधायकों के पत्रों, फोन कॉल और मैसेज का जवाब नहीं देते हैं। दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी एक परिपत्र में कहा गया है कि मुख्य सचिव ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। इसमें कहा गया है कि सरकार ने विधायकों और सांसदों के साथ व्यवहार करते समय पालन किए जाने वाले प्रोटोकॉल के संबंध में व्यापक निर्देश जारी किए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव (जीएडी) नवीन कुमार चौधरी द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि निर्देशों का अक्षरशः सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। इसमें कहा गया है कि ऐसा कोई मौका नहीं होना चाहिए कि विधायकों या सांसदों को ऐसी शिकायतें करने के लिए बाध्य होना पड़े। इन निर्देशों का पालन नहीं करने पर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और संबंधित अधिकारी के मूल्यांकन में यह एक महत्वपूर्ण इनपुट होगा। परिपत्र में प्रशासन, सांसदों और विधायकों के आधिकारिक व्यवहार के बारे में एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी साझा की गई है, जिसे जीएडी ने 2020 में तैयार किया था। इसमें कहा गया है कि सांसद या विधायक से प्राप्त संचार पर तुरंत ध्यान दिया जाना चाहिए। एसओपी में कहा गया है कि सांसद या विधायक द्वारा मांगी गई सूचना प्रदान की जानी चाहिए, जब तक कि वह ऐसी प्रकृति की न हो कि उसे देने से इनकार किया जा सके।इसके अलावा इसमें कहा गया है कि सांसद या विधायक से प्राप्त प्रत्येक संचार की 15 दिनों के भीतर पावती दी जानी चाहिए। उसके बाद अगले 15 दिनों के भीतर उत्तर दिया जाना चाहिए।

भाजपा सरकार के मंत्री अधिकारियों से 10 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं, आतिशी ने दिल्ली सरकार पर लगाया आरोप

नई दिल्ली दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) की विधायक आतिशी ने शुक्रवार को भाजपा नेता और पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के मंत्री अधिकारियों से 10 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं और जब अधिकारी इसका विरोध कर रहे हैं, तो उन्हें धमकाया और निलंबित किया जा रहा है। आतिशी ने कहा, “आज (शुक्रवार) सुबह से भाजपा के मंत्री प्रवेश वर्मा दिल्ली सरकार के अधिकारियों को गालियां दे रहे हैं और उन पर गलत आरोप लगा रहे हैं। वह कह रहे हैं कि अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं, लेकिन यही अधिकारी पिछले 10 साल से दिल्ली में शानदार काम कर रहे थे। आखिर ऐसा क्या हुआ कि अब उन्होंने काम करना बंद कर दिया?” उन्होंने कहा, “अधिकारियों को धमकाया जा रहा है और जब वे भ्रष्टाचार का विरोध कर रहे हैं, तो उन्हें निलंबित किया जा रहा है। दिल्ली के अधिकारियों ने हमें फोन करके बताया कि भाजपा सरकार के मंत्री हर काम में 10 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं। जब अफसर इसका विरोध कर रहे हैं, तो उन्हें ट्रांसफर कराने की धमकी दी जा रही है।” विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि भाजपा सरकार बने अभी सिर्फ एक महीना हुआ है और उनके मंत्री बहाने बनाने लगे हैं। पिछले एक महीने में भाजपा नेता केवल आम आदमी पार्टी (आप) और अरविंद केजरीवाल को गालियां देने में व्यस्त रहे हैं। आम आदमी पार्टी की जनहितकारी योजनाओं को रोकने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अब अधिकारी भी परेशान हो चुके हैं और अपना ट्रांसफर कराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी लगातार भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है और उनके किसी भी काम को मुद्दा बनाकर उन पर तुरंत हमला बोलना शुरू कर देती है।

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर अवैध झुग्गियों को हटाने पहुंचने तो अचानक BJP विधायक पहुंचे और रुक गया ऐक्शन

