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बैतूल के चिचोली बस स्टैंड पर अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलेगा, 20 को अंतिम नोटिस, 7 दिन का वक्त

बैतूल बैतूल जिले के चिचोली में नगर परिषद प्रशासन ने बस स्टैंड क्षेत्र की शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। नवनिर्मित बस स्टैंड के आसपास सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए 20 अतिक्रमणकारियों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी सैयद आरिफ हुसैन ने बताया कि नोटिस जारी होने के बाद अतिक्रमणकारियों को सात दिन का समय दिया गया है। उन्हें इस अवधि में स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि तय समय सीमा में कब्जा नहीं हटाया गया, तो नगर परिषद द्वारा बलपूर्वक कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया जाएगा। इस कार्रवाई में आने वाला पूरा खर्च भी संबंधित अतिक्रमणकारियों से ही वसूला जाएगा। नगर परिषद के अनुसार, इससे पहले मार्च, जून और अक्टूबर 2025 में भी अतिक्रमण हटाने के लिए पत्र जारी कर चेतावनी दी गई थी। हालांकि, अतिक्रमणकारियों ने इन निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद अब मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 223 के तहत यह अंतिम नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने इस कार्रवाई को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्टर बैतूल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बैतूल, तहसीलदार चिचोली और थाना प्रभारी चिचोली को भी लिखित रूप से सूचित कर आवश्यक सहयोग मांगा गया है।

दो मंजिला अवैध मकान पर चला बुलडोजर, जयपुर में ड्रग्स माफिया पर बड़ी कार्रवाई

जयपुर. जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने ड्रग्स माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम बगराना में अवैध रूप से बने दो मंजिला मकान को ध्वस्त कर दिया। यह निर्माण जेडीए स्वामित्व की नाले की भूमि पर किया गया था। सोमवार सुबह जेडीए की प्रवर्तन शाखा की टीम भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से अवैध ढांचे को गिरा दिया। प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। मीरा सांसी, विजेंद्र उर्फ विजय सांसी, लक्की उर्फ राहुल सांसी, महेंद्र सांसी और विक्की सांसू के विरुद्ध मादक पदार्थों की तस्करी सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज हैं। इन सभी के खिलाफ कानोता थाना में कुल 23 मामले दर्ज हैं। जेडीए अधिकारियों का कहना है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में अवैध निर्माण और माफिया गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बरेली में मस्जिद पर बुलडोजर चला, कोर्ट के आदेश पर अवैध निर्माण ढहा, पुलिस फोर्स की मौजूदगी में कार्रवाई

 बरेली उत्तर प्रदेश के बरेली में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है. इसी क्रम में भोजीपुरा इलाके के पिपरिया गांव में अवैध तरीके से बनी मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई की गई. अधिकारियों का कहना है कि यह मस्जिद ग्राम समाज की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर बनाई गई थी. अदालत में लंबे समय तक सुनवाई हुई, अब अदालत के आदेश पर प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की है. भोजीपुरा गांव में जिला प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल और बुलडोजरों के साथ पहुंची. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मस्जिद का निर्माण हटाने का कार्य शुरू हुआ. करीब 300 वर्ग गज में यह निर्माण था. लंबे समय से इसे लेकर विवाद चल रहा था, जिसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा. प्रशासन का कहना है कि निर्माण को अवैध श्रेणी में मानते हुए हटाया जा रहा है. ग्राम समाज के गाटा संख्या पर बनी मस्जिद का विवाद पहले तहसीलदार कोर्ट में चला, जहां से मस्जिद के पक्ष में कोर्ट में पेश होने वाले लोगों के खिलाफ आदेश आया. आदेश में यह साफ हुआ कि यह सरकारी ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करके अवैध तरीके से अस्थाई निर्माण हुआ. इसके बाद मुस्लिम पक्ष सिविल कोर्ट पहुंचा. वहां भी तहसीलदार कोर्ट के फैसले पर मोहर लगी. इसके बाद कई नोटिस दिए गए. नोटिस के बाद भी जब निर्माण नहीं हटाया गया तो प्रशासन ने भारी पुलिस फोर्स, वरिष्ठ अधिकारियों, थाना भोजीपुरा की पुलिस, थाना अध्यक्ष, एसडीएम सदर व एएसपी की मौजूदगी में निर्माण ध्वस्त कर दिया गया. एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने कहा कि इस अस्थाई मस्जिद में स्थानीय ग्रामीण नमाज पढ़ते थे. उन्हीं के द्वारा कोर्ट में केस दायर किया गया. विरोध में फैसला आने के बाद मस्जिद को गिरा दिया गया. एसडीएम ने बताया कि जिस भूमि पर मस्जिद बनी थी, वह राजस्व अभिलेखों में बंजर (श्रेणी 5) और सरकारी भूमि के रूप में दर्ज थी. गाटा संख्या 1474 वाली इस जमीन पर अवैध निर्माण हुआ था. इस मामले में कानूनी लड़ाई साल 2008 से चल रही थी. तहसीलदार कोर्ट ने पहले ही बेदखली के आदेश जारी कर दिए थे. पक्षकार इस मामले को लेकर सिविल कोर्ट भी गए, लेकिन वहां से भी उनका केस खारिज हो गया. अदालत से राहत न मिलने के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की. बेदखली की प्रक्रिया में जुर्माने का भी प्रावधान होता है, जिसे पक्षकारों ने पहले ही जमा कर दिया था. सिविल कोर्ट में मामला लंबित होने के कारण कार्रवाई रुकी हुई थी, जो अब आदेश आने के बाद पूरी की गई.

