LATEST NEWS

बिना शादी के बच्चों का बढ़ता आंकड़ा, ये देश सबसे आगे—भारत और एशिया में क्या हो रहा है?

नईदिल्ली  शादी, परिवार और संतान… जिन्हें कभी समाज की स्थायी नींव माना जाता था, लेकिन बदलते समय में दुनिया के कई हिस्सों में ये अवधारणाएं नए सिरे से परिभाषित हो रही हैं। बदलती जीवनशैली, कानूनी व्यवस्था और सामाजिक स्वीकृति के कारण विवाह के बाहर बच्चों का जन्म कुछ देशों में सामान्य हो चुका है, जबकि कहीं यह अभी भी सामाजिक कलंक बना हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई देशों में विवाह के बाहर बच्चों का जन्म अब आम बात हो गई है। हालांकि एशिया और कुछ अन्य क्षेत्रों में यह प्रवृत्ति अभी भी बहुत कम है। ये बदलाव सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े हैं, जहां विवाह हर जगह संतान प्राप्ति की शर्त नहीं रहा। यूं कहें तो बिना शादी के परिवार बसाना कई जगहों पर ‘न्यू नॉर्मल’ बन गया है। ओईसीडी (OECD) के नए आंकड़ों के अनुसार, विश्व के कई देशों में औसतन लगभग 43% बच्चे विवाह के बाहर पैदा हो रहे हैं। यानी बिना शादी के महिलाएं मां बन रही हैं। आइए जानते हैं कि इस मामले में कौन-से देश सबसे आगे हैं… सबसे आगे लैटिन अमेरिका लैटिन अमेरिकी देश इस मामले में सबसे आगे हैं। कोलंबिया में 87% बच्चे विवाह के बाहर जन्म ले रहे हैं। इसके बाद चिली (78.1%), कोस्टा रिका (74%) और मैक्सिको (73.7%) का नंबर आता है। यहां लिव-इन रिलेशनशिप लंबे समय से सामाजिक और कानूनी रूप से स्वीकार्य है, जिससे औपचारिक शादी की जरूरत कम हो गई है। ऐतिहासिक असमानता और कानूनी पहुंच की कमी ने भी इन बदलावों को बढ़ावा दिया है। नॉर्डिक देशों में कल्याण व्यवस्था के साथ हाई रेशियो नॉर्डिक देशों ने परिवार के मानदंडों को नए सिरे से परिभाषित किया है। आइसलैंड में 69.4%, नॉर्वे में 61.2%, स्वीडन में 58% (लगभग) और डेनमार्क में 55% के आसपास बच्चे विवाह के बाहर पैदा हो रहे हैं। यहां मजबूत सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों को माता-पिता की वैवाहिक स्थिति से अलग कानूनी संरक्षण मिलने से विवाह अब व्यक्तिगत चुनाव बन गया है। लिव इन में रहने वाले जोड़ों को विवाहित जोड़ों के बराबर अधिकार प्राप्त हैं। एशिया और पूर्वी भूमध्यसागरीय में न्यूनतम दरें दूसरी ओर एशिया के कई देशों में स्थिति बिल्कुल उलट है। जापान में सिर्फ 2.4%, दक्षिण कोरिया में 4.7%, तुर्की में 3.1%, इजरायल में 8.6% और ग्रीस में 9.7% बच्चे विवाह के बाहर जन्म लेते हैं। यहां सांस्कृतिक मूल्य, धार्मिक परंपराएं और सख्त कानूनी ढांचा विवाह को संतान से जोड़े रखते हैं। एकल माता-पिता को सामाजिक कलंक और कम सहायता मिलने से यह प्रवृत्ति दबाव में रहती है। ओईसीडी भारत जैसे देशों में भी विवाह के बाहर जन्म की दर बहुत कम बनी हुई है। यही विवाद के बाहर बच्चों की जन्म दर एक फीसदी से भी कम है। भारत के पड़ोसी