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जम्मू में आतंकियों पर करारा प्रहार! कठुआ में आतंकी का खात्मा, डोडा में भी एनकाउंटर20 संदिग्धों को हिरासत में

नई दिल्ली  जम्मू के रियासी में श्रद्धालुओं से भरी बस पर आतंकवादियों के हमला करने के बाद अब 29 जून से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा पर खतरा मंडराने लगा है। बाबा बफार्नी के दर्शन के लिए यात्रा 19 अगस्त तक चलेगी। इसे देखते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पूरे राज्य के लिए सिक्योरिटी रिव्यू भी किया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किस-किस पॉइंट पर कितना खतरा है और वहां किस स्तर की सिक्योरिटी की जरूरत है। रियासी बस अटैक मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को 20 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जम्मू कश्मीर में रियासी और कठुआ के बाद अब आतंकियों ने डोडा पर भी हमला किया है. ये तीन दिन में इस तरह का तीसरा हमला है. इस बार आतंकियों ने डोडा जिले में सेना के अस्थाई ऑपरेटिंग बेस पर गोलीबारी की, जिसके बाद सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है. इन हमलों के मद्देनजर इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है. इस हमले के बाद डोडा के छत्रकला में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच गोलीबारी में सेना के पांच जवान घायल बताए जा रहे हैं. घायलों में एक स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) भी शामिल हैं. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है. कश्मीर टाइगर नाम के आतंकी ग्रुप ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. अधिकारियों का कहना है कि बुधवार तड़के लगभग 1.45 बजे छत्रकला में सेना और पुलिस की संयुक्त मुहिम के तहत आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है. इससे पहले जम्मू के एडीजीपी आनंद जैन ने बताया था कि गोलीबारी में एक आतंकवादी मारा गया है और एक नागरिक घायल हुआ है, लेकिन अब इलाका खतरे से बाहर है. ऑपरेशन अब भी जारी है और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर हैं. शक है कि आतंकवादियों की मदद के लिए कोई ना कोई स्थानीय शख्स भी इस हमले में शामिल था, जो बैक हैंड से आतंकवादियों को सपोर्ट कर रहा था। इस मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की संयुक्त जवानों की 11 टीमें जंगलों और पहाड़ों में फरार आतंकियों की तलाश कर रही हैं। इसके लिए हेलीकॉप्टर, ड्रोन और खोजी कुत्तों की भी मदद ली जा रही है। 32 साल के अबू हमजा पर शक मामले में यह भी आशंका जताई जा रही है कि पुंछ जिले के सुरनकोट में 4 मई को एयरफोर्स काफिले पर आतंकियों द्वारा किए गए हमले में जो आतंकवादी शामिल थे। संभवत: वही आतंकवादी रियासी हमले में भी हो सकते हैं। शक लश्कर-ए-तैबा के टॉप कमांडर अबू हमजा, पाकिस्तानी सेना में कमांडो रह चुके फौजी और आदून नाम के एक अन्य आतंकी पर भी जताया जा रहा है, जिन्होंने हमला किया या फिर हमला करने वाले आतंकवादियों को निर्देश दिए। इनमें 32 साल का अबू हमजा पर 10 लाख का इनाम भी घोषित है। रियासी में आतंकी हमले पर उठ रहे सवाल जम्मू-कश्मीर पुलिस का कहना है कि फिलहाल इस मामले में अभी तक कोई आतंकी गिरफ्तार नहीं है। हां, 20 संदिग्ध लोगों से पूछताछ जरूर की जा रही है। मामले में बस के पीछे चल रही एक ईको कार के लापता होने और एक जीप के पीछे चलने की बात सामने आई थी। जिसे आतंकियों से जोड़कर देखा जा रहा था। इस मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस का कहना है कि ईको कार को ढूंढ लिया गया है। उसमें कुछ संदिग्ध नहीं मिला है। सर्च ऑपरेशन जारी है। कुछ इनपुट मिले हैं। जिनके आधार पर काम किया जा रहा है। कामयाबी मिलने की उम्मीद है। कई हथियारों से चलाई गई थी गोलियां आतंकवादियों द्वारा बस में जो गोलियां बरसाई गई। वह कई तरह की मिली हैं। जिससे लग रहा है कि आतंकवादियों ने एक से अधिक टाइप के हथियार इस्तेमाल किए। इनमें अमेरिकी एम-4 कार्बाइन के साथ अन्य राइफलों के इस्तेमाल करने का शक है। जैसा की एनबीटी ने 10 जून को ही लिखा था कि अगर बस खाई में ना गिरती तो आतंकी बस में सवार सभी लोगों को मार डालते। बस में सवार घायलों का भी यही कहना है।

रिपोर्ट: कुवैत की एक इमारत में लगी भीषण आग, 5 भारतीयों समेत 35 लोगों की मौत

कुवैत खाड़ी देश कुवैत के दक्षिणी शहर मंगफ में बुधवार को एक इमारत में आग लग गई। इस घटना में कम से कम 35 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 5 भारतीय शामिल हैं। सरकारी कुवैत न्यूज एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। आग बुधवार सुबह लगी और इमारत से लपटें उठती देखी गईं। यह आग देखते ही देखते बहुमंजिला इमारत के कई फ्लोर तक पहुंच गई। इस हादसे में मरने वाले 5 भारतीय केरल के रहने वाले हैं। कुवैती अथॉरिटीज का कहना है कि हम इस मामले की जांच कर रहे हैं और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।   इमारत में आग स्थानीय समयानुसार तड़के 4 बजे लगी थी। इस दौरान ज्यादातर लोग सो रहे थे, इसके चलते आग पर काबू पाने में भी समय लगा। यह इमारत एक औद्योगिक प्लांट में काम करने वाले लोगों के लिए लेबर कैंप के तौर पर इस्तेमाल की जाती है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार इस इमारत में बड़ी संख्या में मलयाली भाषी लोग भी रहते हैं। आग इतनी भीषण थी कि डर के मारे काफी लोग खिड़कियों से ही नीचे कूद पड़े। जान बचाने की इस कोशिश में भी उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। अब तक मिली जानकारी के अनुसार इस हादसे में करीब 43 लोग जख्मी हैं। इन लोगों को फायर ब्रिगेड और पुलिस के लोगों ने नजदीकी अस्पतालों में एडमिट कराया है। जख्मी लोगों में से भी कई की हालत गंभीर बनी हुई है।  

IMD ने बताया अगले 5 दिन पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय में बहुत भारी बारिश

