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पुंछ सेक्टर में फिर ड्रोन अलर्ट, सेना ने नाकाम की पाकिस्तानी साजिश

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जम्मू रविवार तड़के जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार कर भारतीय सीमा में घुसे एक पाकिस्तानी ड्रोन को भारतीय सेना के जवानों ने मार गिराने के लिए फायरिंग की। हालांकि, ड्रोन कुछ देर तक दिगवार इलाके में मंडराने के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) की ओर लौट गया। जानकारी के मुताबिक, यह पिछले तीन दिनों में दूसरी बार है जब सीमा पार से ड्रोन की गतिविधि का पता चलने पर सैनिकों ने फायरिंग की। सेना के जवानों ने सुबह करीब 6.10 बजे दुश्मन ड्रोन को देखा और उसे नीचे गिराने के लिए एक दर्जन से अधिक राउंड गोलियां चलाईं। इसके बावजूद, ड्रोन गोलियों से बच निकला और तुरंत पाकिस्तान की ओर लौट गया। इस घटना के बाद, सेना ने यह सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया है कि ड्रोन द्वारा किसी भी प्रकार के हथियार या नशीले पदार्थों की एयरड्रॉपिंग न की गई हो। 27 फरवरी को भी सैनिकों ने इसी इलाके में एक पाकिस्तानी ड्रोन पर गोलीबारी की थी।

पोखरण में आसमान में शक्ति प्रदर्शन, राफेल और तेजस ने तैयार किया हैरान कर देने वाला प्लान

जैसलमेर  भारतीय वायुसेना 27 फरवरी 2026 को राजस्थान के जैसलमेर स्थित पोखरण रेंज में अपनी युद्धक क्षमता का ऐतिहासिक प्रदर्शन करने जा रही है। ‘वायुशक्ति-2026’ नामक इस युद्धाभ्यास में वायुसेना ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की तर्ज पर अपनी मारक क्षमता का लोहा मनवाएगी। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दुश्मन पर त्वरित हमले, रणनीतिक बढ़त और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की स्वदेशी शक्ति का प्रदर्शन करना है। आसमान में दिखेगी ‘बाज’ जैसी पैनी नजर इस बार के अभ्यास में एक नया एयरक्राफ्ट और आधुनिक तकनीक विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे, जो आसमान में बाज की तरह मंडराकर पलक झपकते ही सटीक हमला करने में सक्षम हैं। वायुसेना इस दौरान दिन, शाम और रात के समय कठिन मिशनों को अंजाम देने की अपनी विशेषज्ञता प्रदर्शित करेगी। इसके अलावा, आपदा प्रबंधन और संघर्ष क्षेत्रों से सुरक्षित निकासी (HADR) में वायुसेना की भूमिका का भी सजीव चित्रण किया जाएगा। बेड़े में शामिल होंगे ये आधुनिक लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर वायुशक्ति-26 में भारतीय वायुसेना के अग्रिम पंक्ति के लगभग सभी प्रमुख विमान हिस्सा लेंगे…     लड़ाकू विमान: राफेल, तेजस (स्वदेशी), सुखोई-30 MKI, मिराज-2000, जगुआर, मिग-29 और हॉक।     परिवहन विमान: C-17 ग्लोबमास्टर, C-130J सुपर हरक्यूलिस और स्वदेशी C-295।     हेलिकॉप्टर: अपाचे (अटैक), चिनूक (हैवी लिफ्ट), प्रचंड (LCH), ध्रुव (ALH MK-IV) और एमआई-17।     अटैक ड्रोन्स: रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट (RPA) और लॉइटरिंग मुनिशन्स। स्वदेशी हथियार प्रणालियों का ‘अभेद्य’ प्रदर्शन ‘अचूक, अभेद्य और सटीक’ के मंत्र के साथ वायुसेना अपनी रक्षा प्रणालियों का प्रदर्शन करेगी…     मिसाइल सिस्टम: स्वदेशी ‘आकाश’ और ‘स्पाइडर’ मिसाइल प्रणालियों से सटीक मार का प्रदर्शन।     ड्रोन रोधी तकनीक: काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स (CUAS) की टेस्टिंग।     लॉइटरिंग मुनिशन्स: नई तकनीक वाले ‘कामिकेज़’ ड्रोन्स जो लक्ष्य को खोजकर नष्ट करते हैं।  

पाकिस्तान सीमा के पास अमेरिकी प्रतिनिधि की मौजूदगी से हंगामा, जानें पूरा मामला

  नई दिल्ली अमेरिका के विशेष दूत सर्जियो गोर और अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांडर एडमिरल सैमुअल जे पापारो ने भारतीय सेना के वेस्टर्न कमांड (चंडीगढ़) का दौरा किया. यह दौरा पाकिस्तान बॉर्डर के बहुत करीब था. पिछले साल हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद किसी विदेशी डेलिगेशन का यह पहला ऐसा हाई-प्रोफाइल विजिट है. इसकी वजह से राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा और बवाल हो गया. वेस्टर्न कमांड इतना महत्वपूर्ण क्यों?     मुख्यालय: चंडीगढ़     क्षेत्र: जम्मू-कश्मीर के अखनूर से पंजाब के फाजिल्का तक पाकिस्तान बॉर्डर.     200 से ज्यादा सैन्य बेस देखता है.     पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के आतंकी कैंप और एयर बेस पर हमला करने में यह कमांड सबसे आगे था.     इसलिए इस जगह का दौरा सिर्फ औपचारिक नहीं, बहुत संवेदनशील माना जा रहा है. क्या हुआ विजिट में? भारतीय सेना ने उन्हें वेस्टर्न फ्रंट (पाकिस्तान बॉर्डर) की पूरी तैयारियों, ऑपरेशन सिंदूर और क्षेत्रीय स्थिरता में भारतीय सेना की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी. एडमिरल पापारो ने पहले ही पत्रकारों से कहा था कि भारतीय सेना का ऑपरेशन सिंदूर बहुत सटीक और शानदार था. लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने डेलिगेशन का स्वागत किया.  विपक्ष ने क्यों उठाए सवाल? कांग्रेस और राजयसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि भारत अब अपनी रणनीतिक नीतियां अमेरिका के हिसाब से बना रहा है. उन्होंने ट्रंप के ‘मैंने भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाया’ वाले बयान का जिक्र किया. कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा कि सरकार पाकिस्तान के ISI को भी पठानकोट एयरबेस दिखा चुकी है, अब अमेरिका को संवेदनशील जगह दिखा रही है. लेकिन सच्चाई क्या है? ऐसे विजिट बिल्कुल नई बात नहीं हैं. भारत और अमेरिका के बीच मिलिट्री-टू-मिलिट्री एक्सचेंज का पुराना कार्यक्रम है. पहले भी विदेशी राजनयिक कमांड हेडक्वार्टर विजिट कर चुके हैं. भारतीय राजनयिक भी अमेरिका के पेंटागन और CIA हेडक्वार्टर जाते रहे हैं. असली मैसेज क्या है? यह विजिट सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए नहीं थी. इसका बड़ा संदेश है…     अमेरिका भारत के साथ रक्षा संबंध और मजबूत करना चाहता है.      चीन के खिलाफ इंडो-पैसिफिक में भारत को काउंटर-बैलेंस के रूप में देखता है.     पाकिस्तान अब अमेरिका के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं रहा (ट्रंप की नई नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रेटजी में पाकिस्तान का नाम तक नहीं).     भारत को रूस से हथियार खरीदने से धीरे-धीरे दूर करना चाहता है (अमेरिका भारत का तीसरा सबसे बड़ा हथियार सप्लायर है, फ्रांस के बाद).     अभी हाल ही में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद संबंधों में नया रीसेट हुआ है. एडमिरल पापारो ने कहा – भारत-अमेरिका रक्षा संबंध तेजी से ऊपर जा रहे हैं.  विजिट के पीछे राजनीतिक बवाल तो है, लेकिन रणनीतिक रूप से यह भारत-अमेरिका के बढ़ते विश्वास और साझेदारी का संकेत है. भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम है, लेकिन चीन जैसे बड़े खतरे के सामने मजबूत साथी ढूंढ रहा है. 

