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मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा- उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के लिये इंदौर में बनेगा गेस्ट हाउस

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि इंदौर में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायाधीशों के लिए गेस्ट हाउस बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेसीडेन्सी कोठी परिसर इंदौर में गेस्ट हाउस का शिलान्यास किया। इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री जे. के. माहेश्वरी, न्यायमूर्ति श्री एस.सी.शर्मा, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री सुरेश कुमार कैत, उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायमूर्ति एवं निर्माण समिति के चेयरमैन श्री संजीव सचदेवा मौजूद रहे। शिलान्यास समारोह में उच्च न्यायालय के एडमिनिस्ट्रेटिव जज श्री विवेक रुसिया,उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल श्री धर्मेन्द्र सिंह, न्यायामूर्ति श्री आनंद पाठक सहित उच्च न्यायालय के न्यायामूर्ति एवं एडवोकेट विशेष रूप से उपस्थित थे। इस मौके पर नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, श्री रमेश मेंदोला, श्री गोलू शुक्ला,श्री सुमित मिश्रा, संभागायुक्त श्री दीपक सिंह, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष सिंह, कलेक्टर श्री आशीष सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- जिला अस्पतालों में उपलब्ध होंगे शव वाहन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ऐसे भाई-बहन जो पारिवारिक सदस्य की मृत्यु के बाद शव को घर ले जाने में असमर्थ है, उन सभी के लिए राज्य सरकार शव वाहन से पार्थिव देह घर तक पहुंचाने का कार्य करेगी। शुरुआत में यह व्यवस्था जिला स्तर पर लागू की जा रही है, जिसे बाद में विकासखण्ड और तहसील तक विस्तार मिलेगा। सड़क दुर्घटना एवं अन्य विषम परिस्थितियों में मृत्यु होने पर परिजन को शव वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मीडिया को जारी संदेश में कहा कि प्रदेश सरकार अति संवेदनशील है और मुश्किल समय में लोगों की पीड़ा समझती है। शव वाहन उपलब्ध कराने के संबंध में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- मध्यप्रदेश तेजी से एक नए युग में प्रवेश कर रहा है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश तेजी से एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। राज्य के प्रत्येक कोने को आपस में जोड़ने और आर्थिक विकास को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए आधुनिक सड़क अवसंरचना तैयार है। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट भोपाल के पहले ही दिन, हमारी सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साथ 1 लाख करोड़ रूपये के ऐतिहासिक समझौते ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। ये एमओयू राज्य में 4010 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजनाओं के निर्माण और विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगे। इससे मध्यप्रदेश भविष्य में न केवल देश का, बल्कि दक्षिण एशिया का एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये समझौते केवल सड़कें बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार, रोजगार सृजन और बेहतर जीवनशैली के लिए आधार स्तंभ साबित होंगे। उन्होंने कहा कि जब कोई राज्य मजबूत सड़क नेटवर्क से जुड़ता है, तो वहां व्यापार, निवेश और उद्योगों की वृद्धि भी स्वाभाविक रूप से होती है। हमारा लक्ष्य मध्यप्रदेश को भारत का सबसे विकसित और आधुनिक राज्य बनाना है, और यह समझौता उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक सड़क परियोजनाएं जो मध्यप्रदेश के भविष्य को आकार देंगी जीआईएस-भोपाल में हुए इन ऐतिहासिक एमओयू से कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का विकास होगा। जीआईएस-भोपाल में सड़क अवसंरचनाओं के सुदृढ़ीकरण के लिये एमओयू पर हस्ताक्षर हुए है। इनमें इंदौर-भोपाल ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर, भोपाल-जबलपुर ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर, प्रयागराज-जबलपुर-नागपुर कॉरिडोर, लखनादौन-रायपुर एक्सप्रेसवे, आगरा-ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग, उज्जैन-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग, इंदौर रिंग रोड (पश्चिमी और पूर्वी बायपास), जबलपुर-दमोह राष्ट्रीय राजमार्ग, सतना-चित्रकूट राष्ट्रीय राजमार्ग, रीवा-सिद्धी राष्ट्रीय राजमार्ग और ग्वालियर शहर के पश्चिमी छोर पर 4-लेन बायपास शामिल है। नवीन सड़क परियोजनाएं न केवल मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मार्गों से जोड़ेंगी, बल्कि राज्य के प्रमुख शहरों को भी आपस में बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी। इससे यात्रा का समय घटेगा, लॉजिस्टिक्स और माल परिवहन की लागत कम होगी, तथा कृषि, उद्योग, पर्यटन और व्यापार क्षेत्रों को नए अवसर मिलेंगे। राज्य के आर्थिक विकास में योगदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोई भी राज्य तभी प्रगति करता है जब वहाँ सशक्त बुनियादी ढांचा, कुशल परिवहन प्रणाली और मजबूत आर्थिक मॉडल उपलब्ध होते हैं। इन समझौतों से मध्यप्रदेश को एक नए औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब सड़कें बेहतर होंगी, तो उद्योगों को अपने उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने में आसानी होगी। इससे मध्यप्रदेश में नए उद्योग स्थापित होंगे और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। किसान अपने उत्पादों को तेजी से मंडियों और शहरों तक पहुंचा सकेंगे, जिससे उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। राज्य की पर्यटन स्थलों तक पहुँचने में सुगमता आएगी। इससे पर्यटन उद्योग को भी नया जीवन मिलेगा। इस परियोजना के तहत हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। सड़क निर्माण के दौरान इंजीनियर, श्रमिक, तकनीकी विशेषज्ञ और स्थानीय उद्यमी इससे लाभान्वित होंगे। नई सड़क परियोजनाओं से लॉजिस्टिक्स, होटल, रेस्तरां और अन्य व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा। टाइम बाउंड प्रोजेक्ट: समय पर पूरा करने की प्रतिबद्धता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार तेज़ी से परियोजनाओं को लागू करने और समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इन सभी परियोजनाओं को विश्व स्तरीय तकनीक, टिकाऊ निर्माण प्रक्रियाओं और उच्च गुणवत्ता वाले मानकों के साथ विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित विभागों को हर आवश्यक सहायता प्रदान कर ये परियोजनाएँ तय समय सीमा के भीतर पूरी हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत भी कई इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को बढ़ावा दे रही है, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गति और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के “विकसित भारत” मिशन का म.