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कोरिया :बर्ड फ्लू- पक्षियों, अंडों और पोल्ट्री आहार के विनिष्टिकरण के बाद सरकार के दिशा- निर्देशों के तहत पशुपालकों व किसानों को मिलेगा मुआवजा

कोरिया :बर्ड फ्लू- पक्षियों, अंडों और पोल्ट्री आहार के विनिष्टिकरण के बाद सरकार के दिशा- निर्देशों के तहत पशुपालकों व किसानों को मिलेगा मुआवजा बर्ड फ्लू इन्फेक्टेड जोन में पक्षियों का कलिंग, सर्विलेंस और सेनेटाइजेशन किया गे कोरिया बैकुंठपुर स्थित शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में बर्ड फ्लू (भ्5छ1) के मामले की पुष्टि के बाद, शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र बैकुंठपुर के एक किलोमीटर की परिधि को इन्फेक्टेड जोन और एक से 10 किमी की परिधि को सर्विलेंस जोन के रूप में तीन माह के लिए घोषित कर दिया गया है। संचालनालय पशु चिकित्सा सेवाएं छत्तीसगढ़ द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार भारत सरकार के एवियन इन्फ्लूएंजा एक्शन प्लान के तहत कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन और जिला पशु चिकित्सा सेवाओं के समन्वय से जिला कलेक्टर इस मुद्दे पर लगातार कार्यवाही कर रहे हैं और इस दिशा में लगातार नजर रखे हुए हैं। इन्फेक्टेड जोन में पक्षियों का कलिंग, सर्विलेंस, और सेनेटाइजेशन कार्य चल रहा है। साथ ही, प्रभावित क्षेत्र के पशुपालकों और किसानों के पक्षियों, अंडों और पोल्ट्री आहार के विनिष्टिकरण के बाद उन्हें भारत सरकार द्वारा निर्धारित मुआवजा राशि दी जाएगी। भारत सरकार ने एवियन इन्फ्लूएंजा के नियंत्रण के लिए पोल्ट्री पक्षियों को जबरन मारने, अंडों और पोल्ट्री फ़ीड को नष्ट करने के लिए मुआवजे की दर तय की हुई है। इन दरों के अनुसार, पोल्ट्री पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों और उनकी आयु के आधार पर मुआवजे की राशि निर्धारित की गई है। उदाहरण स्वरूप, 8 सप्ताह तक के लेयर चूजों को 40 रुपये का मुआवजा मिलेगा, जबकि 8 सप्ताह से अधिक उम्र के लेयर पक्षियों के लिए 140 रुपये मुआवजा निर्धारित किया गया है, वहीं 4 सप्ताह तक के बॉयलर को 35 रुपये का मुआवजा मिलेगा, जबकि 4 सप्ताह से अधिक उम्र के बॉयलर के लिए 120 रुपये दिया जाएगा। इसी तरह 8 सप्ताह तक के बेकयार्ड पोल्ट्री बर्ड्स को 35 रुपये का मुआवजा मिलेगा, जबकि 8 सप्ताह से अधिक उम्र के बेकयार्ड पोल्ट्री बर्ड्स के लिए 150 रुपये दर निर्धारित किया गया है। जबकि 8 सप्ताह तक के टर्की को 60 रुपये का मुआवजा मिलेगा, जबकि 8 सप्ताह से अधिक उम्र के टर्की के लिए 350 रुपये दर के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा। इसी तरह 5 सप्ताह तक के बटेर को 20 रुपये का मुआवजा मिलेगा, जबकि 5 सप्ताह से अधिक उम्र के बटेर के लिए 40 रुपये दर निर्धारित किया गया है। इससे पोल्ट्री किसानों को एवियन इन्फ्लूएंजा के प्रभावी नियंत्रण और उनके नुकसान की भरपाई करने में मदद करेगा और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगा।

छत्तीसगढ़ में बर्ड फ्लू की दस्तक, इस जिले में 35 हजार अंडे और मुर्गे-मुर्गियों को किया गया दफन

