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मुख्यमंत्री यादव ने कहा- भारतवर्ष के गौरवशाली अतीत से परिचय तथा प्रेरणा वर्तमान की अनिवार्य आवश्यकता है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतवर्ष के गौरवशाली अतीत से परिचय तथा प्रेरणा वर्तमान की अनिवार्य आवश्यकता है। इसीलिये उद्देश्य से ही राज्य सरकार उज्जैन में वीर भारत संग्रहालय विकसित कर रही है। भारत भूमि सदियों की संस्कृति और सर्वश्रेष्ठ ज्ञान को समेटे है। देश और उसकी संस्कृति पर हुए अनेक आक्रमणों के बाद भी वीर सपूतों ने अपने शौर्य और बलिदान से संस्कृति और संस्कारों की रक्षा करते हुए भारतीय जीवन मूल्यों को संजोए रखा है। वीर भारत संग्रहालय में भारत के सभी कालखंडों के तेजस्वी व्यक्तित्व और घटनाओं को रेखांकित किया जाएगा। देश के शूरवीरों, विचारकों, दार्शनिकों, ऋषियों, लेखकों, कलाकारों, वैज्ञानिकों के योगदान का भी यहां उल्लेख होगा। भारत उत्कर्ष पर केन्द्रित शोध, अनुसंधान, फैलोशिप और अध्ययन की गतिविधियां वीर भारत न्यास के अंतर्गत संचालित होंगी। प्रथम चरण में उज्जैन के कोठी महल में वीर भारत संग्रहालय की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीर भारत न्यास, वीर भारत संग्रहालय और महादेव मूर्ति कला कार्यशाला की गतिविधियों की मंत्रालय में समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में लोकमाता देवी अहिल्या बाई के त्रिशताब्दी समारोह के संबंध में भी चर्चा हुई। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन, सृष्टि के आरंभ से ही महत्वपूर्ण रहा है। ऐतिहासिक रूप से अलग-अलग युगों में उज्जैन के महत्व पर केंद्रित गैलरी, वीर भारत संग्रहालय में विकसित की जाए। इसके साथ ही मध्यप्रदेश के विभिन्न अंचलों पर भी गैलरी हो। देश की धरोहर के रूप में विकसित हो रहे संग्रहालय के विकास से संस्कृति, कला और स्थापत्य के विशेषज्ञों को जोड़ने के साथ-साथ भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय से भी सहयोग लिया जाए। उज्जैन को मूर्ति कला परम्परा के संरक्षण और विकास के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, यहां से प्रदेश में आवश्यकता अनुसार मूर्तियां उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन बड़ी मूर्तियों को पत्थर से बनाना कठिन है, उन्हें धातुशिल्प से बनाया जाए। वीर भारत संग्रहालय से विश्वविद्यालय, अकादमिक संस्थाओं और विज्ञान के शिक्षण, प्रशिक्षण व शोध से जुड़ी संस्थाओं को भी जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकाल महालोक में विद्यमान रंगमंडप में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्रीय कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा और श्रद्धालुओं के लिए भी यह रूचिकर होगा। महाकाल मंदिर सहित प्रदेश के अन्य प्रमुख मंदिरों की ओर से समाज सेवा के विभिन्न कार्य आरंभ करने पर भी विचार किया जाए। प्रदेश में विद्यमान धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं का अन्य राज्यों में प्रचार-प्रसार भी किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई का त्रिशताब्दी समारोह 20 से 31 मई तक मनाया जाएगा। इस उपलक्ष में 20 मई को मंत्रि-परिषद की बैठक राजवाड़ा इंदौर में होगी। इसके साथ ही महेश्वर, इंदौर, भोपाल और उज्जैन में अन्य आयोजन भी होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवी अहिल्या बाई महिला सशक्तिकरण, स्वावलंबन और सुशासन की प्रतीक थीं। त्रिशताब्दी समारोह के अंतर्गत मालवा-निमाड़ क्षेत्र के महिला स्व-सहायता समूहों का विशाल सम्मेलन आयोजित किया जाए। बैठक में बताया गया कि समारोह में लोकमाता देवी अहिल्या बाई के व्यक्तित्व और जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों पर प्रदर्शनी, व्याख्यान