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‘Bharat Taxi’ का आज होगा लॉन्च, अमित शाह देंगे सर्ज प्राइसिंग और महंगे किराए को अलविदा

 नई दिल्ली Bharat Taxi Cab Service Launch: कैब सर्विस के क्षेत्र में आज एक नया आगाज होने जा रहा है. आज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह देश की पहली कोऑपरेटिव टैक्सी सर्विस ‘भारत टैक्सी’ का शुभारंभ करेंगे. ये नई कैब सर्विस सीधे तौर पर प्राइवेट कैब सर्विस प्रोवाइडर्स की मोनोपोली को सीधी चुनौती देगी. क्योंकि सरकार का दावा है कि, भारत टैक्सी में कैब ड्राइवर्स को उनके हक का पूरा पैसा मिलेगा. साथ ही यूजर्स को सर्ज प्राइसिंग और प्राइवेट कैब्स जैसी कंपनियों की मनमानी से भी छुटकारा मिलेगा. अमित शाह ने पिछले साल मार्च में लोकसभा में अपने भाषण में कहा था कि, “हम बहुत जल्द ही ओला और उबर जैसा एक सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म लाने वाले हैं. इस सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म से होने वाला मुनाफा किसी धन्नासेठ के पास नहीं जाएगा. ये मुनाफा टैक्सी ड्राइवर के पास जाएगा.” आज देश की राजधानी दिल्ली में स्थित विज्ञान भवन में गृह मंत्री अमित शाह भारत टैक्सी का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन करेंगे. बता दें कि, भारत टैक्सी का पायलट प्रोजेक्ट पहले ही शुरू हो चुका है. दिल्ली-एनसीआर में कई कैब ड्राइवर्स इस ऐप बेस्ड सर्विस का प्रयोग कर रहे हैं. अब भारत टैक्सी के सॉफ्ट लॉंच से अब तक टॉप परफॉर्मेंस करने वाले सारथियों (कैब ड्राइवर्स) को कार्यक्रम के दौरान को सम्मानित किया जाएगा. इसके अलावा सारथियों को प्रमाणपत्र देने के साथ-साथ 5 लाख का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और 5 लाख का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा. सरकार का मानना है कि, ‘सहकार से समृद्धि’ के विज़न से इंस्पायर्ड भारत टैक्सी सिटिजन-सेंट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा. तो आइये विस्तार से जानते हैं Bharta Taxi देश में मौजूद बाकी प्राइवेट कैब एग्रीग्रेटर्स से किस तरह से अलग होगा. ‘सारथी ही मालिक’  सबसे पहले बता दें कि, भारत टैक्सी के चालकों को ड्राइवर नहीं बल्कि सारथी कहा जाएगा. सरकार का कहना है कि, सारथी ही मालिक होगा. क्योंकि इस सर्विस के दौरान यूजर द्वारा दिए जाने वाले किराए का पूरा पैसा सीधे कैब चालक के खाते में जाएगा. जहां ओला-उबर जैसी कंपनियां राइड के बाद फेयर में से एक मोटा हिस्सा कमिशन के नाम पर काट लेती हैं, वहीं भारत टैक्सी सीधे तौर पर कैब चालकों को बड़ी राहत देगा. ऐसा आमतौर पर देखा जाता है कि, कैब चालक और कंपनियों के बीच फेयर और कमिशन को लेकर झंझट होती रहती है. सर्ज प्राइसिंग से छुटकारा भारत टैक्सी में सर्ज प्राइसिंग से भी राहत मिलेगी. जहां प्राइवेट कैब एग्रीगेटर्स पीक ऑवर या खराब मौसम के समय हैवी रश के नाम पर मनमाना किराया वसूलते हैं, वहीं भारत टैक्सी में इस समस्या से भी निजात मिलेगी. जिसका सीधा फायदा आम ग्राहकों को मिलेगा. बीते 1 जुलाई से मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइन (MVAG) 2025 के अनुसार, कैब एग्रीगेटर्स को अब पीक ट्रैफिक ऑवर के दौरान बेस फेयर से दोगुना तक चार्ज करने की अनुमति मिल गई है. जिसके बाद पीक-ऑवर में मोटी रकम वसूलने का खेल और बढ़ गया है. कैब, ऑटो और बाइक सर्विस भारत टैक्सी में यूजर्स को कैब, बाइक और ऑटो तीनों सुविधाओं का लाभ मिलेगा. इससे कम दूरी से लेकर लंबी यात्रा तक हर जरूरत के लिए एक ही प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा. यानी ग्राहक अपने बज़ट और जरूरत के अनुसार कार, ऑटो और यहां तक की बाइक राइड का भी चुनाव कर सकेंगे. सेफ्टी और सिक्योरिटी भारत टैक्सी में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है. सभी ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा, साथ ही ऐप में इमरजेंसी SOS बटन, लाइव लोकेशन शेयरिंग और ट्रिप हिस्ट्री जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी, ताकि आप और आपके परिवार निश्चिंत होकर यात्रा कर सकें. इसके अलावा ऐप पर ही यूजर्स को किसी भी तरह की परेशानी होने पर हेल्पलाइन की भी सुविधा भी दी जा रही है. 3 लाख से ज्यादा ड्राइवर जानकारी के अनुसार भारत टैक्सी से अब तक 3 लाख से अधिक ड्राइवर जुड़ चुके हैं. और प्लेटफॉर्म पर प्रतिदिन 10,000 से अधिक राइड्स पूरी की जा रही हैं. पिछले महीने ये आंकड़ा 1.4 लाख ड्राइवर्स का था. इससे साफ है कि, समय के साथ भारत टैक्सी का प्रयोग बढ़ रहा है और ज्यादा से ज्यादा ड्राइवर्स इस सविर्स से जुड़ रहे हैं.  8 सरकारी संस्थाओं का साथ इस सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड को देश की 8 बड़ी सहकारी संस्थाओं के सहयोग से ऑपरेट किया जा रहा है. इनमें अमूल, इफको, कृभको, नाफेड, एनडीडीबी, एनसीईएल, एनसीडीसी और नाबार्ड शामिल हैं. कंपनी के बोर्ड में ड्राइवरों के दो निर्वाचित प्रतिनिधि भी शामिल हैं, जिससे ड्राइवरों के जरूरत की बातें या उनकी डिमांड सीधे सरकार तक पहुंचती है. कैसे डाउनलोड करें मोबाइल ऐप भारत टैक्सी का मोबाइल ऐप लाइव हो चुका है. इसकी बुकिंग सरकारी Bharat Taxi मोबाइल ऐप के जरिए की जा सकती है. इसका राइडर और ड्राइवर दोनों मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर और ऐप्पल ऐप स्टोर पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है. यदि आपको कैब सर्विस के लिए राइड का लाभ उठाना है तो Rider App डाउनलोड करें. वहीं इस सेवा जुड़ने के इच्छुक ड्राइवरों को Driver App डाउनलोड करना होगा. यहां ध्यान रखना जरूर है कि, भारत टैक्सी वही ऐप डाउनलोड करें जो सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा जारी किया गया है. Bharat Taxi के नाम से ऐप स्टोर और गूगल प्ले स्टोर पर कुछ और कैब सर्विस एप्लीकेशन मौजूद हैं. सही ऐप चुनने के लिए आप उपर दिखाए गए तस्वीर से मोबाइल ऐप के लोगो को मैच करवा सकते हैं.

आने वाले समय में अंग्रेजी बोलने में आएगी शर्म ‘, भाषा विवाद के बीच अमित शाह बोले- अब बदलाव का समय

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय भाषाओं के महत्व पर जोर देते हुए बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब भारत में लोग अंग्रेजी बोलने पर शर्मिंदगी महसूस करेंगे. उन्होंने भारतीय भाषाओं को देश की संस्कृति के रत्न बताते हुए कहा कि ये भाषाएं हमारी पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं और इनके बिना हम भारतीय नहीं कहला सकते. दिल्ली में पूर्व सिविल सेवक आईएएस आशुतोष अग्निहोत्री द्वारा लिखी किताब के विमोचन के मौके पर बोलते हुए अमित शाह ने कहा, ‘मेरी बात ध्यान से सुनिए और याद रखिए, इस देश में अंग्रेजी बोलने वालों को शर्म आएगी, ऐसे समाज का निर्माण अब दूर नहीं है. चीजों को वो ही कर पाते हैं जो एक बार अपने मन में ठान लेते हैं और मैं मानता हूं कि हमारे देश की भाषाएं, हमारा गहना है. इनके बिना हम भारतीय नहीं हैं. आप किसी विदेशी भाषा में अपने इतिहास, संस्कृति और धर्म को नहीं समझ सकते.’ देश को समझने के लिए विदेशी भाषा पर्याप्त नहीं शाह ने कहा कि इस देश में अंग्रेजी बोलने वालों को जल्द ही शर्म आएगी। ऐसे समाज का निर्माण दूर नहीं है, केवल दृढ़ निश्चयी लोग ही बदलाव ला सकते हैं। मेरा मानना है कि हमारे देश की भाषाएं हमारी संस्कृति के रत्न हैं। अपनी भाषाओं के बिना हम सच्चे भारतीय नहीं हैं। अपने देश, अपनी संस्कृति, अपने इतिहास और अपने धर्म को समझने के लिए कोई भी विदेशी भाषा पर्याप्त नहीं हो सकती है।  प्रधानमंत्री के पंच प्रण उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के पंच प्रण कै जिक्र किया। विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करना, गुलामी की हर सोच से मुक्ति पाना, विरासत पर गर्व करना, एकता और एकजुटता, प्रत्येक नागरिक में कर्तव्य की भावना जगना। उन्होंने कहा कि ये पांच प्रतिज्ञाएं देश के नागरिकों का संकल्प बन गई हैं। 2047 के विकसित भारत की यात्रा में हमारी भाषाएं प्रमुख भूमिका निभाएंगी।  प्रशासनिक प्रशिक्षण मॉडल में सहानुभूति को करना होगा शामिल  गृह मंत्री पूर्व आईएएस आशुतोष अग्निहोत्री की लिखी गई पुस्तक मैं बूंद स्वयं, खुद सागर हूं, के विमोचन में गुरुवार को शामिल हुए। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण मॉडल में सहानुभूति लाने पर जोर दिया। शाह ने कहा कि यह मॉडल ब्रिटिश काल से प्रेरित है, इसलिए यहां सहानुभूति की कोई जगह नहीं है। मेरा मानना है कि कोई शासक अगर सहानुभूति के बिना शासन करता है, तो वह अपने वास्तविक उद्देश्य को प्राप्त नहीं कर सकता है।  प्रशिक्षण में बदलाव की जरुरत शाह ने प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण में बदलाव की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं को प्रशासन में अधिक महत्व देना चाहिए ताकि देश की सांस्कृतिक विरासत को मजबूती मिले। इस बयान ने सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा शुरू कर दी है। कुछ लोगों ने इसे भारतीय भाषाओं के प्रति गर्व का प्रतीक बताया, जबकि कुछ ने इसे भाषाई विवाद के रूप में देखा। विवादों में बयान यह बयान कुछ हलकों में विवादास्पद भी हो सकता है, क्योंकि अंग्रेजी देश में व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली भाषा है, खासकर शहरी क्षेत्रों और पेशेवर माहौल में। इस बयान पर विपक्ष की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इस पर बहस की संभावना है। उन्होंने आगे कहा कि अधूरी विदेशी भाषाओं के साथ संपूर्ण भारत की कल्पना नहीं की जा सकती. मैं इस बात से पूरी तरह वाकिफ हूं कि लड़ाई कितनी कठिन है. मुझे पूरा विश्वास है कि भारतीय समाज इस लड़ाई को जीतेगा और अपनी भाषाओं पर गर्व करते हुए हम अपने देश को चलाएंगे, विचार करेंगे, शोध करेंगे, निर्णय लेंगे और दुनिया पर शासन करेंगे. इसमें किसी को संदेह करने की कोई जरूरत नहीं है. केंद्रीय मंत्री ने ये भी कहा कि 2047 में दुनिया में शीर्ष पर रहने में हमारी भाषाओं का बहुत बड़ा योगदान होगा.  

सुरक्षा कैंपों के आसपास बसे गांवों तक अब बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुँचाई जा रही :CM

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में माओवादी विरोधी अभियानों की अब तक की सफलताओं और बस्तर अंचल में चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की नई रणनीति और केंद्र के सहयोग से नक्सल उन्मूलन अभियान को निर्णायक मोड़ पर पहुंचाया गया है। विगत डेढ़ वर्ष में चलाए गए सघन अभियानों के सकारात्मक परिणाम मिले हैं। 1,428 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जो बीते पांच वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। मुख्यमंत्री साय ने अवगत कराया कि 205 मुठभेड़ों में 427 माओवादी मारे गए, जिनमें संगठन के शीर्ष नेता महासचिव बसवा राजू और सेंट्रल कमेटी सदस्य सुधाकर जैसे कुख्यात माओवादी शामिल हैं। इसके साथ ही, राज्य में 64 नए फॉरवर्ड सुरक्षा कैंपों की स्थापना की गई है, जिससे सुरक्षा नेटवर्क मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि इन सुरक्षा कैंपों के आसपास बसे गांवों तक अब बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुँचाई जा रही हैं। ‘नियद नेल्लानार योजना’ के अंतर्गत चिन्हित 146 ग्रामों में एकीकृत रूप से 18 प्रकार की सामुदायिक सेवाएं और 25 प्रकार की शासकीय योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों का विश्वास शासन तंत्र में बढ़ा है। गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री साय द्वारा प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से माओवादी गतिविधियों पर निर्णायक नियंत्रण संभव हो रहा है और केंद्र सरकार राज्य को हर संभव सहायता देती रहेगी।

उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा थे उपस्थित: जवानों का बढ़ाया हौसला

रायपुर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली के एम्स ट्रॉमा सेंटर का दौरा किया और छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर करेगुट्टा पहाड़ियों में 31 नक्सलियों को मार गिराने के दौरान नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों के घायल जवानों से मुलाकात की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा उपस्थित थे। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि हमारे सुरक्षा बल अपनी वीरता से नक्सलवाद का नामोनिशान मिटा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली के एम्स ट्रॉमा सेंटर में जाकर उन सुरक्षाकर्मियों से मुलाकात की जो छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर करेगुट्टा पहाड़ियों में 31 नक्सलियों को मार गिराने के दौरान नक्सल विरोधी अभियान में घायल हुए थे। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उन्हें विश्वास दिलाया कि देश उन पर भरोसा और गर्व करता है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि वीर जवानों ने छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर लगातार 21 दिनों तक ऑपरेशन चलाकर 31 नक्सलियों को ढेर किया। जवानों के इस शौर्य और साहस पर पूरे देश को गर्व है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने घायल जवानों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनका हौंसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि हमारे वीर जवानों के चेहरे पर मुस्कान देखकर गर्व होता है। आपकी भुजाओं की ताकत और साहस को पूरा देश देख रहा है। उन्होंने जवानों के साहस और समर्पण को प्रणाम करते हुए जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

इस निर्णायक उपलब्धि को नक्सलमुक्त भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम : मुख्यमंत्री साय

 2026 तक नक्सलमुक्त भारत हमारा संकल्प है: सफल नक्सल ऑपरेशन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की सुरक्षा बलों के साहस की सराहना लाल आतंक के विरुद्ध निर्णायक विजय: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों के साहस और समर्पण को किया नमन इस निर्णायक उपलब्धि को नक्सलमुक्त भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम : मुख्यमंत्री साय रायपुर नक्सल उन्मूलन अभियान को निर्णायक मोड़ पर ले जाते हुए छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर  नक्सल विरोधी ऑपरेशन सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस ऐतिहासिक सफलता पर सुरक्षा बलों को बधाई दी है और इस निर्णायक उपलब्धि को नक्सलमुक्त भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के लिए हम दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने सुरक्षा बलों  विशेषकर सीआरपीएफ, एसटीएफ और डीआरजी के जवानों की सराहना करते हुए कहा कि लाल आतंक के विरुद्ध चल रही इस निर्णायक लड़ाई में हमारे वीर जवानों ने विषम परिस्थितियों में पूरी बहादुरी से नक्सलियों का सामना किया है। उनके अदम्य साहस, धैर्य और पराक्रम को मैं नमन करता हूं। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि अब वह दिन दूर नहीं जब छत्तीसगढ़ पूरी तरह नक्सलमुक्त होगा, और बस्तर के गांव-गांव में शांति, समृद्धि और विकास की नई रोशनी फैलेगी। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट करके बताया है कि छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा के दुर्गम क्षेत्र पर हाल ही में हुए अब तक के सबसे बड़े नक्सल विरोधी ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने 31 कुख्यात नक्सलियों को मार गिराकर नक्सल उन्मूलन अभियान में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। उन्होंने इलाके किया है कि  यह क्षेत्र रणनीतिक योजना, नक्सल प्रशिक्षण और हथियार निर्माण का गढ़ रहा है। आज उसी पहाड़ पर शान से तिरंगा लहरा रहा है – यह भारत की आंतरिक सुरक्षा और संप्रभुता की विजय का प्रतीक है।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने आधिकारिक वक्तव्य में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हम नक्सलवाद को जड़ से मिटाने के लिए संकल्पित हैं। मैं देशवासियों को पुनः विश्वास दिलाता हूँ कि 31 मार्च 2026 तक भारत का नक्सलमुक्त होना तय है। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन महज 21 दिनों में पूरा हुआ, और इसमें सुरक्षा बलों का एक भी जवान शहीद नहीं हुआ, जो हमारी रणनीति, समन्वय और शौर्य का प्रमाण है। उन्होंने सीआरपीएफ, एसटीएफ और डीआरजी के जवानों को खराब मौसम और कठिन भूगोल के बावजूद दिखाए गए अदम्य साहस और अनुशासन के लिए बधाई दी। शाह ने यह भी कहा कि यह सफलता केवल एक सैन्य विजय नहीं, बल्कि एक मनोवैज्ञानिक और वैचारिक विजय भी है, जिसने नक्सल नेटवर्क की रीढ़ को हिला दिया है। देश और विशेषकर छत्तीसगढ़ की जनता को यह विश्वास दिलाता है कि नक्सलवाद अब अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर कभी लाल आतंक की सत्ता थी, वहाँ आज राष्ट्रध्वज की छाया में शांति, विकास और संविधान का शासन स्थापित हो चुका है।यह अभियान आने वाले समय में सुरक्षा बलों के लिए मॉडल ऑपरेशन के रूप में उदाहरण प्रस्तुत करेगा। केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्य और केंद्र के बीच समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि यह साझा प्रयासों का ही परिणाम है कि इतने बड़े अभियान में ज़ीरो कैज़ुअल्टी के साथ इतनी बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियाँ 2026 तक देश को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाने के लक्ष्य के प्रति पूरी निष्ठा और सामर्थ्य के साथ कार्य कर रही हैं। अमित शाह ने कहा कि यह लक्ष्य अब केवल रणनीति नहीं, राष्ट्रीय संकल्प है।

