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सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय धरोहर के बीच विशाल आकार लेगा औद्योगिक निवेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 24-25 फरवरी को पहली बार राजधानी भोपाल में आयोजित हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट केवल निवेश और व्यापार के अवसरों का मंच ही नहीं, बल्कि यह आयोजन मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और औद्योगिक क्षमता को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का एक ऐतिहासिक अवसर है। इस समिट का राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में आयोजन इसका महत्व एवं प्रभाव को और अधिक बढ़ाता है। जीआईएस का आयोजन स्थल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय परंपराओं का जीवंत उदाहरण है। जब दुनिया भर के उद्योगपति, नीति-निर्माता और निवेशक इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे, तो वे मध्यप्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं के साथ यहां की सांस्कृतिक आत्मा को भी महसूस कर सकेंगे। निवेशकों के लिये सजीव उदाहरण बनेगा मानव संग्रहालय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश एक ऐसा राज्य है, जहां विकास की संभावनाएं और पारंपरिक धरोहर समान रूप से फल-फूल रही हैं। पहली बार भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट इस बात का प्रमाण है कि मध्यपप्रदेश निवेशकों के लिए एक नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। राष्ट्रीय मानव संग्रहालय इस सोच का सजीव उदाहरण है कि कैसे मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक जड़ों को संरक्षित रखते हुए औद्योगिक प्रगति की ओर बढ़ रहा है। यह केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि एक जीवंत मंच है, जहां जनजातीय समुदाय स्वयं अपनी परंपराओं को प्रस्तुत करते हैं, उनके जीवन के पहलुओं को दर्शाया जाता है, और उनके इतिहास को संरक्षित किया जाता है। यहाँ 35 से अधिक जनजातीय समुदायों की प्रामाणिक झोपड़ियां, पारंपरिक शिल्प और जीवनशैली इस संग्रहालय को विश्वस्तरीय पहचान देते हैं। पर्यटन और हस्तशिल्प में भी निवेश को प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक निवेश के साथ जोड़कर एक नया मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। इस समिट के दौरान निवेशकों को न केवल प्रदेश की औद्योगिक नीति और अधोसंरचना विकास की जानकारी मिलेगी, बल्कि वे देखेंगे कि किस प्रकार मध्यप्रदेश अपनी पारंपरिक संपदा को आर्थिक संभावनाओं से जोड़ रहा है। वैश्विक निवेशक अब केवल उद्योगों में ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पर्यटन और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में भी निवेश के लिए मध्यप्रदेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। निवेशक कर सकेंगे ऐतिहासिक परंपराओं का अनुभव भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को राष्ट्रीय मानव संग्रहालय जैसे विशेष स्थल पर आयोजित करना यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश केवल उद्योगों और व्यापार के लिए नहीं, बल्कि सांस्कृतिक नवाचार और पर्यटन के लिए भी वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन चुका है। यह आयोजन निवेशकों को न केवल नए व्यापारिक अवसरों से परिचित कराएगा, बल्कि उन्हें प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परंपराओं का अनुभव भी कराएगा। सतत विकास के साथ सांस्कृतिक पुनर्जागरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब निवेशक राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के परिवेश में इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे, तो वे देखेंगे कि किस तरह प्रदेश ने अपनी ऐतिहासिक धरोहर को जीवंत रखा है और उसे आधुनिक विकास से जोड़ा है। मध्यप्रदेश की यह सोच इसे अन्य राज्यों से अलग बनाती है, जहां निवेश केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सतत विकास का माध्यम भी है। औद्योगिक निवेश के सांस्कृतिक और पर्यटन में खुलेंगे नये अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में आयोजित यह समिट मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करेगी। यह आयोजन न केवल औद्योगिक निवेश को गति देगा, बल्कि सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्रों में भी नए अवसर खोलेगा, जिससे मध्यप्रदेश का बहुआयामी विकास सुनिश्चित होगा। इस ऐतिहासिक आयोजन से प्रदेश की वैश्विक पहचान और अधिक सशक्त होगी, जिससे न केवल उद्योग बल्कि सांस्कृतिक और रचनात्मक क्षेत्रों में भी नए अवसर सृजित होंगे।  

मुझे प्रसन्नता है कि मप्र. पुलिस अपनी सभी चुनौतियों से जूझकर सफलता के नए आयाम तय कर रही है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पुलिस की सेवा जीवन भर जवान रखने वाली सेवा है। पुलिस के सामने सदैव चुनौतियां रहती हैं, मुझे प्रसन्नता है कि म.प्र. पुलिस अपनी सभी चुनौतियों से जूझकर सफलता के नए आयाम तय कर रही है। बड़ी बात है कि हमारी पुलिस 24 घंटे सेवा में तत्पर रहकर प्रदेश और समाज की सुरक्षा में कार्यरत है। उन्होंने कहा कि हमें आंतरिक एकात्मकता को और अधिक उभारने की जरूरत है। इस संदर्भ में सर्विस मीट बेहद लाभकारी और प्रासंगिक है। इस तरह के सेवा समागम से अधिकारियों को एक दूसरे के अनुभव सुनने, साझा करने और उन पर अमल करने की प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में भारतीय पुलिस सेवा समागम (आईपीएस मीट) का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस महानिदेशक से कहा कि वे कार्य प्रदर्शन के आधार पर प्रदेश के थानों की जिला, संभाग एवं राज्य स्तर पर ग्रेडेशन करें और अच्छा काम करने वाले पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को पुरस्कृत भी करें। इससे जनता के बीच प्रदेश और पुलिस की साख बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हमारी पुलिस सबकी आशा का केंद्र बनती जा रही है। हम सभी को जीवन के अच्छे गुणों का विकास कर पुलिस को उनके काम