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सशस्त्र बलों का कमांडर सहित मिलती हैं पावर, ईरान के सुप्रीम लीडर का चुनाव करेगी शिया समिति

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत ने देश के भविष्य को लेकर बेहद महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, मौलवियों की एक समिति को उनके स्थान पर नए नेता के चयन का काम सौंपा गया है। हालांकि, अब तक साफ नहीं हो सका है कि ईरान के सुप्रीम लीडर का चुनाव कब तक किया जाएगा। फिलहाल, इस पद के लिए खामेनेई के बेटे बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान नहीं किया गया है। कैसे होता है चुनाव ईरान के संविधान के तहत 88 सदस्यीय समिति ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ (विशेषज्ञों की सभा) नए सर्वोच्च नेता का चयन करेगी। इस निकाय में केवल शिया धर्मगुरु शामिल होते हैं, जिन्हें हर आठ वर्ष में जनमत के आधार पर चुना जाता है। कानून के अनुसार, ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ को जल्द से जल्द नए सर्वोच्च नेता का चयन करना होगा। यदि चयन में देरी होता है तो एक नेतृत्व परिषद कार्यभार संभाल सकती है, जिसमें राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और ‘गार्जियन काउंसिल’ का एक वरिष्ठ सदस्य शामिल होता है। उत्तराधिकार से जुड़ी चर्चाएं आमतौर पर सार्वजनिक नजरों से दूर होती हैं। इससे पहले राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी खामेनेई को उनका संभावित उम्मीदवार माना जा रहा था लेकिन मई 2024 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद खामेनेई के पुत्र मोजतबा खामेनेई का नाम संभावित दावेदारों में लिया जा रहा है, हालांकि उन्होंने कोई सार्वजनिक पद नहीं संभाला है। वर्ष 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद यह दूसरी बार होगा जब सर्वोच्च नेता का उत्तराधिकारी नियुक्त किया जाएगा। वर्ष 1989 में अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी की मौत बाद खामेनेई सर्वोच्च नेता बने थे।मिलती हैं ये पावर ईरान में सर्वोच्च नेता देश की जटिल शिया धर्मतांत्रिक व्यवस्था का सर्वोच्च पद है और उसे सभी राज्य संबंधी मामलों पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त है। सर्वोच्च नेता सशस्त्र बलों और ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ के ‘कमांडर-इन-चीफ’ भी होता है। ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ एक अर्द्धसैनिक बल है जिसे अमेरिका ने 2019 में एक आतंकवादी संगठन घोषित किया था और खामेनेई ने अपने शासन के दौरान इसे और सशक्त बनाया। अमेरिका और इजरायल का अटैक अमेरिका और इज़रायल ने शनिवार को तेहरान समेत ईरान के कई प्रांतों में हमले किए, जिससे काफी नुकसान हुआ और आम लोग मारे गए। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की पुष्टि की। ईरान ने इजरायली इलाके के साथ-साथ पश्चिमी एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी जवाबी मिसाइल हमले किए।

भारत सहित दुनिया में 10 चीजें डालेंगी असर?, ईरान पर अमेरिकी हमले से बढ़ेंगे तेल और गैस के दाम

तेहरान. अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई मारे गए हैं। इस जंग का यह निर्णायक मोड़ माना जा रहा है क्योंकि ईरान में सत्ता बदलने की कोशिश में अमेरिका लंबे समय से रहा है। अब खामेनेई के मारे जाने के बाद अपनी पिट्ठू सरकार बनाने की अमेरिका की कोशिश रंग ला सकती है। इस तरह खामेनेई का 47 साल का शासन ईरान में खत्म हुआ है तो वहां काफी कुछ बदलने जा रहा है। अमेरिका को उम्मीद होगी कि वह अपने समर्थन वाली सरकार बनवा लेगा। वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद उनके अकाउंट से ही एक आयत शेयर की गई है। इसका अर्थ है कि अब भी कुछ लोग इंतजार में हैं और वे अल्लाह से किया अपना वादा निभाएंगे। तेल और गैस के दाम बढ़ेंगे: इस जंग से दुनिया भर में ऊर्जा का एक अस्थायी संकट पैदा होगा। पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसके अलावा बिजली भी महंगी होने की आशंका है। महंगाई भड़कने का खतरा: ऊर्जा और ईंधन की कीमतें यदि महंगी होती हैं तो उसका सीधा असर ट्रांसपोर्ट, खाद्य वस्तुओं, दवाओं आदि पर पड़ता है। इन चीजों की महंगाई सीधे तौर पर हर देश को प्रभावित करेगी और भारत भी इससे अछूता नहीं रहेगी। पूरे मिडल ईस्ट पर संकट: यदि इस यु्द्ध का विस्तार हुआ तो इसका असर पूरे मिडल ईस्ट पर होगा। इसके लक्षण तब दिखने भी लगे, जब ईरान ने अकेले ही 8 देशों पर हमला किया है। ईरान के सहयोगी हिज़्बुल्लाह, हूती आदि सक्रिय हो सकते हैं। इसके कारण यह युद्ध इज़रायल, लेबनान, यमन तक युद्ध फैल सकता है। मिडल ईस्ट में सेना बढ़ाएगा अमेरिका: इन हालातों से साफ है कि तत्काल जंग खत्म नहीं होगी और अमेरिका को मिडल ईस्ट में अपनी उपस्थिति बढ़ानी पड़ेगी। साफ है कि अमेरिका को फिर बड़े पैमाने पर मध्य-पूर्व में फौज रखनी पड़ सकती है। ईरान का परमाणु अभियान होगा तेज: अमेरिका की ओर से लगातार यह कहा गया है कि ईरान परमाणु हथियार ना बनाए। अब ऐसे हालात हो गए हैं कि ईरान को करारा हमला झेलना पड़ा है। ऐसी स्थिति में यह भी संभावना है कि वह भविष्य में अस्तित्व की जंग के लिए परमाणु हथियार ही बनाना शुरू कर दे। इससे वह अपने लिए सुरक्षा की गारंटी महसूस करेगा। रूस, चीन और भारत पर नजर: इस जंग में अमेरिका और इजरायल तो सक्रिय हैं ही। मिडल ईस्ट के भी कई मुसलमान देश मूक समर्थन अमेरिका को दे रहे हैं। अब तक इस पूरी जंग से एशिया के तीन बड़े प्लेयर चीन, रूस और भारत थोड़ा दूरी बनाए हुए हैं। आने वाले समय में हालात कैसे होंगे। इन तीनों देशों का रुख ही यह तय करेगा। तेल की सप्लाई अटकने का खतरा: अगर होर्मुज जलडमरूमध्य बंद हुआ तो दुनिया का 20% तेल व्यापार प्रभावित होगा। भारत पर भी इसका सीधा असर देखने को मिलेगा।