पांढुर्णा में बड़ी कार्रवाई: SDM और तहसीलदार ने मिलकर अवैध कॉलोनियों को किया ध्वस्त

पांढुर्णा  शहर में अवैध निर्माण पर प्रशासन एक्शन ले रहा है। अवैध लेआउट और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चला दिया। कलेक्टर के निर्देश पर वरुड मार्ग, अमरावती रोड और वानखड़े सभागृह के पीछे विकसित किए जा रहे अवैध लेआउट को जेसीबी और ट्रैक्टर की मदद से ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान कॉलोनियों की सड़कें, बाउंड्री वॉल, बिजली के खंभे और अन्य निर्माण तोड़े गए। उपजाऊ जमीन पर काटे जा रहे थे प्लॉट प्रशासनिक जांच में सामने आया कि अमरावती रोड स्थित उपजाऊ कृषि भूमि को अवैध रूप से प्लॉटिंग में बदलकर बेचा जा रहा था। सौसर निवासी प्रदीप नेहारे पर बिना शासकीय अनुमति सड़क निर्माण कर लेआउट विकसित करने के आरोप हैं। शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग ने जांच की और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। एसडीएम ने संभाली जेसीबी की कमान कार्रवाई के दौरान एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली, जब एसडीएम अलका इक्का ने खुद जेसीबी मशीन चलाकर अवैध निर्माण ढहाया। तहसीलदार विनय प्रकाश ठाकुर ने भी ट्रैक्टर चलाकर मौके पर पड़ी निर्माण सामग्री जब्त करवाई और उसे प्रशासनिक वाहन में भरवाया। इसी अभियान के तहत गुरु नानक वार्ड में संजय भांगे द्वारा बनाई गई अवैध बाउंड्री वॉल को भी तोड़ा गया। माप-जोख में यह निर्माण अतिक्रमण की श्रेणी में पाया गया था। आगे भी जारी रहेगा अभियान अधिकारियों ने साफ किया कि शहर में अवैध लेआउट के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। संतोषी माता वार्ड, नागपुर रोड, भोपाल रोड और अमरावती रोड सहित अन्य इलाकों में बने अवैध कॉलोनियों पर भी चरणबद्ध तरीके से सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान नगर पालिका की टीम, राजस्व अमला और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। प्रशासन की सख्ती से अवैध प्लॉटिंग करने वालों में हड़कंप की स्थिति है।