नई दिल्ली दिल्ली के यमुना खादर क्षेत्र में शुक्रवार को अवैध झुग्गियों को हटाने के लिए डीडीए अधिकारी बुलडोजर लेकर पहुंच गए। जिसके बाद वहां हंगामा हुआ। इसी बीच पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रविन्द्र सिंह नेगी कार्रवाई को रोकने के लिए वहां पहुंचे। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर अवैध झुग्गियों को हटाने के लिए अधिकारी बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचे थे। हालांकि विधायक के हस्तक्षेप से ऐक्शन को फिलहाल के लिए रोक दिया गया है। पटपड़गंज विधानसभा से भाजपा विधायक रविंद्र सिंह नेगी ने कहा, ‘यह हाईकोर्ट का आदेश था और पिछले कई सालों से यह योजना चल रही थी। हम उच्च न्यायालय का सम्मान करते हैं लेकिन हमने कोर्ट से कहा है कि यमुना नदी के किनारे कई लोग कई सालों से रह रहे हैं और उनकी रोजी-रोटी और कमाई यहां की खेती पर ही निर्भर है। हमने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से अनुरोध किया है कि हमें कुछ समय दिया जाए ताकि यहां के लोग अपनी फसल काट सकें। ये लोग बहुत परेशान हैं।’ भाजपा विधायक ने कहा, ‘हाईकोर्ट का आदेश है कि यमुना किनारे जो ग्रीन बेल्ट है उससे अतिक्रमण हटाया जाए। पिछले कई सालों से यह प्लानिंग चल रही है। हम हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं। अभी यहां खेती उगी हुई है, अगर इसे हटा दिया जाएगा तो ये खाएंगे क्या। हमने एलजी सक्सेना और सीएम रेखा गुप्ता से अनुरोध किया है कि इन्हें कुछ दिनों की मोहलत दी जाए ताकि ये फसल काट सकें। ये लोग बहुत परेशान हैं। हम न्यायालय का सम्मान करते हैं। ये लोग भी यहां फंसे हुए हैं, मैं विनती करूंगा की इन्हें कुछ दिनों की मोहलत दी जाए।’

सौरभ भारद्वाज बनाए गए दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष, सिसोदिया को पंजाब का प्रभार, आप पार्टी में हुए बड़े बदलाव

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने बड़े स्तर पर फेरबदल किया है। शुक्रवार को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के घर हुई ‘आप’ की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (पीएसी) में इस पर फैसला लिया गया है। नए फेरबदल के तहत ‘आप’ ने सौरभ भारद्वाज को दिल्ली का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं पार्टी के दूसरे बड़े नेता मनीष सिसोदिया को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है। गोपाल राय और पंकज गुप्ता को गुजरात और गोवा का प्रभारी बनाया गया है। दिल्ली ‘आप’ अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद सौरभ भारद्वाज ने कहा मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम पार्टी को और मजबूत करेंगे। मेरा मानना ये है कि हारने के बाद संगठन निर्माण करना सबसे आसान भी होता है, क्योंकि जीतने के समय तो कई लोग आपके साथ आ जाते हैं। मगर जो पार्टी की हार के समय भी आपके साथ रहता है वो खरा सोना होता है। 24 कैरेट गोल्ड होता है, इससे आपको पीतल और सोने में फर्क करने में दिक्कत नहीं होती।सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता पार्टी संगठन का विस्तार करना होगी। चुनाव आते-जाते रहेंगे। ‘आप’ सांसद संदीप पाठक ने कहा, “आज पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में कई फैसले लिए गए। गोपाल राय को गुजरात का प्रभारी बनाया गया है। पंकज गुप्ता को गोवा का प्रभारी बनाया गया है। मनीष सिसोदिया को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है और मुझे छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया है। सौरभ भारद्वाज को पार्टी की दिल्ली इकाई का प्रमुख और मेहराज मलिक को पार्टी की जम्मू-कश्मीर इकाई का प्रमुख नियुक्त किया गया है। ‘आप’ के वर्तमान दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष गोपाल राय ने गुजरात के प्रभारी के रूप में अपनी नियुक्ति पर कहा कि पार्टी संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम करेगी और पार्टी उन राज्यों में काम करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है जहां चुनाव होने वाले हैं और मजबूती से चुनाव लड़ेगी। वहीं, पंजाब के प्रभारी बनाए गए मनीष सिसोदिया ने कहा कि राज्य में हमारी सरकार बनने के बाद पंजाब में काफी विकास हुआ है। ‘आप’ सरकार पंजाब के लोगों के कल्याण के लिए काम करना जारी रखेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि ‘आप’ का हर समर्पित कार्यकर्ता पार्टी का हिस्सा होने पर गर्व महसूस करे। पंजाब के लोग अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत मान का बहुत सम्मान करते हैं।

दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया गया

 नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) की दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी नेतृत्व बड़ा परिवर्तन हुआ है. दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया गया है. वहीं, सत्येंद्र जैन को पंजाब का सह-प्रभारी बनाया गया है. इसके अलावा, सौरभ भारद्वाज को दिल्ली AAP संयोजक नियुक्त किया गया है. भारद्वाज ने गोपाल राय की जगह ली है. आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा और संजय सिंह पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक के लिए पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास पर पहुंचे हैं. दिल्ली में AAP की हार के बाद आतिशी राजधानी में मुख्य जिम्मेदारी सौंपी जा रही है. बतौर नेता विपक्ष आतिशी बीजेपी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार का मुकाबला करने के लिए राजनीतिक रणनीति तय करेंगी. विधानसभा चुनाव और दिल्ली सरकार पर होने वाले बड़े राजनीतिक हमलों की रणनीति आतिशी ही बनाएंगी. बड़े फैसलों में वो शीर्ष नेतृत्व की सहमति लेंगी. हालांकि, दिल्ली यूनिट का संगठनात्मक कार्य, पार्टी का विस्तार और फेरबदल का काम प्रदेश संयोजक गोपाल राय के अधीन रहेगा. वहीं, दिल्ली इकाई संगठन के काम प्रदेश संयोजक गोपाल राय के अधीन रहेंगे। पार्टी की मजबूती से लेकर विस्तार और फेरबदल तक सभी काम गोपाल राय ही संभालेंगे। पीएसी की मंजूरी के बाद आने वाले महीने में दिल्ली प्रदेश इकाई में बड़े स्तर पर फेरबदल देखने को मिलेगा। सूत्रों के अनुसार, ‘आप’ अपने शीर्ष नेतृत्व को तीन प्रमुख राज्यों – पंजाब, गुजरात और गोवा में तैनात करेगी, जहां पार्टी मजबूत स्थिति में है। दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और दिल्ली के पूर्व हेल्थ मिनिस्टर सत्येंद्र जैन पंजाब में ‘आप’ का काम देखेंगे। वे न सिर्फ संगठनात्मक कामों को संभालेंगे बल्कि केंद्रीय नेतृत्व द्वारा तय लक्ष्यों को लागू करने में प्रदेश संयोजक और पदाधिकारियों की मदद करेंगे। इसके साथ ही सिसोदिया ‘आप’ के वादों और पंजाब सरकार द्वारा मुख्य एजेंडों के लागू करने पर भी नजर रखेंगे। प्रभारी के तौर पर वे ‘आप’ हाईकमान और पंजाब इकाई के बीच पुल का काम करेंगे। सूत्रों ने कहा कि सिसोदिया और जैन दोनों आने वाले महीनों में पंजाब में अधिक सक्रिय नजर आएंगे। इसका मकसद संगठनात्मक कार्यों से लेकर भगवंत मान सरकार की स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के साथ ‘पंजाब मॉडल’ बनाने में मदद करना है। ‘आप’ के लिए गुजरात भी एक और महत्वपूर्ण चुनावी रण का मैदान बना हुआ है। 2022 में पंजाब जीतने के बाद ‘आप’ ने भाजपा के इस ‘अभेद्य’ किले को भेदने की कोशिश की थी। दिल्ली में ‘आप’ के लिए कानूनी मुश्किलें पैदा होने के बावजूद गुजरात में अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने भगवा गढ़ में पहली बार लड़े गए विधानसभा चुनाव में 5 सीटें जीती थीं। ‘आप’ को यहां लगभग 14 प्रतिशत वोट मिले थे। सूत्रों ने बताया कि गुजरात में बड़े पैमाने पर संगठनात्मक विस्तार के सूत्रधार संदीप पाठक फिलहाल राज्य से दूर ही रहेंगे। इसलिए, गोपाल राय और दुर्गेश पाठक को गुजरात मामलों को संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। गोवा में ‘आप’ के दो विधायक हैं। वह लगातार 6-7 प्रतिशत वोट शेयर पर बरकार रखे हुए है। सूत्रों से पता चलता है कि सौरभ भारद्वाज को गोवा पर ध्यान केंद्रित करने का संकेत दिया गया था। हालांकि, दुर्गेश पाठक अभी गोवा के मामलों को अपने नियंत्रण में रख सकते हैं। ‘आप’ मुख्य विपक्षी दल के रूप में कांग्रेस की जगह लेने की कोशिश करेगी।  

