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लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते हुए जीएसटी निरीक्षक को दबोचा

रीवा। वेरिफिकेशन के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहे जीएसटी निरीक्षक एस के गुप्ता को लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। उक्त कार्रवाई सतना मुख्यालय में की गई है कार्रवाई पूरी हो जाने के बाद जीएसटी निरीक्षक को जमानत पर छोड़ दिया गया है। लोकायुक्त एसपी गोपाल सिंह धाकड़ ने बताया कि किसी उपकरण के डीलर खेमचंद शर्मा ने कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में डीलर खेमचंद शर्मा ने बताया था कि वेरिफिकेशन के नाम पर जीएसटी निरीक्षक एस के गुप्ता उनसे रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत की जांच कराई गई तो शिकायत प्रमाणित पाई गई जिसके बाद बुधवार को कार्यालय में पदस्थ डीएसपी परमेंद्र सिंह के नेतृत्व में 16 सदस्य टीम को कार्रवाई करने के लिए सतना भेजा गया। जहां देर दोपहर 2000 रुपये की रिश्वत लेते हुए जीएसटी निरीक्षक को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया था। कार्रवाई पूरी हो जाने पर उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त निरीक्षक के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत कर मामले को विवेचना में लिया गया है।

चुरहट न्यायालय में वन-राजस्व सीमा विवाद लंबित रहते डीएफओ की बेदखली की कार्रवाई पड़ सकती है महंगी