टायर तले कुचलकर मौत, स्कूल बस की जर्जर फर्श से गिरी बच्ची

अलीगढ़. यूपी के अलीगढ़ से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां दादों थाना क्षेत्र के माउंट देव इंटरनेशनल स्कूल की लापरवाही ने गंगीरी गांव की एक छह साल की बच्ची की जान ले ली। स्कूल की जर्जर बस में पिछले टायरों के ऊपर वाली सीट के नीचे का फर्श टूटा हुआ था, जिसमें बड़े गड्ढे के बराबर छेद था। इसी में से बच्ची नीचे टायरों पर आ गिरी और कुचलकर उसकी मौत हो गई। घटना के बाद चालक बच्ची को लेकर गंगीरी आ रहा था, तभी लोगों ने रोककर उसकी पिटाई कर दी। गांव मलसई पर करीब तीन घंटे जाम लगाकर हंगामा किया। पुलिस ने समझाकर लोगों को शांत किया। बाद में ढोलना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना दादों क्षेत्र के गांव नाय भाय के रहने वाले रवि यादव वर्तमान में गंगीरी चौराहे पर रहते हैं। इनकी छह साल की बेटी अनन्या दादों के गांव कसेर भूडिया स्थित माउंट देव इंटरनेशनल स्कूल में यूकेजी में पढ़ती थी। छुट्टी के बाद चालक बच्चों को छोड़ने के लिए निकला। वह रोजाना पहले छिछोरा, किनावा, नगला भूड़ में बच्चों को छोड़ते हुए गंगीरी आता है। इसी रास्ते से शनिवार को भी आ रहा था। ढोलना क्षेत्र के गांव नगला साधु के पास बच्ची फर्श के छेद में से नीचे गिर गई। चालक ने बस को रोककर बच्ची को उठाया। उसे सीट पर रखकर गंगीरी लौट रहा था। इसी बीच गांव मलसई पर जन सेवा केंद्र चलाने वाले बच्ची के पिता रवि को जानकारी हो गई। उन्होंने बस को रुकवा लिया। गांव के लोगों ने चालक की पिटाई कर दी। इसके बाद मलसई पर जाम लगा दिया। इसे देख चार थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा। सीओ छर्रा संजीव कुमार तोमर ने कार्रवाई का भरोसा दिलाकर लोगों को शांत किया। सीओ के अनुसार अग्रिम कार्रवाई कासगंज पुलिस की ओर से की जा रही है। स्कूल बस पर नकाबपोश बदमाशों का हमला, दहशत इससे पहले थाना टप्पल क्षेत्र के खेड़िया बुजुर्ग के पास बाइक सवार 6-7 नकाबपोश बदमाशों ने स्कूल बस को घेरकर हमला कर दिया। उन्होंने बस के शीशे तोड़े और अंदर घुसने की कोशिश की, जिससे छात्रों व अभिभावकों में भारी दहशत फैल गई। बस सहायक की सूझबूझ से बदमाश भाग निकले। जानकारी के अनुसार, 17 फरवरी दोपहर सवा दो बजे जट्टारी के निजी इंटरमीडिएट कॉलेज की बस लंगोटगढ़ी, खेड़िया बुजुर्ग व बुलाकीपुर के छात्रों को छोड़ रही थी। विशाल कोल्ड स्टोरेज के पास तीन बाइकों पर सवार हमलावरों ने बस रोकी, दरवाजा खोलने की कोशिश की। असफल होने पर उन्होंने पिछली खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। हालांकि पीछे से आते दूसरे स्कूल वाहन को देखकर फरार हो गए। वहीं, छात्रों ने एक हमलावर प्रशांत शर्मा निवासी ग्राम मांदक को पहचान लिया। पूछताछ पर उसने कबूल किया कि उसके साथ अनुराग, भरत, भारत चौहान व दो अज्ञात शामिल थे।

17 कर्मचारियों की मौत और 18 घायल, नागपुर में डेटोनेटर बनाने वाली कंपनी में धमाका

नागपुर. महाराष्ट्र के नागपुर जिले के काटोल इलाके के पास रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। राउलगांव स्थित ‘एसबीएल एनर्जी लिमिटेड’ नामक विस्फोटक बनाने वाली फैक्ट्री में हुए एक शक्तिशाली विस्फोट में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह कंपनी खनन और औद्योगिक कार्यों के लिए डेटोनेटर और अन्य विस्फोटक तैयार करती है। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा सुबह 6:00 से 7:00 बजे के बीच हुआ। उस समय फैक्ट्री में सुबह की शिफ्ट के कर्मचारी अपना काम शुरू कर चुके थे। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब डेटोनेटर बनाने की प्रक्रिया चल रही थी तभी अचानक एक जोरदार विस्फोट हुआ। नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार ने हताहतों की संख्या की पुष्टि करते हुए बताया कि घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत चिंताजनक बनी हुई है। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई, जिससे आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई। फैक्ट्री के उस हिस्से की छत और दीवारें ढह गईं जहां धमाका हुआ था। आसमान में धुएं का गुबार साफ देखा जा सकता था। बताया जा रहा है कि धमाके के समय संबंधित यूनिट में 25 से 30 श्रमिक मौजूद थे। मलबे और आग के कारण अभी भी कुछ कर्मियों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग की कई गाड़ियां और एम्बुलेंस मौके पर पहुँच गईं। पुलिस और प्रशासन की टीमें मलबे से लोगों को निकालने और आग पर काबू पाने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं। मलबे के नीचे दबे लोगों को बचाने के लिए विशेष उपकरणों की मदद ली जा रही है। अभी तक विस्फोट के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और ‘एसबीएल एनर्जी’ प्रबंधन से भी संपर्क किया गया है। यह जांच की जा रही है कि क्या सुरक्षा मानकों अनदेखी की गई थी या यह किसी तकनीकी खराबी का परिणाम था।

ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी, दिल्ली में मैच के चलते आज 10 घंटे तक नो एंट्री

