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24 जून से शुरू होगा संसद का विशेष सत्र, 26 जून को लोकसभा स्पीकर का चुनाव होने की संभावना

नई दिल्ली संसद का 8 दिवसीय विशेष सत्र 24 जून से शुरू होने वाला है। सूत्रों के मुताबिक 8 दिवसीय सत्र में 26 जून को लोकसभा स्पीकर का चुनाव होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, 24 और 25 जून को नए सांसद शपथ लेंगे। विशेष सत्र के दौरान, भाजपा के एजेंडे में एक मुख्य कार्य नए लोकसभा अध्यक्ष के लिए एनडीए की पसंद का चयन करना होगा। लोकसभा अध्यक्ष का पद लोगों के दिमाग में फिर से आ गया है क्योंकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की दोनों पार्टियाँ, टीडीपी और जेडी (यू), इस कुर्सी पर नज़र गड़ाए हुए हैं। हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनावों में, भाजपा केवल 240 सीटें ही जीत पाई और 272 के आंकड़े से चूक गई। इससे भगवा खेमे में विद्रोह की आशंका पैदा हो गई है, जो पिछले कुछ सालों में पार्टियों को तोड़ने और सरकारें गिराने में अहम भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में दलबदल विरोधी कानून सबसे आगे आता है और इस तरह सदन का अध्यक्ष एक महत्वपूर्ण पद बन जाता है।  

घाटी में 150 से ज्यादा आतंकी एक्टिव, माता वैष्णों देवी के बाद अब अमरनाथ यात्रा को लेकर अलर्ट जारी

जम्मू-कश्मीर जम्मू के रियासी इलाके में माता वैष्णों देवी जा रहे तीर्थ यात्रियों से भरी बस पर हुए आतंकी हमले के बाद कश्मीर घाटी में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।  आतंकवादी अब सुरक्षा बलों की गाड़ियों के बदले आम जनता के वाहनों को निशाना बनाने लगे हैं। बता दें कि29 जून से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा को लेकर सख्त एलर्ट जारी किया  गया है। विशेष सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। जम्मू कश्मीर पुलिस के महानिदेशक रश्मि रंजन स्वैन ने इस बात की पुष्टि की है कि कश्मीर घाटी में इस समय 70-80 विदेशी आतंकियों समेत 150 से ज्यादा आतंकी सक्रिय हैं। उधमपुर रियासी रेंज के डीआईजी रईस मोहम्मद भट ने कहा कि आतंकी हमले के संबंध में हमें जो सुराग मिले हैं, उसके आधार पर हमने तलाशी शुरू कर दी है। हमारी 11 टीमें सक्रिय हैं। सभी सुरक्षा बल संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। हमने कई लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया है। विश्लेषण और अन्य सुरागों के अनुसार, हमें लगता है कि इस हमले में लश्कर का हाथ है। मौजूदा समय में X पर All Eyes on Reasi ट्रेंड कर रहा है। यूजर्स ने कहा कि आशा है कि अपराधियों को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा।

यात्रियों के हौसले बुलंद, वंदे भारत में भी चढ़ गए बिना टिकट वाले यात्री, ट्रेन की जनरल बोगी भी हो गई फेल

नई दिल्ली ट्रेनों में बिना टिकट वाले यात्रियों के AC कोच में चढ़ जाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। मगर, अब तो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन भी इससे अछूती नहीं रही। जी हां, लखनऊ-हरिद्वार वंदे भारत से ऐसा ही मामला सामने आया है। इस ट्रेन में बिना टिकट वाले ढेर सारे यात्री चढ़ गए, जिससे टिकट बुक करवा चुके लोगों को काफी परेशानी हुई। इसका वीडियो सामने आया है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंटरनेट यूजर्स इसे देखकर हैरान हैं और सवाल कर रहे हैं कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है। इसे लेकर रेलवे प्रशासन से भी सवाल पूछे जा रहे हैं।   वायरल वीडियो में कई यात्री ट्रेन नंबर 22545 में चढ़ते हुए दिख रहे हैं जो कुछ ही देर बाद सीट के लिए संघर्ष करने लगते हैं। इसे देखकर ऐसा लगता है जैसे कि यह किसी ट्रेन का जनरल कोच हो। ट्रेन के स्लीपर और एससी कोच में बिना टिकट वाले यात्रियों के चढ़ने के मामले कई बार देखे गए हैं। हालांकि, इसे देखकर हैरानी होती है कि अब तो लोग वंदे भारत ट्रेनों में भी बिना टिकट के ही घुस जा रहे हैं। वीडियो को शेयर करते हुए एक एक्स यूजर ने लिखा, ‘यह देखिए कि कैसे बिना टिकट वाले यात्रियों ने वंदे भारत ट्रेन पर ‘कब्जा’ जमा लिया है।’ इसके साथ उसने भारतीय रेलवे, लखनऊ रेलवे और इंडियन रेल मीडिया को टैग भी किया है। लोगों ने कमेंट करके जताया गुस्सा वंदे भारत ट्रेन में बिना टिकट वाले यात्रियों के घुसने के वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसे अब तक 10 हजार से ज्यादा बार देखा जा चुका है। लोगों ने इस पर ढेर सारे कमेंट्स किए हैं और वीडियो खूब शेयर भी किया जा रहा है। एक इंटरनेट यूजर ने कहा, ‘यह बड़ी समस्या है! कुछ दिनों पहले मैं तिरुपति-सिकंदराबाद वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रा कर रहा था। इस दौरान किसी बेटिकट यात्री ने बोगी के टॉयलेट में सिगरेट जला दी जिससे फायर अलार्म बजने लगा।’ एक अन्य यूजर ने लिखा कि आखिर टीटी कहां था। उसने इन लोगों को ट्रेन में चढ़ने की इजाजत कैसे दी। ऐसा लगता है कि रेल मंत्रालय का मजाक उड़ाने के लिए यह जानबूझकर किया गया हो।  

तृणमूल कांग्रेस सरकार ने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 4% की बढ़ोतरी की गई

