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केएमएफ के प्रबंध निदेशक एमके जगदीश ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी, दिल्ली के दूध मार्केट में नंदिनी ब्रांड की एंट्री

नई दिल्ली दिल्ली में अमूल और मदर डेयरी जैसे बड़े डेयरी ब्रांड की टेंशन बढ़ने वाली है। दरअसल, नंदिनी ब्रांड के तहत अपने डेयरी उत्पादों का डिस्ट्रिब्यूशन करने वाले कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) ने विस्तार की योजना बनाई है। यह फेडरेशन दूध और दही जैसे ताजा डेयरी उत्पादों के साथ दिल्ली तक अपनी पहुंच का विस्तार करने को तैयार है। केएमएफ के प्रबंध निदेशक एमके जगदीश ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया 21 नवंबर को दिल्ली में नंदिनी दूध और दही उत्पाद लॉन्च करेंगे। इसके अलावा 26 नवंबर को बेंगलुरु में इडली और डोसा बैटर भी पेश किया जाएगा। कहां तक है KMF का विस्तार KMF अपने उत्पाद कर्नाटक, महाराष्ट्र (मुंबई, नागपुर, पुणे और सोलापुर), गोवा, हैदराबाद, चेन्नई और केरल में बेचता है। दिल्ली में एंट्री के साथ फेडरेशन उत्तर भारतीय बाजार में प्रवेश कर सकेगा। यहां नंदिनी ब्रांड गुजरात सहकारी दूध विपणन महासंघ के अमूल जैसे बड़े ब्रांड के साथ प्रतिस्पर्धा करेगा। बता दें कि दिल्ली के डेयरी बाजार पर फिलहाल मदर डेयरी, अमूल, मधुसूदन और नमस्ते इंडिया जैसे ब्रांडों का दबदबा है। विस्तार के लिए KMF का प्लान हाल ही KMF ने मांड्या मिल्क यूनियन से दिल्ली तक इंसुलेटेड रोड टैंकरों के माध्यम से दूध के ट्रांसपोर्ट के लिए एक टेंडर जारी किया है। KMF ने मांड्या से दिल्ली, हरियाणा के कुछ हिस्सों सहित आसपास के क्षेत्रों में दूध पहुंचाने के लिए 2,190 टैंकरों का उपयोग करने की योजना बनाई है। मनीकंट्रोल से फेडरेशन के एक अधिकारी ने कहा- ट्रांसपोर्ट किए जाने वाले दूध की दैनिक अनुमानित मात्रा लगभग 1,00,000 किलोग्राम है। 33 केएल टैंकरों के साथ प्रतिदिन तीन टैंकरों की आवश्यकता होगी। कर्नाटक के 22,000 गांवों में है KMF KMF कर्नाटक के 22,000 गांवों में 15 यूनियनों, 24 लाख दूध उत्पादकों और 14,000 सहकारी समितियों के विशाल नेटवर्क से जुड़ा है। यह प्रतिदिन 8.4 मिलियन लीटर दूध प्रोसिडिंग करता है और 65 से अधिक उत्पाद पेश करता है। फेडरेशन किसानों को प्रतिदिन 17 करोड़ रुपये वितरित करता है और 2021-22 में लगभग 19,800 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। केएमएफ सशस्त्र बलों को भी आपूर्ति करता है। यह फेडरेशन मध्य पूर्व, सिंगापुर, भूटान, म्यांमार और अमेरिका जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दूध का निर्यात करता है।

शराब घोटाले में केजरीवाल की HC से मांग, मेरा मुकदमा रोक दीजिए, उन्होंने इसके लिए मंजूरी नहीं होने की दलील दी

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कथित शराब घोटाले में एक बार फिर दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने ट्रायल कोर्ट में उनके खिलाफ मुकदमा चलाए जाने पर रोक की मांग की है। केजरीवाल ने ट्रायल कोर्ट की ओर से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत पर संज्ञान लेने के फैसले को चुनौती दी है। उन्होंने इसके लिए मंजूरी नहीं होने की दलील दी है। याचिका में तर्क दिया गया है कि निचली अदालत के न्यायाधीश ने कथित आदेश में पीएमएलए की धारा 3 के तहत अपराध का संज्ञान लेने में गलती की है। याचिकाकर्ता केजरीवाल ने कहा है कि अभियोजन के लिए सीआरपीसी की धारा 197 (1) के तहत पूर्व मंजूरी प्राप्त करना आवश्यक है। लेकिन उनके मामले में ईडी ने ऐसा नहीं किया है। यह विशेष रूप से जरूरी है क्योंकि याचिकाकर्ता अरविंद केजरीवाल कथित अपराध के समय एक लोक सेवक (मुख्यमंत्री) थे। इससे पहले 12 नवंबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की ओर से दायर उस याचिका पर ईडी से जवाब मांगा था जिसमें उन्होंने उन्हें जारी समन को चुनौती दी है। अरविंद केजरीवाल इस समय ईडी और सीबीआई केस में जमानत पर हैं। केजरीवाल को इस मामले में इसी साल 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी। केजरीवाल के अलावा इस मामले में दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और पार्टी नेता विजय नायर को भी जेल जाना पड़ा था। फिलहाल सभी नेता जमानत पर बाहर हैं। केंद्रीय जांच एजेंसियों ईडी और सीबीआई का आरोप है कि अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगियों ने गलत तरीके से शराब कारोबारियों को फायदा पहुंचाया और बदले में उनसे रिश्वत ली। रिश्वत की रकम का इस्तेमाल पंजाब विधानसभा चुनाव में किए जाने का आरोप है। हालांकि, आम आदमी पार्टी और दिल्ली सरकार आरोपों को झूठा बताती रही है।

प्रदूषण की स्थिति लगातार गंभीर, मंत्री गोपाल राय ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को पत्र लिखकर बैठक बुलाने की मांग की