नई दिल्ली. दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में रविवार को जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले टी20 विश्व कप मैच को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने विशेष एडवाइजरी जारी की है। ट्रैफिक प्रतिबंध रविवार दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक लागू रहेंगे, जिससे स्टेडियम और उसके आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित होने की संभावना है। पुलिस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे असुविधा से बचने के लिए अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें। मुख्य रूप से राजघाट से दिल्ली गेट तक जेएलएन मार्ग, तुर्कमान गेट से दिल्ली गेट तक आसफ अली रोड और बहादुर शाह जफर मार्ग पर आवाजाही प्रभावित रहेगी। इसके अलावा, दरियागंज से बहादुर शाह जफर मार्ग और गुरु नानक चौक से आसफ अली रोड तक भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। स्टेडियम जाने वाले दर्शकों के लिए गेट नंबर के आधार पर प्रवेश मार्ग निर्धारित किए गए हैं। गेट नंबर 1 से 8 और 16 से 18 के लिए बहादुर शाह जफर मार्ग से प्रवेश होगा, जबकि गेट नंबर 10 से 15 के लिए अंबेडकर स्टेडियम के पास जेएलएन मार्ग से प्रवेश दिया जाएगा। आम जनता के लिए स्टेडियम के पास पार्किंग की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी; केवल लेबल वाले वाहनों को ही निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों जैसे जेपी पार्क और विक्रम नगर पार्किंग में जाने की अनुमति मिलेगी। अन्य दर्शकों के लिए माता सुंदरी रोड, राजघाट पावर हाउस रोड और वेलोड्रोम रोड से ‘पार्क-एंड-राइड’ की मुफ्त बस सेवा उपलब्ध कराई गई है। रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भी सलाह दी गई है कि वे आईटीओ चौक और बहादुर शाह जफर मार्ग पर संभावित भीड़ को देखते हुए योजना पहले से बनाकर निकलें। पुलिस ने साफ किया है कि जेएलएन मार्ग और रिंग रोड (राजघाट से आईपी फ्लाईओवर) पर सड़क किनारे वाहन खड़े करने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को क्रेन से उठा लिया जाएगा और उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। टैक्सी और ऑटो के लिए मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज और राजघाट चौक के पास पिक-अप और ड्रॉप पॉइंट बनाए गए हैं।

सेना ने फायरिंग से दिया जवाब, ईरान में जंग के बीच पाकिस्तान ने भारत में भेजे ड्रोन

नई दिल्ली. ईरान में जारी इजरायली हमले के बीच जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) पर पाकिस्तानी ड्रोन की संदिग्ध गतिविधि देखी गई। रविवार सुबह तड़के पुंछ के दिगवार सेक्टर में एक पाकिस्तानी ड्रोन को भारतीय सीमा के भीतर प्रवेश करते देखा गया। भारतीय सेना के मुस्तैद जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए ड्रोन को मार गिराने के लिए भारी गोलीबारी की, जिसके बाद वह वापस पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की ओर भाग गया। न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से कहा, रविवार सुबह करीब 6:10 बजे सीमा पर तैनात एक अग्रिम चौकी के जवानों ने आसमान में एक संदिग्ध उड़ती हुई वस्तु देखी। जैसे ही पुष्टि हुई कि यह सीमा पार से आया एक दुश्मन ड्रोन है, भारतीय जवानों ने उसे निशाना बनाते हुए एक दर्जन से अधिक राउंड फायरिंग की। जवानों की इस जवाबी कार्रवाई के बाद ड्रोन दिगवार इलाके में कुछ देर मंडराने के बाद वापस PoK की दिशा में लौट गया। 3 दिन में दूसरी घटना चिंता की बात यह है कि पिछले तीन दिनों के भीतर पुंछ सेक्टर में ड्रोन घुसपैठ की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 27 फरवरी को भी इसी तरह एक पाकिस्तानी ड्रोन को भारतीय क्षेत्र में देखा गया था, जिस पर सुरक्षाबलों ने गोलियां चलाई थीं। पाकिस्तान के द्वारा सीमा पार से ड्रोन का इस्तेमाल किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए किया जा रहा है। ड्रोन के वापस लौटने के तुरंत बाद भारतीय सेना ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर पूरे दिगवार और आसपास के जंगली इलाकों में एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है। अधिकारियों को अंदेशा है कि ड्रोन के जरिए सीमा पार से हथियार, गोला-बारूद, नकदी या नशीले पदार्थों की खेप गिराई गई हो सकती है। सुरक्षाबल यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इलाके में कोई भी संदिग्ध पैकेट न छूटा हो। आपको बता दें कि पुंछ और राजौरी जिलों में हाल के महीनों में ड्रोन की हलचल बढ़ी है, जिसे देखते हुए भारतीय सेना ने अपनी एंटी-ड्रोन प्रणालियों और निगरानी तंत्र को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा है। वर्तमान में एलओसी पर स्थिति तनावपूर्ण लेकिन पूरी तरह नियंत्रण में है।

ट्रंप की ईरान को लास्ट वॉर्निंग, ‘हमला किया तो ऐसा मारेंगे कि दुनिया ने कभी नहीं देखा होगा’

तेहरान. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर चेतावनी दे दी है। रविवार को उन्होंने कहा कि अगर ईरान अटैक करता है, तो अमेरिका और ज्यादा ताकत से हमला करेगा। यह चेतावनी ईरान की वॉर्निंग के बाद आई है, जिसमें अमेरिका पर सबसे बड़े हमले की चेतावनी दी थी। इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत हो चुकी है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिका और भी बड़ा जवाबी हमला करेगा। उन्होंने लिखा, ‘ईरान ने अभी बयान दिया है कि वे आज बहुत जोरदार हमला करने जा रहे हैं, इतना बड़ा हमला जैसा उन्होंने पहले कभी नहीं किया। लेकिन उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि अगर वे ऐसा करते हैं, तो हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे जो पहले कभी नहीं देखी गई होगी!’ सुप्रीम लीडर की मौत अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की 86 वर्ष की उम्र में मौत हो गई। खामेनेई ने 1989 से इस्लामी गणराज्य का नेतृत्व किया। खामेनेई ने ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में दशकों तक धार्मिक सत्ता स्थापित करने और देश को एक क्षेत्रीय महाशक्ति बनाने का प्रयास किया। उनका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर इजरायल और अमेरिका के साथ टकराव रहा तथा उन पर देश में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों को कुचलने के भी आरोप लगे। ईरान में 88 सीट वाली विशेषज्ञ सभा खामेनेई के उत्तराधिकारी का चुनाव करेगी। इस विशेषज्ञ सभा में अधिकतर कट्टरपंथी धर्मगुरु शामिल हैं। हालांकि अब तक कोई स्पष्ट उत्तराधिकारी तय नहीं हुआ है। UN में गूंजा मुद्दा संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों की शनिवार को निंदा की और ‘क्षेत्र और पूरी दुनिया को संकट से निकालने’ के लिए तत्काल फिर से बातचीत शुरू करने का आह्वान किया। गुतारेस ने आपातकालीन बैठक में कहा कि स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। गुतारेस ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर सहित अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है। उन्होंने बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करने के लिए ईरान के जवाबी हमलों की भी निंदा की।अमेरिका ने किया हमले के फैसले का बचाव संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई वैध थी। उन्होंने सुरक्षा परिषद को बताया, ‘ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता। यह सिद्धांत राजनीति का विषय नहीं है। यह वैश्विक सुरक्षा का विषय है और इसी उद्देश्य से अमेरिका कानूनी कार्रवाई कर रहा है।’ इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने इन हवाई हमलों का बचाव करते हुए कहा कि अस्तित्व पर आए संकट को रोकने के लिए ये हमले आवश्यक थे। ईरान ने बताया अपराध संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने परिषद को बताया कि हवाई हमलों में सैकड़ों ईरानी नागरिक मारे गए और घायल हुए हैं और इसे उन्होंने युद्ध अपराध एवं मानवता के खिलाफ अपराध बताया। रूस के राजदूत ने अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों की निंदा की, जबकि चीन के राजदूत ने अपनी आलोचना में अधिक संयम बरता।

