LATEST NEWS

CM मोहन यादव के बेटे अभिमन्यु की हुई सगाई, घर में गूंजेगी शहनाई

भोपाल। सीएम मोहन यादव के घर जल्द ही खुशियों की शहनाई बजने वाली है। मोहन यादव ने खुद जानकारी साझा करते हुए बताया है कि उनके बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव की सगाई हो गई है। सगाई के कार्यक्रम में दोनों परिवार के करीबी लोग मौजूद रहे। सीएम द्वारा एक्स पर सगाई की बात साझा करते ही लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है कि आखिर मोहन परिवार में कौन सा नया सदस्य आने वाला है… सीएम मोहन यादव ने एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा- बा श्री महाकाल और श्री गोपाल कृष्ण की परम कृपा और पूज्य पिताश्री और माताश्री के आशीर्वाद से पुत्र चिरंजीवी डॉ. अभिमन्यु यादव की सगाई हो गई है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे की सगाई खरगोन के श्री दिनेश यादव जी की सुपुत्री डॉ. इशिता यादव के साथ संपन्न हुई है। इसके बाद उन्होंने आभार जताते हए लिखा- इस पुनीत, पावन मंगल बेला पर सभी वरिष्ठजनों ने आशीर्वाद प्रदान किया, स्वजनों ने बधाइयां दीं, आप सभी का हृदय से आभार, अभिवादन। सीएम के बेटे अभिमन्यु यादव और होने वाली बहु इशिता यादव ने मेडिकल की पढ़ाई की हुई है। अभिमन्यु ने मास्टर्स इन सर्जरी की पढ़ाई की है और एक योग्य डॉक्टर हैं। उनकी पहचान समाजसेवी के तौर पर भी है। वहीं होने वाली पत्नी इशिता ने एमबीबीएस की पढ़ाई की है। इस तरह दोनों लोग मेडिकल की दुनिया में अपना नाम कमा रहे हैं।

सीएम मोहन यादव के छोटे बेटे की सगाई डॉ. इशिता से पारिवारिक एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुई संपन्न

भोपाल भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास में सोमवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के छोटे सुपुत्र डॉ. अभिमन्यु यादव (मास्टर्स इन सर्जरी) की सगाई खरगौन के सेल्दा निवासी श्री दिनेश यादव (पटेल) की सुपुत्री डॉ. इशिता (एमबीबीएस) से पारिवारिक एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई। सगाई समारोह में दोनों परिवारों के करीबी रिश्तेदार, राज्य सरकार के मंत्रीगण, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं भाजपा के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। पूजन के बाद दोनों ने अंगूठी पहनाकर जीवन के नए अध्याय की शुरुआत की। डॉक्टर अभिमन्यु एक प्रतिभाशाली चिकित्सक एवं सक्रिय समाजसेवी हैं, वहीं डॉ. इशिता भी चिकित्सा क्षेत्र में सेवाएं दे रही हैं। इससे पहले डॉ. यादव के बड़े बेटे वैभव की शादी भी सादे और पारिवारिक माहौल में संपन्न हुई थी। अब उनके छोटे बेटे डॉक्टर अभिमन्यु की सगाई डॉ. इशिता के साथ भोपाल में सादे समारोह में हुई। डॉ. अभिमन्यू एमबीबीएस की डिग्री के बाद पीजी की पढ़ाई कर रहे हैं।  बेटे अभिमन्यु और बहू इशिता के साथ सीएम मोहन यादव – फोटो : सोशल मीडिया भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, दिल्ली के विधायक सतीश उपाध्याय, मध्य प्रदेश भाजपा प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल समेत कई बड़े नेता शामिल हुए और नवयुगल को सुखद भविष्य की शुभकामनाएं दी। सरकारी जिम्मेदारियों के बीच मुख्यमंत्री का यह पारिवारिक आयोजन एक भावनात्मक क्षण रहा। इसमें निजी संबंधों की गर्माहट साफ झलकी। परिवार की यह सादगी और परंपराओं के प्रति आस्था राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बनी हुई है। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सीमा यादव के दो सुपुत्र एवं एक सुपुत्री हैं। ज्येष्ठ सुपुत्र एवं सुपुत्री का विवाह पहले ही संपन्न हो चुका है। डॉ. अभिमन्यु यादव (मास्टर्स इन सर्जरी) एक प्रतिभाशाली चिकित्सक एवं समाजसेवी हैं। वहीं डॉ इशिता (एमबीबीएस) भी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं। दोनों ने पारंपरिक पूजन के पश्चात एक दूसरे को अंगूठी पहनाकर जीवन के नए अध्याय की शुरुआत की।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेडिसिटी निर्माण को देख शहर को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में प्लानिंग कर विकास कार्य करने के निर्देश दिए

 उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav) ने उज्जैन को एक बार बड़ी सौगात दी है। उन्होंने दो एलिवेटेड कॉरिडोर(Elevated Corridors) बनाने की सैद्धांतिक सहमति दी है। यह कॉरिडोर मकोड़िया आम चौराहे से चामुंडा चौराहे, रेलवे स्टेशन होते हुए हरिफाटक ब्रिज और निकास चौराहे से दौलतगंज होते हुए इंदौरगेट बनेंगे। सिंहस्थ में यात्रियों के लिए रेलवे स्टेशनों के बीच समानांतर फोरलेन योजना बनाने को कहा। मेडिसिटी निर्माण को देख शहर को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में प्लानिंग कर विकास कार्य करने के निर्देश दिए हैं। कार्यों की मॉनिटरिंग आधुनिक तकनीक से करने के निर्देश सीएम ने  सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर समीक्षा की। अधिकारियों से कहा कि सभी कार्य समय सीमा में गुणवत्ता और मापदंड के अनुसार हों। एजेंसियां समन्वय बनाकर कार्य करे। उन्होंने सिंहस्थ निर्माण कार्यों में शहर के आसपास सड़कों का जाल बिछाकर यातायात सुगम करने और संपूर्ण मेला क्षेत्र की कनेक्टिविटी 4 और 6 लेन करने की जानकारी दी। सीएम ने कार्यों की मॉनिटरिंग आधुनिक तकनीक से करने को कहा। सिंहस्थ में 30 करोड़ श्रद्धालु आने का अनुमान सीएम बोले- हमने अधिकारियों को ये भी कहा कि इसके ऊपर पिलर और जोड़ दें, ताकि भविष्य में मेट्रो निकल सके। सिंहस्थ में करीब 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। भीड़ प्रबंधन बड़ी चुनौती रहने वाली है। इसके लिए उज्जैन की चारों दिशाओं के मार्गों का विस्तार हो रहा है। आंतरिक मार्ग भी चौड़े हो रहे हैं। एलिवेटेड ब्रिज बनाकर भी भीड़ प्रबंधन की प्लानिंग की गई है। नागपुर में ऐसे एलिवेटेड ब्रिज हैं, जिनमें नीचे ट्रक-बस गुजरते हैं और ऊपर मेट्रो ट्रेन चलती है। लोनिवि की सेतु शाखा सर्वे कर सौपेंगी रिपोर्ट सीएम द्वारा एलिवेटेड ब्रिज की मंजूरी के बाद अब लोनिवि की सेतु शाखा का अमला जल्द ही शहर के कुछ मार्ग पर इनके निर्माण की संभावनाओं को तलाशेगा। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि मुख्य रूप से बुधवारिया से इंदौर गेट तक और मकोड़ियाआम नाका-इंदिरा नगर से रेलवे स्टेशन-हरिफाटक तक एलिवेटेड ब्रिज के लिए सर्वे किया जाएगा। इधर इसके अलावा इन ब्रिज से नीलगंगा-पेशवाई स्थल, मंछामन गणेश मंदिर क्षेत्र को भी जोड़ने के लिए सर्वे होगा। इसके बाद ही फाइनल हो पाएगा कि वास्तव में किस मार्ग पर ये एलिवेटेड ब्रिज बनेंगे, क्योंकि समय सीमा की भी चुनौती रहने वाली है। कलेक्टर ने यह भी बताया कि हवाई पट्टी का भी विस्तार किया जाना है। इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी सर्वे कर चुकी है। बुधवारिया से इंदौर गेट तक के मार्ग को चौड़ा करने के लिए नगर निगम की टीम ने सर्वे कर लिया था। इसमें बड़ी संख्या में मार्ग के दोनों तरफ के व्यापारी प्रभावित हो रहे थे। चूंकि, अब इस मार्ग के ऊपर एलिवेटेड ब्रिज की मंजूरी सीएम ने दे दी है तो चौड़ीकरण नहीं होगा। कोई टूट-फूट नहीं होगी। बोले कि जब हमारे प्रधानमंत्री एक भी सैनिक को पार कराए बगैर रावलपिंडी में अटैक कर सकते हैं तो हमने भी सोचा कि निकास चौराहा (बुधवारिया) से इंदौर गेट तक बगैर किसी मकान को हाथ लगाए ऊपर रोड-ब्रिज बना दिए जाएं, ताकि नीचे कारोबार होता रहे और ऊपर से बस-ट्रक गुजरते रहे। इससे अच्छा क्या प्लान हो सकता हैं। ये हमारे शहर का सर्वाधिक व्यस्ततम मार्ग भी है। नीचे महाकाल की सवारी, जलसे-जुलूस निकलेंगे और ऊपर से वाहन गुजरते रहेंगे। तैयारी के निर्देश     सभी मुख्य देवस्थानों को जल्द ही देवलोक के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना बनाएं।     न्यायिक संस्था शुरू की जाएगी। कार्ययोजना पाइपलाइन में रखें।     इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी की कार्ययोजना में उज्जैन में विकास कार्य का ब्लूप्रिंट तैयार करें।

देश में नक्सलियों के लिए दो ही रास्ते, सरेंडर या मौत – मुख्यमंत्री मोहन यादव

उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नक्सलियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि उनके पास केवल दो विकल्प हैं – या तो वे आत्मसमर्पण करें, या फिर मरने के लिए तैयार रहें। उन्होंने यह बात उज्जैन में शिप्रा नदी के रामघाट पर श्रमदान के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने शिप्रा नदी की पूजा-अर्चना की और रामघाट पर स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि सरकार नक्सलियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखेगी। मध्य प्रदेश के बालाघाट सहित कई जिलों में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चल रहा है, जिसमें कई नक्सली मारे गए हैं। ” बता दें कि मध्य प्रदेश के बालाघाट सहित कुछ जिलों में नक्सली लगातार मुठभेड़ में मारे जा रहे हैं. इसके बाद भी नक्सली जंगलों में सक्रिय हैं. मुख्यमंत्री ने किया शिप्रा नदी के रामघाट पर श्रमदान मख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन पहुंचकर शिप्रा नदी के पवित्र रामघाट पर जल-गंगा संवर्धन अभियान के तहत श्रमदान किया. मुख्यमंत्री ने रामघाट की सीढ़ियों पर झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया. साफ-सफाई के बाद मुख्यमंत्री ने मां शिप्रा में आस्था की डुबकी लगाई और विधिवत पूजन-अर्चन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की. उन्होंने कहा “हमारा प्रयास है कि जब श्रद्धालु पंचकोशी यात्रा के अंत में रामघाट पहुंचे तो उन्हें स्वच्छ जल मिले.” उज्जैन में 29 किमी के दायरे में नए घाट बनेंगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा “उज्जैन में सिद्धनाथ से लेकर त्रिवेणी तक 29 किमी के नए घाट तैयार किए जाएंगे. पहले से ही 6 किमी के घाट बने हुए हैं. उज्जैन सिहंस्थ 2028 में आने वाले श्रद्धालुओं को कुल मिलाकर 35 किमी के घाट पर स्नान करने की सुविधा मिलेगी. सिंहस्थ के दौरान ये घाट रामघाट जैसे ही होते हैं.” रामघाट पर सफाई मित्रों को सम्मानित किया मुख्यमंत्री ने कहा “जल गंगा संवर्धन अभियान इस बार 3 माह तक चलेगा, इसे गुड़ी पड़वा पर शुरू किया गया और गंगा दशहरा तक चलेगा. अभियान के तहत अब तक 1.62 लाख जलदूतों का पंजीयन हो चुका है. करीब 80 हजार तालाबों का निर्माण कार्य प्रगति पर है. ये प्रयास प्रदेश के किसानों के लिए भी बड़ी राहत लेकर आएगा.” रामघाट पर सफाई मित्रों संग “जल गंगा संवर्धन अभियान” के अंतर्गत स्वच्छता कार्य करने के बाद मुख्यमंत्री ने सफाई मित्रों को सम्मानित किया. शिप्रा नदी के विकास की योजनाएं मुख्यमंत्री ने उज्जैन में शिप्रा नदी के विकास के लिए कई घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि सिद्धनाथ से त्रिवेणी तक 29 किलोमीटर के नए घाट बनाए जाएंगे। इससे सिंहस्थ 2028 में आने वाले श्रद्धालुओं को 35 किलोमीटर के घाट पर स्नान करने की सुविधा मिलेगी। जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री ने “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत रामघाट पर सफाई मित्रों के साथ श्रमदान किया और उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि यह अभियान तीन महीने तक चलेगा और इसके तहत 80 हजार तालाबों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि यह अभियान प्रदेश के किसानों के लिए भी राहत लेकर आएगा।