में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज हम जिस अपराध मुक्त, भय मुक्त और सकारात्मक माहौल में जी रहे हैं। यह सब पुलिस की सेवा समर्पण अनुशासन और उनकी कर्मठता से ही संभव है। सरकार पुलिस बल के आधुनिकीकरण के प्रति बेहद संवेदनशील होकर कार्य कर रही है। आईपीएस सर्विस मीट सिर्फ एक समागम न होकर एक प्रशिक्षण कार्यशाला के रूप में ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि परमात्मा ने हमें सेवा का अवसर दिया है, तो इसे ईश्वर का आशीष मानकर हमें अपनी क्षमताओं का शत-प्रतिशत उपयोग समाज की भलाई, सेवा, सुरक्षा और समाज को एक सुसंस्कृत समाज बनाने की दिशा में करना चाहिए, यही कर्म साधना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब सारी सीमाएं बंद हो जाती हैं, तभी कोई व्यक्ति पुलिस के पास जाता है। इस संदर्भ में पुलिस उम्मीद की अंतिम किरण होती है। पुलिस को जनता की यह विश्वास बहाली हमेशा बनाए रखना चाहिए। एक दूसरे से संवाद, समागम, शिक्षण-प्रशिक्षण के जरिए अपनी योग्यताओं को और बेहतर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सर्विस मीट सिर्फ मीट ना होकर, आपकी सोच का मीत मिलने की जगह बननी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस बल के प्रोत्साहन के लिए प्रदेश के थानों में अच्छा काम करने वाले पुलिस अधिकारी व कर्मचारी को भी पुरस्कृत करने की परंपरा प्रारंभ की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें पुलिस की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को समाज में सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पुलिस बल को सर्व-संसाधनयुक्त कर अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। टीकमगढ़ जिले के बम्होरीकलां थाने को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सर्वश्रेष्ठ थानों की सूची में चिन्हित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ और थाना प्रभारी बम्होरीकलां सुश्री रश्मि जैन को इसके लिए सम्मानित किया। जनता की सुरक्षा के लिए पुलिस सदैव तत्पर : डीजीपी श्री मकवाना पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने कहा कि जनता की सुरक्षा के लिए पुलिस सदैव तत्पर है। हमने नये आपराधिक कानून का बेहतरीन क्रियान्वयन किया है। इस मामले में मध्यप्रदेश पुलिस को केंद्रीय गृहमंत्री और केंद्रीय गृह सचिव से भी सराहना मिली है। हम पुलिस बल के आधुनिकीकरण और उनके प्रशिक्षण पर विशेष जोर दे रहे हैं। हमारी पुलिस ने अतीत में बेहतरीन काम किए हैं। पुलिस ने समाज के साथ साझा प्रयासों से प्रदेश से डकैत समस्या का उन्मूलन किया है। नक्सल समस्या के उन्मूलन के तरफ भी हम तेजी से बढ़ रहे हैं। हमारी चुनौतियां बढ़ रही हैं, साइबर क्राइम, साइबर फ्रॉड, नशा मुक्ति और यातायात सुरक्षा हमारे लिए बड़ी चुनौतियां हैं। इस दिशा में हम तेजी से कार्य कर रहे हैं। बीते माहों में हमने पूरे प्रदेश में साइबर सुरक्षा और साइबर फ्रॉड से बचने के लिए अभियान चलाया। अब तक 10 लाख से अधिक स्टूडेंट और इतने ही नागरिकों को साइबर सुरक्षा के लिए जागरूक किया है। इस काम में हमें अभूतपूर्व सफलता मिली है। आईपीएस एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री रवि कुमार गुप्ता ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि सबके कल्याण की चिंता करने वाले मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज हमारे बीच है। हमारी पुलिस प्रदेश के हर व्यक्ति की सुरक्षा में तत्पर है। हम अपनी जिम्मेदारियां से कभी पीछे नहीं हटते। उन्होंने समिट में आकर पुलिस का उत्साहवर्धन करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार ज्ञपित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीक-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी आईपीएस ऑफीसर्स के साथ समूह छायाचित्र खिंचवाकर सबका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में प्रदेश के सभी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी उपस्थित थे।  

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में सेमीकंडक्टर-मैन्यूफैक्चरिंग रहेगा निवेशकों का प्रमुख आकर्षण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 में सेमीकंडक्टर एक महत्वपूर्ण सेक्टर रहेगा। इसकी महत्वता को देखते हुए राज्य मंत्रि-परिषद ने “मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2025” को मंजूरी दी है। इस नीति के लागू होने से सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश की संभावनाएं बढ़ गई हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने वाले निवेशकों के बीच इस सेक्टर को लेकर उत्साह और रुचि देखी जा रही है, जिससे राज्य में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस पॉलिसी से राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंड्क्टर विनिर्माण केन्द्र के रूप में विकसित एक स्थायी ईको-सिस्टम स्थापित किया जा सकेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का विजन भारत को सेमीकंडक्टर डिज़ाइन निर्माण और तकनीकी विकास के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिये प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री का मानना है कि भारत का सेमीकंडक्टर क्षेत्र एक क्रांति की कगार पर है। उनका लक्ष्य है कि इलेक्ट्रॉनिक और सेमीकंडक्टर्स का शत-प्रतिशत निर्माण भारत में ही किया जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि सेमीकंडक्टर पॉलिसी से प्रधानमंत्री श्री मोदी के लक्ष्य की प्राप्ति में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण योगदान दे सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि यह पालिसी राज्य को सेमीकंडक्टर विनिर्माण के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जो घरेलू और विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में मदद करेगी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में नेतृत्व करने के अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रावधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सेमीकंडक्टर पॉलिसी