जम्मू-कश्मीर अपडेट: उधमपुर में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में दो आतंकवादी मारे गए

 उधमपुर   जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के बंसंतगढ़ इलाके में सुरक्षा बलों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो आतंकवादियों को मार गिराया। जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार, यह मुठभेड़ J&K पुलिस, भारतीय सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के संयुक्त ऑपरेशन के दौरान हुई। सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने जोफर रामनगर क्षेत्र में घेराबंदी और तलाशी अभियान (कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन) शुरू किया था। तलाशी के दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में दोनों आतंकवादी मारे गए। अधिकारियों ने बताया कि इलाके में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है, ताकि किसी अन्य आतंकी के छिपे होने की संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके। मुठभेड़ स्थल से हथियार और गोला-बारूद बरामद होने की भी सूचना है।  जम्मू और कश्मीर के उधमपुर जिले के अंतर्गत आने वाले जोफर इलाके में सुरक्षा बलों ने जैश-ए-मोहम्मद के दो सक्रिय कमांडरों को मुठभेड़ में मार गिराया गया है. सेना की व्हाइट नाइट कोर, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की ज्‍वाइंट टीम ने सटीक इनपुट के आधार पर यह ऑपरेशन शुरू किया था. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह इलाका पिछले करीब एक महीने से उनके रडार पर था और यहां हो रही संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार उनकी निगाह बनी हुई थी. यह 15 दिसंबर के बाद उधमपुर में दूसरी मुठभेड़ थी, जब सौन गांव में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी। हालांकि, घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकवादी भागने में कामयाब रहे थे। जनवरी में कठुआ जिले में तीन और किश्तवाड़ के चतरू वन क्षेत्र में चार मुठभेड़ें हुईं जिनके परिणामस्वरूप कठुआ में जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी आतंकवादी उस्मान को ढेर किया गया और किश्तवाड़ में एक पैराट्रूपर शहीद हो गया। ये मुठभेड़ जम्मू क्षेत्र के ऊपरी इलाकों में छिपे आतंकवादियों को पकड़ने के लिए चलाए जा रहे गहन अभियानों के बीच हुईं। उस्मान उसी गिरोह का हिस्सा था जो उधमपुर जिले में फंसा हुआ है। वह पिछले कई वर्षों से उस क्षेत्र में सक्रिय था। ‘ऑपरेशन केया’ के तहत भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर इस अभियान को अंजाम दिया. मंगलवार को सुरक्षाबलों को आतंकियों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली, जिसके बाद एक व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया. जैसे ही सुरक्षाबल इलाके में पहुंचे, आतंकियों ने घने जंगलों में छिपकर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई. दो जैश-ए-मोहम्मद आतंकी मुठभेड़ में ढेर  सुरक्षाबलों ने आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए दो आतंकवादियों को मार गिराया, जो जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए थे. इस मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया और इलाके में एडिशनल फोर्स डिप्लॉइड की गई.  जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ऑपरेशन की निगरानी की. रात तक दोनों तरफ से गोलीबारी होती रही, लेकिन सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेरने में आखिरकार कामयाबी हासिल की.  सुरक्षाबलों ने इस ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन केया’ नाम दिया, जो खुफिया सूचना पर आधारित था. इलाके में ऑपरेशन के बाद भी पहाड़ी और जंगली क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है ताकि क्षेत्र में किसी भी तरह के खतरे से निपटा जा सके.

कश्मीर में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़, गोलीबारी के बाद दो आतंकी ढेर

किश्तवाड़ जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में गुरुवार सुबह से जारी मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया है। यह मुठभेड़ सुबह करीब 7 बजे उस समय शुरू हुई, जब सेना की 11 राष्ट्रीय राइफल्स (11RR), 2 पैरा स्पेशल फोर्स, 7वीं असम राइफल्स और किश्तवाड़ एसओजी (विशेष अभियान दल) की संयुक्त टीम ने सिंघपोरा छत्रू के जंगलों में तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में मुठभेड़ शुरू हो गई। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, मुठभेड़ स्थल पर तीन से चार आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। इनमें से एक की पहचान कुख्यात आतंकी सैफुल्लाह के रूप में की गई है। मुठभेड़ अभी भी जारी है और अन्य आतंकियों को ढूंढने के लिए इलाके में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। सभी मार्गों को सील कर दिया गया है, ताकि आतंकी किसी भी तरह से भागने में सफल न हो सकें। इस मुठभेड़ से एक सप्ताह पहले ही जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल इलाके के नादिर गांव में सुरक्षाबलों ने तीन जैश-ए-मोहम्मद आतंकियों को मार गिराया था। इनकी पहचान आसिफ अहमद शेख, आमिर नीर वानी और यावर अहमद भट के रूप में हुई थी। ये सभी पुलवामा के ही निवासी थे। इसके अतिरिक्त, 13 अप्रैल को शोपियां के जिनपाथर केलर इलाके में एक अन्य मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकियों को मार गिराया गया था, जिनमें से दो की पहचान शाहिद कुट्टे और अदनान शफी के रूप में हुई थी। 22 अप्रैल को हुए घातक पहल्गाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत के बाद दक्षिण कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। इस हमले के बाद सुरक्षाबलों ने आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए कई बड़े अभियान चलाए हैं। आतंकवाद के खिलाफ इस व्यापक अभियान के तहत जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने आतंकियों से जुड़े लोगों की संपत्तियों को ध्वस्त करना भी शुरू कर दिया है। यह कदम आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए उठाया गया है, ताकि भविष्य में कोई व्यक्ति आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने से पहले दो बार सोचे।

सेना ने 48 घंटे में छह आतंकी किये ढेर, त्राल-शोपियां में कैसे रडार पर आए दहशतगर्द?

