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‘पापा जब फ्लाइट में बैठे, तब से संजोया था सपना’, छत्तीसगढ़-दंतेवाड़ा की साक्षी बनीं पायलट

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के छोटे से कस्बा गीदम की रहने वाली साक्षी सुराना ने ऊंची उड़ान भरी है। उन्होंने अपने पिता के सपने को साकार किया है। अब वह पायलट बन चुकी है। अब फ्लाइट उड़ाने से सिर्फ एक कदम दूर हैं। इसके लिये उन्हें डीजीसीए से भी लाइसेंस मिल चुका है। साक्षी हैदराबाद से ट्रेनिंग लेने के बाद पायलट बनकर अपने घर पहुंची। इसके बाद पूरे घर में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। प्रदेश और देश में चर्चा का विषय बन गईं। उन्होंने बताया कि वो अपने पिता के सपने को साकार किया है। जब वो पहली बार फ्लाइट में बैठे थे तब से उन्होंने मुझे पायलट बनाने के लिये ठान लिया था। जिस दिन पहली उड़ान भरूंगी वह दिन पिता के नाम होगा। उनके पिता जवाहर सुराना व्यवसायी और कांग्रेस नेता हैं । उन्होंने कहा कि जब मैं पहली बार फ्लाइट में बैठा था उस समय महिला पायलेट को देखा तो मेरे मन में भी ख्याल आया कि बेटी को पायलट बनाऊंगा। ताकि वो भी ऊंची उड़ान भर सके। अब बेटी ने उनके सपने को साकार कर दिया है। इस बात को उसने साबित कर दिया है कि वाकई में बेटियां किसी से कम नहीं होती। उन्होंने अपनी सफलता की कहानी बताते हुए कहा कि शुरुआत में मेरा पायलट बनने का मन नहीं था पर पापा ने सपना देखा था कि उनकी बेटी एक दिन प्लेन उड़ाएगी। उन्हीं के सपने को पूरा करने की ठानी। जब ट्रेनिंग ले रही थी तो मन में सिर्फ एक ही ख्याल आता था कि ये सपना खुद के साथ-साथ पापा का भी है जिसे पूरा करना है। मैंने शुरुआती शिक्षा दंतेवाड़ा के एक स्कूल से ली है। फिर रायपुर में आगे की पढ़ाई करने के लिये गई। वहां से हैदराबाद में पायलट की पढ़ाई करने गई। पायलट की पढ़ाई पूरी करने में  करीब तीन साल लग गया। इस दौरान हवाई जहाज उड़ाना, हवाई जहाज से जुड़ी सारी तकनीक जानकारी हासिल की। पढ़ाई के बाद डीजीसीए का लाइसेंस मिला तो सबसे पहले लाइसेंस को अपने पापा के हाथ में रखी। वे बहुत खुश हुए। दो महीने पहले ही डीजीसीए से अलग-अलग 2 लाइसेंस भी मिले हैं। एयर इंडिया में अप्लाई की हूं।

प्रदेशवासियों के लिए मांगी खुशहाली, छत्तीसगढ़-दंतेवाड़ा में सीएम साय ने की मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना

दंतेवाड़ा. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज दंतेवाड़ा में बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय और परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित थे। इस अवसर पर विधायक चैतराम अटामी, राज्य महिला आयोग की सदस्य ओजस्वी मण्डावी तथा अन्य जनप्रतिनिधियों सहित मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह सहित अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे।

पूर्व बस्तर डिवीजनल कमेटी ने जारी की सूची, छत्तीसगढ़-दंतेवाड़ा में मुठभेड़ में 31 नहीं 35 नक्सली मारे गए

दंतेवाड़ा. दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले के सीमा पर थुलथुली गांव में चार अक्तूबर को हुई मुठभेड़ को लेकर नक्सलियों ने सूची जारी की है जिसमें 35 माओवादियों के मारे जाने की जानकारी दी है। दरअसल चार अक्तूबर को हुई मुठभेड़ के बाद 31 नक्सलियों के शव बरामद किए गए थे। भारी मात्रा में आधुनिक हथियार और नक्सलियों का सामान भी बरामद हुआ था। उसी मुठभेड़ को लेकर नक्सलियों ने आज सूची जारी करके 35 माओवादियों के मारे जाने की जानकारी दी है। पुलिस अधिकारियों ने नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना मिलने पर सुरक्षाबलों के जवानों को नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना किया था। मौके से बड़ी संख्या में ऑटोमेटिक हथियार बरामद किए गए थे। नक्सलियों के लिए सुरक्षित स्थान दंतेवाड़ा रेंज के डीआईजी कमलोचन कश्यप ने बताया कि यह क्षेत्र सभी नक्सलियों के लिए सुरक्षित स्थान माना जाता है। नक्सलियों के बारे में सूचना मिलने पर चार दिन पहले इस ऑपरेशन की योजना बनाई गई थी। भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। कंपनी छह मुख्य रूप से इस क्षेत्र में सक्रिय है और उनकी संख्या 100-150 है।

