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पं. धीरेंद्र शास्त्री को पदयात्रा के माध्यम से क्षेत्र में जन-जन को उनका मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त होगा- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की आध्यात्मिक पदयात्रा के लिए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्पष्टवादिता पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की विशेषता है। वे सनातन संस्कृति के उत्थान के उद्देश्य से यात्रा पर निकले हैं। प्रसन्नता का विषय है कि पदयात्रा के माध्यम से क्षेत्र में जन-जन को उनका मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त होगा। उल्लेखनीय है कि बागेश्वर धाम के प्रमुख पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 21 नवंबर से सनातन के जागरण के लिए बागेश्वर धाम से पद यात्रा आरंभ कर रहे हैं। यह यात्रा 160 किमी की होगी जो 29 नवंबर को ओरछा धाम पहुंचेगी। सनातन का जागरण और जातीय भेदभाव, छुआछूत एवं अगड़े-पिछड़े का भेद मिटाना और सामाजिक एकता को प्रोत्साहित करना पदयात्रा का उद्देश्य है।  

प्रदेश में 17 हजार 871 बहनों को पोर्टल के माध्यम से मिलेगी नियुक्ति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले राजधानी में सरकारी मकानों के आवंटन से संबंधित नए पोर्टल का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गृह विभाग को इस पहल के लिए बधाई दी। उल्लेखनीय है कि अब तक इस तरह के पोर्टल का निर्माण नहीं हुआ था। भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम 2000 के प्रावधानों के अनुसार संपूर्ण आवास आवंटन प्रक्रिया का संचालन अब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा। पोर्टल www.sampada.mp.gov.in के माध्यम से आवंटिती अर्थात शासकीय सेवक को ऑनलाइन आवास आवंटन की सूचना पंजीकृत मोबाइल नंबर पर गृह विभाग की ओर से एसएमएस गेटवे MPHOME के माध्यम से रियल टाईम बेसिस पर प्रेषित की जाएगी। शासकीय सेवक के हित में वरीयता क्रम से आवासों के आवंटन का कार्य पोर्टल के माध्यम से जनरेट किया जाएगा। इससे मानवीय हस्तक्षेप और पक्षपात के मामले शून्य हो जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को न्यू मार्केट के पास निर्मित साऊथ टी.टी. नगर के बहुमंजिला आवास गृहों का आवंटन भी किया। इन नवनिर्मित आवास गृहों में “जी” और “एच” श्रेणी के कुल 1210 आवास शामिल हैं। पोर्टल के माध्यम से शासकीय आवास का आधिपत्य प्राप्त करने की सूचना दी जा सकेगी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती होगी ऑनलाइन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की ऑनलाइन भर्ती के लिए विकसित व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निश्चित ही यह पारदर्शी प्रक्रिया त्वरित और सुगमता पूर्वक नियुक्ति की कार्यवाही में मददगार होगी। इसके साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित प्राप्त होने वाली शिकायतों की संख्या न्यून हो जाएगी। नई व्यवस्था में आवेदक एमपी ऑनलाइन कियोस्क अथवा स्वयं के मोबाइल पर एप्लीकेशन डाउनलोड कर समस्त दस्तावेजों को आवेदन के साथ अपलोड कर आवेदन कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऑनलाइन मॉड्यूल https://chayan.mponline.gov.in/ की कार्यप्रणाली को उपयोगी बताते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग को इस शुरूआत के लिए बधाई दी। भारत सरकार ने प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों के निवास वाले 20 जिलों में 549 नए आंगनवाड़ी केन्द्र मंजूर किए हैं। वर्तमान के 5201 पदों के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियुक्ति की जाना है। इसके अलावा अन्य नव सृजित 12 हजार 670 पद मिलाकर कुल 17 हजार 871 पदों की पूर्ति की जाएगी। इस तरह बड़ी संख्या में बहनों को ऑनलाइन नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से रोजगार प्राप्त होगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह 13 हजार एवं आंगनवाड़ी सहायिकाओं को 6500 मासिक मानदेय प्राप्त होगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक संसाधनों और संपदा से संपन्न राज्य है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक संसाधनों और संपदा से संपन्न राज्य है। प्रदेश की हर काल और युग में विशेष सांस्कृतिक पहचान रही है। आधुनिक काल में औद्योगिक समृद्धि के आधार पर देश का नंबर वन राज्य बनाने के संकल्प के साथ प्रदेश में रोजगारपरक उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश की समृद्ध प्राचीन संस्कृति और कलात्मक धरोहर को संजोए रखते हुए जन-कल्याणकारी नीतियों के माध्यम से उद्योग अनुकूल वातावरण तैयार कर प्रदेश में व्यापार, उद्योग और सेवा क्षेत्रों का वृहद विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को दिल्ली स्थित भारत मंडपम में चल रहे 43वें भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में मध्यप्रदेश दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में दो ज्योतिर्लिंग स्थित है। यह नदियों का मायका है, जहां पावन नर्मदा और शिप्रा नदियां बहती हैं। प्रदेश वन्य-जीव से संपन्न एकमात्र टाइगर स्टेट, तेंदुआ स्टेट और चीता स्टेट राज्य है। प्रदेश में खनिज संपदा भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है और यह एकमात्र हीरा उत्पादक राज्य है। इसके अलावा प्रदेश की सदियों से कला, संस्कृति और सभ्यता की विशेष पहचान रही है। इसका 5 हजार साल पुराना समृद्ध इतिहास रहा है और यह भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम की कर्मभूमि और तपोभूमि रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐतिहासिक काल से ही प्रदेश की व्यापार और व्यावसायिक समृद्धि की भी विशेष पहचान रही है। इसी क्रम में वर्तमान में मध्यप्रदेश सरकार संभागीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और औद्योगिक केंद्रों में रोड-शो कर प्रदेश में उद्योगपतियों को निवेश के लिए आमंत्रित कर रहा है। प्रदेश में ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूह को भी प्रोत्साहित किया जा रही है। प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के साथ भारी उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश को सबसे तेज गति से बढ़ने वाला राज्य बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। मध्यप्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद को अगले 5 साल में दोगुना करने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि विकसित भारत की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तत्परता के परिणामस्वरुप मध्यप्रदेश औद्योगीकीकरण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की परिकल्पना से रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के आयोजन के माध्यम से हर जिले में युवा उद्यमी आगे बढ़ रहे है। प्रमुख उद्योगपतियों को आमंत्रित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. यादव विदेश यात्रा पर भी जाने वाले हैं। विकसित मध्यप्रदेश बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेले में मध्यप्रदेश मंडप