एआई में भी अच्छाई और बुराई दोनों हैं, यह हम पर निर्भर करता है कि हम इसका उपयोग कैसे करते हैं: सीएम मोहन यादव

नई दिल्ली/भोपाल दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में शनिवार को ‘सोशल इंप्लीकेशंस ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ पर सेमिनार आयोजित किया गया। इस सेमिनार में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद शामिल हुए। सीएम मोहन यादव ने बदलते दौर में एआई की बढ़ती हैसियत पर बात की। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि आज के समय में यह अत्यंत प्रासंगिक विषय है जिस पर विस्तार से चर्चा की गई है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम जन कल्याण और सुशासन के लिए विज्ञान आधारित प्रणालियों का उपयोग करने की दिशा में काम कर रहे हैं, साथ ही आवश्यक सावधानियां भी सुनिश्चित कर रहे हैं। ऐसे महत्वपूर्ण विषयों को सामने लाना सराहनीय है। मैं इस पहल के लिए बधाई देता हूं। सीएम यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस कार्यक्रम की झलकियां साझा कीं। जिसमें से एक में वे एआई को लेकर फैले भ्रम पर बात करते दिखे। उन्होंने कहा, “जब कंप्यूटर और इंटरनेट आए, तो लोगों को डर था कि नौकरियां चली जाएंगी और घर बर्बाद हो जाएंगे। हर चीज में अच्छी और बुरी बातें होती हैं। वैसे ही, एआई में भी अच्छाई और बुराई दोनों हैं। यह हम पर निर्भर करता है कि हम इसका उपयोग कैसे करते हैं।” इससे पहले मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “‘सोशल इंप्लीकेशंस ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ विषय पर इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित संगोष्ठी में सहभागिता कर प्रबुद्धजनों के समक्ष अपने विचार साझा करने का अवसर प्राप्त हुआ। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज केवल तकनीक नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन चुकी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं शासन-प्रशासन जैसे विविध क्षेत्रों में एआई की संभावनाएं अनंत हैं। जब सम्पूर्ण विश्व एआई में अपना भविष्य तलाश रहा है, तब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एआई के वैश्विक पावरहाउस के रूप में उभर रहा है। निश्चित रूप से यह तकनीकी क्रांति “विकसित भारत 2047 के विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में अहम भूमिका निभाएगी।” इस मौके पर, केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि एआई पर बहुत बात हो चुकी है। लेकिन, हमारा फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हमारे किसान भाइयों को लेकर भी होना चाहिए। किसान जब एआई का इस्तेमाल करे तो वह खेती की फोटो लें और बता पाए कि धान-गेंहू की खेती में कीड़ा लगा है या नहीं। इसमें खाद की जरूरत कब पड़ेगी। इसी तरह स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो छोटी चीजें हैं, उन्हें एआई का इस्तेमाल कर दूर करना होगा। डॉक्टरों को एक-एक आगे चलते हुए शोध करना होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा विश्वविद्यालयों व शासकीय विभागों की खाली जमीनों पर उद्यान विकसित किए जाएं

भोपाल  मध्यप्रदेश में अब उद्यानिकी तथा प्र-संस्करण विभाग की नर्सरियों को पीपीपी मॉडल(PPP model) पर विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव(CM Mohan Yadav) ने  समत्व भवन में बुलाई समीक्षा बैठक् में इसके निर्देश दिए। यह भी कहा कि विश्वविद्यालयों व शासकीय विभागों की खाली जमीनों पर उद्यान विकसित किए जाएं, रोजगारपरक गतिविधियों के लिए खाद्य प्रसंस्करण पर विशेषज्ञता आधारित सेल गठित हो, चंबल, मालवा और महाकौशल में क्षेत्र विशेष की आवश्यकतानुसार उद्यानिकी विकास की कार्य योजना बनाएं। बागवानी और नर्सरी लगाने को जन आंदोलन बनाना होगा, विधायक और पंचायत प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में आदर्श बागवानी विकसित करें। अधिकारियों को निर्देश दिए कि इंदौर के मालवी आलू व गराडू तथा जबलपुर के मटर व सिंघाड़ा सहित जिले के उत्पादों को जीआई टैग दिलाने की प्रकिया में तेजी लाए। मुख्यमंत्री(CM Mohan Yadav) ने कहा है कि किसानों को उनकी मेहनत और उपज का वाजिब मूल्य मिले, उन्हें यह भरोसा दिलाना आवश्यक है। किसानों की उपज के लिए उपयुक्त सुविधाजनक स्थलों पर स्टोरेज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही मंडियों में उपज के मूल्य की जानकारी किसानों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित करें। श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए किसानों को पुरस्कृत करने की व्यवस्था भी हो। दीनदयाल शोध संस्थान कृषि विज्ञान केंद्र जैसी संस्थाओं से किसानों के संवाद निरंतर जारी रहे। उद्यानिकी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि नीमच, मंदसौर में औषधीय कृषि के लिए उद्यानिकी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 22 लाख 72 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में उद्यानिकी फसलें ली जा रही हैं। आगामी 5 वर्ष में 33 लाख 91 हजार हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य है। रीवा के सुंदरजा आम और रतलाम के रियावन लहुसन को जीआई टैग प्राप्त हो चुका है। वहीं खरगोन की लाल मिर्च, जबलपुर के मटर, बुरहानपुर के केले, सिवनी के सीताफल, बरमान नरसिंहपुर के बैंगन, बैतूल के गजरिया आम, इंदौर के मालवी आलू, रतलाम की बालम ककड़ी, जबलपुर के सिंघाड़ा, धार की खुरासानी इमली और इंदौर के मालवी गराडू को जीआइ टैग दिलाने की प्रकिया जारी है।