अमित शाह ने सभी मुख्यमंत्रियों से कहा है कि वे अपने-अपने राज्यों से पाकिस्तान के लोगों को जल्द से जल्द हटाएं

 नई दिल्ली   जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है. गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान से जुड़े सारे वीजा कैंसिल करने के निर्देश दिए हैं.इस संबंध में गृहमंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की है. अमित शाह ने मुख्यमंत्रियों से कहा है कि वे अपने-अपने राज्यों से पाकिस्तान के लोगों को जल्द से जल्द हटाएं. गृहमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक के बाद ये फैसला लिया राष्ट्रहित सर्वोपरि, अन्य हित इसके बाद- जगदीप धनखड़ पहलगाम आतंकी हमले पर सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा- मेरे पास प्रधानमंत्री के लिए कुछ सुझाव हैं। संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस पर चर्चा की जानी चाहिए और सभी से सुझाव लिए जाने चाहिए। देश उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी तो आतंकवादी है, उसका कोई धर्म नहीं होता। देश की भावना को दुनिया के सामने रखने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए। हमें अफ्रीका, अमेरिका, यूरोप, चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, रूस और दक्षिण अमेरिका जैसे देशों में सत्ताधारी और विपक्षी सांसदों का प्रतिनिधिमंडल भेजना चाहिए, ताकि हम उन्हें वैश्विक स्तर पर स्थिति के बारे में बता सकें। अगर हम यह कदम नहीं उठाएंगे तो हम कूटनीतिक दबाव नहीं बना पाएंगे। बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत सरकार लगातार एक्शन मोड में है. इस हमले के बाद भारत सरकार ने सबसे पहले भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सिंधु जल समझौते को स्थगित कर दिया था. भारत ने पाकिस्तान को औपचारिक पत्र लिखकर सिंधु जल संधि को निलंबित करने की सूचना दी थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई सुरक्षा मामलों से जुड़ी कैबिनेट कमेटी की बैठक में कड़े फैसले लिए गए थे, जिसमें सिंधु जल संधि को स्थगित करने का फैसला भी शामिल है. भारत-पाकिस्तान के बीच साल 1960 से सिंधु जल समझौता लागू है. सिंधु नदी को पाकिस्तान की लाइफ लाइन माना जाता है. करीब 21 करोड़ से ज्यादा की आबादी पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए सिंधु और उसकी चार सहायक नदियों पर निर्भर रहती है. इसके अलावा अटारी बॉर्डर को बंद करने का भी फैसला लिया गया. भारत आए पाकिस्तानी नागरिकों को इस रास्ते से लौटने के लिए एक मई तक का वक्त दिया गया है. भारत में पाकिस्तानी हाईकमीशन में तैनात पाकिस्तानी डिफेंस एडवाइजर्स को देश छोड़ने के लिए एक हफ्ते का समय दिया. साथ ही दोनों हाई कमीशन में तैनात कर्मचारियों की संख्या 50 से घटाकर 30 कर दी थी. बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई थी जबकि 17 लोग घायल हुए थे.  है. आतंकी मुल्क’ को पत्र लिख मोदी सरकार ने बताया- रोक रहे सिंधु जल समझौता भारत ने CCS (कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी) की बैठक के बाद न केवल सिंधु जल समझौता को निलंबित कर दिया, बल्कि पाकिस्तानियों का वीजा भी रद्द कर दिया। साथ ही पाकिस्तान के रक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों को दूतावास छोड़ने का आदेश दिया गया। अटारी-वाघा सीमा को भी बंद कर दिया गया है। अब भारत सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवा निलंबित किए जाने के संबंध में नया बयान जारी किया है। इसमें बताया गया है कि ये फ़ैसला ‘लॉन्ग टर्म वीजा’ पर आए लोगों पर लागू नहीं होता है। ये वो वीजा (LTV) हैं, जिन्हें उन पाकिस्तानी हिन्दू शरणार्थियों को दिया गया है जो प्रताड़ना के कारण भारत में आकर लंबे समय से रह रहे हैं। उन्हें देश नहीं छोड़ना होगा। बता दें कि पड़ोसी इस्लामी मुल्क़ों से प्रताड़ित हिन्दुओं के लिए CAA (नागरिकता संशोधन क़ानून) के तहत भारत की नागरिकता दिए जाने की भी व्यवस्था है। केंद्रीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर साफ़ किया कि पाकिस्तानी हिन्दुओं का वीजा रद्द नहीं होगा। उधर जल शक्ति मंत्रालय के सचिव देवश्री मुखर्जी ने पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय को पत्र लिखकर सूचित कर दिया है कि हम सिंधु जल समझौते को निलंबित करते हैं। पत्र में कहा गया है कि पहले से अभी के समय में बहुत बुनियादी बदलाव आ गए हैं, जिनमें डेमोग्राफी परिवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और जल बँटवारे को लेकर पहले जो सोच थी उसमें अब परिवर्तन आया है। पत्र में स्पष्ट लिख दिया गया है कि किसी भी संधि को निभाने के लिए भरोसे और ईमानदारी की ज़रूरत होती है, लेकिन हाल के वर्षों में जिस तरह से पाकिस्तान ने सीमापार आतंकवाद को पोषित किया है, खासकर के जम्मू कश्मीर को निशाना बनाकर – उससे ये भरोसा टूटा है।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद एक्शन में भारतीय सेना और सरकार, गृह मंत्री शाह की दो टूक- कायराना आतंकी हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

 पहलगाम  जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से पूरा देश आहत है। जिस तरह से आतंकियों ने कायराना हरकत को अंजाम दिया और पर्यटकों को अपना निशाना बनाया, उसने पूरे देश को झकझोर के रख दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस टेरर अटैक पर रिएक्ट किया है। उन्होंने दो टूक कहा कि इस कायराना आतंकी हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बुधवार को पहलगाम में बैसरन का दौरा किया। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अमित शाह ने क्या कहा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘भारी मन से पहलगाम आतंकी हमले के मृतकों को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। भारत आतंक के आगे नहीं झुकेगा। इस नृशंस आतंकी हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।’ पहलगाम टेरर अटैक के बाद पहली बार अमित शाह ने प्रतिक्रिया दी है। आतंकी हमले में जान गंवाने वालों को शाह ने दी श्रद्धांजलि केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने बुधवार को पहलगाम में बैसरन का दौरा किया। जम्मू कश्मीर में ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से मशहूर इस पर्यटन स्थल में मंगलवार को आतंकवादियों के नृशंस हमले में 28 पर्यटक मारे गए थे। अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए पुलिस नियंत्रण कक्ष में आयोजित शोक समारोह में पुष्पचक्र अर्पित करने के बाद अमित शाह हेलिकॉप्टर से यहां से करीब 110 किलोमीटर दूर बैसरन के लिए रवाना हुए। उन्होंने बताया कि शाह को सुरक्षा अधिकारियों ने घटना के बारे में जानकारी दी। पहलगाम अटैक में 28 पर्यटकों ने गंवाई जान आतंकवादियों ने मंगलवार को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में एक प्रमुख पर्यटक स्थल पर हमला किया, जिसमें 28 लोग मारे गए और 16 लोग घायल हो गए। इनमें ज्यादातर पर्यटक थे तो पहलगाम घूमने के लिए आए थे। अमित शाह हमले के कुछ घंटों के भीतर मंगलवार रात को यहां पहुंचे और उन्हें पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात ने स्थिति के बारे में जानकारी दी। गृह मंत्री ने एक सुरक्षा समीक्षा बैठक की भी अध्यक्षता की, जिसमें उपराज्यपाल भी शामिल हुए।

डेयरी क्षेत्र में अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है मध्यप्रदेश, सहकारिता से सरल हुई सशक्तिकरण की राह

भोपाल विशेष लेख संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम है “सहकारिता एक बेहतर दुनिया का निर्माण करती है”। स्व से सब का भाव हो जाना ही सहकार है। भारतीय संस्कृति स्वयं से ऊपर उठकर हम की भावना रखना सिखाती है और इसी भावना से जन्म हुआ है सहकार का। सनातन संस्कृति में जब हम प्रार्थना करते हैं तो सर्वे भवन्तु सुखिनः की कामना करते हैं। सबके सुख और मंगल की यही कामना सहकारिता का मूल भाव हैI हम लाभ से ज्यादा सेवा को महत्त्व देते हैं। एक से ज्यादा समूह को महत्त्व देते हैं। प्रतिस्पर्धा से ज्यादा परस्पर सहयोग को महत्व देते हैं और यही सहकारिता है। भारत का सहकारिता आंदोलन सांस्कृतिक और सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में गहराई से निहित है। यह आंदोलन समावेशी विकास, सामुदायिक सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास के लिए एक शक्तिशाली माध्यम के रूप में विकसित हुआ है। सहकारिता मंत्रालय की स्थापना और इसकी नवीनतम पहलों के माध्यम से सरकार ने एक सहकारिता-संचालित मॉडल को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है, जो देश के हर कोने तक पहुंचेगा और समाज की मुख्य धारा से अलग पड़े समुदायों के लिए स्थायी आजीविका और वित्तीय समावेशन की सुविधा प्रदान करेगा। सहकारी समितियों को पुनर्जीवित करने की दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस क्षेत्र को मजबूत और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक नीतिगत ढांचा, कानूनी सुधार और रणनीतिक पहल शुरू की। सरकार ने सहकारी समितियों के लिए ‘व्यापार करने में आसानी’, डिजिटलीकरण के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित करने और वंचित ग्रामीण समुदायों के लिए समावेशिता को बढ़ावा देने की अपनी पहल पर काफी जोर दिया है। केन्द्रीय मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में भारत का सहकारिता आंदोलन एक क्रांतिकारी परिवर्तन लाया है। अपनी दूरदर्शी सोच को आधार बनाकर उन्होंने सहकारिता के लिए नई विचारधारा को जन्म दिया है। उनके नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय ने भारतीय सहकारी आंदोलन में उल्लेखनीय परिवर्तन किए हैं। प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) का विस्तार, पैक्स के लिए बेहतर प्रशासन और व्यापक समावेशिता, पैक्स को कम्प्यूटरीकृत करने एवं पैक्स को नाबार्ड से जोड़ने का काम किया है । नई श्वेत क्रांति की ओर अग्रसर मध्यप्रदेश प्रदेश में सहकार से समृद्धि की पहल के तहत केन्द्रीय मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और स्टेट डेयरी को-ऑपरेटिव फेडरेशन तथा फेडरेशन से संबद्ध दुग्ध संघों के बीच कोलेबोरेशन एग्रीमेंट हुआ। इस कोलेबोरेशन एग्रीमेंट के माध्यम से सहकारी डेयरी नेटवर्क को सशक्त बनाने का लक्ष्य है, जिससे दुग्ध उत्पादकों की आय में वृद्धि हो सके और सांची ब्रांड का उत्थान और विस्तार किया जा सके। यह नई श्वेत क्रांति की ओर प्रदेश का महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इसका लाभ दुग्ध उत्पादकों और दुग्ध उपभोक्ताओं दोनों को मिलेगा। दुग्ध उत्पादक राज्यों में मध्यप्रदेश टॉप-थ्री में है, हमारे यहां देश का करीब 9 प्रतिशत दुग्ध-उत्पादन होता है। प्रदेश में रोजाना करीब 551 लाख किलोग्राम दूध का उत्पादन होता है, जिसमें से मध्यप्रदेश स्टेट को-आपरेटिव डेयरी फेडरेशन और इससे जुड़े संघ करीब 10 लाख किलोग्राम दूध जमा करते हैं।  डेयरी क्षेत्र में अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश देश का फ़ूड बास्केट तो है ही, हममें डेयरी कैपिटल बनने की क्षमता भी है। देश का डेयरी कैपिटल बनने के लिए हमारे पास पर्याप्त संसाधन हैं। प्रदेश में सहकारी डेयरी नेटवर्क को हाइटेक बनाने के लिए एक डेयरी डेवलपमेंट प्लान तैयार करने की योजना है, जिसमें लगभग 1450 करोड़ रुपए का निवेश होगा। प्रदेश में औसत दुग्ध संकलन को दोगुना किया जाएगा, दुग्ध संकलन को 10 लाख किलो से बढ़ाकर 20 लाख किलो प्रतिदिन करने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। प्रदेश में दुग्ध सहकारी समितियों की संख्या 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार की जाएगी। प्रदेश भर के 18 हजार गांवों के दुग्ध-उत्पादन से जुड़े किसान भाइयों को सहकारी डेयरी नेटवर्क से जोड़ेंगे। ग्राम स्तर पर दुग्ध शीतलीकरण की क्षमता विकसित करेंगे, औसत पैकेट दुग्ध विक्रय 7 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 15 लाख लीटर प्रतिदिन करेंगे। मिल्क प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने के लिए नए हाइटेक संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे दुग्ध संकलन और दुग्ध विक्रय में वृद्धि हो सके। सभी दुग्ध संघों का व्यवसाय 1944 करोड़ से बढ़ाकर 3500 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष किया जाएगा। एनडीडीबी द्वारा एमपीसीडीएफ एवं दुग्ध‍संघों के प्रबंधन, संचालन, तकनीकी सहयोग, नवीन प्रसंस्कररण एवं अन्य अधोसंरचनाएं विकसित करेंगे। एनडीडीबी द्वारा दुग्ध सहकारी समितियों के सभी सदस्यों, सचिवों, प्रबंधन समिति के सदस्यों और दुग्ध संघों के कर्मचारियों को स्वच्छ और गुणवत्तायुक्त दुग्ध उत्पादन के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। सहकारिता से सरल हुई सशक्तिकरण की राह प्रदेश में डेयरी गतिविधियों के लिए त्रि-स्तरीय सहकारी संस्थाओं का गठन कर, ग्रामीण दुग्ध सहकारी समितियां, सहकारी दुग्ध संघ और राज्य स्तर पर एमपीसीडीएफ (मध्यप्रदेश स्टेट कोआपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड) की स्थापना की गई। ये दुग्ध सहकारी समितियां किसानों से दूध संग्रह, गोवंश के कृत्रिम गर्भाधान, संतुलित पशु आहार, तकनीकी पशु प्रबंधन, उन्नत चारा बीज, पशु उपचार और टीकाकरण जैसी सुविधाएं देने की जिम्मेदारी निभा रही हैं। दुग्ध उत्पादक किसानों के साथ मध्यप्रदेश सरकार डेयरी क्षेत्र विकसित करने के संकल्पों की सिद्धि के लिए प्रदेश में श्वेतक्रांति मिशन के अंतर्गत 2500 करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य है। प्रदेश में निराश्रित गौवंश की समस्या के निराकरण के लिए स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना की नीति : 2025 की स्वीकृति दी है। गौ-शालाओं को पशु चारे और आहार के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि को भी 20 रुपये प्रति गौवंश प्रति दिवस से बढ़ाकर 40 रूपये प्रति गौवंश प्रति दिवस करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना अब डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के नाम से जानी जाएगी। डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना अंतर्गत 25 दुधारू गाय अथवा भैंस की इकाई स्थापित करने का प्रावधान किया गया। प्रदेश की गौ शालाओं को हाइटेक बनाया जा रहा है। ग्वालियर स्थित आदर्श गौ-शाला में देश के पहले 100 टन क्षमता वाले सीएनजी प्लांट की स्थापना की गई है। भोपाल के बरखेड़ी-डोब में 10 हजार गौ-वंश क्षमता वाली हाइटेक गौ-शाला बनाई जा रही है। प्रदेश के सवा 2 लाख किसानों एवं दुग्ध उत्पादकों को सहकारिता के माध्यम से जोड़ा गया है। सरकार द्वारा दुग्ध सहकारी … Read more