भोपाल। न्यायालय में लंबित किसी भी मामले पर विधानसभा में भी बहस नहीं होती है लेकिन यदि कोई सरकारी अधिकारी न्यायालय में लंबित मामले में न्यायपालिका को नजरअंदाज कर अपनी मनमानी करे तो इसे क्या कहा जाए। ऐसे ही एक मामले का खुलासा हुआ है मध्य प्रदेश के सीधी जिले में जहां वन विभाग के एक अफसर ने तो शायद खुद को भारतीय न्याय व्यवस्था और न्यायधीशों से भी ऊपर समझ लिया है। इसीलिए इस अफसर ने न्यायालय में लंबित उस मामले में बेदखली का फरमान जारी कर दिया जिसमे अभी न्यायालय में न तो सुनबाई पूरी हुई है और ना ही कोई फैसला सुनाया गया है। इतना ही नहीं जब इन वरिष्ठ अधिकारी महोदय के बेदखली फरमान पर एसडीओ ने न्यायालय में प्रकरण लंबित रहने का हवाला देकर कार्यवाही से इनकार किया तो इस बात से खफा अधिकारी महोदय ने अपनी पावर का इस्तेमाल कर उसे निलंबित कर दिया गया। अब देखना यह है कि वन विभाग के आला अफसरान इस मामले में कितना न्याय करते हैं। क्या न्यायालय में लंबित मामले में जबरन बेदखली का आदेश देने वाले अधिकारी के खिलाफ कोई सख्त एक्सन होगा ? क्या बिना गलती के निलंबित एसडीओ को बहाल किया जाएगा ? क्या इस मामले में कोर्ट द्वारा संज्ञान लेते हुए उक्त अधिकारी के विरुद्ध कोई कठोर कार्यवाही की जाएगी। दरअसल यह मामला सीधी वनमंडल का है। सीधी वन मंडल के अंतर्गत वन-राजस्व सीमा विवाद में चुरहट न्यायालय में चुरहट रेंज के झूमर वन खंड के कक्ष क्रमांक- पी-992 के अंतर्गत फॉरेस्ट के मुनारों से बाहर बने मकान को लेकर कृष्णमणि तिवारी विरुद्ध वन विभाग का मामला लंबित है। बावजूद इसके, सीधी डीएफओ क्षितिज कुमार ने 80 (A) के अंतर्गत बेदखली की कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए है। वह भी तब, जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सार्वजनिक तौर पर कहते आ रहे हैं कि शासकीय भूमि पर बने मकान में रह रहे लोगों की बेदखली की कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस बेदखली आदेश पर सहायक वन संरक्षक उपवन मंडल अधिकारी सीधी विद्या भूषण मिश्रा ने यह कहते हुए कार्यवाही करने से इनकार कर दिया कि यह मामला चुरहट नन्यायालय में लंबित है। आदेश की नाफरमानी से गुस्साए वन मंडल अधिकारी सीधी क्षितिज कुमार एवं वन संरक्षक राजेश राय द्वारा कूट रचित तथ्यों के आधार पर शासन में बैठे वरिष्ठ अधिकारी बिना परीक्षण के संगठित प्रशासनिक कार्यवाही करते हुए सहायक वन संरक्षक उपवन मंडल अधिकारी सीधी विद्या भूषण मिश्रा को निलंबित कर दिया। उल्लेखनीय है कि जिस प्रकरण पर श्री मिश्र को निलंबित किया गया वह आज भी अधीनस्थ न्यायालय चुरहट में विचाराधीन है, साथ ही वन अपराध वन पर प्रस्तुत किया गया चालान आज भी न्यायालय में विचाराधीन है। 80 ए के विरुद्ध पारित आदेश की अपील कार्यवाही मध्य प्रदेश शासन अपर सचिव अपर सचिव के यहां विचाराधीन है। इसके साथ ही यह कार्यवाही मुख्य संरक्षक रीवा के यहां विचाराधीन है सिविल सूट चुरहट में विचाराधीन है. न्यायालय के फैसले का भी इंतजार नहीं क्षितिज कुमार द्वारा गलत वन अपराध पंजीबद्ध कर गलत 80 ए की कार्यवाही की गई जिसे शासन की गाइडलाइन बताया गया, जो नियम के विरुद्ध है। क्षितिज कुमार द्वारा विधी विरुद्ध वन भूमि के बाहर वन अपराध पंजीबद्ध कराया गया। जिसे वह वन भूमि कह रहे हैं वह स्थल मुनारी के बाहर है एवं वह खसरा 3/2 जो संरक्षित वन खंड झूमर के ब्लॉक मैप में उल्लिखित नहीं है। इसके साथ ही वह खसरा 1972 से दी नोटिफाई किया गया है एवं राजस्व विभाग को हस्तांतरित किया गया है। यहां गौरतलब यह भी है कि इसी प्रकरण में अतिक्रमक को 1992 में दोष मुक्त किया गया था। क्षितिज कुमार द्वारा अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए न तो न्यायालय का सम्मान किया गया और न ही शासन के राज्य पत्र का सम्मान किया गया। वन भूमि पर जो गैर जिम्मेदाराना कार्यवाही क्षितिज कुमार द्वारा की गई थी उसे अब वह उप वनमंडल अधिकारी सीधी विद्या भूषण मिश्रा पर डाल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि विद्या भूषण मिश्रा ने 11 अक्टूबर 2022 को सीधी में ज्वाइन किया था, जबकि पूरा प्रकरण उनके ज्वाइन करने के लगभग 3 वर्ष पहले का है। जीपीएस रीडिंग और पंचनामे के तहत वन भूमि के बाहर है मकान जिला न्यायालय के निर्देश के बाद सीसीएफ रीवा ने एसडीओ विद्याभूषण मिश्रा को मौका-मुआयना करने का फरमान जारी किया। 5 रेंजर और सरपंचों के साथ एसडीओ मिश्रा ने जीपीएस से रीडिंग कर पंचनामा तैयार किया जिसमें यह पाया कि कृष्णमणि तिवारी का मकान वन भूमि की मुनारो से 30-40 फीट दूरी पर बना है। झूमर गांव चुरहट के कृष्ण मणि तिवारी का कहना है कि चुरहट न्यायालय में मामला लंबित है। इसके बाद भी भोपाल से सीनियर वन अधिकारी को भेज कर जांच कर लिया जाए कि मेरा मकान फॉरेस्ट भूमि पर है अथवा उसके बाहर बना है? अपने आप स्थिति क्लियर हो जाएगी। डीएफओ ने जानबूझकर मेरे खिलाफ राग द्वेष की भावना से प्रकरण दर्ज किया है।