प्र प्रमुख केन्द्र प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेज़ी से वैश्विक इंफ्रास्ट्रक्चर लीडर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश इस योजना का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का सपना भारत को एक $5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने का है। जीआईएस-भोपाल में हुए एमओयू उसी दृष्टि से एक महत्वपूर्ण पहल है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद, मध्यप्रदेश देश की सबसे आधुनिक और कुशल परिवहन प्रणाली वाले राज्यों में शामिल हो जाएगा। भविष्य की दृष्टि: आत्म-निर्भर और विकसित मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश में इन ऐतिहासिक समझौते (एमओयू) के साथ एक नए युग की शुरुआत हो रही है। ये परियोजनाएँ राज्य के प्रत्येक नागरिक को एक उज्जवल भविष्य देने का मार्ग प्रशस्त करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कितेज़, सुरक्षित और विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क, बेहतर लॉजिस्टिक्स और व्यापार के अवसर, उद्योगों के लिए आसान परिवहन और निर्यात के नए मार्ग, सड़क निर्माण से लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर और हर नागरिक के लिए सुगम और सुविधाजनक यात्रा के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है।  

मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक प्रयासों से औद्योगिक विकास के नए युग की ओर अग्रसर है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक प्रयासों से औद्योगिक विकास के नए युग की ओर अग्रसर है। निवेशकों को अधिक प्रभावी अवसर देने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में राज्य के प्रमुख 6 सेक्टर्स पर केंद्रित समिट के आयोजन की महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। यह पहली बार होगा जब हर सेक्टर के विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और निवेशक एक मंच पर आकर विशेषज्ञ चर्चाओं, अवसरों और नीतिगत सुधारों पर संवाद करेंगे। इससे निवेश प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाया जा सकेगा। देश का आकर्षक डेस्टिनेशन बनता मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की अद्वितीय भौगोलिक स्थिति, समृद्ध प्राकृतिक संसाधन, विकसित बुनियादी ढांचा और उद्योग-अनुकूल नीतियां इसे निवेश के लिए देश का सबसे आकर्षक डेस्टिनेशन बनाती हैं। शहरी विकास, पर्यटन, माइनिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, आईटी और एमएसएमई, ये सभी क्षेत्र अपनी असीमित संभावनाओं और अनुकूल वातावरण से निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। मध्यप्रदेश न केवल देश का पहला डायमंड प्रोड्यूसिंग स्टेट है, बल्कि ग्रीन एनर्जी हब, विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र और उभरते हुए टेक्नोलॉजी हब के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। इन विभागीय समिट से सरकार निवेशकों को नीतिगत प्रोत्साहन, संसाधनों की उपलब्धता और औद्योगिक ईको सिस्टम की मजबूती से अवगत कराएगी। इससे जीआईएस में होने वाली चर्चाएं वास्तविक निवेश प्रस्तावों में तब्दील हो सकेंगी। शहरी विकास समिट मध्यप्रदेश का शहरी बुनियादी ढांचा तेजी से सुदृढ़ हो रहा है। राज्य की स्मार्ट सिटी परियोजनाएं, मेट्रो रेल प्रोजेक्ट और लॉजिस्टिक्स हब इसे एक आदर्श रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश डेस्टिनेशन बना रहे हैं। जीआईएस में शहरी विकास समिट के माध्यम से स्मार्ट और सतत् शहरों के निर्माण पर केंद्रित चर्चा होगी, जिससे नवाचार और आधुनिक शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन समिट मध्यप्रदेश को ‘भारत का दिल’ कहा जाता है और इसके धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक सौन्दर्य से पूर्ण पर्यटन क्षेत्र पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। खजुराहो, उज्जैन, साँची, पचमढ़ी, कान्हा और बांधवगढ़ जैसे विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर उपलब्ध कराने के लिये तैयार हैं। पर्यटन समिट में हॉस्पिटैलिटी, थीम-बेस्ड डेस्टिनेशन और एडवेंचर टूरिज्म में निवेश को बढ़ावा देने के लिए गहन चर्चा होगी। माइनिंग समिट मध्यप्रदेश खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। यह देश में डायमंड, लाइमस्टोन, बॉक्साइट, कोयला, मैंगनीज और तांबे का प्रमुख उत्पादक है। पन्ना स्थित एशिया की एकमात्र डायमंड माइंस और विशाल कोयला भंडार राज्य को माइनिंग इंडस्ट्री के लिए एक आदर्श डेस्टिनेशन बनाते हैं। जीआईएस में माइनिंग समिट से खनन आधारित उद्योगों, मूल्यवर्धित प्र-संस्करण और नीतिगत प्रोत्साहनों पर चर्चा होगी। रिन्यूएबल एनर्जी समिट मध्यप्रदेश ग्रीन एनर्जी हब बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। रीवा सोलर प्लांट, ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और ग्रीन हाइड्रोजन में हो रहे विकास इसे नवकरणीय ऊर्जा निवेशकों के लिए एक प्रमुख केंद्र बना रहे हैं। जीआईएस में आयोजित रिन्यूएबल एनर्जी समिट में सौर, पवन और हाइड्रोजन ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश के लिए ठोस रणनीतियां प्रस्तुत की जाएंगी। आईटी एंड टेक्नोलॉजी समिट मध्यप्रदेश अब टेक्नोलॉजी और डिजिटल इनोवेशन का केंद्र बन रहा है। इंदौर आईटी हब, डेटा सेंटर पॉलिसी, स्टार्ट-अप