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PNB सहित इन बैंकों ने घटाई लोन दरें, अब होम लोन और वाहन लोन होंगे सस्ते

मुंबई 6 जून को भारतीय रिजर्व बैंक ने एक बड़ा फैसला लेते हुए रेपो रेट को 50 बेसिस पॉइंट कम कर दिया, जिसके बाद रेपो रेट घटकर अब 5.50 फीसदी पर आ चुका है. वहीं RBI के इस फैसले के बाद बैंकों ने भी लोन पर ब्‍याज करना शुरू कर दिया है. PNB और बैंक ऑफ इंडिया समेत कुछ बैंकों ने अपने ब्‍याज दर को कम कर दिया है. ऐसे में लोन लेने वालों को बड़ी राहत मिलेगी और जिनका लोन पहले से चल रहा है, उनकी भी ईएमआई कम हो जाएगी. कल शेयर बाजार बंद होने के बाद पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ इंडिया ने दरों में कटौती का एलान किया था. इससे पहले रिजर्व बैंक के एलान के कुछ देर बाद ही करूर वैश्य बैंक ने भी कर्ज दरों को सस्ता करने का एलान किया था. अगर आपने इन बैंकों से होम लोन लिया है तो आपके बैंक की ईएमआई कम हो जाएगी. पंजाब नेशनल बैंक ने घटाया ब्‍याज पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने कहा कि रिजर्व बैंक के द्वारा रेपो दरों में कटौती के बाद बैंक ने रेपो लिंक्ड लैंडिग रेट्स में कटौती की है और दरों को 8.85 फीसदी से घटाकर 8.35 फीसदी कर दिया है. बैंक के मुताबिक MCLR और बेस रेट्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है. नई दरें 9 जून से लागू होंगी. शुक्रवार के कारोबार में स्टॉक एक फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ 110.15 के स्तर पर बंद हुआ है. Bank Of India के तहत ब्‍याज वहीं बैंक ऑफ इंडिया ने शेयर बाजार को जानकारी दी है कि रेपो दरों में कटौती के साथ रेपो बेस्ड लैंडिंग रेट्स में 6 जून से बदलाव किए गए हैं. कटौती के बाद आरबीएलआर  8.85 फीसदी से घटकर 8.35 फीसदी कर दी गई है. शुक्रवार को स्टॉक में हल्की बढ़त देखने को मिली और स्टॉक 124.3 के स्तर पर बंद हुआ. करूर वैश्‍य बैंक ने भी घटाया ब्‍याज इससे पहले करूर वैश्‍य बैंक ने शुक्रवार को एमसीएलआर यानी मर्जिनल कॉस्‍ट ऑफ फंड बेस्‍ड लैंडिंग रेट्स में कटौती का ऐलान किया है. बैंक की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, 6 महीने की MCLR और 12 महीने की MCLR में कटौती की गई है. जानकारी के मुताबिक, 6 महीने की MCLR को 9.9 फीसदी से घटाकर 9.8 फीसदी कर दिया गया है. जबकि 1 साल के एमसीएलआर को 10 फीसदी से घटाकर 9.8 फीसदी किया गया है. इंडियन बैंक ने भी घटाया ब्‍याज इंडियन बैंक ने बताया कि मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी के द्वारा पॉलिसी रेपो रेट में आधा फीसदी की कटौती को देखते हुए बैंक ने रेपो बेंचमार्क रेट्स में संशोधन किया है. रेपो लिंक्ड बेंचमार्क लैंडिंग रेट्स 8.7 फीसदी से घटकर 8.2 फीसदी किए गए हैं. नई दरें 9 जून 2025 से लागू होंगी. अब घर और वाहन लोन होंगे सस्ते पीएनबी ने बताया कि इस कटौती के बाद होम लोन की ब्याज दरें 7.45% प्रति वर्ष से शुरू होंगी। वाहन लोन की दरें 7.8% प्रति वर्ष से शुरू होंगी। यह कदम ग्राहकों की ईएमआई को और सस्ता बना देगा। आरबीआई का बड़ा कदम: 50 बेसिस पॉइंट की कटौती इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट को 6.00% से घटाकर 5.50% कर दिया। साथ ही, कैश रिजर्व रेश्यो (CRR) में भी 100 बेसिस पॉइंट की कटौती करते हुए इसे 3% कर दिया गया, जिससे बैंकों के पास ₹2.5 लाख करोड़ अतिरिक्त कैश उपलब्ध हो गई। मौद्रिक नीति समिति का फैसला गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली छह-सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने 5-1 के बहुमत से यह निर्णय लिया। समिति में तीन बाहरी सदस्य भी शामिल थे। अब तक 2025 में 100 बीपीएस की कटौती 2025 में आरबीआई अब तक कुल 100 आधार अंक की ब्याज दर कटौती कर चुका है।     फरवरी में 25 बीपीएस     अप्रैल में 25 बीपीएस     जून में 50 बीपीएस     यह मई 2020 के बाद पहली बार इतनी निरंतर कटौती हुई है। ‘तटस्थ’ बना मौद्रिक नीति रुख आरबीआई ने अपनी मौद्रिक नीति का रुख ‘अनुकूल’ (accommodative) से बदलकर ‘तटस्थ’ (neutral) कर दिया है। इसका मतलब है कि आगे चलकर ब्याज दरें बढ़ भी सकती हैं या और घट भी सकती हैं, यह सब आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगा। सीमित है आगे की कटौती की गुंजाइश गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिया कि आगे दरों में कटौती की गुंजाइश सीमित हो सकती है, क्योंकि अर्थव्यवस्था को सहारा देने के साथ-साथ महंगाई पर भी नियंत्रण जरूरी है। जल्द अन्य बैंक भी कर सकते हैं ऐलान पीएनबी की तरह अन्य सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के बैंक भी जल्द ही लोन दरों में कटौती की घोषणा कर सकते हैं, जिससे व्यापक स्तर पर उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।  