का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। उन्होंने मध्यप्रदेश मंडप में लगे विभिन्न स्टॉल का अवलोकन भी किया और शिल्पकारों का मनोबल बढ़ाया। मंडप को ‘विकसित भारत@2047’ की थीम पर विकसित किया गया है, जिसमें प्रदेश की धरोहर के साथ स्टार्ट-अप्स और उद्यमों का कलात्मक प्रदर्शन किया गया है। मंडप में युवा, गरीब, नारी और किसान कल्याण के मिशन को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार भी वितरित किए। मध्यप्रदेश मंडप में बेस्ट स्टॉल डिस्प्ले के लिए पर्यटन विभाग और हस्तकला के लिए मध्यप्रदेश माटीकला बोर्ड को पुरस्कृत किया गया। मंडप में सर्वश्रेष्ठ सजीव कला प्रदर्शन के लिए श्री मोहम्मद यूसुफ खत्री को सम्मानित किया गया। साथ ही मध्यप्रदेश मंडप के अन्य प्रतिभागियों को भी श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। मध्यप्रदेश दिवस समारोह में प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक कार्यक्रम की झलक देखने को मिली। डॉ. शिप्रा सुल्लेरे के संगीत निर्देशन और श्री दविंदर सिंह ग्रोवर के संयोजन में जबलपुर के श्री जानकी बैंड की प्रस्तुति दी गई। सुश्री पूजा श्रीवास्तव के निर्देशन में बुंदेलखंड के अखाड़ा लोक नृत्य की भी मनमोहक प्रस्तुति हुई। कार्यक्रम में केंद्रीय महिला बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी और मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के प्रबंध संचालक श्री दिलीप कुमार भी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने किया एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक के 17वें सम्मेलन का शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत का अतीत गौरवशाली रहा है और भारत प्राचीनकाल से ही वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षा का मुख्य केन्द्र रहा। कई देशों के विद्यार्थियों, राजकुमारों ने तक्षशिला, नालंदा जैसे भारत के विश्वविद्यालयों में शिक्षा ग्रहण की। लेकिन ऐतिहासकि रूप से हमें ऐसा कोई उल्लेख प्राप्त नहीं होता, जिसमें भारत में शिक्षा ग्रहण किए किसी व्यक्ति अथवा सत्ताधीश ने अन्य राज्य पर आक्रमण किया हो। यह तथ्य प्राचीन काल से चली आ रही हमारी शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ जीवन मूल्यों और नैतिक मूल्यों को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को होटल ताज में एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक के 17वें सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतीत से वर्तमान की कई घटनाएं जीवन मूल्यों के प्रति दृष्टिकोण की भिन्नता के कारण हुई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “उच्च शिक्षा का बदलता स्वरूप और हमारे जीवन मूल्य” विषय पर आयोजित यह सम्मेलन सम-सामयिक महत्व का है। अतीत से लेकर वर्तमान तक की कई घटनाएं जीवन मूल्यों के प्रति दृष्टिकोण की भिन्नता के परिणाम स्वरूप ही घटित हुईं। रामायण काल में रावण हो या महाभारत काल में कौरव, योग्यता और क्षमता में कोई भी कम नहीं था, लेकिन उनके जीवन मूल्य और नैतिक मूल्य उचित नहीं थे, इसी कारण उन्हें कभी सम्मान नहीं मिला और वे समाज में तथा इतिहास में सदैव नकारे गए। कर्ण की योग्यता अद्भुत थी, लेकिन उनकी दृष्टि, प्रतिशोध, जिद और नकारात्मक भाव ने उन्हें पतन की ओर अग्रसर किया। इसी प्रकार के उदाहरण हमें सोने की लंका बनाने वाले रावण के भी प्राप्त होते हैं। सभी प्रकार के वैभव और सामर्थ्य होने के बाद भी वे कभी स्वीकारे नहीं गए और नैतिक मूल्यों के आधार पर ही वनवासी श्रीराम ने उन्हें परास्त किया। अर्थात् यह नैतिक मूल्यों और जीवन मूल्यों की ही विजय थी। नई शिक्षा नीति के माध्यम से लागू किए जा रहे हैं कई नवाचार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रूस-यूक्रेन युद्ध और इजराइल के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे आदर्शों और जीवन मूल्यों का ही परिणाम है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इन संघर्षों में भी शांति के लिए प्रयास करते दिखाई देते हैं। यह भारतीय जीवन मूल्यों के सामर्थ्य को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2020 से लागू नई शिक्षा नीति के माध्यम से पढ़ने और सीखने की प्रक्रिया को अधिक लचीला, सरल और रूचिपूर्ण बनाते हुए विद्यिार्थियों को विभिन्न संकायों के विषयों के अध्ययन की सुविधा प्रदान की गई है। अध्ययन प्रक्रिया को आयु के बंधन से मुक्त करते हुए क्रेडिट प्रदान करने जैसे नवाचार भी प्रदेश में किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक को मध्यप्रदेश में अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए आमंत्रित किया। वैश्विक स्तर की शिक्षा देश में ही उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध जागरण लेक सिटी यूनिवर्सिटी के चांसलर श्री हरिमोहन गुप्ता ने बताया कि 35 देशों में फैले एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक का सम्मेलन भारत में पहली बार हो रहा है। एसोसिएशन मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा और कौशल विकास पर केन्द्रित वैश्विक संस्थाओं की स्थापना कर विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा देश में ही उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, शिक्षाविद श्री अनूप स्वरूप और विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि तथा विषय-विशेषज्ञ उपस्थित थे।  

मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और व्यापक बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और व्यापक बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की नींव स्वस्थ नागरिकों से ही सुदृढ़ होगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के विचार को साकार करने के लिए राज्य सरकार हर नागरिक को सुलभ और उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस दिशा में 21 नवंबर को एक और इतिहास रचने की ओर प्रदेश अग्रसर है जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन करेंगे, जो प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नए आयाम प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए प्रोजेक्ट को प्राथमिकता से पूर्ण किया जायेगा। इससे उज्जैन और आसपास के जिलों के मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2003 तक प्रदेश में केवल 5 शासकीय मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर 17 हो चुके हैं। प्रदेश में एम.बी.बी.एस. सीटें भी 720 से बढ़कर 2,575 हो गई हैं। श्योपुर, सिंगरौली, मंडला और राजगढ़ में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ छतरपुर, दमोह और बुधनी में स्ववित्तीय अनुदान से मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही 12 अन्य जिलों में सार्वजनिक जनभागीदारी नीति के तहत मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से एम.बी.बी.