नई दिल्ली केरल में प्रवेश करने के बाद मॉनसून धीरे-धीरे देश के बाकी हिस्सों में फैलता जा रहा है। हालांकि इसकी रफ्तार बीच में धीमी हो गई थी। उत्तर-पश्चिमी मॉनसून फिलहाल नवसारी, जलगांव, अकोला, पुसाद, रामागुंडम, सुकमा, मलकानगिरी, विजयनगरम और इस्लामपुर से होकर गुजर रहा है। अगले 24 घंटों के दौरान तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इसके कारण कई राज्यों में मॉनसून वाली बारिश की शुरुआत हो जाएगी और लोगों को तपती गर्मी से राहत मिलेगी। मौसम विज्ञान विभाग के द्वारा 12 जून को सुबह 8 बजे जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 7 दिनों के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज, बिजली और तेज़ हवाओं के साथ हल्की से भारी बारिश होने की संभावना है। आईएमडी ने यह भी बताया है कि अगले 5 दिनों के दौरान पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय में बहुत भारी बारिश होगी।  अरुणाचल प्रदेश में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। 13-16 जून के दौरान नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले 5 दिनों के दौरान पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ छिटपुट जगहों पर बारिश होगी। इसी दौरान मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी और हल्की बारिश होगी। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले 2 दिनों के दौरान कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, कर्नाटक, तेलंगाना, केरल, माहे और लक्षद्वीप में तेज़ हवाओं के साथ बारिश होगी। 5 दिनों के लिए लू की चेतावनी मौसम विभाग ने लू को लेकर भी चेतावनी जारी की है। आईएमडी ने कहा है कि अगले 5 दिनों के दौरान उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और ओडिशा के कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना। वहीं, बंगाल, बिहार, झारखंड के कुछ इलाकों में भी तापमान में इजाफा होगा। 12-16 जून के दौरान उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में लू चलने की संभावना।  

जानें कौन हैं ओडिशा के नए CM मोहन चरण माझी, चौकीदार का बेटा, गांव का सरपंच……

नई दिल्ली ओडिशा में मुख्यमंत्री पद के नाम की घोषणा हो गई है. 52 वर्षीय मोहन चरण माझी को बीजेपी विधायकों ने दल के नेता के रूप में चुना है. मोहन माझी ओडिशा के अगले मुख्यमंत्री होंगे. वह ओडिशा के 15वें मुख्यमंत्री चुने गए हैं और प्रदेश में पहली बीजेपी सरकार का नेतृत्व करेंगे. वह क्योंझर से लगातार चार बार विधायक चुनते आए हैं. दरअसल, इस बार के विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर बहुमत हासिल किया. इसी के साथ राज्य में 24 साल बाद बीजेडी सत्ता से बाहर हुई. बीजेपी को 147 सीटों में 78 सीटें मिलीं. नवीन पटनायक साल 2000 से लगातार 2024 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे. वो इस पद पर 24 साल और 98 दिन तक रहे. अब माझी प्रदेश की कमान संभालेंगे. मोहन चरण माझी खनिज संपन्न केंदुझर जिले के एक मजबूत और तेजतर्रार आदिवासी नेता हैं. वह एक साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं और ओडिशा विधानसभा में अपने प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं. उनको बीजेपी का एक विश्वनीय सदस्य और एक मज़बूत सांगठनिक नेता माना जाता है. माझी ने 2011 में ढेंकनाल लॉ कॉलेज उत्कल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट एलएलबी और 2011 में सैम होइगॉन बोहोम इंस्टीट्यूट एट टेक्नोलॉजी एंड साइंस से एमए किया है. बीजेपी की आदिवासी राजनीति छत्तीसगढ़ के बाद ओडिशा दूसरा ऐसा राज्य है, जहां बीजेपी ने आदिवासी को मुख्यमंत्री के रूप में चुना है. दरअसल बीजेपी नजर देश के आदिवासी वोटों पर है.इसी उद्देश्य के लिए बीजेपी ने राष्ट्रपति पद के लिए ओडिशा की आदिवासी नेता द्रौपदी मुर्मु के नाम का चयन किया था. वहीं आदिवासियों को संदेश देने के लिए ही बीजेपी ने ओडिशा के पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में आदिवासी विष्णुदेवा साय को मुख्यमंत्री बनाया था.साय को मुख्यमंत्री बनाने में आदिवासी समाज का योगदान भी बड़ा था. बीजेपी ने आदिवासियों के लिए आरक्षित 20 सीटों में से 16 सीटों पर जीत दर्ज की थी. RSS से मजबूत संबंध माझी के आरएसएस से भी मजबूत संबंध हैं. माझी का राजनीतिक करियर दो दशकों से अधिक का है. जनसाधारण से जुड़ने की उनकी क्षमता, विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में, ने उन्हें लोकप्रियता दिलाई है. चार बार के विधायक के रूप में उन्हें राज्य की शासन प्रणाली की गहरी समझ है और उन्होंने इस क्षेत्र के लिए भाजपा की नीतियों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. 2023 में, मोहन चरण माझी को स्पीकर के पोडियम पर दाल फैंक दी थे. इसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था. हालांकि माझी और उनके विधायक सहयोगी मुकेश महालिंग ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने दाल फेंकी, उन्होंने इसे केवल स्पीकर को भेंट किया था. करीब 2 करोड़ की संपत्ति के मालिक MyNeta.info पर विधानसभा चुनाव 2024 के दौरान इलेक्शन कमीशन को दिए गए हलफनामे के मुताबिक, मोहन चरण माझी ने अपनी संपत्ति का पूरा ब्योरा पेश किया था. ओडिशा के नए सीएम के पास ग्रेजुएट डिग्री है और उन्होंने अपने कुल चल-अचल संपत्ति करीब 1.97 करोड़ रुपये बताई थी. इसके साथ ही उन्होंने इस हलफनामे में अपनी देनदारियों का खुलासा भी किया और बताया कि उनके ऊपर 95.58 लाख रुपये का कर्ज है. अलग-अलग 9 बैंक खातों में पति-पत्नी के नाम पर 10.92 लाख रुपये जमा हैं. उनकी पत्नी के नाम पर एसबीआई में एक फिक्स्ड डिपॉजिट (SBI FD) है, जो 51 लाख रुपये की है. 2021 में कार पर फेंके गए थे बम ओडिशा विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुख्य सचेतक रहे मोहन चरण माझी की कार पर 2021 में क्योंझर जिले में अज्ञात हमलावरों ने बम फेंके थे, जिसमें वह बाल-बाल बच गए थे. ये धमाका क्योंझर कस्बा थानांतर्गत मंडुआ इलाके में तब हुआ था जब बीजेपी विधायक श्रमिक संघ की बैठक में भाग लेकर घर लौट रहे थे. माझी ने FIR दर् राते हुए मोटरसाइकिल सवार बदमाशों पर दो देसी बम फेंकने का आरोप लगाया था. उन्होंने उस समय की सत्ताधारी पार्टी बीजेडी के स्थानीय नेताओं पर हमल कराने के आरोप लगाए थे. झारखंड का फेल प्रयोग इससे पहले बीजेपी ने आदिवासी बहुल झारखंड में गैर आदिवासी रघुवर दास को वहां का मु्ख्यमंत्री बनाया था. लेकिन बीजेपी को उनका कोई फायदा नहीं मिला था.साल 2019 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हार मिली.रघुवर दास खुद चुनाव हार गए थे. बीजेपी झारखंड में आदिवासी के लिए आरक्षित 28 में से 26 सीटें हार गई थी. उसका यही हाल छत्तीसगढ़ में भी हुआ था. आदिवासी सीटें हारने की वजह से छत्तीसगढ़ की सरकार उसके हाथ से निकल गई थी. इससे सबक लेते हुए बीजेपी ने छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री एक आदिवासी को बनाया तो झारखंड बीजेपी की कमान एक आदिवासी बाबूलाल मरांडी को सौंपी है. लेकिन यह भी संयोग ही होगा कि मोहन चरण माझी को शपथ रघुवर दास ही दिलाएंगे. ओडिशा में बीजेपी का प्रदर्शन हाल में हुए ओडिशा विधानसभा के चुनाव में बीजेपी ने पहली बार बहुमत के साथ जीत दर्ज की है. ओडिशा की विधानसभा में कुल 147 सीटें हैं. बीजेपी ने इनमें से 78 सीटों को जीत दर्ज की है. नवीन पटनायक की बीजेडी को 51, कांग्रेस को 14, सीपीआईएम को एक और अन्य को तीन सीटें मिली हैं.