देशों और एशिया में भी यही स्थिति है, जहां सांस्कृतिक और सामाजिक मानदंड विवाह को प्राथमिकता देते हैं। एंग्लो-अमेरिकी और पश्चिमी यूरोप संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और ज्यादातर पश्चिमी यूरोपीय देश बीचों बीच खड़े हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में लगभग 40 प्रतिशत बच्चे विवाह के बाहर पैदा होते हैं, जो ऑस्ट्रिया और इटली के स्तर के करीब है। इन आंकड़ों से साफ है कि विवाह के बाहर बच्चों का जन्म सिर्फ सामाजिक बदलाव नहीं, बल्कि कानूनी संरचना, कल्याणकारी नीतियों और सांस्कृतिक स्वीकार्यता का संयुक्त परिणाम है। आने वाले वर्षों में यह अंतर और बढ़ सकता है, जिसका असर भारत समेत अन्य एशियाई देशों पर भी पड़ सकता है।

दिल्ली में 15 दिन में 800 बच्चे गायब, आसमान या जमीन ने उन्हें निगला? वसीम और ऋतिक के घर मातम

नई दिल्ली आधी रात का वक्त था, वसीम चैन से सोया था, पर अगली सुबह जब सूरज की पहली किरण बुराड़ी की गलियों में पहुंची तो वह बिस्तरों से गायब था. दिल्ली की सड़कों पर पहरा देने वाली पुलिस की नाक के नीचे महज 15 दिनों में 800 बच्‍चे गायब हो चुके हैं. कहीं संगीत का जुनून पालने वाला वसीम अपना हारमोनियम लेकर अंधेरे में खो गया, तो कहीं JEE की तैयारी कर रहा होनहार ऋतिक एक डांट के बाद सिस्टम की सुस्ती की भेंट चढ़ गया. यह सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं बल्कि उन बिलखती मांओं की चीख है जिनकी आंखें दरवाजे पर पथरा गई हैं. पुलिस की फाइलें लेटर लिखने में हफ्ता गुजार देती हैं और इधर मेट्रो की फुटेज से लेकर मासूमों के सुराग तक सब कुछ हमेशा के लिए मिट जाता है. क्या दिल्ली अब अपने ही बच्चों के लिए एक डरावना भूलभुलैया बन चुकी है? देश की राजधानी दिल्ली में लापता बच्चों की बढ़ती संख्या ने न केवल पुलिस महकमे को बल्कि आम जनता को भी हिलाकर रख दिया है. आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में महज 15 दिनों के भीतर 800 से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है.  दिल्ली के बुराड़ी पहुंची, तो वहां दो परिवारों का दर्द सामने आया, जिनके बेटे दिसंबर महीने से लापता हैं. केस स्टडी 1: वसीम रजा का संगीत का सपना और अधूरी तलाश बिहार के किशनगंज से आकर बुराड़ी के मौर्य एनक्लेव में रहने वाले तेमुल हक और रूबी का 19 वर्षीय बेटा वसीम रजा 28 दिसंबर की सुबह से गायब है. • विवाद की जड़: वसीम को सिंगिंग का जुनून था लेकिन परिवार चाहता था कि वह AC रिपेयरिंग का काम सीखे. • गायब होने का घटनाक्रम: 27 दिसंबर की रात वसीम घर पर ही सोया था. सुबह 9 बजे वह घर में नहीं था और अपना हारमोनियम साथ ले गया था. • पुलिस पर सवाल: वसीम के पिता का कहना है कि पुलिस ने गली या उसके बाहर की CCTV फुटेज तक नहीं निकाली. • मां का दर्द: “जिसका बच्चा जाता है, उसके दिल पर क्या गुजरती है. वोट मांगने आते हैं तो सब छान मार देते हैं, लेकिन बच्चे के वक्त सुनवाई नहीं होती.” केस स्टडी 2: ऋतिक झा और सिस्टम की लेटलतीफी बुराड़ी के संत नगर का 16 वर्षीय ऋतिक झा JEE मेंस की तैयारी कर रहा था. 