मई में 11 दिन बैंकों में रहेगा अवकाश, देख लीजिए पूरी लिस्ट

नई दिल्ली आज  गुरुवार को बैंक बंद रहने वाले हैं। 1 मई 2025 को बैंक देश के ज्यादतर राज्यों में बंद रहेंगे। यानी ग्राहक गुरुवार को बैंक जाकर अपना काम नहीं निपटा सकते।  यहां जानें RBI ने कल गुरुवार 1 मई 2025 की छुट्टी क्यों दी है और किन राज्यों में बैंक बंद रहने वाले हैं। 1 मई को क्यों बंद रहेंगे बैंक? गुरुवार 1 मई को बैंक महाराष्ट्र, कर्नाटक, बिहार, कोलकाता, गोवा, आंधप्रदेश जैसे तमाम राज्यों में बंद रहेंगे। महाराष्ट्र में बैंक महाराष्ट दिवस के कारण बैंक बंद हैं। वहीं, बाकि सभी राज्यों में बैंक लेबर डे के कारण नहीं खुलेंगे। यहां बैंक लेबर डे के कारण बंद हैं। 1 मई को बंद रहेंगे बैंक 1 मई (गुरुवार) – मजदूर दिवस / महाराष्ट्र दिवस: बेलापुर, बेंगलुरु, चेन्नई, गुवाहाटी, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, इंफाल, कोच्चि, कोलकाता, मुंबई, नागपुर, पणजी, पटना और तिरुवनंतपुरम में बैंक बंद रहेंगे। मई में छुट्टियों की पूरी लिस्ट 4 मई (रविवार) – रविवार 9 मई (शुक्रवार) – रवींद्रनाथ टैगोर जयंती: कोलकाता में बैंक बंद रहेंगे। 10 मई (शनिवार) – मई महीने का दूसरा शनिवार 11 मई (रविवार) – रविवार 12 मई (सोमवार) – बुद्ध पूर्णिमा: अगरतला, आइज़ोल, बेलापुर, भोपाल, देहरादून, ईटानगर, जम्मू, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, रायपुर, रांची, शिमला और श्रीनगर में बैंक बंद रहेंगे। 16 मई (शुक्रवार) – राज्य दिवस: गंगटोक में बैंक अवकाश रहेगा। 18 मई (रविवार) – रविवार 24 मई (शनिवार) – चौथा शनिवार 25 मई (रविवार) -रविवार 26 मई (सोमवार) – काजी नजरुल इस्लाम की जयंती: अगरतला में बैंक बंद रहेंगे। 29 मई (गुरुवार) – महाराणा प्रताप जयंती: शिमला में बैंक बंद रहेंगे। क्या ऑनलाइन बैंकिंग सर्विस मिलेंगी? हालांकि बैंक शाखाएं इन छुट्टियों पर बंद रहेंगी, लेकिन ग्राहकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे UPI, IMPS, नेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप्स सामान्य रूप से काम करते रहेंगे। ग्राहक फंड ट्रांसफर, बिल पेमेंट और अन्य ट्रांजेक्शन कर सकते हैं। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी बैंक शाखा से जुड़े काम समय से पहले निपटा लें, ताकि छुट्टियों के दौरान कोई असुविधा न हो। 46 दिन तक स्कूलों में छूट्टी मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों(School Holiday) में गर्मी की छु‌ट्टी की घोषणा कर दी है। इस बीच छात्रों को गर्मी से राहत मिलेगी और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन छुट्टियों की घोषणा हुई है। 1 मई से लेकर 15 जून तक स्टूडेंट्स को 46 दिन की छुट्टी मिलने वाली है। जबकि शिक्षकों को एक महीने की छुट्टी मिलेगी

चैक बाउंसः न्यायालय ने ब्याज सहित राशि जमा करने एवं तीन माह की कैद से किया दंडित

 रायसेन मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक, शाखा पाटनदेव जिला रायसेन द्वारा राजेश कुमार पुत्र मजबूत सिंह यादव निवासी- ग्राम घाट पिपलिया, पोस्ट डाबरा इमलिया, थाना रायसेन, तहसील व जिला रायसेन को कृषि कार्य हेतु किसान क्रेडिट कार्ड के लिये रूपये 2,25,000/- का ऋण दिया गया था। अनुबंध अनुसार अभियुक्त को प्राप्त ऋण ब्याज सहित बैंक को वापिस लौटाना था अभियुक्त ने उक्त ऋण की अदायगी हेतु दिनांक 15.07.2023 को राशि रू. 2,35,000/- का एक चैक मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक, शाखा पाटनदेव में जमा किया था, परन्तु जिस खाते का चैक अभियुक्त द्वारा ऋण खाते में जमा किया था उस खाते में भुगतान योग्य बैलेंस नहीं होने के कारण चैक की राशि का भुगतान ऋण खाते में जमा नहीं हो सका तथा निधि के अभाव में चैक डिसआॅनर हो गया। चैक अनादरण के पश्चात् परिवादी बैंक ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से दिनांक 01.08.2023 को अभियुक्त को रजिस्टर्ड एडी से सूचना पत्र प्रेषित किया था इसके पश्चात् भी अभियुक्त ने चैक राशि का कोई भुगतान नहीं किया। इसलिये परिवादी बैंक द्वारा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विदिशा म.प्र. में यह परिवाद धारा 138 परक्राम्य लिखित अधिनियम 1881 के तहत पेश किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रायसेन म.प्र. द्वारा धारा 138 एनआई एक्ट के अंतर्गत दिनांक 18/03/2025 को बैंक के पक्ष में निर्णय पारित कर अभियुक्त राजेश कुमार पुत्र श्री मजबूत सिंह यादव निवासी- ग्राम घाट पिपलिया, पोस्ट डाबरा इमलिया, थाना रायसेन, तहसील व जिला रायसेन को चैक की राशि रू.2,35,000/- पर 9 प्रतिशत ब्याज राशि 33,487 सहित कुल राशि रूपये 2,68,487/- (रू. दो लाख अड़सठ हजार चार सौ सत्यासी) का प्रतिकर अदा करने एवं तीन माह की कैद से दंडित किया गया है।