रंगपंचमी पर करीला मेला में आएंगे सीएम मोहन यादव: कलेक्टर-एसपी ने की तैयारियों की समीक्षा

अशोकनगर देश के एकमात्र सीता माता मंदिर में 18 मार्च से 20 मार्च तक रंगपंचमी मेला लगा है। इस मेले में हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ये मंदिर एमपी के अशोकनगर जिले के करीला में स्थित है और देशभर में ‘मां जानकी मंदिर’ के नाम से प्रसिद्ध है। यहां सीता माता भगवान राम के बिना विराजमान हैं। मेले से एक दिन पहले ही करीब एक लाख श्रद्धालु करीला(Karila Dham) पहुंच गए और इसके लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का दौर शुरू हो गया था। जहां पर 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इस दौरान 250 सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी तो वहीं सुरक्षा में करीब 1500 पुलिस जवान तैनात होंगे। रंगपंचमी पर मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव(CM Mohan Yadav) भी मां जानकी के दर्शन करने पहुंचेंगे। पार्किंग और चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली कलेक्टर ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल, शौचालय, बिजली व्यवस्था, पार्किंग और चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए हेलीपैड की व्यवस्था का निरीक्षण किया। साथ ही सुरक्षा प्रबंधों और मां जानकी माता के दर्शन की व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 1500 पुलिस जवान तैनात मां जानकी मंदिर करीला(Maa Janki Temple Karila) में 18 मार्च से 20 मार्च तक रंगपंचमी(Rang Panchami) मेला लगेगा। सोमवार को सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं व दुकानदार सामान लेकर पहुंचना शुरू हो गए, तो वहीं बड़ी संख्या में महिला-पुरुष पैदल ही करीला के लिए जाते दिखे। पुलिस आरआई शिवमंगलसिंह के मुताबिक, 1500 पुलिस जवान तैनात रहेंगे, जिनमें करीब 800 से अधिक पुलिस जवान बाहर से बुलाए गए हैं जिनमें ग्वालियर, शिवपुरी व गुना का पुलिस बल और एसएएफ की चार कंपनी शामिल रहेंगी। वहीं 19 मार्च को मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव करीला आएंगे, इससे अतिरिक्त पुलिस बल लगेगा और इसके लिए हेलीपेड़ भी बनाया गया है। यह भी खास -श्रद्धालुओं को पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े, इससे रास्तों में ग्रामीणों ने अभी से ट्यूबवेल चालू कर दिए हैं, ताकि रास्तों पर श्रद्धालुओं को आसानी से पानी मिल सके। -कलेक्टर सुभाषकुमार द्विवेदी ने कंपोजिट मदिरा दुकान बंगलाचौराहा व कंपोजिट मदिरा दुकान बहादुरपुर पर 19 मार्च को शराब क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है। -पेयजल के लिए अंडरग्राउंड लाइन बिछाकर मेला क्षेत्र में टोंटियां लगाई गई हैं तो वहीं 250 टैंकर व 13 ट्यूबवेल सहित पानी टंकियों से भी पेयजल की व्यवस्था की गई है। -श्रद्धालुओं को बैठने के लिए कलेक्टर के निर्देश पर पहली बार जिले की सभी जनपद पंचायतें मेला क्षेत्र में बड़े-बड़े टेंट लगा रही हैं, ताकि मेले में श्रद्धालु यहां बैठ सकें। -कंट्रोल रूम बनाया गया है, जरूरत पर श्रद्धालु फोन नंबर 9243982678, 9243980255, 924381883, 9243985103, 9243982659 व 9243993269 पर कॉल करें। दुकानों से 21 लाख रु.से अधिक की राशि की वसूली जनपद पंचायत के मुताबिक मेले में 915 दुकानों के लिए जगह चिन्हित की है और प्रत्येक दुकान की आवंटन राशि ढ़ाई हजार रुपए है। सोमवार शाम तक 726 दुकानों का आवंटन हो गया और इससे 18.15 लाख रुपए की राशि दुकानदारों ने जमा की, हालांकि अभी 189 दुकानें आवंटन के लिए शेष हैं। वहीं फुटपाथ व सडक़ किनारे भी छोटी दुकानें लग गईं, जिनसे करीब तीन लाख रुपए की राशि की वसूली की गई है। इससे मेले में दुकानें लगवाने के एवज में जनपद पंचायत अब तक करीब 21 लाख रुपए की राशि वसूल कर चुकी है। वहीं 189 शेष दुकानों की वजह व अन्य छोटी दुकानें लगने से राशि वसूली की संख्या बढ़ जाएगी।