रमजान पर मातम में शिया मुसलमान, ईरान के खामेनेई के मारे जाने पर भारत में प्रदर्शन

लखनऊ. इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई है। इसके बाद ईरान में लोग सड़कों पर उतर पड़े हैं। खामेनेई के समर्थक सड़कों पर मातम मना रहे हैं और अमेरिका-इजरायल का विरोध कर रहे हैं। खामेनेई की मौत के मातम से भारत भी अछूता नहीं है। यहां कश्मीर में कई जगहों पर लोग खामेनेई की तस्वीरों के साथ सड़कों पर उतरे और इजरायल-अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी की। लोग ‘खामेनेई जिंदाबाद’ जैसे नारे भी लगा रहे थे। कश्मीर में प्रदर्शन की वजह यह है कि खामेनेई को फिलिस्तीन समर्थक नेता के तौर पर जाना जाता था। इसके अलावा शिया समुदाय के मुसालमान खामेनेई से काफी हमदर्दी रखते थे। कश्मीर के शिया मुसलमानों में खामेनेई की काफी लोकप्रियता थी और इसीलिए लोग उनकी मौत का मातम मनाने सड़कों पर उतर पड़े हैं। वहीं बेंगलुरु के पास शिया बहुल एक गांव में सन्नाटा पसरा है। लोगों का कहना है कि वे खामेनेई की मौत से बेहद दुखी हैं। पुलवामा और श्रीनगर में सड़कों पर उतरे लोग मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कश्मीर के पुलवामा और श्रीनगर में शिया बहुल इलाकों में लोग काले झंडे और बैनर लेकर सड़कों पर निकल पड़े और इजरायल-अमेरिका विरोधी नारे लगाने लगे। रविवार को ही ईरान ने अली खामेनेई की मौत की पुष्टि की है। इसके बाद ईरान ने अपने नए सुप्रीम लीडर का ऐलान भी कर दिया है। अली खामेनेई के बेटे मोर्तजा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बनाने की तैयारी है। लखनऊ में भी प्रदर्शन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी शिया मुसलमानों की संख्या काफी है। यहां भी लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किए। लोगों ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी की। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, अमेरिका बात भी कर रहा था और युद्ध की धमकी भी दे रहा था। हमारे नेता ने घुटने नहीं टेके। एक हजार खामेनेई खड़े हो जाएंगे और जंग होकर रहेगी। लखनऊ में शिया समुदाय ने तीन दिन के शोक का भीऐलान किया है। कांग्रेस ने भी की इजरायल-अमेरिका के हमले की निंदा जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शोक जताया और रविवार के लिए तय सभी राजनीतिक गतिविधियां स्थगति कर दीं।अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में खामेनेई की मौत हो गई है। पीसीसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी ईरान के सर्वोच्च नेता पर किए गए इन हवाई हमलों की कड़ी निंदा करती है और इसे अमेरिका व इजराइल की ओर से अमानवीय, बर्बर और कायरतापूर्ण कृत्य करार देती है।

ईरान ने US बेस को भी बनाया निशाना, खामेनेई की मौत के बाद इजरायल पर मिसाइल अटैक

तेहरान. ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। ईरान ने अपना नया कमांडर इन चीफ नियुक्त किया है। ईरान ने खामेनेई की मौत के बगाद 40 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। वहीं इजरायल और अमेरिका के इस हमले की निंदा संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने भी की है। वहीं ईरान ने नए सुप्रीम लीडर का भी ऐलान किया है। हमलों के बाद भड़के हुए ईरान ने भी पड़ोसी देशों में स्थित अमेरिकी एयरबेसों को निशाना बनाया। ये हमले ऐसे समय में हुए जब हाल के हफ्तों में तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिकी युद्धपोत क्षेत्र में तैनात किए जा चुके थे और डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए एक समझौता चाहते थे। यह उस समय हो रहा है जब देश के भीतर भी हालात चुनौतीपूर्ण हैं और राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है। ईरान के हमलों की वजह से कतर, सऊदी अरब, ईराक और अन्य देशों में भी उसका विरोध हो रहा है। वहीं खबर के मुताबिक यूएई में ईरान के हमले में एक शख्स की मौत भी हो गई है। IRGC ने ब्रिगेडियर जनरल अहमद वहीदी को नया कमांडर इन चीफ चुन लिया है। ऐसे में युद्ध अभी लंबा खिंचने की संभावना नजर आ रही है। खामेनेई के मारे जाने पर प्रदर्शन की आग भारत तक पहुंच गई है। भारत में कश्मीर, यूपी और कई अन्य जगहों पर शिया मुसलमान सड़कों पर उतर रहे हैं। यूएन ने की हमले की निंदा संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हवाई हमलों की शनिवार को निंदा की और ”क्षेत्र और पूरी दुनिया को संकट से निकालने” के लिए तत्काल फिर से बातचीत शुरू करने का आह्वान किया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने आपातकालीन बैठक में कहा कि स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ”वरना व्यापक संघर्ष होने की आशंका है जिसके नागरिकों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से गंभीर परिणाम हो सकते हैं।” यहां पढ़ें ईरान-इजरायल युद्ध का पूरा मामला… कैसे चुना जाएगा ईरान का सुप्रीम लीडर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत ने देश के भविष्य को लेकर बेहद महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, मौलवियों की एक समिति को उनके स्थान पर नए नेता के चयन का काम सौंपा गया है। ईरान के संविधान के तहत 88 सदस्यीय समिति ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ (विशेषज्ञों की सभा) नये सर्वोच्च नेता का चयन करेगी। इस निकाय में केवल शिया धर्मगुरु शामिल होते हैं, जिन्हें हर आठ वर्ष में जनमत के आधार पर चुना जाता है। कानून के अनुसार, ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ को जल्द से जल्द नये सर्वोच्च नेता का चयन करना होगा। यदि चयन में देरी होता है तो एक नेतृत्व परिषद कार्यभार संभाल सकती है, जिसमें राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और ‘गार्जियन काउंसिल’ का एक वरिष्ठ सदस्य शामिल होता है।