नई दिल्ली दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। सोमवार से ग्रैप-4 को भी लागू कर दिया गया है। इन सब के बीच, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को पत्र लिखकर बैठक बुलाने की मांग की है। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर आईएएनएस ने खास बातचीत की। इसमें उन्होंने केंद्र सरकार के रवैए और प्रदूषण की मौजूदा स्थिति पर विचार व्यक्त किए। गोपाल राय से जब पूछा गया कि आपने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को पत्र लिखा है, क्या लगता है जवाब आएगा। इस पर गोपाल राय ने सवाल करते हुए कहा कि क्यों नहीं आएगा? यही तो देश जानना चाहता है कि भाजपा की केंद्र सरकार इतनी लापरवाह है कि एक बैठक भी नहीं बुला सकती। काम करना तो दूर, केंद्र सरकार एक बैठक भी नहीं बुला सकती और किसी को भरोसा नहीं है कि वह बैठक बुलाएंगे। आज पूरा उत्तर भारत, सिर्फ दिल्ली ही नहीं, वायु आपातकाल की स्थिति में है। बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, बच्चों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और भाजपा सरकार सो रही है। उनके पास एक बैठक बुलाने की भी फुर्सत नहीं है। इससे ही उनकी गंभीरता का पता चलता है। उन्होंने कहा कि इस इमरजेंसी जैसी स्थिति के समाधान के लिए हमने अगस्त से केंद्र सरकार से लगातार संपर्क किया। हमने सबसे पहले 30 अगस्त को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को पत्र लिखा, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। फिर 10 अक्टूबर को और फिर 23 अक्टूबर को पत्र भेजा, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। आज स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि अब हमें फिर से पत्र लिखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मेरा निवेदन है कि इस पर तुरंत हस्तक्षेप करें और कार्रवाई की जाए। दिल्ली में ऑड-ईवन लागू करने और वर्क फ्रॉम होम जैसे कदम उठाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम सभी पहलुओं पर नज़र बनाए हुए हैं और विशेषज्ञों की राय ले रहे हैं। जो भी जरूरी कदम होगा, हम उठाएंगे। हम स्थिति का पूरी तरह से आकलन कर रहे हैं और हर जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार हैं। डीटीसी कर्मचारियों के हड़ताल को लेकर किए गए सवाल पर उन्होंने कहा कि हम डीटीसी कर्मचारियों से बातचीत कर रहे हैं। हमारा सबसे निवेदन है कि इस समय सभी को मिलकर सहयोग करने की जरूरत है। हम सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए, ताकि संकट की स्थिति को दूर किया जा सके। दिल्ली में भाजपा की ओर मास्क बांटे जाने पर उन्होंने कहा कि भाजपा के मंत्री एक बैठक बुलाने को तैयार नहीं हैं और मास्क बांट रहे हैं। भाजपा नेताओं से मेरा निवेदन है कि नौटंकी बंद करें। अपनी सरकार को कहिए कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से एक बैठक बुलवाएं। अगर वे कुछ नहीं कर सकते, तो कम से कम मास्क बांटने का ही काम करें।

सिर्फ बालकनी से नहीं,दिल्ली का प्रदूषण अंतरिक्ष से भी दिखाई दे रहा है, चौंका देंगी तस्वीरें

नई दिल्ली उत्तर भारत में इन दिनों प्रदूषण का कहर जारी है। खराब आबोहवा के बीच लोगों का सांस लेना भी दूभर हो रहा है। दिल्ली के कई इलाकों में विजिबिलिटी बेहद खराब रही जहां कोहरे और धुंध की वजह से स्थिति असामान्य बनी हुई है। दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद जैसे प्रमुख शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) का स्तर गंभीर श्रेणी तक पहुंच गया है जो विश्व स्वास्थ्य संगठन के बताए गए सुरक्षित सीमा से कहीं ज्यादा है। इस बीच अब सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं जिनमें यह दावा किया जा रहा है कि दिल्ली का प्रदूषण अंतरिक्ष से भी दिखाई दे रहा है। रेडिट पर शेयर किए गए एक तस्वीर में भारत के नक्शा दिखाई दे रहा है। इस तस्वीर के कैप्शन में लिखा है, “उत्तर भारत में प्रदूषण अंतरिक्ष से साफ दिखाई दे रहा है। सिर्फ एक महीने पहले ऐसा नहीं था।” नक्शे में देखा जा सकता है कि एक महीने पहले जहां स्थिति सामान्य थी, वहां अब सफेद चादर की परत दिखाई दे रही है। इस पोस्ट पर लोग तरह तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “यह सच में पागलपन है।” वहीं एक अन्य यूजर ने कहा, “यह इतना भयानक है कि मेरा एयर प्यूरीफायर बिना रुके चल रहा है लेकिन यह अभी भी लाल बत्ती दिखाता है। मैंने दरवाजे और खिड़कियां बंद कर दी हैं लेकिन यह ठीक नहीं हो रहा।” कुछ लोग इस पर मजेदार कमेंट भी करते दिखे। एक यूजर ने कहा, “अगर ऐसा ही चलता रहा तो हमें भारत में ज्यादा जनसंख्या के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है। मुझे लगता है कि औसत जीवन आयु दर 1900 की स्थिति में पहुंच जाएगी।” गौरतलब है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार दिल्ली के कई इलाकों में AQI 500 के आंकड़े को भी पार कर चुका है। इस स्केल पर 0 से 50 के बीच AQI को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बहुत खराब’, 401 से 450 को ‘गंभीर’ और 450 से ऊपर को ‘गंभीर से अधिक’ माना जाता है।

Delhi Metro यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब सिंगल प्लेटफॉर्म पर खरीदें दिल्ली मेट्रो, नमो भारत के QR टिकट