ईको सिस्टम और उभरते एआई और साइबर सिक्योरिटी क्षेत्रों में तेजी से निवेश आ रहा है। जीआईएस में आईटी समिट के माध्यम से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आईटी पार्क और नई टेक्नोलॉजीज पर निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया जाएगा। एमएसएमई समिट मध्यप्रदेश का एमएसएमई सेक्टर राज्य की आर्थिक रीढ़ है, जहां लाखों सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम कार्यरत हैं। वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना, नए क्लस्टर और निर्यात प्रोत्साहन नीतियां इसे निवेश के लिए एक डेस्टिनेशन बना रही हैं। एमएसएमई समिट में उद्योगों को वित्तीय सहयोग, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और नए बाजारों तक पहुंच को लेकर चर्चा होगी। प्रवासी समिट मध्यप्रदेश प्रवासी भारतीयों को प्रदेश के उद्योग, स्टार्ट-अप, पर्यटन, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया गया है। यह समिट न केवल राज्य की आर्थिक प्रगति में प्रवासी भारतीयों की भागीदारी सुनिश्चित करेगा, बल्कि मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मध्यप्रदेश प्रवासी भारतीय समिट का उद्देश्य विश्वभर में बसे मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों को एक मंच पर लाना और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने के साथ ही मध्यप्रदेश के विकास में प्रवासी भारतीयों की भूमिका पर चर्चा की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्कूल शिक्षा विभाग के सांस्‍कृतिक कार्यक्रम अनुगूंज 2024-25 का 10 जनवरी को शुभारंभ करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्कूल शिक्षा विभाग के सांस्‍कृतिक कार्यक्रम “अनुगूंज 2024-25” का 10 जनवरी को शुभारंभ करेंगे। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम 10 जनवरी को सांय 05:30 बजे से शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय, भोपाल में होगा। अनुगूँज के प्रथम भाग ‘धनक’ के अंतर्गत गायन-वादन के साथ ही भारत के विविध शास्‍त्रीय नृत्‍य मोहनीअट्टम, भरतनाट्यम, ओडिसी और कथक नृत्‍य आदि की मनमोहक प्रस्‍तुतियॉं होगी। वहीं कार्यक्रम के द्वितीय भाग ‘रंगकार’ में प्रसिद्ध नाटक “चरन दास चोर” का मंचन विद्यार्थियों द्वारा किया जायेगा। इन सभी प्रस्तुतियों में सहभागी विद्यार्थियों ने मात्र 1 माह की अल्पावधि में इन प्रस्तुतियों के लिए खुद को तैयार किया है। आत्‍मानुशासन, लगन, उत्साह और जोश के साथ विभिन्‍न शासकीय विद्यालयों के लगभग 600 विद्याथियों ने अपनी अभिव्यक्ति को नए सोपान देने का प्रयास अनुगूँज में किया जायेगा। विभाग द्वारा अनुगूँज के आकल्पन को आकार देने के लिए प्रदेश के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त रंगकर्मी और कलाकारों को मेंटोर्स के रूप में संयोजित किया गया है। इन मेंटोर्स ने एक कुशल मार्गदर्शक के रूप में इस विशेष कार्यक्रम और भविष्य के लिए भी इन विद्यार्थियों को विभिन्न कलाओं में पारंगत कराया है। अनुगूंज समारोह, स्कूल शिक्षा विभाग का एक रचनात्मक प्रयास है, जो विद्यार्थियों की शिक्षा के साथ उनके रचनात्मक और सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है। राज्‍य स्‍तरीय आयोजन में राजधानी भोपाल की शासकीय शालाओं के लगभग 600 विद्यार्थी सहभागिता करेंगे। प्रदेश के राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त कलाकार विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रहें है, जिनमें पद्मविभूषण पंडित जसराज जी की शिष्‍या और वरिष्‍ठ ख्‍याल गायिका डॉ. नीलांजना वशिष्‍ठ, मोहनीअट्टम नृत्‍य की शीर्षस्‍थ कलाकार और गुरू सुश्री कविता शाजी, भरतनाट्यम शैली की शीर्षस्‍थ नृत्‍य गुरू सुश्री भारती होम्‍बल, ओडिसी नृत्‍य की अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍यातिप्राप्‍त नृत्‍य गुरू सुश्री बिंदु जुनेजा और शिखर सम्‍मान से विभूषित रायगढ घराने की नृत्‍य गुरू डॉ. विजया शर्मा के साथ ही प्रयोगधर्मी नाट्य निदेशक श्री सौरभ अनंत जैसे शीर्षस्‍थ कला मनीषी शामिल हैं। “एक भारत-श्रेष्‍ठ भारत” की अवधारणा पर सजी अनुगूँज की इन प्रस्‍तुतियों को साकार करने के लिए विशाल मंच का निर्माण भी दक्षिण भारत के 900 वर्ष प्राचीन चंकेश्‍वर महादेव मंदिर के प्रादर्श पर तैयार किया गया है।  

5 जनवरी को राहगीरी के आनंदोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव खुद शामिल होंगे, अपनी-अपनी कलाओं का प्रदर्शन

उज्जैन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के शहर उज्जैन में राहगीरी का आयोजन किया जा रहा है. इस राहगीरी में 5 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव खुद शामिल होंगे, इसलिए लेकर तैयारी शुरू हो रही है. राहगीरी का आयोजन कोरोना काल के पहले उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ही शुरू किया था. यह आयोजन नगर निगम और जिला प्रशासन के सहयोग से होता है. उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और सुबह जल्दी उठकर व्यायाम करने के उद्देश्य से राहगीरी को शुरू किया गया था.  राहगीरी के माध्यम से स्थानीय खेल को भी काफी बढ़ावा मिलता है.  यह आयोजन उज्जैन का अपना अलग ही आयोजन है. इसे नगर निगम, जिला प्रशासन, आनंद विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है. अभी नहीं आया है CM यादव का अधिकृत कार्यक्रम 5 जनवरी और 19 जनवरी को उज्जैन में कोठी मार्ग पर इसका आयोजन होगा, जिसकी तैयारियां की जा रही है. इस आयोजन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की शामिल होंगे. अभी उनका अधिकृत कार्यक्रम नहीं आया है, लेकिन उन्होंने उज्जैन आगमन की स्वीकृति दी है. राहगीरी का आयोजन 1 किलोमीटर लंबे मार्ग पर होता है इस रविवार को ही आयोजित किया जाता है, ताकि सभी लोगों को शामिल होने का अवसर मिल सके. अपनी-अपनी कलाओं का प्रदर्शन राहगीरी कार्यक्रम में संगीत खेलकूद व्यायाम नृत्य सहित विद्यार्थियों से लेकर बड़ों तक अपनी कला का प्रदर्शन किया जाता है. म्यूजिकल ग्रुप के संयोजक वैभव यादव के मुताबिक आयोजन में लोग बढ़ चढकर हिस्सा लेते हैं. यह आयोजन पिछले कई सालों से उज्जैन में लगातार हो रहा है. इसका एक उद्देश्य कलाकारों को प्लेटफार्म भी उपलब्ध कराना है.