प्राइवेट फोटो से ब्लैकमेल रोकने के लिए सरकारी एजेंसी ने साझा किया अहम बचाव मंत्र

 नई दिल्ली ब्लैकमेलिंग की आपने कई खबरें पढ़ीं होंगी, जिसमें विक्टिम को परेशान किया जाता है. यहां तक की रुपये तक की डिमांड करते हैं. कुछ मामले में विक्टिम आत्महत्या तक कर लेते हैं. आम लोगों की सेफ्टी के लिए गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली एजेंसी साइबर दोस्त I4C ने एक पोस्ट किया है.  X प्लेटफॉर्म पर साइबर दोस्त I4C ने पोस्ट किया है. पोस्ट में बताया है  कि अगर आपको कोई प्राइवेट फोटो के नाम पर ब्लैक मेल कर रहा है तो उसको कैसे रोका जा सकता है. इसके लिए बड़ा ही सिंपल प्रोसेस फॉलो करना होगा.  साइबर दोस्त ने बताया है कि अगर आपको भी धमकी दे रहा है और प्राइवेट फोटो को इंटरनेट पर शेयर करने को कहता है. तो उसको रोका जा सकता है. इसके लिए एक खास प्रोसेस को फॉलो करना होगा.  साइबर दोस्त का पोस्ट      साइबर दोस्त ने बताया है कि StopNCCI.org पर विजिट करें.      वहां अपनी इमेज या वीडियो से जुड़ा एक डिजिटल फिंगरप्रिंट (HASH) बनाएं.     HASH या कोड प्राइवेट फोटो या वीडियो को रिप्रजेंट करता है.      ये पूरा प्रोसेस आपके डिवाइस पर होता है. इसकी वजह से फोटो और वीडियो सेफ रहती हैं और वे कहीं अपलोड नहीं होती हैं.  StopNCII.org क्या है?  StopNCII.org, एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां आप बिना सहमति के शेयर की गई प्राइवेट या वीडियो के मिसयूज को रोक सकेंगे. इसको एक इंटरनेशनल एजेंसी ऑपरेट करती है.  StopNCII Dot org असल में प्राइवेट फोटो या वीडियो कोड में कन्वर्ट करता है. यह कोड पार्टनर सोशल मीडिया कंपनियों को शेयर किया जाता है और उससे संबंधित फोटो को पहचानकर उनको रिमूव किया जाता है. गलत इरादे से अगर कोई फोटो या वीडियो अपलोड भी करने की कोशिश करता है तो उसको तुरंत ब्लॉक किया जाता है.  StopNCII Dot org के साथ कई बड़े-बड़े प्लेटफॉर्म मिलकर काम करते हैं. इसमें Meta (फेसबुक और इंस्टाग्राम), टिकटॉक, रेडिट, स्नैपचैट आदि के नाम शामिल हैं. 

3 या 4 मार्च को होली की छुट्टी? जानिए किस दिन देशभर में बैंक होंगे बंद

नई दिल्ली इस बार होली (Holi) 3 मार्च को है, या 4 को… इसे लेकर लोगों में कंफ्यूजन है. लेकिन होली की सरकारी छुट्टी को लेकर तस्वीर साफ हो गई है, होली के मौके पर किस दिन बैंक समेत तमाम सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे, इसकी घोषणा कर दी गई है.  भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने मार्च 2026 के लिए बैंक छुट्टियों (Bank Holidays) की आधिकारिक सूची जारी कर दी है, जिसमें राष्ट्रीय और क्षेत्रीय त्योहारों के कारण अलग-अलग तारीखों पर बैंक की शाखाएं बंद रहेंगी. यह सूची इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि सभी राज्य में छुट्टियां एक समान नहीं होती हैं, कुछ त्योहार कुछ हिस्सों में ही बंदी के रूप में मनाए जाते हैं.  अगर आपको भी इस हफ्ते बैंक से जुड़ा कोई काम है, तो अपने शहर/राज्य के हिसाब से सही तारीख देख सकते हैं कि किस दिन होली की छुट्टी रहेगी, और कब-कब बैंक खुले रहेंगे.  होली के आसपास बैंक छुट्टियां होली 2026 रंगों का प्रमुख त्योहार 4 मार्च (बुधवार) को पड़ रहा है, लेकिन RBI की सूची के अनुसार होली से जुड़े अलग-अलग दिन कई शहरों/राज्यों में छुट्टी के रूप में घोषित हैं.  इस बीच 2 मार्च 2026 (सोमवार) को होलिका दहन के मौके पर कुछ शहरों जैसे कानपुर और लखनऊ में बैंक बंद रहेंगे. बाकी अधिकांश स्थानों पर बैंक सामान्य रूप से काम करेंगे.  वहीं मंगलवार 3 मार्च 2026 को होली/धुलंडी के अवसर पर कई बड़े शहरों में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी. इन शहरों में मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, पटना, रांची, भोपाल, देहरादून, गुवाहाटी, हैदराबाद, नागपुर, पणजी, बेलापुर और विजयवाड़ा शामिल हैं. वहां के लोगों को बैंक सेवाओं के लिए पहले से योजना बनानी चाहिए.  जबकि 4 मार्च 2026 (बुधवार) को मुख्यौतर पर देश में होली मनाई जाएगी. इस दिन उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में बैंक बंद हैं. नई दिल्ली, अहमदाबाद, लखनऊ, कानपुर, पटना, रांची, चंडीगढ़, शिमला, जम्मू, रायपुर, भुवनेश्वर, अगरतला, ईटानगर, शिलॉन्ग और इंफाल में इस दिन बैंक बंद रहेंगे. होली के बाद भी मार्च में कई दिन छुट्टी- 13 मार्च- Chapchar Kut (कुछ राज्यों में) 17 मार्च- Shab-i-Qadr (जम्मू/कश्मीर) 19 मार्च- गुड़ी पड़वा, उगादी प्रकार के त्योहार 20-21 मार्च- ईद-उल-फितर / ईद 26-27 मार्च- राम नवमी 31 मार्च- कुछ स्थानों पर स्थानीय छुट्टी (हालांकि कुछ राज्यों में RBI ने इसे रद्द भी किया है.) इन दिनों छुट्टियों रहने का मतलब यह नहीं है कि सभी बैंकिंग सेवाएं बंद हो जाएंगी. ऑनलाइन बैंकिंग (UPI, मोबाइल/नेट बैंकिंग, एटीएम) सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी. यह डिजिटल लेन-देन करने वालों के लिए सुविधाजनक रहेगा. हालांकि अगर आपको फिजिकल सेवाएं (जैसे चेक जमा, KYC अपडेट, ड्राफ्ट वगैरह) चाहिए, तो छुट्टियों से पहले अपनी योजना बनाकर काम निपटा लें.