नई दिल्ली दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) की ट्रेन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की धड़कन बन चुकी है। यह दिल्ली के चप्पे-चप्पे में तो चल ही रही है, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के भी कई इलाकों में चल रही है। इसी के साथ अब नमो भारत ट्रेन (Namo Bharat Train) का परिचालन शुरू हो गया है। इस समय यह ट्रेन मेरठ साउथ से सहिबाबाद तक चल रही है। जल्दी ही इसकी सेवा आनंद विहार और न्यू अशोक नगर स्टेशनों तक मिलेगी। इन दोनों स्टेशनों पर नमो भारत ट्रेन और दिल्ली मेट्रो ट्रेन का जंक्शन है। अब यात्री एक टिकट पर ही दोनों ट्रेनों पर यात्रा कर सकेंगे। इसके लिए अलग अलग टिकट खरीदने की बाध्यता नहीं होगी। एकीकृत टिकटिंग सिस्टम लॉन्च राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) नेअपने एकीकृत क्यूआर-टिकटिंग सिस्टम को आधिकारिक तौर से लॉन्च कर दिया। इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में यात्रा को और अधिक आसान एवं सुविधाजनक बनाना है। दिल्ली-एनसीआर में एक एकीकृत, एवं डिजिटल रूप से संचालित यात्री केंद्रित नेटवर्क बनाने के उद्देश्य से इसी साल, अगस्त में एनसीआरटीसी और डीएमआरसी के बीच एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किया गया था। यह पहल उसी दिशा में बढ़ाया गया एक कदम है। इससे आरआरटीएस के परिचालित 42 किलोमीटर के कॉरिडोर के साथ अब 393 किलोमीटर के डीएमआरसी मेट्रो नेटवर्क के जुड़ने से, यात्री एकीकृत और कुशल यात्रा अनुभव का आनंद ले सकते हैं। किन्होंने की शुरुआत एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल और डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक विकास कुमार ने मोबाइल ऐप पर नमो भारत और दिल्ली मेट्रो की टिकट बुक कर आधिकारिक तौर पर इस एकीकृत टिकटिंग सिस्टम की शुरुआत की। उन्होने यह विश्वास जताया कि यह डिजिटल एकीकरण यात्रियों की राह तो आसान करेगा ही, साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को प्रोत्साहित भी करेगा। यात्री अब ‘आरआरटीएस कनेक्ट’ ऐप के माध्यम से दिल्ली मेट्रो का क्यूआर कोड टिकट और ‘डीएमआरसी मोमेंटम 2.0’ ऐप से नमो भारत के लिए क्यूआर कोड टिकट बुक कर सकते हैं। इससे आरआरटीएस और दिल्ली मेट्रो, दोनों में निर्बाध टिकटिंग संभव होगी। यात्रियों को क्या होगा फायदा बताया जा रहा है कि आरआरटीएस और डीएमआरसी नेटवर्क का एकीकरण, इस नई लॉन्च की गई क्यूआर-टिकटिंग प्रणाली के साथ और सुदृढ़ होगा तथा एनसीआर में निर्बाध यात्रा का अनुभव सुनिश्चित करेगा। दोनो ही परिवहन प्रणालियां मल्टी-मॉडल इंटिग्रेशन के तहत, आपस मे जोड़ी जा रही हैं। नमो भारत द्वारा प्रदान की जाने वाली क्षेत्रीय पारगमन सेवा और दिल्ली मेट्रो द्वारा प्रद्दत इंट्रा-सिटी पारगमन सेवाएं, साथ मिलकर एक व्यापक और कुशल आवागमन नेटवर्क बनाती हैं। यह निर्बाध कनेक्टिविटी न केवल यात्रा को सुविधाजनक बनाती है बल्कि सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को भी प्रोत्साहन देती है, जिससे इन आवश्यक पारगमन परियोजनाओं की दीर्घकालिक सततता में भी योगदान मिलता है। एनसीआरटीसी आरआरटीएस परियोजना के कार्यान्वयन के साथ इस क्षेत्र के परिवहन परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस एकीकरण से उम्मीद है कि नमो भारत व दिल्ली मेट्रो, दोनों परिवहन प्रणालियों के स्टेशनों पर टिकट की लाइनें कम होंगी, यात्रियों का बहुमूल्य समय बचेगा, डिजिटल लेनदेन और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा विकल्पों को बढ़ावा मिलेगा तथा यात्रियों को अधिक सहज और समय-कुशल यात्रा अनुभव का लाभ मिल सकेगा। आईआरसीटीसी से भी हुआ है समझौता एनसीआरटीसी ने आईआरसीटीसी के साथ भी इसी प्रकार का एक समझौता किया है जिसके अंतर्गत, यात्री आईआरसीटीसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारतीय रेलवे के ट्रेन टिकट के साथ-साथ नमो भारत ट्रेन टिकट भी बुक कर सकते हैं। इससे यात्रियों के लिए टिकट लेना आसान तो होगा ही, उनका समय भी बचेगा। अभी नमो भारत रेल की सेवा कहां तक अभी नमो भारत रेल की सेवा 9 स्टेशनों के साथ 42 किलोमीटर का कॉरिडोर परिचालित है। इनमें साहिबाबाद, गाज़ियाबाद, गुलधर, दुहाई, दुहाई डिपो, मुराद नगर, मोदी नगर साउथ, मोदी नगर नॉर्थ और मेरठ साउथ शामिल हैं। सहिबाबाद से दिल्ली की तरफ देखें तो आनंद विहार होते हुए न्यू अशोक नगर सेक्शन में ट्रायल रन निर्बाध रूप से चल रहा है। इस सेक्शन का परिचालन आरंभ होने के बाद, कॉरिडोर के परिचालित सेक्शन का विस्तार 54 किलोमीटर तक हो जाएगा। यह सेक्शन आनंद विहार और न्यू अशोक नगर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों को जोड़ेगा, जिससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में यात्रियों के लिए पारगमन विकल्प की संख्या में विशिष्ट वृद्धि होगी। इस विस्तार से एनसीआर में यात्रियों के लिए अधिक सुविधा, सुव्यवस्थित कनेक्टिविटी और बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को आदेश के बिना ग्रैप-4 की पाबंदियां हटाने से भी रोका

