LATEST NEWS

मुख्यमंत्री योगी बोले – जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में रखें, स्वस्थ चर्चा से कराएं प्रदेश का विकास

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक 9 फरवरी (सोमवार) से प्रारंभ होगा विधान मंडल  का बजट सत्र लखनऊ विधान मंडल का बजट सत्र 9 फरवरी (सोमवार) से प्रारंभ होगा। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में रविवार को सर्वदलीय बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री व नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने भी हिस्सा लिया। सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने का अनुरोध करते हुए उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं से कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में रखें और इस पर स्वस्थ चर्चा कर प्रदेश में विकास को गति प्रदान करने के लिए सरकार का सहयोग करें। विधानसभा सत्र संचालन के संबंध में विधान भवन में आयोजित इस सर्वदलीय बैठक में नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सदन में स्वस्थ चर्चा होनी चाहिए। स्वस्थ चर्चा से प्रदेश का विकास और जनता की समस्याओं का समाधान होता है। जनप्रतिनिधि के रूप में जनता के हित से जुड़े हर मुद्दों पर सदन में सुचारु रूप से चर्चा करनी चाहिए। सदन के संचालन में किसी प्रकार की बाधाएं न आएं, इसका ध्यान सभी सदस्यों को रखना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी सदन के सुचारु संचालन के लिए सभी सदस्यों का सहयोग मांगा। बैठक में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर, निषाद पार्टी के अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, कांग्रेस की आराधना मिश्रा ‘मोना’, निषाद पार्टी के रमेश सिंह, लोकदल के राजपाल बालियान, अपना दल के रामनिवास वर्मा आदि मौजूद रहे।

PDA की राजनीति ढोंग, असली एजेंडा परिवारवाद : मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के ‘पीडीए’ नारे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विपक्षी दल को ‘पीडीए’ से ज्यादा ‘परिवार’ की चिंता है। योगी ने तंज कसते हुए कहा, “पीडीए तो बहाना है, असली लक्ष्य तो ‘परिवार’ है…!” मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बजट में पीडीए को नजरअंदाज करने के सपा प्रमुख के आरोप पर सवाल उठाते हुए कहा, “जो लोग यह दावा करते हैं, उनसे यह पूछा जाना चाहिए कि जब सरकार ने उत्तर प्रदेश के छह करोड़ लोगों सहित पूरे देश में 25 करोड़ लोगों को गौरव और सम्मान के साथ आगे बढ़ने में मदद की, तो उनके कार्यकाल में ऐसा क्यों नहीं हो सका? पीडीए का मुद्दा तब भी जरूर रहा होगा।” उन्होंने कहा, “मैं पूछना चाहता हूं कि उस समय पीडीए पर चर्चा क्यों नहीं हुई? अपनी पार्टी (सपा) के शासनकाल में उन्हें (अखिलेश को) सिर्फ परिवार की ही चिंता क्यों थी?” योगी समेत भाजपा के शीर्ष नेताओं ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर वंशवादी राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को परिवार के रूप में देखने का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। हमारा मुख्य उद्देश्य गरीबों, युवाओं और किसानों की सहायता करना है। हमारा लक्ष्य उच्च श्रेणी की अवसंरचना सुनिश्चित करना है, जो आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से बनाई गई है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “यह दृष्टिकोण बजट में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है, लेकिन दूरदृष्टिहीन लोग, भविष्य की कोई योजना न रखने वाले लोग ऐसी निरर्थक बातों में उलझे रहते हैं।” योगी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता व कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा बजट की आलोचना को भी खारिज कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए बढ़ाए गए आवंटन से उत्तर प्रदेश को मदद मिलेगी, जो देश में रक्षा विनिर्माण का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के साथ-साथ निवेशकों को भी लाभ होगा। योगी ने कहा कि केंद्रीय बजट के आधार पर प्रदेश सरकार फरवरी में बजट प्रस्तुत करेग और डबल इंजन सरकार के इस बजट का लाभ देश की सबसे बड़ी आबादी को प्राप्त होगा।

प्रदेश के सभी जनपदों में चरणबद्ध रूप से विकसित होंगे एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में औद्योगिक विकास को रोजगार से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर घोषित ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ के लिए सभी जनपदों में उपयुक्त भूमि शीघ्र चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को इस संबंध में हुई महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नीति का लक्ष्य ऐसा सक्षम वातावरण तैयार करना है, जहां युवाओं को कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता के अवसर एक ही परिसर में सुलभ हों। उन्होंने निर्देश दिए कि इस महत्वाकांक्षी योजना को स्थानीय आवश्यकताओं और क्षेत्रीय संभावनाओं के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जोन उद्योग, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार तथा उद्योग-सहायता से जुड़े विभागों और सुविधाओं को एकीकृत रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने एमएसएमई, सेवा आधारित उद्योगों और नवाचार से जुड़े क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए प्लग-एंड-प्ले यूनिट और फ्लैटेड फैक्ट्री जैसी आधुनिक सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया, जिससे उद्यमियों को प्रारंभ से ही आवश्यक अवसंरचना उपलब्ध हो सके। बैठक में अवगत कराया गया कि इस योजना के अंतर्गत कॉमन फैसिलिटी सेंटर, टेस्टिंग फैसिलिटी, डिस्प्ले एवं डिजाइन सेंटर, टूल रूम, ईटीपी/सीईटीपी, प्लग-एंड-प्ले यूनिट तथा फ्लैटेड फैक्ट्री की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही युवाओं के कौशल उन्नयन हेतु उद्यमिता प्रशिक्षण, मेंटरिंग, विभिन्न ऋण योजनाओं की जानकारी तथा हैंडहोल्डिंग की व्यवस्था भी इसी परिसर से की जाएगी। बैठक में यह भी बताया गया कि योजना को चरणबद्ध रूप से प्रदेश के सभी जनपदों में लागू किए जाने का प्रस्ताव है। प्रत्येक जनपद में न्यूनतम 50 एकड़ क्षेत्रफल में एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन विकसित किए जाएंगे। प्रस्तावित जोन के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र, फ्लैटेड फैक्ट्री, वाणिज्यिक क्षेत्र, सड़क, कॉमन फैसिलिटी, सर्विस सेक्टर, ग्रीन एरिया और कार्यालय स्पेस का संतुलित लेआउट तैयार किया गया है। इसके साथ ही ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड स्किल डेवलपमेंट सेंटर’ की स्थापना भी प्रस्तावित है, जिसमें प्रशिक्षण हॉल, कॉन्फ्रेंस रूम, एक्सटेंशन काउंटर और उद्योग-सहायता से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि ऑपरेशनल मॉडल के अंतर्गत स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रशिक्षण, कौशल विकास, इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप तथा संबंधित उद्योगों में वेतन आधारित रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और उद्यमिता का एक सशक्त केंद्र बनेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि संभावित स्थलों की शीघ्र पहचान कर परियोजना के क्रियान्वयन को गति दी जाए, ताकि यह पहल प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन का एक प्रभावी मॉडल बन सके।

मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस द्वारा बाबा साहब का अपमान करने की बात कही, दिल्ली में नहीं होने दिया था अंतिम संस्कार

लखनऊ सीएम योगी ने कहा कि 1976 में कांग्रेस ने संविधान में संशोधन किया। एक ऐसा शब्द जोड़ा, जिसके खिलाफ बाबा साहब ने खुद तर्क दिए थे। डॉ आंबेडकर का अंतिम संस्कार बौद्ध रीति-रिवाजों के अनुसार किया गया था। उनका अंतिम संस्कार महाराष्ट्र के मुंबई शहर में चैत्य भूमि पर हुआ था। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को बाबा साहब डॉ भीमराव आंबेडकर सम्मान अभियान के तहत प्रदेश कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हिस्सा लिया। इस मौके पर उन्होंने कांग्रेस द्वारा बाबा साहब का अपमान करने की बात कही। सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस ने आंबेडकर का अंतिम संस्कार दिल्ली में नहीं होने दिया था। इस पुरानी पार्टी ने भारतीय संविधान के निर्माता का स्मारक बनाने से मना कर दिया था। इन्हीं लोगों ने बाबा साहब आंबेडकर को चुनाव हारने दिया। उनके ‘महा परिनिर्वाण’ के बाद स्मारक भी नहीं बनने दिया। वक्फ के नाम पर हजारों एकड़ जमीन कब्जा की गई मुख्यमंत्री ने वक्फ संशोधन अधिनियम को लेकर भी विपक्ष को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि वक्फ के नाम पर हजारों एकड़ जमीन कब्जा की गई है। वक्फ के पास उसका कोई राजस्व रिकॉर्ड नहीं है। अब जब कार्रवाई हो रही है तो कुछ लोग हिंसा भड़का रहे हैं। पश्चिम बंगाल में घर से घसीटकर तीन हिंदुओं की हत्या कर दी गई। यूपी में आज जो लोग दलित हितैषी होने की बात कहते हैं। इन्हीं के पार्टियों से जुड़े लोगों ने गरीब, वंचितों और दलितों की सबसे ज्यादा जमीनें कब्जा की हैं। 

टेक्नोलॉजी से पूरी दुनिया में तेजी से बदलाव हो रहा है, ऐसे में मीडिया जगत में भी तेजी के साथ बदलाव हो रहा है: मुख्यमंत्री योगी

गोरखपुर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में मीडिया को मान्यता दी गई है। मीडिया ही लोकतंत्र के प्रति सजग प्रहरी के रूप में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित कर अन्य तीन स्तंभों को किसी न किसी रूप में झकझोरती है। किन्हीं कारणों से छूटे हुए मुद्दों को सही तथ्यों के साथ प्रस्तुत कर जन सरोकार से जोड़ती है। मीडिया की भूमिका पूरी दुनिया में समय-समय पर अलग-अलग रूप में देखने को मिली है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर में आयोजित एक प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में कही। कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने कहा कि देश में कई ऐसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे हैं, जिन्होंने अपने करियर को मीडिया के जरिए आगे बढ़ाने का काम किया था। देश के स्वाधीनता आंदोलन में उन्होंने पत्रकारिता के रूप में अपनी अहम भूमिका निभाई थी। इसमें सबसे पहला नाम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का आता है, जिन्होंने अपनी लेखनी से समाचार पत्रों को प्रोत्साहित किया था। लोकमान्य तिलक ने जन चेतना को जागरूक करने के लिए गणपति महोत्सव का आयोजन किया। इसके अलावा लाल लाजपत राय, गणेश शंकर विद्यार्थी आदि ने अपनी लेखनी की धार से समाज को नई दिशा दी। जिस समय देश के लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा था, तब समाचार समूहों ने अपनी लेखनी के माध्यम से लोकतंत्र को बचाने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। मीडिया की भूमिका और प्रासंगिकता को परिवर्तनशील माहौल में भी कभी कम नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज टेक्नोलॉजी से पूरी दुनिया में तेजी से बदलाव हो रहा है। ऐसे में मीडिया जगत में भी तेजी के साथ बदलाव हो रहा है ताकि समाज तक टेक्नोलॉजी से जुड़कर सही तथ्यों को उन तक पहुंचाया जा सके। आज युवा पीढ़ी सबसे ज्यादा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रही है क्योंकि उसके पास समय कम है। ऐसे में मीडिया संस्थानों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है कि उन तक सकारात्मक चीजें पहुंचाई जाएं क्योंकि कुछ लोग सोशल मीडिया प्लेटफार्म का दुरुपयोग कर नकारात्मकता फैलाने का काम कर रहे हैं। ऐसे में मीडिया जगत अपनी जिस भूमिका के लिए जानी जाती है, उसी भूमिका के साथ उसे आगे बढ़ना होगा। यह न केवल लोकतंत्र बल्कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए बड़ा कार्य होगा। सीएम योगी ने आगे कहा कि सुशासन और लोकतंत्र की पहली शर्त संवाद है। हम जबरन अपनी बात को किसी पर थोप नहीं सकते हैं, लेकिन संवाद से बड़े से बड़ी समस्या का समाधान कर सकते हैं। वहीं जब भी हम संवाद की भाषा से अपने आप को अलग करते हैं, तो नए संघर्ष को बढ़ावा मिलता है। हमें उस संघर्ष से बचने की आवश्यकता है। ऐसे में अगर मीडिया उस संवाद की भाषा को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएगी, तो निश्चित रूप से बहुत सारी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। सीएम ने कहा कि संवाद को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का सबसे सशक्त माध्यम मीडिया है। इसके लिए जरूरी नहीं है कि एक लाख लोगों को इकट्ठा करके अपनी बात कही जाए, इसके लिए कुछ लोग ही पर्याप्त हैं। वहीं लोग करोड़ तक आपकी आवाज को पहुंचाएंगे। इसके लिए मीडिया को आगे आना होगा।