माला, महेश्वरी साड़ी सहित अन्य क्षेत्रीय सामग्री की प्रदर्शनी, पारम्परिक लोक कला, नाट्य, गायन-वादन और नृत्य पर केन्द्रित कार्यक्रम होंगे। समारोह में मालवा और निमाड़ क्षेत्र के क्षेत्रीय व्यंजनों को स्टॉल भी लगाए जाएंगे। बैठक में कोठी महल और परिसर के उन्नयन के लिए जारी गतिविधियां, वीर भारत न्यास के कार्यों पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में वीर भारत संग्रहालय के अंतर्गत विकसित होने वाली गैलरियों की विषय-वस्तु का प्रस्तुतिकरण किया गया। उज्जैन में पत्थर, संगमरमर, ग्रेनाइट और धातु आदि के मूर्तिशिल्प को प्रोत्साहित करने के लिए स्थापित महादेव मूर्ति कला कार्यशाला के अंतर्गत जारी गतिविधियों की भी समीक्षा हुई। बैठक में प्रमुख सचिव संस्कृति श्री शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव नगरीय विकास श्री संजय शुक्ला, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्री श्रीराम तिवारी, उज्जैन के कमिश्नर-कलेक्टर तथा विषय-विशेषज्ञ उपस्थित थे।  

10वीं-12वीं बोर्ड परिणाम: बेटियों ने श्रेष्ठता सिद्ध कर MP को किया गौरवान्वित, असफल छात्रों का बढ़ाया मनोबल: सीएम

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले परीक्षार्थियों को बधाई दी है। वहीं असफल होने वाले छात्रों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि उन्हें असफल होने की जरुरत नहीं है। विद्यार्थियों को दोबारा परीक्षा का मौका दिया जाएगा। बेटियों ने श्रेष्ठता सिद्ध कर प्रदेश को किया गौरवान्वित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,  “आज माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा संचालित हाईस्कूल 10th एवं हायर सेकेण्डरी 12th परीक्षा के परिणामों को घोषित कर सफल विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। यह सफलता लक्ष्य के प्रति समर्पण, अथक परिश्रम और लगन का सुफल व प्रमाण है।प्रदेश की प्रतिभाशाली बेटियों ने एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध कर अपने अभिभावकों, शिक्षकों के साथ मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है।” 15 सालों का टूटा रिकॉर्ड सीएम ने आगे कहा, “इस वर्ष हाईस्कूल परीक्षा में 76.22% एवं हायर सेकेण्डरी परीक्षा में 74.48% विद्यार्थियों ने पिछले 15 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए सफलता हासिल की है। हाईस्कूल में बेटी प्रज्ञा जायसवाल ने 500/500 शत प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान और हायर सेकेण्डरी में भी बेटी प्रियल द्विवेदी ने 492/500 (विज्ञान – गणित समूह) अंकों के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।” असफल विद्यार्थियों का बढ़ाया मनोबल सीएम ने असफल होने वाले विद्यार्थियों का मनोबल भी बढ़ाया। उन्होंने कहा, “जो विद्यार्थी आज असफल रहे, उन्हें निराश नहीं होना है, नई शिक्षा नीति 2020 के तहत असफल विद्यार्थियों को एक बार फिर परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा और जो विद्यार्थी अपना स्कोर बढ़ाना चाहते है वह भी दोबारा परीक्षा में शामिल हो सकते है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों, अभिभावकगण एवं शिक्षकगणों को ढेर सारी बधाई।” गौरतलब है कि आज 10वीं और 12वीं बोर्ड कक्षा का परिणाम जारी हुआ है। समत्व भवन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसकी घोषणा की है। 10वीं कक्षा में जहां 76.22 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए। वहीं 12वीं में 74.48 परीक्षार्थी पास हुए हैं।