राशन कार्ड को आधार से लिंक करने की समयसीमा बढ़ी, 30 सितंबर तक मौका

नई दिल्ली सरकार ने जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन लेने वाले लाभार्थियों के लिए राशन कार्ड को आधार से लिंक करने के लिए समय सीमा तीन महीने बढ़ा दी है। केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की एक अधिसूचना में कहा गया है कि अब 30 सितंबर 2024 तक उपभोक्ता राशन कार्ड को आधार से लिंक करा सकेंगे। पिछली अधिसूचना में इसके लिए 30 जून 2024 तक का समय दिया गया था। सरकार ने फरवरी 2017 में पीडीएस के तहत लाभ लेने के लिए राशन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करना अनिवार्य किया था। हालांकि इसकी समयसीमा अब तक कई बार आगे बढ़ाई गई है। अधिसूचना के अनुसार, तय समय में या तो राशन कार्ड को आधार से लिंक करना होगा या जिन लाभार्थियों के पास आधार नहीं है उन्हें इसके लिए आवेदन कर उसका प्रमाण जमा कराना होगा। ज्यादातर पीडीएस उपभोक्ता अपने राशन कार्ड को पहले ही आधार से लिंक करवा चुके हैं। तत्कालीन उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने 20 दिसंबर 2023 को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया था कि “अब तक लगभग 99.8 फीसदी राशन कार्डों को आधार से जोड़ दिया गया है”।

चंद्राबाबू नायडू चौथी बार आंध्र प्रदेश के सीएम बने,पवन कल्याण बने डिप्टी सीएम, नारा लोकेश भी बने कैबिनेट मंत्री

अमरावती आंध्र प्रदेश में चंद्राबाबू नायडू आज चौथी बार सीएम पद की शपथ ली। विजयवाड़ा के केसरपल्ली आईटी पार्क में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, तेलंगाना बीजेपी के नेता जी.किशन रेड्डी, रामदास अठावले, एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल, पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू , नितिन गडकरी, अनुप्रिया पटेल और महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे के अलावा एक्टर चिरंजीव, रजनीकांत शामिल हुए। चंद्राबाबू नायडू ने सबसे पहले पद और गोपनीयता की शपथ ली। इसके बाद जनसेना पार्टी के नेता पवन कल्याण ने शपथ ली। पवन कल्याण आंध्र के डिप्टी सीएम बनाए गए हैं। नायडू मंत्रिमंडल में तेलगूदेशम के 21, जनसेना पार्टी के 3 और बीजेपी के एक मंत्री बनाए गए हैं। चंद्राबाबू की सरकार में उनके बेटे नारा लोकेश भी कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं।  सीएम पद की शपथ लेने के बाद नायडू ने पीएम मोदी को गले लगाया आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाया. इसके साथ ही टीडीपी के राष्ट्रीय महासचिव नारा लोकेश ने आंध्र प्रदेश सरकार में मंत्री पद की शपथ ली. जनसेना प्रमुख पवन कल्याण ने आंध्र प्रदेश के मंत्री के रूप में शपथ ली. कल्याण राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री होंगे. अमरावती बनेगी राजधानी आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अपने शपथ ग्रहण से पहले तेलूगु देशम पार्टी (तेदेपा) के सुप्रीमो एन चंद्रबाबू नायडू ने घोषणा की कि अमरावती राज्य की एकमात्र राजधानी होगी. नायडू ने तेदेपा, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनसेना के विधायकों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए यह घोषणा की. 2019 में आंध्र में बुरी पराजय के बाद सत्ता गंवाने वाले चंद्राबाबू नायडू की कसम भी पूरी हो गई। 52 दिनों तक जेल में रहने के बाद उन्होंने बहुमत मिलने के बाद ही विधानसभा में दोबारा जाने की शपथ ली थी। 74 साल के इस नेता ने चुनाव के दौरान लोगों से मार्मिक अपील की और इसे अपना अंतिम चुनाव बताया था। 2024 के लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में तेलगूदेशम पार्टी (टीडीपी) को भारी बहुमत मिला। विधानसभा में तेलगूदेशम पार्टी ने 135 और जनसेना पार्टी ने 21 सीट जीतकर इतिहास रच दिया। चौथी बार सीएम बने चंद्रबाबू नायडू यह चौथी बार है जब चंद्रबाबू नायडू आंध्र के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाल रहे हैं। 2014 में आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद दूसरी बार वो सीएम बने। आंध्र प्रदेश के विभाजन से पहले नायडू, साल 1995 में पहली बार मुख्यमंत्री बने और उन्होंने लगातार नौ वर्षों तक 2004 तक राज्य का नेतृत्व किया। इसके बाद वो दूसरी बार साल 2014 में सीएम बने। शपथ ग्रहण समारोह में पहुंच अमित शाह केंद्रीय मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा, नितिन गडकरी, रामदास अठावले, अनुप्रिया पटेल और चिराग पासवान; महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे, एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल और पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू विजयवाड़ा में टीडीपी प्रमुख और आंध्र प्रदेश के सीएम-पदनाम एन चंद्रबाबू नायडू के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। कौन-कौन ने ली शपथ – पवन कल्याण – नारा लोकेश – किंजरापु अचेन नायडू – कोल्लू रवीन्द्र – नाडेंडला मनोहर – पी नारायण – वांगलापुडी अनिता – सत्य कुमार यादव – डॉ. निम्मला राम नायडू – एनएम फारूक – अनम रामनारायण रेड्डी – पय्यावुला केशव – अनागनी सत्य प्रसाद – कोलुसु पार्थसारधि – डॉ. डोला बालवीरंजनेय स्वामी – गोत्तीपति रवि कुमार – कंडुला दुर्गेश – गुम्मदी संध्यारानी – बीसी जर्नादन रेड्डी – टीजी भरत – एस सविता – वासमसेट्टी सुभाष – कोंडापल्ली श्रीनिवास – मंडिपल्ली राम प्रसाद रेड्डी प्रधानमंत्री भी पहुंच रहे हैं आंध्र प्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार सुबह दिल्ली से गन्नावरम एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे. उनके वहां सुबह 10.40 बजे तक पहुंचने की उम्मीद है. सुबह 10.55 बजे तक कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे. पीएम मोदी सुबह 11 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेंगे. उसके बाद पीएम मोदी दोपहर 12.40 बजे एयरपोर्ट लौटेंगे और दोपहर 12.45 बजे भुवनेश्वर के लिए उड़ान भरेंगे. वहां ओडिशा में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेंगे. कांग्रेस से शुरू की राजनीति, फिर बन गए तेलगूदेशम के मुखिया कांग्रेस से अपनी राजनीति शुरू करने वाले एन. चंद्राबाबू नायडू ने कई उतार-चढ़ाव देखे। किस्मत ऐसी रही कि 28 साल की उम्र में पहली बार विधायक बनने के बाद ही उन्हें टी अंजैया के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने। विधायक बनने के बाद उन्होंने तेलगूदेशम पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष एन टी रामाराव की बेटी भुवनेश्वरी से विवाह किया। पहली बार उन्होंने 1983 में पलटी मारी, चुनाव में हार के बाद कांग्रेस छोड़कर टीडीपी में शामिल हो गए। जल्द ही वह एनटीआर के भरोसेमंद बन गए। 1995 में चंद्राबाबू नायडू ने एनटीआर का तख्तापलट किया और पार्टी की कमान संभाल ली। वह 45 साल की उम्र में पहली बार मुख्यमंत्री बने। 1989 में चुनाव में टीडीपी हार गई और उन्हें विपक्ष में बैठना पड़ा। 1999 में चंद्राबाबू एनडीए में शामिल हुए और पार्टी को 294 में से 180 सीटें जीताकर ऐतिहासिक जीत दिलाकर दूसरी बार आंध्रप्रदेश के सीएम बने। 2004 से 2014 तक आंध्र में कांग्रेस के वाई राजशेखर रेड्डी का जलवा कायम रहा। करीब 10 साल तक एन. चंद्राबाबू नायडू विपक्ष में ही रहे। 2014 में आंध्र प्रदेश के बंटवारे के बाद नए सिरे से चुनाव हुए और टीडीपी को बहुमत मिला। तब नायडु ने तीसरी बार सीएम पद की शपथ ली। अपने कैरियर में चंद्राबाबू नायडू किंगमेकर भी रहे। उन्होंने 1989 में वीपी सिंह, 1996 में एचडी देवेगौड़ा और 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। करारी हार के बाद पांच साल बाद प्रचंड बहुमत के साथ वापसी 2019 में टीडीपी आंध्र को विशेष राज्य के दर्जे की मांग को लेकर एनडीए से अलग हो गई। आंध्र प्रदेश विधानसभा के चुनाव में टीडीपी हार गई । पार्टी सिर्फ 175 में से 23 सीटों पर सिमट गई। लोकसभा में उसके सदस्यों की संख्या 3 रह गई। सितंबर 2023 जगन मोहन की सरकार के कार्यकाल के दौरान उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार किया और नायडू 52 दिनों तक जेल में रहे। तब ऐसा लगा कि टीडीपी अब इतिहास के पन्ने में … Read more