भाजपा की तृतीय सूची घोषित छिंदवाड़ा की अमरवाड़ा विस से प्रत्याशी मिला

भोपाल, भाजपा मध्यप्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की तृतीय सूची भी घोषित कर दी है इस सूची में सिंगल नाम है।हाल ही में भाजपा में सम्मिलित हुई मोनिका बट्टी को छिंदवाड़ा की अमरवाड़ा विस से प्रत्याशी बनाया गया है मोनिका गोंडवाना के पूर्व विधायक मनमोहन शाह बट्टी की बेटी है।

भाजपा प्रत्याशी ने विधानसभा का नहीं बल्कि अपना विकास किया है – आलोक चतुर्वेदी

छतरपुर, भाजपा प्रत्याशी ने विधानसभा का नहीं बल्कि अपना विकास किया है – आलोक चतुर्वेदी कांग्रेस की जन आक्रोश यात्रा के दौरान विधायक आलोक चतुर्वेदी ने कहा भाजपा प्रत्याशी ने विधानसभा का नहीं बल्कि अपना विकास किया है, पहले क्या थी और अब क्या है यह किसी से छिपा नहीं है, भाजपा प्रत्याशी के लिए बोले छतरपुर विधायक आलोक चतुर्वेदी

केंद्रीय मंत्री डॉ.वीरेंद्र कुमार ने किया शिल्प समागम मेले का उद्धघाटन।

ग्वालियर। केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने शनिवार को ग्वालियर में आयोजित शिल्प समागम मेले का उद्धघाटन किया। उन्होंने कहा कि शिल्पियों के जीवन को और बेहतर बनाने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शिल्प मेलों का आयोजन किया जा रहा है। इन मेलों के माध्यम से देश भर के शिल्पियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का प्रदर्शन व विक्रय की सुविधा उन्हें दिलाई जा रही है। शिल्प मेले के उद्धघाटन अवसर पर क्षेत्रीय सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, बीज विकास निगम के अध्यक्ष मुन्नालाल गोयल, कमल माखीजानी एवं कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह सहित विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिककगण उपस्थित थे। केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने विधिवत दीप प्रज्वलित कर मेले का शुभारंभ किया। केन्द्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय वर्ष 2001 से अपने शीर्ष नियमों के माध्यम से ऋण सहायता प्राप्त अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और सफाई कर्मियों के लाभार्थियों के लिये प्रदर्शनी का आयोजन करके विपणन मंच प्रदान कर रहा है। क्षेत्रीय सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने कहा कि भारत सरकार की ओर से ग्वालियर में शिल्प समागम मेले का आयोजन किया गया है। मेले में देश भर के शिल्पियों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय करने का कार्य किया जा रहा है। ग्वालियर वासियों को भी इस मेले का अधिक से अधिक लाभ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिल्पियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में इस प्रकार के मेले कारगर साबित हो रहे हैं। इस मौके पर बीज विकास निगम के अध्यक्ष मुन्नालाल गोयल और कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने भी अपने विचार रखे। मेले के प्रमुख उत्पादों में असम के बेंत और बांस, हस्तशिल्प और हथकरघा के उत्पाद,बिहार के हथकरघा कार्य, मधुबनी पेंटिंग्स, दिल्ली के कपड़े, गुजरात के ड्रेस मैटेरियल (गुजराती कशीदाकारी) कच्छ शिल्प मनका से बने उत्पाद, हरियाणा के ड्रेस मैटेरियल, सिले-सिलाए कपड़े, हिमाचल प्रदेश के शॉल, स्टोल जैकेट, ऑर्गेनिक हनी, अचार, चाय, जम्मू कश्मीर के आरी वर्क, सोजनी वर्क, कश्मीरी शॉल, कर्नाटक के लकड़ी के खिलौने, अगरबत्ती ,केरल के स्क्रूपिन, जल जलकुंभी उत्पाद, मध्यप्रदेश के पीतल के उत्पाद, माहेश्वरी चंदेरी, बाग प्रिंट, सूट, ड्रेस मैटेरियल, साड़ी और अचार, महाराष्ट्र चमड़े के उत्पाद, हस्तशिल्प की वस्तुएं, ड्रेस मैटेरियल, पंजाब के फुलकारी वर्क, पंजाबी जूती, ड्रेस मटेरियल, पुडुचेरी के चमड़े के उत्पाद, लकड़ी के खिलौने, सिले-सिलाए कपड़े, राजस्थान केराजस्थानी जूती, चादरें, अल्लीक वर्क, अचार, खाखरा, तमिलनाडु के वस्त्र, लकड़ी के खिलौने, त्रिपुरा जूट, बेंत एवं बांस से बने उद, झाड़ू, उत्तराखण्ड के खेस, लोई, दारी, शॉल, ड्रेसमैटेरियल, जैकेट, कुर्ता और शर्ट, उत्तर प्रदेश के लकड़ी पर नक्काशी, कपड़े का काम, सॉफ्ट टॉय, चिकन वर्क, बनारसी साड़ी, पश्चिम बंगाल के कांथा स्टिच और कट वर्क ड्रेस मटेरियल साड़ी आदि। साथ ही मेले में देश भर के स्वादिष्ट व्यंजन का स्वाद लिया जा सकता है और प्रतिदिन शाम रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

