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अमित शाह का आज ऐलान: OTP, लिंक और कॉल धोखाधड़ी पर लगेगा ब्रेक, जानिए क्या होगा नया

नई दिल्ली  साइबर स्कैम और ठगी के ईकोसिस्टम को खत्म करने को लेकर एक राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत होने जा रही है. आज यानी 10 फरवरी 2026 को केंद्रीय केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे.  दो दिवसीय चलने वाले इस नेशनल इवेंट का नाम साइबर-सक्षम धोखाधड़ी से निपटना और इसके इकोसिस्टम को ध्वस्त करना है. इस अवसर पर गृह मंत्री CBI अधिकारियों के समारोह की अध्यक्षता करेंगे. साथ ही गृह मंत्री नई साइबर क्राइम ब्रांच का उद्घाटन करेंगे. वे होम मिनिस्ट्री के अंतर्गत I4C के S4C डैशबोर्ड की भी शुरुआत करेंगे.  नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 2 दिन चलेगा कार्यक्रम यह दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस 10–11 फरवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में किया जाएगा. इस कॉन्फ्रेंस का आयोजन सेंट्रल ब्यूरो इनवेस्टीगेशन (CBI) कर रही है, जिसमें गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) का सहयोग भी है. S4C क्या है?  S4C को सिंपल शब्दों में समझें तो यह एक नेशनल डैशबोर्ड है, जिसका काम साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए तुरंत उसको डिटेक्ट और ट्रैस करना है.  S4C, असल में एक शॉर्ट नाम है, जिसका पूरा नाम सस्पेक्ट रजिस्ट्री एंड साइबर क्राइम कॉर्डिनेशनल सिस्टम है. यह एक नेशनल साइबर इंटेलीजेंस एंड मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म, जिसको इंडियन साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने डेवलप किया है. I4C एजेंसी गृह मंत्रालय के तहत काम करती है.   2022 में साइबर क्राइम इन्वेस्टीगेशन डिविजन सीबीआई साल 2000 से साइबर क्राइम्स की जांच कर रही है और 2022 में साइबर क्राइम इन्वेस्टीगेशन डिविजन की शुरुआत की थी. यह केंद्र सरकार और उसके ऑफिस को प्रभावित करने वाले साइबर अपराधों की जांच के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती है. ये डिविजन साइबर क्रिमिनल्स और साइबर-सक्षम धोखाधड़ी दोनों से निपटती है.  भारत में कई सर्विस डिजिटल काम कर रही हैं ध्यान देने वाली बात यह है कि ये नेशनल कॉन्फ्रेंस ऐसे समय आयोजित होने जा रही है, जब भारत डिजिटल चेजेंस तेजी से हो रहे हैं. बैंकिंग से लेकर कम्युनिकेशन तक तक में बड़े स्तर पर विस्तार हुआ है. वहीं, संगठिग साइबर अपराधी नेटवर्क इस सिस्टम में मौजूद खामियों का मिसयूज कर रहे हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस का मकसद क्या है?       भारत में साइबर-सक्षम धोखाधड़ी बदलते स्वरूप पर समझ विकसित करना.      साइबर ठगी के इकोसिस्टम के तीन महत्वपूर्ण स्तंभों का अध्ययन करना.      फाइनेंशियल पिलर्स (म्यूल खाते और धन शोधन).     टेलिकॉम पिलर (SIM/eSIM और डिजिटल का मिसयूज करना).     ह्यूमन पिलर (साइबर गुलामी और ठगी केंद्रों में तस्करी).      कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों, दूरसंचार प्रदाताओं, नियामकों और प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्मों के बीच सहयोग को मजबूत करना है.      साइबर स्कैम और धोखाधड़ी की तुरंत रिपोर्टिंग, रियल-टाइम फंड ट्रेसिंग, समय पर साक्ष्य संरक्षण और पीड़ितों की बेहतर सुरक्षा के लिए सिस्टम को मजबूत बनाना है.  आज से शुरू होने वाले नेशनल कॉन्फ्रेंस का अंतिम उद्देश्य आम लोगों की सुरक्षा, आपराधिक नेटवर्कों को रोकना और भारत के डिजिटल इकोसिस्टम में विश्वास को बढ़ाना है. 

सस्ते बिजली के सपने सच होंगे! अमित शाह देंगे मध्यप्रदेश को 550 करोड़ की मदद

भोपाल भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल (IISER) में जल्द ही ऐसा रिसर्च पार्क तैयार किया जाएगा जहां भविष्य की बिजली तैयार करने के फॉर्मूले खोजे जाएंगे। 550 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस सोलर रिसर्च पार्क एवं सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी सेंटर के लिए सरकार ने 52 एकड़ जमीन दी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह सिर्फ सोलर प्लांट नहीं, बल्कि क्लीन एनर्जी की नई तकनीकों की प्रयोगशाला होगा जहां सूरज, हवा, पानी और और हाइड्रोजन से सस्ती और ज्यादा बिजली बनाने पर काम होगा। यह रिसर्च सेंटर आइसर के केमिस्ट्री, फिजिक्स, अर्थ एंड एनवायरनमेंटल केमिस्ट्री, इलेक्ट्रिकल और केमिकल इंजीनियरिंग, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभागों द्वारा मिलकर स्थापित किया जा रहा है।   क्या होगा यहां खास यहां वैज्ञानिक सिर्फ सोलर पैनल नहीं लगाएंगे, बल्कि यह समझेंगे कि पैनल ज्यादा बिजली कैसे बनाएं, बादलों और रात में ऊर्जा कैसे स्टोर हो और बिजली बिना नुकसान घरों तक कैसे पहुंचे। सेंटर में एआइ आधारित ऊर्जा प्रबंधन, क्वांटम सेमीकंडक्टर, स्मार्ट ग्रिड और ग्रीन हाइड्रोजन जैसी भविष्य की तकनीकों पर भी काम होगा।   छात्रों के लिए नई राह आइसर और अन्य तकनीकी संस्थानों के छात्रों को यहां किताबों से हटकर जानकारी मिलेगी। वे लाइव प्रोजेक्ट्स, इंडस्ट्री एक्सपेरिमेंट और हाईटेक लैब में रिसर्च कर सकेंगे। इससे स्टार्टअप, पेटेंट और इंटरनेशनल कोलेबोरेशन बढ़ेंगे। ऊर्जा क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए यह बड़ा प्लेटफॉर्म साबित होगा। इसके साथ ही आइसर में एमटेक रिन्यूएबल एनर्जी कोर्स भी शुरू किया जाएगा।   सोलर रिसर्च पार्क का भूमिपूजन गृह मंत्री 13 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। कार्यक्रम में ऊर्जा कंपनियों के प्रतिनिधि, वैज्ञानिक और नीति निर्माता शामिल होंगे। भूमिपूजन के साथ ही परियोजना का निर्माण औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा। शहर को क्या मिलेगा     ग्रीन एनर्जी उपयोग बढ़ेगा     प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी     लोकल जॉब्स बढ़ेंगी     नई इंडस्ट्री निवेश आएगा     स्मार्ट बिजली सप्लाई मॉडल विकसित होंगे। इन 5 कामों पर फोकस     ज्यादा बिजली बनाने वाले सोलर सेल     सस्ता ग्रीन हाइड्रोजन     बिजली सप्लाई में कम नुकसान     कार्बन उत्सर्जन में कमी     विंड एनर्जी को सस्ता बनाना 52 करोड़ की भूमि होगी चिन्हित- आइसर निदेशक हमें ऊर्जा अनुसंधान के लिए 52 एकड़ भूमि मिली है, जहां रिन्यूएबल एनर्जी, सोलर पैनल्स और ग्रीन हाइड्रोजन पर शोध होगा। हमारा लक्ष्य है सौर पैनलों से अधिकतम ऊर्जा कैप्चर और हाइड्रोजन परिवहन को अधिक कुशल बनाना।- प्रो. गोवर्धन वास, निदेशक, आइसर

नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक रणनीति, अमित शाह की अगुवाई में एंटी-नक्सल ऑपरेशन को लेकर बड़ी बैठक

रायपुर देश से नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन को लेकर केंद्र और नक्सल प्रभावित राज्यों के बीच आज रायपुर में निर्णायक दौर की बैठकों का सिलसिला शुरू हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित इन बैठकों को मार्च 2026 की तय समय-सीमा से पहले की सबसे अहम रणनीतिक बैठक माना जा रहा है। पहली समीक्षा बैठक सुबह शुरू हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य के पुलिस महानिदेशक सहित देश के नक्सल प्रभावित राज्यों के डीजीपी, गृह सचिव और शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल हैं। बैठक में नक्सल प्रभावित इलाकों की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, इंटेलिजेंस नेटवर्क की मजबूती, सुरक्षाबलों के ऑपरेशन की गति और बचे हुए संवेदनशील क्षेत्रों में कार्रवाई को तेज करने पर विस्तृत चर्चा की जा रही है। तय समय-सीमा के भीतर नक्सलवाद के अंतिम गढ़ों को समाप्त करने के लिए ठोस एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। दिनभर चलेगा मंथन पहली बैठक दोपहर 12:45 बजे तक चलेगी। इसके बाद दोपहर 2 बजे तक दूसरी समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। दोपहर 2 से 3 बजे तक लंच ब्रेक रहेगा, जबकि शाम 3 बजे से 4:15 बजे तक एक बार फिर उच्चस्तरीय चर्चा होगी। इसके पश्चात शाम 5 बजे से 6:10 बजे तक “छत्तीसगढ़ @ 25 – शिफ्टिंग द लेंस” विषय पर राष्ट्रीय कॉन्क्लेव का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें राज्य के भविष्य और विकास के नए दृष्टिकोण पर विचार किया जाएगा। दो प्रमुख एजेंडों पर होगा फैसला उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि यह 31 मार्च 2026 की डेडलाइन से पहले की अंतिम बड़ी समीक्षा बैठक है। बैठक में दो मुख्य मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा हो रही है। पहला, देश को तय समय सीमा तक पूरी तरह सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्त करने की रणनीति। दूसरा, बस्तर सहित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय से रुके विकास कार्यों को गति देने का रोडमैप।

अमित शाह का दावा: विकसित भारत के लक्ष्य के करीब पहुंच रहा देश

जम्मू  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को जम्मू में विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान, केन्द्रीय गृह मंत्री ने सड़क बुनियादी ढांचे, जल विद्युत परियोजनाओं, बिजली, उद्योग, पर्यटन, 4जी और ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विकास की व्यापक समीक्षा की। बैठक में जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला, केन्द्रीय गृह सचिव और केन्द्र सरकार और जम्मू और कश्मीर सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार, एक विकसित और समृद्ध जम्मू और कश्मीर के विजन के प्रति कटिबद्ध है। मोदी सरकार द्वारा विकास में तेजी लाने के लिए किए जा रहे निरंतर और समर्पित प्रयासों से जम्मू और कश्मीर में विकास परियोजनाओं में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। जम्मू कश्मीर को जल विद्युत परियोजनाओं की पूरी क्षमता को विकसित करने की जरूरत है। सरकार की जनकल्याण योजनाओं का 100% सैचुरेशन प्राप्त करना और सभी विकास परियोजनाओं का लाभ लाभार्थियों को मिलना सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि युवाओं को विकास के साथ जोड़ने के लिए स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और स्पोर्ट्स अकादमियों की स्थापना पर ध्यान दिया जाए। इस विषय में विभिन्न स्पोर्ट्स बॉडीज से बात करके लगभग 200 करोड़ रुपए के निवेश की कोशिश की जाएगी। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से जम्मू और कश्मीर में डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के प्रयास होने चाहिए। एक महत्वपूर्ण कदम के तहत, जम्मू और कश्मीर को पहली बार वित्त वर्ष 2025-26 में स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट योजना के दायरे में लाया गया है, जिससे पूंजीगत परियोजनाओं के लिए 50 साल के ब्याज-मुक्त ऋण मिल सकेंगे। गृह मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मजबूत वित्तीय अनुशासन से समय के साथ केंद्रशासित प्रदेश के वित्तीय घाटे को स्थिर करने में मदद मिलेगी। अमित शाह ने कहा कि देश वर्ष 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है और भारत सरकार इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जम्मू और कश्मीर को पूरी सहायता देती रहेगी। गृह मंत्री अमित शाह का दौरा, भारत सरकार के जम्मू और कश्मीर के विकास, शांति और सुरक्षा को सर्वोच्च राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। –

शाह ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे अपने राज्यों में रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों की सूची तैयार करें और इसे केंद्र को सौंपें

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को देश भर के सभी मुख्यमंत्रियों से बातचीत की और अपने-अपने राज्यों में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की तत्काल पहचान करने का निर्देश दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर उठाया गया है। शाह ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे पाकिस्तानी नागरिकों की सूची केंद्र सरकार को भेजें ताकि उनके वीजा तुरंत रद्द किए जा सकें और उन्हें देश से बाहर निकाला जाए। पहलगाम हमले के बाद सख्त कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसारन में हुए आतंकी हमले में 25 भारतीय पर्यटकों और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई थी। यह हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद कश्मीर घाटी में सबसे घातक हमलों में से एक माना जा रहा है। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद को जिम्मेदार ठहराया है और इसके जवाब में कई कठोर कदम उठाए हैं। इनमें 1960 के सिंधु जल समझौते को निलंबित करना, अटारी-वाघा सीमा चौकी को बंद करना, पाकिस्तानी सैन्य सहायकों को नई दिल्ली से निष्कासित करना और सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना शामिल है। वीजा रद्द करने की प्रक्रिया गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, शाह ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे अपने राज्यों में रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों की सूची तैयार करें और इसे केंद्र को सौंपें। सरकार ने पहले ही घोषणा की है कि 27 अप्रैल 2025 से पाकिस्तानी नागरिकों के सभी मौजूदा वीजा रद्द कर दिए जाएंगे, जबकि मेडिकल वीजा 29 अप्रैल 2025 तक वैध रहेंगे। इसके अलावा, भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान से जल्द से जल्द वापस लौटने की सलाह दी गई है। राज्यों से त्वरित कार्रवाई की मांग शाह ने मुख्यमंत्रियों से अपील की कि वे इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और अपने-अपने राज्यों में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान और उनके वीजा रद्द करने की प्रक्रिया में कोई देरी न हो। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार इस मामले में राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि यह प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके। पाकिस्तान के साथ राजनयिक तनाव पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों को और कम कर दिया है। भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के सैन्य सलाहकारों को निष्कासित कर दिया और इस्लामाबाद में अपने उच्चायोग के कर्मचारियों की संख्या को 55 से घटाकर 30 करने का फैसला किया है। जवाब में, पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया और भारत के साथ सभी व्यापारिक गतिविधियों को निलंबित कर दिया। पाकिस्तान ने भारत के सिंधु जल समझौते को निलंबित करने के फैसले को “युद्ध की कार्रवाई” करार दिया है। प्रधानमंत्री मोदी का कड़ा रुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम हमले के बाद कहा कि इस हमले के दोषियों और उनके समर्थकों को “कल्पना से परे सजा” दी जाएगी। उन्होंने बिहार के मधुबनी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “आतंकवादियों और उनके प्रायोजकों को बख्शा नहीं जाएगा।” मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। विपक्ष का समर्थन कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है और केंद्र सरकार के कदमों का समर्थन किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि देश को एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ना होगा। पार्टी ने 25 अप्रैल 2025 को देश भर में कैंडललाइट मार्च का आयोजन किया ताकि हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी जा सके और आतंकवाद के खिलाफ एकता का संदेश दिया जा सके। अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया पहलगाम हमले की कई देशों ने निंदा की है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि फ्रांस इस दुख की घड़ी में भारत के साथ मजबूती से खड़ा है। अमेरिका ने जम्मू-कश्मीर के लिए “यात्रा न करें” की सलाह जारी की है और भारत के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की है। भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति में कोई ढील नहीं बरतेगी। गृह मंत्री शाह की मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत और पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करने का फैसला इस दिशा में एक बड़ा कदम है। आने वाले दिनों में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ सकता है, क्योंकि दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ जवाबी कार्रवाइयों में जुटे हैं।