छत्तीसगढ़ में हर पुलिस थाने और DSP स्तर के अधिकारी गंभीर अपराध के मामलों में NATGRID का उपयोग करें:मंत्री अमित शाह

रायपुर : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर समीक्षा बैठक की छत्तीसगढ़ कानूनों को जल्द लागू कर एक आदर्श राज्य बने:मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ सरकार को 60 और 90 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने के लिए डीएसपी स्तर के अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए नए कानूनों में साक्ष्य की रिकॉर्डिंग से लेकर पूरे ट्रायल तक की प्रक्रिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संभव है जिससे मैनपावर की काफी बचत होगी छत्तीसगढ़ में हर पुलिस थाने और DSP स्तर के अधिकारी गंभीर अपराध के मामलों में NATGRID का उपयोग करें:मंत्री अमित शाह रायपुर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर समीक्षा बैठक की। बैठक में पुलिस, जेल, कोर्ट, अभियोजन और फॉरेन्सिक से संबंधित विभिन्न नए प्रावधानों के कार्यान्वयन और वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री, केन्द्रीय गृह सचिव, मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़, महानिदेशक, BPR&D, पुलिस महानिदेशक, छत्तीसगढ़ और निदेशक, NCRB सहित गृह मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लाए गए तीन नए आपराधिक कानूनों के छत्तीसगढ़ में पूर्ण क्रियान्वयन के लिए टॉप  प्रायरिटी एजेंडा बनाकर इस दिशा में काम करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों का लक्ष्य भारतीय न्यायिक प्रक्रिया को बेहतर बनाना है और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य को इसकी और ज़्यादा ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ तीन नए आपराधिक कानूनों के संपूर्ण क्रियान्वयन को एक चुनौती के रूप में लेकर इन्हे जल्द लागू कर एक आदर्श राज्य बने। अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार को 60 और 90 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने के लिए पुलिस उप अधीक्षक (DSP)स्तर के अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नए कानूनों में साक्ष्य की रिकॉर्डिंग से लेकर पूरे ट्रायल तक की प्रक्रिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संभव है जिससे मैनपावर की काफी बचत होगी। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हर पुलिस थाने और डीएसपी स्तर के अधिकारियों को गंभीरअपराध के मामलों में NATGRID के उपयोग की आदत डालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक सप्ताह में एक बार, राज्य के गृह मंत्री हर 15 दिन और मुख्यमंत्री महीने में एक बार राज्य में नए आपराधिक कानूनों के अमल की प्रगति की समीक्षा करें।

मैं युवाओं अनुरोध करता हूं कि वे प्रतिदिन अपने शरीर के लिए दो घंटे और अपने दिमाग के लिए छह घंटे की नींद जरूर दें: अमित शाह

 नई दिल्ली विश्व लिवर दिवस पर इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर एंड बायलियरी साइंसेज (ILBS) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहली बार अपनी फिटनेस के राज खोले हैं और युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली का मंत्र भी साझा किया है. गृह मंत्री शाह ने कहा, मेरे जीवन में मैंने बहुत बड़ा परिवर्तन किया है. शरीर को जितनी चाहिए- उतनी नींद. शरीर को जितनी चाहिए- उतना पानी और शरीर को जैसा चाहिए, वैसा आहार और नियमित व्यायाम से मैंने मेरे जीवन में बहुत कुछ हासिल किया है. उन्होंने आगे कहा, हमारे देश के युवाओं को अभी अगले 40-50 वर्षों तक जीना है और देश के विकास में योगदान देना है. मैं उनसे अनुरोध करता हूं कि वे प्रतिदिन अपने शरीर के लिए दो घंटे और अपने दिमाग के लिए छह घंटे की नींद जरूर दें. यह अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी. यह मेरा स्वयं का अनुभव है. आज मैं यहां इसी अनुभव को आपसे साझा करने आया हूं. गृह मंत्री अमित शाह का पूरा बयान…. ”मैं एक मेरे जीवन का अनुभव साझा करने के लिए यहां आया हूं. 2020 के मई महीने से आज तक… मेरे जीवन में मैंने बहुत बड़ा परिवर्तन किया है. शरीर को जितनी चाहिए- उतनी नींद. शरीर को जितनी चाहिए- इतना पानी और शरीर को जैसा चाहिए, वैसा आहार और नियमित व्यायाम से मैंने मेरे जीवन में बहुत कुछ हासिल किया और ये अनुभव को साझा करने के लिए मैं आया हूं. मैं आपको बता सकता हूं कि ये साढ़े चार साल के समय में मैं आज करीब करीब सभी एलोपैथिक दवा और इंसुलिन से मुक्त होकर आपके सामने खड़ा हूं. और आज विश्व यकृत पर भी मैं देशभर के विशेषकर सभी युवाओं को… जिनको अभी 40-50 साल तक अपना जीवन व्यतीत करना है. इस देश के विकास में योगदान देना है. और देश के विकास के माध्यम से हम सब इच्छा करते हैं, ऐसे विश्व का निर्माण करना है, वो युवाओं को मैं जरूर कहना चाहूंगा कि अपने शरीर के लिए दो घंटा और दिमाग के लिए कम से कम छह घंटे की नींद एक बार रिजर्व कर लीजिए… अनेक गुना उपयोगिता इसकी बढ़ जाएगी. और ये मेरा अनुभव है.” ”अगर चार साल पहले डॉक्टर शिव सरीन मुझे यहां बुलाते तो मैं नहीं आता, क्योंकि मैं यहां बात करने लायक ही नहीं होता. महात्मा बुद्ध के जीवन का एक प्रसंग है. एक मां एक बच्चे को लेकर महात्मा बुद्ध के सामने उपस्थित हुई. उसने कहा- महात्मा जी बेटा बहुत गुड़ खाता है तो आप जरा उसको समझाइए. निश्चित मात्रा से ज्यादा कोई भी चीज खाना शरीर के लिए फायदेकारक नहीं होता है. महात्मा बुद्ध ने कहा कि सप्ताह के बाद आइए. एक सप्ताह के बाद मां फिर से आई और बुद्ध ने बेटे को समझाया कि आप ज्यादा गुड़ मत खाइए- इससे हानि होती है. फिर मां से रहा ना गया उसने पूछा कि आपने यही बात एक सप्ताह पहले क्यों नहीं की तो उन्होंने कहा- माता जी मैं स्वयं ही बहुत गुड़ खाता था तो गुड़ छोड़कर बेटे को नसीहत देना चाहता था. मेरी भी स्थिति कुछ ऐसी ही है. मेरे जीवन में डिसिप्लिन लाने का किसी एक महात्मा के आग्रह के कारण मैंने निर्णय किया और ये निर्णय का मुझे बहुत फायदा हुआ है. इसे शेयर करने के लिए मैं आज यहां आया हूं.”  

अमित शाह बोले- जवानों ने नक्सलियों को चार जिलों तक समेट कर रख दिया

नीमच गृह मंत्री अमित शाह ने सीआरपीएफ की पीठ ठोकते हुए कहा कि नक्सलियों का पशुपतिनाथ से तिरुपति तक का सपना टूट गया है। उन्होंने कहा कि नक्सली नेपाल से लेकर आंध्र प्रदेश तक अपना दबदबा कायम करना चाहते थे लेकिन अब वे केवल चार जिलों में सिमटकर रह गए हैं। गृह मंत्री अमित शाह नीमच में सीआरपीएफ स्थापना दिवस के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के योगदान से कुछ ही दिनों में देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने कहा, सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन से खूंखार नक्सली भी खौफ खाते हैं। कोबरा बटालियन की अगुआई में सीआरपीएफ ने नक्सलवाद को खत्म करने में बड़ा योगदान दिया है। 21 मार्च 2026 तक इस देश से नक्सलवाद का पूरी तरह खात्मा हो जाएगा। शाह ने कहा कि माओवाद प्रभावित इलाकों में 400 से ज्यादा फॉरवर्ड बेस बनाए गए हैं। इसके चलते 10 साल के अंदर ही माओवादी घटनाओं में 70 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। गृह मंत्री ने कहा कि कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद शांति बहाल करना हो या फिर शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न करवाना, सीआरपीएफ के जावान देश की सेवा में लगे ही रहते हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में चुनाव से पहले बूथ पर हमले और लूट की आशंका जताई गई थी। लेकिन सीआरपीएफ के जवानों की मुस्तैदी की वजह से एक भी अप्रिय घटना सामने नहीं आई। कश्मीर में चुनाव के दौरान एक भी गोली नहीं चली। गुरूवार को शाह ने सिरोही जिले के आबूरोड स्थित ब्रह्मकुमारीज हैडक्वार्टर शांतिवन में आयोजित सुरक्षा बल के कर्मियों के लिए आंतरिक जागृति के माध्यम से आत्म-सशक्तीकरण विषयक राष्ट्रीय संवाद के शुभारम्भ के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों के मन, आत्मा और शरीर को शांति का मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में कार्य करने के लिए ब्रह्माकुमारीज़ संस्था को साधुवाद दिया। शाह ने कहा है कि सशस्त्र बलों के सुरक्षाकर्मी माइनस 46 डिग्री सेल्सियस से लेकर 46 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में अपने जीवन का स्वर्णकाल देकर हमारी सीमाओं की सुरक्षा करते हैं और उनके त्याग-तप और बलिदान के कारण आज हम सुरक्षित हैं।

मंत्री सारंग ने कहा कि केन्द्र सरकार की गाइडलाइन अनुसार रूपरेखा करें निर्धारित

भोपाल केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन में दिये गये निर्देशों के परिपालन में सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंत्रालय में गुरूवार को उच्च स्तरीय बैठक ली और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की गाइडलाइन अनुसार रूपरेखा निर्धारित कर कार्य-योजना बनाई जाये। बैठक में अपर मुख्य सचिव सहकारिता अशोक वर्णवाल भी उपस्थित थे। सहकारिता एक्ट और गाइडलाइन के अध्ययन के लिये कमेटी मंत्री सारंग ने कहा कि कमेटी गठित कर सहकारिता एक्ट और गाइडलाइन का अध्ययन किया जाये। यह कमेटी अपनी अनुशंसा उच्च स्तर पर प्रस्तुत करेगी। बैठक में कमेटी के सदस्यों में आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक मनोज गुप्ता, अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कॉलेज के प्राचार्य पी.एस. तिवारी, संयुक्त आयुक्त के.के. द्विवेदी और एच.एस.बघेला को शामिल किया गया है। देशभर के सहकारिता अधिकारी समझेंगे सीपीपीपी मंत्री सारंग ने को-ऑपरेटिव पब्लिक प्रायवेट पाटनरशिप (सीपीपीपी) मॉडल पर एक वर्कशॉप आयोजित करने के निर्देश भी दिये। वर्कशॉप में देशभर के सहकारिता से जुड़ें अधिकारियों को सीपीपीपी मॉडल का प्रजेटेंशन दिया जायेगा। आगामी 20 जून को यह प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिये गये। मंत्री सारंग ने सीपीपीपी मॉडल के माध्यम से सहकारी क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की। सीपीपीपी मॉडल के तहत प्रदेश में सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने के साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह मॉडल न केवल आर्थिक विकास को गति देगा बल्कि रोजगार के नये अवसर सृजित करेगा। पैक्स का विस्तार मंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश में अभी 10 हजार प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियां है। सभी जिला अधिकारियों को इसको विस्तार करते हुए 26 हजार का लक्ष्य देकर तत्परतापूर्वक कार्य करने के निर्देश दिये जाये। पैक्स का विस्तार टाइम लिमिट में करें। उन्होंने कहा कि 637 नई समितियों के गठन की कार्ययोजना बनाकर अंतिम रूप दें। उन्होंने कहा कि जहां-जहां नई सोसायटियाँ गठित की जाना है वहां लक्ष्य तय कर त्वरित गति से कार्य किया जाये। उन्होंने नवाचार के संबंध में जेआर और डीआर की वीडियो क्रॉन्फेसिंग कर आवश्यक मार्गदर्शन दिये जाने के भी निर्देश दिये। बैठक में समितियों के चुनाव संबंध में भी चर्चा की गई। निवेश विंग की स्थापना बैठक में बताया गया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में उच्च स्तर से निर्णय के बाद सहकारिता क्षेत्र में निवेशकर्ताओं को सभी आवश्यक सुविधाएँ एक स्थान पर सुनिश्चित करने के लिये “निवेश विंग आई डब्ल्यू” बनायी गई है। इसमें अम्बरीष वैद्य को नोडल अधिकारी बनाया गया है। प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक मनोज गुप्ता और प्रबंध संचालक बीज संघ महेन्द्र दीक्षित समन्वय अधिकारी होंगे। निवेश विंग में मुख्य संयोजक सुगुंजन राय और सहायक समन्वयक श्रीमती प्रियंका शाक्य रहेगी। बैठक में प्रबंध संचालक विपणन संघ आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक मनोज पुष्प, उप सचिव मनोज सिन्हा, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक मनोज गुप्ता, प्रबंध संचालक सहकारी संघ ऋतुराज रंजन, प्रबंध संचालक बीज संघ महेन्द्र दीक्षित और संयुक्त आयुक्त अम्बरीष वैद्य उपस्थित थे।  

सीआरपीएफ ने आतंकवाद और उग्रवाद विरोधी गतिविधियों में निभाई अहम भूमिका: केन्द्रीय मंत्री शाह

प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष-2026 तक देश होगा नक्सलवाद से मुक्त : केन्द्रीय मंत्री शाह देश की आंतरित सुरक्षा में सीआरपीएफ का अदम्य साहस और समर्पण सराहनीय सीआरपीएफ ने आतंकवाद और उग्रवाद विरोधी गतिविधियों में निभाई अहम भूमिका राष्ट्र की सुरक्षा के‍लिये सीआरपीएफ जवानों ने वीरता का प्रदर्शन कर बलिदान दिया सीएपीएफ में अब महिला कर्मियों की हो रही है भर्ती आयुष्मान कार्ड और आवास योजना का भी दिया जा रहा है लाभ केन्द्रीय मंत्री शाह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव नीमच में सीआरपीएफ के स्थापना दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल विशिष्ट सेवाओं के लिये सुरक्षा बल कर्मियों को किया पुरस्कृत नीमच केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है। उनके मार्गदर्शन में वर्ष 2026 तक देश नक्सलवाद से मुक्त होगा। इस प्रण को पूरा करने में सीआरपीएफ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। सीआरपीएफ ने जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न कराए। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक जहां जरूरत होती है, सीआरपीएफ के जवान सदैव कर्तव्य पथ पर तत्पर रहते हैं। देश का जब भी स्वर्णिम इतिहास लिखा जाएगा, उसमें सीआरपीएफ के शहीदों के नाम स्वर्ण अक्षरों से लिखे जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री शाह गुरुवार को नीमच स्थित सीआरपीएफ के ग्रुप सेंटर में सीआरपीएफ के 86वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जिले की प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया, सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेन्‍द्र प्रताप सिह, क्षेत्र के लोकसभा सांसद सुधीर गुप्‍ता, राज्‍यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर सहित जिले के तीनों विधायक व अन्‍य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। केंद्रीय मंत्री शाह ने देश की आंतरिक सुरक्षा में सीआरपीएफ के कर्मियों के अदम्य साहस और समर्पण की सराहना की। उन्होंने सीआरपीएफ की आतंकवाद और उग्रवाद विरोधी गतिविधियों, शांति स्थापना के कार्यों में निभाई गई भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि “जहां सीआरपीएफ है, वहां चिंता करने की कोई बात नहीं”। केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि आज सीआरपीएफ के 3 लाख जवान देश में कानून-व्यवस्था और शांति स्थापित करने के लिए कार्य कर रहे हैं। देश की संसद पर आतंकी हमले और श्रीराम जन्मभूमि पर हमले जैसी मुश्किल समय में कई बार सीआरपीएफ जवानों ने वीरता का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सर्वस्व न्यौछावर करते हुए बलिदान दिया। केन्द्रीय मंत्री शाह ने केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के शहीद जवानों को नमन करते हुए कहा कि सीमा क्षेत्रों से लेकर अंदरूनी इलाकों तक देश की सुरक्षा में सीआरपीएफ के योगदान को कोई भुला नहीं सकता। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा सीएपीएफ कर्मियों को आयुष्मान कार्ड और आवास योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। सीआरपीएफ में अब महिलाओं की भी भर्ती हो रही है। उनके लिये भी आवास सुविधा विकसित की जा रही है। सीआरपीएफ को आधुनिक बनाए रखने के लिये केन्द्र सरकार की ओर से उत्कृष्ट सुविधा प्रदान की जा रही है। सीआरपीएफ को 2708 वीरता पदक प्राप्त हुए हैं, जो अद्भुत वीरता के परिचालक हैं। स्थापना दिवस पर केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। परेड में सीआरपीएफ की 8 टुकड़ियों ने मार्च पास्ट किया। शाह ने कहा कि आज की परेड जवानों में नई ऊर्जा का संचार करेगी। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री ने वीरता पदकों के लिए चयनित जवानों को सम्मानित कर विशिष्ट सेवाओं के लिये सुरक्षा बल के जवानों को पुरस्कृत भी किया। समारोह में कोबरा, आरएएफ वैली क्यूएटी और डॉग स्क्वॉड जैसी विशेष इकाईयों द्वारा प्रभावशाली एवं आकर्षक प्रदर्शन किया गया। केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने सीआरपीएफ परिसर स्थित शहीद स्मारक पर पुष्प-चक्र अर्पित कर वीर जवानों को श्रृद्धांजलि अर्पित की। प्रदर्शनी का अवलोकन किया सीआरपीएफ के स्‍थापना दिवस समारोह की परेड के बाद केन्द्रीय गृहमंत्री शाह ने मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ सीआरपीएफ कैम्प नीमच के परिसर में ‘’राष्‍ट्र सेवा में समर्पित सीआरपीएफ के विभिन्‍न आयाम चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में सीआरपीएफ की स्‍थापना से अब तक फोर्स द्वारा अर्जित उपलब्धियों एवं विभिन्‍न गतिविधियों को चित्रों के माध्‍यम से प्रदर्शित किया गया। उल्लेखनीय है कि 86वीं सीआरपीएफ दिवस परेड इस वर्ष 17 अप्रैल को विस्तारित समारोहों के अन्तर्गत आयोजित की गई। सामान्यतः सीआरपीएफ दिवस प्रतिवर्ष 19 मार्च को मनाया जाता है, क्योंकि 1950 में इसी दिन भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने सीआरपीएफ को ध्वज प्रदान किया था। इस वर्ष नीमच में आयोजन का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि यहीं 27 जुलाई 1939 को ब्रिटिश शासन के दौरान ‘क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस’ की स्थापना हुई थी। स्वतंत्रता के बाद, 28 दिसंबर 1949 को सरदार पटेल ने इसे “केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ)” नाम दिया। आज सीआरपीएफ देश की आंतरिक सुरक्षा का मजबूत स्तंभ है हर चुनौतीपूर्ण मोर्चे पर अग्रिम पंक्ति में डटे रहकर, “सेवा और निष्ठा” के अपने मूल मंत्र को चरितार्थ कर रहा है।  