नई दिल्ली पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 4% की बढ़ोतरी की गई है। इसे लेकर सरकारी अधिसूचना मंगलवार को जारी हुई। इसमें बताया गया कि यह आदेश 1 अप्रैल 2024 से लागू होगा। नोटिफिकेशन में कहा गया, ‘महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की दर में वृद्धि और वित्त विभाग के ज्ञापन संख्या 1090-एफ(पी2) दिनांक 01/03/2024 के अनुसार दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए दैनिक मजदूरी दर 01/05/2024 के स्थान पर 01/04/2024 से लागू होगी। राज्यपाल ने फैसले को मंजूरी दी है। राज्य सरकार और सरकारी सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थाओं, सांविधिक निकायों, सरकारी उपक्रमों, पंचायतों (पंचायत कर्मी सहित), नगर निगमों/नगर पालिकाओं, स्थानीय निकायों आदि के कर्मचारियों और पेंशनरों/परिवार पेंशनरों को इसका लाभ मिलेगा।’ दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पंजाब में प्रदर्शनकारी किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी पार्टी एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी दिए जाने का मुद्दा संसद के आगामी सत्र में उठाएगी। टीएमसी के 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की ओर से पंजाब के खनौरी सीमा पर किसानों से मुलाकात के बाद यह आश्वासन दिया गया। बनर्जी ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि TMC हमेशा किसानों के न्याय के लिए खड़ी रहेगी। MSP को लेकर टीएमसी का बड़ा बयान प्रतिनिधिमंडल में टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन, मोहम्मद नदीमुल हक, डोला सेन, सागरिका घोष और साकेत गोखले शामिल थे। ये सभी राज्यसभा सदस्य हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनर्जी ने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से फोन पर बातचीत की। बनर्जी ने उन्हें बताया कि आगामी संसद सत्र के दौरान उनकी पार्टी के सांसद फसलों के लिए एमएसपी की गारंटी देने वाले कानून का मुद्दा उठाएंगे। सागरिका घोष ने किसानों से मुलाकात के बाद पोस्ट किया, ‘हमारी नेता ममता बनर्जी ने किसान नेताओं से फोन के माध्यम से बात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि हमारी पार्टी हमेशा किसानों के न्याय के लिए खड़ी रहेगी। जय हिंद। जय किसान।’

पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को सुधारना प्राथमिकता: एस जयशंकर

नई दिल्ली बतौर विदेश मंत्री अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत करते हुए एस जयशंकर ने कहा है कि भारत के लिए पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों को मजबूत बनाना एक अहम प्राथमिकता होगी। इस संदर्भ में उन्होंने दो पड़ोसी देशों चीन और पाकिस्तान को भी संदेश दिया है कि इन देशों के साथ रिश्तों को सामान्य बनाने की राह में जो समस्याएं हैं उनका समाधान निकालना होगा। राष्ट्रपति मुइज्जू से हुई है हमारी बातचीतः जयशंकर भारत विरोधी सरकार वाले देश मालदीव के संदर्भ में जयशंकर ने कहा है कि हाल ही में उनकी राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू से हुई है और उनसे जो बातें हुई हैं उसके आधार पर ही द्विपक्षीय रिश्तों को आगे बढ़ाया जाएगा। जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि विकासशील व गरीब देशों के मुद्दे को वैश्विक मंचों पर उठाने का काम भारत जारी रखेगा। पाकिस्तान और आतंकवाद पर क्या बोले विदेश मंत्री? एस जयशंकर ने रविवार (09 जून, 2024) को पीएम नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में गठित नई सरकार में पद व गोपनीयता की शपथ ली और मंगलवार (11 जून) को साउथ ब्लाक स्थित विदेश मंत्रालय के कार्यालय पहुंच कर अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत की। इस दौरान मीडिया के साथ एक संक्षिप्त वार्ता में उन्होंने पहले पाकिस्तान के बारे में कहा कि, ‘सीमा पार आतंकवाद हमारे लिए काफी संवेदनशील है। एक अच्छे पड़ोसी के लिए सीमा पार आतंकवाद एक अच्छी नीति नहीं हो सकती।’ पीएम मोदी ने पाकिस्तान को दिया था साफ शब्दों में संदेश जाहिर है कि एक दिन पहले पाकिस्तान के पूर्व पीएम और सत्तारूढ़ पार्टी पीएमएल (एन) के मुखिया नवाज शरीफ की तरफ से आये बधाई संदेश का जवाब भी पीएम नरेन्द्र मोदी ने कुछ इसी अंदाज में दिया था। मोदी ने शरीफ को धन्यवाद कहते हुए कहा है कि, “ भारत के लोग हमेशा शांति, सुरक्षा और प्रगतिशील विचारों के लिए खड़े रहे हैं। हमारे लोगों की भलाई और सुरक्षा को आगे बढ़ाना हमेशा हमारी प्राथमिकता रहेगी।” चीन पर क्या बोले जयशंकर? इसी तरह से चीन के संदर्भ में जयशंकर ने कहा कि, चीन के साथ रिश्तों में हम अभी सीमा को लेकर उपजी समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। सनद रहे कि अप्रैल-मई, 2020 से ही भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख के वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) में तनाव की स्थिति है। दोनों तरफ से सैन्य स्तर व कूटनीतिक स्तर पर वार्ताओं का दौर चल रहा है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं निकल पाया है। शी चिनफिंग का नहीं आया कोई संदेश  भारत व चीन के रिश्तों में यह बहुत ही बड़ी अड़चन है जिसको दूर करना जयशंकर के इस कार्यकाल में भी एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। मालूम हो कि चीन के विदेश मंत्रालय और नई दिल्ली स्थित उसके राजदूत ने पीएम मोदी को तीसरे कार्यकाल की शुरुआत करने के लिए बधाई तो दी है लेकिन राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अभी तक बधाई संदेश नहीं दिया है।

आरएसएस चीफ ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान मर्यादा की जरूरत थी जो नहीं रखी गई

नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन  भागवत ने चुनाव के दौरान होने वाली बयानबाजी को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों ने मर्यादा नहीं रखी। नागपुर में हुए आरएसएस के कार्यक्र में उन्होंने कहा, असली जनसेवक वही है जो अहंकार नहीं दिखाता और सार्वजनिक जीवन में काम करते हुए भी मर्यादा बनाए रखता है। उन्होंने कहा, चुनाव संपन्न हो गए, परिणाम और सरकार भी बन गई लेकिन उसकी चर्चा अभी तक चल रही है। जो हुआ वह क्यों हुआ। उन्होंने कहा, यह अपने प्रजातांत्रिक देश में पांच वर्ष में होने वाली घटना है जो कि होती है। देश के  संचालन के लिए यह महत्वपूर्ण है। लेकिन हम यही चर्चा करते रहें इतना महत्वपूर्ण नहीं है। समाज ने अपना मत दे दिया और उसके अनुसार अब काम हो रहा है। संघ के लोग इसमें नहीं पड़ते। हम अपना कर्तव्य करते रहते हैं। संघ प्रमुख ने कहा, जो वास्तविक सेवक है उसकी एक मर्यादा रहती है। काम करते सब लोग हैं लेकिन कार्य करते समय वह मर्यादा का पालन भी करता है। जैसा तथागत ने भी बताया है कि कुशलस्य उपसंपदा। शरीर को भूखा नहीं रखना है लेकिन कौशल पूर्वक जीविका कमानी है। इससे दूसरों को धक्का नहीं लगना चाहिए। यह मर्यादा निहित है। इसी तरह की मर्यादा के साथ हम लोग काम करते हैं। काम करने वाला मर्यादा का ध्यान रखता है। जो मर्यादा का पालन करता है उसमें अहंकार नहीं आता और  वही सेवक कहलाने का अधिकारी है। भागवत ने कहा कि चुनाव में स्पर्धा रहती है इसलिए किसी को पीछा रहने का काम होता है। लेकिन इसमें भी मर्यादा है। असत्य का उपयोग नहीं करना चाहिए। संसद में बैठकर सहमित बनाकर चलाने के लिए चुनाव होते हैं। चित्त अलग-अलग होने के बाद भी साथ ही चलना है। सबका चित्त एक जैसा नहीं हो सकता इसलिए बहुमत का प्रयोग किया जाता है। सिक्के के दोनों पहलू होते हैं इसीलिए संसद में सत्ता और प्रतिपक्ष की व्यवस्था है। भागवत ने कहा, प्रचार के दौरान मर्यादा का ध्यान नहीं रखा गया। यह भी नहीं सोचा गया कि इससे समाज में मनमुटाव पैदा हो सकता है। बिना कारण संघ को भी इसमें खींचा गया। तकनीक का सहारा लेकर असत्य बातों को प्रसारित किया गया। क्या विद्या और विज्ञान का यही उपयोग है। ऐसे देश कैसे चलेगा। मैं विरोधी पक्ष नहीं प्रतिपक्ष कहता हूं। उसे विरोधी नहीं मानता।उसका भी विचार होना चाहिए। चुनाव लड़ने में मर्यादा का पालन नहीं हुआ। भागवत ने कहा, सरकार बन गई। वही सरकार फिर से आ गई। 10 सालों में बहुत कुछ अच्छा हुआ। हमारे देश में आर्थिक स्थिति अच्छी हुई। सामरिक स्थिति पहले से अधिक अच्छी है। दुनियाभर में प्रतिष्ठा बढ़ी है। कला और खेल के क्षेत्र  में हम सब लोग आगे बढ़े हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि हम चुनौतियों सो मुक्त हो गए हैं। अभी आवेश से मुक्त होकर आगे वाली बातों का विचार करना है। मणिपुर पर भी बोले मोहन भागवत मणिपुर को लेकर मोहन भागवत ने कहा कि देश में शांति की जरूरत है। एक साल से मणिपुर शांति की राह देख रहा है। उससे पहले 10 साल एकदम शांत रहा। लेकिन फिर ऐसा लगा कि पुराना जन कल्चर समाप्त हो गया। अचानक वहां उपजी या उपजाई गई कलह अब तक चल रही है। उसका ध्यान कौन देगा। प्राथमिकता देकर उसपर विचार करना चाहिए।    

अमित शाह ने नए कार्यकाल का कामकाज संभालते ही आगामी पांच सालों में क्या-क्या काम किया जाएगा किया साफ़

नई दिल्ली केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को मोदी 3.0 कैबिनेट के तहत लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए भारत के गृह मंत्रालय का कार्यभार संभाला। नए कार्यकाल का कामकाज संभालते ही अमित शाह ने साफ कर दिया कि आगामी पांच सालों में क्या-क्या काम किया जाएगा और किन क्षेत्रों पर अधिक फोकस किया जाएगा। अमित शाह ने कहा कि नई सरकार देश की सुरक्षा के लिए अपने प्रयासों को अगले स्तर तक ले जाएगी। आतंकवाद, उग्रवाद और नक्सलवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई जारी रहेगी। मोदी 3.0 सरकार के तहत गृह मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के तुरंत बाद अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ के माध्यम से यह बयान दिया। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मैंने आज गृह मंत्रालय का कार्यभार पुनः संभाला। गृह मंत्रालय राष्ट्र और उसके लोगों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा, जैसा कि यह हमेशा रहा है। मोदी 3.0 भारत की सुरक्षा के लिए अपने प्रयासों को अगले स्तर पर ले जाएगा। भारत आतंकवाद, उग्रवाद और नक्सलवाद के खिलाफ हमेशा लड़ता रहेगा। अमित शाह बना लेंगे ये रिकॉर्ड गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद कार्यभार संभाला। यदि शाह लगातार पांच साल और सेवा करते हैं, तो वे भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले गृह मंत्री बन जाएंगे। कांग्रेस के गोविंद बल्लभ पंत और भाजपा के लालकृष्ण आडवाणी ने छह-छह साल से कुछ अधिक समय तक केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में कार्य किया, जबकि शाह और राजनाथ सिंह, जो पहली मोदी सरकार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री थे, जिन्होंने अभी तक पांच-पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। ये है अमित शाह के सामने चुनौती अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र और गृह मंत्रालय के लिए तत्काल चुनौती जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराना और उसका राज्य का दर्जा बहाल करना है। क्योंकि पांच साल पहले इसे केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया गया था। एक और चुनौती भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 को लागू करना है, जो भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह लेंगे। अमित शाह द्वारा 2023 में संसद में पेश किए गए ये कानून 1 जुलाई से लागू होने वाले हैं। इन्हें भी फिर से मिला कार्यभार नित्यानंद राय ने पिछली सरकार में गृह राज्य मंत्री (MoS) के रूप में कार्य किया था, इस बार भी राय ने शाह के कुछ ही मिनटों बाद गृह राज्य मंत्री का पदभार संभाला। तेलंगाना के सांसद और भाजपा की तेलंगाना इकाई के पूर्व अध्यक्ष बंदी संजय कुमार, मंत्रालय में दूसरे राज्य मंत्री के रूप में काम करेंगे। वे अजय कुमार की जगह लेंगे, जो उत्तर प्रदेश के खीरी से लोकसभा चुनाव हार गए हैं। बंदी संजय कुमार जल्द ही अपना कार्यभार संभालेंगे।

दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा, अगले 7 दिनों तक खूब बरसेंगे बदरा