जनसामान्य की मूलभूत आवश्यकताओं के साथ-साथ उनकी आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी कार्य कर रही है: मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार जनसामान्य की मूलभूत आवश्यकताओं के साथ-साथ उनकी आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी कार्य कर रही है। विश्व में भारत की पहचान हमारे आध्यात्मिक विचारों तथा जियो और जीने दो के सिद्धांत को व्यवहार में क्रियान्वित करने से निर्मित हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भिंड में स्थित अतिशय क्षेत्र बरासों में सुमेरु पर्वत निर्माण के शिलान्यास कार्यक्रम को राजकीय विमानतल भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। बरासों में 414 फीट ऊंचे सुमेरू पर्वत का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की ख्याति सबको जीने का हक देने वाले देश के रूप में रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व में, जीवन के सभी क्षेत्रों में गौरव अर्जित कर रहा है। भारतीय ज्ञान परम्परा के आध्यात्मिक तेज के साथ-साथ विश्व में देश की साख और धाक बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में गौ-पालन को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पहल की जा रही है। प्रदेश में दूध उत्पादन के साथ-साथ दूध के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन पर गौ-पालकों को प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है। गौ-शालाओं को दिए जा रहे अनुदान को भी बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश का स्थान भारत में तीसरा है, हमारा प्रयास प्रदेश को देश में नंबर वन बनाने का है। दूध पर 5 रूपए प्रति लीटर बोनस की व्यवस्था की जाएगी, इससे कृषकों की आय बढ़ेगी और समाज सम्पन्न होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरासों में बनाए जाने वाले स्कूल, कॉलेज, अस्पताल सहित अन्य जनकल्याण कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति के माध्यम से ज्ञानार्जन के क्षेत्र में भी विशेष नवाचार किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरासों के ऐतिहासिक, पुरातात्विक और धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। भिंड के बरासों में आयोजित कार्यक्रम को नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, दिगम्बर संत आचार्य श्री 108 सुबल सागर जी महाराज, परम पूज्य रामदास जी महाराज ने भी संबोधित किया। मंत्री श्री शुक्ला ने यहां बनने वाली गौ-शाला, विद्यालय और अस्पताल आदि के लिए दान देने वाले दानदाताओं तथा अन्य सहयोगियों का आभार माना। आचार्य श्री 108 सुबल सागर जी महाराज ने कहा कि सात्विक, सदाचारी, शाकाहारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में धर्म, संस्कृति और अध्यात्म के क्षेत्र में गतिविधियों का विस्तार हुआ है।  

सीएम की सुरक्षा दस्ते में तैनात भैयालाल प्रजापति को डीएसपी मुख्यालय पदस्थ कर दिया गया

भोपाल  मध्य प्रदेश के सीएम डॉक्टर मोहन यादव की सिक्योरटी और बढ़ा दी है।अब सीएम की सुरक्षा में तीन नए डीएसपी तैनात होंगे, जबकि एक डीएसपी को हटाया जाएगा। इस संबंध में गृह विभाग की तरफ से आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस बदलाव के बाद अब सीएम की सुरक्षा का कोटा भी पूरा हो गया है।चुंकी मुख्यमंत्री के सुरक्षा दस्ते में छह डीएसपी के पद स्वीकृत हैं, जिसमें से दो पद रिक्त थे।अब उनकी सुरक्षा में 3 नए डीएसपी तैनात अफसरों किए गए है जिससे जितने पद खाली थे वे भर गए है। वही सीएम की सुरक्षा दस्ते में तैनात भैयालाल प्रजापति को डीएसपी मुख्यालय पदस्थ कर दिया गया है। इन 3 अफसरों को मिला सीएम की सुरक्षा का जिम्मा मध्य प्रदेश गृह विभाग ने सीएम की सुरक्षा में तैनात एक डीएसपी को हटाकर तीन नए डीएसपी की पोस्टिंग की है। गुरुवार को शासन द्वारा जारी आदेश में एसडीओपी भांडेर-दतिया कर्णिक श्रीवास्तव को उप पुलिस अधीक्षक मुख्यमंत्री सुरक्षा पदस्थ किया गया है। एसडीओपी पवई-पन्ना सौरभ रत्नाकर और सहायक सेनानी आर-एपीटीसी इंदौर हेमेंद्र सूर्यवंशी को भी उप पुलिस अधीक्षक मुख्यमंत्री सुरक्षा पदस्थ किया गया है।ये तीनों अधिकारी अभी अलग-अलग जिम्मेदारियों में थे, लेकिन अब इन्हें सीएम मोहन की सुरक्षा में तैनात किया गया है। फरवरी में सामने आया था सीएम की सुरक्षा में चूक का मामला दरअसल, फरवरी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन के महाकाल मंदिर के पास रुद्रसागर क्षेत्र में बने सम्राट अशोक सेतु के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे। भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा बल भी तैनात किया गया था, इसी दौरान एक संदिग्ध युवक कोट पेंट पहने सुरक्षा घेरा तोड़कर सीएम मोहन यादव के पास पहुंचने की कोशिश कर रहा था, युवक के गले में एक आईडी कार्ड और हाथ में वॉकी-टॉकी भी था। जैसे ही एडिशनल एसपी नितेश भार्गव की नजर उस पर पड़ी पुलिस ने युवक को पकड़ लिया। इसके बाद युवक को हिरासत में लेकर महाकाल थाना भेज दिया गया था।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में वर्चुअली हुए शामिल, आष्टा में हुआ सामूहिक विवाह कार्यक्रम, सामाजिक समरसता का आदर्श