दिल्ली के लाल किले स्थित माधवदास पार्क में आयोजित सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का भव्य समापन आज, अमित शाह रहेंगे मुख्य अतिथि

भोपाल दिल्ली के लाल किले स्थित माधवदास पार्क में आयोजित सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का भव्य समापन सोमवार को किया जाएगा। समापन अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके साथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। विक्रम संवत के प्रवर्तक सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और योगदान पर केंद्रित इस महानाट्य का आयोजन 12 अप्रैल से शुरू हुआ था। तीन दिवसीय इस महामंचन के माध्यम से न केवल सम्राट विक्रमादित्य के शौर्य और संस्कृति संरक्षण के कार्यों को प्रस्तुत किया गया, बल्कि यह आयोजन “सांस्कृतिक अभ्युदय से समृद्धि पथ पर अग्रसर मध्यप्रदेश” थीम पर केंद्रित रहा। आज अंतिम दिन भी यह महानाट्य शाम 6:30 बजे से लाल किले के माधवदास पार्क में मंचित किया जाएगा। इस आयोजन के माध्यम से दर्शकों को मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन स्थलों और स्थानीय व्यंजनों से भी रूबरू होने का अवसर मिला है। कार्यक्रम स्थल पर “आर्ष भारत”, “मध्यप्रदेश पर्यटन” और “एमपी फूड कोर्ट” जैसी प्रदर्शनियों को विशेष आकर्षण के रूप में शामिल किया गया है, जहां आगंतुकों ने बघेलखंडी, मालवी, विंध्य क्षेत्र के पारंपरिक स्वादों का आनंद लिया। यह आयोजन मध्यप्रदेश शासन द्वारा आयोजित “विक्रमोत्सव 2025” का हिस्सा है, जो प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक सशक्त प्रयास माना जा रहा है।  

नक्सली बस्तर के विकास को रोक नहीं सकते, वो जमाना चला गया जब दंतेवाड़ा में गोलियां चलती थीं: अमित शाह

बस्तर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि नक्सली छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में आदिवासियों के विकास को रोक नहीं सकते और उनसे हथियार छोड़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि सरकार मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है. राज्य सरकार के ‘बस्तर पंडुम’ महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, “वो जमाना चला गया जब यहां पर गोलियां चलती थी, बम धमाके होते थे. जिनके हाथों में हथियार हैं उनसे विनती करता हूं कि हथियार डालकर मेनस्ट्रीम में आइए क्योंकि आप हमारे अपने हैं. कोई नक्सली मारा जाता है किसी को आनंद नहीं होता है. इस क्षेत्र को विकास चाहिए. बीते 50 वर्षों में जो विकास यहाँ नहीं पहुंचा, मोदी जी 5 साल में विकास को यहां पहुंचाएंगे.” उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति तभी हो सकती है, जब बच्चे स्कूल में जाएं, माताओं के स्वास्थ्य की चिंता हो, आदिवासी युवा कुपोषण से पीड़ित ना हो और उसकी पढ़ाई लिखाई की व्यवस्था हो, हर गांव में एक दवाखाना हो, हर तहसील में अस्पताल हो, हर घर में 7 किलो चावल मुफ्त पहुंचता हो, सभी के पास आधार कार्ड, राशन कार्ड और स्वास्थ्य का बीमा हो. यह तभी हो सकता है जब बस्तर के लोग तय करें कि, यहां का हर गांव नक्सलमुक्त बनेगा. शाह ने कहा कि विकास तभी संभव है जब बस्तर की जनता यह तय करे कि वे अपने गांवों और घरों को नक्सल मुक्त बनाएंगे. उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने घोषणा की है कि जो गांव नक्सलियों के आत्मसमर्पण में मदद करेंगे और खुद को माओवादी मुक्त घोषित करेंगे, उन्हें 1 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों की सौगात दी जाएगी. अमित शाह ने बताया कि वर्ष 2025 में अब तक 521 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 2024 में यह संख्या 881 रही. उन्होंने कहा, “जिन नक्सलियों ने यह समझ लिया है कि विकास के लिए बंदूक, आईईडी और ग्रेनेड की जरूरत नहीं, बल्कि कंप्यूटर और कलम की जरूरत है, उन्होंने आत्मसमर्पण किया है.” ‘बस्तर पंडुम’ महोत्सव की सराहना करते हुए शाह ने कहा कि अगले वर्ष इसे राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अनुरोध करेंगे कि वह इसके उद्घाटन समारोह में शामिल होकर आदिवासी भाई-बहनों को आशीर्वाद दें.  

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के साथ मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना की

रायपुर केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर अपने एक दिवसीय दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के साथ बस्तर अंचल की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश एवं प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री किरण देव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

बस्तर में सुरक्षाबल के जवानों की लगातार कार्रवाई से नक्सली संगठन खौफ, शाह की रणनीति का दिखा असर

रायपुर  छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ लगातार एक्शन हो रहे हैं। सुरक्षाबल के जवान नक्सलियों के गढ़ माने जाने वाले अबूझमाड़ में घुसकर कार्रवाई कर रहे हैं। जिसके बाद नक्सली खौफ में आ गए हैं। ऐसे में नक्सली संगठन की तरफ से शांति की पहल का एक लेटर जारी किया गया है। शांति की पहल को लेकर दावा किया जा रहा है कि नक्सली संगठन अब कमजोर हो गए हैं। केंद्र सरकार भी नक्सलवाद के खात्मे के लिए लगातार सपोर्ट कर रही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह लगातार नक्सलवाद के खिलाफ रणनीति बना रहे हैं और उसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अमित शाह के डेडलाइन क्या है? छत्तीसगढ़ में नक्सवाद के खात्मे की कमान खुद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने हाथों में ले रखी है। अमित शाह लगातार नक्सल विरोधी अभियानों की समीक्षा कर रहे हैं और रणनीति भी बना रहे हैं। अमित शाह ने नक्सलवाद के खात्मे के लिए एक डेडलाइन तक की है। शाह ने 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म करने की डेट तय की है। यह डेडलाइन तय होने के बाद सुरक्षाबल के जवान ताबड़तोड़ एक्शन कर रहे हैं। सेना की पहुंच उन इलाकों में हो गई है जहां कभी नक्सलियों की बिना इजाजत के कोई बाहरी व्यक्ति कदम नहीं रख सकता था। गृहमंत्री ने दिया है दो टूक जवाब नक्सली संगठन का एक लेटर सामने आया है। इस लेटर में उन्होंने कहा कि सरकार को युद्ध विराम की घोषणा करनी चाहिए। वह शांति से वार्तालाप करना चाहते हैं। हालांकि उन्होंने उसके लिए शर्त रखी है कि सरकार सेना की कार्रवाई रोके। नए इलाकों में बनाए गए कैंप को हटा दिया जाए। नक्सलियों की शर्त पर राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा दो दो टूक जवाब दे चुके हैं कि नक्सली संगठन हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटें उन्होंने कहा कि किसी भी शर्त पर बातचीत नहीं होगी। क्यों शांति चाहते हैं नक्सली नक्सलियों की शांति पहल को लेकर बस्तर के रहने वाले वरिष्ठ साहित्यकार रजीव रंजन ने नवभारत टाइम्स डॉट कॉम को बताया कि- ऐसा पहली बार हुआ है जब नक्सली इतने कमजोर हैं। जिस तरह से 2024 में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन हुए उसके बाद इस साल की शुरुआत में जवानों ने माओवादियों के बड़े कैडर को मार गिराया हो उससे वह खौफ में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि यह शांति पहल नक्सलियों का एक ट्रैप है। इस ट्रैप का फायदा उठाकर वह अपने लिए समय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह खुद को और अपने संगठन के टॉप लीडरों की बचाने की नक्सलियों की एक साजिश है। इस साजिश के जरिए नक्सली सरकार को शांतिवार्ता में उलझाकर जवानों की कार्रवाई रोकना चाहते हैं। वह जिस युद्ध विराम की बात कर रहे हैं वह खुद उन्हें करना चाहिए। सरेंडर करके सरकार की जो पुनर्वास नीति है उसका लाभ उठाना चाहिए। हथियारों और लीडरों की कमी उन्होंने कहा कि सुरक्षाबल के जवानों ने अबूझमाड के उन इलाकों में कैंप स्थापित कर लिए हैं जिन्हें नक्सली अपना सबसे सुरक्षित ठिकाना मानते थे। नक्सलियों के खिलाफ जवान लगातार कार्रवाई ही नहीं कर रहे हैं उनके हथियार और विस्फोटकों को भी जब्त कर रहे हैं जिससे संगठन के पास आधुनिक हथियारों की भी कमी हो गई है। ऐसे में वह शांति का ट्रैप बिछाने की कोशिश में हैं। वह अपने टॉप लीडरों को सुरक्षित स्थानों में पहुंचाना चाहते हैं। पहली बार ऐसा एक्शन उन्होंने कहा कि इससे पहले हम बस्तर में देखते थे कि सरकार और जवान शांति के लिए पहल करते थे। लेकिन इस बार उल्टा है। जवान और सरकार ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहे हैं और नक्सली शांति की बात कर रहे हैं। वह भारी दबाव में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को शांति पहल करनी चाहिए लेकिन बस्तर में जवानों की कार्रवाई तब तक नहीं ठहरनी चहिए जब तक की नक्सलवाद पूरी तरह से घुटने नहीं टेक देता है।

भारत में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 12 से घटकर 6 हुई : अमित शाह

रायपुर गृहमंत्री अमित शाह 4 अप्रेल को फिर से छत्तीसगढ़ जाने वाले हैं. इससे पहले उन्होंने एक्स पर एक बड़ी जानकारी दी. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा दौरे से पहले शाह ने कहा देश में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में सरकार को बड़ी सफलता मिली. देश में नक्सली हिंसा से प्रभावित जिलों की संख्या 12 से घटकर 6 हो गई है. 31 मार्च 2026 तक भारत में नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने का लक्ष्य सरकार ने रखा है. मोदी 3.0 के मिशन में ये सबसे महत्वपूर्ण मु्द्दा है. इसे लेकर केंद्र सरकार का प्लान कारगर होते भी दिख रहा है. अमित शाह साफ कह चुके हैं कि 31 मार्च 2026 के बाद देश में नक्सलवाद केवल इतिहास बनकर रह जाएगा. इसे पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ की साय सरकार का प्लान पर एक्शन तारीफ के लायक है. नक्सलवाद को इतिहास बना देंगे- शाह 2 दिन पहले अमित शाह ने 50 नक्सलियों के सरेंडर के खुशी जाहिर करते हुए कहा था ‘ये बहुत हर्ष का विषय है कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 50 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया. हिंसा और हथियार छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल होने वालों का मैं स्वागत करता हूँ. मोदी जी की नीति स्पष्ट है कि जो भी नक्सली हथियार छोड़कर विकास का मार्ग अपनाएँगे, उनका पुनर्वास कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा.  बाकी लोगों से भी मैं पुनः अपील करता हूँ कि वे हथियार त्याग कर मुख्यधारा में आएं. 31 मार्च 2026 के बाद देश में नक्सलवाद केवल इतिहास बनकर रह जाएगा, यह हमारा संकल्प है’. अब 6 जिलों में ही बचा है नक्सलवाद, 10 सालों में 29 जिले मुक्त इन जिलों को ‘सबसे अधिक प्रभावित जिले’ के रूप में उप-वर्गीकृत किया गया है। यह 2015 में लाई गई शब्दावली है। इसके अलावा एक उप वर्ग ‘चिंताजनक जिलों’ की श्रेणी का है। यह उप श्रेणी 2021 में बनाई गई थी। पिछली समीक्षा के अनुसार ‘सर्वाधिक प्रभावित जिले’ 12 थे। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार 2015 में ऐसे 35 जिले, 2018 में 30 जिले और 2021 में 25 जिले थे। अब यह आंकड़ा तेजी से कम होता जा रहा है। साफ है कि बीते 10 सालों में 29 जिलों से नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और अब सिर्फ 6 जिलों में ही यह बचा है। कमांडर्स से मुलाकात इस बीच छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने पीसी कर जानकारी दी. उन्होंने बताया  बस्तर पंडुम समापन में बस्तर की सांस्कृतिक विषयों पर कार्यक्रम होंगे.  3 अप्रैल को कवि कुमार विश्वास “बस्तर के राम“ की प्रस्तुति देंगे.  डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 4 अप्रैल को छत्तीसगढ़ आएंगे और 5 अप्रैल की सुबह दंतेवाड़ा जाएंगे. अमित शाह मां दंतेश्वरी माता के दर्शन करेंगे और बस्तर पंडुम के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके अलावा स्थानीय चुनाव के जनप्रतिनिधियों से भी मिलेंगे. बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर के जनप्रतिनिधियों से शाह की मुलाकात होनी है. नक्सलवाद को लेकर लगातार चल रही कार्रवाई के बीच अमित शाह बस्तर में कमांडर्स से मुलाकात करेंगे. बस्तर से लौटकर रायपुर में शाह प्रशासनिक बैठक भी करेंगे. 