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा- दुग्ध उत्पादन में अभी हम तीसरे नंबर पर हैं, अगले चार साल में आएंगे पहले नंबर पर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की उर्वर धरा में खेती-किसानी लाभ का व्यवसाय है। हमने इसी दिशा में काम किया। नई कृषि विधियों को अपनाया, कई नवाचार किए। यही कारण है कि आज मध्यप्रदेश कृषि विकास के मामले में पंजाब, हरियाणा और अन्य कई राज्यों से आगे निकलकर देश में अव्वल स्थान पर है। हम खेती-किसानी और किसान दोनों की समृद्धि के लिए प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में नेशनल डिफेंस कॉलेज की ओर से मध्यप्रदेश आए अध्ययन यात्रा दल को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि एवं सहकारिता में मध्यप्रदेश में बीते दशकों में लगातार काम हुआ है। खेती के साथ-साथ सिंचाई पर भी हमने काम किया है। वित्त वर्ष 2002-03 तक मध्यप्रदेश में मात्र 7 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित थी। आज मध्यप्रदेश की 55 लाख से अधिक कृषि हेक्टेयर भूमि को हम सिंचित क्षेत्र में लेकर आए हैं। हम किसानों को सुविधा सम्पन्न बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। अगले तीन सालों में हमारी सरकार प्रदेश के 30 लाख किसानों को न केवल सोलर पम्प देगी, वरन् उनके द्वारा उत्पादित अतिरिक्त सोलर ऊर्जा का क्रय भी करेगी। इससे किसानों को दोहरा फायदा होगा। इसके अलावा हम किसानों को मात्र 5 रूपए की राशि पर बिजली कनेक्शन भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ऊर्जा के मामले में भी आगे है। देश में सबसे सस्ती बिजली देने वाला प्रदेश मध्यप्रदेश है। दिल्ली मेट्रो भी मध्यप्रदेश की बिजली से चलायमान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से नेशनल डिफेंस कॉलेज (एनडीसी), नई दिल्ली द्वारा “राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रणनीति” विषय पर आयोजित अध्ययन यात्रा के लिए मध्यप्रदेश राज्य की यात्रा के लिए आए दल ने सौजन्य भेंट की। देश के 5 मित्र देशों के प्रतिनिधि भी अध्ययन दल के साथ मध्यप्रदेश आए हैं। एनडीसी द्वारा पूरे देश के लिए ऐसे 8 अध्ययन समूह तय किए गए हैं, जिनमें से 16 सदस्यीय एक समूह मध्यप्रदेश की अध्ययन यात्रा पर है। मध्यप्रदेश आए यात्रा दल को यहां प्रदेश में ‘कृषि एवं सहकारिता’ अध्ययन शीर्षक दिया गया है। आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी को इस समूह को मध्यप्रदेश की अध्ययन यात्रा कराने का दायित्व मिला है। अध्ययन यात्रा दल ने बीते दिनों मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों का फील्ड विजिट कर कृषि एवं सहकारिता क्षेत्र में हुई प्रगति का अध्ययन किया और देखा कि मध्यप्रदेश ने इन दोनों क्षेत्रों में बेहतरीन प्रगति हासिल की है। अध्ययन दल ने पाया कि सरकार की नीतियों से किसानों की समृद्धि बढ़ी है। वहीं स्व-सहायता समूहों के जरिए प्रदेश में आजीविका विकास विशेषकर महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के लिए अभूतपूर्व काम हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश आए अध्ययन दल से परिचय प्राप्त किया और दल से आग्रह किया कि उज्जैन जरूर जाइए, महाकाल के दर्शन कीजिये और देखिये कि धार्मिक पर्यटन के मामले में म.प्र. कितने आगे बढ़ा हैं। सदियों पुराने श्री महाकाल मंदिर का विकास कर हमारी सरकार ने श्री महाकाल महालोक तैयार किया। इसमें भगवान शिव की जीवंत उपस्थिति, उनका पार्वती से विवाह, सती कथा का प्रसंग सहित उनके जीवन के सभी प्रमुख पक्षों (तांडव मंत्र में दी गई 108 मुद्राओं सहित) को जीवंत कर प्रतिमाओं के रूप में उकेरा है। श्री महाकाल महालोक हमारी आस्था है, हमारी पूंजी भी है। अध्ययन यात्रा दल के संयोजक के रूप में नेशनल डिफेंस कॉलेज के श्री मुकेश अग्रवाल, इसी कॉलेज के श्री प्रकाश प्रवीण सिद्धार्थ सहित 16 सदस्यीय अध्ययन दल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से आत्मीय चर्चा कर अपने फील्ड विजिट के जागृत अनुभव (रीयलस्टिक एक्सपीरियन्स) साझा किए। यात्रा दल के सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है, यह हमने खुद देखा है। कृषि के जरिए किसानों एवं स्व-सहायता समूहों के जरिए आजीविका विकास (सहकारिता की सफलता के संदर्भ में) के लिए सरकार के प्रयास नि:संदेह प्रशंसनीय है। म.