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खेल गतिविधियां जीवन में सकारात्मकता और ऊर्जा का संचार करती हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेल गतिविधियां जीवन में सकारात्मकता और ऊर्जा का संचार करती हैं। भारतीय संस्कृति में खेलों की समृद्ध और उत्कृष्ट परम्परा रही है। नई शिक्षा नीति के माध्यम से खेल के आधार पर डिग्री प्राप्त करने और स्पोर्टस टीचर को असिस्टेंट प्रोफेसर से लेकर वाइस चांसलर तक बनने की व्यवस्था स्थापित की गई है। खेल, व्यक्ति की दक्षता, क्षमता और योग्यता के प्रकटीकरण के प्रभावी माध्यम हैं। राज्य शासन प्रत्येक स्तर पर खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश में सभी खेलों को प्रोत्साहित कर प्रतिभाओं को निखारने के लिए आवश्यक व्यवस्था स्थापित की है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में इसके परिणाम भी दिखाई दे रहे हैं। भोपाल में बेहतर क्रिकेट स्टेडियम विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के खेल पत्रकार संघ द्वारा आयोजित 30 वें इंटर प्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट-2025 के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओल्ड केम्पियन ग्राउंड पर बल्लेबाजी कर टूर्नामेंट की शुरूआत की। इस अवसर पर खेल मंत्री श्री विश्वास सारंग, पूर्व विधायक श्री ध्रुव नारायण सिंह, खेल पत्रकार संघ के संरक्षण श्री मृगेंद्र सिंह सहित संघ के पदाधिकारी, मीडिया कर्मी एवं खेल प्रेमी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टूर्नामेंट के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।  

हमारी गुरुकुल शिक्षा प्रणाली को अपना रहे हैं विकसित देश, हमें 21वीं सदी की जरूरतों के मुताबिक तैयार करना है विद्यार्थी: मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अंधेरे से प्रकाश की ओर ले जाने वाला गुरु ही होता है। गुरु अपने विद्यार्थी में निहित अनंत संभावनाओं को पहचान कर इसका चारित्रिक एवं शैक्षणिक विकास करते हैं। हमारी पुरातन गुरुकुल परम्परा आज भी प्रासंगिक है। आज कई विकसित देश हमारी पुरानी गुरुकुल परम्परा को अपनाकर अपने बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। हमें भी पुन: उसी गुरुकुल परम्परा से जुड़ना होगा, तभी हमारा देश फिर से विश्व गुरु बन सकेगा। हम प्रदेश में क्लास के अंदर और क्लास के बाहर भी विद्यार्थियों को जीवन एवं नैतिक मूल्य तथा व्यावहारिक शिक्षा देकर उनके समग्र विकास की ओर बढ़ रहे हैं। मजबूत इरादों और शैक्षणिक गुणवत्ता में आमूल-चूल सुधार लाकर हम प्रदेश को शिक्षा के मामले में देश का एक मॉडल एजुकेशन स्टेट बनायेंगे। इसमें शिक्षकों की बड़ी अहम भूमिका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को कलेक्टर कार्यालय, उज्जैन के एनआईसी से वर्चुअली जुड़कर स्टार्स प्रोजेक्ट के तहत अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण के लिए सिंगापुर जाने वाले चयनित शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षक हमारे लिए सदैव पूजनीय हैं, हम विकसित भारत और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में उनकी अनंत क्षमताओं और सुदीर्घ अनुभवों का प्रदेश के शैक्षणिक विकास एवं विस्तार में अधिकतम सदुपयोग करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शैक्षणिक परिदृश्य में हमारा इतिहास समृद्ध रहा है। नालंदा, तक्षशिला, विक्रमशिला विश्वविद्यालयों एवं उज्जैन के सांदीपनी आश्रम सहित अन्य विश्वविख्यात शैक्षणिक संस्थाओं ने तत्कालीन समय में उच्चकोटि की शिक्षा देकर राष्ट्र को उपकृत किया। तत्समय गुरुओं में अपने विद्यार्थियों के कला-कौशल को पहचनाने की। एक दृष्टि होती थी, यही कारण था कि भगवान श्रीराम-लक्ष्मण और श्रीकृष्ण ने भी अपने गुरुओं से ही शिक्षा-दीक्षा ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आज के शिक्षकों में भी गुरु की वही दृष्टि विकसित करना चाहते हैं। सिंगापुर भ्रमण के लिए चयनित शिक्षक इस अवसर को भलीभांति समझें, पढ़ाने की नई-नई तकनीकें सीखें और लौटकर प्रदेश के विद्यार्थियों को उन तकनीकों का लाभ दिलाएं, जिससे वे अपने शैक्षणिक एवं चारित्रिक प्रदर्शन में अव्वल आएं। उन्होंने कहा कि चयनित शिक्षक विदेशी अध्ययन कराने की अच्छाइयों को सीखे, साथ ही अपने देश की अच्छाइयों को भी विश्व में बांटे, ताकि विविध शैक्षणिक संस्कृतियों एवं नवाचारों का आदान-प्रदान हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी से ही विश्व, देश और प्रदेश की पहचान बनेगी। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण (सिंगापुर जाने) के लिए चयनित प्रदेश के सभी शिक्षकों को अपनी ओर से सफल एवं सुखद शैक्षणिक यात्रा की स्नेहिल शुभकामनाएं देकर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा की शुभकामनाओं के बाद स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदयप्रताप सिंह ने सुभाष उत्कृष्ट उ.मा.वि. भोपाल परिसर से शिक्षकों की विदेश यात्रा दल बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश के शैक्षणिक विकास के लिए कई नवाचार किए हैं। हम शिक्षा में गुणवत्ता सुधार के लिए बेहद संवेदनशील होकर प्रयासरत हैं। शिक्षकगण हमारी शिक्षा प्रणाली की धुरी हैं। इनके अध्यापन कौशल और आचरण से ही समाज को प्रेरणा मिलती है। विदेश अध्ययन के लिए चयनित सभी शिक्षक हमारे प्रदेश के मास्टर ट्रेनर्स बनेंगे। हम इनकी विशेषज्ञताओं और विशेषताओं दोनों का भरपूर इस्तेमाल राज्य के शैक्षणिक परिदृश्य के विकास में करेंगे। उन्होंने चयनित शिक्षकों और अधिकारियों से कहा कि वे इस एतिहासिक अवसर का भरपूर लाभ उठाएं। कम समय में ज्यादा सीखने का प्रयास करें, क्योंकि प्रदेश के विद्यार्थियों का भविष्य शिक्षकों के हाथों में ही है। शिक्षक जो भी नई विधाएं, नए कौशल सीखेंगे, हम उसका अधिकतम लाभ विद्यार्थियों को दिलायेंगे। कार्यक्रम में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल ने प्रतिभागियों को उनकी शैक्षणिक यात्रा के उद्देश्यों और महत्व के बारे में बताकर इस परियोजना के लक्ष्यों को