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अमित शाह का आज ऐलान: OTP, लिंक और कॉल धोखाधड़ी पर लगेगा ब्रेक, जानिए क्या होगा नया

नई दिल्ली  साइबर स्कैम और ठगी के ईकोसिस्टम को खत्म करने को लेकर एक राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत होने जा रही है. आज यानी 10 फरवरी 2026 को केंद्रीय केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे.  दो दिवसीय चलने वाले इस नेशनल इवेंट का नाम साइबर-सक्षम धोखाधड़ी से निपटना और इसके इकोसिस्टम को ध्वस्त करना है. इस अवसर पर गृह मंत्री CBI अधिकारियों के समारोह की अध्यक्षता करेंगे. साथ ही गृह मंत्री नई साइबर क्राइम ब्रांच का उद्घाटन करेंगे. वे होम मिनिस्ट्री के अंतर्गत I4C के S4C डैशबोर्ड की भी शुरुआत करेंगे.  नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 2 दिन चलेगा कार्यक्रम यह दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस 10–11 फरवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में किया जाएगा. इस कॉन्फ्रेंस का आयोजन सेंट्रल ब्यूरो इनवेस्टीगेशन (CBI) कर रही है, जिसमें गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) का सहयोग भी है. S4C क्या है?  S4C को सिंपल शब्दों में समझें तो यह एक नेशनल डैशबोर्ड है, जिसका काम साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए तुरंत उसको डिटेक्ट और ट्रैस करना है.  S4C, असल में एक शॉर्ट नाम है, जिसका पूरा नाम सस्पेक्ट रजिस्ट्री एंड साइबर क्राइम कॉर्डिनेशनल सिस्टम है. यह एक नेशनल साइबर इंटेलीजेंस एंड मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म, जिसको इंडियन साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने डेवलप किया है. I4C एजेंसी गृह मंत्रालय के तहत काम करती है.   2022 में साइबर क्राइम इन्वेस्टीगेशन डिविजन सीबीआई साल 2000 से साइबर क्राइम्स की जांच कर रही है और 2022 में साइबर क्राइम इन्वेस्टीगेशन डिविजन की शुरुआत की थी. यह केंद्र सरकार और उसके ऑफिस को प्रभावित करने वाले साइबर अपराधों की जांच के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती है. ये डिविजन साइबर क्रिमिनल्स और साइबर-सक्षम धोखाधड़ी दोनों से निपटती है.  भारत में कई सर्विस डिजिटल काम कर रही हैं ध्यान देने वाली बात यह है कि ये नेशनल कॉन्फ्रेंस ऐसे समय आयोजित होने जा रही है, जब भारत डिजिटल चेजेंस तेजी से हो रहे हैं. बैंकिंग से लेकर कम्युनिकेशन तक तक में बड़े स्तर पर विस्तार हुआ है. वहीं, संगठिग साइबर अपराधी नेटवर्क इस सिस्टम में मौजूद खामियों का मिसयूज कर रहे हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस का मकसद क्या है?       भारत में साइबर-सक्षम धोखाधड़ी बदलते स्वरूप पर समझ विकसित करना.      साइबर ठगी के इकोसिस्टम के तीन महत्वपूर्ण स्तंभों का अध्ययन करना.      फाइनेंशियल पिलर्स (म्यूल खाते और धन शोधन).     टेलिकॉम पिलर (SIM/eSIM और डिजिटल का मिसयूज करना).     ह्यूमन पिलर (साइबर गुलामी और ठगी केंद्रों में तस्करी).      कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों, दूरसंचार प्रदाताओं, नियामकों और प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्मों के बीच सहयोग को मजबूत करना है.      साइबर स्कैम और धोखाधड़ी की तुरंत रिपोर्टिंग, रियल-टाइम फंड ट्रेसिंग, समय पर साक्ष्य संरक्षण और पीड़ितों की बेहतर सुरक्षा के लिए सिस्टम को मजबूत बनाना है.  आज से शुरू होने वाले नेशनल कॉन्फ्रेंस का अंतिम उद्देश्य आम लोगों की सुरक्षा, आपराधिक नेटवर्कों को रोकना और भारत के डिजिटल इकोसिस्टम में विश्वास को बढ़ाना है. 

सस्ते बिजली के सपने सच होंगे! अमित शाह देंगे मध्यप्रदेश को 550 करोड़ की मदद

भोपाल भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल (IISER) में जल्द ही ऐसा रिसर्च पार्क तैयार किया जाएगा जहां भविष्य की बिजली तैयार करने के फॉर्मूले खोजे जाएंगे। 550 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस सोलर रिसर्च पार्क एवं सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी सेंटर के लिए सरकार ने 52 एकड़ जमीन दी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह सिर्फ सोलर प्लांट नहीं, बल्कि क्लीन एनर्जी की नई तकनीकों की प्रयोगशाला होगा जहां सूरज, हवा, पानी और और हाइड्रोजन से सस्ती और ज्यादा बिजली बनाने पर काम होगा। यह रिसर्च सेंटर आइसर के केमिस्ट्री, फिजिक्स, अर्थ एंड एनवायरनमेंटल केमिस्ट्री, इलेक्ट्रिकल और केमिकल इंजीनियरिंग, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभागों द्वारा मिलकर स्थापित किया जा रहा है।   क्या होगा यहां खास यहां वैज्ञानिक सिर्फ सोलर पैनल नहीं लगाएंगे, बल्कि यह समझेंगे कि पैनल ज्यादा बिजली कैसे बनाएं, बादलों और रात में ऊर्जा कैसे स्टोर हो और बिजली बिना नुकसान घरों तक कैसे पहुंचे। सेंटर में एआइ आधारित ऊर्जा प्रबंधन, क्वांटम सेमीकंडक्टर, स्मार्ट ग्रिड और ग्रीन हाइड्रोजन जैसी भविष्य की तकनीकों पर भी काम होगा।   छात्रों के लिए नई राह आइसर और अन्य तकनीकी संस्थानों के छात्रों को यहां किताबों से हटकर जानकारी मिलेगी। वे लाइव प्रोजेक्ट्स, इंडस्ट्री एक्सपेरिमेंट और हाईटेक लैब में रिसर्च कर सकेंगे। इससे स्टार्टअप, पेटेंट और इंटरनेशनल कोलेबोरेशन बढ़ेंगे। ऊर्जा क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए यह बड़ा प्लेटफॉर्म साबित होगा। इसके साथ ही आइसर में एमटेक रिन्यूएबल एनर्जी कोर्स भी शुरू किया जाएगा।   सोलर रिसर्च पार्क का भूमिपूजन गृह मंत्री 13 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। कार्यक्रम में ऊर्जा कंपनियों के प्रतिनिधि, वैज्ञानिक और नीति निर्माता शामिल होंगे। भूमिपूजन के साथ ही परियोजना का निर्माण औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा। शहर को क्या मिलेगा     ग्रीन एनर्जी उपयोग बढ़ेगा     प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी     लोकल जॉब्स बढ़ेंगी     नई इंडस्ट्री निवेश आएगा     स्मार्ट बिजली सप्लाई मॉडल विकसित होंगे। इन 5 कामों पर फोकस     ज्यादा बिजली बनाने वाले सोलर सेल     सस्ता ग्रीन हाइड्रोजन     बिजली सप्लाई में कम नुकसान     कार्बन उत्सर्जन में कमी     विंड एनर्जी को सस्ता बनाना 52 करोड़ की भूमि होगी चिन्हित- आइसर निदेशक हमें ऊर्जा अनुसंधान के लिए 52 एकड़ भूमि मिली है, जहां रिन्यूएबल एनर्जी, सोलर पैनल्स और ग्रीन हाइड्रोजन पर शोध होगा। हमारा लक्ष्य है सौर पैनलों से अधिकतम ऊर्जा कैप्चर और हाइड्रोजन परिवहन को अधिक कुशल बनाना।- प्रो. गोवर्धन वास, निदेशक, आइसर

नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक रणनीति, अमित शाह की अगुवाई में एंटी-नक्सल ऑपरेशन को लेकर बड़ी बैठक

रायपुर देश से नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन को लेकर केंद्र और नक्सल प्रभावित राज्यों के बीच आज रायपुर में निर्णायक दौर की बैठकों का सिलसिला शुरू हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित इन बैठकों को मार्च 2026 की तय समय-सीमा से पहले की सबसे अहम रणनीतिक बैठक माना जा रहा है। पहली समीक्षा बैठक सुबह शुरू हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य के पुलिस महानिदेशक सहित देश के नक्सल प्रभावित राज्यों के डीजीपी, गृह सचिव और शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल हैं। बैठक में नक्सल प्रभावित इलाकों की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, इंटेलिजेंस नेटवर्क की मजबूती, सुरक्षाबलों के ऑपरेशन की गति और बचे हुए संवेदनशील क्षेत्रों में कार्रवाई को तेज करने पर विस्तृत चर्चा की जा रही है। तय समय-सीमा के भीतर नक्सलवाद के अंतिम गढ़ों को समाप्त करने के लिए ठोस एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। दिनभर चलेगा मंथन पहली बैठक दोपहर 12:45 बजे तक चलेगी। इसके बाद दोपहर 2 बजे तक दूसरी समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। दोपहर 2 से 3 बजे तक लंच ब्रेक रहेगा, जबकि शाम 3 बजे से 4:15 बजे तक एक बार फिर उच्चस्तरीय चर्चा होगी। इसके पश्चात शाम 5 बजे से 6:10 बजे तक “छत्तीसगढ़ @ 25 – शिफ्टिंग द लेंस” विषय पर राष्ट्रीय कॉन्क्लेव का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें राज्य के भविष्य और विकास के नए दृष्टिकोण पर विचार किया जाएगा। दो प्रमुख एजेंडों पर होगा फैसला उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि यह 31 मार्च 2026 की डेडलाइन से पहले की अंतिम बड़ी समीक्षा बैठक है। बैठक में दो मुख्य मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा हो रही है। पहला, देश को तय समय सीमा तक पूरी तरह सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्त करने की रणनीति। दूसरा, बस्तर सहित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय से रुके विकास कार्यों को गति देने का रोडमैप।

अमित शाह का दावा: विकसित भारत के लक्ष्य के करीब पहुंच रहा देश

जम्मू  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को जम्मू में विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान, केन्द्रीय गृह मंत्री ने सड़क बुनियादी ढांचे, जल विद्युत परियोजनाओं, बिजली, उद्योग, पर्यटन, 4जी और ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विकास की व्यापक समीक्षा की। बैठक में जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला, केन्द्रीय गृह सचिव और केन्द्र सरकार और जम्मू और कश्मीर सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार, एक विकसित और समृद्ध जम्मू और कश्मीर के विजन के प्रति कटिबद्ध है। मोदी सरकार द्वारा विकास में तेजी लाने के लिए किए जा रहे निरंतर और समर्पित प्रयासों से जम्मू और कश्मीर में विकास परियोजनाओं में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। जम्मू कश्मीर को जल विद्युत परियोजनाओं की पूरी क्षमता को विकसित करने की जरूरत है। सरकार की जनकल्याण योजनाओं का 100% सैचुरेशन प्राप्त करना और सभी विकास परियोजनाओं का लाभ लाभार्थियों को मिलना सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि युवाओं को विकास के साथ जोड़ने के लिए स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और स्पोर्ट्स अकादमियों की स्थापना पर ध्यान दिया जाए। इस विषय में विभिन्न स्पोर्ट्स बॉडीज से बात करके लगभग 200 करोड़ रुपए के निवेश की कोशिश की जाएगी। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से जम्मू और कश्मीर में डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के प्रयास होने चाहिए। एक महत्वपूर्ण कदम के तहत, जम्मू और कश्मीर को पहली बार वित्त वर्ष 2025-26 में स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट योजना के दायरे में लाया गया है, जिससे पूंजीगत परियोजनाओं के लिए 50 साल के ब्याज-मुक्त ऋण मिल सकेंगे। गृह मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मजबूत वित्तीय अनुशासन से समय के साथ केंद्रशासित प्रदेश के वित्तीय घाटे को स्थिर करने में मदद मिलेगी। अमित शाह ने कहा कि देश वर्ष 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है और भारत सरकार इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जम्मू और कश्मीर को पूरी सहायता देती रहेगी। गृह मंत्री अमित शाह का दौरा, भारत सरकार के जम्मू और कश्मीर के विकास, शांति और सुरक्षा को सर्वोच्च राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। –

शाह ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे अपने राज्यों में रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों की सूची तैयार करें और इसे केंद्र को सौंपें