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे लिए यह सुखद अहसास है कि आज आष्टा की पावन धरा पर मुख्यमंत्री कन्या विवाहा और निकाह योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम में एक साथ 990 बेटियां दुल्हन बनी हैं। इनमें 792 जोड़े हिंदू और 198 जोड़े मुस्लिम रीति-रिवाज से परिणय सूत्र में बंधे हैं, यह सामाजिक समरसता का आदर्श उदाहरण है। शादी के बंधन में बंधने वाले 2 जोड़े कल्याणी विवाह योजना एवं 2 जोड़े निशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना के थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आष्टा सीहोर में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री निवास, भोपाल से वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने को आष्टा में हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजकों को बधाई एवं विवाहित दंपतियों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश निरंतर प्रगति कर रहा है। राज्य सरकार भी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र के साथ प्रदेश को समृद्ध बनाने के लिए नीतियों का क्रियान्वयन कर रही है। प्रदेश में योजना के अंतर्गत 19 हजार से अधिक कन्याओं के विवाह संपन्न कराए गए, जिस पर लगभग 115 करोड़ रुपए का व्यय किया गया। प्रदेश में गरीब, बुजुर्ग, कल्याणी एवं दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। सामाजिक पेंशन योजना के अंतर्गत प्रति माह 337 करोड़ रुपए सिंगल क्लिक के माध्यम से वितरित किए गए हैं। प्रदेश में सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। राज्य सरकार सभी पात्र हितग्राहियों को लाडली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में विवाह जन्म -जन्मान्तर तक चलने वाला पवित्र बंधन है। उन्होंने सामूहिक विवाह कार्यक्रम के माध्यम से गृहस्थ जीवन में प्रवेश करने वाले सभी दंपतियों को सुखमय जीवन की मंगलकामनाएं दीं। आष्टा में हुए कार्यक्रम में विधायक श्री गोपाल सिंह इंजीनियर, श्रीमती रचना मेवाड़ा जिला पंचायत अध्यक्ष सीहोर श्रीमती दीक्षा गुणवान जनपद पंचायत अध्यक्ष आष्टा तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री यादव ने कहा- अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रावास में किसी भी तरह की असुविधा न होने पायें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रावास में किसी भी तरह की असुविधा न होने पायें। सभी छात्रावासों में बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। बच्चों को पढ़ने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया जाये। छात्रावास में प्रवेश लेने के बाद विद्यार्थी सिर्फ़ अपनी पढ़ाई पर ही अधिकाधिक ध्यान केंद्रित करें, ऐसा समय प्रबंधन किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की संचालित योजनाओं की वर्तमान प्रगति और आगामी वित्त वर्ष 2024-25 के लिए तैयार योजना प्रस्तावों एवं आवंटन की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अजा वर्ग के लिए सभी कल्याण योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, जिससे समाज के वंचित वर्गों को अधिकतम लाभ मिल सके। डॉ. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू में विधि संकाय प्रारंभ करें मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि 24 जनवरी को महेश्वर में हुई कैबिनेट में महू स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय में विधि संकाय प्रारंभ करने के लिए 25 करोड़ रुपए मंजूर किए गये हैं। विधि संकाय प्रारंभ करने के लिए सभी तैयारियां समय रहते कर ली जायें। प्रमुख सचिव ने बताया कि अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा डॉ. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू (इंदौर) को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 6 करोड़ 40 लाख रुपए की अनुदान राशि जारी की गई है। बैठक में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार कॉश्यप, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण डॉ. ई. रमेश कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास पर विशेष ध्यान प्रमुख सचिव अजा कल्याण डॉ. कुमार ने बताया कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के शैक्षणिक उत्थान के लिए छात्रावासों का संचालन, छात्रवृत्ति योजनाओं का क्रियान्वयन, शिक्षा प्रोत्साहन योजनाएं, अनुदान कार्यक्रम और स्वरोजगार योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। अत्याचार निवारण अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन भी विभाग की विशेष प्राथमिकता में है।  

