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निर्देशों का पालन करके हितग्राही आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निःशुल्क उपचार का लाभ सहजता से प्राप्त कर सकते

भोपाल मुख्य कार्यपालन अधिकारी आयुष्मान भारत योजना डॉ. योगेश भरसट ने आयुष्मान भारत योजना में हितग्राहियों को निशुल्क उपचार प्रदान करने के लिए प्रक्रियाओं और निर्देशों की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि इन प्रक्रियाओं और निर्देशों का पालन करके हितग्राही आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निःशुल्क उपचार का लाभ सहजता से प्राप्त कर सकते हैं। हितग्राही अस्पताल पहुँचने के बाद सबसे पहले आयुष्मान योजना के लिए पंजीकृत कियोस्क का पता करें और अपने दस्तावेज़, जैसे आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, राशन कार्ड, समग्र आईडी, पात्रता पर्ची, संबल कार्ड या BoCW कार्ड को आयुष्मान मित्र को दिखाएं। पात्रता सत्यापन के दौरान आयुष्मान मित्र आपके आयुष्मान कार्ड और आधार/समग्र आईडी का मिलान करेगा और उपचार के लिए अस्पताल की पात्रता सुनिश्चित करेगा। सत्यापन के बाद, आयुष्मान मित्र आपको निःशुल्क उपचार की प्रक्रिया समझाएगा और चिकित्सीय परामर्श तथा उपचार की प्रक्रिया शुरू होगी। उपचार के दौरान हितग्राही को किसी भी प्रकार की राशि का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं उपचार के दौरान हितग्राही को किसी भी प्रकार की राशि का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है। यदि किसी उपकरण, दवा या सेवा के लिए अस्पताल द्वारा अतिरिक्त राशि चार्ज की जाती है, तो हितग्राही को तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर इसकी जानकारी देनी चाहिए। उपचार पूरा होने के बाद डिस्चार्ज के समय “निल (शून्य बकाया)” राशि का बिल प्राप्त करना सुनिश्चित करें और अस्पताल से मंगलकामना पत्र लेना न भूलें। एनएचए हेल्पलाइन नंबर 14555, एसएचए मध्यप्रदेश हेल्पलाइन नंबर 18002332085 पर कर सकते हैं शिकायत हितग्राही से अपेक्षा की जाती है कि वे उपचार के बाद फीडबैक फॉर्म को सही जानकारी के साथ भरें और हस्ताक्षर करें। यदि किसी स्तर पर अतिरिक्त राशि की मांग की जाती है या किसी प्रकार की असुविधा होती है, तो हितग्राही को तुरंत NHA हेल्पलाइन नंबर 14555 या SHA मध्यप्रदेश हेल्पलाइन नंबर 18002332085 पर शिकायत दर्ज करायें। हितग्राही को क्या करना है (Do’s): हितग्राही को चाहिए कि वे अपने आवश्यक दस्तावेज जैसे आयुष्मान कार्ड, पात्रता पर्ची, आधार कार्ड, राशन कार्ड और समग्र आईडी अपने साथ रखें। अस्पताल पहुँचते ही आयुष्मान कियोस्क पर जाएं और आयुष्मान मित्र से अपनी पात्रता की पुष्टि करवाएं। यह सुनिश्चित करें कि अस्पताल आपकी बीमारी से संबंधित स्पेशलिटी के लिए पैनल में शामिल है। पात्रता की पुष्टि होने के बाद निःशुल्क उपचार प्रक्रिया को समझें और उसका पालन करें। डिस्चार्ज के समय “निल (शून्य बकाया)” राशि का बिल प्राप्त करें और फीडबैक फॉर्म को सही जानकारी के साथ भरें। साथ ही, अस्पताल से मंगलकामना पत्र लेना न भूलें। हितग्राही को क्या नहीं करना है (Don’ts) हितग्राही को कभी भी आवश्यक दस्तावेजों को अस्पताल ले जाना नहीं भूलना चाहिए। निःशुल्क उपचार के दौरान किसी भी परिस्थिति में अस्पताल को अतिरिक्त राशि का भुगतान न करें। यदि किसी विशेष परिस्थिति में राशि मांगी जाती है, तो उसकी उचित रसीद प्राप्त करना सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की असत्यापित जानकारी पर भरोसा न करें और किसी भ्रम की स्थिति में तुरंत आयुष्मान मित्र से संपर्क करें। फीडबैक फॉर्म को बिना पढ़े या अधूरी जानकारी के साथ हस्ताक्षर न करें। यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता हो, तो शिकायत दर्ज करने में देरी न करें।  