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को देश भर के सभी मुख्यमंत्रियों से बातचीत की और अपने-अपने राज्यों में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की तत्काल पहचान करने का निर्देश दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर उठाया गया है। शाह ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे पाकिस्तानी नागरिकों की सूची केंद्र सरकार को भेजें ताकि उनके वीजा तुरंत रद्द किए जा सकें और उन्हें देश से बाहर निकाला जाए। पहलगाम हमले के बाद सख्त कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसारन में हुए आतंकी हमले में 25 भारतीय पर्यटकों और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई थी। यह हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद कश्मीर घाटी में सबसे घातक हमलों में से एक माना जा रहा है। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद को जिम्मेदार ठहराया है और इसके जवाब में कई कठोर कदम उठाए हैं। इनमें 1960 के सिंधु जल समझौते को निलंबित करना, अटारी-वाघा सीमा चौकी को बंद करना, पाकिस्तानी सैन्य सहायकों को नई दिल्ली से निष्कासित करना और सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना शामिल है। वीजा रद्द करने की प्रक्रिया गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, शाह ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे अपने राज्यों में रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों की सूची तैयार करें और इसे केंद्र को सौंपें। सरकार ने पहले ही घोषणा की है कि 27 अप्रैल 2025 से पाकिस्तानी नागरिकों के सभी मौजूदा वीजा रद्द कर दिए जाएंगे, जबकि मेडिकल वीजा 29 अप्रैल 2025 तक वैध रहेंगे। इसके अलावा, भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान से जल्द से जल्द वापस लौटने की सलाह दी गई है। राज्यों से त्वरित कार्रवाई की मांग शाह ने मुख्यमंत्रियों से अपील की कि वे इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और अपने-अपने राज्यों में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान और उनके वीजा रद्द करने की प्रक्रिया में कोई देरी न हो। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार इस मामले में राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि यह प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके। पाकिस्तान के साथ राजनयिक तनाव पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों को और कम कर दिया है। भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के सैन्य सलाहकारों को निष्कासित कर दिया और इस्लामाबाद में अपने उच्चायोग के कर्मचारियों की संख्या को 55 से घटाकर 30 करने का फैसला किया है। जवाब में, पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया और भारत के साथ सभी व्यापारिक गतिविधियों को निलंबित कर दिया। पाकिस्तान ने भारत के सिंधु जल समझौते को निलंबित करने के फैसले को “युद्ध की कार्रवाई” करार दिया है। प्रधानमंत्री मोदी का कड़ा रुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम हमले के बाद कहा कि इस हमले के दोषियों और उनके समर्थकों को “कल्पना से परे सजा” दी जाएगी। उन्होंने बिहार के मधुबनी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “आतंकवादियों और उनके प्रायोजकों को बख्शा नहीं जाएगा।” मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। विपक्ष का समर्थन कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है और केंद्र सरकार के कदमों का समर्थन किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि देश को एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ना होगा। पार्टी ने 25 अप्रैल 2025 को देश भर में कैंडललाइट मार्च का आयोजन किया ताकि हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी जा सके और आतंकवाद के खिलाफ एकता का संदेश दिया जा सके। अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया पहलगाम हमले की कई देशों ने निंदा की है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि फ्रांस इस दुख की घड़ी में भारत के साथ मजबूती से खड़ा है। अमेरिका ने जम्मू-कश्मीर के लिए “यात्रा न करें” की सलाह जारी की है और भारत के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की है। भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति में कोई ढील नहीं बरतेगी। गृह मंत्री शाह की मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत और पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करने का फैसला इस दिशा में एक बड़ा कदम है। आने वाले दिनों में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ सकता है, क्योंकि दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ जवाबी कार्रवाइयों में जुटे हैं।