बैंकों में पड़े अनक्लेम्ड अमाउंट को हासिल करना और आसान हो जाएगा, बैंक जल्द ही एक आसान जनरल फॉर्मेट पेश करेंगे

नई दिल्ली  बैंकों में पड़े अनक्लेम्ड अमाउंट यानी लावारिस रकम को हासिल करना और आसान हो जाएगा. ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, इस संबंध में सरकारी और प्राइवेट बैंक जल्द ही एक आसान जनरल फॉर्मेट पेश करेंगे, जिससे खाताधारकों या उनके नामांकित व्यक्तियों को 78,213 करोड़ रुपये से अधिक की लावारिस जमा राशि वापस मिल सकेगी. इस मामले से वाकिफ लोगों ने इस बात की जानकारी दी है. इस सिस्टम में सामान्य आवेदन और डिक्लरेशन फॉर्म के अलावा लावारिस जमा राशियों को फिर से प्राप्त करने के लिए जरूरी स्टैंडर्ड डॉक्युमेंट्स की सूची भी शामिल होगी. वर्किंग ग्रुप ने तैयार किया मसौदा एक सरकारी बैंक के एक्जीक्यूटिव ने बताया कि आवेदन के साथ नाम, मोबाइल नंबर और पता जैसी डिटेल देनी होगी, जिन्हें वेरिफिकेशन के बाद संबंधित बैंक शाखा द्वारा प्रोसेस्ड किया जाएगा. एक अन्य बैंक अधिकारी ने कहा, “अनक्लेम्ड डिपॉजिट के मुद्दे पर विचार करने के लिए गठित वर्किंग ग्रुप की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया गया है. ऐसे में वित्त वर्ष 2026 से, ‘ऑनलाइन रिट्रीवल मैकेनिज्म’ पूरी तरह से चालू हो जाएगा.” दरअसल, पिछले साल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), सरकार और अन्य हितधारकों के साथ चर्चा के बाद, सरकारी बैंकों के वरिष्ठ बैंकरों का एक कार्य समूह बनाया गया था, जिसे बैंकों में लावारिस पड़ी रकम के सेटलमेंट में तेजी लाने के तरीकों की सिफारिश करने को कहा गया था. 78000 करोड़ की लावारिस रकम बैंक खातों में जमा वह राशि, जो 10 वर्ष या उससे अधिक अवधि से पड़ी है, उसे RBI के जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता (DEA) कोष में ट्रांसफर कर दिया जाता है. मार्च 2024 तक इस फंड में ₹78,213 करोड़ जमा थे, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 26% की वृद्धि दर्शाता है. इस रकम को खाताधारक या उनकी मृत्यु होने की दशा में संबंधित उत्तराधिकारी एक नियम के तहत प्राप्त कर सकते हैं. बैंकों में अनक्लेम्ड अमाउंट के मामले ज्यादातर नॉमिनी के रजिस्टर्ड नहीं होने से देखने को मिलते हैं.  

पब्लिक सेक्टर बैंकों का जोरदार प्रदर्शन, 9 महीनों में 1.29 लाख करोड़ रुपए का कमाया लाभ