एस. सीटों में 2,000 से अधिक की वृद्धि होगी। भोपाल और ग्वालियर में अस्पताल की बेड कैपेसिटी को 2,500 तक बढ़ाने के साथ-साथ इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा में सुपरस्पेशलिटी अस्पताल संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जबलपुर में स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन पल्मोनरी मेडिसिन और इंदौर में स्कूल ऑफ एक्सीलेंस फॉर आई जैसी योजनाएं प्रदेश को चिकित्सा क्षेत्र में अग्रणी बना रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 14 मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। वर्तमान में 24 शासकीय नर्सिंग कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जो जल्द ही 37 हो जाएंगे। प्रदेश में 250 पैरामेडिकल कॉलेजों में लगभग 25,000 छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इसके साथ ही, मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जहां मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को उन्नत चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, ताकि ये जिला अस्पतालों के समान उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकें। इसके साथ ही इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (IPHS) के मानकों के अनुरूप 30,000 से अधिक चिकित्सकीय और सहायक चिकित्सकीय पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिकों से ही आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का निर्माण संभव है। 592 करोड़ रुपये की लागत से होगा मेडिकल कॉलेज का निर्माण उज्जैन मेडिकल कॉलेज 14.97 एकड़ भूमि पर निर्मित किया जाएगा। निर्माण क्षेत्र 1 लाख 42 हज़ार 34 वर्ग मीटर प्रावधानित है। इसकी कुल लागत 592.3 करोड़ रुपए है। इसमें फायर सेफ्टी के लिए आधुनिक तकनीकों, ऊर्जा दक्षता के लिए एलईडी लाइटिंग, सौर ऊर्जा और ऊर्जा-कुशल एचवीएसी सिस्टम का उपयोग किया गया है। वर्षा जल संग्रहण और अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग के साथ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी प्रावधान किया गया है। मेडिकल कॉलेज में फुट ओवर ब्रिज, ग्रंथालय भवन, सर्विस ब्लॉक, एमजीपीएस ब्लॉक और ईएसएस ब्लॉक की सुविधा शामिल हैं। 550 बिस्तरों वाला आधुनिक शिक्षण अस्पताल उज्जैन मेडिकल कॉलेज शिक्षण अस्पताल की क्षमता 550 बेड की है। अस्पताल में 24×7 आपातकालीन सेवाओं, फार्मेसी, रेडियोलॉजी (CT, MRI, X-RAY, फ्लोरोस्कोपी, अल्ट्रासाउंड), जनरल एवं सुपर स्पेशलिटी ओपीडी जैसी सेवाओं से सुसज्जित है। अस्पताल में 550 आई.पी.डी. बिस्तर, ICU और CCU के लिए 70 बिस्तर, 11 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, 1 कैथ लैब और 2 एंडोस्कोपी यूनिट उपलब्ध हैं। इसके अलावा, परमाणु चिकित्सा विभाग और 2 रेडियोथेरेपी बंकर (ब्रैकीथेरेपी और सीटी सिम्युलेटर) जैसी उन्नत सुविधाएं भी प्रदान की गई हैं। डॉक्टरों, स्टाफ और जनता के लिए कैफेटेरिया की व्यवस्था भी है। निर्माण कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा किया जायेगा। 100 एम.बी.बी.एस. सीट की प्रवेश क्षमता उज्जैन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्रों की प्रवेश क्षमता 100 प्रावधानित है। मेडिकल कॉलेज में 4 अत्याधुनिक लेक्चर थियेटर (प्रत्येक की क्षमता 180) और 2 परीक्षा हॉल (प्रत्येक की क्षमता 250) रहेगी। सेंट्रल लाइब्रेरी, शिक्षण और फैकल्टी क्षेत्र, प्रयोगशाला और कौशल प्रशिक्षण केंद्र के साथ प्रशासनिक भवन, सामान्य कक्ष और मनोरंजन सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। 380 नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए छात्रावास सुविधा का प्रावधान है। इसमें स्टिल्ट पार्किंग, सामान्य कक्ष, मनोरंजन क्षेत्र, डायनिंग हॉल और किचन की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यूजी और इंटर्न छात्र एवं छात्राओं के लिए छात्रावास उज्जैन मेडिकल कॉलेज में छात्रों के लिए 329 यूजी और 70 इंटर्न तथा छात्राओं के लिए 286 अंडरग्रेजुएट और 58 इंटर्न की क्षमता वाला छात्रावास रहेगा। इनमें स्टिल्ट पार्किंग, सामान्य कक्ष, मनोरंजन क्षेत्र और डायनिंग सुविधाएं रहेंगी। 145 विद्यार्थियों की क्षमता वाला आरडीएच छात्रावास जिम, डायनिंग हॉल और स्टिल्ट पार्किंग जैसी सुविधाओं से युक्त रहेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली से वर्चुअली देवास में किया सिंथेटिक एथेलेटिक ट्रैक का भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना का निरंतर विकास हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में इस दिशा में जिस प्रकार कार्य जारी है, उससे प्रदेश के खिलाड़ी विक्रम अवार्ड प्राप्त करने के साथ-साथ एशियाड और ओलंपिक में अवार्ड प्राप्त करने की ओर भी अग्रसर हो रहे हैं। देवास में कुशाभाऊ ठाकरे स्टेडियम और श्रीमंत तुकोजीराव पवार स्टेडियम से कई प्रतिभावान खिलाड़ी प्रदेश व देश को मिले हैं। श्रीमंत तुकोजीराव पवार की जयंती पर देवास को मिल रही सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक की सौगात से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने के अधिक अवसर प्राप्त होंगे। देवास में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुशाभाऊ ठाकरे स्टेडियम देवास में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक के भूमि पूजन कार्यक्रम को नई दिल्ली से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। विविध विशेषताओं से समृद्ध है मालवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवास, उज्जैन धार और इंदौर को जोड़ते हुए क्षेत्र को वृहद महानगर के रूप में विकसित किया जा रहा है। औद्योगीकरण की दिशा में राज्य सरकार तेज गति से कार्य कर रही है। बदलते दौर में इस क्षेत्र की देश में विशिष्ट पहचान होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवास में मां तुलजा भवानी और चामुंडा माता दो देवियों का वास है साथ ही क्षेत्र को कैला देवी का भी आशीर्वाद प्राप्त है। अपनी विविध विशेषताओं से समृद्ध मालवा, छत्रपति महाराज शिवाजी के बाद होलकर-पवार-सिंधिया और बाजीराव जी महाराज के माध्यम से हिंदवी सेना द्वारा साम्राज्य पुनर्स्थापित करने के समय से ही स्वाधीन हो गया था। इससे मालवा क्षेत्र के देव-स्थानों की आभा भी बढ़ी। पं. कुमार गंधर्व की उपस्थिति और बैंक नोट प्रेस ने देवास को विशेष महत्व प्रदान किया है। प्रदेश में 114 खेल अधोसंरचना निर्मित, 30 निर्माणाधीन उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा 114 खेल अधोसंरचना (स्टेडियम/खेल परिसर/इंडोर हॉल) निर्मित किये गये है, 30 खेल अधोसंरचना निर्माणाधीन है। प्रदेश मंव कुल 8 सिंथेटिक एथेलेटिक ट्रैक निर्मित किये गये है। देवास में 9वॉ सिंथेटिक एथेलेटिक ट्रैक कुशाभाऊ ठाकरे स्टेडियम में स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा 3 और एथेलेटिक ट्रैक – इंदौर, रतलाम और छतरपुर में भी स्वीकृत किये गये है। प्रदेश में खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा 12 सिंथेटिक हॉकी टर्फ की स्थापना की गई है तथा 6 सिंथेटिक हॉकी टर्फ निर्माणाधीन है। राज्य सरकार द्वारा “वन डिस्ट्रिक्ट-वन स्पोर्टस काम्पलेक्स” अन्तर्गत सभी जिलों में खेल स्टेडियम का निर्माण किया जावेगा और मुख्यमंत्री खेल अधोसंरचना योजना के तहत सभी विकासखंडो में खेल स्टेडियम बनाने की योजना है। देवास में 9 करोड़ 18 लाख की लागत बनेगा सिंथेटिक एथेलेटिक ट्रैक देवास का कुशाभाऊ ठाकरे स्टेडियम 10.00 