गृहमंत्री अमित शाह आज 13 अप्रैल को भोपाल आएंगे, इन कार्यक्रमों में होंगे शामिल

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद केंद्रीय गृहमंत्री मध्यप्रदेश के दौरे पर आएंगे। आज 13 अप्रैल को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड सहकारिता विभाग के कार्यक्रम में शामिल होंगे। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, राज्य शासन और दुग्ध संघ के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर करेंगे। वहीं सहकारिता गतिविधियों की भी समीक्षा होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद केंद्रीय गृहमंत्री मध्यप्रदेश के दौरे पर आएंगे। वे आज 13 अप्रैल को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड सहकारिता विभाग के कार्यक्रम में शामिल होंगे। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, राज्य शासन और दुग्ध संघ के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर करेंगे। वहीं सहकारिता गतिविधियों की भी समीक्षा होगी। पीएम मोदी के बाद अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मध्यप्रदेश आएंगे। वे आज 13 अप्रैल को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड सहकारिता विभाग के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। अमित शाह दुग्ध उत्पादकों के लिए आयोजित गोपाल सम्मेलन में शामिल होंगे। राज्य शासन और दुग्ध संघ के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर करेंगे। यह कार्यक्रम भोपाल के रविंद्र भवन में आयोजित किया जाएगा। सोसायटी को देंगे सौगात, सहकारिता के क्षेत्र में विकास की बात मध्यप्रदेश के जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक खरगोन से संबंद्व बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था, गोगावां जिसका पंजीयन कमांक-112 दिनांक 08 अप्रैल 1963 है। खरगोन सनावद मुख्य मार्ग पर 13800 वर्गफीट में ग्राम गोगावां में संस्था का मुख्यालय संचालित है। संस्था द्वारा वाणिज्यिक दृष्टि से सुपर मार्केट स्थापित करने की योजना बनायी गयी है। इस योजना के अन्तर्गत संस्था द्वारा 120 लाख रुपये की लागत से सुपर मार्केट का निर्माण किया जाना है। गोगांवा सुपर मार्केट बनाने वाली प्रदेश की पहली सोसायटी होगी। इस तरह की सुविधाएं प्रदेश की अन्य सोसायटियों में उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बैंक प्रबंध संचालक पीएस धनवाल द्वारा बताया गया कि, अंतराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अन्तर्गत 13 अप्रैल को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय सहकार सम्मेलन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 120 लाख रुपये का स्वीकृति आदेश गोगांवा संस्था को प्रदान करेंगे। 11625 वर्ग फीट के भु-खण्ड पर 12675 वर्ग फीट सुपर बिल्टप क्षैत्र में सुपर मार्केट का भुतल एंव प्रथम मंजिल पर निर्माण होगा। संस्था गोगांव, विकासखण्ड एवं तहसील मुख्यालय गोगांवा पर स्थित है, जहा कि जनसंख्या 20 हजार से अधिक है। संस्था के कार्य क्षेत्र में 09 गांव है। जिनमें कुल 04 हजार संस्था के सदस्य है। जिनमें से 1900 ऋणी सदस्य एवं 2100 अऋणी सदस्य है। इस प्रकार कुल 24 हजार सदस्य है जो सुपर मार्केट के संभावित ग्राहक है। संस्था निरन्तर अ वर्ग में वर्गीकृत होकर 183.48 लाख के लाभ में है। संस्था मुख्यालय पर संस्था द्वारा बचत काउण्टर संचालित है। जहां प्रतिदिन 150 से 200 ग्राहक अपना लेन-देन करने के लिए आते है। सुपर मार्केट में किसानों के उपयोग में आने वाली सामग्रियों यथा खाद, बीज, दवाई, मशिनरी आदि का विक्रय किया जाएगा तथा संस्था द्वारा सुपर मार्केट में जन औषधि केन्द्र एवं कृषक सुविधा केन्द्र का संचालन भी किया जाएगा। साथ ही सुपर मार्केट में 20 दुकानों का निर्माण किया जाकर उनको इलेक्ट्रीक सामान, कपडा मार्केट, किराना स्टोर्स, जनरल स्टोर्स, मेडिकल स्टोर्स आदि का व्यापार के लिए किराये से दिया जावेगा। संस्था द्वारा सुपर मार्केट आकार लेने पर संस्था को प्रतिवर्ष 20 लाख की अतिरिक्त आय होना संभावित है। जिले में एक से अधिक आनंद ग्राम बनाए मप्र शासन आनंद विभाग के निदेशक प्रवीण कुमार गंगराड़े द्वारा 11 अप्रैल को पुराने कलेक्ट्रेट कार्यालय में 11 अप्रैल को आनंद विभाग से जुड़े आनंद क्लब सदस्यों, आनंदम सहयोगी एवं आनंदको की समीक्षा बैठक आयोजित की। इस दौरान गंगराड़े ने कहा कि, खरगोन जिले में आनंद विभाग की गतिविधियां बेहतर है लेकिन और कोशिश करें कि स्वयं भी आनंदित हो दूसरों को भी आनंद संस्थान से जोड़े। गांव स्तर पर आनंद अल्पविराम गतिविधियों को बढ़ाने में आप जैसे सक्रिय हेप्पीनेस वालिंटियर की महत्वपूर्ण भूमिका हैं। एक से अधिक आनंद ग्राम बनाए।  बदले रहेंगे रास्ते; कहीं भी जाने से पहले देखें पुलिस का ट्रैफिक प्लान अमित शाह रविंद्र भवन में होने वाले सहकारिता सम्मेलन में शामिल होंगे। शाह की सुरक्षा में 900 जवान तैनात रहेंगे। मध्यप्रदेश पुलिस ने गृह मंत्री की सुरक्षा को देखते हुए ट्रैफिक डायवर्ट किया है। राजाभोज एयरपोर्ट से रविंद्र भवन तक शहर की कई प्रमुख सड़कों पर रविवार सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक यातायात प्रतिबंधित रहेगा। कहीं भी जाने से पहले पुलिस का डायवर्ट ट्रैफिक प्लान जरूर देख लें…। बाइक और कार वाले यहां से नहीं जा पाएंगे रोशनपुरा चौराहे से पॉलिटेक्निक चौराहा, कमला पार्क, रेतघाट, वीआईपी रोड, लालघाटी, गांधीनगर तिराहा और गांधीपार्क तिराहा तक दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। दोपहिया और चारपहिया वाहन (जीप/कार) रोशनपुरा चौराहा, कंट्रोल रूम, लिली चौराहा से भारत टॉकीज की ओर जा सकेंगे। इन रास्तों पर आवागमन प्रतिबंधित रोशनपुरा चौराहे से पॉलिटेक्निक चौराहा, कमला पार्क, रेतघाट, वीआईपी रोड, लालघाटी, गांधीनगर तिराहा और पॉलिटेक्निक चौराहा से गांधीपार्क तिराहा तक मालवाहक और व्यवसायिक वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। ये वाहन भारत माता चौराहा, भदभदा चौराहा, साक्षी ढाबा तिराहा, नील बड़ तिराहा, नाथू बरखेड़ा रोड, मुगालिया छाप, खजूरी सड़क, खजूरी बायपास तिराहा और मुबारकपुर चौराहा होकर आ-जा सकेंगे। हलालपुर तक जाएंगी बसें हलालपुर बस स्टैंड से लालघाटी तरफ जाना प्रतिबंधित रहेगा। इंदौर, उज्जैन की ओर से आने-जाने वाली बसें हलालपुर बस स्टैंड पर रोकी जाएंगी। राजगढ़-ब्यावरा से आने वाली बसें मुबारकपुर बायपास तिराहा, खजूरी बायपास तिराहा, बैरागढ़ मार्ग से होकर हलालपुर बस स्टैंड तक जा सकेंगी। सीहोर और इंदौर जाने वाला रास्ता भोपाल से सीहोर और इंदौर की तरफ जाने के लिए भारतमाता चौराहा, भदभदा चौराहा, साक्षी ढाबा तिराहा, नील बड़, राती बड़, झागरिया का रास्ता चुनना पड़ेगा। प्रभात चौराहा, जेके रोड, रत्नागिरी, अयोध्या बायपास मार्ग, भानपुर, करौंद चौराहा, नई जेल से  गांधीनगर तिराहा होते हुए शहर से सीहोर-इंदौर, राजगढ़-ब्यावरा, राजा भोज एयरपोर्ट की ओर जा सकेंगे।   

12 संगठनों ने अलगाववाद से तोड़ा नाता, पीएम मोदी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ सपने की जीत: अमित शाह

नई दिल्ली कश्मीर घाटी में अलगाववादी संगठन हुर्रियत को बड़ा झटका लगा है। जम्मू-कश्मीर मास मूवमेंट ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से खुद को अलग कर लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसकी जानकारी खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए दी। उन्होंने दावा किया कि अब 12 संगठनों ने अलगाववाद से नाता तोड़ लिया है। इसके साथ ही उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के दृष्टिकोण की जीत बताया। गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”मोदी सरकार के तहत जम्मू-कश्मीर में एकता की भावना व्याप्त है। हुर्रियत से जुड़े एक अन्य संगठन जम्मू-कश्मीर मास मूवमेंट ने अलगाववाद को खारिज करते हुए भारत की एकता के लिए पूरी प्रतिबद्धता जताई है। मैं उनके इस कदम का तहे दिल से स्वागत करता हूं।” उन्होंने आगे बताया, ”अब तक हुर्रियत से जुड़े 12 संगठन अलगाववाद से अलग हो चुके हैं और भारत के संविधान पर भरोसा जता रहे हैं।” अमित शाह ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के सपने की जीत है। इससे पहले घाटी में तीन बड़े संगठनों ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से नाता तोड़ लिया था। गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा था, ”जम्मू-कश्मीर इस्लामिक पॉलिटिकल पार्टी, जम्मू कश्मीर मुस्लिम डेमोक्रेटिक लीग और कश्मीर फ्रीडम फ्रंट जैसे तीन और संगठनों ने हुर्रियत से खुद को अलग कर लिया है। यह घाटी के लोगों में भारत के संविधान के प्रति विश्वास का एक प्रमुख प्रदर्शन है। पीएम मोदी का एकजुट और शक्तिशाली भारत का सपना आज और भी मजबूत हो गया है, क्योंकि अब तक 11 ऐसे संगठनों ने अलगाववाद को त्याग दिया है और इसके लिए अटूट समर्थन की घोषणा की है।” कुछ दिनों पहले गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर के दौरे पर थे, जहां उन्होंने शहीद डीएसपी हुमायूं मुजम्मिल भट के परिवारवालों से मुलाकात भी की थी। उन्होंने इस मुलाकात की फोटो शेयर करते हुए लिखा था, ”जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं मुजम्मिल भट ने 2023 में जम्मू-कश्मीर के कोकरनाग में आतंकवादियों के खिलाफ एक ऑपरेशन में सर्वोच्च बलिदान देकर वीरता और देशभक्ति की अमर मिसाल कायम की। आज श्रीनगर में शहीद के परिवार से मुलाकात की और अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की।”