राज्य में पांच महीने से लगा इंटरनेट पर प्रतिबंध आज हटा दिया जाएगा

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने शनिवार (23 सितंबर) घोषणा की कि राज्य में पांच महीने से लगा इंटरनेट पर प्रतिबंध आज हटा दिया जाएगा. यह प्रतिबंध राज्य में तीन मई को हुई हिंसक जातीय झड़प के बाद लगाया गया था.

अब नया अभ्यारण्य वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व सागर होगा, 1.41 लाख हेक्टेयर में होगी बाघों की टेरेटरी

भोपाल – टाइगर स्टेट का खिताब लगातार दूसरी बार कायम रखने वाले मध्यप्रदेश के लोगों को अब एक और टाइगर रिजर्व की सौगात मिल गई है। यह नया टाइगर अभ्यारण्य वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व सागर के नाम से जाना जाएगा। यह टाइगर रिजर्व सागर जिले के नौरादेही और रानी दुर्गावती अभ्यारण्य को मिलाकर बना है। जिसमें नौरादेही वन्यजीव व दमोह वन मंडल मुख्य रूप से शामिल है। इस टाइगर रिजर्व के बाद मध्यप्रदेश में अब कुल सात टाइगर रिजर्व हो गए हैं। वन महकमे द्वारा इसको लेकर नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है जो प्रभावशील हो गया है। इस प्रस्ताव को राज्य सरकार के केंद्र के पास भेजा था। केंद्र की ओर से सहमति जारी की गई है। इस रिजर्व में सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिले के राजस्व और वन ग्राम शामिल किए गए हैं। टाइगर रिजर्व में दो कोर एरिया तय किए गए हैं। पहले कोर एरिया में 1390.031 वर्गकिमी और दूसरे कोर एरिया में 23.97 वर्ग किमी क्षेत्र शामिल किया गया है। इस तरह रिजर्व में कुल रकबा 141400.860 हेक्टेयर शामिल किया गया है। राजस्व से ज्यादा निजी भूमि अधिग्रहण में फंसेगा पेंच टाइगर रिजर्व में पहले से जिन ग्रामों को विस्थापित कैटेगरी में शामिल किया गया है उसमें उन राजस्व और वन ग्रामों की राजस्व और निजी भूमि शामिल है। निजी भूमि के लिए सरकार को ज्यादा मशक्कत करनी पड़ेगी। इनमें बरपानी गांव की 90.600 हेक्टेयर, तरा की 256.550, भडरा की 250.680, करनपुर की 72.680, मढ़िया की 91.800, बंधा की 95.060, बिजनी वन ग्राम की 50.02, कुसुमी लगरा की 426.880, तिंदनी की 86.90, खापा की 90.61, महका की 88.32 हेक्टेयर जमीन शामिल है। इसके अलावा सिंगपुुरी जामुन झिरी की 142.00, जामुन हटरी की 94.63, महगवां की 158.25, आमापानी की 102.513 हेक्टेयर भूमि से विस्थापन हो चुका है। कुल 2130.593 हेक्टेयर राजस्व और वन ग्राम की भूमि विस्थापन प्रक्रिया पूरी करना बताई गई है। 16722 हेक्टेयर भूमि का होगा विस्थापन सरकार द्वारा किए गए नोटिफिकेशन से पता चलता है कि अभी 52 ग्रामों की 16722.679 हेक्टेयर जमीन से विस्थापन का काम किया जाना बाकी है। इस टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में 81 ग्राम आएंगे। रिजर्व एरिया घोषित होने के बाद इस क्षेत्र में वन्य जीवों के संरक्षण, वृद्धि और विकास के प्रयोजन को पूरा करने में मदद मिल सकेगी। यहां की पारिस्थितिकी भी टाइगर रिजर्व घोषित होने में सहायक बनी है।पहले 6 टाइगर रिजर्व, अब हुए 7- इस प्रदेश में पहले से छह टाइगर रिजर्व हैं और नए टाइगर रिजर्व के बनने के बाद इसकी संख्या सात हो गई है। प्रदेश में पहले से कान्हा नेशनल पार्क मंडला, बांधवगढ़ नेशनल पार्क उमरिया, पन्ना टाइगर रिजर्व,, पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व नर्मदापुरम और संजय गांधी डुबरी नेशनल पार्क शामिल हैं। इन टाइगर रिजर्व के कारण प्रदेश में सैलानियों की संख्या में भी पिछले सालों में तेजी से इजाफा हुआ है।