दो के शव अभी भी मेकाज में रखे, छत्तीसगढ़-दंतेवाड़ा में पांच नक्सलियों के शव ले गए परिजन

दंतेवाड़ा. दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले के थलथुली गांव में पुलिस जवानों ने 31 नक्सलियों को मार गिराया था, इन नक्सलियों को मारने के बाद जवानों ने नक्सली शव को दंतेवाड़ा लाने के बाद पीएम के लिए 3 अलग अलग जिलों में नक्सलियों के शव को पीएम के लिए भेजा गया था, जिसमें 7 शव मेकाज लाया गया, इन नक्सलियों के पीएम के बाद पुलिस जवानों ने इनके परिजनों को शव सौप दिया गया, जहाँ 5 नक्सलियों के शव उनके परिजन ले गए, जबकि 2 शव अभी भी मेकाज के पीएम घर में रखा हुआ है। बताया जा रहा है कि 4 दिन पहले नारायणपुर और दंतेवाड़ा सीमा के नेदुर और थुलथुली गाँव में जवानों ने 31 नक्सलियों को मार गिराया था, दंतेवाड़ा एसपी गौरव राय ने बताया कि 31 नक्सलियों के शव का पीएम एक साथ दंतेवाड़ा में नही किया जा सकता था, इसलिए 14 दंतेवाड़ा, 10 बीजापुर व 7 नक्सलियों के शव का पीएम मेकाज में किया जा रहा है, जिससे कि सभी नक्सलियों के शव का पीएम के बाद परिजनों को सौप सके। इनके शव ले गए परिजन बताया जा रहा है कि नारायणपुर व दंतेवाड़ा में मारे गए नक्सलियों में 7 नक्सली जिसमें 4 महिला नक्सली व 3 पुरूष नक्सली का शव जगदलपुर के मेकाज भेजा गया, जिसका पीएम किया गया। इन मारे गए नक्सलियों में फूलों उर्फ सुंदरी 30 वर्ष भैरमगढ़ जिला बीजापुर, बसंती पति साकेत 30 कोयलीबेड़ा जिला कांकेर, सोमे पति दुग्गे उर्फ मनसीन 35 वर्ष ग्राम रेकावेट्टी जिला कांकेर, बुधराम मड़कम 30 वर्ष भैरमगढ़ जिला बीजापुर, जनीला 32 वर्ष कोसकेटा थाना पुगरवाल जिला कोंडागाँव, अर्जुन उर्फ रंजीत 30 वर्ष ओरछा जिला नारायणपुर के अलावा सोहन उर्फ रोहन कोयलीबेड़ा जिला कांकेर का शव मेकाज में पीएम किया गया, जिसमें सोहन उर्फ रोहन कोयलीबेड़ा और सोमे पति दुग्गे कोयलीबेड़ा के शव अभी भी मेकाज के पीएम घर में रखा हुआ है, जहाँ इनके परिजनों का अब भी इंतजार किया जा रहा है।

माओवादियों से लोहा लेने पर बढ़ाया हौसला, छत्तीसगढ़-दंतेवाड़ा में जांबाज जवानों से रूबरू हुए उपमुख्यमंत्री