एकड़ भूमि में स्थित है। स्टेडियम में बैडमिंटन के 4 सिंथेटिक कोर्ट, बास्केटबॉल के 2 कोर्ट, 25 मीटर स्वीमिंग पुल, ओपन जिम, साफ्टबॉल और शतरंग खेल के अतिरिक्त महिला आत्मरक्षा के लिए कराते प्रशिक्षण संचालित है। स्टेडियम में एथेलेटिक खिलाड़ियों के लिए खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा सिंथेटिक एथेलेटिक ट्रैक की स्थापना 9 करोड़ 18 लाख रुपए की लागत से की जा रही है, जिसमें 400 मीटर सिंथेटिक एथेलेटिक ट्रेक 8 लेन की सुविधा उपलब्ध रहेंगी। खिलाड़ियों के फिटनेस के लिए 26 लाख रुपए के जिम उपकरण भी उपलब्ध कराये जायेंगे। कार्यक्रम से उप मुख्यमंत्री तथा देवास जिले के प्रभारी श्री जगदीश देवड़ा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग वर्चुअली जुड़े। देवास में हुए कार्यक्रम में देवास सांसद श्री महेन्द्र सिंह सोलंकी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीला अटारिया, विधायक श्रीमती गायत्रीराजे पवार, महापौर श्रीमती गीता दुर्गेश अग्रवाल तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बिरसा मुण्डा जयंती पर धार में 334 करोड़ रुपए से अधिक लागत के विकास कार्यों की दी गई सौगातें

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने भगवान बिरसा मुंडा के व्यक्तित्व और कृतित्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिये किये जा रहे प्रयासों के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रयासों से प्रारंभ हुए जनजातीय गौरव दिवस के माध्यम से हमारी आजादी में जनजातीय नायक-नायिकाओं के योगदान से देश-दुनिया को परिचित कराने में मदद मिली है। अंग्रेजों से वीरता पूर्वक युद्ध करने वाले, जन-समुदाय द्वारा भगवान के रूप में पूजे जाने वाले, मुण्डा क्रांति के जनक बिरसा मुण्डा थे। उन्होंने सशस्त्र छापामार संघर्ष में बलिदानी रायन्ना, संथाल विद्रोह या हूल आंदोलन में तीर-कमान के साथ शामिल होने वाले शहीद सिद्धो संथाल, कान्हू संथाल, उनके छोटे भाई चाँद और भैरव के योगदान का भी उल्लेख किया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जी की संवेदनाएं जनजाति वर्ग के प्रति विशेष रूप से है। जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिये उन्होंने बजट में पाँच गुना से अधिक की वृद्धि की है। पीएम जन मन योजना के माध्यम से जनजातीय वर्ग के कल्याण को नई दिशा दी जा रही है। बेगा, सहरिया सहित अन्य पिछड़े जनजातीय वर्ग के जीवन में सुधार के लिये भी विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। राज्यपाल श्री पटेल शुक्रवार को धार में भगवान बिरसा मुण्डा जयंती के अवसर पर राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस के विशाल समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समारोह की अध्यक्षता की। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक देश को सिकल सेल जैसी घातक बीमारी से समाज को मुक्त कराने का लक्ष्य रखा है। इस प्रयास में समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे इस बीमारी के उन्मूलन के संबंध में जागरूकता के लिये विशेष प्रयास करें। समय पर जाँच होने से इस बीमारी का इलाज संभव है। आज का दिन किसी त्यौहार से कम नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन किसी त्यौहार से कम नहीं है। आज के दिन हमारे समाज के गौरव भगवान बिरसा मुण्डा ने जन्म लिया था। यह दिन हमारे लिये गौरव के साथ गर्व का दिन भी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस दिन को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरूआत की है। बिरसा मुण्डा ने जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिये संघर्ष किया। उन्होंने भारत माँ की रक्षा के लिये भी अपनी जीवटता और वीरता से अनेक उल्लेखनीय कार्य किये और समाज को नई दिशा दी। धर्मांतरण के विरोध में आवाज उठाते हुए वे आगे आये। मुख्यमंत्री श्री यादव ने कहा कि संस्कृति बचेगी तो हम बचेंगे। संस्कृति की रक्षा के लिये बिरसा मुण्डा का भारत के इतिहास में एक बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि टंट्या मामा के नाम से विश्वविद्यालय बनाया गया है। रेलवे स्टेशन का नाम भी टंट्या मामा के नाम पर किया गया है। हमारी सरकार जनजाति समाज के समग्र कल्याण के लिये कृत संकल्पित होकर लगातार काम कर रही हैं, जो अनवरत जारी रहेंगे। विकास के साथ होंगे रोजगार के अवसर सृजित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संवर्धन के माध्यम से विकास को नये आयाम दिये जा रहे हैं। धार जिले में 334 करोड़ रूपये लागत के 57 विकास कार्यों की सौगात क्षेत्र को प्रगति के पथ पर तेज गति प्रदान करेगी। इससे क्षेत्र में विकास के साथ रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पेसा कानून की जानकारी देते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल आदि मूलभूत सुविधाओं के विकास के प्लान तैयार किये जायें और उन्हें कार्यरूप में परिणित भी करें। उन्होंने बताया कि वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित किया जा रहा है। शासन की प्रत्येक योजना का लाभ हर पात्रताधारी व्यक्ति को मिले, इसके लिये मैदानी स्तर पर विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिकल सेल बीमारी समाज के लिये घातक है। इस बीमारी के उन्मूलन के लिये कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। मैदानी स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के लिये  विशेष प्रयास लगातार जारी हैं। गरीब वर्ग के लिये एयर एम्बुलेंस सेवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा जनजाति वर्ग के भाई-बहनों को आगे लाने के लिये सभी प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीमार को त्वरित चिकित्सकीय सेवा की उपलब्धता तथा उन्हें हॉस्पिटल पहुंचाने के लिये एयर एम्बुलेंस सेवा प्रारंभ की गई है। प्रदेश सरकार हर व्यक्ति को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिये लगातार प्रयास कर रही है। हमारा संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित नहीं रहे। उन्होंने जनजाति समाज के बच्चों से बेहतर शिक्षण के लिये आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा जनजाति समाज के बच्चों को उच्च शिक्षण के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था प्रारंभ की गई है। इन कोचिंग पर होने वाला खर्च शासन द्वारा उठाया जायेगा। गौ-संवर्धन के लिये खुलेंगी बड़ी गौ-शालाएँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रदेश में गौ-माता की रक्षा और उनके संवर्धन के लिये बड़ी-बड़ी गौशालाएं खोली जाएंगी। ग्रामीणों को दुग्ध उत्पादन के लिये प्रोत्साहित करने के साथ इस पर बोनस भी दिया जायेगा। प्रदेश में राज्य परिवहन निगम जैसी सेवा पुन: प्रारंभ की जायेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन के बेहतर साधन एवं सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि

भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के अत्याचार के विरुद्ध जनजातीय समाज को किया खड़ा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पूरे देश में राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनायी जा रही है। जनजातीय गौरव दिवस इतिहास के एक बहुत बड़े अन्याय को दूर करने का एक ईमानदार प्रयास है। आजादी के बाद जनजातीय वर्ग के योगदान को इतिहास में वह स्थान नहीं दिया गया, जिसके लिये वे हकदार थे। जनजातीय समाज वो है, जिसने राजकुमार राम को भगवान बनाया। भारत की संस्कृति और आजादी के रक्षा के लिये सैकड़ो वर्षों की लड़ाई का नेतृत्व दिया। आजादी के बाद के दशकों में जनजातीय वर्ग के अनमोल योगदान को मिटाने की कोशिश की गई। इसके पीछे स्वार्थ भरी राजनीति थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के समग्र कल्याण के लिये अनेक योजनाएँ संचालित कर उनके आर्थिक और सामाजिक विकास का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर बिहार जिले के जमुई में आयोजित राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस पर संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती पर 6 हजार करोड़ रूपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है। इसमें जनजातीय वर्ग के बच्चों के भविष्य को संवारने वाले स्कूल और हॉस्टल, जनजातीय वर्ग की महिलाओं के लिये स्वास्थ्य सुविधा, जनजातीय क्षेत्रों को जोड़ने वाली सैकड़ों किलोमीटर की सड़कें, जनजातीय वर्ग की संस्कृति को समर्पित संग्रहालय एवं जनजातीय वर्ग के डेढ़ लाख परिवारों को पक्के घर के स्वीकृति पत्र वितरित किये गये हैं। साथ ही आज देव दीपावली के दिन 11 हजार से अधिक जनजातीय परिवारों को अपने घर में प्रवेश कराया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश के छिन्दवाड़ा के श्री बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर के राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वंतत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का वर्चुअली लोकापर्ण किया। मध्यप्रदेश के शहडोल जिला मुख्यालय पर आयोजित राज्यस्तरीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल, सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, अध्यक्ष कोल विकास प्राधिकरण श्री रामलाल रोतेल सहित जन-प्रतिनिधि मौजूद रहे। राज्यपाल श्री पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अतिथियों का स्वागत जनजातीय परंपरा अनुसार किया गया। जनजातीय कल्याण के लिये राज्य सरकार कर रही है बेहतरीन कार्य : राज्यपाल श्री पटेल राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सम्पूर्ण देश में जनजातीय कल्याण के अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। पीएम जन मन योजना और सिकल सैल उन्मूलन मिशन, जनजाति कल्याण का महाभियान है। इस महाभियान में राज्य सरकार द्वारा जनजाति कल्याण के बेहतरीन कार्य किए जा रहे हैं। अनेक विभागों के माध्यम से अति पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा में लाने के कारगर प्रयास लगातार जारी है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकल सैल उन्मूलन मिशन का संकल्प मध्यप्रदेश की धरती से लिया जाना प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है। केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा सिकल सैल उन्मूलन की दिशा में जाँच और जागरूकता के कार्य सघन स्तर पर किए जा रहे हैं। प्रदेश में अब तक 82 लाख लोगों की सिकलसेल स्क्रीनिंग पूर्ण हो गई है। राज्यपाल श्री पटेल ने शहडोल ज़िले के सिकल सैल जाँच कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को सिकल सैल कार्ड वितरण का कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकल सैल से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय, इस रोग के प्रति जागरूकता ही है। उन्होंने कहा कि शादी के पूर्व लड़का-लड़की सिकल सैल कार्ड का मिलान ज़रूर करें। उन्होंने कहा कि गर्भधारण के दौरान और जन्म के बाद भी बच्चे के सिकल सैल की जाँच ज़रूर कराएं। राज्यपाल श्री पटेल ने सभी से आह्वान किया कि सिकल सैल की जाँच और जागरूकता हम सभी की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। राज्यपाल श्री पटेल ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती पर उनका नमन किया और प्रदेश एवं देश के महान क्रांतिकारी, जनजातीय सपूतों का पुण्य स्मरण भी किया। उन्होंने जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा जबलपुर और छिंदवाड़ा के जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण के प्रति आभार ज्ञापित किया।  

भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को भव्य स्वरूप में मनाया जाए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मनुष्य के रूप में जीते जी जिन्हें भगवान का दर्जा मिला, ऐसे भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती प्रति वर्ष मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अतीत में इतिहास के पन्नों पर स्वर्ण बिहार, झारखंड की धरती से उन्होंने अंग्रेजों का प्रबल प्रतिरोध स्थापित किया, जहां से आदिवासी अंचल में दो स्वतंत्रता आंदोलन की भूमिका बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती का राज्य स्तरीय कार्यक्रम शहडोल और धार में आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों से स्वतंत्रता आंदोलन में भगवान बिरसा मुंडा के उन पक्षों को भी सामने रखा जायेगा, जिससे स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूती मिली।

राष्ट्र रक्षा के लिये भगवान बिरसा मुंडा द्वारा किये गये बलिदान का प्रकटीकरण हो और इससे समाज अवगत हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनजातीय गौरव दिवस भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि “अबुआ दिशोम-अबुआ राज”… अपना देश और अपनी माटी के महत्व का उद्घोष करने वाले और उलगुलान क्रांति से स्वत्व, स्वाभिमान और स्वराज की चेतना जगाने वाले भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आज हम सब उनको सादर नमन करते है। भगवान बिरसा मुंडा ने जनजातीय संस्कृति, स्वाभिमान और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए लंबा संघर्ष किया और जनजातीय गौरव का प्रतीक बन गये। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके अभूतपूर्व योगदान को स्मरण करने के लिए भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर पर प्रति वर्ष “जनजातीय गौरव दिवस” के आयोजन की परंपरा आरंभ की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल, जंगल, जमीन के रक्षक बिरसा मुंडा ने वर्ष 1893-94 में अंग्रेजों द्वारा वन अधिनियम बनाकर जंगलों पर कब्जा करने का विरोध किया, शोषण के खिलाफ आवाज उठाई और स्वतंत्रता के लिये उलगुलान क्रांति शुरू की। उन्होंने जनजातियों के स्वाभिमान को जगाया और उन्हें यह विश्वास दिलाया कि यह हमारी धरती है और हम ही इसके रक्षक हैं। अपनी धरती और माटी की रक्षा के लिये जनजातियों ने बिरसा मुंडा के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोला। यह क्रांति इतनी प्रभावी थी कि आखिरकार अंग्रेजों ने छोटा नागपुर टेनेंसी कानून पारित किया और जनजातियों को उनका अधिकार प्राप्त हुआ। गौरवमयी अतीत का प्रकटीकरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समाज का गौरवमयी अतीत समाज के सामने लाना और उनकी संस्कृति तथा परंपराओं का संरक्षण है। राष्ट्र रक्षा के लिये उनके द्वारा किये गये बलिदान का प्रकटीकरण हो और इससे समाज अवगत हो, वे अपनी संस्कृति और परंपराओं का महत्व समझें तथा उनमें स्वत्व का बोध हो। समाज, संस्कृति और राष्ट्र को समर्पित भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आज शहडोल और धार जिले में राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। मुझे प्रसन्नता है कि इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअली जुड़कर हमारा मार्गदर्शन करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन की शुरुआत के साथ जनजातियों के गौरव की पुनर्स्थापना की नींव रखी है। उनका लक्ष्य है अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति का विकास करना तथा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना। जनजातीय समाज के कल्याण के लिये संकल्पित प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प की सिद्धि के लिये मध्यप्रदेश सरकार विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रही है। जनजातीय वर्ग का समग्र विकास ध्येय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत वर्ष प्रधानमंत्री मोदी ने जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर जनजाति न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) योजना की शुरुआत की। इस योजना का उद्देश्य जनजातीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाना और उनका शैक्षणिक, आर्थिक, स्वस्थ और सामाजिक विकास करना है। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि इस योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश की विशेष उपलब्धि रही है। पीएम जन-मन योजना में प्रदेश के 24 जिलों के 118 गांवों में निवासरत बैगा, भारिया एवं सहरिया विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह के 11 लाख 35 हजार से अधिक भाई-बहनों को सहायता, रोज़गार और कौशल प्रशिक्षण देकर इन्हें विकास की नई राह से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसमें 7 हजार 300 करोड़ रुपये की लागत से नये स्वास्थ्य केंद्र, छात्रावास, बहुउद्देशीय केंद्र, सड़क, पुल और आवास सहित अन्य निर्माण कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उदाहरण देते हुए कहा कि पीएम जन-मन योजना में सिवनी जिले का झिंजरई गांव एक आदर्श ग्राम के रूप में विकसित हो चुका है। इस गांव में राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन शत-प्रतिशत हुआ। यही नहीं, छिंदवाड़ा और डिंडौरी जिले में 7 और कटनी में 6 विशेष पिछ़ड़े जनजातीय बहुल गांव आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। शौर्य और पराक्रम जनजातियों का मौलिक स्वभाव है। उनकी इस विशेषता को देखते हुए प्रदेश के विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह के लिये शौर्य संकल्प योजना के अंतर्गत पीवीटीजी बटालियन गठित की जायेगी। जनजातीय विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य निर्माण के लिये उन्हें प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक, विदेश अध्ययन के लिए छात्रवृत्ति, सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना और परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण का लाभ दिया जा रहा है। बजट वृद्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय वर्ग के समग्र विकास और कल्याण के लिये हमने इस वित्त वर्ष में 40 हजार 804 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले बजट की तुलना में 23.4 प्रतिशत अधिक है। तेंदूपत्ता संग्राहकों का मानदेय 3 हजार रुपये प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4 हजार रुपये किया गया। इससे 35 लाख संग्राहक लाभान्वित हुए हैं। प्रदेश में जनजातीय विकास की अधोसंरचनाओं के निर्माण के लिये विशेष तकनीकी समूह तैयार करने का निर्णय लिया गया। रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना में अधिकतम 3900 रुपये प्रति हेक्टेयर की अतिरिक्त सहायता राशि स्वीकृत की गई। प्रदेश में जनजातियों को जल, जंगल, जमीन और श्रमिकों के अधिकारों की जानकारी तथा इनके संरक्षण और सांस्कृतिक परंपराओं की सुरक्षा के लिये पेसा अधिनियम लागू किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समुदाय के समग्र विकास और उनके जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में विशेष पहल करते हुए 2 अक्टूबर, 2024 को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान आरंभ किया। इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में जनजातीय आबादी के लिए समान अवसरों का सृजन, सामाजिक-आर्थिक स्तर का विकास, बुनियादी ढांचे का सुधार और स्वास्थ्य, शिक्षा तथा आजीविका के क्षेत्र में ठोस प्रगति करना है। हमारा लक्ष्य प्रदेश के 267 विकासखंडों में स्थित 11 हजार 377 जनजातीय बहुल गांव का सर्वांगीण विकास करना है। यही नहीं, इस योजना में केंद्र सरकार द्वारा देशभर में 100 जनजातीय ग्रामीण हाट बाजार तैयार करने की योजना है। प्रदेश के 19 जिलों में जनजातीय ग्रामीण हाट बाजार की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। इसमें जनजातियों की पुरातन कला, संस्कृति के प्रतीक, शिल्पकारी, चित्रकारी, खिलौने, मिट्टी व बांस से तैयार उत्पाद आदि का प्रदर्शन किया जायेगा। इससे पारंपरिक कला संस्कृति समृद्ध होने के साथ जनजातीय वर्ग का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण होगा। मध्यप्रदेश, मोदी जी के संकल्प को करेगा साकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुझे इस बात से संतोष है कि भगवान बिरसा मुंडा ने जनजातीय समाज के स्वाभिमान और उत्थान के लिये जो स्वप्न देखा था, वह आज प्रधानमंत्री … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोटा में विद्यार्थियों के साथ साझा किए अपने अनुभव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विद्यार्थियों को अपना जुनून हमेशा कायम रखना चाहिए। इच्छाशक्ति जितनी दृढ़ होगी, लक्ष्य उतना ही आसान होगा। उन्होंने कहा कि जीवन में किसी भी पद पर पहुंचे, मित्रता का प्रेमभाव हमेशा बनाए रखना। इसका सबसे अच्छा उदाहरण श्रीकृष्ण और सुदामा की दोस्ती का है। उनकी दोस्ती 11 वर्ष की उम्र में हुई थी और जब वे द्वारका के राजा बने तब भी उनकी दोस्ती ने दुनिया के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजस्थान के कोटा जिले में एलन शिक्षण संस्थान के समउन्नत भवन में विद्यार्थियों से चर्चा कर रहे थे। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विद्यार्थियों ने गजहार पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति का इससे अच्छा उदाहरण दूसरा नहीं हो सकता कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी गुजरात में पहली बार विधायक बनने के साथ ही मुख्यमंत्री बने और लगातार तीन बार मुख्यमंत्री रहे। मुख्यमंत्री के बाद वे पहली बार सांसद बनें और पहली बार में ही देश के प्रधानमंत्री बनें। इसके बाद लगातार सांसद बने और प्रधानमंत्री भी। उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में हैट्रिक भी बनाई। आर्थिक दृष्टि से गुजरात देश के अन्य राज्यों की तुलना में अग्रणी है। समाज सेवा के लिए छोड़ी डॉक्टरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैंने अपने शैक्षणिक काल से ही अपना लक्ष्य समाज सेवा के रूप में निर्धारित किया था। वर्ष 1982 में मेरा चयन मेडिकल कॉलेज के लिए हो गया था, परंतु समाज सेवा के अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मैंने मेडिकल में प्रवेश न लेते हुए, बीएससी की उपाधि प्राप्त की। मैं यूनिवर्सिटी प्रेसिडेंट रहते हुए राजनीति में सक्रिय रह सका। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के तीन मूल मंत्र हैं, जिन्हें विद्यार्थियों को आत्मसात करना चाहिए। पर्याप्त नींद लें, नियमित रूप से व्यायाम करें और प्राणायाम को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने बताया‍कि अपने लक्ष्य पर शुरू से ही ध्यान केन्द्रित रखना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण 11 वर्ष की आयु में मथुरा से राजस्थान होते हुए मध्यप्रदेश के उज्जैन पधारे थे। भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी यात्रा के दौरान प्रदेश में जहां-जहां विश्राम किया या ठहरे उन स्थानों को मध्यप्रदेश सरकार द्वारा धार्मिक महत्व के तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने शिक्षा काल में जिन ग्रंथों का अध्ययन किया, उन ग्रंथों का सार गीता में समाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थी निराशा को अपने आप पर हावी न होने दें। जब निराश हो जाए तो राजनेताओं की तरफ देखें, वे बार-बार चुनाव लड़ते हैं और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रयासरत रहते हैं। कई बार विद्यार्थी लक्ष्य प्राप्ति की दौड़ में पीछे रह जाते हैं तो उन्हें निराश नहीं होना चाहिए, जबकि दोगनी ऊर्जा के साथ फिर प्रयास करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एलन शिक्षण संस्थान मध्यप्रदेश के उज्जैन में अपने संस्थान प्रारंभ करें, जिससे मध्यप्रदेश के छात्रों को भी स्थानीय स्तर पर लाभ प्राप्त हो सकेगा।  

दिव्यांगों को लेपटॉप, मोटोराइज्ड ट्राईसिकल सहित अन्य सहायक उपकरण भी करेंगे वितरित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 9 नवम्बर को इंदौर के नेहरू स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में लाड़ली बहना योजना, गैस रीफिल एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 2 करोड़ 10 लाख हितग्राहियों के खातें में 1961 करोड़ रूपये अंतरित करेंगे। इसमें 1 करोड़ 29 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 1573 करोड़ रूपये, 26 लाख बहनों के खातों में सिलेंडर रीफिल की राशि 55 करोड़ रूपये और 55 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन के हितग्राहियों के खातों में 333 करोड़ रूपये की राशि अंतरित की जायेगी। नेहरु स्टेडियम में  5  हजार से अधिक बालिकाओं के द्वारा तलवार चलाने के वर्ल्ड रेकार्ड बनाने का कार्यक्रम भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर के ढ़क्कन वाला कुँआ स्थित ग्रामीण हाट बाजार में आयोजित कार्यक्रम में इंदौर के 450 से अधिक दिव्यांगजनों को लेपटॉप, मोट्रेट ट्राईसिकल सहित अन्य सहायक उपकरण वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री आईटीसी के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। उनके द्वारा इंदौर जिले के  155  दिव्यांगजनों को मोटोराइज्ड ट्रॉयसाइकल, निःशक्त शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 81 छात्र/छात्राओं को लेपटॉप, 6 दम्पतियों को मुख्यमंत्री निःशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता, 130 दिव्यांग वृद्धजनों को डिजीटल श्रवण यंत्र, 99 दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, सी.पी. चेयर, बैशाखी और  कैलीपर्स प्रदान की जायेगी। साथ ही कलेक्टर श्री आशीष सिंह की पहल पर तैयार किये गये दिव्यांगजनों को सशक्त पोर्टल के माध्यम से निजी क्षेत्र की कम्पनियों में चयनित 5 दिव्यांगजनों को नियुक्ति-पत्र भी सौंपेंगे। इस कार्यक्रम से प्रदेश के सभी जिला एवं संभागीय अधिकारी वर्चुअल शामिल होंगे।

सशक्त आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की नींव है स्वस्थ नागरिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और विस्तृत बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की नींव स्वस्थ नागरिकों से बनती है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक, चाहे वह शहर में हो या दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में, उन्नत चिकित्सा सेवाओं तक आसानी से पहुंच सके। इसी उद्देश्य से राज्य के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को उन्नत चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, जिससे ये केंद्र जिला अस्पतालों के समान उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी नागरिकों को उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करने और उन्हें स्वस्थ रखने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। स्वस्थ नागरिकों से ही आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का निर्माण संभव है। राज्य सरकार का यह प्रयास है कि हर नागरिक को स्वास्थ्य सेवाएं मिलें और हर क्षेत्र में लोग पूरी ऊर्जा से समाज और देश के विकास में अपनी भूमिका निभा सकें। चिकित्सा शिक्षा का विस्तार और मैनपॉवर की बढ़ोतरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के “स्वस्थ भारत सशक्त भारत” के दृष्टिकोण के तहत चिकित्सा शिक्षा का भी तेजी से विस्तार कर रही है। मध्यप्रदेश में वर्तमान में 17 सरकारी और स्वशासी मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण जारी है। हाल ही में सिवनी, नीमच, और मंदसौर में नए मेडिकल कॉलेजों का संचालन शुरू हुआ है और 8 अन्य मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा, राज्य सरकार ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत 12 और मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना बनाई है, जिससे प्रदेश में चिकित्सा विशेषज्ञता को बढ़ावा मिलेगा। 30 हज़ार से अधिक चिकित्सकीय, सहायक चिकित्सकीय पदों पर होगी भर्ती मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (IPHS) के मानकों के अनुरूप राज्य में शीघ्र ही 30 हजार से अधिक चिकित्सकीय और सहायक चिकित्सकीय मैनपॉवर की भर्ती की जाएगी, जिससे स्वास्थ्य सेवा प्रदाय में और सुधार होगा। आधुनिक तकनीक और सेवाओं का समावेश मध्यप्रदेश के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों में MRI, CT स्कैन, और PET CT जैसी आधुनिक उपकरणों की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए 42 प्रकार की एंटी-कैंसर दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर उचित उपचार मिल सके। राज्य के सभी जिला और सिविल अस्पतालों में अब 132 प्रकार की जांच सेवाएं उपलब्ध हैं, जबकि सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 80 प्रकार की जांच की सुविधा दी जा रही है। प्रदेश में 324 हब और 1,610 स्पोक स्थापित किए गए हैं, जहाँ प्रतिदिन 35 हजार से अधिक जांचें जिला स्तर पर और 32 हजार से अधिक जांचें हब और स्पोक पर हो रही हैं। इसी तरह सभी जिला अस्पतालों में अब डायलिसिस, CT स्कैन और डिजिटल