पेड न्यूज को लेकर प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशलमीडिया में निगरानी रखी जाएगी कलेक्टर डॉ. सलोनी सिडाना ने बुधवार को योजना भवन में एमसीएमसी की समीक्षा बैठक ली

नैनपुर/मंडला – कलेक्टर डॉ. सलोनी सिडाना ने कहा कि आगामी विधानसभा निर्वाचन 2023 के लिए निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार एमसीएमसी का गठन कर लिया गया है। निर्वाचन में पेड न्यूज को लेकर एमसीएमसी के द्वारा प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशलमीडिया में कड़ी निगरानी रखी जाएगी। पेड न्यूज प्राप्त होने पर व्यय राशि अभ्यर्थी के चुनावी खर्चे में जोड़ा जाएगा। भ्रामक एवं असत्य खबरों का खंडन किया जाएगा। अभ्यर्थियों को विज्ञापन प्रसारित करने के पूर्व अनुमति लेनी होगी, जिससे व्यय राशि को उनके चुनावी खर्चों में जोड़ा जा सके। उन्होंवने बताया कि चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट और फेसबुक की जानकारी भी देनी होगी, जिससे उनके सोशल मीडिया अकाउंट और फेसबुक पर भी निगरानी रखी जा सके। कलेक्टर डॉ. सलोनी सिडाना बुधवार को कलेक्ट्रेट के योजना भवन सभाकक्ष में एमसीएमसी की बैठक में उक्त निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम मंडला ऋषभ जैन, एसडीएम घुघरी सोनल सेडाम, संयुक्त कलेक्टर अरविंद कुमार सिंह, मास्टर ट्रेनर डीपी मिश्रा और श्रीकांत श्रीवास्तव सहित समिति सदस्य मौजूद थे। डॉ. सलोनी सिडाना ने कहा कि कोई भी ऑपरेटर या न्यूज चैनल किसी ऐसे विज्ञापन का प्रसारण नहीं करेगा जो विधि के अनुरूप न हो एवं जो नैतिकता भावना, मर्यादा या विचारों को ठेस पहुंचाता हो। उन्होंने बताया कि सभी राजनैतिक विज्ञापन जो कि टीव्ही चैनल एवं केबल नेटवर्क पर प्रसारित किया जाना प्रस्तावित है, उसे प्रसारण के पूर्व प्रमाणित किया जाना चाहिए। गठित एमसीएमसी चुनाव के दौरान विज्ञापनों, पेड न्यूज, वॉईस एसएमएस, बल्क एसएमएस, सोशल मीडिया, ई-न्यूज पेपर, ऑडियो और वीडियो सहित समस्त प्लेटफॉर्मों पर निगरानी रखेगी। जिससे इन माध्यमों से किए जा रहे प्रचार-प्रसार की व्यय राशि को अभ्यर्थी के खातों में जोड़ा जा सके। कलेक्टर डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि जिला स्तरीय एमसीएमसी के द्वारा प्रतिदिन प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की जांच की जाएगी। एमसीएमसी द्वारा पेड न्यूज के मामलों में रिटर्निंग ऑफीसर द्वारा अभ्यर्थी को नोटिस जारी किया जाएगा। अभ्यर्थी द्वारा संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर उक्त राशि अभ्यर्थी के चुनावी खर्चे में जोड़ दी जाएगी। एमसीएमसी के उक्त निर्णय के विरूद्ध अभ्यर्थी राज्य स्तरीय एमसीएमसी में अपील कर सकता है। डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि व्हाट्सऐप ग्रुप में होने वाले चुनावी प्रचार-प्रसार को भी अभ्यर्थी के खर्चों में जोड़ा जाएगा। अभ्यर्थी द्वारा जब यह बताया जाता है कि उनके द्वारा व्हाट्सऐप में इस प्रकार से प्रचार नहीं किया गया है तो मैसेज प्रसारित करने वाले व्यक्ति और व्हाट्सऐप ग्रुप एडमिन के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान अफवाहों और फेक न्यूज की जांच कर उनका भी खंडन किया जाएगा। सोशल मीडिया पर चलने वाले पेड न्यूज के मामलों में चुनावी खर्च, वेतन, इंटरनेट चार्ज, पेपर वर्क और अन्य व्यय का आंकलन कर जोड़ा जाएगा।