‘370 हटाने के बाद आतंकी घटनाओं में कमी आई’,10 साल में कश्मीर में 12 हजार करोड़ का निवेश: अमित शाह का दावा

नई दिल्ली गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे हैं. गृह मंत्री शाह ने उरी और पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए कहा कि 10 दिन में बदला लिया और हमने भारत को इजरायल-अमेरिका वाली लिस्ट में ला दिया. ताजा अपडेट के लिए पेज को रिफ्रेश करते रहें। जहां मरते हैं, वहीं दफना दिए जाते हैं आतंकी- अमित शाह गृह मंत्री अमित शाह ने तीन समस्याएं दशकों से नासूर की तरह बन गई थीं. एक वामपंथी उग्रवाद, दूसरा पूर्वोत्तर का उग्रवाद और तीसरा आतंकवाद. पहले जम्मू कश्मीर में आतंकी आते थे और कोई त्योहार नहीं होता था जब हमले नहीं होते थे. मोदीजी के आने के बाद भी हमले हुए. उरी और पुलवामा में हमला हुआ. 10 दिन में पाकिस्तान में घर में घुसकर एयर स्ट्राइक कर जवाब दिया गया. दुनिया में इजरायल और अमेरिका की सूची में महान भारत का नाम जुड़ गया. अमित शाह ने कश्मीर में जी-20 बैठक के सफल आयोजन का जिक्र करते हुए कहा कि कन्याकुमारी से कश्मीर तक मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में यात्रा निकली थी. हमें लाल चौक जाने की परमिशन नहीं मिल रही थी. हमने जिद की तो सेना की सुरक्षा में जाना पड़ा और आनन-फानन में तिरंगा फहराकर आना पड़ा. उसी लाल चौक पर कोई घर ऐसा नहीं था जिस पर हर घर तिरंगा अभियान में तिरंगा न हो. हमने कई ऐसे कदम उठाए जिसकी वजह से आतंकियों से भारतीय बच्चों के जुड़ने की संख्या करीब-करीब शून्य हो गई है. आतंकी जब मारे जाते थे, बड़ा जुलूस निकलता था. आज भी आतंकी मारे जाते हैं और जहां मारे जाते हैं, वहीं दफना दिए जाते हैं. घर का कोई आतंकी बन जाता था और परिवार के लोग आराम से सरकारी नौकरी करते थे. हमने उनको निकालने का काम किया. आतंकियों के परिवार के लोग बार काउंसिल में बैठे थे और प्रदर्शन होने लगता था. आज वो श्रीनगर या दिल्ली की जेल में हैं. उन्होंने पथराव से लेकर ऑर्गेनाइज हड़ताल की घटनाओं के आंकड़े भी गिनाए. 10 साल में परिवर्तन कर राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत करने का काम किया- अमित शाह गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा का जवाब दे रहे हैं. गृह मंत्री ने कहा कि चर्चा के दौरान कुछ उपयोगी सुझाव भी आए हैं, कुछ हमारी कमियों की ओर ध्यान दिलाया गया, कुछ राजनीतिक टिप्पणियां भी की गईं, कुछ राजनीतिक आक्षेप भी लगाए गए. सभी का संसदीय भाषा में जवाब देने का प्रयास करूंगा. उन्होंने कहा कि देश की सरहदों को सुरक्षित करने के लिए अपना बलिदान दिया है, केंद्रीय बलों और स्टेट पुलिस के उन हजारों जवानों को भी नमन करता हूं. गृह मंत्रालय एक प्रकार से बहुत विषम परिस्थिति में काम करता है. कानून-व्यवस्था का जिम्मा राज्यों के पास है और सरहदी सुरक्षा गृह मंत्रालय के जिम्मे है. इसमें बदलाव की जरूरत भी नहीं है. 76 साल बाद ऐसी परिस्थिति खड़ी हो गई है कि कई अपराध राज्यों की सीमा तक सीमित नहीं होते. कई अपराध ऐसे होते हैं जो देश की सीमा के बाहर से भी हमारे यहां होते हैं. 10 साल में नरेंद्र मोदी जी ने एक साथ परिवर्तन कर राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने का काम किया है. ‘नई लाशें बिछाने के लिए गड़े मुर्दे उखाड़ दिए’, संजय राउत ने नागपुर दंगे पर सरकार को घेरा शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने राज्यसभा में कहा कि आज क्या दिन आ गया है कि उच्च सदन में औरंगजेब पर चर्चा हो रही है. इसके लिए गृह मंत्रालय जिम्मेदार है. देश को एक-अखंड रखना गृह मंत्रालय का काम है. देश को कुछ समय से पुलिस स्टेट बना दिया गया है. एक मणिपुर कल तक जल रहा था, अब महाराष्ट्र को भी जला दिया. नई लाशें बिछाने के लिए आपने गड़े मुर्दे उखाड़ दिए और वह भी औरंगजेब के नाम पर. नागपुर में तीन सौ साल में कभी दंगा नहीं हुआ था. दंगा हो गया वह भी मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में. आपको औरंगजेब की कब्र तोड़नी है तो जाओ तोड़ो ना हाथ में फावड़ा-वावड़ा लेकर. मुख्यमंत्री आपका है, गृह मंत्री आपका है. जाओ ना. लेकिन अपने बच्चों को भेजो, हमारे बच्चों को मत भेजो. आपके बच्चे विदेशों में पढ़ रहे हैं. मुसलमान में बाबर का डीएनए तो तुम राणा सांगा की औलाद- रामजी सुमन बहुजन समाज पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजी सुमन ने कहा कि बीजेपी के लोगों का एक तकिया कलाम हो गया है कि मुसलमान में बाबर का डीएनए है. भारत का मुसलमान बाबर को तो अपना आदर्श मानता है नहीं, वह तो मोहम्मद साहब को अपना आदर्श मानता है. बाबर को लाया कौन था. इब्राहिम लोदी को हराने के लिए राणा सांगा ने बाबर को लाया. मुसलमान में बाबर का डीएनए है तो तुम राणा सांगा की औलाद हो. राणा सांगा की गद्दारी की चर्चा तो होती नहीं. इस पर आसन से हरिवंश ने राम जी सुमन को रोकते हुए कहा कि आपका समय खत्म हो गया. अब आप बैठिए. डिप्टी चेयरमैन हरिवंश ने ये भी कहा कि जो भी संसदीय मर्यादा के अनुकूल नहीं होगा, वह रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा. पंजाब के किसानों को हरियाणा सरकार रोक देती है, ये मामूली बात नहीं- धर्मेंद्र यादव लोकसभा में जलशक्ति मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा के बाद अब कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा चल रही है. चर्चा की शुरुआत आजमगढ़ से समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने की है. धर्मेंद्र यादव ने स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के अनुरूप एमएसपी की गारंटी देने की मांग की और कहा कि हम किसी पर टिप्पणी नहीं करते लेकिन बीजेपी के ही लोग कहते हैं कि मोदी की गारंटी. उन्होंने गन्ना किसानों के मूल्य भुगतान के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और कहा कि छुट्टा जानवर भी बड़ी समस्या है. पूरा उत्पादन जब तक बिक नहीं जाता, किसान का पूरा परिवार जाड़ा-गर्मी-बरसात खेत में पड़ा रहता है. प्रधानमंत्री जी की भी सरकार में बैठे लोग नहीं सुनते. इस समस्या का स्थायी समाधान निकालिए. कृषि क्षेत्र से 60 फीसदी लोगों को रोजगार मिलता है. 30 फीसदी बजट ही ले आते. देश के किसान, परिवार में … Read more

शाह ने तय कर दिया है टारगेट, 22 नक्सलियों के ढेर होने के बाद डेप्युटी सीएम ने कहा- इंद्रावती नदी के किनारे पर चाय पिएंगे

रायपुर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों की ओर से 22 नक्सलियों को मार गिराए जाने को ‘बड़ी सफलता’ करार दिया है। इसके साथ ही उन्होंने अगले बड़े ऑपरेशन की तारीख भी इशारों में बता दी है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच बृहस्पतिवार सुबह हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 18 नक्सलियों को और कांकेर जिले में चार नक्सलियों को मार गिराया। इन घटनाओं में एक जवान की जान भी चली गई। शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘नक्सलमुक्त भारत अभियान’ की दिशा में आज हमारे जवानों ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर और कांकेर में हमारे सुरक्षा बलों के 2 अलग-अलग ऑपरेशन्स में 22 नक्सली मारे गए।’ उन्होंने कहा, ‘मोदी सरकार नक्सलियों के विरुद्ध बिना कोई रहम किए से आगे बढ़ रही है और समर्पण से लेकर समावेशन की तमाम सुविधाओं के बावजूद जो नक्सली आत्मसमर्पण नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। अगले साल 31 मार्च से पहले देश नक्सल-मुक्त होने वाला है।’ 31 मार्च 2026 का टारगेट गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ‘नक्सलमुक्त भारत अभियान’ की दिशा में आज हमारे जवानों ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर और कांकेर में हमारे सुरक्षा बलों के 2 अलग-अलग ऑपरेशन्स में 22 नक्सली मारे गए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार नक्सलियों के विरुद्ध रुथलेस अप्रोच से आगे बढ़ रही है और समर्पण से लेकर समावेशन की तमाम सुविधाओं के बावजूद जो नक्सली आत्मसमर्पण नहीं कर रहे, उनके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। अगले साल 31 मार्च से पहले देश नक्सलमुक्त होने वाला है। बीजापुर में ठोके गए 18 नक्सली छत्तीसगढ़ के डेप्युटी सीएम और गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बीजापुर और दंतेवाड़ा के बीच में गंगालूर क्षेत्र है, जहां सुबह 7 बजे फायरिंग हो रही थी। इस मुठभेड़ में कुल 18 नक्सली मारे गए हैं। साथ ही डीआरजी जवान राजू ओएम शहीद हुए हैं। शहीद परिवार के साथ पूरी सरकार खड़ी है। छत्तीसगढ़ महत्तारी की सेवा के लिए उन्होंने सर्वोच्चय बलिदान दिया है। हम जवानों को शुभकामना देते हैं। यह उनकी भुजाओं की ताकत है। कांकेर में भी चार नक्सली मारे गए हैं। इंद्रावती नदी के किनारे पर पीएंगे चाय विजय शर्मा ने कहा कि यह बड़ी सफलता है। अब बीजापुर से बामेड़ तक बस चल रही है। पहले तेलंगाना होते हुए जाना पड़ता था। अब समूचा बस्तर बदल रहा है। आने वाले समय में पूरा बस्तर लाल आतंक से मुक्त होगा। आगे चलकर आप भी किसी शाम इंद्रावती नदी के किनारे आराम से बैठकर चाय पी सकते हैं। गौरतलब है कि मुठभेड़ के बाद जवानों ने नक्सलियों के शव और हथियार बरामद कर लिए हैं। छत्तीसगढ़ में जवान लगातार लाल आतंक के खात्मे के लिए काम कर रहे हैं। साथ ही नक्सलियों पर प्रहार जारी है। 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे का लक्ष्य रखा गया है। छत्तीसगढ़ में ऑपरेशन अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार सुबह सुरक्षाबलों की टीम बीजापुर और दंतेवाड़ा के सरहदी में थाना गंगालूर इलाके में नक्सली विरोध ऑपरेशन पर निकली थी। इसी दौरान सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। टीम ने दो अलग-अलग ऑपरेशन में 22 नक्सलियों को मार गिराया है। सुरक्षाबल की टीम ने बीजापुर में 18 तो कांकेर में चार नक्सली मार गिराया है। इस मुठभेड़ में बीजापुर डीआरजी के एक जवान राजू ओयामी शहीद हो गए। गृह मंत्री विजय शर्मा ने 18 नक्सलियों के शव बरामद होने की पुष्टि की है वहीं अन्य क्षेत्रों से अभी शव प्राप्त होने की सूचना आधिकारिक रूप से प्राप्त नहीं हुई है।

सरकार की सख्त नीतियों और सुरक्षा बलों की प्रभावी रणनीति के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति लौट रही है- CM विष्णुदेव साय

रायपुर छ्त्तीसगढ़ सीएम विष्णुदेव साय ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इस दौरान मुख्य तौर पर राज्य में नक्सलवाद को लेकर चर्चा हुई. मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री साय ने बताया बस्तर में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. सरकार की सख्त नीतियों और सुरक्षा बलों की प्रभावी रणनीति के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति लौट रही है. इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर मुलाकात की. इस बैठक में नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने, बस्तर के विकास को तेज करने और पर्यटन व आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विस्तार से चर्चा हुई. मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह को अवगत कराया कि नक्सलवाद अब अपने आखिरी पड़ाव पर है और सरकार इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए निर्णायक कदम उठा रही है. राज्य और केंद्र के संयुक्त प्रयासों से नक्सली संगठनों की पकड़ कमजोर हो चुकी है. अब अंतिम चरण की रणनीति तैयार कर बस्तर को स्थायी शांति की ओर ले जाने पर जोर दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 का असर दिखने लगा है. हाल ही में बीजापुर जिले में 9 ईनामी नक्सलियों समेत कुल 19 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार द्वारा आर्थिक सहायता और पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, ताकि वे समाज में सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें. बैठक में बस्तर में विकास कार्यों को तेज करने पर विशेष ध्यान दिया गया. सरकार की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 का असर दिखने लगा है। हाल ही में बीजापुर जिले में 9 ईनामी नक्सलियों समेत कुल 19 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार द्वारा आर्थिक सहायता और पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, ताकि वे समाज में सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें। बैठक में बस्तर में विकास कार्यों को तेज करने पर विशेष ध्यान दिया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और जल जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत कर रही है। इसके साथ ही, बस्तर के समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए पर्यटन को बढ़ावा देने की योजनाओं पर भी विचार किया गया। बस्तर के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार और नए रोजगार के अवसर तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर सिर्फ संघर्ष की भूमि न रहकर शांति, विकास और संभावनाओं का नया केंद्र बने।

Modi Government ने Jammu Kashmir के दो संगठनों पर बैन लगाया

श्रीनगर केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के दो संगठनों ‘जम्मू-कश्मीर इत्तिहादुल मुस्लिमीन’ और ‘आवामी एक्शन कमेटी’ को गैरकानूनी संगठन घोषित कर दिया है. गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर यह जानकारी साझा की. उन्होंने कहा कि ये संगठन लोगों को भड़काने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के लिए जिम्मेदार पाए गए हैं, जिससे देश की एकता और अखंडता को खतरा हो सकता था. UAPA के तहत प्रतिबंध क्यों? गृह मंत्रालय के अनुसार, इन संगठनों की गतिविधियों से यह साफ हुआ कि वे जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने की साजिश रच रहे थे. उनके बयानों और कार्यों से लोगों को हिंसा के लिए उकसाया जा रहा था, जिससे कानून-व्यवस्था पर खतरा मंडरा रहा था. वहीं, अमित शाह ने स्पष्ट किया कि मोदी सरकार किसी भी राष्ट्रविरोधी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी. देश की शांति, व्यवस्था और संप्रभुता के खिलाफ काम करने वालों को करारा जवाब दिया जाएगा. सरकार के अनुसार उमर फारूक के नेतृत्व वाली अवामी एक्शन कमेटी जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में अलगाववाद को प्रोत्साहन देते हुए आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने और भारत विरोधी प्रचार-प्रसार में शामिल रही है। अधिसूचना में कहा गया है कि उक्त समूह भारत की अखंडता, संप्रभुता और सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों में लिप्त रहा है। सरकार ने ए.ए.सी. पर गैरकानूनी गतिविधियों के लिए धन जुटाने, अलगाववादियों को समर्थन प्रदान करने तथा संविधान के प्रति अनादर दिखाने का आरोप लगाया है।

विजयवर्गीय जी आप कहां जा रहे हैं? अमित शाह के फोन मिलाते ही दौड़े आए मंत्री; MP में सियासी पारा बढ़ा

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दो दिनों तक चले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के समापन समारोह में शामिल होने पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कार्यक्रम खत्म होने के बाद इंदौर के लिए रवाना हुए। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान उन्होंने नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बारे में पूछा, तब उन्हें बताया गया कैलाश विजयवर्गीय इंदौर निकल चुके हैं। इसके बाद अमित शाह का कॉल कैलाश विजयवर्गीय के पास पहुंचा तब तक कैलाश भोपाल से काफी दूर निकल चुके थे। लेकिन अमित शाह का कॉल आने के तत्काल बाद वह वापस स्टेट हैंगर लौटे। इस दौरान उनकी अमित शाह से शॉर्ट मीटिंग भी हुई। बताया जा रहा है अमित शाह ने केंद्रीय राजनीति में उनसे मुलाकात कर नाराजगी की तमाम अटकलें को भी खारिज किया है और संदेश देने की कोशिश भी की है। कैलाश विजयवर्गीय को बुलाया अमित शाह मंगलवार शाम करीब 6 बजे स्टेट हैंगर पहुंचे। BJP के कार्यकर्ता उन्हें विदा करने के लिए इंतज़ार कर रहे थे। लेकिन गृह मंत्री अमित शाह जाने की बजाय VIP लाउंज में चले गए। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय को ढूंढा। विजयवर्गीय, जो पहले BJP के राष्ट्रीय महासचिव भी रह चुके हैं, शाह के संगठनात्मक टीम का हिस्सा थे। जब शाह BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। अगस्त 2015 में शाह ने ही विजयवर्गीय को पश्चिम बंगाल का प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया था। उज्जैन के रास्ते में थे कैलाश विजयवर्गीय वहीं, जब अमित शाह का संदेश कैलाश विजयवर्गीय तक पहुंचा तो वह उज्जैन के रास्ते में थे। उन्हें एक पार्टी कार्यकर्ता की शादी में शामिल होना था। और फिर महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि का उत्सव मनाना था। वह भोपाल के बाहरी इलाके में पहुंच चुके थे। लेकिन शाह के फोन के बाद, उन्होंने अपने ड्राइवर को स्टेट हैंगर जाने का निर्देश दिया। इस बीच, शाह VIP लाउंज में विजयवर्गीय का इंतजार कर रहे थे। विजयवर्गीय के पहुंचते ही दोनों नेताओं ने लगभग 20 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत की। कैलाश विजयवर्गीय की होगी संगठन में वापसी इस मुलाकात के बाद, राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि विजयवर्गीय को प्रदेश BJP अध्यक्ष पद के लिए दावेदार माना जा रहा है। एक वरिष्ठ BJP पदाधिकारी ने बताया कि एमपी के दो नेता अमित शाह के करीबी माने जाते हैं कैलाश विजयवर्गीय और नरोत्तम मिश्रा। मिश्रा 2023 के विधानसभा चुनाव हारने के बाद से सक्रिय नहीं हैं। और विजयवर्गीय, जिन्होंने बंगाल में BJP को एक विकल्प के रूप में स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाई, राज्य में वापस आकर केवल कैबिनेट मंत्री बनने से असंतुष्ट हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर अटकलें कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि अगले महीने BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होना है। क्या विजयवर्गीय प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में हैं या राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की? या फिर वह सिर्फ राजनीतिक फीडबैक ले रहे थे? इसका जवाब किसी के पास नहीं है। और विजयवर्गीय भी इस बारे में कुछ नहीं कह रहे हैं। जल्द होने वाले हैं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव GIS के बाद, राज्य का अगला बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम प्रदेश BJP अध्यक्ष का चुनाव है। वर्तमान अध्यक्ष वीडी शर्मा का कार्यकाल इस महीने की शुरुआत में पूरा हो गया है। एक पार्टी पदाधिकारी ने बताया कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, जिन्हें प्रदेश अध्यक्ष चुनाव का प्रभार दिया गया है, 1 मार्च को भोपाल आ सकते हैं। वे 413 पार्टी प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। ये प्रतिनिधि ही अगले प्रदेश BJP अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति मार्च के पहले हफ्ते के अंत तक होने की उम्मीद है। कई सवाल खड़े हो रहे अचानक हुई मुलाकात ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या वाकई विजयवर्गीय को कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलने वाली है? क्या यह मुलाकात मध्यप्रदेश की राजनीति की दिशा बदल देगी? आने वाला समय ही इन सवालों का जवाब देगा। सरकार में शामिल होने से खुश नहीं? कथित तौर पर यह चर्चा होती है कि कैलाश विजयवर्गीय सरकार में खुद को असहज महसूस करते हैं। साथ ही कुछ चीजों को लेकर उनकी असहमति भी रहती है। यह जानकारी आलाकमान तक पहुंची थी। शायद यही वजह रही कि अमित शाह ने उन्हें मिलने के लिए बुलाया है। ऐसे में अनुमान यह भी है कि उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि कैलाश विजयवर्गीय ने इस मुलाकात पर चुप्पी साध रखी है। मुलाकात के बाद बुधवार की सुबह उन्होंने महाकाल मंदिर जाकर अपने परिवार के साथ पूजा की है। 20 मिनट तक बंद कमरे में हुई बैठक बताया जा रहा है कि जब अमित शाह ने फोन किया तो उस समय विजयवर्गीय पार्टी कार्यकर्ताओं की शादी में शामिल होने और महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि उत्सव में भाग लेने के लिए उज्जैन की तरफ जा रहे थे। वह भोपाल के आउटर इलाके में पहुंच चुके थे लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री का फोन आने पर उन्‍होंने अपने ड्राइवर को वापस स्टेट हैंगर की ओर जाने का आदेश दिया। सूत्रों के मुताबिक, यहां पहुंचने के बाद दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक बंद कमरे में बैठक हुई। अमित शाह के फोन से राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा बता दें कि अमित शाह की एक कॉल और अचानक से हुई इस मुलाकात ने राज्‍य के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू कर दी है। सूत्र बता रहे हैं कि शाह ने खुद विजयवर्गीय को स्‍पेशली फोन कॉल किया, जिसके बाद उन्‍होंने अपनी कार वापसी दिशा में दौड़ा दी और यह मीटिंग हुई। इसके बाद चर्चा शुरू हो गई कि जीआईएस खत्म होने के बाद मध्य प्रदेश में क्‍या कोई अगला बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम होने वाला है।