गृहमंत्री अमित शाह आज 13 अप्रैल को भोपाल आएंगे, इन कार्यक्रमों में होंगे शामिल

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद केंद्रीय गृहमंत्री मध्यप्रदेश के दौरे पर आएंगे। आज 13 अप्रैल को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड सहकारिता विभाग के कार्यक्रम में शामिल होंगे। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, राज्य शासन और दुग्ध संघ के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर करेंगे। वहीं सहकारिता गतिविधियों की भी समीक्षा होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद केंद्रीय गृहमंत्री मध्यप्रदेश के दौरे पर आएंगे। वे आज 13 अप्रैल को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड सहकारिता विभाग के कार्यक्रम में शामिल होंगे। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, राज्य शासन और दुग्ध संघ के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर करेंगे। वहीं सहकारिता गतिविधियों की भी समीक्षा होगी। पीएम मोदी के बाद अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मध्यप्रदेश आएंगे। वे आज 13 अप्रैल को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड सहकारिता विभाग के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। अमित शाह दुग्ध उत्पादकों के लिए आयोजित गोपाल सम्मेलन में शामिल होंगे। राज्य शासन और दुग्ध संघ के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर करेंगे। यह कार्यक्रम भोपाल के रविंद्र भवन में आयोजित किया जाएगा। सोसायटी को देंगे सौगात, सहकारिता के क्षेत्र में विकास की बात मध्यप्रदेश के जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक खरगोन से संबंद्व बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था, गोगावां जिसका पंजीयन कमांक-112 दिनांक 08 अप्रैल 1963 है। खरगोन सनावद मुख्य मार्ग पर 13800 वर्गफीट में ग्राम गोगावां में संस्था का मुख्यालय संचालित है। संस्था द्वारा वाणिज्यिक दृष्टि से सुपर मार्केट स्थापित करने की योजना बनायी गयी है। इस योजना के अन्तर्गत संस्था द्वारा 120 लाख रुपये की लागत से सुपर मार्केट का निर्माण किया जाना है। गोगांवा सुपर मार्केट बनाने वाली प्रदेश की पहली सोसायटी होगी। इस तरह की सुविधाएं प्रदेश की अन्य सोसायटियों में उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बैंक प्रबंध संचालक पीएस धनवाल द्वारा बताया गया कि, अंतराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अन्तर्गत 13 अप्रैल को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय सहकार सम्मेलन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 120 लाख रुपये का स्वीकृति आदेश गोगांवा संस्था को प्रदान करेंगे। 11625 वर्ग फीट के भु-खण्ड पर 12675 वर्ग फीट सुपर बिल्टप क्षैत्र में सुपर मार्केट का भुतल एंव प्रथम मंजिल पर निर्माण होगा। संस्था गोगांव, विकासखण्ड एवं तहसील मुख्यालय गोगांवा पर स्थित है, जहा कि जनसंख्या 20 हजार से अधिक है। संस्था के कार्य क्षेत्र में 09 गांव है। जिनमें कुल 04 हजार संस्था के सदस्य है। जिनमें से 1900 ऋणी सदस्य एवं 2100 अऋणी सदस्य है। इस प्रकार कुल 24 हजार सदस्य है जो सुपर मार्केट के संभावित ग्राहक है। संस्था निरन्तर अ वर्ग में वर्गीकृत होकर 183.48 लाख के लाभ में है। संस्था मुख्यालय पर संस्था द्वारा बचत काउण्टर संचालित है। जहां प्रतिदिन 150 से 200 ग्राहक अपना लेन-देन करने के लिए आते है। सुपर मार्केट में किसानों के उपयोग में आने वाली सामग्रियों यथा खाद, बीज, दवाई, मशिनरी आदि का विक्रय किया जाएगा तथा संस्था द्वारा सुपर मार्केट में जन औषधि केन्द्र एवं कृषक सुविधा केन्द्र का संचालन भी किया जाएगा। साथ ही सुपर मार्केट में 20 दुकानों का निर्माण किया जाकर उनको इलेक्ट्रीक सामान, कपडा मार्केट, किराना स्टोर्स, जनरल स्टोर्स, मेडिकल स्टोर्स आदि का व्यापार के लिए किराये से दिया जावेगा। संस्था द्वारा सुपर मार्केट आकार लेने पर संस्था को प्रतिवर्ष 20 लाख की अतिरिक्त आय होना संभावित है। जिले में एक से अधिक आनंद ग्राम बनाए मप्र शासन आनंद विभाग के निदेशक प्रवीण कुमार गंगराड़े द्वारा 11 अप्रैल को पुराने कलेक्ट्रेट कार्यालय में 11 अप्रैल को आनंद विभाग से जुड़े आनंद क्लब सदस्यों, आनंदम सहयोगी एवं आनंदको की समीक्षा बैठक आयोजित की। इस दौरान गंगराड़े ने कहा कि, खरगोन जिले में आनंद विभाग की गतिविधियां बेहतर है लेकिन और कोशिश करें कि स्वयं भी आनंदित हो दूसरों को भी आनंद संस्थान से जोड़े। गांव स्तर पर आनंद अल्पविराम गतिविधियों को बढ़ाने में आप जैसे सक्रिय हेप्पीनेस वालिंटियर की महत्वपूर्ण भूमिका हैं। एक से अधिक आनंद ग्राम बनाए।  बदले रहेंगे रास्ते; कहीं भी जाने से पहले देखें पुलिस का ट्रैफिक प्लान अमित शाह रविंद्र भवन में होने वाले सहकारिता सम्मेलन में शामिल होंगे। शाह की सुरक्षा में 900 जवान तैनात रहेंगे। मध्यप्रदेश पुलिस ने गृह मंत्री की सुरक्षा को देखते हुए ट्रैफिक डायवर्ट किया है। राजाभोज एयरपोर्ट से रविंद्र भवन तक शहर की कई प्रमुख सड़कों पर रविवार सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक यातायात प्रतिबंधित रहेगा। कहीं भी जाने से पहले पुलिस का डायवर्ट ट्रैफिक प्लान जरूर देख लें…। बाइक और कार वाले यहां से नहीं जा पाएंगे रोशनपुरा चौराहे से पॉलिटेक्निक चौराहा, कमला पार्क, रेतघाट, वीआईपी रोड, लालघाटी, गांधीनगर तिराहा और गांधीपार्क तिराहा तक दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। दोपहिया और चारपहिया वाहन (जीप/कार) रोशनपुरा चौराहा, कंट्रोल रूम, लिली चौराहा से भारत टॉकीज की ओर जा सकेंगे। इन रास्तों पर आवागमन प्रतिबंधित रोशनपुरा चौराहे से पॉलिटेक्निक चौराहा, कमला पार्क, रेतघाट, वीआईपी रोड, लालघाटी, गांधीनगर तिराहा और पॉलिटेक्निक चौराहा से गांधीपार्क तिराहा तक मालवाहक और व्यवसायिक वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। ये वाहन भारत माता चौराहा, भदभदा चौराहा, साक्षी ढाबा तिराहा, नील बड़ तिराहा, नाथू बरखेड़ा रोड, मुगालिया छाप, खजूरी सड़क, खजूरी बायपास तिराहा और मुबारकपुर चौराहा होकर आ-जा सकेंगे। हलालपुर तक जाएंगी बसें हलालपुर बस स्टैंड से लालघाटी तरफ जाना प्रतिबंधित रहेगा। इंदौर, उज्जैन की ओर से आने-जाने वाली बसें हलालपुर बस स्टैंड पर रोकी जाएंगी। राजगढ़-ब्यावरा से आने वाली बसें मुबारकपुर बायपास तिराहा, खजूरी बायपास तिराहा, बैरागढ़ मार्ग से होकर हलालपुर बस स्टैंड तक जा सकेंगी। सीहोर और इंदौर जाने वाला रास्ता भोपाल से सीहोर और इंदौर की तरफ जाने के लिए भारतमाता चौराहा, भदभदा चौराहा, साक्षी ढाबा तिराहा, नील बड़, राती बड़, झागरिया का रास्ता चुनना पड़ेगा। प्रभात चौराहा, जेके रोड, रत्नागिरी, अयोध्या बायपास मार्ग, भानपुर, करौंद चौराहा, नई जेल से  गांधीनगर तिराहा होते हुए शहर से सीहोर-इंदौर, राजगढ़-ब्यावरा, राजा भोज एयरपोर्ट की ओर जा सकेंगे।   

12 संगठनों ने अलगाववाद से तोड़ा नाता, पीएम मोदी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ सपने की जीत: अमित शाह

नई दिल्ली कश्मीर घाटी में अलगाववादी संगठन हुर्रियत को बड़ा झटका लगा है। जम्मू-कश्मीर मास मूवमेंट ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से खुद को अलग कर लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसकी जानकारी खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए दी। उन्होंने दावा किया कि अब 12 संगठनों ने अलगाववाद से नाता तोड़ लिया है। इसके साथ ही उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के दृष्टिकोण की जीत बताया। गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”मोदी सरकार के तहत जम्मू-कश्मीर में एकता की भावना व्याप्त है। हुर्रियत से जुड़े एक अन्य संगठन जम्मू-कश्मीर मास मूवमेंट ने अलगाववाद को खारिज करते हुए भारत की एकता के लिए पूरी प्रतिबद्धता जताई है। मैं उनके इस कदम का तहे दिल से स्वागत करता हूं।” उन्होंने आगे बताया, ”अब तक हुर्रियत से जुड़े 12 संगठन अलगाववाद से अलग हो चुके हैं और भारत के संविधान पर भरोसा जता रहे हैं।” अमित शाह ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के सपने की जीत है। इससे पहले घाटी में तीन बड़े संगठनों ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से नाता तोड़ लिया था। गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा था, ”जम्मू-कश्मीर इस्लामिक पॉलिटिकल पार्टी, जम्मू कश्मीर मुस्लिम डेमोक्रेटिक लीग और कश्मीर फ्रीडम फ्रंट जैसे तीन और संगठनों ने हुर्रियत से खुद को अलग कर लिया है। यह घाटी के लोगों में भारत के संविधान के प्रति विश्वास का एक प्रमुख प्रदर्शन है। पीएम मोदी का एकजुट और शक्तिशाली भारत का सपना आज और भी मजबूत हो गया है, क्योंकि अब तक 11 ऐसे संगठनों ने अलगाववाद को त्याग दिया है और इसके लिए अटूट समर्थन की घोषणा की है।” कुछ दिनों पहले गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर के दौरे पर थे, जहां उन्होंने शहीद डीएसपी हुमायूं मुजम्मिल भट के परिवारवालों से मुलाकात भी की थी। उन्होंने इस मुलाकात की फोटो शेयर करते हुए लिखा था, ”जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं मुजम्मिल भट ने 2023 में जम्मू-कश्मीर के कोकरनाग में आतंकवादियों के खिलाफ एक ऑपरेशन में सर्वोच्च बलिदान देकर वीरता और देशभक्ति की अमर मिसाल कायम की। आज श्रीनगर में शहीद के परिवार से मुलाकात की और अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की।”

अमित शाह उज्जैन में करेंगे विक्रमादित्य वैदिक ऐप लॉन्च वैदिक घड़ी के बाद अब इसकी की बारी

उज्जैन उज्जैन में पिछले साल विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के लॉन्च के बाद अब विक्रमादित्य वैदिक ऐप भी लॉन्च होने जा रहा है। यह ऐप न केवल समय देखने के लिए, बल्कि सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक, पंचांग की दूसरी बारीकियों जैसे मांगलिक मुहूर्त, काल गणना, और अन्य धार्मिक व ज्योतिषीय जानकारी देने का भी काम करेगा। इस ऐप का उद्घाटन भारत के गृह मंत्री अमित शाह के हाथों होने की संभावना है। एप को गुजरात और उत्तर प्रदेश की टीमों ने मिलकर बनाया है। इसे एंड्रॉइड और IOS वर्जन पर भी चलाया जा सकेगा। खास बात ये है कि एप पूरी तरह मुफ्त होगा, जो दुनिया की करीब 189 भाषाओं में चलेगा। विक्रमादित्य वैदिक ऐप के प्रमुख फीचर्स     पंचांग की जानकारी     इस ऐप में आपको हर दिन का पंचांग मिलेगा, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, शुभ मुहूर्त, चंद्रमा की स्थिति, और अन्य धार्मिक और ज्योतिषीय जानकारियाँ शामिल होंगी।     मांगलिक कार्य और काल गणना     ऐप में आप मांगलिक कार्य और काल की गणना भी देख सकेंगे, जिससे आप अपने जीवन के महत्वपूर्ण कार्यों के लिए सही समय का चुनाव कर सकते हैं।     ग्रह-नक्षत्रों की जानकारी     ऐप में आने वाले समय में ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति और उनका प्रभाव भी देखने को मिलेगा। इससे लोग अपनी दैनिक गतिविधियों और जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों को ग्रह-नक्षत्रों के हिसाब से निर्धारित कर सकेंगे।     सभी प्रमुख भाषाओं में उपलब्ध     यह ऐप भारत और दुनिया के करीब 189 भाषाओं में उपलब्ध होगा, जिससे इसे हर वर्ग के लोग आसानी से इस्तेमाल कर सकेंगे। गुजरात और यूपी की टीमों ने किया विकसित यह ऐप गुजरात और उत्तर प्रदेश की टीमों द्वारा मिलकर विकसित किया गया है। इसे एंड्रॉइड और IOS दोनों प्लेटफॉर्म पर डाउनलोड किया जा सकेगा। खास बात यह है कि यह ऐप पूरी तरह से मुफ्त होगा। फिलहाल, ऐप का ट्रायल रन गूगल प्ले स्टोर पर चल रहा है, और इसे जल्द ही नए अपडेट के साथ अप्रैल में लॉन्च कर दिया जाएगा। पंचांगों में मतभेद क्यों होते हैं? विक्रमादित्य वैदिक ऐप के निदेशक श्रीराम तिवारी के अनुसार, भारतीय पंचांगों में मतभेद का मुख्य कारण अलग-अलग शहरों में रहने वाले ज्योतिषियों द्वारा अपनी-अपनी कालगणना की प्रणालियां विकसित करना है। कुछ शास्त्रों के अनुसार, समय और तिथियों की गणना का तरीका अलग-अलग हो सकता है, लेकिन यह मतभेद केवल भौगोलिक कारणों से हुआ है, ना कि भारतीय कालगणना की परंपरा में कोई अंतर होने के कारण। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की सफलता विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2024 में किया था। यह घड़ी दुनिया की पहली घड़ी है, जो भारतीय कालगणना के सभी घटकों को शामिल करती है। इस घड़ी में विक्रम संवत, योग, भद्रा, पर्व, शुभाशुभ मुहूर्त, घटी, नक्षत्र, जयंती, व्रत, त्योहार, चौघड़िया, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण आदि सभी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाती है। एप का ट्रायल रन गूगल प्ले स्टोर पर विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि यह एप मिनी पंचांग की तरह होगा। अभी एप का ट्रायल रन गूगल प्ले स्टोर पर चल रहा है। जल्द इसे पूरा कर नए अपडेट के साथ अप्रैल में लाॅन्च कर दिया जाएगा। मुहूर्त के मतभेद कम नहीं कर पाएगा एप पंचांगों में मतभेद को लेकर निदेशक तिवारी ने कहा- मतभेद वास्तव में है ही नहीं क्योंकि भारतीय कालगणना की परंपरा को पिछले 200-300 साल में उज्जैन से अलग-अलग देशों जैसे ग्रीन विच ले जाया गया। ऐसे ही देश में अलग-अलग शहरों में रहने वाले ज्योतिषियों ने अपने समय अनुसार गणना शुरू कर दी इसलिए मतभेद सामने आए। उन्होंने बताया कि उज्जैन के कालगणना केंद्र को ध्वस्त कर दिया गया। जिसके बाद स्वतंत्र पंचांग तैयार हो गए। लोगों ने अपने हिसाब से पंचांग देखना शुरू कर दिया इसलिए मतभेद हो गए। काल गणना पर आधारित विश्व की पहली घड़ी करीब एक साल पहले 29 फरवरी 2024 को उज्जैन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण किया था। भारतीय काल गणना पर आधारित यह विश्व की पहली घड़ी है, जिसे वैदिक काल गणना के समस्त घटकों को मिलाकर बनाया गया है। इस घड़ी में विक्रम संवत, योग, भद्रा, पर्व, शुभाशुभ मुहूर्त, घटी, नक्षत्र, जयंती, व्रत, त्योहार, चौघड़िया, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण, ग्रह, नक्षत्र की गणना शामिल है। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का मापन डोंगला स्थित वेधशाला को आधार बनाकर किया गया है।