17 दिसंबर को मां की डांट के बाद वह घर से निकला और फिर कभी नहीं लौटा. • खोया हुआ मौका: ऋतिक की आखिरी लोकेशन नेताजी सुभाष पैलेस (NSP) मेट्रो स्टेशन पर मिली थी. • फुटेज का संकट: पुलिस को मेट्रो को पत्र लिखने में 7 दिन लग गए. तब तक मेट्रो की पुरानी फुटेज डिलीट हो चुकी थी. • मां का डर: ऋतिक की मां बेबी झा को डर है कि उनके बेटे का अपहरण हो गया है. आंकड़ों का आईना: दिल्ली में गायब होती सुरक्षा वसीम के पिता तेमुल हक का सवाल जायज है कि अगर 15 दिनों में 800 लोग गायब होंगे, तो दिल्ली खाली हो जाएगी. लापता व्यक्ति    उम्र       क्षेत्र                           लापता होने की तिथि वसीम रजा       19 साल    मौर्य एनक्लेव, बुराड़ी    28 दिसंबर ऋतिक झा       16 साल    संत नगर, बुराड़ी          17 दिसंबर सिस्टम की सुस्ती और परिवारों का इंतजार इन दोनों ही मामलों में परिवारों का सीधा आरोप पुलिस की कार्यप्रणाली पर है. कहीं CCTV फुटेज नहीं खंगाली गई तो कहीं लेटर लिखने की कागजी कार्रवाई में अहम सबूत (मेट्रो फुटेज) मिट गए. दिल्ली जैसे महानगर में जहां चप्पे-चप्पे पर कैमरे होने का दावा किया जाता है, वहां बच्चों का इस तरह गायब हो जाना और हफ्तों तक कोई सुराग न मिलना चिंताजनक है. सवाल-जवाब दिल्ली में हाल के दिनों में लापता होने वाले लोगों के आंकड़े क्या कहते हैं? न्यूज 18 इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में महज 15 दिनों के भीतर 800 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है, जिसने आम नागरिकों को हैरत में डाल दिया है. बुराड़ी से लापता वसीम रजा के मामले में पुलिस पर क्या आरोप हैं? वसीम के पिता तेमुल हक का आरोप है कि पुलिस उनके इलाके में घूमती तो है, लेकिन वसीम के लापता होने के बाद न तो उनकी गली की और न ही बाहर की सीसीटीवी फुटेज निकाली गई. ऋतिक झा के मामले में सीसीटीवी फुटेज क्यों नहीं मिल पाई? ऋतिक की मां बेबी झा के अनुसार, पुलिस को मेट्रो को पत्र लिखने में ही 7 दिन लग गए. इस लेटलतीफी के कारण मेट्रो का पुराना फुटेज डेटा डिलीट हो गया और ऋतिक का आगे का सुराग नहीं मिल सका. लापता बच्चों के माता-पिता की मुख्य चिंता और डर क्या है? वसीम की मां को डर है कि इतने दिनों तक कोई संपर्क न होने के कारण उनके बेटे के साथ कोई अनहोनी न हो गई हो. वहीं, ऋतिक की मां को अंदेशा है कि उनके बेटे का किडनैप (अपहरण) कर लिया गया है. बुराड़ी के जनप्रतिनिधियों से इन परिवारों को क्या आश्वासन मिला है? वसीम के पिता ने बताया कि वे बुराड़ी विधायक के दफ्तर में ‘जनता दरबार’ गए थे. वहां से उन्हें आश्वासन दिया गया कि एक-दो दिन में इस बारे में एसडीएम (SDM) या पुलिस कमिश्नर से बात की जाएगी.