सुशासन के जरिए लोक कल्याण ही सरकार का मूल ध्येय है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सुशासन के जरिए लोक कल्याण ही सरकार का मूल ध्येय है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि हमारे प्रयासों का अधिकतम लाभ जनता को ही मिले। राज्य सरकार इसी दिशा में आगे बढ़ रही है। जनता के कल्याण के लिए हम दिन-रात काम करेंगे। सरकार इस काम से कभी पीछे नहीं हटेगी। हम अपनी ऊर्जा का अधिकतम उपयोग जनकल्याण के लिए करेंगे। जनता की शत-प्रतिशत संतुष्टि ही हमारा पुण्य फल और पारितोषिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को नर्मदापुरम संभाग में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र में विकास कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कराने में सरकार को समुचित सहयोग भी करें। मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक में राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, वरिष्ठ विधायक डॉ. सीताशरण शर्मा, विधायक श्री चंद्रशेखर देशमुख, विधायक श्री विजय पाल सिंह सहित अन्य क्षेत्रीय विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों ने बैठक में वर्चुअली सहभागिता की। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव श्री एस.एन, मिश्रा, अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन, प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव श्री संजय शुक्ल, प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। जनहित के कार्यों में विशेष रूचि लें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे जनता से जुड़े कार्यों को पूरा कराने में विशेष रूचि लें। सुशासन के जरिए ही जनता का सरकार पर भरोसा कायम रहता है। हम अपने क्षेत्र में सुशासन के जरिए जनकल्याण के लक्ष्य को प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि सभी विधायक अपने संभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के 5-5 प्रमुख बड़े निर्माण कार्यों सहित अन्य प्रस्ताव लिखित में दें। सरकार सभी निर्माण कार्यों को समय पर पूरा कराएगी और प्रस्तावों पर समुचित निर्णय लेगी। जनकल्याण अभियान से जुड़े, पात्र हितग्राहियों को दिलाएं लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदापुरम संभाग क्षेत्र के विधायकों से गत 11 दिसम्बर 2024 से चल रहे जनकल्याण अभियान के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि यह जनता के कल्याण का अभियान है, जो जनप्रतिनिधियों की सहभागिता के बगैर पूरा नहीं हो सकता। जनप्रतिनिधि जनता के बीच जाएं और उनसे अभियान के उद्देश्यों और लक्ष्यों के बारे में व्यक्तिश: जानकारी लें। प्रयास करें कि सभी पात्र हितग्राहियों को अभियान का लाभ मिले। यदि किसी समस्या के कारण हितग्राही को हितलाभ देने में कठिनाई आ रही है, तो कलेक्टर, कमिश्नर या शासन स्तर से मार्गदर्शन लेकर उसका निराकरण कराएं। विजन डाक्यूमेंट भेजें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन विधायकों ने अब तक अपनी विधानसभा क्षेत्र का विजन डाक्यूमेंट (विकास का रोडमैप) तैयार नहीं किया है, वे जल्द से जल्द डाक्यूमेंट तैयार कर उन्हें (मुख्यमंत्री सचिवालय को) भेज दें। सरकार प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों के विजन डाक्यूमेंट पर गंभीरता से काम कर रही है। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की सफलता पर मुख्यमंत्री का आभार जताया बैठक में वर्चुअली जुड़े जनप्रतिनिधियों ने नर्मदापुरम में गत माह 7 दिसम्बर को सम्पन्न हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव पर हर्ष जताया और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हृदय से आभार माना। नर्मदापुरम के जनप्रतिनिधियों ने कहा कि आगामी नर्मदापुरम प्रवास पर मुख्यमंत्री का नागरिक अभिनंदन किया जाएगा। विधायकों से वन-टू-वन चर्चा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायकों से भी वन-टू-वन चर्चा की। विधायक सोहागपुर की ओर से माखननगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन कर यहां 50 बेड स्वीकृत करने का आग्रह प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तहसील बनखेड़ी में शासकीय आईटीआई केन्द्र खोले जाने की मांग पर तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के अधिकारियों को इस पर त्वरित कार्यवाही करने को कहा। सोहागपुर विधायक द्वारा एसडीएम कार्यालय सोहागपुर एवं माखन नगर के साथ अन्य विभागों के नवीन कार्यालय भवन के निर्माण के लिए 10 करोड़ रूपए मंजूर करने की मांग रखी गई। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव राजस्व को समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- ई-मंडी योजना एक जनवरी से प्रदेश की बी-क्लास की 41 मंडियों में विस्तारित की जा रही है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ई-मंडी योजना एक जनवरी 2025 से प्रदेश की बी-क्लास की 41 मंडियों में विस्तारित की जा रही है। मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड (मंडी बोर्ड) अपनी महत्वपूर्ण ई-मंडी योजना का विस्तार कर रहा है। पूर्व से ई-मंडी योजना 42 मंडियों में क्रियाशील है। मंडियों को सर्वसुविधायुक्त बनाने के लिये प्रदेश में निरंतर कार्य किया जा रहा है। ई-मंडी योजना से किसान मंडियों में अपनी उपज के विक्रय के लिये स्वयं अपनी पर्ची बना सकेंगे। मंडी ऐप से किसानों को सुविधा होगी। उन्हें उपज विक्रय के लिये या प्रवेश पर्ची के लिये लाईन में नहीं लगना होगा। ई-मंडी योजना के तहत मंडी प्रांगण में प्रवेश से लेकर नीलामी, तौल तथा भुगतान तक की कार्यवाही कंप्यूटराइज्ड रहेगी। मंडियों को हाईटेक बनाया जा रहा है। लक्ष्य रखा गया है कि 01 अप्रैल 2025 से सभी 259 मंडियां ई-मंडी के रूप में कार्य करें। मोबाइल ऐप से प्रक्रिया होगी सरल मंडी ऐप के द्वारा किसान भाइयों के लिये