4 अप्रैल को अमित शाह का दंतेवाड़ा दौरा, बस्तर पंडुम के समापन कार्यक्रम में होंगे शामिल

दंतेवाड़ा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 4 अप्रैल को दंतेवाड़ा दौरे पर आएंगे। दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं। वहीं ​मिली जानकारी के मुताबिक अमित शाह बस्तर के दंतेवाड़ा जिले जाएंगे। वे वहां आयोजित बस्तर पंडुम (Bastar Pandum) समापन समारोह में शामिल होंगे। यह समारोह बस्तर की पारंपरिक संस्कृति और उत्सव का प्रतीक है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन करने की संभावना सूत्रों के अनुसार, अमित शाह नक्सल ऑपरेशन में शामिल जवानों से मुलाकात कर सकते हैं और नक्सली गतिविधियों पर चर्चा करने के लिए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी कर सकते हैं। इसके अलावा, चैत्र नवरात्र के अवसर पर मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन करने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, शाह के दौरे का आधिकारिक शेड्यूल जारी होने के बाद ही उनके कार्यक्रम की पुष्टि होगी। इलाके में किए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम शाह की यात्रा को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। हाई स्कूल मैदान और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। डॉग स्क्वायड की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियां कड़ी निगरानी रख रही हैं। सरकारी योजनाओं से जुड़े स्टॉल लगाए जाएंगे Amit Shah CG Visit: दंतेवाड़ा के हाई स्कूल मैदान में शाह के दौरे की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। यहां 132 फीट चौड़ा और 332 फीट लंबा विशाल डोम बनाया जा रहा है। मुख्य मंच 72 फीट चौड़ा और 40 फीट लंबा होगा। इसके अलावा दो अन्य डोम भी बनाए जा रहे हैं, जहां विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े स्टॉल लगाए जाएंगे। साढ़े तीन महीने बाद बस्तर में शाह का दूसरा दौरा अमित शाह लगभग साढ़े तीन महीने बाद बस्तर का दौरा कर रहे हैं। इससे पहले, वे 15 दिसंबर 2024 को जगदलपुर आए थे, जहां उन्होंने बस्तरिया ओलंपिक के समापन कार्यक्रम में शिरकत की थी। इस बार वे बस्तर पंडुम के समापन समारोह में शामिल होंगे। बस्तर पंडुम में होंगे शामिल मिली जानकारी के अनुसार, अप्रैल के शुरूआती दिनों में अमित शाह अपने बस्तर दौरे पर पंडुम के समापन कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. शाह के दौरे को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. नवरात्रि के पर्व को देखते हुए सीएम मां दंतेश्वरी के दर्शन करने मंदिर भी जा सकते हैं. 30 मार्च को पीएम मोदी आ रहे हैं पीएम मोदी 30 मार्च को छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र का दौरा करेंगे. पीएम छत्तीसगढ आने के पहले नागपुर जाएंगे और सुबह करीब 9 बजे स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे, फिर दीक्षाभूमि जाएंगे. यहां के कार्यक्रम के बाद पीएम छत्तीसगढ़ के लिए रवाना होंगे. दोपहर करीब 3:30 बजे बिलासपुर में प्रधानमंत्री बुनियादी ढांचे के विकास और सतत आजीविका को बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली बिजली, तेल और गैस, रेल, सड़क, शिक्षा और आवास क्षेत्रों से संबंधित कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करेंगे. नक्सलवाद को खत्म करने की ये है डेडलाइन बता दें, अमित शाह ने छत्तीसगढ़ की ही मिट्टी से ऐलान किया था कि 31 मार्च 2026 तक बस्तर से नक्सलवाद का पूरी तरह से खात्मा कर दिया जाएगा. शाह के बयान के बाद लगातार सुरक्षा बलों ने नक्सलवाद पर कार्रवाई और भी तेज कर दी है. वहीं, नक्सल उन्मूलन के तहत कई सारे नक्सली हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़कर घर वापसी कर रहे हैं.   एक नजर इस साल की मुठभेड़ में ढेर नक्सलियों के आंकड़ों पर     4 जनवरी को अबूझमाड़ के जंगल में हुई मुठभेड़ में 5 नक्सलियों को जवानों ने ढेर किया था.     9 जनवरी को सुकमा-बीजापुर बॉर्डर पर हुई मुठभेड़ में 3 नक्सली ढेर हुए थे.     12 जनवरी को बीजापुर जिले में 5 नक्सली ढेर हुए थे.     16 जनवरी को छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर पुजारी कांकेर में 18 नक्सली मारे गए थे.      20-21 जनवरी को गरियाबंद जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. इसमें एक करोड़ रुपये का इनामी नक्सली चलपति सहित 16 नक्सली ढेर हुए थे.     1 फरवरी को बीजापुर में 8 नक्सली मारे गए थे.     9 फरवरी को बीजापुर के जंगल में ही 31 नक्सली ढेर हुए हैं. ये इस साल का सबसे बड़ा एनकाउंटर है.     और आज 20 मार्च को कांकेर और बीजापुर में 22 नक्सली ढेर हुए हैं.

मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए उचित समय पर राष्ट्रपति शासन लगाया गया है: अमित शाह

मणिपुर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि मणिपुर में स्थिति अब पहले की तुलना में काफी शांतिपूर्ण है और सरकार स्थायी शांति स्थापित करने के लिए मेइती और कुकी समुदायों के साथ चर्चा कर रही है। शाह ने यह भी कहा कि मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए उचित समय पर राष्ट्रपति शासन लगाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री समिट, 2025′ में कहा, “अब स्थिति अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण है। सामान्य जीवन फिर से शुरू हो गया है। गृह मंत्रालय ने दोनों समुदायों के साथ अलग-अलग बैठकें की हैं। दोनों समुदायों ने एक-दूसरे से बात भी की है। धीरे-धीरे चीजें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही हैं। अब चिंता की कोई बात नहीं है।” गृह मंत्री ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब राज्य में जातीय हिंसा हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में पहले भी इस तरह की हिंसा हो चुकी है और यह तीन से चार साल तक चली है। यह पूछे जाने पर कि क्या मणिपुर में केंद्रीय शासन लागू करने में देरी हो रही है, शाह ने कहा कि दूर बैठकर टिप्पणी करना आसान है। उन्होंने कहा, “जब तक दोनों समुदाय इसे स्वीकार नहीं करते, राष्ट्रपति शासन सफल नहीं हो सकता। जब उचित समय था, हमने इसे लागू कर दिया।” जम्मू-कश्मीर को लेकर क्या बोले शाह अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को वादे के मुताबिक पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाएगा लेकिन इस तरह से सार्वजनिक मंच पर समय का ऐलान नहीं किया जा सकता है। राज्य का दर्जा बहाल करने की समयसीमा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “हमने आश्वासन दिया है कि राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा। लेकिन सार्वजनिक मंच पर यह नहीं बताया जा सकता कि यह कब दिया जाएगा।” जब 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया गया था और तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया था, तो शाह ने संसद में कहा था कि उचित समय पर जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “कश्मीर में 40 साल बाद यह पहला चुनाव था जिसमें किसी भी स्थान पर पुनर्मतदान नहीं हुआ। एक भी आंसू गैस या गोली नहीं चलाई गई। 60 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, यह बहुत बड़ा बदलाव है।”  

अमित शाह ने पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों संग तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन की समीक्षा की

गुवाहाटी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को गुवाहाटी के एक होटल में पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों और डीजीपी के साथ बैठक की। इसमें तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन की समीक्षा की गई। राष्ट्रपति शासन वाले मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला बैठक में शामिल हुए। असम के मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर गुवाहाटी में पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। बैठक में पूर्वोत्तर क्षेत्र के सात मुख्यमंत्री भाग ले रहे हैं, जबकि मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर को छोड़कर पांच राज्यों के डीजीपी मौजूद हैं। इसमें कई पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्य सचिव भी मौजूद हैं। आठ राज्यों में से प्रत्येक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) के कार्यान्वयन पर केंद्रीय गृह मंत्री को अद्यतन करने के लिए प्रस्तुति दे रहा है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि बैठक का उद्देश्य पूर्वोत्तर राज्यों में पुलिस, जेल, अदालतों, अभियोजन और फोरेंसिक से संबंधित विभिन्न नए प्रावधानों के कार्यान्वयन और वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना है। इस दौरान शाह ने असम सीआईडी की ओर से तैयार और असम सरकार से प्रकाशित पुस्तक ‘न्यू क्रिमिनल लॉज : स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स एंड रूल्स’ का विमोचन किया।  

एमके स्टालिन पर बरसे अमित शाह, मेडिकल, इंजीनियरिंग की शिक्षा तमिल में देने की कही बात

तमिलनाडु केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन से राज्य में तमिल में इंजीनियरिंग और मेडिकल की शिक्षा शुरू करने को कहा। भाषा के मुद्दे विशेष रूप से स्टालिन के हिंदी विरोध को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने बदलाव किए और अब यह सुनिश्चित किया है कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के उम्मीदवार अपनी-अपनी क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षा दे सकें। चेन्नई से करीब 70 किलोमीटर दूर रानीपेट में आरटीसी थक्कोलम में सीआईएसएफ के 56वें ​​स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि परीक्षा में उत्तर पुस्तिका तमिल में भी लिखी जा सकेगी।” उन्होंने कहा, ‘‘मैं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से छात्रों के लाभ के लिए राज्य में तमिल में इंजीनियरिंग और मेडिकल शिक्षा शुरू करने की अपील करता हूं।” ‘तमिलनाडु ने हर क्षेत्र में भारतीय संस्कृति को मजबूत किया’ उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की संस्कृति ने भारत की सांस्कृतिक धारा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शाह ने कहा, ‘‘चाहे वह प्रशासनिक सुधार हो, आध्यात्मिक ऊंचाइयों को प्राप्त करना हो, शिक्षा हो या राष्ट्र की एकता और अखंडता हो, तमिलनाडु ने हर क्षेत्र में भारतीय संस्कृति को मजबूत किया है।” इस कार्यक्रम में अर्द्धसैनिक बल के टुकड़ियों का ‘मार्च पास्ट’, योग प्रदर्शन और कमांडो अभियान का प्रदर्शन किया गया।  

अमित शाह ने कहा- भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को स्टालिन की पार्टी के सदस्यता अभियान में शामिल होना चाहिए

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को तमिलनाडु की सत्तारूढ़ द्रमुक सरकार पर तीखा हमला करते हुए उसके नेताओं पर भ्रष्टाचार और कुशासन का आरोप लगाया। कोयंबटूर, तिरुवन्नामलाई और रामनाथपुरम में भाजपा जिला कार्यालयों के उद्घाटन के अवसर पर बोलते हुए शाह ने कहा, “भ्रष्टाचार के मामले में डीएमके के सभी नेताओं के पास मास्टर डिग्री है। उनके एक नेता नौकरी के लिए पैसे के मामले में फंसे हैं, दूसरे मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध रेत खनन में शामिल हैं, और तीसरे पर आय से अधिक संपत्ति से जुड़े आरोप हैं।” एमके स्टालिन के बयान में कोई सच्चाई नहीं- शाह तमिलनाडु को केंद्रीय निधि से वंचित किए जाने के सीएम एमके स्टालिन के आरोपों को खारिज करते हुए शाह ने कहा, “एमके स्टालिन के बयान में कोई सच्चाई नहीं है। मोदी सरकार ने पिछले पांच सालों में तमिलनाडु को 5 लाख करोड़ रुपये दिए हैं।” उन्होंने आगे कहा, “मुख्यमंत्री अक्सर दावा करते हैं कि राज्य को केंद्र के हाथों अन्याय का सामना करना पड़ा है। हालांकि, यूपीए और एनडीए के तहत वितरित धन की तुलना से पता चलता है कि असली अन्याय यूपीए शासन के दौरान हुआ था।” अमित शाह ने DMK का उड़ाया मजाक डीएमके का मजाक उड़ाते हुए शाह ने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को एमके स्टालिन की पार्टी के सदस्यता अभियान में शामिल होना चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, “कभी-कभी ऐसा लगता है कि DMK ने सदस्यता अभियान के ज़रिए समाज के सभी भ्रष्ट लोगों को DMK में शामिल कर लिया है। एमके स्टालिन और उनके बेटे वास्तविक चिंताओं से ध्यान भटकाने के लिए कई मुद्दे उठा रहे हैं। आज वे परिसीमन को लेकर बैठक करने जा रहे हैं। पीएम मोदी ने साफ कर दिया है कि परिसीमन के बाद भी दक्षिण के किसी भी राज्य की सीटें कम नहीं होंगी।” भाजपा 2026 में तमिलनाडु में सरकार बनाएगी शाह ने आगे कहा कि भाजपा 2026 में तमिलनाडु में सरकार बनाएगी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार बनाएगी। उन्होंने राज्य में भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार को खत्म करने और भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को हटाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार बनने के लिए तैयार हो जाइए। 2026 में हम NDA की सरकार बनाएंगे। यह नई सरकार तमिलनाडु के लिए एक नए युग की शुरुआत करेगी। हम राज्य में भाई-भतीजावाद को खत्म करेंगे। तमिलनाडु में भ्रष्टाचार को खत्म किया जाएगा। हम तमिलनाडु से भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को हटाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तमिलनाडु के कोयंबटूर, तिरुवन्नामलाई और रामनाथपुरम में भाजपा जिला कार्यालयों का उद्घाटन किया।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान कुल 30 लाख 77 हज़ार करोड़ रूपए के MOUs किए गए: अमित शाह

भोपाल केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज मध्य प्रदेश के भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के समापन सत्र को संबोधित किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी ने कहा कि इस दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान कुल 30 लाख 77 हज़ार करोड़ रूपए के MOUs किए गए। उन्होंने कहा कि इनमें से कई MOUs ज़मीन पर उतरेंगे और एक बड़ी इंडस्ट्री के साथ-साथ सहायक उद्योगों को भी मध्य प्रदेश में स्थापित करने में राज्य सरकार को मदद करेंगे। श्री शाह ने कहा कि दो दिवसीय समिट में 200 से अधिक भारतीय कंपनियां, 200 से अधिक वैश्विक सीईओ, 20 से अधिक यूनिकॉर्न संस्थापक और 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि मध्य प्रदेश में निवेश करने और यहां के माहौल को देखने आए हैं। उन्होंने कहा कि इस बार मध्य प्रदेश ने एक नए प्रयोग के तहत हर क्षेत्र का अलग-अलग इन्वेस्टमेंट समिट कर पूरे मध्य प्रदेश का समविकास करने का प्रयास किया है, जो आने वाले दिनों में कई राज्यों को दिशा दिखाएगा। श्री अमित शाह ने कहा कि इस समिट में मध्य प्रदेश ने विकास के लिए अपने industrial potential, sectoral potential और global potential को भी एक्सप्लोर करने के सारे रास्ते खोलने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि इस समिट ने मध्य प्रदेश के विकास को नया आयाम देने का काम किया है। श्री शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश हमारे देश की भव्य सांस्कृतिक विरासत से भरपूर है और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा दिए गए ‘विकास भी विरासत भी’ के सूत्र को चरितार्थ करने के लिए राज्य कई प्रयास कर रहा है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने देश के युवाओं और 130 करोड़ की जनता के सामने 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने और 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की ये इन्वेस्टमेंट समिट इन दोनों लक्ष्यों को सिद्ध करने में न सिर्फ सहायक होगी बल्कि इनमें बहुत बड़ा योगदान भी देगी। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की टीम इंडिया की कल्पना में भारत सरकार और सभी राज्यों की टीमों को साथ मिलकर पूरे देश का विकास करने की दिशा में जान का लक्ष्य रखा गया था जिसे इस कार्यक्रम ने आगे बढ़ाया है। श्री अमित शाह ने कहा कि इस समिट में लोकल और ग्लोबल दोनों प्रकार के निवेश में वृद्धि करने के कई आयाम हासिल किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ये समिट भारत की अमृत पीढ़ी के लिए कौशल विकास के कई द्वार भी खोलेगी। श्री शाह ने कहा कि ऑटोमेशन और जॉब क्रिएशन के बीच समन्वय बनाकर मध्य प्रदेश सरकार ने अलग अलग सेक्टर्स के लिए जो नीतियां बनाई हैं वो आगे बढ़ेंगी और ये समिट भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में भी बहुत सहायता करेगी। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में एक स्थायी औऱ मज़बूत सरकार काम कर रही है, जिससे विकास के द्वार खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत के दिल जैसे मध्य प्रदेश की एक स्ट्रैटेजिक लोकेशन है और यहां बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर भी बन चुका है। इसी प्रकार, स्किल्ड वर्कफोर्स की एक बड़ी फौज यहां उपलब्ध है और प्रशासन ने बेहतरीन इकोसिस्टम भी उपलब्ध कराया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश से अधिक मार्केट का एक्सेस भी किसी को उपलब्ध नहीं है और डिमांड ओरिएंटेड इकोनॉमी भी अब यहां काफी तेज़ी से बढ़ रही है। श्री शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार के पारदर्शी शासन ने निवेश के लिए काफी लोगों को आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि यहां land भी है, labour force भी है, mines भी हैं minerals भी हैं, उद्योगों के लिए संभावनाएं और अवसर भी हैं, शिक्षित युवा भी हैं और स्किल्ड वर्कफोर्स भी है। गृह मंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश आज पूरे भारत में हर प्रकार से निवेश के लिए एक बड़ा आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। श्री अमित शाह ने कहा कि एक जमाने में मध्य प्रदेश की गिनती बीमारू राज्यों में होती थी लेकिन हमारी सरकार के 20 साल के सतत शासन के बाद यहां 5 लाख किलोमीटर सड़क नेटवर्क बना है, आज यहां 6 हवाईअड्डे हैं, 31 गीगावॉट की ऊर्जा क्षमता है जिसमें से 30 प्रतिशत क्लीन एनर्जी है। उन्होंने कहा कि IIM, IIT, AIIMS, IITM, NIFT और NIFD जैसे कई प्रतिष्ठित संस्थान मध्य प्रदेश के युवाओं को इन मौकों के दोहन के लिए योग्य बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देशभर में सबसे अधिक खनिज संपदा वाले राज्यें में से एक है। 