कोरिया/सरगुजा छत्तीसगढ़ के कोरिया जिला मुख्यालय स्थित शासकीय कुक्कुट पालन केंद्र में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। कुक्कुट पालन केंद्र में मुर्गे-मुर्गियों की मौत के बाद जांच कराई गई थी। रात शासकीय कुक्कुट पालन केंद्र के सभी चूजों, अंडों, मुर्गियों और बटेरों को नष्ट कर दिया गया है। इनमें लगभग 20 हजार अंडे तथा 15 हजार पक्षी शामिल हैं। सर्विलांस जोन घोषित एक किलोमीटर तक के क्षेत्र को प्रभावित क्षेत्र और 10 किलोमीटर के क्षेत्र को सर्विलांस जोन घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में मुर्गे-मुर्गियों व अंडों की बिक्री पर रोक लगाई गई है। कोरिया जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद पड़ोसी जिलों सूरजपुर व एमसीबी में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। बैकुंठपुर के शासकीय कुक्कुट पालन केंद्र में बर्ड फ्लू की पुष्टि भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज ने किया है। इसकी रिपोर्ट सोमवार को विभाग को मिली। एक किलोमीटर तक इंफेक्टेड जोन भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज से ये रिपोर्ट मिली है। इसके बाद कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने सोमवार को आपातकालीन बैठक बुलाई। उन्होंने आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही कलेक्टर ने एक किलोमीटर तक के क्षेत्र को इंफेक्टेड जोन घोषित किया है। वहीं 10 किलोमीटर के क्षेत्र को सर्विलांस जोन पर रखा गया है। इस क्षेत्र में मुर्गे-मुर्गियों और अंडों की बिक्री को बैन किया गया है। पोल्ट्री उत्पादों पर बैन इन्फेक्टेड जोन से पोल्ट्री उत्पादों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दी गई है। इसके अलावा, सर्विलेन्स जोन में पोल्ट्री और सह उत्पादों (मुर्गा, अंडा आदि) के बाजार और दुकाने बंद कर दी गई हैं। डोर-टू-डोर डिलीवरी भी रोक दी गई है। सर्विलेन्स जोन में पोल्ट्री उत्पादों के बाजार, दुकानों और डोर-टू-डोर डिलीवरी को भी बंद कर दिया गया है। कलेक्टर ने बताया कि 31 मार्च 2025 की स्थिति में 2,487 व्यस्क पेरेंट्स स्टॉक मुर्गे/ मुर्गियां, 2,448 पाले गए बटेर पक्षियों, 9,998 नग कुक्कुट चूजों, 19095 कुक्कुट अंडे, 200 बटेर अंडे और 7500 किलो कुक्कुट आहार को विनष्टीकरण किया गया है। कलेक्टर ने बताया कि प्रत्येक कर्मचारी नियमित रुप से ओसेल्टामिवीर टेबलेट वितरण किया जा रहा है। बर्ड फ्लू के दौरान खरीदी-बिक्री पर बैन लगा दिया है। नष्ट किए गए अंडे, चूजे और मुर्गियां प्रशासन ने रातभर अभियान चलाकर कुक्कुट पालन केंद्र में मौजूद अंडे, चूजे, मुर्गियां और बटेरों को नष्ट किया। पूरा अमला पीपीई किट पहनकर इस काम में जुटा रहा। सभी पक्षियों को केंद्र के भीतर ही खोदे गए गड्ढों में दफनाया गया। ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। पशु चिकित्सा सेवाओं की उप संचालक विभा सिंह बघेल के नेतृत्व में आगे की कार्रवाई की जा रही है। पक्षियों को नष्ट करने के बाद अब केंद्र को पूरी तरह से सैनिटाइज किया जा रहा है। मौके पर अपर कलेक्टर अरुण मरकाम, एसडीएम दीपिका नेताम, तहसीलदार अमृता सिंह और पशु चिकित्सा सेवाओं के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से बर्ड फ्लू को लेकर ऐहतियात     1 किलोमीटर तक का क्षेत्र इंफेक्टेड जोन और 10 किमी का क्षेत्र सर्विलांस क्षेत्र रहेगा।     इस क्षेत्र में आस पास के लोगों से अपील की गई है कि, अपनी मुर्गियां बाहर चरने न छोड़ें।     इस क्षेत्र में मुर्गे-मुर्गियों, अंडे, मांस और मुर्गीदाना बेचना बैन किया गया है।     पशु चिकित्सा विभाग ने 5 रैपिड रिस्पॉन्स टीम बनाई हैं।     स्वास्थ्य विभाग ने डोर टू डोर सर्वे के लिए 5 टीम गठित की है। सरगुजा और सूरजपुर में भी अलर्ट कोरिया के पहले रायगढ़ में बर्ड फ्लू का मामला सामने आया था। कोरिया में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद सरगुजा और सूरजपुर जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। बर्ड फ्लू का कोई भी लक्षण दिखने पर तत्काल इसकी सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।

