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दिल्ली के Dayalpur में देर रात गिरी चार मंजिला इमारत, 4 लोगों की मौत

दिल्ली उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात बड़ा हादसा हो गया. रात करीब 3 बजे यहां के शक्ति विहार इलाके में स्थि​त एक चार मंजिला इमारत भराभरा कर गिर गई. बता दें कि यह इलाका मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. इमारत के गिरने से करीब दो दर्जन लोग मलबे में दब गए. एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा के मुताबिक इस हादसे में अब तक चार लोगों की मौत हो गई है. मृतकों की पहचान चांदनी, दानिश, रेशमा और नावेद के रूप में हुई है. फिलहाल 18 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है जिनमें से 14 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अभी भी कुछ लोग मलबे में दबे हो सकते हैं. एनडीआरएफ, डॉग स्क्वाड, दिल्ली पुलिस और फायर डिपार्टमेंट की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं. स्थानीय लोग रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद कर रहे हैं. एक चश्मदीद ने बताया कि इमारत पुरानी या जर्जर हालत में नहीं थी बल्कि अच्छी कंडीशन में थी लेकिन यह प्लॉट ‘L’ शेप में था जो संभवत: बिल्डिंग के गिरने की एक वजह हो सकता है. दिल्ली फायर सर्विस के एक कर्मी ने बताया कि हमें रात करीब 2:50 बजे एक मकान के ढहने की सूचना मिली. हम मौके पर पहुंचे तो पाया कि पूरी इमारत ढह गई है और लोग मलबे में फंसे हुए हैं. एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस लोगों को बचाने के लिए काम कर रही है.  

सीलमपुर हत्या मामला: CM रेखा गुप्ता ने कहा, जल्द पकड़े जाएंगे आरोपी, मृतक परिवार के साथ होगा पूरा न्याय

नई दिल्ली उत्तर पूर्वी दिल्ली में न्यू सीलमपुर के जे-ब्लॉक में 17 वर्षीय एक लड़के की बेरहमी से चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई है। हत्या के बाद से आरोपी फरार हैं। इस घटना पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। मृतक के परिवार के साथ पूरा न्याय होगा। उत्तर पूर्वी दिल्ली में सीलमपुर के जे-ब्लॉक में 17 वर्षीय एक लड़के की गुरुवार शाम को चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई थी। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि मृतक की पहचान उसी इलाके के कुणाल के रूप में हुई है। नाबालिग लड़के पर गुरुवार शाम करीब 7.38 बजे हमला हुआ था। सीएम रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए सीलमपुर में युवक की हत्या पर कहा, “मैंने खुद पुलिस कमिश्नर से बात की है। कुणाल पर चाकुओं से हमला हुआ था। परिवार के लोग गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हत्या के दोषियों को पुलिस गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है। हमें पूरी उम्मीद है कि पुलिस दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर लेगी। मृतक के परिवार के साथ पूरा न्याय होगा। इसमें किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार सुबह बताया था कि चाकू घोंपने की घटना की सूचना सीलमपुर थाने को मिली थी। इसके बाद तुरंत पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। हालांकि, तब तक कुणाल को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों की पूरी कोशिश के बावजूद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद, गहन जांच के लिए क्राइम टीम को भी मौके पर भेजा गया था। सीलमपुर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने हमलावरों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए कई टीमें तैनात की हैं। वरिष्ठ अधिकारी जांच की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। हत्या के पीछे का मकसद अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, मृतक के परिजनों का कहना है कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। परिजनों की मांग है कि आरोपियों को फांसी होनी चाहिए। वे मांग कर रहे हैं कि पुलिस जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करे।

फॉर्च्यूनर गाड़ी में सवार दो अज्ञात युवकों ने साइड नहीं देने को लेकर किया झगड़ा, मारी गोली, पुलिस ने किया गिरफ्तार

नई दिल्ली नोएडा की थाना सेक्टर-63 पुलिस ने एक सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने सड़क पर मामूली विवाद के चलते एक व्यक्ति के साथ गाली-गलौज की और उसके सिर में गोली मार दी। यह घटना शुक्रवार को सामने आई, जब पीड़ित ने थाने में मामला दर्ज करवाया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, फॉर्च्यूनर गाड़ी में सवार दो अज्ञात युवकों ने पीड़ित के गांव के एक व्यक्ति से साइड नहीं देने को लेकर झगड़ा किया। इसके बाद देखते ही देखते गोली चला दी। इस वारदात में व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित की शिकायत पर थाना सेक्टर-63 पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज किया। घटना की गंभीरता देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और फॉर्च्यूनर वाहन को ट्रेस किया। जांच के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों की पहचान की। इनमें विकास कुमार बुलंदशहर का मूल निवासी है, जो फिलहाल नोएडा के सेक्टर-71 में रहता है। वहीं, ललित कुमार अंबेडकरनगर के मालीपुर थाना के खालिसपुर भटोनी का रहने वाला है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल फॉर्च्यूनर गाड़ी, एक लाइसेंसी पिस्टल, 13 जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और एक लाइसेंस बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि सेक्टर-63 इलाके में यह घटना हुई थी और इसमें शामिल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि पीड़ित की हालत स्थिर बनी हुई है। दोनों आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है।

भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने जनता के पैसों का किया गबन, नेशनल हेराल्ड मामले पर भाजपा का प्रदर्शन

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में कांग्रेस के अकबर रोड स्थित मुख्यालय के पास नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने जनता के पैसों का गबन किया है और इसे पार्टी नेताओं के निजी हितों के लिए इस्तेमाल किया गया। भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के नेतृत्व में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के कार्यकर्ता मान सिंह रोड पर एकत्र हुए, लेकिन पुलिस ने उन्हें कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़ने से पहले ही रोक लिया। “मामला 2,000 करोड़ की संपत्ति का है” – भाजपा प्रदर्शन के दौरान वीरेंद्र सचदेवा ने मीडिया से बात करते हुए कहा- “यह मामला 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति के कम मूल्यांकन का है, जिसे मात्र 50 लाख रुपये में मां ने बेटे को सौंप दिया।” उनका सीधा इशारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी की ओर था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने एक राजनीतिक पार्टी की आड़ में घोटाला किया है और अब जवाब देने से बच रही है। ED की जांच और कांग्रेस नेताओं पर आरोप प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में धनशोधन (money laundering) के आरोप में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं के खिलाफ आरोपपत्र (charge sheet) दाखिल किया है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने सार्वजनिक पैसे का दुरुपयोग करते हुए इसे अपने नेताओं के निजी ट्रस्ट ‘यंग इंडियन’ को ट्रांसफर कर दिया। कांग्रेस ने ईडी की इस कार्रवाई को “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दिया है। “जमानत क्यों ली गई?”: भाजपा का सवाल वीरेंद्र सचदेवा ने यह भी सवाल उठाया कि अगर सोनिया गांधी और राहुल गांधी खुद को निर्दोष मानते हैं, “तो उन्होंने जमानत क्यों ली? उन्हें कोर्ट में जाकर कानूनी लड़ाई लड़नी चाहिए और खुद को सही साबित करना चाहिए था।” उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस इस पूरे मामले से बचने की कोशिश कर रही है, लेकिन भाजपा इसे यूं ही नहीं छोड़ने वाली। “चुराया गया हर पैसा वसूला जाएगा” भाजपा नेता ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामला केवल एक ट्रांसफर या दस्तावेजी गड़बड़ी नहीं है, बल्कि यह “साजिश, भ्रष्टाचार और जनता के धन की चोरी” का मामला है। “कांग्रेस द्वारा चुराए गए एक-एक पैसे की वसूली की जाएगी,” उन्होंने कहा। कांग्रेस की प्रतिक्रिया: “यह बदले की राजनीति है” वहीं कांग्रेस पार्टी का कहना है कि भाजपा और केंद्र सरकार राजनीतिक बदले की भावना से काम कर रही है। कांग्रेस प्रवक्ताओं का कहना है कि यह मामला वर्षों पुराना है और इसे सिर्फ चुनावी माहौल को प्रभावित करने के लिए उठाया जा रहा है। नेशनल हेराल्ड मामला एक बार फिर से भारतीय राजनीति में भाजपा बनाम कांग्रेस की सीधी लड़ाई का केंद्र बन गया है। जहां एक ओर भाजपा इसे घोटाले और भ्रष्टाचार का बड़ा मामला बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे सत्ता का दुरुपयोग मान रही है।  

रोज़मर्रा की सफाई में काम आने वाला घड़ी डिटर्जेंट, अब नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म्स का नाम होगा

नई दिल्ली देश की राजधानी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर अब यात्रियों को एक नया नजारा देखने को मिलेगा। रोज़मर्रा की सफाई में काम आने वाला घड़ी डिटर्जेंट, अब केवल घरों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका नाम नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1, 6, 7, 8 और 9 पर प्रमुखता से चमकेगा। आरएसपीएल ग्रुप (RSPL Group) की इस प्रमुख डिटर्जेंट ब्रांड ने भारतीय रेलवे के साथ एक साल के लिए प्लेटफॉर्म्स के नामकरण अधिकार हासिल किए हैं। कंपनी ने गुरुवार को एक बयान जारी कर यह जानकारी दी। ब्रांडिंग में दिखेगा घड़ी का नया अवतार समझौते के तहत इन पांच प्लेटफॉर्म्स पर घड़ी डिटर्जेंट की ब्रांडिंग पैनल, बिलबोर्ड, विनाइल रैपिंग और डिजिटल साइन बोर्ड्स के जरिए की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य है ब्रांड को यात्रियों के बीच अधिक व्यापक रूप से पहुंचाना और स्टेशन की सुंदरता में भी इजाफा करना। आरएसपीएल समूह के प्रवक्ता ने कहा: “यह हमारे लिए मील का पत्थर है। यह अनूठा अवसर हमें अधिक उपभोक्ताओं तक पहुंचने में मदद करेगा, और हम भारतीय रेलवे के साथ साझेदारी करके बेहद खुश हैं।” यात्रियों के लिए सुविधाओं में भी बढ़ोतरी ब्रांडिंग के अलावा, घड़ी डिटर्जेंट ने यात्रियों की सुविधाओं को भी ध्यान में रखा है। समझौते के तहत इन प्लेटफॉर्म्स पर: ➤ महिला फीडिंग रूम ➤ साफ-सुथरे साइन बोर्ड्स ➤ डिजिटल डिस्प्ले स्क्रीन घड़ी डिटर्जेंट: एक घरेलू ब्रांड से राष्ट्रीय पहचान तक घड़ी डिटर्जेंट की कहानी 1987 में आरंभ हुई थी, जब आरएसपीएल समूह ने इसे भारतीय बाजार में लॉन्च किया। आज यह भारत के शीर्ष डिटर्जेंट ब्रांड्स में शामिल है, जिसका मार्केट शेयर 25% से अधिक है। इसकी टैगलाइन “पहले इस्तेमाल करें, फिर विश्वास करें” ने इसे आम भारतीय उपभोक्ताओं से जोड़ा और इसे एक भरोसे का नाम बना दिया। घड़ी की सफलता के पीछे कारण हैं: ➤ किफायती मूल्य ➤ मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क ➤ सटीक मार्केटिंग रणनीति ➤ ग्राहकों की जरूरतों को समझना ब्रांडिंग और स्टेशन सुधार का नया मॉडल नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यह ब्रांडिंग एक उदाहरण है कि कैसे कॉर्पोरेट साझेदारियों के ज़रिए सार्वजनिक स्थलों को बेहतर बनाया जा सकता है। इससे ना केवल ब्रांड को नई पहचान मिलती है, बल्कि यात्रियों को सुविधाएं भी बढ़ती हैं। भारतीय रेलवे और निजी कंपनियों के बीच इस तरह की साझेदारियां भविष्य में रेलवे स्टेशनों की सूरत बदलने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकती हैं।  