नई दिल्ली वित्त वर्ष 2024-25 के पहले नौ महीनों (अप्रैल-दिसंबर) में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) की ओर से 1.29 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सबसे अधिक शुद्ध लाभ दर्ज किया गया, जो सालाना आधार पर 31.3% की बढ़ोतरी दर्शाता है। वित्‍त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पीएसबी ने अब तक का उच्चतम कुल शुद्ध लाभ, बेहतर एसेट क्वालिटी, व्यापार में मजबूत बढ़ोतरी और पर्याप्त पूंजी बफर हासिल किया है। वहीं, नीति और प्रक्रिया सुधारों की वजह से क्रेडिट अनुशासन, तनावग्रस्त एसेट की पहचान और समाधान, जिम्मेदार लेंडिंग, बेहतर प्रशासन, वित्तीय समावेशन पहल, प्रौद्योगिकी अपनाने आदि के लिए प्रणालियां और प्रक्रियाएं बेहतर हुई हैं। 242.27 लाख करोड़ रुपये रहा कुल कारोबार मंत्रालय ने कहा कि 0.59 प्रतिशत के काफी कम शुद्ध एनपीए रेश्यो से भी बेहतर एसेट क्वालिटी का पता चलता है। सरकारी बैंकों ने 9.8 प्रतिशत की बेहतर कुल जमा वृद्धि के साथ सालाना 11 फीसदी की कुल व्यावसायिक वृद्धि दर्ज की है। समीक्षाधीन अवधि में सरकारी बैंकों का कुल कारोबार 242.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इन बैंकों ने 12.4 प्रतिशत की मजबूत ऋण वृद्धि भी दर्ज की। इसमें खुदरा ऋण वृद्धि 16.6 प्रतिशत, कृषि ऋण वृद्धि 12.9 प्रतिशत और एमएसएमई ऋण वृद्धि 12.5 प्रतिशत रही। बेहतर स्थिति में हैं सरकारी बैंक बयान के अनुसार, 14.83 प्रतिशत के जोखिम भारित परिसंपत्तियों के अनुपात के साथ पर्याप्त पूंजी बफर का निर्माण 11.5 प्रतिशत की न्यूनतम आवश्यकता से काफी अधिक था। मंत्रालय ने कहा, ”सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पर्याप्त पूंजीकृत हैं और अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों की ऋण मांगों को पूरा करने के लिए अच्छी स्थिति में हैं, जिसमें कृषि, एमएसएमई और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर विशेष जोर दिया गया है।” वित्त मंत्रालय ने कहा कि नीति और प्रक्रिया संबंधी सुधारों के चलते ऋण अनुशासन, संकटग्रस्त परिसंपत्तियों की पहचान और समाधान, बेहतर संचालन व्यवस्था, वित्तीय समावेश पहल और प्रौद्योगिकी अपनाने के लिए बेहतर प्रणाली को बढ़ावा मिला है। आपको बता दें, मौजूदा वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तीन तिमाहियों के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रदर्शन ने प्रमुख वित्तीय मापदंडों में महत्वपूर्ण सुधार दिखाया है। 31दिसंबर 2024 तक के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं –     वित्तीय वर्ष के पहले नौ महीनों में 31.3% (वर्ष-दर-वर्ष) की रिकॉर्ड शुद्ध लाभ वृद्धि, 1,29,426 करोड़ रुपये का उच्चतम कुल शुद्ध लाभ और 2,20,243 करोड़ रुपये का कुल परिचालन लाभ प्राप्त हुआ।     0.59% के बेहद कम नेट एनपीए अनुपात (कुल शुद्ध बकाया एनपीए 61,252 करोड़ रुपये) के साथ एसेट क्वालिटी बेहतर दिखाई दे रही है।     सकल व्यावसायिक वृद्धि 11.0% (वर्ष-दर-वर्ष) के साथ समग्र जमा वृद्धि 9.8% (वर्ष-दर-वर्ष) रही। पीएसबी का कुल कारोबार 242.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।     16.6% की रिटेल क्रेडिट ग्रोथ, 12.9% की कृषि क्रेडिट ग्रोथ और 12.5% ​​की एमएसएमई क्रेडिट ग्रोथ के चलते 12.4% की मजबूत क्रेडिट ग्रोथ हुई ।     14.83% के रिस्क वेटेड एसेट अनुपात वाली कुल पूंजी के साथ पर्याप्त पूंजी बफर्स का निर्माण हुआ, जो 11.5% की न्यूनतम आवश्यकता से काफी ऊपर है। मंत्रालय ने बताया कि पीएसबी पर्याप्त रूप से पूंजीकृत हैं और कृषि, एमएसएमई और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर विशेष जोर देने के साथ अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों की क्रेडिट की मांगों को पूरा करने के लिए तैयार हैं।  

MP में ग्राहकों के लिए बैंकों के लेनदेन का समय सुबह 10 से शाम 4:00 बजे तक रहेगा

रतलाम  मध्य प्रदेश में नए साल के पहले दिन से ही बैंकों के समय में परिवर्तन हो जाएगा. इसे लेकर अब मध्य प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा प्रचार प्रसार किया जा रहा है. अब ग्राहकों के लिए बैंकों के लेनदेन का समय सुबह 10 से शाम 4:00 बजे तक रहेगा. रतलाम कलेक्टर राजेश बाथम ने बताया कि राज्य स्तरीय बैंकिंग समन्वय समिति की बैठक के निर्णय अनुसार बैंकों का समय बदलने वाला है. इस संबंध में रतलाम की जिला स्तरीय बैंकिंग सलाहकार समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई जिसमें परिवर्तित समय लागू करने का निर्णय लिया गया है यह समय 1 जनवरी 2025 से लागू हो जाएगा. जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक एम एल मीणा ने बताया कि अब रतलाम जिले में समस्त बैंक शाखाओ में ग्राहक लेन-देन समय- प्रातः 10:00 से शाम 4:00 बजे तक और बैंको का कार्यालय कार्य समय प्रातः 10 बजे से शाम 5:00 बजे तक रहेगा. जिले की कृषि उपज मंडी अरनियापीठा स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया बैंक शाखा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया बैंक शाखा और कृषि उपज मंडी रतलाम स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा का ग्राहक समय दोपहर 12 से शाम 6 बजे तक एवं बैक कार्यालय समय दोपहर 12 से शाम 7बजे तक रहेगा. इसी तरह रतलाम रेलवे कॉलोनी की सेन्ट्रल बैक ऑफ इडिया शाखा का ग्राहक समय प्रातः 11 से शाम 5 बजे बैंक का व कार्यालय समय प्रातः11 से शाम 6 बजे तक रहेगा. देवास, इंदौर, उज्जैन में भी बदलेगा समय देवास कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि नए नियम को 1 जनवरी से लागू किया जा रहा है. इस संबंध में प्रचार प्रसार भी किया जा रहा है. इसी प्रकार उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने भी बताया कि बैंकों का समय 1 जनवरी 2025 से बदलने वाला है. सुबह 10:00 से 4:00 बजे तक ग्राहकों का लेनदेन होगा.

