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रंगपंचमी पर करीला मेला में आएंगे सीएम मोहन यादव: कलेक्टर-एसपी ने की तैयारियों की समीक्षा

अशोकनगर देश के एकमात्र सीता माता मंदिर में 18 मार्च से 20 मार्च तक रंगपंचमी मेला लगा है। इस मेले में हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ये मंदिर एमपी के अशोकनगर जिले के करीला में स्थित है और देशभर में ‘मां जानकी मंदिर’ के नाम से प्रसिद्ध है। यहां सीता माता भगवान राम के बिना विराजमान हैं। मेले से एक दिन पहले ही करीब एक लाख श्रद्धालु करीला(Karila Dham) पहुंच गए और इसके लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का दौर शुरू हो गया था। जहां पर 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इस दौरान 250 सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी तो वहीं सुरक्षा में करीब 1500 पुलिस जवान तैनात होंगे। रंगपंचमी पर मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव(CM Mohan Yadav) भी मां जानकी के दर्शन करने पहुंचेंगे। पार्किंग और चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली कलेक्टर ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल, शौचालय, बिजली व्यवस्था, पार्किंग और चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए हेलीपैड की व्यवस्था का निरीक्षण किया। साथ ही सुरक्षा प्रबंधों और मां जानकी माता के दर्शन की व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 1500 पुलिस जवान तैनात मां जानकी मंदिर करीला(Maa Janki Temple Karila) में 18 मार्च से 20 मार्च तक रंगपंचमी(Rang Panchami) मेला लगेगा। सोमवार को सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं व दुकानदार सामान लेकर पहुंचना शुरू हो गए, तो वहीं बड़ी संख्या में महिला-पुरुष पैदल ही करीला के लिए जाते दिखे। पुलिस आरआई शिवमंगलसिंह के मुताबिक, 1500 पुलिस जवान तैनात रहेंगे, जिनमें करीब 800 से अधिक पुलिस जवान बाहर से बुलाए गए हैं जिनमें ग्वालियर, शिवपुरी व गुना का पुलिस बल और एसएएफ की चार कंपनी शामिल रहेंगी। वहीं 19 मार्च को मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव करीला आएंगे, इससे अतिरिक्त पुलिस बल लगेगा और इसके लिए हेलीपेड़ भी बनाया गया है। यह भी खास -श्रद्धालुओं को पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े, इससे रास्तों में ग्रामीणों ने अभी से ट्यूबवेल चालू कर दिए हैं, ताकि रास्तों पर श्रद्धालुओं को आसानी से पानी मिल सके। -कलेक्टर सुभाषकुमार द्विवेदी ने कंपोजिट मदिरा दुकान बंगलाचौराहा व कंपोजिट मदिरा दुकान बहादुरपुर पर 19 मार्च को शराब क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है। -पेयजल के लिए अंडरग्राउंड लाइन बिछाकर मेला क्षेत्र में टोंटियां लगाई गई हैं तो वहीं 250 टैंकर व 13 ट्यूबवेल सहित पानी टंकियों से भी पेयजल की व्यवस्था की गई है। -श्रद्धालुओं को बैठने के लिए कलेक्टर के निर्देश पर पहली बार जिले की सभी जनपद पंचायतें मेला क्षेत्र में बड़े-बड़े टेंट लगा रही हैं, ताकि मेले में श्रद्धालु यहां बैठ सकें। -कंट्रोल रूम बनाया गया है, जरूरत पर श्रद्धालु फोन नंबर 9243982678, 9243980255, 924381883, 9243985103, 9243982659 व 9243993269 पर कॉल करें। दुकानों से 21 लाख रु.से अधिक की राशि की वसूली जनपद पंचायत के मुताबिक मेले में 915 दुकानों के लिए जगह चिन्हित की है और प्रत्येक दुकान की आवंटन राशि ढ़ाई हजार रुपए है। सोमवार शाम तक 726 दुकानों का आवंटन हो गया और इससे 18.15 लाख रुपए की राशि दुकानदारों ने जमा की, हालांकि अभी 189 दुकानें आवंटन के लिए शेष हैं। वहीं फुटपाथ व सडक़ किनारे भी छोटी दुकानें लग गईं, जिनसे करीब तीन लाख रुपए की राशि की वसूली की गई है। इससे मेले में दुकानें लगवाने के एवज में जनपद पंचायत अब तक करीब 21 लाख रुपए की राशि वसूल कर चुकी है। वहीं 189 शेष दुकानों की वजह व अन्य छोटी दुकानें लगने से राशि वसूली की संख्या बढ़ जाएगी।

जनसामान्य की मूलभूत आवश्यकताओं के साथ-साथ उनकी आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी कार्य कर रही है: मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार जनसामान्य की मूलभूत आवश्यकताओं के साथ-साथ उनकी आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी कार्य कर रही है। विश्व में भारत की पहचान हमारे आध्यात्मिक विचारों तथा जियो और जीने दो के सिद्धांत को व्यवहार में क्रियान्वित करने से निर्मित हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भिंड में स्थित अतिशय क्षेत्र बरासों में सुमेरु पर्वत निर्माण के शिलान्यास कार्यक्रम को राजकीय विमानतल भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। बरासों में 414 फीट ऊंचे सुमेरू पर्वत का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की ख्याति सबको जीने का हक देने वाले देश के रूप में रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व में, जीवन के सभी क्षेत्रों में गौरव अर्जित कर रहा है। भारतीय ज्ञान परम्परा के आध्यात्मिक तेज के साथ-साथ विश्व में देश की साख और धाक बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में गौ-पालन को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पहल की जा रही है। प्रदेश में दूध उत्पादन के साथ-साथ दूध के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन पर गौ-पालकों को प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है। गौ-शालाओं को दिए जा रहे अनुदान को भी बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश का स्थान भारत में तीसरा है, हमारा प्रयास प्रदेश को देश में नंबर वन बनाने का है। दूध पर 5 रूपए प्रति लीटर बोनस की व्यवस्था की जाएगी, इससे कृषकों की आय बढ़ेगी और समाज सम्पन्न होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरासों में बनाए जाने वाले स्कूल, कॉलेज, अस्पताल सहित अन्य जनकल्याण कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति के माध्यम से ज्ञानार्जन के क्षेत्र में भी विशेष नवाचार किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरासों के ऐतिहासिक, पुरातात्विक और धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। भिंड के बरासों में आयोजित कार्यक्रम को नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, दिगम्बर संत आचार्य श्री 108 सुबल सागर जी महाराज, परम पूज्य रामदास जी महाराज ने भी संबोधित किया। मंत्री श्री शुक्ला ने यहां बनने वाली गौ-शाला, विद्यालय और अस्पताल आदि के लिए दान देने वाले दानदाताओं तथा अन्य सहयोगियों का आभार माना। आचार्य श्री 108 सुबल सागर जी महाराज ने कहा कि सात्विक, सदाचारी, शाकाहारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में धर्म, संस्कृति और अध्यात्म के क्षेत्र में गतिविधियों का विस्तार हुआ है।  