के अंतर्गत निवेशकों के लिए पूंजी निवेश अनुदान (कुल निवेश का 25% अथवा भारत सरकार द्वारा प्रदान की गई सब्सिडी का 50 प्रतिशत, जो भी कम हो) दिया जाएगा। राज्य सरकार गैर-सरकारी अनुमोदित परियोजनाओं के लिए कंपनियों को 40 प्रतिशत (अधिकतम 150 करोड़ रुपए) तक पूंजी निवेश अनुदान देगी। यह अनुदान ब्याज 6 प्रतिशत अथवा लागू ब्याज दर (जो भी कम हो) इकाई स्थापना के बाद 5 वर्षों तक (अधिकतम 10 करोड़ रुपए) दिया जाएगा। सेमीकंडक्टर पॉलिसी के अंतर्गत कंपनियों को रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, पहले 10 वर्षों के लिए 2 रुपए प्रति यूनिट बिजली टैरिफ सब्सिडी भी दी जाएगी। इससे संचालन लागत कम होगी और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। पॉलिसी में 400 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं के लिए इन्फ्रास्ट्रक्टर के लिए सहयोग, कर में छूट और कुछ अतिरिक्त वित्तीय सहायताएं भी दी जाएंगीं। पांच वर्षों में 2700 करोड़ रुपए का निवेश और 14,400 रोजगार सेमीकंडक्टर पॉलिसी से प्रदेश में अगले पांच वर्षों में 2700 करोड़ रुपए का निवेश आने की आशा है। इससे 3,782 करोड़ रुपए निर्यात और 1,702 करोड़ रुपए स्टेट जीएसटी राजस्व से प्राप्त होंगे। साथ ही बड़ी संख्या में रोजगार सृजन होगा। पॉलिसी में पीपीपी मोड को बढ़ावा मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2025 में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे सरकारी निकायों, शैक्षणिक संस्थानों और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग बढ़ेगा, साथ ही प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इसके फलस्वरूप वैश्विक विशेषज्ञता और तकनीक को मध्यप्रदेश में लाया जा सकेगा। निवेशकों को अनुसंधान और विकास के लिए प्रोत्साहन फंड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सेमी कंडक्टर पॉलिसी में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों को अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) और तकनीकी नवाचार में निवेश के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा। सेमीकंडक्टर तकनीक में अनुसंधान के लिए विशेष फंड के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार पॉलिसी में नई परियोजनाओं के लिए अनुमोदन प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के लिए सरलीकृत नियामक तंत्र का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार, प्रावधान प्रक्रिया में विलंब को न्यूनतम करने और कंपनियों को इकाई स्थापना एवं विस्तार में सुविधा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।  

सभी पात्र मेधावी विद्यार्थियों को जल्द ही मिलेंगे लैपटॉप : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी पात्र मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी देने का निर्णय लिया है। शासकीय विद्यालयों में बोर्ड परीक्षा में टॉप करने वाले बच्चों को उनकी पसंद के अनुसार इलेक्ट्रिक या पेट्रोल वाली स्कूटी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि टेंडर निकालकर स्कूटी दी जाएगी, यह पूर्णत: निराधार है। जो पात्र हैं उन्हें स्कूटी अवश्य मिलेगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही हमारी सरकार पात्र मेधावी विद्यार्थियों को भी जल्द ही लैपटॉप भी वितरित करेगी। उन्होंने कहा है कि मेधावी छात्र-छात्राएं स्कूटी और लैपटॉप मिलने के बाद अपना भविष्य बनाने और उच्च शिक्षा पाने के लिए और अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। उन्होंने सभी बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना कर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह बात कही।

समाज के विकास में हर संभव सहयोग देने और सहभागिता बढ़ाने की दी सीख: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रीय सेवा योजना व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र प्रेम की सीख देने की जीवंत इकाई है। इसके नाम से ही सेवा का भाव उत्पन्न होता है। यह संगठन विद्यार्थियों के गुणों का संवर्धन कर उन्हें समुदाय विकास की मूल भावना से ओत-प्रोत कर देश के विकास में सहयोग देता है। यह बेहद प्रशंसनीय है कि आज हमारे विद्यार्थी एनएसएस को एक विषय के रूप में पढ़ रहे हैं। युवा ही देश का भविष्य हैं और इनमें सेवा भावना के विकास से देश का विकास और अधिक तीव्र गति से होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में गणतंत्र दिवस परेड-2025 नई दिल्ली में मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के विद्यार्थियों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनएसएस के समर्पण और सेवा भावना की सराहना करते हुए परेड में शामिल हुए विद्यार्थियों और उनके समन्वयकों को मैडल देकर सम्मानित किया और शुभाशीष भी दिया। इन एनएसएस विद्यार्थियों ने कर्तव्यपथ, नई दिल्ली में 26 जनवरी 2025 को हुई गणतंत्र दिवस परेड में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मध्यप्रदेश का नाम रौशन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में समाजसेवा, राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और साहचर्य की भावना विकसित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों ने इस परेड में बेहतरीन प्रदर्शन कर पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को आगे भी समाजसेवा में हरसंभव सहयोग देने और राष्ट्रीय जागरूकता से जुड़े कार्यों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। युवा ऊर्जा को सही दिशा देकर हम सभी युवाओं की प्रतिभाओं को तराशकर प्रदेश के विकास में उनका सहयोग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा देश और प्रदेश के विकास की धुरी हैं। सभी को अपना कॅरियर बनाकर आगे बढ़ना चाहिए। देश के विकास के लिए युवाओं को राजनीति में भी आना चाहिए। राजनैतिक विकास से ही देश के सामाजिक विकास को बल मिलेगा। युवा सिर्फ रोजगार के पीछे न रहें। वे रोजगार मांगने वाले नहीं, वरन् रोजगार देने वाले बनें। हमारा राष्ट्र वसुधैव कुटुम्बकम की वैश्विक भावना से दुनिया में अच्छाईयां बांटने के लिए