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद से ही सेना पूरे कश्मीर में आतंकियों का खात्मा करने में लगी हुई है. यहां सेना सर्च ऑपरेशन के साथ ही कई अन्य ऑपरेशन चला रही है. इसी के तहत सेना ने 48 घंटों के अंदर 6 आतंकियों ढेर कर दिया है. इसके अलावा कई आतंकियों तलाश की जा रही है. गुरुवार को सेना की पुलवामा जिले में आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई, इसमें मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के तीन आतंकवादी मारे गए. इनकी पहचान आसिफ अहमद शेख, आमिर नजीर वानी और यावर अहमद भट के रूप में हुई है. इसके पहले मंगलवार को लश्कर के मॉड्यूल के आतंकवादियों को ढेर किया गया था. 6 आतंकी ढेर 8 की तलाश श्रीनगर में आज की गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में IGP कश्मीर वी.के. बिरदी ने आतंकियों के खात्मे के बारे में बताया है. उन्होंने कहा कि पिछले 48 घंटों में हमने दो बहुत सफल ऑपरेशन किए हैं. ये दो ऑपरेशन शोपियां और त्राल में किए गए. कुल 6 आतंकवादियों को मार गिराया गया. उन्होंने बताया कि 4 आतंकियों की लिस्ट में से 6 को ढेर कर दिया गया है इसके अलावा बचे हुए अन्य 8 आतंकियों की तलाश की जा रही है. कैसे ऑपरेशन हुआ सफल? प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना के अधिकारियों ने बताया कि पिछले कई दिनों से इन आतंकियों के मूवमेंट की खबर मिल रही थी. इसी को देखते हुए हम लोग सर्च ऑपरेशन चला रहे थे. उसी दौरान हमें आतंकियों के बारे में जानकारी मिली. सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया था. सर्च ऑपरेशन के दौरान ही आतंकियों ने जैसे ही सेना के जवानों को देखा तो तुरंत ही फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में 3 आतंकी मारे गए. इनकी पहचान आसिफ अहमद शेख, आमिर नजीर वानी और यावर अहमद भट के रूप में हुई है. मारे गए आतंकियों के पास से हथियार और गोला बारूद भी जब्त किया गया है. मंगलवार को शोपियां में मुठभेड़ में लश्कर के तीन आतंकियों को मार गिराया गया था। आईजीपी कश्मीर वीके बिरदी ने कहा कि तीनों आतंकियों को जिंदा पकड़ने का प्रयास किया गया था, लेकिन उन्होंने हथियार नहीं डाले। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि जैश कमांडर आसिफ अहमद शेख और उसके दो साथियों आमिर नजीर वानी व यावर अहमद बट के त्राल के नादिर में एक जगह छिपे होने की सूचना मिली थी। आतंकियों पर था पांच-पांच लाख का इनाम इसके आधार पर पुलिस ने सेना और सीआरपीएफ के जवानों के साथ मिलकर अभियान शुरू किया। आतंकियों ने मकान के साथ सटे शेड में भी शरण लेने का प्रयास किया और एक आतंकी वहीं शेड में मारा गया। आसिफ जैश का जिला कमांडर था। सात लाख का इनामी आसिफ 2022 को आतंकी बना था। आमिर और यावर अहमद बट दोनों ही पांच-पांच लाख के इनामी थे और 2024 को आतंकी बने थे। स्थानीय लोगों ने की ऑपरेशन में मदद मेजर जनरल धनंजय जोशी ने बताया कि 12 मई को हमें आतंकियों के बारे में इनपुट मिला था. हालांकि वे बहुत ऊंचाई पर थे. हमने जानकारी मिलने के बाद ही सर्च ऑपरेशन शुरू किया और उनकी पहचान पता की. सर्च ऑपरेशन के दौरान उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी. एक-एक घर में जाकर तलाशी ली गई. इस दौरान, हमारे सामने चुनौती नागरिक ग्रामीणों को बचाने की थी. इसके बाद, तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया. मारे गए 6 आतंकवादियों में से एक, शाहिद कुट्टे, दो बड़े हमलों में शामिल था, जिसमें एक जर्मन पर्यटक पर हमला भी शामिल था. पूरे सर्च ऑपरेशन के दौरान अच्छा लोकल सपोर्ट भी मिला था.  

सरकार ने सेना के लिए खोल दिया खजाना, अनुपूरक बजट में 50 हजार करोड़ का प्रस्ताव

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच जंग जैसे हालात देखने को मिले. इस दौरान भारत ने पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया. सूत्रों ने बताया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद रक्षा बजट में और बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिसमें नए हथियार और गोला-बारूद के साथ-साथ तकनीक की खरीद पर खर्च किया जाएगा. अनुपूरक बजट के जरिए ₹50 हजार करोड़ के अतिरिक्त प्रावधान का प्रस्ताव रखा गया है. संसद के शीतकालीन सत्र में इसे मंजूरी मिल सकती है. अतिरिक्त आवंटन से सशस्त्र बलों की जरूरतों, जरूरी खरीद और अनुसंधान एवं विकास के लिए प्रावधान किए जाने की उम्मीद है. इस साल, डिफेंस के लिए केंद्रीय बजट में रिकॉर्ड 6.81 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जो पिछले वित्तीय वर्ष से 9.53 फीसदी ज्यादा है. एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद से पिछले 10 साल में रक्षा बजट में करीब तीन गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है. भारत का मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम 2014-15 में डिफेंस बजट 2.29 लाख करोड़ रुपये था. इस साल 6.81 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो कुल बजट का 13.45% है. ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान पर भारत की रक्षा क्षमताओं की श्रेष्ठता को प्रदर्शित किया. पाकिस्तान के साथ तनातनी के दौरान, भारत के मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम ने करीब हर आने वाली मिसाइल और ड्रोन को बेअसर कर दिया. लंबी दूरी की रूसी एस-400 ‘ट्रायम्फ’ सिस्टम के अलावा, भारत ने पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइलों को फेल करने के लिए बराक-8 मध्यम दूरी की एसएएम सिस्टम और स्वदेशी आकाश प्रणाली को तैनात किया. पिकोरा, ओएसए-एके और एलएलएडी गन (लो-लेवल एयर डिफेंस गन) जैसी युद्ध-सिद्ध वायु रक्षा प्रणालियों का भी इस्तेमाल किया गया. ’21वीं सदी की जंग में…’ ऑपरेशन सिंदूर में भारत के एडवांस हथियारों की क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने 12 मई को अपने संबोधन में इस उपलब्धि की प्रशंसा की. नरेंद्र मोदी ने कहा, “इस ऑपरेशन के दौरान, हमारे मेड-इन-इंडिया हथियारों की विश्वसनीयता मजबूती से स्थापित हुई. दुनिया अब मानती है कि 21वीं सदी की जंग में मेड-इन-इंडिया डिफेंस इक्विपमेंट का वक्त आ गया है.” पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने पर्यटकों और नागरिकों पर हमला किया, जिसे 26/11 मुंबई हमलों के बाद भारत में सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक माना गया. इस हमले ने भारत की शून्य सहिष्णुता की नीति को और मजबूत किया. जवाब में, भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें भारतीय वायु सेना, थल सेना और नौसेना ने समन्वित रूप से पाकिस्तान और PoK में आतंकी शिविरों को नष्ट किया. इस ऑपरेशन ने न केवल आतंकी बुनियादी ढांचे को ध्वस्त किया, बल्कि पाकिस्तान को यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत किसी भी आतंकी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा. पाकिस्तान ने इस ऑपरेशन के बाद 7-8 मई की रात को भारत के 15 सैन्य ठिकानों जैसे श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट और अमृतसर पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए. हालांकि, भारतीय नौसेना, वायु सेना और थल सेना के एकीकृत प्रयासों ने इन हमलों को पूरी तरह विफल कर दिया. भारतीय नौसेना ने अपनी वाहक युद्ध समूह (Carrier Battle Group) और उन्नत वायु रक्षा तंत्र का उपयोग कर पाकिस्तानी वायु तत्वों को समुद्री क्षेत्र में निष्क्रिय कर दिया.  