Delhi High Court के जज का आग ने खोला ‘राज’, बंगले में मिला कैश का भंडार; कॉलेजियम ने कहा न्यायपालिका पर…

नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट के एक जज के आवासीय बंगले में आग लगने की घटना ने न्यायिक क्षेत्र में हलचल मचा दी है. इस आगजनी के दौरान जज के घर से बड़ी मात्रा में नकद राशि बरामद की गई. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस यशवंत वर्मा के तबादले की सिफारिश की है. चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता में तीन वरिष्ठ जजों के कॉलेजियम ने जस्टिस वर्मा को उनके मूल इलाहाबाद हाईकोर्ट, वापस भेजने की सिफारिश की है. सूत्रों के अनुसार, जब आग बुझाने वाली टीम वहां पहुंची, तो उन्हें जज के सरकारी बंगले में भारी मात्रा में नकद राशि मिली. मामले से संबंधित जानकारी के अनुसार, हाल ही में जस्टिस यशवंत वर्मा के निवास पर आग लग गई थी, जबकि उस समय जज घर पर उपस्थित नहीं थे. उनके परिवार ने फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचित किया. आग बुझाने के बाद, जब नुकसान का आकलन किया गया, तो कर्मचारियों को एक कमरे में बड़ी मात्रा में नकद मिला. यह सूचना पुलिस के उच्च अधिकारियों तक पहुंची, जिन्होंने इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी बताया. इस मामले की जानकारी मिलने के बाद, CJI संजीव खन्ना की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस वर्मा को पुनः इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है. इलाहाबाद हाई कोर्ट वापस जाएंगे सूत्रों के अनुसार, जब आग लगी, तब जस्टिस वर्मा शहर में उपस्थित नहीं थे. उनके परिवार के सदस्यों ने फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचित किया. आग बुझाने के बाद, दमकल कर्मियों ने बंगले के कमरों में बड़ी मात्रा में नकदी पाई. इसके बाद, रिकॉर्ड बुक में बेहिसाब नकदी के मिलने का आधिकारिक विवरण दर्ज किया गया. CJI को इस घटना की जानकारी दी गई, जिसके बाद कॉलेजियम की बैठक में सबसे पहले उन्हें इलाहाबाद भेजने की सिफारिश की गई. इमरजेंसी में हुई मीटिंग सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के स्थानांतरण की सिफारिश के लिए एक आपात बैठक आयोजित की, जिसमें इस संबंध में सिफारिश की गई. जानकारी के अनुसार, न्यायाधीश के खिलाफ रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद गुरुवार को यह आपात बैठक बुलाई गई. इसके साथ ही, इन-हाउस जांच पर भी चर्चा की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है. सूत्रों का कहना है कि स्थानांतरण से संबंधित प्रस्ताव को जानबूझकर सार्वजनिक नहीं किया गया है. ट्रांसफर के अलावा होगी जांच जस्टिस यशवंत वर्मा को अक्टूबर 2021 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय से दिल्ली उच्च न्यायालय में स्थानांतरित किया गया था. अब उनके खिलाफ जांच और महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने की बात उठ रही है, साथ ही उन्हें वापस भेजने की सिफारिश भी की जा रही है. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के कुछ सदस्यों ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि जस्टिस वर्मा का केवल स्थानांतरण किया जाता है, तो इससे न्यायपालिका की प्रतिष्ठा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. क्या जस्टिस वर्मा का होगा इस्तीफा? देश में न्याय व्यवस्था पर जनता का विश्वास कमजोर हो सकता है. कॉलेजियम के कुछ सदस्यों ने सुझाव दिया है कि जस्टिस वर्मा से इस्तीफा मांगा जाना चाहिए. यदि वे ऐसा करने से इनकार करते हैं, तो संसद में उन्हें हटाने के लिए महाभियोग की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है. इसके अलावा, यदि आवश्यक समझा जाए, तो उनके खिलाफ आंतरिक जांच भी की जा सकती है, जो एक सुप्रीम कोर्ट के जज और दो अलग-अलग हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की समिति द्वारा की जाती है. यदि जांच में जज दोषी पाए जाते हैं, तो रिपोर्ट संसद को आगे की कार्रवाई के लिए भेजी जाती है, जहां जज को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान होता है. जस्टिस यशवंत वर्मा 2014 में इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज बने और 2021 में उनका ट्रांसफर दिल्ली हाई कोर्ट में हुआ. वर्तमान में, वह दिल्ली हाई कोर्ट के जजों में वरिष्ठता के क्रम में तीसरे स्थान पर हैं. संविधान के अनुसार, किसी भी उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के खिलाफ भ्रष्टाचार, अनियमितता या कदाचार के आरोपों की जांच के लिए 1999 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक आंतरिक प्रक्रिया विकसित की गई थी. इस प्रक्रिया में, मुख्य न्यायाधीश पहले संबंधित न्यायाधीश से स्पष्टीकरण मांगते हैं. यदि उत्तर संतोषजनक नहीं होता या मामले की गहन जांच की आवश्यकता होती है, तो मुख्य न्यायाधीश एक सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश और दो उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों की एक आंतरिक समिति का गठन करते हैं. इसके बाद, जांच के परिणामों के आधार पर या तो न्यायाधीश का इस्तीफा लिया जाता है या महाभियोग की प्रक्रिया शुरू की जाती है.

राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई टली, कोर्ट ने इस मामले में अगली तारीख 3 अप्रैल नियत की

नई दिल्ली कांग्रेस नेता और रायबरेली सांसद राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में गुरुवार को सुल्तानपुर की एमपीएमएलए विशेष कोर्ट में सुनवाई टल गई। दीवानी न्यायालय में होली मिलन कार्यक्रम के आयोजन के कारण अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे जिसके चलते सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने इस मामले में अगली तारीख 3 अप्रैल 2025 नियत की है। इस दिन राहुल गांधी के अधिवक्ता अगले गवाह से जिरह करेंगे। यह मामला भारतीय जनता पार्टी नेता विजय मिश्रा द्वारा 2018 में दायर किया गया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने कर्नाटक चुनाव के दौरान अभद्र टिप्पणी की थी, जिससे उनकी भावनाएं आहत हुईं। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद राहुल गांधी ने फरवरी 2024 में कोर्ट में सरेंडर किया था और उन्हें जमानत मिल गई थी। 26 जुलाई 2024 को राहुल ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया, जिसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया था।   इसके बाद कोर्ट ने परिवादी को साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। हालांकि, अधिवक्ताओं की हड़ताल और अन्य कारणों से कई बार सुनवाई टल चुकी है। 11 फरवरी को राहुल के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने परिवादी से जिरह की थी और अब अगले गवाह से जिरह के लिए 3 अप्रैल की तारीख तय की गई है। कोर्ट की कार्यवाही व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ रही है और सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जा रहा है फिलहाल, यह मामला सुचारु रूप से चल रहा है, और अगली सुनवाई में आगे की प्रगति की उम्मीद है।  