गरीबों को आजीविका के साधन उपलब्ध कराने स्व-सहायता समूहों को आर्थिक सहायता, 81 करोड़ रूपये का वितरण

भोपाल प्रदेश में शहरी क्षेत्रों के गरीबों को आजीविका के साधन उपलब्ध कराने के लिये नगरीय निकाय बैंकों के साथ मिलकर स्व-सहायता समूहों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। अब तक प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में 9318 स्व-सहायता समूहों का गठन कर 9000 से अधिक शहरी गरीब परिवारों को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा गया है। इसके साथ ही स्व-सहायता समूह को आर्थिक रूप से मजबूती देने के लिये 642 एरिया लेवल फेडरेशन का गठन और 34 सिटी लेवल फेडरेशन का गठन किया गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 6720 स्व-सहायता समूहों को आवर्ती निधि राशि के रूप में करीब 6 करोड़ 75 लाख रूपये की राशि प्रदाय की है। स्वरोजगार कार्यक्रम अंतर्गत पूर्व से स्वीकृत व्यक्तिगण ऋण में 5723 हितग्राहियों को लगभग 77 करोड़ रूपये और समूहगत ऋण के रूप में 396 स्व-सहायता समूहों को 11 करोड़ रूपये मंजूर किये हैं। प्रदेश में शहरी क्षेत्र के 3581 स्व-सहायता समूहों का बैंक लिंकेज कर 21 करोड़ 50 लाख रूपये का ऋण बैंकों के माध्यम से वितरित किया गया है। स्व-सहायता समूह योजनाओं में भी कर रहे मदद शहरी स्व-सहायता समूहों को नगरीय विकास विभाग और अन्य केन्द्रीय योजनाएं जिनमें अमृत 2.0 में अमृत मित्र के रूप में जोड़ा गया है। स्व-सहायता समूह के सदस्य जल गुणवत्ता परीक्षण कार्य, स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और सेनीटेशन जैसी गतिविधियों में भी मदद कर रहे हैं। अमृत 2.0 योजना में अमृत मित्र कार्यक्रम के अंतर्गत 10 नगरीय निकाय जबलपुर, भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, छतरपुर, ग्वायिर, रीवा, छिंदवाड़ा, धार और देवास में 20 स्व-सहायता समूहों को 56 लाख रूपये के कार्यादेश दिये गये हैं। दूसरे चरण में प्रदेश के 45 निकायों का चयन किया जा चुका है। इन महिला स्व-सहायता समूहों को जल गुणवत्ता परीक्षण और सार्वजनिक पार्क संचालन और संधारण की जिम्मेदारी का कार्य सौंपा गया है। स्वच्छ भारत मिशन में 166 स्वसहायता समूह सेनिटेशन और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट कार्य से जुड़े हुए हैं। उद्यानिकी विभाग की योजना से भी जुड़े स्व-सहायता समूह प्रदेश में शहरी स्व-सहायता समूहों को केन्द्र सरकार की उद्यानिकी विभाग की योजना प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना (पीएमएफएएमई) से भी जोड़ा गया है। योजना में सीड केपिटल घटक में 126 स्व-सहायता समूह के 708 सदस्यों को एरिया लेवल फेडरेशन के माध्यम से 3 करोड़ रूपये खाद्य प्र-संस्करण संबंधी गतिविधियों के लिये दिये जा चुके हैं। नगरीय निकायों ने इसी योजना में दूसरे चरण में 103 स्व-सहायता समूहों के 600 सदस्यों को फेडरेशन के माध्यम से उद्यानिकी गतिविधियों के लिये करीब 2 करोड़ रूपये राशि के प्रस्ताव स्वीकृती के लिये भेजे हैं। शहरी क्षेत्रों में स्व-सहायता समूहों को खाद्य प्र-संस्करण से संबंधित गतिविधियों का लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही इन समूहों में शहरी क्षेत्र की महिलाओं को अधिक से अधिक जोड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं।  

MP में सभी राष्ट्रीय बैंक का बदल जाएगा समय, अब सुबह 10 से शाम 4 बजे तक खुलेंगे

भोपाल प्रदेश के राष्ट्रीयकृत बैंकों में अब एक जैसा ग्राहक सेवा समय तय किया जाएगा, जिससे ग्राहकों को सहूलियत मिलेगी। इस बदलाव से बैंक खुलने और बंद होने का समय तय हो जाएगा, जिससे बैंकिंग सेवाओं में और आसानी होगी। समान समय से ग्राहक और बैंकों को मिलेगी सुविधा प्रदेश के सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों का सेवा समय अब सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। कुछ बैंकों को अपवाद के तौर पर समय में थोड़ी छूट दी जा सकती है, लेकिन अधिकांश बैंकों में यह समय 1 जनवरी से लागू हो जाएगा। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया था, जिसे मुख्य सचिव अनुराग जैन के समक्ष रखा गया। बैठक की अध्यक्षता एसएलबीसी के संयोजक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने की। मुख्य सचिव के निर्देश पर जिलों में कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सलाहकार समितियां बैंकों से संपर्क कर रही हैं। समय का असमानता से ग्राहकों को होती थी परेशानी अब तक बैंकों का समय अलग-अलग होता था। कुछ बैंक सुबह 10 बजे, कुछ 10:30 बजे और कुछ 11 बजे तक खुलते थे। इससे ग्राहकों को कई बार असुविधा होती थी, खासकर जब एक ही दिन में दो बैंकों के बीच काम करना होता था। अब एक समान समय होने से ग्राहकों को यह आसानी से पता रहेगा कि बैंक कब खुलेगा और कब बंद होगा। बैंकों के बीच कार्यों में भी होगी आसानी बैंकों का समय एक जैसा होने से बैंकिंग कामकाज में भी सहूलियत होगी। एक ही दिन में अलग-अलग समय में काम करने से बचा जा सकेगा। इससे बैंकों का आपस में काम भी सुचारू रूप से चल सकेगा और ग्राहकों को बिना परेशानी के बैंकिंग सेवाएं मिल सकेंगी।