मोदी की तरह शाह भी अपने अभियान की शुरुआत आप पार्टी के सबसे बड़े वोट बैंक को अपनी ओर खींचने की कोशिश करेंगे

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए अब एक महीने से भी कम का वक्त रह गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो रैलियों के बाद अब गृहमंत्री अमित शाह भी दिल्ली दंगल में मोर्चा संभालने जा रहे हैं। मोदी की तरह शाह भी अपने अभियान की शुरुआत आम आदमी पार्टी (आप) के सबसे बड़े वोट बैंक को अपनी ओर खींचने की कोशिश के साथ करेंगे। अमित शाह का यह कार्यक्रम करीब 30 लाख की आबादी और 20 सीटों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। दरअसल, गृहमंत्री अमित शाह 11 जनवरी को झुग्गी-झोपड़ियों के नेताओं के साथ मुलाकात करने जा रहे हैं। वह दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में मौजूद झुग्गी-झोपड़ियों वाली 3 हजार कॉलोनियों के प्रमुखों के साथ बातचीत करेंगे। यह बैठक शनिवार को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने जा रही है। इसके जरिए भाजपा की कोशिश झुग्गी-झोपड़ियों के वोटर्स को अपने पाले में लाने की है, जो अभी तक मुख्यतौर पर ‘आप’ के समर्थक माने जाते रहे हैं। भाजपा ने इस बार झुग्गी-झोपड़ियों में मौजूद ‘आप’ के सबसे बड़े वोटबैंक में सेंध लगाने के लिए कई दांव चले हैं। पिछले कई महीनों से दिल्ली के सांसद, विधायक और अन्य नेता झुग्गियों में जाकर रात बिताते हैं। करीब दो दर्जन नेता सप्ताह में एक रात झुग्गी में ही बिताते हैं। यहां रहने वाले लोगों की समस्याएं सुनते हैं और सरकार बनने पर उन्हें दूर करने का भरोसा देते हैं। ‘जहां झुग्गी वहां मकान’ के नारे को भी खूब प्रचारित किया जा रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के अशोक विहार में 1675 फ्लैट्स झुग्गीवासियों को सौंपे हैं। प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे घर-घर जाकर सभी झुग्गीवालों को कह दें कि उन्हें भी इसी तरह पक्का मकान दिया जाएगा। दिल्ली में करीब 675 झुग्गी कल्स्टर हैं, जिनमें से 18-20 फीसदी पूर्वी और उत्तर-पूर्वी लोकसभा क्षेत्रों में हैं। पिछले दो विधानसभा चुनावों में झुग्गी-झोपड़ियों को वोटर्स ने ‘आप’ को दिल खोलकर वोट किया। हालांकि, भाजपा का कहना है कि आम आदमी पार्टी ने झुग्गीवासियों से झूठे वादे किए। भाजपा कहती है कि पिछले 10 साल में झुग्गीवासियों के जीवन में कोई परिवर्तन नहीं आया है। दिल्ली की झुग्गियों में करीब 30 लाख लोगों की आबादी है, जिनमें से करीब आधे वोटर भी हैं। एक सर्वे के मुताबिक, 2020 में करीब 61 फीसदी ऐसे वोटर्स ने ‘आप’ का समर्थन किया जिनकी मदद से पार्टी 70 में से 67 सीटें जीतने में कामयाब रही।

‘भारतपोल’ पोर्टल के लॉन्च पर अमित शाह ने कहा- यह हमारे देश की अंतरराष्ट्रीय जांच को एक नए युग में ले जाने वाली शुरुआत है

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा विकसित ‘भारतपोल’ पोर्टल को लॉन्च किया। इस अवसर पर अमित शाह ने सीबीआई अधिकारियों और कर्मचारियों को पुलिस पदक भी प्रदान किया। ‘भारतपोल’ पोर्टल के लॉन्च पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा, “आज ‘भारतपोल’ के शुभारंभ के लिए हम यहां एकत्रित हुए हैं। यह हमारे देश की अंतरराष्ट्रीय जांच को एक नए युग में ले जाने वाली शुरुआत है। ‘भारतपोल’ की संरचना से भारत की हर एजेंसी, हर राज्य की पुलिस खुदको इसकी मदद से बहुत सरलता से इंटरपोल के साथ जोड़ पाएगी और जांच को गति दे पाएगी।” अमित शाह ने आगे कहा कि हम सब जानते हैं कि हम अमृत काल में जी रहे हैं। आज़ादी के 75 साल से आजादी के 100 साल के कालखंड को ना केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत काल के रूप में वर्णित किया है, बल्कि अब देश की 140 करोड़ की जनता ने इस काल खंड को अमृत काल के रूप में स्वीकार भी किया है। भाजपा नेता ने कहा कि देश की 140 करोड़ जनता ने संकल्प लिया है कि 2047 में जब देश को आजादी के 100 साल होंगे, तब भारत हर क्षेत्र में विश्व में पहले स्थान पर होगा और हम हर क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व कर रहे होंगे। अगर ये संकल्प हमें सिद्ध करना है तो इसके कई पड़ाव हैं। हमने तय किया है कि 2027 तक भारत को विश्व की तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बनाएंगे। वहीं, से पहला कदम शुरू होगा। 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनने के लिए हमारे पास 25 साल हैं और एक प्रकार से भारत के लिए स्वर्णिम अवसर होगा। बता दें कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा विकसित इस ‘भारतपोल पोर्टल’ का उद्देश्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को साइबर और वित्तीय अपराधों में अंतरराष्ट्रीय पुलिस की सहायता करना है, जो वास्तविक समय में सूचनाओं का आदान-प्रदान करेगा। दरअसल, भारतपोल पोर्टल इंटरपोल के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहायता के लिए सभी अनुरोधों के प्रसंस्करण को सुव्यवस्थित करेगा, जिसमें रेड नोटिस और अन्य रंग-कोडित इंटरपोल नोटिस जारी करना शामिल है। साइबर अपराध, वित्तीय अपराध, ऑनलाइन कट्टरता, संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और मानव तस्करी सहित अंतरराष्ट्रीय अपराधों पर लगाम लगाने के लिए भारतपोल पोर्टल काफी कारगर साबित हो सकता है।  

जांच एजेंसियों में बेहतर समन्वय बनाने में मिलेगी मदद, ‘BHARATPOL’ को अमित शाह ने किया लॉन्च

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह देश ने मंगलवार को विभिन्न जांच एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाने के लिए सीबीआई की ओर से विकसित भारतपोल पोर्टल को लॉन्च किया। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यह आधुनिक सेवाओं के इस्तेमाल का वक्त है। इसलिए भारतपोल पोर्टल विकसित किया गया है। इससे सुरक्षित भारत बनाने का सपना पूरा होगा। सुरक्षा चुनौतियों से लड़ने में मदद मिलेगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारतपोल हमारे देश में अंतरराष्ट्रीय जांच को एक नए युग में ले जाएगा। सीबीआई इंटरपोल के साथ काम करने वाली एकमात्र एजेंसी थी, लेकिन भारतपोल से हर भारतीय एजेंसी और सभी राज्यों की पुलिस आसानी से इंटरपोल से जुड़ सकेगी। हम अंतर को पाटने और अपराध को नियंत्रित करने के लिए कुशलता से काम करने में सक्षम होंगे। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारतपोल पोर्टल से अंतरराष्ट्रीय डाटा का उपयोग करना आसान होगा। भगोड़े अपराधियों को पकड़ने में मदद मिलेगी। इंटरपोल का डाटा भी हमारे पास होगा। अपराधियों को ट्रैक करने की व्यवस्था होगी। इस दौरान बेहतर काम करने पर 35 सीबीआई अधिकारियों को पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। भारतपोल पोर्टल देश की जांच एजेंसियों को रियल टाइम सूचना साझा करने में सक्षम बनाएगा। केंद्र, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के स्तर पर यह समन्वय इंटरपोल लाइजनिंग ऑफिसर (आईएलओ) के जरिए किया जाता है, जो अपने-अपने संगठनों में पुलिस अधीक्षकों, पुलिस आयुक्तों और शाखा प्रमुखों के स्तर पर यूनिट ऑफिसर से जुड़े होते हैं। मौजूदा समय में सीबीआई, आईएलओ और यूओ के बीच संचार का साधन पत्र, ईमेल और फैक्स है। भारतपोल पोर्टल बनने से एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर होने के साथ ही अपराधी को पकड़ने में मदद मिलेगी। नया अत्याधुनिक ऑनलाइन मंच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस बलों और केंद्रीय एजेंसियों को विदेश में छिपे भगोड़े व्यक्तियों या अन्य मामलों के बारे में इंटरपोल से सूचना मांगने के लिए अपने अनुरोध भेजने की सुविधा देगा। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) भारत का राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो है, जो इंटरपोल से संबंधित मामलों के लिए जिम्मेदार है। इंटरपोल के माध्यम से, सीबीआई भारत में अपराध या अपराधियों की जांच में सहायता के लिए इंटरपोल के अन्य सदस्य देशों की समान एजेंसियों से आवश्यक जानकारी मांग सकती है तथा अन्य देशों की सहायता के लिए आपराधिक डेटा और खुफिया जानकारी साझा कर सकती है। गुरुद्वारा श्री रकाबगंज साहिब में मत्था टेका गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन त्याग, शौर्य और सेवा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने अधर्म और अत्याचार के खिलाफ अडिग होकर संघर्ष किया। प्रकाश पर्व के शुभ अवसर पर शाह ने नई दिल्ली स्थित गुरुद्वारा श्री रकाबगंज साहिब में मत्था टेककर सत्संग का आशीष भी प्राप्त किया।

अमित शाह ने कहा- केजरीवाल को जब दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करने का मौका मिला तब उन्होंने अपना शीश महल बनबाया

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को नई दिल्ली में कामकाजी महिला छात्रावास सुषमा भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिल्ली सरकार पर जमकर निशाना साधा। आरोप लगाया कि केजरीवाल को जब दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करने का मौका मिला, तब उन्होंने अपना भवन बनाने का काम किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “मेरे घर पर कुछ बच्चे मिलने आए थे तो मैंने उनसे पूछा कि केजरीवाल जी ने क्या किया? तो एक बच्चे ने कहा कि उन्होंने एक 45 करोड़ रुपये का शीशमहल खुद के लिए बनाया। राजनीति में आए तब कहते थे हम सरकारी गाड़ी नहीं लेंगे, सरकारी बंगला नहीं लेंगे। आज 50 हजार गज में दिल्लीवासियों के 45 करोड़ रुपये से अपने लिए शीश महल बनाया। केजरीवाल को दिल्ली की जनता को हिसाब देना पड़ेगा।” उन्होंने आगे कहा, “अरविंद केजरीवाल को जब दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करने का मौका मिला, तब उन्होंने अपना भवन बनाने का काम किया। दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर की चिंता नहीं की। उन्होंने शराब घोटाला किया, मोहल्ला क्लिनिक के नाम पर भ्रष्टाचार किया और दवाओं के नाम पर घोटाला किया। इतना ही नहीं, सीसीटीवी के नाम पर घोटाला किया, बस खरीद में घोटाला किया और सबसे बड़ी घोटाला निजी सुविधाओं के लिए, अपना शीशमहल बनाने के लिए किया। दिल्ली की जनता को अरविंद केजरीवाल को जवाब देना पड़ेगा।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुषमा स्वराज को भी याद किया। उन्होंने कहा, “मुझसे बांसुरी स्वराज मिलने आई थी और उन्होंने मुझे बताया कि कामकाजी महिला छात्रावास बनाया जा रहा है, जिसका नाम सुषमा भवन रखा जाएगा। तब मैंने खुद कहा था मुझे हॉस्टल का साइज नहीं पूछना है, मगर सुषमा जी के नाम से हॉस्टल बना है तो मैं यहां जरूर आऊंगा। यहां आने का निमंत्रण मैंने मांग कर लिया है, क्योंकि इस हॉस्टल का उद्घाटन करना मेरे लिए आनंद का विषय है।” उन्होंने आगे कहा, “इस भवन में करीब 80 बहनें काम करेंगी, उनके सुरक्षित रहने की सुविधा एक ऐसी नेता के नाम से जुड़ रहा है जो भारत की महिला शक्ति को जागरूक और संगठित करने की प्रेरणास्रोत रही हैं। सुषमा स्वराज हम सब भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा पार्टी की महान नेता के रूप में चिर स्मरणीय रहेंगी। उन्होंने भारत के संसदीय राजनीति के इतिहास में सुषमा स्वराज ने एनडीए-1 और एनडीए-2 दोनों सरकारों में महत्वपूर्ण विभागों की मंत्री की जिम्मेदारी बखूबी संभाली।” केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, “इस देश का लोकतांत्रिक इतिहास सुषमा स्वराज को विदेश मंत्री या स्वास्थ्य मंत्री के रूप में नहीं जानेगा, बल्कि उन्हें एक संघर्ष करने वाली विपक्ष की नेत्री के रूप में याद रखेगा। सुषमा ही थीं, जिन्होंने यूपीए-2 सरकार के 12 लाख करोड़ के घोटाले को संसद भवन में उजागर किया था। विपक्ष के नेता का पद लोकतंत्र में कितना महत्वपूर्ण होता है, इसका जब उदाहरण दिया जाएगा, तब सुषमा जी को जरूर याद किया जाएगा।”

अमित शाह ने कहा- भारत अंतरिक्ष डॉकिंग में महारत हासिल करने वाला चौथा देश बनने की ओर अग्रसर