अमित शाह उज्जैन में करेंगे विक्रमादित्य वैदिक ऐप लॉन्च वैदिक घड़ी के बाद अब इसकी की बारी

उज्जैन उज्जैन में पिछले साल विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के लॉन्च के बाद अब विक्रमादित्य वैदिक ऐप भी लॉन्च होने जा रहा है। यह ऐप न केवल समय देखने के लिए, बल्कि सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक, पंचांग की दूसरी बारीकियों जैसे मांगलिक मुहूर्त, काल गणना, और अन्य धार्मिक व ज्योतिषीय जानकारी देने का भी काम करेगा। इस ऐप का उद्घाटन भारत के गृह मंत्री अमित शाह के हाथों होने की संभावना है। एप को गुजरात और उत्तर प्रदेश की टीमों ने मिलकर बनाया है। इसे एंड्रॉइड और IOS वर्जन पर भी चलाया जा सकेगा। खास बात ये है कि एप पूरी तरह मुफ्त होगा, जो दुनिया की करीब 189 भाषाओं में चलेगा। विक्रमादित्य वैदिक ऐप के प्रमुख फीचर्स     पंचांग की जानकारी     इस ऐप में आपको हर दिन का पंचांग मिलेगा, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, शुभ मुहूर्त, चंद्रमा की स्थिति, और अन्य धार्मिक और ज्योतिषीय जानकारियाँ शामिल होंगी।     मांगलिक कार्य और काल गणना     ऐप में आप मांगलिक कार्य और काल की गणना भी देख सकेंगे, जिससे आप अपने जीवन के महत्वपूर्ण कार्यों के लिए सही समय का चुनाव कर सकते हैं।     ग्रह-नक्षत्रों की जानकारी     ऐप में आने वाले समय में ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति और उनका प्रभाव भी देखने को मिलेगा। इससे लोग अपनी दैनिक गतिविधियों और जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों को ग्रह-नक्षत्रों के हिसाब से निर्धारित कर सकेंगे।     सभी प्रमुख भाषाओं में उपलब्ध     यह ऐप भारत और दुनिया के करीब 189 भाषाओं में उपलब्ध होगा, जिससे इसे हर वर्ग के लोग आसानी से इस्तेमाल कर सकेंगे। गुजरात और यूपी की टीमों ने किया विकसित यह ऐप गुजरात और उत्तर प्रदेश की टीमों द्वारा मिलकर विकसित किया गया है। इसे एंड्रॉइड और IOS दोनों प्लेटफॉर्म पर डाउनलोड किया जा सकेगा। खास बात यह है कि यह ऐप पूरी तरह से मुफ्त होगा। फिलहाल, ऐप का ट्रायल रन गूगल प्ले स्टोर पर चल रहा है, और इसे जल्द ही नए अपडेट के साथ अप्रैल में लॉन्च कर दिया जाएगा। पंचांगों में मतभेद क्यों होते हैं? विक्रमादित्य वैदिक ऐप के निदेशक श्रीराम तिवारी के अनुसार, भारतीय पंचांगों में मतभेद का मुख्य कारण अलग-अलग शहरों में रहने वाले ज्योतिषियों द्वारा अपनी-अपनी कालगणना की प्रणालियां विकसित करना है। कुछ शास्त्रों के अनुसार, समय और तिथियों की गणना का तरीका अलग-अलग हो सकता है, लेकिन यह मतभेद केवल भौगोलिक कारणों से हुआ है, ना कि भारतीय कालगणना की परंपरा में कोई अंतर होने के कारण। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की सफलता विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2024 में किया था। यह घड़ी दुनिया की पहली घड़ी है, जो भारतीय कालगणना के सभी घटकों को शामिल करती है। इस घड़ी में विक्रम संवत, योग, भद्रा, पर्व, शुभाशुभ मुहूर्त, घटी, नक्षत्र, जयंती, व्रत, त्योहार, चौघड़िया, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण आदि सभी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाती है। एप का ट्रायल रन गूगल प्ले स्टोर पर विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि यह एप मिनी पंचांग की तरह होगा। अभी एप का ट्रायल रन गूगल प्ले स्टोर पर चल रहा है। जल्द इसे पूरा कर नए अपडेट के साथ अप्रैल में लाॅन्च कर दिया जाएगा। मुहूर्त के मतभेद कम नहीं कर पाएगा एप पंचांगों में मतभेद को लेकर निदेशक तिवारी ने कहा- मतभेद वास्तव में है ही नहीं क्योंकि भारतीय कालगणना की परंपरा को पिछले 200-300 साल में उज्जैन से अलग-अलग देशों जैसे ग्रीन विच ले जाया गया। ऐसे ही देश में अलग-अलग शहरों में रहने वाले ज्योतिषियों ने अपने समय अनुसार गणना शुरू कर दी इसलिए मतभेद सामने आए। उन्होंने बताया कि उज्जैन के कालगणना केंद्र को ध्वस्त कर दिया गया। जिसके बाद स्वतंत्र पंचांग तैयार हो गए। लोगों ने अपने हिसाब से पंचांग देखना शुरू कर दिया इसलिए मतभेद हो गए। काल गणना पर आधारित विश्व की पहली घड़ी करीब एक साल पहले 29 फरवरी 2024 को उज्जैन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण किया था। भारतीय काल गणना पर आधारित यह विश्व की पहली घड़ी है, जिसे वैदिक काल गणना के समस्त घटकों को मिलाकर बनाया गया है। इस घड़ी में विक्रम संवत, योग, भद्रा, पर्व, शुभाशुभ मुहूर्त, घटी, नक्षत्र, जयंती, व्रत, त्योहार, चौघड़िया, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण, ग्रह, नक्षत्र की गणना शामिल है। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का मापन डोंगला स्थित वेधशाला को आधार बनाकर किया गया है।

4 अप्रैल को अमित शाह का दंतेवाड़ा दौरा, बस्तर पंडुम के समापन कार्यक्रम में होंगे शामिल