प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। किसानों को यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है कि वह मंडी आने से पहले मंडी में अपनी प्रवेश पर्ची स्वयं अपने मोबाइल से बना सकते हैं। एक बार प्रवेश पर्ची बन जाने पर बार-बार उन्हें अपना संपूर्ण डाटा मंडी में देने की आवश्यकता नहीं रहेगी। प्रवेश पर्ची बन जाने से किसान सीधे मंडी प्रांगण के नीलामी स्थलों पर जाकर अपनी कृषि उपज की नीलामी करा सकते हैं। नीलामी की कार्यवाही भी मिलेगी मोबाइल पर नीलामी की कार्यवाही की जानकारी किसानों को मोबाइल पर भी प्राप्त होगी। तुलावटी भाईयों को ई-मंडी योजना का प्रशिक्षण दिया गया है। वे एंड्रॉयड मोबाइल पर की गई तौल का फाइनल वजन दर्ज करेंगे और उन्हें कोई भी जानकारी लिखने की आवश्यकता नहीं रहेगी। साथ ही व्यापारी साथियों को भी भुगतान पत्रक बनाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। ई-मंडी योजना में व्यापारी की आईडी पर रेडीमेड भुगतान पत्रक प्रदर्शित होगा। व्यापारी को उनके द्वारा किसानों को किये जा रहे भुगतान की सिर्फ एंट्री ही करनी होगी। रियल टाइम होगा उपज रिकार्ड का संधारण ई-मंडी योजना से किसानों द्वारा मंडी में विक्रय की जा रही कृषि उपज का रिकार्ड संधारण रियल टाइम ऑनलाइन होगा। इससे मंडियों में भीड़-भाड़ भी नहीं होगी और असुविधा भी नहीं होगी। किसान भाइयों को प्रवेश, अनुबंध, तौल तथा भुगतान करने के बाद उनके मोबाइल पर एसएमएस तथा व्हाट्सएप मैसेज प्राप्त होगा। किसानों को यह जानकारी रहेगी कि उनकी उपज किस व्यापारी द्वारा कितने दाम पर खरीदी गई है।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- प्रदेश में सोयाबीन फसल उत्पादन में बीते वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सोयाबीन फसल उत्पादन में बीते वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार सोयाबीन का उपार्जन जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि सोयाबीन के अलावा किसानों को दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन के लिए भी प्रोत्साहित किया जायेगा। इसके लिए किसानों के साथ चर्चा कर योजना बनाई जाएगी। उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में अधिक लाभ है, इसलिए किसानों को उद्यानिकी फसलों की ओर प्रवृत्त किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में सोयाबीन उपार्जन की समीक्षा बैठक में यह बात कही। सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव एवं कृ‍षि उत्पादन आयुक्त श्री मोहम्मद सुलेमान, अपर मुख्य सचिव सहकारिता श्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी, सचिव किसान-कल्याण तथा कृषि विकास श्री एम. सेलवेन्द्रन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उपार्जन के बाद भुगतान भी जल्द से जल्द हो मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी सोयाबीन उत्पादक किसानों से उपार्जन कर उन्हें जल्द से जल्द भुगतान भी सुनिश्चित किया जाए। उपार्जन में किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई या बारदाने की समस्या न आने पाए। उपार्जित सोयाबीन का उठाव और भंडारण विधिवत तरीके से हो और उपज को ओला-पाला एवं बारिश से बचाया जाये। 31 दिसम्बर तक होगा सोयाबीन उपार्जन बैठक में सचिव किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने जानकारी दी कि प्रदेश में सोयाबीन उपार्जन 25 अक्टूबर से किया जा रहा है, जो 31 दिसम्बर तक चलेगा। गत 26 दिसम्बर तक 2 लाख 4 हजार किसान अपना सोयाबीन बेच चुके हैं। इन किसानों से 5 लाख 89 हजार मीट्रिक टन सोयाबीन उपार्जित किया गया है। आगामी 31 दिसम्बर तक करीब साढ़े 6 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन उपार्जन का अनुमान है। प्रदेश में भोपाल संभाग में सर्वाधिक 180198.04 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन उपार्जित किया गया है। उज्जैन संभाग में 149974.54 लाख मीट्रिक टन, सागर संभाग में 93495.33 लाख मीट्रिक टन एवं नर्मदापुरम संभाग में 93287.44 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन उपार्जित किया गया है। सोयाबीन का समर्थन मूल्य 4 हजार 892 रूपए प्रति क्विंटल है। किसानों को 1957.1 करोड़ रूपए उपार्जन राशि का भुगतान अब तक किया जा चुका है।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति का अपना विशेष महत्व है, मनुष्य जीवन सत्कर्म के लिए प्राप्त हुआ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति का अपना विशेष महत्व है। मनुष्य जीवन सत्कर्म के लिए प्राप्त हुआ है। कथा श्रवण के माध्यम से हमें जीवन दर्शन की राह मिलती है, जो हमें सदमार्ग की ओर चलने के लिए सदैव प्रेरित करती है। गौमाता की सेवा भगवान की सेवा के समान है। संत कमल किशोर नागर महाराज गौसेवा के एक बड़े संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे है। संत श्री के प्रयासों से मालवा, निमाड़, जनजाति अंचल सहित प्रदेश भर में गौमाताओं के पालन का दायित्व निस्वार्थ भाव से किया जा रहा है, जो प्रशंसनीय और वंदनीय है। भगवत गीता से हमें कर्म के प्रति आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है, इसलिए आवश्यक है कि प्रत्येक व्यक्ति ऐसे सदकर्म करें, जिससे उनकी भावी पीढ़ी पुण्य के मार्ग पर चले और मनुष्य जीवन को सार्थक बनाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को इंदौर जिले के सांवेर स्थित चित्तौडा में श्रीमद्भागवत गौशाला में आयोजित भागवत कथा में उपस्थित श्रृद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमद्भागवत गौशाला चित्तौडा की भूमि को गौशाला के नाम करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गीता जयंती के आयोजन से पूरे प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण के कर्म के संदेश को पहुंचाने का कार्य किया गया है। संत श्री कमल किशोर जी नागर के द्वारा निस्वार्थ भाव से गौशाला संचालन के लिए जो पुनीत कार्य की अलख जगाई गई है, वह वंदनीय है। संत श्री ने गौशाला संचालन के साथ कई आदर्श निर्मित किए हैं, जो समाज को एक नई दिशा देने का कार्य कर रहे है। उन्होंने प्रदेश के जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट के प्रयासों की भी सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नदी जोड़ो अभियान विकास को एक नई दिशा देने का काम करेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 25 दिसम्बर को केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान  के माध्यम से विकास को एक नई दिशा देंगे। उन्होंने कहा प्रदेश में दो नदी जोड़ो अभियान से लगभग 25 जिलों के बडे़ क्षेत्रों में सिंचाई का रकबा बढे़गा, जिससे मालवा और बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। नदी जोड़ो अभियान से प्रदेश का बड़ा क्षेत्र लाभान्वित होगा।