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में तेजी बढ़ते प्रदूषण के बीच ग्रैप के तीसरे चरण की पाबंदियां लागू करने में देरी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आज वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को फटकार लगाई है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के अधिकारियों को उसके आदेश के बिना ग्रैप-4 की पाबंदियां हटाने से भी रोक दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों से पूछा कि दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-3 लागू करने में 3 दिन की देरी क्यों हुई। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह एक आदेश पारित करने का प्रस्ताव कर रहा है कि अधिकारी अदालत की इजाजत के बिना ग्रैप के चरण 4 से नीचे नहीं जाएंगे, भले ही वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 से नीचे चला जाए। पीटीआई के अनुसार, जस्टिस अभय एस. ओका और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा कि राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद भी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के चरण 4 के तहत निवारक उपायों के कार्यान्वयन में देरी हुई है। कोर्ट ने इस देरी को लेकर दिल्ली सरकार से सवाल किया और कोर्ट ने दिल्ली सरकार से राजधानी में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी बताने को कहा। इस दौरान दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ग्रैप-4 सोमवार से लागू हो गया है और भारी वाहनों को राजधानी में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। “जब AQI 300 से 400 के बीच पहुंचता है, तो चरण 4 लागू करना होता है। बेंच ने वकील से कहा, “आप ग्रैप के चरण 4 लागू करने में देरी करके इन मामलों में जोखिम कैसे उठा सकते हैं।” कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि अदालत जानना चाहती है कि उसने प्रदूषण के स्तर में खतरनाक वृद्धि को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं। बेंच ने कहा, “हम चरण 4 के तहत निवारक उपायों को कम करने की अनुमति नहीं देंगे, भले ही एक्यूआई 450 से नीचे चला जाए। चरण 4 तब तक जारी रहेगा, जब तक अदालत अनुमति नहीं देती।” इसके साथ ही बेंच ने कहा कि वह दिन के काम के अंत में मामले की विस्तार से सुनवाई करेगी। बता दें कि, सीएक्यूएम ने रविवार को ग्रैप-4 के तहत दिल्ली-एनसीआर के लिए प्रदूषण नियंत्रण उपायों के तहत सख्त पाबंदिया लागू करने घोषणा की थी, जो सोमवार सुबह 8 बजे से प्रभावी होंगे, जिसमें ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध और सार्वजनिक परियोजनाओं पर निर्माण पर अस्थायी रोक शामिल है। सीएक्यूएम ने यह आदेश तब जारी किया, जब दिल्ली का वायु गुणवत्ता (एक्यूआई) गंभीर हो गई, जो शाम 4 बजे 441 पर पहुंच गई और प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण शाम 7 बजे 457 तक जा पहुंची। सुप्रीम कोर्ट ने 14 नवंबर को याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने पर सहमति व्यक्त की थी, क्योंकि उसे बताया गया था कि बढ़ते प्रदूषण के कारण दिल्ली को दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर नहीं बनना चाहिए। कोर्ट ने पहले कहा था कि प्रदूषण मुक्त वातावरण में रहने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 द्वारा संरक्षित प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही है।

AAP से इस्तीफा देकर BJP में शामिल हुए कैलाश गहलोत, बोले- ED-CBI के दबाव में नहीं बदली है पार्टी

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे चुके कैलाश गहलोत आज बीजेपी में शामिल हो गए हैं. उन्होंने बीजेपी हेडक्वार्टर में आधिकारिक रूप से बीजेपी की सदस्यता ली. कैलाश गहलोत ने बीजेपी नेता मनोहर लाल खट्टर, दुष्यंत गौतम और हर्ष मल्होत्रा की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ली. बीजेपी में शामिल होने के बाद गहलोत ने कहा कि आम आदमी पार्टी छोड़ना आसान नहीं था. यह फैसला मैंने एक रात में नहीं लिया. गहलोत ने कहा कि जो लोग ये नैरेटिव बना रहे हैं कि मैंने किसी के दबाव में आकर यह फैसला लिया है तो यह गलत है. मैंने आज तक किसी के भी दबाव में कोई काम नहीं किया. 2015 से मेरे राजनीतिक जीवन में मैंने कभी किसी के दबाव में कुछ काम नहीं किया. ये गलतफहमी है. कैलाश गहलोत ने कहा कि ये जो नैरेटिव बनाया जा रहा है कि मैंने ईडी या सीबीआई के दबाव में आम आदमी पार्टी छोड़ी है तो ये गलत है. मैं पेशे से वकील हूं. मैं वकालत छोड़कर आम आदमी पार्टी से जुड़ा था क्योंकि हमें एक पार्टी में एक व्यक्ति में उम्मीद नजर आई थी. मेरा मकसद सिर्फ लोगों की सेवा करना था. उन्होंने एक दिन पहले ही आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था. इस बीच आम आदमी पार्टी के संयोजक ने गहलोत के बीजेपी में शामिल होने के सवाल पर कहा है कि यह उनकी (गहलोत) मर्जी है, वह जहां भी जाएं. गहलोत ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी लिखकर कहा था कि नया बंगला जैसे कई शर्मनाक और अजीबोगरीब विवाद हैं, जो अब सभी को संदेह में डाल रहे हैं कि क्या हम अभी भी आम आदमी होने में विश्वास करते हैं…अब यह स्पष्ट है कि अगर दिल्ली सरकार अपना अधिकांश समय केंद्र से लड़ने में बिताती है तो दिल्ली के लिए वास्तविक प्रगति नहीं हो सकती. मेरे पास AAP से अलग होने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है और इसलिए मैं आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं. बता दें कि कैलाश गहलोत ने AAP पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा था कि एक और दर्दनाक बात यह है कि लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने के बजाय हम केवल अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए लड़ रहे हैं, इससे दिल्ली के लोगों को बुनियादी सेवाएं प्रदान करने में भी कठिनाई हो रही है… मैंने अपनी राजनीतिक यात्रा दिल्ली के लोगों की सेवा करने की प्रतिबद्धता के साथ शुरू की थी और मैं ऐसा करना जारी रखना चाहता हूं, यही कारण है कि मेरे पास किसी भी पार्टी से अलग होने का कोई विकल्प नहीं बचा है और मैं आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं. बता दें कि नजफगढ़ से विधायक गहलोत ने रविवार को तत्काल प्रभाव से मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया था. वह गृह, प्रशासनिक सुधार, आईटी और महिला एवं बाल विकास विभागों के प्रभारी थे. यह घटनाक्रम दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले हुआ है, जो फरवरी में होने हैं.  