सभी बैंकर्स तैयार हुए तो एक जनवरी से राज्य सरकार ने बैंकों से एक जैसा समय करने को कहा

भोपाल  यदि सब-कुछ ठीक-ठाक रहा और सभी बैंकर्स तैयार हुए तो एक जनवरी 2025 से सभी बैंकों के कारोबार का समय सुबह 10 से शाम 4 बजे हो जाएगा। राज्य सरकार ने भी बैंकों से एक जैसा समय करने को कहा है।  दरअसल, स्टेट लेवल बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की बैठक में बीते माह यह बात सामने आई थी कि सभी बैंकों का समय समान होना चाहिए। इसे लेकर सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के उप महाप्रबंधक की तरफ से पत्र जारी किया है। सर्वसम्मति के बाद एलडीएम जिले के कलेक्टर के सामने पक्ष रखेंगे। बैंक कर्मचारी संगठन भी सहमत केनरा बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के ज्वाइंट जनरल सेकेट्री केके त्रिपाठी कहते हैं कि यूनिफार्मेटी होना चाहिए। यह ग्राहक और बैंक दोनों के लिए अच्छा है। यूनियन बैंक एलाइज एसोसिशन के महासचिव देवेन्द्र खरे का कहना है कि सभी बैंकों का समय समान होना चाहिए। उनका कहना है कि बीच में शहरी और ऑफिस के हिसाब से बैंकों का समय अलग- अलग निर्धारित किया था। उससे ग्राहकों को भी परेशानी हुई। चूंकि सभी बैंक टेक्नोलॉजी आधारित है। अभी ये है स्थिति बैंकों के खुलने का समय अभी कहीं 10 बजे तो कहीं 10.30 बजे तो कुछ तो 11 बजे से खुलते हैं। जानकारों का कहना है कि कई ब्रांचों में तो स्टॉफ की कमी के चलते ग्राहकों को काफी समय तक बैंक में रहना पड़ता है। बैंकों से मांगी जा रही रिपोर्ट जिले के बैंकों से रिपोर्ट मांगी जा रही है। बातचीत भी की जा रही है। सभी बैंकों की रिपोर्ट आने के बाद इसे कमेटी में रखा जाएगा। इस पर कलेक्टर निर्णय लेते हैं। -आलोक चक्रवर्ती, एलडीएम, भोपाल

बेखौफ बदमाश ने शामली में दिनदहाड़े बैंक मैनेजर से 40 लाख की लूट, होम लोन नहीं चुका पा रहा था, मैनेजर ने दे दिए 40 लाख

शामली  उत्तर प्रदेश के शामली शहर में एक्सिस बैंक में दिन के समय सबकुछ सामान्य चल रहा था। बैंक के रोजाना कामकाज के बीच नकाब लगाए हुए एक शख्स बैंक मैनेजर के चैम्बर में चला गया और उसने खुद के ऊपर होम लोन होने की बात कही। इतने में तमंचा निकालते हुए उसने मैनेजर पर तान दिया और बोला- आज या तो मैं मर जाऊंगा या फिर तुम्हें मार दूंगा। घबराए मैनेजर ने कैशियर को 40 लाख रुपये निकालकर लाने का आदेश दिया। बैग में पैसे लेकर वह कैशियर को गन पॉइंट पर लिए हुए फरार हो गया। पुलिस अब मामले की तलाश में जुटी है। उत्तर प्रदेश के शामली जनपद में दिनदहाड़े बेखौफ एक बदमाश ने बैंक लूट की घटना को अंजाम दिया है। अज्ञात बदमाश ने बैंक मैनेजर को गन पॉइंट पर लेकर लूट की है और बैंक से 40 लाख रुपए की लूट कर आराम से मौके से फरार हो गया है। घटना बैंक में लगे सीसीटीवी में कैद हो गयी। पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है। तस्वीरों में आप देख भी सकते हैं कि किस तरह से बदमाश बैंक मैनेजर के चैम्बर में बैठा हुआ और वहीं पर मैनेजर को गन पॉइंट पर लेकर 40 लाख रुपए की लूट की घटना को अंजाम दिया और बैंक मैनेजर और बैंक स्टॉफ के हाथ ऊपर कराकर बैंक से फरार हो गए। बैंक में सुरक्षा गार्ड भी मौजूद था। सुरक्षा गार्ड के मुताबिक बैंक मैनेजर ने बदमाश पर गोली चलाने से मना कर दिया था। यह पूरी घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के एक्सिस बैंक की है। घटना से पुलिस विभाग मे हड़कंप मच गया और आनन-फानन में एसपी राम सेवक गौतम कई थानों की पुलिस के साथ मौक़े पर पहुंचे और इस पूरे घटनाक्रम की जाँच पड़ताल की। एसपी रामसेवक गौतम की तरफ से पूछताछ के दौरान बैंक मैनेजर नमन जैन ने बताया कि एक नकाबपोश बदमाश बैंक मे घुसा और वो सीधा मेरे केबिन में आ गया और मुझे उसने बताया कि उसके ऊपर 38 लाख रुपए का होम लोन है, जिसको वह चुका पाने में असमर्थ है। इसके बाद आरोपी ने तमंचा निकाल लिया और कहने लगा या तो आज मैं मर जाऊंगा या फिर तुम्हें मार दूंगा। मैनेजर को गन पॉइंट पर लेकर बदमाश ने 40 लाख रुपए की डिमांड की, जिसके बाद मैनेजर ने कैशियर को 40 लाख रुपए लेकर अपने केबिन में आने के लिए कहा। जैसे ही कैशियर मैनेजर के कैबिन में 40 लाख रुपए लेकर पहुंचा तो अज्ञात बदमाश ने पैसे एक बैग में रख लिए और मैनेजर और कैशियर को गन पॉइंट पर लेकर बैंक से फ़िल्मी स्टाइल में बाहर निकला और रफूचक्कर हो गया।