रेखांकित किया। कार्यक्रम में प्रभारी आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती मनीषा सेंतिया, संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह सहित स्कूल शिक्षा विभाग एवं राज्य शिक्षा केन्द्र के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। क्या है स्टार्स परियोजना स्टार्स परियोजना (स्ट्रेंथनिंग टीचिंग-लर्निंग एण्ड रिजल्टस फॉर स्टेट्स प्रोजेक्ट) भारत सरकार की विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित परियोजना है। इस परियोजना के संचालन के लिए देश के कुल 6 राज्यों का चयन किया गया है। इन 6 राज्यों में मध्यप्रदेश को भी चुना गया है। स्टार्स परियोजना के अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के चयनित लोकसेवकों एवं शिक्षकों को वैश्विक शिक्षा प्रणाली, शिक्षा की गुणवत्ता और तकनीकी उन्नति के अवलोकन के लिए प्रिंसिपल्स एकेडमी, सिंगापुर में शैक्षणिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह एकेडमी सिंगापुर सरकार के इकॉनामिक डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा स्थापित विश्वविख्यात संस्थान है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्थिबाधित दिव्यांगजन को ई-साइकिल वितरित की, दिव्यांगजन की सेवा से प्राप्त अनुभव और अनुभूति अलौकिक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगजन की सेवा और कल्याण आंतरिक सुख का विषय है। उनकी सेवा से प्राप्त अनुभव और अनुभूति अलौकिक है। दिव्यांगजन के साथ समरसता के व्यवहार को प्रोत्साहित करने के लिए समाज में उनके प्रति विद्यमान दृष्टिदोष को दूर करना आवश्यक है। प्रत्येक दिव्यांग व्यक्ति में कोई न कोई प्रतिभा अवश्य होती है, उसे चिन्हित कर निखारने और प्रोत्साहित करने से दिव्यांगजन की ऊर्जा का उपयोग समाज हित में किया जा सकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की संवेदनशीलता के परिणामस्वरूप ही विकलांग जैसे कटु अनुभूति देने वाले शब्द को बदलकर दिव्यांग का सम्मानजनक संबोधन प्रदान किया गया। दिव्यांगता का सामना कर रहे व्यक्ति वास्तव में चुनौतियों को स्वीकार करने वाले सच्चे वीर हैं। उनकी सामर्थ्य को स्वीकारना और सम्मान देना समाज का दायित्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अस्थि बाधित दिव्यांगजन को ई-साइकिल वितरित करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल “सक्षम” की पहल पर भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के सहयोग से संचालनालय सामाजिक न्याय विभाग के सभागृह में आयोजित कार्यक्रम में ई-साइकिल वितरित की। विश्व ब्रेल दिवस पर किया लुइस ब्रेल का स्मरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने विश्व ब्रेल दिवस (4 जनवरी) के अवसर पर ब्रेल लिपि विकसित करने वाले लुइस ब्रेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनका स्मरण किया। इस अवसर पर दृष्टिबाधित बालिका कुमारी तान्या शर्मा ने सक्षम गान की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुमारी तान्या का पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाज-कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों पर ब्रेल लिपि में विकसित पुस्तक का विमोचन किया और समाजसेवियों का शॉल, श्रीफल तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मान भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदसौर की कुमारी अनामिका सोलंकी, खंडवा की श्रीमती रजनी दशोरे, झाबुआ की सुश्री उषा गढ़वा सहित श्री ओम तिवारी, श्री सुखदेव आदि को प्रतीक स्वरूप ई-साइकिल वितरित की। प्रदेश के कुल 47 अस्थि बाधित दिव्यांगजन को ई-साइकिल वितरित की। घर में व्हील चेयर और बाहर ट्राई साइकिल के रूप में उपयोग में आएगी ई-साइकिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ब्रेल लिपि दृष्टि बाधित दिव्यांगजन के लिए यह बड़ी सौगात है। साथ ही कई देशों की सेनाओं द्वारा ब्रेल लिपि का उपयोग रात्रि में संदेशों के आदान-प्रदान के लिए भी किया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर वितरित की जा रही ई-साइकिल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन साइकिलों का उपयोग घर में व्हीलचेयर के रूप में करने के साथ ही घर के बाहर आने-जाने के लिए ट्राई साइकिल के रूप में भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता से प्रभावित होने के बाद भी व्यक्तियों ने अपनी क्षमता और सामर्थ्य का उपयोग कर विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं। पौराणिक संदर्भ में अष्टावक्र, महान संगीतज्ञ स्व. रविंद्र जैन तथा धर्म आध्यात्म के क्षेत्र में स्वामी रामभद्राचार्य जी का उदाहरण विशेष रूप से उल्लेखनीय है। दिव्यांगजन के लिए समाज में समरसता पूर्ण वातावरण निर्मित करने को समर्पित है संस्था सक्षम कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि “सक्षम”- समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल, दिव्यांगजन के सशक्तिकरण को समर्पित संस्था है, जिसकी स्थापना 2008 में नागपुर में हुई। दिव्यांग युवाओं-महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, उनके अधिकारों की रक्षा, खेल गतिविधियों में प्रोत्साहन, शोध तथा राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर सेमिनार एवं परिचर्चा के माध्यम से दिव्यांगजन के लिए समाज में समरसता पूर्ण वातावरण निर्मित करना सक्षम संस्था का उद्देश्य है।  