दंतेवाड़ा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 4 अप्रैल को दंतेवाड़ा दौरे पर आएंगे। दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं। वहीं ​मिली जानकारी के मुताबिक अमित शाह बस्तर के दंतेवाड़ा जिले जाएंगे। वे वहां आयोजित बस्तर पंडुम (Bastar Pandum) समापन समारोह में शामिल होंगे। यह समारोह बस्तर की पारंपरिक संस्कृति और उत्सव का प्रतीक है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन करने की संभावना सूत्रों के अनुसार, अमित शाह नक्सल ऑपरेशन में शामिल जवानों से मुलाकात कर सकते हैं और नक्सली गतिविधियों पर चर्चा करने के लिए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी कर सकते हैं। इसके अलावा, चैत्र नवरात्र के अवसर पर मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन करने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, शाह के दौरे का आधिकारिक शेड्यूल जारी होने के बाद ही उनके कार्यक्रम की पुष्टि होगी। इलाके में किए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम शाह की यात्रा को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। हाई स्कूल मैदान और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। डॉग स्क्वायड की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियां कड़ी निगरानी रख रही हैं। सरकारी योजनाओं से जुड़े स्टॉल लगाए जाएंगे Amit Shah CG Visit: दंतेवाड़ा के हाई स्कूल मैदान में शाह के दौरे की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। यहां 132 फीट चौड़ा और 332 फीट लंबा विशाल डोम बनाया जा रहा है। मुख्य मंच 72 फीट चौड़ा और 40 फीट लंबा होगा। इसके अलावा दो अन्य डोम भी बनाए जा रहे हैं, जहां विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े स्टॉल लगाए जाएंगे। साढ़े तीन महीने बाद बस्तर में शाह का दूसरा दौरा अमित शाह लगभग साढ़े तीन महीने बाद बस्तर का दौरा कर रहे हैं। इससे पहले, वे 15 दिसंबर 2024 को जगदलपुर आए थे, जहां उन्होंने बस्तरिया ओलंपिक के समापन कार्यक्रम में शिरकत की थी। इस बार वे बस्तर पंडुम के समापन समारोह में शामिल होंगे। बस्तर पंडुम में होंगे शामिल मिली जानकारी के अनुसार, अप्रैल के शुरूआती दिनों में अमित शाह अपने बस्तर दौरे पर पंडुम के समापन कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. शाह के दौरे को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. नवरात्रि के पर्व को देखते हुए सीएम मां दंतेश्वरी के दर्शन करने मंदिर भी जा सकते हैं. 30 मार्च को पीएम मोदी आ रहे हैं पीएम मोदी 30 मार्च को छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र का दौरा करेंगे. पीएम छत्तीसगढ आने के पहले नागपुर जाएंगे और सुबह करीब 9 बजे स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे, फिर दीक्षाभूमि जाएंगे. यहां के कार्यक्रम के बाद पीएम छत्तीसगढ़ के लिए रवाना होंगे. दोपहर करीब 3:30 बजे बिलासपुर में प्रधानमंत्री बुनियादी ढांचे के विकास और सतत आजीविका को बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली बिजली, तेल और गैस, रेल, सड़क, शिक्षा और आवास क्षेत्रों से संबंधित कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करेंगे. नक्सलवाद को खत्म करने की ये है डेडलाइन बता दें, अमित शाह ने छत्तीसगढ़ की ही मिट्टी से ऐलान किया था कि 31 मार्च 2026 तक बस्तर से नक्सलवाद का पूरी तरह से खात्मा कर दिया जाएगा. शाह के बयान के बाद लगातार सुरक्षा बलों ने नक्सलवाद पर कार्रवाई और भी तेज कर दी है. वहीं, नक्सल उन्मूलन के तहत कई सारे नक्सली हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़कर घर वापसी कर रहे हैं.   एक नजर इस साल की मुठभेड़ में ढेर नक्सलियों के आंकड़ों पर     4 जनवरी को अबूझमाड़ के जंगल में हुई मुठभेड़ में 5 नक्सलियों को जवानों ने ढेर किया था.     9 जनवरी को सुकमा-बीजापुर बॉर्डर पर हुई मुठभेड़ में 3 नक्सली ढेर हुए थे.     12 जनवरी को बीजापुर जिले में 5 नक्सली ढेर हुए थे.     16 जनवरी को छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर पुजारी कांकेर में 18 नक्सली मारे गए थे.      20-21 जनवरी को गरियाबंद जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. इसमें एक करोड़ रुपये का इनामी नक्सली चलपति सहित 16 नक्सली ढेर हुए थे.     1 फरवरी को बीजापुर में 8 नक्सली मारे गए थे.     9 फरवरी को बीजापुर के जंगल में ही 31 नक्सली ढेर हुए हैं. ये इस साल का सबसे बड़ा एनकाउंटर है.     और आज 20 मार्च को कांकेर और बीजापुर में 22 नक्सली ढेर हुए हैं.

मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए उचित समय पर राष्ट्रपति शासन लगाया गया है: अमित शाह

मणिपुर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि मणिपुर में स्थिति अब पहले की तुलना में काफी शांतिपूर्ण है और सरकार स्थायी शांति स्थापित करने के लिए मेइती और कुकी समुदायों के साथ चर्चा कर रही है। शाह ने यह भी कहा कि मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए उचित समय पर राष्ट्रपति शासन लगाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री समिट, 2025′ में कहा, “अब स्थिति अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण है। सामान्य जीवन फिर से शुरू हो गया है। गृह मंत्रालय ने दोनों समुदायों के साथ अलग-अलग बैठकें की हैं। दोनों समुदायों ने एक-दूसरे से बात भी की है। धीरे-धीरे चीजें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही हैं। अब चिंता की कोई बात नहीं है।” गृह मंत्री ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब राज्य में जातीय हिंसा हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में पहले भी इस तरह की हिंसा हो चुकी है और यह तीन से चार साल तक चली है। यह पूछे जाने पर कि क्या मणिपुर में केंद्रीय शासन लागू करने में देरी हो रही है, शाह ने कहा कि दूर बैठकर टिप्पणी करना आसान है। उन्होंने कहा, “जब तक दोनों समुदाय इसे स्वीकार नहीं करते, राष्ट्रपति शासन सफल नहीं हो सकता। जब उचित समय था, हमने इसे लागू कर दिया।” जम्मू-कश्मीर को लेकर क्या बोले शाह अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को वादे के मुताबिक पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाएगा लेकिन इस तरह से सार्वजनिक मंच पर समय का ऐलान नहीं किया जा सकता है। राज्य का दर्जा बहाल करने की समयसीमा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “हमने आश्वासन दिया है कि राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा। लेकिन सार्वजनिक मंच पर यह नहीं बताया जा सकता कि यह कब दिया जाएगा।” जब 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया गया था और तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया था, तो शाह ने संसद में कहा था कि उचित समय पर जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “कश्मीर में 40 साल बाद यह पहला चुनाव था जिसमें किसी भी स्थान पर पुनर्मतदान नहीं हुआ। एक भी आंसू गैस या गोली नहीं चलाई गई। 60 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, यह बहुत बड़ा बदलाव है।”  

अमित शाह ने पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों संग तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन की समीक्षा की

गुवाहाटी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को गुवाहाटी के एक होटल में पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों और डीजीपी के साथ बैठक की। इसमें तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन की समीक्षा की गई। राष्ट्रपति शासन वाले मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला बैठक में शामिल हुए। असम के मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर गुवाहाटी में पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। बैठक में पूर्वोत्तर क्षेत्र के सात मुख्यमंत्री भाग ले रहे हैं, जबकि मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर को छोड़कर पांच राज्यों के डीजीपी मौजूद हैं। इसमें कई पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्य सचिव भी मौजूद हैं। आठ राज्यों में से प्रत्येक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) के कार्यान्वयन पर केंद्रीय गृह मंत्री को अद्यतन करने के लिए प्रस्तुति दे रहा है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि बैठक का उद्देश्य पूर्वोत्तर राज्यों में पुलिस, जेल, अदालतों, अभियोजन और फोरेंसिक से संबंधित विभिन्न नए प्रावधानों के कार्यान्वयन और वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना है। इस दौरान शाह ने असम सीआईडी की ओर से तैयार और असम सरकार से प्रकाशित पुस्तक ‘न्यू क्रिमिनल लॉज : स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स एंड रूल्स’ का विमोचन किया।  