RSS ने कहा लोकसभा चुनाव के नतीजे बीजेपी के अतिउत्साहित कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए रियलिटी चेक है

नागपुर लोकसभा चुनावों के नतीजों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीखी टिप्पणी सामने आई है. आरएसएस ने कहा है कि लोकसभा चुनाव के ये नतीजे बीजेपी के अतिउत्साहित कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए रियलिटी चेक है, जो अपनी ही दुनिया में मग्न थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व की चकाचौंध में डूबे हुए थे. इस तरह इन तक आमजन की आवाज नहीं पहुंच पा रही थी. आरएसएस ने अपने माउथपीस Organiser के ताजा अंक में ये टिप्पणी की है. माउथपीस के लेख में कहा गया है कि आरएसएस, बीजेपी की ‘फील्ड फोर्स’ नहीं है. लेकिन बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव में सहयोग के लिए स्वयंसेवकों से संपर्क भी नहीं किया. इन चुनावी नतीजों से स्पष्ट है कि ऐसे अनुभवी स्वयंसेवकों को भी नजरअंदाज किया गया, जिन्होंने सोशल मीडिया के इस दौर में फेम की लालसा के बिना अथक परिश्रम किया है. आरएसएस के सदस्य रतन शारदा ने इस आलेख में कहा है कि 2024 लोकसभा चुनाव के नतीजे बीजेपी के अतिउत्साही कार्यकर्ताओं और कई नेताओं के लिए रियलिटी चेक की तरह आए हैं. इन्हें अहसास ही नहीं था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 400 पार का नारा उनके लिए लक्ष्य और विपक्ष के लिए चुनौती थी. इस चुनाव में बीजेपी को 240 सीटें मिली हैं, जो बहुमत से कम हैं लेकिन एनडीए 293 सीटों के साथ बहुमत हासिल करने में कामयाब रहा. कांग्रेस को चुनाव में 99 सीटें मिली जबकि इंडिया ब्लॉक के हिस्से 234 सीटें आईं. इस चुनाव में जीत दर्ज करने वाले दो निर्दलीयों ने कांग्रेस को समर्थन दिया, जिसके बाद इंडिया ब्लॉक की संख्या बढ़कर 236 हो गई. शारदा ने लिखा कि चुनावी मैदान में मेहनत से लक्ष्यों को हासिल किया जाता है ना कि सोशल मीडिया पर पोस्टर या सेल्फी शेयर करके. इस वजह से ये अपनी ही दुनिया में मग्न थे, प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता के दम पर खुशी मना रहे थे. ऐसे में इन्होंने आमजन की आवाज नहीं सुनी. NCP गुट को साथ मिलाने पर उठाए सवाल आरएसएस के माउथपीस में चुनावों में बीजेपी की अंडरपरफॉर्मेंस के लिए अनावश्यक राजनीति को एक कारण बताया गया. इस आलेख में कहा गया कि महाराष्ट्र अनावश्यक राजनीति का एक प्रमुख उदाहरण है. अजित पवार की अगुवाई में एनसीपी का धड़ा बीजेपी में शामिल हुआ. जबकि बीजेपी और शिवसेना के पास बहुमत था. जबकि शरद पवार का दो से तीन सालों में प्रभाव खत्म हो जाता क्योंकि एनसीपी अंदरूनी कलह से जूझ रही थी. महाराष्ट्र में बीजेपी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा क्योंकि वह 2019 के चुनाव की तुलना में सिर्फ नौ सीटें ही जीत सकी. शिंदे की अगुवाई में शिवसेना को सात सीटें जबकि अजित पवार की अगुवाई में एनसीपी को महज एक सीट मिली. शारदा ने किसी नेता का नाम लिए बगैर कहा कि बीजेपी में ऐसे कांग्रेसी नेता को शामिल किया गया, जिसने बढ़-चढ़कर ‘भगवा आतंक’ की बात कही थी और 26/11 को ‘आरएसएस की साजिश’ बताया था और आरएसएस को ‘आंतकी संगठन’ तक कहा था. इससे आरएसएस समर्थक बहुत आहत हुए थे. आरएसएस ने इस चुनाव में बीजेपी के लिए प्रचार किया था? इस सवाल के जवाब में शारदा ने कहा कि मैं साफ-साफ कहूं तो आरएसए, बीजेपी की फील्ड-फोर्स नहीं है. बीजेपी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है, जिसके अपने कार्यकर्ता हैं. उन्होंने कहा कि आरएसएस राष्ट्रहित के मुद्दों पर लोगों को जागरूक करने का काम करती रही है. आरएसएस ने सिर्फ 1973-1977 के दौरान ही राजनीति में प्रत्यक्ष तौर पर हिस्सा लिया था. इस बार भी आधिकारिक तौर पर ये फैसला लिया गया कि आरएसएस के कार्यकर्ता छोटे-छोटे स्थानीय, मोहल्ला और ऑफिस स्तर की बैठकें करेंगे, जहां लोगों से बाहर निकलकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने को कहा जाएगा.  