नई दिल्ली नए साल की शुरुआत से पहले इसरो ने देशवासियों को खुशखबरी दी है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अंतरिक्ष में स्पैडेक्स मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। इसरो के इस उपलब्धि पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खुशी जाहिर की। एक्स पोस्ट में केंद्रीय गृहमंत्री ने लिखा कि भारत अंतरिक्ष डॉकिंग में महारत हासिल करने वाला चौथा देश बनने की ओर अग्रसर है। स्पैडेक्स मिशन के सफल प्रक्षेपण पर इसरो टीम को बधाई। यह एक शानदार सफलता है जो अंतरिक्ष डॉकिंग तकनीक में भारत के लिए एक नया रास्ता खोलती है। आगे की यात्रा के लिए हमारे प्रतिभाशाली लोगों को मेरी शुभकामनाएं। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि इसरो का नया कीर्तिमान। पीएसएलवी-सी60 रॉकेट द्वारा स्पैडेक्स मिशन के सफल लॉन्च पर इसरो की पूरी टीम को बधाई। इस अभियान की सफलता के साथ ही भारत ये तकनीक हासिल करने वाला चौथा देश बन जाएगा। 2024 के अंत में इसरो की यह महत्वपूर्ण उपलब्धि 140 करोड़ देशवासियों को गौरवान्वित करने वाली है। उल्लेखनीय है कि स्पेस डॉकिंग एक्सपेरीमेंट (स्पैडेक्स) मिशन के तहत दो उपग्रहों को 30 दिसंबर को श्रीहरिकोटा से पीएसएलवी-सी60 रॉकेट के जरिए प्रक्षेपित किया गया। रॉकेट ने दोनों उपग्रहों को कुछ दूरी पर एक ही कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया। इसरो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “स्पैडेक्स तैनात! स्पैडेक्स उपग्रहों का सफल पृथक्करण भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक और मील का पत्थर है।” इससे पहले रॉकेट की लॉन्चिंग पर उसने लिखा था, “लिफ्टऑफ! पीएसएलवी-सी60 ने स्पैडेक्स और 24 पेलोड को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया।” अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत अब डॉकिंग तकनीक में महारत हासिल करने वाला चौथा देश बनेगा। अंतरिक्ष मामलों के राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस सफलता पर एक्स पर लिखा, “भारत अपने स्वदेशी रूप से विकसित ‘भारतीय डॉकिंग सिस्टम’ के माध्यम से अंतरिक्ष डॉकिंग की क्षमता की दिशा में कदम बढ़ाने वाले चुनिंदा देशों की सूची में शामिल होने वाला चौथा देश बन गया है।” सिंह ने कहा कि यह तकनीक “गगनयान” और “भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन” के लिए आकाश से आगे की यात्रा का मार्ग प्रशस्त करेगी। इसरो ने कहा कि स्पैडेक्स (स्पेस डॉकिंग एक्सपेरीमेंट) ऑर्बिटल डॉकिंग में भारत की क्षमता स्थापित करने के लिए एक अग्रणी मिशन है, जो भविष्य के मानव अंतरिक्ष उड़ान और उपग्रह सर्विसिंग मिशनों के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीक है। अंतरिक्ष डॉकिंग तकनीक में महारत हासिल करने से भारत न केवल अंतरिक्ष यात्रा करने वाले देशों के विशिष्ट क्लब में शामिल हो सकता है। यह भारत के आगामी अंतरिक्ष अभियानों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जिसमें चंद्रमा मिशन, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की स्थापना और पृथ्वी से जीएनएसएस के समर्थन के बिना चंद्रयान-4 जैसे चंद्र मिशन शामिल हैं।  

अमित शाह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और कहा कि उन्होंने बाबा साहब भीमराव आंबेडकर का अपमान किया

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के द्वारा राज्यसभा में कल दिए गए एक भाषण पर हंगामा मच गया है। इंडिया समूह के नेताओं ने संसद भवन परिसर में गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और कहा कि उन्होंने बाबा साहब भीमराव आंबेडकर का अपमान किया है। वायनाड से लोकसभा उपचुनाव जीतकर संसद पहुंची प्रियंका गांधी ने भी अपनी पार्टी की तरफ से मोर्चा संभाल लिया है। विपक्ष के नेताओं ने आरोप लगाया कि अमित शाह ने राज्यसभा में मंगलवार को संविधान पर चर्चा का जवाब देते हुए बाबा साहब का अपमान किया और विपक्षी दल इस अपमान को स्वीकार नहीं करेंगे। विपक्षी नेताओं ने कहा कि इसके लिए अमित शाह माफी मांगे। विपक्षी दलों के इस विरोध-प्रदर्शन में राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ ही कई दलों के प्रमुख नेता मौजूद थे। प्रदर्शन कर रहे नेता बाबा साहब की तस्वीर हाथ में लेकर भीमराव आंबेडकर की जय और मोदी सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने अपनी मानसिकता का परिचय दिया है और बाबा साहब का संसद में अपमान किया है। कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रमुख राजेश लिलोथिया ने कहा, “अमित शाह ने संसद में बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर जी के लिए अपमानजनक बयान दिया। इससे आरएसएस और भाजपा की मनुवादी सोच उजागर होती है। बाबा साहब के संविधान में दलितों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं को बराबरी का हक मिला है। अमित शाह जी को देश से माफी मांगनी चाहिए।” लोकसभा में भी हंगामा विपक्ष के हंगामे के कारण बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने प्रश्न संख्या पुकारा, लेकिन विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। अध्यक्ष ने कहा कि आप लोग प्रश्नकाल चलाने में सहयोग करें। इस बीच विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा बाबा साहब का अपमान किया है। जब बाबा साहब जिंदा थे, तब उनका तिरस्कार किया था। कांग्रेस ने तो अपने कार्यालय में बाबा साहब की तस्वीर लागने से मना कर दिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बाबा साहब को लोकसभा चुनाव हराया था। ये बाबा साहब का अपमान करने वाले लोग है। हम बाबा साहब का सम्मान करने वाले लोग हैं। क्या कहा था अमित शाह ने? कांग्रेस और विपक्षी दलों का आरोप है कि शाह ने राज्यसभा में ‘भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा’ विषय पर दो दिन तक चली चर्चा का जवाब देते हुए मंगलवार को अपने संबोधन के दौरान बाबासाहेब का अपमान किया। मुख्य विपक्षी दल ने शाह के संबोधन का एक वीडियो अंश जारी किया जिसमें गृह मंत्री विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए यह कहते सुने जा सकते हैं , ‘‘अभी एक फैशन हो गया है- आंबेडकर, आंबेडकर…। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता।’’

अमित शाह ने कांग्रेस पर कसा तंज- संविधान पढ़ने का चश्मा अगर विदेशी होगा तो उस संविधान में भारतीयता कभी नहीं दिखेगी

नई दिल्ली भारतीय संविधान के 75 वर्षों के गौरवशाली इतिहास पर राज्यसभा में चर्चा में भाग लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला और कहा कि संविधान पढ़ने का चश्मा अगर विदेशी होगा तो उस संविधान में भारतीयता कभी नहीं दिखेगी। उन्होंने कहा कि संविधान ने लोकतंत्र की जड़ें मजबूत कीं हैं। रक्त की एक बूंद गिरे बिना सत्ता का हस्तांतरण हुआ। शाह ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने बहुत ही बेशर्मी से संविधान में कई संशोधन किए हैं। उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू द्वारा किए गए पहले संविधान संशोधन की चर्चा करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने तब मौलिक अधिकार से छेड़छाड़ करते हुए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता छीन ली। उन्होंने आरो लगाया कि कांग्रेस ने जब-जब संविधान संशोधन किया, तब-तब आमजन के मौलिक अधिकारों को छीना गया। शाह ने कहा कि अनेक तानाशाहों के गुमान एवं अभिमान को दूर करने का काम देश की जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से किया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 77 सालों के दौरान 16 साल तक भाजपा ने इस देश पर शासन किया। इस दौरान हमने 22 बार किया संविधान संशोधन किया लेकिन 55 सालों में कांग्रेस ने 77 बार संविधान बदला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कभी वोट बैंक की राजनीति कर तो कभी अपने गुमान में तो कभी मौलिक अधिकारों की हनन करने के लिए संविधान बदला है। शाह ने संविधान की खूबसूरती की तारीफ करते हुए कहा कि संविधान में गीता रामायण के चित्र मौजूद हैं। संविधान में शिवाजी और लक्ष्मीबाई के चित्र अंकित हैं। बावजूद इसके संदेश लेना नहीं आता तो संविधान बदलने से क्या होगा। उन्होंने राहु गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि 56 साल की उम्र में एक शख्स खुद का युवा कहते हैं, संविधान बदल देंगे का हल्ला करते फिरते हैं लेकिन उन्हें ये नहीं पता कि संविधान के अनुच्छेद 388 में ही यह प्रावधान है। लेकिन आपने संविधान में बदलाव अपने फायदे के लिए किया लेकिन हम जनमानस को फायदा पहुंचाने के लिए संविधान में बदलाव कर रहे हैं।

अमित शाह ने घुड़सवार दस्ते के साथ ग्राउंड पहुंचकर ली सलामी, छत्तीसगढ़ को मिला राष्ट्रपति पुलिस कलर अवार्ड

रायपुर. अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के पहले दिन रविवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह रायपुर पुलिस परेड ग्राउंड पहुंचे। राष्ट्रपति पुलिस कलर अवार्ड-2024 में शिरकत की। घुड़सवार दस्ते के साथ परेड ग्राउंड में शाह ने प्रवेश किया। पुलिस प्लाटून की सलामी ली। महिला पुलिस बैंड ने इस दौरान मनमोहक बैंड की प्रस्तुति दी। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, राज्य गृहमंत्री विजय शर्मा समेत कई नेता मौजूद रहे। छत्तीसगढ़ पुलिस को 24 वर्षों के शानदार ट्रैक रिकॉर्ड के लिए राष्ट्रपति पुलिस कलर अवार्ड से सम्मानित किया गया। शाह राष्ट्रपति पुलिस कलर अवार्ड में शामिल होने के बाद जगदलपुर के लिए रवाना हो जाएंगे। दोपहर 3 बजे जगदलपुर पहुंचेंगे। यहां पर इंदिरा प्रदर्शनी स्टेडियम में आयोजित बस्तर ओलंपिक में शामिल होंगे। आत्मसमर्पित नक्सली, नक्सली हिंसा से पीड़ित और शहीद जवानों के परिजनों से मुलाकात करेंगे। वे 24 घंटे के लिए बस्तर में रहेंगे इस दौरान खूंखार नक्सली हिड़मा के गांव पूवर्ती या अबूझमाड़ में उनके रात बिताने की चर्चा है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

अमित शाह ने कहा- नक्सलवाद ने देश के कई हिस्सों में विकास को सालों तक अवरुद्ध किया, अब जल्द मिलेगी मुक्ति

रायपुर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस बात को फिर से दोहराया कि 31 मार्च 2026 तक भारत नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा। कार्यक्रम में बोलते हुए शाह ने कहा कि नक्सलवाद ने देश के कई हिस्सों में विकास को सालों तक अवरुद्ध किया है। गृह मंत्री ने सरकार के प्रयासों को रेखांकित करते हुए कहा कि बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्य अब इस प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में केवल दो जिले ही नक्सल प्रभावित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा की हालिया चुनावी जीत नक्सल विरोधी प्रयासों को और मजबूत करेगी। अमित शाह छत्तीसगढ़ के एक नक्सल प्रभावित क्षेत्र में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के एक कैम्प का दौरा करने वाले हैं जहां वह रात बिताएंगे। जब उनसे इस दौरे की महत्वता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “यह पहली बार नहीं है जब मैं ऐसे कैम्पों का दौरा कर रहा हूं। अब भाजपा के सरकार बनाने के बाद हमारे समन्वय में सुधार हुआ है।” उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ प्रगति का श्रेय इन प्रयासों को दिया और कहा “एक साल के भीतर 900 से अधिक लोग गिरफ्तार किए गए हैं। 600 से ज्यादा ने आत्मसमर्पण किया है। 300 से ज्यादा मुठभेड़ों में मारे गए हैं।” छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के एक साल पूरे होने के अवसर पर अमित शाह ने दावा किया कि नक्सल गतिविधियों में लगभग 70 प्रतिशत की कमी आ चुकी है। उन्होंने भाजपा के दृष्टिकोण की तुलना कांग्रेस सरकार से करते हुए कहा, “हमारे लिए वोटबैंक की राजनीति उतनी महत्वपूर्ण नहीं है जितनी राष्ट्रीय सुरक्षा और आदिवासी समुदायों का विकास।”

सर्जिकल स्ट्राइक जैसे कदम सरदार पटेल की आत्मा को संतोष प्रदान करते हैं, जो अधूरे संकल्प थे, उन्हें मोदी ने पूरा किया: अमित शाह

जोधपुर जोधपुर दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक जैसे कदम सरदार पटेल की आत्मा को संतोष प्रदान करते हैं। जो अधूरे संकल्प थे, उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा किया है। शाह ने कहा कि कांग्रेस ने सरदार पटेल के योगदान को दबाने का प्रयास किया, लेकिन अब उन्हें उचित सम्मान मिला है। सरदार पटेल को भारत रत्न से सम्मानित करने और उनकी जयंती को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने के फैसले ने उनके योगदान को नई पहचान दी है। सरदार पटेल के अधूरे संकल्प हुए पूरे गृह मंत्री ने धारा 370 और 35ए के हटने, कॉमन सिविल कोड लाने और ट्रिपल तलाक को समाप्त करने जैसे कदमों को सरदार पटेल के सपनों को पूरा करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के संकल्पों को पूरा करने में मोदी सरकार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रियासतों के एकीकरण में सरदार पटेल का योगदान शाह ने सरदार पटेल की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके बिना भारत का वर्तमान स्वरूप असंभव था। उन्होंने रियासतों को एकीकृत कर भारत को मजबूत किया। जोधपुर एयरबेस और अन्य राष्ट्रीय परियोजनाओं में उनकी भूमिका को याद करते हुए शाह ने कहा कि सरदार पटेल को कांग्रेस ने कभी उचित सम्मान नहीं दिया, लेकिन मोदी सरकार ने “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” बनाकर उनकी विरासत को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित किया।

देर रात पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह शामिल, राजस्थान-जोधपुर में BSF का स्थापना दिवस समारोह

जोधपुर. केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह देर रात जोधपुर पहुंचे। जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर  उनका स्वागत केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल सहित कई पदाधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने किया। शाह आज जोधपुर में सीमा सुरक्षा बल के स्थापना दिवस और सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्ति के अनावरण समारोह में शामिल होंगे। उनके स्वागत के दौरान केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुलदस्ता भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात के दौरान गजेन्द्र सिंह शेखावत ने राजस्थान के विकास को लेकर विस्तार से चर्चा की। शेखावत ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कृत संकल्पित है। उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान का विकास लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच और विजन के अनुसार मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास के लिए कार्य शुरू कर दिए हैं और आगामी चार सालों में एमओयू के तहत योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा। बैरवा ने उपचुनाव और घोटालों के सवालों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीति हमेशा एकजुट रहने की रही है और पार्टी के कार्यों के आधार पर जनता ने उपचुनाव में फैसला दिया है। वहीं घोटालों पर उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसी भी घोटाले को बर्दाश्त नहीं करेगी और जो गलत हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बस्तर ओलंपिक और नक्सली हमले के शहीदों के परिजनों को देंगे सांत्वना, छत्तीसगढ़-जगदलपुर आएंगे गृहमंत्री अमित शाह

जगदलपुर/रायपुर. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर आएंगे। वे 15 और 16 दिसंबर को छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वो पहले दिन 15 दिसंबर को जगदलपुर में होने वाले संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह में शिरकत करेंगे। दूसरे दिन 16 दिसंबर को सुबह में नक्सली हमले में वीरगति को प्राप्त दो जवानों के परिवारों से मुलाकात करेंगे। वहीं, नक्सल ऑपरेशन में शामिल जवानों के साथ रात्रि भोज भी करेंगे। एक कैंप का भ्रमण भी करेंगे। एक रात रुककर एलडब्ल्यूई बैठक में शामिल होंगे। छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 14 तारीख की रात 9 बजे दिल्ली से रायपुर पहुंचेंगे। 14 दिसंबर को वह रात्रि विश्राम करेंगे। 15 दिसंबर की सुबह अमित शाह पुलिस परेड ग्राउंड में प्रेसिडेंट पुलिस कलर अवॉर्ड में शमिल होंगे। इसके बाद उसी दिन वे जगदलपुर के लिए रवाना हो जाएंगे। बस्तर ओलंपिक के संभाग स्तरीय खेल प्रतियोगिता के समापन समारोह में शिरकत करेंगे। बस्तर में शाह का डिनर कार्यक्रम है, जिसमें जितने भी पुलिस कमांडर हैं, जिन्होंने नक्सल ऑपरेशन में हिस्सा लिया है, उसमें शामिल होंगे। जगदलपुर में छात्रों से भी मुलाकात करेंगे। इसके बाद नक्सल इलाके में स्थित सुरक्षा बल कैंप का दौरा भी करेंगे। इसके बाद दूसरे दिन सुबह में वीरगति को प्राप्त दो जवानों के परिजनों से मुलाकात करेंगे। शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे। एक कैंप का भ्रमण करेंगे। उसके बाद वापस रायपुर आएंगे। यहां एलडब्लूई की समीक्षा बैठक लेंगे। उसके बाद शाम 4 बजे के आसपास रायपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। उनके छत्तीसगढ़ दौरे की तैयारियां तेज हो गई हैं। क्यों अहम है शाह का दौरा दरअसल, केंद्र और छत्तीसगढ़ की बीजेपी सरकार प्रदेश के बस्तर से नक्सलवाद को खत्म करने को लेकर गंभीर है। केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने अपने पिछले दौरे के दौरान नक्सल अभियान की समीक्षा बैठक में रायपुर में दावा करते हुए कहा था कि डबल इंजन की सरकार मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवादमुक्त कर देगी। इसलिये शाह का छत्तीसगढ़ दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। वे आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की प्रगति का जायजा भी लेंगे।