जाना जाता है। अच्छाईयां बांटना हमारी संस्कृति है, हमारी जीवनशैली है। इसलिए युवा अपने जीवन के बाकी गुणों के विकास के साथ-साथ सेवा भावना को भी अपनाएं और जीवन में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनएसएस द्वारा स्वच्छता, शुचिता, रक्तदान, जनजागरूकता कार्यक्रमों में सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन हमें सह अस्तित्व भाव से जीवन पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। एनएसएस से जुड़े हैं 1.60 लाख से अधिक विद्यार्थी अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग श्री अनुपम राजन ने कहा कि एनएसएस शिक्षा द्वारा समाज सेवा और समाज सेवा द्वारा शिक्षा की मूल भावना से कार्य करने वाला राष्ट्रीय संगठन है। प्रदेश के सभी महाविद्यालयों के करीब एक लाख 60 हजार से अधिक विद्यार्थी इस संगठन से जुड़े हैं। जिन महाविद्यालयों में एनएसएस नहीं है, वहां भी एनएसएस यूनिट तैयार करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस परेड-2025 में शामिल हुए मध्यप्रदेश के एनएसएस दल के सभी स्वयंसेवकों को बधाई दी और कहा कि राष्ट्र सेवा से जुड़कर सभी विद्यार्थी एक जिम्मेदार नागरिक बनें। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का एनएसएस बैच लगाकर स्वागत किया तथा प्रतीक चिन्ह देकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री ओमप्रकाश सखलेचा, उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक और भोपाल के विभिन्न महाविद्यालयों के एनएसएस स्वयंसेवक भी उपस्थित थे। आभार आयुक्त उच्च शिक्षा श्री निशांत वरवड़े ने माना। मध्यप्रदेश एनएसएस दल ने दिखाया अनुशासन और सेवा भावना मध्यप्रदेश से चयनित एनएसएस विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस परेड में अनुशासन और समर्पण का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया। मध्यप्रदेश का दल पूरे देश से चुने गए एनएसएस के विद्यार्थियों के बीच अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराने में सफल रहा। कार्यक्रम में सम्मानित विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से चर्चा करते हुए अपने अनुभव साझा किए और इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने पर हर्ष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनएसएस के विद्यार्थियों के साथ समूह चित्र खिंचवाकर उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामना दी।  

कवि प्रदीप के देशभक्ति गीत नव ऊर्जा का संचार करने वाले हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के रत्न, कवि एवं गीतकार प्रदीप की जयंती पर उनका स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कवि प्रदीप के देशभक्ति गीत नव ऊर्जा का संचार करने वाले हैं। उनकी कृतियों का हर शब्द राष्ट्र सेवा की प्रेरणा और समर्पण को जीवंत कर आज भी सर्वस्व न्यौछावर करने की प्रेरणा देता है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश का नया केंद्र बन रहा है मध्यप्रदेश

भोपाल सूचना प्रौद्योगिकी अब केवल एक सेक्टर नहीं, बल्कि हर उद्योग की आधारभूत आवश्यकता बन चुका है। स्वास्थ्य से लेकर कृषि, शिक्षा, उद्योग सहित हर क्षेत्र में आईटी की महत्वपूर्ण भूमिका है। मध्यप्रदेश इस बदलाव का केंद्र बन रहा है, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्ट-अप्स और अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी मिलकर नए अवसरों को जन्म दे रहे हैं। राज्य सरकार की आईटी और ईएसडीएम नीति, डेटा सेंटर पार्क, आईटी पार्क्स और इनक्यूबेटर्स के विकास ने मध्यप्रदेश को तकनीकी निवेश के लिए आकर्षक स्थान बनाया है। इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहर आईटी कंपनियों के नए केंद्र बन रहे हैं। टीसीएस, इनफोसिस, यश टेक्नॉलोजीज, इंपीट्स जैसी कंपनियाँ यहां अपनी उपस्थिति दर्ज कर चुकी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 24-25 फरवरी को भोपाल में होने वाली जीआईएस में आईटी, आईटीइएस और ईर्एसडीएम सेक्टर की बड़ी कम्पनियां शामिल होंगी। जिससे मध्यप्रदेश इस सेक्टर में भी नई ऊँचाईयों को प्राप्त करेगा। डिजिटल इंडिया मिशन के साथ कदम मिलाकर मध्यप्रदेश अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, बिग डेटा, ब्लॉक-चेन और साइबर सिक्योरिटी जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आज आईटी सेक्टर ही नहीं बल्कि मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स और एग्रीटेक सेक्टर में भी तकनीकी नवाचार हो रहे हैं। राज्य में 15 आईटी पार्क और 5 आईटी स्पेशल इकोनॉमिक जोन पहले से कार्यरत हैं और आने वाले वर्षों में इंदौर में क्रिस्टल आईटी पार्क-3 और 4, 50 एकड़ में डेटा सेंटर पार्क, जबलपुर में 1 लाख वर्गफुट का आईटी टॉवर और कई अन्य परियोजनाएँ डिजिटल विकास को नई गति देंगी। मध्यप्रदेश केवल आईटी निवेश के लिए नहीं, बल्कि वर्क-लाइफ बैलेंस, किफायती ऑपरेशनल लागत और सरकारी सहयोग के कारण भी स्टार्ट-अप्स और आईटी कंपनियों के लिए एक आदर्श स्थान बन रहा है। मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक स्थान, निवेश-अनुकूल नीतियों और अत्याधुनिक अवसंरचना के कारण तेजी से आईटी, आईटीईएस (इन्फोर्मेशन टेक्नॉलोजी इनेबल्ड सर्विसेज) और ईएसडीएम (इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिज़ाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग) के लिए एक प्रमुख हब बन रहा है। भोपाल में 24-25 फरवरी को होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-2025) में इस क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाओं को प्रस्तुत किया जाएगा। मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति इसे पूरे देश के बाजारों तक सीधा और सुगम संपर्क प्रदान करती है। राज्य में 6 प्रमुख हवाई अड्डे और 6 इनलैंड कंटेनर डिपो मौजूद हैं, जिससे वैश्विक व्यापार को गति मिलती है। प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और समर्पित फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ा यह राज्य लॉजिस्टिक्स और परिवहन के लिए भी अनुकूल है। वर्तमान में 1 