आखिर टूट गया 2016 से चला आ रहा वाम छात्र गठबंधन, 2015-16 में आखिरी बार जीती थी ABVP, मुकाबला हुआ दिलचस्प

नई दिल्ली जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) चुनाव के लिए 2016-17 से चला आ रहा वाम छात्र संगठनों का गठबंधन टूट गया है। आखिरी समय तक अध्यक्ष पद को लेकर खींचतान चलती रही। अब आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) और डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (डीएसएफ) ने गठबंधन बनाया है। दूसरी ओर, स्टूडेंट्स फेडरेशन आफ इंडिया (एसएफआई), बिरसा अंबेडकर फुले स्टूडेंटस एसोसिएशन (बापसा), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) और प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स एसोसिएशन (पीएसए) ने अपना गठबंधन बनाने की घोषणा की है। 2015-16 में आखिरी बार जीती थी ABVP हालांकि, इनके अधिकतर उम्मीदवारों के नामांकन रद हो गए और देर रात तक गठबंधन अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं कर पाया। 2015-16 में आखिरी बार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल की थी। इसके बाद 2016-17 के चुनावों में आईसा, एसएफआई और एआईएसएफ ने गठबंधन किया था। 2018 के चुनावों में डीएसएफ भी इस गठबंधन का हिस्सा बन गया था। तब से चारों संगठन साथ मे चुनाव लड़ते आ रहे हैं। लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं। कोविड में तीन साल नहीं हुए चुनाव कोविड के तीन वर्ष बाद 2023 में भी हुए चुनावों में संयुक्त वाम गठबंधन ने जीत हासिल की थी। एबीवीपी कोई सीट नहीं जीत सकी थी। लेकिन, इस वर्ष अध्यक्ष पद को लेकर जेएनयू के दो प्रमुख छात्र संगठन आईसा और एसएफआई आमने-सामने थे। दोनों अपने उम्मीदवार को अध्यक्ष पद देना चाहते थे। इसलिए गठबंधन पर बात नहीं बन सकी। आईसा और डीएसएफ साथ चले गए। उधर, एसएफआई और अन्य छात्र संगठन आखिरी तक अपने उम्मीदवार अंतिम नहीं कर सके। जिसके चलते उनके अधिकतर उम्मीदवारों के नांमाकन रद हो गए। एसएफआई ने सूची को गलत बताया जो सूची बाहर आई है, उसमें एसएफआई की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार बताई जा रहीं गोपिका का ही नाम नहीं है। एसएफआई का अध्यक्ष पद पर चौधरी तैय्यबा अहमद का नाम है। एसएफआई ने सूची को गलत बताया है। इसलिए वह प्रदर्शन कर रहे हैं और नाम वापसी के लिए और समय मांग रहे हैं। अगर उनको समय नहीं मिलता है तो इसका सीधा फायदा एबीवीपी को मिल सकता है। एनएसयूआई ने चारों पदों पर घोषित किए उम्मीदवार नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया ने जेएनयूएसयू चुनाव में चारों पदों पर उम्मीदवार उतारे हैं। अध्यक्ष पद के लिए प्रदीप ढाका, उपाध्यक्ष पर फर्टिनिटी से मोहम्मद कैफ, महासचिव पद पर अरुण प्रताप और संयुक्त सचिव के लिए सलोनी खंडेलवाल को उम्मीदवार बनाया है।

बिना अनुमति के चलने ढाबों को तत्काल ध्वस्त कर दिया जाएगा और उनके पानी और बिजली के कनेक्शन काट दिए जाएंगे: पर्यावरण मंत्री