18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून से होगा शुरू

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार के गठन के बाद संसद के पहले सत्र की भी तारीख आ गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी दी है कि 24 जून से 3 जुलाई तक लोकसभा का पहला सत्र होगा। जबकि, 27 जून से 3 जुलाई तक राज्यसभा का पहला सत्र बुलाया जाएगा। इस दौरान नए सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने बुधवार को कहा, ’18वीं लोकसभा का पहला सत्र नए चुने गए सदस्यों की शपथ ग्रहण, स्पीकर के चुनाव, राष्ट्रपति के भाषण और आगे की चर्चा के लिए 24-4-2024 से लेकर 3-7-2024 तक बुलाया गया है। राज्यसभा के 264वें सत्र को 27-6-2024 से बुलाया जाएगा और इसका समापन 3-7-2024 को होगा।’ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 27 जून को लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी और अगले पांच वर्ष के लिए नई सरकार के कामकाज की रूपरेखा पेश करेंगी। रीजीजू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ’18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून 2024 से तीन जुलाई 2024 तक नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ, अध्यक्ष के चुनाव, राष्ट्रपति के अभिभाषण और उस पर चर्चा के लिए बुलाया जा रहा है।’ उन्होंने कहा कि राज्यसभा का 264वां सत्र 27 जून को शुरू होगा और तीन जुलाई को संपन्न होगा। समझा जाता है कि प्रधानमंत्री मोदी 27 जून को राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद संसद में अपनी मंत्रिपरिषद के सदस्यों का परिचय देंगे। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान आक्रामक विपक्ष द्वारा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की कोशिश की जा सकती है। प्रधानमंत्री संसद के दोनों सदनों में, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देंगे।

लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी नए थल सेना प्रमुख नियुक्त, मध्य प्रदेश से है खास नाता

नईदिल्ली  लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी अगले सेना प्रमुख होंगे। वह वर्तमान सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे का स्थान लेंगे। उनके नाम की घोषणा सरकार की ओर से मंगलवार रात की गई। जनरल पांडे 30 जून को रिटायर होंगे। लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी की नियुक्ति में सरकार ने वरिष्ठता क्रम का पालन किया है। सरकार ने कुछ ही दिन पहले जनरल पांडे की रिटायरमेंट से पहले उनका कार्यकाल एक महीने के लिए बढ़ा दिया था। जनरल पांडे को 31 मई को पहले रिटायर होना था। रक्षा मंत्रालय ने कहा सरकार ने वर्तमान में उप सेना प्रमुख के रूप में कार्यरत लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी को 30 जून से अगले सेना प्रमुख के रूप में नियुक्त किया है।  एक जुलाई 1964 को जन्मे लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी सैनिक स्कूल, रीवा के पूर्व छात्र हैं। वह 15 दिसंबर 1984 को भारतीय सेना की 18-जम्मू कश्मीर राइफल्स में शामिल हुए थे। बाद में उन्होंने यूनिट की कमान संभाली।  लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी ने 19 फरवरी को उप सेना प्रमुख का पदभार संभाला था। उप सेना प्रमुख का पदभार संभालने से पहले लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी 2022-2024 तक उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्यरत थे।  लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी को चीन और पाकिस्तान से सटी सीमाओं पर कार्य करने व्यापक अनुभव है। वह वर्तमान में उप सेना प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं।  देश के नए आर्मी चीफ के पास आतंकवाद के खिलाफ लड़ने का अनुभव है। उनके पास उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर काम करने का शानदार अनुभव है। उन्हें उत्तरी पूर्वी राज्यों में उग्रवाद से निपटने वाले ऑपरेशन में भी महारत हासिल है। नए आर्मी चीफ सेना के आधुनिकीकरण प्रक्रिया में भी शामिल रह चुके हैं। मेक इन इंडिया के तहत सेना में स्वदेशी हथियारों को शामिल कराने में उनकी अहम भूमिका रही।  उपेंद्र द्विवेदी नेशनल डिफेंस कॉलेज और यूएस आर्मी वॉर कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन और आर्मी वॉर कॉलेज, महू से भी पाठ्यक्रम पूरा किया है। उनके पास रक्षा और प्रबंधन अध्ययन में एम फिल और सामरिक अध्ययन और सैन्य विज्ञान में दो मास्टर डिग्री है।  उपेंद्र द्विवेदी को 15 दिसंबर 1984 को भारतीय सेना की इन्फैंट्री(जम्मू और कश्मीर राइफल्स) में कमीशन मिला था। 40 वर्षों की लंबी सेवा के दौरान लेफ्टिनेंट द्विवेदी ने विभिन्न कमांड, स्टाफ, इंस्ट्रक्शनल और विदेशी नियुक्तियों में काम किया है। 3 भाई और एक बहन, सैनिक स्कूल से पढ़े हैं मध्य प्रदेश के रीवा के लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी के पिता श्रीकृष्ण द्विवेदी माइनिंग अफसर और मां मानवती गृहिणी थीं। तीन भाइयों में सबसे छोटे उपेंद्र ने रीवा सैनिक स्कूल में 1973 से 1980 तक पढ़ाई की। 6ठी से 12वीं तक नर्मदा हाउस के छात्र रहे। ग्रेजुएशन के बाद 15 दिसंबर 1984 को उनका सेना में कमीशन हो गया। सबसे बड़े भाई डॉ. पीसी द्विवेदी रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के डीन रहे हैं। दूसरे भाई पीएस द्विवेदी भोपाल में सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। बहन डॉ. पुष्पा पाण्डेय जबलपुर जिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। आतंकवाद से निपटने में महारथी देश के नए आर्मी चीफ के पास उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर काम करने का शानदार अनुभव है। वे कश्मीर और राजस्थान में भी यूनिट की कमान संभाल चुके हैं। उनके पास न सिर्फ आतंकवाद के खिलाफ लड़नेका अनुभव है बल्कि उनको उत्तरी पूर्वी राज्यों में उग्रवाद से निपटने वाले ऑपरेशन में महारत भी हासिल हैं। नए सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी सेना के आधुनिकीकरण प्रक्रिया में भी शामिल रह चुके हैं। आत्मनिर्भर भारत के तौर पर सेना में स्वदेशी हथियारों के शामिल कराने में भी लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी की अहम भूमिका रही है। यहां जानें कौन हैं नए इंडियन आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी     लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी फिलहाल उप सेना प्रमुख के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं।     उन्होंने 19 फरवरी को उप सेना प्रमुख का पदभार संभाला था।     इससे पहले लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी 2022-2024 तक उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में सेवाएं दे रहे थे।     उन्होंने पूर्वी लद्दाख को लेकर चीन के साथ चल रही बातचीत में अहम भूमिका निभाई थी।     सेना के उत्तरी कमान का काम चीन से लगने वाले बॉर्डर की सुरक्षा और पाकिस्तान से लगने वाली भारत की सरहद की हिफाजत करना है।     लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी का जन्म 1 जुलाई 1964 को हुआ था।     वे सैनिक स्कूल, रीवा के पूर्व छात्र हैं।     वे 15 दिसंबर 1984 को भारतीय सेना की 18-जम्मू कश्मीर राइफल्स में शामिल हुए थे।     बाद में उन्होंने यूनिट की कमान संभाली।     करीब 40 साल के कॅरियर में वे कई अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।