छिंदवाड़ा में बिल्लियों की मौत के बाद जांच, प्रशासन के सख्त आदेश, 40 हजार अंडे नष्ट किए, मटन-चिकन की बिक्री पर पाबंदी लगाई

छिंदवाड़ा  पिछले कुछ समय से अमेरिका से बर्ड फ्लू (Bird Flu) की खबरें लगातार सामने आ रही थी. अमेरिका में बर्ड फ्लू के मामलों में इजाफा देखने को मिल रहा था. यहां तक कि इसांनों में भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आ रहे थे. मगर, अब भारत के स्वास्थ्य विभाग की नींदें उड़ गई हैं. दरअसल, पहली बार देश में पालतू बिल्लियों में बर्ड फ्लू (H5N1) पाया गया है. इससे चिंता बढ़ गई है. यह वायरस इंसानों को भी संक्रमित कर सकता है. इस राज्य का मामला मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में बर्ड फ्लू का खतरा कम होने का नाम नहीं ले रहा है. जिले में पालतू बिल्लियों में बर्ड फ्लू (H5N1) का पहला मामला सामने आया है. 18 बिल्लियों की मौत के बाद जांच के लिए पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरलॉजी में सैंपल भेजे गए थे, जिनमें से दो बिल्लियों में बर्ड फ्लू पाया गया. बता दें कि, देश में ऐसा पहली बार हुआ है जब बिल्लियों में बर्ड फ्लू पाया गया है. प्रशासन ने लगाई पाबंदियां बिल्लियों की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है. उन्होंने 30 दिन के लिए मटन-चिकन और अंडों की खरीदी-बिक्री पर पाबंदी लगा दी गई है. साथ ही संक्रमित क्षेत्र की सभी मटन और चिकन की दुकानों को सील कर दिया गया है. इसके साथ ही बिल्लियों के संपर्क में आए लोगों की भी जांच की जा रही हैं. सभी 65 व्यक्तियों के सैंपल भेजे गए थे. हालांकि, सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आने से फिलहाल छिंदवाड़ा में H5N1 का खतरा टल गया है. हालांकि, स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है. प्रशासन के सख्त आदेश कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत सख्त आदेश जारी किए हैं. इसके तहत संक्रमित पोल्ट्री फॉर्म के एक किलोमीटर के दायरे को संक्रमित क्षेत्र घोषित किया गया है, जहां सभी चिकन शॉप और पोल्ट्री फार्म पूरी तरह से बंद रहेंगे. इसके अलावा 10 किलोमीटर के दायरे को निगरानी क्षेत्र भी घोषित किया गया है. सभी पोल्ट्री फार्म, बैकयार्ड पोल्ट्री, चिकन शॉप और अंडे की दुकानों को हर रोज कीटाणुरहित और सैनिटाइज किया जाएगा. संक्रमित क्षेत्र में पाए जाने वाले सभी मुर्गियों और उनके उत्पादों को पशु चिकित्सा विभाग और नगर निगम के सहयोग से नष्ट किया जा रहा है. संक्रमित क्षेत्र में चिकन और पोल्ट्री प्रोडक्ट्स की बिक्री और ट्रांस्पोर्टेशन पर एक महीने के लिए पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है. कुछ लोगों के भी सैंपल्स जांच के लिए भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है. सभी 65 व्यक्तियों की रिपोर्ट नेगेटिव शहरी क्षेत्र छिंदवाड़ा में पशु विभाग की ओर से लिए गए सैंपल में 2 बिल्लियों के सैंपल में H5N1 पॉजिटिव पाए जाने के बाद सीएमएचओ ने एक टीम बनाई थी। टीम ने संक्रमित क्षेत्र में बिल्लियों के संपर्क में आए 65 व्यक्तियों के सैंपल H5N1 की जांच के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरलॉजी, पुणे भेजे गए थे। सभी 65 सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आने से फिलहाल छिंदवाड़ा में H5N1 का खतरा टल गया है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। एक महीने के लिए सभी दुकानें बंद 31 जनवरी को बिल्लियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए संक्रमित क्षेत्रों में 30 दिनों के लिए सभी मटन और चिकन दुकानों को सील कर दिया था। जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मटन और चिकन दुकानों और आसपास के इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया। नगर निगम के वार्ड नंबर 6, 7, 8, 28, 29, 30, 31, 41 और 45 को संक्रमित घोषित किया गया था। इसके साथ ही नगर निगम क्षेत्र और ग्राम पंचायत लिंगा को निगरानी क्षेत्र में रखा गया है। प्रशासन ने उठाए ये कदम:     सभी चिकन दुकानें और पोल्ट्री फॉर्म तत्काल बंद कर दिए गए।     चिकन और पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री व परिवहन पर रोक लगा दी।     संक्रमित क्षेत्र की सभी मुर्गियों और उनके उत्पादों को नष्ट करने का आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट-चिकन और अंडे न खाएं स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में चिकन दुकान मालिकों और पशुपालकों के परिवारों के सैंपल लेने के बाद नागरिकों से अपील की है कि वे चिकन और अंडों का सेवन न करें। साथ ही अपने पालतू जानवरों को कच्चा मांस न खिलाएं। बीमार या मृत पक्षियों की सूचना तत्काल प्रशासन को दें। बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और लगातार निगरानी रख रहा है। नागरिकों से भी सतर्क रहने और दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। कलेक्टर की अपील- गाइडलाइन का पालन करें छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने बताया कि  