केंद्र सरकार ने PMGKAY योजना में फोर्टिफाइड चावल का वितरण रोका, न्यूट्रिशन में कमी की वजह से लिया फैसला

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत दिए जाने वाले ‘फोर्टिफाइड चावल’ के वितरण को फिलहाल रोक दिया है. सरकार ने यह कदम चावल के लंबे समय तक भंडारण के दौरान पोषक तत्वों के खराब होने की चिंताओं के बीच उठाया है. क्यों लिया गया यह फैसला? खाद्य मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, आईआईटी खड़गपुर को एक विशेष अध्ययन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. इस स्टडी में यह जांचना था कि अलग-अलग मौसम और परिस्थितियों में फोर्टिफाइड चावल के दाने कितने समय तक अपनी गुणवत्ता बनाए रखते हैं. रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. अध्ययन के अनुसार, नमी, तापमान और गोदामों में रखने के तरीके का चावल की क्वालिटी पर बुरा असर पड़ रहा है. रिपोर्ट में कहा गया कि लंबे समय तक रखे रहने और सामान्य रखरखाव के दौरान इन चावलों में मौजूद जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व कम हो जाते हैं. इससे जिस मकसद के लिए चावल में पोषण मिलाया गया था, वह पूरा नहीं हो पा रहा है. भंडारण की समस्या सबसे बड़ी चुनौती भारत के सरकारी गोदामों में चावल की उपलब्धता जरूरत से कहीं ज्यादा है. आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय पूल में लगभग 674 लाख मीट्रिक टन चावल उपलब्ध है, जबकि सालाना जरूरत सिर्फ 372 लाख मीट्रिक टन की है. इस कारण चावल को गोदामों में 2 से 3 साल तक रखा जाता है. इतने लंबे समय तक फोर्टिफाइड चावल में मिलाए गए विटामिन और आयरन अपनी शक्ति खो देते हैं. आम जनता पर क्या होगा असर? सरकार ने साफ किया है कि इस फैसले से राशन कार्ड धारकों को मिलने वाले अनाज की मात्रा में कोई कमी नहीं आएगी.     राशन मिलता रहेगा: लाभार्थियों को उनके हक का पूरा चावल मिलेगा, बस वह अब फोर्टिफाइड (मिश्रित) नहीं होगा.     इन योजनाओं पर असर: यह फैसला PDS (राशन दुकान), आंगनवाड़ी (ICDS) और स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे मील (PM POSHAN) पर लागू होगा.     राज्यों को छूट: खरीफ सीजन 2025-26 के लिए राज्यों को छूट दी गई है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार फोर्टिफाइड या सामान्य चावल बांट सकते हैं. क्या है फोर्टिफाइड चावल? बता दें कि कुपोषण और एनीमिया (खून की कमी) को दूर करने के लिए सामान्य चावल में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन B12 जैसे पोषक तत्व मिलाए जाते हैं. इसे 2019 में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया था और मार्च 2024 तक इसे पूरे देश में लागू कर दिया गया था. आगे क्या? खाद्य मंत्रालय के अनुसार, यह रोक स्थायी नहीं है. सरकार अब एक ऐसी नई तकनीक या सिस्टम पर काम कर रही है जिससे चावल के पोषक तत्व लंबे समय तक खराब न हों. जैसे ही कोई बेहतर तरीका मिल जाएगा, इस योजना को फिर से शुरू किया जा सकता है.

8th Pay Commission में फैमिली यूनिट बढ़ाने से 66% तक बढ़ेगी सैलरी, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन पर भी असर