आयुष्मान भारत योजना ने जरूरतमंद परिवारों को बीमारी के उपचार का एक मजबूत सहारा दिया, पुष्पा का भी बना आयुष्मान कार्ड

भोपाल सिंगरौली जिले के बैगा जनजाति के सभी परिवारों के लिए प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) किसी वरदान से कम नहीं है। केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस कल्याणकारी योजना ने जरूरतमंद परिवारों को बीमारी के उपचार का एक मजबूत सहारा दे दिया है। इसी योजना के तहत एक छोटी बच्ची पुष्पा पुत्री कुमरशाह बैगा के परिजन के चेहरे पर आज राहत, संतोष और खुशियों की मुस्कान आ गई है। बैगा जनजाति प्रदेश की विशेष रूप से पिछड़ी जनजातीय समूह (पीवीटीजी) में आती है। पुष्पा बैगा के परिवार की माली हालत बेहद कमजोर है। बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचने में उन्हें कई बाधाओं और दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इस महती योजना के कारण पुष्पा का परिवार अब निश्चिंत महसूस कर रहा है। सबके समर्पित प्रयासों से इस योजना का लाभ सभी बैगा परिवारों तक पहुंच रहा है। इसी दिशा में सिंगरौली में हुए एक शिविर में पुष्पा का भी आयुष्मान कार्ड बनाया गया। आयुष्मान कार्ड बनने से अब पुष्पा का परिवार उसकी चिकित्सा के खर्च को लेकर चिंतामुक्त हो चुका है। किसी भी गंभीर बीमारी या छोटी-बड़ी शारीरिक परेशानी में पुष्पा का इलाज अब 5 लाख रुपये तक सीमा में नि:शुल्क हो सकेगा। यह न केवल पुष्पा के परिवार के लिए, वरन् समाज के पिछड़े व कमजोर आय वर्ग के सभी परिवारों के लिए भी एक बड़ी राहत है। आयुष्मान कार्ड से मिले इस आर्थिक सुरक्षा कवर के कारण अब पुष्पा के माता-पिता अपने बच्चों के शारीरिक विकास एवं उनके भविष्य को लेकर अधिक आत्मनिर्भर महसूस कर रहे हैं। यह योजना उनके जीवन में स्थायित्व और सामाजिक सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में उभरकर सामने आयी है।  

आयुष्मान योजना में कैंसर पीड़ितों को राहत, देश में अबतक 25 लाख रोगियों ने करवाया उपचार