आज ही कैलाश गहलोत हो सकते हैं भाजपा में शामिल, एक दिन पहले छोड़ा था अरविंद केजरीवाल का साथ

नई दिल्ली  दिल्ली सरकार में मंत्री रहे कैलाश गहलोत बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से खबर है कि कैलाश गहलोत दोपहर में बीजेपी में शामिल होंगे। गहलोत ने एक दिन पहले ही आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दिया था। कैलाश गहलोत दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्रालय समेत कई अहम विभाग देख रहे थे। गहलोत का पिछले कुछ महीनों से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मतभेद चल रहा था। केजरीवाल पर लगाए थे आरोप गहलोत ने अपने इस्तीफे में पार्टी के सामने मौजूद ‘गंभीर चुनौतियों’ की ओर इशारा किया था। उन्होंने पार्टी के अहम नेता गहलोत ने केजरीवाल पर कटाक्ष भी किया था। उन्होंने इस्तीफे में ‘शीशमहल’ जैसे विवादों को भी उठाया था। गहलोत ने ‘शीशमहल’ विवाद का जिक्र भाजपा नेताओं के उस आरोप की पृष्ठभूमि में किया था। बीजेपी ने आरोप लगाया था कि केजरीवाल ने ‘6 फ्लैगस्टाफ रोड’ स्थित अपने पूर्व आधिकारिक आवास पर महंगी चीजों और आधुनिक सुविधाओं पर करोड़ों खर्च किए हैं। आप ने कहा ईडी के दबाव में इस्तीफा आप’ नेताओं ने कहा कि गहलोत ईडी और सीबीआई के मामलों का सामना कर रहे हैं और उनके पास बीजेपी में शामिल होने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह बीजेपी की ‘घिनौनी राजनीतिक साजिश’ है। वह ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग करके दिल्ली विधानसभा चुनाव जीतना चाहती है। वहीं, बीजेपी की दिल्ली इकाई के प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने गहलोत के इस्तीफे का स्वागत करते हुए कहा कि साहसी कदम बताया था। बीजेपी ने क्या कहा? सचदेवा का कहना था कि गहलोत ने उन्हीं मुद्दों को उठाते हुए पद छोड़ा है, जिनके लिए बीजेपी केजरीवाल और ‘आप’ के खिलाफ लड़ाई कर रही थी। उनके इस्तीफे से साबित होता है कि ‘आप’ के नेता भी केजरीवाल को ईमानदार नेता नहीं मानते हैं। आप के वरिष्ठ नेता गहलोत ने ऐसे में समय में इस्तीफा दिया है जब पार्टी अगले साल फरवरी में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रही है।

कैलाश गहलोत के पास दिल्ली सरकार के कई विभागों की जिम्मेदारियां थीं, अब इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री खुद समभालेंगी ये विभाग

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत ने इस्तीफा दे दिया है। उनके पास परिवहन विभाग समेत कई विभागों की जिम्मेदारी थी। अब जानकारी सामने आई है कि सीएम आतिशी ही इन विभागों की कमान संभालेंगी। इसके लिए उन्होंने दिल्ली के एलजी को प्रस्ताव भेज दिया है। दिल्ली की नजफगढ़ सीट से विधानसभा पहुंचने वाले कैलाश गहलोत के पास दिल्ली सरकार के कई विभागों की जिम्मेदारियां थीं। कैलाश गहलोत के मौजूदा विभाग कैलाश गहलोत के पास परिवहन मंत्रालय से लेकर गृह मंत्रालय तक की जिम्मेदारी थी। इसके अलावा उनके पास प्रशासनिक सुधार, महिला और बाल विकास, सूचना प्रोद्योगिकी और प्रशासनिक सुधार जैसे बड़े विभाग थे। अब इन विभागों की जिम्मेदारी सीएम आतिशी संभालेंगीं। सीएम आतिशी के मौजूदा विभाग दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के पास इस समय करीब 13 विभागों की कमान है। सीएम आतिशी के पास इस समय शिक्षा, पॉवर, लोक निर्माण विभाग, ट्रेनिंग और टेक्निकल एजूकेशन, जनसंपर्क विभाग, राजस्व, वित्त, सेवा, जल, सतर्कता, योजना और कानून न्याय और विधिक मामले जैसे विभाग हैं। इसके अलावा उनके पास उन सभी विशेष विभागों की जिम्मेदारी है जो किसी भी मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं। पहले भी आतिशी पर दिखाया गया था भरोसा दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के पास इस समय करीब 13 विभागों की कमान है। इसके अलावा अब उनके पास और भी जिम्मेदारियां आ जाएंगीं। आपको बता दें कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के जेल में जाने के दौरान भी पार्टी ने आतिशी पर भरोसा जताया था। उस समय भी मनीष सिसोदिया के विभाग आतिशी के पास पहुंचे थे। इसमें शिक्षा मंत्रालय की चर्चा काफी हुई थी।

केजरीवाल ने भाजपा के नेता अनिल झा को आम आदमी पार्टी की सदस्यता दिलाई, लगा झटका

नई दिल्ली दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री के पद पर काबिज कैलाश गहलोत ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया। गहलोत का इस्तीफा आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। कैलाश गहलोत को अरविंद केजरीवाल का करीबी माना जाता था, और उनके इस्तीफे के बाद से आम आदमी पार्टी में हलचल मच गई है। वहीं अब आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें उन्होंने दिल्ली के राजनीतिक हालात पर अपने विचार साझा किए। इस दौरान, केजरीवाल ने भा.ज.पा. के नेता अनिल झा को आम आदमी पार्टी की सदस्यता दिलाई। जो बीजेपी के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकती है। इस्तीफा और पार्टी में हलचल आपको बता दें कि कैलाश गहलोत के इस्तीफे के बाद, आम आदमी पार्टी में स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई है। गहलोत को अरविंद केजरीवाल के विश्वसनीय सहयोगियों में गिना जाता था, और उनकी ओर से इस्तीफा देना पार्टी के लिए एक अचानक और अप्रत्याशित कदम था। पार्टी ने गहलोत के इस्तीफे को साजिश करार दिया है और इसका आरोप भाजपा पर लगाया है। पार्टी का मानना है कि यह सब एक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।   अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया इस इस्तीफे के बाद, आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि यह सब एक साजिश है और गहलोत का इस्तीफा पार्टी की योजनाओं को नुकसान पहुंचाने के लिए दिया गया है।    केजरीवाल ने BJP नेता को दिलाई पार्टी सदस्यता इस मौके पर, अरविंद केजरीवाल ने भा.ज.पा. के नेता अनिल झा को आम आदमी पार्टी की सदस्यता दिलाई। यह कदम खास था क्योंकि केजरीवाल ने यह दिखाने की कोशिश की कि भाजपा के लोग भी पार्टी छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हो रहे हैं, जो भाजपा के लिए एक बड़ा संदेश हो सकता है। कैलाश गहलोत का इस्तीफा आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक संकट बन चुका है। इसके बाद अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ने यह साफ किया कि वे इसे किसी साजिश का हिस्सा मानते हैं। अब यह देखना होगा कि इस घटनाक्रम के बाद पार्टी में क्या नए बदलाव होते हैं और इसका असर आगामी चुनावों पर क्या पड़ता है।