Arunachal में एक बार फिर से BJP की पूर्ण बहुमत की सरकार, सरकार गठन में फिर भी देरी

ईटानगर 4 जून को आए लोकसभा चुनावों के दो दिन पहले ही अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के विधानसभा चुनावों के नतीजे आ चुके थे। सिक्किम में मुख्यमंत्री अपनी मंत्रिपरिषद के साथ शपथ ले चुके हैं। देश में मोदी सरकार की शपथ हो गई है, मंत्रालयों के बंटवारे भी हो चुके हैं लेकिन अभी तक अरुणाचल प्रदेश में सरकार के गठन को लेकर कोई हलचल नहीं है। यहां पर सरकार में बैठी भाजपा एक बार फिर से चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ जीती है। विधानसभा की 60 सीटों में से भाजपा को 46 सीटें मिली हैं। एनडीए की साथी पार्टी एनपीपी को भी 5 सीटों पर जीत मिली है ऐसे में 60 सीटों की विधानसभा में एनडीए को 51 सीटें प्राप्त हैं। 2016 से प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू एक बार से मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में शामिल हैं। शपथ में देरी पर भाजपा की सफाई भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बियुराम वाहगे ने मीडिया से कहा कि मुख्यमंत्री पेमा खांडू और बाकी के विधायक और भाजपा नेता केन्द्रीय सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए गए हुए है, हम उनके और हाईकमान की तरफ से किसी पर्यवेक्षक का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही वह यहां आते हैं और नए विधायकों के साथ मिलकर विधायक दल के नेता का चुनाव कर लेते हैं। वैसे ही शपथ ग्रहण की तैयारियां शुरू हो जाएंगी। फिलहाल कोई तारीख तय नहीं हुई है। कांग्रेस ने कसा तंज शपथ ग्रहण में हुई देरी पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नबाम तुकी ने कहा नई सरकार के बनने में इतनी देर होना प्रदेश के लिए ठीक नहीं है यह प्रदेश के विकास और प्रशासन के लिए ठीक नहीं है। लेकिन भाजपा के अंदर ऐसे ही काम होता है। प्रदेश ईकाई बिना हाईकमान के निर्देश के एक इंच भी नहीं बढ़ सकती।इससे पहले अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल कैवल्य परनायक ने 2 जून को विधानसभा भंग कर दी थी और मुख्यमंत्री पेमा खांडू को नई सरकार के पदभार ग्रहण करने तक मुख्यमंत्री पद का दायित्व संभालने के लिए कहा था।  

केंद्र सरकार चाहेगी कि पेट्रोल और डीजल जीएसटी के दायरे में आ जाए, दोनों ईंधन सस्ता हो जाएगा

नई दिल्ली  केंद्र सरकार का प्रयास होगा कि पेट्रोल, डीजल और नेचुरल गैस जैसे ईंधन वस्तु एवं सेवा कर के दायरे में आए। यह कहना है केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी का। उन्होंने मंगलवार को ही फिर से इसी मंत्रालय का कार्यभार संभाला। जीएसटी में लाने का प्रयास  हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि केंद्र सरकार पेट्रोल, डीजल और प्राकृतिक गैस को वस्तु एवं सेवा कर (GST) के दायरे में लाने का प्रयास करेगी। यह पहली बार नहीं है कि पुरी ने पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने पर जोर दिया है। यहां तक कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी पिछले साल नवंबर में कहा था कि इसे लागू करने से लोगों को फायदा होगा। हालांकि, पुरी ने पहले हवाला दिया था कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाने के लिए राज्यों को सहमत होना होगा, जिनके लिए ईंधन और शराब प्रमुख राजस्व जनरेटर हैं। ऑयल पीएसयू बेचने के पक्ष में नहीं उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार के नए कार्यकाल में वह सरकारी तेल कंपनियों की हिस्सेदारी बेचने के पक्ष में नहीं हैं। उल्लेखनीय है कि इसी सरकार ने साल 2022 में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की विनिवेश प्रक्रिया को रद्द इसलिए कर दिया था क्योंकि इसके लिए मैदान में सिर्फ एक बोली लगाने वाला बचा था। मंत्री की टिप्पणी के बाद बीपीसीएल, एचपीसीएल और आईओसीएल के शेयरों में थोड़े समय के लिए उछाल आया। दोपहर 1:20 बजे तक बीपीसीएल, एचपीसीएल और आईओसीएल क्रमश: लगभग 0.5 फीसदी, 0.8 फीसदी और 1.1 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। 20 फीसदी ब्लेंडिंग होगी उन्होंने दोहराया कि सरकार पेट्रोल में 15 प्रतिशत इथेनॉल की ब्लेंडिंग को पार करने में सक्षम थी और अगले साल तक 20 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा “जैसा कि आप जानते हैं, प्रधान मंत्री ने 2030 तक 20% ब्लेंडिंग का लक्ष्य रखा था…मैंने जो देखा है और प्रगति पर काम के आधार पर, मुझे पूरा विश्वास है कि 20% ब्लेंडिंग लक्ष्य, 2025 तक पूरा हो जाएगा।”

आज पीएम मोदी आंध्र के सीएम के रूप में नायडू के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे

विजयवाड़ा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में एन चंद्रबाबू नायडू के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे ।मुख्य सचिव नीरभ कुमार प्रसाद ने एक बयान में कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्य के राज्यपाल (एस अब्दुल नजीर) और अन्य प्रतिष्ठित लोगों के शपथ ग्रहण समारोह (नायडू के) में शामिल होने की उम्मीद है।” तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू को आंध्र प्रदेश में एनडीए के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर चुन लिया गया है। आज बुधवार यानी 12 जून को चंद्रबाबू नायडू मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। उधर, सहयोगी दल जनसेना विधायक दल की बैठक मंगलवार सुबह मंगलागिरी स्थित पार्टी मुख्यालय में हुई। बैठक में पवन कल्याण को जनसेना विधायक दल का नेता चुना गया। सर्वसम्मति से नायडू के नाम पर लगी मोहर विजयवाड़ा में तेलुगू देशम पार्टी, जनसेना और भाजपा विधायकों की बैठक में सर्वसम्मति से नायडू के नाम पर मोहर लगाई गई। आंध्र प्रदेश भाजपा की अध्यक्ष डी. पुरंदेश्वरी और जनसेना के अध्यक्ष पवन कल्याण भी एनडीए की बैठक में पहुंचे। दोनों ने सीएम उम्मीदवार के रूप में चंद्रबाबू नायडू को समर्थन दिया। इससे पहले मंगलवार सुबह नायडू को सर्वसम्मति से टीडीपी विधायक दल का नेता चुना गया था। यहां होगा शपथ ग्रहण समारोह शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन कृष्णा डिस्ट्रिक्ट में केसरापल्ली आईटी पार्क में किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को दिल्ली से सुबह 10:40 बजे गन्नावरम एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। टीडीपी को मिला प्रचंड बहुमत आंध्र प्रदेश विधानसभा में कुल 175 सीटें हैं। चुनाव में चंद्रबाबू नायडू की पार्टी तेलुगू देशम (टीडीपी) को प्रचंड बहुमत मिला। टीडीपी ने 135 सीटों पर कब्जा किया। आठ सीटों पर भाजपा और 21 पर जनसेना को जीत मिली। सत्तारूढ़ दल वाईएसआरसीपी को सिर्फ 11 सीटों से ही संतोष करना पड़ा। नायडू का बुधवार सुबह 11:27 बजे गन्नावरम हवाई अड्डे के पास केसरपल्ली आईटी पार्क में शपथ लेने का कार्यक्रम है। मुख्य सचिव ने समारोह के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को फुलप्रूफ तैयारी करने का निर्देश दिया.गन्नावरम हवाई अड्डे पर कई वीवीआईपी के पहुंचने की उम्मीद है।शपथ ग्रहण समारोह के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पीएस पद्युम्ना को राज्य समन्वयक नियुक्त किया गया है। पवन कल्याण को मिलेगी अहम जिम्मेदारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में मंत्री पद के लिए बातचीत से अवगत लोगों ने मंगलवार को बताया कि पवन कल्याण ने उपमुख्यमंत्री पद लेने में अपनी रुचि व्यक्त की है। नायडू ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल में “महत्वपूर्ण भूमिका” देने का आश्वासन दिया है। तेलुगु देशम पार्टी के नेता नायडू बुधवार को विजयवाड़ा के बाहरी इलाके में गन्नावरम एयरपोर्ट के पास केसरपल्ली आईटी पार्क में सुबह 11.27 बजे शपथ लेंगे। बाद में मंगलवार को एनडीए के नेता राज्यपाल एस अब्दुल नजीर से मिलेंगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। शाम तक राज्यपाल की ओर से सरकार बनाने का निमंत्रण मिल सकता है। TDP, BJP और जन सेना वाले एनडीए ने हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा और विधानसभा चुनावों में 164 विधानसभा सीटों और 21 लोकसभा सीटों के साथ भारी बहुमत के साथ दक्षिणी राज्य में शानदार जीत हासिल की। BJP के दो मंत्री बनने की संभावना नायडू के साथ कुछ और नेताओं के शपथ लेने की संभावना है। टीडीपी महासचिव और नायडू के बेटे नारा लोकेश और जन सेना नेता एन मनोहर के नाम चर्चा में हैं। इसके अलावा सूत्रों ने बताया कि BJP को दो कैबिनेट पद मिलने की संभावना है। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य गणमान्य लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। समारोह की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव नीरभ कुमार प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री के बुधवार को सुबह 8.20 बजे दिल्ली से गन्नावरम एयरपोर्ट के लिए रवाना होने और 10.40 बजे पहुंचने की उम्मीद है।  

PM Kisan: पीएम किसान स्कीम की जल्द जारी होगी 17वीं किस्त, देखें तारीख को लेकर अपडेट

नईदिल्ली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों कों सालाना 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है. किसानों के खाते में हर 4 महीने के अंतराल में 3 किस्तों में दो-दो हजार रुपये करके ये राशि भेजी जाती है. फिलहाल, किसानों को 16 किस्तें दी जा चुकी हैं. 17वीं किस्त का किसान बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. इन किसानों के लिए खुशखबरी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद पहला काम पीएम किसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त से जुड़ी फाइल पर हस्ताक्षर करने का किया. किसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त की फाइल पर पीएम मोदी ने किए हस्ताक्षर पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, “देशभर के अपने किसान भाई-बहनों का जीवन आसान बनाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है. यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद पहला काम उनके लिए ही करने का अवसर मिला है. इसके तहत पीएम किसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त से जुड़ी फाइल पर हस्ताक्षर किया, जिसका लाभ देश के मेरे 9 करोड़ से ज्यादा अन्नदाताओं को होगा. आने वाले समय में हम किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के उत्थान के लिए निरंतर काम करते रहेंगे.” कब आएगी पीएम किसान की 17 वीं किस्त? कृषि मंत्रालय की ट्विटर पर दी गई ताजा जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 17वीं किस्त का हस्तांतरण जल्द ही किया जाएगा. बता दें कि 28 फरवरी 2024 को केंद्र सरकार द्वारा 16वीं किस्त जारी की गई थी जिसमें पात्र किसानों को 2-2 हजार रुपये की किस्त दी गई. डीबीटी के माध्यम से ये पैसे सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में हस्तांतरित किए गए. हर किस्त चार महीने के अंतराल पर आती है. ऐसे में फरवरी से अगले चार महीने का समय जून अंत में हो रहा है. हालांकि, 17वीं किस्त से जुड़ी फाइल पर हस्ताक्षर हो चुके हैं. ऐसे में जल्द ही किसानों के खातों में ये राशि आ सकती है. यहां करा सकते हैं ई-केवाईसी जिन किसानों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है वह पीएम किसान योजना की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर इस प्रकिया को पूरा कर सकते हैं. इसके अलावा किसान नजदीकी सीएससी सेंटर पर भी जाकर ई-केवाईसी की प्रकिया पूरी कर सकते हैं. पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पात्र किसानों को देने के लिए केंद्र सरकार ने देशव्यापी सैचुरेशन कैंपेन भी चला रही है. यह कैंपेन 5 जून से शुरू हो गया है और 20 जून तक चलेगा. ऑफिशियल वेबसाइट से ई-केवाईसी करने का तरीका आप नीचे देख सकते हैं. >इसके लिए आपको सबसे पहले www.pmkisan.gov.in पर जाना होगा. >इसके बाद आपके सामने होम पेज खुल जाएगा. >फिर E-KYC के ऑप्शन पर जाएं. >इसके बाद आधार नंबर और कैप्चा दर्ज करें. >आधार नंबर और मोबाइल नंबर डालें. >इसके बाद आपके मोबाइल पर ओटीपी आएगा. >ओटीपी दर्ज करने के बाद आपकी e-KYC हो जाएगी. किसान यहां करें संपर्क पीएम किसान योजना संबंधी किसी भी तरह की समस्या पर किसान ईमेल आईडी pmkisan-ict@gov.in पर संपर्क कर सकते हैं. पीएम किसान योजना के हेल्पलाइन नंबर- 155261 या 1800115526 (Toll Free) या फिर 011-23381092 पर संपर्क कर सकते हैं. यहां भी आपके हर समस्या का समाधान किया जाएगा. क्या है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है. इस स्कीम के तहत केंद्र सरकार किसानों को 6,000 रुपये की सालाना मदद देती है. सरकार साल में तीन बार 2,000-2,000 रुपये की किस्त जारी करती है. अब तक इस योजना की 16 किस्त जारी की जा चुकी हैं और नई सरकार के गठन के बाद अब पीएम मोदी ने इस स्कीम को लेकर बड़ा कदम उठाया है.  