बच्चों का अन्नप्राशन तथा महिलाओं की हुई गोदभराई, उत्तरप्रदेश-गोरखपुर में मुख्यमंत्री ने 70 वर्ष के बुजुर्गाें को बांटे आयुष्मान कार्ड

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जनपद गोरखपुर में महन्तदिग्विजय नाथ पार्क, रामगढ़ताल में 70 वर्ष आयु के बुजुर्गाें को प्रधानमंत्री आयुष्मानभारत-जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत आयुष्मान वय वन्दना कार्ड का वितरण किया।उन्होंने विभिन्न योजनाओं के 06 लाभार्थियांे से वार्ता की, जिनमंे आयुष्मान कार्ड कीलाभार्थी सुश्री इसावती देवी, सुश्री शारदा देवी, दीन दयाल उपाध्याय कैशलेस योजना कीलाभार्थी सुश्री सन्ध्या राय, श्री आशुुतोष शर्मा तथा मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायताप्राप्त करने वाले श्री सुधीर कुमार सिंह तथा सुश्री भूरी देवी शामिल हैं। इस अवसर परउन्हांेने स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाये गये आयुष्मान कैम्प का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री जी2ने इस अवसर पर प्रदर्शनी का अवलोकन, बच्चों का अन्नप्राशन तथा महिलाओं कीगोदभराई की।इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहाकि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने उन बुजुर्गों के लिए, जो एक उम्र के बाद असहाय होजाते हैं तथा महंगी चिकित्सा वहन करने में असमर्थ होते हैं, उन सभी का ख्याल रखतेेहुए 70 वर्ष से ऊपर के प्रत्येक व्यक्ति के लिए आयुष्मान वय वंदना योजना की शुरुआतकी है। यह योजना किसी भी जाति, क्षेत्र तथा धर्म से जुड़े सभी लोगों के लिए है। आजइस योजना के अन्तर्गत अकेले उत्तर प्रदेश में लाखों लोगों ने लाभ लेकर इसे सफलताकी नई उंचाइयों पर पहुंचाया है। जनपद गोरखपुर में 70 वर्ष से ऊपर के 8,300 से ज्यादाबुजुर्गाें को योजना से जोड़ा गया है, जिन्हें 05 लाख रुपये के मुफ्त इलाज की सुविधाप्राप्त होगी।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने आयुष्मान भारत योजना सितम्बर, 2018में लागू की थी। यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है। इसके अन्तर्गत हरवर्ष परिवार के लोग 05 लाख रुपये की मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा जनपद, प्रदेश या देश केकिसी भी सम्बद्ध हॉस्पिटलों में प्राप्त कर सकते हैं। जनपद गोरखपुर में 280 चिकित्सालयइस योजना से आच्छादित हैं, जिसमें 191 सरकारी और शेष निजी क्षेत्र के अस्पताल हैं।इनमें इलाज की सुविधा का लाभ लाभार्थी ले सकता है। बुजुर्गों के लिए यह योजनालाभकारी हो, इसके प्रति जन जागरूकता हेतु जनपद गोरखपुर में यह कार्यक्रम आयोजितहो रहा है। इन बुजुर्गों के श्रम व साधना पर आज हम सभी आगे बढ़ रहे हैं। हम इनबुजुर्गों के त्याग से ही खुशहाल भी हैं। हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि इनकी देखभालकरें। इसीलिए प्रदेश सरकार ने बुजुर्गों को इस योजना से जोड़ने का कार्य किया है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अब तक प्रदेश में 05 करोड़ 25 लाख लाभार्थियों केगोल्डेन कार्ड बने हैं। यह संख्या देश में सर्वाधिक है। प्रदेश मंे लाभार्थियों की संख्या 09करोड़ से अधिक है। यह आयुष्मान कार्ड से माध्यम से प्रतिवर्ष 05 लाख रुपये की स्वास्थ्यबीमा का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। वह जरूरतमन्द, किन्हीं कारणों से जिनका नाम आयुष्मानभारत योजना की सूची में नहीं आ पाया है, इसके लिए सरकार ने व्यापक परिवर्तन कियेहैं। उन्हंे मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत जोड़ने का काम सरकार कर रही है।साथ ही, मुख्यमंत्री राहत कोष से भी बड़े पैमाने पर लाभार्थियों को सहायता देने का कार्यहुआ है। जनपद गोरखपुर में मुख्यमंत्री राहत कोष से अब तक 7,437 लाभार्थियों को 123करोड़ 16 लाख रुपये प्रदान किये गये हैं।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना बहुत अच्छी योजना है। इसकेअन्तर्गत गोरखपुर जनपद में अब तक इलाज करने के लिए सरकार ने 320 करोड़ रुपयेअस्पतालांे को उपलब्ध कराए हैं। प्रदेश सरकार लोगों को लाभान्वित करने का निरन्तरप्रयास कर रही है। पहले गोरखपुर में इन्सेफेलाइटिस से हजारों बच्चों की मृत्यु हो जाती3थी। आज डबल इंजन सरकार के सकारात्मक प्रयासों से इस बीमारी का पूरी तरह सेउन्मूलन किया जा चुका है। वर्ष 2017 से पहले गोरखपुर में एक बी0आर0डी0 मेडिकलकॉलेज था, जिसमंे सुविधाआंे का अभाव था। आज यह मेडिकल कॉलेज विश्व स्तरीयसुविधाओं के साथ इलाज कर रहा है। आज गोरखपुर में एम्स भी है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 1947 से वर्ष 2017 तक के 70 वर्षाें में पूरे प्रदेश मेंमात्र 12 मेडिकल कॉलेज थे, परन्तु आज सभी 75 जनपदों में से 65 जनपदों में ‘एकजनपद एक मेडिकल कॉलेज’ योजना के तहत मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहाहै। इस वर्ष प्रदेश सरकार ने 16 मेडिकल कॉलेज प्रारम्भ किये हैं। यह दिखाता है किडबल इंजन सरकार की सकारात्मकता के कारण ही स्वास्थ्य के प्रति बेहतरीन कार्य सम्भवहो सका है। पहले देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, बलरामपुर, गोण्डा तथा बहराइचजनपदों में एक भी मेडिकल कॉलेज नहीं था। आज इन सभी जनपदों में मेडिकल कॉलेजोंका संचालन किया जा रहा है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार हर जनपद में आई0सी0यू0, डायलिसिसयूनिट, एम0आर0आई0, ब्लड बैंक, ब्लड कम्पोनेन्ट यूनिट तथा अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धीसुविधाओं का लाभ दे रही है। जिस प्रकार प्रदेश सरकार ने एक टीम वर्क के रूप मेंकोविड-19 महामारी से निपटने का कार्य करके दिखाया, यह एक सराहनीय कार्य था।स्वास्थ्य के साथ ही, हर व्यक्ति की जरूरत पूरी हो तथा उन्हें स्वास्थ्य सुविधाओं का पूरालाभ प्राप्त हो, इसके लिए आयुष्मान भारत योजना, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, दीनदयाल उपाध्याय कर्मचारी कैशलेश योजना, आयुष्मान वय वंदना योजना तथा मुख्यमंत्रीराहत कोष से लोगों को उपचार की सुविधा दी जा रही है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि सशक्त भारत के लिएनागरिक स्वस्थ हो। जब स्वस्थ नागरिक होंगे, तभी सशक्त भारत होगा।