जीआईएस से मिले 30.77 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

  भारत के विकास को गति दे रहा है मध्यप्रदेश : केंद्रीय गृह मंत्री शाह जीआईएस भोपाल के समारोह में केन्द्रीय गृह मंत्री ने की मध्यप्रदेश सरकार के नवाचारों की सराहना जीआईएस से मिले 30.77 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमने निवेश के लिए बनाया है नया इको-सिस्टम हमारी निवेश नीतियों को सबने सराहा, निवेशकों का बढ़ा है मध्यप्रदेश पर विश्वास आरआईसी के सफल प्रयासों का प्रतिफल मिला जीआईएस में भोपाल केन्द्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि भोपाल में सम्पन्न दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सिफ मध्यप्रदेश की नहीं, यह देश की उपलब्धि है। उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन देने के लिये उठाये गये कदम भारत के विकास को भी गति देने का कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश निश्चित ही प्रमुख उद्योग राज्य बनेगा। मध्यप्रदेश में निवेशकों में निवेश करने के प्रति विश्वास बढ़ा है। स्थायी और सशक्त सरकार, पारदर्शी प्रशासन, उपयोगी नीतियां, सहयोगी सामाजिक वातावरण, आर्थिक प्रगति के लिये ऐसे आधार हैं, ‍जो मध्यप्रदेश में मौजूद हैं। मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है जिसने जनविश्वास अधिनियम, ईज ऑफ डूइंग के माध्यम से पहल की है। निश्चित ही मध्यप्रदेश टॉप एचीवर बनेगा। केन्द्रीय मंत्री शाह मंगलवार की शाम भोपाल के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर में हुई दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय मंत्री शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सूत्र वाक्य ‘विरासत भी और विकास भी’ को मध्यप्रदेश चरितार्थ कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष@2047 तक पूर्ण विकसित भारत का संकल्प किया है। भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था होगा। इसमें मध्यप्रदेश अपना योगदान देते हुए महत्वपूर्ण सहयोगी राज्य सिद्ध होगा। मध्यप्रदेश ने लोकल और ग्लोबल दोनों स्तर पर प्रगति के प्रयासों में सहभागी बनने का सराहनीय कार्य किया है। यह ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट बहुत सफल रही है। इसकी सफलता के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी टीम बधाई और अभिनंदन की पात्र हैं। मध्यप्रदेश में इस समिट में हुए एमओयू जल्द ही मूर्त रूप लेकर प्रदेश के विकास को गति प्रदान करेंगे। मध्यप्रदेश में किया गया प्रयोग सम विकास के लिये आवश्यक केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. द्वारा किया गया रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का प्रयोग सफल रहा। सम विकास के लिये ऐसे प्रयास आवश्यक हैं। अन्य राज्य भी यह प्रयोग कर सकते हैं। प्रत्येक क्षेत्र में अलग तरह का निवेश संभव होता है। मध्यप्रदेश में फिजीकल पोटेंशियल, सेक्टोरल और ग्लोबल पोटेंशियल के मार्ग प्रशस्त हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी की भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है। केन्द्रीय मंत्री शाह के उद्बोधन के प्रमुख बिन्दु     मध्यप्रदेश में सशक्त अधोसंरचना मौजूद है। भूमि, जल और बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है।     यहां कुशल मानव संसाधन की प्रचुरता है।     मध्यप्रदेश में मार्केट का एक्सेस और पारदर्शी प्रशासन है।     मध्यप्रदेश में स्थिर सरकार, केन्द्रीय भौगोलिक स्थिति, उद्योगों के लिये अनुकूल नीतियां हैं।     यहां सभी कुछ प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।     मध्यप्रदेश उद्योगपतियों के आकर्षण का प्रमुख केन्द्र है।     मध्यप्रदेश में सर्वाधिक खनिज संसाधन उपलब्ध हैं।     मध्यप्रदेश देश की कॉटन केपिटल है। यहां देश के कपास उत्पादन का एक चौथाई ऑर्गेनिक फार्म में होता है।     मध्यप्रदेश में खाद्य प्र-संस्करण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुआ है।     यह अत्यंत सराहनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष-2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया है।     मध्यप्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की उपलब्धि प्राप्त करेगा।     आज सम्पन्न समिट में 200 से अधिक संस्थानों के प्रतिनिधि, 60 देशों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रतिभागी शामिल हुए। कई विभागीय सम्मेलन और सेक्टोरल सत्र भी समिट में सम्पन्न हुए हैं। यह मध्यप्रदेश की ग्लोबल उपस्थिति का परिचायक है।     प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में निवेश का तैयार हुआ सकरात्मक माहौल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री शाह के जीआईएस के समापन सत्र में आने के लिए उनका अभिनंदन करते हुए कहा कि कल प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जीआईएस का शुभारंभ और आज गृह मंत्री शाह द्वारा समापन से मध्यप्रदेश ने देश के कुशल नेतृत्व का मार्गदर्शन प्राप्त किया है। उन्होंने इसके लिए मध्यप्रदेश की जनता की ओर से आभार जताया। उन्होंने निवेशकों से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में औद्योगीकरण और निवेश को लेकर एक सकारात्मक माहौल बना है। मप्र में पर्याप्त जल, जंगल, जमीन, बिजली, लैंड बैंक और निवेश के लिये अनुकूल वातावरण बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में एक वर्ष पहले क्षेत्रीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) की शुरुआत की थी, ताकि संभाग स्तर पर औद्योगीकरण और निवेश को और अधिक बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि आरआईसी के बहुत अच्छे परिणाम हमें मिले हैं। आरआईसी में किए गए प्रयासों का प्रतिफल हमें जीआईएस में मिला है। हमने मध्यप्रदेश को आगे बढ़ाने और निवेशकों का हौसला बढ़ाने के लिए निवेश नीतियों में कई बदलाव किए हैं। हमारी नई निवेश नीतियों की सभी ने सराहना की है। हमारी सरकार ने वर्ष-2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया है। टेक्सटाइल, फार्मा और ऑटो उद्योग में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। विकास का इस कारवां में हम लगातार आगे बढ़ते रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 100 से अधिक एक्सपटर्स और उद्योगपतियों सहित करीब 25000 से अधिक प्रतिभागियों ने सहभागिता की। इसमें 60 से अधिक देशों के निवेशक डेलीगेट भोपाल आए। जीआईएस करीब 5000 बिजनेस-टू-बिजनेस और 600 बिजनेस-टू-गर्वनमेंट मीटिंग्स आयोजित हुई। उन्होंने बताया कि अब तक सरकार को 30 लाख 77 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। विभिन्न एमओयू साइन किये गये। प्रदेश सरकार अपने प्रयासों को धरातल पर उतरने के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार यहां के युवाओं, किसानों, महिलाओं और सभी प्रकार के संभावित क्षेत्रों में विकास के इस अभियान को जारी रखेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछले वर्ष लागू किए गए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश में किए गए नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक वर्ष में हम सभी नए आपराधिक कानून सुधारों को पूरी तरह लागू कर मध्यप्रदेश को देश … Read more

माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी के भोपाल आगमन पर पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत

भोपाल केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का मंगलवार को भोपाल आगमन पर आत्मीय स्वागत किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री शाह शाम 4 बजे विशेष विमान से के राजकीय विमानतल पर पहुंचे। राजकीय विमानतल पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधयों ने उनका पुष्प-गुच्छ भेंट कर हार्दिक अभिनंदन किया। डीजीपी कैलाश मकवाना, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, पुलिस आयुक्त हरिनारायण चारी मिश्रा ने भी उनका स्वागत किया।  

आचार्य जी के उपदेश प्रकाश स्तंभ की तरह: पथ को आलोकित कर देती है सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर जैन आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने हमें सिखाया कि हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है। अगर हम अपनी संस्कृति को खो देते हैं तो विश्व के समक्ष हमारी कोई पहचान नहीं रह जाती। आचार्य जी ने संप्रदायवाद, भाषावाद, जातिवाद आदि संकीर्णताओं से ऊपर उठकर मानवता एवं विश्व बंधुत्व का संदेश हम सभी को दिया है। केन्द्रीय गृहमंत्री शाह आज डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी तीर्थ में आचार्य विद्यासागर जी महाराज की समाधि स्मारक के भूमिपूजन और विनयांजलि समारोह को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जैन आचार्यो और मुनियों ने संपूर्ण देश को एकसूत्र में बांधने का कार्य किया है। जैन संतों और मुनियों ने उत्तर प्रदेश के हस्तिनापुर से लेकर कर्नाटक के श्रवणबेलगोला तक और बिहार के राजगीर से गुजरात के गिरनार तक हर जगह पैदल भ्रमण कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हुए त्याग और तपश्चर्या से सन्मार्ग पर चलने के लिए लोगों को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी ने एक कल्पवृक्ष की भांति जीवन जिया। उनके तप और त्याग से प्रत्येक क्षण देशवासियों को नई प्रेरणा मिली।  उन्होंने कहा कि आज इस स्थान पर सभी लोगों ने मिलकर आचार्य जी की भव्य समाधि का निर्माण करने का निर्णय लिया है, इसके लिए  सभी साधुवाद के पात्र हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पूज्य आचार्य विद्यासागर जी महाराज भौतिक देह से भले ही हमारे बीच उपस्थित नहीं है, लेकिन उनके उपदेश हमें प्रकाश स्तंभ की तरह युगों युगों तक हमेशा सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते रहेंगे। आचार्य जी ने धर्म की रक्षा और राष्ट्र की मजबूती के लिए मीलों पैदल सफर तय किया। आहार-विहार का ऐसा संयम रखा जिसे सोचकर ही हम सब चकित रह जाते हैं। आचार्य जी ने करोड़ों लोगों को अपने जीवन से प्रेरणा दी। वे एक राष्ट्र संत थे और स्वदेशी के प्रति उनका गहरा अनुराग था। वे हमेशा कहते थे कि हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों को कभी नहीं छोड़ना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने पूज्य समता सागर जी महाराज और देशभर से आए सभी जैन मुनियों को प्रणाम करते हुए कहा कि  संतों का आशीर्वाद छत्तीसगढ़ को सदैव मिलता रहे, ऐसी मेरी कामना है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय, विधायक डोंगरगढ़ श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल, जैन समाज के अशोक पाटनी, महोत्सव के अध्यक्ष विनोद बड़जात्या, श्रीकांत प्रभात जैन, विनोद जैन, मनीष जैन एवं अन्य जनप्रतिनिधि सहित समाज के अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

आचार्य जी ने भारतीय भाषाओं के संवर्धन, देश के गौरव का विश्वभर में प्रसार और देश की पहचान ‘इंडिया’ की बजाय ‘भारत’ से होने पर जोर दिया:अमित शाह

रायपुर : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में आचार्य विद्यासागर जी महाराज के ‘प्रथम समाधि स्मृति महोत्सव’ और 1008 सिद्धचक्र विधान विश्व शांति महायज्ञ में शामिल हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आचार्य विद्यासागर जी महाराज एक युग पुरुष थे, उन्होंने एक नए विचार और नए युग का प्रवर्तन किया आचार्य विद्यासागर जी के शरीर का कण-कण और जीवन का क्षण-क्षण धर्म, संस्कृति और राष्ट्र को समर्पित रहा आचार्य जी ने भारतीय भाषाओं के संवर्धन, देश के गौरव का विश्वभर में प्रसार और देश की पहचान ‘इंडिया’ की बजाय ‘भारत’ से होने पर जोर दिया जी-20 सम्मेलन के निमंत्रण पत्र पर ‘प्राइम मिनिस्टर ऑफ भारत’ लिख कर, मोदी जी ने विद्यासागर जी के विचारों को जमीन पर उतारने का काम किया आचार्य विद्यासागर जी अपने कर्मों से भारत, भारतीय संस्कृति, भारतीय भाषाओं और भारत की पहचान के प्रतिबिंब बने आचार्य विद्यासागर जी का संदेश, प्रवचन व लेखन जैन समुदाय के साथ-साथ पूरे राष्ट्र के लिए अनमोल धरोहर मोदी जी के नेतृत्व में भारत ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘अहिंसा परमो धर्म:’ के सिद्धांतों का प्रचार कर रहा है जिस देश में अनेक भाषाएँ, लिपियाँ, बोलियाँ, व्याकरण और गाथाएँ हों, वह देश सांस्कृतिक रूप से उतना ही समृद्ध होता है रायपुर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महाराज के प्रथम समाधि स्मृति महोत्सव को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित किया और 1008 सिद्धचक्र विधान विश्व शांति महायज्ञ में शामिल हुए। इस दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आचार्य विद्यासागर जी की स्मृति में ₹100 का स्मारक सिक्का, डाक विभाग का ₹5 का विशेष लिफाफा, 108 चरण चिन्हों व चित्र का लोकार्पण और प्रस्तावित समाधि स्मारक ‘विद्यायतन’ का शिलान्यास किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा और पूज्य मुनि समता सागर जी महाराज सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज एक युग पुरुष थे, जिन्होंने एक नए विचार और नए युग का प्रवर्तन किया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में जन्मे आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महामुनिराज अपने कर्मों से भारत, भारतीय संस्कृति, भारतीय भाषाएँ और भारत की पहचान के ज्योतिर्धर बने। शाह ने कहा कि शायद ही यह सम्मान किसी ऐसे धार्मिक संत को मिला होगा, जिन्होंने धर्म के साथ-साथ देश की पहचान की व्याख्या विश्व भर में की हो। उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी के शरीर का कण-कण और जीवन का क्षण-क्षण धर्म, संस्कृति और राष्ट्र को समर्पित रहा। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि उन्हें कई बार आचार्य विद्यासागर जी का सान्निध्य मिला और हर बार आचार्य जी ने भारतीय भाषाओं के संवर्धन, देश के गौरव का विश्वभर में प्रसार और देश की पहचान ‘इंडिया’ की बजाय ‘भारत’ से होने पर जोर दिया। अमित शाह ने कहा कि जी-20 सम्मेलन के निमंत्रण पत्र पर ‘प्राइम मिनिस्टर ऑफ भारत’ लिख कर, मोदी जी ने विद्यासागर जी के विचारों को जमीन पर उतारने का काम किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने आचार्य जी के विचार को जरा भी राजनीति किए बगैर जमीन पर उतारा और उनके संदेश का अनुकरण करने का काम किया। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आचार्य जी ने जीवन के अंतिम क्षण तक तपस्या का मार्ग नहीं छोड़ा। शाह ने कहा कि आचार्य जी ने न केवल जैन धर्म के अनुयायियों को बल्कि जैनेत्तर अनुयायियों को भी अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा से मोक्ष का मार्ग बताने का काम किया। अमित शाह ने कहा कि यह बोलने वाले बहुत लोग मिलते हैं कि धर्म, राष्ट्र और समाज के लिए जीवन का हर क्षण समर्पित होना चाहिए। लेकिन पूरा जीवन इसी तरह जीने वाले लोग कभी-कभार ही दिखते हैं और आचार्य जी का जीवन ऐसा ही रहा। उन्होंने कहा कि आचार्य जी ने ‘अहिंसा परमो धर्म:’ के सिद्धांत की समय अनुकूल व्याख्या कर पूरे विश्व में इसे स्थापित करने का काम किया। उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने जैन धर्म के सिद्धांत के अनुरूप इस बात का ख़याल रखा कि उनके शिष्य भी उन्हीं सिद्धांतों पर जीवन व्यतीत करें। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘अहिंसा परमो धर्म:’ के सिद्धांतों का प्रचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस अवसर के लिए स्मारक सिक्का और विशेष लिफाफा की स्वीकृति देने के लिए वह मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि आचार्य जी को दी गई यह कार्यांजलि संत परंपरा का सम्मान है। उन्होंने कहा कि आचार्य जी का प्रस्तावित समाधि स्मारक ‘विद्यायतन’ युगों-युगों तक आचार्य जी के सिद्धांतों, संदेशों और उपदेशों के प्रचार का स्थान बनकर रहेगा। शाह ने कहा कि जिस संत ने अपना पूरा जीवन विद्या की उपासना में बिताया, उनकी समाधि का नाम ‘विद्यायतन’ के अलावा कुछ और नहीं हो सकता। अमित शाह ने कहा कि इस अवसर पर मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में निः शुल्क कन्या विद्यालय का भी शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय में कौशल विकास और रोजगार दोनों सम्मिलित होंगे और अध्यापन कार्य मातृभाषा में होगा। उन्होंने कहा कि आचार्य जी के 108 चरण चिह्नों का भी लोकार्पण हुआ है, जो त्याग, तपस्या और संयम के जीवन का संदेश देंगे। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत की संत परंपरा बहुत समृद्ध है। उन्होंने कहा कि देश को जब जिस भूमिका की ज़रूरत पड़ी, संत परंपरा ने उस भूमिका का निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि संतों ने ज्ञान का सृजन किया, देश को एकता के सूत्र में बाँधा और जब गुलामी का कालखंड था, तब संतों ने भक्ति के माध्यम से राष्ट्र चेतना की लौ जलाए रखी। उन्होंने कहा कि देश का शासन और देश जब आज़ादी के बाद पाश्चात्य विचारों से प्रभावित होकर चलने लगा, तब विद्यासागर जी महाराज एकमात्र आचार्य थे जिन्होंने भारत, भारतीयता और भारतीय संस्कृति से खुद को जोड़े रखा।अमित शाह ने कहा कि जैन मुनियों ने पूरे देश को एक करने में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के हस्तिनापुर से लेकर कर्नाटक के श्रवणबेलगोला तक, बिहार … Read more