भाजपा नेता कमलजीत सहरावत ने कहा- ‘आप’ हर स्तर पर प्रदूषण रोकने में विफल रही

नई दिल्ली पश्चिमी दिल्ली से लोकसभा सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी की दिग्गज नेता कमलजीत सहरावत ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि लोग बीमार हैं लेकिन आप सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने एक्यूआई लेवल को लेकर सरकार की निंदा की। कहा, दिल्ली का एक्यूआई लेवल आज 450 हो गया है और शहर एक गैस चैंबर में तब्दील हो चुका है। हर घर में कोई न कोई बीमार है और डॉक्टर के यहां लाइन लगी हुई है। लेकिन इसके बावजूद दिल्ली सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। ठोस कदम उठाने के लिए एक लंबी प्लानिंग की आवश्यकता होती है, जो सरकार के पास नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली के अंदर मेट्रो रूट को बढ़ाया नहीं गया है। जो बसें चल रही हैं अगर उनको रूट प्लान करके चलाया जाता तो लोग निजी वाहन लेकर सड़कों पर नहीं निकलते। अगर दिल्ली सरकार ठीक से काम करती तो यहां पर जाम नहीं लगते। यहां पर गलियां और नालियां बनी होती तो पीएम पार्टिकल 2.5 नहीं होता। कुल मिलाकर दिल्ली सरकार हर स्तर पर प्रदूषण को रोकने में फेल रही है और अब ये ड्रामा कर रहे हैं, जिससे कुछ होने वाला नहीं है। दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि भाजपा शासित राज्यों से आने वाली बसें, दिल्ली में प्रदूषण फैला रही हैं। इस पर भाजपा सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार ने ईस्टर्न पेरिफेरल और वेस्टर्न पेरिफेरल, द्वारका, एक्सप्रेस-वे की की सौगात दी है। अगर यह नहीं बना होता तो कम से कम एक लाख ट्रक दिल्ली से होकर गुजरते। अब यह यूपी और पंजाब की बसों को रोकेंगे और बसों में सफर करने वाली जनता को परेशान करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि गोपाल राय अपनी विफलता को दूसरे के ऊपर डालना चाह रहे हैं, अगर उनकी सरकार ने 10 साल सही से काम किया होता तो ऐसे हालात का सामना नहीं करना पड़ता अरविंद केजरीवाल की पदयात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए कमलजीत सहरावत ने कहा कि उनकी सभा में किसी ने कहा कि पानी का बिल बहुत आ रहा है, इस पर केजरीवाल कहते हैं कि मेरी सरकार आएगी तो इसको माफ कर दूंगा। ऐसे में वो 10 साल तक किसकी सरकार समझ रहे थे। उनकी यह आदत मजाक बन चुकी है और जनता भी इसको समझ चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि केजरीवाल ने बच्चों की कसम खाई थी कि घर नहीं लूंगा और अब 42 करोड़ का घर छोड़ने में तकलीफ हो रही है। पहले ये सवाल उठाते थे कि शीला दीक्षित टैक्स पेयर के पैसे से 10 एसी कैसे चलाती हैं, पर आज वो 75 एसी चला रहे हैं। यह अभी से पूर्व मुख्यमंत्री हो चुके हैं और आने वाले विधानसभा चुनाव में दिल्ली की जनता इनको सबक सिखाएगी।  

दिल्ली और एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज, AQI 400 के पार

नई दिल्ली दिल्ली और एनसीआर में रविवार को वायु प्रदूषण की स्थिति बेहद खराब रही और अधिकतर इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, रविवार सुबह 7:30 बजे दिल्ली का AQI 428 था, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न शहरों में AQI निम्नलिखित रहा: फरीदाबाद: 268 गुरुग्राम: 287 गाजियाबाद: 379 ग्रेटर नोएडा: 342 नोएडा: 304 दिल्ली के विभिन्न इलाकों में AQI का स्तर दिल्ली में आज भी वायु प्रदूषण गंभीर श्रेणी में बरकरार, कई इलाकों में AQI 400 के पार, दिल्ली में आज भी वायु प्रदूषण गंभीर श्रेणी में बरकरार, कई इलाकों में AQI 400 के पार, दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल, कई इलाकों में AQI 400 के पार, दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल, कई इलाकों में AQI 400 के पार, स्मॉग से दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल, AQI 400 के करीब दर्ज, स्मॉग से दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल, AQI 400 के करीब दर्ज, दिल्ली के कई इलाकों में AQI 400 से ऊपर रहा। प्रदूषण के कारण दिल्ली की वायु गुणवत्ता अक्टूबर से खराब हो रही है, और इसका मुख्य कारण मौसम में ठंडक, हवा का धीमा बहना, पटाखे, पराली जलाना और वाहनों से होने वाला प्रदूषण है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में पराली जलाने का असर भी दिल्ली पर पड़ता है, जिससे प्रदूषण और बढ़ जाता है। GRAP के तहत उठाए गए कदम दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शुक्रवार को ‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान’ (GRAP) का चरण 3 लागू किया है। यह कदम प्रदूषण को कम करने के लिए उठाए गए हैं, जिसमें निर्माण कार्यों पर पाबंदी, कूड़े जलाने पर रोक, और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जैसी योजनाएं शामिल हैं। आगामी चुनौती दिल्ली में प्रदूषण की यह गंभीर स्थिति चिंता का कारण बन गई है, और यह आने वाले दिनों में और बिगड़ सकती है यदि प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। प्रदूषण कम करने के लिए हर स्तर पर ठोस उपायों की जरूरत है, ताकि लोगों की सेहत पर इसके नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सके।  