साबर डेयरी के पशु आहार संयंत्र और पुलिस विज्ञान कांग्रेस का अमित शाह करेंगे उद्घाटन

गांधीनगर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने गुजरात दौरे के दौरान कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और करोड़ों रुपयों की सौगात प्रदेश को देंगे। मंगलवार को अमित शाह गांधीनगर में महात्मा मंदिर में एक डाक टिकट प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। उसके बाद गांधीनगर में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में 50वें अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान सम्मेलन में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में पुलिसिंग और सार्वजनिक सुरक्षा में प्रगति पर चर्चा की जाएगी। उसके बाद अमित शाह साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर कस्बे के निकट साबर डेयरी के पशु आहार संयंत्र का उद्घाटन करेंगे। जिसकी उत्पादन क्षमता 800 मीट्रिक टन है। उद्घाटन गुजरात के कृषि और डेयरी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगा। इस संयंत्र से अरवल्ली और साबरकांठा जिले के पशुपालकों को बड़े पैमाने पर लाभ मिलने की उम्मीद है। इसे 210 करोड़ रुपये की लागत से बनाकर तैयार किया गया है। मंगलवार शाम को अमित शाह अहमदाबाद शहर के बाहरी इलाके में शेला गांव के पास एक नव-विकसित झील का लोकार्पण करेंगे। गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर अहमदाबाद पहुंचे अमित शाह ने विश्वास जताया कि भाजपा और उसके सहयोगी दल महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव जीतेंगे। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को मणिपुर में सुरक्षा स्थिति का आकलन करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। जिसमें सुरक्षा समेत तमाम मुद्दों पर चर्चा की गई। वहीं गुजरात के गोधरा कांड पर बनी फिल्म ‘द साबरमती रिपोर्ट’ की भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तारीफ की थी। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट पर उन्होंने लिखा था “कोई भी शक्तिशाली इकोसिस्टम चाहे कितनी भी कोशिश कर ले, वह सच्चाई को हमेशा के लिए अंधेरे में नहीं छिपा सकता। फिल्म ‘द साबरमती रिपोर्ट’ इकोसिस्टम को चुनौती देती है और दुर्भाग्यपूर्ण घटना के पीछे की सच्चाई को उजागर करती है।”  

मणिपुर में हिंसाग्रस्त इलाके का दौरा करेंगे CRPF महानिदेशक, शाह की महाराष्ट्र की चुनावी रैलियां रद्द

नई दिल्ली. मणिपुर में अस्थिर हालात के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र में अपनी चुनावी रैलियां रद्द कीं। वे नागपुर से दिल्ली लौट आए हैं। इससे पहले वे महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर विदर्भ क्षेत्र में चार रैलियां करने वाले थे। उनकी जगह अब केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मंत्री स्मृति ईरानी इन रैलियों में हिस्सा लेंगी। इस बीच सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि मणिपुर में जारी तनाव के मद्देनजर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक अनीश दयाल सिंह मणिपुर का दौरा करने वाले हैं। दरअसल, मणिपुर के जिरीबाम से सोमवार से लापता छह लोगों में से एक महिला और दो बच्चों के शव नदी में तैरते पाए गए थे। अब इसके दो दिन बाद यानी रविवार की सुबह यह दावा किया जा रहा है कि यहां एक और महिला का शव मिला है। दावा है कि असम के कछार जिले में बराक नदी से पुलिस ने शव बरामद किया है, जो जिरीबाम की सीमा पर है। यह शव उस जगह से नीचे की ओर है, जहां तीन अन्य शव बरामद किए गए थे। हालांकि, शव की पहचान अभी नहीं हो पाई है, लेकिन यह भी छह लापता लोगों में से एक का शव होने का संदेह है।

हिंगोली में चुनाव प्रचार के दौरान चुनाव आयोग के अधिकारियों ने उनके हेलीकॉप्टर की जांच की: अमित शाह

मुंबई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि शुक्रवार को महाराष्ट्र के हिंगोली में चुनाव प्रचार के दौरान चुनाव आयोग के अधिकारियों ने उनके हेलीकॉप्टर की जांच की। उन्होंने सभी से स्वस्थ चुनाव प्रणाली में अपना योगदान देने की अपील की। इस जांच से जुड़ा एक वीडियो ‘एक्स’ पर साझा करते हुए शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) निष्पक्ष चुनाव और स्वस्थ चुनाव प्रणाली में विश्वास करती है और निर्वाचन आयोग के नियमों का पालन करती है। शाह ने कहा, ‘‘आज महाराष्ट्र के हिंगोली विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान चुनाव आयोग के अधिकारियों के द्वारा मेरे हेलीकॉप्टर की जांच की गई। भाजपा निष्पक्ष चुनाव और स्वस्थ चुनाव प्रणाली में विश्वास रखती है और माननीय चुनाव आयोग द्वारा बनाए गए सभी नियमों का पालन करती है।” उन्होंने कहा, ‘‘एक स्वस्थ चुनाव प्रणाली में हम सभी को अपना योगदान देना चाहिए और भारत को विश्व का सबसे मजबूत लोकतंत्र बनाए रखने में अपने कर्त्तव्यों का पालन करना चाहिए।” शाह की ओर से साझा किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि चुनाव अधिकारी उनके हेलीकॉप्टर की जांच कर रहे हैं। इस दौरान एक अधिकारी को बैग और अन्य सामान की जांच करते भी देखा गया। चुनाव आयोग के अधिकारियों द्वारा नेताओं के सामान की जांच करने की घटना उस समय चुनावी मुद्दे में तब्दील हो गई जब शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के बैग की जांच की गई थी। ज्ञात हो कि कुछ दिन पहले लातूर और यवतमाल जिलों में पहुंचने के बाद चुनाव आयोग के अधिकारियों ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के एक ‘बैग’ की जांच की थी। ठाकरे ने इस जांच से संबंधित वीडियो साझा करते हुए पूछा था कि क्या मुख्यमंत्री, राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शाह सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं पर भी उनके चुनाव प्रचार के दौरान यही नियम लागू किया जायेगा। इस घटना के बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के ‘बैग’ की भी जांच की गई थी।

अमित शाह ने कहा- इंदिरा भी स्वर्ग से लौट आएं तो नहीं ला पाएंगी आर्टिकल 370, औरंगजेब फैन क्लब बना MVA

मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करते हुए होम मिनिस्टर अमित शाह ने महाविकास अघाड़ी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महा विकास अघाड़ी गठबंधन ‘औरंगजेब फैन क्लब’ में तब्दील होता जा रहा है, भाजपा का महायुति गठबंधन शिवाजी महाराज और सावरकर के आदर्शों पर चल रहा है। यही नहीं इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में आर्टिकल 370 बहाली की मांग को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। अमित शाह ने कहा, ‘इंदिरा गांधी भी स्वर्ग से लौट आएं, तब भी कश्मीर में अनुच्छेद 370 बहाल नहीं किया जाएगा।’ राहुल गांधी पर तंज कसते हुए शाह ने कहा कि आपकी चौथी पीढ़ी आ जाए, तब भी मुसलमानों के लिए कोई आरक्षण नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मैंने पूरे महाराष्ट्र का दौरा किया है और विश्वास के साथ कह सकता हूं कि 20 नवंबर को विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति को सफलता मिलेगी। महाराष्ट्र की ‘लाडली बहनें’ भाजपा के साथ हैं। होम मिनिस्टर ने कहा कि महायुति की सरकार बनेगी और विधानसभा में उसे अब तक की सर्वाधिक सीटें मिलेंगी। अमित शाह ने कहा कि सुशील कुमार शिंदे गृह मंत्री रहते समय श्रीनगर स्थित लाल चौक जाने में डरते थे; उन्हें अब अपने नाती-पोतों के साथ वहां जाना चाहिए, वे सुरक्षित रहेंगे। अमित शाह ने कहा, ‘सोनिया-मनमोहन की सरकार के 10 साल के दौरान पाकिस्तान से आतंकवादी आते थे और यहां बम विस्फोट करते थे। इन लोगों ने वोट बैंक की राजनीति के लिए नक्सलवाद और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। होम मिनिस्टर बोले कि राहुल गांधी को यह याद रखना चाहिए कि अगर उनकी ‘चौथी पीढ़ी’ भी आ जाए तो वह भी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का आरक्षण काटकर मुसलमानों को नहीं दे सकतीं। कुछ दिन पहले उमेला समूह के लोग महाराष्ट्र में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष से मिले और कहा कि मुसलमानों को आरक्षण देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘अगर मुसलमानों को आरक्षण देना है तो एससी, एसटी और ओबीसी का आरक्षण काट कर देना पड़ेगा। अरे राहुल बाबा (राहुल गांधी), आप तो क्या आपकी चार पीढ़ियां भी एससी, एसटी और ओबीसी का आरक्षण काटकर मुसलमानों को नहीं दे सकतीं।’ शाह ने यह भी कहा कि अनुच्छेद 370 को कभी बहाल नहीं किया जाएगा, चाहे कुछ भी हो जाए। उन्होंने कहा, ‘अगर इंदिरा गांधी स्वर्ग से वापस आ भी जाती हैं तो भी अनुच्छेद 370 को बहाल नहीं किया जाएगा।’

अमित शाह ने कहा सत्ता में आने पर महिलाओं की संपत्ति का पंजीकरण एक रुपए में होगा, मोदी की गारंटी पत्थर पर लकीर

झरिया केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने झारखंड के झरिया विधानसभा में जनसभा को संबोधित करते हुए कई बड़े ऐलान किए। इसमें उन्होंने संपत्ति पर पंजीकरण से जुड़ा ऐलान भी किया। अमित शाह ने कहा कि सत्ता में आने पर महिलाओं की संपत्ति का पंजीकरण एक रुपए में होगा। इसके अलावा भी उन्होंने कई बाते कहीं। अमित शाह बोले, मैं आज ये कहने आया हूं कि नरेंद्र मोदी की गारंटी पत्थर पर लकीर होती है। ये एक-एक गारंटी को पूरा करने का काम हम करेंगे। संपत्ति खरीदने से जुड़ा ऐलान अमित शाह ने कहा कि जब यहां बीजेपी की सरकार थी तो बहनों को 50 लाख तक की संपत्ति खरीदने पर सिर्फ एक रुपया स्टांप ड्यूटी देनी होती थी, लेकिन इन लोगों ने बंद कर दी। अमित शाह ने ऐलान करते हुए कहा कि हम स्टांप ड्यूटी को फिर से लागू करने का काम करेंगे। संपत्ति खरीदने से जुड़ी एक रुपया योजना फिर से लागू होगी। गोगो दीदी योजना और मुफ्त गैस सिलेंडर हमने कहा है कि गोगो दीदी योजना के तहत 2100 रुपया आपके बैंक अकाउंट में हर महीना जमा होगा। देश में कितना भी गैस के सिलेंडरा का भाव हो, आपको अपने यहां 500 रुपए से ज्यादा दाम गैस सिलेंडर के लिए नहीं चुकाना होगा। और हर दिवाली और रक्षाबंधन को दो गैस के सिलेंडर मुफ्त में देने का काम बीजेपी की सरकार करेगी। बेरोजगारी भत्ता देने का किया ऐलान इसके साथ ही हेमंत सरकार पर हमला भी बोला। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन ने वादा किया था कि हम युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देंगे, इसके बाद उन्होंने सभा में मौजूद लोगों से पूछा कि क्या आप लोगों को बेकारी भत्ता मिला? इसके बाद उन्होंने कहा कि हमारी दीदी को जिताकर ला दो, आपको हर महीना दो हजार रुपए का चेक मिलेगा। इसके साथ ही अमित शाह ने वर्तमान सरकार को आड़े हाथों भी लिया।

सरायकेला में अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे पर हेमंत सोरेन को घेरा, सरकार बनी तो हम घुसपैठ के खिलाफ कानून लेकर आएंगे

सरायकेला झारखंड में पहले फेज की वोटिंग से पहले सियासी पारा हाई है। बीजेपी ने जेएमएम के ऊपर राजनीतिक हमले तेज कर दिए हैं। सोमवार को सरायकेला की एक जनसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आदिवासियों की घटती आबादी का जिक्र करते हुए बड़ा एलान कर दिया। अमित शाह ने कहा, “आदिवासियों की आबादी घट रही है, जबकि घुसपैठिए बढ़ रहे हैं। अगर बीजेपी की सरकार बनी तो हम घुसपैठ को पूरी तरह से खत्म कर देंगे”। बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगे कहा कि हम एक कानून लाएंगे, जहां अगर कोई घुसपैठिया किसी आदिवासी महिला से शादी करता है, तो भी उसे महिला की जमीन ट्रांसफर नहीं की जा सकेगी। हेमंत सोरेन पर बरसे अमित शाह अमित शाह ने झारखंड के मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के स्टार प्रचारक हेमंत सोरेन पर भी निशाना साधा। अमित शाह ने कहा कि जिस तरह से चंपई सोरेन (पूर्व सीएम) को अपमानित किया गया और मुख्यमंत्री पद से हटाया गया, वह सही नहीं है। यह सिर्फ उनका नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समुदाय का अपमान है। अमित शाह ने आगे कहा, “चंपई सोरेन इतने वर्षों से वफादार रहे हैं, हेमंत जी के साथ खड़े रहे, लेकिन जिस तरह से उन्हें अपमानित किया गया और हटाया गया, यह सिर्फ चंपई सोरेन का अपमान नहीं है, बल्कि पूरे आदिवासी समुदाय का अपमान है।” भ्रष्टाचार पर कांग्रेस को घेरा अमित शाह ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, एक कांग्रेस नेता के आवास से भारी मात्रा में नकदी जब्त की गई। यहां अमित शाह पूर्व मंत्री आलमगीर आलम का जिक्र कर रहे थे। बता दें कि उनके आवास से 30 करोड़ रुपये और नोट गिनने की 27 मशीनें बरामद की गईं थी। झामुमो-कांग्रेस-राजद पर घोटालों का आरोप केंद्रीय गृह मंत्री ने आगे सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार पर आरोप लगाया कि वह नियमित रूप से घोटाले करती है। उन्होंने (झामुमो-कांग्रेस-राजद) मनरेगा में 1,000 करोड़ रुपये का घोटाला किया, 300 करोड़ रुपये का भूमि घोटाला किया, 1,000 करोड़ रुपये का खनन घोटाला किया और हजारों करोड़ रुपये का शराब घोटाला किया। पेपर लीक पर बोले अमित शाह उन्होंने यह भी कहा कि अगर भाजपा राज्य में सत्ता में आती है तो पेपर लीक करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अमित शाह ने कहा, “हेमंत सोरेन की सरकार में भ्रष्टाचार हुआ और परीक्षा के पेपर लीक हुए। बीजेपी सरकार सत्ता में आने के बाद हम इन पेपर लीक करने वालों को सबक सिखाएंगे।

उद्धव ठाकरे जी कांग्रेस के नेता राहुल गांधी से कह सकते हैं कि वह वीर सावरकर के लिए दो शब्द बोल दें?: अमित शाह

महाराष्ट्र महाराष्ट्र विधानसभा चुनवा को लेकर बीजेपी लगातार महा विकास अघाड़ी पर हमलावर है. इसी बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के लिए पार्टी का संकल्प पात्र जारी किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि आज यहां जिस संकल्प पत्र का विमोचन हुआ है, वह महाराष्ट्र की जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी हमला बोला. राहुल गांधी को दी चुनौती कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा,”मैं उद्धव ठाकरे जी से पूछना चाहता हूं कि क्या वह कांग्रेस के नेता राहुल गांधी से कह सकते हैं कि वह वीर सावरकर के लिए दो शब्द बोल दें? क्या कांग्रेस का कोई नेता बाला साहब ठाकरे जी के सम्मान में दो वाक्य बोल सकता है? अंतर्विरोध के बीच में अघाड़ी की सरकार बनाने का स्वप्न लेकर जो लोग निकले हैं, उन्हें महाराष्ट्र की जनता जान ले तो अच्छा होगा.” उन्होंने आगे कहा,  “मैं उद्धव ठाकरे को कहना चाहता हूं कि आप को कहां बैठना है, ये आप को ही तय करना है. लेकिन मैं आप को याद दिलाना चाहता हूं कि आप 370 का विरोध करने वाले, रामजन्मी भूमि का विरोध और वक्फ बोर्ड में सुधार का विरोध करने वालों के साथ बैठे हो.” ‘जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है’ संकल्प पत्र का विमोचन करते हुए अमित शाह ने कहा, “महाराष्ट्र एक प्रकार से कई युगों से हर क्षेत्र में देश का नेतृत्व कर रहा है. एक जमाने में जब जरूरत थी, तब भक्ति आंदोलन की शुरुआत भी महाराष्ट्र से हुई, गुलामी से मुक्ति का आंदोलन भी शिवाजी महाराज ने यहीं से शुरू हुआ, समाजिक क्रांति की शुरुआत भी यहीं से हुई है और महाराष्ट्र की जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब हमारे संकल्प पत्र में दिखाई पड़ता है.”  केंद्रीय गृहमंत्री ने महा विकास अघाड़ी पर साधा निशाना  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “अघाड़ी की सारी योजनाएं सत्ता की लालच में तुष्टिकरण की हैं, विचारधाराओं का अपमान करने वाली हैं और महाराष्ट्र की संस्कृति से छल करने वाली हैं. उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के संकल्प पत्थर की लकीर होते हैं. केंद्र हो या राज्य, जब हमारी सरकार बनती है, तो हम हमारे संकल्पों को सिद्ध करते हैं.  