भारतीय सेना ने भारत-म्यांमार बॉर्डर पर 10 उग्रवादियों को किया ढेर

चंदेल भारतीय सेना ने भारत-म्यांमार बॉर्डर पर 10 उग्रवादियों को मार गिराया है। सेना की ईस्टर्न कमांड ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर इसकी जानकारी दी है। सेना की पूर्वी कमान ने देर रात एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर बताया, “भारत-म्यांमार सीमा के पास स्थित चंदेल जिले के खेगजॉय तहसील के न्यू समतल गांव के पास खुफिया जानकारी के आधार पर उग्रवादियों की गतिविधियों का पता चला था। इसके बाद असम राइफल्स की यूनिट ने 14 मई 2025 को स्पीयर कॉर्प्स के तहत एक ऑपरेशन शुरू किया।” उन्होंने बताया, “ऑपरेशन के दौरान संदिग्ध उग्रवादियों ने सैनिकों पर गोलीबारी की, जिसका जवाब देते हुए सैनिकों ने तुरंत नियंत्रित और संतुलित तरीके से जवाबी कार्रवाई की। गोलीबारी में 10 उग्रवादी मारे गए और बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है।” यह कार्रवाई मणिपुर में जारी अशांति के बीच सुरक्षाबलों की ओर से एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। भारत के पूर्वी सीमा पर यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब हाल ही में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी। इस कार्रवाई के बाद भारत और पाकिस्तान सीमा पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल केंद्र सरकार ने भारत और म्यांमार के बीच 1,610 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा बाड़ लगाने और सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी थी। सरकार ने यह फैसला मणिपुर में घुसपैठियों को रोकने के लिए लिया था। सरकार के सूत्रों की मानें तो पड़ोसी मुल्क म्यांमार से घुसपैठिए, मणिपुर में प्रवेश कर रहे हैं। इसके लिए अब भारत सरकार ने भारत-म्यांमार सीमा पर मुक्त आवाजाही व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। जानकारी के अनुसार, सुरक्षा संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति ने लगभग 31 हजार करोड़ रुपये की लागत से भारत-म्यांमार के बीच 1610 किलोमीटर लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने और सीमा सड़कों के निर्माण के काम को सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दी है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान सेना का कबूलनामा, बताया क्या- क्या हुआ नुकसान!

नई दिल्ली अपने देश में जश्न मनाने के बाद अब पाकिस्तान ने कुबूल कर लिया है कि भारत की जवाबी कार्रवाई में उसके 11 सैनिक मारे गए है और 78 कर्मी घायल हो गए. इसके अलावा गोलाबारी में 40 नागरिक भी घायल हुए हैं. साथ ही पाकिस्तान ने ये भी स्वीकार किया है कि भारतीय मिसाइल हमलों में पाकिस्तानी एयरफोर्स को भी भारी नुकसान हुआ है. वहीं, भारतीय सेना ने अपनी जवाबी कार्रवाई के बाद दी जानकारी में स्पष्ट कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में 100 आतंकी और उसके बाद जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना के 40 जवान और अधिकारी मारे गए हैं. पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार को भारत के साथ हाल ही में हुए टकराव के दौरान हुए सैन्य और नागरिक हताहतों का आधिकारिक ब्यौरा जारी किया है. इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के अनुसार, 6 और 7 मई को भारतीय कार्रवाई के जवाब में ‘ऑपरेशन बुनयान-उन-मार्सस’ के दौरान देश की रक्षा करते हुए 11 सैनिक मारे गए तथा 78 कर्मी घायल हो गए. मारे गए 6 सैन्यकर्मी और एयरफोर्स के 5 अधिकारी ISPR ने बताया कि भारतीय हमलों में मरने वाले छह सैन्यकर्मी नायक अब्दुल रहमान, नायक वकार खालिद, लांस नायक दिलावर खान, इकरामुल्लाह, सिपाही अदील अकबर और सिपाही निसार शामिल हैं. ISPR ने ये भी स्वीकार किया है कि भारतीय हमलों में पाकिस्तानी वायुसेना को भी भारी नुकसान हुआ है, जिसमें एयरफोर्स के पांच अधिकारी मारे गए हैं. स्क्वाड्रन लीडर उस्मान यूसुफ, मुख्य तकनीशियन औरंगजेब, वरिष्ठ तकनीशियन नजीब, वरिष्ठ तकनीशियन मुबाशिर और कॉर्पोरल तकनीशियन फारूक शामिल हैं. पाकिस्तानी आर्मी के अनुसार, सैन्य हताहतों के अलावा LoC के पार भारतीय सेना की अकारण गोलाबारी में भारी नागरिक हताहत हुए. आईएसपीआर के बयान के अनुसार, सात महिलाओं और 15 बच्चों सहित 40 नागरिकों की जान चली गई, जबकि 121 अन्य – जिनमें 27 बच्चे और 10 महिलाएं शामिल हैं – घायल हो गए. भारत द्वारा हाल ही में अंजाम दिए गए सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तान की नींव हिला दी है। इस हमले में भारत ने कई रणनीतिक पाकिस्तानी एयरबेस को तबाह कर दिया। सबसे खास बात यह रही कि पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री इशाक डार ने खुद सार्वजनिक रूप से भारत के हमले और उससे हुए भारी नुकसान को स्वीकार कर लिया है। भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव ने नया मोड़ तब लिया जब भारत ने सीमापार आतंकवाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया। इस सैन्य अभियान ने पाकिस्तान के भीतर आतंक के अड्डों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। पाकिस्तान जहां पहले मीडिया प्रोपेगेंडा के ज़रिए सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रहा था, वहीं अब खुद पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री इशाक डार ने सामने आकर भारत के हमले में हुए गंभीर नुकसान को स्वीकार कर लिया है। भारत की इस निर्णायक कार्रवाई ने न केवल पाकिस्तान की सैन्य संरचना को झकझोर दिया, बल्कि यह एक बड़ा कूटनीतिक और सामरिक संदेश भी बनकर उभरा है। इस अभियान का उद्देश्य सीमा पार मौजूद आतंकी ठिकानों और भारत विरोधी गतिविधियों के केंद्रों को नष्ट करना था। भारत ने स्पष्ट किया कि यह कार्यवाही आत्मरक्षा के अधिकार के तहत की गई।भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत कई पाकिस्तानी एयरबेस पर निशाना साधा, जिनमें प्रमुख थे:     रावलपिंडी का नूरखान एयरबेस      शोरकोट एयरबेस     सुक्कुर और मुजफ्फरगढ़ के ठिकाने इशाक डार ने कबूल की तबाही पाकिस्तान के डिप्टी पीएम इशाक डार  ने प्रेस वार्ता में स्वीकार किया कि भारत ने नूरखान एयरबेस पर हमला किया। उन्होंने शोरकोट, सुक्कुर और मुजफ्फरगढ़ जैसे ठिकानों पर हमला किया। यह बड़ी सैन्य कार्रवाई थी जिसमें पाकिस्तान का नुकसान हुआ।भारत का कोई भी पायलट उनके कब्जे में नहीं । इस बयान से पाकिस्तान की अंदरूनी स्थिति और भारत की सैन्य ताकत की पुष्टि होती है। पाकिस्तानी सेना ने भी मानी हार पाकिस्तानी सेना ने भी यह स्वीकार किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसका कम से कम एक लड़ाकू विमान क्षतिग्रस्त हुआ है। हालांकि उन्होंने यह बताने से परहेज किया कि यह कौन सा विमान था। साथ ही उन्होंने दावा किया कि भारत का कोई भी पायलट उनके कब्जे में नहीं है इससे यह साबित होता है कि भारत की कार्रवाई पूरी तरह एकतरफा और सफल रही। भारत की सख्त चेतावनी: अब सीजफायर हुआ तो… भारत के  DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि पाकिस्तान ने खुद सीजफायर की पहल की थी, लेकिन फिर उसे तोड़ते हुए आतंकी घुसपैठ कराई। अब अगर सीजफायर का उल्लंघन किया गया, तो भारत और बड़ा जवाब देगा। DGMO ने यह भी जानकारी दी कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत 100 से अधिक आतंकवादियों को मारा गया। इसके अलावा, सीमा पर हुई जवाबी गोलीबारी में पाकिस्तानी सेना के  35-40 सैनिकों के मारे जाने की भी पुष्टि की गई है।  मारे गए आंतकियों में  शामिल हैं:      यूसुफ अजहर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा आतंकी और मसूद अजहर का रिश्तेदार      अब्दुल मलिक रऊफ  पाकिस्तान में सक्रिय ISI समर्थित आतंकी      मुदस्सिर अहमद जम्मू-कश्मीर में कई हमलों का मास्टरमाइंड  क्यों अहम ‘ऑपरेशन सिंदूर’?      यह कार्रवाई सीमापार आतंकवाद और आतंकी ढांचे को ध्वस्त करने की एक स्पष्ट नीति का हिस्सा है।      भारत ने कूटनीतिक स्तर पर यह संदेश दिया कि अब हर हमले का ठोस जवाब दिया जाएगा।      यह ऑपरेशन 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक के समान ही प्रभावशाली माना जा रहा है।  ऑपरेशन सिंदूर का  असर      पाकिस्तान के कम से कम 4 एयरबेस पूरी तरह ध्वस्त      आतंकवादियों के प्रमुख शिविर नष्ट       भारतीय सैन्य शक्ति का सफल प्रदर्शन       पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी       पाकिस्तान के नेताओं द्वारा खुलकर सच स्वीकारना  