नई दिल्ली  आठवें वेतन आयोग में फैमिली यूनिट बढ़ाने की मांग से केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में 66% तक उछाल आ सकता है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि अगर परिवार की गणना 3 की जगह 5 यूनिट पर की जाए, तो न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन (8th Pay Commission salary and pension hike) तीनों में बड़ा बदलाव संभव है। दरअसल, नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के लिए एक साझा मांग पत्र तैयार करने को राष्ट्रीय राजधानी में हफ्ते भर की बैठक बुलाई है। यह मांग देश के 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 69 लाख पेंशनर्स से जुड़ी है। चर्चा का सबसे अहम मुद्दा है- फैमिली यूनिट (8th Pay Commission family unit) का विस्तार। सातवें वेतन आयोग में कैसे काउंट हुआ था वेतन? 7वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन की गणना 3 कंजम्प्शन यूनिट के आधार पर की गई थी। इसमें कर्मचारी, जीवनसाथी और दो बच्चों को शामिल किया गया। यह गणना डॉ. वालेस एक्रोयड के फॉर्मूले पर आधारित थी, जिसमें 2,700 कैलोरी प्रति वयस्क, सालाना 72 गज कपड़ा और मकान का खर्च जैसे मानक तय किए गए थे। मकसद था- एक परिवार को सम्मानजनक जीवन के लिए कितनी आय चाहिए, इसका अंदाजा लगाना। फैमिली यूनिट में माता-पिता भी हों शामिल! ऑल इंडिया एनपीएस एप्लॉईज फेजरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल (Dr Manjeet Singh Patel) का कहना है कि असल में कई कर्मचारी अपने आश्रित माता-पिता का खर्च भी उठाते हैं। इसलिए फैमिली यूनिट 3 से बढ़ाकर 5 की जाए। चूंकि न्यूनतम वेतन सीधा-सीधा यूनिट की संख्या से जुड़ा होता है, इसलिए 3 से 5 यूनिट होने पर बेस कैलकुलेशन वैल्यू में गणितीय रूप से 66.67% की बढ़ोतरी हो सकती है। यूनियनों का दावा है कि इससे न्यूनतम बेसिक सैलरी में करीब 66% तक उछाल आ सकता है। फैमिली यूनिट फॉर्मूला क्या है? 7वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन की गणना 3 यूनिट के आधार पर हुई थी. कर्मचारी, जीवनसाथी और दो बच्चे. यह गणना डॉ. वॉलेस अयक्रॉयड के फॉर्मूले पर आधारित थी, जिसमें परिवार की बुनियादी जरूरतें शामिल थीं.     रोजाना 2700 कैलोरी भोजन     सालाना कपड़ों की जरूरत     रहने का खर्च     इसका मकसद था सम्मानजनक जीवन के लिए जरूरी न्यूनतम आय तय करना.     अब क्या मांग की जा रही है?     कर्मचारी यूनियन चाहती हैं कि फैमिली यूनिट 3 से बढ़ाकर 5 की जाए, जिसमें आश्रित माता-पिता को भी शामिल किया जाए. सीधे शब्दों में     पहले गणना = 3 यूनिट     नया प्रस्ताव = 5 यूनिट गणित के हिसाब से     5 ÷ 3 = 1.66     यानी बेसिक गणना में लगभग 66.67% बढ़ोतरी.     न्यूनतम वेतन पर असर     अभी 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक वेतन ₹18,000 है. कर्मचारी संगठन मांग कर रहे हैं.     फिटमेंट फैक्टर 3.25 तक (पहले 2.57)     हर साल 7% वेतन वृद्धि     पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली     अगर बेस सैलरी बढ़ती है, तो पूरी सैलरी स्ट्रक्चर ऊपर चला जाएगा. फिटमेंट फैक्टर क्यों बढ़ सकता है? फिटमेंट फैक्टर वही गुणांक है जिससे पुरानी सैलरी नई सैलरी में बदली जाती है. फैमिली यूनिट बढ़ने से न्यूनतम वेतन की गणना बड़ी हो जाएगी, जिससे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग मजबूत हो जाती है. पेंशनर्स पर क्या असर? पेंशन आखिरी बेसिक सैलरी का 50% होती है. इसलिए अगर नई बेसिक सैलरी बढ़ती है, तो पेंशन भी उसी अनुपात में बढ़ेगी. यही वजह है कि पेंशनर्स संगठन भी इस पर नजर बनाए हुए हैं. कर्मचारी संगठन क्यों जरूरी बता रहे बदलाव?     यूनियनों का कहना है:     महंगाई तेजी से बढ़ी है     कई कर्मचारी माता-पिता की जिम्मेदारी उठाते हैं     3 यूनिट मॉडल आज के परिवार की हकीकत नहीं दिखाता     उनका मानना है कि सिर्फ छोटी बढ़ोतरी नहीं, बल्कि सैलरी ढांचे में बड़ा बदलाव जरूरी है. अभी स्थिति क्या है? NC-JCM अलग-अलग विभागों की मांगों को जोड़कर सरकार को अंतिम प्रस्ताव देगा. इसमें फैमिली यूनिट विस्तार, न्यूनतम वेतन, पेंशन समानता और भत्तों से जुड़े सुझाव शामिल होंगे. सरकार 5-यूनिट प्रस्ताव मानती है या नहीं, यह अभी साफ नहीं है. लेकिन अगर मंजूरी मिलती है, तो सैलरी, पेंशन और भत्तों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. कर्मचारियों के लिए सबसे अहम बात 66% बढ़ोतरी का आंकड़ा कोई अनुमान नहीं, बल्कि वेतन गणना के फॉर्मूले में बदलाव से जुड़ा गणित है.अगर फैमिली यूनिट 3 से 5 हुई तो बेस सैलरी लगभग 66.67% बढ़ेगी. फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने का आधार मजबूत होगा. न्यूनतम वेतन ₹54,000 तक मांग की जा सकती है. पेंशन भी उसी अनुपात में बढ़ेगी अब सबसे बड़ा सवाल यही है क्या सरकार फैमिली यूनिट फॉर्मूला बदलने को मंजूरी देगी? तो ऊपर खिसक जाएगी सैलरी मैट्रिक्स? फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक वेतन 18,000 रुपए है। अगर बेसिक पे बढ़ता है, तो पूरी सैलरी मैट्रिक्स ऊपर खिसक जाएगी। यूनियनें 3.25 या उससे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की भी मांग कर रही हैं। साथ ही सालाना इंक्रीमेंट दर 3% से बढ़ाकर 7% करने की मांग है। पुरानी पेंशन योजना (OPS) की पूरी बहाली, NPS और UPS को खत्म करने की मांग भी उठ रही है। यह मांग पेंशनर्स के लिए भी अहम है, क्योंकि बेसिक पेंशन आखिरी बेसिक सैलरी का 50% होती है। अगर 5 यूनिट फॉर्मूला लागू होता है, तो पेंशन में भी उसी अनुपात में बढ़ोतरी होगी। अब नजर सरकार के फैसले पर है कि क्या आठवां वेतन आयोग सिर्फ इंक्रीमेंट देगा या ढांचा बदलकर बड़ी सैलरी हाइक? खैर, ये आने वाले दिनों में क्लियर हो सकता है।  