नई दिल्ली दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार को देश के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके मुताबिक, अगले 24 घंटों में महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ इलाकों में जोरदार बरसात होने वाली है। आईएमडी की सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. सोमा सेन रॉय ने कहा, ‘मानसून ने समय से पहले दस्तक दी है। इसके कारण पिछले 2-3 दिनों में महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई है। फिलहाल ऐसी उम्मीद है कि इन इलाकों में बहुत भारी बारिश जारी रहेगी। दक्षिण-मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, कोंकण और तटीय कर्नाटक में बदरा बरसने वाले हैं। साथ ही, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।’ बृहन्मुंबई नगर निगम के अधिकारी ने बताया कि सोमवार की रात हुई बारिश से शहर में कोई भी बड़ा जलभराव होने की खबर नहीं है। यातायात सामान्य है। कुछ स्थानों पर आवाजाही धीमी हुई है। उप नगरीय रेल सेवाएं कुछ विलंब से चल रही हैं। उन्होंने बताया कि सुबह 8 बजे तक बीते 24 घंटे के भीतर द्वीपीय शहर में 37.74 मिमी, पूर्वी मुंबई में 17.13 मिमी और पश्चिमी मुंबई में 12.39 मिमी बारिश दर्ज की गई। मंगलवार की सुबह आसमान बादलों से घिरा रहा, लेकिन शहर के अधिकतर हिस्सों में बारिश नहीं हुई। मालूम हो कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 11 जून की सामान्य तिथि से 2 दिन पहले 9 जून को मुंबई पहुंचा। अगले 7 दिनों के दौरान इन राज्यों में होगी बारिश आईएमडी के अनुसार, अगले 7 दिनों के दौरान देश के कई हिस्सों में बारिश होने वाली है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ वर्षा होगी। इनमें से कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बरसात होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा, ’10 से 14 जून के बीच पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है। 10, 13 और 14 जून को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बदरा बरस सकते हैं। 11 से 14 जून तक असम, मेघालय, बंगाल और सिक्किम में और 13 और 14 जून को अरुणाचल प्रदेश में भी भारी बारिश की संभावना है।’  

तीसरी बार एनडीए सरकार बन चुकी, तिब्बत की 30 जगहों के नाम बदलेगा भारत

नई दिल्ली भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में तीसरी बार एनडीए सरकार बन चुकी है। इसी बीच खबर है कि सरकार अरुणाचल प्रदेश में चीन की गतिविधियों का जवाब उसी की भाषा में देने जा रही है। भारत ने तिब्बत में कई स्थानों का नाम बदलने का फैसला किया है। मंगलवार को ही विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पदभार संभाला है। उन्होंने भी चीन के साथ जारी सीमा विवाद को सुलझाने पर ध्यान लगाने की बात कही है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार ने तिब्बत में 30 स्थानों के नाम बदलने पर मुहर लगा दी है। ये नाम ऐतिहासिक शोध और तिब्बत क्षेत्र के आधार पर ही रखे जाएंगे। खबर है कि भारतीय सेना इन नामों को जारी करेगी और वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC के मैप पर इन नामों को अपडेट कर दिया जाएगा। खास बात है कि सरकार की तरफ से कदम ऐसे समय पर उठाया जा रहा है, जब चीन ने अप्रैल में अरुणाचल प्रदेश के 30 नामों को बदला था। इस फैसले पर भारत की तरफ से भी कड़ा विरोध दर्ज कराया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, नामों की इस लिस्ट में 11 रिहाइशी इलाके, 12 पहाड़, 4 नदियां, 1 झील, 1 पहाड़ी पास और 1 जमीन का टुकड़ा है। चीन की तरफ से बार-बार दावा किया जाने के बाद भी भारत साफ करता रहा है कि अरुणाचल प्रदेश देश का अभिन्न हिस्सा है। क्या बोले फिर से कमान संभालने वाले विदेश मंत्री जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि भारत, चीन के साथ सीमा पर शेष मुद्दों को हल करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। पूर्वी लद्दाख में चार साल से अधिक समय से जारी सीमा विवाद के कारण दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में काफी तनाव आया है। विदेश मंत्री के रूप में कामकाज संभालने के कुछ ही समय बाद जयशंकर ने पाकिस्तान से होने वाले सीमापार आतंकवाद का जिक्र किया और कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए प्रयास किये जाएंगे। विदेश मंत्री ने कहा कि ‘भारत प्रथम’ और ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ भारतीय विदेश नीति के दो दिशानिर्देशक सिद्धांत होंगे। चीन के साथ संबंधों पर जयशंकर ने कहा कि उस देश की सीमा पर कुछ मुद्दे बने हुए हैं और उन्हें सुलझाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ”चीन को लेकर हमारा ध्यान इस बात पर होगा कि बाकी मुद्दों को कैसे सुलझाया जाए।” भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच मई 2020 से गतिरोध जारी है और सीमा विवाद का पूर्ण समाधान अभी तक नहीं हो पाया है। हालांकि, दोनों पक्ष कई टकराव वाले बिंदुओं से पीछे हट गए हैं।

खुद को काम में झोंकने की प्रवृत्ति हमारे लिए सामान्य होनी चाहिए: अभिनेत्री-सांसद कंगना रनौत

शाह, जयशंकर समेत केंद्र में नई सरकार के विभिन्न मंत्रियों ने कार्यभार संभाला खुद को काम में झोंकने की प्रवृत्ति हमारे लिए सामान्य होनी चाहिए: अभिनेत्री-सांसद कंगना रनौत संख्या बल के आधार पर एक-दूसरे को नीचा दिखाने की जरूरत नहीं: संसदीय कार्यमंत्री रीजीजू नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीसरी मंत्रिपरिषद में शामिल किए गए मंत्रियों में अमित शाह, डॉ. एस जयशंकर, किरन रिजिजू और सर्बानंद सोनोवाल समेत विभिन्न मंत्रियों ने अपने-अपने कार्यभार संभाल लिए हैं। अमित शाह समेत कई मंत्रियों ने मंगलवार को कार्यभार संभालने के बाद अपने विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। आज कार्यभार ग्रहण करने वाले मंत्रियों में जगत प्रकाश नड्डा, मनोहर लाल, अर्जुन राम मेघवाल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, शिवराज सिंह चौहान, गिरिराज सिंह और अश्विनी वैष्णव भी शामिल हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रधानमंत्री की सिफारिश पर कल नई सरकार के मंत्रियों के विभागों की अधिसूचना जारी की। रविवार को प्रधानमंत्री, उनकी सरकार के 30 नए कैबिनेट मंत्रियों, पांच राज्य मंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) और 36 राज्य मंत्रियों को शपथ दिलायी गयी थी। शाह ने लगातार दूसरी बार केन्द्रीय गृह मंत्री का कार्यभार संभाला है। शाह गृह मंत्रालय के नार्थ ब्लॉक स्थित कार्यालय में कार्यभार संभालने से पहले सुबह साढे दस बजे यहां चाणक्यपुरी स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक गये। उन्होंने वहां शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साथ गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और गृह सचिव अजय कुमार भल्ला भी थे। नड्डा को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय का कार्यभार भी संभाला। विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने आज विदेश मंत्रालय का कार्यभार संभाला। उन्होंने मंत्रालय में पहली बार राज्य मंत्री का पदभार संभालने वाले गोंडा (उत्तर प्रदेश) के सांसद कीर्तिवर्धन सिंह तथा पवित्र मार्ग़ेरीटा का मंत्रालय में स्वागत किया। मार्गेरीटा को कपड़ा मंत्रालय में राज्य मंत्री की भी जिम्मेदारी दी गयी है। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने अपना कार्यभार संभालने के बाद कहा कि देशवासियों ने चुनाव के माध्यम से सत्ता पक्ष तथा विपक्ष की भूमिका तय कर दी है। उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री के तौर पर उनकी कोशिश रहेगी कि विपक्ष को साथ लेकर संसद को सुचारू रूप से चलाया जाये। सोनोवाल को पुन: बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय विभाग दिया गया है। उन्होंने मंत्रालय का कार्यभार संभाला और अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा जनता की सेवा की सोच के साथ मंत्रालय के लक्ष्य एवं उद्देश्यों को पूरा करने के प्रति टीम भावना से काम करने पर बल दिया। शिवराज सिंह चौहान ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय, अर्जुन राम मेघवाल ने कानून मंत्री (स्वतंत्र प्रभाव) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री, माधवराव सिंधिया ने दूरसंचार मंत्री, अश्विन वैष्णव ने रेल और सूचना प्रसारण मंत्री, मनोहर लाल ने शहरी विकास एवं बिजली मंत्री, प्रताप राव गणपत राव जाधव और श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने स्वास्थ्य मंत्रालय में राज्य मंत्री तथा एल मुरुगन ने संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री का पदभार संभाला। कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने संस्कृति मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद अधिकारियों को संबोधित किया। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री बनाए गए डा मनसुख मंडाविया और इसी मंत्रालय में राज्य मंत्री शोभा करांदलाजे ने भी कार्य भार सभाल लिया है। गिरिराज सिंह ने कपड़ा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली है। कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डा जितेंद्र सिंह ने भी अपने कार्यालय में जा कर कार्यभार ग्रहण किया और कुछ पत्रावलियों पर हस्ताक्षर किए।   खुद को काम में झोंकने की प्रवृत्ति हमारे लिए सामान्य होनी चाहिए: अभिनेत्री-सांसद कंगना रनौत अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद कंगना रनौत ने मंगलवार को ‘खुद को काम में झोंक देने की प्रवृत्ति’ को सामान्य बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि भारतीय आलसी नहीं हो सकते, क्योंकि देश को अभी विकसित राष्ट्र बनाना है। कंगना रनौत ने ‘इंस्टाग्राम स्टोरी’ में अपने विचार साझा किए, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सोमवार को अपना तीसरा कार्यकाल शुरू करने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के कर्मियों को दिए गए संबोधन का एक वीडियो क्लिप पोस्ट किया। इस वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी को कहते सुना जा सकता है, ‘मेरा हर क्षण देश के लिए है।’ मोदी ने कहा कि उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए चौबीस घंटे काम करने का वादा किया है। अपने पोस्ट में कंगना रनौत ने कहा कि ‘वीकेंड’ (सप्ताहांत) की अवधारणा कुछ और नहीं बल्कि ‘पश्चिमी मानसिकता’ है। अपनी पोस्ट के कैप्शन में कंगना ने लिखा, ‘हमें जुनूनी कार्य संस्कृति को सामान्य रूप से अपनाना होगा और सप्ताहांत का इंतजार करना तथा सोमवार के बारे में ‘मीम’ को लेकर शिकायत करना रोकना होगा। यह सब पश्चिमी मानसिकता वाले लोगों का छलावा है। हम अभी तक विकसित राष्ट्र नहीं हैं, और हम काम को लेकर बिल्कुल भी आलसी नहीं हो सकते।’ बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और लंबे समय से मोदी समर्थक रहीं रनौत हिमाचल प्रदेश के मंडी से पहली बार लोकसभा चुनाव जीती हैं। उन्होंने छह बार मुख्यमंत्री रह चुके वीरभद्र सिंह और राज्य कांग्रेस प्रमुख प्रतिभा सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह को हराया है।   संख्या बल के आधार पर एक-दूसरे को नीचा दिखाने की जरूरत नहीं: संसदीय कार्यमंत्री रीजीजू  केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने मंगलवार को कहा कि वह संसद की कार्यवाही के सुचारू संचालन के लिए सभी को साथ लेकर चलने की पूरी कोशिश करेंगे। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संख्या बल के आधार पर संसद में एक-दूसरे को नीचा दिखाने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। रीजीजू ने अपने पूर्ववर्ती प्रह्लाद जोशी और राज्य मंत्रियों अर्जुन राम मेघवाल और एल मुरुगन की मौजूदगी में संसदीय कार्य मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, ‘‘हमें संख्या बल के आधार पर एक-दूसरे को नीचा दिखाने की जरूरत नहीं है। लोग संसद के बाहर बाहुबल का इस्तेमाल करते हैं लेकिन सदन के अंदर हमें अच्छी बहस करनी चाहिए और मुखरता से अपनी बात रखनी चाहिए।’’ रीजीजू ने सभी राजनीतिक दलों से संसद की गरिमा बनाए रखने में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यहां सकारात्मक भाव से आया हूं। हम सभी को साथ लेकर चलने और संसद … Read more

जेपी नड्डा ने स्वास्थ्य मंत्री का पद संभाला, अधिकारियों से 100 दिन के एजेंडे पर ध्यान देने को कहा

मेघवाल ने किये ‘राष्ट्रीय मुकदमा नीति’ पर हस्ताक्षर जेपी नड्डा ने स्वास्थ्य मंत्री का पद संभाला, अधिकारियों से 100 दिन के एजेंडे पर ध्यान देने को कहा गजेंद्र सिंह शेखावत ने संस्कृति और पर्यटन मंत्री के रूप में प्रभार संभाला नई दिल्ली  केन्द्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने आज यहां कार्यभार ग्रहण किया और पहले दस्तावेज के रूप में ‘राष्ट्रीय मुकदमा नीति’ पर हस्ताक्षर किये। शास्त्री भवन स्थित विधि एवं न्याय मंत्रालय में मध्याह्न करीब 12 बजे कार्यभार ग्रहण करने के बाद श्री मेघवाल ने कामकाज की शुरुआत का शगुन करते हुए राष्ट्रीय मुकदमा नीति के दस्तावेज पर हस्ताक्षर किये। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ज़ोर ईज़ ऑफ लिविंग यानी जीवन की सुगमता पर है। कानून मंत्रालय ने इसी को ध्यान में रखते हुए पुराने अप्रासंगिक हो चुके 1500 से अधिक कानूनों को निरस्त कर दिया है तथा आगे और भी ऐसे कानून हटाएंगे। श्री मेघवाल ने कहा कि मोदी सरकार ने आम जनों के जीवन की सुगमता को ध्यान में रख कर ही अंग्रेज़ों के ज़माने की भारतीय दंड संहिता, आपराधिक प्रक्रिया संहिता एवं साक्ष्य अधिनियम को समाप्त करके नये कानून -भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम बनायेे हैं। इनके बारे में जागरूकता फैलाने की दिशा में काम करना होगा। जजों के चयन की कॉलेजियम प्रक्रिया को खत्म करने की पुरानी मांग के बारे में पूछे जाने पर श्री मेघवाल ने कहा कि इसे लेकर कोई शिकायत नहीं है और सभी व्यवस्थाएं कानून एवं संविधान सम्मत हैं। राजस्थान के बीकानेर से तीसरी बार निर्वाचित होने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी श्री मेघवाल 70 वर्ष के हैं। उन्हें इस बार केन्द्रीय मंत्रिपरिषद में विधि एवं न्याय विभाग में स्वतंत्र प्रभार वाला राज्य मंत्री तथा संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया था। इससे पहले भी वे इन दोनों पदों के साथ संस्कृति मंत्रालय में भी राज्यमंत्री थे। जेपी नड्डा ने स्वास्थ्य मंत्री का पद संभाला, अधिकारियों से 100 दिन के एजेंडे पर ध्यान देने को कहा  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का पदभार संभाल लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने के एक दिन बाद सोमवार को नड्डा को स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ-साथ रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय भी आवंटित किया गया। पिछली मोदी सरकार में दोनों मंत्रालयों का कार्यभार मनसुख मांडविया के पास था। नड्डा ने कार्यभार संभालने के बाद स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और प्रतापराव जाधव के साथ स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की। ऐसा माना जा रहा है कि नड्डा ने अधिकारियों से पहले 100 दिनों के लिए सरकार के एजेंडे पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। अधिकारियों से 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों को आयुष्मान भारत योजना के दायरे में लाने को कहा गया है। नड्डा ने मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय संभाला था, उसके बाद 2019 में उन्हें भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष का पद सौंपा गया और जनवरी 2020 में अमित शाह के केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में नियुक्त होने के बाद नड्डा को पूर्ण रूप से पार्टी अध्यक्ष बना दिया गया। भाजपा अध्यक्ष के रूप में नड्डा का कार्यकाल जनवरी में समाप्त हो चुका है। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए उनके कार्यकाल में छह महीने का विस्तार दिया गया था। भाजपा अध्यक्ष के रूप में नड्डा का कार्यकाल जून में समाप्त हो रहा है। नड्डा (63) ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। वह 1991 में भाजपा की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के अध्यक्ष बने। नड्डा के पास कानून की डिग्री है। उन्होंने भाजपा में कई प्रमुख पदों पर काम किया और कई राज्यों में पार्टी के चुनाव अभियान का नेतृत्व भी किया। नड्डा ने अपने गृह राज्य हिमाचल प्रदेश में भाजपा सरकारों में मंत्री के रूप में भी काम किया। वह वर्ष 2012 में राज्यसभा के लिए चुने गए और 2014 में अमित शाह के पार्टी अध्यक्ष बनने पर उन्हें भाजपा संसदीय बोर्ड का सदस्य बनाया गया। इस बीच, शिवसेना सांसद प्रतापराव जाधव ने स्वास्थ्य राज्य मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। उन्हें आयुष मंत्रालय भी (स्वतंत्र प्रभार) आवंटित किया गया है। 64 वर्षीय जाधव ने महाराष्ट्र के बुलढाणा लोकसभा क्षेत्र से लगातार चौथी बार जीत दर्ज की है। अपना दल (एस) की अनुप्रिया पटेल ने भी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री का कार्यभार संभाला। उन्हें रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री भी नियुक्त किया गया है। पटेल (43) ने 2016 से 2019 तक स्वास्थ्य राज्य मंत्री और 2021 से मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया था। लोकसभा चुनाव 2024 में पटेल ने उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर संसदीय सीट पर समाजवादी पार्टी के रमेश चंद बिंद को 37,810 मतों के अंतर से हराया था।   गजेंद्र सिंह शेखावत ने संस्कृति और पर्यटन मंत्री के रूप में प्रभार संभाला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता गजेंद्र सिंह शेखावत ने मंगलवार को केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री के रूप में कामकाज संभाला। संस्कृति मंत्री के रूप में कामकाज संभालने के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि उनका मंत्रालय ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में योगदान देगा। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘इंडिया से भारत’ बनाने के क्रम में हम अपने औपनिवेशिक आवरण को हटाने तथा अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को पुनः स्थापित करने की दिशा में बड़े कदम उठा रहे हैं। इस अत्यंत सुंदर संस्कृति मंत्रालय का कार्यभार संभालते हुए, मैं अपने देश और विश्व में भारतीयता की जीवंतता को संरक्षित, सुरक्षित रखने और बढ़ावा देने का अवसर पाकर कृतज्ञ और गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।’’ शेखावत ने कहा, ‘‘हमारे देश की बढ़ती ‘सॉफ्ट पॉवर’ इसकी समृद्ध सांस्कृतिक संरचना और कला, संगीत, नृत्य, वस्त्र आदि के रूप में इसकी असंख्य अभिव्यक्तियों में निहित है। आइए इस अमृतकाल में इसे मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करें और विकसित भारत बनाने के लिए संस्कृति को एक मजबूत सूत्र में पिरोएं।’’ उन्होंने बाद में पर्यटन … Read more

लापता विमान चिकनगावा जंगल में पाया गया, जिसमें सभी यात्री मारे गए थे, विमान दुर्घटना में मलावी के उपराष्ट्रपति की मोत

नई दिल्ली मलावी के उपराष्ट्रपति सोलोस चिलिमा और देश की एक पूर्व प्रथम महिला नागरिक को लेकर जा रहा एक सैन्य विमान सोमवार को ब्लांटायर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मंगलवार को विमान दुर्घटना में चिलिमा समेत 9 अन्य लोगों की मौत हो गई। बड़े पैमाने पर खोज अभियान के बाद लापता विमान चिकनगावा जंगल में पाया गया, जिसमें सभी यात्री मारे गए थे। राष्ट्रपति के सचिव कोलीन सांबा ने दुखद खबर की पुष्टि की। उपराष्ट्रपति सोलोस चिलिमा (51), पूर्व प्रथम महिला नागरिक शानिल जिंबिरी और आठ अन्य को लेकर विमान इस दक्षिणी अफ्रीकी देश की राजधानी लिलोंग्वे से सोमवार सुबह 9.17 बजे रवाना हुआ था और इसे करीब 45 मिनट बाद राजधानी से 370 किलोमीटर दूर मजुजु अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरना था। चकवेरा ने सरकारी टेलीविजन चैनल एमबीसी पर प्रसारित अपने संबोधन में बताया कि वायु यातायात नियंत्रक ने जानकारी दी कि विमान खराब मौसम की वजह से नहीं उतरा और लौट गया। उन्होंने कहा कि वायु यातायात नियंत्रक का विमान से संपर्क टूट गया और यह कुछ ही देर बाद रडार की पहुंच से बाहर हो गया। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘मैं जानता हूं कि यह हृदय विदारक स्थिति है। हम सभी चिंतित हैं। लेकिन मैं आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि मैं विमान का पता लगाने के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ रहा हूं। मैं यह उम्मीद भी रख रहा हूं कि सभी लोग जीवित बचेंगे।’’

फैसला :उच्च न्यायालय ने महिला के अपने पसंद के व्यक्ति से विवाह के अधिकार को बरकरार रखा

तिरुवनंतपुरम पसंद के व्यक्ति से विवाह से जुड़े मामले में सुनवाई के दौरान केरल हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। अदालत का कहना है कि माता-पिता का प्यार बच्चे के पसंद के जीवनसाथी चुनने से नहीं रोक सकता है। साथ ही कोर्ट ने युवती को पिता की कस्टडी से बाहर लाए जाने के निर्देश दिए हैं। खबर है कि याचिकाकर्ता युवक के दूसरे धर्म के होने के चलते पिता को रिश्ते से आपत्ति थी। उच्च न्यायालय ने महिला के अपने पसंद के व्यक्ति से विवाह के अधिकार को बरकरार रखा है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस राजा विजयराघवन वी औ जस्टिस पीएम मनोज की डिवीजन बेंच कर रही थी। याचिकाकर्ता जर्मनी में मास्टर्स डिग्री का छात्र है। उसका दावा है कि वह प्रोजेक्ट इंजीनियर के तौर पर काम कर रही महिला के साथ रिश्ते में था। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, याचिका में कहा गया है कि महिला के पिता को अलग-अलग धर्म होने की वजह से आपत्ति थी, जिसके बाद उसे कस्टडी में रख लिया था। खास बात है कि कोर्ट ने युवती, उसके पिता और याचिकाकर्ता से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बात की थी और जानकारी हासिल की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, चर्चा के दौरान 27 वर्षीय युवती ने बताया कि इच्छा के खिलाफ उसके पिता ने उसे रखा हुआ था। साथ ही उसने याचिकाकर्ता के साथ रहने की इच्छा जाहिर की थी। इस दौरान अदालत ने शाफीन जहां बनाम अशोकन केएम केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र किया। अदालत ने आगे कहा कि जब तक यह किसी कानून का उल्लंघन नहीं करती है, तब तक एक व्यक्ति की पसंद का सम्मान होना चाहिए। बेंच ने कहा था, ‘माता-पिता का प्यार या चिंता की वजह से किसी वयस्क युवती के अपने पसंद के पुरुष को चुनने के अधिकार को बाधित नहीं करने दिया जा सकता है।’  

सूरज ढलते समय हमले का पैटर्न… बस पर हमला करने वाले आतंकियों की ऐसे हो रही तलाश

रियासी जम्मू कश्मीर में तीर्थयात्रियों की बस पर आतंकवादी हमला करने वाले गुनहगारों की तलाश तेज हो गई है. सेना और CRPF की 11 टीमें ऊपरी पहाड़ी इलाके में सर्चिंग ऑपरेशन चला रही हैं. पाकिस्तान समर्थित आतंकियों को खत्म करने के लिए मिशन मोड में कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है. हमले के बाद आतंकी जंगल की तरफ भागे थे. ऐसे में रियासी के जंगल को घेर लिया गया है. वहां कमांडो और ड्रोन भी उतारे गए हैं. रविवार को जम्मू कश्मीर में तीर्थयात्रियों की बस पर आतंकवादी हमला हुआ था, इसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी. करीब 41 लोग हमले में घायल हो गए थे. ये हमला जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में हुआ. तीर्थयात्रियों की बस शिव खोड़ी मंदिर से माता वैष्णो देवी मंदिर के बेस कैंप कटरा की ओर लौट रही थी. जंगल में छिपे आतंकवादियों ने बस पर घात लगाकर हमला किया. आतंकियों ने पहले बस के ड्राइवर को गोली मारी, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और बस खाई में जा गिरी. उसके बाद काफी देर तक फायरिंग की. हमले में बस के ड्राइवर और कंडक्टर दोनों की मौत हो गई. हमले में किसी तरह बच गए यात्रियों ने बताया कि बस के खाई में गिरने के बाद भी आतंकवादी गोली बरसाते रहे. ये बस उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली से तीर्थयात्रियों को लेकर जा रही थी. फौजी वर्दी में थे आतंकी रविवार शाम 6:10 पर बस पर आतंकी हमला हुआ। इस हमले में स्थानीय राजबाग पौनी के रहने वाले बस ड्राइवर विजय कुमार और कटरा निवासी कंडक्टर अर्जुन की भी मौत हो गई। बस में सवार कुछ यात्रियों ने मीडिया को बताया कि जब बस ढलान पर थी तो एक आतंकी फौजी वर्दी में सड़क के बीचों-बीच बैठा था। बस की रफ्तार धीमी होते ही उसने फायरिंग शुरू कर दी। फिर और तरफ से भी बस पर फायरिंग होने लगी। उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि क्या हुआ। ड्राइवर को भी गोली लगी और उनका बस से नियंत्रण खो गया। बस खाई में गिर गई। तब भी आतंकी बस पर गोलियां बरसाते रहे। जॉइंट सर्च ऑपरेशन के बीच NIA भी पहुंची फरार आतंकियों की तलाश में जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और सेना ने साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पहाड़ी इलाके में आतंकियों के छिपे होने की आशंका को देखते हुए ड्रोन की भी मदद ली जा रही है। मौके पर जम्मू-कश्मीर पुलिस के DGP आर. आर. स्वैन और रियासी की SSP मोहिता शर्मा समेत अन्य तमाम अफसर पहुंचे। इस बीच घटनास्थल पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक टीम भी पहुंची। फरेंसिक टीम ने मौके से सैंपल इकट्ठा किए हैं। लगातार बस पर गोली बरसाते रहे आतंकी इस गोलीबारी के बाद भी यात्री चुपचाप लेटे रहे, ताकि आतंकवादियों को ऐसा लगे कि वो सभी मर चुके हैं. मरने वाले यात्रियों में से 4 राजस्थान से थे, जिनमें एक 3 साल का बच्चा भी शामिल था. ये चारों लोग एक ही परिवार के थे. इसके अलावा, मरने वालों में 3 लोग उत्तर प्रदेश के थे. ड्राइवर और कंडक्टर रियासी के ही रहने वाले थे. हमले में जान गंवाने वालों में एक 3 साल का बच्चा भी शामिल था. उसकी मां की मौत भी हो गई है. पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से रात सवा 8 बजे तक सभी यात्रियों को बाहर निकाला और अस्पताल में पहुंचाया. हमले की जांच NIA को सौंपी गई घटनास्थल पर पुलिस, भारतीय सेना और CRPF का अस्थाई जॉइंट ऑपरेशन हेड क्वार्टर बनाया गया. इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन The Resistance Front ने ली है. TRF को साल 2023 में भारत सरकार ने आतंकवादी संगठन घोषित किया था. इसका गठन अनुच्छेद 370 हटने के बाद साल 2019 में हुआ था. ये कई आतंकवादी हमले में शामिल रहा है. सूत्रों के मुताबिक इस हमले में 2 से 3 आतंकवादी शामिल थे. ये आतंकवादी पाकिस्तानी हैं, और उसी ग्रुप का हिस्सा हैं जो पिछले दिनों राजौरी और पुंछ में हुए हमलों में शामिल था. ये ग्रुप पिछले दो वर्षों से पीर-पंजाल इलाके में सक्रिय है. इन आतंकवादियों की तलाश के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है. आतंकवादियों की तलाश के लिए ड्रोन की मदद भी ली जा रही है. इस हमले की जांच NIA को सौंप दी गई है. जंगलों में छिपे हुए हैं आतंकवादी सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, हमला करने वाले आतंकवादी जंगल में छिपे हुए हैं. सुरक्षा बलों को संदेह है कि आतंकवादी राजौरी और रियासी के पहाड़ी इलाकों में छिपे हुए हैं. क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज कर दिया है. अधिकारियों का कहना था कि हमले के लिए जिम्मेदार लश्कर-ए-तैयबा के तीनों आतंकवादियों की बड़े पैमाने पर तलाश की जा रही है. उन्होंने घटनास्थल पर चौथे आतंकी के मौजूद होने की संभावना से इनकार नहीं किया है.  सेना को मिले सुराग, तलाशी में आई तेजी उधमपुर-रियासी रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक रईस मोहम्मद भट ने कहा, हमें कुछ सुराग मिले हैं. पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की 11 टीमें तलाशी अभियान में लगी हैं. आतंकवादियों को ढेर करने के लिए अलग-अलग मोर्चों पर संयुक्त रूप से काम किया जा रहा है. कॉम्बिंग ऑपरेशन में पुलिस, सेना, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को शामिल किया गया है. कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे डीआइजी ने कहा,  हमारी कार्रवाई लगातार जारी है. हम अलग-अलग इनपुट के आधार पर काम कर रहे हैं. दो अलग-अलग मोर्चों पर काम करने के लिए कई टीमें बनाई गई हैं. जबकि जांच भी साथ में तेजी से चल रही है. पूछताछ के लिए कई लोगों को हिरासत में लिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, इस मामले पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी लेकिन हमें कुछ सुराग मिले हैं और हम आतंकवादियों का पता लगाने के लिए सुराग जुटा रहे हैं. घने जंगल बने ऑपरेशन में परेशानी उन्होंने कहा, चूंकि इस क्षेत्र में घने जंगल हैं. जल स्रोतों की कमी है. जंगल में आग का भी खतरा है. खड़ी ढलानों और प्राकृतिक छिपने की जगह हैं. सर्चिंग ऑपरेशन में सुरक्षा बलों के लिए यह बड़ी चुनौती है. सर्चिंग टीमें सावधानी से आगे बढ़ रही हैं. … Read more

PM जॉर्जिया मेलोनी की पार्टी की यूरोपीय यूनियन के संसदीय चुनाव में बंपर जीत

रोम 27 देशों के यूरोपियन यूनियन (EU) के चुनाव में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. इस बार के चुनाव में कई देशों की दक्षिणपंथी पार्टियों ने जीत हासिल की है. इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (Giorgia Meloni) की धुर दक्षिणपंथी पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली ईयू चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. चुनावी नतीजों के बाद मेलोनी अपने देश के साथ-साथ यूरोप की मजबूत नेता के रूप में भी उभरकर सामने आई हैं. उन्होंने जीत के बाद कहा कि ये नतीजे शानदार रहे हैं, जो राजनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है. ईयू चुनाव के नतीजों के मुताबिक, 27 सदस्यों के ईयू चुनाव में इस बार दक्षिणपंथी पार्टियों का बोलबाला रहा है. इस चुनाव में 720 सदस्यों को चुनने के लिए हुई वोटिंग में 99 फीसदी मतों की गिनती के बाद मेलोनी की पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली ने 28.81 फीसदी वोट हासिल किए हैं. मेलोनी ने ईयू संसदीय चुनाव को अपने नेतृत्व के जनमत संग्रह के तौर पर पेश किया. उन्होंने मतदाताओं से वोट करते समय बैलेट पेपर पर जॉर्जिया लिखने का भी आह्वान किया था. नतीजों पर मेलोनी ने कहा कि उन्हें इन नतीजों पर फक्र है. उन्होंने कहा कि मुझे फक्र है कि इटली यूरोप में सबसे मजबूत सरकार के तौर पर खुद को पेश करने जा रहा है. इन नतीजों से क्या बदलेगा? ईयू चुनाव में मेलोनी की पार्टी को मिली बड़ी जीत से ब्रसेल्स (ईयू हेडक्वार्टर) में उनका प्रभाव बढ़ेगा. ईयू की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के अगले कार्यकाल पर फैसले में भी मेलोनी की बड़ी भूमिका होगी. इसके साथ ही ईयू से जुड़े सभी छोटे-बड़े फैसलों में भी मेलोनी का दखल देखने को मिलेगा. बता दें कि ईयू चुनाव छह से नौ जून के बीच हुआ था. इस चुनाव में लगभग 40 करोड़ लोगों ने हिस्सा लिया था. चुनाव की शुरुआत छह जून को नीदरलैंड्स में मतदान के साथ हुई थी. इस दौरान फ्रांस, इटली, जर्मनी, ऑस्ट्रिया, इस्टोनिया, लिथुआनिया और स्वीडन जैसे तमाम यूरोपीयन देशों में जमकर वोटिंग हुई. ईयू चुनाव में करारी हार के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने संसद भंग कर मध्यावधि चुनाव का ऐलान कर दिया था. वहीं, बेल्जियम की सत्तारूढ़ पार्टी की ईयू चुनाव में हार के बाद प्रधानमंत्री एलेक्जेंडर डीक्रू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. क्या है ईयू संसद? यूरोपीय संसद दरअसल यूरोपीय लोगों और यूरोपीय संघ की संस्थाओं के बीच संपर्क स्‍थापित करने की सीधी कड़ी है. यह दुनिया की अकेली सीधी चुनी हुई इंटरनेशनल सभा है. इसमें संसद के सदस्य यूरोपीय संघ के नागरिकों के हितों की बात करते हैं. मेंबर ऑफ यूरोपियन यूनियन (एमईपी) सदस्य देशों की सरकारों के साथ मिलकर नए-नए कानून बनाते हैं. वे ग्लोबल मुद्दों पर फैसला लेते हैं, जैसे क्लाइमेट चेंज और रिफ्यूजी पॉलिसी. वे ईयू का बजट तय करते हैं.  

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