मिलियन वर्गफुट आईटी स्पेस उपलब्ध है, और 5 लाख वर्गफुट का नया आईटी अवसंरचना निर्माण कार्य जारी है। राज्य में डेटा सेंटर पार्क (50 एकड़) विकसित किया जा रहा है, जिससे एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और बड़े डेटा केंद्रों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इंदौर में क्रिस्टल आईटी पार्क 3 और 4 विकसित किए जा रहे हैं, जिससे नई आईटी कंपनियों के लिए बेहतरीन अवसर खुलेंगे। एलटीआई माइंड ट्री इंदौर में ₹800 करोड़ रूपये का निवेश कर रहा है और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) रक्षा अनुसंधान एवं विकास के लिए उभरती तकनीकों का एक केंद्र स्थापित कर रहा है। राज्य की आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश प्रोत्साहन नीति 2023 निवेशकों को विभिन्न प्रकार की रियायतें और सुविधाएँ प्रदान करती है। आईटी और आईटीईएस कंपनियों को ₹30 करोड़ रूपये तक की पूंजीगत सहायता, ईएसडीएम सेक्टर के लिए ₹150 करोड़ रूपये तक की प्रोत्साहन राशि और डेटा सेंटर निवेशकों को 125 करोड़ तक की सहायता उपलब्ध है। भूमि शुल्क में 75 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है, जबकि स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क पूरी तरह से माफ किया गया है। राज्य सरकार द्वारा ₹10 करोड़ तक की मार्केटिंग सहायता और ₹15 करोड़ तक की रोजगार सहायता प्रदान की जा रही है। छोटे एवं मध्यम उद्यमों को विशेष अनुदान और टैक्स छूट के अतिरिक्त बिजली शुल्क प्रतिपूर्ति ₹2 प्रति यूनिट तक और 100 प्रतिशत बिजली शुल्क की छूट दी जा रही है। भोपाल तेजी से आईटी और ईएसडीएम के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहाँ आईटी पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और कई स्टार्ट-अप्स इनक्यूबेटर्स उपलब्ध हैं। रोजगार के बेहतरीन अवसर, जीवन की उच्च गुणवत्ता और निम्न लागत पर व्यवसाय संचालन की सुविधा इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है। जबलपुर, जो अपनी डिफेंस पीएसयू कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए प्रसिद्ध है, तकनीकी निवेश के लिए एक उभरता हुआ केंद्र है। यहाँ 60 एकड़ का आईटी पार्क और 40 एकड़ का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर मौजूद है। इसके अतिरिक्त 1 लाख वर्गफुट का नया आईटी टॉवर भी विकसित किया जा रहा है, जिससे इस क्षेत्र में निवेश को और बढ़ावा मिलेगा। मध्यप्रदेश न केवल अपनी रणनीतिक अवस्थिति, निवेश-अनुकूल नीतियों और तकनीकी अवसंरचना के कारण, बल्कि अपने स्थिर प्रशासन, कुशल मानव संसाधन और सशक्त डिजिटल इको-सिस्टम के कारण भी आईटी और ईएसडीएम उद्योगों के लिए भारत में सबसे आकर्षक निवेश स्थानों में से एक बनता जा रहा है। भोपाल में 24-25 फरवरी को होने वाले जीआईएस-2025 में आईटी और टेक्नोलॉजी निवेशकों को प्रदेश की व्यापक संभावनाओं से परिचित होने का बेहतरीन अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- बच्चों में भगवान का वास है, इन्हें खुश रखना ईश्वर को प्रसन्न रखने के समान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में सर्वजन हिताय:-सर्वजन सुखाय: और सर्वे भवन्तु सुखिन:-सर्वे संतु निरामय: का विचार जन-जन में व्याप्त है। बच्चों में भगवान का वास है, इन्हें खुश रखना ईश्वर को प्रसन्न रखने के समान है। समाज की मुख्य धारा से पीछे रह जाने वाले बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने, उनका हौंसला बढ़ाने के लिए व्यक्ति और संस्थाओं द्वारा किए जा रहे प्रयास निश्चित ही अनुकरणीय हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नन्ही खुशियां कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में यह विचार व्यक्त किए। सामाजिक सरोकारों के क्रम में नन्हीं खुशियां कार्यक्रम पिछले वर्षों से 11किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर हर्षिनी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के बच्चों से संवाद के अंतर्गत उनके शालेय अनुभव तथा अन्य रूचियों के संबंध में बातचीत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों के वाहनों के काफिले को झंडी दिखाकर भोपाल भ्रमण के लिए रवाना किया। बच्चों की दिनभर की गतिविधियों के अंतर्गत विधानसभा भ्रमण, पलाश होटल और ताज होटल की विजिट, फिल्म देखना, हाई-टी और पलाश होटल में दिन का भोजन शामिल है। इस अवसर पर विधायक श्री रामेश्वर शर्मा उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में हुआ पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी और एनटीपीसी में बिजली क्रय करने का अनुबंध

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में राज्य की दीर्घकालिक ऊर्जा मांग की आपूर्ति के लिये एमपी पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी ने एनटीपीसी के साथ बिजली क्रय करने के लिये अनुबंध किया। इस दौरान ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मंडलोई भी उपस्थित थे। अनुबंध पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी के एमडी श्री अविनाश लवानिया और एनटीपीसी के जनरल मैनेजर श्री शंकर सरण के बीच हुआ। एनटीपीसी के पश्चिम क्षेत्र के रीजनल एक्सक्यूटिव डायरेक्टर श्री पीके मिश्रा ने बताया कि एनटीपीसी द्वारा नरसिंहपुर में गाडरवाडा में स्टेज-2 के अंतर्गत 800-800 मेगावॉट की दो यूनिट स्थापित की जा रही हैं। इनमें से 800 मेगावॉट बिजली केन्द्रीय नियामक आयोग द्वारा निर्धारित दरों के आधार पर मध्यप्रदेश को मिलेगी। इनमें उत्पादन 2030-31 शुरू करने का लक्ष्य है। एनटीपीसी द्वारा गाडरवाडा में स्टेज-1 में 800-800 मेगावॉट की दो यूनिट वर्तमान में स्‍थापित है। इनमें भी 800 मेगावॉट बिजली मध्यप्रदेश को मिल रही है। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश के विकास में एनटीपीसी के योगदान का स्वागत है। उन्होंने एनटीपीसी के अधिकारियों से नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी कार्य करने के संबंध में चर्चा की। अपर मुख्य सचिव श्री मंडलोई ने भोपाल में होने वाली आगामी ग्लोबल इंस्वेटर्स समिट में शामिल होने और ऊर्जा के क्षेत्र में विभिन्न कार्यों के लिये अनुबंध करने के संबंध में बात की। एनटीपीसी के अधिकारियों ने न्यूक्लियर एनर्जी, पम्प स्टोरेज, नवकरणीय ऊर्जा और पॉवर ट्रेडिंग के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्रों से मध्यप्रदेश को मिलेगा लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान को सशक्त करते हुए केंद्रीय बजट 2025 में कौशल विकास और रोजगार को केंद्र में रखा गया है। मध्यप्रदेश इस अवसर का लाभ उठाते हुए प्रदेश को ‘कौशल शक्ति प्रदेश’ के रूप में विकसित करने के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हम एक ऐसा वातावरण तैयार कर रहे हैं, जहां हर युवा को नवीनतम औद्योगिक जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण मिलेगा। इससे प्रदेश की प्रतिभा न केवल राष्ट्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बनाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय बजट-2025 में घोषित 5 राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना से मध्यप्रदेश को विशेष रूप से लाभ मिलेगा। इन केंद्रों के माध्यम से “मेक फॉर इंडिया और मेक फॉर द वर्ल्ड” अभियान को मजबूती मिलेगी, जिससे राज्य में प्रशिक्षकों के उन्नत प्रशिक्षण, प्रमाणन प्रणाली और उद्योग से जुड़े पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पहल को राज्य के युवाओं के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कौशल विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है। स्टार्ट-अप्स और उद्यमिता को मिलेगा नया आयाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्टार्ट-अप्स के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के फंड ऑफ फंड्स की घोषणा से मध्यप्रदेश के नवाचार और उद्यमिता को नई दिशा मिलेगी। राज्य सरकार इस कोष का अधिकतम लाभ उठाने के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार कर रही है, जिससे स्थानीय स्टार्ट-अप्स को पूंजी और संरचनात्मक सहायता मिल सके। कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि “यह बजट केवल कौशल विकास की बात नहीं करता, बल्कि इसे रोजगार से जोड़कर समग्र विकास का एक मॉडल प्रस्तुत करता है। हम मध्यप्रदेश में डिजिटल लर्निंग, AI आधारित शिक्षा और नए उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्राथमिकता देंगे। यह युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के द्वार खोलेगा।” उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में घोषित योजनाओं को राज्य स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने के लिए कौशल विकास एवं रोजगार विभाग द्वारा व्यापक रणनीति बनाई जा रही है। रोजगार उन्मुख कौशल प्रशिक्षण और नए अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बजट में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) फ्रेमवर्क पर जोर दिया गया है, जिससे मध्यप्रदेश को टियर-2 शहरों में वैश्विक कंपनियों के कौशल केंद्रों को स्थापित करने का अवसर मिलेगा। इससे प्रतिभाशाली युवाओं को वैश्विक बाजार के अनुरूप तैयार किया जाएगा। पर्यटन और आतिथ्य उद्योग में मुद्रा लोन का प्रावधान किया गया है। सरकार होम-स्टे और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को विशेष वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। अनुसूचित जाति और जनजाति महिलाओं एवं वंचित समुदायों के उद्यमियों के लिए सरकार पहली बार 5 लाख युवाओं को ऑनलाइन क्षमता निर्माण और उद्यमिता प्रशिक्षण से जोड़ने जा रही है। स्किल हब’ बनने की दिशा में अग्रसर मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह बजट मध्यप्रदेश को कौशल और नवाचार का केंद्र बनाने की दिशा में मजबूत कदम है। राज्य में नए स्किलिंग हब, GCC केंद्र और स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग से रोजगार के असंख्य अवसर उत्पन्न होंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी के आत्म-निर्भर भारत विजन को आगे बढ़ाते हुए मध्यप्रदेश “स्किल हब ऑफ इंडिया” बनने की ओर अग्रसर है। मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि राज्य सरकार आगामी वर्षों में कौशल विकास को रोजगार से सीधे जोड़ने के लिए नई रणनीति तैयार करेगी, जिससे हर युवा को उसकी क्षमता के अनुरूप अवसर मिल सके। यह बजट केवल वित्तीय आवंटन का दस्तावेज नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत है जहां कौशल ही विकसित समाज, विकसित प्रदेश और विकसित देश की नीव बनेगा।

भारतीय तटरक्षक बल के जवानों का साहस, त्याग और समर्पण है वंदनीय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय तटरक्षक दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सामुदायिक तटों और महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्रों को सुरक्षा प्रदान कर भारतीय तट रक्षक देश की समृद्धि में अद्वितीय योगदान दे रहे हैं। “वयम् रक्षाम:” के ध्येय वाक्य को आत्मसात कर देश की तटीय सीमाओं की रक्षा के लिए समर्पित भारतीय तटरक्षक बल (इंडिया कोस्ट गार्ड) के जवानों का साहस, त्याग और समर्पण वंदनीय है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रांतिकारी बजट के लिए प्रधानमंत्री मोदी तथा केन्द्रीय वित्त मंत्री का माना आभार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केन्द्रीय बजट 2025-26 विकसित भारत के संकल्पों की सिद्धि की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कल्याणकारी, सर्व-स्पर्शी और समावेशी बजट देश के गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के समग्र विकास के साथ स्टार्ट-अप्स, इनोवेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विभिन्न क्षेत्रों को समाहित करते हुए, अंत्योदय की भावना और नवोन्मेष की नव-दृष्टि से परिपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केन्द्रीय बजट में 2025-26 में 12 लाख रुपए तक की वार्षिक आय को कर मुक्त करने का निर्णय अभिनंदनीय है। बीते एक दशक में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने समृद्धि के जो नए आयाम स्थापित किए हैं, उनमें देश के मध्यम वर्ग का परिश्रम और सामर्थ्य सम्मिलित है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में लिया गया यह निर्णय मध्यम वर्ग की आशाओं और आकांक्षाओं को उड़ान देने के साथ उन्हें सशक्त बनाने में निर्णायक सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देशवासियों के कल्याण और भारत को आत्मनिर्भर बनाने और मध्यम वर्ग को आयकर में राहत देने वाले क्रांतिकारी बजट के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री का प्रदेशवासियों की ओर से आभार माना।