राजस्व में तेजी लाने के अधिकारियों को दिए निर्देश, उत्तरप्रदेश-मुख्यमंत्री योगी ने की भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की समीक्षा

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज अपने सरकारी आवासपर भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के कार्यों की समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यकनिर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभाग को अब तक 2407.20करोड़ रुपये राजस्व की प्राप्ति हुई है। राजस्व में तेजी से वृद्धि के निर्देश देते हुएउन्होंने कहा कि इसके लिए विभागीय व जनपद स्तर के अधिकारियों द्वारा प्रभावी प्रयासकिये जाएं। राजस्व में अपेक्षित वृद्धि न करने वाले जनपदों के जिलाधिकारी व जिलाखनन अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद सोनभद्र, बांदा, कौशाम्बी तथा महोबा में खननके दृष्टिगत राजस्व वृद्धि की असीम संभावनाएं हैं। कम राजस्व प्राप्त करने वाले जनपदोंमें भी राजस्व बढ़ोत्तरी के उपाय सुनिश्चित किये जाएं। उन्होंने कहा कि शासन, विभागव जनपद स्तर पर लम्बित आवेदन पत्रों पर शीघ्रता से निर्णय लेकर कार्यवाही आगेबढ़ायी जाए। राजस्व बढ़ाने के अन्य उपायों पर भी विचार किया जाए।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नदी के कैचमेंट एरिया में किसी भी प्रकार की अवैधखनन गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने तकनीक का उपयोग करते2हुए इसे सख्ती से रोकने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री जी ने स्वीकृत खनन क्षेत्र के अन्दरखनन कर रहे वाहनों पर व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वी0टी0एस0) लगाये जाने के भीनिर्देश देते हुए कहा कि इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि खनन स्वीकृत क्षेत्रमें ही हो रहा है या नहीं। इससे परिवहनकर्ता को भी सहूलियत होगी।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपदों में अवैध खनन को रोकने के लिए टास्क फोर्सद्वारा समय-समय पर छापेमारी की जाए। छापेमारी के दौरान विभागीय अधिकारियोंसहित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित हो। इसकी नियमितवीडियोग्राफी भी कराई जाए। विभागीय स्तर पर लम्बित मामलों का समय से निस्तारणकिये जाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जून से अगस्त माह के मध्य ही वर्षभरकी कार्ययोजनाएं तैयार की जाएं। कार्ययोजना समय से तैयार होने से सभी कार्यसरलतापूर्वक सम्पन्न होंगे।मुख्यमंत्री जी ने बैठक में उपस्थित परिवहन विभाग के अधिकारियों को मार्गदुर्घटनाओं को रोकने के लिए तेजी से प्रयास करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा किसड़कों के किनारे ओवरलोड वाहन कतई न खड़े किए जाएं। कर अपवंचन तथाओवरलोडिंग रोकने के लिए जनपदों में 55 चेक गेट्स स्थापित किए गए हैं। इन परशीघ्र ही ‘वे इन मोशन संयन्त्र’ लगाए जाएं। ओवरलोडिंग हर हाल में जीरो प्वॉइंट परही रोकी जाए।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत सरकार के खनन मंत्रालय द्वारा स्टेट माइनिंगरेडिनेस इंडेक्स तैयार किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इस सम्बन्ध में विभिन्न विभागोंके समन्वय से आवश्यक सूचनाओं की समय से उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। नदियोंके किनारे की मिट्टी-बालू तथा सिल्ट का प्रयोग ईंट बनाने में किया जाए। यहपर्यावरण को बचाने में कारगर होगा। उपजाऊ जमीन की मिट्टी का प्रयोग ईंट भट्ठोंमें न किया जाए।

हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर का शिलान्यास, उत्तरप्रदेश-मुख्यमंत्री योगी पहुंचे जनपद बस्ती में कर्मा देवी शैक्षणिक समूह के 15वें स्थापना दिवस समारोह