सीएम की सुरक्षा दस्ते में तैनात भैयालाल प्रजापति को डीएसपी मुख्यालय पदस्थ कर दिया गया

भोपाल  मध्य प्रदेश के सीएम डॉक्टर मोहन यादव की सिक्योरटी और बढ़ा दी है।अब सीएम की सुरक्षा में तीन नए डीएसपी तैनात होंगे, जबकि एक डीएसपी को हटाया जाएगा। इस संबंध में गृह विभाग की तरफ से आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस बदलाव के बाद अब सीएम की सुरक्षा का कोटा भी पूरा हो गया है।चुंकी मुख्यमंत्री के सुरक्षा दस्ते में छह डीएसपी के पद स्वीकृत हैं, जिसमें से दो पद रिक्त थे।अब उनकी सुरक्षा में 3 नए डीएसपी तैनात अफसरों किए गए है जिससे जितने पद खाली थे वे भर गए है। वही सीएम की सुरक्षा दस्ते में तैनात भैयालाल प्रजापति को डीएसपी मुख्यालय पदस्थ कर दिया गया है। इन 3 अफसरों को मिला सीएम की सुरक्षा का जिम्मा मध्य प्रदेश गृह विभाग ने सीएम की सुरक्षा में तैनात एक डीएसपी को हटाकर तीन नए डीएसपी की पोस्टिंग की है। गुरुवार को शासन द्वारा जारी आदेश में एसडीओपी भांडेर-दतिया कर्णिक श्रीवास्तव को उप पुलिस अधीक्षक मुख्यमंत्री सुरक्षा पदस्थ किया गया है। एसडीओपी पवई-पन्ना सौरभ रत्नाकर और सहायक सेनानी आर-एपीटीसी इंदौर हेमेंद्र सूर्यवंशी को भी उप पुलिस अधीक्षक मुख्यमंत्री सुरक्षा पदस्थ किया गया है।ये तीनों अधिकारी अभी अलग-अलग जिम्मेदारियों में थे, लेकिन अब इन्हें सीएम मोहन की सुरक्षा में तैनात किया गया है। फरवरी में सामने आया था सीएम की सुरक्षा में चूक का मामला दरअसल, फरवरी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन के महाकाल मंदिर के पास रुद्रसागर क्षेत्र में बने सम्राट अशोक सेतु के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे। भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा बल भी तैनात किया गया था, इसी दौरान एक संदिग्ध युवक कोट पेंट पहने सुरक्षा घेरा तोड़कर सीएम मोहन यादव के पास पहुंचने की कोशिश कर रहा था, युवक के गले में एक आईडी कार्ड और हाथ में वॉकी-टॉकी भी था। जैसे ही एडिशनल एसपी नितेश भार्गव की नजर उस पर पड़ी पुलिस ने युवक को पकड़ लिया। इसके बाद युवक को हिरासत में लेकर महाकाल थाना भेज दिया गया था।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में वर्चुअली हुए शामिल, आष्टा में हुआ सामूहिक विवाह कार्यक्रम, सामाजिक समरसता का आदर्श

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे लिए यह सुखद अहसास है कि आज आष्टा की पावन धरा पर मुख्यमंत्री कन्या विवाहा और निकाह योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम में एक साथ 990 बेटियां दुल्हन बनी हैं। इनमें 792 जोड़े हिंदू और 198 जोड़े मुस्लिम रीति-रिवाज से परिणय सूत्र में बंधे हैं, यह सामाजिक समरसता का आदर्श उदाहरण है। शादी के बंधन में बंधने वाले 2 जोड़े कल्याणी विवाह योजना एवं 2 जोड़े निशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना के थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आष्टा सीहोर में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री निवास, भोपाल से वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने को आष्टा में हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजकों को बधाई एवं विवाहित दंपतियों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश निरंतर प्रगति कर रहा है। राज्य सरकार भी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र के साथ प्रदेश को समृद्ध बनाने के लिए नीतियों का क्रियान्वयन कर रही है। प्रदेश में योजना के अंतर्गत 19 हजार से अधिक कन्याओं के विवाह संपन्न कराए गए, जिस पर लगभग 115 करोड़ रुपए का व्यय किया गया। प्रदेश में गरीब, बुजुर्ग, कल्याणी एवं दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। सामाजिक पेंशन योजना के अंतर्गत प्रति माह 337 करोड़ रुपए सिंगल क्लिक के माध्यम से वितरित किए गए हैं। प्रदेश में सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। राज्य सरकार सभी पात्र हितग्राहियों को लाडली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में विवाह जन्म -जन्मान्तर तक चलने वाला पवित्र बंधन है। उन्होंने सामूहिक विवाह कार्यक्रम के माध्यम से गृहस्थ जीवन में प्रवेश करने वाले सभी दंपतियों को सुखमय जीवन की मंगलकामनाएं दीं। आष्टा में हुए कार्यक्रम में विधायक श्री गोपाल सिंह इंजीनियर, श्रीमती रचना मेवाड़ा जिला पंचायत अध्यक्ष सीहोर श्रीमती दीक्षा गुणवान जनपद पंचायत अध्यक्ष आष्टा तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री यादव ने कहा- अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रावास में किसी भी तरह की असुविधा न होने पायें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रावास में किसी भी तरह की असुविधा न होने पायें। सभी छात्रावासों में बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। बच्चों को पढ़ने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया जाये। छात्रावास में प्रवेश लेने के बाद विद्यार्थी सिर्फ़ अपनी पढ़ाई पर ही अधिकाधिक ध्यान केंद्रित करें, ऐसा समय प्रबंधन किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की संचालित योजनाओं की वर्तमान प्रगति और आगामी वित्त वर्ष 2024-25 के लिए तैयार योजना प्रस्तावों एवं आवंटन की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अजा वर्ग के लिए सभी कल्याण योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, जिससे समाज के वंचित वर्गों को अधिकतम लाभ मिल सके। डॉ. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू में विधि संकाय प्रारंभ करें मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि 24 जनवरी को महेश्वर में हुई कैबिनेट में महू स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय में विधि संकाय प्रारंभ करने के लिए 25 करोड़ रुपए मंजूर किए गये हैं। विधि संकाय प्रारंभ करने के लिए सभी तैयारियां समय रहते कर ली जायें। प्रमुख सचिव ने बताया कि अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा डॉ. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू (इंदौर) को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 6 करोड़ 40 लाख रुपए की अनुदान राशि जारी की गई है। बैठक में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार कॉश्यप, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण डॉ. ई. रमेश कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास पर विशेष ध्यान प्रमुख सचिव अजा कल्याण डॉ. कुमार ने बताया कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के शैक्षणिक उत्थान के लिए छात्रावासों का संचालन, छात्रवृत्ति योजनाओं का क्रियान्वयन, शिक्षा प्रोत्साहन योजनाएं, अनुदान कार्यक्रम और स्वरोजगार योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। अत्याचार निवारण अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन भी विभाग की विशेष प्राथमिकता में है।  