नई दिल्ली दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में अवैध ढाबों और मांस की दुकानों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बिना अनुमति के चलने वाले इन ढाबों को तत्काल ध्वस्त कर दिया जाएगा और उनके पानी और बिजली के कनेक्शन काट दिए जाएंगे। सिरसा ने यह निर्देश पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन इलाके के दौरे के दौरान दिए, जब उन्होंने नागरिक मुद्दों की समीक्षा की। मनजिंदर सिंह सिरसा के इन सख्त निर्देशों से यह साफ है कि दिल्ली सरकार अवैध ढाबों और प्रदूषण की समस्या पर कड़ा रुख अपनाने के लिए तैयार है। इन कार्रवाईयों से न केवल अवैध प्रतिष्ठानों पर काबू पाया जाएगा, बल्कि प्रदूषण कम करने के लिए उठाए गए कदमों से दिल्ली को और भी साफ और हवादार बनाया जा सकेगा। सिरसा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा “राजधानी में कहीं भी अवैध व्यवसायों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खासकर, यहां 40-50 अवैध ढाबे और मांस की दुकानें बिना अनुमति के चल रही हैं। ऐसे गैरकानूनी प्रतिष्ठानों को बिल्कुल भी नहीं छोड़ा जाएगा।” उन्होंने जिला आयुक्त और अधिकारिक आयुक्त को आदेश दिया कि वे इस मामले में तुरंत कार्रवाई करें और इन सभी अवैध ढाबों को सील करें। साथ ही इन प्रतिष्ठानों के पानी और बिजली कनेक्शन काट दिए जाएं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए कदम इसके अलावा, सिरसा ने प्रदूषण से निपटने के लिए कई उपायों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जीपीएस युक्त पानी के टैंकरों का इस्तेमाल प्रदूषण वाले क्षेत्रों में किया जाएगा। इन टैंकरों को उस क्षेत्र में तैनात किया जाएगा जहां धूल और प्रदूषण का स्तर अधिक है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इन टैंकरों की गतिविधि और आवागमन पर दैनिक रूप से निगरानी रखी जाए। सिरसा ने बताया कि यह कदम दिल्ली में प्रदूषण की समस्या को सुलझाने के लिए उठाया गया है, और इसके प्रभावी परिणाम मिलने की उम्मीद है। पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर रोक इसके अलावा, सिरसा ने पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार उन वहनों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के लिए कदम उठा रही है, जो प्रदूषण फैलाने के लिए जिम्मेदार हैं। यह कदम दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने और साफ हवा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया जा रहा है। सिरसा ने बताया कि दिल्ली सरकार प्रदूषण को कम करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और ऐसे सख्त कदम उठाए जा रहे हैं जो शहर में स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण को बेहतर बनाएं। सरकार की सख्त नीति सिरसा ने यह भी कहा कि इन सभी कदमों का उद्देश्य दिल्ली को एक सुरक्षित, स्वच्छ और प्रदूषण रहित शहर बनाना है। उन्होंने राज्य सरकार के दृढ़ इरादों का जिक्र करते हुए कहा- “दिल्ली में प्रदूषण कम करना हमारी प्राथमिकता है, और हम इसके लिए हर संभव प्रयास करेंगे।” उनका यह भी कहना था कि यह सुनिश्चित करना होगा कि दिल्ली में कोई भी अवैध गतिविधि न हो, ताकि नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।  

एनएचएआई द्वारा सैटेलाइट आधारित टोलिंग सिस्टम एक मई से लागू करने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया: केंद्र सरकार

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने शुक्रवार को स्पष्टीकरण जारी करते हुए उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया, जिसमें एक मई से राष्ट्रीय स्तर पर सैटेलाइट आधारित टोलिंग सिस्टम लागू करने की बात कही गई थी। सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि कुछ मीडिया हाउस की रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि एक मई से राष्ट्रीय स्तर पर सैटेलाइट आधारित टोलिंग सिस्टम लागू हो जाएगा और यह मौजूदा फास्टैग आधारित टोल कलेक्शन सिस्टम को रिप्लेस करेगा। मंत्रालय ने आगे कहा, “हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय या भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा सैटेलाइट आधारित टोलिंग सिस्टम एक मई से लागू करने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है।” टोल प्लाजा पर वाहनों की निर्बाध, बिना किसी परेशानी के आवाजाही को सक्षम करने और यात्रा के समय को कम करने के लिए चुनिंदा टोल प्लाजा पर ‘एएनपीआर-फास्टैग बेस्ट बैरियर-लैस टोलिंग सिस्टम’ लागू किया जाएगा। मंत्रालय ने बताया कि यह एडवांस टोलिंग सिस्टम ‘ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन’ (एएनपीआर) टेक्नोलॉजी, जिसमें नंबर प्लेट से वाहनों की पहचान की जाती है और ‘फास्टैग सिस्टम’, जो कि रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) पर काम करता है, दोनों का मिश्रण होगा। इस सिस्टम के तहत वाहनों से टोल हाई परफॉर्मेंस वाले एएनपीआर कैमरा और फास्टैग रीडर्स के माध्यम से लिया जाएगा, जिसमें वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी। मंत्रालय के मुताबिक, अगर वाहन चालक टोल पर भुगतान नहीं करते हैं तो उन्हें ई-नोटिस दिया जाएगा और उनका फास्टैग भी रद्द किया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर करीब 855 प्लाजा हैं, जिनमें से 675 सरकारी हैं, जबकि 180 या उससे अधिक निजी ऑपरेटरों द्वारा मैनेज किए जाते हैं। इस महीने की शुरुआत में, एनएचएआई ने बढ़ती लागतों के कारण देश भर में राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के टोल शुल्क में औसतन 4 से 5 प्रतिशत की वृद्धि की थी।