1 मार्च से आपकी जेब पर असर डालने वाले 5 बड़े नियमों में बदलाव

नई दिल्ली 1 मार्च 2026 से भारत में कई नियम बदलने जा रहे हैं, जो आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और जेब पर सीधा असर डालेंगे. ये बदलाव ट्रेन टिकट बुकिंग से लेकर एलपीजी सिलेंडर की कीमत, सिम कार्ड, बैंक अकाउंट, यूपीआई और मैसेजिंग ऐप्स तक फैले हुए हैं. ज़ी बिजनेस और दूसरे सोर्सेज से मिली जानकारी के मुताबिक, ये नियम सुरक्षा बढ़ाने, फ्रॉड रोकने और सर्विस बेहतर बनाने के लिए लाए जा रहे हैं. भारतीय पढ़ने वालों के लिए आसान भाषा में बताता हूं कि क्या-क्या बदलाव आ रहे हैं.  रेलवे टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव भारतीय रेलवे 1 मार्च से अपनी डिजिटल सर्विस को और भी हाईटेक बना रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार पुराने यूटीएस ऐप की जगह अब नया RailOne ऐप जगह ले लेगा. इसके साथ ही जनरल और प्लेटफॉर्म टिकट बुक करने के लिए आधार बेस्ड ऑथेंटिकेशन को जरूरी किया जा सकता है, जिससे टिकट बुकिंग में क्लियरिटी आएगी. इसके अलावा सीनियर सीटीजन के लिए लोअर बर्थ प्रायोरिटी को लेकर भी नई गाइडलाइंस आ सकती हैं. सबसे बड़ा बदलाव ट्रेन टिकट बुकिंग में है. भारतीय रेलवे अब पुराना यूटीएस ऐप बंद कर रहा है. 1 मार्च से अनारक्षित टिकट, जनरल टिकट और प्लेटफॉर्म टिकट बुक करने के लिए नया रेलवन ऐप इस्तेमाल करना होगा. ये ऐप पूरी तरह एक्टिव हो जाएगा और आईआरसीटीसी के अलावा ये नया विकल्प होगा. अब स्टेशन पर काउंटर से या पुराने तरीके से टिकट लेना मुश्किल हो सकता है, इसलिए यात्रा करने वाले लोग पहले से ऐप डाउनलोड कर लें. एलपीजी सिलेंडर की कीमत एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हर महीने की तरह बदलाव हो सकता है. 1 मार्च को घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के नए रेट घोषित हो सकते हैं. क्रूड ऑयल की कीमतों के आधार पर ये बढ़ या घट सकते हैं, जिससे रसोई गैस का खर्च सीधा प्रभावित होगा. आम परिवारों के लिए ये बहुत जरूरी है क्योंकि गैस की कीमतें रोज के बजट पर असर डालती हैं. सिम बाइंडिंग जरूरी सिम कार्ड और मैसेजिंग ऐप्स में बड़ा नियम आ रहा है. 1 मार्च से सिम बाइंडिंग अनिवार्य हो जाएगी. मतलब व्हाट्सऐप, टेलीग्राम जैसे ऐप्स को एक्टिव सिम से लिंक करना जरूरी होगा. अगर सिम नहीं जुड़ा तो ऐप इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. ये नियम डिजिटल फ्रॉड और फेक अकाउंट रोकने के लिए है. व्हाट्सऐप यूजर्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा क्योंकि मल्टी-डिवाइस यूज और वेब वर्जन पर नई पाबंदियां आ सकती हैं. दूरसंचार विभाग ने कहा है कि ये सुरक्षा के लिए है और कोई ढील नहीं मिलेगी. मिनिमम बैलेंस नियम में बदलाव बैंक और फाइनेंस में भी बदलाव हैं. कुछ बैंक मिनिमम बैलेंस नियम में बदलाव कर सकते हैं या सेविंग अकाउंट के रूल अपडेट हो सकते हैं. साथ ही क्रेडिट स्कोर की साप्ताहिक चेकिंग या यूपीआई ट्रांजैक्शन में ज्यादा सुरक्षा फीचर्स जैसे ओटीपी या लिमिट चेंज आ सकते हैं. ये सब फ्रॉड रोकने और यूजर को सुरक्षित रखने के लिए हैं. इसके अलावा कुछ बैंक अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े बदलाव भी कर सकते हैं, जिनमें रिवॉर्ड प्वाइंट्स या फिर चार्जेसेस शामिल हो सकते हैं. सीएनजी और पीएनजी के रेट्स रसोई गैस के साथ-साथ सीएनजी और पीएनजी के रेट्स भी हर महीने की शुरुआत में रिव्यू किए जाते हैं. 1 मार्च की सुबह ही नेचुरल गैस की कीमतों में बदलाव हो सकता है, जिसका सीधा असर आपकी कार के फ्यूल के खर्च पर पड़ेगा और घरेलू बजट पर भी बोझ बढ़ सकता है. अगर कीमतें बढ़ती हैं तो सीएनजी से चलने वाली कार या ऑटो रिक्शा चलाने वालों को ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे, वहीं पीएनजी से कनेक्शन वाले घरों में खाना पकाने का खर्च भी ऊपर जा सकता है. ये बदलाव आम आदमी की डिजिटल लाइफ, यात्रा और घरेलू खर्च को प्रभावित करेंगे.

बांग्लादेश का बड़ा फैसला: SpiceJet को एयरस्पेस इस्तेमाल करने से क्यों रोका गया?

ढाका हालांकि, विशिष्ट विवरणों का खुलासा नहीं किया गया, सूत्रों ने बताया कि बकाया भुगतान न करने के कारण बांग्लादेश ने एयरलाइन को अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से प्रतिबंधित कर दिया है। बकाया राशि के स्वरूप के बारे में तत्काल जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। बांग्लादेश ने स्पाइसजेट को अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से रोक दिया है क्योंकि बजट एयरलाइन ने अभी तक बकाया भुगतान नहीं किया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। बांग्लादेशी हवाई क्षेत्र उपलब्ध न होने के कारण, एयरलाइन कोलकाता से गुवाहाटी सहित कुछ उड़ानों के लिए लंबे मार्ग अपना रही है। संपर्क करने पर, स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को कहा कि एयरलाइन परिचालन और प्रक्रियात्मक मामलों पर संबंधित अधिकारियों के साथ नियमित रूप से बातचीत कर रही है, जिसमें दिशा-निर्देशन संबंधी शुल्क भी शामिल हैं। प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ”ये उद्योग से जुड़े सामान्य मुद्दे हैं और हम इनका शीघ्र समाधान निकालने के लिए रचनात्मक रूप से काम कर रहे हैं। हमारी उड़ान सेवाएं अप्रभावित हैं और हम नियामक आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी निर्धारित सेवाएं जारी रखे हुए हैं।” हालांकि, विशिष्ट विवरणों का खुलासा नहीं किया गया, सूत्रों ने बताया कि बकाया भुगतान न करने के कारण बांग्लादेश ने एयरलाइन को अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से प्रतिबंधित कर दिया है। बकाया राशि के स्वरूप के बारे में तत्काल जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। इस मुद्दे पर टिप्पणी मांगने के लिए बांग्लादेश नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएएबी) को भेजे गए ईमेल का भी तत्काल कोई जवाब नहीं मिला। बृहस्पतिवार को फ्लाइट रडार 24 के आंकड़ों से पता चला कि कोलकाता से गुवाहाटी और इंफाल जाने वाली स्पाइसजेट की उड़ानें बांग्लादेश के हवाई क्षेत्र का उपयोग नहीं कर रही थीं और गंतव्यों तक पहुंचने के लिए लंबे मार्ग अपना रही थीं। दोपहर के कारोबार में, बीएसई पर स्पाइसजेट के शेयर लगभग एक प्रतिशत गिरकर 16.81 रुपये पर आ गए। पिछले सप्ताह, स्पाइसजेट ने दिसंबर 2025 में समाप्त तीन महीनों में 269.27 करोड़ रुपये का घाटा होने की सूचना दी, क्योंकि लागत में वृद्धि और एकमुश्त खर्चों ने बजट एयरलाइन के मुनाफे पर भारी असर डाला।  

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