अगर महाविकास अघाड़ी जीत जाएगा तो वह किसानों की जमीन वक्फ को दे देगा: अमित शाह

सतारा महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहा है, विरोधी दल एक दूसरे पर हमले तेज कर रहे हैं।  गृह मंत्री अमित शाह ने सतारा जिले के कराड में रैली की और महाविकास अघाड़ी गढबंधन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वक्फ कानून में बदलाव किए जिससे कि वक्फ बोर्ड किसी की भी जमीन पर कब्जा करने लगा। कर्नाटक की सरकार ने पूरा का पूरा गांव वक्फ को दे दिया। उन्होंने कहा, अगर महाविकास अघाड़ी जीत जाएगा तो वह किसानों की जमीन वक्फ को दे देगा। पवार और राहुल गांधी नहीं चाहते कि वक्फ कानून में संशोधन किया जाए। हमने ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और आने वाले सेशन में इसे पास करवाएंगे। अमित शाह ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर हमला करते हुए शुक्रवार को कहा कि उन्हें उन लोगों के साथ गठबंधन करने के लिए शर्म आनी चाहिए जो हिंदुत्व को पाखंड कहते हैं, भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते हैं और आतंकवादी अजमल कसाब को बिरयानी खिलाते हैं। शाह ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा शरद पवार) प्रमुख शरद पवार पर यह झूठ बोलने का आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में निवेश नहीं आ रहा है। शाह ने पवार पर पलटवार करते हुए कहा कि महा विकास आघाडी (एमवीए) के शासन के दौरान विकास के मामले में राज्य की ‘रैंकिंग’ गिर गई थी लेकिन अब महायुति सरकार के तहत यह प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित कर रहा है। शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ‘झूठ की फैक्टरी’’ करार दिया और आरोप लगाया कि वह अग्निपथ योजना के बारे में गलत सूचना फैला रहे हैं।केन्द्रीय गृह मंत्री ने ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि ठाकरे उन लोगों के साथ बैठे हैं जो हिंदुत्व को ‘पाखंड’ कहते हैं। उन्होंने कहा, ‘आप उन लोगों के साथ बैठे हैं जिन्होंने अफजल खान और औरंगजेब की कब्रों की रक्षा की। आप उन लोगों के साथ बैठे हैं जो हिंदुओं को आतंकवादी कहते हैं। आप उन लोगों के साथ बैठे हैं जिन्होंने (26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के दोषी) अजमल कसाब को बिरयानी खिलाई। आप उन लोगों के साथ बैठे हैं जो भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते हैं। आपको शर्म आनी चाहिए।’’ महाराष्ट्र में 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद ठाकरे ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ हाथ मिला लिया था। शाह ने कहा, ‘शरद पवार इस उम्र में भी झूठ बोलने से बाज नहीं आ रहे। वह कहते हैं कि महाराष्ट्र में निवेश नहीं आ रहा है। मैं आपको बताना चाहता हूं कि उद्धव जी के साथ आपकी सरकार के दौरान महाराष्ट्र की विकास रैंकिंग गिर गई थी लेकिन (देवेंद्र) फडणवीस और (एकनाथ) शिंदे के नेतृत्व वाली हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद महाराष्ट्र में एफडीआई आ रहा है।’ शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फडणवीस और शिंदे के माध्यम से महाराष्ट्र में सड़क संपर्क, समृद्धि एक्सप्रेसवे, मुंबई कोस्टल रोड, अटल सेतु, मुंबई और पुणे में मेट्रो ट्रेनें, सिंचाई परियोजनाओं जैसी कई परियोजनाएं शुरू की हैं। सातारा को वीरों की भूमि बताते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के हजारों युवा सेना में सेवारत हैं। उन्होंने कहा, ‘इंदिरा गांधी ने ‘एक रैंक एक पेंशन’ का वादा किया था लेकिन कांग्रेस के 40 साल तक सत्ता में रहने के बावजूद वादा पूरा नहीं किया गया। मोदी ने इसे पूरा किया।’

अमित शाह ने कहा – सरकार जल्द लाएगी राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक नीति

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकवाद निरोधक सम्मेलन को संबोधित किया। अमित शाह ने कहा कि सरकार आतंकवाद, आतंकवादियों और उनके पारिस्थितिकी तंत्र से लड़ने के लिए जल्द ही राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक नीति और रणनीति लाएगी। आतंकवाद की कोई सीमा नहीं आतंकवाद निरोधक सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि कानून और व्यवस्था राज्य का विषय है और राज्यों की भौगोलिक सीमाएं और संवैधानिक सीमाएं हैं, लेकिन आतंकवाद के मामले में ऐसी कोई सीमा नहीं है और इसलिए सभी सुरक्षा एजेंसियों (केंद्र और राज्य) को निकट समन्वय में काम करना चाहिए, संयुक्त रणनीति बनानी चाहिए और खुफिया जानकारी साझा करनी चाहिए। आतंकवाद से निपटने के लिए तैयार उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए आदर्श आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) और आदर्श विशेष कार्य बल (एसटीएफ) पर एक दृष्टिकोण तैयार किया है, जिसे अगर अपनाया जाता है तो यह आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए एक साझा ढांचे और मंच के रूप में काम करेगा। उन्होंने कहा, “हमें आतंकवाद, आतंकवादियों और उनके पारिस्थितिकी तंत्र से लड़ने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है। हम जल्द ही एक नई राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति और रणनीति लाएंगे, जिसमें आप सभी की अहम भूमिका होगी। राज्यों के साथ मिलकर करेंगे काम सम्मेलन में राज्य पुलिस बलों के प्रमुख और राज्यों और केंद्र के अन्य शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल हुए। गृह मंत्री ने कहा कि नई नीति राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों को आतंकवाद से निपटने के लिए निकट समन्वय में काम करने में मदद करेगी। एटीएस और एसटीएफ मॉडल पर उन्होंने कहा कि मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को राज्यों के साथ साझा किया जा रहा है और वे अपनी-अपनी आवश्यकताओं के अनुसार इसमें बदलाव कर सकते हैं। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुसार 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए सभी को सभी सुरक्षा चुनौतियों से निपटना होगा और आतंकवाद से लड़ने के लिए एकीकृत पारिस्थितिकी तंत्र बनाना होगा। इससे (एटीएस और एसटीएफ मॉडल को अपनाने से) राज्यों के अधिकार कम नहीं होंगे। आतंकवाद को करेंगे जड़ से खत्म गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार देश में आतंकवाद को खत्म करने और इसके खिलाफ ठोस रणनीति के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों को युवा अधिकारियों को अच्छी तरह से सुसज्जित करना होगा और आतंकवाद से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना होगा।

शाह 9 नवंबर को जमशेदपुर में एक भव्य रोड शो जुबली पार्क गेट से शुरू होगा और भालुबासा चौक तक चलेगा

रांची केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 9 नवंबर को जमशेदपुर में एक भव्य रोड शो करेंगे। साथ ही शाह पोटका विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की प्रत्याशी मीरा मुंडा के लिए चुनावी सभा को भी संबोधित करेंगे। शाह का रोड शो पूर्वी जमशेदपुर और जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों में होगा। शाह का रोड शो जुबली पार्क गेट से शुरू होगा और भालुबासा चौक तक चलेगा। रोड शो के दौरान पूर्वी जमशेदपुर से भाजपा प्रत्याशी पूर्णिमा साहु और जमशेदपुर पश्चिम से एनडीए के सहयोगी दल जेडीयू के उम्मीदवार सरयू राय के जीत के लिए अपील करेंगे। जमशेदपुर में भाजपा का चुनाव प्रचार तेज है। इस चुनाव प्रचार को धार देने और विजय संकल्प को पूर्ण करने के उद्देश्य से पार्टी के वरिष्ठ नेता अमित शाह शनिवार को जमशेदपुर आएंगे। इनकी जनसभा और रोड शो की तैयारी को लेकर बुधवार को भाजपा जमशेदपुर महानगर की महत्वपूर्ण बैठक साकची में हुई। भाजपा के जमशेदपुर जिलाध्यक्ष सुधांशु ओझा ने बताया कि भाजपा जमशेदपुर महानगर इस रोड शो और जनसभा की सफलतापूर्वक आयोजन के लिए व्यापक तैयारी में जुट गई है।  

अमित शाह ने कहा- उनके कर्तव्य परायणता की सराहना की और कहा कि बहादुर और वीर पुलिस कर्मी देश का गौरव हैं

  नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पुलिस स्मृति दिवस पर यहां राष्ट्रीय पुलिस स्मारक जाकर शहीद पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर श्री शाह ने पुलिस कर्मियों को संबोधित करते हुए उनके कर्तव्य परायणता की सराहना की और कहा कि बहादुर और वीर पुलिस कर्मी देश का गौरव हैं। उन्होंने कहा कि ये पुलिसकर्मी कश्मीर से कन्याकुमारी और कीबितू से कच्छ तक देश की रक्षा में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस पर वह पुलिस कर्मियों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि आज का दिन शहीद पुलिस कर्मियों की शहादत का सम्मान करने तथा उनके परिजनों को यह विश्वास दिलाने के लिए मनाया जाता है कि जिस उद्देश्य के लिए उनके परिवार के सदस्य ने बलिदान दिया है उसे हर हालत में पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस उन महान वीर पुलिस कर्मियों के सम्मान में मनाया जाता है जिन्होंने 21 अक्टूबर 1959 को चीन की साजिश का मुंह तोड़ जवाब देते हुए देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया था। गृह मंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों के दौरान कश्मीर और पूर्वोत्तर के क्षेत्र में हमारे वीर पुलिस कर्मियों तथा सैनिकों के समर्पण से करीब करीब शांति बहाली हो गई है। उन्होंने कहा कि बहादुर सुरक्षाकर्मी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए समर्पित हैं। श्री शाह ने कहा कि तीन नए आपराधिक कानून यह सुनिश्चित करेंगे कि देश में दुनिया का सबसे बेहतर अपराधिक न्याय तंत्र स्थापित हो। इन नए कानून के पूरी तरह लागू हो जाने के बाद देश में किसी को भी न्याय के लिए 3 वर्ष से अधिक समय का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।  

हरियाणा में तीसरी बार सरकार बनने पर बोले अमित शाह, भाजपा के खिलाफ भ्रांति फैलाई गई थी कि किसानों से अन्याय हो रहा है

हरियाणा हरियाणा में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। पार्टी की विधायक दल की मीटिंग में बुधवार को नायब सिंह सैनी को नेता चुन लिया गया। अब वह सरकार गठन का दावा करेंगे और गुरुग्राम को पंचकूला में शपथ लेंगे। नायब सैनी को नेता चुने जाने की जानकारी अमित शाह ने दी और कहा कि भाजपा के खिलाफ भ्रांति फैलाई गई थी कि किसानों से अन्याय हो रहा है। अमित शाह ने कहा, ‘यह भ्रांति फैलाई गई कि किसानों से अन्याय हुआ। मैं आज विपक्ष से कहना चाहता हूं कि पूरे देश में यदि कोई राज्य 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदता है तो वह भाजपा के शासन वाला हरियाणा है।’ गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बनी केंद्र की यह ऐसी पहली सरकार है, जिसने एमएसपी पर सबसे ज्यादा फसलों की खरीद की है। एक बात और स्पष्ट कर दूं कि यह सरकार अग्निवीरों के जरिए युवाओं पर अन्याय करने वाली नहीं है बल्कि अग्निवीर के माध्यम से सेना को युवा बनाने वाली है। उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि बीते 10 साल जैसे भाजपा की सरकार ने काम किए हैं। उसी तरह से नायब सिंह सैनी की सरकार भी काम करती रहेगी। विपक्ष ने लोगों को भड़काने में कोई कमी नहीं छोड़ी। हमारा वादा है कि अग्निवीर से लौटा हुआ एक-एक जवान भारत और हरियाणा की सरकार में पेंशन वाली नौकरी पाएगा। उन्होंने कहा कि हमने अपनी प्राथमिकता में रखा है कि जवानों और किसानों के हितों की रक्षा की जाए। अमित शाह ने कहा कि यह पीएम नरेंद्र मोदी के विकास की नैरेटिव की जीत है। वह पूरे देश में विकास के मुद्दे को लेकर ही आगे बढ़ रहे हैं। अमित शाह ने कहा कि यह भाजपा की नीतियों की भी जीत है। 1980 के बाद से अब तक ऐसा कहीं नहीं हुआ कि लगातार तीन बार किसी पार्टी को जीत मिली हो, ऐसा भाजपा के साथ ही हरियाणा में हुआ है। सीएम नायब सिंह सैनी गुरुवार को पंचकूला के दशहरा ग्राउंड में सुबह 10 बजे सीएम पद की शपथ लेंगे। उनके साथ कुछ और मंत्री भी शपथ ले सकते हैं, जिनमें वरिष्ठ नेता अनिल विज, राव नरबीर, आरती सिंह राव, मुकेश शर्मा, शक्ति रानी शर्मा आदि शामिल हो सकते हैं। इस शपथ ग्रहण समारोह को भाजपा शक्ति प्रदर्शन के तौर पर पेश करना चाहती है। इसमें पीएम मोदी, अमित शाह, डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह मौजूद रहेंगे। इसके अलावा एनडीए शासित देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम भी मौजूद रहेंगे।