धमतरी जिले में एक महिला ने एक साथ चार स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया। इनमें तीन लड़की और 1 लड़का

धमतरी छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के गांव कौहाबाहरा में रहने वाली एक महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया है। यह जिले में ऐसा पहला केस है, जहां एक साथ चार बच्चों का जन्म हुआ है। धमतरी जिले के निजी अस्पताल उपाध्याय नर्सिंग होम में 15 मार्च को नगरी ब्लॉक के 30 वर्षीय एक महिला प्रसूता ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया है। चार बच्चों में एक लड़का तो वही तीन लड़कियों को महिला ने जन्म दिया है। जच्चा बच्चा दोनों ही स्वस्थ बताये जा रहे हैं। वही निजी अस्पताल की गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर रश्मि उपाध्याय का कहना है कि जब महिला अस्पताल में आई थी। तभी उसके सोनोग्राफी रिपोर्ट को देखकर चार बच्चों का उन्हें पता चल गया था। वही प्रसूता महिला की निर्धारित समय से पहले 7 महीने में ही डिलीवरी हो गई। वहीं जब महिला अस्पताल आई तब उसकी स्थिति सही नहीं थी जिसे अस्पताल में एडमिट किया गया और चारों बच्चों का जन्म ऑपरेशन के जरिए हुआ। चारों बच्चों में से एक बच्चे का वजन 1 किलो 500 ग्राम, दूसरे बच्चे का वजन 1 किलो 300 ग्राम, इसके साथ ही तीसरे बच्चे का वजन 1 किलो 100 ग्राम तो वहीं चौथे बच्चे के वजन की बात की जाए तो 900 ग्राम बताया जा रहा है। फिलहाल डॉक्टर ने अभी चारों शिशुओं के इलाज के लिए अस्पताल के स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट में सी मैप पर रखा है। वही बच्चों के डॉक्टर और वहां मौजूद नर्स के द्वारा अच्छे से उनकी देखभाल की जा रही है। वही प्रसूता महिला की बात की जाए तो वह अभी भी ऑब्जर्वेशन में है। क्योंकि समय से पहले महिला का डिलीवरी हुई जिससे महिला काफी कमजोर थी और थोड़ी-थोड़ी देर में महिला का बीपी डाउन हो रहा है। शरीर में सूजन की स्थिति भी बनी हुई है जिसे सामान्य करने के लिए अभी इलाज जारी है। डॉक्टर ने बताया कि मां और बच्चे दोनों ही स्वस्थ हैं। उन्हें कुछ दिन अस्पताल में ही रखा जाएगा और स्थिति सामान्य होने के बाद डिस्चार्ज किया जाएगा। वही इस मामले में चार बच्चों के पिता और बुआ नानी, दादी ने भी अपनी खुशी जाहिर करते हुए। बताया कि 5 साल से बच्चे को लेकर प्रयास किया जा रहा था। लेकिन बच्चे नहीं हो रहे थे। वही एक साथ उन्हें इतनी बड़ी खुशी मिल गई कि उनके पास बोलने के लिए शब्द ही नहीं बचे। वही यह भी कहा कि परिवार में ऐसा पहली बार हुआ है। सभी आश्चर्य में है और बच्चों को और उनकी माता को देखने के लिए पहुंच रहे हैं। वही बच्चों के पिता ने कहा कि वह मजदूरी का कार्य करते हैं और इसके अलावा घर में आय का कोई साधन नहीं है। वही शासन प्रशासन से आर्थिक मदद को लेकर भी गुहार परिजन लगा रहे हैं। बच्चों के पिता का कहना है कि अगर एक बच्चा होता तो जैसे तैसे उसका पालन पोषण हो जाता लेकिन यहां चार बच्चे एक साथ हो गए हैं तो उन्हें पालन पोषण में तकलीफ होगी जिसे लेकर शासन प्रशासन से मदद की उम्मीद परिजन कर रहे हैं और वही डॉक्टर और नर्स का भी परिजनों ने धन्यवाद दिया कि उनके वजह से आज मां और बच्चे सभी स्वस्थ हैं। 