जम्‍मू-कश्‍मीर के शोपियां में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में ढेर किया एक आतंकी, दो के फंसे होने की आशंका

श्रीनगर  जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबल एक बार फिर एक्शन में आ गए हैं। मंगलवार को आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई। लगातार फायरिंग के बाद सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया। यह एनकाउंटर शोपियां के जिनपथेर केलर इलाके में हुआ है। बताया जा रहा है कि मारा गया आतंकी लश्कर-ए-तैयबा का था। वहीं सेना के हाथ बड़ी कामयाबी भी लगी है कि दो आतंकियों को जिंदा पकड़ा गया है। सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि दक्षिण कश्मीर के शोपियां में जम्पाथरी इलाके में कुछ आतंकी छिपे हैं। ये आतंकी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। सुरक्षाबलों ने सर्च अभियान चलाया। इसी दौरान सुरक्षाबलों ने आतंकियों के ठिकाने को चारों तरफ से घिर लिया। आतंकियों को सरेंडर करने को कहा गया। आतंकियों ने की फायरिंग सुरक्षाबलों से घिरे आतंकियों ने फायरिंग करनी शुरू कर दी। इसी दौरान सुरक्षाबलों ने भी जवाबी फायरिंग की। लगातार ताबड़तोड़ गोलीबारी होती रही। आखिरकार एक आतंकी को गोली लगी और वह गिर पड़ा। दो आतंकियों ने इसी दौरान भागने की कोशिश की लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान मिले सामान तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों को भारी मात्रा में गोला-बारूद मिला। असलहे मिले हैं और कई गुप्त दस्तावेज भी बरामद हुए है। आतंकी लश्कर ए तैयबा संगठन से जुड़ा है। पकड़े गए दो आतंकियों से पूछताछ के बाद कुछ और खुलासे हो सकते हैं।

भारत के हमले से रहीम यार खान एयरबेस का रनवे तहस-नहस, एक सप्ताह के लिए नॉन ऑपरेशनल घोषित

लाहौर पाकिस्तान के महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठान रहीम यार खान एयरबेस अब काम नहीं कर पा रहा है. भारत की ओर से किए गए जवाबी हमले ने इस एयरपोर्ट के रनवे को तहस-नहस कर दिया है. अब पाकिस्तान ने फिलहाल एक सप्ताह के लिए इस एयरबेस को एक सप्ताह के लिए नॉन ऑपरेशनल घोषित कर दिया है. पाकिस्तान ने इस बाबत नोटम (NOTAM) नोटिस टू एयरमैन जारी किया है. ये नोटिस पाकिस्तान सिविल एविएशन अथॉरिटी ने शनिवार शाम को जारी किया है. ये नोटम 10 मई को पाकिस्तानी समय के अनुसार 4 बजे शाम से प्रभावी हो गए हैं और 18 मई 5 बजे तक प्रभावी रहेगा. यानी कि इतने समय तक रहीम यार खान नूर बेस काम नहीं करेगा. पाकिस्तान सिविल एविएशन अथॉरिटी ने कहा कि बंद करने का कारण वर्क इन प्रोग्रेस है. लेकिन पाकिस्तान ने शातिराना चालाकी करते हुए ये नहीं बताया है कि वो जंग जैसे इतने अहम समय में अपने सैन्य हवाई अड्डे पर क्या काम कर रहा है. नोटम में कहा गया है कि फिलहाल ये एयरबेस उड़ान के लिए संचालित नहीं होगा. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के दक्षिणी भाग में इस महत्वपूर्ण एयरबेस को अस्थायी रूप से बंद करना और बंद करने का समय और इसकी टाइमिंग इस एयरबेस पर भारत की ओर से किए गए तगड़े हमले की पुष्टि करती है. रहीम यार खान एयरबेस, जिसे आधिकारिक तौर पर शेख जायद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (Shaikh Zayed International Airport) के नाम से जाना जाता है, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रहीम यार खान शहर के पास स्थित है. यह हवाई अड्डा शहर से लगभग 4.6 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में है. रहीम यार खान एयरबेस पर हमले का असर रविवार शाम को ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े एक ब्रीफिंग में, भारतीय वायु सेना ने उपग्रह चित्रों से पुष्टि की कि रहीम यार खान वायु सेना अड्डे के रनवे पर भारत ने स्ट्राइक किया था. इस हमले में ये हवाई अड्डा तबाह हो गया था. नोटम के लिए जारी इस मैसेज में लिखा गया है. “RWY NOT AVBL FOR FLT OPERATION WIP” अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के अनुसार, NOTAM में कोड ‘WIP’ का उपयोग प्रगति पर चल रहे कार्य को दर्शाता है. अमेरिकी संघीय उड्डयन प्रशासन (FAA) के अनुसार, ‘WIP’ हवाई अड्डे की सतह पर किए जा रहे किसी भी कार्य को दर्शाता है. यह देखते हुए कि NOTAM में विशेष रूप से एयरबेस पर रनवे का उल्लेख किया गया है, यह दर्शाता है कि रनवे पर ही प्रगति पर काम चल रहा है. रहीम यार खान एयरबेस में शेख जायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी है. फ्लाइटराडार24 पर उपलब्ध एयरपोर्ट डेटा के अनुसार, इसका एकमात्र रनवे- रनवे 01/19- बिटुमिनस सरफेस वाला है और इसकी लंबाई 3,000 मीटर या 9,843 फीट है. यूं तो इस एयरपोर्ट को पाकिस्तान सिविल एविएशन अथॉरिटी (PCAA) द्वारा संचालित किया जाता है, लेकिन इसका उपयोग पाकिस्तान वायु सेना (PAF) द्वारा भी सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जाता है. बता दें कि 10 मई को पाकिस्तानी हमले का जवाब देते हुए भारत ने पड़ोसी मुल्क के कई सैन्य एयरपोर्ट को निशाना बनाया. भारत के मिसाइल हमले में रफीकी, मुरीद, चकलाला, सुक्कुर, रहीम खान एयरबेस, चुनियां एयरबेस, नूर खान एयरबेस, सरगोधा एयरबेस को मुख्य रूप से निशाना बनाया. भारत के हमले में रहीम खान एयरबेस को तगड़ा नुकसान पहुंचा था. और इसकी हवाई पट्टी पर बड़ा गड्ढ़ा बन गया था. अब पाकिस्तान इन मलबों को साफ कर रहा है. और गड्ढे की मरम्मत कर रहा है. एयरबेस का मुख्य रनवे जो लगभग 3,000 मीटर लंबा है, पूरी तरह से तबाह हो गया. सैटेलाइट इमेजरी और वीडियो फुटेज में रनवे पर बड़ा गड्ढा दिखाई देता है. रिपोर्ट के अनुसार भारत के हमलों में एयर ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर और दो हैंगर तबाह हो गए. रडार यूनिट और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा, जिससे एयरबेस की संचालन क्षमता अस्थायी रूप से ठप हो गई है. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने दावा किया कि भारत ने इन एयरबेसों पर अपने फाइटर जेट्स से एयर-टू-सरफेस मिसाइलें दागीं. भारत ने रविवार को कहा है कि पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के 100 आतंकी मारे गए हैं. जबकि 40 से 50 पाकिस्तानी जवान और अधिकारी मारे गए हैं.  