भारतीय बैंकों के मुनाफे में पिछले 10 वर्षों में 4 गुना का इजाफा हुआ

 नई दिल्ली भारतीय बैंकों के मुनाफे में पिछले 10 वर्षों में 4 गुना का इजाफा हुआ है। इसके साथ ही खराब लोन की संख्या में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। ये जानकारी इन्वेस्टमेंट ग्रुप सीएलएसए की रिपोर्ट में दी गई है।रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले एक दशक में भारतीय बैंक की बैलेंस शीट काफी मजबूत हुई है और मुनाफा चार गुना तक बढ़ गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि नॉन-परफॉर्मिंग लोन (नेट एनपीएल), जो पहले भारतीय बैंकिंग सेक्टर पर एक बड़ा बोझ था, यह बीते एक दशक में काफी नीचे चला गया है। इससे एसेट्स क्वालिटी में काफी सुधार हुआ है और बैंकों की कैपिटल पॉजिशन भी काफी अच्छी हो गई है। डिपॉजिट वृद्धि दर लोन वृद्धि दर जितनी ही होनी चाहिए। यह वित्त वर्ष 2012-22 के दौरान पिछले दो वर्षों में यह औसतन 10 प्रतिशत से बढ़कर 15 प्रतिशत हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया कि बीते पांच वर्षों में सरकारी बैंकों ने निजी बैंकों की अपेक्षा काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि, पिछले एक दशक में चालू खाते के मामलों में निजी बैंकों ने सरकारी बैंकों को पछाड़ दिया है और गैर-जमा उधार में भी कमी आई है। सीएलएसए रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पिछले दो वर्षों में सभी सब-सेगमेंट और संभवतः कॉरपोरेट बॉन्ड प्रतिस्थापन से कुछ बदलावों के कारण सेक्टर में लोन वृद्धि दर अपने दशकीय औसत 10 प्रतिशत से बढ़कर 15 प्रतिशत हो गई है। लंबे समय से लोन वृद्धि दर और डिपॉजिट वृद्धि दर में तालमेल बना रहा है। पिछले 5 से 7 वर्षों में कॉरपोरेट क्रेडिट की क्वालिटी में सुधार हुआ है। बैंकिंग सेक्टर को ₹3 लाख करोड़ का मुनाफा वित्त वर्ष 2023-24 में देश के बैंकिंग क्षेत्र ने ₹3 लाख करोड़ से अधिक का मुनाफा कमाया है। इस दौरान निजी और सरकारी, दोनों ही बैंकों का मुनाफा बढ़ा है। वित्त वर्ष 2023 में देश के बैंकिंग क्षेत्र के मुनाफे 39% की वृद्धि देखी गई है। पीएम मोदी ने बैंकिंग क्षेत्र की इस उपलब्धि को सराहा है।  एक रिपोर्ट के अनुसार, देश के सरकारी क्षेत्र के बैंक ने वित्त वर्ष 2023-24 में ₹1.4 लाख करोड़ का मुनाफा कमा चुके है। यह वित्त वर्ष 2022-23 से 34% अधिक है। इन बैंकों ने 2022-23 के दौरान ₹1.04 लाख करोड़ का मुनाफ़ा कमाया था। ऐसा दूसरी बार हो रहा है, जब सभी सरकारी बैंक का मुनाफा ₹1 लाख करोड़ के पार गया हो। सरकारी बैकों के अलावा निजी क्षेत्र के बैंकों को भी खूब मुनाफा हुआ है। रिपोर्ट बताती है कि 2023-24 में देश के निजी बैंकों को ₹1.7 लाख करोड़ का मुनाफा हुआ। इनके मुनाफे में सरकारी बैंकों से अधिक वृद्धि हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इनका मुनाफा ₹1.2 लाख करोड़ था। मुनाफे की इन खबरों के बीच सबसे बड़ी उपलब्धि सरकारी बैकों के हिस्से में ही है। सरकारी बैंकों ने भारी घाटे से ₹1 लाख करोड़ से अधिक के मुनाफे का सफ़र तय किया है। पिछले समय से तुलना की जाए तो सरकारी बैंक लगातार घाटे में जा रहे थे और उन्हें अपना कामकाज चलाने के लिए हर साल केंद्र सकरार मदद करती थी। अब यह मामला पूरी तरह बदल चुका है। सरकारी बैकों ने वित्त वर्ष 2017-18 में ₹85,000 करोड़ से अधिक का घाटा झेला था। इसके बाद शुरू हुई प्रक्रिया के कारण बैकों को अब मुनाफा होने लगा है। मोदी सरकार में बैंकों के बुरे कर्जों को निपटाने, नए कर्जे सोच समझ कर देने और बैंकों के एकीकरण के कारण यह मुनाफा हुआ है। दूसरी तरफ निजी क्षेत्र के बैंक भी आगे बढ़ रहे हैं। देश में बढती आर्थिक गतिविधि और लगातार बढ़ते उद्योग धन्धों के कारण निजी क्षेत्र के बैंकों का कारोबार बढ़ रहा है। ऐसे में उनके कर्ज पोर्टफोलियो भी बढ़ रहे हैं, बिना सरकारी दबाव के कारण वह अब कर्जदारों की जाँच करके लोन दे रहे हैं। इससे उनका भी लाभ बढ़ा है।