बर्ड फ्लू के मामलों में फिर से बढ़ोतरी के कारण अंडों की कीमतों में तेजी से हुआ इजाफा

वाशिंगटन अमेरिका में बर्ड फ्लू के मामलों में फिर से बढ़ोतरी के कारण अंडों की कीमतों में तेजी से इजाफा हुआ है। हाल ही में जारी मासिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2025 में एक दर्जन ‘ग्रेड ए’ अंडों की औसत कीमत 4.95 डॉलर तक पहुंच गई। यह कीमत दो साल पहले के रिकॉर्ड 4.82 डॉलर से भी अधिक है। 2015 के बाद सबसे बड़ी वृद्धि अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो के अनुसार, अंडों की कीमतों में यह वृद्धि 2015 में हुए बर्ड फ्लू के प्रकोप के बाद सबसे बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है। पिछले कुछ महीनों में बर्ड फ्लू के मामलों में फिर से इजाफा हुआ है, जिससे पोल्ट्री फार्मों में मुर्गियों की संख्या में कमी आई है, जिसका सीधा असर अंडों की आपूर्ति पर पड़ा है। महंगाई से जूझ रहे अमेरिकी नागरिक अंडों की बढ़ती कीमतों ने आम नागरिकों के बजट पर दबाव डाला है। एक ओर जहां खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि हो रही है, वहीं अंडे जैसे रोज़मर्रा के भोजन की कीमत में इतनी बढ़ोतरी ने लोगों को चिंता में डाल दिया है। आखिर क्या है कारण? बर्ड फ्लू के प्रकोप के चलते मुर्गियों की बड़ी संख्या में मौत हो चुकी है, जिससे अंडों की उपलब्धता पर असर पड़ा है। पोल्ट्री फार्मों की उत्पादन क्षमता में कमी आने से अंडों की आपूर्ति पर संकट बढ़ गया है, जिसके कारण कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि देखी जा रही है।

सरकारी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद नियमानुसार सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया पूरी की गई

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में सरकारी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद से पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा हुआ था। 0 से 1 KM तक इंफेक्टेड और 1 से 10 KM तक सर्विलांस जोन घोषित किया गया था. चक्रधर नगर शासकीय पोल्ट्री फार्म की साफ सफाई और डिजइनफेक्शन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पशु पालन विभाग द्वारा सैनिटाइजेशन सर्टिफिकेट जारी किया गया है। सैनिटाइजेशन प्रमाण पत्र जारी होने के बाद सर्विलांस जोन 1 से 10 KM में पहले से उपलब्ध मुर्गी और अंडों की बिक्री हो सकेगी, लेकिन सर्विलांस जोन की सीमा के अंदर और बाहर किसी प्रकार के पक्षियों और पक्षी उत्पाद अंडों आदि के परिवहन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। भारत सरकार के मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, एवियन इन्फ्लूएंजा की रोकथाम और नियंत्रण के लिए कार्य योजना के अनुसार संक्रमित क्षेत्र 0-1 KM में कम से कम 3 महीने तक निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण कर डिजीज मुक्त घोषित होने तक पक्षियों के पालने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। 15 दिनों में लिया जाएगा सैंपल बताया जा रहा है कि सर्विलांस जोन में हर 15 दिन के अंतराल पर बर्ड फ्लू जांच के लिए सैंपल लिया जाएगा। प्रत्येक 15 दिन में सर्विलांस जोन के 25 प्रतिशत गांवों से नमूने एकत्रित किया जाएंगे। 4 पक्षियों के सैंपल नेगेटिव आने के बाद सर्विलांस जोन को डिसीज मुक्त घोषित किया जा सकेगा। इस प्रक्रिया में कम से कम 3 माह का समय लगेगा। पूरी प्रक्रिया नियमानुसार की गई इस संबंध में जानकारी देते हुए उप संचालक पशुपालन डीडी झरिया ने बताया कि शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में कलिंग की पूरी प्रक्रिया नियमानुसार पूर्ण करके संक्रमित क्षेत्र के डिसइंफेक्शन और सैनिटाइजेशन प्रक्रिया पूर्ण किया गया है। सर्विलांस जोन में पहले से उपलब्ध पोल्ट्री उत्पाद की बिक्री की जा सकेगी, पर 1 से 10 किमी क्षेत्र सीमा के अंदर और बाहर से पोल्ट्री उत्पाद की आवाजाही और परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।  