राम जानकी मंदिर की जमीन पर चला बुलडोजर, प्रशासन ने अतिक्रमण मुक्त कराया

 ग्वालियर  शहर के गिरवाई थाना क्षेत्र में मौजूद राम जानकी मंदिर की दो बीघा जमीन पर किए गए अतिक्रमण पर बुलडोजर कार्रवाई की गई। जिसके चलते 7 करोड़ कीमत की जमीन कब्जा मुक्त हुई है। दरअसल ग्वालियर में शासकीय जमीन के साथ ही मंदिर पैठे की जमीनों पर भू माफिय के कब्जे प्रशासन के लिए चुनौती बने हुए हैं। कलेक्टर दफ्तर से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक सैकड़ो शिकायतें की गई है। ऐसे में अब ग्वालियर जिला प्रशासन का एक्शन देखने के लिए मिला है। गिरवाई क्षेत्र में मौजूद राम जानकी मंदिर की 100 बीघा जमीन है जहां बरसों से अवैध कब्जा है। अतिक्रमणकारियों को प्रशासन द्वारा कई बार नोटिस जारी किया जा चुका है लेकिन उनके द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाया गया। प्रशासन ने सख्त एक्शन लेते हुए बुलडोजर के जरिए मनोज राठौर के अवैध गैराज, रामस्वरूप के फड, गोपाल कुशवाह की वर्कशॉप से कब्जा हटाया। हालांकि प्रशासन के द्वारा सिर्फ तीन अतिक्रमण हटाए जबकि शेष 25 अतिक्रमणकारियों को नोटिस थमाया गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान का कहना है कि सभी शासकीय और मंदिर की जमीनों को कब्जा मुक्त कराने के लिए SDM स्तर पर निर्देश दिए गए हैं। इसी कड़ी में यह कार्रवाई की गई है। कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

अहमदाबाद में पहलगाम हमले के बाद बांग्लादेशी घुसपैठियों पर बुलडोजर एक्शन, अवैध निर्माण किए जा रहे ध्वस्त