बैंक ऑफ इंडिया का मप्र-छग में कारोबार 85 हजार करोड रुपए के पार : राजीव मिश्रा

भोपाल बैंक ऑफ इंडिया का मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में कुल कारोबार बढ़कर 85 हजार करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। ग्राहकों तक पहुंचने के लिए बैंक में आउटरीच प्रोग्राम शुरू किया है। इन्हें सभी 500 शाखाओं में हर महीने चलाया जा रहा है। बैंक ने अपना नॉन परफार्मिंग एसेट्स (एनपीए) कम भरने के दो नेगोशिटवल सैटलमेंट स्कीम्स बीओआई संजीवनी और बीओआई ओडीएस चला रहा है। यह जानकारी बैंक के कार्यपालक निदेशक राजीव मिश्रा ने भोपाल प्रवास के दौरान दी। इस अवसर पर बैंक के जीएम (एफजीएमओ) प्रमोद कुमार द्विवेदी और जोनल मैनेजर गुरुप्रसाद गौड भी मौजूद रहे। अपनी भोपाल यात्रा के दौरान ईडी श्री मिश्रा ने बैंक के कारोबार की समीक्षा करने के साथ ही कई कार्यक्रमों में भाग लिया। मिश्रा ने बताया कि बैंक के पास ऐसे बचत खाते वाले उत्पाद भी है जिसमें यदि किसी की मृत्यु हो जाती है तो बिना किसी प्रीमियम दिए खाताधारक के नामिनी को 50 लाख रुपए तक की राशि प्रदान की जाती है। उन्होंतने बताया कि अभी हाल ही में बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी खमरिया शाखा, जबलपुर अंचल के एक सैलरी खाता के नामिनी को 50 लाख रुपए की राशि बिना प्रीमियम के प्रदान की। मिश्रा ने बैंक ऑफ़ इंडिया के अरेरा हिल्स स्थित परिसर में पौधारोपण भी किया। इसी के साथ कार्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी जिला भोपाल को एक एम्बुलेंस की चाबी प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि बैंक के पास छोटे मूल्य के खातों और मध्यम आकार के खातों के निपटान के लिए विशेष ओटीएस योजनाएं हैं। इस अवसर पर बैंक के कुछ चयनित ग्राहकों को ऋण आवेदन भी आवंटित किए गए। समझौता दिवस का आयोजन इस अवसर पर बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई)ने देश भर में अपनी सभी शाखाओं, अंचल और एफ़जीएमओ में एकमुश्त समझौता (ओटीएस) के तहत उधारकर्ताओं के एनपीए ऋण खातों का निपटान करने के लिए समझौता दिवस का आयोजन किया। समझौता दिवस विशेष रूप से उन एनपीए उधारकर्ताओं के लिए आयोजित किया गया, जो उधारकर्ता व्यवसाय चिकित्सा स्थिति में परेशानी या किसी अन्य वास्तविक कारण के कारण समय पर ऋण नहीं चुका सके। बैंक के पास छोटे मूल्य के खातों और मध्यम आकार के खातों के निपटान के लिए विशेष ओटीएस योजनाएं हैं। ओटीएस समझौता के तहत बैठक में आमंत्रित एफ़जीएमओ के कई बड़े एनपीए उधारकर्ताओं से बात करके समाधान किया गया।   बैंक आईटी क्षेत्र में विकास की ओर अग्रसर बैंक ने स्टाफ प्रशिक्षण संस्थान में स्टाफ सदस्यों से पारस्परिक संवाद स्थापित करने हेतु एक सत्र का भी आयोजन किया। इस बैठक की शुरुवात एफ़जीएमओ भोपाल के महाप्रबंधक प्रमोद कुमार द्विवेदी ने अपने स्वागत उद्बोधन से किया, तत्पश्चात कार्यपालक निदेशक राजीव मिश्रा ने विभिन्न बैंकिंग व्यवसायिक मानदंडों पर समीक्षा की और भविष्य की चुनौतियों को रेखांकित किया एवं इसके अनुरूप रोडमैप एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यपालक निदेशक श्री मिश्रा ने सभी स्टाएफ सदस्योंी को बताया कि बैंक आईटी क्षेत्र मंा विकास की ओर अग्रसर है, इसके लिए बैंक निवेश की ओर कदम बढ़ा रही है। भोपाल आंचलिक प्रबन्धक गुरु प्रसाद गोंड द्वारा कार्यपालक निदेशक महोदय के इस आगमन को एफ़जीएमओ और अंचल के स्टाफ सदस्यों में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करना बताया। श्री गोंड ने अंचल एवं स्टाफ की ओर से बैंक के विभिन्न व्यवसायिक मानदंडों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आश्वाशन दिया और सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया।

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