तीन महिलाओं का व्यापारियों में खौफ

छतरपुर। कलेक्टर संदीप जी आर के निर्देश पर तहसीलदार सुश्री रंजना यादव, नायब तहसीलदार संध्या अग्रवाल एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी वंदना जैन के द्वारा पूरे बाजार में इस समय मिलावट खाद्य सामग्री की चैकिंग के नाम पर अवैध वसूली किए जाने के गंभीर आरोप व्यापारियों द्वारा लगाए जा रहे हैं। अभी हाल ही में शहर के चौक बाजार स्थित कुमार एजेंसी का निरीक्षण कर पान मसालों की जांच का नमूना लेकर संयुक्त जांच दल द्वारा व्यापारी को जबरन धमकाया जा रहा है। मजेदार बात ये है कि पान मसाला पूरा यूपी के उप्र कानपुर से लाया जाता है और उप्र सरकार के द्वारा इसकी जांच पूर्व में ही की जा चुकी होती है। आज राजश्री पान मसाला के डीलर के यहां भी अचानक छापामार कार्यवाही की गई। तीन महिलाओं के द्वारा पूरे शहर में दुकानदारों के यहां छापामार कार्यवाही कर दहशत का माहौल बना दिया है। फिलहाल व्यापारियों में इनके द्वारा की जा रही छापामार कार्यवाही से आक्रोश पनप रहा है। संभवत: एक दो दिन में इन तीनों महिला अधिकारियों के खिलाफ व्यापारी लामबंद होकर आंदोलन कर सकते हैं।

निरंतर कार्यवाही के बाद भी अवैध शराब पर नहीं लग पा रही है लगाम बड़वारा क्षेत्र में हुई मटका फोड़ कार्यवाही