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका, कैलाश गहलोत का AAP से इस्तीफा

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले पार्टियों में फेर-बदल और जोड़-तोड़ तेज हो गई है। इसी बीच आम आदमी पार्टी को तगड़ा झटका लगा है। आप के नेता कैलाश गहलोत ने पार्टी से इस्तीफा देने के लिए केजरीवाल और दिल्ली की सीएम आतिशी के नाम चिट्ठी लिखी है। गहलोत के पास दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री की जिम्मेदारी थी। गहलोत ने यमुना की सफाई, बीजेपी द्वारा लगाए जा रहे शीशमहल जैसे आरोप और केंद्र सरकार से बढ़ते गतिरोध जैसे मुद्दों पर चिट्ठी में अपनी बात कही है। आइए जानते हैं कि उन्होंने केजरीवाल को क्या लिखा है… यमुना की सफाई करने में रहे असफल केजरीवाल को लिखी चिट्ठी में उन्होंने कहा कि मुझे लोगों की सेवा करने का मौका और मंत्री एवं विधायक का पद मिला, इसके लिए शुक्रिया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि आज पार्टी अंदर और बाहर कई तरह की चुनौतियां झेल रही है। उन्होंने एक-एक कर इन्हें गिनाया। उदाहरण के लिए यमुना की सफाई की बात कही। यमुना की सफाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हमने यमुना साफ करने का वादा किया था, लेकिन हम इसे पूरा नहीं कर पाए। अब यमुना शायद पहले से और ज्यादा प्रदूषित हो गई है। लोगों के अधिकारों के लिए नहीं लड़ पा रहे उन्होंने कहा कि अब शीशमहल जैसे कई शर्मनाक और अजीबोगरीब विवाद सामने निकलकर आ रहे हैं। इनके बाहर आने से सभी लोगों में संदेह पैदा हो रहा है कि क्या हम अब भी आम आदमी होने में विश्वास रखते हैं। मंत्री ने कहा कि एक और दुखद बात है कि आज हम लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने के बजाय अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए लड़ रहे हैं। इससे दिल्ली के लोगों को बुनियादी जरूरतें देने के हमारी क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। आज यह साफ तौर पर दिख रहा है कि हम अपना ज्यादातर समय केंद्र सरकार से लड़ने में बिताते हैं। इससे दिल्ली की वास्तविक प्रगति नहीं हो सकती। आप की प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा गहलोत ने कहा कि मैंने अपनी राजनीतिक पारी की शुरूआत दिल्ली के लोगों की सेवा करने के वायदे से की थी और मैं इसे आगे भी जारी रखना चाहता हूं। यही कारण है कि मेरे पास आम आदमी पार्टी से अलग होने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। इसलिए मैं आप की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं। अंत में उन्होंने पूर्व सीएम केजरीवाल के स्वास्थ्य की कामना करते हुए पार्टी के सभी सहयोगियों और शुभचिंतकों को धन्यवाद कहा।

दिल्ली LG ने पुलिस को दिए अवैध प्रवासियों की पहचान के आदेश, एक महीने तक स्पेशल ड्राइव चलाने के निर्देश

 नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों पर अब जल्द ही कोई बड़ा ऐक्शन हो सकता है। दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) वी.के. सक्सेना ने दिल्ली पुलिस को राजधानी में अवैध अप्रवासियों की पहचान करने को कहा है। एलजी ने इसके लिए पुलिस को एक महीने तक स्पेशल ड्राइव चलाने का भी निर्देश दिया है। जानकारी के अनुसार, उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली में अवैध अप्रवासियों की संख्या में इजाफा होने की खबरों का संज्ञान लेकर पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और उनकी पहचान के लिए एक महीने तक अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं। एलजी ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिए कि वे राजधानी में अवैध प्रवासियों की पहचान कर केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर उन पर कार्रवाई करें। एलजी ऑफिस द्वारा दिल्ली के मुख्य सचिव, पुलिस कमिश्नर, एमसीडी कमिश्नर और एनडीएमसी अध्यक्ष को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। पत्र में कहा गया है कि ऐसी खबरें हैं कि अवैध अप्रवासियों के पहचान दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड आदि को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार करने और हेरफेर करने की प्रक्रिया अपनाने के प्रयास चल रहे हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दिल्ली में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) पर राजधानी में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को संरक्षण देने का आरोप लगा रहे हैं। ‘आप’ ने भाजपा पर बोला हमला अवैध प्रवासियों पर उपराज्यपाल की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली की ‘आप’ सरकार ने कहा, “भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए अवैध प्रवासियों के मुद्दे का इस्तेमाल करती है। इस बात की गहन जांच होनी चाहिए कि अवैध प्रवासी हमारे देश में कैसे प्रवेश कर रहे हैं। इसके लिए सीधे तौर पर अमित शाह और केंद्रीय गृह मंत्रालय जिम्मेदार हैं।” ‘आप’ ने एक बयान में कहा, “यदि अवैध अप्रवासी हैं, तो कितने हैं? यह एक बड़ी विफलता है तथा ऐसे लोगों पर कार्रवाई ना करना, इसे और अधिक स्पष्ट रूप से उजागर करता है।” ‘आप’ ने कहा, “एक तरफ भाजपा अवैध प्रवासियों को नागरिकता दे रही है और दूसरी तरफ जांच का दिखावा कर रही है। भाजपा को यह पाखंड बंद करना चाहिए और अपनी गंदी राजनीति खत्म करनी चाहिए।” एलजी के पत्र में कहा गया है कि सोशल मीडिया और अन्य विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त कुछ रिपोर्ट बताती हैं कि दिल्ली में अवैध प्रवासियों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है। पत्र में कहा गया है, “ऐसे लोगों द्वारा सार्वजनिक सड़कों, फुटपाथों और पार्कों पर अतिक्रमण भी बढ़ा है। ऐसी खबरें हैं कि उनके पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, चुनाव पहचान पत्र आदि बनाने के लिए फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और धोखाधड़ी की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।” सक्सेना ने कहा, “यदि अवैध प्रवासियों को चुनाव पहचान पत्र जारी किया जाता है तो इससे उन्हें लोकतंत्र का सबसे शक्तिशाली अधिकार अर्थात हमारे देश में वोट देने का अधिकार प्राप्त होगा। अवैध प्रवासियों को ऐसे अधिकार देना किसी भी भारतीय नागरिक द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस तरह के कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी हानिकारक हो सकते हैं।” सत्यापन में अतिरिक्त सतर्कता बरतें उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव संभागीय आयुक्तों के माध्यम से जिलाधिकारियों को पहचान दस्तावेजों के लिए आवेदन करने वाले लोगों के सत्यापन में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश जारी करें। पत्र में कहा गया है कि पुलिस कमिश्नर क्षेत्रीय स्तर के अधिकारियों को विशेष रूप से सड़क किनारे तथा खाली सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करके बसे लोगों का निरीक्षण करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दें। सक्सेना ने कहा कि दिल्ली पुलिस अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए एक महीने तक स्पेशल अभियान चलाएगी और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय करके आगे की कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी एजेंसियों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार राजधानी में कहीं भी सार्वजनिक स्थानों पर अनाधिकृत कब्जा न हो।