मंदिरों पर बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने का इनकार, याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट जाने को कहा

नई दिल्ली मयूर विहार फेज 2 में स्थित तीन मंदिरों पर बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। देश की सर्वोच्च अदालत ने रोक लगाने वाली अर्जी को खारिज करते हुए याचिकाकर्ताओं को दिल्ली हाईकोर्ट जाने को कहा है। मयूर विहार फेज-2 में स्थित तीन मंदिरों पर डीडीए कार्रवाई करने पहुंचा था। दिल्ली प्रशासन का पंजा(बुलडोजर) देख वहां रहने वाले स्थानीय लोगों ने हंगामा और विरोध करना शुरू कर दिया था, जिसके बाद कार्रवाई को रोकना पड़ा था। मयूर विहार फेज 2 में तीन मंदिर हैं। पूर्वी दिल्ली काली बाड़ी समिति,श्री अमरनाथ मंदिर संस्था और श्री बद्रीनाथ मंदिर। इन तीनों मंदिरों की समितियों ने सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के 19 मार्च 2025 को जारी विध्वंस नोटिस को चुनौती दी है। वकील विष्णु शंकर जैन के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि अधिकारियों ने बुधवार रात 9 बजे सार्वजनिक नोटिस लगाया और बताया कि मंदिरों को 20 मार्च 2025 को सुबह 4 बजे ध्वस्त कर दिया जाएगा। वकील विष्णु शंकर जैन ने याचिका में कहा कि डीडीए या किसी धार्मिक समिति के किसी भी प्राधिकरण द्वारा मंदिरों को सुनवाई का कोई अवसर नहीं दिया गया। याचिका में बताया गया है कि मंदिर 35 साल पुराने हैं और डीडीए ने खुद काली बाड़ी समिति मंदिर को मंदिर के सामने मैदान में दुर्गा पूजा करने की अनुमति दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने मंदिरों की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया और उन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय जाने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में आगे कहा गया कि डीडीए ने अपनी मनमानी से, सुप्रीम कोर्ट के फैसले और भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और 25 के प्रावधानों का पूरी तरह उल्लंघन करते हुए,मंदिर को गिराने का फैसला किया है। डीडीए या किसी धार्मिक समिति के किसी भी अधिकारी ने याचिकाकर्ताओं को सुनवाई का कोई मौका नहीं दिया। मयूर विहार फेज-2 पहुंची डीडीए की टीम को स्थानीय लोगों का विरोध झेलना पड़ा। पटपड़गंज विधायक रविंदर सिंह नेगी ने लोगों को आश्वासन दिया कि सीएम रेखा गुप्ता ने अनिश्चतकाल के लिए कार्रवाई पर रोक लगा दी है। दिल्ली विकास प्राधिकरण की टीम भी बाद में लौट गई। इसके बाद मामला देश की सर्वोच्च अदालत पहुंचा।

दिल्ली में हत्याकांड का खुलासा- आसिफ ने कोमल को मारकर उसे पत्थर से बांधा गया और फिर लाश नहर में फेंक दी

नई दिल्ली दिल्ली में एक लड़की की हत्या के बाद सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सीमापुरी के सुंदरी नगर में रहने वाली कोमल नाम की एक लड़की को मारकर उसे पत्थर से बांधा गया और फिर लाश नहर में फेंक दी गई। पुलिस आसिफ नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो उसे लंबे समय से उसे जानता था। हत्याकांड को 12 मार्च को अंजाम दिया गया था, जबकि लाश 17 मार्च को बरामद की गई थी। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में टैक्सी चलाने वाले आसिफ की कोमल से लंबे समय से जान पहचान थी। 12 मार्च को आसिफ ने कोमल को सीमापुरी इलाके से अपनी कार में बिठाया। इस दौरान दोनों में किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ। झगड़े के दौरान आसिफ ने गला दबाकर कोमल की हत्या कर दी। कोमल की हत्या के बाद आसिफ ने लाश को ठिकाने के लिए हैरान करने वाली तरकीब निकाली। उसने शव को एक भारी पत्थर से बांध छावला इलाके में मौजूद नहर में फेंक दिया। कई दिनों तक पानी में रहने के बाद जब शव काफी फूल गया तो यह पानी की सतह पर आ गया। लोगों ने नहर में लाश देखकर पुलिस को खबर दी। इससे पहले कोमल के परिवारवालों ने पुलिस को उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। लाश मिलने के बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा छावला पुलिस स्टेशन में दर्ज किया और जांच शुरू की। पुलिस ने जल्द ही कड़ियों को जोड़ते हुए आसिफ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आसिफ के साथ और भी कोई इस अपराध में शामिल थी।

कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से मांगी डिटेल, कपिल मिश्रा के उस X में क्या विवादित था? 8 अप्रैल को फैसला

नई दिल्ली दिल्ली सरकार के कानून मंत्री कपिल मिश्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। चुनाव आचार संहिता उल्लंघन मामले में दिल्ली की अदालत ने पुलिस से कपिल के उस विवादित एक्स पोस्ट की जानकारी मांगी है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इसी के साथ मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल तक के लिए टाल दी है। उस दिन कपिल मिश्रा पर आरोप भी तय हो सकता है। आचार संहिता के उल्लंघन वाले मामले पर आज सुनवाई करते हुए दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उत्तरी पश्चिमी जिले के डीसीपी से ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) से उस पोस्ट की जानकारी जुटाने के बारे में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है,जो कथित तौर पर दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने पोस्ट की थी। कोर्ट ने आदेश दिया है कि डीसीपी अगली सुनवाई से पहले एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करें। कोर्ट ने आरोप तय करने पर बहस के लिए मामले को 8 अप्रैल को सूचीबद्ध किया है। इससे एक दिन पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने कपिल मिश्रा को कोई राहत न देते हुए निचली अदालत में चल रही सुनवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। कपिल मिश्रा के वकील ने निचली अदालत में चल रही सुनवाई को रोकने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि कपिल मिश्रा के खिलाफ FIR CrPc में दिए गए नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किए बिना दर्ज की गई थी। उनके वकील ने यह भी कहा कि ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर किया गया पोस्ट किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से नहीं किया गया था। सोशल मीडिया पोस्ट में किसी भी धर्म या धार्मिक समुदाय का जिक्र नहीं था। इसके अलावा, पोस्ट में CAA प्रदर्शन को लेकर भी कोई टिप्पणी नहीं की गई थी।

दिल्ली : रोहिणी इलाके में पुलिस के साथ मुठभेड़, दो बदमाशों के पैर में लगी गोली

नई दिल्ली दिल्ली के रोहिणी के बेगमपुर इलाके में बुधवार देर रात दिल्ली पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ बदमाश कार में सवार होकर इलाके में आने वाले हैं. इस इनपुट के आधार पर जिला पुलिस ने ट्रैप लगाया और बदमाशों को रोकने की कोशिश की. बदमाशों ने की फायरिंग जैसे ही पुलिस ने बदमाशों को रोकने का प्रयास किया, उन्होंने पुलिस टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें कई राउंड गोलियां चलीं. इस मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैर में गोली लगी, जबकि तीसरे को भी हिरासत में ले लिया गया.  घायल बदमाशों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. गोविंद: 70 से ज्यादा मामले दर्ज पकड़े गए बदमाशों में से एक का नाम गोविंद है, जिसके खिलाफ 70 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं. यह अपराधी लंबे समय से पुलिस की रडार पर था और कई संगीन वारदातों में शामिल रहा है. पुलिस के लिए उसकी गिरफ्तारी एक बड़ी सफलता मानी जा रही है. दूसरा बदमाश: 16 अपराधों का आरोपी दूसरे गिरफ्तार बदमाश के खिलाफ 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं. इन तीनों अपराधियों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है, जिसमें लूट, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं. पुलिस अब इनके नेटवर्क और अन्य संभावित साथियों की तलाश में जुट गई है.  

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