प्र. में शासन, प्रशासन की मदद से लोग खुद-ब-खुद जुड़कर अपनी आजीविका और जिंदगी की सफलता की कहानी खुद लिख रहे हैं। हमने मध्यप्रदेश में सामाजिक बदलाव (सोशल चेंज) देखा है। हम मध्यप्रदेश की सफलता से अभिभूत हैं। बैठक में आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के संचालक श्री मुजीबुर्रहमान खान ने अध्ययन यात्रा दल के उद्देश्यों और उनके आगामी दिनों के कार्यक्रम की जानकारी दी।  

मप्र सरकार ‘सिंहस्थ मेले’ के दौरान प्रयागराज और हरिद्वार में कुंभ की तर्ज पर सर्वोत्तम कार्यप्रणाली को अपनाएगी: मुख्यमंत्री यादव

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि 2028 में उज्जैन में होने वाले ‘सिंहस्थ मेले’ के दौरान मध्यप्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और हरिद्वार में कुंभ की तर्ज पर सर्वोत्तम कार्यप्रणाली को अपनाएगी। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कहा कि प्रयागराज में आगामी कुंभ के समापन के बाद, भीड़ प्रबंधन, ड्रोन सर्वेक्षण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग और अन्य गतिविधियों में लगी कंपनियों एवं स्टार्टअप्स का एक सम्मेलन उज्जैन में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने ‘सिंहस्थ मेले’ के लिए बुनियादी ढांचे से संबंधित कार्यों सहित तैयारियों की समीक्षा की। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक महाकुंभ आयोजित किया जाएगा। इससे पहले, 2021 में उत्तराखंड के हरिद्वार शहर में कुंभ मेला आयोजित किया गया था। यादव ने कहा कि ‘सिंहस्थ-2028’ की व्यवस्थाओं को सर्वोत्तम रूप देने के लिए प्रयागराज और हरिद्वार में कुंभ के मॉडल का भी अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘सिंहस्थ-2028 में दोनों कुंभों की तर्ज पर सर्वोत्तम कार्यप्रणाली को लागू करने के लिए कार्ययोजना बनाई जाएगी।’’ यादव ने अधिकारियों को सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए रेलवे के साथ समन्वय के उद्देश्य से एक विशेष प्रकोष्ठ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के घाटों तक सुगम आवागमन के लिए उपयुक्त पहुंच मार्ग विकसित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन, इंदौर और देवास में किए जा रहे निर्माण कार्यों में सीवरेज, स्वच्छता और हरियाली पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने पर्यटकों की सुविधा के लिए धर्मशालाओं के उन्नयन के लिए भी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। यादव ने कहा कि ‘सिंहस्थ-2028’ के मद्देनजर विभागों में प्रशासनिक ढांचे का आवश्यकतानुसार तत्काल विस्तार किया जाए।  

मध्य प्रदेश में अब जनता सीधे करेगी नगर पालिका और परिषद के अध्यक्ष का चुनाव

 भोपाल  मध्य प्रदेश में अब नगर पालिका और परिषद के अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होगा, यानी जनता सीधे अध्यक्ष का चुनाव करेगी। शिवराज सरकार के समय लागू की गई चुनाव की अप्रत्यक्ष प्रणाली यानी पार्षदों के माध्यम से अध्यक्ष को चुनने की व्यवस्था को बदला जाएगा। नई व्यवस्था में सीधे मतदाता ही अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। जब यह व्यवस्था लागू होगी तो फिर अध्यक्ष को वापस बुलाने का ‘खाली कुर्सी भरी कुर्सी’ का प्रावधान भी पुन: लागू कर दिया जाएगा। कैसे-कैसे बदलती रही व्यवस्था     अभी तक प्रदेश में नगर निगम के महापौर, नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव सीधे मतदाता द्वारा कराने का प्रावधान है। कमल नाथ सरकार ने पार्षदों के माध्यम से महापौर और अध्यक्ष का चुनाव कराने का निर्णय किया लेकिन यह अमल में नहीं आ पाया।     