जिले में अवैध मदिरा का व्यापार धड़ले से फल फूल रहा है जिससे युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है कई जगह तो सरेआम चौराहा चौराहा पर स्वरा प्रेमियों को शराब पीते देखा जा सकता है निरंतर कार्यवाही के बाद भी नहीं लग पा रही है लगाम हालांकि विभाग के द्वारा अवैध मदिरा के संग्रहण, परिवहन, विक्रय एवं निर्माण की रोकथाम के लिये आबकारी विभाग द्वारा विशेष अभियान संचालित है। जिला आबकारी अधिकारी श्री बघेल ने बताया कि इसी अभियान के तहत गत दिवस आबकारी वृत्त बड़वारा क्षेत्र में विभागीय अमले द्वारा दबिश की कार्रवाई की गई। आगामी विधानसभा निर्वाचन के मद्देनजर गत दिवस आबकारी दल द्वारा बड़वारा क्षेत्र के ग्राम भदौरा, अमाडी, बसाडी, सुड्डी, निगहरा, बगेहा, नदावन, एवं पिपरिया कला में दबिश देते हुये 2175 किलोग्राम महुआ लाहन जप्त किया गया है। इसके साथ ही 36 लीटर अवैध हाथभट्टी मदिरा भी जप्त की गई है। कार्रवाई में संबंधित आरोपियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)क एवं च के तहत 9 न्यायालयीन प्रकरण विभागीय अधिकारियों द्वारा दर्ज किये गये हैं। इस कार्रवाई में जप्तशुदा लाहन का सैम्पल लेकर नष्ट किया गया है। कार्रवाई में जप्त की गई मदिरा एवं महुआ लाहन की अनुमानित कीमत 2 लाख 23 हजार रुपये है।

चुनाव हुआ नहीं अभी लेकिन सुभाष चौक में भाजपा विधायक का लग गया बोर्ड बना चर्चा का विषय, सत्ता के मद में इतने चूर कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को भी ठेंगे पर रख दे रहे चुनौती।

शब्द पावर। जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे नए-नए कारनामे देखने को मिल रहे हैं और आरोप प्रत्यारोप का दौर तो जारी है ही लेकिन पोस्टर लगाकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी कीरकिरी कर ली है अभी चुनाव हुआ नहीं, जनता ने किसी को चुना नहीं और भाजपा ने अपने बड़वारा के प्रत्याशी को विधायक होने का तमगा दे दिया। जनता के आशीर्वाद से ऊपर उठ कर भाजपा ने अपनी मनमानी पूर्ण कार्यशैली का परिचय देते हुए शहर के बीचोबीच सुभाष चौक सहित अन्य जगहों पर भाजपा के बड़वारा प्रत्याशी धीरेंद्र सिंह को बड़वारा का विधायक बना दिया। भारतीय जनता पार्टी के द्वारा शहर में लगाए गए भाजपा के बड़वारा प्रत्याशी को विधायक संबोधित करने वाले पोस्ट को लेकर कांग्रेस जनों में खासा आक्रोश व्याप्त है। कांग्रेस के नवनियुक्त कार्यवाहक अध्यक्ष रौनक खंडेलवाल सहित अन्य कांग्रेस जनों ने इन पोस्टों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है। कार्यवाहक अध्यक्ष रौनक खंडेलवाल सहित अन्य कांग्रेस जनों ने कहा कि क्या भाजपा के लोग यह मानते हैं कि बड़वारा में दो विधायक हैं। उन्होंने कहा कि क्या भाजपा की टिकट मिलने मात्र से ही व्यक्ति को विधायक मान लिया जाता है। क्या क्षेत्रीय जनता की भावनाओं से ऊपर उठकर बीजेपी वोट रूपी जनादेश की भी आवश्यकता नहीं समझती। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बड़वारा के विधायक कांग्रेस के बसंत सिंह हैं। लेकिन भाजपा ने मनमानी पूर्वक आगामी विधानसभा चुनाव के लिए घोषित किए गए भाजपा के बड़वारा प्रत्याशी धीरेंद्र सिंह को अभी से विधायक का तमगा थमा दिया है। भाजपा द्वारा किया गया यह कृत्य विधानसभा क्षेत्र के लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। ऐसा करके भाजपा ने न केवल बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के जनादेश को ठेस पहुंचाई है बल्कि अपनी मनमानी कार्यशैली का भी परिचय दिया है। भाजपा का यही चरित्र इस बार उन्हें सत्ता से बाहर कर देगा। कार्यवाहक अध्यक्ष श्री खंडेलवाल ने कहा कि सत्ता के नशे में चूर होकर भारतीय जनता पार्टी के लोग जन भावनाओं को भी ठोकर मारते फिर रहे हैं। कहते हैं राजनीति में सब संभव है लेकिन इस तरह सरेआम बीच बाजार में जो पोस्टर लगाया गया है वह चर्चा का विषय बना हुआ है अब देखना यह होगा कि इस पोस्टर का आम जनता पर क्या असर पड़ता है यह तो समय ही बताएगा जनता जनार्दन जवाब देगी