मुख्यमंत्री ने लटेरी, विदिशा में किया 132 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण और भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में सर्वश्रेष्ठ देश बनने की ओर अग्रसर है। हमारी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। युवा, गरीब, किसान और महिलाएं हमारी विशेष प्राथमिकता है। मध्यप्रदेश तेज गति से देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनने के लिए निरन्तर कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को लटेरी (विदिशा) में विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में विशाल जन समुदाय को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने क्षेत्र के लिए 132 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण/ शिलान्यास किया। इनमें 80 करोड़ 16 लाख रुपए के 54 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और 51 करोड़ 96 लाख रुपए के 198 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हित लाभ भी वितरित किए। कार्यक्रम में विदिशा जिले में 505 हेक्टेयर चरनोई की भूमि को अतिक्रमण मुक्त किए जाने पर एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आधुनिक युग के भगीरथ हमारे प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रयासों से केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजनाओं से प्रदेश को दो बड़ी सिंचाई परियोजनाएं मिली है। इससे न केवल बुंदेलखंड अपितु मालवा और चंबल क्षेत्र में भी बड़े क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल सुविधा मिलेगी। इस क्षेत्र के भी 360 गांव को जल उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा लक्ष्य है हर किसान के खेत में पानी पहुंचाना। हर खेत में पानी आने से किसान की जिंदगानी बदलेगी। कृषि उत्पादन में हम पंजाब, हरियाणा को भी पीछे छोड़ने वाले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि, पशुपालन, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, रोजगार आदि सभी क्षेत्रों में प्रदेश में तेज गति से विकास हो रहा है। हर गरीब को पक्का मकान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी संकल्पित हैं। आयुष्मान भारत योजना में 5 लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त है। उद्योग और रोजगार बढ़ाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उज्जैन, सागर, रीवा, जबलपुर और ग्वालियर में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में करोड़ों के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। युवा वर्ग के लिए सरकार शीघ्र ही एक लाख सरकारी और निजी क्षेत्र में लगभग 3 लाख पदों पर भर्ती करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा की महत्ता को हमेशा याद रखें। बच्चों को अच्छी शिक्षा दें, शिक्षा की सारी व्यवस्था सरकार कर रही है। प्रदेश के 55 जिलों में पीएम एक्सीलेंस स्कूल खोले जा रहे हैं। गरीबों को परिवहन की अच्छी सुविधा देने के लिए सरकार मध्यप्रदेश राज्य परिवहन को दोबारा प्रारंभ करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि के साथ पशुपालन को भी सरकार बढ़ावा दे रही है। जो गाय पाले, वही गोपाल है तथा जहाँ गाय का कुल हो, वही गोकुल है। सरकार दुग्ध उत्पादन पर बोनस देने वाली है तथा 10 से अधिक गाय पालने पर अनुदान दिया जाएगा। प्रदेश में बड़ी संख्या में गौ-शालाएं बनाई जा रही हैं। प्रदेश की धरती पर जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण पधारे थे, उन सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। उज्जैन में संदीपनी आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा ग्रहण की, जानापाव में उन्हें सुदर्शन चक्र मिला। कृष्ण और सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि सच्ची मित्रता वही है जब मित्र बगैर सामने आये मित्र की सहायता करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्र में रेलवे लाइन के लिए विशेष प्रयास करने को आश्वस्त किया। उन्होंने आनंदपुर में शासकीय महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा भी की। पशुपालन एवं डेयरी मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं विदिशा जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन पटेल ने कहा कि सरकार के निरंतर प्रयासों से प्रदेश में सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से प्रदेश में देश की दो नदी जोड़ो परियोजनाएं प्रारंभ हुई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के मसीहा बनकर कार्य कर रहे हैं। हमारा संकल्प पूरे प्रदेश को सिंचित करना है। सांसद श्रीमती लता वानखेड़े ने भी सभा को संबोधित किया। विधायक श्री उमाकांत शर्मा ने क्षेत्र के विकास के लिए कई मांगे रखीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्हें पूरा करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में विधायक श्री मुकेश टंडन, श्री हरि सिंह सप्रे, श्री हरि सिंह रघुवंशी, श्री सूर्य प्रकाश मीणा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता कैलाश रघुवंशी, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में जन समुदाय उपस्थित था।  

जनता की शंकाओं को दूर कर सावधानी पूर्वक किया जायेगा कचरे का विनिष्टीकरण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यूनियन कार्बाइड के कचरे के विनिष्टीकरण के लिये सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही है। कचरे का निष्पादन जनता की शंकाओं को दूर कर सावधानी पूर्वक किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जनता के सरोकार प्राथमिकता में सबसे ऊपर है, कचरे के विनिष्टीकरण की कार्रवाई सतत् निगरानी में की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हादसे के 40 वर्ष बीतने के बाद भोपाल में रखा लगभग 337 मीट्रिक टन कचरे का हानिकारक प्रभाव खत्म हो गया है। उन्होंने बताया कि बचे हुए शेष कचरे में 60 प्रतिशत से अधिक केवल स्थानीय मिट्टी, 40 प्रतिशत में 7-नेपथॉल, रिएक्टर रेसिड्यूज और सेमी प्रोसेस्ड पेस्टीसाइड्स का अपशिष्ट है। इसमें मौजूद 7-नेपथॉल रेसीड्यूस मूलतः मिथाइल आइसो साइनेट एवं कीटनाशकों के बनने की प्रक्रिया का सह-उत्पाद होता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इसका विषैला प्रभाव 25 साल में लगभग समाप्त हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास में मीडिया से चर्चा में ये बातें कहीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कचरे के निपटान की प्रक्रिया का केन्द्र सरकार की विभिन्न संस्थाओं जैसे- नीरी (नेशनल इन्वॉयरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट), नागपुर, NGRI (नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीटयूट) हैदराबाद, IICT (इंडीयन इंस्टीट्यूट ऑफ केमीकल टेक्नोलॉजी) तथा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा समय-समय पर गहन परीक्षण किया गया है। उनके अध्ययन तथा सर्वोच्च न्यायालय को प्रस्तुत प्रतिवेदनों के आधार पर भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय को मार्च, 2013 में दिये गये निर्देशानुसार केरल कोच्चि स्थित हिंदुस्तान इनसेक्टीसाइड लिमिटेड के 10 टन यूनियन कार्बाइड के समान कचरे का परिवहन कर पीथमपुर स्थित TSDF में ट्रायल रन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी में किया गया। सफल ट्रायल रन का प्रतिवेदन सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि ट्रायल रन के निष्कर्षों के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय ने अप्रैल, 2014 में यूसीआईएल के 10 मीट्रिक टन कचरे का एक और ट्रायल रन भारत सरकार, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली की निगरानी में टीएसडीएफ पीथमपुर मे किये जाने के निर्देश दिये। सर्वोच्च न्यायालन ने इस ट्रायल रन की वीडियोग्राफी भी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये थे। निर्देशानुसार अगस्त, 2015 में ट्रायल रन के बाद केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रायोगिक निपटान की समस्त रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट्स में यह स्पष्ट हुआ कि इस प्रकार के कचरे के निपटान से वातावरण को कोई नुकसान नही हुआ है। उच्चतम न्यायालय ने सभी रिपोर्ट के गहन परीक्षण के पश्चात ही यूसीआईएल के कचरे के निपटान की कार्यवाही को आगे बढ़ाने एवं उन्हें नष्ट करने का निर्देश जारी किया। मुख्य सचिव ने 3 बिन्दुओं पर कराई जांच कचरे के विनिष्टीकरण की कार्रवाई के संबंध में समय-समय पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये जा रहे निर्देशों के अतिरिक्त मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव ने विस्तृत रूप से तीन बिंदुओं को आधार बनाकर पृथक से जांच कराई। जांच के बिंदु :- आसपास के गांवों में स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण, फसल की उत्पादकता पर प्रभाव और क्षेत्रीय जल स्त्रोतों की गुणवत्ता का परीक्षण थे। तीनों बिंदुओं के परीक्षण में यह पाया गया कि यूसीआईएल कचरे के निष्पादन से किसी भी प्रकार के नकारात्मक परिणाम परिलक्षित नहीं हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कचरे के निपटान की प्रक्रिया को लेकर शासन पूरी तरह से संवेदनशील हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मध्यप्रदेश प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ ही सभी संबंधित टीमों की सतत् निगरानी में विनिष्टीकरण की कार्रवाई की जाएगी।  

किसानों को बिना कठिनाई के हो भुगतान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल देश के कुल सोयाबीन उत्पादन का लगभग आधा उत्पादन मध्यप्रदेश में होता है। मध्यप्रदेश सम्पूर्ण देश में सोयाबीन उत्पादन में प्रथम स्थान पर है। किसानों के परिश्रम और किसानों के हित में शासन द्वारा की गई बेहतर व्यवस्थाओं से मध्यप्रदेश इस उपलब्धि को प्राप्त कर सका है। कृषि अर्थव्यवस्था को व्यापक पैदावार से महत्वपूर्ण योगदान मिलता है। खरीफ की फसलों में सर्वाधिक बोई जाने वाली फसल सोयाबीन ही है। प्रदेश में सोयाबीन का रकबा और उत्पादन बढ़ रहा है। गत वर्ष की तुलना में प्रदेश के सोयाबीन के रकबे में लगभग 2 प्रतिशत वृद्धि हुई है। वर्तमान में प्रदेश का सोयाबीन का रकबा 66 लाख हैक्टयर से अधिक है। प्रदेश में 31 दिसम्बर तक लगभग 6.5 से 7 लाख मीट्रिक टन तक सोयाबीन का उपार्जन पूर्ण हो जाने का अनुमान है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश ने महाराष्ट्र और राजस्थान को पीछे छोड़कर सोयाबीन के सबसे बड़े उत्पादक राज्य बनने में सफलता प्राप्त की है। मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को सोयाबीन के लिए 4 हजार 892 रुपए की राशि प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में देने की व्यवस्था की है। प्रदेश में सोयाबीन उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि को देखते हुए उपार्जन की आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर किसानों से उपार्जित सोयाबीन के लिए राशि का भुगतान बिना कठिनाई के किया जा रहा है। सोयाबीन के भण्डारण और उपार्जित सोयाबीन की सुरक्षा के प्रबंध भी किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश हैं कि किसानों को उपार्जन की आधुनिक व्यवस्थाओं का लाभ दिलवाया जाए। प्रदेश में पहली बार सोयाबीन का समर्थन मूल्य पर उपार्जन किया जा रहा है। ई-उपार्जन पोर्टल का उपयोग भी किया जा रहा है। किसानों को ऑन लाइन राशि के भुगतान की व्यवस्था की गई है। भुगतान के मामले में ये हैं टॉप 10 जिले प्रदेश में लगभग दो लाख किसानों को 1957.1 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान उपार्जन के रूप में अब तक किया जा चुका है। प्रदेश में भुगतान का प्रतिशत 70.41 है। राशि के भुगतान में नीमच जिला अग्रणी है, जहां शत-प्रतिशत किसानों को राशि दी जा चुकी है। नीमच सहित विदिशा,राजगढ़, नर्मदापुरम, आगर मालवा, शहडोल, अनूपपुर, जबलपुर, उमरिया और खरगौन ऐसे दस शीर्ष जिलों में शामिल हैं, जहां 75 प्रतिशत से अधिक किसानों को राशि का भुगतान किया जा चुका है। सोयाबीन के परिवहन का कार्य भी प्रदेश में 95 प्रतिशत हो चुका है। प्रदेश में मालवा अंचल में सर्वाधिक सोयाबीन उत्पादन होता है। किसानों के पंजीयन से लेकर, आवश्यक बारदाने की व्यवस्था, परिवहन,भण्डारण और राशि के भुगतान के कार्यों की राजधानी से लेकर जिलों तक नियमित समीक्षा भी की जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा -भारत की सनातन परम्परा की रक्षा के लिए गुरू गोविंद सिंह ने अपने साहिबजादों को बलिदान कर दिया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की सनातन परम्परा की रक्षा के लिए गुरू गोविंद सिंह ने अपने साहिबजादों को बलिदान कर दिया, परंतु वे झुके