दंतेवाड़ा. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि एवं आदि विकास मंत्री रामविचार नेताम एवं वनमंत्री केदार कश्यप आज दंतेवाड़ा पहुंचे। दंतेवाड़ा के कारली स्थित रक्षित केन्द्र के कॉन्फ्रेंस हॉल में उप मुख्यमंत्री शर्मा एवं मंत्रीद्वय ने सुरक्षा बलों के जांबाज जवानों से मुलाकात की और उनके साहसिक और सफल ऑपरेशन की सराहना कर उनका हौसला बढ़ाया। गौरतलब है कि बीते 04 अक्टूबर को दंतेवाड़ा एवं नारायणपुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र नेन्दूर व थुलथुली में माओवादियों के विरूद्व सुरक्षा बलों के जवानों ने माओवादियों से हुई मुठभेड़ में अपने अदम्य साहस से 31 माओवादियों को मार गिराया था। इस मुठभेड़ में पुलिस बलों द्वारा डीकेएसजेडसी, डीवीसी, पीएलजीए कंपनी नंबर 6 के कई कैडर सहित  18 पुरुष एवं 13 महिला कुल 31 सशस्त्र वर्दीधारी माओवादी को ढेर कर दिया था। इस मुठभेड़ में बड़ी संख्या में नक्सलियों के घायल होने की सूचना है। मारे गए माओवादियों में 25 लाख का इनामी डीकेएसजेडसी एवं पूर्वी बस्तर इंचार्ज नीति उर्फ उर्मिला भी शामिल थी। मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों में से अब तक हुई 15 शिनाख्तगी में डीकेएसजेडसी के अलावा दो कैडर 8 लाख इनामी डीबीसीएम एवं 9 कैडर पीएलजीए कंपनी 6 माओवादियों भी शामिल है। इस घटना में 01 नग एलएमजी, 04 नग एके 47, 06 नग एसएलआर, 03 नग इन्सास, 2 नग थ्री नॉट थ्री सहित अन्य हथियार बरामद हुए। पुलिस बल के जवानों की टीम दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले के सीमावर्ती इलाके में पूर्वी बस्तर डिवीजन, पीएलजीए कंपनी 6, इंद्रावती एरिया कमेटी, प्लाटून 16 इत्यादि के शीर्ष नक्सलियों के आने की सूचना के आधार पर सर्चिग ऑपरेशन के लिए निकले थे। इस संयुक्त टीम में दंतेवाड़ा डीआरजी, नारायणपुर डीआरजी और एसटीएफ शामिल थे। भारी बरसात में उफनते नदी नालों और माड़ की पहाड़ियों को पार कर पुलिस जवानों की टीम नक्सलियों के जमा होने वाले इलाके में पहुंची, और यहां हुई जबरदस्त मुठभेड़ में 31 माओवादियों को मार गिराया। यह सुरक्षा बलों के लिए बहुत बड़ी सफलता है। इस बड़े ऑपरेशन में एक मात्र जवान घायल जवान के अलावा अन्य सभी जवान सुरक्षित रहे। इस अवसर पर पुलिस बल नेतृत्व कर रहे एडिशनल एसपी श्री स्मृतिक राजनाला पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर सभी जवानों को बधाई देते हुए कहा कि मैं केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार की ओर सभी जवानों के लिए शुभकामना संदेश लेकर आया हूूॅ, आपके अदभूत पराक्रम और शौर्य से बस्तर में सुख-शांति फिर से लौटेगी। इस अभियान से आपने देश और दुनिया की सोच बदली है, और मॉ दंतेश्वरी की कृपा इस भीषण मुठभेड़ में किसी भी जवान को कोई हानि नहीं हुई। बस्तर शांति का टापू रहा है, परन्तु कुछ दिग्भ्रमित लोगों के कारण यह की शांति भंग हुई है। हमारे सुरक्षा बल और पुलिस के जवान ऐसे लोगों को नेस्तनाबूद करके ही रहेंगे। यह छत्तीसगढ़ सबसे बड़ा ऑपरेशन रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणाम मिले है। कृषि एवं आदिवासी विकास विभाग मंत्री रामविचार नेताम इस सफल ऑपरेशन को विजय दिवस की संज्ञा देते हुए कहा कि इस सफलता से पूरा देश गौरवान्वित है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि इस सफल ऑपरेशन की चर्चा छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिलों में है। इससे माओवाद मुक्त बस्तर अभियान को एक नयी गति मिली है। इसके लिए सुरक्षा बलों सहित आईजी, डीआईजी तथा कलेक्टर, एसपी सभी बधाई के पात्र है।

48 घंटे में नक्सलियों से हुआ सबसे बड़ा एनकाउंटर, छत्तीसगढ़-दंतेवाड़ा में 12 किमी तक नदी-नाले और पहाड़ी चढ़कर पहुंचे जवान