एमके स्टालिन पर बरसे अमित शाह, मेडिकल, इंजीनियरिंग की शिक्षा तमिल में देने की कही बात

तमिलनाडु केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन से राज्य में तमिल में इंजीनियरिंग और मेडिकल की शिक्षा शुरू करने को कहा। भाषा के मुद्दे विशेष रूप से स्टालिन के हिंदी विरोध को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने बदलाव किए और अब यह सुनिश्चित किया है कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के उम्मीदवार अपनी-अपनी क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षा दे सकें। चेन्नई से करीब 70 किलोमीटर दूर रानीपेट में आरटीसी थक्कोलम में सीआईएसएफ के 56वें ​​स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि परीक्षा में उत्तर पुस्तिका तमिल में भी लिखी जा सकेगी।” उन्होंने कहा, ‘‘मैं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से छात्रों के लाभ के लिए राज्य में तमिल में इंजीनियरिंग और मेडिकल शिक्षा शुरू करने की अपील करता हूं।” ‘तमिलनाडु ने हर क्षेत्र में भारतीय संस्कृति को मजबूत किया’ उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की संस्कृति ने भारत की सांस्कृतिक धारा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शाह ने कहा, ‘‘चाहे वह प्रशासनिक सुधार हो, आध्यात्मिक ऊंचाइयों को प्राप्त करना हो, शिक्षा हो या राष्ट्र की एकता और अखंडता हो, तमिलनाडु ने हर क्षेत्र में भारतीय संस्कृति को मजबूत किया है।” इस कार्यक्रम में अर्द्धसैनिक बल के टुकड़ियों का ‘मार्च पास्ट’, योग प्रदर्शन और कमांडो अभियान का प्रदर्शन किया गया।  

अमित शाह ने कहा- भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को स्टालिन की पार्टी के सदस्यता अभियान में शामिल होना चाहिए

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को तमिलनाडु की सत्तारूढ़ द्रमुक सरकार पर तीखा हमला करते हुए उसके नेताओं पर भ्रष्टाचार और कुशासन का आरोप लगाया। कोयंबटूर, तिरुवन्नामलाई और रामनाथपुरम में भाजपा जिला कार्यालयों के उद्घाटन के अवसर पर बोलते हुए शाह ने कहा, “भ्रष्टाचार के मामले में डीएमके के सभी नेताओं के पास मास्टर डिग्री है। उनके एक नेता नौकरी के लिए पैसे के मामले में फंसे हैं, दूसरे मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध रेत खनन में शामिल हैं, और तीसरे पर आय से अधिक संपत्ति से जुड़े आरोप हैं।” एमके स्टालिन के बयान में कोई सच्चाई नहीं- शाह तमिलनाडु को केंद्रीय निधि से वंचित किए जाने के सीएम एमके स्टालिन के आरोपों को खारिज करते हुए शाह ने कहा, “एमके स्टालिन के बयान में कोई सच्चाई नहीं है। मोदी सरकार ने पिछले पांच सालों में तमिलनाडु को 5 लाख करोड़ रुपये दिए हैं।” उन्होंने आगे कहा, “मुख्यमंत्री अक्सर दावा करते हैं कि राज्य को केंद्र के हाथों अन्याय का सामना करना पड़ा है। हालांकि, यूपीए और एनडीए के तहत वितरित धन की तुलना से पता चलता है कि असली अन्याय यूपीए शासन के दौरान हुआ था।” अमित शाह ने DMK का उड़ाया मजाक डीएमके का मजाक उड़ाते हुए शाह ने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को एमके स्टालिन की पार्टी के सदस्यता अभियान में शामिल होना चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, “कभी-कभी ऐसा लगता है कि DMK ने सदस्यता अभियान के ज़रिए समाज के सभी भ्रष्ट लोगों को DMK में शामिल कर लिया है। एमके स्टालिन और उनके बेटे वास्तविक चिंताओं से ध्यान भटकाने के लिए कई मुद्दे उठा रहे हैं। आज वे परिसीमन को लेकर बैठक करने जा रहे हैं। पीएम मोदी ने साफ कर दिया है कि परिसीमन के बाद भी दक्षिण के किसी भी राज्य की सीटें कम नहीं होंगी।” भाजपा 2026 में तमिलनाडु में सरकार बनाएगी शाह ने आगे कहा कि भाजपा 2026 में तमिलनाडु में सरकार बनाएगी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार बनाएगी। उन्होंने राज्य में भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार को खत्म करने और भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को हटाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार बनने के लिए तैयार हो जाइए। 2026 में हम NDA की सरकार बनाएंगे। यह नई सरकार तमिलनाडु के लिए एक नए युग की शुरुआत करेगी। हम राज्य में भाई-भतीजावाद को खत्म करेंगे। तमिलनाडु में भ्रष्टाचार को खत्म किया जाएगा। हम तमिलनाडु से भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को हटाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तमिलनाडु के कोयंबटूर, तिरुवन्नामलाई और रामनाथपुरम में भाजपा जिला कार्यालयों का उद्घाटन किया।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान कुल 30 लाख 77 हज़ार करोड़ रूपए के MOUs किए गए: अमित शाह