मार्च 2020 में फिर शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बने और उन्होंने पुरानी व्यवस्था से ही चुनाव कराने के लिए अध्यादेश जारी किया, पर संशोधन विधेयक विधानसभा से पारित नहीं हो पाया।     निकाय चुनाव से पहले मई 2022 में फिर प्रावधान में संशोधन किया गया और महापौर का चुनाव सीधे जनता से कराने का निर्णय लिया। नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली यानी पार्षद के माध्यम से कराने की व्यवस्था लागू कर दी। क्यों बदलना पड़ रही व्यवस्था पार्षदों को साथ लेकर नहीं चल पाने के कारण कुछ निकायों में अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत कर दिए गए। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने अध्यादेश के माध्यम से नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 43 (क) में नया प्रावधान किया। इसके अनुसार अविश्वास प्रस्ताव दो के स्थान पर तीन वर्ष की कालावधि पूर्ण होने पर ही लाया जा सकता है और इसे पारित करने के लिए दो-तिहाई के स्थान पर तीन-चौथाई पार्षदों का समर्थन अनिवार्य कर दिया। यही व्यवस्था अब नगर निगम के अध्यक्ष/सभापति के लिए भी लागू की जा रही है। इसके साथ ही नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता से कराने की तैयारी है।

निवेश के लिए आमंत्रित किया है कि वह हमारे लिए मेहमान नहीं, बल्कि परिवार का अंग हैं : यादव

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जर्मनी के निवेशकों को ये कहते हुए मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया है कि निवेशक हमारे लिए मेहमान नहीं, बल्कि परिवार का अंग हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव कल म्यूनिख (जर्मनी) में अपनी 3 दिवसीय यात्रा के प्रथम दिन इन्टरैक्टिव सेशन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने भोपाल में फरवरी माह में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में आने के लिए जर्मनी के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने निवेशकों के हित में जटिलताओं को समाप्त/सरलीकृत कर प्रक्रियात्मक कठिनाइयों को दूर करने का काम किया है। निवेशकों को प्रदेश में उद्योग लगाने पर बिजली और पानी की कमी नहीं आने दी जायेगी। निवेशक हमारे लिये मेहमान नहीं, हमारे परिवार का एक अंग हैं। उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होने दी जाएगी। प्रदेश में ग्रीन एनर्जी के लिये भी अपार संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और जर्मनी के अतीतकाल से बहुत गहरे संबंध है। यूरोप के सभी देशों से तुलना की जाए तो जर्मनी मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा निवेश करने वाला देश है। हम जर्मनी के साथ एक नई तरह की साझेदारी चाहते हैं, जो केवल व्यापार तक ही सीमित न हो। हम चाहते हैं कि जर्मनी की कम्पनियां अपनी उन्नत तकनीक के साथ मध्यप्रदेश में निवेश करें। मध्यप्रदेश में उपलब्ध प्राकृतिक और मानव संसाधनों के साथ जर्मनी की तकनीक का संगम हो। मध्यप्रदेश आज भारत की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। हमारी अर्थव्यवस्था पिछले एक दशक में तीन गुना बढ़ी है। विकास दर दोहरे अंक में है। एक पॉवर सरप्लस स्टेट है। ग्रीन एनर्जी की दिशा में प्रदेश काफी आगे बढ़ा है। इसके साथ ही पर्याप्त जल और भूमि की उपलब्धता भी मध्यप्रदेश की विशेषता है। इस अवसर पर डॉ. यादव ने जर्मन विद्वान मैक्स मूलर का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय ग्रंथों और वेदों का