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि हम सभी ने विगत10 वर्षों में भारत की शानदार यात्रा देखी है। देश में विरासत और विकास का अद्भुत2समन्वय देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश की आजादी केशताब्दी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाने के संकल्प को देशवासियों केसामने रखा है। वर्ष 2047 में हमें एक ऐसा भारत चाहिए जो स्वावलम्बी तथा आत्मनिर्भरहो। भारत स्वावलम्बी तथा आत्मनिर्भरता तब बनेगा, जब व्यक्ति, गांव, नगर, जनपद तथाप्रदेश आत्मनिर्भर बनेंगे। मुख्यमंत्री जी आज जनपद बस्ती में कर्मा देवी शैक्षणिक समूह के 15वें स्थापनादिवस पर मुख्य अतिथि के तौर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर परमुख्यमंत्री जी ने ओमनी हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर का शिलान्यास किया। उन्होंने शिक्षा,सेवा एवं संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों एवं विद्यार्थियों कोपुरस्कार प्रदान किये। उन्होंने कहा कि यह भूमि प्रभु श्रीराम के जन्म का हेतु है। कहाजाता है कि महाराज दशरथ ने प्रभु श्रीराम के जन्म के लिए इसी जनपद में पुत्रेष्टि यज्ञकिया था। महर्षि वशिष्ठ ने भी इसी जनपद में अपना आश्रम स्थापित किया था। प्रभुश्रीराम ने हम सबको प्रेरणा दी है कि व्यक्ति चाहे जितना यश प्राप्त कर ले याधन-धान्य से परिपूर्ण हो जाए, वह तब तक अधूरा है जब तक वह अपनी जननी तथामातृभूमि के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित नहीं करता।मुख्यमंत्री जी ने कर्मा देवी शैक्षणिक समूह के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में बधाईदेते हुए कहा कि श्री ओम नारायण सिंह, श्रीमती नीता सिंह, स्व0 श्री देव मंगल सिंहतथा स्व0 श्रीमती सरोज सिंह ने अपनी मां की स्मृतियों को इस समूह के रूप में जीवन्तबनाया। यहां पहले पी0जी0 कॉलेज था, लेकिन बाद में बी0टी0सी0, बी0एड0, नर्सिंग,फार्मा, लॉ, सी0बी0एस0ई0 बोर्ड द्वारा संचालित पब्लिक स्कूल तथा बी0सी0ए0 आदिइकाइयों में शिक्षा की व्यवस्था की गई। आज यहां ओमनी हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर केशिलान्यास का कार्य भी सम्पन्न हुआ है।मुख्यमंत्री जी ने स्व0 श्रीमती कर्मा देवी सिंह, स्व0 देव मंगल सिंह तथा स्व0सरोज सिंह के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्व0 श्रीमती कर्मा देवी सिंह केपुत्रों ने उनकी स्मृतियों को शिक्षा के इस बेहतरीन केन्द्र के रूप में स्थापित करते हुएउनका मूर्त स्मारक इन शिक्षण संस्थानों के माध्यम से स्थापित किया है। जननी औरजन्मभूमि के प्रति यही कृतज्ञता का भाव है। जो बीज यहां रोपा गया था, आज वह कर्मादेवी समूह के रूप में विशाल वट वृक्ष बनकर निरन्तर आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान कररहा है। यहां के गरीब विद्यार्थियों को भी अच्छी और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध हो सके,इस दृष्टि से कर्मा देवी समूह अपना उल्लेखनीय योगदान दे रहा है। हजारों बच्चे लम्बे3समय तक अपने कर्म पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त कर सम्मान तथा स्वावलम्बनके साथ जीवन यापन करेंगे।जब कोई व्यक्ति जन्म लेता है, तो उसके पास पाँच प्रकार के ऋणों से मुक्तिप्राप्त करने का अवसर होता है। तभी मनुष्य के रूप में हमारी जीवन यात्रा पूर्ण मानीजाती है। हमारा यह कर्तव्य माता, पिता, गुरु, मातृभूमि तथा देवगण के प्रति होता है।इनके आदर्शों को अपने जीवन में अंगीकार करने का प्रयास उऋण होने का माध्यमहोता है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्री ओम नारायण सिंह गोरखपुर के जिलाधिकारी केरूप में काम कर चुके हैं। वह अपनी प्रशासनिक व्यस्तता के कारण अन्य कार्यों के लिएज्यादा समय नहीं दे पाते थे, लेकिन स्व0 श्रीमती सरोज सिंह तथा श्रीमती नीता सिंहका श्री गोरक्षनाथ मंदिर में आना-जाना होता था। उस समय मैं प्रदेश का मुख्यमंत्रीबनने के बारे में नहीं सोचता था। स्व0 श्रीमती सरोज सिंह हमेशा इस बात को कहतीथीं कि आप उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अवश्य बनेंगे। आज उत्तर प्रदेश को आपकीआवश्यकता है। सुरक्षा खतरे में हैं। बेटियां असुरक्षित हैं। जगह-जगह दंगे हो रहे हैं।इससे सभ्य समाज के मन में आक्रोश उत्पन्न हो रहा है। वह कहती थीं कि यदि आपआएंगे, तो प्रदेश को दंगों से मुक्ति मिलेगी, बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नर्सिंग एक ऐसा क्षेत्र है जहां यदि अच्छी शिक्षा दीजाए, तो शत-प्रतिशत प्लेसमेंट प्राप्त किया जा सकता है। सरकारी व निजी क्षेत्र तथादुनिया में भारत के नर्सिंग प्रोफेशनल्स की मांग है। इस मांग को पूरा करने के लिए हमेंस्वयं को तैयार करना होगा। फार्मेसी का क्षेत्र भी अत्यंत विस्तृत है। कोरोना कालखण्डमें चीन ने भारत में दवा भेजने में आनाकानी की थी। प्रधानमंत्री जी ने उस समय देशके फार्मा उद्योग को पुनर्जीवित करने का कार्य किया था। देश में ही आवश्यक दवाइयोंका निर्माण प्रारम्भ किया गया। जिन दवाइयों के लिए हम दुनिया के अन्य देशों परनिर्भर थे, हमारा फार्मा उद्योग उन्हें आगे बढ़ा सकता है।प्रदेश में फार्मा पार्क का निर्माण किया जा रहा है। जहां पर 2,000 एकड़ क्षेत्रफलमें फार्मा से जुड़े हुए अलग-अलग उद्योग लगने जा रहे हैं। पहले चरण में बुन्देलखण्डमें इस कार्य को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है। वहां उद्योग लगने शुरू हो गएहैं। लोगों ने प्रोडक्शन के लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे ही अन्य क्षेत्रों में भीलगातार कार्य करने की तैयारी हो रही है।4मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्किल डेवलपमेंट पर फोकसकिया गया है। संस्थानों को भी स्किल डेवलपमेंट के पाठ्यक्रम चलाने चाहिए, ताकिकोई भी विद्यार्थी संस्थान से अध्ययन पूर्ण करने के पश्चात स्वयं को असहाय न महसूसकरे। पूरी दुनिया भारत के युवाओं की प्रतीक्षा कर रही है। हमें युवाओं को दुनिया कीविभिन्न भाषाओं के बारे में जानकारी प्रदान करनी होगी। विद्यार्थियों को देश के विभिन्नप्रदेशों की भाषाएं भी आनी चाहिए। कन्नड़, मराठी, तमिल, बंगाली, गुजराती आदिभाषाओं का ज्ञान आपके लिए उपयोगी साबित हो सकता है। भारत की भाषाएं भारत कीएकत

लोगों से सुविधाओं की ली जानकारी, कम्बल-भोजन बांटा, उत्तरप्रदेश-गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी ने रैन बसेरों का किया निरीक्षण