दिल्ली कैपिटल्स के पास छह मैचों में पांच जीत के साथ 10 अंक हैं, अब और मजबूत हुई स्थिति

नई दिल्ली आईपीएल में अभी तक 32 मैच खेले जा चुके हैं। दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को हराने के बाद अपनी स्थिति और ज्यादा मजबूत कर ली है। दिल्ली कैपिटल्स के पास छह मैचों में पांच जीत के साथ 10 अंक हैं। वहीं, राजस्थान की टीम की जगह तो नहीं बदली है, लेकिन सात मैचों में पांचवीं हार के बाद उसकी हालत काफी ज्यादा खराब है। गौरतलब है कि दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को सुपर ओवर में हरा दिया। इस मैच में दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क का प्रदर्शन काफी सराहनीय रहा। आइए देखते हैं कल के मैच बाद प्वॉइंट्स टेबल की ताजा स्थिति क्या है? दिल्ली सबसे ज्यादा मजबूत आईपीएल 2025 के प्वॉइंट्स टेबल में दिल्ली कैपिटल्स की स्थिति सबसे मजबूत है। दिल्ली ने अभी तक छह मैच खेले हैं। इसमें उसे सिर्फ एक बार हार का सामना करना पड़ा है और उसके पास कुल 10 अंक हैं। दूसरे नंबर पर गुजरात टाइटंस की टीम है। उसके पास छह मैचों में चार जीत के बाद आठ अंक हैं। तीसरे नंबर पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु है, उसके पास भी आठ अंक हैं।   कल के मैच में क्या हुआ गौरतलब है कि दिल्ली कैपिटल्स ने इंडियन प्रीमियर लीग के रोमांचक मुकाबले में बुधवार को यहां राजस्थान रॉयल्स को सुपर ओवर में हराकर जीत की राह पर वापसी की। लगातार चार जीत के साथ शुरुआत करने वाले दिल्ली कैपिटल्स ने अपने घरेलू मैदान अरुण जेटली स्टेडियम में पिछला मैच गंवाया था। सुपर ओवर में रॉयल्स के लिए शिमरोन हेटमायर (06) और रियान पराग (04) बल्लेबाजी के लिए उतरे जबकि गेंद मिचेल स्टार्क ने थामी। हेटमायर और पराग ने चौके मारे लेकिन पराग फ्री हिट पर रन आउट हो गए। यशस्वी जायसवाल (00) भी इसके बाद रन आउट हुए जिससे दिल्ली को 12 रन का लक्ष्य मिला। दिल्ली की ओर से लोकेश राहुल (नाबाद 07) और ट्रिस्टन स्टब्स (नाबाद 06) बल्लेबाजी के लिए उतरे जबकि रॉयल्स ने गेंद संदीप शर्मा को थमाई। राहुल ने पहली गेंद पर दो रन लिए और फिर अगली गेंद पर चौका मारा। स्टब्स ने चौथी गेंद पर छक्का जड़कर टीम को जीत दिलाई।

दिल्ली कैपिटल्स ने कांटे की टक्कर में राजस्थान रॉयल्स को हरा दिया, संजू सैमसन ने सुपर ओवर में नहीं की होती वो गलती तो

नई दिल्ली दिल्ली कैपिटल्स ने बुधवार को कांटे की टक्कर में राजस्थान रॉयल्स को हरा दिया। दोनों ही टीमें निर्धारित 20 ओवर में 188 रन बना पाईं लिहाजा जीत-हार का फैसला सुपर ओवर से हुआ। सुपर ओवर में राजस्थान सिर्फ 11 रन ही बना पाई। जवाब में दिल्ली की टीम ने सिर्फ 4 गेंदों में ही 13 रन बनाकर जीत हासिल कर ली। अब कई एक्सपर्ट और क्रिकेट के जानकार सुपर ओवर में राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाजों के चयन पर सवाल उठा रहे हैं। ये कह रहे हैं कि कप्तान संजू सैमसन और कोच राहुल द्रविड़ ने निर्णायक ओवर में बड़ी गलती कर दी। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर शेन वॉटसन ने सुपर ओवर में नीतीश राणा को बल्लेबाजी के लिए नहीं भेजने के फैसले की आलोचना की है। राणा मैच में राजस्थान के लिए टॉप स्कोरर थे और 28 गेंदों में 51 रन की पारी खेली थी। सुपर ओवर में उन्हें उतारने के बजाय RR ने रियान पराग और शिमरन हेटमायर को उतारा था। तीसरे नंबर पर यशस्वी जायसवाल को भेजा। वॉटसन ने मैच के बाद कहा, ‘हम कहते चले आ रहे थे कि नीतीश राणा ने आखिर कौन सी गलती की जो उन्हें सुपर ओवर में नहीं भेजा गया। आपके पास एक ऐसा बल्लेबाज था जो सेट था और जिसने रन बनाए थे। ऐसे में उसे नहीं भेजने का कोई तुक नहीं था।’ चेतेश्वर पुजारा ने भी सुपर ओवर में नीतीश राणा को नहीं भेजने के फैसले की आलोचना की है। ईएसपीएन क्रिकइंफो के कार्यक्रम ‘टाइम आउट’ में उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि नीतीश को उन तीन में होना चाहिए था। हालांकि, मैं नहीं सोचता कि उसे स्टार्ट के लिए ही भेजा जाना चाहिए था। मैं चाहता कि जायसवाल पहली गेंद खेलते क्योंकि उन्होंने मिचेल स्टार्क के खिलाफ शानदार खेला था।’ इसी कार्यक्रम में कैरेबियाई दिग्गज इयान बिशप ने भी सुपर ओवर में बल्लेबाजों के चयन को लेकर राजस्थान के फैसले को गलत बताया। बिशप ने कहा, ‘मैं जायसवाल को पहले उतारता लेकिन मेरा झुकाव नीतीश राणा की तरफ भी है।’ वैसे सुपर ओवर में हेटमायर को बल्लेबाजी के लिए उतारने के राजस्थान के फैसले से दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल को भी हैरानी हुई थी। उन्होंने मैच के बाद कहा, ‘हेटमायर इस मैच में लय में नहीं थे। इसलिए मुझे लगता था कि जायसवाल और रियान शुरुआत के लिए आएंगे। लेकिन उन्होंने जिसे भी भेजा, हमारे लिए अच्छा साबित हुआ।’

दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेता दुर्गेश पाठक के घर सीबीआई ने छापा मारा

नई दिल्ली  आम आदमी पार्टी नेता दुर्गेश पाठक के आवास पर सीबीआई की टीम ने छापेमारी की है। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, ये कार्रवाई विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) से संबंधित मामले में हुई है। सीबीआई की छापेमारी के खिलाफ तमाम आप नेताओं के बयान सामने आए हैं। आप नेताओं ने इसे राजनीति से प्रेरित कदम बताया है। आतिशी ने बीजेपी पर साधा निशाना दुर्गेश पाठक के आवास पर सीबीआई रेड को लेकर विधानसभा में नेता विपक्ष आतिशी का बयान सामने आया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘आम आदमी पार्टी ने जैसे ही गुजरात चुनाव की तैयारी शुरू की, गुजरात के सह-प्रभारी दुर्गेश पाठक के घर CBI रेड करने पहुंच गई! गुजरात में आप ही भाजपा को चुनौती दे सकती है और यह रेड इनकी बौखलाहट दिखा रही है! इतने सालों मे भाजपा को समझ नहीं आया कि हम उनकी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं।’ ‘बीजेपी ने गंदा खेल शुरू किया’ वहीं आप सांसद संजय सिंह ने एक्स पर कहा, “BJP का गंदा खेल फिर शुरू गुजरात के सहप्रभारी दुर्गेश पाठक के घर CBI पहुंची है। मोदी सरकार ने आम आदमी पार्टी को खत्म करने का हर हथकंडा अपना कर देख लिया लेकिन फिर भी उनको चैन नही। गुजरात में BJP की हालत पतली है जैसे ही दुर्गेश पाठक को गुजरात का सहप्रभारी बनाया गया उनको धमकाने के लिए CBI भेज दी।’ मनीष सिसोदिया का भी बयान आया सामने इस मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आप नेता मनीष सिसोदिया का भी बयान सामने आया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “गुजरात चुनाव 2027 की ज़िम्मेदारी मिलते ही दुर्गेश पाठक के घर पर CBI रेड! ये कोई इत्तेफाक नहीं, ये बीजेपी की डर से निकली हुई साजिश है। BJP जानती है कि गुजरात में अब सिर्फ़ आम आदमी पार्टी ही उन्हें चुनौती दे सकती है — और इस सच्चाई ने उन्हें हिला दिया है। डर की गूंज, CBI की दस्तक में साफ सुनाई दे रही है।”

DPS द्वारका को HC की कड़ी फटकार, क्यों न स्कूल को बंद कर प्रिंसिपल पर मुकदमा चलाया जाए