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गोवंश पालन को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। घर-घर गोपाल और गांव-गांव वृंदावन बने, इसके लिए प्रदेश के 313 ब्लॉक के एक-एक गांव में जहां 500 से अधिक गोवंश होगा, उनको वृंदावन गांव बनाकर आदर्श रूप में विकसित करेंगे। वहीं 10 से अधिक गौमाता पालने वाले पशुपालकों को अनुदान देकर प्रोत्साहित करेंगे ताकि घर-घर गोपाल बने। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दूध खरीदी पर बोनस भी दिया जाएगा। हमारा लक्ष्य कि जिससे घर-घर दूध उत्पादन बढ़े और प्रदेश दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गोपालन के प्रति लोगों में रुचि बढे़, इसके लिए विशेष प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने संत कमल किशोर जी नागर द्वारा गोवंश संरक्षण एवं गौशाला के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यास पीठ का पूजन कर संत श्री नागर का शाल भेंट कर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का साफा बांधकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री चिंदू वर्मा सहित श्रीमद्भागवत गौ-शाला चित्तौडा के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में धर्मावलंबी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा – छात्र शक्ति में ही राष्‍ट्र भक्ति समाहित होती है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि छात्र शक्ति में ही राष्‍ट्र भक्ति समाहित होती है। विद्यार्थी अपने जीवन में शिक्षा और व्‍यावहारिक ज्ञान के साथ निरंतर आगे बढे़ और चिंतन-मनन के साथ अपने कर्तव्‍य पथ पर अग्रसर हों। यह बात प्रदेश के मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को तात्‍या टोपे नगर गुना में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मध्‍य भारत के 57वां प्रांतीय अधिवेशन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुना में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित होकर अद्भुत आनंद की अनुभूति हुई है। विद्यार्थी जीवन भविष्‍य को तय करता है। विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्‍यावहारिक ज्ञान से परिपूर्ण होना चाहिए। हम सभी को राष्‍ट्रवादी विचारधारा के साथ समाज को एक नयी दिशा प्रदान करने का दायित्‍व निभाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा‍कि भगवान श्रीकृष्‍ण को आदर्श मानकर उनके बताये मार्ग पर आगे बढे और अपने लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करें। विद्यार्थियों की शक्ति से ही भारत में लोकतंत्र की नींव मजबूत हुई है। मताधिकार 18 वर्ष के युवाओं को प्राप्‍त हुआ है। शिक्षा व्‍यवस्‍था के व्‍यापारीकरण को समाप्‍त किया गया। साथ ही शिक्षा में सुधार के लिये आवश्यकतानुसार बदलाव किया जा रहा हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा‍कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा हमारे प्राचीन आदर्शों को सहेजने तथा संस्‍कृति को अक्षुण्ण बनाये रखने के सराहनीय प्रयास किये गये है। उन्होंने शिक्षा की महत्‍ता को देश में स्‍थापित किया हैं। साथ ही नयी शिक्षा नीति तथा प्राचीन संस्‍कृति को सहेजने के लिये आवश्‍यक कदम उठाये हैं। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुना जिले को तात्‍या टोपे विश्‍वविद्यालय की सौगात मिलने से विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षा के प्रति आगे बढ़ाने के रास्‍ते आसान होगे। उन्‍होनें कहा कि प्रदेश में 55 एक्‍सीलेंस कॉलेज प्रारंभ किये गये हैं। साथ ही कृषि संकाय की पढाई प्रारंभ करवाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कॉलेजों में रोजगार देने वाले कोर्स प्रारंभ करने के लिये सरकार प्रतिबद्ध हैं। प्रदेश में 15 वर्ष में 30 मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किये गये। इन कॉलेजों में 5 हजार बच्‍चों की सीटें सुरक्षित रखी गई। आने वाले समय में 52 मेडिकल कॉलेजों में 10 हजार युवाओं को लाभ दिलाये जाने की योजना पर सरकार कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में एक-एक इंच सिंचाई के लिये सरकार कार्य कर रही है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना से सिंचाई के लिये पानी उपलब्‍ध करवाया जायेगा। इन परियोजना का भूमि-पूजन शीघ्र ही प्रधानमंत्री श्री मोदी करेगें। युवाओं को रोजगार उपलब्‍ध कराने के लिये संभाग स्‍तर पर रीजनल इण्‍डस्‍ट्रीज कॉन्‍क्‍लेव का आयोजन कर उद्योगों के लिये उद्योगपतियों से निरंतर बातचीत हो रही हैं। उद्योगों की स्‍थापना के लिये सरकार हरसंभव मदद करेगी। उन्‍होनें कहा कि सरकार युवाओं के साथ संवाद स्‍थापित कर प्रदेश का विकास के पथ पर आगे ले जाने के लिये कार्य करेगी। कार्यक्रम में श्री आशीष चौहान, श्री धर्मेंद्र राजपूत, श्री संदीप वैष्णव, सुश्री मोनिका शर्मा, श्री राजेश अग्रवाल, श्री यशवर्धन भार्गव, श्री वरुण सिंह, श्री शिवराज चंदेल उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- पानी का स्पर्श सदैव ऊर्जादायक रहा है