दंतेवाड़ा: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिले की सीमा में सुरक्षाबलों के लगभग 1500 जवानों ने 48 घंटे तक चले नक्सल विरोधी अभियान में 31 नक्सलियों को मार गिराया। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से यह पहली बार है जब सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों को मार गिराया है। इससे पहले अप्रैल माह में कांकेर जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में उच्च पदस्थ कैडर सहित 29 नक्सलियों को मार गिराया था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दंतेवाड़ा जिले के बारसूर थाना और नारायणपुर जिले के ओरछा थाना क्षेत्र के अंतर्गत गवाड़ी, थुलथुली, नेंदूर और रेंगावाया गांव के मध्य पहाड़ी पर माओवादियों के कंपनी नंबर छह तथा पूर्वी बस्तर डिवीजन आदि के नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना मिली थी। सूचना के बाद गुरुवार को दोपहर बाद दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले से डीआरजी और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के लगभग 1500 जवानों को नक्सल विरोधी अभियान में रवाना किया गया था। एक बजे से शुरू हुई मुठभेड़ दंतेवाड़ा जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरके बर्मन ने बताया कि तीन अक्टूबर को शुरू किया गया यह अभियान दो दिनों तक चला और यह राज्य में अब तक का सबसे बड़ा सफल नक्सल विरोधी अभियान साबित हुआ। बर्मन ने बताया कि शुक्रवार दोपहर लगभग एक बजे सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई और देर शाम नेंदूर और थुलथुली गांवों के बीच जंगल में समाप्त हुई। 12 किमी की ऊंची पहाड़ी चढ़ना पड़ा उन्होंने बताया कि शुक्रवार को मुठभेड़ स्थल से 28 नक्सलियों के शव बरामद किए गए थे, जबकि शनिवार को तीन और शव बरामद किए गए। मारे गए कथित नक्सली ‘वर्दी’ में थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों ने तलाशी अभियान में मदद की और नक्सलियों के शव दंतेवाड़ा लाए जा रहे हैं। बर्मन ने बताया कि मुठभेड़ स्थल तक पहुंचने के लिए खेतों और कच्चे रास्तों से मोटरसाइकिल पर लगभग 10 किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ता है तथा करीब 12 किलोमीटर पहाड़ी रास्तों पर चढ़ना पड़ता है। कुछ स्थानों पर नक्सलियों के पोस्टर भी देखे जा सकते हैं। नदीं को करना पड़ा पार उन्होंने बताया कि इंद्रावती एरिया कमेटी, पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) कंपनी नंबर छह और माओवादियों के प्लाटून 16 का गढ़ माने जाने वाले इस इलाके में प्रवेश करने के लिए छिंदनार गांव में इंद्रावती नदी से होकर गुजरना पड़ता है, जहां एक किलोमीटर से अधिक लंबा पुल बनाया गया है। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया, ”नक्सलियों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, लेकिन प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि वे पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) कंपनी नंबर छह, माओवादियों के प्लाटून 16 और माओवादियों के पूर्वी बस्तर डिवीजन के थे।” नक्सलियों की नहीं हुई पुष्टि सुंदरराज ने कहा कि पुलिस को डीकेएसजेडसी (दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी) के सदस्य कमलेश, नीति, कमांडर नंदू जैसे बड़े नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना मिली थी। वे मारे गए लोगों में शामिल हैं या नहीं, यह उनकी पहचान सुनिश्चित होने के बाद पता चलेगा। अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान माओवादियों द्वारा दागे गए अंडर बैरल ग्रेनेड लांचर (बीजीएल) के एक गोले में विस्फोट होने से राज्य पुलिस के जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) का एक जवान घायल हो गया। आधुनिक हथियार बरामद किए गए पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि सुरक्षाबलों ने शवों के साथ मुठभेड़ स्थल से एके-47 राइफल, एसएलआर (सेल्फ लोडिंग राइफल), इंसास राइफल, एलएमजी राइफल और .303 राइफल समेत हथियारों का जखीरा भी बरामद किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस सफल अभियान के लिए सुरक्षा बलों की सराहना की है और कहा है कि ‘डबल इंजन’ सरकार (राज्य और केंद्र में भाजपा सरकार) नक्सली खतरे को खत्म करने के लिए दृढ़ संकल्प है। अब तक 188 नक्सली मारे गए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मुठभेड़ के बाद इस वर्ष अब तक दंतेवाड़ा और नारायणपुर समेत सात जिलों वाले बस्तर क्षेत्र में अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने 188 माओवादियों को मार गिराया है। इससे पहले 16 अप्रैल को कांकेर जिले में सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गए थे, जिनमें कुछ उच्च पदस्थ नक्सली भी शामिल थे।

माओवादियों से लोहा लेने वाले जांबाज जवानों का बढ़ाया हौसला, छत्तीसगढ़-दंतेवाड़ा पहुंचे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

दंतेवाड़ा. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि एवं आदि विकास मंत्री रामविचार नेताम एवं वनमंत्री केदार कश्यप आज दंतेवाड़ा पहुंचे। दंतेवाड़ा के कारली स्थित रक्षित केन्द्र के कॉन्फ्रेंस हॉल में उप मुख्यमंत्री शर्मा एवं मंत्रीद्वय ने सुरक्षा बलों के जांबाज जवानों से मुलाकात की और उनके साहसिक और सफल ऑपरेशन की सराहना कर उनका हौसला बढ़ाया। गौरतलब है कि बीते 4 अक्टूबर को दंतेवाड़ा एवं नारायणपुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र नेन्दूर व थुलथुली में माओवादियों के विरूद्व सुरक्षा बलों के जवानों ने माओवादियों से हुई मुठभेड़ में अपने अदम्य साहस से 31 माओवादियों को मार गिराया था। इस मुठभेड़ में पुलिस बलों द्वारा डीकेएसजेडसी, डीवीसी, पीएलजीए कंपनी नंबर 6 के कई कैडर सहित  18 पुरुष एवं 13 महिला कुल 31 सशस्त्र वर्दीधारी माओवादी को ढेर कर दिया था। इस मुठभेड़ में बड़ी संख्या में नक्सलियों के घायल होने की सूचना है। मारे गए माओवादियों में 25 लाख का इनामी डीकेएसजेडसी एवं पूर्वी बस्तर इंचार्ज नीति उर्फ उर्मिला भी शामिल थी। मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों में से अब तक हुई 15 शिनाख्तगी में डीकेएसजेडसी के अलावा दो कैडर 8 लाख इनामी डीबीसीएम एवं 9 कैडर पीएलजीए कंपनी 6 माओवादियों भी शामिल है। इस घटना में 01 नग एलएमजी, 04 नग एके 47, 06 नग एसएलआर, 03 नग इन्सास, 2 नग थ्री नॉट थ्री सहित अन्य हथियार बरामद हुए। पुलिस बल के जवानों की टीम दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले के सीमावर्ती इलाके में पूर्वी बस्तर डिवीजन, पीएलजीए कंपनी 6, इंद्रावती एरिया कमेटी, प्लाटून 16 इत्यादि के शीर्ष नक्सलियों के आने की सूचना के आधार पर सर्चिग ऑपरेशन के लिए निकले थे। इस संयुक्त टीम में दंतेवाड़ा डीआरजी, नारायणपुर डीआरजी और एसटीएफ शामिल थे। भारी बरसात में उफनते नदी नालों और माड़ की पहाड़ियों को पार कर पुलिस जवानों की टीम नक्सलियों के जमा होने वाले इलाके में पहुंची, और यहां हुई जबरदस्त मुठभेड़ में 31 माओवादियों को मार गिराया। यह सुरक्षा बलों के लिए बहुत बड़ी सफलता है। इस बड़े ऑपरेशन में एक मात्र जवान घायल जवान के अलावा अन्य सभी जवान सुरक्षित रहे। इस अवसर पर पुलिस बल नेतृत्व कर रहे एडिशनल एसपी स्मृतिक राजनाला पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर सभी जवानों को बधाई देते हुए कहा कि मैं केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार की ओर सभी जवानों के लिए शुभकामना संदेश लेकर आया हूूॅ, आपके अदभूत पराक्रम और शौर्य से बस्तर में सुख-शांति फिर से लौटेगी। इस अभियान से आपने देश और दुनिया की सोच बदली है, और मॉ दंतेश्वरी की कृपा इस भीषण मुठभेड़ में किसी भी जवान को कोई हानि नहीं हुई। बस्तर शांति का टापू रहा है, परन्तु कुछ दिग्भ्रमित लोगों के कारण यह की शांति भंग हुई है। हमारे सुरक्षा बल और पुलिस के जवान ऐसे लोगों को नेस्तनाबूद करके ही रहेंगे। यह छत्तीसगढ़ सबसे बड़ा ऑपरेशन रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणाम मिले है। कृषि एवं आदिवासी विकास विभाग मंत्री रामविचार नेताम इस सफल ऑपरेशन को विजय दिवस की संज्ञा देते हुए कहा कि इस सफलता से पूरा देश गौरवान्वित है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि इस सफल ऑपरेशन की चर्चा छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिलों में है। इससे माओवाद मुक्त बस्तर अभियान को एक नयी गति मिली है। इसके लिए सुरक्षा बलों सहित आईजी, डीआईजी तथा कलेक्टर, एसपी सभी बधाई के पात्र है।

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