Bird flu :छिंदवाड़ा कलेक्टर ने आगामी आदेश तक नॉनवेज बेचने पर पाबंदी लगाई

छिंदवाड़ा  मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में बर्ड फ्लू की दस्तक से हड़कंप मच गया है. आनन-फानन में प्रशासन ने हजारों मुर्गे-मुर्गियां और लगभग 40 हजार अंडों को दफनाकर नष्ट कर दिया है. एहतियात के तौर पर छिंदवाड़ा कलेक्टर ने आगामी आदेश तक नॉनवेज बेचने पर पाबंदी लगा दी है. इस आर्टिकल में जानें कि आखिर बर्ड फ्लू क्या होता है? इंसानों के लिए ये कितना खतरनाक है, मध्य प्रदेश में इस बीमारी ने कब कब दस्तक दी और इससे कैसे बचें? बर्ड फ्लू क्या होता है? वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक बर्ड फ्लू संक्रमण को एवियन इन्फ्लूएंजा (Avian Influenza) भी कहा जाता है. ये टाइप-ए वायरस के कारण होता है और आमतौर पर, मुर्गे-मुर्गियों, अन्य पक्षी और पशु प्रजातियों को भी संक्रमित करता है. बर्ड फ्लू मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है और इंसानों को भी हो सकता है. बर्ड फ्लू के कई स्ट्रेन मौजूद हैं, जिसमें H5N1, H7N9, H5N6 और H5N8 शामिल हैं. इनमें से कई स्ट्रेन पक्षियों की मौत का कारण भी बन जाते हैं. 1997 में सबसे पहले ये बीमारी सामने आई थी. मध्य प्रदेश में कब आया बर्ड फ्लू? 1997 में चीन में बर्ड फ्लू का पहला मामला सामने आया था, जिसके बाद 2006 में भारत में पहली बार बर्ड फ्लू ने दस्तक दी. पहली बार एवियन इन्फ्लूएंजा (Bird flu) महाराष्ट्र के नवापुर के एक पोल्ट्री फार्म में हुआ था. इसके बाद से मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में समय-समय पर ये बीमारी फैलती रही है. गावी डॉट ऑर्ग के मुताबिक बर्ड फ्लू की वजह से 2006 से लेकर अबतक 1 करोड़ से अधिक मुर्गे-मुर्गियों और पक्षियों को मारा जा चुका है, जिससे मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ. छिंदवाड़ा में एक महीने नहीं मिलेगा नॉनवेज हाल ही में एमपी के छिंदवाड़ा में फैले बर्ड फ्लू से बचाव लिए कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए हैं. कलेक्टर के आदेश पर 1 महीने के लिए छिंदवाड़ा में चिकन/मीट बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. वहीं चिकन/मटन मार्केट से 1 किलोमीटर तक के दायरे में आने वाले कुल 11 वार्ड को संक्रमित एरिया घोषित किया गया है. पशुपालन व डेयरी विभाग के उपसंचालक डॉ. एचजीएस पक्षवार ने कहा,” छिंदवाड़ा में संक्रमित क्षेत्र के 1 किमी के दायरे में 758 मुर्गियां, 38126 अंडे और 144 किलो मुर्गी दाने को जमीन में