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पानी का स्पर्श सदैव ऊर्जादायक रहा है। नदियों का संगम भूमि को पावन बनाने के साथ ही सभ्यताओं को नवजीवन भी देता रहा है। पार्वती-कालीसिंध- चंबल (पीकेसी) परियोजना के लिए एमओए और आधारशिला रखे जाने के अवसर को उन्होंने ऐतिहासिक और अदभूत बताया। डॉ. यादव ने दोनों प्रदेशों की 20 साल की प्रतीक्षा समाप्त करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए उन्हें आधुनिक युग के भगीरथ की संज्ञा दी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भी समारोह में संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को “लाड़ला” कहा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना से मध्यप्रदेश और राजस्थान को सिंचाई का पानी भी मिलेगा और पेयजल भी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि पीकेसी परियोजना दोनों राज्यों की नदियों को सदानीरा बनाए रखेगी, इससे इन नदियों से संबद्ध भूमि शस्य-श्यामला बनेगी। पीकेसी परियोजना से मध्यप्रदेश को 3,000 और राजस्थान को 4,103 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी मिलेगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव, राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल की मौजूदगी में केन्द्र सरकार और दोनों राज्य सरकारों के अधिकारियों द्वारा परियोजना के लिए 17 दिसंबर 2024 को एमओए के साथ योजना के प्रथम चरण की आधारशिला रखी गई। परियोजना का क्रियान्वयन आगमी 8 वर्षों में किये जाने का लक्ष्य है। मध्यप्रदेश के इन जिलों को मिलेगा लाभ पीकेसी परियोजना से प्रदेश के गुना, मुरैना, शिवपुरी, भिंड, श्योपुर, उज्जैन, सीहोर, मंदसौर, इंदौर, देवास, आगर मालवा, शाजापुर और राजगढ़ जिलों में 22 परियोजनाओं से 3217 गांवों को लाभ मिलेगा। परियोजना के अंतर्गत 17 बांध एवं 4 बैराज समेत 21 जल संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। मालवा और चंबल क्षेत्र की 6.13 लाख हेक्टेयर भूमि हरीभरी हो जाएगी। साथ ही 40 लाख से अधिक आबादी को पेयजल उपलब्ध होगा। पुरानी चंबल दायीं मुख्य नहर एवं वितरण तंत्र प्रणाली का होगा नवीनीकरण पीकेसी परियोजना में लगभग 60 वर्ष पुरानी चंबल दायीं मुख्य नहर एवं वितरण तंत्र प्रणाली का नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण भी किया जाएगा। इससे मध्यप्रदेश भिंड, मुरैना एवं श्योपुर के 3 लाख 62 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जायेगा। 25 दिसम्बर को मिलेगी केन-बेतवा परियोजना की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 25 दिसम्बर 2024 को मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री श्री मोदी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की सौगात देंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी खजुराहों (छतरपुर) में योजना के प्रथम चरण का शिलान्यास करेंगे। इससे मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखण्ड अंचल के लोगों को सिंचाई और पेयजल प्राप्त होगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन सर्वोत्तम तरीके से खिलाड़ी ही करते हैं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन सर्वोत्तम तरीके से खिलाड़ी ही करते हैं। प्रतिभा का प्रदर्शन खिलाड़ी विभिन्न क्षेत्रों में करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से कठिनाइयों में भी सर्वोत्तम प्रदर्शन करने की कला सीखी जा सकती हैं। उन्होंने वर्तमान में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारे खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। अब तो हमारे खिलाड़ी निशाना भी सीधे पदक पर ही लगाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव टीटी नगर स्टेडियम में ‘खेल प्रतिभाओं का सम्मान और प्रोत्साहन समारोह’ को संबोधित कर रहे थे। समारोह में 1 हजार 786 खिलाड़ियों को 25.389 करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गयी। खिलाड़ियों को किट भी वितरित किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार खेल एवं खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिये हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। नयी शिक्षा नीति में खेलों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। स्पोटर्स् टीचर की पदोन्नतियों के रास्ते खोले गये हैं। उच्च शिक्षा में स्पोटर्स् टीचर सहायक प्राध्यापक एवं उसके बाद की भी पदोन्नतियां पा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि सीधे उनके खातों में प्रदान की जा रही है, जिससे कि वे उनके प्रशिक्षण में सहायक सिद्ध हो सकें। इससे खिलाड़ी और बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रौशन कर सकेंगे। उन्होंने अपेक्षा की कि अपनी प्रतिभा के दम पर और बेहतर प्रदर्शन के लिये संकल्पित होकर खिलाड़ी निरन्तर प्रयत्नशील रहेंगे। अभाव और प्रभाव में भी हॉकी के सिरमौर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश के खिलाड़ियों में प्रतिभा की कभी भी कमी नहीं रही है। जब खिलाड़ियों के पास संसाधनों की कमी होती थी, तब भी मेजर ध्यानचंद जैसे प्रतिभावान खिलाड़ियों ने नंगे पैर खेलकर भी देश को स्वर्ण पदक दिलाये हैं। आज जब हमारा देश प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में प्रभावशाली देश बनकर उभर रहा है। तब हमारे खिलाड़ियों की प्रतिभा और निखरकर सामने आ रही है और हम विभिन्न खेलों में नये कीर्तिमान रचते हुए पदक प्राप्त कर रहे हैं। इसमें हमारा देशी खेल कुश्ती भी शामिल है, जिसमें हमने लगातार 4 स्वर्ण पदक प्राप्त किये हैं। खिलाड़ियों के साथ ली सेल्फी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए दर्शक दीर्घा में बैठे खिलाड़ियों के साथ स्वयं सेल्फी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ व्हील चेयर क्रिकेटर श्री शैलेन्द्र यादव