अहमदाबाद  गुजरात के अहमदाबाद के शाहआलम इलाके के पास चंडोला तालाब क्षेत्र में बांग्लादेशी घुसपैठियों के अवैध निर्माण पर मंगलवार से बुलडोजर एक्शन शुरू हो गया है। गुजरात पुलिस ने सोमवार रात से ही इसकी तैयारियां शुरू कर दी थीं। अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए 50 बुलडोजर और 36 डंपर को लगाया गया है। अहमदाबाद प्रशासन ने सुबह-सुबह अतिक्रमण के खिलाफ शुरू किए अभियान में चंडोला तालाब पर बनी अवैध झोपड़ियां और आलीशान फार्म हाउस को जमींदोज कर दिया है. नगर निगम की इस कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है. वहीं, नगर निगम की इस कार्रवाई के खिलाफ स्थानीय लोग गुजरात हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिस पर HC ने सुनवाई करने से इनकार कर याचिका खारिज कर दी है. मंगलवार सुबह इस इलाके के 2000 स्क्वेयर यार्ड में फैले एक आलीशान फार्महाउस ढहाया गया है। पुलिस, क्राइम ब्रांच, एसओजी, साइबर क्राइम और एसआरपी की टीमें इलाके में तैनात हैं। अब यह मामला गुजरात हाईकोर्ट पहुंच गया है। क्षेत्र के निवासियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि कानूनी प्रक्रिया और नियमों का पालन किए बिना ही तोड़फोड़ की जा रही है। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि यहां रहने वालों के बांग्लादेशी होने का कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया है। बता दें कि अहमदाबाद पुलिस ने बीते दो दिन में शाहआलम इलाके से 890 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इनमें से 143 लोगों की पहचान बांग्लादेशी नागरिकों के रूप में की गई है। यह कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू की गई। 2000 गज के फार्महाउस को देख चौंके कमिश्नर कार्रवाई के लिए पहुंचे पुलिस कमिश्नर उस समय हैरान रह गए जब उन्होंने झुग्गियों के बीच 2000 वर्ग गज में फैला आलीशान फार्महाउस देखा। जांच में पता चला कि यह आलीशान फार्महाउस लल्ला बिहारी नाम के शख्स का है। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही लल्ला बिहारी फरार हो गया। इस अवैध फार्महाउस को ध्वस्त कर दिया गया है। गुजरात हाईकोर्ट पहुंचा मामला इस मामले में गुजरात हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि कोई व्यक्ति अवैध विदेशी है या नहीं, इसका फैसला सिर्फ फॉरेन ट्रिब्यूनल ही कर सकता है। इसके अलावा घर गिराने से पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया और पुनर्वास की कोई व्यवस्था भी नहीं की गई। याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट से मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की है। इस पर आज सुनवाई की संभावना है। क्या बोले पुलिस कमिश्नर? अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि “बंगाल वास एक ऐसा इलाका है, जहां कई अवैध बांग्लादेशी रहते हैं। इनके खिलाफ पहले भी कार्रवाई की गई है। पहले भी तोड़फोड़ की गई है। 3 दिन पहले पुलिस ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया था, जिसमें 180 से ज़्यादा अवैध बांग्लादेशियों की पहचान की गई थी और यह प्रक्रिया जारी है। पुलिस कमिश्नर ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि हमने एक एफआईआर भी दर्ज की है, जिसमें लल्लू बिहारी नाम के एक व्यक्ति और उसके कुछ लोगों के नाम हैं। वह फर्जी रेंट एग्रीमेंट बनाता था, ताकि आधार बनवाया जा सके। उसने यहां एक बड़ा फार्महाउस बनाया था। उसका घर, जो उसने अवैध रूप से बनाया था, उसे ध्वस्त कर दिया गया है और अभी भी तोड़फोड़ की प्रक्रिया चल रही है। सिंह ने कहा कि हमें पता चला है कि कुछ लोगों ने अवैध रूप से पासपोर्ट भी बनवा लिए हैं, इसलिए हमने लल्लू बिहारी और उसके गिरोह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और पुलिस निश्चित रूप से जांच करेगी। ‘दो हजार पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई’ डिमोलिशन ड्राइव के बारे में जानकारी देते हुए ज्वाइंट सीपी (क्राइम) शरद सिंघल ने बताया, ‘सियासतनगर बंगाल वास था, जहां अधिकांश बांग्लादेशी रहते थे… एएमसी ने एक सर्वेक्षण किया, जिसमें पाया गया कि अवैध निर्माण किया गया था. ध्वस्तीकरण अभियान चल रहा है. कुल 50 जेसीबी यहां काम कर रही हैं और लगभग 2,000 पुलिसकर्मी यहां तैनात हैं.’ उन्होंने बताया कि साल 2009 में भी यहां कार्रवाई की गई थी, लेकिन बाद में धीरे-धीरे इन लोगों ने तालाब पर मिट्टी डालकर अपने घर बना लिए थे. बीते दिनों अहमदाबाद नगर निगम ने सर्वे किया था, जिसके बाद ये कार्रवाई की जा रही है. बुलडोजर एक्शन पर HC से राहत नहीं वहीं, अहमदाबाद नगर निगम की इस कार्रवाई के खिलाफ स्थानीय लोग गुजरात हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. स्थानीय लोगों ने तुरंत सुनवाई की मांग करते हुए नगर निगम की कार्रवाई को चुनौती दी. हालांकि, हाईकोर्ट ने स्थानीय लोगों को राहत ना देते हुए नगर निगम की कार्रवाई पर स्टे लगाने से इनकार कर दिया और याचिका को खारिज कर दिया. ‘6,500 संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी प्रवासी हिरासत में’ पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सहाय ने कहा कि अहमदाबाद और सूरत में बड़े सर्च ऑपरेशन के बाद पूरे राज्य में इसी तरह के अभियान चलाए गए, जिसमें लगभग 6,500 संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को हिरासत में लिया गया और उनकी पहचान सत्यापित की गई. उन्होंने बताया, ‘अहमदाबाद और सूरत में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाए जाने के बाद गुजरात के सभी जिलों और पुलिस आयुक्तालयों को यह कार्य (बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करने का) करने को कहा गया. मेरे पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हमने करीब 6,500 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की है.’ आईपीएस अधिकारी ने कहा, ‘अभी तक दस्तावेजी सबूतों के आधार पर करीब 450 बांग्लादेशी नागरिकों के यहां (गुजरात में) अवैध रूप से रहने की पुष्टि हो चुकी है. बाकी हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है. हमें लगता है कि हम बड़ी संख्या में अवैध बांग्लादेशियों की पहचान स्थापित करने में सफल होंगे.’ उन्होंने कहा कि एक बार बांग्लादेशी नागरिक के रूप में उनकी पहचान स्थापित हो जाने पर, केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के समन्वय से उनके निर्वासन के लिए कदम उठाए जाएंगे. अहमदाबाद और सूरत में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाए जाने के बाद हिरासत में लिए गए 1,000 से ज़्यादा संदिग्ध बांग्लादेशियों से पूछताछ की जा रही है। सहाय ने बताया कि उनके निर्वासन के लिए कदम उठाने से पहले उनकी राष्ट्रीय पहचान स्थापित करने के लिए दस्तावेजी और … Read more

उज्जैन में चामुंडा माता मंदिर और मस्जिद के बीच अवैध रूप से दुकान और गोदाम के निर्माण पर चला बुलडोजर

उज्जैन  उज्जैन में नगर पालिका निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंदिर और मस्जिद के बीच बन रही दुकान और गोदाम को तोड़ दिया है। जानकारी के मुताबिक, हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने बिना अनुमति के अवैध निर्माण का आरोप लगाया था। इसकी जांच करने की मांग की गई थी। निगम की टीम ने मस्जिद के पास बन रही दुकान को लेकर जांच किया तो पाया कि अवैध रूप से एक दुकान और गोदाम का निर्माण किया जा रहा है। इसे लेकर शनिवार को नोटिस जारी किया गया था। उसके बाद सोमवार सुबह टीम ने कार्रवाई करते हुए दुकान और गोदाम को ध्वस्त कर दिया। हिंदू जागरण मंच ने की थी शिकायत उज्जैन शहर के इंदौर और आगर रोड के मध्य चामुंडा माता मंदिर और मस्जिद के बीच अवैध रूप से एक दुकान और गोदाम का निर्माण कराया जा रहा था। हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं को इसकी सूचना लगी तो उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर मस्जिद पर अवैध निर्माण कराने का आरोप लगाया और निगम के अधिकारियों से इसकी जांच करने की मांग की। निगम के अधिकारियों ने दुकानदार को नोटिस जारी करते हुए अवैध निर्माण को रोकने के निर्देश दिए। दुकानदार द्वारा निर्देशों को नहीं मानने पर सोमवार सुबह निगम की टीम पुलिस प्रशासन के साथ मौके पर पहुंची और बुलडोजर कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त किया। हिंदू जागरण मंच ने उग्र आंदोलन की दी थी चेतावनी दरअसल, हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने दो दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा कि उज्जैन में चामुंडा माता मंदिर के पास बनी मस्जिद में अवैध निर्माण हो रहा है। इसको लेकर निगम कार्रवाई करें नहीं तो उग्र आंदोलन होगा। इसके बाद निगम के अधिकारियों ने जांच पड़ताल की तो पाया कि अवैध निर्माण एक दुकानदार द्वारा किया जा रहा है। बुलडोजर ऐक्शन के दौरान जुड़ी भारी भीड़ उज्जैन में नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से चामुंडा माता चौराहे पर सोमवार सुबह अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की। सोमवार को नगर निगम के अधिकारी पुलिस बल की मौजूदगी में मौके पर पहुंचे और जेसीबी के माध्यम से अवैध कब्जा हटाया। इस दौरान भारी भीड़ भी लग गई थी। जारी किया गया था नोटिस नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि चामुंडा माता चौराहे पर स्थित एक दुकान के मालिक विवेक पुरोहित ने बिना अनुमति के गोडाउन और दुकान का अतिरिक्त निर्माण कर लिया था। नगर निगम ने इस संबंध में दुकान संचालक को नोटिस भी जारी किया था। नगर निगम के भवन अधिकारी दीपक शर्मा ने बताया कि अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई में नगर निगम की अतिक्रमण रिमूवल गैंग और पुलिस प्रशासन की टीम शामिल थी। इसके पहले वक्फ बोर्ड द्वारा दुकानदार की शिकायत की गई थी, उस समय भी दुकानदार को नोटिस दिया गया था।  

शाजापुर में अवैध निर्माण पर चला प्रशासन का बुलडोजर, श्रीराम मंदिर भूमि पर अवैध निर्माण जमीदोज

  शाजापुर  शाजापुर में मोहन यादव सरकार का बुलडोजर गरजा है। यहां की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई चल रही है। यहां राम मंदिर की जमीन पर धर्मशाला और मकान बनाकर अतिक्रमण किया गया था, जिसे अब जमींदोज कर दिया गया है। इसको लेकर तहसीलदार ने पहले ही नोटिस जारी किया था। मामला जिला कोर्ट में पहुंचने के बाद कोर्ट ने शासन के पक्ष में फैसला देते हुए सभी अतिक्रमणकारियों को अपने कब्जा हटाने के निर्देश जारी किया। इसके बाद जिला प्रशासन और भारी संख्या में पुलिस बल के साथ अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंचा। इस दौरान राम मंदिर की जमीन पर बनी चामुंडा धर्मशाला की बिल्डिंग पर बुलडोजर की कार्यवाही की गई और राम मंदिर की जमीन पर बने 37 मकानों को भी नोटिस जारी किया गया है। शाजापुर, जिले में अवैध निर्माण पर प्रशासन का बुलडोजर लगातार चल रहा है। शुक्रवार को गवली मोहल्ले में स्थित राम मंदिर की जमीन पर जिला प्रशासन का बुलडोजर चला। इस दौरान दुपाड़ा रोड स्थित चामुंडा धर्मशाला पर कार्यावाही शुरू की गई, जिसमें धर्मशाला की बिल्डिंग पर बुलडोजर चलाया गया और धर्मशाला को जमींदोज कर दिया गया। इसके साथ ही 37 ऐसे और मकान हैं जो इस जमीन पर बनाए गए हैं। इन मकान मालिकों को भी तहसीलदार द्वारा नोटिस देकर खाली करने का और अपने अतिक्रमण को हटाने का निर्देश दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार राम मंदिर की जमीन पर 37 निर्माणकर्ताओं को कब्जा हटाने का नोटिस दिया गया है। पहले भी प्रशासन द्वारा कब्जा हटाने की बात कही गई थी। इसके बाद सभी लोगों ने एक मत होकर कोर्ट में न्याय के गुहार लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने प्रशासन के पक्ष में फैसला देते हुए सभी अतिक्रमणकारियों को अपने कब्जा हटाने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही शुरू की गई। अवैध अतिक्रमणकारियों ने लगाए आरोप अवैध रूप से भूमि पर कब्जा कर अतिक्रमणकारियों का आरोप है कि अगर यह जमीन राम मंदिर की है तो, उन्हें यह जमीन जिसने दी उसके खिलाफ भी कार्यवाही होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब जमीन राम मंदिर की थी तो उनकी जमीन की रजिस्ट्री और ट्रांसफर नगर पालिका में कैसे हुआ? इसके लिए जो अधिकारी दोषी है उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए। शाजापुर एसडीएम मनीषा वास्कले के अनुसार इस कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने सख्ती से काम लिया है और अवैध निर्माण को तोड़ दिया गया। यह कार्रवाई शाजापुर जिले में अवैध निर्माण को रोकने के लिए की गई है। इससे जिले में कानून व्यवस्था को बनाए रखने में मदद मिलेगी। फिलहाल प्रशासन ने चामुंडा धर्मशाला से इसकी शुरुआत की है जो धीरे-धीरे सभी अतिक्रमणकारियों के घरों पर कार्यवाही की जाएगी।  

मंदिर की 100 करोड की सरकारी जमीन कराई मुक्त, ग्वालियर में अवैध अतिक्रमण पर चला बुलडोजर

ग्वालियर ग्वालियर शहर के मध्य स्थित तारागंज कोटा लश्कर में श्री रामजानकी मंदिर ट्रस्ट की लगभग पौने नौ बीघा सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। इस जमीन की कीमत करीब 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जमीन पर बनी बाउंड्रीवॉल और अन्य अतिक्रमण को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। 18 नवंबर को कलेक्टर रुचिका चौहान ने इस जमीन का निरीक्षण किया था। उन्होंने ट्रस्ट की जमीन पर पाई गई बाउंड्रीवॉल के मामले में प्रकरण दर्ज कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। एसडीएम लश्कर, नरेंद्र बाबू यादव के नेतृत्व में श्री रामजानकी मंदिर ट्रस्ट की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। उन्होंने बताया कि इस जमीन पर मनोहरलाल भल्ला ने अवैध रूप से बाउंड्रीवॉल बना ली थी और प्लॉट बेचने की तैयारी कर रहा था। जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई कर न केवल इस बेशकीमती सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया, बल्कि लोगों को प्लॉट की जालसाजी में फंसने से भी बचा लिया। भू-माफियाओं ने मंदिर की इस जमीन पर बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी थी. इसी के साथ बड़े गेट लगाकर अपने कब्जे में ले लिया था. प्रशासन को जानकारी मिली थी कि माफिया इस जमीन पर प्लॉट काटकर बेचने की तैयार कर रहे हैं. जानकारी मिलते ही प्रशासन ने मामले की जांच की. इसके बाद ग्वालियर कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. इसको लेकर एसडीएम नरेंद्र यादव के नेतृत्व में नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर से बाउंड्री वॉल और गेट को ध्वस्त कर दिया. जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए पूरी भूमि को माफिया के कब्जे से मुक्त कराया. आरोप है कि भू-माफिया ने यहां कॉलोनी बसाने की तैयारी कर रखी थी. इस कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम मौजूद थी. कार्रवाई के दौरान जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के साथ ही भू-माफिया के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है. प्रशासन ने इस भूमि को फिर से मंदिर ट्रस्ट को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पूरे मामले को लेकर क्या बोले एडीएम? एसडीएम नरेंद्र यादव ने कहा कि ‘तारागंज में राम जानकी मंदिर की 9 बीघा जमीन पर भू-माफियाओं ने कब्जा कर लिया था. यहां कॉलोनी काटने की योजना बनाई जा रही थी. कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाया गया है.’ प्रशासन द्वारा मुक्त कराई गई यह जमीन 100 करोड़ रुपये की बताई जा रही है. जिला प्रशासन का यह भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ा एक्शन है. सरकारी संपत्तियों पर कब्जे को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है.

उज्जैन में अतिक्रमण पर बुलडोजर एक्शन, 90 अवैध मकानों को किया ध्वस्त

उज्जैन धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ, नगर निगम और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ मुहिम शुरू कर दी गई है. शहर में 90 अवैध मकानों को हटाने की कार्रवाई की गई.  इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया. अधिकारियों का कहना है कि कई बार अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए गए थे मगर उन्होंने अवैध अतिक्रमण नहीं हटाए. उज्जैन के एडीएम अनुकूल जैन ने बताया कि जूना सोमवारिया क्षेत्र में सिंहस्थ 2016 के बाद से लगातार कई लोगों ने अतिक्रमण करने की कोशिश शुरू कर दी थी. जिला प्रशासन, नगर निगम द्वारा कई बार लोगों को हटाने और सिंहस्थ की जमीन पर अतिक्रमण रोकने के लिए समझाइए दी गई. इसके बावजूद लोगों ने अतिक्रमण किया. बड़ी संख्या में पुलिस को किया तैनात उज्जैन में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के साथ-साथ नगर निगम के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई. उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि सिंहस्थ के लिए जूना सोमवारिया क्षेत्र की उक्त जमीन काफी कीमती है. यहां पर कई प्रकार की योजना को अमली जामा पहनाया जा सकता है. एसपी प्रदीप शर्मा के मुताबिक अतिक्रमण हटाने के दौरान किसी प्रकार की कोई विपरीत परिस्थिति निर्मित ना हो, इसके लिए 120 पुलिस कर्मियों और अधिकारियों को तैनात किया गया है. अतिक्रमण हटाओं कार्रवाई के दौरान कई लोग बेहोश जिला प्रशासन और नगर निगम के संयुक्त अभियान के तहत 90 मकानों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है. इनमें से कुछ ऐसे भी हैं जहां पर व्यावसायिक कार्य किया जाता था. इस दौरान कई लोग बेहोश गए. इलाके की रहने वाली शाहनवाज बी का मकान भी अतिक्रमण की भेंट चढ़ गया. उनके मकान पर भी बुलडोजर चला दिया गया. इस दौरान वे बेहोश हो गई. इसी क्षेत्र में रहने वाले रहीम भाई ने बताया कि उन्होंने 5 साल पहले मकान बनाया था. अब उनका मकान टूटने के बाद उनके पास कोई आसरा नहीं है, जिसकी वजह से वे काफी परेशान है.

अकबरनगर में मस्जिद, मदरसे और मंदिर पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अकबरनगर (Akbarnagar) में चल रहे ध्वस्तीकरण का काम आखिरकार पूरा हो गया है। लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी (एलडीए) ने 9 दिन तक चलाए गए इस अभियान में 24.5 एकड़ में बने करीब 1800 अवैध मकान, दुकानें और कॉम्प्लेक्स को जमींदोज कर दिया है। वहीं मंगलवार देर यहां धार्मिक स्थलों (मंदिर- मस्जिद) पर भी बुलडोजर चलाया गया है, जिन्हें पहले छोड़ा गया था। अब इलाके में सिर्फ मलबा ही दिख रहा है। हालांकि सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस और पीएसी के जवान तैनात हैं। कुकरैल नदी की जमीन पर था अवैध कब्जा कुकरैल नदी की जमीन पर कब्जा कर लोगों ने कॉम्प्लेक्स, शोरूम, दुकानें और बड़ी संख्या में घर बना लिए थे। जब शासन से कुकरैल नदी के सौन्दर्यीकरण का आदेश आया तो सर्वे में पता चला कि पूरा अकबरनगर नदी की जमीन पर ही बसा हुआ है। इसके बाद एलडीए ने ध्वस्तीकरण के लिए नोटिस जारी किया। नोटिस के बाद भी कोई भू स्वामी जमीन के मालिकाना हक का दस्तावेज पेश नहीं कर पाया, जिसके बाद एलडीए ने ध्वस्तीकरण का आदेश पास कर दिया। स्थानीय लोगों को अदालत से नहीं मिली राहत इस फैसले के खिलाफ लोग हाईकोर्ट गए, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। बाद में सुप्रीम कोर्ट का रूख किया, पर वहां से भी अवैध कब्जा करने वाले लोगों को कोई राहत नहीं मिली। अदालत के आदेश का पालन करते हुए 10 जून को इलाके में बुलडोजर पहुंचा और 18 जून तक ध्वस्तीकरण का काम चलता रहा। इस अभियान में अवैध बने 1169 आवास और 101 कॉमर्शियल निर्माण ध्वस्त किए गए। ईको टूरिज्म और चिड़ियाघर की योजना एलडीए का यह बुलडोजर विकास कार्यों के लिए चला है। अवैध निर्माणों को तोड़कर ईको टूरिज्म तैयार किया जाएगा। इसके अलावा लखनऊ में स्थित चिड़ियाघर को भी शिफ्ट करने की योजना है। दिसंबर 2023 से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू हुआ था, जिसमें करीब 24.5 एकड़ जमीन पर बने 1800 से अधिक अवैध निर्माण जमींदोज किए गए हैं। सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट, कुकरैल नदी पर बनने वाला रिवर फ्रंट, लखनऊ में एक प्रमुख विकास परियोजना के रूप में उभर रहा है। इस परियोजना पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, और कोई भी अधिकारी इसमें लापरवाही नहीं करना चाहता। रिवर फ्रंट की प्लानिंग के अनुसार, बारिश के पानी को इकठ्ठा करके कुकरैल नदी में भरा जाएगा। इसके अलावा, शारदा नहर का पानी भी नदी में छोड़ा जाएगा ताकि जल स्तर को बनाए रखा जा सके। नदी की 6 किलोमीटर लंबाई के साथ एक झील को भी विकसित किया जाएगा। सुन्दरता को चार चांद लगाएगा ये प्रोजेक्ट जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार उस एजेंसी के साथ एक समझौता करेगी जिसने अहमदाबाद में साबरमती रिवर फ्रंट के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस समझौते से कुकरैल नदी पर बनने वाला रिवर फ्रंट भी उसी गुणवत्ता और भव्यता के साथ तैयार किया जाएगा। इस ड्रीम प्रोजेक्ट के माध्यम से लखनऊ में पर्यटन और स्थानीय विकास को नया आयाम मिलेगा, और यह शहर की सुंदरता में चार चांद लगाएगा।

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