गाड़कर नष्ट कर दिया गया है.” बता दें कि महाराष्ट्र में भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद 7200 से अधिक मुर्गे-मुर्गियों को नष्ट किया गया है. इंसानों में बर्ड फ्लू कैसे फैलता है? एनएचएस डॉट यूके की रिपोर्ट के मुताबिक, ” बर्ड फ्लू से संक्रमित पक्षी मुर्गे-मुर्गियों को मारने, खाने, पकाने, उन्हें छूने, उनके मल-मूत्र के संपर्क में आने से इंसानों को भी बर्ड फ्लू हो सकता है. पोल्ट्री फार्म या मीट मार्केट में इसका संक्रमण सबसे ज्यादा हो सकता है.” बर्ड फ्लू से कैसे बचें?     अगर आपके क्षेत्र में बर्ड फ्लू का संक्रमण फैला है तो हो सके तो कुछ दिनों के लिए नॉनवेज खाना छोड़ दें.     पक्षियों और जीवित मुर्गे-मुर्गियों के संपर्क में आने से भी बचें.     अधपका या कच्चा मांस खाने से बचें.     खाना खाने से पहले अच्छी तरह साबुन से हाथ धोएं.     पोल्ट्री फार्म, पशु-पक्षियों के या मीट मार्केट में न जाएं.     कच्चे अंडे खाने से बचें. बर्ड फ्लू के इंसानों में क्या लक्षण होते हैं? WHO के मुताबिक, ” बर्ड फ्लू से संक्रमित होने पर इंसानों में इसके लक्षण वायरल फीवर की तरह तेजी से दिखाई देते हैं. जैसे- अत्यधिक खांसी, मसल्स में दर्द, तेज बुखार, बेवजह ठंड लगना, सिरदर्द आदि. वहीं कई लोगों को अचानक पेट दर्द, दस्त और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं. इसके कई स्ट्रेन इंसानों के लिए घातक भी हैं.” बर्ड फ्लू का क्या इलाज है? वर्तमान में बर्ड फ्लू की कोई वैक्सीन नहीं है. हालांकि, इससे संक्रमित होने पर डॉक्टर एंटीवायरल दवाएं देकर इसके प्रभाव को कम करने की कोशिश करते हैं. नॉन वेज खाना चाहिए या नहीं? इस सवाल पर लोगों को अक्सर डिबेट करते हुए देखा जाता है. नॉन वेज खाएं या न खाएं, इसे लेकर सभी की अपनी पसंद, मान्यताएं और विचार रहते हैं पर खुद साइंस की नजरों में नॉनवेज खाने के फायदे से ज्यादा नुकसान बताए गए हैं. WHO के मुताबिक अत्यधिक नॉन वेज खाने से कैंसर (खासतौर पर आंत और मलाशय का कैंसर) हार्ट डिसीज, डायबिटीज होने की सबसे ज्यादा संभावना होती है. वहीं कच्चा या अधपका मांस खाने से बर्ड फ्लू के साथ-साथ कई तरह के गंभीर संक्रमण होते है. हालांकि, कई रिपोर्ट्स में नॉन वेज को एक बेहतर डाइट के रूप में प्रदर्शित किया जाता है. लेकिन कितनी मात्रा में नॉनवेज डायट इंसानी शरीर के लिए सुरक्षित है या नहीं? इस सवाल के जवाब के लिए कोई साइंटिफिक डाटा उपलब्ध नहीं है.

सीएम साय ने रोकथाम के दिए दिशा निर्देश, छत्तीसगढ़-रायगढ़ में मिला बर्ड फ्लू का केस