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जनपद गोरखपुर में रेलवेस्टेशन के सामने, कचहरी बस स्टैन्ड के पास, नक्को बाबा की मजार के पास (धर्मशालाबाजार) एवं गोरखनाथ (झूलेलाल मन्दिर) के पास स्थित रैन बसेरों का निरीक्षण किया। इसदौरान उन्होंने धर्मशाला बाजार के नवनिर्मित रैन बसेरे का उद्घाटन किया। उन्होंने जिलाप्रशासन व नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोरखपुर महानगर क्षेत्र मेंजरूरतमंदों की सेवा और सुविधा के लिए तीन और रैन बसेरे बनाए जाएं। मुख्यमंत्री जी ने रैन बसेरों में ठहरे लोगों से उन्हें उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओंकी जानकारी प्राप्त की तथा जरूरतमंदों को कम्बल, भोजन एवं बच्चों को खिलौने व चॉकलेटवितरित की। रैन बसेरों में देवरिया, कुशीनगर, बलिया, गगहा, चौरीचौरा समेत पूर्वांचल केअलग अलग क्षेत्रों के नागरिकों के अलावा बिहार राज्य से आए लोग भी ठहरे थे। रैन बसेरेमें ठहरे लोगों में से कोई काम की तलाश में, तो डॉक्टर को दिखाने या फिर किसी अन्यकार्य से गोरखपुर आए थे।मुख्यमंत्री जी ने प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुये कहा कि हर जरूरतमंद कोसम्मानजनक आश्रय देने के लिए डबल इंजन की सरकार प्रतिबद्ध है। इसके लिए प्रधानमंत्रीआवास योजना के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में लोगों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं।शहर में किसी कार्य से आने वाले आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए निःशुल्क रैन बसेरों2की व्यवस्था की गई है। प्रशासन को इसे प्राथमिकता पर लेते हुए यह सुनिश्चित करना होगाकि सभी रैन बसेरों में पर्याप्त संख्या में बिस्तर व कम्बल का इंतजाम हो। साफ-सफाई काभी पूरा ध्यान रखा जाए। साथ ही यदि किसी के पास भोजन की व्यवस्था नहीं है, तो उसेभोजन भी उपलब्ध कराया जाए।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भीषण ठण्ड और शीतलहर से आमजनमानस के बचाव केलिए राज्य सरकार की तरफ से पहले चरण में 04 लाख लोगों को प्रदेश में बने कम्बलवितरित करने के लिए हर जिले को पर्याप्त धनराशि जारी कर दी गई है। साथ ही, प्रशासनको निर्देशित भी किया गया है कि जरूरतमंद लोगों की सूची बनाकर कम्बल वितरणसुनिश्चित कराया जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 10 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व मेंप्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 56 लाख परिवारोंको पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा 04 लाख लोगों को शीघ्र ही आवासउपलब्ध कराए जाएंगे। इस व्यवस्था के बाद भी जो लोग शहरी क्षेत्र में उपचार कराने याकिसी अन्य कार्य से आते हैं। उनके पास रात्रि में यदि होटल आदि में रुकने की क्षमता नहींहै, तो उनके लिए शहरी क्षेत्रों में डबल इंजन सरकार की तरफ से स्थानीय निकायों केमाध्यम से रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ठण्ड से किसी की मृत्यु न हो और न ही कोई ठिठुरे, इसकेलिए सरकार की तरफ से कई स्तरों पर प्रबंध किए गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों मेंपढ़ने वाले बच्चों के लिए स्वेटर की व्यवस्था के लिए उनके अभिभावकों के खाते में धनराशिभेज दी गई है। आने वाले समय में शीतलहर के दौरान जनमानस और जीव जंतुओं के ठण्डसे बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की भी व्यापक व्यवस्था की जाएगी।मुख्यमंत्री जी ने रेलवे स्टेशन रोड स्थित रैन बसेरे में जरूरतमंद लोगों को कम्बल औरभोजन का वितरण करते हुए कुछ नेत्र दिव्यांगों को देखा। उन्होंने, उन्हें कम्बल और भोजनके पैकेट दिए। मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियांे को निर्देशित किया कि इन दिव्यांगजन से वार्ताकर यह पता कर लें कि इन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। यदि वेयोजनाओं के लाभ से वंचित हैं तो लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। कचहरी बस स्टेशनके पास स्थित रैन बसेरे का निरीक्षण करने के दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ बुजुर्गों से संवादकरते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि जल्द ही उनके आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनवा दिएजाएंगे।रैन बसेरों के निरीक्षण के दौरान सांसद श्री रविकिशन शुक्ल, गोरखपुर के महापौर डॉ.मंगलेश श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक श्री विपिन सिंह सहितअन्य जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जनता दर्शन में आए लोगों से योगी न कहा- तत्परता और संवेदनशीलता से हो जनता की समस्याओं का समाधान

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास के बाद मंगलवार सुबह जनता दर्शन में आए लोगों से मुलाकात की। सीएम ने लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का समाधान जल्द किया जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम योगी ने कहा कि हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टिपरक होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता की हर समस्या का समाधान सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक सीएम योगी खुद पहुंचे और एक-एक करके सभी की समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 150 लोगों से मुलाकात की। सीएम ने सभी को आश्वस्त किया कि हर व्यक्ति को न्याय दिलाया जाएगा। सभी के प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए तत्काल निस्तारण का निर्देश देने के साथ ही सीएम ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी सहायता की जानी चाहिए। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी एस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करा कर शासन को उपलब्ध कराया जाए। गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मंगलवार सुबह सीएम योगी की दिनचर्या परंपरागत रही। उन्होंने प्रातःकाल गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर जाकर मत्था टेका। सीएम योगी जब भी गोरखनाथ मंदिर में होते हैं तो गोसेवा उनकी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा रहती है। मंगलवार सुबह वह मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मंदिर की गोशाला में पहुंचे और वहां कुछ समय व्यतीत किया। गोवंश को दुलार कर उन्होंने अपने हाथों से उन्हें गुड़ खिलाया। इस दौरान एक गोवंश के साथ सीएम योगी स्नेहिल भाव से कुछ देर खेलते भी रहे।  

उत्तर प्रदेश में बीजेपी के नए दस्यों की संख्या पहुंची दो करोड़, मुख्यमंत्री योगी ने किया स्वागत