छत्तीसगढ़ में आज विद्यासागर महाराज के समाधि स्मृति महोत्सव में शामिल हुए गृहमंत्री अमित शाह

डोंगरगढ़  चंद्रगिरि तीर्थ में आयोजित विनयांजलि समारोह में अमित शाह शामिल हुए। इस समारोह में CM साय भी मौजूद है। 18 फरवरी 2024 को आचार्य विद्यासागर महाराज ने डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी तीर्थ में समाधि ली थी। तिथि के अनुसार उनके समाधि को आज 6 फरवरी 2025 को एक वर्ष पूर्ण हो रहे है और एक वर्ष पूर्ण होने पर चंद्रगिरी ट्रस्ट की ओर से 1 से 6 फरवरी तक भव्य महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। डोंगरगढ़ में प्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी का मंदिर है, प्रज्ञागिरि और चंद्रगिरि जैसे धार्मिक स्थल और विद्यासागर महाराज जी की समाधि के बाद यह क्षेत्र अब महातीर्थ बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत कई बड़े नेता यहां विद्यासागर महाराज से मुलाकात कर चुके हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आचार्य विद्यासागर की तस्वीर वाला 100 रुपए का स्मृति सिक्का भी जारी कर सकते हैं। 18 फरवरी 2024 को आचार्य विद्यासागर महाराज ने डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी तीर्थ में समाधि ली थी। तिथि के अनुसार उनके समाधि को आज 6 फरवरी 2025 को एक वर्ष पूर्ण हो रहे है और एक वर्ष पूर्ण होने पर चंद्रगिरी ट्रस्ट की ओर से 1 से 6 फरवरी तक भव्य महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। विशेष डाक टिकट भी जारी किए जा सकते हैं जैन समाज के मुताबिक अमित शाह भारतीय डाक विभाग की ओर से विशेष डाक टिकट और लिफाफे भी जारी किए जा सकते हैं। बता दें कि 18 फरवरी 2024 को आचार्य विद्यासागर महाराज ने डोंगरगढ़ स्थित चंद्रगिरी तीर्थ में समाधि ली थी। उनकी प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर चंद्रगिरी ट्रस्ट द्वारा 1 से 6 फरवरी तक भव्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महातीर्थ बन चुका है डोंगरगढ़ डोंगरगढ़ में प्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी का मंदिर है, प्रज्ञागिरि और चंद्रगिरि जैसे धार्मिक स्थल और विद्यासागर महाराज जी की समाधि के बाद यह क्षेत्र अब महातीर्थ बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत कई बड़े नेता यहां विद्यासागर महाराज से मुलाकात कर चुके हैं। संयम का रास्ता दिखाया विद्यासागर महाराज ने समाज को देशभक्ति और संयम का रास्ता दिखाया। राष्ट्र संत विद्यासागर महाराज का जीवन राष्ट्रभक्ति और जनसेवा को समर्पित रहा। उनके द्वारा स्थापित कई सामाजिक प्रकल्प आज भी डोंगरगढ़ में सक्रिय हैं। स्कूल और गौशाला संचालित जैन समाज के मुताबिक क्षेत्र में स्थित प्रतिभा स्थली स्कूल बेटियों की शिक्षा के प्रति उनकी विशेष प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ आवासीय स्कूल है। इसके अतिरिक्त, चंद्रगिरी तीर्थ में हथकरघा उद्योग और एक विशाल गौशाला भी संचालित है, जो उनकी सामाजिक दृष्टि को प्रतिबिंबित करते हैं।  

राजस्थान के सांसद राजकुमार रोत ने शीतकालीन सत्र के दौरान गृहमंत्री अमित शाह से की मुलाकात

जयपुर  लोकसभा के शीतकालीन सत्र के बीच बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत की एक तस्वीर ने सियासत का पारा चढ़ा दिया है। इस दौरान बांसवाड़ा सांसद ने विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने साल 2020 के दंगे के केस वापस लेने, भील प्रदेश के गठन समेत कई मुद्दे उठाए। इस मुलाकात को लेकर बांसवाड़ा सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्रीय गृहमंत्री के साथ मुलाकात की तस्वीर साझा की है। साल 2020 के दंगों पर बातचीत बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत ने 2020 में डूंगरपुर जिले में नेशनल हाइवे 48 पर कांकरी डूंगरी दंगों का मुद्दा उठाया। इसको लेकर रोत ने दंगे के मामले को वापस लेने के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के अधीन केस में राहत मिल गई है, लेकिन नेशनल हाइवे के केस अभी भी केंद्र सरकार के पास लंबित हैं। सांसद रोत ने यह भी बताया कि झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्यों में जमीन अधिग्रहण के दौरान आदिवासियों को बेवजह परेशान किया जा रहा है और अतिरिक्त आर्मी लगाकर अत्याचार किया जा रहा है। अमित शाह से अलग से आदिवासी रेजीमेंट बनाने की मांग केंद्रीय गृहमंत्री से मुलाकात के दौरान सांसद ने आदिवासी रेजिमेंट की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जाट और सिख रेजिमेंट की तरह आदिवासी रेजिमेंट भी शुरु की जाए। इस पर गृहमंत्री ने सकारात्मक विचार करने की बात कही। बीएपी के सांसद राजकुमार रोत की गृह मंत्री अमित शाह से पार्लियामेंट ऑफिस में तीन मिनट की मुलाकात हुई। इसमें उन्होंने आदिवासी क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। रोत ने भील प्रदेश को लेकर फिर उठाई मांग अमित शाह से मुलाकात के दौरान बांसवाड़ा सांसद ने एक बार फिर भील प्रदेश के गठन का मुद्दा उठाया। बता दें कि लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद संसद में शपथ लेने के दौरान भी बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत ने भील प्रदेश की मांग की थी। इसके अलावा राजस्थान उपचुनाव में चैरासी से विधायक बने अनिल कटारा ने भी शपथ के बाद कहा कि उनकी पार्टी की भील प्रदेश की मांग हमेशा कायम रहेगी।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 15 और 16 दिसंबर को छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे, बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह में शामिल होंगे

रायपुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 15 और 16 दिसंबर को छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे. यहां वे पहले दिन जगदलपुर में आयोजित संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह में शामिल होंगे. वहीं, अगले दिन सुबह शहीद जवानों के दो परिवारों से मुलाकात करेंगे. इस दौरान केंद्रीय मंत्री शाह नक्सल विरोधी अभियानों की समीक्षा करेंगे. आइए जानते हैं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे का पूरा कार्यक्रम… दरअसल, केंद्र की मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के बस्तर से नक्सलवाद को खत्म करने को लेकर गंभीर है. केंद्रीय मंत्री शाह का छत्तीसगढ़ दौरा नक्सलवाद को खत्म करने को लेकर अहम माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने पिछले दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ से 2026 तक नक्सलवाद खत्म होने का दावा किया था. इस दौरे के दौरान वे बस्तर में नक्सल विरोधी अभियानों की समीक्षा करेंगे. साथ ही आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के पुनर्वास और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की प्रगति का जायजा भी लेंगे. जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 15 दिसंबर की शाम को बस्तर पहुंच जाएंगे. ये है पूरा कार्यक्रम बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे से पहले तैयारियों का जायजा लेने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा शनिवार को जगदलपुर पहुंचे. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों को समय रहते तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए. इस दौरान उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 15 और 16 दिसंबर को बस्तर के दौरे में रहेंगे, 15 दिसंबर की शाम को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बस्तर पहुंच जाएंगे. यहां वे एंटी एक्सल ऑपरेशन में साहस का परिचय देने वाले सुरक्षाबल के जाबाज जवानों से मुलाकात कर जवानों के साथ डिनर करेंगे. इसके बाद अगले दिन सुबह शहीद जवानों के दो परिवारों से मुलाकात करेंगे. छत्तीसगढ़ के इस दौरे के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जगदलपुर में बस्तर ओलंपिक के संभाग स्तरीय खेल प्रतियोगिता के समापन समारोह में भी हिस्सा लेंगे. यहां छात्रों से भी मुलाकात करेंगे. इसके बाद वे नक्सल प्रभावित इलाके में स्थित सुरक्षा बल के कैंप का दौरा भी करेंगे. इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह रायपुर में LWE की समीक्षा बैठक करेंगे. उसके बाद शाम 4:00 बजे के आसपास रायपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे. बता दें कि अमित शाह के दौरे को लेकर छत्तीसगढ़ में तैयारियां देतज हो गई है. छत्तीसगढ़ गृह विभाग समेत रायपुर प्रशासन और बस्तर प्रशासन द्वारा उनके दौरे की तैयारियां की जा रहीं हैं.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर मुलाकात की

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से की  सौजन्य मुलाकात बस्तर ओलंपिक और पुलिस अवार्ड कार्यक्रम में शामिल होंगे गृह मंत्री अमित शाह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर मुलाकात की रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को बस्तर ओलंपिक के समापन और पुलिस अवार्ड कार्यक्रम में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया, जिसे गृह मंत्री ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा भी उपस्थित थे।    मुख्यमंत्री ने इस दौरान राज्य में नक्सल विरोधी अभियानों की हालिया उपलब्धियों और बस्तर संभाग में चलाए जा रहे विकास कार्यों के सम्बन्ध में  केंद्रीय गृह मंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि सरकार द्वारा सड़कों, स्कूलों, स्वास्थ्य सुविधाओं और रोजगार के लिए किए गए प्रयासों ने स्थानीय जनता का भरोसा जीता है, जिससे माओवादी प्रभाव कमजोर हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों के कारण बस्तर क्षेत्र में नक्सल प्रभावित इलाकों में घटनाओं में तेजी से कमी आई है। सरकार के प्रयासों से बस्तर अब नक्सल मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सुरक्षा बल लगातार प्रभावी अभियान चला रहे हैं, और विकास कार्यों ने इसमें अहम भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सल मुक्त कर लिया जाएगा। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री को अवगत कराया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 15,000 मकानों के निर्माण को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जा सके। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री को बस्तर ओलंपिक के महत्व और राज्य में इसके प्रभावों के बारे में भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह आयोजन युवाओं को खेलों के माध्यम से जोड़ते हुए शांति और विकास की दिशा में एक प्रभावशाली कदम है। अब तक इस ओलंपिक में 1.65 लाख से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बस्तर ओलंपिक में हॉकी, फुटबॉल, कबड्डी और वॉलीबॉल समेत 11 पारंपरिक खेलों को शामिल किया गया है, जो युवाओं को एकजुटता, सकारात्मकता और सामुदायिक भावना से जोड़ने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की एक नई लहर का प्रतीक है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 दिसंबर को छत्तीसगढ़ पुलिस को प्रदान करेंगे ‘प्रेसिडेंट पुलिस कलर’

रायपुर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 दिसंबर को छत्तीसगढ़ का दौरा करेंगे. उनके साथ केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया भी रायपुर आएंगे. जानकारी के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह बस्तर ओलंपिक के कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके अलावा रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस के कार्यक्रम में शामिल होंगे, जिसमें वे प्रेसिडेंट पुलिस कलर प्रदान करेंगे. कार्यक्रम को लेकर शासन-प्रशासन और पुलिस महकमे की तैयारी शुरू हो गई है. 1. बस्तर ओलंपिक में भागीदारी: अमित शाह बस्तर ओलंपिक के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। बस्तर ओलंपिक एक प्रमुख खेल आयोजन है, जिसे छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बस्तर क्षेत्र में खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री का बस्तर ओलंपिक में भाग लेना खेलों के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के योगदान को बढ़ावा देने का संकेत है। 2. राष्ट्रपति ध्वज सम्मान समारोह: अमित शाह के रायपुर दौरे का एक प्रमुख कार्यक्रम छत्तीसगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति ध्वज पुरस्कार से सम्मानित करना होगा। छत्तीसगढ़ पुलिस को उनकी उत्कृष्ट सेवा और कर्तव्यनिष्ठा के लिए राष्ट्रपति ध्वज सम्मान मिला है, और इस सम्मान का अलंकरण समारोह दिसंबर में आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे। 3. आगमन की तैयारियां: अमित शाह के आगमन के मद्देनजर रायपुर प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था की पूरी योजना बनाई है। शहर के प्रमुख स्थानों पर यातायात व्यवस्थाएं और सुरक्षा कड़ी कर दी गई हैं, ताकि उनका दौरा सुचारू रूप से संपन्न हो सके। कार्यक्रमों के स्थल पर भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं। 4. राजनीतिक और प्रशासनिक पहलू: अमित शाह का छत्तीसगढ़ दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर अगले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर। उनके दौरे के दौरान राजनीतिक कार्यकर्ताओं और राज्य के नेताओं के साथ विभिन्न बैठकें और संवाद हो सकते हैं।

स्वास्थ्य सहायता समूह की महिलाओं को समर्थन मूल्य में 33% भागीदारी देने एवं 0% पर बैंक लोन दिए जाने की रखी मांग

भोपाल नगरीय प्रशासन एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने आज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से दिल्ली प्रवास के दौरान सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, महिलाओं के आर्थिक उत्थान और स्वावलंबन को प्रोत्साहन देने के लिए दो महत्वपूर्ण मांगें रखीं। श्रीमती बागरी ने आग्रह किया कि समर्थन मूल्य पर संचालित खरीदी केंद्रों में महिला स्वसहायता समूहों को 33% आरक्षण दिया जाए। वर्तमान में, स्वसहायता समूहों को केवल उन खरीदी केंद्रों का संचालन सौंपा जाता है, जो शेष रह जाते हैं। इस नीति में संशोधन कर महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करने से समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिलेगा। साथ ही महिला स्वसहायता समूहों के आर्थिक बोझ को कम करने के लिए उन्होंने सहकारी बैंकों से जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण देने की योजना प्रारंभ करने का भी मांग रखी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में महिलाएं उच्च ब्याज दर पर ऋण लेकर कार्य कर रही हैं, जिससे उनके लाभ का बड़ा हिस्सा ब्याज चुकाने में चला जाता है। सहकारी बैंकों से जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण देने की योजना के माध्यम से महिलाओं को अपने व्यवसाय और योजनाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने का अवसर मिलेगा। राज्यमंत्री श्रीमती बागरी ने कहा कि इस योजना के क्रियान्वयन से महिलाएं अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकेंगी और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगी। महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह पहल न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश की महिलाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी।  

पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दी जन्मदिन की बधाई

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह का मंगलवार (22 अक्टूबर) को 60वां जन्मदिन है। इस अवसर पर देश के राजनेताओं ने गृह मंत्री को शुभकामनाएं दी हैं। पीएम नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर समेत देशभर के कई बड़े अमित शाह को जन्मदिन की बधाई दे रहे हैं। पीएम मोदी ने अमित शाह को जन्मदिन की बधाई देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “अमित शाह को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं। वे एक मेहनती नेता हैं, जिन्होंने अपना जीवन भाजपा को मजबूत करने में समर्पित कर दिया है। उन्होंने एक असाधारण प्रशासक के रूप में अपनी पहचान बनाई है और विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए कई प्रयास कर रहे हैं। मैं उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।” विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गृह मंत्री को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी को उनके जन्मदिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। राष्ट्र की सुरक्षा, विकास एवं सशक्तिकरण में आपका योगदान बहुमूल्य है। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की प्रार्थना करता हूं।” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गृह मंत्री ने एक्स पर लिखा, “अत्यंत कर्मठ एवं परिश्रमी नेता और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को जन्मदिन की हार्दिक बधाई। वे भारत की आंतरिक सुरक्षा को सशक्त करने में पूरे मनोयोग से जुटे हुए हैं। भारत और भाजपा दोनों के विकास एवं उत्थान में जिस तरह का परिश्रम वे कर रहे हैं, वह सराहनीय है। मैं उनके दीर्घायु होने और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।” उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जन्मदिन की बधाई दी है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “अनुशासन और परिश्रम की जीवंत प्रतिमूर्ति, करोड़ों कार्यकर्ताओं के प्रेरणास्रोत, सहकारिता से समृद्धि की भावना को निरंतर साकार करने वाले लोकप्रिय जन नेता केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह को जन्मदिन की हार्दिक बधाई! समृद्ध, सुरक्षित और सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए आपकी प्रतिबद्धता ने निरंतर मां भारती को गौरवान्वित किया है। मैं प्रभु राम से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की प्रार्थना करता हूं।” आंध्र प्रदेश के सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे स्वस्थ रहें और देश के लोगों की सेवा करते हुए लंबी आयु प्राप्त करें।”  

नक्सलियों पर बड़े प्रहार की तैयारी! 8 राज्यों के CM से अमित शाह की मुलाकात, जानें देश में कितना खत्म हुआ नक्सलवाद

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित राज्यों में सुरक्षा और विकास की समीक्षा के लिए बैठक की अध्यक्षता की. बैठक के बाद गृह मंत्री ने कहा कि नक्सल एरिया में अंतिम प्रहार किया जाएगा. मार्च 2026 तक हम नक्सलवाद को खत्म कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है तो नक्सलवाद को खत्म करना होगा. LWE के सामने लड़ने के लिए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कानून को लागू करना जरूर है. 30 साल के बाद पहली बार वामपंथी उग्रवाद से मरने वाले लोगों की संख्या 100 से कम रही है. नक्सलियों से अंतिम चरण में लड़ाई अमित शाह ने कहा कि LWE से लड़ाई अब अपने अंतिम चरण में है. 2026 मार्च तक ये देश इस दशकों पुरानी समस्या से मुक्ति पा लेगा. LWE का 85 फीसदी कैडर स्ट्रैंथ छत्तीसगढ़ में सिमट कर रह गया है. छत्तीसगढ़ में जनवरी से लेकर अब तक 194 मारे गए , 801 ने हथियार छोड़े और 742 नक्सलियों ने सरेंडर किया. उन्होंने कहा कि मैं दोबारा नक्सलियों से अपील करता हूं हथियार छोड़िए और मुख्यधारा से जुड़िए. राज्यों में हमने राज्य पुलिस और ज्वाइंट टास्क फोर्स गठित की है, लेकिन इसकी हेरारकी पर भी काम करना है. नक्सली ऑपरेशन के लिए आज 12 हेलीकाप्टर, 6 बीएसएफ के और 6 एयरफोर्स के जवानों को बचाने के लिए तैनात हैं. ‘छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को बधाई’ शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और उनकी टीम को बधाई देना चाहता हूं कि अगस्त से अब तक लगभग 194 नक्सली मारे गए हैं. जो युवा नक्सलवाद से आज भी जुड़े हैं उनसे विनती है कि हिंसा छोड़िए और मुख्यधारा में आइए. नक्सलवाद से किसी का भला नहीं होने वाला है. सरकार क्षमता निर्माण का एक संयुक्त अभियान चलाया जाएगा. करीब 3 गुना बजट सुरक्षा संबंधी व्यय (SRE) स्कीम का बढ़ा है, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रो में विकास कार्यों के लिए मुख्य योजना है.   इस बैठक में छत्तीसगढ़, झारखंड, आंध्र प्रदेश, बिहार, तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शामिल होंगे. इसके अलावा बैठक में पांच केंद्रीय मंत्री, केंद्रीय मंत्रालयों के सीनियर अधिकारी, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के प्रतिनिधि और डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर भी भाग लेंगे. केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार मार्च 2026 तक एलडब्ल्यूई के खतरे को पूरी तरह से खत्म करेगी. केंद्र सरकार नक्सलवाद की समस्या से निपटने के लिए प्रभावित राज्य सरकारों को हर संभव सहायता कर रही है. गृह मंत्री अमित शाह ने पिछली बार 6 अक्टूबर 2023 को नक्सलवाद प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ रिव्यू बैठक की थी. उस बैठक में गृह मंत्री ने नक्सलवाद के खात्मे को लेकर बड़े स्तर पर दिशा-निर्देश जारी किए थे. कहा गया है कि मोदी सरकार की रणनीति की वजह से 2010 की तुलना में 2023 में नक्सलवाद हिंसा में 72 फीसदी की कमी दर्ज की गई थी, जबकि मौतों में 86 प्रतिशत की गिरावट आई थी. सरकार का कहना है कि नक्सलवाद आज अपनी अंतिम लड़ाई लड़ रहा है. इस साल कितने मारे गए हैं नक्सली? गृह मंत्रालय का कहना है कि साल 2024 में अब तक सुरक्षाबलों ने हथियारबंद नक्सलियों के सफाए में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है. इस वर्ष अब तक 202 नक्सलियों का सफाया किया जा चुका है. पिछले 9 महीनों में 723 नक्सलियों ने सरेंडर किया है, जबकि 812 को गिरफ्तार किया गया है. 2024 में नक्सलवाद से प्रभावित जिलों की संख्या घटकर मात्र 38 रह जाएगी. उसका कहना है कि केंद्र सरकार ने विकास से वंचित क्षेत्रों तक योजनाओं को पहुंचाने के लिए सड़क और मोबाइल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने समेत कई कदम उठाए हैं. नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में अब तक 14400 किलोमीटर सड़कें बनाई गई हैं और करीब 6000 मोबाइल टावर लगाए गए हैं. सरकार का नक्सलियों पर बड़ा एक्शन जिस तरह से बीजेपी सरकार ने जम्मू कश्मीर में आतंक की फंडिंग पर रोक लगाने का लगातार प्रयास किया और बहुत हद तक इसको रोका गया, वैसे ही नक्सलियों की हो रही फंडिंग को रोकने के लिए बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है. छत्तीसगढ़ में 31 नक्सली ढेर छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षा बलों ने 6 अक्टूबर को नक्सलियों के खिलाफ बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया. सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के आतंक को खत्म करने के लिए 120 मिनट में 31 नक्सलियों को ढेर कर दिया. 31 नक्सलियों को ढेर किए जाने के मौके पर राज्य के सीएम विष्णु दिओ साय ने कहा, जब से हम सरकार में आए हैं, हम तब से मजबूती के साथ नक्सलवाद से लड़ रहे हैं. साथ ही उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के संग सोमवार को नक्सलवाद के खिलाफ होने वाली बैठक को लेकर कहा, अमित शाह जी के संग बैठक है, जहां जिसमें नक्सल प्रभावित राज्य शामिल होंगे. 812 गिरफ्तार, 202 नक्सली ढेर मीटिंग को लेकर जारी बयान में कहा गया, इस साल 2024 में 202 नक्सलियों को ढेर किया गया, 723 ने सरेंडर किया, 812 को गिरफ्तार किया गया. बीजेपी सरकार समय-समय पर नक्सलवाद को खत्म करने का प्रयास करती रही है. पिछले साल 6 अक्टूबर को भी गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद के खिलाफ मीटिंग की थी.

कांग्रेस के शासन में ड्रग्स से पंजाब, हरियाणा और समग्र उत्तर भारत में युवाओं का जो हाल हुआ : अमित शाह

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पकड़े गए 5,600 करोड़ रुपये के ड्रग्स के कांग्रेस कनेक्शन पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि एक तरफ जहां केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार युवाओं को खेल, शिक्षा और इनोवेशन की ओर ले जा रही है, तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस उन्हें ड्रग्स की अंधेरी दुनिया में ले जाना चाहती है। अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए यह भी दावा किया कि उनकी सरकार, ड्रग्स के कारोबारियों का राजनीतिक पद या कद देखे बिना, ड्रग्स के पूरे तंत्र का विनाश कर ‘नशा मुक्त भारत’ बनाने के लिए काम करेगी। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “एक ओर जहां मोदी सरकार ‘नशा मुक्त भारत’ के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है, वहीं उत्तर भारत से पकड़ी गई ड्रग्स की 5,600 रुपए करोड़ की खेप में कांग्रेस के एक प्रमुख व्यक्ति की संलिप्तता बेहद खतरनाक और शर्मनाक है।” शाह ने ड्रग्स के कारण पैदा हुए हालात और कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाते हुए आगे कहा कि,” कांग्रेस के शासन में ड्रग्स से पंजाब, हरियाणा और समग्र उत्तर भारत में युवाओं का जो हाल हुआ, वह सभी ने देखा है। मोदी सरकार युवाओं को खेल, शिक्षा और इनोवेशन की ओर ले जा रही है, तो वहीं कांग्रेस उन्हें ड्रग्स की अंधेरी दुनिया में ले जाना चाहती है। कांग्रेस नेता द्वारा अपने राजनीतिक रसूख से युवाओं को ड्रग्स के दलदल में झोंकने का जो पाप किया जाना था, उन इरादों को मोदी सरकार कभी पूरा नहीं होने देगी। हमारी सरकार, ड्रग्स के कारोबारियों का राजनीतिक पद या कद देखे बिना, ड्रग्स के पूरे तंत्र का विनाश कर ‘नशा मुक्त भारत’ बनाने के लिए संकल्पित है।”    

तेज हो गई पुलिस, नए कानूनों के तहत ग्वालियर में दर्ज पहला केस हुआ सॉल्व

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 30 जून को एक घर के बाहर से एक बाइक चोरी होने का मामला सामने आया था। वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नए कानून लागू होने के बाद ग्वालियर में हुई वाहन चोरी की में हुई एफआईआर का जिक्र भी किया था। बाइक चोरी के इस मामले को ग्वालियर पुलिस ने 48 घंटे के अंदर ही सुलझा लिया है। पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले शातिर चोर को भी पकड़ लिया है। पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाया मामला पुलिस ने इस मामले में पीड़ित पक्ष की FIR दर्ज की और तुरंत इस मामले में कार्रवाई भी की। जबकि पहले तो 24 घंटे से पहले वाहन चोरी की कोई FIR नहीं लिखी जाती थी। बता दें कि हजीरा थाना क्षेत्र में स्थित मां पीतांबरा कालोनी में रहने वाले सौरभ नरवरिया की बाइक 30 जून की रात करीब 12 बजे उनके घर के बाहर से चोरी हो गई थी। अमित शाह ने भी किया था चोरी के मामले का जिक्र हजीरा थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 303 (2) के तहत एफआईआर दर्ज की थी। इसका जिक्र 1 जुलाई को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी नए कानून की पहली FIR के रूप में किया था। इसलिए ग्वालियर पुलिस के लिए इस एफआईआर को सुलझाना प्राथमिकता थी। पुलिस ने मामले की जांच करते समय करीब 100 सीसीटीवी कैमरे देखे, जिनमें चोर के आने और जाने का पूरा रूट खंगाला गया। चोर की पहचान भी हो गई। इसके बाद उसकी घेराबंदी की गई। मंगलवार देर रात चोर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की गई बाइक भी बरामद कर ली। पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया आरोपित स्थानीय नारायण विहार कालोनी निवासी सचिन लोधी है। वह मूल रूप से भिंड का रहने वाला है। करीब दो साल से ग्वालियर में रहकर वाहन चोरी करके बेचा करता था। पहले वह किन घटनाओं में शामिल रहा, इस बारे में भी उससे पूछताछ की जा रही है।

अनिमेष देबबर्मा ने ‘मुझे आवंटित विभागों से मैं खुश नहीं हूं, वन विभाग तो ठीक है, लेकिन ……

अगरतला/कोझिकोड  लोकसभा चुनाव से पहले, त्रिपुरा की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व में बनी सरकार में मंत्री बने टिपरा मोथा नेता अनिमेष देबबर्मा ने कहा कि वह उन्हें आवंटित विभागों से नाखुश हैं और इस मुद्दे को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष उठाने पर विचार कर रहे हैं।संवाददाताओं से बातचीत में अनिमेष देबबर्मा ने कहा कि वह मुख्यमंत्री मणिक साहा के सामने इस मुद्दे को उठा चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे आवंटित विभागों से मैं खुश नहीं हूं। वन विभाग तो ठीक है, लेकिन प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (टीआरईडीए को छोड़कर)… इससे मैं खुश नहीं हूं। मैंने कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी और उनसे कुछ महत्वपूर्ण विभाग आवंटित करने का आग्रह किया था, ताकि मैं ग्रामीण लोगों की मदद कर सकूं। इसमें कुछ भी छिपाने जैसा नहीं है।’ देबबर्मा ने कहा कि वह जल्द ही दिल्ली जाकर गृह मंत्री अमित शाह से मिलेंगे और उन्हें दोबारा गृह मंत्रालय का कार्यभार संभालने के लिए बधाई देंगे। उन्होंने कहा कि अपने मुद्दे को भी शाह के सामने उठाएंगे। उन्होंने कहा, ‘मैं पिछले 22 साल से राजनीति में हूं। कई विधायकों को राजनीति में केवल पांच वर्ष पूरे करने के बाद ही कई चीजें मिल जाती हैं। अगर मुझे (महत्वपूर्ण विभाग) नहीं मिलता तो कोई बात नहीं है। मैं सरकार के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन मुझे काम करना है।’ अनिमेष देबबर्मा ने आगे कहा, ‘अगर कोई मेरे अनुभव को देखे तो मैं कई साल पहले विधायक चुना गया था और उसके बाद मैंने त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) में कार्यकारी सदस्य के रूप में काम किया। इसके साथ ही विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में भी मैंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूं कि वे मुझे महत्वपूर्ण विभाग प्रदान करें और मैं उस विभाग के लिए कुशलता से काम करूंगा।’ मार्च में टिपरा मोथा पार्टी के राज्य सरकार में शामिल होने के बाद विपक्ष के नेता अनिमेष देबबर्मा और बृषकेतु देबबर्मा को मंत्री बनाया गया है। बृषकेतु देबबर्मा को उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में राज्य मंत्री बनाया गया है। वहीं, अनिमेष देबबर्मा को वन विभाग के साथ साथ प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। मुझे बड़ी जिम्मेदारी मिली, सभी के समर्थन की बदौलत यहां पहुंचा हूं : सुरेश गोपी  केंद्रीय मंत्री और त्रिशूर लोकसभा सीट से सांसद सुरेश गोपी ने  कहा कि उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी दी गई है और क्षेत्र के सभी लोगों के समर्थन के कारण उन्हें नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के सदस्य के रूप में एक नई भूमिका मिली है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार में गोपी को पर्यटन एवं पेट्रोलियम राज्य मंत्री का पद सौंपा गया है। मंत्री बनने के बाद पहली बार केरल लौटे गोपी ने आज (बुधवार) सुबह कोझिकोड शहर में थली महादेव मंदिर में पूजा की। अभिनेता से राजनेता बने सुरेश ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनका मंदिरों और लोगों के साथ खास संबंध है और उन्होंने इन सब बातों को ध्यान में रखा है। उन्होंने कहा, ”सभी वर्ग के लोगों ने मेरा साथ दिया। मैं किसी को भी नहीं छोड़ सकता। मैंने एक जिम्मेदारी ली है। सबके समर्थन से ही मैं यहां तक पहुंचा हूं।” सुरेश गोपी ने कहा कि जनता की उन्हें अपने करीब रखेगी। गोपी ने भारत के पर्यटन राज्य मंत्री का पद संभालने पर कहा कि उनके पास बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटन गतिविधियों के लिए देश में प्रमुख स्थानों की पहचान करना उनका अहम कार्य होगा। सांसद गोपी ने कहा कि फिलहाल प्रधानमंत्री ने उनसे केवल केरल के बारे में ही बात की है। गोपी ने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की एक पुजारी पर की गई टिप्पणी और कांग्रेस सांसद एम के राघवन की कोझिकोड में एम्स अस्पताल की मांग सहित किसी भी राजनीतिक मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने से इनकार करते हुए कहा कि वह ऐसी किसी भी चर्चा का हिस्सा नहीं बनेंगे। राघवन की एम्स अस्पताल की मांग पर गोपी ने कहा कि कांग्रेस सांसद को यह मांग करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा, ”मेरे भी कुछ अधिकार हैं। मैंने अपने अधिकार और इच्छाएं बता दी है।” भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार के तौर पर सुरेश गोपी ने त्रिशूर सीट पर जीत हासिल करते हुए केरल में पार्टी के लिए इतिहास रचा है।

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