अमित शाह ने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर एक संदेश साझा किया, एनएसजी राइजिंग डे पर दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) राइजिंग डे के अवसर पर बुधवार को अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर एक संदेश साझा किया है, जिसमें उन्होंने एनएसजी के सभी कर्मियों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दी। अमित शाह ने कहा कि एनएसजी ने ‘सर्वत्र सर्वोत्तम सुरक्षा’ के अपने आदर्श वाक्य को पूरा करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने में अद्वितीय विशेषज्ञता दिखाई है। अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “एनएसजी के स्थापना दिवस पर, मैं हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड कर्मियों और उनके परिवारों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। ‘सर्वत्र सर्वोत्तम सुरक्षा’ के आदर्श वाक्य पर चलते हुए, एनएसजी ने त्वरित प्रतिक्रिया, सामरिक आश्चर्य, गुप्त संचालन और त्रुटिहीन सटीकता में उल्लेखनीय विशेषज्ञता के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को लगातार मजबूत किया है।” अमित शाह ने एनएसजी के वीरों को भी सलाम किया, जिन्होंने अपनी ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने लिखा, “एनएसजी के उन बहादुर जवानों को सलाम, जिन्होंने कर्तव्य की राह में अपने प्राणों की बलिदान दिया।” राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड को विशेष रूप से आतंकवाद, मुठभेड़ और अन्य सुरक्षा खतरों के खिलाफ त्वरित प्रतिक्रिया के लिए जाना जाता है। यह भारत का एक प्रमुख केंद्रीय अर्धसैनिक बल है, जिसकी स्थापना 1984 में हुई थी। यह विशेष रूप से आतंकवाद और सामरिक चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रशिक्षित है। एनएसजी के कर्मियों को कठिन परिस्थितियों में भी काम करने के लिए तैयार किया जाता है, जिससे वे किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया कर सके। वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के काम की अगर हम बात करें तो इसमें आतंकवादियों का मुकाबला करना, हाईजैकिंग की घटनाओं को निपटना, और महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा शामिल है। इसके अलावा, एनएसजी विशेष अभियानों के लिए भी प्रशिक्षित है, जहां उन्हें छिपे हुए या सटीक लक्ष्यों को लक्षित करना होता है।  

देश के नक्सल प्रभावित राज्यों को छत्तीसगढ़ में हाल में हुए सफल ऑपरेशन की रणनीति अपनाने की अपील की: अमित शाह

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को देश के नक्सल प्रभावित राज्यों को छत्तीसगढ़ में हाल में हुए सफल ऑपरेशन की रणनीति अपनाने की अपील की। श्री शाह ने देश के नक्सल प्रभावित राज्यों में जारी नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक अहम बैठक में यह बात कही।उन्होंने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया कि वे भी छत्तीसगढ़ की खुफिया तकनीकी और आपसी समन्वय के आधार पर अपने अपने राज्यों में ऑपरेशन को अंजाम दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ सहित अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य में विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए पूरा समर्थन देगी। इस बैठक की अध्यक्षता श्री शाह ने की, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया। इस महत्वपूर्ण बैठक का केंद्र बिंदु छत्तीसगढ़ का हाल ही में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ नक्सल विरोधी ऑपरेशन था, जिसमें राज्य की पुलिस ने 31 नक्सलियों को ढेर किया। इस ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ पुलिस की कुशल रणनीति और राज्य सरकार की योजनाओं की सफलता पर विशेष चर्चा की गई। श्री अमित शाह ने इस ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय और उनकी टीम के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक छत्तीसगढ़ के सुरक्षा बलों ने लगभग 194 नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराए हैं। वहीं 801 नक्सली गिरफ्तार हुए एवं 742 नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया है। उन्होंने कहा आज भी जो युवा नक्सलवाद में लिप्त है उनसे आग्रह है कि हथियार छोड़ कर मुख्य धारा से जुड़े। सभी राज्यों ने आपके पुनर्वास के लिए बेहतर योजनाएं बनाई हैं उसका फायदा लीजिए। श्री शाह ने छत्तीसगढ़ में हुए सफल ऑपरेशन की तारीफ करते हुए अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया कि वे भी छत्तीसगढ़ की खुफिया तकनीकी और आपसी समन्वय के आधार पर अपने अपने राज्यों में ऑपरेशन को अंजाम दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ सहित अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य में विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए पूरा समर्थन देगी। श्री साय ने बैठक में नक्सल ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने महीनों की मेहनत और प्लानिंग के बाद इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। ऑपरेशन में करीब 1000 जवान शामिल थे, जिन्होंने 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित गवाड़ी पहाड़ को घेरकर 31 नक्सलियों को ढेर किया। इस ऑपरेशन में कई बड़े नक्सली नेता मारे गए, जिनमें 16 पर कुल 1 करोड़ 30 लाख का इनाम घोषित था। मुठभेड़ में 18 पुरुष और 13 महिला नक्सली मारे गए।श्री साय ने अपने प्रेजेंटेशन में बताया कि कैसे राज्य की पुलिस फोर्स ने सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। मुख्यमंत्री ने बैठक में केवल ऑपरेशन की सफलता पर ही नहीं, बल्कि राज्य में चल रहे विकास कार्यों पर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा,“नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति बढ़ाई गई है। हम निरंतर गाँवों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुंचा रहे हैं, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।” श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लगातार मिल रहे मार्गदर्शन में हमने माओवादियों के कोर को तोड़ा। ऐसे एरिया में हमने 32 नये कैम्प स्थापित किये हैं, जिसे वो अपनी राजधानी तक कहते थे। उनकी बटालियन के कमांडर हिड़मा के गाँव में भी हमने कैंप स्थापित किया और उसकी माँ को भी स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई। श्री साय ने छत्तीसगढ़ सरकार की आगे की योजनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य नक्सलियों के बचे हुए गढ़ों को समाप्त करना और इन इलाकों में स्थाई शांति और विकास सुनिश्चित करना है। निकट भविष्य में, दक्षिण बस्तर में 29 नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना की जाएगी, ताकि नक्सलियों के प्रभाव को खत्म किया जा सके। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय तथा छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।  

अमित शाह से 6 राज्यों के सीएम करेंगे सीक्रेट मीटिंग, छत्तीसगढ़-सीएम विष्णुदेव साय दिल्ली दौरे पर

रायपुर/दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय रविवार को दिल्ली दौरे के लिए रवाना हो गए हैं। सीएम आज केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही नक्सल प्रभावित राज्यों की बैठक में हिस्सा लेंगे। अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद समाप्त करने की घोषणा की है। ऐसे में शाह नक्सलवाद के खिलाफ आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। अमित शाह 6 राज्यों के सीएम के साथ चर्चा करेंगे। दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा- “जब से हम लोग सरकार में आए हैं नक्सलवाद के साथ मजबूती से लड़ रहे हैं। कल एक बैठक गृह मंत्री अमित शाह के साथ है। जितने भी नक्सल से प्रभावित राज्य हैं वहां के मुख्यमंत्री और DGP के साथ बैठक होने वाली है।” अमित शाह ने सीएम से की थी चर्चा बता दें कि शुक्रवार को अमित शाह ने सीएम विष्णुदेव साय से बात की थी। अमित शाह ने दंतेवाड़ा-नारायणपुर जिले के बॉर्डर पर हुए मुठभेड़ की जानकारी ली थी और आगे की कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए थे। बता दें कि आमित शाह अगस्त महीने में छत्तीसगढ़ दौरे पर आए थे। यहां उन्होंने नक्सल प्रभावित राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने कहा था कि अब नक्सलियों के खिलाफ रणनीति बनाकर अंतिम प्रहार करने का समय आ गया है। शाह ने कहा था कि मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म कर दिया जाएगा। दंतेवाड़ा में हुआ था बड़ा एनकाउंटर छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले में सीमा पर जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में 31 नक्सली मारे गए थे। छत्तीसगढ़ में अभी तक का यह सबसे बड़ा नक्सली ऑपरेशन था। मारे गए नक्सलियों में 18 पुरुष और 13 नक्सली थे। मारे गए नक्सलियों में से 16 की पहचान हो गई थी। जिसने ऊपर 1 करोड़ 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। नक्सलियों के शव के पास से भारी मात्रा में आधुनिक हथियार बरामद हुए थे।

अमित शाह नक्सल प्रभावित राज्यों के साथ नई दिल्ली में जल करेंगे बैठक, बड़े ऑपरेशन की तैयारी में मोदी सरकार

नई दिल्ली मोदी सरकार में हुए लगातार प्रहार से सिमटते जा रहे नक्सलवाद पर अब अंतिम प्रहार की तैयारी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को नक्सल प्रभावित राज्यों के साथ नई दिल्ली में बैठक करने जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं में तेजी लाकर इन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास के साथ ही सरकार 2026 तक देश को नक्सलमुक्त करने के लिए बड़े ऑपरेशन की रूपरेखा बना सकती है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के विरुद्ध अभी हुई बड़ी कार्रवाई के बीच नक्सली भागकर अन्य राज्यों में शरण न ले सकें, इसे लेकर भी राज्यों को सतर्क और सक्रिय करने की रणनीति अपनाई जा सकती है। अभी ताजा घटनाक्रम है कि छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों ने 32 नक्सलियों को ढेर कर दिया है। इस साल मारे गए 193 नक्सली राज्य में इस वर्ष लगभग 193 नक्सली मारे जा चुके हैं। सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, सभी प्रभावित राज्यों में लगातार हुई नक्सलरोधी कार्रवाई का ही परिणाम है कि मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड जैसे राज्यों में नक्सली गतिविधियों पर लगभग विराम लग चुका है। बाकी के राज्यों छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध प्रदेश, तेलंगाना आदि में भी यह खात्मे की कगार पर हैं। उल्लेखनीय है कि अगस्त में रायपुर में हुई बैठक में गृह मंत्री शाह ने 2026 तक देश को नक्सलमुक्त करने का संकल्प दोहराते हुए कहा था कि अब नक्सलवाद पर अंतिम प्रहार की रणनीति बनाने की आवश्यकता है। साथ ही कहा था कि नक्सलियों के पास अभी बहुत कम समय बचा है, वह चाहें तो आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौट सकते हैं। डीजीपी और मुख्य सचिवों को सौंपा जाएगा जिम्मा सूत्रों के अनुसार, सोमवार को गृह मंत्री द्वारा की जा रही बैठक इसी अंतिम रणनीति को अमल में लाने की तैयारी के लिए है। इसमें नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक सहित केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। बताया गया है कि इन सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया जाएगा कि वह राजनीतिक पहलू को किनारे कर पूरी इच्छाशक्ति के साथ नक्सलवाद के खात्मे में लगें। सुरक्षा बलों द्वारा नक्सलियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की नियमित निगरानी का जिम्मा राज्यों के पुलिस महानिदेशकों को सौंपा जा सकता है, जबकि मुख्य सचिवों से अपेक्षा रहेगी कि वह नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरकार की विकास योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने के प्रयास में जुटें, ताकि इन क्षेत्रों के निवासियों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिले और वहां नक्लियों को फिर से पैर पसाने का अवसर न मिले। राज्यों को किया जा सकता है सतर्क महत्वपूर्ण यह भी है कि छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों ने गत दिवस ही नक्सलियों पर कड़ी कार्रवाई की है। भय के कारण यह नक्सली अन्य राज्यों में शरण न पा सकें, इसलिए भी अन्य राज्यों को सतर्क किया जा सकता है। गृह मंत्रालय द्वारा राज्यों से कहा जा सकता है कि अब अंतिम प्रहार के रूप में सभी राज्य मिलकर बड़ा ऑपरेशन शुरू करें, ताकि देश को इस बड़ी और पुरानी समस्या से निजात दिलाई जा सके।

अमित शाह ने अहमदाबाद में कहा- देश के लिए मरने की नहीं, जीने और काम करने की जरूरत है

अहमदाबाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश के लिए मरने की नहीं बल्कि जीने की जरूरत है। उन्होंने गुजरात के विकास में भूमिका निभाने के लिए कड़वा पाटीदार समुदाय की सराहना की। केंद्रीय गृह मंत्री शाह रविवार को अहमदाबाद में छात्रों के लिए एक छात्रावास परिसर का उद्घाटन करने के बाद एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल भी  मौजूद थे। शाह ने शहर में एक अस्पताल का भी उद्घाटन किया। शाह ने कहा कि आज देश के लिए मरने की नहीं बल्कि देश के लिए जीने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “आप एक अच्छे आईएएस, आईपीएस, सीए, डॉक्टर, अच्छे नागरिक या गृहिणी हो सकते हैं, लेकिन आपको देश के लिए काम करने की जरूरत है।” वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि कड़वा पाटीदार समुदाय ने गुजरात के विकास में बहुत योगदान दिया है। गुजरात और पाटीदार समुदाय का विकास समानांतर है। अपनी कड़ी मेहनत से कड़वा पाटीदार समुदाय ने अपने विकास के साथ-साथ राज्य और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शाह ने कहा कि आज उत्तरी गुजरात के कड़वा पाटीदार समुदाय के कई संस्थानों में पढ़कर लोग देश की सेवा कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि दो दशक पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘शाला प्रवेशोत्सव’ (स्कूल नामांकन) और ‘कन्या केलावणी महोत्सव’ के कारण राज्य में शिक्षा क्षेत्र में बहुत विकास देखा गया है। सीएम ने कहा कि बच्चों को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना बहुत जरूरी है। शिक्षा विकास की नींव है। सरकार देश के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। वहीं, छात्रावास के अधिकारियों ने कहा कि अमीन पीजेकेपी विद्यार्थी भवन कड़वा पाटीदार समुदाय द्वारा बनाया गया है। इस छात्रावास में सभी सामाजिक समूहों के छात्रों के रहने की व्यवस्था की जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने अहमदाबाद में नवनिर्मित मल्टी-स्पेशियलिटी एसएलआईएमएस अस्पताल का भी उद्घाटन किया। 30 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित 8 मंजिला अस्पताल में ओपीडी सुविधाओं के साथ-साथ रोबोटिक सर्जरी और कार्डियक केयर सेंटर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं हैं। शाह ने ट्वीट किया, ”मुझे विश्वास है कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह अस्पताल क्षेत्र की चिकित्सा जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा।”  

शाह ले रहे डोभाल-मनोज सिन्हा की मौजूदगी में जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों के बाद सुरक्षा स्थिति का जायजा

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दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति और अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के लिए दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक स्थित गृह मंत्रालय में एक बैठक कर रहे हैं। बैठक में एनएसए अजीत डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, गृह सचिव, सेना प्रमुख मनोज पांडे और सेना प्रमुख के पद के लिए मनोनीत लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी, आईबी के निदेशक तपन डेका, सीआरपीएफ के महानिदेशक अनीश दयाल, बीएसएफ के महानिदेशक नितिन अग्रवाल तथा गृह मंत्रालय और केंद्र शासित प्रदेश के अन्य अधिकारी शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जम्मू कश्मीर को लेकर इसी तरह की बैठक आयोजित करने के तीन दिन बाद शाह ने भी उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर हमले सहित कई आतंकवादी घटनाओं के बाद आतंकवाद विरोधी क्षमताओं का पूरा स्पेक्ट्रम तैनात करने के निर्देश दिए थे। सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर अधिकारी गृह मंत्री को जानकारी देंगे सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति, अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर बलों की तैनाती, घुसपैठ के प्रयासों, चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियानों की स्थिति और केंद्र शासित प्रदेश में सक्रिय आतंकवादियों के बारे में अधिकारी जानकारी दी जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि अमित शाह प्रधानमंत्री के निर्देश के अनुरूप ही सुरक्षा एजेंसियों को तत्काल कार्रवाई के बारे में व्यापक दिशानिर्देश देंगे। जम्मू-कश्मीर में चार दिनों में चार आतंकी हमले आतंकवादियों ने चार दिनों में जम्मू-कश्मीर के रियासी, कठुआ और डोडा जिलों में चार स्थानों पर हमले किए हैं। जिसमें नौ तीर्थ यात्रियों और एक सीआरपीएफ जवान की मौत हो गई और सात सुरक्षाकर्मी सहित कई अन्य लोग घायल हो गए।

16 जून को बुलाई हाई लेवल मीटिंग, जम्मू-कश्मीर में लगातार आतंकी हमलों के बाद एक्शन में अमित शाह

जम्‍मू केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमलों की सुरक्षा स्थित की समीक्षा की। रियासी में तीर्थयात्रियों की बस पर हमले सहित कई आतंकी हमलों के बारे में चर्चा की। शाह ने 16 जून को बुलाई बैठक शाह ने 16 जून को एक हाई-लेवल की बैठक भी बुलाई। इस मीटिंग में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना और सीआरपीएफ के शीर्ष अधिकारी और अन्य शामिल होंगे। चार स्‍थानों पर हुआ आतंकी हमला जानकारी के मुताबिक गृह मंत्री को जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति और आतंकी घटनाओं के बाद उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी गई। पिछले चार दिनों में जम्मू-कश्मीर के रियासी, कठुआ और डोडा जिलों में चार स्थानों पर आतंकवादियों ने हमला किया। इन हमलों में नौ तीर्थयात्रियों और एक सीआरपीएफ जवान की मौत हो गई और सात सुरक्षाकर्मी और कई अन्य घायल हो गए। कठुआ जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी भी मारे गए। साथ ही उनके पास से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया।

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