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी से दो करोड़ नए सदस्य जुड़ गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन सदस्यों का भाजपा परिवार में स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखकर इस उपलब्धि पर कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयास की सराहना की।उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी से दो करोड़ नए सदस्य जुड़ गए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन सदस्यों का भाजपा परिवार में स्वागत किया. मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के निर्देशन और कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयास से भाजपा उत्तर प्रदेश परिवार के सदस्य के रूप में राष्ट्रीय विचारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसेवा के संस्कारों से जुड़ने का सौभाग्य प्राप्त करने वाले दो करोड़ नए सदस्यों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन, राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के कुशल निर्देशन और देवतुल्य कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयास से भाजपा उत्तर प्रदेश परिवार के सदस्य के रूप में राष्ट्रीय विचारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसेवा के संस्कारों से जुड़ने का सौभाग्य प्राप्त करने वाले 2 करोड़ नए सदस्यों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है! राष्ट्र प्रथम की भावना से ओतप्रोत है भाजपा का प्रत्येक सदस्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा कि पूर्ण विश्वास है कि नेशन फर्स्ट की भावना से ओतप्रोत उत्तर प्रदेश भाजपा परिवार का प्रत्येक सदस्य ‘विकसित उत्तर प्रदेश-विकसित भारत’ के संकल्प की पूर्णता में पूरी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ सहयोगी सिद्ध होगा।

जरूरतमंद लोगों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, उनके इलाज का खर्च सरकार उठाएगी: मुख्यमंत्री योगी

गोरखपुर उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता की गुहार लेकर आए लोगों को आश्वस्त किया कि जिन जरूरतमंद लोगों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, उनके इलाज का खर्च सरकार उठाएगी। इसके लिए अस्पताल से इलाज खर्च का इस्टीमेट बनाकर उनके कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए। विवेकाधीन कोष से भरपूर मदद की जाएगी। शारदीय नवरात्र के पहले दिन, गुरुवार दोपहर बाद गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 300 लोगों से मुलाकात की। एक-एक करके उनकी समस्याएं सुनीं और निस्तारण के लिए आश्वस्त करते हुए उनके प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को हस्तगत किए। सभी लोगों को आश्वस्त किया कि किसी को भी चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। सभी लोगों की समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। हर बार की भांति शुक्रवार को जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता संबंधी प्रार्थना पत्र लेकर आए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबको मदद का भरोसा दिया। इस दौरान एक महिला की समस्या जानते ही उन्होंने अफसरों से कहा कि उक्त महिला को हॉस्पिटल में भर्ती कराकर इलाज का इस्टीमेट मंगाइए। पैसा सरकार देगी। सीएम ने लोगों से आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा और अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनाना सुनिश्चित करें ताकि इलाज के लिए किसी को परेशान न होना पड़े। जनता दर्शन में सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि हर पीड़ित के साथ संवेदनशील रवैया अपनाया जाए और उसकी समस्या का समाधान कर उसे संतुष्ट किया जाए। इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कहीं कोई जमीन कब्जा या दबंगई कर रहा हो तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। हर पीड़ित की समस्या का निस्तारण निष्पक्ष रूप से उसकी संतुष्टि के अनुरूप किया जाना सुनिश्चित होना चाहिए। गोरखनाथ मंदिर परिसर का भ्रमण करने के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिजनों के साथ मंदिर आए बच्चों को प्यार, दुलार और आशीर्वाद दिया। बच्चों को अपने पास बुलाकर उनसे बातचीत की। उनसे नाम पूछने के साथ पढ़ाई के बारे में जानकारी ली और खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया। शुक्रवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए गोशाला में पहुंचे। यहां उन्होंने गोसेवा में कुछ समय व्यतीत किया।  

मुख्यमंत्री योगी ने कहा- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में चला आजादी का आंदोलन उनके सूर्य को अस्त करने में सफल रहा