जर्मनी सहित अन्य भाषाओं में अनुवाद किया। वे संस्कृत के भी विद्वान थे। स्वामी विवेकानंद भी उनकी प्रतिभा की प्रशंसा करते थे। जर्मनी ने विश्व युद्ध सहित अनेक कठिनाईयों का सामना किया है, लेकिन जर्मनी के नागरिकों की जीवटता सराहनीय है। डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को देश का इकलौता प्रदेश कहा जा सकता है, जहाँ उद्योग संबंधी सभी प्रकार की अनुमतियाँ और स्वीकृतियाँ मात्र 30 दिन में दी जाती हैं। इस महत्वपूर्ण विभाग की मॉनीटरिंग उत्साही, जिज्ञासु और कर्मठ अधिकारियों के हाथों में है। इसके अतिरिक्त वे स्वयं निरंतर इस विभाग की मॉनीटरिंग करते हैं। ‘इन्वेस्ट अपोर्चुनिटीज इन एमपी’ के लिए गुरुवार को जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित करते हुए जर्मनी में भारत के कौंसुलेट जनरल शत्रुघन सिन्हा ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का भौगोलिक हृदय प्रदेश तो है ही, साथ ही यह भारत के आर्थिक विकास का भी प्रमुख गंतव्य बन रहा है। श्री सिन्हा ने बताया कि यहां 5 पूर्ण विकसित हवाई अड्डे, 4 हजार किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग और विस्तृत रेलवे नेटवर्क है। मध्यप्रदेश के शहरों से देश के उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक किसी भी स्थान पर आसानी से पहुंचा जा सकता है। मध्यप्रदेश में एडिटिव प्लास्टिक उत्पादक कंपनी बेयरलोशर के चेयरमेन डॉ. रोसेन्थाल ने मध्यप्रदेश में उद्यमिता के अपने 25 वर्ष के अनुभव साझा करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में उनका इतना अच्छा अनुभव रहा कि उनकी कंपनी ने दुनिया भर के 15 प्लांट्स में सबसे बड़ा प्लांट मध्यप्रदेश में स्थापित किया। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने कहा कि मध्यप्रदेश, भारत के 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य में योगदान देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों और प्रगतिशील प्रशासन के साथ राज्य इस राष्ट्रीय दृष्टिकोण में एक प्रमुख भूमिका निभाने के लिए तैयार है।  

मुख्यमंत्री यादव 24 से 30 नवंबर तक यूके और जर्मनी प्रवास पर रहेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश में निवेश के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने के राज्य सरकार के प्रयास जारी हैं। पहले राज्य में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और फिर देश के अन्य हिस्सों में निवेशकों से संवाद के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव यूके व जर्मनी की यात्रा करने वाले हैं। इस दौरान वह निवेशकों से संवाद करेंगे और प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित भी करेंगे। ज्ञात हो कि अगले साल फरवरी में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट होने वाली है। इसकी तैयारियां जोरों पर हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री यादव 24 से 30 नवंबर तक यूके और जर्मनी प्रवास पर रहेंगे। इस छह दिवसीय विदेश यात्रा में यूके के लंदन, बर्मिंघम तथा जर्मनी के म्यूनिख और स्टटगार्ट का दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री यादव 24 नवम्बर को भोपाल से मुम्बई होते हुए लंदन के लिये प्रस्थान करेंगे। 25 नवम्बर को वेस्टमिंस्टर स्थित ब्रिटिश संसद का दौरा करेंगे। किंग्स क्रॉस और पुनर्विकास स्थलों दौरा करेंगे। लंदन में “फ्रेंड्स ऑफ मध्यप्रदेश’’ प्रवासी भारतीयों द्वारा आयोजित रात्रि-भोज कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसमे 400 से अधिक प्रवासी भारतीय सम्मिलित होंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव 26 नवम्बर को ब्रेकफास्ट पर उद्योगपतियों एवं भारत के उच्चायुक्त श्री विक्रम के दोरईस्वामी से संवाद करेंगे। इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश, इंटरैक्टिव सेशन में लगभग 120 प्रतिभागियों से चर्चा करेंगे। राउण्ड टेबल मीटिंग में इलेक्ट्रिक व्हीकल एवं ऑटो, एजुकेशन, रिन्यूएबल एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर्स में निवेश पर चर्चा करेंगे। 