आर्थिक विकास को मजबूती देने मुख्यमंत्री की लोकल से ग्लोबल तक सतत् यात्रा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने बीते एक वर्ष में औद्योगिक विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने के लिए उन्होंने न केवल रणनीतिक नीतियां बनाईं, बल्कि जमीनी स्तर पर निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए। बीते एक साल में मध्यप्रदेश ने 7 रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन कर विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक संभावनाओं को मजबूती दी। इसके साथ ही 5 प्रमुख रोड शो आयोजित कर निवेशकों के साथ सीधा संवाद किया गया, जिससे प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं को व्यापक मंच मिला। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निवेश आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री ने 3 देशों—यूके, जर्मनी और जापान की यात्रा कर वहां की प्रमुख कंपनियों और निवेशकों से संवाद स्थापित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा आर्थिक विकास को मजबूती देने लोकल से ग्लोबल तक सतत् यात्रा जारी है। इन प्रयासों के फलस्वरूप प्रदेश में निवेश का नया माहौल बना और वैश्विक उद्योग जगत ने मध्यप्रदेश को अपनी विस्तार योजनाओं में प्राथमिकता देना शुरू किया। अब यह यात्रा और आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने वर्ष-2025 को ‘उद्योग वर्ष’ घोषित किया है जिससे औद्योगिक विकास के लिए साल भर गतिविधियां होंगी। भोपाल में 24-25 फरवरी को आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट इस दिशा में एक और बड़ा कदम है, जहां दुनिया भर के निवेशक, उद्योगपति और नीति निर्माता मध्यप्रदेश की अपार संभावनाओं का हिस्सा बनेंगे। यह सतत यात्रा न केवल प्रदेश की औद्योगिक सशक्तिकरण को दर्शाती है, बल्कि इसे देश के अग्रणी औद्योगिक केंद्रों में स्थापित करने की प्रतिबद्धता को भी सिद्ध करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने आर्थिक प्रगति की एक सशक्त और दूरदर्शी कार्य योजना के साथ निवेश आकर्षित करके महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। यह केवल औद्योगिक विस्तार का प्रयास नहीं, बल्कि प्रदेश को एक समृद्ध, आत्म-निर्भर और वैश्विक औद्योगिक केंद्र बनाने की रणनीति का हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में बनाई गई स्पष्ट, दूरगामी और व्यवहारिक नीति ने निवेशकों के विश्वास को मजबूत किया है। सूक्ष्म योजना, सतत् संवाद और ठोस नीतिगत सुधारों के जरिये निवेशकों की जरूरतों के अनुरूप आधारभूत संरचना को विकसित किया गया। इससे मध्यप्रदेश एक आदर्श औद्योगिक स्थान के रूप में उभर रहा है। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र की औद्योगिक क्षमताओं का सूक्ष्म अध्ययन कर स्थानीय से वैश्विक स्तर तक निवेश आकर्षित करने की रणनीति अपनाई गई, जिसका प्रभाव अब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय औद्योगिक मंचों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। संभागीय स्तर पर निवेश अवसरों को सशक्त करने के लिए पहली बार रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए गए। इनमें स्थानीय उद्यमियों, नीति-निर्माताओं और संभावित निवेशकों को एक मंच पर लाकर क्षेत्रीय औद्योगिक क्षमताओं को उजागर किया गया। प्रत्येक संभाग की आर्थिक विशेषताओं के आधार पर उद्योगों को लक्षित किया गया। इससे उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, नर्मदापुरम, शहडोल और सागर में निवेशकों की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। इन आयोजनों से स्पष्ट हुआ कि औद्योगिक विकास को जिला स्तर तक ले जाना न केवल आवश्यक है, बल्कि यह प्रदेश की समग्र आर्थिक प्रगति के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। संभागीय स्तर पर निवेशकों की रुचि और आवश्यकताओं को समझने के बाद इसे राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित किया गया। बेंगलुरु, कोयंबटूर, मुंबई और कोलकाता जैसे औद्योगिक नगरों में रोड-शो आयोजित कर संभावित निवेशकों से सीधा संवाद किया गया। आईटी, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, माइनिंग, नवकरणीय ऊर्जा और वित्तीय क्षेत्र के प्रमुख उद्यमियों से चर्चा कर उनके सुझावों के आधार पर प्रदेश की औद्योगिक नीतियों को और अधिक निवेशक-अनुकूल बनाया गया। राष्ट्रीय स्तर पर निवेश आकर्षित करने के बाद इसे वैश्विक मंच पर ले जाने की दिशा में ठोस प्रयास किए गए। यूके, जर्मनी और जापान में रोड-शो आयोजित कर वैश्विक उद्योग जगत को प्रदेश की क्षमताओं से परिचित कराया गया। निवेशकों को व्यापारिक सुगमता, नीतिगत स्थिरता और विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना की जानकारी दी गई। इससे मध्यप्रदेश में निवेश की संभावना को लेकर निवेशकों का सकारात्मक रूझान देखने को मिला। औद्योगिक अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास, लॉजिस्टिक्स और परिवहन कनेक्टिविटी में सुधार, हवाई यातायात के विस्तार और औद्योगिक गलियारों को एक्सप्रेस-वे से जोड़ने जैसे ठोस कदम उठाए गए। उद्योगों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई और सिंगल विंडो क्लियरेंस प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। इससे निवेशकों को तेजी से मंजूरी मिल सकेगी। औद्योगिक विस्तार के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव भी व्यापक रहे। स्थानीय स्तर पर निवेश बढ़ने से युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिले। इससे पलायन में कमी आई है। वैश्विक कंपनियों की भागीदारी से प्रदेश की तकनीकी दक्षता बढ़ी, जिससे स्टार्ट-अप्स और एमएसएमई सेक्टर को भी नया संबल मिला। औद्योगीकरण के साथ शहरी क्षेत्रों का विस्तार हुआ और प्रदेश की जीवन गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आया। भोपाल में 24-25 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित होने जा रही है। यह आयोजन न केवल प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं को वैश्विक मंच पर स्थापित करेगा, बल्कि इसे भारत के औद्योगिक भविष्य का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में निर्णायक कदम भी साबित होगा।  

मुख्यमंत्री ने जाम में फंसे श्रद्धालुओं को भोजन, पानी और आवास सुविधा मुहैया कराने के दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रयागराज का जो क्षेत्र मध्यप्रदेश से सटा हुआ है, विशेष रूप से रीवांचल इलाका, यहां से अन्य राज्यों के श्रद्धालु बड़ी संख्या में महाकुंभ पहुंच रहे हैं। इसलिए वाहनों के आवागमन से सड़कों पर यातायात का कुछ दबाव बना हुआ है। राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन सभी श्रद्धालुओं के संपर्क में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकुंभ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं से अपील की है कि स्थिति सामान्य होने तक वे एक-दो दिन इस मार्ग से आगे बढ़ने से बचें। महाकुंभ श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा है, उससे व्यवस्थाओं को बनाने में चुनौतियां सामने आ रही हैं। इनसे निपटने के लिए मध्यप्रदेश सरकार पूरी तरह से तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला प्रशासन को निर्देश दिये हैं कि सीमा क्षेत्रों में जहां भी जाम है, वहां यात्रियों के लिए पानी, भोजन और आवास व्यवस्थाएं सुनिश्चत हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में मध्यप्रदेश से प्रयागराज जाने वाले सभी यात्रियों का स्वागत करते हुए कहा कि श्रद्धालु महाकुंभ जाने से पहले पूछताछ कर सुनिश्चित कर लें, कि आगे का रास्ता क्लीयर है या नहीं। यदि जाम की स्थितियां न हो, तभी आगे बढ़ें।  

देवास जिले से सीएम मोहन यादव ने महिलाओं के खातों में सिंगल क्लिक से राशि अंतरित की

देवास लाड़ली बहना योजना के तहत 1.27 करोड़ महिलाओं के खातों में 1,553 करोड़ की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित किए। इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं में करोड़ों रुपये की राशि हितग्राहियों को प्रदान की गई। सीएम ने कहा कि अब बहनों को धीरे-धीरे 3 हजार रुपये दिए जाएंगे। किसानों और पेंशनधारियों को बड़ी सौगात मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण योजना के तहत 81 लाख किसानों के खातों में ₹1,624 करोड़ तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 56 लाख हितग्राहियों को ₹337 करोड़ की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से ट्रांसफर की गई। 144 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री 144 करोड़ रुपये के 53 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इसमें 102 करोड़ रुपये की लागत से 37 विकास कार्यों का लोकार्पण और 42 करोड़ रुपये की लागत से 16 नए विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को देवास जिले की सोनकच्छ तहसील के पीपलरावां में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना और किसान कल्याण योजना के हितग्राही किसानों के खातों में सिंगल क्लिक से राशि अंतरित की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों से संवाद कर योजना के लाभ की जानकारी भी ली। इसके पूर्व कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर दीप प्रज्जवलन कर कन्या पूजन किया। कलश यात्रा का समापन कर पार्वती, कालीसिंध और चम्बल तीनों नदियों के जल से जलाभिषेक किया। कार्यक्रम में उन्होंने संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का नाम लेकर राहुल और सोनिया गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने प्रियंका गांधी को नकली गांधी बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भगवान और सनातन के प्रति दुर्भावना है। गांधी परिवार अयोध्या दर्शन के लिए नहीं गया। प्रयागराज भी नहीं गया। उन्होंने कहा कि रंजीत सागर सिंचाई परियोजना में क्षेत्र के 52 गांव डूबने वाले थे, परंतु अब पार्वती-कालीसिंध- चम्बल लिंक परियोजना से 66 गांव को पानी मिलेगा। उन्होंने घोषणा की कि क्षेत्र के प्रत्येक गांव को पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों के खातों में धीरे धीरे 3 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। गेहूं का समर्थन मूल्य 2600 रुपये प्रति क्विंटल और देहदान करने वालों को गार्ड ऑफ ऑनर की घोषणा भी की।