आर्थिक विकास को मजबूती देने मुख्यमंत्री की लोकल से ग्लोबल तक सतत् यात्रा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने बीते एक वर्ष में औद्योगिक विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने के लिए उन्होंने न केवल रणनीतिक नीतियां बनाईं, बल्कि जमीनी स्तर पर निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए। बीते एक साल में मध्यप्रदेश ने 7 रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन कर विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक संभावनाओं को मजबूती दी। इसके साथ ही 5 प्रमुख रोड शो आयोजित कर निवेशकों के साथ सीधा संवाद किया गया, जिससे प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं को व्यापक मंच मिला। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निवेश आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री ने 3 देशों—यूके, जर्मनी और जापान की यात्रा कर वहां की प्रमुख कंपनियों और निवेशकों से संवाद स्थापित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा आर्थिक विकास को मजबूती देने लोकल से ग्लोबल तक सतत् यात्रा जारी है। इन प्रयासों के फलस्वरूप प्रदेश में निवेश का नया माहौल बना और वैश्विक उद्योग जगत ने मध्यप्रदेश को अपनी विस्तार योजनाओं में प्राथमिकता देना शुरू किया। अब यह यात्रा और आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने वर्ष-2025 को ‘उद्योग वर्ष’ घोषित किया है जिससे औद्योगिक विकास के लिए साल भर गतिविधियां होंगी। भोपाल में 24-25 फरवरी को आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट इस दिशा में एक और बड़ा कदम है, जहां दुनिया भर के निवेशक, उद्योगपति और नीति निर्माता मध्यप्रदेश की अपार संभावनाओं का हिस्सा बनेंगे। यह सतत यात्रा न केवल प्रदेश की औद्योगिक सशक्तिकरण को दर्शाती है, बल्कि इसे देश के अग्रणी औद्योगिक केंद्रों में स्थापित करने की प्रतिबद्धता को भी सिद्ध करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने आर्थिक प्रगति की एक सशक्त और दूरदर्शी कार्य योजना के साथ निवेश आकर्षित करके महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। यह केवल औद्योगिक विस्तार का प्रयास नहीं, बल्कि प्रदेश को एक समृद्ध, आत्म-निर्भर और वैश्विक औद्योगिक केंद्र बनाने की रणनीति का हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में बनाई गई स्पष्ट, दूरगामी और व्यवहारिक नीति ने निवेशकों के विश्वास को मजबूत किया है। सूक्ष्म योजना, सतत् संवाद और ठोस नीतिगत सुधारों के जरिये निवेशकों की जरूरतों के अनुरूप आधारभूत संरचना को विकसित किया गया। इससे मध्यप्रदेश एक आदर्श औद्योगिक स्थान के रूप में उभर रहा है। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र की औद्योगिक क्षमताओं का सूक्ष्म अध्ययन कर स्थानीय से वैश्विक स्तर तक निवेश आकर्षित करने की रणनीति अपनाई गई, जिसका प्रभाव अब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय औद्योगिक मंचों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। संभागीय स्तर पर निवेश अवसरों को सशक्त करने के लिए पहली बार रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए गए। इनमें स्थानीय उद्यमियों, नीति-निर्माताओं और संभावित निवेशकों को एक मंच पर लाकर क्षेत्रीय औद्योगिक क्षमताओं को उजागर किया गया। प्रत्येक संभाग की आर्थिक विशेषताओं के आधार पर उद्योगों को लक्षित किया गया। इससे उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, नर्मदापुरम, शहडोल और सागर में निवेशकों की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। इन आयोजनों से स्पष्ट हुआ कि औद्योगिक विकास को जिला स्तर तक ले जाना न केवल आवश्यक है, बल्कि यह प्रदेश की समग्र आर्थिक प्रगति के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। संभागीय स्तर पर निवेशकों की रुचि और आवश्यकताओं को समझने के बाद इसे राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित किया गया। बेंगलुरु, कोयंबटूर, मुंबई और कोलकाता जैसे औद्योगिक नगरों में रोड-शो आयोजित कर संभावित निवेशकों से सीधा संवाद किया गया। आईटी, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, माइनिंग, नवकरणीय ऊर्जा और वित्तीय क्षेत्र के प्रमुख उद्यमियों से चर्चा कर उनके सुझावों के आधार पर प्रदेश की औद्योगिक नीतियों को और अधिक निवेशक-अनुकूल बनाया गया। राष्ट्रीय स्तर पर निवेश आकर्षित करने के बाद इसे वैश्विक मंच पर ले जाने की दिशा में ठोस प्रयास किए गए। यूके, जर्मनी और जापान में रोड-शो आयोजित कर वैश्विक उद्योग जगत को प्रदेश की क्षमताओं से परिचित कराया गया। निवेशकों को व्यापारिक सुगमता, नीतिगत स्थिरता और विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना की जानकारी दी गई। इससे मध्यप्रदेश में निवेश की संभावना को लेकर निवेशकों का सकारात्मक रूझान देखने को मिला। औद्योगिक अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास, लॉजिस्टिक्स और परिवहन कनेक्टिविटी में सुधार, हवाई यातायात के विस्तार और औद्योगिक गलियारों को एक्सप्रेस-वे से जोड़ने जैसे ठोस कदम उठाए गए। उद्योगों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई और सिंगल विंडो क्लियरेंस प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। इससे निवेशकों को तेजी से मंजूरी मिल सकेगी। औद्योगिक विस्तार के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव भी व्यापक रहे। स्थानीय स्तर पर निवेश बढ़ने से युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिले। इससे पलायन में कमी आई है। वैश्विक कंपनियों की भागीदारी से प्रदेश की तकनीकी दक्षता बढ़ी, जिससे स्टार्ट-अप्स और एमएसएमई सेक्टर को भी नया संबल मिला। औद्योगीकरण के साथ शहरी क्षेत्रों का विस्तार हुआ और प्रदेश की जीवन गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आया। भोपाल में 24-25 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित होने जा रही है। यह आयोजन न केवल प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं को वैश्विक मंच पर स्थापित करेगा, बल्कि इसे भारत के औद्योगिक भविष्य का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में निर्णायक कदम भी साबित होगा।  

मुख्यमंत्री ने जाम में फंसे श्रद्धालुओं को भोजन, पानी और आवास सुविधा मुहैया कराने के दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रयागराज का जो क्षेत्र मध्यप्रदेश से सटा हुआ है, विशेष रूप से रीवांचल इलाका, यहां से अन्य राज्यों के श्रद्धालु बड़ी संख्या में महाकुंभ पहुंच रहे हैं। इसलिए वाहनों के आवागमन से सड़कों पर यातायात का कुछ दबाव बना हुआ है। राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन सभी श्रद्धालुओं के संपर्क में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकुंभ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं से अपील की है कि स्थिति सामान्य होने तक वे एक-दो दिन इस मार्ग से आगे बढ़ने से बचें। महाकुंभ श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा है, उससे व्यवस्थाओं को बनाने में चुनौतियां सामने आ रही हैं। इनसे निपटने के लिए मध्यप्रदेश सरकार पूरी तरह से तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला प्रशासन को निर्देश दिये हैं कि सीमा क्षेत्रों में जहां भी जाम है, वहां यात्रियों के लिए पानी, भोजन और आवास व्यवस्थाएं सुनिश्चत हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में मध्यप्रदेश से प्रयागराज जाने वाले सभी यात्रियों का स्वागत करते हुए कहा कि श्रद्धालु महाकुंभ जाने से पहले पूछताछ कर सुनिश्चित कर लें, कि आगे का रास्ता क्लीयर है या नहीं। यदि जाम की स्थितियां न हो, तभी आगे बढ़ें।  

देवास जिले से सीएम मोहन यादव ने महिलाओं के खातों में सिंगल क्लिक से राशि अंतरित की

देवास लाड़ली बहना योजना के तहत 1.27 करोड़ महिलाओं के खातों में 1,553 करोड़ की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित किए। इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं में करोड़ों रुपये की राशि हितग्राहियों को प्रदान की गई। सीएम ने कहा कि अब बहनों को धीरे-धीरे 3 हजार रुपये दिए जाएंगे। किसानों और पेंशनधारियों को बड़ी सौगात मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण योजना के तहत 81 लाख किसानों के खातों में ₹1,624 करोड़ तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 56 लाख हितग्राहियों को ₹337 करोड़ की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से ट्रांसफर की गई। 144 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री 144 करोड़ रुपये के 53 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इसमें 102 करोड़ रुपये की लागत से 37 विकास कार्यों का लोकार्पण और 42 करोड़ रुपये की लागत से 16 नए विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को देवास जिले की सोनकच्छ तहसील के पीपलरावां में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना और किसान कल्याण योजना के हितग्राही किसानों के खातों में सिंगल क्लिक से राशि अंतरित की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों से संवाद कर योजना के लाभ की जानकारी भी ली। इसके पूर्व कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर दीप प्रज्जवलन कर कन्या पूजन किया। कलश यात्रा का समापन कर पार्वती, कालीसिंध और चम्बल तीनों नदियों के जल से जलाभिषेक किया। कार्यक्रम में उन्होंने संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का नाम लेकर राहुल और सोनिया गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने प्रियंका गांधी को नकली गांधी बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भगवान और सनातन के प्रति दुर्भावना है। गांधी परिवार अयोध्या दर्शन के लिए नहीं गया। प्रयागराज भी नहीं गया। उन्होंने कहा कि रंजीत सागर सिंचाई परियोजना में क्षेत्र के 52 गांव डूबने वाले थे, परंतु अब पार्वती-कालीसिंध- चम्बल लिंक परियोजना से 66 गांव को पानी मिलेगा। उन्होंने घोषणा की कि क्षेत्र के प्रत्येक गांव को पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों के खातों में धीरे धीरे 3 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। गेहूं का समर्थन मूल्य 2600 रुपये प्रति क्विंटल और देहदान करने वालों को गार्ड ऑफ ऑनर की घोषणा भी की।

शहरों में बुनियादी अधोसंरचनात्मक विकास भावी आवश्यकताओं की करेगा पूर्ति : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकास के विजन के अनुरूप प्रदेश के शहरों में विकसित हो रहा बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य की नगरीय आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा। इससे न केवल बढ़ती शहरी आबादी को आवश्यक बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी अपितु शहर समृद्ध और विकसित होंगे। विकास के इस विजन को साकार करने के लिए प्रदेश के 07 शहरों में स्मार्ट-सिटी मिशन चलाया जा रहा है। भोपाल एवं इंदौर का मेट्रोपोलिटिन के रूप में विकास हो रहा है और भोपाल के आसपास के क्षेत्र को सम्मिलित कर राज्य राजधानी क्षेत्र के रूप में विकास की रणनीति का क्रियान्वयन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि स्मार्ट-सिटी परियोजना में शामिल प्रदेश के 7 शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सतना, सागर और उज्जैन में पिछले एक वर्ष में 1253 करोड़ 65 लाख रूपये के 81 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। वर्तमान में इन शहरों में 828 करोड़ रुपए के 43 कार्य प्रगति पर है। ये शहर महत्वपूर्ण अधोसंरचनाओं, प्रभावी सार्वजनिक सेवाओं और सतत् शहरी योजना से लैस आधुनिक शहरी केंद्र बनने के लिए महत्वपूर्ण विकास के दौर से गुजर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्मार्ट-सिटी मिशन-2.0 के अंतर्गत उज्जैन और जबलपुर के लिए 370 करोड़ रूपये का बजट आवंटित किया गया है, जो इन शहरों की अवसंरचना को आधुनिक बनाने में मदद करेगा। इस मिशन का उद्देश्य ऐसे शहरों का निर्माण करना है जो विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान कर सकें और नवाचार और आर्थिक गतिविधि के केंद्र बन सकें, जिससे राज्य के समग्र विकास में योगदान हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारी सरकार भोपाल को एक मेट्रोपोलिटन सिटी में परिवर्तित करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। शहर के विकास की इस योजना में भोपाल को झुग्गी मुक्त बनाने और निवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाने के प्रयास शामिल हैं। भोपाल के शहरी विकास का समर्थन करने के लिए एक प्रमुख परियोजना मेट्रो रेल प्रणाली का निर्माण किया जा रहा है। भोपाल और इंदौर में 14,440 करोड़ रूपये के निवेश से मेट्रो परियोजनाएं लागू की जा रही हैं, जिनसे यातायात सुगम होगा, भीड़-भाड़ कम होगी, सार्वजनिक परिवहन में सुधार होगा और बढ़ती आबादी के लिए यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। स्मार्ट-सिटी योजना के अंतर्गत ही ‘द सिटी इन्वेस्टमेंट्स टू इनोवेट, इंटीग्रेट एण्ड सस्टेन’ (सीआईटीआईआईएस 2.0) प्रोग्राम के कम्पोनेन्ट-1 में राज्य के 2 स्मार्ट सिटी शहर उज्जैन एवं जबलपुर का चयन किया गया है। केन्द्र सरकार की इस योजना के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित कार्यों के लिये चयनित प्रत्येक शहर को 135 करोड़ रूपये की अनुदान राशि मिलेगी। केन्द्र सरकार की स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेटस् अंडर पार्ट-VI के अंतर्गत ‘एक जिला-एक उत्पाद’ के प्रचार-प्रसार और विक्रय के लिये उज्जैन शहर में 284 करोड़ रूपये लागत से यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिये प्रथम किश्त के रूप में 142 करोड़ रूपये की राशि जारी की गई है। योजना से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन के साथ जिलों में छोटे-मझोले व्यापारियों को उनके उत्पादों के विक्रय के लिए स्थान प्राप्त होगा। इसे वर्ष 2025 तक पूरा किये जाने का लक्ष्य तय किया गया है। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा नर्चरिंग नेबरहुड 1.0 के अंतर्गत किये गये कार्यों के लिये जबलपुर और इंदौर स्मार्ट सिटी को सम्मानित किया जा चुका है। जबलपुर स्मार्ट-सिटी द्वारा आंगनवाड़ी, पार्कों का‍विकास और सिविल अस्पतालों में बच्चों के लिये वैक्सीनेशन सेंटर का निर्माण प्रमुख रूप से किया गया है। इंदौर स्मार्ट-सिटी द्वारा सार्वजनिक स्थलों और ज्यादातर बस्तियों में विकास कार्य किये गये हैं। इंदौर स्मार्ट-सिटी में जिज्ञासारत उमंग वाटिका और कर्मरथ आदि कार्य प्रगति पर हैं। सिंचाई और कृषि के क्षेत्र में प्रदेश सरकार ने बुनियादी संरचनाओं के विकास के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है। किसानों के लिए पानी की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2028 तक इसे 1 करोड़ हेक्टेयर तक सिंचित रकबा बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजनाओं से प्रदेश सरकार का यह लक्ष्य आसानी से पूरा हो सकेगा।  

पीएससी अंतर्गत तीन वर्ष के पद एक ही वर्ष में भरे जाएंगे, परीक्षाएं होंगी अलग-अलग: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 12 जनवरी स्वामी विवेकानंद की जयंती को युवा दिवस के रूप में मनाने की परंपरा आरंभ की गई है। युवा अपने सपनों को साकार करें, जीवन में आगे बढ़ें, प्रदेश और समाज को आगे बढ़ाएं, इस उद्देश्य से राज्य सरकार सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए तत्पर है। युवाओं के जीवन में एक नया सूर्य ऊगे, वे अपने जीवन को आलौकिक करें, अपनी ऊर्जा का समाज हित में उपयोग करें, युवा दिवस के संदर्भ में युवाओं से यही अपील है। इसी क्रम में राज्य सरकार 12 जनवरी से प्रदेश में स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन का क्रियान्वयन भी आरंभ कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा दिवस के अवसर पर प्रदेश की लाड़ली बहनों को जनवरी माह की अनुदान राशि का अंतरण कालापीपल जिला शाजापुर से किया जाएगा। युवाओं को उन्नति और प्रगति के सभी अवसर प्राप्त हों इस उद्देश्य से राज्य सरकार बहुआयामी गतिविधियां संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में बैकलॉग के पदों को भरने जा रही है। पीएससी के अंतर्गत गत तीन वर्ष के जो पद हैं, उनको ही एक ही वर्ष में तीन अलग-अलग परीक्षा कराकर भरने का निर्णय भी लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का मुख्य आधार प्रदेश की युवा शक्ति है। युवाओं को प्रदेश में ही रोजगार के अवसर प्राप्त हों, इस उद्देश्य से कौशल उन्नयन और प्रशिक्षण की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। प्रदेश में आरंभ हुए रीवा, उज्जैन सहित अन्य आई.टी. पार्कों के माध्यम से युवाओं को अपनी योग्यता और क्षमता के आधार पर प्रदेश में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के परिणामस्वरूप रोजगार की संभावनाओं में वृद्धि के साथ ही शासकीय विभागों में भर्ती की प्रक्रिया जारी है। प्रदेश में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में कई नवाचार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज आरंभ किए गए हैं। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में आयुर्वेद, एलोपैथी, होम्योपैथी के कॉलेज आरंभ किए जा रहे हैं। पीपीपी मॉडल को सम्मिलित करते हुए 2 वर्ष में 25 मेडिकल कॉलेज आरंभ किए जाएंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- बिजली के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को आदर्श राज्य बनायें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बिजली के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को आदर्श राज्य बनायें। ऐसी कार्य-योजना बनायें कि उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ाये बगैर बिजली सब्सिडी का भार कम किया जा सके। उन्होंने यह निर्देश मंत्रालय में ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों के क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य को गति दें। इससे होने वाले लाभों के बारे में उपभोक्ताओं को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जले एवं खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को समय-सीमा में बदला जाये। जल्द स्वीकृत होगी संगठनात्मक संरचना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिये सभी बिजली कम्पनियों की संगठनात्मक संरचना (ओ.एस.) का प्रस्ताव प्रस्तुत करें। जल्द ही इसे स्वीकृत किया जायेगा। 30 लाख किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जायेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 30 लाख किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लक्ष्य को पूरा करने के लिये सुनियोजित कार्य-योजना बनायें। इसकी समय-सीमा तय होना चाहिये। इससे बिजली सब्सिडी में भी कमी आयेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध करायें। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने संगठनात्मक संरचना स्वीकृत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ट्रांसफार्मर एवं बिजली लाइनों के मेंटीनेंस की कार्य-योजना बनाने और अवैध बस्तियों में रहने वाले लोगों को बिजली कनेक्शन देने की बात कही। 12 लाख 57 हजार स्मार्ट मीटर लगाये गये बैठक में बताया गया कि आरडीएसएस योजना में 12 लाख 57 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर लगाये जा चुके हैं। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 6 लाख 70 हजार 644, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 77 हजार 100 और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 5 लाख 9 हजार 338 स्मार्ट मीटर लगाये जा चुके हैं। बैठक में अटल गृह ज्योति, अटल किसान ज्योति योजना सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर जरूरी निर्देश दिये गये। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री नीरज मण्डलोई ने विभागीय योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। इस दौरान मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने किया निर्माणाधीन कला संकुल का अवलोकन, मई माह में होगा पूर्ण

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर को कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिलेगी। यहाँ कला एवं संस्कृति के क्षेत्र का गौरव कला संकुल मई माह में बनकर पूरी तरह से तैयार हो जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को इंदौर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत निर्माणाधीन कला संकुल का अवलोकन किया। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 35 करोड़ रूपये की लागत वाला कला संकुल एमजी रोड पर मराठी स्कूल की जमीन पर इंदौर स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा बनाया जा रहा है। कला संकुल परिसर के निर्माण का काम अंतिम चरण में है। अवलोकन के दौरान पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री रमेश मेंदोला, कलेक्टर श्री आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री शिवम वर्मा, स्मार्ट सिटी के सीईओ श्री दिव्यांक सिंह सहित जन-प्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर श्रीमती महाजन ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कला संकुल के बारे में बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में तैयार हो रहे कला क्षेत्र के इस बड़े गौरव की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव को कलेक्टर श्री आशीष सिंह और श्री दिव्यांक सिंह ने कला संकुल की प्रगति के बारे में बताया। कला संकुल से मिलेगा पौराणिक कला एवं संस्कृति को बढ़ावा इन्दौर नगर निगम द्वारा इन्दौर शहर में कला क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास को ध्यान में रखते हुए शहर के कला एवं संस्कृति क्षेत्र से जुड़े अनेक कलाकारों के लिये उचित संस्थान देने के लिये यह संकुल तैयार किया जा रहा है। इससे शहर की अपनी पौराणिक कला एवं संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। कला एवं संस्कृति को प्रोत्साहन देने हेतु इन्दौर नगर निगम द्वारा जन-प्रतिनिधियों के मार्गदर्शन एवं कला और संस्कृति से जुडे़ कलाकारों के साथ विचार-विमर्श कर शहर के मध्य क्षेत्र में स्थित जीर्ण-शीर्ण मराठी स्कूल भवन की उक्त भूमि पर सर्वसुविधा युक्त इससे कला संकुल की परियोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। कला संकुल का निर्माण अंतिम चरण में है, अगले मई माह में इस कला संकुल का निर्माण कार्य पूर्ण हो जायेगा। इसके तैयार होने से शहर एवं देश-प्रदेश से जुड़े कलाकारों को सांस्कृतिक और कला गतिविधियों के आयोजन के लिये बेहतर मंच मिल सकेगा। यह संकुल एक लाख 70 हजार वर्गफीट क्षेत्र में तैयार हो रहा है। तलघर के अलावा इसमें तल मंजिल, प्रथम मंजिल, द्वितीय मंजिल तथा तृतीय मंजिल है। इसमें 11850 स्क्वायर फीट का ओपन एयर एम्फीथियेटर बनाया गया है। इसकी क्षमता 500 की है। इसी तरह 6620 वर्ग फीट में एक मल्टीपरपज हॉल बनाया गया है, इसकी क्षमता 400 है। इसी तरह 550 दर्शकों की क्षमता का 7230 वर्गफीट में ऑडिटोरियम भी निर्मित किया गया है। साथ ही 1313 वर्गफीट में आर्ट गैलरी, 9092 वर्गफीट में डाँस एण्ड ड्रामा हॉल, 1314 वर्ग फीट में लायब्रेरी बनायी गयी है। भवन में रेस्टोरेंट और फूड कोर्ट की व्यवस्था भी रहेगी। मराठी कला संकुल में होने वाले सांस्कृतिक व अन्य आयोजनों में आने वाले कलाकारों के ठहरने की भी उत्तम व्यवस्था होगी। यहाँ 08 शयनकक्षों का निर्माण किया गया है। इसके अलावा 20-20 व्यक्तियों के ठहरने के लिये 04 डोरमेट्री भी तैयार की गयी है। कला संकुल की साज-सजावट और उसे अंतिम रूप देने का कार्य चल रहा है। तलघर में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था की गयी है। पार्किंग का एक प्रवेश द्वार एम.जी.रोड़ मुख्य मार्ग पर और एक द्वार शिवाजी मार्केट मार्ग पर होगा। भवन में भव्य  प्रवेश पोडियम एवं स्वागत क्षेत्र का निर्माण किया गया है। संकुल का सुचारू रूप से संचालन एवं संधारण करने के लिये कला संबंधी दुकानों का निर्माण किया गया है, जिसमें 300-400 वर्गफीट की 09 दुकानें एवं 1600 वर्गफीट के डबल हाईट 04 शोरूम का निर्माण किया गया है। संकुल में लिफ्ट की व्यवस्था भी है। संकुल में वातानुकूल की व्यवस्था की जायेगी। सर्व सुविधायुक्त 20 शौचालयों का निर्माण किया गया है। कलाकारों के लिये ग्रीन रूम, फोटो गैलेरी, संगीत एवं कला संबंधी पुस्तकालय, नृत्य एवं नाट्यों के अभ्यास के लिये 04 अभ्यास कक्ष एवं बहुउद्देशीय हॉल का प्रावधान है।

मुख्यमंत्री यादव ने जनभावनाओं का आदर करते हुए पीथमपुर में फिलहाल यूनियन कार्बाइड का कचरा नहीं जलाने का फैसला किया

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनभावनाओं का आदर करते हुए पीथमपुर में फिलहाल यूनियन कार्बाइड का कचरा नहीं जलाने का फैसला किया है। राजधानी भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड संयंत्र में जमा रासायनिक कचरे को जलाने के लिए पीथमपुर ले जाने पर जनता की ओर से काफी विरोध हुआ है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार की देर रात को अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाई और साथ ही ऐलान किया कि सरकार जनता का अहित किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस मामले पर सरकार के रुख की ताजा अपडेट दी। उन्होंने लिखा, “हमारी सरकार ने पीथमपुर घटना के बारे में संज्ञान लिया है। हमारी सरकार जनकल्याणकारी, जनहितैषी तथा जन भावनाओं का आदर करती है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में यूनियन कार्बाइड के कचरे का परिवहन पीथमपुर में किया गया है। “जनभावनाओं का आदर करते हुए माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष समस्त परिस्थितियों एवं व्यावहारिक कठिनाइयों के बारे में अवगत कराया जाएगा। इस संबंध में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा एवं राजेंद्र शुक्ला, कैबिनेट के साथी कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, धार विधायक नीना विक्रम वर्मा, मुख्य सचिव सहित उच्च अधिकारियों के साथ अति आवश्यक बैठक ली।” उन्होंने आगे कहा, “मैं जनता से अपील करता हूं कि किसी भी अफवाह या भ्रम की खबरों पर विश्वास नहीं करे। मैं और मेरी सरकार आपके साथ है।” उल्लेखनीय है कि भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड संयंत्र परिक्षेत्र में बीते 40 साल से रासायनिक कचरा जमा था, जिसे न्यायालय के निर्देश पर पीथमपुर ले जाया गया है। इस कचरे को रामकी इंडस्ट्रीज में जलाया जाना है। सरकार की ओर से की गई इस कोशिश का इंदौर सहित पीथमपुर और अन्य स्थानों पर विरोध शुरू हो गया है। पीथमपुर में तो दो युवकों ने आत्मदाह करने तक की कोशिश की। इंदौर तथा आसपास के इलाकों में बढ़ते विरोध को देखते हुए राज्य सरकार ने विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ जनप्रतिनिधियों से भी संवाद किया है। सभी को न्यायालय के आदेश के बारे में बताया गया। साथ ही किसी भी तरह का नुकसान न होने का भी दावा किया गया है। मुख्यमंत्री निवास पर शुक्रवार की रात को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में यूनियन कार्बाइड के कचरे के परिवहन एवं पीथमपुर के निकट डंप एवं निष्पादन किए जाने के संबंध में वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ ही विधिवेत्ताओं से विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और हाईकोर्ट के आदेश के परिपालन में यूनियन कार्बाइड का कचरा पीथमपुर पहुंचाने का परिपालन किया गया है। हमने न्यायालय की याचिकाओं और आदेशों के तारतम्य में सुरक्षा मापदंडों का परिपालन करते हुए केवल परिवहन किया है। न्यायालय को 6 जनवरी तक इसकी रिपोर्ट अपेक्षित थी। सुरक्षा के मापदंडों पर किसी प्रकार से कोई खतरा या कोई डर का भाव जनता के बीच आया तो राज्य सरकार यह प्रयास करेगी कि न्यायालय के समक्ष यह विषय प्रस्तुत हो। इसके बाद न्यायालय जैसा आदेश देगा, हम उसका पालन करने के लिए तत्पर रहेंगे। तब तक हम आगे नहीं बढ़ेंगे।  

मुख्यमंत्री यादव ने कहा- दुनिया के सभी देश, भारत की सनातन संस्कृति को समझने की जिज्ञासा रखते हैं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दुनिया के सभी देश, भारत की सनातन संस्कृति को समझने की जिज्ञासा रखते हैं। भारत को जानने के लिए भारत में प्राचीनकाल से चली आ रही सनातन संस्कृति को जानना आवश्यक है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्राचीनकाल से चली आ रही भारत की योग परंपरा को संयुक्त राष्ट्र संघ से पूरे विश्व में मान्यता दिलाई स्थापित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नाथ संप्रदाय ने दुनिया को योग का वास्तविक अर्थ समझाया है। आदि गुरु गोरखनाथ के मार्गदर्शन में योग के विश्व के सर्वाधिक प्रसार में नाथ संप्रदाय का प्रमुख योगदान रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को बुधनी तहसील के ग्राम जर्रापुर में आयोजित नाथ संप्रदाय के संत समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य की आत्मा में परमात्मा विराजमान हैं। उन परमात्मा को जानने का सबसे सुगम माध्यम योग है। गुरू गोरखनाथ अपनी योग्यता एवं कुशलता से अपने जीवन में आने वाली सभी कठिनाइयों एवं विपरीत परिस्थितियों को भी अपने अनुकूल बना लेते थे। यह सत्य है कि जिसका जन्म हुआ है, उसकी मृत्यु निश्चित है। मृत्यु से पहले अपने आप को जानने की कला गुरू गोरखनाथ ने दुनिया को सिखाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि भारत की भूमि पर ऐसे संत हुए है, जिन्होंने इस भूमि को अपनी जन-कल्याण की भावना से पावन किया है। गंगा अपना अमृत समान जिस प्रकार जल सभी प्राणियों को निस्वार्थ भाव से उनके कल्याण के लिए प्रदान करती है, उसी प्रकार संत अपने जीवन के सभी सुखों को त्याग कर सभी प्राणियों एवं समाज के कल्याण के लिए कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरू गोरखनाथ ने संत श्री भृतहरी के जीवन में आत्म चेतना को जगा कर उनका जीवन बदल दिया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राचीनकाल से ही विश्व में अनेक संस्कृतियां रही हैं, पर समय के साथ अनेक संस्कृतियां विलुप्त हो गई पर भारत की सनातन संस्कृति अपनी मानव कल्याण की भावना के साथ सदैव अक्षुण बनी रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत का वर्चस्व पूरी दुनिया में बढ़ रहा है। आज जब हमारे देश में विदेश से अतिथि आते है तो वे भारत की संस्कृति से बहुत प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि रामायण, महाभारत, श्रीमदभगवत गीता हमारे भारत की सनातन संस्कृति के पवित्र ग्रंथ है। हमें इनका अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करना चाहिए। ये ग्रंथ हमारे भारत में प्राचीनकाल से प्रचलित सनातन संस्कृति की पहचान भी है। उन्होंने संतों की मांग पर बुधनी में नर्मदा के किनारे घाट निर्माण कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार साधु संतों की सेवा के निरंतर तत्पर है और उनकी आवश्यकतानुसार उज्जैन में भी आश्रम के लिये वैधानिक तौर पर भूमि उपलब्ध कराई जायेगी। गुरू पार्श्वनाथ जी, योगी बालकनाथ जी एवं राज्यसभा सदस्य बाल योगी श्री उमेशनाथ ने भी संबोधित किया। महंत श्री नरहरि नाथ जी, योगी श्री कृष्ण नाथ जी महाराज, महंत श्री पंचम नाथ जी, महंत श्री रूपनाथ जी, महंत सूरज नाथ जी सहित देश भर से आए नाथ संप्रदाय के साधु संत शामिल हुए। संत समारोह में राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, नर्मदापुरम सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी, सांसद श्रीमती माया नारोलिया, बुधनी विधायक श्री रमाकांत भार्गव, सोहागपुर विधायक श्री विजयपाल सिंह, आष्टा विधायक श्री गोपाल सिंह इंजीनियर सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी मौजूद रहे।  

मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार 11 दिसंबर को गीता जयंती पर पूरे प्रदेश में अंतर्राष्‍ट्रीय गीता महोत्‍सव मनाया जायेगा

भोपाल मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार 11 दिसंबर को गीता जयंती पर पूरे प्रदेश में अंतर्राष्‍ट्रीय गीता महोत्‍सव मनाया जायेगा। उज्‍जैन में 8 से 12 दिसंबर तक कालिदास संस्‍कृत अकादमी परिसर में महोत्‍सव होगा। राजधानी भोपाल में 11 दिसंबर को मोतीलाल नेहरू स्‍टेडियम में मुख्‍य समारोह होगा। इंदौर के लता मंगेशकर सभागार में सांस्‍कृतिक संध्‍या होगी। जिला मुख्‍यालयों में श्रीकृष्‍ण परंपरा आधारित सांस्‍कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ जिला कारागार में श्रीमदभागवद् गीता के कर्मयोग अध्‍याय का पाठ किया जायेगा। महाराजा विक्रमादित्‍य शोधपीठ द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में ख्‍यात गीतकार श्री मनोज मुन्‍तशिर, मोटिवेशनल स्‍पीकर श्री विवेक बिन्‍द्रा, गायिका स्‍वस्ति मेहुल, साधो बैण्‍ड सहित कई वैष्‍णव परंपरा आधारित सांस्‍कृतिक नाट्य दलों द्वारा प्रस्‍तुति दी जायेगी।इसके अलावा संपूर्ण मध्‍यप्रदेश में गौ एवं गोपाल तथा श्रीमदभवद् गीता पुराण आधारित चित्र प्रदर्शनी लगायी जायेगी। विरासत और विकास से जोड़ेगी श्रीकृष्ण पाथेय योजना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण भारत में नवजागरण, उत्कर्ष और राष्ट्रीय अस्मिता के उज्ज्वल प्रतीक हैं। वे योगीराज-युगपुरुष-न्याय प्रिय-जगतगुरु हैं। वे साहित्य, संस्कृति, विज्ञान, गौवंश, कृषि और जल संवर्धन के प्रेरक तथा भारतीय सांस्कृतिक प्रभामंडल के सर्वमान्य प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण से प्रेरणा के लिए श्रीकृष्ण पाथेय योजना आरंभ की गयी है। यह योजना भगवान श्रीकृष्ण की मथुरा से लेकर उज्जैन, अमरावती, कुरुक्षेत्र, द्वारिका क्षेत्रों की यात्राओं तथा इन यात्राओं के दौरान भगवान श्रीकृष्ण द्वारा युगपरिवर्तनकारी कार्यों की फिर से पहचान और उनकी अद्वितीय विरासत से समाज के विकास का पथ खोजना मध्‍यप्रदेश सरकार का संकल्प है। गीता भारतीय के दर्शन और चिंतन का मूल आधार उल्लेखनीय है कि श्रीमद्भगवद् गीता भारतीय के दर्शन और चिंतन का मूल आधार है, जो सद्कर्म के माध्‍यम से मनुष्‍य को अपने में ही दिव्‍यता का अनुभव करा देती है। यह समस्‍त मानव समाज को स्‍व-धर्म का आत्‍म-बोध देती है, यह सच्‍चे कर्तव्‍य पथ की ओर प्रशस्‍त करती है। साथ ही विरासत से विकास की संकल्‍पना के मूल विचार में सनातन परम्‍पराएँ, मान्‍यताएँ और उसके कल्‍याणकारी सामाजिक परिणाम रहे है। इसी क्रम में गीता जयंती के अवसर पर संपूर्ण मध्‍यप्रदेश में अंतर्राष्‍ट्रीय गीता महोत्‍सव का आयोजन किया जा रहा है। 8 को मनोज मुंतशिर का गीता संवाद, 11 को विवेक देंगे मोटिवेशनल स्‍पीच शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया उज्‍जैन में 8 से 12 दिसंबर 2024 तक कालिदास संस्‍कृ‍त अकादमी परिसर में अंतर्राष्‍ट्रीय गीता महोत्‍सव की सांस्‍कृतिक गतिविधियाँ होगी। इस पाँच दिवसीय महोत्‍सव के पहले दिन ख्‍यात गीतकार मनोज मुंतशिर का गीता संवाद होगा। इसके बाद सुमन साहा (कोलकाता) निर्देशित महानाट्य गुरू दक्षिणा का मंचन होगा। यह श्रीकृष्‍ण-गुरू सांदीपनि के आख्‍यान पर आधारित है। महानाट्य कृष्णायन की प्रस्तुति के साथ ही होंगी गीता आधारित प्रतियोगिताएँ दूसरे दिन श्री संजीव मालवीय निर्देशित महानाट्य कृष्‍णायन की प्रस्‍तुति होगी। 10 दिसंबर को प्रात: 10 बजे गीता आधारित प्रतियोगिताएँ होगी। इसी क्रम में 11 बजे से श्रीमद्भगवद् गीता आधारित संगोष्‍ठी का आयोजन होगा जिसमें देश-विदेश के विषय विशेषज्ञ अपना वक्‍तव्‍य देंगे। सांस्‍कृतिक संध्‍या में प्रसिद्ध भजन गायिका सुश्री कलापिनी कोमकली श्रीकृष्‍ण पर केन्द्रित भजन प्रस्‍तुत करेंगी। इसके बाद श्री कुमार शर्मा एवं दल द्वारा “श्रीकृष्‍ण: अनेक नाम-अनेक धाम” नृत्‍य नाटिका को प्रस्तुति की जायेगी। 5108 आचार्य करेंगे गीता पाठ ग्यारह दिसंबर को सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों के साथ महोत्‍सव का शुभारंभ होगा। इसमें प्रवचन, 5108 आचार्यों द्वारा गीता पाठ, मोटिवेशनल स्‍पीकर श्री विवेक बिन्‍द्रा की मोटिवेशनल स्‍पीच, श्रीमद्भगवद् गीता एवं मूल्‍य आधारित शिक्षा प्रतियोगिताओं के पुरस्‍कार वितरण, सुदर्शन चक्र की संगीतमय यात्रा- श्रीकृष्‍ण गाथा नृत्‍य नाट्य की प्रस्‍तुति होगी। 12 दिसंबर को प्रातः 8.00 बजे से सम्पूर्ण गीता पाठ एवं यज्ञ किया जायेगा। भोपाल में बनेगा श्रीमद्भगवद् गीता के सस्वर पाठ का विश्व रिकार्ड श्रीमद्भगवद् गीता के कर्मयोग अध्याय का आचार्यों द्वारा विश्व रिकार्ड बनाने के लिये 11 दिसंबर को भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में सस्वर पाठ किया जायेगा। सांस्कृतिक संध्या में साधो बैण्ड एवं दल द्वारा प्रस्तुति दी जायेगी। इसके अलावा पर्यटकों/शोधार्थियों के लिये प्रदेश के पर्यटन स्थलों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर श्रीमद्भगवद् गीता, वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस की एक-एक प्रतियाँ रखे जाने की पहल की जायेगी। इंदौर में होगी स्वस्ति मेहुल की सांगीतिक प्रस्तुति इंदौर के लता मंगेशकर सभागार में गायिका स्वस्ति मेहुल एवं दल, मुंबई श्रीकृष्ण आधारित गीतों को प्रस्तुत करेंगी। मध्यप्रदेश द्वारा कुरूक्षेत्र में गौ और गोपाल एवं श्रीमद्भगवत पुराण पर आधारित लगाई जायेगी प्रदर्शनी शोधपीठ के निदेशक ने बताया कि हरियाणा के कुरूक्षेत्र में गीता जयंती के अवसर पर 15 दिसंबर तक आयोजित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश की ओर से गौ एवं गोपाल तथा श्रीमद्भागवत पुराण आधारित चित्र प्रदर्शनी लगायी जायेगी। साथ ही श्रीकृष्ण आधारित भजन, नृत्य, नाट्य एवं गायन आदि प्रस्तुतियाँ की जायेगी।  

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