नहीं। साहिबजादों द्वारा देश और धर्म के लिए बलिदान हो जाना उनके अवतारी स्वरूप से हमें अवगत कराता है। मुगलों द्वारा क्रूरता की पराकाष्ठा करते हुए अल्पायु बालकों को शहीद कर देना सदियों बाद भी हमें झकझोर देता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अमर बलिदानियों की पुण्य-स्मृतियों को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की परम्परा वर्ष 2022 से आरंभ की। वीर बलिदानियों की स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए राज्य शासन द्वारा भी जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। कीर्तन से हुआ शौर्य, वीरता, बलिदान और करूणा का प्रकटीकरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारत भवन में वीर बाल दिवस पर आयोजित साहिबजादों की शहादत गाथा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कीर्तन जत्थे द्वारा साहिबजादों की शहादत गाथा प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कीर्तन के माध्यम से अभिव्यक्त शौर्य, वीरता, बलिदान और करूणा की भावनाओं के संवेदनशील और प्रभावशाली प्रस्तुती की सराहना की। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, सांसद श्री वी.डी. शर्मा, श्री हितानंद शर्मा, श्री राहुल कोठारी, सुश्री नेहा बग्गा सहित जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। मात्र 6 और 9 वर्ष की आयु में साहिबजादों ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए किए प्राण न्यौछावर उल्लेखनीय है कि गुरू गोविंद सिंह जी के वीर पुत्रों के अद्वितीय बलिदान और साहस के प्रति सम्मान प्रकट करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 26 दिसम्बर वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन गुरू जी के छोटे साहिबजादे जोरावर सिंह और साहिबजादे फतेह सिंह के बलिदान को समर्पित है। दोनों ही साहिबजादों को दीवार में जीवित चुनवा दिया गया था। धर्म और मानवता की रक्षा के लिए जब उन्होंने अपने प्राण न्यौछावर किए तब साहिबजादे जोरावर सिंह की आयु मात्र 9 वर्ष और साहिबजादे फतेह सिंह की आयु सिर्फ 6 वर्ष थी।  

रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और जीवन स्तर में सुधार, हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हर गरीब को रोजगार देने के साथ उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण का ध्यान रखते हुए जीवन स्तर में सुधार लाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दिशा-निर्देश अनुसार इस लक्ष्य को समय-सीमा में प्राप्त करने के लिए युवा शक्ति, गरीब कल्याण, नारी सशक्तिकरण और किसान कल्याण पर केन्द्रित गतिविधियों का संचालन विभिन्न विभागों के समन्वय से करने के उद्देश्य से मिशन मोड में कार्य किया जाएं। नगरीय और ग्राम स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर सृजित करने के लिए स्थानीय परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुसार गतिविधियां संचालित हों। रेडीमेड गारमेंट जैसे अधिक रोजगार देने में सक्षम उद्योगों की स्थापना को प्राथमिकता दी जाए। उद्योगों की आवश्यकतानुसार युवाओं के कौशल उन्नयन और प्रशिक्षण की व्यवस्था करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में औषधीय पौधों की खेती और गौपालन को प्रोत्साहित करने से परिवारों की आय बढ़ने के साथ पोषक सामग्री भी स्वत: उपलब्ध हो सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में शासकीय एवं निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंथन शिविर के प्रथम सत्र में सहभागिता कर संबोधित कर रहे थे। प्रदेश में युवा शक्ति, गरीब कल्याण, नारी सशक्तिकरण और किसान कल्याण पर केन्द्रित मिशनों के क्रियान्वयन के लिए शासन स्तर पर हुए विचार-विमर्श के प्रेजेंटेशन और उन पर मंत्रीगण तथा अधिकारियों के मार्गदर्शन और सुझाव प्राप्त करने के उद्देश्य से गुरूवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंथन शिविर आयोजित किया गया। मंथन शिविर में नई दिल्ली में हुए चौथे राष्ट्रीय मुख्य सचिवों के सम्मलेन के निष्कर्षों पर प्रेजेंटेशन दिये गये। साथ ही नवकरणीय ऊर्जा, हरित अर्थव्यवस्था में अवसर, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, विकसित भारत के लिए सीमांत (फ्रंटियर) तकनीक, टियर 2 एवं टियर 3 शहरों में सेवा क्षेत्र के लिए अनुकूल माहौल बनाने, एम.एस.एम.ई और अनौपचारिक क्षेत्र में रोजगार, आर्थिक विकास केन्द्रों के रूप में शहरों के विकास, टियर 2 और टियर 3 शहरों पर केन्द्रित मैन्युफैक्चरिंग, ग्रामीण क्षेत्र में गैर कृषि गतिविधियों और सेवाओं के विस्तार तथा निवेश के लिए आर्थिक सुधार पर प्रेजेंटेशन और विचार-विमर्श भी मंथन शिविर का भाग हैं। युवाओं को समाज हित में सामाजिक पहल का हिस्सा बनाना आवश्यक मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में आरंभ हुए मंथन शिविर के प्रथम-सत्र में स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन पर प्रेजेंटेशन हुए। प्रत्येक व्यक्ति की आय और शिक्षा के स्तर को बढ़ाना एवं प्रत्येक युवा को समाज के हित में सामाजिक पहल का हिस्सा बनाना मिशन का लक्ष्य है। मिशन के लक्ष्य समूह में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के 15 से 29 वर्ष के युवा शामिल हैं। साथ ही महिलाओं, दिव्यांग युवा, किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मिशन, संवाद-सामर्थ्य-समृद्धि के ध्येय वाक्य के साथ संचालित होगा। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उद्यमिता/रोजगार के लिए क्षमता-संवर्धन और सामाजिक पहल मिशन के प्रमुख स्तंभ होंगे। गरीब कल्याण के लिए लागू होगी त्रिस्तरीय रणनीति गरीब कल्याण मिशन के प्रेजेंटेशन में बताया गया कि बहुआयामी गरीबी इंडेक्स आधारित गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के लिए 12 विशिष्ट सूचकांकों में सुधार का लक्ष्य रखा गया है। समाज के सभी कमजोर वर्गों विशेषकर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण पर फोकस होगा। लक्ष्य प्राप्ति के लिए चिन्हित योजनाओं में सेचुरेशन, आजीविका संवर्धन और संगठनात्मक ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर आधारित त्रिस्तरीय रणनीति क्रियान्वित की जाएगी। सशक्त नारी : सशक्त प्रदेश “सशक्त नारी : सशक्त प्रदेश” के ध्येय वाक्य के साथ नारी सशक्तिकरण पर हुए प्रेजेंटेशन में बताया गया कि महिला केन्द्रित विकास पर फोकस करते हुए महिलाओं और बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक विकास और सुरक्षा उपलब्ध काराना मिशन का उद्देश्य होगा। महिलाओं व बालिकाओं तक विभिन्न सरकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना, महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन एवं समाज में उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए एकीकृत प्रयास होंगे। समाज में महिलाओं एवं बालिकाओं के प्रति सकारात्मक व्यवहार के लिए पुरूष संवेदनशीलता बढ़ाना और जागरूकता फैलाना भी मिशन के उद्देश्य होंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झंडी दिखाकर भोजन वितरण वाहनों को रवाना किया, स्कूली बच्चों को प्रतीक स्वरूप मध्यान्ह भोजन वितरित किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों का स्त्रोत आहार ही है। आहार की शुद्धता इसकी महत्ता को कई गुना बढ़ा देती है। आहार की शुद्धता का महत्व बताते हुए भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद् गीता में कहा है कि शुद्ध आहार से ही विचार की शुद्धता संभव है। अक्षय पात्र फाउंडेशन इस दृष्टि से स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन के माध्यम से नवजीवन परोस रही है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा शिक्षा के लिए भरपूर भोजन के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की प्रशंसा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अक्षय पात्र परिसर में आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झंडी दिखाकर भोजन वितरण वाहनों को रवाना किया तथा 10 स्कूली बच्चों को प्रतीक स्वरूप मध्यान्ह भोजन वितरित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अंगवस्त्रम तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिवादन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अक्षय पात्र फाउंडेशन के केंद्रीकृत किचन में पहुंचकर भोजन बनाने की स्वचालित प्रक्रिया का अवलोकन किया। वे दाल-रोटी बनाने की प्रक्रिया में सहभागी भी हुए। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत भोपाल नगरीय क्षेत्र की शासकीय शालाओं को इस बेस किचन से ही मध्यान्ह मध्यान भोजन सप्लाई होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा 76 कर्मचारियों की टीम और 38 वाहनों के माध्यम से भोपाल के 645 स्कूलों को शुद्ध, पौष्टिक और गुणवत्तायुक्त मिड-डे मील उपलब्ध कराया जा रहा है। एक साथ 40 हजार रोटियां तैयार करना, दाल और सब्जी बनाने में भी मशीनीकृत प्रक्रियाएं अपनाना अभिभूत करने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संतवृंद के माध्यम से भोजन बनाने की इस प्रक्रिया से पवित्र भाव का संचार भी होता है। अक्षय पात्र फाउंडेशन का यह संकल्प आने वाले समय में बेहतर स्वास्थ्य और शुद्ध मानसिकता वाले समाज के निर्माण में सहायक होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एचइजी लिमिटेड के चेयरमेन और मैनेजिंग डायरेक्टर रवि झुनझुनवाला, अक्षय पात्र फाउंडेशन के संस्थापक और चेयरमेन पद्मश्री मधु पंडित दासा और भोपाल कलस्टर के अध्यक्ष आचार्य रतन दासा सहित फाउंडेशन के सभी सहयोगियों और कर्मचारियों का इस पुनीत सेवा के लिए अभिवादन किया। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री ने किया संबोधित पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा शालाओं में विद्यार्थियों को पौष्टिक और स्वादिष्ट आहार उपलब्ध करा रहा है। फाउंडेशन द्वारा बच्चों की रूचि अनुसार भोजन से बच्चों को शालाओं से जोड़े रखने में भी मदद मिल रही है।

अनुपालक बीड़ी निर्माताओं को प्रोत्साहित करने संबंधी विषयों पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिनिधि मंडल की चर्चा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मध्यप्रदेश बीड़ी उद्योग संघ के प्रतिनिधि मंडल ने भेंट कर बीड़ी उद्योग में रोजगार के अवसरों और अनुपालक बीड़ी निर्माताओं को प्रोत्साहित करने संबंधी विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में बीड़ी उद्योग संघ के सचिव अर्जुन खन्ना के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि बीड़ी निर्माण एक ऐसा पूर्णत: श्रम आधारित कुटीर ग्रामोद्योग है, जिसमें न्यूनतम पूंजी या बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होती है। संघ ने प्रदेश के उच्च गुणवत्ता और श्रेणी के तेंदूपत्ते से बीड़ी उत्पादन की मात्रा और गुणवत्ता को बढ़ाने संबंधी सुझाव रखते हुए प्रति मानक बोरी तेंदूपत्ता पर सब्सिड़ी बढ़ाने का अनुरोध किया। संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि उत्पादन आधारित प्रोत्साहन के माध्यम से प्रदेश को संगठित और विनियमित बीड़ी उत्पादन के केन्द्र के रूप में सुदृढ़ किया जा सकता है। इससे रोजगार के अधिक अवसर सृजित करने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार मध्यप्रदेश बीड़ी उद्योग संघ के सुझावों को क्रियान्वित करने का हरसंभव प्रयास करेगी।  

मुख्यमंत्री ने दी 352 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, जनकल्याण पर्व में घर-घर सर्वे कर पात्र हितग्राहियों को करेंगे लाभान्वित