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बर्ड फ्लू का मामला सामने आया है। इसे लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य में बर्ड फ्लू के मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य भर में बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए विस्तृत दिशा निर्देश दिए हैं। राज्य में बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए रेपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है। राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम का गठन करते हुए सभी कलेक्टरों और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को एहतियाती कदम उठाने, सतर्कता बरतने और बायोसिक्योरिटी निर्देशों का पालन के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रदेश के रायगढ़ जिले स्थित शासकीय कुक्कट पालन प्रक्षेत्र में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) के मामले की पुष्टि हुई है। 30 जनवरी 2025 को कुक्कट पालन प्रक्षेत्र में बड़ी संख्या में पक्षियों की अकस्मिक मृत्यु की सूचना के बाद, पशु चिकित्सकों की एक टीम गठित की गई थी। जांच के बाद राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान, भोपाल ने 31 जनवरी को बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि की है। मुर्गी, अंडे और आहार समेत सामान भी नष्ट   संचालक पशु चिकित्सक सेवाएं के निर्देश पर बर्ड फ्लू के रोकथाम के लिए रायगढ़ जिले में प्रभावित कुक्कट पालन प्रक्षेत्र के एक किलोमीटर क्षेत्र को संक्रमित जोन घोषित कर कुक्कट, अंडे, आहार और अन्य सामग्रियों को नष्ट किया गया है। प्रभावित क्षेत्र के 1 से 10 किलोमीटर के दायरे को सर्वलेंस जोन घोषित कर पोल्ट्री और अंडे की दुकानों को बंद कर दिया गया है और सीरो सर्वलेंस कार्य शुरू कर दिया गया है। पोल्ट्री प्रोडक्ट की आवाजाही प्रतिबंधित जिला प्रशासन रायगढ़ की ओर से कुक्कुट पालकों को भारत सरकार की ओर से निर्धारित दरों पर मुआवजा देने के निर्देश भी दिए गए हैं। रायगढ़ कुक्कुट प्रक्षेत्र में इन्फेक्टेड जोन से पोल्ट्री प्रोडक्ट की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट किट का उपयोग भी करने कहा गया है। आम जनता से अपील संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं की ओर से आम जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, क्योंकि संक्रामित क्षेत्र में सभी आवश्यक कार्रवाई की जा चुकी है। पोल्ट्री उत्पादों का सेवन स्वच्छता और सावधानी से किया जा सकता है, क्योंकि ये पोषण से भरपूर होते हैं और कुपोषण दूर करने में मदद करते हैं। उन्होंने  कहा कि यह भी सुनिश्चित किया है कि राज्य के अन्य हिस्सों में बर्ड फ्लू के मामलों की कोई सूचना नहीं मिली है। क्या इंसान भी हो सकते हैं संक्रमित? एवियन एनफ्लूएंजा एक घातक संक्रामक रोग है, जो पक्षियों में फैलता है। हालांकि अब तक भारत में इस वायरस के मानवों में संक्रमण का कोई मामला नहीं देखा गया है। फिर भी वायरस के लक्षण और संक्रमण के जोखिम को लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

पक्षियों की जान लेना वाला बर्ड फ्लू अब इंसानों के लिए भी खतरनाक हुआ, WHO ने जारी किया अलर्ट

नई दिल्ली.  पक्षियों की जान लेना वाला बर्ड फ्लू अब इंसानों के लिए भी खतरनाक बनता दिख रहा है और भारत में इसने खतरे की घंटी भी बजा दी है. यहां पश्चिम बंगाल चार साल का एक बच्चा H9N2 वायरस से संक्रमित पाया गया है विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसकी तस्दीक करते हुए मंगलवार को बताया कि बर्ड फ्लू से किसी इंसान के बीमार पड़ने का यह पहला मामला है. डब्ल्यूएचओ ने कहा कि मरीज (4 साल का बच्चा) को सांस लेने में लगातार दिक्कत आ रही थी. उसे तेज बुखार और पेट में ऐंठन की भी शिकायत थी. जिसके बाद फरवरी में उसे अस्पताल की बाल चिकित्सा गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था. करीब 3 महीनों तक जांच और इलाज के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी. विश्व स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा कि मरीज के घर और आस-पास के इलाके में मुर्गे-मुर्गियां थीं, उनके संपर्क में आने से ही वह बर्ड फ्लू की चपेट में आ गया. WHO ने उसके परिवार या इलाके के किसी दूसरे व्यक्ति में सांस से जुड़ी बीमारी का कोई लक्षण नहीं मिला है. डब्ल्यूएचओ ने इसके साथ ही बताया कि बच्चे में जब यह लक्षण पाए गए तब वैक्सीनेशन और इलाज को लेकर कोई डिटेल मौजूद नहीं था. एजेंसी ने यह कहा कि यह इंसानों में H9N2 बर्ड फ्लू का भारत से दूसरा मामला है. 2019 में पहला मामला सामने आया था. एच9एन2 एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस में से एक है. वैसे तो यह वायरस आमतौर पर हल्की बीमारी का ही कारण बनता है. हालांकि संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने कहा कि कई इलाकों में पोल्ट्री फॉर्म फैले होने के कारण यह वायरस इंसानों के लिए भी खतरनाक बन सकता है.

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