शहरों में बुनियादी अधोसंरचनात्मक विकास भावी आवश्यकताओं की करेगा पूर्ति : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकास के विजन के अनुरूप प्रदेश के शहरों में विकसित हो रहा बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य की नगरीय आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा। इससे न केवल बढ़ती शहरी आबादी को आवश्यक बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी अपितु शहर समृद्ध और विकसित होंगे। विकास के इस विजन को साकार करने के लिए प्रदेश के 07 शहरों में स्मार्ट-सिटी मिशन चलाया जा रहा है। भोपाल एवं इंदौर का मेट्रोपोलिटिन के रूप में विकास हो रहा है और भोपाल के आसपास के क्षेत्र को सम्मिलित कर राज्य राजधानी क्षेत्र के रूप में विकास की रणनीति का क्रियान्वयन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि स्मार्ट-सिटी परियोजना में शामिल प्रदेश के 7 शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सतना, सागर और उज्जैन में पिछले एक वर्ष में 1253 करोड़ 65 लाख रूपये के 81 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। वर्तमान में इन शहरों में 828 करोड़ रुपए के 43 कार्य प्रगति पर है। ये शहर महत्वपूर्ण अधोसंरचनाओं, प्रभावी सार्वजनिक सेवाओं और सतत् शहरी योजना से लैस आधुनिक शहरी केंद्र बनने के लिए महत्वपूर्ण विकास के दौर से गुजर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्मार्ट-सिटी मिशन-2.0 के अंतर्गत उज्जैन और जबलपुर के लिए 370 करोड़ रूपये का बजट आवंटित किया गया है, जो इन शहरों की अवसंरचना को आधुनिक बनाने में मदद करेगा। इस मिशन का उद्देश्य ऐसे शहरों का निर्माण करना है जो विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान कर सकें और नवाचार और आर्थिक गतिविधि के केंद्र बन सकें, जिससे राज्य के समग्र विकास में योगदान हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारी सरकार भोपाल को एक मेट्रोपोलिटन सिटी में परिवर्तित करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। शहर के विकास की इस योजना में भोपाल को झुग्गी मुक्त बनाने और निवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाने के प्रयास शामिल हैं। भोपाल के शहरी विकास का समर्थन करने के लिए एक प्रमुख परियोजना मेट्रो रेल प्रणाली का निर्माण किया जा रहा है। भोपाल और इंदौर में 14,440 करोड़ रूपये के निवेश से मेट्रो परियोजनाएं लागू की जा रही हैं, जिनसे यातायात सुगम होगा, भीड़-भाड़ कम होगी, सार्वजनिक परिवहन में सुधार होगा और बढ़ती आबादी के लिए यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। स्मार्ट-सिटी योजना के अंतर्गत ही ‘द सिटी इन्वेस्टमेंट्स टू इनोवेट, इंटीग्रेट एण्ड सस्टेन’ (सीआईटीआईआईएस 2.0) प्रोग्राम के कम्पोनेन्ट-1 में राज्य के 2 स्मार्ट सिटी शहर उज्जैन एवं जबलपुर का चयन किया गया है। केन्द्र सरकार की इस योजना के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित कार्यों के लिये चयनित प्रत्येक शहर को 135 करोड़ रूपये की अनुदान राशि मिलेगी। केन्द्र सरकार की स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेटस् अंडर पार्ट-VI के अंतर्गत ‘एक जिला-एक उत्पाद’ के प्रचार-प्रसार और विक्रय के लिये उज्जैन शहर में 284 करोड़ रूपये लागत से यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिये प्रथम किश्त के रूप में 142 करोड़ रूपये की राशि जारी की गई है। योजना से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन के साथ जिलों में छोटे-मझोले व्यापारियों को उनके उत्पादों के विक्रय के लिए स्थान प्राप्त होगा। इसे वर्ष 2025 तक पूरा किये जाने का लक्ष्य तय किया गया है। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा नर्चरिंग नेबरहुड 1.0 के अंतर्गत किये गये कार्यों के लिये जबलपुर और इंदौर स्मार्ट सिटी को सम्मानित किया जा चुका है। जबलपुर स्मार्ट-सिटी द्वारा आंगनवाड़ी, पार्कों का‍विकास और सिविल अस्पतालों में बच्चों के लिये वैक्सीनेशन सेंटर का निर्माण प्रमुख रूप से किया गया है। इंदौर स्मार्ट-सिटी द्वारा सार्वजनिक स्थलों और ज्यादातर बस्तियों में विकास कार्य किये गये हैं। इंदौर स्मार्ट-सिटी में जिज्ञासारत उमंग वाटिका और कर्मरथ आदि कार्य प्रगति पर हैं। सिंचाई और कृषि के क्षेत्र में प्रदेश सरकार ने बुनियादी संरचनाओं के विकास के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है। किसानों के लिए पानी की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2028 तक इसे 1 करोड़ हेक्टेयर तक सिंचित रकबा बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजनाओं से प्रदेश सरकार का यह लक्ष्य आसानी से पूरा हो सकेगा।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live