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों की शहादत को नमन करते हुए शासकीय महाविद्यालय बाणसागर ब्यौहारी का नामकरण शहीद गोविन्द प्रसाद मिश्रा के नाम पर करने की घोषणा की। साथ ही उनकी धर्मपत्नी को शासकीय नौकरी देने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को जनकल्याण पर्व अन्तर्गत शहडोल जिले के ब्यौहारी में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में 31.68 करोड़ रूपये लागत के 22 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 320.7 करोड़ रूपये लागत के 40 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। साथ ही विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं में हितलाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का परचम पूरे विश्व में लहरा रहा है। देश आर्थिक समृद्धि की ओर अग्रसर हो रहा है। इंग्लैंड को पीछे छोड़ भारत देश आर्थिक शक्ति के रूप में उभरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द द्वारा कहा गया था कि 21वीं सदी भारत की होगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इसे चरितार्थ करके दिखाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री श्री मोदी के “हर हाथ को काम, हर खेत को पानी, जल ही जीवन” के मूल मंत्र से जोड़ा जाएगा। हमारे लिए यह हर्ष का विषय है कि प्रधानमंत्री 17 दिसंबर को पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना और 25 दिसम्बर को बुंदेलखंड क्षेत्र में केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना की सौगात देंगे। इन परियोजनाओं से मालवा और बुंदेलखंड के हर खेत तक पानी पहुंचेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर प्रधानमंत्री श्री मोदी की प्रेरणा से “मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान” चलाया जा रहा है। 40 दिनों तक चलने वाले इस अभियान में घर-घर सर्वे कर शासकीय योजनाओं से वंचित रहे पात्र नागरिकों को चिन्हित कर उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जनकल्याण पर्व में प्रत्येक दिन प्रदेशवासियों को विकास कार्यों की सौगातें मिल रही हैं। इन सभी विकास कार्यों की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने उपस्थित जन-प्रतिनिधियों को संकल्प दिलाया कि अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में सहभागिता करें, जिससे कोई भी पात्र हितग्राही योजना के हितलाभ से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरसी आईलैण्ड की विशेषताओं की सराहना करते हुए कहा कि शहडोल जिले का सरसी आईलैण्ड प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है, यह अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह से कम नहीं है। शहडोल जिला जल, वन, खनिज संपदा एवं वन्य जीव से समृद्ध एवं परिपूर्ण है। इसके माध्यम से क्षेत्र में पर्यटन का विस्तार होगा और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।   इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल का शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। साथ ही माता शबरी की फोटो भेंट की गई। कार्यक्रम में विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह, विधायक जैतपुर श्री जयसिंह मरावी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रभा मिश्रा, सदस्य जिला योजना समिति श्री कमल प्रताप सिंह, जन-प्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय दल के अभूतपूर्व प्रदर्शन पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुआलालम्पुर में 10 वें एशिया-पैसिफिक डेफ गेम्स 2024 में भारतीय दल के अभूतपूर्व प्रदर्शन और 55 पदक प्राप्त करने के लिए टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। यह स्पर्धा 1 से 8 दिसम्बर की अवधि में संपन्न हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत के प्रतिभावान खिलाड़ियों ने कुल 55 पदक हासिल किए हैं, जो एशिया पैसिफिक डेफ गेम्स में सर्व श्रेष्ठ प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय दल की सफलता का क्रम अविराम जारी रखने की कामना की है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत श्री सियाराम बाबा जी के अवसान पर किया शोक व्यक्त

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त, निमाड़ के दिव्य संत पूज्य श्री सियाराम बाबा जी के अवसान पर शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि यह संत समाज सहित सम्पूर्ण प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। धर्म साधना और मां नर्मदा की सेवा में समर्पित पूज्य सियाराम बाबा ने असंख्य श्रद्धालुओं के जीवन को दिशा प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने तथा उनके असंख्य अनुयायियों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।  

मुख्यमंत्री ने कहा- भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म से लेकर मृत्यु तक अपनी लीलाओं और आदर्शों के माध्यम से समूचे समाज को प्रेरणा दी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म से लेकर मृत्यु तक अपनी लीलाओं और आदर्शों के माध्यम से समूचे समाज को प्रेरणा दी है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और पवित्र धर्मग्रंथ “गीता” की शिक्षा से प्रदेशवासियों के जीवन को आलोकित करने और सनातन संस्कृति से जोड़ने के लिए गीता जयंती पर बड़े स्तर पर गीता पाठ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के आशीर्वाद से धन्य भूमि मध्यप्रदेश में गीता जयंती के पावन पर्व के अवसर पर “गीता पाठ का गिनीज विश्व रिकॉर्ड” बनाए जाने का अनूठा पावन प्रयास किया जा रहा हैं। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव अंतर्गत 11 दिसंबर को लाल परेड ग्राउंड में सुबह 10 बजे राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पहली बार 5 हजार से अधिक आचार्यों द्वारा गीता के तृतीय अध्याय “कर्म योग” का सस्वर पाठ कर विश्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने की दावेदारी जताएंगे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान श्रीमदभगवद पुराण और गौ एवं गोपाल चित्र प्रदर्शनी का संयोजन किया जायेगा। साथ ही साधो बैंड मुंबई के द्वारा भक्तिमय गीतों की सुरमई प्रस्तुति दी जाएगी। विशेष रूप से मध्यप्रदेश में आ रहे पर्यटकों और आगंतुकों को गीता की महिमा से अवगत कराने के लिए प्रदेश के होटलों में श्रीमद्भगवद्गीता, वाल्मीकि रामायण और रामचरित मानस की एक-एक प्रति रखने की पहल भी की जाएगी। उल्लेखनीय है कि मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के अगले दिन गीता जयंती का पर्व मनाया जाता है। इस तिथि पर मोक्षदा एकादशी व्रत भी किया जाता है। पंचांग के अनुसार 11 दिसंबर को गीता जयंती है। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा 5 हजार वर्ष पहले कौरव-पांडवों के युद्ध के बीच अर्जुन को कर्मवाद की शिक्षा प्रदान करने से धर्मग्रंथ “गीता” की रचना हुई।    