ने भी सेल्फी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिलाड़ियों के साथ अन्य फोटोग्राफ भी क्लिक करवाए। साथ ही खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग ने भी समूह छायाचित्र क्लिक करवाए। स्वर्ण पदक विजेताओं को किया सम्मानित कार्यक्रम में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक विजेताओं को सम्मानित किया गया। इनमें वेटलिफ्टिंग में हिमांशु कुशवाह, मलखंब में युवराज राव धाडगे, हैण्डबाल में ध्रुव दुबे, सॉफ्टबाल में तिलक लोट, जूडो में उज्जवल कुमार प्रसाद, तैराकी में अन्वी खण्डूरी, हैण्डबाल में श्रुति पाल, ताईक्वांडो में राही पाठक जूडो में श्रेया यादव और पेंचक सिलाट में ख्याति पाण्डेय को सम्मानित किया गया। ओलंपिक पदक विजेताओं द्वारा हस्ताक्षरित हॉकी की भेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव को खेल मंत्री श्री सारंग ने स्मृति चिन्ह के रूप में हॉकी भेंट की। उल्लेखनीय है कि पेरिस ओलंपिक-2024 की पदक विजेता हॉकी टीम के खिलाड़ियों ने हॉकी पर अपने हस्ताक्षर अंकित किये हैं। हर विधानसभा क्षेत्र में होगा खेल परिसर खेल मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं खिलाड़ी रहे हैं, इसलिए वे खिलाड़ियों की आवश्यकताओं को समझते हैं। उनके नेतृत्व में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिये निरन्तर समग्र प्रयास किये जा रहे हैं। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक शासकीय खेल परिसर स्थापित करने के प्रस्ताव पर अपनी सहमति प्रदान कर दी है। जल्द ही इस योजना को मूर्तरूप प्रदान किया जायेगा। इस अवसर पर भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, जिला अध्यक्ष श्री सुमित पचौरी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर गुर्जर, वक्फ बोर्ड अध्यक्ष श्री सनवर पटेल, अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव, संचालक श्री रवि कुमार गुप्ता, अन्य वरिष्ठ खेल अधिकारी, खेल प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शहडोल में एमपीटी के नव निर्मित सरसी आइलैंड रिसॉर्ट का उद्घाटन करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शहडोल में एमपीटी के नव निर्मित सरसी आइलैंड रिसॉर्ट का उद्घाटन करेंगे। आज सुबह 10:30 बजे होने वाले राज्य स्तरीय समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल एवं पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। बाणसागर डैम के बैक वॉटर पर मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा रिजॉर्ट का निर्माण किया गया है। बांधवगढ़ नेशनल पार्क और मैहर आने वाले पर्यटकों के लिए यह एक विशेष सुविधा होगी। एमपीटी सरसी आइलैंड रिसॉर्ट में लग्जरी इको हट्स, तीन बोट क्लब, आकर्षक रेस्टोरेंट, आधुनिक कॉन्फ्रेंस रूम, जिम, लाइब्रेरी और बच्चों के लिए प्ले एरिया सहित पर्यटकों के लिए आवश्यक सभी आधुनिक सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। इको-सर्किट परियोजना के तहत विकसित यह स्थल क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शहडोल जिले की ब्यौहारी में जनकल्याण पर्व के तहत विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। साथ ही जनसभा को संबोधित करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव जनकल्याण पर्व अंतर्गत मऊगंज जिले में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग की समेकित छात्रवृत्ति योजना में 60 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में 332 करोड़ रूपये से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। प्रदेश में समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन में समेकित छात्रवृत्ति योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपी गई है। इस योजना में 6 विभागों स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति कल्याण, जनजातीय कल्याण, विमुक्त घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण और सामाजिक न्याय विभाग की 20 प्रकार की छात्रवृतियों की राशि विद्यार्थियों को प्रदान की जाती है। अक्षयपात्र समारोह में होंगे शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव मऊगंज जिला मुख्यालय पर आयोजित अक्षयपात्र समारोह में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री, बच्चों को पोषण किट एवं छात्रवृत्ति के वितरण के साथ 54 विकास कार्यों का शिलान्यास भी करेंगे। इसमें मुख्य रूप से 5065 करोड़ रूपये लागत की सीतापुर-हनुमना सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना शामिल है। समारोह स्थल पर राज्य सरकार एक वर्ष की उपलब्धियों सहित विभिन्न विभागों की विकास योजना की प्रदर्शनी लगाई जायेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के शुभारंभ के लिए प्रधानमंत्री से मुलाकात का किया आमंत्रित

नई दिल्ली मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संसद भवन में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात उन्होंने प्रदेश में चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के शुभारंभ और केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के भूमिपूजन के लिए प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पत्रकारों को बताया कि मध्यप्रदेश सरकार अपने कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान की शुरुआत करने जा रही है, जो 11 दिसंबर 2024 से 26 जनवरी 2025 तक चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवा, नारी, किसान और गरीब कल्याण की चिन्हित योजनाओं के माध्यम से शत प्रतिशत सैचुरेशन का लक्ष्य प्राप्त करना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 11 दिसंबर से 26 दिसंबर 2024 के बीच मुख्यमंत्री जन कल्याण पर्व आयोजित किया जाएगा जो प्रदेश के समग्र विकास और जनहित पर आधारित होगा।

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