रोहिंग्या-बांग्लादेशियों पर ऐक्शन की तैयारी?, एलजी ने दिल्ली पुलिस को अवैध अप्रवासियों की पहचान करने को कहा

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों पर अब जल्द ही कोई बड़ा ऐक्शन हो सकता है। दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) वी.के. सक्सेना ने दिल्ली पुलिस को राजधानी में अवैध अप्रवासियों की पहचान करने को कहा है। एलजी ने इसके लिए पुलिस को एक महीने तक स्पेशल ड्राइव चलाने का भी निर्देश दिया है। जानकारी के अनुसार, उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली में अवैध अप्रवासियों की संख्या में इजाफा होने की खबरों का संज्ञान लेकर पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और उनकी पहचान के लिए एक महीने तक अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं। एलजी ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिए कि वे राजधानी में अवैध प्रवासियों की पहचान कर केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर उन पर कार्रवाई करें। एलजी ऑफिस द्वारा दिल्ली के मुख्य सचिव, पुलिस कमिश्नर, एमसीडी कमिश्नर और एनडीएमसी अध्यक्ष को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। पत्र में कहा गया है कि ऐसी खबरें हैं कि अवैध अप्रवासियों के पहचान दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड आदि को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार करने और हेरफेर करने की प्रक्रिया अपनाने के प्रयास चल रहे हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दिल्ली में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) पर राजधानी में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को संरक्षण देने का आरोप लगा रहे हैं। ‘आप’ ने भाजपा पर बोला हमला अवैध प्रवासियों पर उपराज्यपाल की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली की ‘आप’ सरकार ने कहा, “भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए अवैध प्रवासियों के मुद्दे का इस्तेमाल करती है। इस बात की गहन जांच होनी चाहिए कि अवैध प्रवासी हमारे देश में कैसे प्रवेश कर रहे हैं। इसके लिए सीधे तौर पर अमित शाह और केंद्रीय गृह मंत्रालय जिम्मेदार हैं।” ‘आप’ ने एक बयान में कहा, “यदि अवैध अप्रवासी हैं, तो कितने हैं? यह एक बड़ी विफलता है तथा ऐसे लोगों पर कार्रवाई ना करना, इसे और अधिक स्पष्ट रूप से उजागर करता है।” ‘आप’ ने कहा, “एक तरफ भाजपा अवैध प्रवासियों को नागरिकता दे रही है और दूसरी तरफ जांच का दिखावा कर रही है। भाजपा को यह पाखंड बंद करना चाहिए और अपनी गंदी राजनीति खत्म करनी चाहिए।” एलजी के पत्र में कहा गया है कि सोशल मीडिया और अन्य विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त कुछ रिपोर्ट बताती हैं कि दिल्ली में अवैध प्रवासियों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है। पत्र में कहा गया है, “ऐसे लोगों द्वारा सार्वजनिक सड़कों, फुटपाथों और पार्कों पर अतिक्रमण भी बढ़ा है। ऐसी खबरें हैं कि उनके पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, चुनाव पहचान पत्र आदि बनाने के लिए फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और धोखाधड़ी की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।” सक्सेना ने कहा, “यदि अवैध प्रवासियों को चुनाव पहचान पत्र जारी किया जाता है तो इससे उन्हें लोकतंत्र का सबसे शक्तिशाली अधिकार अर्थात हमारे देश में वोट देने का अधिकार प्राप्त होगा। अवैध प्रवासियों को ऐसे अधिकार देना किसी भी भारतीय नागरिक द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस तरह के कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी हानिकारक हो सकते हैं।” सत्यापन में अतिरिक्त सतर्कता बरतें उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव संभागीय आयुक्तों के माध्यम से जिलाधिकारियों को पहचान दस्तावेजों के लिए आवेदन करने वाले लोगों के सत्यापन में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश जारी करें। पत्र में कहा गया है कि पुलिस कमिश्नर क्षेत्रीय स्तर के अधिकारियों को विशेष रूप से सड़क किनारे तथा खाली सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करके बसे लोगों का निरीक्षण करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दें। सक्सेना ने कहा कि दिल्ली पुलिस अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए एक महीने तक स्पेशल अभियान चलाएगी और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय करके आगे की कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी एजेंसियों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार राजधानी में कहीं भी सार्वजनिक स्थानों पर अनाधिकृत कब्जा न हो।  

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