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि क्यों न डीपीएस द्वारका को बंद कर दिया जाए। साथ ही छात्रों को लाइब्रेरी में बंद करने को लेकर कहा कि प्रिंसिपल के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए। हाई कोर्ट छात्रों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल द्वारका को फीस के लिए छात्रों को लाइब्रेरी में बंद करने और क्लास में भाग नहीं लेने देने के लिए फटकार लगाई। कोर्ट ने इसे अपमानजनक व्यवहार बताया। जस्टिस सचिन दत्ता ने कहा कि छात्रों के साथ ‘संपत्ति’ जैसा व्यवहार करने वाले स्कूल को बंद कर दिया जाना चाहिए। कोर्ट छात्रों की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। हाई कोर्ट ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कुछ सुरक्षा उपाय किए जाने की जरूरत है कि स्कूल द्वारा छात्रों को प्रताड़ित न किया जाए। ऐसा लग रहा है कि स्कूल केवल पैसा कमाने की मशीन के रूप में संस्थान चला रहा था। कोर्ट की कार्यवाही के दौरान कई छात्र अपनी स्कूल यूनिफॉर्म में, किताबों और बैग के साथ अपने माता-पिता के साथ मौजूद थे। जस्टिस दत्ता ने कहा, “मुझे चिंता है कि आपने छात्रों के साथ घटिया और अमानवीय व्यवहार किया। फीस का भुगतान करने में असमर्थता स्कूल को छात्रों के साथ इस तरह के अपमानजनक व्यवहार करने का लाइसेंस नहीं देती है।” हाई कोर्ट ने जिला मजिस्ट्रेट (दक्षिण-पश्चिम) के नेतृत्व वाली आठ सदस्यीय निरीक्षण समिति की निरीक्षण रिपोर्ट का अवलोकन किया। इसमें फीस वृद्धि विवाद के दौरान छात्रों के खिलाफ कई भेदभावपूर्ण व्यवहारों को चिन्हित किया गया था। ऐसे छात्रों के अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन ने अनधिकृत शुल्क का भुगतान नहीं करने पर उनके बच्चों को परेशान किया। कोर्ट ने कहा कि समिति की रिपोर्ट में स्कूल में चिंताजनक स्थिति का खुलासा हुआ है। कोर्ट ने संस्थान को निर्देश दिया कि वह विद्यार्थियों को लाइब्रेरी तक सीमित न रखे। उन्हें कक्षाओं में उपस्थित होने दे। उन्हें अन्य विद्यार्थियों से अलग न करे। उन्हें स्कूल में अपने दोस्तों के साथ बातचीत करने से न रोके तथा उन्हें अन्य सुविधाओं तक पहुंच से न रोके। कोर्ट ने कहा कि इस व्यवहार के लिए स्कूल के प्रिंसिपल पर आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए। छात्रों के वकील ने दावा किया कि वे स्वीकृत फीस का भुगतान करने के लिए तैयार हैं। वहीं, स्कूल के वकील ने दलील दी कि छात्रों को दिसंबर में ही कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन वे मार्च तक बकाया भुगतान करने में विफल रहे। इसके बाद उन्हें स्कूल नहीं आने के लिए कहा गया। दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय के वकील ने कहा कि उन्होंने 8 अप्रैल को स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसमें प्रबंधन से सात दिनों के भीतर यह बताने को कहा गया था कि उसके खिलाफ मान्यता रद्द करने की कार्रवाई क्यों न की जाए।

सीएम रेखा गुप्ता निजी स्कूलों द्वारा बढ़ाई गई फीस पर तात्कालिक प्रभाव से रोक लगाए रोक : आतिशी

नई दिल्ली दिल्ली में निजी स्कूलों की फीस वृद्धि को लेकर राजनीतिक विवाद कई दिनों से जारी है. इस संदर्भ में, नेता विपक्ष आतिशी ने एक्स पर दिल्ली की मुख्यमंत्री को चुनौती दी है कि वे निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए तुरंत आदेश क्यों नहीं जारी करतीं. आतिशी ने CM से पूछा है कि वे सभी निजी स्कूलों द्वारा बढ़ाई गई फीस पर तात्कालिक प्रभाव से रोक लगाने का निर्देश क्यों नहीं देतीं? रेखा गुप्ता जी: मैं आपको चैलेंज करती हूँ कि आप आज सब स्कूलों की बढ़ी हुई फ़ीस पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने का ऑर्डर जारी कीजिए। जब तक स्कूल के खातों का ऑडिट नहीं होता, तब तक बढ़ी हुई फीस लेने पर रोक लगाइए। आतिशी ने X पर टिप्पणी की, रेखा गुप्ता जी: मैं आपको चैलेंज करती हूँ कि आप आज सब स्कूलों की बढ़ी हुई फ़ीस पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने का ऑर्डर जारी कीजिए.जब तक स्कूल के खातों का ऑडिट नहीं होता, तब तक बढ़ी हुई फीस लेने पर रोक लगाइए. अगर सीएम रेखा गुप्ता जी की प्राइवेट स्कूलों के साथ साँठ-गाँठ है, तो यह ऑर्डर नहीं निकलेगा. अगर साँठ-गाँठ नहीं है, तो आज-के-आज ऑर्डर जारी हो सकता है. फीस में 60 से 80 फीसद की बढ़ोत्तरी का दावा आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि दिल्ली में बीजेपी सरकार के गठन के बाद से निजी स्कूलों के संचालक मनमाने ढंग से फीस में वृद्धि कर रहे हैं. कई स्कूलों ने फीस में 60 से 80 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है. ये निजी संस्थान बढ़ी हुई फीस को शीघ्र जमा करने के लिए बच्चों के माता-पिता पर दबाव बना रहे हैं, और जो माता-पिता फीस जमा करने में असमर्थ हैं, उनके बच्चों के साथ भेदभाव किया जा रहा है. ‘प्राइवेट स्कूल वालों से मिले हैं BJP वाले’ आम आदमी पार्टी के नेताओं का आरोप है कि प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अभिभावक सड़कों पर उतरकर विरोध कर रहे हैं. पार्टी का कहना है कि बीजेपी के किसी भी मंत्री या विधायक ने उनकी सहायता के लिए आगे नहीं बढ़ा है. उनका मानना है कि बीजेपी सरकार की मिलीभगत के कारण ही निजी स्कूल इस तरह की मनमानी कर रहे हैं. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को कई अभिभावकों और छात्रों से संवाद किया. इसके बाद उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है. इस वीडियो में वह अधिकारियों को निर्देश देती हैं कि निजी स्कूलों की प्राधिकरण को बुलाया जाए. सीएम रेखा गुप्ता ने अभिभावकों को आश्वासन दिया है कि जो शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, उन पर उचित कार्रवाई की जाएगी.

मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि दिल्ली के अंदर अब ईडब्लूएस सर्टिफिकेट नहीं बनेंगे: सौरभ भारद्वाज

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी ने बड़ा दावा किया है। पार्टी का कहना है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में EWS सर्टिफिकेट जारी करने पर रोक लगा दी है। आप के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि दिल्ली के अंदर अब ईडब्लूएस सर्टिफिकेट नहीं बनेंगे। उन्होंने कहा, आदेश देते हुए कहा गया है कि ईडब्लूएस सर्टिफिकेट बनाने में कुछ खामियां पाई गई हैं, इसलिए सर्टिफिकेट जारी करने पर अगले आदेश तक रोक लगा दी जाए। सौरभ भारद्वाज ने कहा, सरकार ने स्कूल-कॉलेजों में 10 फीसदी EWS का आरक्षण दे रखा है और अब इससे छात्रों को दिक्कत होगी। अस्पतालों में EWS प्रमाण पत्र के आधार पर आरक्षण मिलता है लेकिन अब यह संभव नहीं हो पाएगा। आप नेता ने कहा, अगर EWS प्रमाण पत्र गलत बने थे तो बीजेपी ने अपने कितने अधिकारियों को सजा दी? उन्होंने कहा, EWS सर्टिफिकेट रोकने के पीछे कारण बताया है कि कई EWS सर्टिफिकेट गलत बन गए हैं। अब सरकार बताये कि गलत EWS Certificate बनाने वाले कितने SDM और DM के ऊपर एक्शन लिया गया? उन्होंने कहा, अपने अधिकारियों की गलती की सजा आम जनता को क्यों दी जा रही है? सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाते हुए कहा, EWS सर्टिफिकेट बंद करके BJP ने निजी स्कूल और अस्पतालों को फायदा पहुंचाने का प्लान बनाया है अब ना EWS सर्टिफिकेट बनेंगे और ना ही कोई EWS आरक्षण का फायदा उठा सकेगा।

कोई भी प्राइवेट स्कूल फीस बढ़ाता है तो उन्हें नोटिस भेजा जाएगा, जवाबदेही तय करनी होगी: सीएम रेखा गुप्ता

नई दिल्ली दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों द्वारा फीस बढ़ाए जाने का मुद्दे पर पिछले काफी दिनों से सियासत गरमाई हुई है। आम आदमी पार्टी लगातार इस मसले को लेकर दिल्ली सरकार पर हमलावर है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा के आते ही प्राइवेट स्कूल मनमाने ढंग से फीस बढ़ा रहे हैं। हालांकि इस मसले पर रेखा गुप्ता ने प्राइवेट स्कूलो को चेतावनी दे दी है। इतना ही नहीं उन्हें नोटिस भेजने की बात भी की है। उन्होंने कहा है कि कोई भी प्राइवेट स्कूल फीस बढ़ाता है तो उन्हें नोटिस भेजा जाएगा। उन्हें जवाबदेही तय करनी होगी। अगर बावजूद स्कूल फीस बढ़ाते हैं तो फिर इसका नतीज उन्हें भुगतना होगा। इसी के साथ सीएम रेखा गुप्ता एक स्कूल पर कार्रवाई की तैयारी में भी हैं। दरअसल आज कुछ बच्चों के माता-पिता सीएम रेखा गुप्ता के फीस बढ़ाने की शिकायत लेकर पहुंचे जिसके बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारी को फोन कर कार्रवाई करने के आदेश दिए। इस बारे में जानकारी देते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर कहा, आज जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान क्वीन मैरी स्कूल, मॉडल टाउन से संबंधित एक मामला सामने आया, जिसमें बच्चों के परिजनों ने गलत तरीके से फीस वसूली और बच्चों को स्कूल से निकाले जाने की शिकायत दर्ज की। उन्होंने आगे कहा, इस विषय पर तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच कर कड़ी और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली सरकार शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता, समान अवसर और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। किसी भी प्रकार का अन्याय, शोषण या अनियमितता को लेकर Zero Tolerance की नीति अपनाई गई है—इसमें कोई ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।हमारा संकल्प स्पष्ट है—हर बच्चे को न्याय, सम्मान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “कुछ स्कूलों के बच्चों के अभिभावक लगातार मुझसे मिल रहे हैं और अपनी समस्याएं बता रहे हैं। यह बात पक्की है कि किसी भी स्कूल को किसी भी अभिभावक या बच्चे को परेशान करने, या स्कूल से निकालने की धमकी देने या सामान्य फीस बढ़ाने का अधिकार नहीं है। इसके लिए नियम, कानून हैं, जिनका पालन करना बहुत जरूरी है। अगर कोई स्कूल इसका उल्लंघन करता पाया गया तो उसे भुगतना पड़ेगा। जिन स्कूलों के खिलाफ शिकायतें आ रही हैं, उन सभी के खिलाफ हमने नोटिस जारी कर दिए हैं।

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