“मैं अमित शाह के बयान की कड़ी निंदा करता हूं जिसमें उन्होंने कहा कि हिंदी भारत को एकजुट करने वाली शक्ति है और यह अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को सशक्त बना रही है”

“मैं अमित शाह के बयान की कड़ी निंदा करता हूं जिसमें उन्होंने कहा कि हिंदी भारत को एकजुट करने वाली शक्ति है और यह अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को सशक्त बना रही है” डीएमके नेता – स्टालिन ने कहा

राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने चंद्रभूषण प्रसाद अतिरिक्त कलेक्टर मुरैना, पर जानकारी प्रदान न करने के लिए ₹ 25,000 का दंड लगाया

राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने चंद्रभूषण प्रसाद पूर्व SDM ग्वालियर, वर्तमान में अतिरिक्त कलेक्टर मुरैना,पर जानकारी प्रदान न करने के लिए ₹ 25,000 का दंड लगाया है। एवं ग्वालियर डिवीजन के सार्वजनिक सूचना अधिकारीयों की आरटीआई एक्ट को समझने की कमजोरी के दृष्टिकोण को देखते हुए सिंह ने ग्वालियर डिवीजन के आयुक्त को सूचित किया है कि आयुक्त अधिकारियों को आरटीआई एक्ट पर प्रशिक्षण प्रदान करें।

घोषणा तो हो गई लेकिन हितग्राहियों की शिकायत है कि सावन बीत जाने के बावजूद उन्हें नहीं मिला 450 में गैस सिलिंडर

मध्यप्रदेश में चुनाव में घोषणाओं के ऐलान पर ऐलान हो रहे है शिवराज सरकार ने पहले तो सावन में 450 रुपये में गैस सिलेंडर देने की बात कही, लेकिन अब नया घोषणा सामने आयी. जिसके तहत अब पूरे साल में लाडली बहनों को 450 रुपये में गैस सिलेंडर मिलेगा. गैस कंपनियों को सब्सिडी के पैसे सरकार की ओर दिया जाएगा. घोषणा तो हो गई लेकिन हितग्राहियों की शिकायत है कि सावन बीत जाने के बावजूद उन्हें इसका लाभ नहीं मिला. दूसरी तरफ गैस एजेंसी के कर्मचारी भी असमंजस में हैं. एक हकीकत ये भी है कि राज्य में कई बहनें तो ऐसी हैं जिन्हें अभी तक उज्जवला का लाभ ही नहीं मिला.

अडानी ग्रुप से जुड़े लोगों ने जिन 8 फंड्स के जरिए ग्रुप के शेयरों को खरीदा था, उनमें से 6 फंड्स बंद हो चुके हैं.

अडानी ग्रुप से जुड़े लोगों ने जिन 8 फंड्स के जरिए ग्रुप के शेयरों को खरीदा था, उनमें से 6 फंड्स बंद हो चुके हैं. अडानी समूह को लेकर अब एक और नई जानकारी सामने आई है. कथित तौर पर अडानी ग्रुप से जुड़े लोगों ने जिन 8 फंड्स के जरिए ग्रुप के शेयरों को खरीदा था, उनमें से 6 फंड्स बंद हो चुके हैं. बिजनेस पेपर मिंट की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है सोर्स – लल्लनटॉप

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