ऑपरेशन सिंदूर: दुश्मन के जहाज को पास आने का मौका नहीं दिया- DG एयर ऑपरेशन

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर पर सोमवार को तीनों सेनाओं के डीजी ऑपरेशंस की प्रेस ब्रीफिंग हुई. इस दौरान भारतीय सेना में डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि हमारा एयर डिफेंस  सिस्टम तैयार था. पाकिस्तान हमारे एयर डिफेंस ग्रिड सिस्टम को भेद नहीं पाया. उन्होंने कहा कि आतंकी घटनाओं के तौर-तरीकों में बदलाव आ रहा है. हमारी मिलिट्री के साथ-साथ हमारे मासूम नागरिक जो अपना बचाव करने में असफल थे, उन पर भी हमले हो रहे थे. 2024 में जम्मू में शिवखोरी मंदिर जाते हुए तीर्थयात्रियों पर हमले और इस साल अप्रैल में पहलगाम में मासूम पर्यटकों पर हमला इस खतरनाक ट्रेंड के विशेष उदाहरण हैं. पहलगाम तक पाप का ये घड़ा भर चुका था, उसके बाद जो हुआ, उसके बारे में हम विस्तार से बात कर चुके हैं. हमने स्ट्राइक की. हमें पूरा अंदेशा था कि पाकिस्तान का वार भी होगा इसलिए हमने अपने एयर डिफेंस की पूरी तैयारी कर ली थी. राजीव घई ने कहा कि हम तैयार थे. हमारा एयर डिफेंस सिस्टम भी तैयार था. हमारा एयर डिफेंस सिस्टम दीवार की तरह खड़ा था. हमने हमले से निपटने की तैयारी की थी. जब हौंसले बुलंद हो तो मंजिले भी कदम चूमती है. इस दौरान एयर ऑपरेशन के डीजी एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि हमारी लड़ाई आतंकवाद और आतंकवादियों के खिलाफ थी. इसलिए हमने सात मई को आतंकवादियों के ठिकानों पर हमला किया लेकिन अफसोस इस बात का है कि पाकिस्तानी सेना ने आतंकवादियों का साथ देना उचित समझ और इस लड़ाई को अपनी लड़ाई बना ली.इस परिस्थिति में हमारी जवाबी कार्रवाई अत्यंत आवश्यक थी, इसमें जो भी नुकसान हुआ. इसके लिए वे खुद जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि हमने सरहद पार किए बिना हमले किए. हमने पाकिस्तान की मिसाइलों को मार गिराया. वे हमारे एयर डिफेंस ग्रिड को भेद नहीं पाए. हमने आतंकियों पर सटीक हमले किए. लेफ्टिनेंट घई ने कहा कि पाकिस्तान एयरफोर्स ने हमारी एयर टीम और लॉजिस्टिक प्रतिष्ठान पर 9-10 मई की रात को हमला किया गया.  ‘हम अगले मिशन के लिए तैयार’, बोले DG एयर ऑपरेशन एके भारती भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद आज फिर सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की।  ऑपरेशन सिंदूर पर तीनों सेनाओं के डीजी सामने आए और उन्होंने कई नए खुलासे किए। इससे पहले वायुसेना ने ये भी बताया कि उन्होंने कराची सैन्य अड्डे को भी निशाना बनाया था। चीन की मिसाइल मार गिराई भारतीय सेना ने कहा कि उसने चीन की मिसाइल को भी मार गिराया। सेना ने कहा कि उसने संभावित पीएल-15 एयर-टू-एयर मिसाइल का मलबा दिखाया है, जो चीन निर्मित है और जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान ने भारत पर हमले के दौरान किया था। पाक सेना ने आतंकियों का साथ दिया     एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि हमने इस बार फिर से देखा कि कैसे पाकिस्तान की सेना ने आतंकियों का साथ दिया। उन्होंने कहा कि पाक ने आतंकवादियों के लिए भारत पर हमला करना चुना, जिसके कारण हमें जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।     हमारी लड़ाई आतंकवादियों और उनके सहायक ढांचे से है, न कि पाकिस्तानी सेना से।     हमारे हथियार समय पर खरे उतरे। हमारी स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली ‘आकाश’ अच्छा काम कर रही है।    डीजीएमओ लेफ्टिनेंट राजीव घई ने कहा कि पिछले कुछ सालों में आतंकवादी गतिविधियों का चरित्र बदल गया है। निर्दोष नागरिकों पर हमले हो रहे थे।   पाक के पाप का घड़ा भर चुका था डीजीएमओ लेफ्टिनेंट राजीव घई ने कहा कि पिछले कुछ सालों में आतंकवादी गतिविधियों का चरित्र बदल गया है। निर्दोष नागरिकों पर हमले हो रहे थे। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हमले के बाद पाकिस्तान के पाप का घड़ा भर चुका था। उन्होंने कहा कि यही कारण था कि हमने आतंकियों के अड्डे को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई बेहद जरूरी थी, जिसके लिए हमने पूरी तैयारी कर ली थी। हमारे एयरफील्ड हर प्रकार से ऑपरेशनल हैं…पाकिस्तान की नापाक हरकतों का विनाश किया गया- DG MO DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि जो दुर्दशा आपने पहले और कल पाकिस्तान एयरफील्ड की देखी और एयर मार्शल की प्रस्तुति आज देखी। हमारे एयरफील्ड हर प्रकार से ऑपरेशनल है। पाकिस्तान के ड्रोन हमारे ग्रिड के कारण नष्ट हुई। मैं यहां पर अपने बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स की सराहना करता हूं। जिसके कारण पाकिस्तान की नापाक हरकतों का विनाश किया गया। आतंकियों पर हमारे सटीक हमले LOC और IB को पार किए बना किए गए थे- डीजीएमओ DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की एयर डिफेंस कार्रवाई को हमें एक संदर्भ में समझने की जरूरत है। पिछले कुछ सालों में आतंकी गतिविधियों के कैरेक्टर में बदलाव आ रहा था, अब हमारी सेना के साथ-साथ निर्दोष लोगों पर भी हमला हो रहा था। 2024 में शिवखोड़ी मंदिर की ओर जाने वाले तीर्थयात्री और इस साल अप्रैल में पहलगाम में मासूम पर्यटक। पहलगाम तक उनका पाप का घड़ा भर चुका था… क्योंकि आतंकियों पर हमारे सटीक हमले LOC और IB को पार किए बना किए गए थे, हमें पूरा अंदेशा था कि पाकिस्तान का हमला भी सीमा पार से ही होगा, इसलिए हमने एयर डिफेंस की तैयारी की थी। जब 9-10 मई को पाकिस्तान की वायुसेना ने हमारे एयर फील्ड और लॉजिस्टिक इंस्टॉलेशन पर हमला किया, तो वे इस मजबूत एयर डिफेंस ग्रिड के सामने विफल हुए। कोई भी संदिग्ध और दुश्मन के हवाई जहाज को हमने अपने कैरियर बैटल ग्रुप के कई किलोमीटर दूर भी आने का मौका नहीं दिया- DG NO DG NO वाइस एडमिरल ए एन प्रसाद ने कहा कि भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान के किसी भी खतरे से निपटने के लिए कई लेयर की तैयारी कर ली थी। हमने लड़ाकू और टोही विमान को काम पर लगा दिया था। हमने अत्याधुनिक रेडार का इस्तेमाल करते हुए हमारे पायलट दिन और रात दोनों ही वक्त तैयार थे। हमने सैकड़ों किलोमीटर कि निगरानी की। कोई भी संदिग्ध और दुश्मन के हवाई जहाज को कई सौ किलोमीटर तक पास आने का मौका नहीं दिया। जब हौसले बुलंद हों तो मंजिलें भी कदम चूमती हैं- डीजीएमओ DG MO ने कहा कि जब हौसले बुलंद हों तो मंजिलें भी कदम चूमती हैं। हमने अपने एयर … Read more