एक्स-रे की सुविधाएं उपलब्ध हैं। मध्यप्रदेश का एमवाय (महाराजा यशवंतराव) अस्पताल इन्दौर देश का पहला सरकारी अस्पताल बन गया है, जहां ब्लड कैंसर से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए उन्नत सीएआर-टी थेरेपी शुरू की गई है। यह सुविधा राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाने और उच्च-स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मुफ्त दवाओं और स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के शासकीय अस्पतालों में मुफ्त दवाओं की उपलब्धता में भी बड़ी वृद्धि की गई है। जिला अस्पतालों में 295 से बढ़ाकर 530 प्रकार की दवाएँ, सिविल अस्पतालों में 448, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 373 और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 299 प्रकार की दवाएँ मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं। मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार मध्यप्रदेश सरकार मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए भी आवश्यक कदम उठा रही है। राज्य में विशेष नवजात देखभाल इकाइयाँ (SNCU) और बाल गहन चिकित्सा इकाइयाँ (PICU) स्थापित की गई हैं, ताकि माताओं और नवजात शिशुओं को उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल प्राप्त हो सके। हाई रिस्क प्रेगनेंसी के मामलों की समय पर पहचान कर आवश्यक चिकित्सकीय सेवा की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही सुरक्षित प्रसव के लिए बर्थ वेटिंग रूम का संचालन और किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं को आयरन फॉलिक एसिड सप्लीमेंट की सुविधा प्रदान की जा रही है।

धार्मिक संस्थाएं, अस्पताल-स्कूल और कॉलेज निर्माण के लिए आगे आएं – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि धार्मिक संस्थाएं, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल और धर्मशाला आदि के निर्माण में आगे आएं, राज्य शासन की ओर से उन्हें हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। देश के 7 पवित्रतम नगरों में से उज्जैन एक है, यहां सभी समाजों के लिए धर्मशाला, मठ, मंदिर आदि के निर्माण को राज्य शासन की ओर से प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में सिंहस्थ क्षेत्र में स्थाई निर्माण को प्रोत्साहन देने की नीति बनाई गई है, जिसके अंतर्गत महर्षि श्रृंग समाज उत्थान संस्थान ने उज्जैन में मंदिर और आश्रम निर्माण का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में बनने जा रहे महर्षि श्रृंगी महाराज और माता शांता मंदिर और आश्रम के भूमि-पूजन कार्यक्रम को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उज्जैन में हुए कार्यक्रम में हैदराबाद से पधारे परम पूज्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 प्रभु दास जी महाराज, पुष्कर राजस्थान के श्री तेजमल पंडया, नई दिल्ली के श्री विक्रांत पांडे सहित वरिष्ठ समाजसेवी तथा नागरिक उपस्थित थे।  

क्षिप्रा शुद्धीकरण के साथ सम्पूर्ण उज्जैन का विकास सर्वोच्य प्राथमिकता में : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ-2028 में आने वाले श्रद्धालुओं के लिये विशेष व्यवस्थाऍ करने राज्य सरकार की टीम ने एकजुट होकर निरंतर कार्य कर रही है। राज्य स्तर पर टास्क फोर्स का गठन भी किया जा चुका है। सिंहस्थ- 2028 की व्यवस्थाओं के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मांक्षिप्रा के शुद्धीकरण के लिए 599 करोड़ रूपये लागत की कान्ह-क्लोज डक्ट परियोजना का कार्य प्रगतिरत है। साथ ही उज्जैन में आवागमन के लिये चौतरफा सड़क, ब्रिज बनाकर फोर-लेन मार्ग भी बनाये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ आवागमन और सौन्दर्यीकरण से संबंधित अनेक अधोसंरचनात्मक किसान के कार्य प्रगतिरत हैं। उज्जैन पहुँचने वाले श्रद्धालु, विशेष रूप से बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिये ऐसी व्यवस्था की जा रही है, जिससे वे कम समय में सहजता से क्षिप्रा के घाटों और श्रद्धा स्थलों तक पहुँच सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में साधु-संतों के लिये इस बार विशेष पहल कर हरिद्वार की तरह स्थायी धार्मिक नगरी और आश्रम बनाये जायेंगे। इसके लिये सभी 13 अखाड़ों के महामंडलेश्वर, संत-महंतों के लिये आवश्यक भूमि उपलब्ध कराई जायेगी। इन प्रयासों से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के माध्यम से उज्जैन को विश्व पटल पर प्रमुखधार्मिक पर्यटन केन्द्र के रूप में पहचान दिलाने के समग्र प्रयास किये जा रहे है। आगामी सिंहस्थ को दृष्टिगत रखते हुए उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मन्दिर की पहुंच को और अधिक सुगम बनाने के लिये सदावल में हेलीपेड का निर्माण भी किया जायेगा। साथ ही उज्जैन की हवाई पट्टी को एयरपोर्ट बनाने की पहल भी की जा रही है। उज्जैन को जोड़ने वाले चारों ओर के मार्गों को फोरलेन किया जायेगा, जिससे जिले के ग्रामीण क्षेत्र मुख्य मार्गों से जुड़ेंगे। सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही उज्जैन शहर और उज्जैन ग्रामीण के बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिये स्थाई प्रकृति के 62 करोड़ के कार्यों को मंजूरी दी गई है। इसमें आधुनिक बिजली ग्रिड, नवीन विद्युत लाइन, इंटर कनेक्शन और नवीन उपकेन्द्र बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक निर्माण से लोक कल्याण के उद्देश्य से उज्जैन में 658 करोड़ से अधिक के विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन हो चुका है। इनमें प्रमुख रूप से हरिफाटक-लालपुल-मुल्लापुरा फोरलेन मार्ग शंकराचार्य चौराहा से चंदूखेड़ी, 2 नग 2 लेन आरओबी और क्षिप्रा पर 2-लेन ब्रिज सहित फोरलेन मार्ग, उज्जैन बड़नगर बाईपास टू-लेन मार्ग निर्माण कार्य, बडावदा-कलसी-नागदा से दोत्रु मार्ग का निर्माण, नागदा गिद्धगढ़ विदखेड़ा मोकड़ी मार्ग, तपोभूमि से हामूखेड़ी मार्ग, रालामंडल-कांकरिया-चिराखान-लेकोडा़-झिरोलिया-बारोदा-हमीरखेड़ी-उमरिया मार्ग, लालपुर से चिंतामन गणेश मंदिर, बड़ापुल-रणजीत-हनुमान-मोजमखेड़ी मार्ग, वाकंणकर पुल से दाऊद खेड़ी, करोहन-नाईखेड़ी-पंचक्रोशी मार्ग, खाचरोद-बड़नगर-बायपास, सेदरी से बड़ावदा, मुरानाबाद से बेड़ावन्या, रतलाम खाचरोद का शेष भाग का मजबूतीकरण, सदावल हेलीपैड निर्माण, जहांगीरपुर से चामुंडा माता मार्ग, रूदाहेड़ा से गुनई-महिदपुर से काचरिया एवं महिदपुर से नागेश्वर तीर्थ, सुतारखेड़ा एप्रोच रोड-मीन रोड से सुतारखेड़ा एवं रूदाहेड़ा एप्रोच रोड और मक्सी-तराना-रूपाखेड़ी एवं कानीपुरा-तराना मार्ग, मास्टर माईंड स्कूल तराना से लिम्बादित मेन रोड का काम प्रारंभ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में महाकाल लोक विकसित होने के बाद उज्जैन वैश्विक स्तर पर पहचान बना चुका है। यहाँ आने वाले श्रृद्धालुओं की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। इसके दृष्टिगत वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिये अभी से कार्य प्रारंभ कर दिये है, जिससे यहाँ आने वाले श्रृद्धालु और नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

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