27 नवंबर को वारविक यूनिवर्सिटी का भ्रमण करेंगे और वारविक मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप के डीन, फैकल्टी मेंबर्स और शोधार्थियों से संवाद करेंगे। सीएम यादव तीन दिवसीय यूके के दौरे के बाद 28 और 29 नवंबर को जर्मनी प्रवास पर रहेंगे। 28 नवंबर को बवेरिया राज्य सरकार के नेताओं और म्यूनिख में कौंसुल जनरल ऑफ इंडिया से चर्चा करेंगे। एसएफसी एनर्जी का भ्रमण करेंगे। बेयरलोचर ग्रुप द्वारा आयोजित लंच में शामिल होने के साथ इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश, इंटरैक्टिव सेशन में शामिल होंगे। ‘फ्रेंड्स ऑफ एमपी‘ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे, जिसमे लगभग 100 प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री स्टटगार्ट स्थित एलएएपीपी ग्रुप की फैक्ट्री का दौरा करेंगे और अधिकारियों से निवेश संबंधी चर्चा करेंगे। स्टटगार्ट के स्टेट म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री का भ्रमण भी करेंगे। राज्य में निवेशकों को लुभाने के लिए उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ मुंबई, बेंगलुरु, कोयंबटूर और कोलकाता में चार रोड-शो हो चुके हैं। अब सीएम मोहन यादव का विदेश प्रवास है।  

मुख्यमंत्री यादव ने आज 3 EME में सैन्य अधिकारियों ने भूतपूर्व सैनिकों के बलिदान को किया याद

भोपाल शहर में 3 ईएमई में एक खास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भूतपूर्व सैनिकों का सम्मान किया। इस कार्यक्रम में 102 रेजीमेंट इंजीनियर के जवानों ने सिख युद्ध कला का शानदार प्रदर्शन किया। जवानों के जज्बे को देखकर मुख्यमंत्री खुद को रोक नहीं पाए और मंच से उतरकर उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं। इस मौके पर सुदर्शन चक्र कोर के कमांडर लेफ्टीनेन्‍ट जनरल प्रीतपाल सिंह ने कहा कि जो सेना अपने भूतपूर्व सैनिकों का सम्मान नहीं करती, वह कभी युद्ध नहीं जीत सकती। उन्होंने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों का अनुभव आज के जवानों के लिए बहुत कीमती है। सीएम रखते हैं सकारात्मक सोच- सेना अधिकारी मुख्यमंत्री की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि सीएम डॉक्टर मोहन यादव हमेशा सकारात्मक सोच रखते हैं और कल्याणकारी कामों के लिए तत्पर रहते हैं। मध्य प्रदेश के वीरों ने दिए इतने चक्र कार्यक्रम में भारतीय नौसेना अध्यक्ष एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि मध्यप्रदेश वीरता की धरती है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश ने देश को 3 अशोक चक्र, 5 महावीर चक्र और 23 वीर चक्र दिए हैं। पिछले 25 सालों में 100 से ज्यादा जवानों ने देश के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी। उन्होंने सभी भूतपूर्व सैनिकों को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। परफॉर्मेंस देख तालियां नहीं रोक पाए लोग मुख्यमंत्री ने जवानों के साथ ग्रुप फोटो भी ली। कार्यक्रम में सैन्य अधिकारियों ने भूतपूर्व सैनिकों के बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा में इनका योगदान अविस्मरणीय है। कार्यक्रम में भूतपूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। लोगों में भी जमकर उत्साह देखा जा रहा था। प्रदर्शन के दौरान सैनिकों ने दमदार परफॉर्मेंस दी, जिसे देखकर लोग अपनी तालियों को नहीं रोक पाए।

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