Sach Pass : दो महीनें से जारी था काम 16 से 17 ग्लेशियरों को काट बनाई गई सड़क

चंबा  देश का सबसे खतरनाक सड़कों में शुमार चंबा-पांगी रोड को बहाल कर दिया गया है। इस रूट में साच पास आता है जहां 12 महीने बर्फबारी होती रहती है। साच पास सिर्फ चार महीने के लिए खुलता है। क्योंकि इन चार महीनों में इतनी ज्यादा बर्फबारी नहीं होती। चंबा से पांगी जाने के लिए ये सबसे छोटा रूट है। लेकिन साच पास मार्ग के बंद होने के चलते पांगी घाटी के लोगों को वाया जम्मू या कुल्लू के जरिए करीब 750 किलोमीटर का लंबा फासला तय करके चंबा पहुंचाना पड़ता है। या चंबा से पांगी जाना पड़ता है। अब साच पास मार्ग के खुलने से अब यह फासला 172 किलोमीटर तक सिमट जाएगा। लोक निर्माण विभाग ने शनिवार को साच पास मार्ग से बर्फ हटाने के बाद इस आमजन के लिए खोल दिया है। करीब साढ़े 14 हजार फुट की ऊंचाई से गुजरने वाले चंबा-किलाड़ वाया साच पास मार्ग से मीटरों के हिसाब से जमी बर्फ को हटाकर लोक निर्माण विभाग ने करीब आठ माह के बाद छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए खोला है। अभी साच पास मार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही सुचारू होने में वक्त लगेगा। 24 कर्मचारी दिन रात डटे रहे इस मार्ग को बहाल करने क लिए लोक निर्माण विभाग के 24 कर्मचारी दिन रात डटे रहे। इस दौरान डोजर, एलएनटी मशीन और जेसीबी के सहारे मार्ग को बहाल की गई। टीम ने चुराह से साच-पास तक मार्ग बहाल कर साचपास टॉप पर मशीनें पहुंचाई। उसके बाद किलाड़ की तरफ से (भूत ग्राउंड) से ऊपर साच-पासपास टॉप तक बर्फ को हटाया। ग्लेशियरों को काट बनाया रास्तापीडब्ल्यूडी के कर्मचारियों 16 से 17 ग्लेशियरों को काटते हुए ये रास्ता बनाया है। विभाग ने 8 अप्रैल को मार्ग की बहाली का कार्य बैरागढ़ और किलाड़ से शुरू किया था। बीच-बीच में मौसम भी कर्मचारियों की खूब परीक्षा लेता रहा। ऐसे में विभाग के कर्मचारियों ने कड़ी मेहनत से 2 महीने में इस मार्ग को खोल दिया।

दहशतगर्दों ने कठुआ में की फायरिंग, सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया

जम्मू जम्मू-कश्मीर के में एक बार फिर आतंकियों ने कायराना हिमाकत की है। दहशतगर्दों ने जम्मू संभाग के जिला कठुआ की तहसील हीरानगर के सोहल इलाके में गोली चलाई है। फायरिंग की सूचना पर पहुंचे सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है। सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया है। वहीं एक आम नागरिक के घायल होने की जानकारी भी सामने आ रही है। फिलहाल ऑपरेशन जारी है। मैं अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास हीरानगर सेक्टर के सैदा गांव में एक घर पर हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर डीसी कठुआ राकेश मिन्हास के साथ लगातार ऑनलाइन संपर्क में हूं। मैं एसएसपी कठुआ अनायत अली चौधरी के भी संपर्क में हूं जो मौके पर हैं। जिस घर पर हमला हुआ उसके मालिक भी मोबाइल फोन पर संपर्क में हैं। संयुक्त पुलिस और अर्धसैनिक बल का ऑपरेशन चल रहा है। अब तक एक आतंकवादी मारा गया है। मैं और मेरा कार्यालय लगातार संपर्क में हैं और घटनाक्रम पर कड़ी नज़र रख रहे हैं। घटनास्थल पर लोगों ने अपने-अपने घरों की लाइटें बंद दी हैं, ताकि आतंकी उनके घर में न घुस जाएं। स्थानीय लोगों के मुताबिक उन्होंने दो से तीन संदिग्धों को देखा है। ये सभी फायरिंग करके जंगल की ओर भाग गए। 48 घंटे पहले भी हुआ था हमला बता दें कि दो दिन पहले रविवार को ही रियासी में आतंकियों ने घात लगाकर तीर्थयात्रियों की बस को निशाना बनाया था। गोलीबारी में ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया जिससे बस खाई में जा गिरी। इसमें नौ लोगों की मौत हो गई थी और 41 लोग घायल हुए थे। हमले के बाद से इलाके में हाई अलर्ट सुरक्षा बलों ने जम्मू और राजोरी जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और आतंकवादी हमले के बाद से ही तलाशी अभियान जारी है। उधमपुर-रियासी रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक रईस मोहम्मद भट ने कहा कि सुरक्षा बलों को कुछ सुराग मिले हैं। जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की 11 टीमें आतंकवादियों की तलाश में जुटे हुए हैं। मृतकों में दो साल का मासूम भी रविवार को हुए हमले में बस में सवार नौ लोगों की मौत हो गई। इनमें तीन उत्तर प्रदेश और चार राजस्थान के थे। बस चालक और कंडक्टर रियासी के थे। राजस्थान के सभी मृतक एक ही परिवार के थे। इनमें पूजा और उसका दो साल का बेटा टीटू साहनी थे। मृतकों में पांच के शरीर पर गोली लगने के निशान हैं। वहीं, 41 घायलों में से 10 को गोली लगी है। 10-10 लाख की मदद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।

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