भोपाल  सितंबर 2018 में प्रारंभ आयुष्मान भारत योजना के छह साल पूरे हो गए हैं। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने 29 अक्टूबर को 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को पांच लाख रुपये प्रतिवर्ष का अतिरिक्त बीमा कवर देना शुरू किया है। योजना के पिछले छह वर्ष के आंकड़े देखें तो कैंसर रोगियों के लिए यह योजना बड़ा संबल बनी है। देशभर में अभी तक सात करोड़ से अधिक लोगों का उपचार इस योजना के अंतर्गत हुआ है, इनमें 25 लाख कैंसर के हैं। स्पेशियलिटी के हिसाब से उपचार कराने वाला का यह चौथा बड़ा आंकड़ा है। रेडिएशन ऑन्कोलॉजी यानी सिकाई कराने वाले रोगियों को मिला लें तो यह संख्या और अधिक होगी। गुजरात में तो आयुष्मान योजना का लाभ लेने वाले में ही सर्वाधिक कैंसर रोगी हैं। मप्र में एक लाख 62 हजार रोगियों ने कैंसर का उपचार कराया है। ‘पीएमजय’ डैशबोर्ड से मिली जानकारी     मप्र में जनरल मेडिसिन के बाद योजना का लाभ लेने वालों की सर्वाधिक संख्या कैंसर रोगियों की है। उप्र में 88 हजार कैंसर रोगियों ने योजना से उपचार कराया है।     यहां योजना का लाभ लेने वाले रोगियों की सर्वाधिक संख्या के मामले में कैंसर चौथे नंबर पर है। यह जानकारी ‘पीएमजय’ डैशबोर्ड के अनुसार है।     सामान्य तौर पर निजी और सरकारी अस्पतालों में मेडिसिन के बाद आर्थोपेडिक्स, स्त्री एवं प्रसूति रोग, शिशु रोग आदि के रोगी अधिक रहते हैं।     जब आयुष्मान योजना से उपचार लेने वालों की संख्या बात आती है तो मेडिकल आंकोलाजी किसी राज्य में पहले तो कहीं दूसरे, तीसरे और चौथे नंबर पर है।     देश में सबसे ऊपर क्रमश: मेडिसिन, संक्रामक रोग और सर्जरी है। अब प्रोसीजर के आंकड़े देखें तो रोगियों ने सबसे अधिक लाभ हीमोडायलिसिस का लिया है।     देश भर में 64 रोगियों ने अभी तक आयुष्मान योजना से डायलिसिस कराई है, जिसमें मध्य प्रदेश के पांच लाख 43 हजार हैं।     दूसरे नंबर पर मल्टीपल पैकेज यानी जिसमें कई तरह प्रोसीजर शामिल हैं, तीसरे क्रम में 57 हजार मामलों के साथ सीजर डिलीवरी है। मप्र में किस बीमारी के कितने रोगियों ने उपचार कराया     मेडिसिन 10 लाख     मेडिकल ऑन्कोलॉजी (कैंसर, जिसमें सर्जरी शामिल नहीं ) 1.62     आर्थोपेडिक 1. 62     स्त्री एवं प्रसूति रोग 1.33     हड्डी रोग 1.04 एक्सपर्ट ने बताया कारण प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के जीएम ऑपरेशन रहे सेवानिवृत्त अधिकारी डॉ. ओपी तिवारी का कहना है कि कैंसर का उपचार एक तो महंगा है। दूसरा यह कि इसका उपचार दो से तीन वर्ष और कुछ का तो इससे भी अधिक समय तक चलता है। यही कारण है कि अधिकतर रोगी आयुष्मान भारत योजना से ही उपचार कराते हैं। वह कहते हैं कि यह बात भी सही है सरकारी अस्पतालों की तुलना में योजना के अंतर्गत अनुबंधित निजी अस्पतालों और निजी मेडिकल कॉलेजों में इसके उपचार की अच्छी सुविधाएं हैं। प्रोसीजर के मामले में रेडिएशन ओंकोलॉजी और कीमोथेरेपी का लाभ लेने वाले रोगियों की संख्या भी अन्य प्रोसीजर की तुलना अधिक है।

आयुष्मान भारत योजना में 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों का प्रदेश में पंजीयन प्रारंभ, मिलेगा विशेष लाभ

भोपाल आयुष्मान भारत योजना में 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को विशेष लाभ देने की घोषणा के बाद प्रदेश में उनका पंजीयन प्रारंभ कर दिया गया है। आयुष्मान भारत मध्य प्रदेश के पोर्टल के अतिरिक्त अस्पतालों के आयुष्मान केंद्रो में अपना पंजीयन करा सकते हैं। जो बुजुर्ग पहले से योजना में शामिल हैं, उनका भी अलग से पंजीयन कराया जाएगा, ताकि वर्ष में अतिरिक्त पांच लाख रुपये के उपचार की सुविधा का उन्हें लाभ मिल सके। निर्धारित शर्तों के अनुसार मिलेगा लाभ आयुष्मान भारत योजना मध्य प्रदेश के सीईओ डा. योगेश भास्कट ने बताया कि कितने हितग्राहियों ने पंजीयन कराया है इसकी जानकारी अभी एकत्र नहीं की गई है। केंद्र सरकार से योजना के अंतर्गत लाभ देने की तारीख निर्धारित होने के बाद संख्या सामने आएगी। इसके साथ ही प्रदेश के लोगों को भी केंद्र द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुसार लाभ मिलने लगेगा। अब इसमें आयकर की परिधि में आने वाले 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग भी शामिल हो सकेंगे। साथ ही पहले से सम्मिलित इस उम्र के बुजुर्गों को वर्ष में पांच लाख रुपये तक के अतिरिक्त उपचार की सुविधा रहेगी। वृद्धावस्था के हिसाब से बीमारियों के नए पैकेज भी जोड़े जाएंगे।

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