मुख्यमंत्री ने की जन-कल्याण अभियान और पर्व की तैयारियों की समीक्षा, 11 दिसम्बर से शुरू होगा पर्व

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवा, नारी, किसान और गरीब के कल्याण एवं विकास के लिये प्रदेश में 11 दिसम्बर से 26 जनवरी, 2025 तक मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान चलाया जायेगा। इसमें केन्द्र और राज्य सरकार की शत-प्रतिशत सैचुरेशन की चिन्हित हितग्राही मूलक योजनाओं और लक्ष्य प्रदान की गयी योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर तक प्रदेश में जन-कल्याण पर्व भी मनाया जायेगा, इसके अंतर्गत विभिन्न विभागों की गतिविधियों और विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी होगा। साथ ही राज्य शासन की एक वर्ष की उपलब्धियों को प्रदर्शित भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान और जन-कल्याण पर्व में होने वाली गतिविधियों की कार्य-योजना पर चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन-कल्याण अभियान का मुख्य उद्देश्य केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के युवा, नारी, किसान तथा गरीब वर्ग के कल्याण एवं विकास के लिए दृढ़ संकल्पित होकर कार्य करना है एवं उनके हितार्थ चलाई जा रही योजनाओं को धरातल पर क्रियान्वित करना है। इसमें 34 हितग्राही मूलक, 11 लक्ष्य आधारित और 63 अन्य सेवाओं को आम नागरिकों तक सहज रूप से पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान अंतर्गत संचालित गतिविधियों की सीएम हेल्पलाइन डेशबोर्ड पर मॉनीटरिंग की जायेगी, जिसे मुख्यमंत्री, कलेक्टर एवं विभाग के अधिकारी भी देख सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों के निराकरण के लिये संचालित राजस्व महाअभियान-3 की अवधि 26 जनवरी, 2025 तक के लिये बढ़ाई जाये। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगेंगे शिविर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान अवधि में शहरी और ग्रामीण अंचलों में शिविर लगाकर आमजन की समस्याओं का निराकरण और पात्र हितग्राहियों को चिन्हांकित कर योजनाओं का लाभ दिया जायेगा। आयुष्मान योजना में 70 वर्ष और इससे अधिक आयु वर्ग के नागरिकों के कार्ड बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोजित शिविरों का माहौल और उनमें दी जाने वाली सुविधाओं को इस प्रकार से प्रचारित करें कि नागरिक स्वयं अपनी इच्छा से शिविर में आयें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन-कल्याण अभियान के लिये समय-सीमा में अधिकारी-कर्मचारियों के सम्पर्क दल के गठन और योजनाओं के लाभ से वंचित नागरिकों को चिन्हांकित करने के निर्देश दिये। अभियान अंतर्गत लगने वाले शिविरों का निर्धारण जिले के प्रभारी मंत्री के मार्गदर्शन में जिला कलेक्टर द्वारा किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों के समस्त वार्डों में लगने वाले शिविरों के स्थान और तिथि का रोस्टर बनाकर प्रचारित-प्रसारित भी किया जाये। शिविरों की मॉनीटरिंग के लिये नगरीय क्षेत्रों में जोन स्तर पर और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक पंचायत क्लस्टर पर एक सेक्टर अधिकारी की नियुक्ति की जाये। जन-कल्याण पर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 11 से 26 दिसम्बर 2024 तक मनाये जाने वाले मुख्यमंत्री जन-कल्याण पर्व में विभिन्न विकास गतिविधियाँ होंगी। पर्व का शुभारंभ 11 दिसम्बर को भोपाल में लाड़ली बहना योजना की राशि वितरण से किया जायेगा। साथ गीता जयंती पर वृहद गीता का पाठ होगा। पर्व अवधि में अलीराजपुर की सांडवा माईक्रो सिंचाई योजना का भूमि-पूजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा राज्य सरकार की एक वर्ष की उपलब्धियों पर केन्द्रित प्रदर्शनी, भोपाल, सीहोर एवं रायसेन से युवाओं की रातापानी अभयारण्य के निकट बाइक रैली, अक्षयपात्र कार्यक्रम अंतर्गत बच्चों को पोषण आहार किट का वितरण, ग्वालियर में तानसेन समारोह अंतर्गत सांस्कृतिक कार्यक्रम, कन्वेंशन सेंटर का लोकार्पण और महाराजा जीवाजी राव सिंधिया की मूर्ति का अनावरण होगा। जबलपुर में सरदार बल्लभ भाई पटेल की मूर्ति का अनावरण, उमरिया गाँव में गौशाला का भूमि-पूजन, वृहद युवा संवाद (स्व-रोजगार, रोजगार केन्द्रित कार्यक्रम), पुलिस बैण्ड द्वारा प्रस्तुतिकरण, वन मेले का शुभारंभ, पार्वती-कालीसिंध नदी जोड़ो परियोजना का शुभारंभ, साधु-संतों के साथ संवाद, पीएम स्वनिधि योजना के हितग्राहियों का सम्मेलन, डॉ. बी.आर. अम्बेडकर यूनिवर्सिटी इंदौर में दीक्षांत समारोह, खण्डवा-ओंकारेश्वर में सोलर पार्क का लोकार्पण, उज्जैन में आईटी पार्क का भूमि-पूजन, भोपाल में खेल प्रोत्साहन कार्यक्रम, विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाीा का वितरण, सागर में तालाब सौंदर्यीकरण का लोकार्पण, चिंतन शिविर का आयोजन, नर्मदापुरम (पचमढ़ी) में राजा भभूत सिंह स्मृति में केबिनेट बैठक और भोपाल (रविन्द्र भवन) में छात्र-छात्राओं से संवाद कार्यक्रम होगा। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि 11 दिसम्बर से 26 जनवरी 2025 तक 47 दिन चलने वाले मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान में प्रत्येक जिले में अंतरविभागीय अधिकारी और कर्मचारियों के दल गठित किये जायेंगे। यह दल हितग्राहियों को चिन्हित कर उनके आवेदन प्राप्त कर शिविर का आयोजन किया जायेगा। शिविर की मॉनीटरिंग के लिये प्रत्येक पंचायत स्तर पर एक सेक्टर अधिकारी नियुक्त किया जायेगा। शिविर के बाद 26 जनवरी 2025 तक शेष लंबित प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जायेगा। हितग्राहियों को हित लाभ का वितरण शिविर के दौरान एवं गणतंत्र दिवस पर ग्राम सभाओं में किया जायेग-

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