खिलाड़ियों ने कड़ी मेहनत और लगन से बढ़ाया प्रदेश का गौरव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों द्वारा अर्जित उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने कड़ी मेहनत और लगन से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 81 कि.ग्रा. पुरूष वर्ग में वेटलिफ्टिंग में वल्लूरी अजय बाबू, एक्वेटिक खेल के हाई बोर्ड प्लेटफार्म डाइविंग इवेंट में पलक शर्मा और डुएथलॉन महिला कैटेगरी में आध्या सिंह को स्वर्ण पदक अर्जित करने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक्वेटिक खेल के 3 मीटर स्प्रिंग बोर्ड इवेंट में पलक शर्मा, 1500 मीटर फ्री स्टाइल मेन्स इवेंट में अद्वैत पागे, दाओशु इवेंट में रोहित जाधव और वुशु के क्विंगशु महिला इवेंट में भूरक्षा दुबे को रजत पदक प्राप्त करने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारोत्तोलन के 45 कि.ग्रा. भार वर्ग में रानी नायक, एक्वेटिक के 400 मीटर इवेंट में अद्वैत पागे तथा वुशु के शानशू इवेंट में संयोगिता सिंह को कांस्य पदक प्राप्त करने पर बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिलाड़ियों को सफलता के पथ पर निरंतर अग्रसर होने और नित नए कीर्तिमान रचने के लिए शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कामना की कि प्रदेश के खिलाड़ी अपनी प्रतिबद्धता और समर्पण से मध्यप्रदेश को खेल जगत में नव शिखर पर प्रतिष्ठित करेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा प्रदेश के सांची ब्रांड को और मजबूत किया जाएगा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज हमारा देश विश्व में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में पहले स्थान पर और मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। देश के दुग्ध उत्पादन में 57.62% की वृद्धि हुई है और यह विश्व रिकॉर्ड है। डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन का औसत 673 ग्राम है, जबकि राष्ट्रीय औसत 471 ग्राम से अधिक है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने भी प्रधानमंत्री श्री मोदी के विजन के अनुसार ही प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों की आय दोगुनी करने एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एम.पी. स्टेट को-ओपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड एवं संबद्ध दुग्ध संघों तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के बीच सहकार्यता अनुबंध (कोलेबोरेशन एग्रीमेंट) किया गया है। इसे मंत्रि-परिषद ने भी मंजूरी दे दी है। अनुबंध की अवधि 5 वर्ष होगी, जिसका आपसी सहमति से विस्तार किया जा सकेगा। डॉ. यादव ने बताया कि अनुबंध के तहत मुख्य रूप से प्रत्येक ग्राम पंचायत में कलेक्शन सेन्टर स्थापित किए जाएंगे, दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता में वृद्धि की जायेगी तथा दुग्ध समितियों की संख्या 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार की जायेगी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जाताई कि इस सबके परिणामस्वरूप दुग्ध उत्पादकों की कुल वार्षिक आय 1700 करोड़ रूपये से बढ़कर दोगुनी से भी अधिक (3500 करोड़ रूपये) हो जाएगी। मध्यप्रदेश देश का डेयरी कैपिटल बन जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश में दूध की खरीद सुनिश्चित करने एवं डेयरी किसानों को दूध की सही कीमत दिलाने में मदद के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में डेयरी सहकारी समिति एवं कलेक्शन सेंटर खोले जाएंगे। श्वेत क्रांति मिशन के अंतर्गत ढाई हजार करोड़ के निवेश से प्रत्येक जिले में सांची डेयरी के साथ मिल्क कूलर, मिनी डेयरी प्लांट एवं चिलिंग सेंटर की संख्या में वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संकल्पों को पूरा करने में एनडीडीबी के साथ हुआ अनुबंध महत्वपूर्ण साबित होगा। यह राज्य के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अंतर्गत सहकारी प्रणाली और सांची ब्रांड को मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि दूध की खरीद सुनिश्चित करने एवं सही कीमत दिलाने में मदद के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में कलेक्शन सेन्टर स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में प्रदेश में दुग्ध समितियों की संख्या 6 हजार है, जिसे बढ़ाकर 9 हजार किया जाएगा। एक दुग्ध समिति लगभग 1 से 3 गांव में दुग्ध संकलन करती है, 9 हजार दुग्ध समितियां के माध्यम से लगभग 18 हजार ग्रामों को कवर किया जा सकेगा। दुग्ध संकलन भी 10.50 लाख किलोग्राम प्रतिदिन से बढ़कर 20 लाख किलोग्राम प्रतिदिन हो जाएगा। इसके अतिरिक्त एनडीडीबी द्वारा दुग्ध उत्पादक संस्थाओं (एमपीओ) के माध्यम से कवर किए गए गांव की संख्या 1390 से बढ़ाकर 2590 की जाएगी तथा दूध की खरीद को 1.3 लाख किलोग्राम से बढ़ाकर 3.7 लाख किलोग्राम प्रतिदिन किया जाएगा। दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता में वृद्धि की जायेगी। वर्तमान में डेयरी प्लांट की क्षमता 18 लाख लीटर प्रतिदिन है, जिसे बढ़ाकर 30 लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा। सांची ब्रांड होगा और मजबूत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा प्रदेश के सांची ब्रांड को और मजबूत किया जाएगा। व्यापक प्रचार-प्रसार से इसे राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जायेगा। ब्रांड के नाम में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। दुग्ध संघ के प्रबंधन एवं संचालन के लिए प्रबंधन शुल्क और नए प्रसंस्करण प्लांट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए कोई परामर्श शुल्क नहीं लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि आवश्यकता अनुसार तकनीकी एवं प्रबंधन विशेषज्ञों को सरकार के पे-रोल पर दुग्ध संघ में पदस्थ किया जाएगा तथा कार्यरत अमले का हित संरक्षण भी किया जाएगा। दुग्ध सहकारी समितियां से संबद्ध डेयरी किसानों की शिकायतों के निराकरण के लिए शिकायत निवारण प्रणाली भी विकसित की जाएगी। दुग्ध उत्पादकों की समृद्धि के लिए समर्पित सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विगत चैत्र माह से प्रारंभ हुए नव वर्ष से आने वाली गुड़ी-पड़वा तक गौ-वंश रक्षा वर्ष मनाया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने प्रदेश के हर ब्लॉक में एक गाँव को वृंदावन गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। डॉ. यादव ने बताया कि सरकार ने दुधारू पशु पालने पर अनुदान तथा दुग्ध उत्पादन पर बोनस देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पशुपालकों एवं गौसंवर्धन के लिए पूरी तरह समर्पित है।

स्वास्थ्य सेवाओं का सशक्तीकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने है कि स्वास्थ्य सेवाओं का सशक्तीकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक कोने तक उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचे, हर ज़िले में मेडिकल कॉलेज हों, अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध हों और पर्याप्त स्वास्थ्य अमला हो। उन्होंने कहा कि 46 हज़ार से अधिक स्वास्थ्य अमले की भर्ती के लिये स्वीकृति दी जा चुकी है। उन्होंने शीघ्र भर्ती प्रक्रिया पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सशक्त स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा से कोई भी क्षेत्र विकास की छलांग लगाने के लिये तैयार होता है। सशक्त और विकसित प्रदेश के लिये इन क्षेत्रों का सशक्त होना ज़रूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन से ‘पीएम जनमन अभियान’ के तहत 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रदेश के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की सहज और सुलभ उपलब्धता का कार्य करेगी। संसाधनों की कमी नहीं होने दी जायेगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोबाइल मेडिकल यूनिट्स दुर्गम और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों में पहुँचकर आमजन को ओपीडी, रोग निदान, उपचार और दवाइयों जैसी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगी। प्रत्येक यूनिट में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से प्रदेश के स्वास्थ्य मानकों में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तीकरण के लिये संसाधनों की कमी नहीं होने दी जायेगी। मध्यप्रदेश को स्वास्थ्य क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिये हम संकल्पबद्ध हैं। 87 विकासखण्डों के 1268 ग्रामों में पहुँचेगी यूनिट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (एमएमयू) से 21 जिलों के 87 विकासखंडों में 1268 ग्रामों के लगभग 3,12,246 लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। योजना में चिन्हित जिले अनूपपुर, अशोकनगर, बालाघाट, छिन्दवाड़ा, दतिया, डिंडौरी, गुना, गवालियर, कटनी, मंडला, मुरैना, नरसिंहपुर, सतना, शहडोल, श्योपुर, सीधी, शिवपुरी, जबलपुर, रायसेन, उमरिया और विदिशा शामिल हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा प्रदाय में लायेंगी क्रांतिकारी बदलाव उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘पीएम जनमन अभियान’ के तहत प्रदेश के 21 जिलों के 87 विकासखंडों में 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदाय में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने का कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वे क्षेत्र जो स्वास्थ्य सेवाओं में पिछड़े और दुर्गम हैं, वहाँ विशेष प्रयासों के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच उत्कृष्ट समन्वय और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सशक्त नेतृत्व और प्रगतिशील सोच से सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना विकास और औद्योगिक विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश में नए मानक स्थापित हो रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विश्वास व्यक्त किया कि स्वास्थ्य विभाग के पूरे अमले के समर्पण और निष्ठापूर्ण प्रयासों से मध्यप्रदेश निश्चित रूप से स्वास्थ्य के विभिन्न मानकों में अग्रणी राज्य बनने में सफल होगा। मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) के लाभ प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में प्रशिक्षित मानव संसाधन, जिसमें एक डॉक्टर, नर्स, एएनएम/एमपीडब्ल्यू, लैब टेक्नीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट और ड्राइवर शामिल हैं, सेवाएँ प्रदान करेंगे। प्रत्येक यूनिट में 14 प्रकार की जांच सुविधाएँ, 65 प्रकार की आवश्यक दवाइयाँ और 29 प्रकार की स्वास्थ्य सामग्रियाँ उपलब्ध रहेंगी। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से लोगों को संचारी रोगों और मूलभूत ओपीडी सेवाएँ, टीबी, कुष्ठ, मलेरिया, फाइलेरिया जैसी बीमारियों की पहचान और उपचार, प्रसवपूर्व एवं प्रसव उपरान्त देखभाल, उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और गुर्दा रोगों की पहचान, नवजात शिशुओं में जन्मजात विकृतियों की जाँच एवं उपचार, परिवार नियोजन सेवाएँ, मानसिक स्वास्थ्य और पोषण परामर्श, वृद्धजनों की देखभाल और आकस्मिक चिकित्सा सेवाएँ प्रदान की जाएंगी। इन यूनिट्स को जीपीएस प्रणाली से लैस किया गया है, जिससे उनकी निगरानी और संचालन में पारदर्शिता बनी रहेगी। प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट एक माह में 24 दिन तक सेवाएँ प्रदान करेगी और प्रतिदिन 2 गांवों में लगभग 50 मरीजों का इलाज करेगी। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप कुमार यादव और एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।  

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