भोपाल केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज मध्य प्रदेश के भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के समापन सत्र को संबोधित किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी ने कहा कि इस दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान कुल 30 लाख 77 हज़ार करोड़ रूपए के MOUs किए गए। उन्होंने कहा कि इनमें से कई MOUs ज़मीन पर उतरेंगे और एक बड़ी इंडस्ट्री के साथ-साथ सहायक उद्योगों को भी मध्य प्रदेश में स्थापित करने में राज्य सरकार को मदद करेंगे। श्री शाह ने कहा कि दो दिवसीय समिट में 200 से अधिक भारतीय कंपनियां, 200 से अधिक वैश्विक सीईओ, 20 से अधिक यूनिकॉर्न संस्थापक और 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि मध्य प्रदेश में निवेश करने और यहां के माहौल को देखने आए हैं। उन्होंने कहा कि इस बार मध्य प्रदेश ने एक नए प्रयोग के तहत हर क्षेत्र का अलग-अलग इन्वेस्टमेंट समिट कर पूरे मध्य प्रदेश का समविकास करने का प्रयास किया है, जो आने वाले दिनों में कई राज्यों को दिशा दिखाएगा। श्री अमित शाह ने कहा कि इस समिट में मध्य प्रदेश ने विकास के लिए अपने industrial potential, sectoral potential और global potential को भी एक्सप्लोर करने के सारे रास्ते खोलने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि इस समिट ने मध्य प्रदेश के विकास को नया आयाम देने का काम किया है। श्री शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश हमारे देश की भव्य सांस्कृतिक विरासत से भरपूर है और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा दिए गए ‘विकास भी विरासत भी’ के सूत्र को चरितार्थ करने के लिए राज्य कई प्रयास कर रहा है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने देश के युवाओं और 130 करोड़ की जनता के सामने 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने और 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की ये इन्वेस्टमेंट समिट इन दोनों लक्ष्यों को सिद्ध करने में न सिर्फ सहायक होगी बल्कि इनमें बहुत बड़ा योगदान भी देगी। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की टीम इंडिया की कल्पना में भारत सरकार और सभी राज्यों की टीमों को साथ मिलकर पूरे देश का विकास करने की दिशा में जान का लक्ष्य रखा गया था जिसे इस कार्यक्रम ने आगे बढ़ाया है। श्री अमित शाह ने कहा कि इस समिट में लोकल और ग्लोबल दोनों प्रकार के निवेश में वृद्धि करने के कई आयाम हासिल किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ये समिट भारत की अमृत पीढ़ी के लिए कौशल विकास के कई द्वार भी खोलेगी। श्री शाह ने कहा कि ऑटोमेशन और जॉब क्रिएशन के बीच समन्वय बनाकर मध्य प्रदेश सरकार ने अलग अलग सेक्टर्स के लिए जो नीतियां बनाई हैं वो आगे बढ़ेंगी और ये समिट भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में भी बहुत सहायता करेगी। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में एक स्थायी औऱ मज़बूत सरकार काम कर रही है, जिससे विकास के द्वार खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत के दिल जैसे मध्य प्रदेश की एक स्ट्रैटेजिक लोकेशन है और यहां बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर भी बन चुका है। इसी प्रकार, स्किल्ड वर्कफोर्स की एक बड़ी फौज यहां उपलब्ध है और प्रशासन ने बेहतरीन इकोसिस्टम भी उपलब्ध कराया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश से अधिक मार्केट का एक्सेस भी किसी को उपलब्ध नहीं है और डिमांड ओरिएंटेड इकोनॉमी भी अब यहां काफी तेज़ी से बढ़ रही है। श्री शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार के पारदर्शी शासन ने निवेश के लिए काफी लोगों को आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि यहां land भी है, labour force भी है, mines भी हैं minerals भी हैं, उद्योगों के लिए संभावनाएं और अवसर भी हैं, शिक्षित युवा भी हैं और स्किल्ड वर्कफोर्स भी है। गृह मंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश आज पूरे भारत में हर प्रकार से निवेश के लिए एक बड़ा आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। श्री अमित शाह ने कहा कि एक जमाने में मध्य प्रदेश की गिनती बीमारू राज्यों में होती थी लेकिन हमारी सरकार के 20 साल के सतत शासन के बाद यहां 5 लाख किलोमीटर सड़क नेटवर्क बना है, आज यहां 6 हवाईअड्डे हैं, 31 गीगावॉट की ऊर्जा क्षमता है जिसमें से 30 प्रतिशत क्लीन एनर्जी है। उन्होंने कहा कि IIM, IIT, AIIMS, IITM, NIFT और NIFD जैसे कई प्रतिष्ठित संस्थान मध्य प्रदेश के युवाओं को इन मौकों के दोहन के लिए योग्य बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देशभर में सबसे अधिक खनिज संपदा वाले राज्यें में से एक है। 

मोदी की तरह शाह भी अपने अभियान की शुरुआत आप पार्टी के सबसे बड़े वोट बैंक को अपनी ओर खींचने की कोशिश करेंगे

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए अब एक महीने से भी कम का वक्त रह गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो रैलियों के बाद अब गृहमंत्री अमित शाह भी दिल्ली दंगल में मोर्चा संभालने जा रहे हैं। मोदी की तरह शाह भी अपने अभियान की शुरुआत आम आदमी पार्टी (आप) के सबसे बड़े वोट बैंक को अपनी ओर खींचने की कोशिश के साथ करेंगे। अमित शाह का यह कार्यक्रम करीब 30 लाख की आबादी और 20 सीटों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। दरअसल, गृहमंत्री अमित शाह 11 जनवरी को झुग्गी-झोपड़ियों के नेताओं के साथ मुलाकात करने जा रहे हैं। वह दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में मौजूद झुग्गी-झोपड़ियों वाली 3 हजार कॉलोनियों के प्रमुखों के साथ बातचीत करेंगे। यह बैठक शनिवार को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने जा रही है। इसके जरिए भाजपा की कोशिश झुग्गी-झोपड़ियों के वोटर्स को अपने पाले में लाने की है, जो अभी तक मुख्यतौर पर ‘आप’ के समर्थक माने जाते रहे हैं। भाजपा ने इस बार झुग्गी-झोपड़ियों में मौजूद ‘आप’ के सबसे बड़े वोटबैंक में सेंध लगाने के लिए कई दांव चले हैं। पिछले कई महीनों से दिल्ली के सांसद, विधायक और अन्य नेता झुग्गियों में जाकर रात बिताते हैं। करीब दो दर्जन नेता सप्ताह में एक रात झुग्गी में ही बिताते हैं। यहां रहने वाले लोगों की समस्याएं सुनते हैं और सरकार बनने पर उन्हें दूर करने का भरोसा देते हैं। ‘जहां झुग्गी वहां मकान’ के नारे को भी खूब प्रचारित किया जा रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के अशोक विहार में 1675 फ्लैट्स झुग्गीवासियों को सौंपे हैं। प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे घर-घर जाकर सभी झुग्गीवालों को कह दें कि उन्हें भी इसी तरह पक्का मकान दिया जाएगा। दिल्ली में करीब 675 झुग्गी कल्स्टर हैं, जिनमें से 18-20 फीसदी पूर्वी और उत्तर-पूर्वी लोकसभा क्षेत्रों में हैं। पिछले दो विधानसभा चुनावों में झुग्गी-झोपड़ियों को वोटर्स ने ‘आप’ को दिल खोलकर वोट किया। हालांकि, भाजपा का कहना है कि आम आदमी पार्टी ने झुग्गीवासियों से झूठे वादे किए। भाजपा कहती है कि पिछले 10 साल में झुग्गीवासियों के जीवन में कोई परिवर्तन नहीं आया है। दिल्ली की झुग्गियों में करीब 30 लाख लोगों की आबादी है, जिनमें से करीब आधे वोटर भी हैं। एक सर्वे के मुताबिक, 2020 में करीब 61 फीसदी ऐसे वोटर्स ने ‘आप’ का समर्थन किया जिनकी मदद से पार्टी 70 में से 67 सीटें जीतने में कामयाब रही।

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