सेना के ट्रक चालकों को मुफ्त भोजन, विश्राम और आवास मिलेगा, पेट्रोल पंपों पर सैन्य कर्मियों के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे

इंदौर  देश के प्रति अपनी अटूट निष्ठा और सेवा भाव का परिचय देते हुए, इंदौर पेट्रोल डीलर एसोसिएशन ने एक अहम घोषणा की है. ट्रक और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के बाद, अब पेट्रोल पंप संचालकों ने भी सेना के लिए अपना सहयोग और समर्थन व्यक्त किया है. एसोसिएशन ने ऐलान किया है कि मध्य प्रदेश से युद्ध सामग्री लेकर गुजरने वाले सेना के ट्रकों के चालकों और अन्य सैन्य कर्मियों के लिए उनके सभी पेट्रोल पंपों पर मुफ्त भोजन, विश्राम और आवास की व्यवस्था की जाएगी. एसोसिएशन के अध्यक्ष ने इस पहल के पीछे की भावना को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह देशभक्ति के जज्बे से प्रेरित है. उन्होंने जोर देकर कहा कि पेट्रोल डीलर भी देश की सेवा में अपना योगदान देना चाहते हैं. उनकी इस घोषणा से स्पष्ट है कि समाज के हर वर्ग में देश के जवानों के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना विद्यमान है. इस योजना के तहत, प्रदेश के उन सभी मार्गों पर स्थित पेट्रोल पंपों पर विशेष इंतजाम किए जाएंगे, जहाँ से सेना के ट्रकों का आवागमन संभावित है. प्रत्येक पेट्रोल पंप पर सैन्य कर्मियों के ठहरने के लिए उचित स्थान सुनिश्चित किया जाएगा. इसके अतिरिक्त, उनके लिए पौष्टिक भोजन और सूखे मेवों के पैकेट भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उनकी यात्रा सुगम और आरामदायक बनी रहे. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दिए जाने वाले खाद्य सामग्री दो से तीन दिनों तक खराब न हो, जिससे यात्रा के दौरान उन्हें सुविधा रहे. सैन्य कर्मियों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए पेट्रोल पंपों पर आवश्यक जानकारी वाले बैनर और पोस्टर भी लगाए जाएंगे. इन पोस्टरों पर पेट्रोल पंप डीलर का संपर्क नंबर भी दिया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर सैन्य कर्मी उनसे सीधे संपर्क कर सकें. इसके अलावा, आपातकालीन स्थिति के लिए हर पेट्रोल पंप पर प्राथमिक चिकित्सा किट (फर्स्ट एड किट) भी उपलब्ध रहेगी. इंदौर पेट्रोल डीलर एसोसिएशन का यह कदम न केवल सराहनीय है, बल्कि यह अन्य व्यापारिक संगठनों और नागरिकों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत है. यह दर्शाता है कि एकजुट होकर और छोटे-छोटे प्रयासों से भी देश की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है. इस पहल से निश्चित रूप से युद्ध सामग्री ले जा रहे सैन्य कर्मियों को राहत मिलेगी और उनका मनोबल और ऊंचा होगा, जिससे वे अपने महत्वपूर्ण कार्य को और भी अधिक समर्पण के साथ कर सकेंगे. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब देश को हर नागरिक के समर्थन और सहयोग की आवश्यकता है.  

भारत ने श्रीनगर में सेना ने एक्टिव किया एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम

श्रीनगर भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है. दोनों मुल्क जंग के मुहाने पर खड़े हैं और सेनाएं लामबंद हैं. बीती रात दोनों देशों की तरफ से मिसाइल हमले हुए हैं. भारत ने पाकिस्तान के चार एयरबेस को निशाना बनाया है. इसके साथ ही पाकिस्तान की तरफ से भारत के कई शहरों को निशाना बनाया गया. पाकिस्तान ने श्रीनगर सहित कई सरहदी इलाकों में सेना का जमावड़ा शुरू कर दिया है. वहीं, सूत्रों ने बताया है कि श्रीनगर और आस-पास के इलाकों में पाकिस्तान के साथ भारी मुठभेड़ चल रही है. सेना ने इलाके में सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल सिस्टम को एक्टिव कर दिया है. जम्मू में गोलीबारी से नुकसान पाकिस्तान की ओर से रात को हुए हमले के बाद जम्मू-कश्मीर से सुबह की ताजा तस्वीरें सामने आई हैं. गोलीबारी की वजह से जम्मू शहर के रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचा है. कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं. जम्मू-कश्मीर के उरी में पाकिस्तानी गोलाबारी में मकान और संपत्तियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, ये गोलाबारी नागरिक इलाकों को निशाना बनाकर की जा रही है. अखनूर में ब्लैकआउट पाकिस्तान की तरफ से लगातार किए जा रहे हमलों के बीच जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में रात से ही ब्लैकआउट का ऐलान किया गया है. डिफेंस सूत्रों के मुताबिक, जम्मू के पास भारतीय सेना ने पाकिस्तानी चौकियों और आतंकवादी लॉन्च पैड्स को नष्ट कर दिया है, जहां से ट्यूब लॉन्च ड्रोन भी लॉन्च किए जा रहे थे. दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह पाकिस्तान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर 26 जगहों पर ड्रोन देखे गए हैं, इनमें संदिग्ध सशस्त्र ड्रोन शामिल हैं. इन जगहों में बारामूला, श्रीनगर, अवंतीपोरा, नगरोटा, जम्मू, फिरोजपुर, पठानकोट, फाजिल्का, लालगढ़ जट्टा, जैसलमेर, बाड़मेर, भुज, कुआरबेट और लाखी नाला शामिल हैं. एक सशस्त्र ड्रोन ने फिरोजपुर में एक रिहायशी इलाके को निशाना बनाया, जिसके बाद एक स्थानीय परिवार के सदस्य घायल हो गए. घायलों को मेडिकल सहायता दी गई है और सुरक्षा बलों द्वारा इलाके की तलाशी ली गई है. रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि भारतीय सशस्त्र बल बड़े स्तर पर सतर्कता बरत रहे हैं और ऐसे सभी हवाई खतरों को काउंटर-ड्रोन सिस्टम का उपयोग करके ट्रैक किया जा रहा है और उनसे निपटा जा रहा है. स्थिति पर कड़ी और निरंतर निगरानी रखी जा रही है और जहां भी जरूरी हो, त्वरित कार्रवाई की जा रही है. नागरिकों, विशेष रूप से सीमावर्ती इलाकों में, को घर के अंदर रहने, जरूरी आवाजाही को सीमित करने और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी जा रही है. इंडियन एयर डिफेंस यूनिट्स ने नष्ट किए पाकिस्तान के ड्रोन, इंडियन आर्मी ने बताया भारत-पाकिस्तान के बीच मची तनातनी के बीच इंडियन आर्मी ने सोशल मीडिया पोस्ट में ताजा अपडेट दिया है. भारतीय सेना ने कहा बताया कि पाकिस्तान द्वारा ड्रोन हमलों और अन्य हथियारों के साथ हमारी पश्चिमी सीमाओं पर लगातार हमले जारी हैं. ऐसी ही एक घटना में, आज सुबह करीब 5 बजे, अमृतसर के खासा कैंट के ऊपर कई दुश्मन के हथियारबंद ड्रोन उड़ते देखे गए. हमारी एयर डिफेंस यूनिट्स द्वारा दुश्मन के ड्रोन को तुरंत ही नष्ट कर दिया गया. इंडियन आर्मी ने कहा कि भारत की संप्रभुता का उल्लंघन करने और नागरिकों को खतरे में डालने का पाकिस्तान की कोशिश अस्वीकार्य है. भारतीय सेना दुश्मन के मंसूबों को नाकाम कर देगी. भारत-पाक तनाव के चले लखनऊ पुलिस की छुट्टियां रद्द भारत पाकिस्तान के बीच चल रहे संघर्ष को देखते हुए लखनऊ में पुलिस की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. छुट्टी पर गए पुलिस कर्मियों को तत्काल अवकाश रद्द कर ज्वाइन करने के आदेश दिए गए गए हैं. छुट्टी पर गए पुलिसकर्मियों को व्हाट्सएप पर छुट्टी रद्द करने का आदेश भेजा जा रहा है. जॉइंट सीपी लॉ एंडर ऑर्डर ने छुट्टी रद्द करने का आदेश जारी किया है. पंजाब के कई शहरों में अलर्ट, सुनी गईं सायरन की आवाजें भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का बुरा असर पंजाब में बड़े स्तर पर पड़ा है क्योंकि यह सीमावर्ती राज्य है. अमृतसर प्रशासन ने कहा कि हम रेड अलर्ट पर हैं. लोगों से घरों के अंदर रहने के लिए कहा गया है. फ़िरोज़पुर और बठिंडा इलाके में हवाई हमले हुए और सायरन की आवाजें भी सुनी गईं. J-K: रामबन में खोले गए चिनाब नदी पर बने बगलिहार डैम के कई गेट पाकिस्तान की ओर से बीते दो दिनों से भारत के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया जा रहा है. दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है. शनिवार सुबह को जम्मू-कश्मीर के रामबन में चिनाब नदी पर बने बगलिहार हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट डैम के कई गेट खोल दिए गए हैं. PAK की गोलीबारी में राजौरी के एडीशनल डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कमिश्नर की गई जान पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी में जम्मू-कश्मीर में राजौरी के एडीशनल डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कमिश्नर (ADDC) राज कुमार थप्पा की जान चली गई है. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने थप्पा के निधन को लेकर सोशल मीडिया एक्स पर ट्वीट किया है. मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने कहा कि दुख व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे. श्रीनगर में सेना ने एक्टिव की एयर डिफेंस सिस्टम पाकिस्तान की ओर से लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया जा रहा है. इस बीच भारतीय सेना ने सतह से हवा में मार करने वाली प्रणाली को सक्रिय कर दिया है. यह जानकारी रक्षा सूत्रों की ओर की तरफ से आई है. भारत के हमलों से खौफजदा होकर पाकिस्तान श्रीनगर समेत सरहदी इलाकों में अपने सैनिकों की संख्या में इजाफा कर रहा है. जम्मू शहर में पाकिस्तानी गोलीबारी से नुकसान पाकिस्तान की ओर से रात को हुए हमले के बाद जम्मू-कश्मीर से सुबह की ताजा तस्वीरें सामने आई हैं. गोलीबारी की वजह से जम्मू शहर के रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचा है. कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

पाकिस्तानी सेना जिन आतंकी लॉन्च पैड से ड्रोन हमले कर रहे थी, भारतीय सेना ने जमींदोज कर दिया

नई दिल्ली पाकिस्तानी सेना बीती रात से भारत के सैन्य और रिहायशी ठिकानों पर लगातार हमला कर रही है, जिसका मुंहतोड़ जवाब भारतीय सेना दे रही है. भारत के सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के आतंकी लॉन्च पैड नष्ट कर दिए हैं. पाकिस्तानी सेना जिन आतंकी लॉन्च पैड से ड्रोन हमले कर रहे थी. उन्हें भारतीय सेना ने जमींदोज कर दिया है. पाकिस्तान लगातार हमले कर रहा है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के आतंकी लॉन्च पैड को किस कदर तबाह कर पड़ोसी मुल्क की कमर तोड़ दी है. इससे पहले पाकिस्तान ने भारत की पश्चिमी सीमा पर भारत के कई रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया. जम्मू-कश्मीर के उधमपुर और राजौरी के साथ-साथ पंजाब के जालंधर में धमाका हुआ. पाकिस्तान की ओर से भारत के रिहायशी इलाकों पर ड्रोन हमले किए जा रहे हैं. जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर और पठानकोट में सुबह-सुबह तेज धमाके सुनाई दे रहे हैं. बता दें कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर का बदला लेने के लिए 8 और 9 मई की रात भारत की पश्चिमी सीमा पर एक साथ कई हमलों की कोशिश की थी. पाकिस्तान की ओर से ड्रोन और अन्य हथियारों के जरिए भारतीय सीमाओं को निशाना बनाया गया था. इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर कई बार सीजफायर का उल्लंघन किया गया था. सेना ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत सभी ड्रोन हमलों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया और सीजफायर उल्लंघनों का मुंहतोड़ जवाब दिया गया. सेना ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय सीमाओं की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे और किसी भी नापाक मंसूबे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बता दें कि आतंक के खिलाफ भारत के ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए पाकिस्तान गुरुवार को जम्मू कश्मीर से लेकर जैसलमेर तक हिन्दुस्तान के करीब 15 शहरों को निशाना बनाने की कोशिश की लेकिन भारतीय सेना ने इन सभी हमलों को नाकाम कर दिया.  

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