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी आजादी के महानायक थे। महात्मा गांधी द्वारा राष्ट्र और मानवता के लिए किए गए योगदान के प्रति देश कृतज्ञता ज्ञापित कर रहा है। मान्यता थी कि ब्रिटिश साम्राज्य का सूर्य कभी अस्त नहीं होता था, लेकिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में चला आजादी का आंदोलन उनके सूर्य को अस्त करने में सफल रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गांधी की जयंती पर क्षेत्रीय गांधी आश्रम में अपने विचार रखे। यहां उन्होंने चरखा चलाया और भजनों का आनंद लिया। सीएम ने यहां खादी के वस्त्रों की खरीदारी भी की। फिर ऑनलाइन पेमेंट भी किया। सीएम योगी ने कहा कि स्वदेशी जब तक भारत की आजादी का मंत्र नहीं बना था, तब तक आजादी की लड़ाई एकजुट होकर नहीं दिख रही थी। भारत की आजादी के आंदोलन के साथ महात्मा गांधी का जुड़ना और उसे स्वदेशी के साथ जोड़ने का जो अभियान रहा, इससे आजादी के लिए हर नागरिक के मन में गौरव व स्वावलंबन का भाव जागृत हुआ। खादी उसका प्रतीक बना। सीएम योगी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वच्छता के प्रति उन अभियानों को ऊंचाई देना है, जिनकी प्रासंगिकता न केवल 100 वर्ष पहले, बल्कि आज भी उसी रूप में बनी है। जिस मिशन को पीएम मोदी ने दस वर्ष पहले प्रारंभ किया था, वह आज भी नई ऊंचाई को प्राप्त करता हुआ दिखाई दे रहा है। देश में 12 करोड़ से अधिक घरों में शौचालयों का निर्माण न केवल स्वच्छता के प्रति उनके आग्रह, बल्कि नारी गरिमा के गौरव को बढ़ाने का अभियान भी है। नारी सशक्तिकरण के बिना समाज को स्वावलंबी नहीं बना सकते। स्वच्छता, नारी सशक्तिकरण, स्वदेशी व स्वावलंबन के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के वचनों की प्रासंगिकता आज भी बनी है। सीएम योगी ने कहा कि जो भी देश शक्तिशाली व सामर्थ्यवान बने हैं, उन्होंने सर्वप्रथम आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त किया। अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, जापान ने अपनी उद्यमिता को बढ़ाया है। वहीं देश में पीएम मोदी का ‘वोकल फॉर लोकल’ भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वदेशी अभियान को नई ऊंचाई प्रदान करने का कार्यक्रम है। सीएम योगी ने कहा कि नया भारत महात्मा गांधी के मूल्यों व आदर्शों से प्रेरणा प्राप्त करते हुए निरंतर बढ़ रहा है। विश्वकर्मा जयंती व पीएम मोदी के जन्मदिन (17 सितंबर) से प्रारंभ हुए सेवा पखवाड़ा के तहत अनेक कार्यक्रम हुए हैं। सीएम योगी ने कहा कि खादी हमारे जीवन का हिस्सा बनें। उन्होंने बताया कि गांधी आश्रम में 108 दिन तक खादी के उत्पादों पर 25 फीसदी छूट दी जाएगी। सीएम ने आह्वान किया कि इस अवधि में खादी की कोई वस्तु अवश्य खरीदें। स्वदेशी वस्तुओं को उपहार स्वरूप भेंट करें। स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल के लिए लोगों को प्रेरित करें। इससे अधिक से अधिक रोजगार का सृजन होगा और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को भी साकार करने में मदद मिलेगी। यह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के अभियान के स्वरूप विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में मदद करेगा। सीएम ने अपील की कि पर्व-त्योहार में विदेशी वस्तुओं की बजाय स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर जीपीओ स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। यहां स्कूली बच्चों ने नारायण-नारायण जय गोविंद हरे, नारायण-नारायण जय गोपाल हरे, वह शक्ति हमें दो दयानिधे, रघुपति राघव राजाराम आदि गीतों से भावांजलि दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों की भी हौसला अफजाई की। सीएम योगी आदित्यनाथ ने क्षेत्रीय गांधी आश्रम में चरखा भी चलाया। जीपीओ में कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश भी दिया। सीएम के साथ अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी झाड़ू लगाया। सीएम योगी ने खादी आश्रम में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी राष्ट्रपिता के अनन्य भक्त व अनुयायी थे। वे गांधी जी के आह्वान पर देश के आजादी के आंदोलन में जुड़े थे। उन्हें 1964 में प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा का अवसर प्राप्त हुआ। देश खाद्यान्न सुरक्षा के मामले में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त कर सके, उसका परिणाम शास्त्री जी के छोटे कार्यकाल के दौरान भी देखने को मिला। सीएम योगी ने कहा कि 1965 में दुश्मन देश द्वारा थोपे गए युद्ध का जवाब भारत ने तेजस्विता के साथ दिया था। यह देश के उस स्वरूप को दिखाता है कि विश्व मानवता के कल्याण के लिए कार्य करेंगे, लेकिन हमारी सीमाओं पर कोई अतिक्रमण करेगा तो उसका मुंहतोड़ जवाब भी देंगे। शास्त्री जी के नेतृत्व में उस समय भारत ने भी अपने पराक्रम का परिचय दुश्मन देश को कराया और विश्व के सामने भारत को वैश्विक ताकत के रूप में स्थापित करने में योगदान दिया।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हाथरस में हुए हादसे का संज्ञान लिया, अब तक 107 की मौत

नई दिल्ली यूपी के भोले बाबा के सत्संग के दौरान बड़ा हादसा हुआ है। सत्संग के दौरान मची भगदड़ में 107 लोगों की मौत की खबर है। मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं हैं। सौ से ज्यादा लोग गंभीर हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हाथरस में हुए हादसे का संज्ञान लिया है। सीएम योगी ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है साथ ही घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। एडीजी आगरा जोन व कमिश्नर अलीगढ़ को घटना  की जांच का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया है।  चीफ सेक्रेटरी मनोज कुमार सिंह और डीजीपी प्रशांत कुमार हाथरस रवाना हो गए हैं। बताया जाता है कि हाथरस के सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र के गांव फुलराई में भोले बाबा का प्रवचन का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान उम्मीद से ज्यादा भीड़ आ गई थी। एक अनुमान के अनुसार सवा लाख लोग पहुंच गए थे। इसी दौरान लोग भीड़ के कारण परेशान होने लगे। भीड़ और गर्मी के कारण लोग बेहोश होने लगे तो भगदड़ मच गई। इसमें लोग जमीन पर गिरे तो उन्हें कुचलते हुए अन्य लोग निकलने लगे। सूचना पर पहुंचे पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने सैकड़ों गंभीर लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया है। सीएम योगी ने हाथरस हादसे को संज्ञान में लेते हुए तुरंत अफसरों को मौके पर पहुचंने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सीएम योगी ने एडीजी आगरा जोन और अलीगढ़ की कमिश्नर को हादसे की संयुक्त जांच की रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। सीएम का आदेश पाते ही लखनऊ से चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी के साथ ही एडीजी, कमिश्नर मौके लिए रवाना हो गए हैं। सत्संग खत्म होने के बाद मची भगदड़ बताया जाता है कि तीन घंटे तक चले सत्संग के खत्म होने पर भगद़ मची है। लोग बाहर जाने के लिए निकलने लगे तो गेट छोटा होने से कई लोग दम घुटने के कारण बेहोश होने लगे। इसी के बाद भगदड़ मच गई।भगदड़ में महिलाओं, बच्चों समेत कई लोग दब गए। श्रद्धालुओं के पैरों के नीचे दबकर ही लोगों की मौत हुई है। हादसे के आधे घंटे बाद तक कोई अफसर मौके पर नहीं पहुंचा था। सरकारी नौकरी छोड़कर भोले बाबा बने नारायण साकार को सुनने पहुंचे थे लोग हाथरस में लोग जिस भोले बाबा के सत्संग में पहुंचे थे वह पहले सरकारी नौकरी करते थे। भोले बाबा का असली नाम नारायण साकार हरि है। बाताया जाता है कि वह एटा जिले की पटयाली तहसील के गांव बहादुर नगरी के रहने वाले हैं। उन्होंने 26 साल पहले सरकारी नौकरी छोड़कर प्रवचन शुरू किया था। उन्होंने अपने प्रवचन में बताया था कि वे गुप्तचर ब्यूरो में नौकरी करते थे। करीब सवा लाख लोग पहुंचे थे सिंकरामऊ कोतवाली क्षेत्र के फुलराई गांव में भोले बाबा का सत्संग का आयोजन था। इस सत्संग में शामिल होने वालों की सही सख्या प्रशासन को नहीं पता थी। बताया जाता है कि सत्संग में करीब सवा लाख श्रद्धालु पहुंच गए थे। इसी भीड़ को देख एलआईयू ने प्रशासन को रिपोर्ट दी थी।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live