4 साल पहले हुई थी शादी बच्चों के पिता नंदेश्वर नेताम (30) ने बताया कि वह कौहाबाहरा गांव के रहने वाले हैं। 4 साल पहले यानी 2020 में उनकी शादी लक्ष्मी नेताम (30) से हुई थी। दोनों की पढ़ाई भी साथ में हुई है। वह मजदूरी और कृषि कार्य करते हैं। उनकी पत्नी लक्ष्मी नेताम घर में सिलाई कार्य करती है। 4 बच्चे की डिलीवरी होना रेयर मामला डॉक्टर रोशन उपाध्याय ने बताया कि निजी नर्सिंग होम अस्पताल में महिला ने 4 बच्चों को जन्म दिया है। चारों बच्चों को आईसीयू में रखा गया है। मामला ज्यादा गंभीर होने के कारण परिवार की सहमति से बच्चों को ऑपरेशन कर बाहर निकाला गया। 4 से 5 बच्चे एक साथ पैदा होना दुर्लभ – डॉक्टर डॉक्टर रोशन उपाध्याय ने कहा कि, आईवीएफ इलाज के बाद 2 से 3 बच्चे एक साथ होते हैं, लेकिन बिना IVF के इस तरह का मामला रेयर होता है। महिला सरकारी अस्पताल से इलाज करवा रही थी। डॉक्टर ने कहा कि 2 से 3 बच्चे तो सामान्य देखे जाते हैं, लेकिन 4 से 5 बच्चे एक साथ पैदा होने का मामला दुर्लभ है। अब जानिए कहां-कहां कितने सबसे ज्यादा बच्चे पैदा हुए ? इंडियाना में महिला ने 11 बच्चों को दिया जन्म 2018 में संयुक्त राज्य अमेरिका के इंडियाना की एक महिला ने एक साथ 11 बच्चों को जन्म दिया था। 42 साल की उम्र में 11 बच्चों को एक साथ जन्म हुआ था। महिला का नाम मारिया हर्नानडेस है। जब मारिया को डिलीवरी के लिए हॉस्पिटल लाया गया। इस दौरान सभी लोग इनको देख कर हैरान थे। सभी की हैरानी उस समय और बढ़ गई जब मारिया ने महज 17 मिनट में 11 बच्चियों को जन्म दिया। दक्षिण अफ्रीका में महिला ने 10 बच्चों को दिया जन्म 2021 में दक्षिण अफ्रीका के गोटेंग प्रांत की महिला ने एक साथ 10 बच्चों को जन्म दिया था। महिला का नाम गोसेम थमारा सिथोले है। गोसेम ने 7 जून को 7 लड़कों और 3 लड़कियों को जन्म दिया था। गोसेम के पहले ही 6 साल के जुड़वा बच्चे थे। प्रेग्नेंसी की शुरुआत में डॉक्टर्स ने 6 बच्चों की पुष्टि की थी। कुछ समय बाद हुईं जांचों में सामने आया कि गर्भ में 8 बच्चे हैं, लेकिन डिलीवरी के दौरान 10 बच्चों का जन्म हुआ। गोसेम कहती हैं, 2 बच्चे ट्यूब के गलत हिस्से में थे, इसलिए शुरुआती जांच के दौरान दिखाई नहीं दिए थे। पश्चिम अफ्रीका में 26 साल की महिला ने 9 बच्चों को दिया जन्म 2021 में पश्चिमी अफ्रीकी देश माली की रहने वाली 26 साल की हेलीमा सिसे ने 9 बच्चों को दिया था। डॉक्टर्स ने 50 फीसदी बच्चों के ही जिंदा रह पाने की आशंका जाहिर की थी, लेकिन सभी बच्चे स्वस्थ थे। इनमें 5 लड़कियां और 4 लड़के हैं। हेलीमा और उनके 35 वर्षीय पति कादेर आर्बे 9 बच्चों को पाकर काफी खुश … Read more

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet