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UK की तरह एमपी में भी शुरू होगी हेलीकॉप्टर सेवा, सीएम मोहन यादव ने कर दिया ऐलान

 भोपाल  मध्यप्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को एक शानदार घोषणा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जल्द ही उत्तराखंड की तरह हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की जाएगी, जिससे पर्यटकों को प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचने में सुविधा होगी। यह अनोखी घोषणा ‘ग्रामीण रंग, पर्यटन संग’ राज्य स्तरीय उत्सव में की गई, जो कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में आयोजित हुआ। इस कदम से मध्यप्रदेश में पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे और पर्यटकों को एक नई अनुभव की अनुभूति होगी। वेलनेस टूरिज्म और रेस्पॉसिबल टूरिज्म पर ज़ोर मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन स्थलों पर अब वेलनेस सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य यह है कि पर्यटक मानसिक और शारीरिक विश्राम के साथ-साथ प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकें। इसी क्रम में रेस्पॉसिबल टूरिज्म मिशन  की नई वेबसाइट लॉन्च की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जल्द ही उत्तराखंड की तर्ज पर राज्य पर्यटन बोर्ड के माध्यम से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की जाएगी। प्रदेश सरकार ने पर्यटकों के लिए वेलनेस सुविधाएं बढ़ाने के लिए समिट की है। इससे प्रदेश का मेडिकल टूरिज्म बढ़ेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लाभ होगा। इस दौरान ग्रामीण होम स्टे संचालकों, सरपंचों और 10 जिले के कलेक्टरों को बेहतर काम के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम स्तर पर पर्यटन गतिविधियों से युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक उन्नति के अवसर उपलब्ध होते हैं। पर्यटन गतिविधियां, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, तीज-त्योहार-पर्व और खानपान को राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में सहायक होती है। आयोजन में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पर्यटन और संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला शामिल हुए। ग्रामीण क्षेत्र में योग और ध्यान का प्रशिक्षण और छोटे वेलनेस सेंटर की स्थापना के लिए पर्यटन बोर्ड और दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट (पतंजलि) के बीच समझौता हुआ। 61 पर्यटक गांवों में सौर ऊर्जा चलित स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए सिग्निफाई इनोवेशंस इंडिया लिमिटेड के बीच करार हुआ है। इन कलेक्टरों को किया गया सम्मानित होम स्टे निर्माण में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने पर नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीणा, आगर-मालवा के राघवेंद्र सिंह, छतरपुर के पार्थ जायसवाल, छिंदवाड़ा के शीलेंद्र सिंह, रीवा की कलेक्टर प्रतिभा पाल, निवाड़ी के लोकेश कुमार जांगिड, मुरैना के अंकित अस्थाना, सीहोर के बालागुरु के, सीधी के एस सोमवंशी और पन्ना के कलेक्टर सुरेश कुमार को सम्मानित किया गया। होम स्टे का वर्चुअल लोकार्पण, बढ़ेगा रोजगार इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 241 होम स्टे का वर्चुअल लोकार्पण किया। इन होम स्टे को राज्य के 121 गांवों में विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों को स्वरोजगार से जोड़ना है। अब तक का होम स्टे विकास     कुल गांव – 121     चालू होम स्टे – 241     लाभार्थी जिले – 10     संभावित रोजगार – 500+ ग्रामीण युवा एलईडी और सोलर लाइट्स से रोशन होंगे 61 गांव इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड और सिग्निफाइंग संस्था के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू साइन किया गया। इसके तहत 61 गांवों में एलईडी और सोलर लाइट्स लगाई जाएंगी, जिससे वहां के पर्यटन स्थलों की रोशनी बढ़ेगी और पर्यावरण के प्रति जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योग दिवस कार्यक्रम के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि योग शरीर का रोग मिटाकर इसे विकार मुक्त करता है। स्वस्थ काया के लिए सबको रोज योग करना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर पुरातन योग पद्धति को अब अंतर्राष्ट्रीय मान्यता मिल चुकी है और इसीलिए सिर्फ भारत में नहीं, वरन् पूरे विश्व में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 21 जून को होने वाले आयोजन की तैयारी को लेकर समीक्षा की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे हर्षोल्लास और मनोयोग से मनाया जाए। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस दिन वर्षा की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम के लिए ऐसे स्थल का चयन करने के निर्देश दिए, जो ऊपर से कवर्ड (शेडयुक्त) हो और उसमें अधिकतम प्रतिभागी भाग ले सकें। उन्होंने कहा कि योगाभ्यास में सबकी सहभागिता हो सिर्फ बच्चे ही नहीं, युवा, बुजुर्ग, महिलाएं सभी शामिल हों। योगाभ्यास कार्यक्रम की समुचित एवं सुनियोजित तैयारियां की जाएं। योगाभ्यास स्थल पर पानी का जमाव न होने पाए, कार्यक्रम स्थल तक सहज पहुंच और पार्किंग की भी समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि योगाभ्यास कार्यक्रम यथासंभव स्कूल, महाविद्यालय, मेडिकल कॉलेज या ऐसी अन्य शिक्षण संस्थाओं के कवर्ड कैम्पस में आयोजित किए जाएं। बैठक में उच्च शिक्षा, आयुष और तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, बैतूल विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव खेल एवं युवा कल्याण श्री मनु श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव महिला एवं बाल विकास श्रीमती रश्मि अरूण शमी, अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे, प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन श्री शिवशेखर शुक्ला, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में प्रमुख सचिव आयुष श्री डी.पी. आहूजा ने बताया कि इस वर्ष केन्द्र सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” (“Yoga For One Earth, One Health”) तय की गई है। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को सुबह 6.00 से 6.20 बजे तक स्थानीय कार्यक्रम एवं जनप्रतिनिधियों के उद्बोधन होंगे। सुबह 6.20 से 6.30 बजे तक भोपाल से मुख्यमंत्री डॉ. यादव के उद्बोधन का सीधा प्रसारण किया जायेगा। सुबह 6.30 से 7.00 बजे तक विशाखापट्टनम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उद्बोधन का सीधा प्रसारण किया जायेगा। सुबह 7.00 से 7.45 बजे तक सामान्य योग प्रोटोकॉल का सामूहिक योगाभ्यास सभी प्रतिभागियों द्वारा किया जाएगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा। प्रमुख सचिव आयुष श्री आहूजा ने बताया कि जिला स्तरीय कार्यक्रम मंत्रीगण, प्रभारी मंत्री, सांसद एवं विधायक के मुख्य आतिथ्य में जिला मुख्यालयों में किए जाएंगे। सभी शासकीय कर्मचारियों की योगाभ्यास में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शासकीय विभागों की अधीनस्थ संस्थाओं में तथा विद्यालयों में भी योगाभ्यास कार्यक्रम किए जाना प्रस्तावित हैं। ग्राम स्तरीय कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि के मुख्य आतिथ्य में योगाभ्यास कार्यक्रम किए जाएंगे। मुख्य कार्यक्रम का दूरदर्शन द्वारा ग्रामों तक सीधा प्रसारण किया जाएगा। सभी ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री श्री मोदी के संदेश का वितरण किया जाएगा। ग्राम पंचायतों की ग्राम जल और स्वच्छता समितियों द्वारा भी योगाभ्यास का आयोजन किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास के अधीन प्रदेश के आगनबाड़ियों में तथा जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों में भी योगाभ्यास कार्यक्रम होंगे। प्रमुख सचिव आयुष ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के 10 प्रमुख पर्यटन स्थलों क्रमश: अमरकंटक (मंदिर समूह में), भीमबेटका (गुफाओं पार्किंग क्षेत्र के सामने), भोपाल (कमलापति पैलेस में), ग्वालियर (मानसिंह महल के पास), खजुराहो (पश्चिमी मंदिर समूह में), ओरछा, सांची (स्तूप नंबर एक के पास, लाइट एंड साउंड शो क्षेत्र में), माण्डु (जहाज महल के सामने) तथा महेश्वर में भी सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन प्रस्तावित है। प्रमुख सचिव आयुष श्री आहूजा ने बताया कि केन्द्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप 21 जून के मुख्य कार्यक्रम को योग संगम के रूप में मनाया जाएगा। योग पार्क में सार्वजनिक उद्यानों को योग पार्क के रूप में उन्नत कर यहां सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। योग समावेश के तहत दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों के लिए विशेष योग कार्यक्रम किए जाएंगे। हरित योग के तहत प्रतिष्ठित प्राकृतिक स्थलों पर योग सत्र का आयोजन कर पौधरोपण एवं स्वच्छता अभियान के कार्यक्रम भी किए जाएंगे।  

CM यादव ने अशोकनगर जिले में श्री आनंदपुर धाम का दौरा किया, 11 अप्रैल को आएंगे प्रधानमंत्री मोदी

 अशोकनगर मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अशोकनगर के ईसागढ़ स्थित आनंदपुर धाम में 11 अप्रैल 2025 को प्रस्तावित भ्रमण की तैयारियों का जायजा लिया। उन्‍होंने हेलीपैड स्थल, सुरक्षा व्यवस्था, रूट चार्ट, मंदिरों के दर्शन स्थल, पूजा स्थान तथा सत्संग स्थल का निरीक्षण कर जानकारी ली। साथ ही अन्‍य आवश्यक व्‍यवस्‍थाओं के संबंध में निर्देश दिए। मुख्‍यमंत्री ने आनंदपुर धाम स्थित श्री परमहंस अद्वैत मत, श्री आनंद शांति कुंज, श्री आनंद शांति भवन, श्री आनंद सरोवर एवं श्री आनंद शांति धाम पहुंचकर दर्शन किये गये। सीएम ने किया पूजन अर्चन मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्री आनंदपुर धाम स्थित मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उन्‍होंने श्री आनंद सरोवर के पवित्र जल में पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद लिया और प्रसाद ग्रहण किया। उन्‍होंने श्री आनंदपुर धाम की महिमा को गरिमामय बताते हुए कहा कि यहां पहुंचने पर सुखद अनुभूति होती है। बैसाखी पर लगेगा वार्षिक मेला मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने बैसाखी पर लगने वाले वार्षिक मेले में आने वाले अनुयायियों एवं दर्शनार्थियों के लिये सभी आवश्यक व्यवस्थाएं बेहतर करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि श्री आनंदपुर सत्संग आश्रम श्री परमहंस अद्वैत मत का भक्ति परमार्थ का प्रमुख केन्‍द्र तथा एक महान तीर्थ स्थल एवं अथाह ज्ञान व आत्मिक विद्या का अतुलनीय भंडार है। यहां पर श्री आनंद सरोवर की तरल छटा निराली है तथा परिधि में पूजा स्थलों का अनोखा संगम है। इस पवित्र स्थल पर आकर मन को शांति तथा आत्म ज्ञान को बल मिलता है।  सीएम यादव ने कहा कि श्री आनंदपुर सत्संग आश्रम भक्ति और ज्ञान का प्रमुख केंद्र है। यहां के मंदिरों की आध्यात्मिक ऊर्जा और श्री आनंद सरोवर की प्राकृतिक छटा मन को शांति प्रदान करती है। उन्होंने मंदिरों में पूजा-अर्चना की और श्री आनंद सरोवर में पुष्प अर्पित कर श्रद्धा व्यक्त की। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अप्रैल को बैसाखी पर्व के अवसर पर श्री आनंदपुर ट्रस्ट में आयोजित वार्षिक मेले में शामिल होने के लिए आ रहे हैं। इसी को लेकर मुख्यमंत्री ने व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला, स्थानीय विधायक और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे।

उज्जैन महाकाल की तर्ज पर तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर को भी भव्य स्वरूप दिया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

खंडवा, ओंकारेश्वर तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिवार सहित मां नर्मदा की पूजा-अर्चना, आरती करने के पश्चात संतों की उपस्थिति में धर्म सभा को संबोधित किया। अपने गुरु संत विवेक मिश्रा की अमृतस्य नर्मदा पद परिक्रमा के समापन के अवसर पर तीर्थ नगरी ओमकारेश्वर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन महाकाल की तर्ज पर तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर को भी भव्य स्वरूप दिया जाएगा। यहां ओंकारेश्वर लोक बनाया जाएगा। नर्मदा परिक्रमा स्थल को व्यवस्थित रूप से उसका सौन्दर्यीकरण किया जाएगा, मां नर्मदा की शुद्धता बनी रहे इस और प्रयास किए जाएंगे।   सीएम ने कहा- नर्मदा तटों पर स्वच्छता बनाए रखें मां नर्मदा के तटों पर पौधारोपण कर स्वच्छता बनाए रखें। रासायनिक दवा का काम से कम उपयोग करें, जिससे मां नर्मदा प्रदूषण होने के साथ ही जनजीवन पर भी इसका विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि घोषणा के अनुरूप धार्मिक तीर्थ क्षेत्रो में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और यह कार्य हम सरकार के माध्यम से कर रहे हैं। एक अप्रैल से शराब दुकान का संचालन बंद होगा। ओंकारेश्वर में अब शराब नहीं बिकेगी। दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए गोपालन जरूरी मांसाहार खाने वालों का मुंह नहीं बंद कर सकते, लेकिन जो लोग उसे पसंद नहीं करते हैं उन्हें वह चीज़ दिखे नहीं इसकी भी चिंता करें। खुले में मांस न बिके, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए गोपालन जरूरी है। कर्म के माध्यम से जनता की सेवा में लगे हैं हम सब गौ माता की रक्षा सुरक्षा करें। साधु संत अध्यात्म के माध्यम से अपना एवं हम सब का कल्याण कर रहे हैं, और हम सरकार के माध्यम से, कर्म में ही धर्म है। कर्म के माध्यम से हम जनता की सेवा में लगे हुए हैं। सरकार भी त्योहारों में हो रही शामिल फागुन का यह माह रंगों और गुलाल का त्योहार है। हम सब के जीवन में आपसी सद्भाव रंगों के माध्यम से सदैव बना रहे। हमारे सभी धार्मिक त्योहारों को हम सब मनाते आ रहे हैं, लेकिन अब सरकार भी इन त्योहारों में शामिल हो रही है। नर्मदा क्षेत्र के अलीराजपुर और झाबुआ में मनाए जाने वाले भगोरिया पर्व को भी सरकार उत्साह से आयोजित करेगी। धर्म सभा को संबोधित करते हुए संत विवेक जी ने कहा कि हमारी प्राचीन धनवारों धर्मस्थलों की रक्षा करना हम सबका दायित्व है मां नर्मदा का जल शुद्धता के साथ सतत बहता रहे और परिक्रमा स्थल व्यवस्थित रूप से बना रहे ताकि परिक्रमा वासियों को कोई तकलीफ ना हो। नर्मदा परिक्रमा एवं तीर्थ की रक्षा के लिए प्रदेश की सरकार लगातार कार्य कर रही है इसके लिए मैं मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद भी देता हूं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- प्रदेश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का समय निकट है। विभिन्न देशों के वाणिज्यिक दूतावासों के माध्यम से प्रदेश में व्यापार और उद्योग की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आवश्यक समन्वयकिया जा रहा है। इस क्रम में विश्व स्तरीय आयोजन की सफलता के लिए विभिन्न देशों के राजदूतों के साथ नई दिल्ली में विचार-विमर्श के लिए बैठक रखी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के युवा, महिला, किसान और गरीबों का जीवन बेहतर हो, इस उद्देश्य से कृषि के साथ उद्योगों को भी प्रदेश में आवश्यक अधोसंरचना और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस क्रम में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में विभिन्न नीतियों को अनुमोदन दिया गया है। उद्योग संबंधी इन नीतियों के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे, नीतियों में राज्य के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी गई है। राज्य सरकार कमजोर से कमजोर व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक अनुष्ठान का पर्व अनवरत जारी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक अनुष्ठान का पर्व अनवरत जारी है। मध्यप्रदेश में विद्यमान भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े सभी स्थानों को तीर्थस्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण की जन्म-स्थली के परिवार सहित दर्शन के बाद मीडिया से चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की समाज हितैषी लीलाओं के साथ उनका शिक्षा ग्रहण करना, मित्रता के उत्कृष्ट भाव का प्रकटीकरण, भगवान परशुराम से सुदर्शन चक्र प्राप्त करने जैसी कई गतिविधियां मध्यप्रदेश की भूमि पर हुई हैं। इन सभी स्थानों को राज्य सरकार तीर्थ के रूप में विकसित करने जा रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। देश-दुनिया में बड़ी संख्या में विद्यमान भगवान श्रीकृष्ण के अनुयायियों के लिए मध्यप्रदेश में विकसित यह तीर्थ श्रद्धा और आकर्षण का केंद्र बनेंगे। राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष पूरे प्रदेश में गौवर्धन पूजा और गीता जयंती का धूमधाम से आयोजन किया गया। प्रदेश में जन्माष्टमी भी पूर्ण उल्लास और आनंद के साथ मनाई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सामाजिक समरसता, सहिष्णुता और सत्य के मार्ग पर चलने की जो प्रेरणा प्रदान की है, हम सब उसे अपने जीवन में धारण करें यही ईश्वर से प्रार्थना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मथुरा, गोकुल, वृंदावन और भगवान कृष्ण के जन्म-स्थली पर उनका आगमन भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से ही संभव हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीकृष्ण से प्रदेशवासियों के मंगल और कल्याण की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन्म-स्थली में दर्शन के बाद एक दुकान से मधुसूधन के मनमोहक बाल स्वरूप की प्रतिमा ली।  

आज CM यादव 66 मेडिकल मोबाइल यूनिट को दिखाएंगे हरी झंडी

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूलमंत्र के अनुक्रम में प्रदेश के दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए ‘पीएम जनमन’ के अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) सेवा की शुरुआत की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार 6 जनवरी को पीएम जनमन योजना के तहत 21 जिलों के 87 विकासखंडों के लिए 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। मुख्यमंत्री निवास श्यामला हिल्स में कार्यक्रम होगा। इन मोबाइल मेडिकल यूनिट से प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की सुगम प्रदायगी सुनिश्चित होगी। 1268 ग्रामों की 3.12 लाख आबादी को मिलेंगी स्वास्थ्य सेवाएँ प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट की लागत 33 लाख 86 हजार रूपये है। इस यूनिट से अनूपपुर, अशोक नगर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दतिया, डिंडोरी, गुना, ग्वालियर, कटनी, मंडला, मुरैना, नरसिंहपुर, सतना, शहडोल, श्योपुर, सीधी, शिवपुरी, जबलपुर, रायसेन, उमरिया एवं विदिशा जिले के 87 विकासखंड के 1268 गांव की लगभग 3 लाख 12 हजार से अधिक की आबादी को सुगम स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। जीपीएस से लैस इन यूनिट में सक्शन मशीन, कान जांच की आटो स्कोप, एक्स-रे मशीन, स्ट्रेक्चर, ऑक्सीजन सिलेंडर आदि उपकरण होंगे। माह में 24 दिन गाँव का भ्रमण मोबाइल मेडिकल यूनिट माह में 24 दिन गांवों का भ्रमण करेंगी और ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएगी। ये यूनिट दिन में 2 गांव तथा 50 मरीजों को देखेगी। इस यूनिट में एक-एक डॉक्टर, नर्स, एएनएम/एमपी डब्ल्यू, लैब टेक्नीशियन और फीजियोथेरेपिस्ट मरीजों को सेवाएं प्रदान करेंगे। मरीजों को 65 प्रकार की दवाईयां भी दी जाएंगी। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल और लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल भी उपस्थित रहेंगे।  

जनजातीय गौरव भीमा नायक ने भीलों के स्वतंत्रता प्रिय स्वाभिमान को बनाए रखा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजातीय गौरव और स्वतंत्रता सेनानी, भीमा नायक के बलिदान दिवस पर सादर श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के अधिकारों और अस्मिता के रक्षार्थ उनका संघर्ष हमें देश भक्ति की प्रेरणा प्रदान करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के गौरव भीमा नायक के 148वें बलिदान दिवस पर, बड़वानी जिले के ग्राम धाबा बावड़ी में हुई श्रंद्धाजलि सभा कार्यक्रम के लिए जारी संदेश में कहा कि भीमा नायक प्रदेश के गौरवशाली इतिहास का अभिन्न अंग हैं। आजादी की लड़ाई में भीमा नायक ने जनजातियों को अंग्रेजों के विरुद्ध संगठित किया। सुरसी बाई भील, भीमा नायक की माता जी थी, उन्होंने ही भीमा नायक और जनजातीय समाज को अंग्रेजों के विरुद्ध एकजुट करने की प्रेरणा दी। शहीद भीमा नायक का कार्य क्षेत्र बड़वानी रियासत से महाराष्ट्र के खानदेश तक फैला था। तात्या टोपे के निमाड़ आगमन पर भीमा नायक ने उनसे मुलाकात की थी। अंबापानी युद्ध में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। भीमा नायक ने भीलों के स्वतंत्रता प्रिय स्वाभिमान को बनाए रखा, उन्होंने अंतिम क्षणों तक कोई समझौता या समर्पण नहीं किया। सलोदा नामक स्थान पर अंग्रेजों से युद्ध के दौरान धोखे से उन्हें बंदी बनाया गया। मंडलेश्वर किले में बंदी रखने के बाद उन्हें कालापानी कैद में डाल दिया गया। लम्बी प्रताड़ना सहने के बाद वे जेल में ही वीरगति को प्राप्त हुए। जनजातीय वर्ग के समग्र विकास और कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय वर्ग के समग्र विकास और कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। शासन द्वारा जनजातीय विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, आवास सहायता, विदेश में अध्ययन के लिए सहायता, परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। जनजातीय समुदाय के लिए आवास, सड़कों के विस्तार, समग्र शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में हाल ही में जनजातीय क्षेत्रों में विभिन्न विभागों की चिन्हित योजनाओं में शत-प्रतिशत सैचुरेशन के लिए कैबिनेट द्वारा “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” आरंभ करने को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है। शहीद भीमा नायक के नाम पर बड़वानी का शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर जनजातीय समुदायों के गौरवशाली व्यक्तियों के संग्रहालयों का विकास किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा बड़वानी शासकीय कॉलेज का नाम शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रखा गया है। बड़वानी के पास धाबा बावड़ी गांव में भीमा नायक प्रेरणा केंद्र भी स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वीर योद्धा भीमा नायक ने माँ भारती के सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनके बलिदान का संपूर्ण राष्ट्र अनंतकाल तक कृतज्ञ एवं ऋणी रहेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदापुरम से 100 दिवसीय नि-क्षय अभियान का शुभारंभ किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को नर्मदापुरम से “100 दिवसीय नि-क्षय अभियान” का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश को टी.बी. मुक्त बनाने की दिशा में यह “100 दिवसीय निक्षय अभियान” एक सकारात्मक पहल है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए इसे जन-आंदोलन बनाना जरूरी है। समाज के सभी वर्गों के सहयोग से इस अभियान को सफल बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष-2018 में देश को वर्ष-2025 तक टी.बी. अर्थात क्षय रोग से मुक्त कराने का संकल्प लिया था। यह अभियान उसमें एक सार्थक भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की जिंदगी बचाने के लिए आज शुरू हुआ यह अभियान देश के 347 जिलों में प्रारंभ हो रहा है, जिसमें मध्यप्रदेश के 23 जिले भी शामिल हैं। इस अभियान का उद्देश्य टी.बी. प्रकरणों की पहचान, मृत्यु दर में कमी और नए टी.बी. प्रकरणों में कमी लाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नि-क्षय मित्र पहल के तहत हम टी.बी. मरीजों को पोषण सहायता प्रदान कर हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं। इसमें हम टी.बी. के मरीजों को प्रतिमाह पूरक खाद्य बास्केट प्रदान करते हैं, जिससे उनके शरीर को बीमारी से लड़ने के लिए जरूरी ताकत मिल सके। उन्होंने कहा कि अब टी.बी लाइलाज बीमारी नहीं है, टी.बी. का इलाज संभव है, टी.बी. से डरने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के अनुसार सभी देशों ने वर्ष-2030 तक टी.बी. उन्मूलन का लक्ष्य तय किया है, लेकिन केन्द्र सरकार ने इससे पहले वर्ष-2025 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य रखा है। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए प्रत्येक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष-2015 से 2023 तक भारत में टी.बी. के मामलों में 17.7 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह दर वैश्विक गिरावट 8.3 प्रतिशत से दोगुना से भी अधिक है। उन्होंने यह एक उल्लेखनीय उपलब्धि है कि वर्ष 2015 में भारत में प्रति 1 लाख जनसंख्या पर टी.बी. के प्रकरण 237 थे, जो वर्ष-2023 में घटकर 195 रह गए हैं। मध्यप्रदेश ने इस उपलब्धि में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में टी.बी. से होने वाली मृत्यु दर प्रति 1 लाख जनसंख्या पर 28 थी, जो वर्ष 2023 में घटकर 22 हो गई है। वर्ष 2025 तक इसे घटाकर मात्र 3 तक लाने का लक्ष्य हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में लगातार विकास हो रहा है। प्रदेश में शासकीय मेडिकल कॉलेज के साथ पीपीपी मोड पर भी मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि मध्यप्रदेश के प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज की सुविधा नागरिकों को उपलब्ध हो। इस दिशा में प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से की अपील मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी नागरिकों, जन-प्रतिनिधियों, और सरकारी एवं गैर सरकारी संगठनों से अपील की कि वे इस 100 दिवसीय नि-क्षय अभियान का हिस्सा बनकर टी.बी. मरीजों की मदद करें और उन्हें बताए कि “अब टी.बी. लाइलाज बीमारी नहीं है, इसका इलाज संभव है।”  

लगभग 3300 करोड़ की लागत से विकसित होंगे पर्यटन स्थल, प्रधानमंत्री को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिया धन्यवाद

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश के 40 विशेष पर्यटन स्थलों को विश्व के पर्यटन स्थलों भांति की विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को प्रदेशवासियों की ओर से धन्यवाद देते हुए आभार माना है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 3 हजार 295.76 करोड़ की राशि देश के 40 चिन्हित पर्यटन स्थलों के लिए स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण से ये स्थल देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनते है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन स्थलों के लिए निर्धारित मापदंड के लिए पर्यटन स्थलों के रख-रखाव एवं पर्यटकों के लिए संपूर्ण गाईड, कैफ़ेटरिया रहने के लिए होटल, गेस्ट हाउस आदि की व्यवस्था का होना आवश्यक है। केंद्र सरकार द्वारा देश के 23 राज्यों के 40 पर्यटन स्थलों में से मध्यप्रदेश की धार्मिक एवं पावन नगरी ओरछा ए मेडिएबल स्प्लेन्डर एवं भोपाल में इंटरनेशनल सेंटर फॉर एम.आई.सी.ई को विश्व स्तरीय आईकॉनिक सेंटर के रूप में विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के प्रति भी आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन स्थल के विकसित होने से पर्यटकों की संख्या से पर्यटन उद्योग और उससे जुड़े छोटे-बड़े उद्योग एवं स्थानीय बाजार भी लाभान्वित होते हैं। इस योजना में राज्यों के प्रतिष्ठित पर्यटन केन्द्रों के विकास, ब्रांडिंग और विश्व व्यापार स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ ही रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे निश्चित ही पर्यटन, रोजगार, बाजार, अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ ही भारत की गौरवशाली संस्कृति एवं परंपरा का भी प्रसार होगा।  

CM यादव ने निवेश आकर्षित करने UK में किया रोड-शो, कहा मध्यप्रदेश में देश का सबसे बड़ा लैंड बैंक

लंदन दुनिया भर के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए फरवरी-2025 को भोपाल में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आमंत्रित करने के अभियान पर निकले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूके (लंदन) के रोड-शो में उद्योगपतियों के इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित किया। डॉ. यादव ने देश भर में औद्योगिक विकास में आई तेजी के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डायनामिक व्यक्तित्व की सराहना की। उन्होंने आमंत्रित उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए बताया कि प्रदेश का लैंड बैंक देश के सबसे बड़े लैंड बैंक्स में से एक है। मध्यप्रदेश में निवेश नीतियां स्पष्ट और निवेशकों के लिए अनुकूल हैं। माइनिंग एवं कृषि क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में सबसे आगे है। यूके की राजधानी लंदन में उद्योगपतियों के साथ इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आपदाओं के बाद भी भारत और यूके के संबंधों में निरंतरता है क्योंकि लोकतंत्र की हमारी साझी विरासत है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत में राजनीतिक स्थिरता और तेज विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी के चमत्कारी व्यक्तित्व को आधार बताया। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड की आपदा को कम समय में निपटने की चुनौती में सक्षम भारत प्रमाणित करने का अवसर बना दिया था। उनके नेतृत्व ने न सिर्फ देश को बचाया था, बल्कि पूरी दुनिया को बचाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और विश्व में भारत की साख बनाई। उनकी साफगोई और दृढ़ संकल्प ने देश में औद्योगिक निवेश के लिए माहौल विकसित किया। यूके रोड शो में “इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश” विषय पर हुए इन्टरैक्टिव सेशन में उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विदेश में निकलने से पहले हमने राज्य की स्थितियों को सुधारा और देश भर के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करने का अभियान चलाया। परिणामस्वरूप प्रदेश में हजारों करोड़ का निवेश संभव हुआ। मुख्यमंत्री ने बताया कि स्टील किंग के नाम से जाने जाने वाले उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल ने भी मुलाकात के दौरान मध्यप्रदेश में निवेश के खुले अवसरों की सरहाना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए बताया कि यूके के एक भारतवंशी रीयल एस्टेट कारोबारी ने मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर चिप उद्योग शुरू करने के लिए 25 हजार करोड़ रुपए निवेश करने की मंशा जाहिर की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूके के भारतवंशी उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश करने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में रोज़गार की उम्मीदें बढ़ेंगीं, आपका व्यवसाय बढ़ेगा और आप हमेशा के लिए प्रदेश के सहयोगी बनेंगे। मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश की अपार संभावनाएं- भारत के उच्चायुक्त विक्रम के दोराईस्वामी ने मध्यप्रदेश को औद्योगिक निवेश के अवसरों के लिए आदर्श बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा उनके कार्यकाल में भारत व्यापार करने के लिए सबसे बेहतर स्थलों में से एक सिद्ध हुआ है। अब सिर्फ केंद्रीय प्रशासन ही नहीं राज्य भी उद्योग मित्र नीतियां बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश ईज-ऑफ-डूइंग बिजिनेस की दृष्टि से देश के टॉप-5 राज्यों में शामिल है। दोराईस्वामी ने कहा कि भूमि की उपलब्धता, सबसे अधिक कृषि विकास दर और उद्योग प्रेरक नीतियों को देखते हुए मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश की सफलता के लिए उम्मीदों से भरपूर है। दोराईस्वामी ने कहा कि मध्यप्रदेश सचमुच देश का हृदय है और यहां निवेश करने पर देश ही नहीं निवेशक दुनिया भर में आसानी से व्यापार का प्रसार कर सकता है। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्द्धन राघवेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश अपनी भौगोलिक, प्राकृतिक और आर्थिक क्षमताओं के चलते निवेश के लिए एक आदर्श स्थल है। प्रदेश में भारत का सबसे बड़ा भूभाग (308 हजार वर्ग किमी), 77.5 हजार वर्ग किमी का विशाल वन क्षेत्र और हीरे, तांबे तथा मैंगनीज अयस्क जैसे खनिज संसाधनों की प्रचुरता है। साथ ही यह देश का दूसरा सबसे बड़ा खाद्यान्न उत्पादक और सबसे बड़ा गेहूं निर्यातक प्रदेश है। प्रदेश पॉवर सरप्लस राज्य है, यहां 31 गीगावाट विद्युत उत्पादन होता है। यहां किफायती दरों पर बिजली आपूर्ति की जाती है। प्रदेश में इन सब आधारभूत सुविधाओं से उद्योग को आसानी से स्थापित और संचालित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का कुशल मानव संसाधन भी इसकी ताकत है। प्रति वर्ष 2 लाख से अधिक स्नातक और एक सक्षम कार्यबल प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति प्रदान करते हैं। प्रदेश की 4600 से अधिक डीपीआईआईटी मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स और 1.4 करोड़ एमएसएमई इकाइयां यह साबित करती हैं कि मध्यप्रदेश में नवाचार और उद्यमिता के लिए अपार संभावनाएं है। इसके अतिरिक्त, औद्योगिक गलियारों, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क्स और अंतरराष्ट्रीय हवाई कनेक्टिविटी से मध्यप्रदेश निवेशकों को उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति और परिवहन की सुविधा प्रदान करता है।

प्रदेश में 4 पायलट प्रोजेक्ट से शुरुआत, दिसंबर तक सभी 41 ई-चेकगेट होंगे चालू, सात हजार खदानें जियो टैग

भोपाल अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए मध्य प्रदेश की मोहन सरकार इन दिनों एक्शन में है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में अवैध परिवहन रोकने के लिए AI आधारित 41 E-चेकगेट को स्थापना किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इन E-चेकगेटों पर वेरीफोकल कैमरा, आरएफआईडी लीडर, ऑटोमेटिक नम्बर प्लेट रीडर की मदद ली जाएगी. इन यंत्रों के माध्यम से वाहनों की जांच की जाएगी. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि परियोजना को सफल बनाने के लिए पहले पायलेट प्रोजेक्ट लाया जा रहा है. खनिज परिवहन के लिए खास मार्ग के 4 स्थानों पर E-चेकगेट स्थापित कर काम शुरू कर दिया गया है. 4 पायलट प्रोजेक्ट से शुरुआत, दिसंबर तक सभी 41 ई-चेकगेट होंगे चालू अवैध परिवहन पर नजर रखने के लिए भोपाल में एक राज्यस्तरीय कमांड और कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है, जबकि भोपाल और रायसेन में जिला स्तर के सेंटर भी बनाए गए हैं। दिसंबर 2024 तक सभी 41 ई-चेकगेट स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में, 4 महत्वपूर्ण मार्गों पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ई-चेकगेट लगाए जा चुके हैं, जो अवैध खनिज परिवहन को रोकने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। दिसंबर E-चेकगेट स्थापित कने का लक्ष्य वहीं प्रदेश में अवैध परिवहन की निगरानी के लिए राज्य स्तर पर भोपाल में कमांड एवं कंट्रोल सेंटर और जिला भोपाल एवं रायसेन में जिला कमांड सेंटर स्थापित किए गए हैं. दिसंबर 2024 तक सभी 41 E-चेकगेट को स्थापित कर लेने का लक्ष्य है. खनन पर रोक के लिए उपग्रह-ड्रोन प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अवैध खनन की रोकथाम के लिए उपग्रह और ड्रोन आधारित परियोजना भी प्रारंभ की गई है. इसके जरिए प्रदेश की सभी 7 हजार खदानों की जियो टैग कर खदान क्षेत्र का सीमांकन किया गया है. यह परियोजना पूर्ण रूप से लागू होने पर अवैध खनन को चिन्हित कर प्रभावी तौर पर रोकथाम की जा सकेगी. परियोजना के लागू होने पर स्वीकृत खदान के अंदर 3-D इमेजिंग एवं वॉल्यूमेट्रिक एनालिसिस कर उत्खनित खनिज की मात्रा का सटीक आंकलन किया जा सकेगा. ड्रोन और सैटलाइट से खदानों पर नजर, थ्री-डी इमेजिंग के जरिए सटीकता प्रदेश में खनिज संपदा का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए सैटलाइट और ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली भी शुरू की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस पहल के तहत प्रदेश की 7,000 से अधिक खदानों को जियो-टैग कर उनकी सीमाओं का निर्धारण किया गया है। इस परियोजना के पूर्ण रूप से लागू होने पर अवैध खनन की घटनाओं पर नजर रखी जा सकेगी, और स्वीकृत खदानों में खनिज उत्खनन का सटीक आंकलन थ्री-डी इमेजिंग और वॉल्यूमेट्रिक एनालिसिस के जरिए किया जा सकेगा। मई में कलेक्टरों को जारी हुए थे निर्देश इस तरह की व्यवस्था लागू करने का फैसला सरकार ने मई में लिया था। इसके बाद प्रमुख सचिव, खनिज साधन ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया था कि सूचना प्रौद्योगिकी का प्रयोग कर खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कार्यवाही की जा रही है। इस व्यवस्था को लागू करने में जिला स्तर पर Artificial Intelligence आधारित मानव रहित चेकगेट लगाए जाएंगे। कलेक्टरों से कहा गया था कि प्रदेश के 40 ऐसे स्थानों को चिन्हित किया गया है जहां से खनिजों का सर्वाधिक परिवहन होता है। इन सभी स्थलों पर आगामी 10 माह के भीतर चेकगेट व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। राज्य स्तर पर स्टेट कमांड सेंटर और जिला स्तर पर जिला कमांड सेंटर के माध्यम से अवैध परिवहन करने वाले वाहनों की निगरानी की जाएगी। चेकगेट के सॉफ़्टवेयर को ई-टीपी जारी करने वाले पोर्टल के साथ इंटीग्रेट कर बिना रॉयल्टी चुकाए परिवहन करने वाले वाहन मालिकों के विरुद्ध अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज किया जाएगा। साथ ही खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में आरएफ टैग लगाया जाएगा, जिसकी सहायता से वाहनों की वैधता की जांच की जा सकेगी।  

उमरिया-बांधवगढ़ क्षेत्र में स्थाई रूप से बसे हाथियों पर केंद्रित पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा: मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के प्रयास के रूप में राज्य शासन द्वारा गोवर्धन पूजा का आयोजन किया गया। अपनी संस्कृति के प्रति संवेदनशीलता को प्रकट करते इस नवाचार की सभी ओर सराहना हुई। गौ-वंश के प्रति प्रेम को प्रदर्शित करने वाले इस पर्व से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहन प्रदान करने में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि रीवा में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव उत्साहवर्धक रही है। उद्योगपतियों और निवेशको नें प्रदेश में गतिविधियों के संचालन में रुचि प्रदर्शित की है। रीवा में 31 हजार करोड़ के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए और लगभग 28 हजार रोजगार के अवसर सृजित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अगली रीजनल इंडस्ट्री कांक्लेव आगामी 7 दिसंबर 2024 को नर्मदापुरम में होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले हुए संबोधन में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे-मातरम के गान के साथ मंत्रालय में आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नीमच, मंदसौर और सिवनी मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण किया गया। धन्वंतरि जयंती पर हुए कार्यक्रम में 512 आयुर्वेदिक चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए। चिकित्सा क्षेत्र में प्रदेश को मिली इन सौगातों ने धन्वंतरि जयंती को अविस्मरणीय बना दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ 12 नवम्बर को अखिल भारतीय कालिदास समारोह का शुभारंभ करने के लिए पधार रहे हैं। उन्होंने मंत्रीगण को अपने विभाग के नवीन पदों संबंधी जानकारी अगले तीन दिन में लोक सेवा आयोग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जंगली जानवरों द्वारा जनहानि पर सहायता राशि को 8 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपए किया गया है। हाथियों के दलों के आवागमन संबंधी पूर्व सूचना के आदान-प्रदान, आवश्यक सतर्कता और सावधानियां बरतने तथा उनके प्रबंधन के संबंध में छत्तीसगढ़ सरकार से बातचीत की गई है। प्रयास है कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उमरिया और बांधवगढ़ के वन क्षेत्र में लगभग एक सौ से अधिक हाथी स्थाई रूप से बस गए हैं। उनके प्रबंधन के लिए हाथी मित्र योजना लागू करने, टास्क फोर्स बनाने सहित मानक परिचालन निर्देश लागू किए जाएंगे। राज्य शासन का प्रयास होगा कि जंगल आबाद रहे, उनमें हाथी विद्यमान रहें और कोई जनहानि ना हो। वन और वन्य जीव के क्षेत्र में प्रदेश की साख बेहतर हुई है, टाइगर और चीतों के संरक्षण में मध्यप्रदेश, देश में प्रथम है। प्रदेश में हाथियों पर केंद्रित पर्यटन संभावनाओं को तलाशते हुए गतिविधियों को बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट को उनके जन्मदिन पर बधाई दी।  

कर्मचारियों के लिए वेतन एक या दो नवंबर को देने के स्थान पर 28-29 अक्टूबर को दे दिया जाए, अच्छे से मना पाएंगे दीपावली: मप्र सरकार

भोपाल दीपावली पर्व को देखते हुए सरकार 11 लाख से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को अक्टूबर का अग्रिम वेतन दे सकती है। वित्त विभाग ने इसके लिए तैयारी भी शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को इस संबंध में प्रस्ताव दिया जा रहा है। अक्टूबर में कई त्योहार हैं। वेतन एक या दो नवंबर को देने के स्थान पर 28-29 अक्टूबर को दे दिया जाए। ऐसा होने से वह त्योहार अच्छे से मना सकेंगे। प्रदेश में नियमित अधिकारियों-कर्मचारियों की संख्या 7 लाख और पेंशनरों की 4 लाख के आसपास है। इन्हें वेतन, पेंशन और भत्ते देने में लगभग साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये लगते हैं। प्रतिमाह एक-दो तारीख को वेतन का भुगतान किया जाता है, जिसके लिए कोषालय में बिल 28-29 तारीख को लगाए जाते हैं। मुख्यमंत्री का होगा अंतिम निर्णय दीपोत्सव को देखते हुए इस बार वेतन चार-पांच दिन पहले दिया जा सकता है, जिससे सभी कर्मचारी अच्छे से त्योहार मना सकें। इसके लिए वित्त विभाग ने पूर्व के उदाहरण देते हुए प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे मुख्य सचिव अनुराग जैन के माध्यम से अंतिम निर्णय के लिए मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। संगठनों ने की अग्रिम भुगतान की मांग कर्मचारी संगठनों ने भी अग्रिम भुगतान की मांग सरकार से की है। संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने मांग की है कि दीपावली को देखते हुए 25 अक्टूबर तक संविदा और आउटसोर्स वाले सभी कर्मचारियों को अग्रिम भुगतान किया जाए, जिससे वे अच्छे से त्योहार मना सकें।

ई-रजिस्ट्री और ई-पंजीयन की नवीन प्रणाली पर विकसित “संपदा-2.0” पोर्टल और मोबाइल ऐप का हुआ शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया डिजिटल इंडिया मिशन अब कल्पवृक्ष की तरह आमजन की हर जरूरत पूरी कर रहा है। जीरो बैलेंस खाता, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और ई- रजिस्ट्री जैसे नवाचार ने सभी का जीवन सरल और सुगम बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी कड़ी में मध्यप्रदेश में नवीन तकनीक पर आधारित “संपदा-2.0” का नवाचार ऑनलाइन दस्तावेज पंजीयन में डिजिटल क्रांति का माइलस्टोन बनेगा। इस नवाचार को पूरा देश फॉलो करेगा। पहले प्रदेश में दस्तावेज पंजीयन और अन्य कार्यों के लिए कार्यालय आना पड़ता था लेकिन पोर्टल और ऐप के माध्यम से सभी लोग घर से ही इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में ई-रजिस्ट्री और ई-पंजीयन के नवीन प्रणाली पर विकसित “संपदा-2.0” पोर्टल और मोबाइल ऐप का शुभारंभ कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार ने मध्यप्रदेश को 2 नए महत्वपूर्ण कार्य सौंपे हैं। इसमें 120 शहरों के जीआईएस कार्य को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के माध्यम से आईटी विभाग द्वारा पूरा किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में जीआईएस लैब स्थापित करने जा रहे हैं। इसका लाभ प्रदेश को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आईटी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश बहुत उन्नति कर रहा है। आईटी में नवाचार के साथ मध्यप्रदेश सरकार पेपरलेस सिस्टम की दिशा में कदम बढ़ाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “संपदा-2.0” की खूबियां बताते हुए कहा कि “संपदा-2.0” उन्नत तकनीक पर आधारित सॉफ्टवेयर है। इसमें राजस्व वित्त विभाग और नगरीय प्रशासन के साथ जीएसटी और युनिक आईडी आधार से भी इंटीग्रेटेड किया गया है। जमीन की कलेक्टर गाइडलाइन दर ऐप में लोकेशन के माध्यम से मालूम हो सकेगी। सॉफ्टवेयर से संपत्ति की जीआईसी मैपिंग होगी, बायोमैट्रिक पहचान और दस्तावेजों की फॉर्मेटिंग भी होगी। दस्तावेजों के पंजीयन के लिए व्यक्तिगत मौजूदगी की जरूरत नहीं होगी। घर बैठे ही दस्तावेज सत्यापन और पंजीकरण हो सकेगा। दस्तावेज की सॉफ्ट कॉपी व्हाट्सएप और ईमेल से आवेदक को प्राप्त होगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश लगातार नवाचार कर रहा है। इस दिशा में प्रदेश में संपदा-2.0 की नई व्यवस्था प्रधानमंत्री श्री मोदी की मंशानुरूप ईज ऑफ लिविंग को दृष्टिगत रखते हुए लागू की जा रही है। इससे पंजीयन की व्यवस्था सुगम, सरल ओर करप्शन-फ्री बनेगी। नागरिकों को ई-पंजीयन और ई-स्टाम्पिंग की नवीन प्रणाली का लाभ मिलेगा। लोग घर बैठे अपनी प्रापर्टी को बेच भी सकेंगे और रजिस्ट्री करा सकेंगे। इस प्रणाली से प्रदेश ही नहीं, बल्कि प्रदेश और देश के बाहर से भी ऑनलाइन रजिस्ट्रियाँ करवाई जा सकेंगी। इससे आम व्यक्ति का समय भी बचेगा और अनावश्यक रूप से लगने वाले आरोपों से मुक्ति भी मिलेगी। ई-पंजीयन कराने वालों से किया संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ई-पंजीयन एवं ई-स्टांपिंग के नवीन साफ्टवेयर “संपदा-2.0” का शुभारंभ कर इसका लाभ लेने वाले नागरिकों से वर्चुअल संवाद भी किया। हाँगकांग से श्री सुरेन्द्र सिंह चक्रावत ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि “संपदा-2.0” के माध्यम से उन्होंने हाँगकांग से ही रतलाम में “पॉवर ऑफ अटार्नी” दस्तावेज का पंजीयन करवाया है। इसी प्रकार जबलपुर में जन्मी 78 वर्षीय बुजुर्ग डॉ. शक्ति मलिक जो वर्तमान में दिल्ली में निवासरत है, उन्होंने भी “संपदा-2.0” के माध्यम “पॉवर ऑफ अटार्नी” दस्तावेज का पंजीयन ऑनलाइन करवाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से संवाद में डॉ. मलिक ने बताया कि म.प्र. में की गई इस नई व्यवस्था से वे बेहद प्रसन्न है। उन्होंने कहा कि जो काम मुझे रतलाम जाकर करना पड़ता, वह दिल्ली में बैठे-बैठे हो गया। जो स्पेन में नहीं हुआ, वह हुआ मध्यप्रदेश में : श्री मरियानो मटियास मुख्यमंत्री डॉ. यादव से वर्चुअल संवाद में स्पेन के श्री मरियानों मटियास ने बताया कि आज तक स्पेन में भी ई-रजिस्ट्री का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को धन्यवाद के साथ कहा कि जो काम स्पेन में नहीं हुआ, वह मध्यप्रदेश ने उनके नेतृत्व में टीम ने करके दिखा दिया है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश मैट्रो रेल कॉर्पोरेशन के वर्क कॉट्रेक्ट का ऑनलाईन पंजीयन “संपदा-2.0” से कॉर्पोरेशन के पदाधिकारियों और दिल्ली में मौजूद स्पेन से आये श्री मरियोनो मटियास अलवरेज अर्स की कंपनी Ayesa Ingeniera Y Arquitecura S.A.U. एवं श्री पुष्पेन्द्र गुप्ता (Ayesa India Pvt Ltd) द्वारा किया गया।  

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